मध्य प्रदेश
भाजपा नेता के परिवार को निशाना बनाकर चोर फरार: शादी में मेहमान बनकर रची बड़ी चोरी
25 Nov, 2025 08:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP News : मध्य प्रदेश के ग्वालियर में गुंडे-बदमाशों के साथ-साथ चोर उचक्के भी कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। आलम ये है कि, यहां चोर वारदात को अंजाम देने के लिए किसी भी जगह पहुंचने से नहीं हिचकते। चोरी की बड़ी वारदात से जुड़ा मामला सामने आया है एक शादी समारोह से, जहां चोर की वारदात को अंजाम देने के लिए चोर गैंग मेहमान बनकर शामिल हो गई।
शादी में मेहमान बनकर चोरी करने वाली गैंग ने एक शादी समारोह में घुसकर दुल्हन की मौसेरी बहन के करीब 30 लाख कीमत के गहने चुराकर फरार हो गई। बता दें कि, जिस युवती के गहने चोरी हुए हैं, वो भाजपा नेता की भतीजी है। ये सनसनीखेज वारदात शहर में स्थित पिंटो पार्क के मैरिज गार्डन राजकिशोरी में घटी है। घटना के बाद परिवार ने गार्डन का सीसीटीवी चैक किया, जिसमें एक अनजान 13 वर्षीय नाबालिग के साथ एक महिला कैद हुई है। दोनों संदिग्धों को न तो दुल्हन पक्ष ने पहचाना और ना ही दूल्हा पक्ष ने पहचाना। ऐसे में पुलिस अब इन्ही दोनों की तलाश में जुट गई है।
25 तोला सोने के गहने चोरी
दअरसल, ग्वालियर की दर्पण कॉलोनी थाटीपुर में रहने वाले जागृति सिंह चौहान ने शनिवार को मौसेरी बहन का शादी समारोह गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के पिंटू पार्क स्थित राजकिशोरी गार्डन में चल रहा था। उसमें परिवार समेंत शामिल होने गई हुई थीं। अरविंद सिंह पेशे से कोचिंग संचालक हैं। जागृति सिंह शादी में शामिल होने जाते वक्त करीब 25 तोला सोने के गहने साथ ले गई थी। रात को बारात आने से पहले गहने बैग में एक प्लास्टिक के डिब्बे में रखकर तैयार होने चलीं गईं।
मेहमान बनकर शामिल हुए थे दोनों
बारात आने का समय था उस वक्त घर के लोग बारात के स्वागत के लिए दरवाजे पर खड़े थे। तभी करीब 17-18 साल युवती भी उनके बिल्कुल पास आकर खड़ी थी। दो तीन बार उसका धक्का भी लगा, उसे टोका कि थोड़ा दूर रहे। लेकिन, वो पास में खड़ी रही। हालांकि, संदिग्ध युवती भी शादी में पूरी तरह सजधज कर शामिल हुई थी। देखकर लग रहा था मानों वो भी शादी में मेहमान है। देखने भर से उसपर शक करना संभव नहीं था। लेकिन कुछ देर में वो शादी से अचानक लापता हो गई। इसी बीच ये भी पता चला कि, बैग में रखा जेवर का वे डिब्बा भी गायब है जिसे कुछ देर पहले युवती ने अपने हाथों से रखा था।
जीईटी इंडक्शन प्रोग्राम में 8 राज्यों के 92 युवा इंजीनियरों को दिया गया उद्योग-केंद्रित प्रशिक्षण
24 Nov, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में ग्रेजुएट इंजीनियर्स ट्रेनिंग जीईटी इंडक्शन प्रोग्राम के तहत देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों आईआईटी, एनआईटी सहित इंजीनियरिंग कॉलेजों से आए 92 युवा इंजीनियरों को उद्योग-केंद्रित, गहन और आधुनिक तकनीक आधारित कौशल प्रशिक्षण दिया गया। यह बैच आठ राज्यों से आया था, जिसमें 19 छात्राएँ भी शामिल रहीं।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य युवाओं को वास्तविक औद्योगिक वातावरण, प्रक्रियाओं और तकनीकों का प्रशिक्षण देना था। कार्यक्रम के दौरान मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और इंस्ट्रूमेंटेशन क्षेत्रों में विस्तृत हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी गई, जिसमें मशीन संचालन, ऊर्जा प्रबंधन, औद्योगिक सुरक्षा, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, प्रोसेस ऑप्टिमाइज़ेशन और प्रिसीजन इंजीनियरिंग जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे। इन मॉड्यूल्स ने प्रतिभागियों को आधुनिक उद्योगों की मांगों के अनुरूप व्यावहारिक कौशल विकसित करने में मदद की।
यह पहल ग्लोबल स्किल्स पार्क में इंडस्ट्री की मांग के अनुसार कौशल प्रशिक्षण सहयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, विश्वस्तरीय अवसंरचना और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सक्रिय भागीदारी ने युवाओं को वास्तविक समय में काम करने का अनुभव प्रदान किया। प्रशिक्षण से प्रतिभागियों में तकनीकी दक्षता के साथ प्रोफेशनल आत्मविश्वास भी बढ़ाया।
जीईटी इंडक्शन प्रोग्राम स्किल इंडिया मिशन के विज़न को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम में युवा इंजीनियरों को तकनीकी रूप से तैयार किया जा रहा है। साथ ही उन्हें भविष्य के उद्योगों में आवश्यक दक्षताओं और बदलते तकनीकी मानकों के अनुरूप सक्षम बनाया जा रहा है। ग्लोबल स्किल्स पार्क की यह पहल देश के लिए प्रतिस्पर्धी, कुशल और उद्योग दक्ष कार्यबल निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आईएफएफआई गोवा में मध्यप्रदेश की फिल्मों का अनुपम प्रदर्शन
24 Nov, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) गोवा 2025 में, 'अतुलनीय मध्यप्रदेश' ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और रचनात्मक दृष्टि से एक अमिट छाप छोड़ी। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश की अद्वितीय सृजनात्मक क्षमता और फिल्म-अनुकूल वातावरण को वैश्विक पटल पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इस प्रतिष्ठित महोत्सव के दौरान, एमपी टूरिज्म द्वारा बनाई गई दो महत्वपूर्ण फिल्मों—'द सितारिस्ट' और 'लोकमाता अहिल्याबाई'—का विशेष प्रीमियर हुआ, जिन्होंने न केवल दर्शकों को भाव-विभोर किया, बल्कि समीक्षकों की भी प्रशंसा बटोरी।
ये दोनों फिल्में मध्यप्रदेश की आत्मा को दर्शाती हैं। प्रसिद्ध सितारिस्ट सुअनुष्का शंकर द्वारा अभिनित 'द सितारिस्ट' दर्शकों को एक सितार वादक की शांत और गहरी कला-साधना की यात्रा पर ले जाती है। इसकी कहानी में राज्य की नैसर्गिक सुंदरता—वन, झीलें, पर्वत और ग्रामीण परिवेश—को अत्यंत मनोरम ढंग से दर्शाया गया है। वहीं, एनिमेटेड फिल्म 'लोकमाता अहिल्याबाई' में राजमाता अहिल्याबाई होलकर के न्याय, करुणा और कुशल नेतृत्व के गुणों को सरल और आकर्षक तरीके से नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास है। यह जीवंत चित्र दिखाता है कि क्यों उनका योगदान आज भी प्रदेश और राष्ट्र के सांस्कृतिक जीवन में एक प्रेरणास्रोत बना हुआ है।
मध्यप्रदेश की रचनात्मक पहल को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला, जब आईएफएफआई ने 'द सितारिस्ट' के निर्माण के लिए अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला को सम्मानित किया। इस अवसर पर, स्पैन कम्युनिकेशन्स के नरेश खेत्रपाल और 'लोकमाता अहिल्याबाई होलकर' की निर्देशक डिंपल दुगर को भी उनकी कलात्मक अभिव्यक्ति के लिए सम्मानित किया गया। अपर मुख्य सचिव शुक्ला ने इस सम्मान पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि ये फिल्में हमारी सांस्कृतिक विरासत की गहराई को संवेदनशील रूप से प्रस्तुत करती हैं, और यह सम्मान हमें और अधिक गुणवत्तापूर्ण सिनेमा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रेरित करता है। इन प्रमुख फिल्मों के साथ ही, मध्यप्रदेश में शूट हुई फिल्म विमुक्त, चंबल और पिंच की भी विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की गई।
अंतर्राष्ट्रीय संवाद और सहयोग से मध्यप्रदेश बना वैश्विक फिल्म निर्माण का केंद्र: अपर मुख्य सचिव शुक्ला
24 Nov, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) गोवा 2025 में, मध्यप्रदेश पर्यटन ने अपनी फिल्म-निर्माण क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर सुदृढ़ करने के लिए गहन अंतर्राष्ट्रीय संवाद और महत्वपूर्ण व्यावसायिक बैठकें (B2B) आयोजित कीं। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला के नेतृत्व में, प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के फिल्म-फ्रेंडली इको सिस्टम को मजबूती से स्थापित किया।
इस कड़ी में, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने स्पेन फिल्म कमीशन के साथ 'डिस्कवरिंग मध्यप्रदेश थ्रू ए ग्लोबल लेंस' विषय पर एक महत्वपूर्ण फायरसाइड चैट का आयोजन किया। अपर मुख्य सचिव शुक्ला और स्पेन फिल्म कमीशन के प्रेसिडेंट जुआन मैनुअल ने 'इंडिया-स्पेन क्रिएटिव फिल्म कॉरिडोर' पर विचार-विमर्श किया। अपर मुख्य सचिव शुक्ला ने मध्यप्रदेश को "पूरा प्रदेश स्वयं एक खुला फिल्म कैनवास" बताते हुए यहाँ की विविध लोकेशनों—शांत वादियों, रहस्यमयी जंगलों, प्राचीन विरासतों और जीवंत नगर-दृश्यों—पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्थानीय लोगों के सहज और सहयोगी स्वभाव को भी एक बड़ा कारक बताया, जो हर प्रोजेक्ट को सुखद और सृजनात्मक अनुभव में बदल देता है।
इसके पश्चात, "Strengthening the Madhya Pradesh Film Ecosystem" विषय पर एक उच्च-स्तरीय राउंडटेबल चर्चा सत्र आयोजित हुआ। इसमें न्यूज़ीलैंड फ़िल्म कमीशन, ब्रिटिश फ़िल्म इंस्टिट्यूट (BFI), नेटफ्लिक्स इंडिया सहित जापान, फिनलैंड और कनाडा के प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय फिल्म उद्योग प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। सभी प्रतिनिधियों ने मध्य प्रदेश की नई फिल्म पॉलिसी 2.0, अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों के लिए दिए जा रहे प्रोत्साहन, उत्कृष्ट लोकेशन सपोर्ट और आसान शूटिंग प्रक्रिया की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। फिल्मकारों ने एकमत से स्वीकार किया कि मध्यप्रदेश अपनी अद्भुत भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता के कारण वैश्विक फिल्म निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण और उभरता हुआ केंद्र बन रहा है।
महोत्सव में 'वेव्स' फ़िल्म बाज़ार के भीतर मध्यप्रदेश का पवेलियन रचनात्मक ऊर्जा और उत्साह का केंद्र बना रहा। इस पवेलियन में प्रदेश की फिल्म निर्माण क्षमताओं, विविध लोकेशनों और विश्वस्तरीय सुविधाओं का प्रभावी ढंग से प्रदर्शन किया गया। यह पवेलियन इस बात का साक्षी बना कि मध्यप्रदेश न केवल स्त्री, भूल भुलैया-3 जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों, बल्कि पंचायत, गुल्लक, महारानी जैसी लोकप्रिय वेब सीरीज़ और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित लापता लेडीज़ तथा होमबाउंड जैसी फिल्मों का भी पसंदीदा फिल्मांकन स्थल रहा है। अपनी सांस्कृतिक धरोहर और मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ, मध्यप्रदेश स्थानीय से लेकर वैश्विक स्तर तक फिल्मकारों के लिए एक अपरिहार्य गंतव्य बनता जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन और प्रयासों से म.प्र. बना आइडियल इंवेस्टमेंट स्टेट
24 Nov, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास की दिशा को एक नई स्पष्टता और मजबूती दे रहे हैं। उनके नेतृत्व में उद्योगों से जुड़े नवाचार अब नीतियाँ और घोषणाओं तक सीमित नहीं रहे, बल्कि वास्तविक परियोजनाओं, निवेशकों के बढ़ते विश्वास और जमीन पर दिखाई देने वाली औद्योगिक गतिविधियों के रूप में सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुरुआत से ही यह लक्ष्य तय किया कि मध्यप्रदेश को ऐसा निवेश-अनुकूल राज्य बनाया जाए, जहाँ उद्द्योगों को दीर्घकालिक अवसर मिले, युवाओं के लिए रोजगार का विस्तार हो और प्रदेश की अर्थव्यवस्था अधिक स्थिर, सक्षम और टिकाऊ बने। उनकी कार्यशैली की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि वे प्रत्येक नवाचार को व्यावहारिक और क्रियान्वयन-केंद्रित तरीके से आगे बढ़ाते हैं। निवेशकों से संवाद, नीतियों का सरलीकरण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और औद्योगिक अवसंरचना के विस्तार आदि हर स्तर पर उन्होंने समयबद्ध और परिणाम-केंद्रित कार्य शैली को प्राथमिकता दी है। इसी कारण आज प्रदेश में उद्योग स्थापना की गति पहले की तुलना में तेज दिखाई देती है, बड़े निवेश वास्तविक रूप से जमीन पर उतर रहे हैं और नए रोजगार अवसर निरंतर बढ़ रहे हैं। मध्यप्रदेश की वर्तमान औद्योगिक प्रगति यह दर्शाती है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का नेतृत्व दूरदर्शी होने के साथ स्थिर, भरोसेमंद और परिणाम देने वाला है। प्रदेश अब केवल निवेश आकर्षित करने वाला राज्य नहीं, बल्कि उद्योगों के लिए एक विश्वसनीय विकल्प और रोजगार सृजन के लिए एक मजबूत आधार के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश ने औद्योगिक विकास और निवेश आकर्षण के नए आयाम स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में निवेश से जुड़े प्रयास व्यापक और बहु-स्तरीय रहे, जिनमें अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर निवेशक समुदाय के साथ संवाद को नए आयाम दिए गए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, जापान, दुबई और स्पेन में आयोजित सत्र महत्वपूर्ण साबित हुए, जिनसे प्रदेश को 89 हजार करोड़ रुपये से अधिक की निवेश अभिरुचि प्राप्त हुई। राष्ट्रीय स्तर पर मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, पुणे, नई दिल्ली, कोयम्बटूर, सूरत, लुधियाना और असम में आयोजित संवादों ने 2.3 लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव और लगभग 2 लाख रोजगार अवसरों का आधार निर्मित किया। प्रदेश के विभिन्न संभागों और जिलों जैसे उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, रीवा, नर्मदापुरम और शहडोल में आयोजित क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन (RIC) तथा रतलाम के राइज- रीजनल इंडस्ट्री स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट कॉन्क्लेवकार्यक्रम ने 2.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 3 लाख रोजगार अवसरों का सुदृढ़ आधार तैयार किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्देश्य केवल संवाद बढ़ाना नहीं रहा, बल्कि निवेश को वास्तविक रूप से धरातल पर उतारना उनकी प्रमुख प्राथमिकता रही है। इसी दृष्टि से मध्यप्रदेश जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम 2025 के माध्यम से 20 अधिनियमों के 44 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया गया, जिससे निवेशकों और उद्यमियों के लिए अनुपालन प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और उद्योग अनुकूल बनी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों के प्रत्यक्ष परिणाम जीआईएस 2025 में स्पष्ट रूप से दिखाई दिए, जहाँ प्रदेश को 26.61 लाख करोड़ रूपये की निवेश प्रस्ताव और लगभग 17 लाख रोजगार सृजित होंगे। इनमें से 6,20,325 करोड़ रुपये का निवेश वास्तविक रूप से जमीन पर उतर चुका है, जो निवेशकों के विश्वास और प्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों का मजबूत प्रमाण है। औद्योगिक अधोसंरचना के विस्तार में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। पिछले दो वर्षों में 4,237 एकड़ भूमि उद्द्योगों को आवंटित की गई, जिससे 2 लाख करोड़ रूपये से अधिक निवेश और करीब 2.5 लाख रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। प्रदेश के 16,936 हेक्टेयर में विकसित 25 नए औद्योगिक पार्क उद्योगों के विस्तार के नए केंद्र बनकर उभर रहे हैं।
विशेष औद्योगिक पार्कों के विकास में भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शिता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। धार में पीएम मिही पार्क वस्त्र उद्योग के लिए नई संभावनाओं का केंद्र बन रहा है। यहाँ 2,158 एकड़ क्षेत्र में विकसित पार्क प्रदेश में 1 लाख प्रत्यक्ष और 2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क चिकित्सा उपकरण निर्माण के क्षेत्र में प्रदेश को नई पहचान दे रहा है। मुरैना का मेगा लेदर फुटवियर पार्क चमड़ा और फुटवियर उद्योग के लिए बड़े पैमाने पर अवसर तैयार कर रहा है। मोहासा-बाबई, नर्मदापुरम में विकसित नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण क्षेत्र में दोनों चरणों में 1050 एकड़ से अधिक भूमि अग्रणी कंपनियों को आवंटित की गई है, जो प्रदेश की ग्रीन एनर्जी क्षमता को मजबूत कर रहा है।
नीति सुधारों ने भी प्रदेश में उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जीआईएस-2025 के दौरान राज्य सरकार ने 18 नई प्रगतिशील नीतियाँ जारी कीं, जिनमें औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2025, निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025 और लॉजिस्टिक्स नीति 2025 जैसी नीतियों विशेष रूप से प्रभावकारी रही हैं। प्रदेश ने 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सिल्वर अवार्ड 2024 प्राप्त किया। समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 दृष्टि-पत्र का विमोचन, उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025 की उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण और इन्वेस्ट एमपीपोर्टल का शुभारंभ प्रदेश के निवेश-केंद्रित दृष्टिकोण को और मजबूती प्रदान करते हैं।
इन सभी प्रयासों का सबसे बड़ा प्रभाव यह है कि अब प्रदेश में केवल प्रस्तावों की बात नहीं रही, बल्कि निवेशक वास्तविक रूप से उद्योग स्थापित कर रहे हैं। रोजगार सृजन की गति तेज हुई है, औद्योगिक गतिविधियाँ बढ़ी हैं और निवेशकों तथा सरकार के बीच भरोसे का वातावरण और मजबूत हुआ है। मध्यप्रदेश अपने औद्योगिक सफर के उस चरण में प्रवेश कर चुका है, जहाँ नेतृत्व की स्पष्ट दिशा, प्रशासनिक प्रतिबद्धता और नीति-आधारित स्थिरता मिलकर एक ऐसा निवेश-अनुकूल माहौल निर्मित कर रहे हैं, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों की पंक्ति में मजबूती से स्थापित करता दिखाई देता है।
भारत की ताकत, गांवों-पंचायतों और जनसामान्य की सामूहिक शक्ति में निहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
24 Nov, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय व्यवस्था की मूल आत्मा स्थानीय स्वशासन रही है। हमारे यहां शासन गांव से शुरू होकर राष्ट्र की ओर बढ़ने वाला रहा है। इसी का परिणाम है कि भारतीय चिंतन में गांव को स्वराज और आत्मनिर्भरता की प्रथम इकाई माना गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब आत्मनिर्भर भारत और सुशासन का दृष्टिकोण रखा, तब उन्होंने स्पष्ट कहा था कि भारत की ताकत उसके गांवों, पंचायतों और जनसामान्य की सामूहिक शक्ति में निहित है। आत्मनिर्भर पंचायत-समृद्ध मध्यप्रदेश विषय पर आयोजित यह वर्कशॉप, ग्राम स्वराज, स्थानीय आत्मनिर्भरता और विकसित भारत@2047 के लिए उठाया गया निर्णायक कदम है। गर्व का विषय है कि पंचायतों को प्रशासनिक रूप से दक्ष, वित्तीय रूप से सक्षम और सामुदायिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की ठोस रणनीति तैयार करने की इस यात्रा का नेतृत्व प्रदेश के पंचायत प्रतिनिधि कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। जिला पंचायत और जनपद पंचायतों के उपाध्यक्ष अभी शिक्षा समितियों के अध्यक्ष होते हैं, लेकिन निरीक्षण के दौरान उनके सुझावों को शामिल नहीं किया जाता है। लेकिन अब उनके द्वारा किए विद्यालय के निरीक्षण और सुझावों को लिपिबद्ध किया जाएगा और शासन इन्हें अमल में लेकर कार्य करेगा। राज्य सरकार ने सरपंचों को पंचायत की गतिविधियों के लिए 25 लाख रूपए तक की राशि खर्च करने का अधिकार दिया है। यह तो केवल शुरुआत है, इस दिशा में आगे भी और पहल की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंचायतों को आत्मनिर्भर व समृद्ध बनाने के लिए आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वाटर शेड विकास 2.0 के अंतर्गत वॉटर शेड महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों, सहयोगी संस्थाओं और नॉलेज पार्टनर संस्थाओं को पुरस्कृत भी किया। पुरस्कृत अधिकारियों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का समूह चित्र भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। कार्यशाला में पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह सहित बड़ी संख्या में जन-प्रतिनिधि, विषय-विशेषज्ञ व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग कि यह कार्यशाला 26 नवंबर तक चलेगी।
पंचायतें निवेश और निवास की बेहतर व्यवस्था के लिए बनाएं मास्टर प्लान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान में पुरस्कार प्राप्त करने वाले अधिकारी-कर्मचारी और संगठनों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पंचायतों को पीने के पानी का प्रबंध करने का अधिकार दिया है। पंचायतें विकास का संकल्प लेकर आगे बढ़ें। निवेश और निवास की बेहतर व्यवस्था के लिए मास्टर प्लान बनाएं। इसकी शुरुआत विदिशा जिले से की जा रही है। राज्य सरकार किसानों को सोलर पंप योजना के माध्यम से लाभ पहुंचा रही है। अगर कोई किसान तीन हॉर्स पावर से 5 हॉर्स पावर तक का सोलर पंप लेता है तो उसे 90 प्रतिशत का अनुदान मिलेगा। पंचायतें इस योजना को भी आगे बढ़ाएं। राज्य सरकार किसानों को बिजली के लिए आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश सरकार ने पंचायतों के माध्यम से एक बगिया मां के नाम की शुरुआत की है। इस दिशा में भी ग्राम स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पधारे जिला पंचायत प्रतिनिधियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में जिला, जनपद और ग्राम पंचायतों को बनाया जा रहा है सशक्त
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश के गठन के बाद से इस कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में विभानसभा सत्र आयोजित होते थे, हमारी इच्छा है कि आप सभी (पंचायत प्रतिनिधि) नई विधानसभा तक पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा है कि आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी पंचायतें भी आत्मनिर्भर बने। उनके मार्गदर्शन में जिला पंचायत, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाया जा रहा है। गत वर्ष के समान दूसरे सम्मेलन का आयोजन कर पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने आपको आमंत्रित किया है। राज्य सरकार पंचायतों के समग्र विकास के लिए हर कदम पर साथ खड़ी है।
जिला, जनपद और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक : मंत्री पटेल
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि यह राज्य स्तरीय कार्यशाला त्रि-स्तरीय पंचायत व्यवस्था बेहतर क्रियान्वयन के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। विकास और जनकल्याण गतिविधियों के बेहतर संचालन के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और जिला जनपद अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। भारत में परम्परागत रूप से ग्राम विकास की व्यवस्था समाज और सरकार की संयुक्त भागीदारी पर आधारित थी। वर्तमान में भी गतिविधियों के बेहतर संचालन के लिए सामुदायिक सहभागिता आवश्यक है। मंत्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की हर पंचायत में दिसम्बर 2026 तक शमशान घाट और उसके लिए सभी बुनियादी सुविधाएं जुटाने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पांचवें वित्त की राशि 6 हजार करोड़ की गई है, जो वर्तमान में पंचायतों के विकास का आधार बनी है। प्रदेश के दूरदराज के गांव पीएम जनमन योजना से पक्की सड़क से जुड़ रहे हैं। हमारा प्रदेश पीएम जनमन और पीएम आवास में देश में अग्रणी है। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायतों को आत्मनिर्भरता को केवल आर्थिक सम्पन्नता और स्वतंत्रता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। गांवों में बीमारियां न हों, स्वच्छता के हरसंभव उपाय हों, गांव नशामुक्त हों, गांव में आपसी विवाद न हों और सामाजिक बुराइयों को रोकने में ग्राम पंचायतें सामूहिक इच्छा शक्ति के साथ कार्य करें, यह भी आदर्श आत्मनिर्भर पंचायत के लिए आवश्यक है।
जल गंगा संवर्धन अभियान में श्रेष्ठ कार्य करने वालों का हुआ सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिलों और सहयोगी संगठनों के अधिकारियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समग्र रूप से श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिलों, खेत तालाबों के निर्माण में श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिलों और जनपदों तथा सहयोगी संगठनों के अधिकारियों को सम्मान-पत्र सौंपे। समग्र रूप से श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिलों की श्रेणी में खण्डवा जिले ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। रायसेन द्वितीय और बालाघाट ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। खेत तालाबों के निर्माण में श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिलों की श्रेणी में अनूपपुर और बालाघाट को सम्मानित किया गया। अनूपपुर जिले के जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ ने भी खेत-तालाबों के निर्माण में जनपदों के श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सहयोग प्रदान करने वाले अन्य सहयोगियों संगठनों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद, राजीव गांधी जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन, मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड तथा नॉलेज पार्टनर संस्थाओं क्रमश: प्रदान और टीआरआई के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव जतारा विधायक खटीक की सुपुत्री के विवाह समारोह में हुए शामिल
24 Nov, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार का टीकमगढ़ जिले में जतारा विधायक हरिशंकर खटीक की सुपुत्री के विवाह समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवविवाहित जोड़े को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। साथ ही नवविवाहित जोड़े के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में जतारा विधायक हरिशंकर खटीक ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया और विवाह समारोह में शामिल होने पर उनका आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा टीकमगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, जतारा विधायक हरिशंकर खटीक, पूर्व विधायक टीकमगढ़ राकेश गिरि गोस्वामी, पूर्व विधायक पृथ्वीपुर डॉ. शिशुपाल सिंह यादव, जनप्रतिनिधि, आईजी सागर हिमानी खन्ना, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय, पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीकमगढ़ में मां की बगिया में कदंब का पौधा रोपा
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को टीकमगढ़ जिले के प्रवास के दौरान स्थानीय पुलिस लाईन परिसर स्थित मां की बगिया में पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कदंब का पौधा रोपा और पर्यावरण-संरक्षण का संदेश दिया। यह कार्यक्रम "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति सम्मान को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा टीकमगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, जतारा विधायक हरिशंकर खटीक, पूर्व विधायक पृथ्वीपुर डॉ. शिशुपाल सिंह यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिला पंचायत सचिव संगठन का प्रतिनिधिमंडल
24 Nov, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में पंचायत सचिव संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को संगठन द्वारा आगामी माह जंबूरी मैदान भोपाल में राज्य स्तरीय सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया गया। संगठन के पदाधिकारीगण ने बताया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रचार-प्रसार में संगठन के सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट करने वालों में संगठन के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजपूत, पंचायत सचिव महासंघ के अध्यक्ष राजेश पटेल, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रणधीर सिंह सहित सर्वसुरेश विश्वकर्मा, राजेंद्र चौधरी, रामबाबू दांगी, राम गोपाल विश्वकर्मा, रमेश दुबे, ओम प्रकाश शर्मा और महेश राठौर शामिल थे।
नागरिकों के लिए राहत, भोपाल में कहीं से भी कर सकेंगे रजिस्ट्री
24 Nov, 2025 08:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | मध्य प्रदेश में संपत्ति की रजिस्ट्री व्यवस्था में बड़ा बदलाव शुरू हो रहा है. भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित पंजीयन भवन में साइबर पंजीयन कार्यालय बनाया जा रहा है, जिसके शुरू होते ही प्रदेश के किसी भी जिले की रजिस्ट्री भोपाल से ही की जा सकेगी. खरीदार को अब अपने संबंधित जिले में जाकर दस्तावेज़ पंजीयन की जरूरत नहीं पड़ेगी और पूरा काम वर्चुअली निपटाया जा सकेगा|
राजधानी भोपाल के अरेरा हिल्स में साइबर पंजीयन कार्यालय तैयार किया जा रहा है. इस कार्यलय में साइबर सब रजिस्ट्रार बैठेंगे और प्रदेश के किसी भी जिले में खरीदी जाने वाली जमीन, मकान, प्लाट सहित अन्य प्रापर्टी की रजिस्ट्री एक ही स्थान पर बैठ-बैठे करवा सकेंगे. इस सुविधा के बाद खरीदारों को अपने संबंधित जिले जाने की कोई जरूरत नहीं होगी. जानकारी के मुताबिक, ये पूरी व्यपस्था वर्चुअल रहने वाली है|
बदलाव से संपत्तियों की निगरानी व्यवस्था पर पड़ेगा असर
इस बदलाव पर विशेषज्ञों का कहना है कि यह नया सिस्टम सुविधा तो बढ़ाएगा, लेकिन संपत्तियों की निगरानी व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका है. जिन जिलों में जमीन या मकानों पर आपत्तियां लंबित हैं या न्यायालय में विवाद चल रहा है, उनकी निगरानी भोपाल से कैसे होगी, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं. यह भी आशंका जताई जा रही है कि स्टे वाली संपत्तियों की रजिस्ट्री कराना अब लोगों के लिए और आसान हो जाएगा|
पंजीयन विभाग ने जारी किया नोटिफिकेशन
पंजीयन विभाग ने अक्टूबर में साइबर कार्यालय शुरू करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया था और अब यहां साइबर सब-रजिस्ट्रारों की नियुक्ति की तैयारी चल रही है. ट्रायल रजिस्ट्री भी हो चुकी है, जिसके तहत विदेश में बैठे खरीदारों ने भी यहां से रजिस्ट्री करवाई थी|
निगरानी की प्रक्रिया हो सकती है कमजोर
पंजीयन कार्यालय अभिभाषक व्यवस्थापक समिति के अध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से जिलों की संपत्तियों पर रोक और निगरानी की प्रक्रिया कमजोर पड़ सकती है. वर्तमान में जिला प्रशासन अवैध कॉलोनियों और विवादित संपत्तियों पर स्थानीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए रजिस्ट्री रुकवा देता है ताकि जनता को धोखाधड़ी से बचाया जा सके, लेकिन भोपाल में केंद्रीकृत रजिस्ट्री शुरू होने के बाद यह पकड़ ढीली पड़ने का खतरा है. उनके अनुसार जिलों के लक्ष्य भी प्रभावित होंगे और विवादित संपत्तियों पर रोक लगाना और कठिन हो जाएगा| नई व्यवस्था तकनीकी रूप से आधुनिक जरूर है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसके लागू होते ही निगरानी, सुरक्षा और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर कई चुनौतियां सामने आ सकती हैं|
मध्य प्रदेश की राजधानी में नेशनल रोइंग चैलेंज, बड़ी संख्या में खिलाड़ी पहुंचेंगे
24 Nov, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | झीलों की नगरी भोपाल एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता का गवाह बनने जा रही है। शहर के बड़े तालाब स्थित बोट क्लब में 26 नवंबर से 8वीं इंटर-स्टेट चैलेंजर्स एवं 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा। पांच दिवसीय इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे।
इस राष्ट्रीय आयोजन में देशभर के 23 राज्यों से लगभग 500 खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए भोपाल पहुंच रहे हैं। प्रतियोगिता 30 नवंबर तक चलेगी। आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं, जिनका जायजा लेने के लिए चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बोट क्लब का निरीक्षण किया।
तैयारियों का जायजा और अधिकारियों को निर्देश
मंत्री विश्वास सारंग ने आयोजन स्थल का दौरा कर सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों और मेहमानों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रखी जाएं। उन्होंने कहा कि यह मध्य प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है कि इतने बड़े स्तर की प्रतियोगिता यहां हो रही है।
वॉटर स्पोर्ट्स के लिए आदर्श है भोपाल: सारंग
निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने भोपाल के बड़े तालाब को वॉटर स्पोर्ट्स के लिए एक खूबसूरत और उपयोगी डेस्टिनेशन बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता का यहां होना शहर के लिए गर्व का विषय है।
मंत्री सारंग ने इस बात पर जोर दिया कि मध्य प्रदेश रोइंग में मौजूदा राष्ट्रीय चैंपियन है और इस तरह के आयोजन से स्थानीय खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। यह आयोजन प्रदेश में वॉटर स्पोर्ट्स की संस्कृति को और बढ़ावा देगा।
‘मां, मैं भगवान की सेवा कर रहा हूं’, 13 साल का बच्चा लापता, पुलिस खोज में जुटी
24 Nov, 2025 06:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शहडोल | मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में एक संवेदनशील और रहस्यमय मामला सामने आया है. यहां थाना सोहागपुर क्षेत्र के बाणगंगा में रहने वाला 13 वर्षीय धीरेंद्र प्रजापति रविवार की रात अचानक घर से गायब हो गया. उसके बिस्तर के पास एक चिट्ठी मिली है, जिसमें बच्चे ने लिखा है—मां मैं भगवान की तपस्या करने घर छोड़कर जा रहा हूं. मां-पापा, भाई-बहन अपना ख्याल रखना, मैं ठीक हूं|
धीरेंद्र रात 12 बजे चुपचाप घर से निकल गया
मासूम के हाथ से लिखी यह चिट्ठी परिजनों के लिए किसी सदमे से कम नहीं है. बच्चे की मां बार-बार पत्र को सीने से लगाकर रो पड़ती हैं और कहती हैं कि बेटा भगवान की सेवा करने नहीं, पहले अपने घर वापस लौट आ. परिजन बताते हैं कि रात 12 बजे से 1 बजे के बीच धीरेंद्र चुपचाप घर से निकल गया. सुबह जब वह अपने बिस्तर पर नहीं मिला तो घर में हड़कंप मच गया. धीरेंद्र की तलाश करते समय जब यह पत्र मिला तो सभी की आंखें भर आईं|
पिता ने फेसबुक पोस्ट कर बच्चे को ढूंढने की अपील की
धीरेंद्र के पिता धर्मेंद्र प्रजापति ने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लोगों से अपील की है कि बच्चा कहीं भी दिखाई दे तो तुरंत सूचना दें. गांव और आसपास के लोग अपने स्तर पर बच्चे की खोज में जुटे हुए हैं. परिवार का कहना है कि धीरेंद्र धार्मिक स्वभाव का जरूर था लेकिन घर छोड़ देने जैसा कदम उसने पहले कभी नहीं उठाया|
छोटी बहन बोली- भैया कब आएंगे
घर में मातम जैसे हालात हैं. धीरेंद्र की मां का रो-रोकर बुरा हाल है और छोटी बहन भी लगातार पूछ रही है कि भैया कब आएगा? पिता की आंखें लगातार दरवाजे पर लगी रहती हैं कि शायद कोई उसे लेकर आता दिखाई दे|
यह मामला केवल एक बच्चे की गुमशुदगी नहीं, बल्कि यह भी दिखाता है कि मासूम मन कभी-कभी धार्मिक या भावनात्मक प्रभाव में कितना बड़ा निर्णय ले लेता है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि धीरेंद्र को कहीं भी देखा जाए तो तुरंत थाना सोहागपुर या परिजनों को सूचना दें|
पुलिस बच्चे की तलाश में जुटी
परिवार ने पहले बाणगंगा क्षेत्र, आसपास के गांवों और रिश्तेदारों के घरों में खोज की, लेकिन हर जगह निराशा हाथ लगी. इसके बाद पिता धर्मेंद्र प्रजापति ने थाना सोहागपुर जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई. FIR में बताया गया है कि धीरेंद्र प्रजापति, उम्र 13 वर्ष, निवासी कोटमा बाणगंगा, अचानक घर से निकल गया है. मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत दर्ज किया गया है. जांच की जिम्मेदारी एएसआई जवाहर लाल राय को सौंपी गई है|
थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पांडे ने बताया कि पुलिस की विशेष टीम गठित कर दी गई है और बच्चे की तलाश तेजी से की जा रही है. बाणगंगा से लेकर आसपास के जंगल, खेत, मंदिर, बस स्टैंड और संभावित रास्तों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है ताकि पता लगाया जा सके कि बच्चा किस दिशा में गया. पड़ोसी थानों को भी सतर्क कर जानकारी प्रसारित की गई है|
मध्य प्रदेश में राहुल गांधी का ‘SIR हाइड्रोजन बम’ फ्लॉप! कांग्रेस ने BLA लिस्ट तो बनाई, पर मैदान में क्यों नहीं उतरे?
24 Nov, 2025 06:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP News: बिहार और हरियाणा में SIR का हाइड्रोजन बम फोड़ने वाले राहुल गांधी का मध्य प्रदेश में बम फिसड्डी साबित हुआ है. फील्ड पर बीएलओ के साथ बीएलए भेजने के बजाय कांग्रेस के बड़े नेता चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कर रहे हैं. एक तरफ बीजेपी बीएलओ के साथ अपने बीएलए तैनात करके SIR की प्रक्रिया को तेज कर रही है, वहीं कांग्रेस ने बीएलए की सूची जारी करके उनको उनके हाल पर छोड़ दिया है.
जीतू पटवारी ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने पिछले दिनों SIR को लेकर बैठक बुलाई थी. इस बैठक में प्रदेश के हरीश चौधरी से लेकर जीतू पटवारी भी मौजूद रहे. बीजेपी की तुलना में कांग्रेस ने चार दिन बाद बीएलए की सूची जारी की. SIR की प्रक्रिया को लेकर जीतू पटवारी ने चुनाव आयोग को भी सवालों के घेरे में लिया. यहां तक कि आधी अधूरी तैयारी के बीच चल रहे फिर समय अवधि बढ़ाने की मांग की, लेकिन अपने बीएलए ही कांग्रेस तैयार नहीं कर पाई. यही कारण है कि अब बीजेपी कांग्रेस के SIR वाले बयानों पर पलटवार कर रही है. वहीं दूसरी तरफ यह भी चर्चा है कि आखिर जब बिहार और हरियाणा में राहुल गांधी ने फर्जी मतदाताओं की बड़ी संख्या और सूची जारी की तो उसके बाद मध्य प्रदेश में आखिर कांग्रेस क्यों पीछे रह गई है?
‘BJP से पहले BLA बना लिया’
SIR की प्रक्रिया और बीएलए की तैनाती में देरी को लेकर कांग्रेस बीजेपी पर हमलावर है. कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हाफिज का कहना है कि हमने बीजेपी से पहले बीएलए बना लिए हैं. SIR की प्रक्रिया के बीच हमारे बीएलए लोगों के पास जा रहे हैं. वहीं कांग्रेस की देरी को लेकर भाजपा ने कहा कि यह पहले भ्रम फैलाने का काम करते हैं. बाद में कोई प्रक्रिया शुरू होती है तो शिकायतें चुनाव आयोग के पास करके वापस लौट जाते हैं. कांग्रेस के पास ना तो नेता बचे हुए हैं, ना ही नेतृत्व और ऐसे में राहुल गांधी ने जो मुद्दा उठाया है, वह मध्य प्रदेश में पूरी तरीके से फ्लॉप होता नजर आ रहा है.
कांग्रेस के BLA फील्ड पर नहीं उतरे
मध्य प्रदेश में SIR का काम बहुत जल्दबाजी में बिना तैयारी शुरू हुआ. हालांकि पॉलीटिकल पार्टी को भी यह कहा गया था कि वह सहयोग करें, लेकिन शिकायत करने के अलावा कांग्रेस के बीएलए फील्ड पर नहीं उतर पाए हैं. यही कारण है कि चुनाव आयोग भी कांग्रेस की शिकायत तो को लेकर ज्यादा गंभीर नहीं है, क्योंकि SIR की प्रक्रिया में साथ रहने के लिए कांग्रेस की तरफ से नजर नहीं आ रहा है.
भोपाल में नकली नोटों की फैक्ट्री का पर्दाफाश, 20 लाख की करेंसी बरामद—3 गिरफ्तार
24 Nov, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | भोपाल और खंडवा में नकली नोटों का जाल फैलाने वाले बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए खंडवा पुलिस ने मास्टरमाइंड डॉक्टर प्रतीक नवलखे समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपी लंबे समय से भोपाल की गोकुलधाम सोसाइटी में किराए के मकान पर ट्रैवल एजेंसी का बोर्ड लगाकर नकली नोट छापते थे. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में फर्जी नोटों के साथ हाई-क्वालिटी प्रिंटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, 15 चेक बुक, 32 एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए है. जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह अब तक करीब 40 लाख रुपए के नकली नोट भोपाल और महाराष्ट्र के कई शहरों में चला चुका है|
मदरसे से मिले लाखों रुपये के नकली नोट
पुलिस के अनुसार, यह वही गिरोह है, जिसके कारण 2 नवंबर को पैठिया स्थित मदरसे में 19 लाख 78 हजार रुपए के नकली नोट मिले थे. इस मामले में शुरुआती सुराग तब मिले जब गिरोह के विश्वस्त साथी और मदरसे में पदस्थ इमाम जुबेर अंसारी को महाराष्ट्र के मालेगांव में गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद पूरा नेटवर्क हिल गया. इसी कड़ी में जावर पुलिस को डॉक्टर नवलखे के भोपाल में छिपे होने की जानकारी मिली और 23 नवंबर को छापेमारी कर तीनों आरोपियों को दबोच लिया गया|
जेल में हुई थी मास्टरमाइंड डॉक्टर की इमाम जुबेर से मुलाकात
जांच में पता चला है कि डॉक्टर प्रतीक नवलखे पहले बुरहानपुर जिला अस्पताल में RMO के पद पर कार्यरत था और गांधी मेडिकल कॉलेज इंदौर से MBBS करने के बाद सरकारी सेवा में आया था, लेकिन फर्जी खरीद और बिल घोटालों में फंसकर जेल पहुंच गया. वहीं उसकी मुलाकात इमाम जुबेर अंसारी से हुई और जेल से निकलने के बाद दोनों ने नकली नोटों का धंधा शुरू किया. गिरोह 1 लाख रुपए असली लेकर बदले में 5 लाख रुपए नकली नोट देने की डील करता था, जिससे कई लोग उनके संपर्क में आ चुके हैं|
पुलिस ने जब्त किया सामान
पुलिस जब्त किए गए एटीएम कार्ड, मोबाइल, लैपटॉप और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच कर रही है. वित्तीय धोखाधड़ी के बड़े मामले खुलने की संभावना जताई गई है और पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आएंगे. गिरफ्तार आरोपी अभी रिमांड पर हैं और रैकेट के अन्य लिंक और सप्लाई चैन की खोज जारी है|
मध्य प्रदेश में राहुल गांधी का ‘SIR हाइड्रोजन बम’ फेल, कांग्रेस ने BLA की लिस्ट बनाई लेकिन फील्ड पर नहीं उतरी
24 Nov, 2025 04:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | बिहार और हरियाणा में SIR का हाइड्रोजन बम फोड़ने वाले राहुल गांधी का मध्य प्रदेश में बम फिसड्डी साबित हुआ है. फील्ड पर बीएलओ के साथ बीएलए भेजने के बजाय कांग्रेस के बड़े नेता चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कर रहे हैं. एक तरफ बीजेपी बीएलओ के साथ अपने बीएलए तैनात करके SIR की प्रक्रिया को तेज कर रही है, वहीं कांग्रेस ने बीएलए की सूची जारी करके उनको उनके हाल पर छोड़ दिया है|
जीतू पटवारी ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने पिछले दिनों SIR को लेकर बैठक बुलाई थी. इस बैठक में प्रदेश के हरीश चौधरी से लेकर जीतू पटवारी भी मौजूद रहे. बीजेपी की तुलना में कांग्रेस ने चार दिन बाद बीएलए की सूची जारी की. SIR की प्रक्रिया को लेकर जीतू पटवारी ने चुनाव आयोग को भी सवालों के घेरे में लिया. यहां तक कि आधी अधूरी तैयारी के बीच चल रहे फिर समय अवधि बढ़ाने की मांग की, लेकिन अपने बीएलए ही कांग्रेस तैयार नहीं कर पाई. यही कारण है कि अब बीजेपी कांग्रेस के SIR वाले बयानों पर पलटवार कर रही है. वहीं दूसरी तरफ यह भी चर्चा है कि आखिर जब बिहार और हरियाणा में राहुल गांधी ने फर्जी मतदाताओं की बड़ी संख्या और सूची जारी की तो उसके बाद मध्य प्रदेश में आखिर कांग्रेस क्यों पीछे रह गई है?
‘BJP से पहले BLA बना लिया’
SIR की प्रक्रिया और बीएलए की तैनाती में देरी को लेकर कांग्रेस बीजेपी पर हमलावर है. कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हाफिज का कहना है कि हमने बीजेपी से पहले बीएलए बना लिए हैं. SIR की प्रक्रिया के बीच हमारे बीएलए लोगों के पास जा रहे हैं. वहीं कांग्रेस की देरी को लेकर भाजपा ने कहा कि यह पहले भ्रम फैलाने का काम करते हैं. बाद में कोई प्रक्रिया शुरू होती है तो शिकायतें चुनाव आयोग के पास करके वापस लौट जाते हैं. कांग्रेस के पास ना तो नेता बचे हुए हैं, ना ही नेतृत्व और ऐसे में राहुल गांधी ने जो मुद्दा उठाया है, वह मध्य प्रदेश में पूरी तरीके से फ्लॉप होता नजर आ रहा है|
कांग्रेस के BLA फील्ड पर नहीं उतरे
मध्य प्रदेश में SIR का काम बहुत जल्दबाजी में बिना तैयारी शुरू हुआ. हालांकि पॉलीटिकल पार्टी को भी यह कहा गया था कि वह सहयोग करें, लेकिन शिकायत करने के अलावा कांग्रेस के बीएलए फील्ड पर नहीं उतर पाए हैं. यही कारण है कि चुनाव आयोग भी कांग्रेस की शिकायत तो को लेकर ज्यादा गंभीर नहीं है, क्योंकि SIR की प्रक्रिया में साथ रहने के लिए कांग्रेस की तरफ से नजर नहीं आ रहा है|
रीवा में दर्दनाक: SIR के दबाव में BLO की जान पर बनी, ब्रेन हेमरेज से ICU में जंग!
24 Nov, 2025 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP News: चुनाव आयोग ने कुछ दिनों पहले ही देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) करने का एलान किया था. इसके बाद से ही प्रक्रिया को तेजी से करने में राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों काे महत्वपुर्ण जिम्मेदारी सौंप दी गई. ऐसे में SIR सर्वे को लेकर बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) पर अत्यधिक दबाव बनता नजर आ रहा है. ताजा मामला रीवा का है, जहां सर्वे के प्रेशर के चलते एक बीएलओ को ब्रेन हेमरेज हो गया. जानकारी के अनुसार पुष्पराज नगर में पदस्थ सहायक शिक्षक विजय पांडे की बीएलओ के रूप में ड्यूटी लगी थी.
परिजनों का आरोप है कि नोडल अधिकारी द्वारा उन पर लगातार अतिरिक्त दबाव डाला जा रहा था, जिसकी वजह से उनकी तबीयत बिगड़ गई. हल्का फीवर होने के बावजूद काम पूरा करने के लिए मजबूर किया जा रहा था, जिसके बाद उनकी हालत अचानक गंभीर हो गई. ब्रेन हेमरेज के बाद उन्हें निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. देशभर में SIR सर्वे की जिम्मेदारी बीएलओ को सौंपी गई है, लेकिन लगातार दबाव के कारण वे मानसिक और शारीरिक दोनों स्तर पर परेशानी झेल रहे हैं.
SIR प्रक्रिया के लिए BLO को किया नियुक्त
देश में चल रहे SIR (Special Summary Revision) अभियान में बीएलओ की नियुक्ति तो कर दी गई है, लेकिन इसी प्रक्रिया के दौरान सामने आ रही लगातार मौतों ने गंभीर चिंता खड़ी कर दी है. कई राज्यों में बीएलओ पर बढ़ रहा काम का बोझ अब जानलेवा बनता जा रहा है. बढ़ते मामलों को देखते हुए अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, गुजरात प्रांत ने शिक्षकों द्वारा की जा रही ऑनलाइन प्रक्रिया का बहिष्कार करने की घोषणा की है. अब तक 8 बीएलओ अपनी जान गंवा चुके हैं, जो पूरे अभियान की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं.
गुजरात में काम के दबाव से BLO ने की आत्महत्या
गुजरात के गिर सोमनाथ में काम के भारी दबाव से टूट चुके बीएलओ अरविंद वाढेर ने आत्महत्या कर ली. सुसाइड नोट में उन्होंने साफ लिखा कि अब वे SIR का काम आगे नहीं संभाल सकते, वे बेहद थक चुके हैं और मानसिक रूप से टूट चुके हैं. पत्नी और बेटे से प्यार जताते हुए उन्होंने बैग में रखे SIR के दस्तावेज स्कूल में जमा करने के लिए कहा. इस घटना ने शिक्षकों के गुस्से को और गहरा कर दिया है.
देशभर के कई राज्यों में BLO ने आत्महत्या कर ली
इसके अलावा कई अन्य राज्यों से भी बीएलओ की मौत की खबरें सामने आई हैं. पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में एक बीएलओ ने आत्महत्या की है. राजस्थान में दो बीएलओ की मौत हुई. सवाई माधोपुर में बीएलओ की मौत हार्ट अटैक से हुई, जबकि जयपुर में एक बीएलओ ने आत्महत्या कर ली. परिजनों का कहना है कि मतदाता सूची संशोधन से जुड़े भारी दबाव के कारण उन्होंने यह कदम उठाया है.
गुजरात के खेड़ा में भी एक बीएलओ की मौत दर्ज की गई. केरल के कन्नूर में तनाव के चलते एक बीएलओ ने आत्महत्या की, वहीं तमिलनाडु के कुंभकोणम में काम के दबाव से परेशान एक बीएलओ ने 44 गोलियां खाकर जान देने का प्रयास किया. पश्चिम बंगाल में ही 9 नवंबर को ब्रेन स्ट्रोक से एक बीएलओ की मौत हुई, जिसे परिजनों ने मानसिक तनाव का नतीजा बताया. इन सभी घटनाओं में एक बात समान है. सभी मृतक बीएलओ SIR अभियान में ड्यूटी पर थे.
शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई, CM हाउस के बाहर तनाव
बालाकोट-नोटबंदी पर राहुल का तंज, संसद में हंगामा
