राजनीति
हर पीड़ित की शिकायत का प्रभावी निस्तारण कराया जाएगा। – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
1 Dec, 2025 08:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोरखपुर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने कहा कि हर पीड़ित की शिकायत का (Every Victim’s Complaint) प्रभावी निस्तारण कराया जाएगा (Will be effectively Resolved) ।
गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरे दिन रविवार सुबह जनता दर्शन कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोगों से बातकर उनकी समस्याएं सुनीं और कहा, “घबराइए मत, हर समस्या का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। हर पीड़ित की शिकायत का प्रभावी निस्तारण कराया जाएगा।” जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और उसका समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण व पारदर्शी निस्तारण कराएं। इससे पहले शनिवार को भी सीएम ने जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुनीं थीं।
रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में महिलाओं की संख्या अधिक रही। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। सीएम ने उन्हें आश्वस्त किया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। किसी को भी चिंता करने या परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। प्रार्थना पत्रों को उन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण कराया जाए।
जनता दर्शन में कुछ लोगों द्वारा जमीन कब्जाने की शिकायत पर सीएम योगी ने कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी गरीब की जमीन पर यदि कोई कब्जा करने की कोशिश करे तो उसे ठीक से सबक सिखाया जाए। गरीब की जमीनों पर दबंग या माफिया का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अफसरों को यह निर्देश दिए कि यदि किसी प्रकरण में पीड़ित को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ा है तो इसकी भी जांच कर जवाबदेही तय की जाए। जनता दर्शन में अंबेडकरनगर से आई एक महिला ने बाजार गए अपने बच्चे के साइकिल सहित गायब होने की पीड़ा बताई। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इस प्रकरण को संवेदनशीलता से लिया जाए और बच्चे का पता लगाने को जरूरी कदम उठाए जाएं।
जनता दर्शन में इस बार भी कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें मदद का भरोसा दिया और अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। एक महिला द्वारा किडनी के इलाज में डायलिसिस कराने की जरूरत और उसके लिए धनराशि न होने की बात कहने पर मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अफसरों को निर्देशित किया कि डायलिसिस के लिए पैसे की व्यवस्था कराई जाए। उन्होंने महिला को यह कहते हुए भरपूर आत्मीय संबल दिया, ‘घबराओ मत उपचार की पूरी व्यवस्था कराई जाएगी।’ मुख्यमंत्री योगी ने जनता दर्शन में परिजनों के साथ बच्चों पर खूब प्यार-दुलार बरसाया। उन्होंने इन बच्चों को चॉकलेट के साथ आशीर्वाद दिया।
योगी आदित्यनाथ ऑफिस के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से जनता दर्शन की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, “प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं और अधिकारों की पूर्ति ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज के सुशासन का आधार है। लोक-कल्याण हेतु दृढ़ संकल्पित महाराज जी ने आज गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं एवं अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।”
जनेश्वर मिश्र पार्क को इवेंटबाजी के हवाले कर रही है योगी सरकार – सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव
1 Dec, 2025 08:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ । सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (SP President Akhilesh Yadav) ने कहा कि योगी सरकार (Yogi Government) जनेश्वर मिश्र पार्क (Janeshwar Mishra Park) को इवेंटबाजी के हवाले कर रही है (Is using for Event Purposes) । अखिलेश यादव ने रविवार को लखनऊ के सबसे बड़े जनेश्वर मिश्र पार्क को बचाने के लिए बड़ा नागरिक आंदोलन खड़ा करने का आह्वान किया है ।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर रविवार को पोस्ट करके भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पैसे के लालच में लखनऊ के ‘हरित हृदय’ कहे जाने वाले जनेश्वर मिश्र पार्क को इवेंटबाजी के हवाले कर रही है। अखिलेश ने कहा कि अगर सपा अकेले इसका विरोध करेगी तो भाजपा इसे राजनीतिक करार देगी। उन्होंने लिखा, “हम सबको मिलकर एक नागरिक आंदोलन की तरह इसका पुरजोर विरोध करना चाहिए। यदि हम अकेले ये करेंगे तो इसे राजनीतिक आंदोलन घोषित करके भाजपा सरकार अपना उल्लू सीधा कर लेगी।”
उन्होंने बुजुर्गों, परिवारवालों और हेल्थ व फिटनेस से जुड़े लोगों से इस विषय पर आगे आने और हरियाली बचाने की अपील करते हुए लिखा, “इसलिए हमारी हर लखनऊवासी, हर पर्यावरण प्रेमी-एक्टिविस्ट, पार्कों का सदुपयोग करने वाले हर बुजुर्ग, हर परिवारवाले और हर हेल्थ व फिटनेस कॉन्शियस युवक-युवती से अपील है कि वो आगे आएं और लखनऊ की हरियाली को बचाएं।” अखिलेश ने लिखा, “ये तो भाजपा और उनके संगी-साथियों के लालच की शुरुआत है। आज एक पार्क इसका शिकार हो रहा है, कल को लखनऊ और उत्तर प्रदेश के हर मोहल्ले-कॉलोनी के पार्क पर भाजपाई ठेकेदारों का कब्जा हो जाएगा।”
सपा प्रमुख ने इवेंट के बाद लखनऊवासियों के हिस्सों में गंदगी आने की बात कही। अखिलेश यादव ने कहा कि स्थानीय निवासियों के हिस्से इन इवेंटों के बाद जमा हुए कूड़े-करकट, गंदगी और जूठन की दुर्गंध के सिवा कुछ नहीं आएगा। समय रहते नहीं जागे तो लखनऊवासियों का सांस लेना दूभर हो जाएगा। भाजपा पार्क को पार्किंग न बनाए। भाजपा जाए तो सांस आए।”
कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता हस्तांतरण को लेकर तनाव जारी, डीके शिवकुमार याद दिला रहे ढाई-ढाई साल का वादा
30 Nov, 2025 10:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कर्नाटक (Karnataka) में कांग्रेस (Congress) के लिए संकट अभी टला नहीं है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Chief Minister Siddaramaiah) और उनके डिप्टी डीके शिवकुमार (Deputy DK Shivakumar) के बीच सत्ता हस्तांतरण को लेकर दबाव की राजनीति जारी है। इस बीच कांग्रेस हाईकमान ने सिद्धारमैया और शिवकुमार को नई दिल्ली तलब किया है। यह कदम राज्य में गहराते नेतृत्व संकट को समाप्त करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सूत्रों के कहना है कि 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद जब मुख्यमंत्री चुनने की बारी आई तो सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच एक डील हुई थी। डील में ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला दिया गया है। अब जब सिद्धारमैया की मियाद पूरी हो चुकी है तो वह कुर्सी छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। इसे देखते हुए शिवकुमार ने कांग्रेस आलाकमान को उनको दिया गया वादा याद दिलाया है।
कई वरिष्ठ कांग्रेस पदाधिकारियों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच एक मौखिक सहमति बनी थी जिसके तहत सिद्धारमैया ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद पर रहेंगे और शेष अवधि के लिए शिवकुमार बागडोर संभालेंगे। हालांकि इस व्यवस्था को आधिकारिक तौर पर कभी स्वीकार नहीं किया गया, लेकिन शिवकुमार द्वारा हाल ही में यह खुलासा किए जाने के बाद तनाव बढ़ गया कि 5-6 शीर्ष नेताओं के बीच एक समझ बनी थी।
घटनाक्रम से परिचित एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, “यह आपसी एक समझ थी। कोर कमेटी में हर कोई जानता था कि सत्ता-साझेदारी फॉर्मूले पर चर्चा हुई थी। हाईकमान को अब यह स्पष्ट करना होगा कि क्या इसे औपचारिक रूप दिया गया था या यह एक मौखिक वादे के रूप में छोड़ दिया गया था।” इस मुद्दे को जल्दी न सुलझा पाने के कारण संदेह और दबाव की रणनीति के लिए जगह बन गई है।
डीके शिवकुमार ने दबाव की राजनीति तेज कर दी है। उन्होंने हाल ही में एक पोस्ट के जरिए सिद्धारमैया और कांग्रेस आलाकमान को परोक्ष रूप से वचन निभाने की बात याद दिलाई। शिवकुमार यह चाहते हैं कि इस मुद्दे पर कांग्रेस हाईकमान कोई न कोई जवाब दे।
शिवकुमार के प्रति सहानुभूति रखने वाले नेताओं का कहना है कि यह मुद्दा अब केवल व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से परे है। एक वरिष्ठ कांग्रेस पदाधिकारी ने कहा, “यदि पार्टी कोई वचन देती है, तो उसे उस पर कायम रहना चाहिए। यह केवल एक नेता या एक पद की बात नहीं है। यह विश्वसनीयता की बात है।” वहीं, सिद्धारमैया खेमे के एक पदाधिकारी ने अभी भी यही रुख बनाए रखा है कि कोई बाध्यकारी व्यवस्था नहीं थी।
इस सबके बीच कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने इस संकट को सुलझाने का फैसला किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने इसकी कोशिशें तेज कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार, नेतृत्व के मुद्दे को सुलझाने के लिए 29 या 30 नवंबर को नई दिल्ली में एक बैठक होने की संभावना है, जिसमें सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों को बुलाया गया है। एक नेता ने कहा कि उनका उद्देश्य गुस्सा शांत करना और राजनीतिक रूप से टिकाऊ व्यवस्था खोजना है, क्योंकि अब शिवकुमार की उपेक्षा करना कोई विकल्प नहीं रहा।
हाईकमान ने पहले दोनों नेताओं को आपस में मिलकर बात करने का निर्देश दिया है, जिसके बाद दिल्ली में अंतिम फैसला होगा। इसके अनुसार मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को नाश्ते पर आमंत्रित किया है।
नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार बोले- हम साथ-साथ हैं…
30 Nov, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बंगलूरू. कर्नाटक (Karnataka) में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच सीएम (CM) सिद्धारमैया (Siddaramaiah ) और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) ने एकजुटता का संदेश दिया है। करीब एक घंटे चले नाश्ते के बाद दोनों नेताओं ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी एकजुट है और पार्टी आलाकमान जो भी तय करेगा, दोनों नेता उसका पालन करेंगे।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया बोले- हमारे बीच कोई मतभेद नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘कल से कोई असमंजस नहीं रहेगा। अभी भी कोई असमंजस नहीं है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स से गलतफहमी पैदा हुई। हमने तय किया है कि पार्टी आलाकमान जो भी तय करेगा, हम उसका पालन करेंगे।’ सिद्धारमैया ने कहा कि ‘हमारा एजेंडा 2028 का विधानसभा चुनाव है। निकाय चुनाव भी अहम है। हमने उन पर चर्चा की। हमने 2028 में कांग्रेस को फिर से सत्ता में लाने पर भी चर्चा की। हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है और भविष्य में भी कोई मतभेद नहीं होंगे।’
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विपक्षी पार्टियों भाजपा और जेडीएस पर निशाना साधा और दोनों पार्टियों पर फर्जी अफवाह फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा ‘भाजपा और जेडीएस को झूठे आरोप लगाने की आदत है। इन दलों ने बयान दिया है कि वे अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे। उनके पास सिर्फ 60 विधायक हैं, और जेडीएस के पास 18 हैं। वे हमारी संख्या का मुकाबला नहीं कर सकते। हमारे पास 140 विधायक हैं। यह एक बेकार की कोशिश है। हम उनके झूठे आरोपों का सामना करेंगे।’
क्या बोले डीके शिवकुमार?
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने इस प्रेस वार्ता में कहा, ‘राज्य के लोग अपना पूरा समर्थन दे रहे हैं। हम अपने वादे के मुताबिक काम कर रहे हैं। हमें लोगों की इच्छाएं पूरी करनी हैं। हम उस दिशा में काम कर रहे हैं। हाईकमान जो भी कहेगा, हम उसे मानेंगे। पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। अभी भी हम मिलकर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जो भी कहा, मैं उनके साथ हूं। हम मिलकर काम कर रहे हैं।’
उन्होंने आगे कहा, ‘जहां तक नेतृत्व की बात है, हम अपनी पार्टी हाईकमान को मानते हैं। वे जो भी कहते हैं, वो ही हमारा फैसला है। हम पार्टी के वफादार सिपाही रहे हैं। हम जानते हैं कि हमारे देश में पार्टी मुश्किल दौर से गुजर रही है। लेकिन हमें भरोसा है कि कर्नाटक एक बड़ी भूमिका निभाएगा, हम 2028 में सरकार दोहराएंगे और मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के नेतृत्व में 2029 में भी आगे बढ़ेंगे।’
क्यों शुरू हुई नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा?
2023 के विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद ही सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच सीएम पद को लेकर रस्साकसी शुरू हो गई थी। दोनों सीएम पद पर अपनी दावेदारी जता रहे थे। बात इतनी बढ़ी कि दोनों नेताओं को पार्टी आलाकमान ने दिल्ली बुलाया। दिल्ली में समझौते के बाद तय हुआ कि सिद्धारमैया कर्नाटक सरकार की कमान संभालेंगे और शिवकुमार डिप्टी सीएम का पद संभालेंगे। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच ढाई-ढाई साल के लिए सीएम पद संभालने का समझौता हुआ। हालांकि दोनों ही नेताओं और पार्टी ने आधिकारिक तौर पर इस रोटेशन फार्मूले की बात को कभी स्वीकार नहीं किया। हालांकि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार दो खेमों में बंटी नजर आई। कई विधायकों और मंत्रियों ने सिद्धारमैया का समर्थन किया तो कई ने शिवकुमार के समर्थन में आवाज बुलंद की। अब जब नवंबर में सिद्धारमैया सीएम पद पर ढाई साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं तो एक बार फिर से नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा ने जोर पकड़ लिया।
बिहार में अगले महीने हो सकता है नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार, JDU के 6 और बीजेपी के 3 विधायक बनेंगे मंत्री
30 Nov, 2025 09:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार (NDA government) का मंत्रिमंडल विस्तार अगले महीने होने की संभावना है. सूत्रों की मानें तो जेडीयू मंत्रिमंडल (JDU cabinet) में अपने कोटे के 6 खाली पदों को भरने की तैयारी में है, जिसके जरिए पार्टी राज्य में सामाजिक और जातीय समीकरण साधेगी. सीएम नीतीश कुमार की कैबिनेट में अभी 9 मंत्री पद खाली हैं, इनमें जेडीयू कोटे के 6 और बीजेपी कोटे के 3 पद शामिल हैं.
बिहार सरकार के मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री को लेकर अधिकतम 36 मंत्री बन सकते हैं. एनडीए के सहयोगी दलों के बीच मंत्रिमंडल में मंत्री पद के बंटवारे के फार्मूले के अनुसार बीजेपी के हिस्से में 17, जेडीयू के हिस्से में 15 (सीएम मिलाकर), एलजेपी के हिस्से में 2, एचएएम और आरएलपी के हिस्से में एक-एक मंत्री पद आए थे. इस हिसाब से बीजेपी के खाते से 3 और जेडीयू के खाते से 6 और मंत्री नीतीश कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं.
सूत्रों के अनुसार जेडीयू कुशवाह और अति पिछड़े वर्ग के विधायकों को मंत्री बनाएगी. अभी जेडीयू के बिजेंद्र प्रसाद यादव के पास पांच, विजय चौधरी के पास चार और श्रवण कुमार एवं सुनील कुमार के पास दो-दो विभाग हैं. वहीं भाजपा कोटे के मंत्री विजय सिंह, मंगल पांडेय, नितिन नवीन और अरुण शंकर प्रसाद के पास भी दो-दो विभाग हैं. ऐसे में नए मंत्रियों के पास इनमें से कुछ विभाग जा सकते हैं.
जेडीयू के पास नए चेहरों को मौका देने की गुंजाइश है. हालांकि जेडीयू सूत्रों ने इस बात से इनकार किया कि पार्टी की नजरें दूसरे दलों के विधायकों पर हैं और उन्हें तोड़ कर जेडीयू में मिलाने की कोशिश हो रही है और उन्हें मंत्रिपरिषद में जगह मिल सकती है. जेडीयू सूत्रों के अनुसार इसकी कोई आवश्यकता भी नहीं है और पार्टी ऐसा करना भी नहीं चाहती. बिहार में राज्य सभा चुनाव में अभी 6 महीने का समय है और मौजूदा संख्या बल के हिसाब से एनडीए सभी पांच सीटें जीतने की स्थिति में है, लिहाजा दूसरे दलों के समर्थन की फिलहाल आवश्यकता नहीं है.
2029 में हर हाल में लड़ूंगी लोकसभा चुनाव…उमा भारती ने बताया 2024 में चुनाव न लड़ने का कारण
30 Nov, 2025 08:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भारतीय राजनीति की प्रखर और स्पष्टवादी नेता पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Former Chief Minister Uma Bharti) ने शनिवार की शाम टीकमगढ़ स्थित अपने बड़े भाई स्वर्गीय स्वामी प्रसाद के फार्महाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। सबसे पहले उन्होंने बिहार की शराबबंदी का उल्लेख (mention of alcoholism) करते हुए कहा कि उसके पीछे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दृढ़ इच्छा शक्ति थी। उमा भारती ने कहा कि बिहार में नीतीश के विधायक भी शराब बेचते रहे, लेकिन नीतीश डटे रहे, तभी शराबबंदी संभव हो सकी। उन्होंने मध्य प्रदेश में भी समाज की भागीदारी को शराबबंदी की अनिवार्य शर्त बताया।
आगामी चुनावों को लेकर उन्होंने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए स्पष्ट कहा कि 2029 में वह हर हाल में झांसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि 2024 का चुनाव उन्होंने केवल इसलिए नहीं लड़ा, क्योंकि उस समय वह गंगा सफाई अभियान में पूरी तरह व्यस्त थीं। देश में चल रही एसआईआर बहस पर उन्होंने कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि यह देश की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम है, जिसे राष्ट्रीय हित में देखा जाना चाहिए।
हिंदू राष्ट्र पर अपनी राय देते हुए उमा भारती ने कहा कि भारत सांस्कृतिक रूप से हिंदू राष्ट्र है और हमेशा रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विचार सांप्रदायिकता नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान का विषय है। प्रेम विवाह को लेकर उन्होंने प्रगतिशील रुख अपनाते हुए कहा कि यदि दोनों परिवार सहमत हों तो जाति कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संतोष वर्मा के विवादित बयान की भी निंदा की।
शराबबंदी पर बात करते हुए उमा भारती ने बताया कि टीकमगढ़ के कई ग्रामीण इलाकों में समाज ने स्वयं पहल कर शराबबंदी लागू की है। उन्होंने कहा कि “शराबबंदी और गौ सेवा समाज का काम है, जिसे शासन के साथ-साथ जनता को मिलकर निभाना होगा। पत्रकार वार्ता में उमा भारती का स्पष्ट, निडर और सामाजिक सरोकारों पर केंद्रित दृष्टिकोण एक बार फिर पूरी तरह दिखाई दिया।
1 दिसंबर से बदलेंगे कई सरकारी नियम, पेंशन और गैस सिलेंडर पर असर पड़ेगा
29 Nov, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । नवंबर महीना अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. सोमवार से नए महीने दिसंबर की शुरुआत हो जाएगी. दिसंबर की शुरुआत के साथ ही कई बड़े बदलाव भी हो जाएंगे. इसके साथ ही कई कामों को निपटाने की अंतिम तिथि भी है, इसलिए अगर आपका कोई ऐसा काम बचा है, जिसकी डेट 30 नवंबर तक ही है, तो उसे जल्द ही निपटा लें. नहीं तो परेशान हो सकते हैं. 1 दिसंबर को हो रहे बड़े बदलाव से आम जनता को फायदा होगा या जेब पर बढ़ेगा भार? यहां जान लीजिए।
LPG गैस सिलेंडर की कीमत
अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों के आधार पर हर महीने की 1 तारीख को नई कीमतें जारी होती हैं. 1 दिसंबर को भी घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की नई दर लागू होगी. कीमत बढ़ेगी या घटेगी, यह जानकारी 1 दिसंबर को ही तय होगी. इस बदलाव से आम आदमी के बजट पर सीधा असर पड़ेगा।
आयकर फाइलिंग
टैक्स से जुड़े कई कामों की अंतिम तिथि भी 30 नवंबर तक ही है. ऐसे में अगर आपका भी TDS स्टेटमेंट (सेक्शन 194-IA, 194-IB आदि) और ट्रांसफर-प्राइसिंग रिपोर्ट (सेक्शन 92E) काम बचा है तो उसे जल्द निपटा लें, नहीं तो 1 दिसंबर से इस पर जुर्माना लग सकता है।
जीवन प्रमाण पत्र
पेंशनर्स के लिए हर साल की 30 नवंबर तक वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होता है. ताकि मासिक पेंशन लगातार मिलती रहे. अगर इसे समय पर जमा नहीं किया गया, तो पेंशन रोकी जा सकती है. बैंक 1 से दिसंबर को दोबारा मौका नहीं देते हैं।
ATF की कीमतें
विमान ईंधन (Aviation Turbine Fuel-ATF) की कीमतें भी 1 दिसंबर से बदल जाएंगी. जिसका असर हवाई यात्रा की टिकट दरों पर भी पड़ सकता है. यानी 1 दिसंबर से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों पर भार बढ़ने की उम्मीद है।
अमरजीत भगत ने नए जिला अध्यक्षों को दी हिदायत: पार्टी काम में सभी एकजुट रहें
29 Nov, 2025 01:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर। पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर बड़ा बयान दिया है. अमरजीत भगत ने कहा है कि जो नए जिला अध्यक्ष बने हैं उन्हें अपनी टीम को मजबूत करना होगा, अगर टीम मजबूत नहीं रहेगी तो संघर्ष कमजोर होगा, क्योंकि हम लोग विपक्ष में है. उन्होंने कहा है कि यह जिम्मेदारी ऐसे समय पर मिली है जब कांग्रेस सत्ता में नहीं है. ऐसे में जिला अध्यक्ष को सभी को साथ लेकर चलने की जरूरत है।
व्यक्तिगत शिकवा शिकायत दूर कर सभी काम करें – अमरजीत भगत
अमरजीत भगत ने आगे कहा कि व्यक्तिगत शिकवा शिकायत दूर कर नए माहौल में नए उत्साह के साथ नए साल में काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि जिला अध्यक्ष बनने के लिए जो दावेदार थे उन्हें हतोत्साहित होने की जरूरत नहीं है. अवसर कभी खत्म नहीं होता है. सभी अच्छा काम लगातार करते रहें। धैर्य बनाकर रखें, मौका जरूर मिलेगा. अमरजीत भगत ने एक सवाल के जवाब में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व डिप्टी सीएम TS सिंहदेव दोनों मेरे नेता हैं. किसी के अधिक तो किसी के कम लोग कांग्रेस जिला अध्यक्ष बने हैं, लेकिन यह बड़ी बात नहीं है. बड़ी बात तो यह है कि सभी जिला अध्यक्ष कांग्रेस के लिए काम करेंगे।
धान खरीदी के लेकर रखी बात
अमरजीत भगत ने यह भी कहा है कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है, लेकिन छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा बनाने वाले किसान इन दिनों अपनी धान को बेचने के लिए परेशान है क्योंकि उनका पंजीयन सही तरीके से नहीं किया गया है. कई किसानों ने धान का खेती किया हुआ है, लेकिन उसके बावजूद पूरा रकबा में धान की खेती गिरदावरी में नहीं बताया गया है. उन्होंने कहा कि धान के कटोरा के मालिक अगर इस तरीके से परेशान हैं तो आने वाले दिनों में कांग्रेस इस मामले को लेकर सरकार को चेताने का भी काम करेगी।
एमसीडी उपचुनाव में शालीमार बाग B वार्ड पर सियासी टकराव, रेखा गुप्ता की प्रतिष्ठा दांव पर
29 Nov, 2025 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली में रविवार 30 नवंबर को नगर निगम के 12 वार्डों में उपचुनाव होने हैं. ऐसे में शुक्रवार की शाम चुनाव प्रचार भी थम गया है. जिन 12 वार्डों पर उपचुनाव हो रहे हैं, उनमें से 9 पर भाजपा ने पहले ही जीत दर्ज की थी. अब देखना यह होगा कि 3 दिसंबर को चुनावी परिणाम में भाजपा कितना कमाल दिखा पाती है. यह परिणाम दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. सीएम रेखा गुप्ता भी इससे पहले शालीमार बाग सीट से पार्षद थीं. अब यह सीट जीतना उनके लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है।
MCD उपचुनाव में 50 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं
MCD चुनाव में कुल 51 प्रत्याशी मैदान में हैं. जिसमें इस बार 50 प्रतिशत से ज्यादा महिलाओं को उम्मीदवार बनाया गया है. सबसे ज्यादा भाजपा ने महिलाओं को प्रत्याशी बनाया है. इसके बाद आप और कांग्रेस ने भी महिलाओं को चुनावी मैदान में उतारा है. जहां भाजपा ने 8 महिलाओं को तो वहीं AAP ने 6 और कांग्रेस ने 5 प्रत्याशियों को उतारा हैं. दिल्ली नगर निगम में कुल 250 सदस्य हैं, जिसमें भाजपा के सबसे ज्यादा 116 पार्षद हैं. वहीं आप के 99 तो इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के 14 और कांग्रेस के 8 पार्षद हैं. 3 दिसंबर को परिणाम आने के बाद पार्षदों की संख्या बढ़ेगी।
भाजपा नेताओं को सभी सीटों पर जीत का भरोसा
इस उपचुनाव को लेकर भाजपा नेताओं को पूरा भरोसा है. मेयर राजा इकबाल ने कहा कि हमे पूरा भरोसा है कि पूरी 12 सीट जीतेंगे. दिल्ली की जनता ने AAP को पूरी तरह से नकार दिया है. बिहार में भाजपा को प्रचंड जीत मिली है. यहां भी हमें भारी वोट मिलेंगे. हमारी पूरी भाजपा की टीम ने यहां काफी मेहनत के साथ प्रचार-प्रसार किया है. बता दें, इस उपचुनाव में 12 सीटों में से 5 महिलाओं के लिए, एक अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व है. बाकी सीटें सामान्य के लिए हैं।
3 दिसंबर को आएंगे परिणाम
बता दें, एमसीडी चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 134 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया था. इसके अलावा भाजपा को 104 और कांग्रेस 9 सीटें मिली थी. वहीं 3 निर्दलियों ने भी जीत दर्ज की थी. इस उपचुनाव में दो सीटों पर सबसे ज्यादा फोकस किया जा रहा है. एक सीट है शालीमार बाग बी और दूसरी है द्वारका बी सीट. शालीमार से दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता पार्षद रह चुकी हैं. जबकि द्वारका बी सीट कमलजीत के लोकसभा सांसद बनने के बाद खाली हुई थी. कौन कितनी सीटों पर जीत दर्ज कर पाता है, यह तो आने वाले 3 दिसंबर को ही तय हो पाएगा. फिलहाल, सभी दल अपनी-अपनी जीत को लेकर दावा कर रहे हैं।
डीके शिवकुमार सचिन पायलट की तरह sidelined या सिंधिया की तरह BJP की राह?
28 Nov, 2025 04:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। इस वक्त की राजनीतिक गहराई और कैलेश को देखते हुए बहुत प्रासंगिक है। पिछले कुछ दिनों से, मुख्यमंत्री Siddaramaiah और उप मुख्यमंत्री DK शिवकुमार के बीच सार्वजनिक जंग भी देखने को मिली है दोनों के बीच राजनैतिक खींचतान खुलकर सामने आई है।
शक्ति-संकट और सत्ता विवाद
कर्नाटक में, कांग्रेस सरकार के अंदर सत्ता‑साझा समझौते को लेकर विवाद गर्मा गया है। बताया जा रहा है कि 2023 में मुख्यमंत्री के लिए जो पावर‑शेयरिंग डील हुई थी, उस पर पुनर्विचार की स्थितियाँ बन रही हैं।
भूमिका और दावे शिवकुमार की ओर से
खुद DK शिवकुमार बार‑बार कह चुके हैं कि वे “Congress में जन्मे हैं” और “मरते दम तक कांग्रेस के” हैं। उन्होंने BJP या किसी और दल के साथ हाथ मिलाने के बजाय अपनी वफादारी दोहराई है। उन्होंने “उनकी एक टाँग BJP की ओर” होने की अटकलों को “प्रचार” और “झूठ” बताया है।
बाहरी बयान और BJP‑सद्भावना
दूसरी तरफ, सत्तापक्ष (BJP) और उसके समर्थक अक्सर उन्हीं चर्चाओं को हवा देते रहे हैं — कि “अगर कांग्रेस टूटेगी, तो DK शिवकुमार उसके साथ जा सकते हैं” (यानी वही राह जो बारे में Scindia ने अपनाई थी)। खासतौर पर, पिछले कुछ वक्त में BJP के नेताओं ने खुलकर कहा है कि अगर Shivakumar चाहें — तो वे उन्हें समर्थन देने को तैयार हैं।
किन बातों से लगता है कि वे “हाशिये पर” ( sidelined ) हो सकते हैं
वर्तमान सत्ता-विवाद और सीएम–डिप्टी सीएम खींचतान में, अगर पार्टी हाई‑कमान ने तय किया कि “सीएस पर भरोसा है”, तो Shivakumar की भूमिका सीमित या कम हो सकती है। बिल्कुल sidelined नहीं, लेकिन उन्हें पार्टी के अंदर वर्चस्व खोना पड़ सकता है — जैसा कि कई बार दूसरे नेताओं के साथ हुआ है जिनके दावे मजबूत रहे लेकिन उन्हें धीरे-धीरे पीछे कर दिया गया।
किन बातों से “बागी / पार्टी छोड़ने” की संभावना (शक) बनी हुई है
BJP की ओर से खुला समर्थन — अगर Shivakumar महसूस करें कि कांग्रेस हाई‑कमान उनकी महत्वकांक्षा, जनाधार या दावे को गंभीरता से नहीं ले रहा — तो वे Scindia की तरह रास्ता बदलने पर विचार कर सकते हैं। अगर 60–70 विधायकों का समर्थन मिल जाए (हालांकि ऐसा रिपोर्ट है कि यह संख्या बहुत कम है) — तो बड़ी राजनीतिक हलचल की स्थिति बन सकती है। हालांकि, Shivakumar ने कई बार साफ कहा है कि वे कांग्रेस में ही रहेंगे। इसलिए यदि उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया, तो वो अचानक, शायद सत्ता‑रुचि या राजनीतिक सुरक्षा के लिए होगा।
मेरी निष्कर्ष अभी दिशा स्पष्ट नहीं, लेकिन
अगर मुझे अनुमान लगाना हो — तो इस समय लग रहा है कि DK शिवकुमार फिलहाल पूरी तरह से कांग्रेस छोड़ने की ओर नहीं बढ़ रहे। यानी “Scindia जैसी विद्रोही” स्थिति के मुकाबले “पार्टी में बने रहकर अपनी भूमिका बनाए रखने” का रुख संभवतः अधिक स्थिर है।लेकिन — यदि पार्टी में उनकी महत्वकांक्षा, दखल या भविष्य पर भरोसा टूटता है — तो “splinter group / बागी नेता” बनने की संभावना पूरी तरह ख़त्म नहीं हुई है।
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र से मांगा तत्काल कदम: Air & Water Purifier GST हटाए
28 Nov, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने सरकार से मूलभूत सुविधाओं में उपयोग होने वाली चीजों से टैक्स हटाने की मांग की है. केजरीवाल ने यह मुद्दा दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर उठाया है. दिल्ली में इन दिनों AQI 400 पार हो गया है. जो गंभीर श्रेणी में आता है. पूर्व सीएम केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “साफ हवा और साफ पानी हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है. दिल्ली सहित उत्तर भारत में हवा जानलेवा हो चुकी है और समाधान देने की बजाय सरकार जनता से टैक्स वसूल रही है. लोग अपने परिवार को प्रदूषण से बचाने के लिए एयर प्यूरीफायर लेने जाते हैं और वहां पता चलता है कि सरकार उस पर 18% GST वसूल रही है. ये सरासर अन्याय है।”
GST हटाने की उठाई मांग
केजरीवाल ने आगे लिखा, “मैं केंद्र सरकार से मांग करता हूं कि एयर और वॉटर प्यूरीफ़ायर पर लगाया गया GST तुरंत हटाया जाए. समाधान नहीं दे सकते तो कम से कम जनता की जेब पर बोझ डालना बंद कीजिए.” दिल्ली में इन दिनों वायु प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि सांस लेना मुश्किल हो गया है. पिछले दो दिनों तक इसमें गिरावट दर्ज की गई, तो लगा अब राहत मिलेगी, लेकिन अब एक बार फिर से प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है. जिसको लेकर लोगों ने चिंता जताई है।
कहां-कितना AQI?
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शुक्रवार सुबह 7 बजे मुंडका में 436, रोहिणी 432, जहांगीरपुरी और आरकेपुरम में 420, पंजाबी बाग और अशोक विहार में 417, द्वारका में 416, वजीरपुर में 414, बवाना में 413, आनंद विहार और चांदनी चौक में 408, विवेक विहार 407 और बुराड़ी में 403 AQI दर्ज किया गया. इसके अलावा आईटीओ में 395, डीटीयू में 393, सोनिया विहार और आईजीआई एयरपोर्ट टी3 इलाके में 360, आया नगर में 362, और अलीपुर में एक्यूआई 354 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी के अंतर्गत आता है।
जगदीश देवड़ा बने हथियार, नाराज नेताओं ने उन्हीं के जरिए मोहन यादव पर साधा हमला
28 Nov, 2025 12:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल विशेष प्रतिनिधि। सीएम पद से वंचित दावेदार अब मोहन यादव पर साध रहे निशाना जगदीश देवड़ा बने आड़े हाथों आलोचना का माध्यम मध्य प्रदेश की राजनीति में 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद जो आशंकाएँ धीरे-धीरे उठने लगी थीं, वे अब सुस्पष्ट रूप में उभरकर सामने आ रही हैं। प्रचंड बहुमत के बाद भाजपा ने जब शिवराज सिंह चौहान के दीर्घकालिक कार्यकाल का समापन कर डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपी, उसी क्षण सत्ता संतुलन में बदलाव की आहट महसूस होने लगी थी।
तीन दिग्गज चेहरे पर सत्ता की देहरी पर निराशा
बहुमत स्पष्ट होने के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए तीन बड़े नेता प्रबल दावेदार माने जा रहे थे—नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय मीडिया, राजनीतिक विश्लेषण और पार्टी की आंतरिक चर्चाएँ सबका केंद्र यही तीन चेहरे थे। परंतु अंत में निर्णय ने ऐसा मोड़ लिया, जिसे कम ही लोग भांप सके। डॉ. मोहन यादव ‘डार्क हॉर्स’ की तरह उभरे और तीनों दिग्गजों की महत्वाकांक्षाएँ धरी रह गईं। विजयवर्गीय और पटेल को मंत्रिमंडल में स्थान मिला, जबकि तोमर को विधानसभा अध्यक्ष बना दिया गया। महत्वाकांक्षा का स्वाभाविक मलाल भीतर ही भीतर धधकता लावा राजनीति में ऊँचे पद की आकांक्षा स्वाभाविक है। वर्षों से शक्ति-केंद्रों में खड़े इन नेताओं के लिए यह निर्णय एक गहरी व्यक्तिगत निराशा थी। भाजपा का अनुशासन भले ही तत्काल कोई बगावत नहीं होने देता, पर मलाल की आग भीतर ही भीतर सुलगती रही और बुधवार की कैबिनेट बैठक ने इसी धधकती ज्वाला को पहला वेंटिलेशन दे दिया।
कैबिनेट मीटिंग,पहला सार्वजनिक ‘विस्फोट’
बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में जीएसटी संग्रह में कमी का मुद्दा उठा। यही वह क्षण था जब दो वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल ने अप्रत्यक्ष रूप से मुख्यमंत्री पर प्रहार करने की कोशिश की। उन्होंने निशाना साधा उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा पर। हालाँकि समझने में देर नहीं लगी कि तीर देवड़ा पर नहीं, बल्कि देवड़ा के कंधे से होकर मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर जा रहे थे। देवड़ा—जो अपनी सहजता, सौम्यता और ‘नॉन-कॉन्ट्रोवर्शियल’ छवि के लिए पहचाने जाते हैं उन्हें इस तरह निशाने का माध्यम बनते देख राजनीतिक गलियारों में चर्चाएँ तेज हो गईं।
कभी शिवराज से असहज, आज शिवराज की शह के आरोप
रोचक तथ्य यह है कि यही दोनों नेता—विजयवर्गीय और पटेल—कभी शिवराज सिंह चौहान की लगातार बढ़ती शक्ति और लोकप्रियता से असहज रहे थे। कैलाश विजयवर्गीय तो कई बार शिवराज पर तीखे तंज कसने से भी नहीं चूके। लेकिन राजनीति समीकरणों का खेल निराला है—परिस्थितियाँ बदलीं तो समीकरण भी बदल गए।अब विश्लेषकों का एक वर्ग दावा कर रहा है कि इन दोनों नेताओं की असहमति के पीछे शिवराज सिंह चौहान की मौन सहमति भी हो सकती है।
कांग्रेस ने उठाया तत्काल राजनीतिक लाभ
विपक्ष मौके की तलाशी में कैसे पीछे रहता? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने तत्काल बयान देते हुए कहा— “भाजपा के कुछ मंत्री शिवराज सिंह चौहान की शह पर मोहन सरकार को अस्थिर करने में लगे हुए हैं।” पटवारी ने इसे भाजपा की अंदरूनी खींंचतान का खुला प्रमाण बताते हुए कई तीखे संकेत भी दिए।
आने वाला समय भीतरी लावा या खुला राजनीतिक विस्फोट?
भाजपा की आंतरिक राजनीति में उबल रहे भाव अब खुले मंचों पर सामने आने लगे हैं। कैबिनेट मीटिंग में व्यक्त हुई नाराज़गी शायद असंतोष की पहली झलक मात्र है। यह असंतोष आगे किस रूप में सामने आएगा—संगठनात्मक फेरबदल? नेतृत्व पर दबाव? या किसी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में? यह आने वाला समय ही बताएगा। परंतु इतना निश्चित है कि मध्य प्रदेश का सियासी तापमान अब तेजी से गर्म होने वाला है।
भारत की परंपरा संतों, ऋषि-मुनियों व महापुरुषों के त्याग-बलिदान की महागाथा है – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
28 Nov, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गाजियाबाद । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने कहा कि भारत की परंपरा (Tradition of India) संतों, ऋषि-मुनियों व महापुरुषों के त्याग-बलिदान (Sacrifice and Dedication of Saints, Sages and Great Men) की महागाथा है (Is great Saga) । युगों-युगों से यह महागाथा विश्व मानवता के लिए प्रेरणा रही है। विश्व मानवता ने इस महागाथा का श्रवण व प्रेरणा प्राप्त कर भविष्य को तय किया है।
भारत के अंदर आज भी पवित्र उपासना विधियां श्रद्धाभाव के साथ कार्य करते हुए इस व्यवस्था को बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि तीन दिन पूर्व अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण कार्य को पूर्ण करने के महायज्ञ के पूर्णाहुति कार्यक्रम के साथ ही पीएम मोदी के करकमलों से भव्य भगवा ध्वज का आरोहण संपन्न हुआ। पूरी दुनिया व देश ने भारत के इस सनातन वैभव को देखा और अनुभव किया। सीएम योगी गुरुवार को तरुण सागरम् तीर्थ, मुरादनगर पहुंचे। उन्होंने यहां पंचकल्याणक महामहोत्सव के अंतर्गत 100 दिन में निर्मित गुफा मंदिर का उद्घाटन किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भगवान पार्श्वनाथ जी व संत तरुण सागर जी महाराज का स्मरण किया। सीएम ने मेरी बिटिया व अंतर्मना दिव्य मंगल पाठ पुस्तक का विमोचन भी किया।
सीएम योगी ने कहा कि यूपी का सौभाग्य है कि अयोध्या में प्रथम जैन तीर्थंकर भगवान ऋषभ देव व चार जैन तीर्थंकर पैदा हुए। दुनिया ने काशी में चार जैन तीर्थंकरों को अवतरित होते हुए देखा है। श्रावस्ती में जैन तीर्थंकर भगवान संभवनाथ का जन्म हुआ। भगवान महावीर का महापरिनिर्वाण कुशीनगर के पावागढ़ में हुआ था। हमारी सरकार ने फाजिलनगर का नाम (जहां भगवान महावीर ने महापरिनिर्वाण हुआ था), उसके नामकरण की कार्रवाई को पावा नगरी के रूप में बढ़ाया है।
सीएम योगी ने कहा कि 24 जैन तीर्थंकरों ने समाज को नई दिशा और विश्व मानवता को करुणा, मैत्री, अहिंसा व ‘जियो-जीने दो’ की प्रेरणा दी। उन्होंने सिर्फ मनुष्य ही नहीं, बल्कि प्रत्येक जीव-जंतु के लिए नई प्रेरणा प्रदान की, जिसकी प्रासंगिकता आज भी उसी रूप में बनी हुई है। मानव सभ्यता को विकास की नित नई ऊंचाइयों तक पहुंचना है तो उन्हें भारत के अध्यात्म की शरण में जाना होगा। अध्यात्म के साथ ही भौतिक विकास, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक उन्नयन के लिए सुरक्षित, सुसभ्य, साफ-सुथरा वातावरण चाहिए, जिसे भारत ने पहले भी दुनिया को दिया है और भारत, ऋषि-मुनियों, परंपरा व भारतीय संस्कृति का संदेश आज भी विश्व मानवता के लिए यही है।
सीएम योगी ने कहा कि ऋषि-मुनि परंपरा ने जो संदेश दिया है, हम उसे आत्मसात करते हैं तो यह विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। गत वर्ष अप्रैल में पीएम मोदी ने विश्व नवकार महामंत्र दिवस पर वन वर्ल्ड-वन चैन कार्यक्रम का उद्घाटन किया था और हम सभी को नौ संकल्प (पानी की बचत, एक पेड़ मां के नाम, स्वच्छता का मिशन, वोकल फॉर लोकल, देश-दर्शन, नेचुरल फॉर्मिंग, हेल्दी लाइफ स्टाइल, योग व खेल को जीवन में लाना, गरीब कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य करना) प्रदान किया था। जैन मुनियों की परंपरा उसी को बढ़ाने का कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज व उपाध्याय मुनि पीयूष सागर जी महाराज की दिनचर्या को देखा। 557 दिन की कठोर साधना, 496 दिन का निर्जल उपवास, तप, अनुशासन व आत्मसंयम का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला है। ये चीजें दिखाती हैं कि यदि हम संकल्प ले लें तो जो कुछ हमें बाहर दिखाई दे रहा है, वह सब कुछ इस शरीर में अनुभव होते हुए भी दिखाई देगा। प्रसन्न सागर जी महाराज की साधना के माध्यम से यह देखने व अनुभव करने का अवसर प्राप्त हुआ है।
भारत और मोदी सरकार के खिलाफ नैरेटिव बनाने विदेशी प्रभावशाली लोगों का इस्तेमाल कर रहीं कांग्रेस
28 Nov, 2025 11:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता संबित पात्रा ने कांग्रेस (आईएनसी) पर भारत में एक नैरेटिव बनाने और लोगों को देश के खिलाफ भड़काने के लिए विदेशी लोगों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक्स के नए लोकेशन फ़ीचर ने कई कांग्रेसी अकाउंट और इसतरह अन्य पार्टी समर्थित प्रभावशाली लोगों का पर्दाफर्श कर दिया है।
बीजेपी नेता पात्रा के अनुसार, कई कांग्रेसी नेता और पार्टी के राज्य स्तर के अकाउंट भारत के बाहर अपना लोकेशन बता रहे थे, हालाँकि उन्होंने कहा कि कुछ समय बाद लोकेशन बदल दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कांग्रेस समर्थित प्रभावशाली लोग हैं, और कारवां इंडिया पत्रिका और तथ्य-जांचकर्ता ऑल्ट न्यूज जैसे समाचार संगठन भी अपने अकाउंट भारत से बाहर दिखा रहे हैं। बीजेपी नेता पात्रा ने आरोप लगाया कि विकल्प मिलने के बाद कई लोगों ने अपनी लोकेशन बदली। आप इसे बदल सकते हैं, छुपा सकते हैं। इसलिए जब कई लोगों को पता चला कि उनकी लोकेशन बाहर दिखाई जा रही है, तब उन्होंने इसे बदल दिया।
उनके अनुसार, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का अकाउंट अमेरिका के आधार पर दिखा रहा है। हालाँकि खेड़ा का अकाउंट अमेरिका का है और इंडिया एप स्टोर के माध्यम से जुड़ा हुआ है, लेकिन एक्स का यह भी कहना है कि यह क्षेत्र सटीक नहीं हो सकता क्योंकि अकाउंट संभवतः वीपीएन जैसे प्रॉक्सी का उपयोग कर रहा है जिससे प्रदर्शित देश बदल सकता है। उन्होंने हिमाचल कांग्रेस के अकाउंट के खिलाफ भी इसी तरह के आरोप लगाए।
पात्रा ने बताया कि खेड़ा एक बड़े कांग्रेसी नेता हैं, लेकिन इससे पता चलता है कि उनका अकाउंट अमेरिका का है। यह जानकारी हमारी पार्टी के एक सूत्र से मिली है। एक और अकाउंट महाराष्ट्र कांग्रेस का है, जिसका अकाउंट आयरलैंड का है। मैंने इससे ठीक पहले जाँच की थी, उन्होंने इस अब भारत में बदल दिया है। लेकिन जिस समय यह मुद्दा उठाया गया था, तब यह आयरलैंड का था, उनकी चोरी पकड़ी गई।
गृहमंत्रालय आया बीजेपी के पास.............पूरे राज्य में बुलडोजर एक्शन शुरु, एंटी-रोमियो स्क्वॉड सक्रिय
28 Nov, 2025 10:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में चुनाव के बाद गृहमंत्रालय बीजेपी के पास आते ही एक्शन शुरु हो गया है। बिहार में नई सरकार में गहमंत्री बने सम्राट चौधरी ने बिहार में योगी माडल लागू कर दिया है। इसके बाद संगठित अपराध के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू हो गया है। डिप्टी सीएम और गृहमंत्री चौधरी की अगुवाई में अपराध और माफिया नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई का खाका तैयार हो चुका है।
डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि बिहार सरकार ने पहले चरण में 400 कुख्यात अपराधियों की संपत्तियां जब्त की थीं। अब दूसरे चरण में 1200 से 1300 और अपराधियों को सूचीबद्ध किया है, जिनकी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
इस सूची में रेत (बालू) माफिया, भूमि माफिया, अवैध शराब कारोबारियों, कॉन्ट्रैक्ट किलर्स, संगठित गिरोहों और आर्थिक अपराध में शामिल अपराधियों के नाम प्रमुखता से शामिल हैं। गृह मंत्री के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया कि किसी भी बड़े अपराधी की अवैध संपत्ति को राज्य सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। इसके लिए पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को संयुक्त रूप से कार्रवाई का आदेश दिया। सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के खिलाफ भी मुहिम चला दी गई है। राजधानी पटना सहित राज्य के विभिन्न जिलों में अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर एक्शन शुरु हो चुका है। डीजीपी कुमार ने बताया कि बिहार में महिलाओं की सुरक्षा सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। इस बात को लेकर एंटी-रोमियो स्क्वॉड को नए सिरे से सक्रिय किया गया है। स्कूल और कॉलेजों के बाहर महिला सुरक्षा बल की विशेष तैनाती होगी। इसके लिए राज्य सरकार 2000 नई स्कूटी खरीद रही है, जिन्हें महिला पुलिसकर्मियों को उपलब्ध कराया जाएगा।
महिला पुलिस की ये टीमें स्कूल की छुट्टी के समय और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगातार गश्त करेंगी। छात्राओं से छेड़खानी, पीछा करना या किसी भी तरह की बदसलूकी पर तुरंत एक्शन होगा। डीजीपी के अनुसार, यह कदम न केवल सुरक्षा बढ़ाएगा बल्कि छात्राओं और महिलाओं के बीच भरोसा भी बढ़ाएगा। उन्होंने कहा, राज्य में किसी भी संगठित अपराध या महिलाओं के प्रति अपराध को बर्दाश्त नहीं होगा। कानून अपना काम करेगा और अपराधियों की अवैध कमाई पर लगातार प्रहार होता रहेगा।
जहां गूंजीं थीं चीखें, आज कैसा है बैसरन घाटी का हाल
NH-48 हादसा: खड़े डंपर से टकराया दूसरा वाहन, रेस्क्यू जारी
राजधानी में बड़ा हादसा, नरेला की फैक्टरी में लगी भयंकर आग
'ए स्टोरी दैट रिफ्यूज्ड टू डाई': 14 साल बाद सामने आएंगे इरफान खान के अनदेखे फिल्मी पल।
70 के दशक की दो हसीनाओं में वैचारिक टकराव? जीनत अमान पर मुमताज की तीखी टिप्पणी।
‘रावण’ और ‘जहरीला सांप’ जैसे बयान, खरगे के पुराने विवाद फिर चर्चा में
गैस सिलेंडर ब्लास्ट से लगी आग, दौसा में बड़ा नुकसान
10 करोड़ की वापसी और 'प्रलय' में पार्टनरशिप; रणवीर सिंह ने फरहान को दिया सुलह का प्रस्ताव।
