राजनीति
आज का भारत केवल बड़े सपने नहीं देख रहा, बड़े फैसले भी ले रहा है: पीएम मोदी
26 Nov, 2025 04:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पीएम मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत ने दुनिया को संदेश दिया है कि भारत निवेश और इनोवेशन का स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि पीएलआई स्कीम ने ग्लोबल मैन्युफैक्चरर को मेक इन इंडिया की ओर आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाई है। बीते 11 सालों में 40 हजार से ज्यादा अनुपालनों को कम किया गया है। नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम ने अनेकों अप्रोच को एक ही प्लेटफॉर्म पर ला दिया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी ने हैदाराबाद में सफ्रान एयरक्राफ्ट इंजन सर्विसेज इंडिया (एसएईएसआई) फैसिलिटी के उद्घाटन पर अपने वर्चुअल संदेश में कहा कि आज का भारत केवल बड़े सपने नहीं देख रहा, बड़े फैसले भी ले रहा है और उनसे भी बढ़कर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रहा है। भारत का फोकस ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर है। उन्होंने कहा कि आज से भारत का एविएशन सेक्टर एक नई उड़ान भरने जा रहा है। सफ्रान की नई फैसिलिटी भारत को एक ग्लोबल एमआरओ हब के रूप में स्थापित करेगी। हाई टेक और एयरो स्पेस की दुनिया में युवाओं के लिए नए अवसरों को पेश करेगी।
उन्होंने कहा कि वैश्विक निवेश और उद्योगों को आकर्षित करने के लिए स्वतंत्र भारत में कुछ बड़े सुधार किए गए हैं। अर्थव्यवस्था के दरवाजे खोले गए हैं, फंडामेंटल को मजबूत किया है और बिजनेस को आसान बनाया है। पीएम मोदी के मुताबिक डिफेंस जैसे सेक्टर जहां पहले प्राइवेट सेक्टर की जगह नहीं थी वहां भी अब 74 फीसदी तक एफडीआई ऑटोमेटिक रूट से संभव हो गया है। स्पेस सेक्टर में बड़ी अप्रोच अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि भारत के एविएशन सेक्टर में तेजी से विस्तार के चलते मेनटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (एमआरओ) की सुविधाओं की जरूरतें बढ़ रही हैं। भारत की एयरलाइन कंपनियों ने 1500 से ज्यादा एयरक्राफ्ट का ऑर्डर दिया है।
उन्होंने कहा कि भारत का 85 फीसदी एमआरओ का काम देश की सीमाओं के बाहर हो रहा था, जिससे खर्च बढ़ता था, समय भी ज्यादा लगता था और एयरक्राफ्ट लंबे समय तक ग्राउंडेड रहते थे। यह स्थिति भारत जैसे विशाल एविएशन मार्केट के लिए सही नहीं थी। इसलिए भारत सरकार दुनिया के बड़े एमआरओ केंद्र को तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि सफ्रान की ग्लोबल ट्रेनिंग और नॉलेज ट्रांसफर और भारत के संस्थानों के साथ साझेदारी से देश में एक ऐसा वर्कफोर्स तैयार होगा, जो आने वाले समय में पूरे एमआरओ इकोसिस्टम को नई गति और दिशा देगी। इस फैसिलिटी से दक्षिण भारत के नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
पीएम मोदी ने बताया कि देश शिपिंग से जुड़े एमआरओ, इकोसिस्टम पर भी एक बड़े पैमान पर काम कर रहा है। उन्होंने सफ्रान की टीम से आग्रह किया कि वे भारत में एयरक्राफ्ट इंजन और कंपोनेंट डिजाइन की संभावनों की भी तलाश करें, जिसमें एमएसएमई का बहुत बड़ा नेटवर्क और युवा टैलेंट पूल उनकी मदद करेगा। उन्होंने सफ्रान से कहा कि मैं चाहता हूं कि आप प्रपोल्शन डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग के लिए भी भारत के टैलेंट का इस्तेमाल करें।
शिवसेना सांसद ने स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत की, कहा- करोड़ों लोगों की जिंदगी खतरे में
26 Nov, 2025 11:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। शिवसेना (बीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने खाने की चीजों में रंगों का इस्तेमाल की शिकायत करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को लेटर लिखा। इसमें उन्होंने कहा- भुने चने और दूसरे खाने-पीने की चीजों में गैर-कानूनी तरीके से ऑरामाइन नाम की खतरनाक डाई मिलाई जा रही है, जो कैंसर पैदा कर सकती है। लेटर में प्रियंका ने लिखा कि ऑरामाइन डाई कपड़े और चमड़े में रंगने के लिए इस्तेमाल होती है, लेकिन कुछ लोग इसे खाने की चीजों में डालकर उन्हें चमकदार और रंगीन बना रहे हैं। यह फूड सेफ्टी एंड स्टैंडड्र्स एक्ट का उल्लंघन है।
प्रियंका ने आगे बताया कि यह सिर्फ कानून तोडऩा नहीं है, बल्कि करोड़ों भारतीयों की सेहत और जिंदगी को खतरे में डालना है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडड्र्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की निगरानी में बड़ी चूक हो रही है।
खतरों के बावजूद मिलावट पर रोक नहीं लग रही
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि इतना खतरनाक होने के बाद भी ऑरामाइन डाई की मिलावट पर रोक नहीं लग पाई है। इसके लिए उन्होंने 4 कारण बताएं...पहला बाजार की जांच कमजोर है, दूसरा नियमित टेस्टिंग नहीं हो रही, तीसरा लोगों को चेतावनी देर से दी जा रही और चौथा कानून लागू करने में ढिलाई है।
नेशनल हेल्थ अलर्ट जारी किया जाए
सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि ऑरामाइन मिलावट पर राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य अलर्ट जारी किया जाए। भुने चने और अन्य खाद्य पदार्थों की देशभर में जांच हो। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही कहा कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडड्र्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की व्यवस्था में कहां कमी है, इसका आंतरिक ऑडिट भी होना चाहिए।
संसद के शीत सत्र में विपक्ष से न हो टकराव
26 Nov, 2025 09:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सरकार ने 30 को बुलाई सर्वदलीय बैठक
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने लगातार हंगामे की भेंट चढ़ रहे संसद सत्र को ठीक ढंग से चलाने के लिए सभी विपक्षी दलों को बातचीत के लिए साथ लाने की कोशिश शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, इसी कड़ी में संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने 30 नवंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। केंद्र सरकार इसके जरिए शीत सत्र की कार्यवाही को ठीक ढंग से चलाने को लेकर सहमति बनाने की कोशिश करेगी।
बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है और सरकार इस बार 10 नए विधेयक (बिल) पेश करने की तैयारी में है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है परमाणु ऊर्जा विधेयक, 2025, जो देश के नागरिक परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने का रास्ता बनाएगा। अब तक यह क्षेत्र पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में रहा है। सरकार का कहना है कि यह नया कानून परमाणु ऊर्जा के उपयोग और उसके नियमन से जुड़े ढांचे को आधुनिक और प्रभावी बनाएगा। इससे देश में ऊर्जा उत्पादन और तकनीकी विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
उच्च शिक्षा में बड़े बदलाव का प्रस्ताव
सत्र के एजेंडे में हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल भी शामिल है। लोकसभा के बुलेटिन के मुताबिक यह बिल ऐसे आयोग की स्थापना करेगा, जो विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों को अधिक स्वायत्तता दे, उन्हें स्वतंत्र और स्वयं-शासित संस्थान बनने में मदद करे और मान्यता की प्रक्रिया को पारदर्शी और मजबूत बनाए। यह प्रस्ताव काफी समय से सरकार की योजना में रहा है और अब इसे आगे बढ़ाया जा रहा है।
सडक़ों, कंपनियों और बाजार से जुड़े अहम संशोधन
सरकार कुछ पुराने कानूनों को भी आसान और आधुनिक बनाने की दिशा में कदम उठाने जा रही है। इसमें कई अहम बिल शामिल हैं।
-नेशनल हाईवेज (संसोधन) बिल- राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए जमीन अधिग्रहण को तेज, पारदर्शी और सरल बनाने का लक्ष्य।
-कॉरपोरेट लॉज (संसोधन) बिल, 2025- कंपनियों अधिनियम 2013 और एलएलपी एक्ट 2008 में बदलाव के जरिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना।
-सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड (एसएमसी) बिल, 2025- सेबी अधिनियम, डिपॉजिटरी अधिनियम और प्रतिभूति अनुबंध विनियमन अधिनियम- इन तीन पुराने कानूनों को समेटकर एक ही सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बनाने का प्रस्ताव। इससे बाजार से जुड़े नियम सरल और एक समान होंगे।
मध्यस्थता कानून में भी संशोधन का प्रस्ताव
सरकार मध्यस्थता और सुलह अधिनियम में भी बदलाव लाने पर विचार कर रही है। ज्यादा स्पष्टता के लिए एक समिति को इसकी समीक्षा का काम दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी तथा सेक्शन 34 में संशोधन की आवश्यकता को देखते हुए नया प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
तेज प्रताप यादव को खाली करना होगा सरकारी घर, नए मंत्री को मिलेगा आवास
26 Nov, 2025 09:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। तेज प्रताप यादव सरकारी आवास को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप को विधानसभा चुनाव से पहले पारिवारिक विवाद के चलते घर से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी बनाकर चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया। हालांकि जनता ने उन्हें समर्थन नहीं दिया और उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा।
अब उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं, क्योंकि तेज प्रताप यादव को मिला सरकारी आवास नियमों के अनुसार केवल विधायक रहने तक ही अपने पास रखा जा सकता है। तेज प्रताप अब विधायक नहीं हैं, इसलिए सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें यह घर जल्द ही खाली करना होगा।
सूत्रों के अनुसार, तेज प्रताप यादव का 26M स्टैंड रोड स्थित आवास अब एनडीए सरकार में शामिल मंत्री लखेंद्र कुमार रोशन को आवंटित किया गया है। मंत्री को तुरंत सरकारी आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ऐसे में तेज प्रताप के पास सरकारी घर खाली करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
बिहार की सियासत में तेज प्रताप यादव पहले ही कई विवादों का सामना कर चुके हैं। पारिवारिक तनातनी और राजनीतिक फैसलों की वजह से वे लगातार सुर्खियों में रहते हैं। अब सरकारी आवास का मुद्दा उनके लिए एक और चुनौती बनकर सामने आया है।
पश्चिम बंगाल में सीएम ममता बनर्जी एंटी एसआईआर विरोधी रैली में बोलीं- चुनाव आयोग अब बन गया है भाजपा आयोग
26 Nov, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बोनगांव। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब निष्पक्ष संस्था नहीं रहा, यह भाजपा आयोग बन गया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें बंगाल में चुनौती दी गई, तो वे पूरे देश में भाजपा की नींव हिला देंगी। ममता बोनगांव में एंटी-एसआईआर रैली में को संबोधित कर रही थीं। ममता ने दावा किया कि यदि राज्य के मतुआ-बहुल क्षेत्रों में रहने वाले लोग नागरिकता (संशोधन) अधिनियम -सीएए के तहत स्वयं को विदेशी घोषित करते हैं, तो उन्हें तुरंत मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। सीएम ममता ने एसआईआर को लेकर भाजपा और केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि एक एसआईआर पूरा होने में तीन साल लगते हैं। हमने इसका कभी विरोध नहीं किया, बस इतना ही कहा कि किसी भी वास्तविक वोटर का नाम नहीं काटा जा सकता।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने दफ्तर में बैठकर लिस्ट फिक्स कर रही है। सीएम ममता ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि ईसीआई का काम निष्पक्ष रहना है, भाजपा कमीशन बनना नहीं। अगर आप (वोटर) अवैध हैं, तो 2024 में आपने जिस सरकार को वोट दिया था, वह भी अवैध है। उन्होंने मतुआ समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी असली वोटर हैं। आपने 2014 में मोदी सरकार को वोट दिया था। अगर आप अवैध हो गए, तो वह सरकार भी अवैध हो जाएगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआईआर विरोधी रैली में केंद्र और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर के नाम पर बंगाल के लोगों को डराया जा रहा है और यह पूरी कवायद राजनीतिक मकसद से की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा मेरे खेल में मुझसे लड़ नहीं सकती, मुझे हरा नहीं सकती। अगर भाजपा ने बंगाल में मुझ पर हमला करने की कोशिश की, तो मैं पूरे भारत में उसकी नींव हिला दूंगी। इससे पहले, सीएम ममता बनर्जी सडक़ मार्ग से नॉर्थ 24 परगना जिले के मतुआ बाहुल्य बनगांव पहुंचीं। सीएम ममता ने भाजपा पर साजिश कर हेलीकॉप्टर की उड़ान रोकने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्षी पार्टी नहीं चाहती थी कि मैं यहां आऊं। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि भाजपा को बार-बार कहती हूं, मेरे साथ खेलने की कोशिश मत करो। चाहे जितनी एजेंसियां लगा दो, चाहे पूरी केंद्र सरकार की ताकत लगा दो, मेरे साथ खेल नहीं पाओगे। सीएम ममता ने दावा किया कि चुनाव से पहले पैसे बांटने की कोशिश होगी,लेकिन लोग पैसे ले लेंगे और फिर भी भाजपा को वोट नहीं देंगे।
‘…तो मैं पूरे देश में BJP की नींव हिला दूंगी’, ममता बनर्जी ने क्यों दे डाली इतनी बड़ी चेतावनी
25 Nov, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने चुनाव आयोग (Election Commission) और एसआईआर (SIR) पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि एसआईआर के बाद जब मतदाता सूची (Voter List) का मसौदा जारी हो जाएगा तब लोगों को चुनाव आयोग और बीजेपी (BJP) की ओर से पैदा की गई आपदा का एहसास होगा. उन्होंने हाल ही में हुए बिहार चुनाव के नतीजों को लेकर भी कई आरोप लगाए हैं.
बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर बीजेपी बंगाल में मुझे चोट पहुंचाने की कोशिश करेगी तो मैं पूरे भारत में उसकी नींव हिला दूंगी. उन्होंने कहा, “बिहार चुनाव का नतीजा एसआईआर का परिणाम है, विपक्ष वहां बीजेपी की चाल को भांप नहीं सका. यदि एसआईआर दो-तीन वर्षों में किया जाए तो हम इस प्रक्रिया को हरसंभव संसाधन के साथ समर्थन देंगे.”
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सवाल किया कि क्या बीजेपी शासित राज्यों में एसआईआर का आयोजन यह दर्शाता है कि केंद्र स्वीकार करता है कि वहां घुसपैठिये मौजूद हैं. एसआईआर विरोधी रैली में उन्होंने कहा, “इलेक्शन कमीशन अब एक निष्पक्ष संस्था नहीं रह गई है, यह बीजेपी कमीशन बन गई है. बीजेपी राजनीतिक रूप से मेरा मुकाबला नहीं कर सकती और न ही मुझे हरा सकती है.”
उन्होंने सवाल किया कि अगर एसआईआर का उद्देश्य बांग्लादेशी नागरिकों को वोटर लिस्ट से हटाना है तो चुनाव आयोग मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में यह प्रक्रिया क्यों कर रह है. उन्होंने कहा, “मैं बांग्लादेश को एक देश के रूप में प्यार करती हूं क्योंकि हमारी भाषा एक ही है. मैं बीरभूम में पैदा हुई, वरना मुझे भी बांग्लादेशी कहा जाता.”
श्रीराम मंदिर पर धर्म ध्वज फहराना त्याग और समर्पण का प्रतीक : चंपत राय
25 Nov, 2025 05:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अयोध्या। अयोध्या में राममंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराने के कार्यक्रम को लेकर श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि यह धर्म ध्वज त्याग और समर्पण का प्रतीक है। चंपत राय ने बताया कि यह ध्वज कोविदार वृक्ष अंकित है। इस भगवा पताका पर सूर्य और ऊँ अंकित है। 10 फीट ऊंचा और 20 फीट लंबा तिकोना समकोण त्रिभुज का ध्वज में अग्नि की ज्वाला और उगते हुए सूर्य का रंग है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चंपत राय ने बताया कि यह त्याग और समर्पण का प्रतीक है। इस मौके पर श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने कहा कि हम बहुत उत्साहित हैं कि मंदिर के पूरा होने का दिन आखिरकार आ गया है, एक ऐसा पल जिसका सदियों से इंतजार था। इतने सालों में, हमारी कोशिशें लगातार इस मील के पत्थर की ओर बढ़ी।
वहीं जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री श्रीधराचार्य महाराज ने कहा कि आज भारत और सनातन धर्म के लिए बहुत गर्व की बात है। भगवान राम के मंदिर का झंडा फहराने की पूरी सेरेमनी के बाद, मंदिर का कंस्ट्रक्शन पूरा हो गया। इसके बाद, भक्त दर्शन कर पाएंगे। महंत राम लोचन शरण ने कहा कि यह देश के लिए बहुत गर्व का पल है, इससे बड़ा कुछ नहीं हो सकता। राम जन्मभूमि मंदिर में झंडा फहराने की सेरेमनी से पहले एक भक्त ने कहा कि जो मंदिर कभी अधूरा था, वह अब बन गया है। हम इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने आए हैं। पहले आम लोगों के लिए उस जगह पर जाना भी मुश्किल था, लेकिन अब हमें इस बड़े कार्यक्रम का हिस्सा बनने का मौका मिला है।
‘गायक जुबीन गर्ग की मौत कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या थी’- हिमंत बिस्वा सरमा
25 Nov, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क: असम (Assam) के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (CM Himanta Biswa Sarma) ने मंगलवार को कहा कि सिंगर जुबीन गर्ग (Singer Zubeen Garg) की मौत (Death) कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या (Murder) थी. 52 वर्षीय सिंगर की 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी.
असम विधानसभा में सिंगर की मौत पर चर्चा के लिए विपक्ष द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर बोलते हुए सरमा ने कहा कि शुरुआती जांच के बाद असम पुलिस को यकीन था कि यह गैर इरादतन हत्या का मामला नहीं है, बल्कि यह एक साफ-सुथरी हत्या है. सरमा ने दावा किया कि एक आरोपी ने गर्ग की हत्या की और अन्य ने उसकी मदद की. हत्या के मामले में 4-5 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है.
नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल (NEIF) में भाग लेने सिंगापुर गए गर्ग की एक यॉट ट्रिप के दौरान समुद्र में तैरते समय मौत हो गई. इसके बाद राज्यभर में 60 से अधिक मामले दर्ज होने के बाद सरमा के नेतृत्व वाली सरकार ने गर्ग की मौत की जांच के लिए असम पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (CID) के तहत एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया.
इस घटना की जांच के लिए गुवाहाटी हाई कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश सौमित्र सैकिया की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग का भी गठन किया गया. कुछ दिनों बाद एनईआईएफ के आयोजक श्यामकानु महंत, सिंगर के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, उनके दो बैंड सदस्य – शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृत प्रभा महंत और गर्ग के चचेरे भाई संदीपन गर्ग (असम के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी) को उनकी मौत में कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया.
गर्ग के निजी सुरक्षा अधिकारियों नंदेश्वर बोरा और प्रबीन बैश्य को भी गिरफ्तार किया गया, जब पुलिस को उनके खातों से 1.1 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े वित्तीय लेनदेन का पता चला. गिरफ्तार किए गए सभी सात लोग वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं. उन पर भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत हत्या, गैर इरादतन हत्या, आपराधिक साजिश और लापरवाही से मौत का कारण समेत कई आरोप लगाए गए हैं.
राजनाथ के बयान पर बोले राशिद अल्वी, सिंध क्या पूरा पाकिस्तान लीजिए
25 Nov, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने एक बयान में कहा, कि एक दिन पाकिस्तान का सिंध प्रांत भारत का हिस्सा होगा। भारत के राष्ट्रगान में भी सिंध का जिक्र आया है और इसलिए राजनाथ के बयान के अलग-अलग अर्थ निकाले जा रहे हैं। इस बयान पर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा, कि सिंध ही क्यों पूरा पाकिस्तान ले लीजिए।
कांग्रेस नेता अल्वी ने सोमवार को कहा, कि संघ नेतृत्व दावा करता है कि पड़ोसी देश कभी भारत का ही हिस्सा थे। इस स्थिति में चर्चा अकेले सिंध तक ही क्यों सीमित रहनी चाहिए। सिर्फ सिंध ही क्यों? पूरा का पूरा पाकिस्तान ही ले लीजिए। उन्होंने कहा, जब आरएसएस प्रमुख लगातार कहते हैं, कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान पहले कभी भारत का हिस्सा थे तो फिर सिर्फ सिंध को ही हमें क्यों लेना चाहिए। उसी के बारे में बात क्यों करें। अपनी सेना को आगे बढ़ाएं और पूरे पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश को भी भारत में मिला लें।
दरअसल एक दिन पहले रविवार को राजनाथ सिंह ने सिंध को लेकर बयान दिया था, जिसके बाद पाकिस्तान में भी इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। यहां देश में ही अनेक विपक्षी दलों के नेताओं ने उनके बयान पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष के नेता निशाना साधते हुए कह रहे हैं कि भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोग हमेशा से ही भड़काऊ बयान देते रहे हैं, ताकि जनता का ध्यान देश की बड़ी-बड़ी समस्याओं और अहम मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके। उन्होंने कहा, कि इस तरह के बयान सिर्फ इसलिए दिए जाते हैं ताकि क्षेत्रीय स्तर पर अशांति पैदा कर जनता का ध्यान भटका सकें। ये लोग आर्थिक चुनौतियां, बेरोजगारी और महंगाई जैसे अहम मसलों पर ध्यान नहीं देते हैं।
कर्नाटक में सत्ता के नाटक के बीच......नागा संतों ने दिया डीके को सीएम पद का आशीर्वाद
25 Nov, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। कर्नाटक कांग्रेस सरकार में अंदरूनी राजनीतिक उथल-पुथल जारी है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार कथित तौर पर पार्टी नेतृत्व से नाखुश दिख रहे हैं और उनके समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। हालाँकि, मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पद छोड़ने को तैयार नहीं दिख रहे हैं। बढ़ते तनाव के बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बेंगलुरु गए, लेकिन शिवकुमार ने अभी तक खरगे की मुलाकात नहीं की है।
राजनीतिक हलचल के बीच नागा संतों के एक समूह ने डीके शिवकुमार के आवास का दौरा किया। बताया जा रहा है कि इसमें से एक संत काशी से आए थे और उन्होंने डीके को सीएम पद का आशीर्वाद दिया। इस असामान्य घटनाक्रम ने व्यापक ध्यान और अटकलों को आकर्षित किया है, जिससे डीके की महत्वाकांक्षाओं को लेकर चर्चाएँ तेज हो गई हैं।
ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज विवाद में मध्यस्थता करने वाले एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उभरे हैं। रविवार को जॉर्ज ने पहले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मुलाकात की, इसके अध्यक्ष खड़गे के साथ बैठक की। बाद में, डीके शिवकुमार एक घंटे की चर्चा के लिए जॉर्ज के घर गए। सूत्रों के अनुसार, जॉर्ज ने शिवकुमार को मार्च में राज्य के बजट सत्र तक धैर्य रखने की सलाह दी, जबकि शिवकुमार ने अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में पार्टी नेतृत्व से ठोस आश्वासन माँगा।
वहीं सिद्धारमैया गुट का मानना है कि ज़्यादातर विधायक मौजूदा मुख्यमंत्री के साथ हैं। इस बात को पुख्ता करने के लिए, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे और एमएलसी डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया पिछले दो दिनों से कांग्रेस विधायकों से व्यक्तिगत रूप से मिल रहे हैं। सिद्धारमैया के संख्यात्मक लाभ से वाकिफ़ शिवकुमार के समर्थक पिछले चार दिनों से पार्टी आलाकमान पर सत्ता हस्तांतरण के पहले दिए गए मौखिक आश्वासन पर दबाव बनाने के लिए अपने वफ़ादार विधायकों के समूहों को दिल्ली भेज रहे हैं।
RJD का बड़ा एक्शन, चुनाव में बदनाम करने वाले 32 गायकों को भेजा नोटिस
25 Nov, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Elections 2025) के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और उसके नेताओं की छवि खराब करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया और बाजार में प्रसारित हुए आपत्तिजनक और हिंसात्मक गीतों पर अब पार्टी ने सख्त रुख अपना लिया है. पार्टी ने 32 भोजपुरी गायकों को कानूनी नोटिस भेजा है, जिन पर आरोप हैं कि उन्होंने बिना अनुमति के RJD और तेजस्वी यादव का नाम इस्तेमाल करते हुए हिंसा को बढ़ावा देने वाले गीत लॉन्च किए.
RJD के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि यह कोई साधारण मामला नहीं है, बल्कि पार्टी और सामाजिक न्याय की विचारधारा को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश है. उनके अनुसार, कई गीतों में न सिर्फ RJD और तेजस्वी यादव की छवि खराब करने का प्रयास हुआ, बल्कि यादव समुदाय को भी नकारात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया. उन्होंने दावा किया कि जिन गानों में ‘जंगलराज’, ‘रंगदारी’ और ‘अराजकता’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया, उनमें से कई गायकों का सीधा संबंध BJP से है. नोटिस में गायकों से पूछा गया है कि वे बताएं कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों न की जाए?
RJD का कहना है कि इन गीतों में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के नाम का अनुचित और बिना अनुमति उपयोग किया गया. कुछ गानों में हिंसक लाइनें थीं, जैसे 6 ठो गोली मारब कपारे में, सिक्सर के 6 गोली छाती में… पार्टी का आरोप है कि इन गीतों के जरिए माहौल को जान-बूझकर डराने वाला बनाया गया. यह दिखाने की कोशिश हुई कि RJD सत्ता में आते ही अराजकता फैल जाएगी.
विवादित गीतों का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चुनाव अभियान के दौरान किया था. कैमूर की चुनावी रैली में उन्होंने RJD के प्रचार से जुड़े एक गाने की पंक्तियां सुनाते हुए कहा था कि आएगी भइया की सरकार, बनेंगे रंगदार और जनता को सतर्क रहने की अपील की थी कि ऐसे गीत ‘जंगलराज वापसी’ की मानसिकता का संकेत देते हैं. उन्होंने हिंसात्मक बोलों को भी मंच से उद्धृत कर माहौल पर सवाल उठाए थे.
पूरे चुनाव के दौरान यह गाने सोशल मीडिया पर वायरल रहे. समर्थकों और विरोधियों के बीच तीखी बहस छिड़ी रही. RJD ने कई बार कहा कि यह गीत पार्टी की छवि खराब करने का ‘प्रचार युद्ध’ हैं, जिन्हें विपक्ष ने बढ़ावा दिया. अंत में RJD ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर गायकों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता तो पार्टी FIR, मानहानि का मुकदमा और साइबर क्राइम कंप्लेंट जैसी कानूनी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी.
बिहार में कांग्रेस ने कई नेताओं को पार्टी से निकाला, पार्टी-विरोधी गतिविधियों के कारण एक्शन
25 Nov, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बिहार कांग्रेस अनुशासन समिति (Bihar Congress Disciplinary Committee) ने सात नेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें छह वर्ष के लिए कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है. अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित नेताओं से प्राप्त स्पष्टीकरण समिति को संतोषजनक नहीं लगा.
उनके कार्य पार्टी अनुशासन उल्लंघन के पाँच मानकों में से तीन के अंतर्गत स्पष्ट रूप से आते हैं. समिति ने उल्लेख किया कि नेताओं ने कांग्रेस के कार्यक्रमों और निर्णयों के विरुद्ध लगातार पार्टी मंचों से बाहर बयान दिए. सक्षम अधिकारियों के निर्देशों की जानबूझकर अवहेलना की. प्रिंट और सोशल मीडिया में टिकट खरीद–फरोख्त जैसे निराधार और भ्रामक आरोप लगाकर पार्टी की प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहु्ंचाई.
बिहार कांग्रेस ने जिन नेताओं पर कार्रवाई की है, उनमें कांग्रेस सेवा दल के पूर्व उपाध्यक्ष आदित्य पासवान, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष शकीलुर रहमान, किसान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राज कुमार शर्मा, प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राज कुमार राजन, अति पिछड़ा विभाग के पूर्व अध्यक्ष कुंदन गुप्ता, बांका जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष कंचना कुमारी और नालंदा के कांग्रेसी नेता रवि गोल्डेन शामिल हैं. उनके कार्य पार्टी अनुशासन उल्लंघन के पांच मानकों में से तीन के अंतर्गत स्पष्ट रूप से आते हैं. इन पर कांग्रेस पार्टी के मूल सिद्धांतों, अनुशासन और संगठनात्मक मर्यादा के प्रति शिथिल रवैया अपनाने तथा पार्टी-प्लेटफ़ॉर्म के बाहर लगातार अवांछित व भ्रामक बयान जारी करने के आरोप हैं.
बिहार कांग्रेस अनुशासन समिति ने उल्लेख किया कि उक्त नेताओं ने कांग्रेस के कार्यक्रमों और निर्णयों के विरुद्ध लगातार पार्टी मंचों से बाहर बयान दिए.सक्षम अधिकारियों के निर्देशों की जानबूझकर अवहेलना की. समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मुद्दों को उठाकर नेताओं ने दुष्प्रचार किया, उन पर पार्टी ने पूर्ण पारदर्शिता अपनाई थी. पर्यवेक्षकों की नियुक्ति, जनसंपर्क कार्यक्रम, प्रदेश चुनाव समिति की बैठकों तथा अखिल भारतीय चुनाव समिति द्वारा विस्तृत समीक्षा के बाद ही अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा की गई थी.
इसके बावजूद संबंधित नेताओं के आचरण से पार्टी के विभिन्न स्तरों पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी, पर्यवेक्षक, चुनाव समितियों तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्णयों की अवमानना हुई और संगठन के भीतर भ्रम फैलाने की कोशिश की गई. समिति ने यह भी बताया कि केंद्रीय पर्यवेक्षक श्री अविनाश पाण्डेय की सहमति से विधान सभा पर्यवेक्षक बनाए जाने के बाद भी इन नेताओं ने अनुशासनहीनता जारी रखी.
कर्नाटक में CM पद को लेकर हलचल जारी, शिवकुमार के समर्थन में विधायकों का एक और समूह दिल्ली पहुंचा
25 Nov, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कर्नाटक (Karnataka) में कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही रस्साकशी अब नई दिल्ली तक पहुंच गई है। इसी क्रम में चर्चा ज्यादा तेज तब हो गई जब कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (Deputy Chief Minister DK Shivakumar) के समर्थन में एक और विधायकों का समूह नई दिल्ली के लिए रवाना हुआ है। सूत्रों की माने तो ये दल रविवार रात नई दिल्ली पहुंच भी गए। इस दल में कम से कम छह विधायक शामिल है। सूत्रों का तो ये भी मानना है कि कुछ और विधायक भी जल्द दिल्ली जा सकते हैं ताकि शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने का मुद्दा पार्टी के शीर्ष नेताओं के सामने रखा जा सके।
बता दें कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने 20 नवंबर को अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा समय पूरा किया। इसी बीच, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच कथित ‘पावर शेयरिंग’ समझौते की बातें भी सामने आई हैं। ऐसे में चर्चा तेज हो गई कि क्या अब डीके शिवकुमार को अगले ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद दिया जा सकता है। अब बात अगर नई दिल्ली पहुंचे कांग्रेस विधायकों की करे तो नई दिल्ली पहुंचे विधायकों में एचसी बालकृष्णा (मगड़ी), केएम उदय (मद्दुर), नयना मोतम्मा (मुडिगेरे), इकबाल हुसैन (रमणगर), शरथ बचेगौड़ (होसकोटे) और शिवगंगा बसवराज (चनागिरी) शामिल हैं।
नई दिल्ली। कर्नाटक (Karnataka) में कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही रस्साकशी अब नई दिल्ली तक पहुंच गई है। इसी क्रम में चर्चा ज्यादा तेज तब हो गई जब कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (Deputy Chief Minister DK Shivakumar) के समर्थन में एक और विधायकों का समूह नई दिल्ली के लिए रवाना हुआ है। सूत्रों की माने तो ये दल रविवार रात नई दिल्ली पहुंच भी गए। इस दल में कम से कम छह विधायक शामिल है। सूत्रों का तो ये भी मानना है कि कुछ और विधायक भी जल्द दिल्ली जा सकते हैं ताकि शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने का मुद्दा पार्टी के शीर्ष नेताओं के सामने रखा जा सके।
बता दें कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने 20 नवंबर को अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा समय पूरा किया। इसी बीच, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच कथित ‘पावर शेयरिंग’ समझौते की बातें भी सामने आई हैं। ऐसे में चर्चा तेज हो गई कि क्या अब डीके शिवकुमार को अगले ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद दिया जा सकता है। अब बात अगर नई दिल्ली पहुंचे कांग्रेस विधायकों की करे तो नई दिल्ली पहुंचे विधायकों में एचसी बालकृष्णा (मगड़ी), केएम उदय (मद्दुर), नयना मोतम्मा (मुडिगेरे), इकबाल हुसैन (रमणगर), शरथ बचेगौड़ (होसकोटे) और शिवगंगा बसवराज (चनागिरी) शामिल हैं।
जगदीप धनखड़ पर अपमानजनक टिप्पणी करने पर जयराम पर होगी कार्रवाई?
24 Nov, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति ने शिकायत को लेकर बैठक की
नई दिल्ली। राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति ने सोमवार को राज्यसभा सांसद जयराम रमेश के खिलाफ शिकायत को लेकर बैठक की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पर राज्यसभा के तात्कालिक सभापति जगदीप धनखड़ के विरुद्ध बार-बार एवं जानबूझकर अपमानजनक टिप्पणियां करने और सार्वजनिक रूप से सभापति की निष्पक्षता पर सवाल उठाने का आरोप है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह की अध्यक्षता में समिति की बैठक सोमवार सुबह विस्तार भवन में हुई। बैठक का प्रमुख एजेंडा जयराम रमेश के खिलाफ दर्ज विशेषाधिकार हनन की शिकायत था। समिति ने तय किया है कि वह जल्द ही जयराम रमेश को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए बुलाएगी।
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी स्थायी समिति ने सभी प्रकार के मीडिया से संबंधित कानूनों के कार्यान्वयन की समीक्षा की और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के प्रस्तावों और प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया के विचारों को सुना। कोयला, खान एवं इस्पात स्थायी समिति ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) का संगठनात्मक ढांचा एवं प्रदर्शन एक समीक्षा विषय पर इस्पात मंत्रालय के अधिकारियों के मौखिक साक्ष्य सुने। रसायन एवं उर्वरक स्थायी समिति ने देश में दवाओं की बढ़ती कीमतों के विशेष संदर्भ में राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण की भूमिका, कार्य एवं दायित्वों की समीक्षा की और औषधि विभाग के प्रतिनिधियों से मौखिक साक्ष्य लिए।
बता दें राज्यसभा विशेषाधिकार समिति में अन्य दलों के 10 सदस्य होते हैं। यह समिति सदन या सभापति द्वारा भेजे गए हर विशेषाधिकार हनन के मामले की जांच करती है, तथ्यों के आधार पर तय करती है कि उल्लंघन हुआ है या नहीं और अगर हुआ है तो उसकी प्रकृति, कारण और उचित सिफारिशें सदन को प्रस्तुत करती है। जरुरत पड़ने पर समिति यह भी बताती है कि उसकी सिफारिशों को लागू करने की क्या प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
मौर्य बोले- अगला नंबर पश्चिम बंगाल में ममता दीदी और फिर यूपी में अखिलेश का
24 Nov, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। बिहार विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित जीत से खासे खुश उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ऐसा कुछ कह दिया है, जिसकी चर्चा चारों ओर हो रही है। दरअसल मौर्य का कहना है, कि बिहार के बाद अब अगला नंबर ममता दीदी जी और फिर सपा बहादुर अखिलेश यादव का है।
दरअसल समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने एक दिन पहले ही भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग पर साजिश रचने का आरोप लगाया था, जिसके बाद रविवार को डिप्टी सीएम मौर्य ने संकेत दिया, कि अगले चुनावों में पश्चिम बंगाल और फिर उत्तर प्रदेश में महागठबंधन को पराजय का सामना करना पड़ेगा। मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेट्फार्म ‘एक्स’ में एक पोस्ट करते हुए कहा, कि बिहार चुनाव के दरम्यान खुद गोता लगाने के साथ राहुल गांधी ने तेजस्वी यादव को लपेटे में लेकर महागठबंधन का भविष्य भी लिख दिया। अब अगला नंबर ममता दीदी जी (पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी) और फिर सपा बहादुर अखिलेश यादव का है।
बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के सह प्रभारी रहे डिप्टी सीएम मौर्य की इस पोस्ट को लेकर अब राजनीतिक गलियारे में जोर-शोर से चर्चा शुरु हो गई है। इसके बहाने एक बार फिर केंद्र और चुनाव आयोग निशाने पर आ गए हैं। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने दो तिहाई बहुमत से जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया। ऐसे में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा, कि भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग मिलकर साजिश के तहत उन विधानसभा क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बहाने 50 हजार से अधिक वोट काटने की तैयारी कर रहे हैं, जहां 2024 में लोकसभा चुनाव में सपा और इंडिया गठबंधन ने जीत हासिल की थी। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने दावा किया कि उन्हें जानकारी हासिल हुई है कि उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में जीत पक्की करने भाजपा ने निर्वाचन आयोग के साथ मिलकर बड़ी तैयारी की हुई है।
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