मध्य प्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. नरेशचंद्र सिंह की जयंती पर दी श्रद्धांजलि
21 Nov, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को म.प्र. विधानसभा भवन पहुंचकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. नरेशचंद्र सिंह की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नरेशचंद्र सिंह राज गोंड प्रदेश के इतिहास में एकमात्र जनजातीय और मध्यप्रदेश के 6वें मुख्यमंत्री रहे। उनकी कार्य अवधि 13 मार्च 1969 से 25 मार्च 1969 तक कुल 13 दिन रही। उनके मुख्यमंत्री बनने का समय संविद सरकार थी। राजनीतिक अस्थिरता की वजह से उनका कार्यकाल बहुत छोटा रहा। इस अवसर पर विधायक भगवान दास सबनानी, विधानसभा के प्रमुख सचिव सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
पूर्व मुख्यमंत्री नरेशचंद्र सिंह का जन्म 21 नवम्बर 1908 को हुआ था। वे जनजातीय राजवंश के राजा थे। जनवरी 1948 को अपने राज्य के भारत संघ में विलय होने तक वे सारंगढ़ रियासत के शासक थे। आजादी के बाद उन्होंने 1951 में मध्यप्रदेश राज्य विधानसभा के लिए हुए पहले आम चुनाव में जीत हासिल की। वे 1952 से 1969 तक मध्यप्रदेश की विधानसभा (विधायक) के सदस्य और पहले जनजाति कल्याण मंत्री रहे। उन्होंने बिजली और लोक निर्माण विभाग मंत्री का दायित्व भी संभाला था।
म.प्र. उद्योगों के लिए पसंदीदा राज्य, एक्सपो उद्योगों को दुनिया से जोड़ने में सहायक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
21 Nov, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश उद्योगों के लिए तेजी से उभरता हुआ पसंदीदा राज्य बन रहा है। फेड एक्सपो जैसे आयोजन स्थानीय उद्योगों और स्टार्ट-अप्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच से जोड़ने में बड़ी अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे एक्स्पो उद्योग-धंधों, नवाचार और एमएसएमई सेक्टर के विकास के लिए एक बड़ा मंच साबित होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को गोविन्दपुरा में आयोजित फेड एक्सपो-2025 समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने, एमएसएमई सेक्टर को अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध कराने और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार के नए अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोविन्दपुरा इंडस्ट्रियल एरिया के एग्जिबिशन हॉल में फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित तीन दिवसीय फेड एक्सपो-2025 का दीप प्रज्ज्वलन कर विधिवत् शुभारंभ किया। यह एक्सपो 23 नवम्बर तक चलेगा। एक्सपो में मध्यप्रदेश सहित देश-विदेश से आए उद्योग एवं एक्सपोर्ट सेक्टर से जुड़े उद्यमियों, निवेशकों और संस्थानों ने व्यापक रूप से भागीदारी की। एक्सपो में रूस, ओमान और ताईवान देशों से भी उद्यमी आए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इपिक प्रोजेक्ट का विमोचन किया। इससे स्व-सहायता समूह, स्कूल, कॉलेज, ग्राम पंचायतें, शासकीय कार्यालय सभी एक प्लेटफार्म से जुड़ेंगे। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रदेश में 1000 इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। जहां हर क्षेत्र के स्टार्टअप्स को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। इपिक प्रोजेक्ट के अंतर्गत 10 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत दुनिया में अपनी विशेष पहचान बना रहा है। प्रदेश में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए उद्योगपतियों और निवेशकों को 5000 एकड़ जमीन दी गई है। यह एक प्रकार से पांच हजार उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण है। हम उद्योगपतियों से किए सभी वादों को प्रतिबद्धता के साथ पूर्ण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में व्यापार-व्यवसाय को बढ़ावा देना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिसर में स्थापित फेड एक्सपो-2025 की प्रदर्शिनी का गणेश पूजन एवं फीता काटकर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में स्थापित विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन करते हुए उद्यमियों के नवाचार, मशीनरी, तकनीकी समाधानों और स्थानीय उद्योगों के उत्पादों की सराहना की।
हैदराबाद में 22 नवंबर को होगा इन्वेस्टर्स के लिए रोड-शो
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 22 नवंबर को हम हैदराबाद में वहां के इन्वेस्टर्स से संवाद करने के लिए रोड-शो करने जा रहे हैं। यह सरकार के लिए उद्योग-रोजगार वर्ष है। जीआईएस और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से मिले सभी निवेश प्रस्तावों में से अब तक हम 8 लाख करोड़ रुपये के अधिक निवेश प्रस्तावों पर ठोस कार्यवाई कर चुके हैं। इनमें से 6 लाख करोड़ रुपये की औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए जमीनी स्तर पर काम प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली औद्योगिक इकाइयों का सामूहिक भूमिपूजन करने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री को आमंत्रण दिया है। हम उनकी उपस्थिति में यह ऐतिहासिक भूमिपूजन संपन्न करेंगे। उन्होंने कहा कि बीते 4 दशकों में व्यापार-व्यवसाय की संभावनाओं को देखा जाए, तो इसमें मध्यप्रदेश फेडरेशन ऑफ चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की भूमिका बड़ी अहम रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नया मध्यप्रदेश गढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी कोशिश है कि गरीबों की गरीबी दूर हो और युवाओं को रोजगार मिले, प्रदेश में सुख-समृद्धि आए और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पर्याप्त विकास संभावनाओं वाला राज्य है। रूस ईंधन का खजाना है, लेकिन मध्यप्रदेश तो अन्न का भंडार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार के मेगा टेक्सटाइल पार्क में रोजगारपरक उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं। इससे लाखों लोगों की जिंदगी बदलेगी। राज्य सरकार भविष्य में सभी औद्योगिक फेडरेशन के अधिकारियों के सुझाव और उनके अनुभव का लाभ लेगी। फेडरेशन के सहयोग से सरकार मध्यप्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिए ऐसे ही बड़े आयोजन करेगी। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग से हम मध्यप्रदेश को विकास के मामले में नंबर वन राज्य बनाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और रूस सदियों पुराने मित्र देश हैं। दुनियाभर में हमारी दोस्ती की मिसाल दी जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रूस के साथ शहरी विकास के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। भोपाल की आबो-हवा और यहां की तासीर से मिलते-जुलते रूस के सांस्कृतिक शहर स्मोलेन्स्क को हम ट्विन सिटी (सिस्टर्स सिटीज) बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रूस, ओमान और ताईवान से आए उद्यमियों से कहा कि आप सब इस एक्स्पो में मध्यप्रदेश के आइडिया, कैलिबर और कैपेसिटी को देख ही रहे हैं। उन्होंने विदेशी दल से आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश की यात्रा में शामिल होने का आह्वान भी किया।
फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि दुनिया में बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच यह एक्सपो नया मंच प्रदान करेगा। आज यहां रूस, ओमान और ताइवान से चेंबर्स के प्रतिनिधि विभिन्न उत्पादों के खरीदार के रूप में भी शामिल हुए हैं। मध्यप्रदेश के भोपाल, मंडीदीप, देवास और इंदौर में उद्योग विकास की अपार संभावनाएं हैं। सरकार ने मात्र दो साल की अल्प अवधि में 5000 एकड़ जमीन उद्योग विकास के लिए निवेशकों को आवंटित कर दी है। साथ ही उद्यमियों को 6500 करोड़ रुपये की सब्सिडी अंतरित की गई है। उद्योगों के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ भूमि आवंटित की जा रही है।
फेडरेशन के संयुक्त अध्यक्ष अखिलेश राठी ने कहा कि फेड एक्सपो के दूसरे संस्करण में 3 देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए हैं। हमारा फेडरेशन एक प्रकार से चेंबर ऑफ चेंबर्स है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगीकरण के लिए तेजी से निर्णय लिए जा रहे हैं। कई बड़े-बडे़ उद्योग समूह कहते हैं कि मध्यप्रदेश अब उनका च्वाइस डेस्टिनेशन ऑफ इन्वेस्टमेंट बन चुका है। प्रदेश में हो रही इन्वेस्टमेंट समिट से न केवल बड़े बल्कि हर क्षेत्र के छोटे उद्योगों को भी लाभ मिला है।
रूस के स्मोलेन्स्क शहर की स्मोलेन्स्क चैम्बर ऑफ कमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष अर्किपेंकोव व्लादिमीर ने रशियन भाषा में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि रूस और भारत अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती प्रदान करते हुए औद्योगीकरण, ऑटोमोबाइल, कृषि, अधोसंरचना सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। हमें पूरा विश्वास है कि इस एक्सपो के जरिए औद्योगिक, सांस्कृतिक और पर्यटन जैसे क्षेत्रों सहित विकास की संभावनाओं से जुड़े अन्य विषयों में प्रगति आएगी।
एक्सपो में गोविन्दपुरा इंडस्ट्रियल एरिया के अध्यक्ष विजय गौर, सचिव योगेश गोयल, सतना शहर के महापौर एवं ख्यात उद्योगपति योगेश ताम्रकार, सेज ग्रुप के संजीव अग्रवाल, सी.पी. मालपानी, आनंद बांगुर सहित अनेक उद्योगपति, उद्यमी, स्टार्ट-अप के ऑनर उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने मुख्यमंत्री और एक्सपो में पधारे तीन देशों के दलों एवं सभी उद्यमियों का आभार व्यक्त किया। बताया गया कि यह फेड एक्सपो तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें विभिन्न तकनीकी सत्र, बी2बी मीटिंग्स और उत्पादों की प्रदर्शनियां भी आयोजित होंगी। एक्सपो में देशी उद्यमियों/उद्योगपतियों और वेंचर कैपिटलिस्ट्स द्वारा विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के साथ व्यापार विस्तार एवं निवेश बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा भी की जाएगी।
पूर्व उप राष्ट्रपति धनखड़ अल्प प्रवास पर पहुँचे राज भवन
21 Nov, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : पूर्व उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शुक्रवार को राज भवन पहुँचे। राज भवन में उनका राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर राज भवन के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
अच्छे व्यक्तियों को सदैव मिलता है सम्मान : राज्यपाल पटेल
21 Nov, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि हर समय, हर समाज में अच्छे व्यक्तियों का सदैव सम्मान होता है। संवेदनशीलता पूर्वक किए सेवा कार्यों से आत्मिक आनंद मिलता है। भौतिक सुविधाओं का सुख क्षणिक होता है। पूरी एकाग्रता और समर्पण के साथ सीखना ही भावी जीवन की सफलताओं का आधार है। प्रशिक्षण के दौरान छोटी सी चूक भविष्य की बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। राज्यपाल पटेल शुक्रवार को राजभवन में आए आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और अपर सचिव उमाशंकर भार्गव भी मौजूद थे।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रकृति के जीवों में सबसे शक्तिशाली मानव है, जिसे बुद्धि और वाणी के रूप में अद्वितीय शक्ति मिली है। इन शक्तियों के सार्थक उपयोग से व्यक्ति उतरोत्तर बेहतर बनता है। आवश्यकता, बुद्धि के सकारात्मक और वाणी के शालीन उपयोग की है। उन्होंने कहा कि भावी जीवन में सदैव सीखने और अनुभवों से समझने का भाव रहना चाहिए। महत्वपूर्ण उपयोगी व्यवहारिक ज्ञान समाज के सबसे वंचित, पिछड़े और गरीब व्यक्तियों से ही मिलता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सिविल सेवक सरकार और जनता के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। सुशासन का आधार होते हैं। सुशासन की प्राथमिक आवश्यकता है कि अधिकारी संवेदनशीलता, विवेक, न्यायोचित व्यवहार और तथ्यों के आधार पर निर्णय करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा योजनाओं का निर्माण वंचित, गरीब और पिछड़े व्यक्तियों, समुदायों की मदद और उत्थान के उद्देश्यों से होता है। योजना की मंशा के भाव, भावनाओं और हितग्राही की परिस्थितियों को समझे बिना उनके स्वरूप के निर्धारण और क्रियान्वयन से समस्याएं उत्पन्न होती है। उन्होंने नल-जल और आवास योजनाओं के प्रसंग के माध्यम से प्रशिक्षु अधिकारियों को क्रियान्वयन की जमीनी हकीक़तों से परिचित कराया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रशासनिक सफलता कमरों में रहकर कार्य से नहीं मिलती। क्षेत्र का सघन भ्रमण जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि योजना को कार्यालय में नहीं धरातल पर जाकर समझा जा सकता है।
राज्यपाल पटेल को आर.सी.व्ही.पी. प्रशासन एवं प्रबंध अकादमी के संचालक मुजीबुर्रहमान खान ने प्रशिक्षण के स्वरूप और व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई से 19 दिसम्बर तक के लिए आयोजित परिचयात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम में 24 डिप्टी कलेक्टर शामिल है। मैदानी चुनौतियों और स्वच्छ प्रशासन के लिए नियमों, प्रावधानों और सॉफ्ट सिकल, अंतर्विभागीय समन्वय के विभिन्न आयाम प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में सम्मिलित है। प्रशिक्षार्थियों को पुलिस ट्रेनिंग, भू-सर्वेक्षण और विकासात्मक गतिविधियों से परिचित कराने प्रदेश के विभिन्न जिलों और तेलंगाना राज्य का भ्रमण भी कराया गया है।
राज्यपाल के समक्ष प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर सुकविता यादव और निशांत भूरिया ने प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा किया। आभार प्रदर्शन सह-प्रशिक्षण संचालक सुरुचि जैन ने किया। राज्यपाल को अकादमी संचालक ने स्मृति चिन्ह भेंट किया।
“भारत को जाने, भारत को माने, भारत के बने और फिर भारत को बनाएं” : डॉ. मनमोहन वैद्य
21 Nov, 2025 09:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आठ वर्षों के अनुभव का संग्रह है 'हम और यह विश्व' : श्री जगदीप धनखड़
भोपाल। सुरुचि प्रकाशन की ओर से रवींद्र भवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक डॉ. मनमोहन वैद्य की पुस्तक 'हम और यह विश्व' का विमोचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भारत की मूल अवधारणा, आत्मगौरव, सांस्कृतिक चेतना और अध्ययनशील परंपरा पर व्यापक चर्चा हुई। इस अवसर पर श्री आनंदम धाम आश्रम, वृंदावन के पीठाधीश्वर श्री ऋतेश्वर जी महाराज, पूर्व उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़, जागरण के समूह संपादक श्री विष्णु त्रिपाठी, सुरुचि प्रकाशन के अध्यक्ष श्री राजीव तुली और लेखक डॉ. मनमोहन वैद्य ने अपने विचार प्रकट किए।
पुस्तक के लेखक डॉ. मनमोहन वैद्य ने भारतीयता, अध्ययन और विमर्श की आवश्यकता पर अपना उद्बोधन दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत को बनाने से पहले आवश्यक है कि हम पहले भारत को माने, उसके बाद भारत को जाने, फिर भारत के बने और उसके बाद भारत को बनाएं। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत उस अनुभव से की जिसने उन्हें लेखन की ओर प्रेरित किया। संघ के तृतीय वर्ष प्रशिक्षण वर्ग में जब श्री प्रणब मुखर्जी को संबोधन के लिए आमंत्रित किया गया था, तब कुछ लोगों ने बिना कारण विरोध किया। इस एक घटना ने मनमोहन जी को लिखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में केवल 1 से 6 जून के बीच 378 लोगों ने उनसे मिलने का अनुरोध किया था, जो यह दर्शाता है कि संघ को लेकर समाज में संवाद की गहरी उत्सुकता है। उन्होंने बताया कि संघ पर बेवजह किया गया विरोध कई बार संघ की स्वीकार्यता को और बढ़ा देता है। जॉइन आरएसएस वेबसाइट का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि सिर्फ उस वर्ष अक्टूबर माह में ही 48,890 लोगों ने स्वयंसेवक के रूप में जुड़ने का अनुरोध किया। यह भारत के सामाजिक परिवर्तन और संगठन के प्रति बढ़ते आकर्षण को दर्शाता है।
भारत की अवधारणा पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हमें उन कथनों को समझना होगा जो हमारी सोच को प्रभावित करते हैं। उन्होंने लोकप्रिय गीत “सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा” की पंक्ति “हम बुलबुले हैं इसके” पर बताया कि ऐसे भाव हमें अपनी मूल चेतना से दूर करते हैं। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि भारत में सांस्कृतिक विविधता है। अपितु यह कहना अधिक सही है कि भारत की संस्कृति एक ही है जो विविध रूपों में प्रकट होती है। भारत में विविधता मूल संस्कृति की शाखाएं हैं, उसका विकल्प नहीं।उन्होंने कहा कि वेलफेयर स्टेट की अवधारणा भारत की अपनी अवधारणा नहीं है, बल्कि पश्चिम से आयातित विचार है। भारत की परंपरा समाज-आधारित दायित्व पर आधारित रही है। उन्होंने बताया कि यह पुस्तक चार महत्वपूर्ण खंडों में विभाजित है और प्रत्येक खंड भारत के विमर्शों पर नई दृष्टि प्रदान करता है।
अध्ययन ही भारत की परंपरा का मूल : विष्णु त्रिपाठी
जागरण समूह के समूह संपादक श्री विष्णु त्रिपाठी ने कहा कि यह पुस्तक सिर्फ घर या पुस्तकालय में संग्रह के लिए नहीं लिखी गई है, बल्कि इसके अध्ययन, मनन और भाष्य की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा किसी एक पुस्तक या एक मत पर आधारित नहीं है। यहाँ ज्ञान की अनेक धाराएँ हैं। हमारी आध्यात्मिकता भी अध्ययन और चिंतन से ही जन्म लेती है। उन्होंने भारत की पहचान पर उठने वाले प्रश्नों पर स्पष्ट कहा कि भारत हिंदू राष्ट्र है या नहीं जैसी बहसें अध्ययन के अभाव से उत्पन्न होती हैं। जब भारत और भारतीयता पर गौरव का भाव स्थापित हो जाता है, तो ऐसे प्रश्न स्वतः समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने गुरुनानक देव जी का उदाहरण देते हुए बताया कि वे रामनाम के परम उपासक थे और बाबर की आलोचना सीधे अपने भजनों में करते हैं। इसी रामनाम के प्रसार के साथ वे बगदाद तक पहुँचे थे। यह उदाहरण भारतीय अध्यात्म की गहराई और व्यापकता दोनों को दिखाता है।
“यह पुस्तक सोए हुए को जगा देगी” : पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़
पूर्व उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने कहा कि भोपाल आकर इस पुस्तक पर बोलने का अवसर उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि हम और यह विश्व सिर्फ एक पुस्तक नहीं, बल्कि भारत के गौरवशाली अतीत का दर्पण और भविष्य निर्माण की दिशा दिखाने वाला ग्रंथ है। श्री धनखड़ ने कहा कि यह पुस्तक आठ वर्षों के अनुभवों का संग्रह है, जिसमें श्री प्रणब मुखर्जी पर दो महत्त्वपूर्ण लेख भी शामिल हैं। वे अंग्रेजी में वक्तव्य देते हुए बोले कि मैं अंग्रेजी में इसलिए बोल रहा हूँ ताकि जो लोग देश की सकारात्मक छवि को समझना नहीं चाहते, वे भी स्पष्ट और सीधे शब्दों में भारत के वास्तविक स्वरूप से परिचित हों। उन्होंने यह भी कहा कि आज का भारत तेजी से बदल रहा है, हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है और विश्व मंच पर एक मजबूत, आत्मविश्वासी और निर्णायक देश के रूप में उभर रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत में श्री राजीव तुली ने सुरुचि प्रकाशन की परंपरा और भविष्य की दिशा का परिचय दिया। उन्होंने बताया कि सुरुचि प्रकाशन समाज जीवन के विविध महत्वपूर्ण विषयों पर लगातार पुस्तकों, शोध कृतियों और विचारपरक सामग्री का प्रकाशन कर रहा है।उन्होंने बताया कि आने वाले महीनों में वॉकिज़्म, पंच परिवर्तन और अन्य बौद्धिक मुद्दों पर भी महत्वपूर्ण प्रकाशन सामने आने वाले हैं। राजीव तुली ने कहा कि “हम और यह विश्व” पुस्तक के पाठन के दौरान ऐसा महसूस होता है जैसे पाठक और पुस्तक के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही इस पुस्तक का अंग्रेजी संस्करण पहले प्रकाशित हुआ था, लेकिन वर्तमान संस्करण में कई महत्त्वपूर्ण और विस्तृत जानकारियाँ जोड़ी गई हैं। यह पुस्तक आज के समाज के बड़े विमर्शों को पढ़ने, समझने और उनके भाष्य लिखने के लिए अत्यंत उपयोगी है। कार्यक्रम में गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और बौद्धिक जगत से जुड़े अनेक प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. साधना बलवटे ने किया। अंकुर पाठक ने कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उपस्थित सभी अतिथियों, गणमान्यजनों और पुस्तक प्रेमियों का धन्यवाद किया। वंदे मातरम् के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
प्रदेश की समृद्धि के लिए गांवों को जोड़ा जा रहा है विकास और स्वावलंबन की धारा से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
21 Nov, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के गरीब, किसान, बहनों और युवाओं के कल्याण के लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है। प्रदेश की समृद्धि के लिए गांवों को विकास और स्वावलंबन की धारा से जोड़ा जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए गोपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने अनेक किसान हितैषी निर्णय लिए हैं। किसानों को भावांतर योजना की राशि दी जा रही है। प्रदेश के हर गांव और हर खेत को पानी मिले, यही हमारी सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बड़े पैमाने पर जल स्त्रोतों का संरक्षण किया गया। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक आदर्श वृंदावन ग्राम विकसित करने के लिए सरकार कार्य कर रही है। शुक्रवार को शमशाबाद का कागपुर जनसहयोग से श्रेष्ठतम ग्राम बनने का एक आदर्श उदाहरण है। सर्व सुविधा युक्त इस गांव को नए हाट बाजार की सौगात मिली है, जिसमें 128 दुकानें तैयार की गई हैं। यह बाजार आसपास की बड़ी आबादी के लिए हाट बाजार का प्रमुख केंद्र है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कागपुर में म.प्र. टूरिज्म बोर्ड के माध्यम से वॉटर पार्क बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विदिशा के कागपुर में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर जल संरक्षण और जल स्रोतों के विकास का कार्य किया गया है। केन-बेतवा परियोजना से विदिशा जिले में सिंचाई के लिए कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में वर्ष 2026 तक श्मशान घाट और सड़कों सहित सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएगी। विकास का कोई भी क्षेत्र अधूरा नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सांदीपनि विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रहे हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना से गोपालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, शिक्षा और अन्य सभी बुनियादी सुविधाओं की कोई कमी नहीं रहेगी। रोजगार के साधन बढ़ाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आदर्श ग्राम पंचायत कागपुर में सभी सुविधाएं मौजूद हैं। इसमें सौदान सिंह का विशेष योगदान जिन्होंने हाट बाजार के लिए भूमि दान की थी।
किसानों को भावान्तर योजना से मिल रहा फसलों का उचित मूल्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कागपुर में आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत 5.75 करोड़ लागत के हाट बाजार का लोकार्पण किया। उन्होंने 2 हितग्राहियों को प्रतीक स्वरूप दुकानों की चाबी सौंपी। साथ ही विदिशा जिले के लिए 34 करोड़ लागत से 135 नवीन स्वीकृत सामुदायिक भवनों का भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को भावान्तर योजना के माध्यम से फसलों का उचित दाम दे रही है। हमारी सरकार में प्रदेश में विकास की गतिविधियों को हर क्षेत्र में निरंतर गति मिल रही है।
प्रदेश में सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाओं की सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मानवीय संवेदनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए "राहवीर योजना" की शुरुआत की है। इससे सड़क हादसों के घायलों को त्वरित रूप से सहायता मिल रही है। प्रदेश में पीएमएयर एंबुलेंस भी संचालित की जा रही हैं। राज्य सरकार सनातन संस्कृति के गौरव और उनकी विरासतों का संरक्षण भी कर रही है। भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित सभी लीला स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रदेश में भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के धामों को विकसित करने के साथ गीता भवन भी बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी गीता जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितलाभ वितरित किये।
मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों, लखपति दीदीयों, पशुपालकों से किया संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कागपुर प्रवास के दौरान लाड़ली बहनों, लखपति दीदीयों, पशुपालकों से संवाद किया। लाड़ली बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रतिमाह 1500 रूपए देने पर आभार माना। संवाद में मुख्यमंत्री ने लखपति दीदीयों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली और पशुपालकों को उनके हित में संचालित योजनाओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कागपुर बगिया में "आम का पौधा" रोपा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कागपुर उद्यान में तालाब के विहंगम दृश्य का अवलोकन भी किया।
प्रदेश में पहली बार तीन मंजिला पंचायत भवनों का हो रहा निर्माण : मंत्री पटेल
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत पहली बार पंचायत, जनपद पंचायत और जिला पंचायतों के तीन मंजिला भवन निर्माण की शुरुआत की गई है। इन भवनों को डिजाइन के अनुरूप मजबूत आधार प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार से 5वें वित्त की 6 हजार करोड़ राशि पंचायतों को मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रतिबद्धता के अनुसार विभाग ने दिसंबर 2026 तक प्रदेश की सभी पंचायतों में शांति धाम और उनके लिए पक्की सीसी रोड निर्माण का लक्ष्य रखा है। छोटे-छोटे गांवों को भी पक्की सड़क से जोड़ा जा रहा है। किसानों को भावांतर योजना और सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह ने कहा कि पहले 450 लोगों की आबादी वाले उनके गांव कागपुर में पेयजल की समस्या रहती थी। शिक्षा, पेयजल सुविधाओं के के साथ अब कागपुर को आज हाट बाजार की सौगात मिल रही है। कार्यक्रम में पशुपालन मंत्री एवं विदिशा जिले के प्रभारी लखन पटेल, सांसद लता वानखेड़े, विधायक सूर्यप्रकाश मीणा, विधायक हरि सिंह रघुवंशी, विधायक हरि सिंह सप्रे, विधायक उमाकांत शर्मा, विधायक मुकेश टंडन, पूर्व विधायक प्रेमनारायण शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष गीता रघुवंशी सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
दर्दनाक दुर्घटना: ट्रॉली पलटकर तीन लोगों की जान ले गई
21 Nov, 2025 08:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में शुक्रवार को ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से बड़ा हादसा हो गया. ट्रैक्टर ट्रॉली से दबने के कारण 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया. हादसे का शिकार हुए तीनों लोग पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे. वहीं हादस के बाद ड्राइवर फरार हो गया।
बिजली टॉवर बनाने का काम करते थे सभी
पूरा मामला बिलौआ थाना क्षेत्र का है. यहां ग्वालियर-झांसी हाईवे पर स्थित जोरासी घाटी के पास ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से हादसा हो गया. बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर ट्रॉली पर 5 लोग सवार थे. जिसमें 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों की पहचान अलकश शेख, मुस्तगिन आलम और दुरेश सरकार के रूप में हुई है. सभी पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे और बिजली टॉवर बनाने का काम करते थे।
फरार ड्राइवर की तलाश में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने घायल को निकालकर अस्पताल पहुंचाया. वहीं शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि हादसे में मरने वाले सभी लोग पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे और सभी की पहचान हो गई है. वहीं हादसे के बाद मौके से फरार हुए ट्रैक्टर ट्रॉली के ड्राइवर की तलाश में पुलिस जुटी हुई है. पुलिस का दावा है कि आरोपी ड्राइवर को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
एमपी में निवेश आकर्षित करने हैदराबाद में रोड-शो करेंगे CM मोहन यादव
21 Nov, 2025 08:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | मध्यप्रदेश में निवेश के लिए राज्य सरकार हर कवायद कर रही है। ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार के नए अवसर देने के लिए प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ ही एमएसएमई सेक्टर को अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। मध्यप्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार कई बड़े आयोजन कर रही है। सेमिनार से लेकर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी तारतम्य में मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव हैदराबाद में रोड-शो करने जा रहे हैं। इन्वेस्टर्स को लुभाने और उनसे संवाद करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। सीएम मोहन यादव ने कहा है कि हम मध्यप्रदेश को विकास के मामले में नंबर वन राज्य बनाएंगे। इसके लिए सबका सहयोग लेंगे।
सीएम मोहन यादव ने कहा है कि सरकार के लिए यह उद्योग-रोजगार वर्ष है। जीआईएस और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से मिले सभी निवेश प्रस्तावों में से अब तक हम 8 लाख करोड़ रुपए के अधिक निवेश प्रस्तावों पर ठोस कार्रवाई कर चुके हैं। इनमें से 6 लाख करोड़ रुपए की औद्योगिक इकाइयों के लिए जमीनी काम प्रारंभ हो चुका है।
सीएम मोहन यादव ने बताया कि 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत वाली औद्योगिक इकाइयों का सामूहिक भूमिपूजन किया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नया मध्यप्रदेश गढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी कोशिश है कि गरीबों की गरीबी दूर हो और युवाओं को रोजगार मिले, प्रदेश में सुख-समृद्धि आए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने।
पूर्व उपराष्ट्रपति का स्वागत बिना भाजपा नेताओं के, एयरपोर्ट पर नजर आया खामोशी
21 Nov, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार 21 नवंबर को होने वाले संघ के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पूर्व उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भोपाल पहुंचे। लेकिन भोपाल एयरपोर्ट पर धनखड़ का स्वागत करने के लिए कोई भाजपा नेता नहीं पहुंचा। धनखड़ भोपाल एयरपोर्ट से निकलकर सीधे राजभवन के लिए रवाना हो गए। धनखड़ के स्वागत के लिए किसी भाजपा नेता के एयरपोर्ट न पहुंचने पर दिग्विजय सिंह ने निशाना साधा है।
धनखड़ के बहाने दिग्विजय का भाजपा पर निशाना
पूर्व उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वागत में किसी भी भाजपा नेता के एयरपोर्ट न पहुंचने के मामले को दिग्विजय सिंह ने हाथों हाथ लिया है। दिग्विजय सिंह ने धनखड़ के बहाने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि भाजपा के लिए वही महत्वपूर्ण है जो उनके लिए काम आए..यूज एंड थ्रो यही भाजपा है। दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि क्योंकि संघ के कार्यक्रम में जगदीप धनखड़ आए हैं इसलिए संघ के लिए वो ऐसा नहीं कह सकते। दिग्विजय सिंह ने ये भी कहा कि उन्होंने धनखड़ से मिलने के लिए वक्त भी मांगा है।
समृद्ध मध्यप्रदेश के लिए अपनी पसंद का बजट बनाएं: उप मुख्यमंत्री देवड़ा
21 Nov, 2025 07:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
समृद्ध मध्यप्रदेश के लिये बनाएं अपनी पसंद का बजट : उप मुख्यमंत्री देवड़ा
बजट 2026-27 के लिये सरकार ने आम नागरिकों से मांगे सुझाव
सुझाव देने की अंतिम तारीख 18 दिसम्बर
भोपाल : उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि विकसित मध्यप्रदेश@2047 के विजन को साकार करने में वित्तीय वर्ष 2026-27 बजट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसमें हर नागरिक की भूमिका होगी। बजट निर्माण में हर नागरिक की भागीदारी के लिये राज्य सरकार ने सभी से सुझाव मांगे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुसार नागरिकों, विशेषज्ञों और संगठनों के सुझावों से बजट को और अधिक व्यावहारिक तथा विकासोन्मुखी बनाया जाएगा। नागरिक अपने सुझाव MPMyGov पोर्टल, टोल फ्री नंबर 0755-2700800, ईमेल budget.mp@mp.gov.in तथा डाक के माध्यम से भी भेज सकते हैं। सुझाव देने की अंतिम तारीख 18 दिसम्बर 2025 निर्धारित है।
बजट निर्माण की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। आम नागरिकों की अपेक्षाओं को बजट में शामिल किया जायेगा। बजट प्रक्रिया को जनभागीदारी आधारित, लोक हितैषी और भविष्य उन्मुख बनाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है।
अर्थव्यवस्था में निरंतर सुधार पर फोकस
मध्यप्रदेश को वर्ष 2047 तक पूर्ण रूप से विकसित प्रदेश बनाने के लिए प्रदेश के वित्तीय प्रशासन का एक मजबूत ढांचा तैयार हो रहा है। इसके लिए अभी से एक आर्थिक नियोजन की तैयारी करना आवश्यक होगा। डेटा-आधारित वित्तीय रणनीति बनाकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में निरंतर सुधार लाना प्रमुख उद्देश्य है। इस उद्देश्य को संसाधनों के कुशल प्रबंधन और कठोर वित्तीय अनुशासन के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। वर्ष@2047 तक प्रदेश की जीएसडीपी 250 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगी। नागरिकों और विभिन्न क्षेत्रों, व्यवसायों में कार्यरत लोगों, विशेषज्ञों, हितग्राही समूओं से आग्रह है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और ज्यादा सक्षम बनाने के लिए अपने सुझाव दें।
समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने में दें सहयोग
विकसित मध्यप्रदेश@2047 के कई सेक्टर हैं जो आम नागरिकों के जीवन से सीधा जुड़े हैं। वर्ष 2047 तक प्रदेश को समृद्ध, संपन्न, सुखद और सांस्कृतिक समृद्ध बनाने के लिये प्रत्येक स्तर पर सभी नागरिकों के सहयोग की आवश्यकता है।
वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश देश में पर्यटन क्षेत्र में प्रथम श्रेणी का प्रदेश बनाना है। नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में नम्बर एक प्रदेश बनना है। मध्यप्रदेश सांस्कृतिक समृद्धि आधारित अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। कौशल एवं प्रशिक्षण का अत्याधुनिक इको सिस्टम बनने के लिए प्रदेश तैयार हो रहा है इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगले वर्ष को कृषि आधारित उद्योगों को समर्पित वर्ष घोषित किया है। विगत कई वर्षों से प्रदेश की कृषि विकास दर में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है, अगले 2 दशकों में मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में अग्रणी प्रदेश होगा। इसी प्रकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था आदर्श स्थिति में होगी। औदयागिक निवेश का सकारात्मक प्रभाव आने वाले वर्षों में चारों ओर दिखने लगेगा।
बनाएं अपने सपनों का नया मध्यप्रदेश
बजट प्रदेश की आर्थिक गति को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रदेश में शासन एवं इसकी संबद्ध संस्थाओं में एक लाख से अधिक पदों की पूर्ति का लक्ष्य भी इस बजट प्रक्रिया का हिस्सा है। MPMyGov प्लेटफॉर्म पर प्राप्त सभी सुझावों को बजट निर्माण में प्राथमिकता से शामिल किया जाएगा।
राज्य सरकार ने हरित ऊर्जा के विस्तार, विद्युत वितरण प्रणालियों में सुधार, स्मार्ट मीटर, वास्तविक बिलिंग, पुराने तारों के स्थान पर सुरक्षित केबल लाइन, ई-परिवहन को बढ़ावा और सड़क नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण जैसे क्षेत्रों में जनता से विशेष मार्गदर्शन मांगा है।
ग्रामीण विकास, पारंपरिक व्यवसायों के पुनरुद्धार, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता, ग्रामीण अधोसंरचनात्मक उन्नयन, गौ-वंश संरक्षण तथा गोचर भूमि के सुरक्षित उपयोग से जुड़े सुझावों को भी आमंत्रित किया गया है। साथ ही कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य एवं पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, निर्यात उन्मुख उद्योगों, वनोपज प्रसंस्करण, औषधि निर्माण तथा अन्य संभावित स्थानीय उद्योगों के विकास से जुड़ी अवधारणाओं को साझा करने के लिए भी आमजन को प्रोत्साहित किया गया है।
नदियों, तालाबों एवं जल स्रोतों के संरक्षण-संवर्धन, वन एवं वन्य जीव संरक्षण, वन ग्रामों में जीवनस्तर में सुधार तथा स्थानीय पर्यटन, धार्मिक-ऐतिहासिक धरोहरों के विकास से संबंधित सुझाव भी बजट निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
पुराने शहरों के पुनर्विकास, सड़कों एवं गलियारों के चौड़ीकरण, अतिक्रमण मुक्त मॉडल, शहरी अधोसंरचना, पार्क एवं पुलों के निर्माण, जन स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, दिव्यांगजन तथा बेसहारा लोगों के कल्याण, प्रशासनिक सुधार और राजस्व वृद्धि के उपायों सहित अन्य महत्त्वपूर्ण विषयों पर भी जनता से विचार आमंत्रित किए हैं।
Ladli Behna Yojana: बहनों के लिए मालामाल होने का मौका, मोहन भैया का बड़ा कदम
21 Nov, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | प्रदेश की 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों को और सशक्त बनाने के लिए मोहन सरकार नया प्लेटफार्म लेकर आ रही है। यह लाड़ली बहना योजना के तहत ही आएगा। इसमें बहनों को उद्योग धंधे लगाने में अतिरिक्त छूट मिलेगी। वे चाहेंगी तो उन्हें मासिक किस्त का एक मुश्त भुगतान किया जाएगा। रोजगार व स्वरोजगार में योग्यता के आधार पर अतिरिक्त छूट दी जाएगी। ये सभी बदलाव उच्चस्तरीय समिति की सिफारिश के आधार पर होंगे।
दरसअल, मप्र से लेकर अन्य राज्यों में भाजपा और एनडीए को चुनाव में संजीवनी देने का मूल आधार मानी जा रही लाड़ली बहना योजना में मोहन सरकार पहली बार बड़ा बदलाव करने जा रही है। योजना के मूल स्वरूप में बदलाव किया जाएगा। यह काम महिला मंत्रियों की उच्च स्तरीय समिति के सुझावों के आधार पर होगा। समिति बनाने पर पिछली कैबिनेट में सहमति बन चुकी है।
ये होगी समिति
राज्य सरकार अब तक लागू की जा चुकी महिला सशक्तीकरण आधारित योजनाओं की समीक्षा करने जा रही है। यह काम महिलाओं और विशेषज्ञों को करना है। इसमें महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को अध्यक्ष बनाया जा रहा है। मंत्री संपत्तिया उइके, मंत्री कृष्णा गौर, प्रतिमा बागरी व राधा सिंह को शामिल किया जाएगा। समिति गठित करने संबंधी प्रस्ताव बनाया जा रहा है। यह समिति लाड़ली बहना योजना का सूक्ष्मतम अध्ययन करते हुए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करेगी।
सोयाबीन रेट में बढ़ोतरी, किसानों को मिलेगा भावांतर का लाभ
21 Nov, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | मध्यप्रदेश में किसानों को सोयाबीन के एमएसपी की गारंटी दी जा रही है। इसके लिए भावांतर योजना 2025 लागू की गई है जिसमें मंडी में बेची गई फसल के दाम और एमएसपी के अंतर की राशि राज्य सरकार देगी। इससे किसानों को लाभ मिलेगा, उन्हें सोयाबीन की कीमत कम होने पर भी नुकसान नहीं होगा। भावांतर योजना के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज यानि 21 नवंबर को 4271 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। मॉडल रेट में लगातार वृद्धि हो रही है जिसका सीधा अर्थ यह भी है कि मंडियों में भी किसानों को सोयाबीन के अच्छे दाम मिल रहे हैं।
भावांतर योजना का यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में बेची है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी।
एमपी के किसानों के लिए सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए और 20 नवंबर को 4267 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ था।
मॉडल रेट में शुक्रवार को फिर बढ़ोत्तरी
सोयाबीन के मॉडल रेट में शुक्रवार को फिर बढ़ोत्तरी हुई। योजना के रूप में राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।
हिडमा की मौत पर सियासी जंग: दिग्विजय सिंह ने उठाए सवाल, विजय शर्मा ने दिया करारा जवाब, जानिए क्या है पूरा मामला?"
21 Nov, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Politics on Hidma Encounter: नक्सली कमांडर हिडमा ढेर हो गया है. उसकी मौत को लेकर अब सियासत शुरू हो गई है. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए बस्तर में PESA कानून लागू को लेकर सवाल उठाए हैं. उनके इस बयान पर प्रदेश के डिप्टी CM और गृह मंत्री विजय शर्मा ने पलटवार किया है.
दिग्विजय सिंह ने पोस्ट कर PESA कानून को लेकर किया सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा- ‘मैं नक्सली द्वारा की जा रही हिंसा का घोर विरोधी हूं. उनके साथ कोई समझौता हो कर उन्हें आत्म समर्पण कराया जाता है मैं उसके पक्ष में हूं. विषय कुछ और है. उन्हें सामाजिक आर्थिक रूप से mainstream में लाया जाना चाहिए. देश के सभी Schedule Area विशेष कर बस्तर संभाग आदिवासी क्षेत्र में भारत सरकार PESA कानून लागू करना चाहिए ? बस्तर के खनिज सम्पत्ति में स्थानीय आदिवासी की भागीदारी देना चाहिए ?’
उन्होंने आगे लिखा- ‘अब बात आती है SIR द्वारा मतदाता सूची तैयार करने की. SIR में जो प्रमाण पत्र मांगे जा रहे हैं क्या देश के आदिवासी बाहुल्य Schedule Areas विशेष कर नक्सली क्षेत्रों में आदिवासियों के पास होंगे, जिस से उनका नाम मतदाता सूची में शामिल हो सकें? प्रश्न ये हैं जिन पर सभी राजनैतिक दलों को ध्यान देना चाहिए. भाजपा आदिवासी हितों की कभी समर्थक नहीं रही.’
गृह मंत्री विजय शर्मा ने किया पलटवार
दिग्विजय सिंह की इस पोस्ट पर प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने पलटवार करते हुए प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा- ‘धिक्कार है, उनको शर्म आनी चाहिए. शहीद परिवार से माफी मांगनी चाहिए.’
खूंखार नक्सली हिडमा ढेर
झीरम घाटी नरसंहार समेत करीब 26 बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड और खूंखार नक्सली कमांडर हिडमा ढेर हो गया है. 18 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश की सीमा पर नक्सलियों और सुरक्षाबलों के जवानों के बीच मुठभेड़ हो गई. इस मुठभेड़ में नक्सली कमांडर हिडमा, उसकी पत्नी राजे और 4 अन्य सहयोगियों को जवानों ने ढेर कर दिया. हिडमा पर 1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था.
सागर में मस्जिद की जमीन पर खुदाई: राम मंदिर का दावा तेज, सुरक्षा बढ़ाई गई
21 Nov, 2025 02:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर। सागर जिले के पापेट गांव में जामा मस्जिद के पास निर्माणाधीन जमीन की खुदाई के दौरान भगवान राम और जानकी की प्राचीन मूर्तियां निकलने से माहौल तनावपूर्ण हो गया है। निर्माण कार्य के दौरान नींव की खुदाई में मूर्तियां मिलने पर हिंदू पक्ष भड़क गया। उनका आरोप है कि इस जगह पर पूर्व में मंदिर था, जिसे मुस्लिम आक्रांताओं ने तोड़कर मस्जिद का निर्माण किया था और बाकी जमीन पर भी कब्जा कर लिया था।
निर्माण स्थल पर दोनों पक्षाें के बीच तनाव
मूर्ति मिलने की खबर फैलते ही निर्माण स्थल पर हिंदू और मुस्लिम पक्षों की भारी भीड़ जुट गई। हिंदू पक्ष की मांग है कि जहां मूर्तियां मिली हैं, वहां पूजा-अभिषेक की अनुमति दी जाए। इसी दौरान हिंदू समुदाय के लोगों ने मस्जिद की जमीन पर ही मूर्ति स्थापना के लिए एक चबूतरा बना दिया और विधि-विधान से पूजा-अभिषेक कर भगवान को विराजित भी कर दिया। चबूतरा हटाने की बात उठने पर हिंदू पक्ष ने कड़ा विरोध जताते हुए खून बहने तक की चेतावनी दे डाली। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
बैतूल में रूपए 9 करोड़ 84 लाख की साइबर लूट का पर्दाफाश
21 Nov, 2025 01:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मृत व्यक्ति के बैंक खाते का भी किया गया दुरुपयोग 3 आरोपी गिरफ्तार
भोपाल। बैतूल जिले में पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एक संगठित साइबर ठगी का पर्दाफाश किया है। इस ठगी में करीब 9 करोड़ 84 लाख रुपये की हेराफेरी की गई थी। पुलिस और साइबर टीम द्वारा किए गए सूक्ष्म तकनीकी विश्लेषण, खातों की ट्रैकिंग, डिजिटल फॉरेंसिक तथा सतत मॉनिटरिंग ने इस ठगी नेटवर्क को उजागर करने में निर्णायक भूमिका निभाई। खेड़ी सावलीगढ़ निवासी मजदूर बिसराम इवने जब अपने जन-धन खाते का KYC अपडेट कराने बैंक पहुँचे तो उन्हें खाते में करोड़ों के संदिग्ध लेन-देन का पता चला। बिसराम इवने ने अपने जन-धन खाते में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन की शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी के निर्देशन में साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की टीम को जांच में लगाया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जून 2025 से अब तक उसके खाते से लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपये का अवैध ट्रांज़ैक्शन किया गया था। जांच में संगठित साइबर लूट का पर्दाफाश हुआ जिसमें पुलिस ने पाया कि एक ही बैंक के 7 अलग-अलग व्यक्तियों के बैंक खातों को निशाना बनाते हुए गिरोह द्वारा 9 करोड़ 84 लाख 95 हजार 212 रुपये की हेराफेरी की गई।सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह रहा कि गिरोह ने मृत व्यक्ति राजेश बर्डे के बैंक खाते खाते का भी इस्तेमाल किया। उसका मोबाइल नंबर बदला, ATM कार्ड जारी कराया, इंटरनेट बैंकिंग सक्रिय की और OTP पर पूरा नियंत्रण हासिल किया। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि यह पूरा नेटवर्क बैंक के एक अस्थायी कर्मचारी की मिलीभगत से संचालित हो रहा था, जिसने खातों की गोपनीय जानकारी, दस्तावेजों में फेरबदल और ATM/पासबुक जारी कराने में गिरोह की मदद की। इसी सहयोग की वजह से अपराधियों को खातों तक आसानी से पहुँच मिली और करोड़ों की हेराफेरी अंजाम दी गई।
सूचनाओं और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर बैतूल पुलिस ने इंदौर शहर के दो स्थानों पर दबिश देकर राजा उर्फ आयुष चौहान, अंकित राजपूत और नरेंद्र सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर आरोपियों से 15 मोबाइल फोन (25 सिम सहित), 21 ATM कार्ड, 28 हजार रूपए नकद (काले बैग में), 11 बैंक पासबुक, 7 चेकबुक, 2 POS मशीन, 69 ATM जमा रसीदें (21 लाख जमा), 48 हजार रूपए की जमा पर्ची, 2 लैपटॉप, 1 Extreme Fiber राउटर, 4 रजिस्टर व डायरी (रिकॉर्ड) और अन्य सामग्री जप्त की। इस कार्रवाई में संबंधित थाना प्रभारी, साइबर सेल तथा पुलिस टीमों ने सतर्कता, तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई का परिचय दिया है। मध्यप्रदेश पुलिस ने पुनः स्पष्ट किया है कि “जन सुरक्षा और साइबर सुरक्षा” प्रदेश की सर्वोच्च प्राथमिकता है, तथा साइबर अपराधों के विरुद्ध व्यापक और कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
यूरिया का प्रभावी विकल्प बन रही हरी खाद, जशपुर में 600 हेक्टेयर में प्रदर्शन
फॉरेस्ट ग्राउंड में बना बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित और अनुशासित कर रहा
माता-पिता के संस्कार और गुरूओं से प्राप्त ज्ञान के प्रति सदैव रहें कृतज्ञ : राज्यपाल पटेल
आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक एकता का बना आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
