मध्य प्रदेश
बांधवगढ़ में बाघ गणना की तैयारी हुई तेज, 180 फील्ड स्टाफ को किया जा रहा ट्रेंड
11 Nov, 2025 10:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उमरिया: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ गणना 2026 की तैयारी तेज कर दी गई है, इसके लिए विभिन्न फेज में लगातार अलग-अलग लोगों को ट्रेनिंग दी जा रही है, 10 नवंबर से 13 नवंबर तक 4 दिवसीय ट्रेनिंग का आयोजन फिर से किया गया है, इस बार फील्ड स्टाफ को ट्रेंड किया जा रहा है. जिससे बाघ गणना में किसी तरह की कोई गड़बड़ी न हो और बाघों की एक्चुअल संख्या निकलकर सामने आ सके.
180 फील्ड स्टाफ को किया जा रहा ट्रेंड
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में साल 2026 में होने वाले बाघ गणना को लेकर तैयारी तेज कर दी गई है, इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को ट्रेनिंग दी जा रही है. 10 नवंबर से 13 नवंबर 2025 तक, 4 दिवसीय फील्ड स्टाफ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. यह ट्रेनिंग कार्यक्रम बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला सेंटर में आयोजित किया जा रहा है. इससे पहले क्षेत्रीय वन मंडल एवं समन्वय स्तर के अधिकारियों की ट्रेनिंग कंप्लीट की जा चुकी है. अब फील्ड स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को ट्रेनिंग दिया जा रहा है. इस ट्रेनिंग सेशन में टोटल 180 फील्ड स्टाफ को चार दिनों में अलग-अलग समूह में ट्रेनिंग दिया जाएगा, ट्रेनिंग के पहले दिन 45 प्रतिभागियों ने ट्रेनिंग सत्र में हिस्सा लिया.
मांसाहारी और शाकाहारी वन्य प्राणी सर्वेक्षण विधियां
इस ट्रेनिंग के पहले दिन मास्टर ट्रेनर कमलेश नंदा, मोहित खटीक और धीरेंद्र शुक्ला सहित जितने भी स्टाफ ट्रेनिंग लेने के लिए आए थे, उन्हें मांसाहारी और शाकाहारी वन्य प्राणी सर्वेक्षण विधियां, ट्रांसेक्ट लाइन सर्वेक्षण, हैबिटेट प्लांट डालना, कैमरा ट्रैप संचालन संबंधी सैद्धांतिक एवं फील्ड दोनों प्रकार की ट्रेनिंग दी गई है. क्लास में ट्रेनिंग कंप्लीट करने के बाद सभी कर्मचारियों को तीन भागों में बांट दिया गया और फिर इन्हें फील्ड अभ्यास भी कराया गया, जिसमें रेंज फाउंडर, कंपास, कैमरा ट्रैप जैसे उपकरणों के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी गई.
कैमरा ट्रैप की गलतियों पर विशेष फोकस
मास्टर ट्रेनर्स ने इस ट्रेनिंग में कैमरा ट्रैप लगाने में जो गलतियां होती है, उस पर विशेष फोकस किया. जैसे कैमरा लगाते समय गलत दिशा में लगा देना, उसकी दूरी और ऊंचाई पर विशेष फोकस करना और उनसे बचाव के उपाय बताए गए हैं. जिससे जो डाटा संग्रहण है उसे सटीक और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हो सके
इस ट्रेनिंग को लेकर क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने भारतीय बाघ आकलन के इतिहास महत्व और आवश्यकता पर बात की है. इसके अलावा तकनीकी सतर्कता के महत्व पर फोकस करने को भी कहा है. जिससे सटीक बाघ गणना हो सके और बाघों की सही संख्या सामने आ सके. उपसंचालक पीके वर्मा ने फील्ड स्टाफ से कहा है कि गंभीरता और निष्ठा से इस बाघ गणना को करें. जिससे टाइगर रिजर्व में बाघों की गणना सही तरीके से हो सके.
मध्य प्रदेश में अगले 3 दिनों तक पड़ेगी भारी ठंड, भोपाल में बीते 10 सालों का रिकॉर्ड टूटा
11 Nov, 2025 08:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक मध्य प्रदेश में भारी ठंड पड़ने की चेतावनी जारी की है. प्रदेश के 3 जिलों में सीवियर कोल्ड वेब का ऑरेंज और 15 जिलों में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है. बीते 24 घंटे में भी भोपाल, इंदौर, राजगढ़ और उमरिया में सीवियर कोल्ड वेब दर्ज की गई है.
इन जिलों का न्यूनतम पारा सामान्य से माइनस 7 डिग्री सेल्सियस तक आ गया. वहीं, भोपाल में नवंबर माह में ठंड का बीते 10 सालों का रिकार्ड टूट गया है. शनिवार-रविवार की दरमियानी रात भोपाल का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि नवंबर महीने में बीते 10 सालों का सबसे न्यूनतम तापमान था.
24 घंटे में 4 डिग्री नीचे गिरा पारा
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया "बीते 24 घंटो में भोपाल, इंदौर, उज्जैन और शहडोल संभाग के अधिकतर जिलों के अधिकतम तापमान में औसत से माइनस 3 से माइनस 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है. जबकि बाकी जिलों के अधिकतम तापमान में माइनस 1 से माइनस 3 डिग्री सेल्सियस तक बदलाव आया है. इसी प्रकार अधिकतम जिलों का न्यूनतम तापमान औसत से माइनस 3 से माइनस 5 डिग्री के बीच बदला है. जबकि भोपाल, इंदौर, राजगढ़ और उमरिया जिलों का न्यूनतम तापमान औसत से करीब माइनस 7 डिग्री सेलिसयस नीचे दर्ज किया गया."
10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचा 9 शहरों का न्यूनतम तापमान
बीते 24 घंटे में मध्य प्रदेश में सबसे अधिकतम तापमान गुना में 30.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि उज्जैन में 30.5 और खजुराहो में 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, बीते 24 घंटे में प्रदेश के 9 शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया. रविवार-सोमवार की दरमियानी रात प्रदेश में सबसे न्यूनतम तापमान राजगढ़ में 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
इसके साथ ही इंदौर में 7.9 डिग्री सेल्सियस, भोपाल में 8.8 डिग्री सेल्सियस, बेतूल में 9 डिग्री सेल्सियस, छिंदवाड़ा में 9.6 डिग्री सेल्सियस, नौगांव में 9.5 डिग्री सेल्सियस, उमरिया में 8.5 डिग्री सेल्सियस और मलाजखंड में न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, प्रदेश में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई और मौसम साफ रहा. इस दौरान आंधी-तूफान भी कहीं दर्ज नहीं किया गया.
मध्य प्रदेश में अगले 3 दिनों तक ठंड की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि "एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस वायुमंडल की ऊपरी सतह में मध्य समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर स्थित है और एक ट्रफ, मध्य क्षोभमंडल पश्चिमी हवाओं में 33 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में एवं 82 डिग्री पूर्वी देशांतर के साथ उत्तर-पूर्व की ओर चला गया है. जिससे मध्य प्रदेश में अगले 3 दिनों तक भारी ठंड की चेतावनी दी गई है. अगले 72 घंटो में कहीं भी मध्यप्रदेश में बारिश होने की संभावना नहीं है. वहीं, सोमवार, मंगलवार और बुधवार को प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है."
मध्य प्रदेश में कब, कहां, कितना ठंड
10 नवंबर, सोमवार
भोपाल, राजगढ़ और इंदौर में सीवियर कोल्ड बेव का ऑरेंज अलर्ट है. जबकि सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, देवास, शाजापुर, रीवा, मऊगंज, शहडोल, छिंदवाड़ा, मंडला, मैहर में कोल्ड वेब का येलो अलर्ट और बालाघाट में कोल्ड डे का यलो अलर्ट जारी किया गया है.
11 नवंबर, मंगलवार
भोपाल, राजगढ़ और इंदौर में सीवियर कोल्ड वेब का आरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि सीहोर, बैतूल, उज्जैन, देवास, शाजापुर, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, छिंदवाड़ा, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और मैहर जिलों में कोल्ड वेब का यलो अलर्ट है.
12 नवंबर, बुधवार
भोपाल, सिहोर, राजगढ़, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में कोल्ड वेब का यलो अलर्ट जारी किया गया है.
मध्यप्रदेश ने एविएशन क्षेत्र में पूरे देश में बनाई अग्रणी स्थिति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
10 Nov, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने एविएशन क्षेत्र में पूरे देश में अग्रणी स्थिति बनाई है। रीवा-दिल्ली-रीवा विमान सेवा से विंध्य क्षेत्र के विकास के आज से नए द्वार खुल रहे हैं। एक समय जिस क्षेत्र में रेल नहीं मिलती थी, आज वहां से विमान सेवा आरंभ हो रही है। पहले रीवा से दिल्ली जाने में करीब 15 घंटे का समय लगता था, लेकिन अब यह दूरी बड़ी आसानी से लगभग 2 घंटे में तय होगी। विंध्य वाले भी गर्व से कह सकेंगे कि अब दिल्ली दूर नहीं है। विंध्य क्षेत्र, पूरे देश का प्रमुख औद्योगिक और धार्मिक केंद्र है। खनिज संपदा और उद्योगों से समृद्ध यह क्षेत्र, माँ शारदा धाम मैहर और चित्रकूट की आस्था से भी जुड़ा है। विमान सेवा से बांधवगढ़ नेशनल पार्क, पन्ना नेशनल पार्क, खजुराहो और अमरकंटक से भी कनेक्टिविटी बढ़ेगी। यह विमान सेवा खनिज-उद्योग गतिविधियों, धार्मिक स्थल और नेशनल पार्क सबके लिए वरदान सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को रीवा से नई दिल्ली विमान सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। रीवा में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
देवतालाब के भोलेनाथ और चित्रकूट के भगवान श्रीराम का स्मरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के शुभारंभ में देवतालाब के भोलेनाथ स्वयं-भू महामृत्युंजय शिवजी और चित्रकूट के भगवान श्रीराम का स्मरण करते हुए कहा कि माँ शारदा भवानी की कृपा से विंध्य को यह सौगात मिली है, यह पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि विंध्य जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक क्षेत्र को देश की राजधानी दिल्ली से जोड़कर प्रदेश की प्रगति को नई उड़ान देने के लिए सभी प्रदेशवासी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आभारी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल ही रीवा एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए बिजली की गति से काम करते हुए आज रीवा-दिल्ली के बीच हवाई सेवा शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने रीवा को प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
प्रदेश में चिकित्सा और पर्यटन केलिए हेलीकॉप्टर सेवा का विस्तार जारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनता का प्रभावी नेतृत्व होने के बाद भी विंध्य क्षेत्र में लंबे समय तक रेल सुविधाओं का अभाव रहा। यह सर्वविदित है कि सुदृढ़ परिवहन किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है। आज शुरू हो रही रीवा-दिल्ली विमान सेवा उसी दिशा में प्रदेश का एक सुदृढ़ कदम है। प्रदेश में हेलीकॉप्टर सेवा का चिकित्सा और पर्यटन के लिए विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में पीएमएयर एम्बुलेंस सेवा जैसी अभिनव पहल ने आपातकालीन चिकित्सा सहायता में नई मिसाल कायम की है। यह सेवा दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए वरदान है।
मध्यप्रदेश विमानन क्षेत्र में तेजी से कर रहा है प्रगति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है, जो विमानन क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहे हैं। राज्य सरकार स्पष्ट विजन के साथ हर 150 किलोमीटर पर एक वाणिज्यिक हवाई अड्डा, हर 75 किलोमीटर पर एक हवाई पट्टी और हर 45 किलोमीटर पर हेलीपेड उपलब्ध कराने के लिये प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रही है। पिछले 2 वर्षों में रीवा, सतना और दतिया 3 नए एयरपोर्ट शुरू हुए। इसके पहले 68 वर्षों में केवल 5 एयरपोर्ट विकसित हुए थे। आज प्रदेश में 8 एयरपोर्ट, 20 हवाई पट्टियाँ तथा 220 हेलीपेड मौजूद हैं। जल्द ही उज्जैन और शिवपुरी में 2 नए एयरपोर्ट विकसित होने जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में विमानन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 लागू की है।
अलायंस एयर संचालित करेगा रीवा-दिल्ली विमान सेवा
रीवा-दिल्ली हवाई सेवामध्यप्रदेश विमानन नीति-2025 के अंतर्गत VGF प्रावधानों से वित्त पोषित है। यह हवाई सेवा अलायंस एयर द्वारा संचालित की जाएगी। रीवा हवाई अड्डे का उद्घाटन वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया था। यह अब 3C-IFR श्रेणी के हवाई अड्डों में शामिल है, जिससे रात्रिकालीन विमान संचालन भी संभव हो सकेगा। विमानन विभाग ने प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर अलायंस एयर को रीवा-दिल्ली हवाई सेवा के संचालन के लिए लेटर ऑफ अवार्ड सौंपा था। यह नई हवाई सेवा न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक, धार्मिक और आर्थिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगी। रीवा में आयोजित कार्यक्रम में सांसद जनार्दन मिश्रा, गणेश सिंह, राजेश मिश्रा, विधायक गिरीश गौतम, नागेन्द्र सिंह, नरेन्द्र प्रजापति, सुरेन्द्र सिंह गहरवार, विक्रम सिंह, रीति पाठक, अध्यक्ष नगर निगम रीवा व्यंकटेश पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष नीता कोल उपस्थित थीं।
राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिभाओं को देखने का अवसर रीवा को मिलेगा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
10 Nov, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने विश्वविद्यालय स्टेडियम रीवा में आयोजित स्व. भैयालाल शुक्ल स्मृति टेनिस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ सोमवार को किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा बड़े आयोजनों का केन्द्र बनता जा रहा है। समाजसेवी स्व. भैयालाल शुक्ल की स्मृति में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता में रीवावासियों को राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिभाओं को देखने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता लगातार 10वें वर्ष में सफलतापूर्वक आयोजित हो रही है। प्रतियोगिता के माध्यम से स्थानीय क्रिकेट खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा के जौहर दिखाने का अवसर मिल रहा है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में रीवा में सैनिक स्कूलों की राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। हमने कुछ दिनों पहले ही नौ सेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश त्रिपाठी और थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी का नागरिक अभिनंदन किया था। रीवा में 6 से 9 नवम्बर तक अखिल भारतीय साहित्य परिषद का अधिवेशन भी आयोजित किया गया।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मेरे पूज्य पिताजी स्व. भैयालाल शुक्ल से ही मुझे जनसेवा और समाज सेवा के संस्कार मिले हैं। उनके आशीर्वाद से ही मुझे जन-कल्याण और क्षेत्र के विकास के लिए प्रयास करने की शक्ति मिलती है। पूज्य पिताजी से मिले संस्कार, गौमाता और आमजनों से मिला आशीर्वाद सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन रीवा ही नहीं पूरे विन्ध्य के लिए ऐतिहासिक दिन बनने जा रहा है। आज से रीवा से दिल्ली के लिए 72 सीटर हवाई सेवा शुरू हो गई है। यह हवाई सेवा विन्ध्य के विकास की बड़ी छलांग साबित होगी।
उप मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय भैयालाल शुक्ल के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रंद्धाजलि दी। इसके बाद उप मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। प्रतियोगिता 10 से 16 नवम्बर तक राष्ट्रीय एकता मंच द्वारा आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर रीवा नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय, राजगोपाल मिश्रा चारी, सतीश सिंह, प्रकाश सोनी, गौरव पाण्डेय, अखिलेश शुक्ला, अरूण मिश्रा तथा स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
स्थानीय जनजातीय समुदाय का सशक्तिकरण हो लक्ष्य : मुख्य सचिव जैन
10 Nov, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : जनजातीय गौरव दिवस 2025 धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा 150वीं जयंती समापन वर्ष के कार्यक्रम में स्थानीय जनजाति समुदाय के सशक्तिकरण के लिए योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सोमवार को मंत्रालय में 15 नवम्बर को होने वाले जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम की तैयारियों की बैठक लेकर समीक्षा की। राज्य स्तरीय समारोह जबलपुर और आलीराजपुर में आयोजित होंगे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव जबलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में सम्मिलित होंगे।
मुख्य सचिव जैन ने निर्देश दिए कि राज्य-स्तरीय कार्यक्रम के अलावा जिलों, विकासखंडो में स्थानीय कार्यक्रमों के साथ ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं में गौरव दिवस आयोजित किया जाए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जबलपुर के कार्यक्रम में वर्चुअल शामिल होंगे। मुख्य सचिव जैन ने निर्देश दिए कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के साथ ही अन्य जनजातीय नायकों के सम्मान में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवार राष्ट्रीय एवं राज्यस्तर पर ख्याति प्राप्त कलाकारों, जनजातीय मुखियाओं, मेधावी विद्यार्थियों एवं खिलाड़ियों के सम्मान के साथ हितग्राहियों को लाभ वितरण होगा।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम के अलावा जिला स्तरीय और स्थानीय कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की योजनाओं का भूमि-पूजन तथा लोकार्पण भी होगा। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि जनजातीय हितग्राहियों से संबंधित समस्त विभागों की योजनाओं तथा नवाचारों की प्रदर्शनी लगाई जाए। आयुष्मान योजना और सिकल सेल एनीमिया के कार्ड वितरण के अतिरिक्त आदि कर्मयोगी अभियान, पीएम जन-मन एवं धरती आबा अभियान के तहत गतिविधियों को प्रदर्शित किया जाएं। आयोजनों में जनजातीय क्रॉफ्ट व्यंजन एवं लोकगीत लोक-कलाओं, जनजातीय महानायकों के जीवन चरित्र से संबंधित नाटिकाओं का मंचन होगा।
मुख्य सचिव जैन ने संस्कृति विभाग को सांस्कृतिक कार्यक्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास को हितग्राही मूलक कार्यक्रमों के लाभ, भूमि-पूजन, लोकार्पण, जनजातीय महानायकों की प्रतिभाओं, पूजा स्थलों, देव-स्थान आदि पर सम्मान एवं सभा आयोजित करने के लिए कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग सिकल सेल एनीमिया पर केंद्रित स्वास्थ शिविर और मोबाइल मेडिकल यूनिट का प्रदर्शन करेगा। स्कूल शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग विद्यार्थी मूलक विभिन्न कार्यक्रम करेगा। वन, महिला एवं बाल विकास, खेल एवं युवा कल्यण और नगरीय प्रशासन विभाग भी जनजातीय समुदाय से जुड़ी योजनाओं पर फोकस कार्यक्रम करेगा।
जनजातीय कार्य विभाग को कहा गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि स्थानीय और जिला स्तरीय कार्यकमों के आयोजन कार्य योजना अनुरूप हो। जिला कलेक्टर्स से प्रतिदिन रिपोर्ट आमंत्रित करने के निर्देश भी दिए गए है। प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा ने संपूर्ण कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने पिछले 10 दिनों से जारी विभिन्न गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की और बताया कि मध्यप्रदेश गतिविधियों को आयोजन में देश में दूसरे स्थान पर है। बैठक में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव भी उपस्थित थे।
सिंचाई सुविधाओं का विस्तार ही प्रदेश के समग्र विकास का है आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
10 Nov, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश एक बार भी इतिहास बनाने जा रहा है। प्रदेश का हरदा जिला जल्द ही शत-प्रतिशत सिंचित जिला बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। हरदा जिले में शहीद ईलाप सिंह माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना प्रगति पर है। करीब 756.76 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से हरदा जिले के 39 हजार 976 हेक्टेयर रकबे में सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी। बीते 16 महीनों में इसका 42 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। इस परियोजना से हरदा जिले की तवा सिंचाई परियोजना के अंतिम छोर (टेल एण्ड एरिया) तक रबी फसल की सिंचाई के लिए पानी पहुंचेगा। इससे जिले के वे सभी किसान भी लाभान्वित होंगे जो अब तक कमांड एरिया के गांव में कोई योजना न होने के कारण सिंचाई सुविधाओं से वंचित थे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने पर हरदा प्रदेश का पहला शत-प्रतिशत सिंचित जिला बन जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के एक करोड़ हेक्टेयर कृषि रकबे को सिंचित बनाना हमारा प्राथमिक लक्ष्य है और हम इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से लागे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की 268वीं, नर्मदा नियंत्रण मंडल की 85वीं और नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के गवर्निंग बोर्ड की 33वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। बैठक में नर्मदा घाटी प्राधिकरण एवं नर्मदा नियंत्रण मंडल द्वारा प्रस्तावित सभी परियोजना प्रस्तावों एवं उनके उपबंधों का अनुमोदन किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में निर्माणाधीन सभी सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं वृहद श्रेणी की सिंचाई परियोजनाओं एवं जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण कार्य की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में निर्माणाधीन परियोजनाएं हर हाल में तय समय-सीमा में ही पूरी की जाएं। समय-सीमा में वृद्धि न की जाए। मुख्यमंत्री ने नर्मदा बेसिन प्रोजेक्टस कंपनी लिमिटेड द्वारा पूर्ण कराई जा रही परियोजनाओं के बारे में कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं में वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एशियन और इंटरनेशनल मौद्रिक संस्थाओं से उच्च स्तर का समन्वय किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से जुड़े सभी प्रकार के निर्माण कार्यों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए। विभागीय वरिष्ठ अधिकारी केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के साथ सतत् समन्वय करें और प्रदेश के तय लक्ष्य प्राप्त करने के लिए फोकस्ड होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन में शिप्रा नदी के घाटों, जल संरक्षण संरचनाओं और अन्य श्रेणी के निर्माण कार्य अनिवार्यत: दिसंबर 2027 तक पूर्ण हो जाने चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पड़ौसी राज्यों के साथ संयुक्त नदी-लिंक परियोजनाओं पर सक्रियता से कार्य किया जाए, ताकि मध्यप्रदेश के किसानों को अधिकतम जलराशि का लाभ मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में गौशाला, घाट और धर्मशालाओं के निर्माण में धार्मिक एवं परमार्थिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि आवश्यकता पड़ने पर कंपनियों के सीएसआर फंड से भी सहयोग लिया जाए।
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि बीते 2 वर्षों में हरदा, बड़वानी और धार जिलों के जनजातीय अंचलों में करीब 2 लाख हेक्टेयर रकबे में सिंचाई उपलब्ध कराने वाली परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। इन परियोजनाओं पर शासन द्वारा कुल 6,640 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। इससे इन तीन जिलों के लगभग 600 गांवों के किसान सिंचाई सुविधा से लाभान्वित हुए हैं। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संसाधन विभाग को इस उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं का यह विस्तार प्रदेश के समग्र विकास का आधार बनेगा।
अपर मुख्य सचिव, जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि निर्माणाधीन स्लीमनाबाद टनल एलाईनमेंट के मध्य मिट्टी स्थिरीकरण के लिए केमिकल/कोल ग्राउटिंग मात्राओं की स्वीकृति दी जा चुकी है। इसका निर्माण कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। शेष काम मात्र सवा 2 महीने में पूरा हो जाएगा। यह परियोजना 31 जनवरी 2026 तक पूरी कर ली जाएगी, इससे पूरा क्षेत्र कृषि उत्पादन में अग्रणी बन जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र को सिंचाई सुविधाओं से लेस करने के लिए इसे पार्वती, कालीसिंध और चंबल राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजना में शामिल कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट और मंदाकिनी नदी में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की संयुक्त सिंचाई परियोजना के लिए उत्तरप्रदेश सरकार से समन्वय स्थापित किया जाए। मुख्यमंत्री ने ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना की भी समीक्षा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के हिस्से में आने वाले जल का पूरा लाभ सिंचाई और जल आपूर्ति व्यवस्था में सुनिश्चित किया जाए। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने बताया कि बड़नगर, नीमच और जावद सहित अन्य क्षेत्रीय सिंचाई परियोजनाओं को मिलाकर करीब 12,000 करोड़ रुपये के परियोजना प्रस्ताव केंद्र सरकार के जलशक्ति मंत्रालय को भेज दिए गए हैं। केंद्र सरकार ने इस संयुक्त परियोजना की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) मांगी है। डीपीआर स्वीकृत होने पर यह संयुक्त परियोजना केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजना का हिस्सा बनेगी। उन्होंने बताया कि ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना के लिए भी महाराष्ट्र सरकार से लगातार समन्वय किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना का 96 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। यह फाइनल स्टेज पर है। आईएसपी- कालीसिंध उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना का भी 96 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष काम 31 दिसम्बर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। डही उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना का 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष काम 30 जून 2026 तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि नर्मदा नियंत्रण मंडल के अधीन सेंधवा (बड़वानी) माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का काम भी तेजी से जारी है। इससे बड़वानी जिले के 29 गावों की 9 हजार 855 हेक्टेयर कृषि रकबे में सिंचाई होगी। इसी तरह बड़वानी जिले में ही निवाली उद्वहन सिंचाई परियोजना का काम पूरा होने पर करीब 92 गांवों की 33 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि सिंचित की जाएगी। माँ रेवा उद्वहन सिंचाई परियोजना- जिला देवास से बारना परियोजना के अंतिम छोर (टेल एण्ड एरिया) तक सिंचाई का पानी पहुंचाया जाएगा।
बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी सहित अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए समाज की सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी : पायल शर्मा
10 Nov, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, मध्यप्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं जिला प्रशासन शाजापुर के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को गांधी हॉल, शाजापुर में बाल अधिकारों से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती पायल शर्मा, डिवीजन हेड, NCPCR एवं आयोग की विधिक सलाहकार रहीं है।
श्रीमती शर्मा ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें ऐसा माहौल बनाना होगा जहाँ हर बच्चा भयमुक्त, सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण में अपना बचपन जी सके।उन्होंने विद्यालयों और परिवारों में संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया तथा बाल संरक्षण से जुड़ी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता बताई।
कार्यशाला के पहले सत्र में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सहायक संचालक डॉ. राहुल दुबे ने विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण विषय पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने जुवेनाइल जस्टिस (JJ) अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए “बटरफ्लाई इफेक्ट” के माध्यम से समझाया कि बचपन की छोटी-छोटी घटनाएँ भविष्य को किस प्रकार प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने बाल मनोविज्ञान, संवेदनशीलता और विभिन्न हितधारकों की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की।
दूसरे सत्र में शुभांकर चौधरी, विधिक सलाहकार, NCPCR ने प्रतिभागियों को बाल श्रम और श्रम कानूनों से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी तथा बच्चों के शोषण को रोकने में कानूनी जागरूकता की भूमिका पर जोर दिया। कलेक्टर सुऋजु बाफना ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ जिला स्तर पर बाल संरक्षण के प्रयासों को और मजबूत करती हैं तथा शिक्षकों व अधिकारियों को व्यवहारिक दिशा प्रदान करती हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, विद्यालयों में सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करना तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संवेदनशील वातावरण तैयार करना रहा। कार्यशाला में जिले के विद्यालयों के प्राचार्य, स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) के प्रतिनिधि, बाल संरक्षण अधिकारी एवं बड़ी संख्या में हितधारक शामिल हुए।
भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर 15 नवम्बर को जबलपुर और आलीराजपुर में होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
10 Nov, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में भावांतर योजना के अंतर्गत मॉडल रेट से किसानों को हुए लाभ और समाधान योजना से बिजली उपभोक्ताओं को मिली राहत के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि 13 नवंबर को देवास से किसानों के खातों में भावांतर योजना के अंतर्गत राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर 15 नवंबर को मनाए जा रहे जनजातीय गौरव दिवस के संबंध में बताया कि जबलपुर और आलीराजपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम होंगे। उन्होंने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर 11 नवंबर को गुजरात के केवड़िया में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम में मध्यप्रदेश का दल सहभागिता करेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अपनाई गई प्रभावी आत्म समर्पण नीति के परिणामस्वरूप महिला नक्सली सुनीता द्वारा किया गया आत्मसमर्पण मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी सफलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम द्वारा वर्ल्ड कप 2025 जीतने पर बधाई देते हुए कहा कि टीम में छतरपुर जिले के घुवारा की तेज गेंदबाज क्रिकेटर क्रांति गौड ने देश-दुनिया में मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया है। क्रिकेटर सुक्रांति का भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जबलपुर में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सम्मान किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 1 से 5 दिसम्बर तक 16वीं विधानसभा का सप्तम सत्र आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कुल 4 कार्य दिवस होंगे। उन्होंने जिलों के गौरव दिवस मनाने के लिए आवश्यक तैयारी करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अन्नदाताओं की सोयाबीन उपज के न्यूतनम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ दिलाने के लिए भावांतर योजना लागू की गई है। प्रदेश में 9 लाख 36 हजार 352 कृषकों द्वारा पंजीयन कराया गया है। भावांतर योजना के अंतर्गत जारी मॉडल रेट से किसानों में भारी उत्साह है, शासन का आभार प्रकट करने के लिए किसान संगठन आभार यात्राएं आयोजित करने के इच्छुक हैं। उत्साह के इस प्रकटीकरण में जिला प्रशासन किसान संगठनों का हरसंभव सहयोग किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी कारणवश बिजली बिल नहीं भर पाने वाले 90 लाख से अधिक नागरिकों को समाधान योजना के अंतर्गत लाभ होगा। इस योजना में तीन माह या उससे अधिक समय से बिल बकाया रखने वाले घरेलू, गैर-घरेलू, कृषि तथा औद्योगिक उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट प्रदान की जाएगी। उन्होंने मंत्रीगण से समाधान योजना की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने का आहवान किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के समापन अवसर पर 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस भव्यता से मनाया जाएगा। इस अवसर पर जनजातीय नायकों पर केन्द्रित प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी और विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन और शिलान्यास भी होंगे। जनजातीय बहुल जिलों और विकासखंडों में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की श्रृंखलाओं का आयोजन होगा। गौरव दिवस कार्यक्रमों में जनजातीय समुदायों के उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं और जनजातीय समुदाय के प्रगतिशील किसानों के सम्मान के साथ स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और महानायकों के जीवन तथा योगदान पर निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। इन आयोजनों में लोक-गीतों, लोक कलाओं के प्रदर्शन के साथ जनजातीय समुदायों के व्यंजनों की भी व्यवस्था की जाए। कार्यक्रमों में सम्मानीय जनजातीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर गुजरात के केवड़िया में जारी भारत पर्व में 11 नवंबर को मध्यप्रदेश दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसमें 75 कलाकारों द्वारा प्रदेश के पौराणिक-ऐतिहासिक गौरव तथा कला-संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 1 नवंबर को लांझी बालाघाट में महिला नक्सली सुनीता द्वारा हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया गया। इस नक्सली पर 14 लाख रूपए का ईनाम घोषित था। प्रदेश सरकार द्वारा केन्द्र सरकार के सहयोग से चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान और प्रभावी आत्मसमर्पण नीति के परिणामस्वरूप यह संभव हुआ। राज्य सरकार केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में 31 मार्च 2026 तक नक्सल गतिविधियों पर पूर्ण नियंत्रण पाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम द्वारा पहली बार विश्व कप जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली छतरपुर के घुवारा की तेज गेंदबाज सुक्रांति गौड़ को राज्य सरकार ने एक करोड़ रूपए प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग और रोजगार वर्ष को सार्थक बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर स्तर पर प्रयास किए गए हैं। सभी जिले में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और रोजगार सृजन के लिए संचालित गतिविधियों की समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलों के गौरव दिवस मनाने के संबंध में भी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
स्टेच्यू ऑफ यूनिटी केवड़िया में मनाया जाएगा मध्यप्रदेश दिवस
10 Nov, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर स्टेच्यू ऑफ यूनिटी केवड़िया गुजरात में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक "भारत पर्व" का उत्साहपूर्वक आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विशिष्ट आतिथ्य में भारत पर्व 2025 के अंतर्गत मंगलवार, 11 नवंबर को गुजरात के केवड़िया में मध्यप्रदेश दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के ध्येय को दृष्टिगत रखते हुए देश की विविधता में एकता को प्रदर्शित करना है।
संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि भारत पर्व के अंतर्गत मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा लगभग 25 वर्गमीटर क्षेत्रफल में एक आकर्षक थीम पेवेलियन तैयार किया गया है, जिसमें राज्य की पर्यटन, संस्कृति और हस्तशिल्प विरासत को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया जा रहा है। पेवेलियन में सांची, खजुराहो, भीमबेटका, मांडू, ओरछा, उज्जैन और ओंकारेश्वर जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के साथ-साथ बांधवगढ़, कान्हा और पेंच जैसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यानों की झलक प्रस्तुत की जा रही है। साथ ही, राज्य के स्थानीय हस्तशिल्प और हस्तकला जैसे चंदेरी और महेश्वरी वस्त्र, बाघ प्रिंट, डोकरा कला, मिट्टी के बर्तन और गोंड पेंटिंग को भी प्रदर्शित किया जा रहा है।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि भारत पर्व हमारे देश की सांस्कृतिक एकता और विविधता का सुंदर उत्सव है। मध्यप्रदेश ‘भारत का हृदय’ है, और यहां की हर परंपरा, हर स्वाद, हर कला रूप हमारे देश की आत्मा को दर्शाता है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के पर्यटन, हस्तशिल्प, व्यंजनों और संस्कृति की प्रस्तुति के माध्यम से हम देशभर के आगंतुकों को अतुलनीय मध्यप्रदेश की आत्मा से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि आगंतुक न केवल मध्यप्रदेश के स्वाद और संगीत का आनंद लें, बल्कि उसकी आत्मिक ऊर्जा और जीवंतता का भी अनुभव करें।
स्टूडियो किचन में मध्यप्रदेश का स्वाद
मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीएसटीडीसी) द्वारा 11 नवंबर को स्टूडियो किचन की विशेष प्रस्तुति दी जा रही है, जिसमें प्रदेश के पारंपरिक और प्रादेशिक व्यंजन लाइव तैयार कर परोसे जाएंगे। यह प्रस्तुति फ्लेवर्स फ्रॉम द हार्ट ऑफ इंडिया की थीम पर आधारित है। बुंदेलखंड क्षेत्र का खट्टा–तीखा छाछ पर आधारित पेय सन्नाटा, डिंडोरी क्षेत्र का पारंपरिक सूप कंगनी दाल का शोरबा, मालवा का प्रसिद्ध स्नैक भुट्टे की कीस, चना बेसन से बना स्वादिष्ट नमकीन व्यंजन चंबल का थोपा, सीधी क्षेत्र का पारंपरिक नाश्ता बेड़ई धुमना आलू, बघेलखंड क्षेत्र का लोकप्रिय व्यंजन मटर का निमोना और सादी पूरी, शहडोल क्षेत्र की प्रसिद्ध मिठाई कुटकी की खीर आगंतुकों को परोसे जाएंगे। इन व्यंजनों के माध्यम से प्रदेश के विविध भौगोलिक और सांस्कृतिक स्वादों को प्रदर्शित किया जा रहा है।
सांस्कृतिक प्रस्तुति – “अमृतस्य मध्यप्रदेश”
संस्कृति विभाग की ओर से प्रसिद्ध नृत्य संयोजिका मैत्रीय पहाड़ी एवं समूह द्वारा “अमृतस्य मध्य प्रदेश” शीर्षक से एक भव्य नृत्य प्रस्तुति दी जाएगी। यह प्रस्तुति दर्शकों को मध्यप्रदेश की प्राचीन सभ्यता, भक्ति, प्रेम और प्रकृति की लय से जोड़ती है। इस नृत्यगाथा की शुरुआत भीमबेटका की गुफाओं से होती है, जहां मानव सभ्यता की प्रथम झलक दिखाई देती है। आगे खजुराहो के मंदिरों की मूर्तिकला, सांची के स्तूपों की शांति, और चित्रकूट की पवित्र भूमि के भावनात्मक दृश्यों को नृत्य के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया है। उज्जैन और ओंकारेश्वर के ज्योतिर्लिंगों की दिव्यता, ग्वालियर किले की ऐतिहासिकता, मांडू की प्रेम गाथा और ओरछा के मंदिरों की भव्यता मंच पर जीवंत होती है। प्रकृति के साथ मनुष्य के संबंध को बांधवगढ़, कान्हा और पेंच के वनों तथा जबलपुर की संगमरमर चट्टानों के दृश्यों से दर्शाया गया है। पारंपरिक महेश्वरी, चंदेरी और बाग प्रिंट वस्त्रों में सजे कलाकार मंच पर राज्य की शिल्प विरासत का गौरव गान करते हैं। नर्मदा आरती के दृश्य के साथ यह यात्रा अपने आध्यात्मिक उत्कर्ष पर पहुंचती है।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि 1500 रूपये किये जाने की स्वीकृति
10 Nov, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अन्तर्गत दी जाने वाली मासिक आर्थिक सहायता राशि 1250 रूपये में वृद्धि कर 1500 रूपये किये जाने की स्वीकृति दी गयी है।
मार्च 2023 से 1000 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि के साथ योजना प्रारंभ की गई थी। सितंबर 2023 से 1,250 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में 250 रुपये की वृद्धि कर नवंबर 2025 से 1500 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि दिए जाने की स्वीकृति दी गयी है। योजना में 250 रुपये की वृद्धि किए जाने पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,793 करोड़ 75 लाख रुपये के अतिरिक्त बजट की आवश्यकता होगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 20,450 करोड़ 99 लाख रुपये संभावित व्यय होगा।
आचार्य शंकर संग्रहालय "अद्वैत लोक" के निर्माण के लिए पुनरीक्षित स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम परियोजना अंतर्गत किये जाने वाले कार्यों के लिए सूचकांक में छूट प्रदाय किये जाने एवं आचार्य शंकर संग्रहालय "अद्वैत लोक" के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत 2424 करोड़ 369 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
संस्कृति विभाग द्वारा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम परियोजना में आचार्य शंकर की 108 फीट की बहूधातु प्रतिमा स्थापित की जायेगी। इसके साथ ही आचार्य शंकर के जीवन और दर्शन पर आधारित शंकर संग्रहालय, (अद्वैत लोक) निर्माण, आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय वेदान्त संस्थान, अद्वैत निलयम आदि निर्माण कार्य किये जायेंगे। ये सभी निर्माण कार्य एमपीटीसी द्वारा किए जायेंगे। इसके लिए जून 2025 में 2195 करोड़ 54 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी। मंत्रि-परिषद ने पुनरीक्षित लागत 2424 करोड़ 369 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की।
शासकीय भवनों पर रेस्को पद्धति से सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में जिले के सभी शासकीय भवनों पर रेस्को पद्धति से सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गयी। भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सभी शासकीय भवनों को सौर ऊर्जीकृत किये जाने के उद्देश्य से प्रदेश में राज्य शासन के भवनों की छतों पर रेस्को पद्धति अंतर्गत सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाए जाएंगे। शासकीय विभागों को इन सौर परियोजनाओं में कोई निवेश नहीं करना होगा। शासकीय कार्यालयों द्वारा ऊर्जा के उपयोग के लिए रेस्को विकासक को प्रति यूनिट भुगतान करना होगा। यह दर डिस्कॉम की दरों से कम होना अपेक्षित हैं, जिससे शासकीय संस्थानों को बचत होगी। रेस्को मोड में शासकीय विभागों/ संस्थाओं के भवन पर विकासक इकाई द्वारा 25 वर्ष की अवधि के लिए सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किये जायेंगे। इस पूरी अवधि तक सोलर रूफटॉप संयंत्र का रख-रखाव RESCO इकाई द्वारा किया जाएगा।
रेस्को परियोजना में ऊर्जा विकास निगम द्वारा प्रत्येक जिले के समस्त शासकीय भवनों जिनकी विद्युत् संयोजन की कांट्रेक्ट क्षमता 20 किलोवाट या अधिक है, को सौर ऊर्जीकृत किये जाने के लिए जिलेवार पृथक-पृथक निविदा का प्रावधान था। मंत्रि-परिषद द्वारा पृथक-पृथक के स्थान पर एक ही निविदा संचालित करने की स्वीकृति दी गयी है। 20 किलोवाट कांट्रेक्ट क्षमता से कम के संयत्रों की स्थापना रेस्को व्यवस्था के माध्यम से की जायेगी। वन्य क्षेत्रों एवं ऑफ ग्रिड क्षेत्रों में कैपेक्स मोड पर सोलर रूफटॉप संयत्र स्थापना के लिए भी स्वीकृति दी गई।
मंत्रि-परिषद के निर्णय अनुसार भोपाल में 211 साइट्स पर कुल 15 हजार 695 किलोवॉट, बुरहानपूर में 14 साइट्स पर कुल 348 किलोवॉट, छिंदवाड़ा में 31 साइट्स पर कुल 1661 किलोवॉट, देवास में 14 साइट्स पर कुल 284 किलोवॉट, ग्वालियर में 97 साइट्स पर कुल 5267 किलोवॉट, इंदौर में 106 साइट्स पर कुल 3128 किलोवॉट, जबलपुर में 49 साइट्स पर कुल 1432 किलोवॉट, कटनी में 14 साइट्स पर कुल 383 किलोवॉट, खंडवा में 16 साइट्स पर कुल 311 किलोवॉट, मुरैना में 14 साइट्स पर कुल 364 किलोवॉट, रतलाम में 29 साइट्स पर कुल 1229 किलोवॉट, रीवा में 20 साइट्स पर कुल 535 किलोवॉट, सागर में 35 साइट्स पर कुल 847 किलोवॉट, सतना में 11 साइट्स पर कुल 444 किलोवॉट, सिंगरौली में 15 साइट्स पर कुल 413 किलोवॉट और उज्जैन में 24 साइट्स पर 714 किलोवॉट कि क्षमता वाले सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किये जायेंगे।
मांधाता में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड के न्यायालय के लिए नवीन पदों की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा खण्डवा की मांधाता तहसील में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड के न्यायालय के लिए व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड श्रेणी का एक नवीन पद तथा अमले अतर्गत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 6 पद, इस तरह कुल 7 नवीन पदों के सृजन एवं अनुमानित वित्तीय भार 52 लाख 76 हजार रूपये प्रतिवर्ष की स्वीकृति दी गयी है। मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे-मातरम गायन के साथ शुरू हुई।
मध्य प्रदेश में लाड़ली बहनों के खाते में आने वाले हैं 1500, मोहन यादव ने फिक्स कर दी तारीख
10 Nov, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों को इस माह मिलने वाली सौगात की सरकार ने तारीख तय कर दी है. इस बार से प्रदेश की सवा करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में 1250 रुपए के स्थान पर 1500 रुपए की राशि मिलने जा रही है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 नवंबर को सिवनी में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के माध्यम से राशि जारी करेंगे. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लाड़ली बहना योजना की राशि में बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है.
लाड़ली बहना योजना की 30वीं किस्त
मध्य प्रदेश में 2023 में विधानसभा चुनाव के पहले शुरू की गई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की इस माह 30वीं किस्त जारी होने जा रही है. इस किस्त में लाड़ली बहना के खातों में 1250 रुपए की राशि नहीं, बल्कि 250 रुपए बढ़कर आएंगे. इस तरह खातों में 1500 रुपए की राशि हर माह आएगी. राज्य सरकार ने भाई दूज से लाड़ली बहना योजना की राशि को बढ़ाकर 1500 रुपए कर दिया है. बढ़ी हुई राशि के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 नवंबर को सिवनी से करीब 1800 करोड़ की राशि जारी करेंगे.
इससे प्रदेश की सवा करोड़ बहनों को सीधा लाभ पहुंचेगा. राशि में बढ़ोत्तरी के बाद राज्य सरकार पर हर साल 21 हजार करोड़ रुपए की राशि राज्य सरकार को खर्च करनी होगी. इसके लिए वित्त विभाग बजट की व्यवस्था करने में जुटा है.
फिलहाल नहीं बढे़गी बहनों की संख्या
कैबिनेट में हुए निर्णय की जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप से जब लाड़ली बहना योजना में नए हितग्राहियों को जोड़ने को लेकर सवाल किया गया तो, उन्होंने कहा कि फिलहाल अभी सरकार का इस योजना में नए हितग्राहियों को लेकर कोई विचार नहीं हैं. भविष्य में इस पर विचार किया जा सकता है. सरकार का फोकस है कि प्रदेश की लाड़ली बहनें लखपति बनें. इसके लिए महिलाओं को स्व सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश की जा रही है. समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे प्रोडक्ट्स को सरकार प्रोत्साहित कर रही है. ताकि प्रदेश की महिलाएं सक्षम बनें.
योजना से बाहर हो चुकी 5 लाख बहनें
मध्य प्रदेश सरकार ने 2023 में जब विधानसभा चुनाव के पहले यह योजना शुरू की थी. उसके बाद से अब तक इस योजना में करीबन 5 लाख हितग्राही बहनों की संख्या कम हो गई है. इस योजना के नियमों के मुताबिक 60 साल से अधिक की उम्र पार करने के साथ ही महिला का नाम योजना से हटा दिया जाता है. ऐसी महिलाओं को वृद्धावस्था पेंशन के दायरे में रख लिया जाता है. यही वजह है कि योजना के तहत जब पहली किस्त जारी की गई थी, उस समय महिला हितग्राहियों की संख्या 1 करोड़ 31 लाख थी, जो अब घटकर 1 करोड़ 26 लाख महिलाएं रह गई है.
भोपाल का नाम बदलने की घोषणा पर बवाल, कांग्रेस बोली – राजधानी तो पहले ही ‘90 डिग्री’ नाम से मशहूर है
10 Nov, 2025 08:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : भाजपा सांसद आलोक शर्मा की राजधानी भोपाल का नाम बदलने की घोषणा के साथ ही मध्य प्रदेश में सियासी घमासान शुरु हो गया है। कांग्रेस ने भोपाल परिवर्तन को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने इसे महज एक राजनीतिक शिगूफा बताया है और आरोप लगाए हैं कि सरकार ऐसे बेकार के मुद्दों को छोड़कर विकास के कार्य की ओर ध्यान दें।
कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरौलिया ने कहा कि आलोक शर्मा जी भोपाल का नाम वैसे भी गड्डों के शहर के नाम से विख्यात हो चुका है। 90 degree के नाम से विख्यात हो चुका है। आज भोपाल शहर की जो दुर्दशा है वह किसी से छुपी नहीं है। लेकिन आप सिर्फ नाम बदलने की सियासत कर रहे हैं, राजनीति कर रहे हैं। हिंदू मुस्लिम को बांटने का काम कर रहे हैं। नाम बदलना है आपका double engine की सरकार है बदल दीजिए लेकिन काम तो करिए। भोपाल जिस तरीके से आज जूझ रहा है- सांस लेना मुश्किल हो गया है, पॉल्यूशन बढ़ गया है, अपराध बढ़ रहे हैं। इन सब पर आपका मुंह नहीं खुलता है लेकिन नाम बदलने पर खुलता है।
बता दें कि भोपाल शहर का नाम महान राजा भोज के नाम पर रखने की तैयारी शुरू हो गई है। सांसद आलोक शर्मा ने घोषणा करते हुए कहा कि वे भोपाल का नाम राजा भोजपाल करने का प्रस्ताव संगठन और सरकार के समक्ष रखेंगे।
सांसद ने कहा कि भोपाल का बड़ा तालाब राजा भोज की देन है, इसलिए शहर का नाम भी उन्हीं के नाम पर होना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव को पहले नगर निगम से पारित कराया जाएगा, फिर राज्य सरकार और अंत में केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। आलोक शर्मा ने कहा—मैं लोकसभा में भोपाल की आवाज़ को दमदारी से रखूंगा और शहर के गौरवशाली इतिहास को उसका असली सम्मान दिलाऊंगा।
MP में प्रशासनिक हलचल: 4 IFS और 3 राज्य वन अधिकारी पदों से बदले गए
10 Nov, 2025 08:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्य शासन ने वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. वन विभाग ने सोमवार को बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए चार आईएफएस और तीन राज्य वन सेवा (एसएफएस) अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. बालाघाट जिले में पदस्थ आईएफएस दंपत्ति डीएफओ नेहा श्रीवास्तव और उनके पति डीएफओ अधर गुप्ता पर विभाग ने एक्शन लिया है.
विधायक अनुभा मुंजारे पर वसूली के लगाए थे आरोप
बालाघाट की उत्तर वनमंडल डीएफओ नेहा श्रीवास्तव ने कुछ समय पहले कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे पर हर महीने तीन लाख रुपए वसूली के झूठे आरोप लगाए थे. इस मामले की जांच के बाद विधायक को क्लीन चिट मिल गई. जांच रिपोर्ट आने के बाद वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए डीएफओ नेहा श्रीवास्तव को मध्य प्रदेश राज्य लघु वनोंपज संघ में प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया है. इधर, उनके पति अधर गुप्ता जो दक्षिण बालाघाट डीएफओ थे, उन्हें भी हटाकर उपवन संरक्षक बल प्रमुख के कार्यालय में अटैच कर दिया गया है. विभाग की ओर से संकेत मिले हैं कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ ट्रांसफर के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है.
बाघ के शिकार के बाद बिना पोस्टमार्टम किए जलाने की दी थी अनुमति
सूत्रों के मुताबिक, दोनों अधिकारी विभाग के लिए लगातार सिरदर्द बने हुए थे. अधर गुप्ता पर गंभीर आरोप है कि उन्होंने बाघ के शिकार के बाद बिना पोस्टमार्टम किए ही उसे जलाने की अनुमति दे दी थी. इस मामले में कुछ वनकर्मियों पर पहले ही कार्रवाई हो चुकी है, जबकि अब डीएफओ गुप्ता के खिलाफ भी विभागीय जांच शुरू करने की तैयारी है.
अधर गुप्ता पर पहले भी लापरवाही के आरोप लग चुके हैं. कोरोना काल के दौरान वे बिना सूचना दिए लंबी छुट्टी पर चले गए थे. उस समय भी उनके खिलाफ विभागीय जांच चल रही थी. वहीं, दक्षिण बालाघाट के नए डीएफओ के रूप में निध्यानतम एल को जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा, सुजीत जे. पाटिल को डीएफओ मंडल से हटाकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय में उपबंध संरक्षक के रूप में पदस्थ किया गया है.
राज्य वन सेवा के तीन अधिकारियों का भी तबादला किया गया है
माधव सिंह मौर्य, सहायक संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व को प्रभारी डीएफओ पश्चिम मंडल की जिम्मेदारी दी गई है.
हरिश्चंद्र बघेल, उपवन संरक्षक मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम को प्रभारी डीएफओ मुरैना बनाया गया है.
रेशम सिंह धुर्वे, उपमंडल अधिकारी मनासा (नीमच) को प्रभारी डीएफओ उत्तर बालाघाट का चार्ज दिया गया है.
इस तरह विभाग ने एक साथ सात अधिकारियों के तबादले करते हुए बालाघाट से लेकर मुरैना तक बड़े स्तर पर फेरबदल किया है.
भोपाल इज्तिमा में शामिल होंगे 10 लाख जायरीन, 300 जोड़ों का होगा निकाह
10 Nov, 2025 08:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: राजधानी के ईंटखड़ी में 14 से 17 नवंबर तक 78वें आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आयोजन किया जा रहा है. यहां देश-विदेश से करीब 10 लाख जायरीनों के पहुंचने का अनुमान है. ऐसे में यहां कोई घटना न हो, इससे बचने के लिए पुलिस प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है. 3 दिन तक चलने वाले इस इज्तिमे के दौरान आयोजन स्थल पर करीब 4 हजार पुलिस के जवानों को तैनात किया जाएगा. इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन के जरिए आयोजन स्थल की निगरानी की जाएगी.
आयोजन स्थल के आसपास बनेंगी 16 अस्थायी चौकियां
इज्तिमे के दौरान डायल-112 की टीमें भी गश्त करती रहेंगी. वहीं, आयोजन स्थल के आसपास 16 अस्थायी पुलिस चौकियां बनाई जा रही हैं, जबकि रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त चौकियां स्थापित की जाएंगी. इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में करीब 1 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. इसके अलावा ड्रोन के जरिए भी भीड़ की निगरानी की जाएगी. वहीं, नगर निगम की तरफ से यहां आधा दर्जन से अधिक दमकलों को भी तैनात किया जाएगा. इनके साथ फायर ब्रिगेड टीम के कर्मचारी भी मौजूद रहेंगे. नगर निगम की तरफ सफाई व जलकार्य समेत अन्य कार्यों के लिए 1 हजार से अधिक कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई जाएगी.
इज्तिमा में 300 जोड़ों का होगा निकाह
इज्तिमा कमेटी के मीडिया कार्डिनेटर उमर हाफिज ने बताया कि "14 नवंबर से भोपाल इज्तिमा का आगाज हो रहा है. पहले दिन शुक्रवार को असर की नमाज के बाद 300 जोड़ों का निकाह होगा. जिन लोगों ने इज्तिमे में निकाह के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, उसकी एक प्रति भोपाल पुलिस कमिश्नर के कार्यालय भी भेजी जाएगी. वहीं, वर-वधू के साथ उनके माता-पिता को भी अपने साथ अपना आई कार्ड लेकर आना पड़ेगा." उमर हाफिज ने बताया कि "17 नवंबर को दुआ ए खास के साथ भोपाल इज्तिमा 2025 का समापन होगा."
20 रुपये में नाश्ता और 60 रुपये में खाना
उमर हाफिज ने बताया कि "इज्तिमा में आने वाले लोगों के लिए यहां बेहद ही सस्ते दामों में नाश्ते-पानी और भोजन की व्यवस्था रहेगी. यहां जो दुकानें लगाई जाएंगी, उनमें 20 रुपये में नाश्ता और 60 रुपये में भरपेट खाना मिलेगा. इसके साथ ही बाजार में 20 रुपये में मिलने वाली एक लीटर की पानी की बोतल भी केवल 6 रुपये में मिलेगी. इसके साथ ही इज्तिमा में शामिल होने वाले जायरीनों के सोने के लिए गद्दे और नहाने-वजू करने के लिए गर्म पानी का प्रबंध भी किया जाएगा."
मेट्रो के बैरिकेट्स हटेंगे, ट्रैफिक पुलिस करेगी निरीक्षण
देहात एसपी रामशरण प्रजापति ने बताया कि "इस बार मेट्रो निर्माण कार्य के चलते ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. ट्रैफिक पुलिस आज (सोमवार) मार्गों का निरीक्षण करेगी. बैठक में निर्णय लिया गया कि मेट्रो निर्माण से जुड़े मार्गों, तिराहों और चौराहों पर रखे गए बैरिकेड्स अस्थायी रूप से हटाए जाएंगे. भोपाल टॉकीज से इज्तिमा स्थल की ओर जाने वाली बस और ट्रक डीआईजी बंगला चौराहे से गल्ला मंडी रोड होते हुए करोंद चौराहे से इज्तिमा स्थल तक पहुंच सकेगी. इस बार इज्तिमा में 4 हजार से अधिक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर रहेंगे. इज्तिमा स्थल पर वाहनों के लिए 64 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं. दूसरे जिलों से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग एंट्री पॉइंट और कट पॉइंट तय किए जा रहे हैं, जिससे भीड़ का दबाव एक ही मार्ग पर न पड़े."
भोपाल में ‘लव जिहाद’ का सनसनीखेज मामला: मुस्लिम युवक ने हिंदू बनकर मॉडल की हत्या की
10 Nov, 2025 03:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bhopal News:मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक और लव जिहाद का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कासिम खान नामक युवक ने खुद को हिंदू बताकर एक मॉडल युवती खुशबू अहिरवार से प्रेम संबंध बनाए, लेकिन जब युवती को उसकी असलियत का पता चला, तो युवक ने गुस्से में आकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
झूठी पहचान बनाकर फंसाया प्रेम जाल में
मृतका के परिजनों ने पुलिस को बताया कि आरोपी युवक ने अपनी पहचान छिपाकर तीन महीने तक खुशबू को धोखे में रखा। जब युवती को कासिम की असली पहचान पता चली और उसने शादी से इनकार कर दिया, तो आरोपी ने धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया।
शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान
सूत्रों के मुताबिक, मॉडल के शरीर पर कई घाव और चोटों के निशान पाए गए हैं, जो यह साबित करते हैं कि उसकी बेहद क्रूर तरीके से हत्या की गई। फिलहाल शव का हमीदिया अस्पताल में पोस्टमार्टम किया जा रहा है।
इलाके में तनाव, आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश और तनाव का माहौल है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की है। वहीं, पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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