मध्य प्रदेश
MP Bus Service: 21 साल बाद लौट रही सरकारी बसें, जानिए किन जिलों में पहले चलेंगी
19 Nov, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | मध्य प्रदेश की सड़कों पर एक बार फिर से सरकारी बसें दौड़ती हुई नजर आने वाली है, क्योंकि मोहन सरकार राज्य में फिर से सरकारी बसें चलाने वाली है, इस सुविधा को सरकार ने 'जनबस' नाम दिया है, राज्य परिवहन निगम की जगह पर अब एमपी सरकार ने यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी बनाई है, यह कंपनी राज्य के 25 जिलों में सरकारी बसों का संचालन करेगी, सालों पहले बंद हो चुकी सरकारी बसों की शुरुआत एमपी के सबसे बड़े शहर इंदौर से होने वाली है, जहां से सबसे पहले बसों का संचालन किया जाएगा |
मध्य प्रदेश में फिर से सरकारी बसों की शुरुआत अप्रैल 2026 से होने जा रही है. जनबस सेवा की शुरुआत राज्य की आर्थिक राजधानी इंदौर से होगी, इसके बाद यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से राज्य के दूसरे संभागों में भी लागू की जाएगी. सरकार का लक्ष्य है कि अप्रैल 2027 तक यह प्रणाली सभी संभागों और जिलों में लागू हो जाए. हालांकि अभी सरकार ने केवल 25 जिलों का चयन किया है, जहां कंपनी के संचालक मंडल ने राज्यभर में 6,000 रूटों को मंजूरी दी है, इन रूटों पर 10,879 बसों का संचालन किया जाएगा, जिसमें शहरी के साथ-साथ ग्रामीण स्तर पर भी बसों का संचालन किया जाएगा.
भोपाल Crime Alert: ‘मैजिक स्पॉट’ कैफे में नकाबपोश हमलावरों ने फर्नीचर तहस‑नहस किया
19 Nov, 2025 01:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मिसरोद इलाके में एक नया खुला कैफे गुंडों के निशाने पर आ गया. यह कैफे ‘मैजिक स्पॉट’ नाम का है, जो मिसरोद थाना क्षेत्र में स्थित है. कुछ दिन पहले ही यह कैफे शुरू हुआ था. अचानक आज 20 से ज्यादा नकाबपोश बदमाश वहां पहुंच गए. इन बदमाशों ने अपने मुंह पर कपड़ा और गमछा बांध रखा था, ताकि कोई उन्हें पहचान न सके|
ये गुंडे हाथों में तलवारें, डंडे और अन्य हथियार लेकर कैफे के अंदर घुस आए. उन्होंने वहां जमकर तोड़फोड़ शुरू कर दी. कैफे का काउंटर तोड़ दिया, कांच के शीशे चकनाचूर कर दिए, फर्नीचर को तहस-नहस कर दिया. डिस्प्ले में रखी चीजें और मशीनें भी नहीं बख्शीं. सब कुछ तोड़ते-फोड़ते हुए ये बदमाश चिल्ला रहे थे और डर का माहौल बना रहे थे. कैफे में मौजूद कर्मचारियों को भी इन गुंडों ने नहीं छोड़ा. उन्होंने स्टाफ के साथ मारपीट की. डंडों और तलवारों से हमला किया, जिससे कई कर्मचारी घायल हो गए. कैफे में उस समय कुछ ग्राहक भी मौजूद थे. जैसे ही तोड़फोड़ शुरू हुई, ग्राहक अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे. कोई बाहर की ओर भागा, तो कोई छिपने की कोशिश करने लगा. पूरा कैफे अफरा-तफरी से भर गया |
यह पूरी घटना कैफे में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई. वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे नकाबपोश बदमाश एक-एक करके चीजें तोड़ रहे हैं. काउंटर पर कूदकर सामान फेंक रहे हैं, ग्लास फोड़ रहे हैं और फर्नीचर पर डंडे बरसा रहे हैं. यह फुटेज सामने आने के बाद इलाके में दहशत फैल गई. लोग सहम गए कि इतनी बड़ी संख्या में गुंडे दिनदहाड़े कैसे हमला कर सकते हैं|
कैफे के मालिक बहुत डर गए. उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत की. मिसरोद थाने में जाकर उन्होंने एफआईआर दर्ज करवाई. मालिक ने बताया कि यह हमला किसी पुरानी रंजिश या फिर जबरन वसूली की वजह से हो सकता है. उन्होंने कुछ नामों का जिक्र किया. एफआईआर में योगी, निखिल, अभिषेक और कई अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए. पुलिस ने इन नामों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है. अब पुलिस जांच कर रही है. सीसीटीवी फुटेज की मदद से बदमाशों की पहचान करने की कोशिश हो रही है. इलाके में लोगों का कहना है कि गुंडागर्दी बढ़ रही है, पुलिस को सख्ती दिखानी चाहिए. नया कैफे खुला था, लोग खुशी-खुशी आते थे, लेकिन इस घटना ने सबको डरा दिया. उम्मीद है कि जल्दी ही सभी आरोपी पकड़े जाएंगे और कैफे मालिक को न्याय मिलेगा.यह घटना बताती है कि शहर में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है. आम लोग सुरक्षित महसूस करें, इसके लिए पुलिस को सक्रिय रहना होगा |
6 आयुर्वेदिक दवाओं को किया प्रतिबंधित, विभाग ने जारी की चेतावनी
19 Nov, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आयुर्वेद विभाग | छह आयुर्वेदिक दवाओं की बिक्री और खरीद पर बैतूल जिले में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। आयुर्वेद विभाग द्वारा की गई गुणवत्ता जांच में ये दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरीं। इसे देखते हुए जिला आयुष अधिकारी डॉ योगेश चौकीकर ने सभी औषधि विक्रेताओं को निर्देश जारी किए हैं।
इन दवाओं को किया बैन
जांच में जिन दवाओं को एनएसक्य (नॉट फॉर स्टैंडर्ड क्वालिटी) पाया गया है, उनमें कफ कुमार रस, लक्ष्मी विलास रस (नारदीय), प्रवाल पिष्टी, मुकता शुक्ति, निलोह सिद्ध तथा कामदुधा रस शामिल हैं। इनमें से कुछ दवाएं उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद स्थित दवा निर्माण इकाई से निर्मित हैं, जबकि अन्य मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के विभिन्न निजी आयुर्वेदिक औषधि उत्पादकों द्वारा बनाई गई हैं।
विभाग ने दिए सख्त आदेश
जिला आयुष अधिकारी ने आदेश में स्पष्ट किया है कि संबंधित कंपनियों की बैच संख्या वाली इन दवाओं का तुरंत स्टॉक बंद कर लौटाया जाए। किसी भी स्तर पर इन दवाओं की बिकी पाए जाने पर औषधि अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। सभी मेडिकल स्टोर्स, आयुर्वेद औषधालयों और निजी प्रदाताओं को निर्देशित किया गया है कि वे प्रतिबंधित बैच नंबर वाली दवाएं तुरंत हटाकर इसकी सूचना विभाग को दें। विभाग ने विक्रेताओं से कहा कि वे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानक गुणवत्ता वाली दवाएं दें और किसी भी संदिग्ध दवा की सूचना तुरंत विभाग को दें।
आदेश की प्रतियां आयुष महाप्रबंधक, आयुर्वेद परीक्षण प्रयोगशाला, जिला प्रशासन तथा संबंधित अधिकारियों को भेजी गई हैं, ताकि जिले में प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जा सके। यह प्रतिबंध उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है, ताकि कोई भी मरीज निम्नस्तरीय दवाओं के सेवन से स्वास्थ्य जोखिम का शिकार न हो।
ED की बड़ी कार्रवाई: बैंक घोटाले के आरोपी की 51 करोड़ की संपत्ति कुर्क
19 Nov, 2025 01:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bhopal News: भोपाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बैंक धोखाधड़ी से जुड़े एक बड़े मामले में महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए 51 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति कुर्क की है. यह कार्रवाई पीएमएलए के तहत की गई है. मामला एडवांटेज ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड (AOPL) के निदेशक श्रीकांत भासी से जुड़ा है, जिनकी दुबई में स्थित अचल संपत्ति को ED ने अस्थायी रूप से जब्त किया है. बताया गया है कि SBI को इस बैंक घोटाले में 1266 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था, जिसके बाद मामले की जांच तेज की गई और ED ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है.
SBI को हुआ 1266 करोड़ का नुकसान
जानकारी के अनुसार, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को इस घोटाले में करीब 1266 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. सीबीआई दिल्ली द्वारा वर्ष 2019 में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू हुई थी, जिसमें पता चला कि आरोपितों की फर्जीवाड़े वाली गतिविधियों से बैंक को भारी क्षति पहुंची. इसी क्रम में ईडी ने अगस्त 2025 में आरोपितों के ठिकानों पर छापे मारकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए थे.
ईडी की कार्रवाई में हुआ खुलासा
जांच एजेंसी का कहना है कि जिन संपत्तियों पर कार्रवाई की गई है, वे श्रीकांत भासी की ही हैं और बाद में इन्हें 2022-23 के दौरान उनकी बेटी के नाम उपहार के रूप में दर्ज कराया गया था. इनमें अपार्टमेंट और व्यावसायिक उपयोग वाली संपत्तियां शामिल हैं, जिनके बारे में संदेह है कि इन्हें अपराध से अर्जित धन से खरीदा गया था. मामले में ईडी की टीम गहन जांच में लगी हुई है.
PM मोदी के हाथों Bhopal Metro का उद्घाटन, शहरवासियों को जल्द मिलेगी मेट्रो सुविधा
19 Nov, 2025 12:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | एमपी के भोपाल शहर में मेट्रो के कमर्शियल रन के लिए सबसे अहम कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी अपनी रिपोर्ट इसी हफ्ते मेट्रो कॉरपोरेशन को दे सकते हैं। सब कुछ ’ओके’ होने के बाद प्रदेश सरकार को रिपोर्ट दी जाएगी। वहीं, नई दिल्ली से हरी झंडी मिलने के बाद मेट्रो के कमर्शियल रन की शुरुआत हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकार्पण करेंगे। वे भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी बन सकते हैं। इंदौर में 31 मई को उन्होंने वर्चुअली तरीके से लोकार्पण किया था। सीएमआरएस 12 नवंबर को भोपाल पहुंची थी।
अब बस रिपोर्ट का इंतजार
अगले 3 दिन यानी, 13, 14 और 15 नवंबर को टीम ने डिपो से लेकर ट्रैक और ट्रेन तक निरीक्षण किया था। कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता के साथ टीम ने मेट्रो के नट-बोल्ड तक देखे थे। इसके बाद टीम वापस लौट गई।
इसके साथ ही अब रिपोर्ट का इंतजार है। मेट्रो अफसरों का कहना है कि मेट्रो के कमर्शियल रन के लिए वे सभी काम पूरे हो चुके हैं, जो जरूरी है और सीएमआरएस के पैमाने के हैं। स्टेशनों का कुछ काम जरूर बचा है, लेकिन उससे कमर्शियल रन पर असर नहीं पड़ेगा। इसलिए उम्मीद है कि सीएमआरएस की रिपोर्ट ’ओके’ ही रहेगी।
इसके साथ ही अब रिपोर्ट का इंतजार है। मेट्रो अफसरों का कहना है कि मेट्रो के कमर्शियल रन के लिए वे सभी काम पूरे हो चुके हैं, जो जरूरी है और सीएमआरएस के पैमाने के हैं। स्टेशनों का कुछ काम जरूर बचा है, लेकिन उससे कमर्शियल रन पर असर नहीं पड़ेगा। इसलिए उम्मीद है कि सीएमआरएस की रिपोर्ट ’ओके’ ही रहेगी।
इन हिस्सों की जांच हुई
-रख-रखाव मानकों की जांच।
-ट्रेन परीक्षण दस्तावेजों और संचालन नियंत्रण केंद्र की समीक्षा।
-पावर सप्लाई और थर्ड रेल सिस्टम का परीक्षण।
-स्वचालित ट्रेन नियंत्रण, एटीएस/एटीपी सिस्टम।
-आपातकालीन ब्रेकिंग, इंटरलॉकिंग।
-फायर सेफ्टी, यात्री सुविधाएं व स्टेशन मैनेजमेंट की भी जांच।
एमपी में ‘ममलेश्वर लोक’ प्रोजेक्ट निरस्त, भारी विरोध के कारण बदलना पड़ा फैसला
19 Nov, 2025 11:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP News: मध्यप्रदेश की तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में ममलेश्वर लोक बनाए जाने को लेकर पिछले कई दिनों से विरोध किया जा रहा था। प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए ममलेश्वर लोक प्रोजेक्ट को निरस्त कर दिया गया है। बीते दो दिनों से तीर्थनगरी की सभी दुकानों में ताला लगा हुआ था।
ममलेश्वर लोक निर्माण के विरोध में सोमवार से तीन दिवसीय नगर बंद का आह्वान किया गया था। दरअसल ममलेश्वर लोक योजना में ब्रह्मपुरी क्षेत्र से बड़ी संख्या में विस्थापन होना था। वहां के रहवासी अपनी जगह नहीं छोड़कर योजना को अन्य दूसरी जगह बनाने की मांग कर रहे है। स्थानीय निवासियों द्वारा सोमवार से शुरू किए गए ओंकारेश्वर नगर बंद का व्यापक असर देखने को मिला। नगर पूरी तरह बंद रहा। नगर के सभी गेस्ट हाउस, दुकान, नाव, छोटी बड़ी सभी दुकानें यहां तक ऑटो, टेंपो भी बंद रहे। मंगलवार को भी नगर बंद रहेगा।
अपर कलेक्टर के मुताबिक, ओंकारेश्वर में ममलेश्वर क्षेत्र को लेकर ममलेश्वर लोक बनाया जाना प्रस्तावित किया गया है इसी अनुक्रम में सर्वे कार्य विगत दिनों में किया गया था। उक्त सर्वे कार्य के दौरान आम जनों के द्वारा ओंकारेश्वर में विरोध स्वरुप बंद का आव्हान किया गया है।
जनभावनाओं का रखा जाएगा ध्यान
प्रशासन द्वारा लोक भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए निर्णय लिया गया है कि वर्तमान में जिस जगह पर ममलेश्वर लोक का विस्तार किया जाना है उसे तत्काल निरस्त किया जाता है तथा यदि जनभावनाओं के अनुसार अन्यत्र ममलेश्वर लोक का निर्माण किया जाता है तो जनभावनाओं का आदर करते हुए सर्व सहमति से निर्णय लिया जायेगा।
119 करोड़ का प्रोजेक्ट था प्रस्तावित
सिंहस्थ 2028 से पहले ओंकारेश्वर में ममलेश्वर लोक का निर्माण होना था। जिसकी लागत 119 करोड़ रुपए थी। हालांकि, जब इसका सर्व कार्य शुरु हुआ तो इसका विरोध और तेज हो गया।
पांढुर्ना में 31 लोगों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव, एंथ्रेक्स बीमारी की जांच के लिए भेजे थे सैंपल
19 Nov, 2025 11:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पांढुर्ना: हिवरा पृथ्वीराम गांव में पालतू पशु गाय में एंथ्रेक्स बीमारी फैलने के बाद 31 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गये थे. जिसमें सभी लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है. इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली है. यह खतरनाक बीमारी जानवरों से इंसानों में भी फैलने की आशंका रहती है गांव में कुछ लोग बीमार थे इसलिए इनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे.
लैब से आई रिपोर्ट तो लोगों ने ली राहत की सांस
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश गोन्नाड़े ने बताया कि "पांढुर्ना के हिवरा पृथ्वीराम गांव में एंथ्रेक्स बीमारी की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव के संदिग्ध 31 व्यक्तियों के ब्लड सैंपल लिये गये थे. जिन्हें एंथ्रेक्स बीमारी की पुष्टि की जांच के लिये नेशनल सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल (NCDC) लैब नई दिल्ली भेजा गया था. नई दिल्ली से 31 व्यक्तियों के ब्लड सैंपल की जांच रिपोर्ट में सभी निगेटिव पाए गए हैं."
मेडिकल कॉलेज जबलपुर से आई थी 10 डॉक्टरों की टीम
पांढुर्ना के हिवरा पृथ्वीराम गांव में पशुओं में एंथ्रेक्स बीमारी फैल रही थी. जिससे 2 गायों की मौत हो गई थी. बताया गया कि यह बीमारी जानवरों के संपर्क में आने से इंसानों में भी फैल जाती है. इसीलिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर से 10 डॉक्टरों की टीम इस गांव में पहुंची थी और घर-घर जाकर सर्वे किया था. इसी दौरान 31 लोग जिन्हें सर्दी जुकाम और संदिग्ध थे, ऐसे लोगों के सैम्पल जांच के लिए भेजे गये थे. रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने दावा किया है कि अब इन गांव में हालात सामान्य हैं.
आर्थिक जरूरत नहीं होने पर शादीशुदा बेटी अनुकंपा नियुक्ति की हकदार नहीं, हाईकोर्ट का आदेश
19 Nov, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जबलपुर: मध्य हाईकोर्ट ने अपने अहम आदेश में कहा है कि आर्थिक मदद की जरूरत नहीं होने के कारण शादीशुदा बेटी को अनुकंपा नियुक्ति देने पर दयापूर्वक विचार नहीं किया जा सकता है. मृतक कर्मचारी के परिवार के अन्य सदस्य भी किसी भी प्रकार शादीशुदा बेटी पर निर्भर नहीं हैं. हाईकोर्ट जस्टिस दीपक खोत की एकलपीठ ने ये आदेश सुनाते हुए शादीशुदा बेटी की तरफ से दायर की गयी याचिका को खारिज कर दिया.
छिंदवाड़ा निवासी अनु पाल की तरफ से दायर की गई थी याचिका
छिंदवाड़ा निवासी अनु पाल की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि उनकी मां मूला देवी वेस्टन कोल लिमिटेड में कार्यरत थीं. जिनकी 7 नवंबर 2017 को मृत्यु हो गई. जिसके बाद उसने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दायर किया था, जिसे उसके शादीशुदा होने के कारण अस्वीकार कर दिया गया.
वेस्टन कोल लिमिटेड की तरफ से बताया गया कि शादीशुदा होने के कारण याचिकाकर्ता का आवेदन निरस्त नहीं किया गया है. बल्कि याचिकाकर्ता शादीशुदा है और उनका पति डब्ल्यूसीएल में कार्यरत है. इसके अलावा उनकी दोनों बहनों ने भी याचिकाकर्ता को अनुकंपा नियुक्ति नहीं प्रदान करने के संबंध में प्राधिकरण के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए हैं.
कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता को आर्थिक मदद के लिए उसे नौकरी की ज़रूरत नहीं है
एकलपीठ ने याचिका की सुनवाई के बाद अपने आदेश में कहा कि मामले के तथ्यों के अनुसार महिला कर्मचारी की मृत्यु लगभग आठ साल पूर्व हुई थी. दया के आधार पर याचिकाकर्ता के पक्ष में विचार करने का कोई आर्थिक कारण नहीं है. याचिकाकर्ता एक शादीशुदा महिला है और उसका अपना परिवार है. साथ ही उनके पति अनावेदक कंपनी में नौकरी करते हैं. इसलिए आर्थिक मदद के लिए उसे नौकरी की ज़रूरत नहीं है. इसके अलावा ऐसा एक भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे साबित हो सके कि मृतक के परिवार का सदस्य याचिकाकर्ता पर निर्भर है.
चेन्नई से दिल्ली जा रहे किसानों को मध्य प्रदेश में ट्रेन से उतारा, अन्नदाता का अर्धनग्न प्रदर्शन
19 Nov, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नर्मदापुरम: विरोध प्रदर्शन करने के लिए तमिलनाडु के चेन्नई से नई दिल्ली जा रहे किसान संगठन के 200 से अधिक कार्यकर्ताओं को मंगलवार शाम को पुलिस ने नर्मदापुरम में जीटी एक्सप्रेस से उतार लिया. इसके बाद गुस्साए किसानों ने स्टेशन पर ही अर्धनग्न होकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस हंगामे के बीच करीब 3 घंटे तक जीटी एक्सप्रेस स्टेशन पर ही खड़ी रही. इस कारण ट्रेन में सवार यात्रियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा. ट्रेन से उतारे गए कार्यकर्ता दिल्ली जाने के लिए पुलिस से वाद विवाद करते रहे, लेकिन पुलिस ने भी सभी कार्यकर्ताओं को वापस ट्रेन में चढ़ने नहीं दिया.
पुलिस अधिकारियों का कहना था कि ऊपर से मिले निर्देश के अनुसार, किसान संगठन के कार्यकर्ताओं को नर्मदापुरम में रोककर यहां अस्थाई हाल्ट देना था. इसके बाद उन्हें वापस चेन्नई भेजना था. इधर करीब रात 8 बजे सभी किसानों को पुलिस वाहनों में बैठाकर स्वयंवरम गार्डन ले गई. पुलिस के अनुसार सभी किसानों के रहने और खाने का उचित प्रबंध किया गया है.
छावनी में तब्दील हुआ स्टेशन
तमिलनाडु के 'राष्ट्रीय दक्षिण भारतीय नदी संपर्क किसान संगठन' के 200 से अधिक कार्यकर्ता सोमवार को जीटी एक्सप्रेस में विभिन्न स्टेशनों से सवार हुए थे. जो दिल्ली पहुंचकर अपनी विभिन्न मांगों के लिए आंदोलन करने वाले थे. पुलिस ने विभिन्न इनपुट और ऊपर से मिले निर्देश के अनुसार किसान संगठन को मंगलवार शाम काे स्टेशन पर रोक लिया. जिसके लिए नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन को छावनी में तब्दील किया गया है.
नर्मदापुरम, हरदा, रायसेन, सीहोर, भोपाल, छिंदवाड़ा समेत अन्य जिलों से पुलिस, आरपीएफ, जीआरपी का फोर्स बुलाया गया है. शाम 4 बजे से नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर यह फोर्स तैनात हो गया. स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही किसान संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को ट्रेन की विभिन्न बोगियों में से उतार लिया गया.
दक्षिण भारत का बड़ा संगठन
'राष्ट्रीय दक्षिण भारतीय नदी संपर्क किसान संगठन' राष्ट्रीय दक्षिण भारतीय नदी इंटरलिंकिंग किसान संघ है. जिसने तमिलनाडु में कावेरी जल मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया था. यह संगठन नदियों को आपस में जोड़ने की राष्ट्रीय परियोजना के विरोध में या उसमें भाग लेने वाले दक्षिण भारत के किसानों का प्रतिनिधित्व करता है.
प्रधानमंत्री को वादा याद दिलाने जा रहे
किसान संगठन के अध्यक्ष अय्या कन्नू ने बताया कि, ''हम तमिलनाडु से हैं, अपनी मांगों के लिए नई दिल्ली जा रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कृषि उत्पादों के लिए दो गुना लाभकारी मूल्य देने का वादा किया था. धान का मूल्य अगर ₹18 प्रति किलो है, तो गेहूं का भी ₹18 होना चाहिए.' उन्होंने ₹54 देने का वादा किया था, लेकिन अब तक उन्होंने केवल ₹24 दिए हैं. उसी तरह, गन्ने का मूल्य ₹2,700 प्रति टन है. अब उन्होंने ₹8,100 देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक केवल ₹3,160 ही दिए हैं, इसलिए, हम चाहते हैं प्रधानमंत्री अपना वादा पूरा करें.
प्रधानमंत्री ने यह भी वादा किया था कि वे विदेशी देशों से आनुवंशिक रूप से संशोधित बीज आयात नहीं करेंगे. अब उन्होंने आनुवंशिक रूप से संशोधित बीज वितरित करने के लिए ₹500 करोड़ आवंटित किए हैं. परसों वह कोयंबटूर, तमिलनाडु आ रहे हैं, प्राकृतिक खाद्य उत्पादन का आयोजन करने के लिए. यह कैसे संभव है, जबकि आपने आनुवंशिक रूप से संशोधित बीज दिए हैं.''
प्रदर्शन के लिए 600 किसान निकले थे
अय्या कन्नू ने बताया कि, ''600 से अधिक किसान आए थे. कुछ किसान तमिलनाडु एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे थे. अभी कुछ किसानों को हिरासत में लिया गया है, यह बहुत बुरा है. लोकतंत्र में हमें कहीं भी जाने की स्वतंत्रता है. हमने रेलवे का पक्का टिकट लिया था, उसके बाद पुलिस आई और ट्रेन को रोककर हमें ट्रेन से उतार दिया, यह संविधान के खिलाफ है.'' SDM देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया, हमें किसानों को रोकना का आदेश मिला था, इसलिए उन्हें ट्रेन से उतारा गया. सभी किसानों को सुरक्षित जगह पहुंचाया है, उनके खाने पीने की व्यवस्था की गई है.''
6 सूत्रीय मांग लेकर जा रहे दिल्ली
-कृषि उत्पादों के लिए 2 गुना लाभदायक मूल्य निर्धारित करने
-व्यक्तिगत किसानों के लिए फसल बीमा योजना लागू करने
-सभी किसानों के राष्ट्रीयकृत बैंक ऋण माफ करने
-तमिलनाडु को रेगिस्तान में बदलने से बचाने के लिए कर्नाटक में मेगदादु बांध परियोजना को रोकने
-60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों के लिए मासिक पेंशन 5000 रुपए करने
-छात्र द्वारा लिए गए सभी शैक्षिक ऋणों को माफ करने.
CM आज छतरपुर, सतना और पन्ना जिले में, जानिए क्या है पूरा कार्यक्रम और कैसे होगा दौरा?
19 Nov, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 नवंबर यानी आज सागर संभाग के छतरपुर, सतना और पन्ना जिलों के प्रवास पर रहेंगे. इस दौरान वे सभी जिलों में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 10.35 बजे भोपाल से वायुयान द्वारा प्रस्थान कर 11.25 बजे छतरपुर जिले के खजुराहो एयरपोर्ट पहुंचेंगे. यहां से वे 11.30 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 11.45 बजे छतरपुर जिले के ग्राम नादिया बैहर पहुंचेंगे. इसके बाद सीएम कार से 11.55 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचकर होटल राजगढ़ पैलेस के शुभारंभ समारोह और अन्य स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे.
नागौद के स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर 12.50 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा ग्राम नादिया बैहर, जिला छतरपुर से प्रस्थान कर 1.15 बजे सतना जिले के नागौद पहुंचेंगे. नागौद में आयोजित स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद वे 2.50 बजे हेलीकॉप्टर से नागौद से प्रस्थान कर 3.10 बजे पन्ना जिले के शाहनगर हेलिपैड पहुंचेंगे. इसके बाद सीएम शाहनगर में विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे. कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री शाम 5.00 बजे शाहनगर, जिला पन्ना से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान कर 5.30 बजे छतरपुर जिले के खजुराहो एयरपोर्ट पहुंचेंगे.
इस प्रकार होगा सीएम का प्रवास
दिनभर के कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सुबह 10.35 बजे भोपाल से नादिया बैहर (विधानसभा राजनगर) जिला छतरपुर के लिए रवाना होंगे. दोपहर 12.00 बजे वे होटल राजगढ़ पैलेस, जिला छतरपुर पहुंचकर इसका लोकार्पण करेंगे. इसके बाद दोपहर 12.50 बजे नादिया बैहर से नागौद (सतना) के लिए प्रस्थान करेंगे और 1.15 बजे नागौद (विधानसभा नागौद) जिला सतना पहुंचकर स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे.
दोपहर 2.50 बजे नागौद से शाहनगर (विधानसभा पवई) जिला पन्ना के लिए प्रस्थान होगा और 3.15 बजे पवई विधानसभा के शाहनगर में वे विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रमों में शामिल होंगे.
ऑरेंज ऑकलीफ बनेगी मध्य प्रदेश की राजकीय तितली, सूखा पत्ता समझ खा जाएंगे धोखा
19 Nov, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश को राजकीय पशु और राजकीय पक्षी के बाद अब राजकीय तितली भी जल्द ही मिलने जा रही है. प्रदेश सरकार बेहद खूबसूरत ऑरेंज ऑकलीफ को जल्द ही मध्य प्रदेश की राज्य तितली घोषित करने जा रही है. इसके लिए वन मुख्यालय ने राज्य शासन को प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया है. प्रस्ताव के साथ इस तितली की खासियतों को भी भेज दिया गया है. उम्मीद है कि दूसरे राज्यों की तरह मध्य प्रदेश की भी अपनी राज्य तितली होगी.
क्या है इस तितली की खासियत
इस तितली की खासियत यह है कि जब यह अपने पंख बंद करती है तो हूबहू सूखे पत्ते की तरह दिखाई देती है. इसे दूर से पहचानना भी मुश्किल होता है कि यह तितली है या सूखा पत्ता. इस वजह से इसे डेड लीफ बटरफ्लाई भी कहा जाता है. मध्य प्रदेश में करीबन 175 प्रजातियों की तितली पाई जाती हैं, लेकिन इनमें ऑरेंज ऑकलीफ सबसे अद्भुत है. यह तितली प्रदेश के अमरकंटक के जंगलों और सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला पचमढ़ी में दिखाई देती हैं.
मध्य प्रदेश के अलावा देश के उत्तर पूर्व राज्यों में भी इसे पाया जाता है. मुख्य वन प्राणी संरक्षक सुभ्रंजन सेन के मुताबिक, ''इस तितली को राज्य तितली बनाए जाने के लिए वन मुख्यालय ने राज्य शासन को प्रस्ताव सौंपा जा चुका है. प्रदेश की राज्य तितली घोषित होने के बाद लोगों में तितली को लेकर जागरूकता में मदद मिलेगी.''
यह राज्य कर चुके राज्य तितली घोषित
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राज्य तितली घोषित किए जाने के बाद मध्य प्रदेश देश के दस राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा. देश के दस राज्य अभी तक अपनी राज्य तितली घोषित कर चुके हैं. इनमें उत्तरांचल, त्रिपुरा, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक, अरूणाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और सिक्किम शामिल हैं. महाराष्ट्र की राज्य तितली ब्लू मॉर्मन है. उत्तरांचल ने कॉमन पीकॉक को राज्य तितली बनाया है. अरूणाचल प्रदेश ने केसर ए हिंद, गोवा की राज्य तितली मालाबार ट्री-निम्फ, जम्मू कश्मीर की ब्लू पैंसी, कर्नाटक की सहयाद्रि बर्डविंग, केरल की मालाबार बैंडेड पीकॉम, सिक्किम की ब्लू ड्यूक, तमिलनाडु की तमिल येओमन, त्रिपुरा की कॉमन बर्डविंग राज्य तितली है.
मध्य प्रदेश की बनेगी नई पहचान
राज्य तितली घोषित होने के बाद मध्य प्रदेश की एक और नई पहचान बनेगी. मध्य प्रदेश अभी चीता स्टेट, टाइगर स्टेट, लैपर्ड स्टेट, घडियाल स्टेट के रूप में पहचाना जाता है. जल्द ही मध्य प्रदेश की अपनी राज्य तितली भी होगी. प्रदेश का राजकीय पशु बारहसिंघा और राजकीय वृक्ष बरगद हैं. इसी तरह राजकीय पक्षी दूधराज और राजकीय फूल लिलि है.
विद्यार्थियों में वैज्ञानिक और नवाचारी सोच को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
18 Nov, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व में अपनी अलग पहचान बनाई है। देश आधुनिक विज्ञान सहित सभी क्षेत्रों में तेज गति से विकास कर रहा है। इसी वैज्ञानिक शक्ति के बलबूते ही भारत ने पड़ोसी देश को सबक सिखाया। कोविड महामारी के दौर में पूरी दुनिया ने हमारे पतंजलि योग शास्त्र का अनुसरण किया और अभिनंदन के लिए हाथ जोड़कर नमस्कार करने की पद्धति के महत्व को स्वीकारा। सम्राट विक्रमादित्य काल में नवरत्नों के समान आज देश में प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में सभी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। चाहे मून मिशन हो या गगनयान प्रोजेक्ट, प्रधानमंत्री मोदी सफलता हो या असफलता, हर पायदान पर वैज्ञानिकों के साथ खड़े हैं। इसी प्रकार विद्यार्थियों के बीच वैज्ञानिक और नवाचारी सोच विकसित करने के प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों में राज्य सरकार भी हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है। भारतीय प्राचीन ग्रंथो में विद्यार्थियों के 6 गुणों क्रमशः विद्या, तर्क, विज्ञान, स्मृति, तत्परता और क्रियाशीलता का उल्लेख है। यह माना जाता है कि जिसके पास यह छह गुण हैं, उसके लिए कुछ भी असाध्याय नहीं है। उन्होंने कहा कि इन्हीं गुणों के आधार पर विज्ञान की गति को बढ़ाया जा सकता है। बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में आए विद्यार्थियों में भावी भारत के विक्रम साराभाई, भाभा साहब, कलाम साहब जैसी प्रतिभाओं की झलक मिल रही है। यह बाल वैज्ञानिक भारत की विज्ञान यात्रा का नया अध्याय लिखने वाले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को 52वीं बाल वैज्ञानिक प्रदशर्नी-2025 के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का श्यामला हिल्स स्थित क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (आर.आई.ई.) में दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रदर्शनी के द्वार पर पहुंचने पर बाल वैज्ञानिकों द्वारा विकसित रोबोट ने उनका स्वागत किया। उन्होंने बाल प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन कर बाल वैज्ञानिकों से संवाद किया और बाल वैज्ञानिकों द्वारा विकसित रोबोट और तारामंडल के मॉडल के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद तथा स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 6 दिवसीय प्रदर्शनी आगामी 23 नवंबर तक चलेगी।
ऋषि-मुनियों के ज्ञान और नवाचारों से समृद्ध है हमारी ज्ञान परंपरा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के विश्व गुरू बनने में प्राचीन भारतीय वैज्ञानिक परंपरा के भाग रहे ऋषि-मुनियों के योगदान को समझने की आवश्यकता है। हमारे ऋषि-मुनि न्यूनतम आवश्यकताओं के साथ जीवन यापन करते हुए समाज के कल्याण के लिए नवाचारों को जन्म देते थे। प्रत्येक भारतीय को ऋषि-मुनियों और विद्वान से मिली परंपरा पर गर्व है। अगर हम विमान शास्त्र की बात करें तो ऋषि भारद्वाज याद आते हैं। भगवान श्रीराम के काल में पुष्पक विमान दिखाई देता है। जब शून्य के अस्तित्व को देखें तो आर्यभट्ट की ओर ध्यान जाता है और जब ग्रहों की गति देखते हैं तो भास्कराचार्य नजर आते हैं। योगशास्त्र के लिए महर्षि पतंजलि याद आते हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा हर क्षेत्र में ऋषि-मुनियों के ज्ञान से समृद्ध हुई है।
योग की महिमा को विश्व के सभी देशों ने स्वीकारा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने योग को संयुक्त राष्ट्र संघ के माध्यम से विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित किया है। आज यूरोप से लेकर साइबेरिया और चीन से पाकिस्तान और ईरान-इराक तक लोग योगासन करते नजर आते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राचीन सनातन संस्कृति के माध्यम से हमने दुनिया को यह बताया कि ब्रह्मांड में कोटि-कोटि सूर्य विद्यमान है। हजारों साल पहले महर्षि पतंजलि ने दुनिया को बता दिया था कि शरीर में पांच प्राण होते हैं। राज्य सरकार अंगदान को प्रोत्साहित कर रही है और देहदानियों को गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया जा रहा है।
प्रदेश के स्कूलों में बढ़ाई जा रही है आईसीटी लैब की संख्या
स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि देशभर से भोपाल पधारे बाल वैज्ञानिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल हैं। राज्य सरकार विद्यार्थियों के बीच वैज्ञानिक और नवाचारी दृष्टिकोण विकसित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश के स्कूलों में आईसीटी लैब की संख्या बढ़ाई जा रही है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कार्यक्रम में सहभागी बाल वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं दीं।
निदेशक एनसीईआरटी प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव सदैव एनसीईआरटी को प्रोत्साहन प्रदान करते हैं। वे कला एवं विज्ञान के प्रति पारखी दृष्टिकोण रखते हैं। बाल वैज्ञानिक प्रदशर्नी एक अनूठी प्रदर्शनी है, जिसमें देशभर के जिलों से बाल वैज्ञानिकों के प्रोजेक्ट और मॉडल चुनकर लाए गए हैं। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक भगवानदास सबनानी, जिलाध्यक्ष रवींद्र यति, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल सहित बड़ी संख्या में विज्ञान प्रसारक, विषय-विशेषज्ञ, शिक्षक, बाल वैज्ञानिक एवं जिज्ञासु विद्यार्थी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि बाल प्रदर्शनी 31 राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग 900 विद्यार्थी और शिक्षकों द्वारा समाजिक समस्याओं का सामाधान बताते 240 साइंस मॉडल एवं इनोवेटिव प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए गए हैं। साथ ही बाल वैज्ञानिकों के इस महाकुंभ में मैनिट, आईसेक्ट और आईआईएसईआर के वैज्ञानिकों से संवाद सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। बच्चों को अपनी स्वाभाविक जिज्ञासा और रचनात्मकता के लिए मंच उपलब्ध कराने तथा बच्चों को अपने आसपास हो रहे क्रियाकलापों में विज्ञान और गणित की उपस्थिति का अनुभव कराने के उद्देश्य से यह प्रदर्शनी आयोजित की गई है। राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 2025 का मुख्य विषय "सतत भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी" है। देश के विभिन्न राज्यों के 230 विद्यालयों के बाल वैज्ञानिकों ने प्रदर्शनी में खाद्य-स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, परिवहन एवं संचार, प्राकृतिक खेती, आपदा प्रबंधन, गणितीय मॉडलिंग और कंप्यूटेशनल थिंकिंग,अपशिष्ट प्रबंधन और संसाधन प्रबंधन पर स्टाल लगाए हैं।
भोपाल एक जीवित विरासत वाला नगर, यहां अतीत और वर्तमान संवाद के साथी : पर्यटन मंत्री लोधी
18 Nov, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : भोपाल की ऐतिहासिक विरासत, स्थापत्य, साहित्यिक धरोहर, सांस्कृतिक बहुलता तथा यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज़ नेटवर्क में “सिटी ऑफ लिट्रेचर” के रूप में अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग द्वारा स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्ट सहयोग से कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में मंगलवार को कार्यशाला-सह-संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। राज्य मंत्री लोधी ने कहा कि भारत के चयनित ऐतिहासिक नगरों की परंपरा, सांस्कृतिक विरासत, स्थापत्य और वैचारिक दर्शन से देश की युवा पीढ़ी को परिचित कराने के उद्देश्य से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स द्वारा यह श्रृंखला आयोजित की जा रही है। यह गर्व का विषय है कि इस प्रतिष्ठित आयोजन में मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक नगरों ग्वालियर, ओरछा एवं भोपाल तीनों को शामिल किया गया है।
राज्य मंत्री लोधी ने कहा कि भोपाल केवल एक शहर नहीं, बल्कि समय, स्मृति, साहित्य, कला और मानव अन्वेषण की अनेक परतों से निर्मित एक जीवंत विरासत है। उन्होंने कहा कि भोपाल की झीलों, पहाड़ियों, बस्तियों और सांस्कृतिक धरोहरों में वह गहराई और दर्शन छिपा है, जो किसी नगर को सिर्फ भौतिक संरचना नहीं, बल्कि एक सामूहिक चेतना बनाता है। भोपाल यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज़ नेटवर्क में “सिटी ऑफ लिट्रेचर” के रूप में अपनी पहचान बनाने का प्रयास कर रहा है, जो शहर की साहित्यिक परंपरा और सांस्कृतिक समृद्धि का वैश्विक सम्मान है।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी अद्वितीय सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों के कारण देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक है। ओरछा, ग्वालियर और भोपाल के साथ–साथ प्रदेश के अन्य ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक नगरों को भी संस्थाओं और जनभागीदारी के माध्यम से पर्यटकों के अनुकूल विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। व्यापक सहयोग और योजनाबद्ध पहल से प्रदेश के पर्यटन परिदृश्य को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई जा सकती है।
पैलन डिस्कशन में डॉ. अभय अरविंद बेड़ेकर, अपर प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने कहा कि सिटी ऑफ लिटरेचर के रूप में भोपाल का नामांकन उसकी अद्वितीय विरासत को सम्मानित करता है। यहां हिंदी और उर्दू समान रूप से पल्लवित होती हैं, जहां अकादमियां और विश्वविद्यालय समृद्ध सांस्कृतिक संवाद के वाहक हैं और जहां विरासत की पहचान केवल स्मारकों से नहीं, बल्कि यहां के लोगों से भी तय होती है। यहां साहित्य केवल संरक्षित नहीं किया जाता, बल्कि उसे जिया जाता है और समुदाय द्वारा निरंतर आकार दिया जाता है।
प्रशांत बघेल, संयुक्त संचालक (प्लानिंग), मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने कहा कि भोपाल में सिटी ऑफ लिटरेचर के रूप में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की अत्यंत मजबूत संभावनाएं हैं। शहर की सांस्कृतिक बनावट, उसकी समृद्ध भाषाई विरासत और सक्रिय साहित्यिक समुदाय इसे इस श्रेणी के लिए विशिष्ट बनाते हैं। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2026 तक हम यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज़ नेटवर्क के लिए एक और अधिक सशक्त, सुविचारित और प्रमाणित नामांकन प्रस्तुत करने के लिए पूर्णतः तैयार होंगे।
इस अवसर पर डॉ. अभय अरविंद बेड़ेकर, अपर प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, भोपाल के डायरेक्टर प्रोफेसर कैलासा राव, मैनिट की एसोसिएट प्रोफेसर श्रीमती सविता राजे, एनएमए के रीजनल डायरेक्टर डॉ. टी. अरुण राज, द्रोणा फाउंडेशन से सुतपस्या एवं सुमल्लिका, प्रोफेसर रचना खरे उपस्थित थे।
हेरिटेज वॉक में जाना भोपाल का सांस्कृतिक महत्व
भोपाल में एक विशेष हेरिटेज वॉक का आयोजन किया गया, जिसने शहर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव कराने का अवसर प्रदान किया। यह वॉक गौहर महल से प्रारंभ होकर इक़बाल मैदान होते हुए भव्य मोती महल तक आयोजित की गई। प्रतिभागियों ने इन स्थलों की वास्तुकला, इतिहास और सांस्कृतिक महत्व के बारे में विस्तार से जाना। इसमें प्रतिभागियों को भोपाल के ऐतिहासिक विकास, सामाजिक विरासत और स्थापत्य विशेषताओं से अवगत कराया गया।
हिस्टोरिक सिटी सीरीज
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) द्वारा देश के चयनित ऐतिहासिक एवं जीवित नगरों की विरासत, पारम्परिक शहरी योजना और सांस्कृतिक विशेषताओं से आमजन को परिचित कराने के लिये हिस्टोरिक सिटी सीरीज (Historic City Series–2025) का आयोजन किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय पहल में मध्यप्रदेश के तीन ऐतिहासिक नगरों ग्वालियर, ओरछा और भोपाल को चुना गया है। श्रृंखला के अंतर्गत 11 नवंबर को ग्वालियर और 13 नवंबर को ओरछा में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
भारत और आसियान देशों का साझेदारी संबंध आपसी विश्वास और साझा प्रगति का प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
18 Nov, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आसियान भारत का अत्यंत ही महत्वपूर्ण रणनीतिक और सांस्कृतिक साझेदार रहा है। सदियों से व्यापार, समुद्री संपर्क, आध्यात्मिक आदान-प्रदान और सांस्कृतिक समानताएं इस प्रगाढ़ संबंध को और भी समृद्ध बनाती रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' को एक नई गति मिली है, जिससे भारत-आसियान सहयोग व्यापार, कनेक्टिविटी, डिजिटल साझेदारी, क्षमता-निर्माण और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में और भी मजबूत हुआ है। भारत ने इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इंडिया, हरित ऊर्जा और जलवायु पहल की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे आसियान देशों के साथ साझेदारी के नए-नए अवसर सामने आए हैं। भारत और आसियान देशों का यह संबंध आज पारस्परिक विश्वास और साझा प्रगति का प्रतीक बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के संगठन (आसियान) के राजदूतों के दल को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से आसियान देशों के मिशन प्रमुखों के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सौजन्य भेंट की। यह दल तीन दिवसीय प्रवास पर मध्यप्रदेश आया हुआ है।
इस उच्चस्तरीय दल में भारत में मलेशिया के उच्चायुक्त मलेशिया (आसियान चेयर) महामहिम दातो मुजफ्फर शाह मुस्तफा, वियतनाम के राजदूत महामहिम गुयेन थान्ह हाई, फिलीपींस के राजदूत महामहिम जोसेल एफ. इग्नासियो, भारत और श्रीलंका में कंबोडिया की राजदूत महामहिम रथ मनी, तिमोर-लेस्ते के राजदूत महामहिम कार्लितो नुनेस, थाईलैंड की राजदूत महामहिम सुछवनार्ट थांगसुमफंट, भारत और भूटान में इंडोनेशिया की राजदूत महामहिम इना एच. कृष्णमूर्ति, ब्रुनेई के द्वितीय सचिव महामहिम पेंगिरन मोहम्मद शफी अलवाली बिन पेंगिरन अबू बकर, भारतीय विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (दक्षिण) प्रशांत अग्रवाल एवं अवर सचिव सुजुही जलोटा सहित मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह, आयुक्त जनसम्पर्क दीपक कुमार सक्सेना, मुख्यमंत्री के अपर सचिव चंद्रमौली शुक्ला तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आसियान देशों के राजदूतों (मिशन प्रमुखों) को संबोधित करते हुए कहा कि आप सबका आगमन भारत और आसियान क्षेत्र के बीच गहरे सांस्कृतिक, आर्थिक और लोक-से-लोक संबंधों का जीवंत प्रतीक है। हमारा सौभाग्य है कि आप सब तीन दिवसीय यात्रा पर मध्यप्रदेश में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व धरोहर सांची की यात्रा आपको हमारी बौद्ध विरासत की गहराई से जोड़ेगी, वहीं हमारा जनजातीय संग्रहालय आपको भारत की सबसे बड़ी जनजातीय आबादी की समृद्ध संस्कृति से परिचित कराएगा। आपकी यात्रा हमारे बीच सहयोग, विश्वास और एक मजबूत साझेदारी को आगे बढ़ाने का माध्यम है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और आसियान संबंधों के सुदृढ़ीकरण और प्रदेश के वैश्विक संवाद विस्तार की दृष्टि से यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत तथा मध्यप्रदेश और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक, औद्योगिक निवेश तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहित नवाचारों के क्षेत्र में व्यापक सहयोग एवं साझेदारी की मंशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आसियान देशों के साथ साझेदारी से मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को एक नई गति मिलेगी और ज्ञान–विज्ञान के आदान-प्रदान से नई तकनीकों एवं नवाचारों को भी बढ़ावा मिलेगा। सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी इस संबंध का महत्वपूर्ण आयाम बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यटन विकास, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के विस्तार पर विशेष बल दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आसियान देशों के साथ हमारी साझेदारी अत्यंत मूल्यवान हैं। आपके साथ हम व्यापार, प्रौद्योगिकी, सतत् विकास तथा पर्यटन जैसे क्षेत्रों में व्यापक सहयोग की अपार संभावनाएं देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा राज्य समृद्ध संस्कृति, असाधारण प्राकृतिक सौंदर्य, कृषि आधारित शक्ति और तीव्र औद्योगिक विकास का संगम है। आसियान देशों के साथ भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को मध्यप्रदेश नई ऊर्जा और सहयोग के साथ आगे बढ़ाना चाहता है। निवेश, पर्यटन, ग्रीन ऊर्जा, आईटी व कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में हमारे बीच अपार संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश के साथ आपका सहयोग और साझेदारी इस पूरे अंचल को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और परस्पर प्रगति के नए मार्ग खोलेगा।
आसियान देशों के चेयर महामहिम मुस्तफा ने इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल का परिचय और प्रत्येक मिशन प्रमुख के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम सब विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हमारा विकास का साझा रोडमैप एशिया को विश्व में अग्रणी बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। उन्होंने मध्यप्रदेश के लोगों की सहजता, आत्मीयता और अतिथि सत्कार के लिए आभार भी जताया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आसियान देशों के मिशन प्रमुखों का मध्यप्रदेश की धरती पर पारम्परिक तरीके से स्वागत और सम्मान किया और सभी को स्मृति चिन्ह भी भेंट किए। उल्लेखनीय है कि आसियान देशों में भारत के अलावा मलेशिया, म्यांमार, ब्रूनेई दारुस्सलाम, फिलीपींस, इंडोनेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम, कंबोडिया, लाओस और तिमोर लेस्ते शामिल हैं।
सिंहस्थ के विश्वस्तरीय आयोजन के लिए तैयारियां जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
18 Nov, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सौभाग्य का विषय है कि इस बार उज्जैन में भव्य, दिव्य और विश्व स्तरीय सिंहस्थ: 2028 मेले का आयोजन किया जाएगा। राज्य सरकार इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पर गंभीरता के साथ कार्य कर रही है। अब उज्जैन सिर्फ हमारा धार्मिक शहर ही नहीं, बल्कि यह धार्मिक पर्यटन और ज्ञान-विज्ञान के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उज्जैन में इस बार अद्भुत सिंहस्थ का आयोजन होने वाला है। इसके लिए राज्य सरकार जिला प्रशासन, साधु-संतों के साथ-साथ किसानों से भी सुझाव ले रही है। हर वर्ग की परेशानियों को दूर करते हुए सबको साथ लेकर बेहतर इंतजाम किए जा रहे हैं। सिंहस्थ मेला क्षेत्र के विकास के संबंध में किसानों की भावना और उनकी सहमति के अनुसार गतिविधियां संचालित की जाएंगी। केन्द्र सरकार के सहयोग और राज्य सरकार के उचित नियोजन के परिणामस्वरूप सिंहस्थ के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। सिंहस्थ का आयोजन विश्वस्तरीय है और इसके लिए विश्वस्तरीय प्रबंधन किए जा रहे हैं। भविष्य में किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की विषम परिस्थिति निर्मित न हो, इसके लिए सभी तरह के प्रबंध राज्य सरकार कर रही है। सिंहस्थ : 2028 की व्यवस्थाएं अब तक के सभी मेलों से बेहतर होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान में मंगलवार को मीडिया से चर्चा करते हुए यह विचार व्यक्त किए।
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