राजनीति
दिल्ली नगर निगम उपचुनाव में बीजेपी ने जीते 12 वार्ड, आप ने तीन पर जीत दर्ज की
3 Dec, 2025 07:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बुधवार दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के 12 वार्ड में से सात जीत लिए है। आम आदमी पार्टी (आप) ने 3 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस और लेफ्ट पार्टी एक-एक सीट मिली। जिन 12 वार्ड में 30 नवंबर को वोटिंग हुई थी, उनमें से नौ पहले बीजेपी के पास थे और बाकी आम आदमी पार्टी (आप) के पास। 2022 में 250 वार्ड के लिए हुए एमसीडी चुनाव में 50.47 प्रतिशत के मुकाबले वोट प्रतिशत 38.51 प्रतिशत रहा। राज्य चुनाव आयोग ने कहा कि कंझावला, पीतमपुरा, भारत नगर, सिविल लाइंस, राउज एवेन्यू, द्वारका, नजफगढ़, गोल मार्केट, पुष्प विहार और मंडावली में दस काउंटिंग सेंटर बनाए गए थे।
बीजेपी ने 7 वार्डों में जीत हासिल की, उसमें द्वारका बी, विनोद नगर, अशोक विहार, ग्रेटर कैलाश, डिचाओं कलां, शालीमार बाग बी और चांदनी चौक। हालांकि, भगवा पार्टी अपने संगम विहार ए और नारायणा वार्ड हार गई, जो 2022 के एमसीडी चुनावों में जीते थे। आप ने तीन वार्ड जीते, जिसमें नारायणा, मुंडका और दक्षिणपुरी शामिल है। कांग्रेस ने संगम विहार ए वार्ड जीता जबकि एआईएफबी के मोहम्मद इमरान ने चांदनी महल वार्ड जीता।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) उपचुनाव के लिए 12 वार्डों में वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू हुई। इस उपचुनाव को सत्ताधारी बीजेपी के साथ-साथ आप और कांग्रेस के लिए एक अहम परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा था। 26 महिलाओं सहित 51 उम्मीदवार मैदान में थे।
2022 के दिल्ली नगर निगम चुनाव में, आम आदमी पार्टी (आप) ने 42.05 प्रतिशत वोटों के साथ 134 सीटें जीतीं। पार्टी को 30,84,957 वोट मिले। भारतीय जनता पार्टी ने 104 सीटें जीतीं, 39.09 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया और राजधानी में कुल 28,67,472 वोट मिले।
सीएम रेवंत के हिंदू देवी-देवताओं पर दिए विवादित बयान पर बीजेपी राज्य में बड़े आंदोलन की तैयारी में
3 Dec, 2025 06:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की हिंदू देवी-देवताओं और पूजा पद्धति पर की गई टिप्पणी के बाद राज्य में एक बड़ा राजनीतिक और धार्मिक विवाद खड़ा हो गया है। सीएम रेवंत ने बैठक में हल्के-फुल्के अंदाज़ में उन्होंने हिंदू पूजा की विविधता पर टिप्पणी कर कहा कि हिंदू धर्म में तीन करोड़ देवी-देवता हैं...अविवाहितों के लिए एक भगवान, दो बार शादी करने वालों के लिए दूसरा, शराब पीने वालों के लिए अलग, चिकन मांगने वालों के लिए अलग...हर तरह के लोगों के लिए एक-एक देवता हैं। वहीं विपक्षी दलों का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने हिंदू आस्था का मज़ाक उड़ाकर करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को आहत किया है।
तेलंगाना बीजेपी ने एक्स पर कहा कि रेवंत रेड्डी ने फिर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ जहर उगला है। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस का हिंदूफोबिक डीएनए फिर उजागर हो गया है। बंडी संजय कुमार (केंद्रीय मंत्री) ने कहा कि कांग्रेस हमेशा एआईएमआईएम के आगे झुकती रही है और रेवंत रेड्डी की सोच उसी दिशा को दर्शाती है। उन्होंने हिंदुओं से एकजुट होकर जवाब देने की अपील की। वहीं बीजेपी जी. रामचंद्र राव (प्रदेश अध्यक्ष ने बयान को अत्यंत अपमानजनक बताया और मुख्यमंत्री से बिना शर्त माफी की मांग की। जी. किशन रेड्डी (केंद्रीय मंत्री) ने बयान को हिंदू विरोधी बताकर कहा कि पहले भी सीएम ने कांग्रेस मतलब मुसलमान, मुसलमान मतलब कांग्रेस कहकर विवाद खड़ा किया था। उन्होंने हिंदुओं को एकजुट होने और कांग्रेस को ताकत दिखाने की ज़रूरत दिखा दी है। राज्य में कांग्रेस की प्रतिद्वंदी बीआरएस ने भी मुख्यमंत्री की टिप्पणी की आलोचना की। बीआरएस नेताओं ने रेवंत रेड्डी से तुरंत बयान वापस लेने और हिंदुओं से माफी मांगने की मांग की है। बीजेपी इस बयान को बड़ा मुद्दा बनाकर राज्यभर में जनआंदोलन खड़ा करने की तैयारी में है। कांग्रेस ने फिलहाल इस विवाद पर कोई आधिकारिक सफाई जारी नहीं की है। आने वाले दिनों में तेलंगाना में विरोध-प्रदर्शन और तेज होने की संभावना है।
बीजेपी को वंदे मातरम् पर अपनी बात रखने का कोई नैतिक हक नहीं
3 Dec, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र में पहुंचे कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने बुधवार को बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन लोगों को वंदे मातरम् पर अपनी बात रखने का कोई नैतिक हक नहीं है। हमारी पार्टी ने वंदे मतारम् को जीया है, जो हमारी रगों में है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों से लड़ाई में कांग्रेस सबसे आगे रही है। हम लोगों ने वंदे मातरम् गाते हुए अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोला। बीजेपी को किसी भी सूरत में वंदे मातरम् को लेकर अपनी बात कहने का कोई हक नहीं है।
कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने नाम बदलने में महारत हासिल कर रखी है। इन लोगों ने शहरों, सड़कों और ऐतिहासिक इमारतों का नाम बदलने के अलावा और कुछ भी हासिल नहीं किया। अब मेरा केंद्र सरकार से कहना है कि आप लोग काम करने का तरीका बदलो, तो ज्यादा बेहतर रहेगा।
वहीं, एनसीपी (शरदचंद्र गुट) की नेता फौजिया खान ने पश्चिम बंगाल में मस्जिद विवाद अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसी भी मस्जिद का निर्माण सरकारी पैसे से नहीं किया जाता है। मस्जिद का निर्माण नमाज पढ़ने वाले लोगों के सहयोग से होता है। साथ में शर्त यह होती है कि वो पैसा हलाल होना चाहिए, यानी की किसी भी अनैतिक गतिविधियों से कमाया हुआ पैसा नहीं होना चाहिए, क्योंकि किसी भी गैर कानूनी तरीके से कमाए जाने वाले पैसे मस्जिद का निर्माण करने में वर्जित है।
फौजिया ने समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव के बयान के संबंध में कहा कि देश में आगे चलकर कैसे हालात होंगे, ये उस देश की जनता पर निर्भर करता है। इस पर हम किसी भी प्रकार की टिप्पणी नहीं कर सकते हैं, लेकिन इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि केंद्र की मोदी सरकार लगातार जनता के हितों पर कुठाराघात कर रही है। अगर सरकार ने स्थिति को बदलने की कोशिश नहीं की, तो लोगों का आक्रोश अपने चरम पर पहुंच जाएगा और मौजूदा समय में सरकार अपनी गलतियों से सीखने के लिए तैयार नहीं हो रही है।
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि केंद्र सरकार एसआईआर को लेकर अनैतिक रास्ता अपना रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। अब केंद्र सरकार की पोल खुल रही है। अब देश की जनता पर्दे के पीछे की पूरी सच्चाई से वाकिफ हो रही है। हर कोई केंद्र सरकार की मंशा को समझ पा रहा है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माझी ने कहा कि मौजूदा समय में कई मुद्दों को लेकर चर्चा हो रही है, जिसमें वंदे मातरम और संचार साथी एप प्रमुख रूप से शामिल हैं। ऐसी स्थिति में हमें पूरी उम्मीद है कि आगामी दिनों में संसद का सत्र आगामी दिनों में सुचारू रूप से चलेगा।
वहीं, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माझी ने कहा कि उस समय किन परिस्थितियों में कोई फैसला लिया गया, वो कई कारकों पर निर्भर करता है। उस समय देश अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ ही था, तो उन दिनों किन परिस्थितियों में निर्णय लिए गए थे, वो कई कारकों पर निर्भर करता है। ऐसी स्थिति में हम वर्तमान में एकदम से कोई भी टिप्पणी नहीं कर सकते हैं।
वहीं बीजेपी नेता शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि आज की तारीख में विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। वो बेवजह के मुद्दों को लेकर चर्चा करने पर जोर दे रहे हैं, जिसका कोई मतलब नहीं है। विपक्ष के लोगों को यह समझना होगा कि एसआईआर चुनाव आयोग की तरफ से कराया जा रहा है, जिसके तहत फर्जी नागरिकों को चिन्हित किया जा रहा है। अब अगर विपक्ष को इस पर आपत्ति है, तो इस मुद्दे को लेकर संसद में चर्चा की जाएगी। हमारी सरकार खुली किताब की तरह है, जो हर मुद्दे पर चर्चा करती है। हम चर्चा से भागते नहीं हैं। देश की जनता से कुछ भी छुपाया नहीं जाएगा।
बीजेपी सांसद दर्शन चौधरी ने कहा कि इन लोगों ने सत्ता में रहते हुए देश को गर्त में पहुंचा दिया था। आज पीएम मोदी के नेतृत्व में देश सही दिशा में है। आज की तारीख में हर जगह विकास कार्य हो रहे हैं। हमारी सरकार जनता के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करती है।
केसी वेणुगोपाल के स्वागत के दौरान लगे शिवकुमार के नारे, CM के समर्थकों ने किया पलटवार
3 Dec, 2025 03:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मंगलुरु। कर्नाटक कांग्रेस के दो बड़े नेताओं के बीच चल रही सत्ता की खींचतान एक बार फिर देखने को मिली। बुधवार को एयरपोर्ट पर एआईसीसी के जनरल सेक्रेटरी केसी वेणुगोपाल के सामने शिवकुमार के नारे लगे। इसके बाद में मुख्यमंत्री के समर्थकों ने "फुल टर्म CM सिद्धारमैया" ने नारों के साथ पलटवार किया। यह घटनाक्रम CM सिद्धारमैया और डिप्टी CM शिवकुमार के बीच दूसरी ब्रेकफास्ट मीटिंग के एक दिन बाद हुआ, जिसमें नेताओं ने कहा कि वे एकजुट हैं और भाइयों की तरह काम कर रहे हैं।
संसद में हंगामे पर कंगना का बयान.......विपक्ष जितना अधिक हारता है, उतना ही अधिक निराश होता
3 Dec, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। अभिनेत्री-राजनेता कंगना रनौत के संसद में विपक्ष के हंगामे पर बयान दिया है। सांसद कंगना रनौत ने विपक्ष पर जानबूझकर बाधा डालने और लगातार चुनावी झटकों के कारण बढ़ती हताशा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष जितना अधिक हारता है, उतना ही अधिक निराश होता है, और कांग्रेस व बाकी दल हताशा की स्थिति में पहुँच गए हैं। उनके अनुसार, व्यवधानों के कारण पहले दिन महत्वपूर्ण कार्य और चर्चाएँ नहीं हो सकीं, और सदन को स्थगित करना पड़ा। उन्होंने कहा कि पूरा देश देख रहा है और विपक्ष इस आचरण से जनता की नज़रों में खुद को गिरा रहा है और चुनाव दर चुनाव हार रहा है।
सत्र के पहले और दूसरे दोनों दिन बार-बार व्यवधान और हंगामा देखा गया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी सांसद मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लोकसभा में विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ वोट चोर, गद्दी छोड़ो का नारा लगाया और एसआईआर पर चर्चा की मांग की। राज्यसभा पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी के बाद कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों से मर्यादा बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि विपक्ष की गतिविधियों पर पूरा देश नज़र रख रहा है, और इस तरह विरोध करना संसद या देश के हित में नहीं है। उन्होंने प्रश्नकाल चलने देने का अनुरोध किया। यह खबर संसद के अंदर के राजनीतिक माहौल और विपक्ष के विरोध के प्रमुख कारण (एसआईआर) को दिखाती है, साथ ही उस पर सत्ताधारी दल के समर्थक (कंगना रनौत) की प्रतिक्रिया को भी सामने रखती है।
राजनीति में आकर मेरे कान खराब हो गए.........शुक्र है मेरा दिमाग खराब नहीं हुआ
3 Dec, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एक इंटरव्यू में बेबाकी से बोलीं अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन
नई दिल्ली। अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन एक कार्यक्रम में अपने पति अमिताभ बच्चन और अपने राजनैतिक करियर पर बात की। उन्होंने बताया कि अपने पति के लिए घर-घर जाकर वोट मांगे हैं। इतना ही नहीं जया ने कहा कि अमिताभ राजनीति में परेशान हो गए होंगे, क्योंकि वह हर जगह अपनी राय नहीं रख पाते हैं।
इस दौरान जया ने एंकर को टोकते हुए कहा थोड़ा तेज बोलिए। पार्लियामेंट की वजह से मेरे कान खराब हो गए हैं क्योंकि वहां आप बहुत चीख-चिल्लाहट सुनते हैं। भगवान का शुक्र है कि मेरा दिमाग नहीं खराब हुआ बस थोड़े से कान ही हुए हैं। इसके बाद जया ने बताया कि जब मैं पब्लिक लाइफ में आना चाहती थी तो मेरा परिवार ज्यादा खुश नहीं था। इसलिए नहीं कि मैं गलत थी बल्कि उन्हें डर था कि मैं कुछ भी बोल दूंगी।
वहीं अमिताभ के राजनैतिक करियर के बारे में जया ने कहा कि वह जरूर परेशान हो गए हैं। उनकी राय होती है लेकिन मुझे नहीं लगता कि उस फोरम को वह अपना ओपिनियन रखने लायक समझते हैं। मुझे फर्क नहीं पड़ता कि मैं अपनी राय रखती हूं। मैं जर्नलिस्ट की बेटी हूं, यह बात नहीं भूलती।
जया से पूछा गया कि जब उनके पति पॉलिटिक्स में गए, तब क्या उन्होंने सपोर्ट किया था? इस पर जया ने जवाब दिया, मैंने सपोर्ट किया था। मैंने घर-घर जाकर कैंपेनिंग की, उस वक्त कोई ऐसा नहीं करता था।
रेणुका चौधरी का विवादित बयान, बीजेपी का पलटवार...कांग्रेस की मानसिकता सेना विरोधी
3 Dec, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने फिर विवादास्पद बयान दिया है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के पक्ष में बोलने के लिए आर्मी पर दबाव डाला जा रहा है, इस मामले को उन्होंने बेहद डरावना बताया है। कांग्रेस नेत्री चौधरी ने कहा कि सबसे भयानक स्थिति यह है कि फौज के लोग बाहर आकर मीडिया में बयान दे रहे हैं। उनके ऊपर जुल्म किया जा रहा है। फौज के लोगों को सरकार के समर्थन में इसतरह के बयान देने पड़ रहे हैं। यह बहुत खतरनाक है।
वहीं भाजपा प्रवक्ता सीआर केसवन ने रेणुका चौधरी के बयान को शॉकिंग, बांटने वाला, और दुर्भावनापूर्ण बताया है। केसवन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की मानसिकता को सेना विरोधी करार दिया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग पूर्व में भी सेना प्रमुख पर सड़क का गुंडा जैसी टिप्पणियां कर चुके हैं। संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन रेणुका चौधरी एक कुत्ता लेकर संसद भवन परिसर पहुंची थीं। सत्ता पक्ष के नेताओं ने इसका कड़ा विरोध किया था।
जब पत्रकारों ने कारण पूछा, तब उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, क्या सरकार को जानवर पसंद नहीं हैं। लाई हूं तब इसमें क्या हर्ज है। वैसे भी यह कुत्ता बहुत छोटा है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि काटने वाले और डसने वाले संसद में हैं, जिससे हंगामा मच गया था। यह बयान और विवाद सेना के राजनीतिकरण और संसद की मर्यादा को लेकर उठे सवालों को उजागर करते हैं।
सिद्धारमैया और शिवकुमार की नाश्ता राजनीति पर बोम्मई का तंज..............पिक्चर अभी बाकी
3 Dec, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच हुई हालिया ब्रेकफास्ट मीटिंग को लेकर राजनीतिक हलकों में बयानबाजी जारी है। भाजपा के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने इस मुलाकात पर तंज कंस दिया है। बोम्मई ने इस मीटिंग को महज़ एक टीजर बताया और तंज कसते हुए कहा, “पिक्चर अभी बाकी है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर की असली स्थिति कुछ दिनों में सभी के सामने आएगी। बीजेपी नेता बोम्मई ने कांग्रेस नेताओं पर सवाल उठाकर कहा, ये दोनों नाश्ता करने में व्यस्त हैं, तब जनता और राज्य के विकास के लिए कौन काम करेगा? एक कुर्सी खींचने की कोशिश कर रहा है और दूसरा उस पकड़े रखने की।”
उन्होंने कांग्रेस हाईकमान पर निशाना साधकर कहा कि, ढाई साल बीत गए लेकिन अंदरूनी कलह खत्म नहीं हुई। हाईकमान है कहां? कौन हाईकमान है? जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ही कह रहे हैं कि वे हाईकमान नहीं हैं, तब इस शब्द की क्या परिभाषा रह जाती है? यह पूरा मामला पारिवारिक हो गया है।”
वहीं नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने भी राज्य सरकार पर हमला करते हुए सड़कों की बदहाली का मुद्दा उठाया।
उन्होंने लिखा कि राज्य के पाँच बड़े शहरों में पिछले 11 महीनों में गड्ढों की वजह से 558 मौतें हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया, गड्ढे यमराज की तरह लोगों की जान ले रहे हैं। सड़कें बदहाल हैं... लेकिन उन्हें सिर्फ सत्ता, ब्रेकफास्ट मीटिंग और निजी हितों की चिंता है। यह बेहद शर्मनाक है।”
वहीं सिद्धारमैया ने उपमुख्यमंत्री शिवकुमार के आवास पर नाश्ता किया, जहां उन्हें इडली और नटिकोलि सारू (चिकन ग्रेवी) परोसी गई। इस दौरान शिवकुमार के भाई डीके सुरेश और विधायक एचडी रंगनाथ भी मौजूद थे। डीके ने लिखा कि उन्होंने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और सुशासन और विजन के तहत राज्य के निरंतर विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की।
वहीं सिद्धारमैया ने शिवकुमार के साथ प्रेसवार्ता में कहा, “हम दोनों भाई की तरह हैं और मिलकर काम कर रहे है। शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर उन्होंने जवाब दिया, “जब हाईकमान फैसला करेगा, वे मुख्यमंत्री बन जाएंगे।”
डीके के सीएम बनने के सवाल पर सिद्धारमैया.........जब आलाकमान कहेगा
3 Dec, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ दूसरी नाश्ते की बैठक के बाद कहा कि कांग्रेस नेता एकजुट हैं और मिलकर सरकार चलाएँगे। डीके के मुख्यमंत्री बनने के बारे में पूछने पर, सिद्धारमैया ने कहा, जब आलाकमान कहेगा। यानी कांग्रेस के सीएम ने गेंद कांग्रेस के आलाकमान के पाले में डाल दी है। उन्होंने कहा कि उनमें और डीके शिवकुमार में कोई मतभेद नहीं है। डीके और मैं एकजुट हैं। हम सरकार चला रहे हैं। भविष्य में भी हम एकजुट होकर सरकार चलाएंगे।
बात दें कि यह उनकी दूसरी नाश्ते की बैठक थी। इसके पहले पहली बैठक सिद्धारमैया के आवास पर हुई थी, जिसमें इडली-सांभर और उपमा परोसा गया था। दूसरी मुलाकात डीके के आवास पर हुई, जिसमें पारंपरिक नाटी चिकन और इडली परोसी गई। डीके के भाई डीके सुरेश भी मौजूद थे। नाश्ते के बाद, उन्होंने विधानसभा सत्र पर चर्चा की और तय किया कि 8 दिसंबर को सांसदों की एक बैठक बुलाई जाए, जिसमें किसानों और राज्य के अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने पुष्टि की कि वे आलाकमान (राहुल, सोनिया, प्रियंका और मल्लिकार्जुन खड़गे) द्वारा लिए गए कदमों को स्वीकार करते हैं, और अगर उन्हें दिल्ली बुलाया गया वे ज़रूर जाएँगे।
सिद्धारमैया ने मक्का और गन्ना किसानों के लिए सरकार के समर्थन की पुष्टि की और एमएसपी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसान-समर्थक है। अगले सोमवार से विधानसभा सत्र शुरू हो रहा है, और उन्होंने विपक्ष (भाजपा और जद(एस)) द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना का भी ज़िक्र किया।
सिद्धारमैया ने नेतृत्व संघर्ष की अटकलों को कमज़ोर कर कहा कि उनकी एकता आज नई नहीं है, बल्कि वे हमेशा से एकजुट रहे हैं और राहुल गांधी के हर फैसले का पालन करुंगा। डीके शिवकुमार ने भी राज्य में विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
पीएम मोदी बोलते हैं..........तब दुनिया भर के नेता ध्यान से सुनते, ये भारत की बढ़ती हुई ताकत
2 Dec, 2025 07:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। आरएसएस की स्थापना के सौ साल पूरे होने के मौके पर में पुणे में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बोलते हैं, तब विश्व के नेता ध्यान से सुनते हैं। इसका मुख्य कारण भारत की ताकत सामने आ रही है और देश को उसका उचित स्थान मिल रहा है। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री मोदी को वैश्विक स्तर पर इतने ध्यान से इसलिए सुना जा रहा है, क्योंकि भारत की शक्ति अब उन जगहों पर दिखने लगी है, जहां भारत को उचित रूप से प्रकट होना चाहिए, और इसने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। आरएसएस के 100 साल पूरे होने पर, उन्होंने जोर दिया कि किसी को केवल जश्न मनाने के बारे में नहीं सोचना चाहिए, बल्कि दिए गए कार्य को निर्धारित समय के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि संघ ने चुनौतियों और तूफानों से जूझते हुए 100 साल पूरे किए हैं, लेकिन अब आत्मचिंतन का समय है कि पूरे समाज को एकजुट करने के काम में इतना समय क्यों लगा।
भारत का महत्व और वैश्विक शांति: आमतौर पर यह माना जाता है कि जब भारत आगे बढ़ता है, तो वैश्विक समस्याएं हल हो जाती हैं, संघर्ष कम हो जाते हैं और शांति कायम होती है। उन्होंने कहा कि यह बात इतिहास में दर्ज है और हमें इसे फिर से साकार करना होगा, क्योंकि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियां भारत से इसकी मांग करती हैं। उन्होंने आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के बलिदानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवकों ने कई बाधाओं और चुनौतियों के बीच अपना मिशन शुरू किया था, और उन्होंने सफलता के बीज बोए और अपना जीवन समर्पित करके परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया। भागवत ने कहा कि जब संघ संवाद और सामूहिक कार्य की ताकत की बात करता है, तो इसका तात्पर्य पूरे समाज से होता है। उन्होंने जोर दिया कि संघ की नींव विविधता में एकता में निहित है, और सभी को साथ मिलकर चलना होगा, जिसके लिए धर्म आवश्यक है। उनका मानना है कि भारत में सभी दर्शन एक ही स्रोत से उत्पन्न हुए हैं, और चूंकि सब कुछ आपस में जुड़ा हुआ है, इसलिए हमें सद्भाव के साथ आगे बढ़ना होगा।
आलोक शर्मा ने केंद्र को लिखा पत्र, कहा, संतोष वर्मा को पद से हटाया जाए
2 Dec, 2025 05:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। IAS संतोष वर्मा का मामला शांत होने के नाम नहीं ले रहा है. ब्राह्मण समाज में अधिकारी के बयान को लेकर आक्रोश है. आमजन से लेकर नेता तक अधिकारी की बर्खास्तगी की बात कह रहे हैं. भोपाल के सांसद आलोक शर्मा ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात की. इसके साथ ही उन्होंने संतोष वर्मा को पद से बर्खास्त करने की मांग की।
विभागीय जांच की भी मांग की
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को लिखे पत्र में सांसद ने ये मांग की कि IAS संतोष वर्मा के विरूद्ध तत्काल विभागीय जांच की जानी चाहिए. जांच लंबित रहने तक उन्हें निलंबित किया जाना चाहिए, जिससे वे पद का दुरुपयोग ना कर सकें. इसके साथ ही जांच में सत्यता पाई जाती है तो बर्खास्तगी जैसी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए. सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके सांसद आलोक शर्मा ने लिखा कि आज (मंगलवार) संसद भवन में केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह जी से भेंट कर भोपाल में विगत दिनों आईएएस संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बेटियों के बारे में दिए गए बयान पर संज्ञान लेने और दोषी पाए जाने पर संतोष वर्मा के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की शिकायत की।
ब्राह्मण समाज पर दिया था विवादित बयान
अजाक्स का प्रांतीय अधिवेशन 23 नवंबर को भोपाल में आयोजित किया गया था. इस अधिवेशन को संबोधित करते हुए IAS अधिकारी संतोष वर्मा ने कहा था कि जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान ना कर दे या उसके साथ संबंध ना बना दे, तब तक आरक्षण मिलना चाहिए।
IAS मांग चुके हैं माफी
उन्होंने कहा था कि मेरे बयान में दान से मतलब कन्यादान से है. मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया. कुछ लोगों ने स्वार्थसिद्ध करने के लिए ऐसा किया. बयान को वायरल किया. मेरे 27 मिनट के भाषण में से 1-2 लाइन निकाल करके प्रचारित किया. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मेरी टिप्पणी से किसी समाज को जाने-अनजाने में ठेस पहुंची है तो माफी मांगता हूं।
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे बोले- लोकतंत्र की रक्षा के लिए विरोध-प्रदर्शन ज़रूरी
2 Dec, 2025 05:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। लोकसभा में एसआईआर को लेकर विपक्ष का असंतोष दूसरे दिन भी जारी रहा। कार्यवाही जैसे ही सुबह 11 बजे शुरू हुई। सदन में ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ के नारे गूंजे और कुछ सांसद सीधे वेल में जा पहुंचे। स्पीकर ओम बिरला ने शांति बनाए रखते हुए प्रश्नकाल जारी रखा, लेकिन विपक्ष की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि 20 मिनट बाद सदन को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
उधर, राज्यसभा में भी कमोबेश वही दृश्य- नारेबाजी, पोस्टर और एसआईआर पर तत्काल चर्चा की मांग की गई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए विरोध-प्रदर्शन ज़रूरी है। विपक्ष सुबह 10:30 बजे संसद परिसर के मकर द्वार के सामने भी जुटा और एसआईआर पर तुरंत चर्चा की मांग दोहराई। सत्र के पहले दिन से ही एसआईआर, वोट चोरी और चुनावी पारदर्शिता को लेकर विपक्ष लगातार मोर्चा खोले हुए है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में साफ कहा था कि सरकार एसआईआर और चुनावी सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार है, बस विपक्ष इस पर कोई टाइमलाइन न तय करे। सूत्रों की मानें तो विपक्ष इतना भी नहीं कह रहा कि एसआईआर शब्द ही रहना चाहिए। सरकार चाहे तो इसे इलेक्शन रिफार्म, चुनावी सुधार या किसी भी नाम से सूचीबद्ध कर सकती है। सरकार इस सुझाव पर सकारात्मक दिख रही है और बिज़नेस एडवाइजरी कमेटी में अपना रुख रख सकती है।
इसी बीच सरकार संसद में वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर 10 घंटे की विशेष चर्चा कराने पर विचार कर रही है। संभावना है कि पीएम मोदी भी इसमें हिस्सा ले सकते हैं। यह प्रस्ताव 30 सितंबर को राज्यसभा की बिज़नेस एडवाइजरी कमेटी में आया था। हांलाकि आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।
अगर पार्टी कहेगी तो…चुनाव लड़ने के बयान से पलटी उमा भारती
2 Dec, 2025 11:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टीकमगढ़। मध्य प्रदेश बीजेपी (Madhya Pradesh BJP) की फायर ब्रांड नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Former Chief Minister Uma Bharti) अपने चुनाव लड़ने को लेकर दिए बयान से पलट गईं। हर हाल में चुनाव लड़ने की इच्छा जताने वाली उमा भारती ने अब सारा दारोमदार पार्टी आलाकमान (party high command) के हाथों सौंप दिया है। वहीं ब्राह्मण बेटियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले IAS संतोष वर्मा के बयान पर आपत्ति जताई।
बता दें कि हाल ही उमा भारती ने भोपाल में पत्रकारों से चर्चा दौरान कहा था, ‘मैं 2029 का लोकसभा चुनाव हर हाल में लड़ूंगी।’ लेकिन आज अपने गृह जिले टीकमगढ़ प्रवास पर उन्होंने कहा, अगर पार्टी कहेगी तो ही मैं चुनाव लड़ूंगी। यहां उन्होंने अपनी पसंद बताते हुए कहा कि वे सिर्फ और सिर्फ झांसी लोकसभा सीट से ही चुनाव लड़ेगी, अगर वर्तमान सांसद अनुराग शर्मा को कोई आपत्ति नहीं हुई तो।’
उन्होंने हाल ही में मध्य प्रदेश के आईएएस संतोष वर्मा के ब्राह्मणों पर दिए विवादित बयान पर कहा, ‘वाणी का बहुत गलत प्रयोग हुआ है। मैं इसकी घोर निंदा करती हूं। इसमें सरकार के कानूनी स्टेप्स पूरे के पूरे लेने चाहिए। आप ऐसा नहीं कह सकते। समाज आज संवेदनशील दौर से गुजर रहा है, ज्वलनशीलता बढ़ रही है। इसलिये पढ़े-लिखे लोगों को वाणी संयम का बर्ताव करना पड़ेगा।
सीएम ममता एसआईआर के खिलाफ मालदा, मुर्शिदाबाद, कूचबिहार में करेंगी रैलियां
2 Dec, 2025 10:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी इस सप्ताह मालदा और मुर्शिदाबाद में रैलियां आयोजित कर चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ अपना रोष जताएंगी इसके बाद अगले सप्ताह कूचबिहार में एक जनसभा भी करेंगी। टीएमसी सूत्रों ने बताया कि सीएम ममता बनर्जी द्वारा एसआईआर के विरोध में यह दूसरे चरण का अभियान होगा। इससे पहले उन्होंने पिछले सप्ताह शरणार्थी बहुल मतुआ क्षेत्र में बनगांव में रैली की थी और रैली में उन्होंने आरोप लगाया था कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले परिवारों को डराने के लिए एसआईआर का दुरुपयोग किया जा रहा है।
टीएमसी अपने जिलावार अभियान को बीजेपी के घुसपैठियों का सफाया के बयान के जवाब के रूप में पेश कर रही है। टीएमसी नेताओं ने कहा कि मालदा, मुर्शिदाबाद में 3 और 4 दिसंबर को जबकि कूचबिहार में 9 दिसंबर को रैलियां आयोजित करने का फैसला लिया गया है। राजनीतिक रूप से संवेदनशील इन तीन सीमावर्ती जिलों में अल्पसंख्यक, प्रवासी और विस्थापित आबादी काफी ज्यादा है और एसआईआर से उनकी दिक्कतें बढ़ गई हैं। मालदा की रैली गजोले में और मुर्शिदाबाद की रैली बेहरामपुर स्टेडियम में आयोजित की जाएगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कूचबिहार की रैली 9 दिसंबर को ऐतिहासिक रास मेला मैदान में होगी और इस ठंड के मौसम में उत्तर भारत में सीएम ममता की सबसे बड़ी रैली के रूप में पेश किया जा रहा है।
बीजेपी ने टीएमसी पर अवैध प्रवासियों को बचाने और राजनीतिक लाभ के लिए मतदाता सूची के संशोधन का विरोध करने का आरोप लगाया है। यहां 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले दोनों पार्टियां एसआईआर मुद्दे का लाभ उठाकर अपनी-अपनी विचारधारा को मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं।
शशि थरूर कांग्रेस की बैठक में क्यों शामिल नहीं हुए, कैमरे के सामने खुद किया खुलासा
2 Dec, 2025 09:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं. वे इस बार कांग्रेस की बैठक में शामिल न होने की वजह से चर्चा में हैं. हालांकि अब उन्होंने इसका कारण भी बता दिया है. थरूर ने सोमवार (1 दिसंबर) को खुद ही बताया कि कांग्रेस की अहम रणनीतिक बैठक में क्यों शामिल नहीं हुए. कांग्रेस की इस रणनीतिक बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और जयराम रमेश समेत कई बड़े नेता शामिल हुए थे.
थरूर सोमवार को शीतकालीन सत्र के लिए संसद पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कैमरे के सामने कहा, ”मैंने बैठक जानबूझकर नहीं छोड़ी, मैं फ्लाइट में था. केरल से लौट रहा था.” कांग्रेस रविवार (30 नवंबर) को अहम रणनीतिक बैठक रखी थी, जिसकी अध्यक्षता खुद सोनिया गांधी ने की थी, लेकिन थरूर मीटिंग में शामिल नहीं हो पाए थे. अहम बात यह भी है कि वे पहले भी कांग्रेस की बैठक से गायब हो चुके हैं.
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