राजनीति
कांग्रेस ने नवजोत कौर सिद्धू को किया सस्पेंड, 500 करोड़ वाले बयान पर एक्शन
9 Dec, 2025 09:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस (Punjab Congress) ने नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू (Navjot Kaur Sidhu) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड कर दिया है. नवजोत कौर सिद्धू ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर टिकट बेचने का भी आरोप लगाया था. उन्होंने कहा कि इन नेताओं की निजी इच्छाओं और बंद कमरे की राजनीति ने पंजाब को बर्बादी की ओर धकेल दिया है.
नवजोत कौर सिद्धू ने शनिवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की थी. पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सिद्धू को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाएगी, तभी वह सक्रिय होंगे, वरना वह टीवी पर खूब पैसा कमा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सिद्धू कांग्रेस से जुड़े हैं और प्रियंका गांधी से जुड़े हैं, फिर भी उन्हें विश्वास नहीं है कि विपक्ष सिद्धू को वहां रहने देगा, क्योंकि कांग्रेस के पास पहले से ही पांच मुख्यमंत्री पद के चेहरे हैं और वे कांग्रेस को हराने में लगे हैं.
नवजोत कौर के खिलाफ एक्शन की जानकारी पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और लुधियाना से कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर पोस्ट कर दी है. उन्होंने वो लेटर भी शेयर किया है जिसमें बताया गया है कि नवजोत कौर की प्राथमिक सदस्यता फिलहाल सस्पेंड की जाती है.
नवजोत कौर सिद्धू लगातार पार्टी के पंजाब के नेताओं के खिलाफ बयानबाजी कर रही थी और 500 करोड़ रुपए में मुख्यमंत्री पद की कुर्सी देने जैसे आरोप भी बिना कांग्रेस पार्टी का नाम लिए लगाए थे. आज भी नवजोत कौर सिद्धू ने मीडिया से बात करते हुए अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, प्रताप सिंह बाजवा समेत पंजाब कांग्रेस के नेताओं के राजस्थान जाकर मुख्यमंत्री भगवंत मान से मिलने और आपसी सांठ-गांठ के आरोप लगाए थे और अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर काउंसलर चुनाव के दौरान 5 करोड़ रुपए लेने जैसे आरोप भी लगाए थे.
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा - संघर्ष-शक्ति और दृढ़ नेतृत्व की मिसाल हैं आनंदीबेन पटेल
9 Dec, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद| गुजरात की प्रथम महिला मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘चुनौतियां मुझे पसंद हैं’ के गुजराती संस्करण का विमोचन समारोह रविवार को अहमदाबाद में आयोजित हुआ। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और भागवत कथाकार भाई रमेशभाई ओझा के करकमलों से इस पुस्तक का विमोचन हुआ।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर श्रीमती आनंदीबेन पटेल की संघर्ष-शक्ति और नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि श्रीमती आनंदीबेन का जीवन संघर्ष-शक्ति के बल पर आगे बढ़ने की एक प्रेरणादायी गाथा है। इस पुस्तक में उनकी जीवन यात्रा के प्रेरणा बिंदुओं का सुंदर तरीके से वर्णन किया गया है। उन्होंने कहा कि आनंदीबेन ने सार्वजनिक जीवन में अपने संघर्ष और मजबूत नेतृत्व के जरिए संगठन निर्माण में अमूल्य योगदान दिया है। अमित शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि श्रीमती आनंदीबेन के जीवन पर आधारित यह पुस्तक अनेक पाठकों के जीवन में प्रेरणा देने का काम करेगी।
अमित शाह ने आगे कहा कि श्रीमती आनंदीबेन ‘पोजिशन’ के लिए नहीं, बल्कि ‘पर्पज’ के लिए काम करने वाले नेताओं में से एक हैं। वे जनहित के लिए एकजुटता के साथ काम करते रही हैं। आनंदीबेन ने गुजरात जैसे प्रगतिशील राज्य की मुख्यमंत्री, सांसद और देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के रूप में सेवाएं दी हैं। निम्न एवं मध्यम वर्गीय सामान्य परिवार से आने वालीं आनंदीबेन पटेल लोगों के लिए लगातार संघर्ष करते हुए आगे आईं हैं। शिक्षक से लेकर सर्वोच्च पद तक की उनकी यात्रा भारतीय नारी शक्ति की दृढ़ता की मिसाल है।
शाह ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल के रूप में श्रीमती आनंदीबेन की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि 85 वर्ष की उम्र में भी वे उत्तर प्रदेश में जिस फुर्ती से काम कर रही हैं, वह युवाओं के लिए प्रेरक है और सभी के लिए गौरव का विषय है। उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक जीवन में गुणात्मक सुधार लाने के प्रयास हुए हैं। उनके परिश्रम से उत्तर प्रदेश की लगभग यूनिवर्सिटियों ने यूजीसी रजिस्ट्रेशन पूर्ण किया है।
अमित शाह ने संगठन के क्षेत्र में आनंदीबेन के योगदान की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि श्रीमती आनंदीबेन ने लोगों में से कार्यकर्ता खड़े किए हैं और यही आनंदीबेन की सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने संगठन निर्माण के लिए एक योजना बनाई और गुजरात में प्रवास करके भाजपा को मजबूत बनाया। शाह ने बूथ डॉक्यूमेंटेशन के नरेन्द्र मोदी के विचार को पार्टी के विकास का प्रेरणास्रोत करार दिया और कहा कि आनंदीबेन सहित अन्य नेताओं के प्रयासों से भारतीय जनता पार्टी ने बूथ निर्धारित किए और नए सदस्यों को जोड़कर सदस्यता अभियान को गति दी। इसके परिणामस्वरूप पार्टी ने लगातार विकास किया और सत्ता में आ सकी।
उन्होंने आनंदीबेन के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षिका, समाज सेविका और राजनेता के रूप में उम्दा कार्य किया है। जीवन में संघर्ष करते हुए वे विधायक, शिक्षा मंत्री, राजस्व मंत्री, मुख्यमंत्री और तीन राज्यों की राज्यपाल बनीं हैं। राजस्व मंत्री के रूप में उन्होंने नर्मदा योजना के लिए भूमि अधिग्रहण का काम कम से कम समय में पूरा करने का देश में एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया।
इस अवसर पर अपनी अनुभव गाथा का वर्णन करते हुए श्रीमती आनंदीबेन कहा कि सूखे के उन वर्षों में जब वे गुजरात में गांव-गांव घूम रही थीं, तब भाजपा के उस समय के नेताओं ने भाजपा में जुड़ने के लिए कहा और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी, जिसने उनके राजनीतिक जीवन का निर्माण किया। उन्होंने भाजपा के भय, भूख और भ्रष्टाचार मुक्त शासन के नारे को साकार करने के लिए उनके द्वारा लिए गए मजबूत निर्णयों के बारे में भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी ने ही उनके जीवन का निर्माण किया है। उन्होंने घोषणा की कि इस पुस्तक की बिक्री से प्राप्त होने वाला सारा पैसा बेटियों की शिक्षा के लिए उपयोग में लिया जाएगा।
श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने गुजरात में अपने कामकाज के संबंध में बात करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के रूप में अपनी गतिविधियों के बारे में भी बताया। श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुझाव के अनुसार आंगनबाड़ी से लेकर यूनिवर्सिटियों में शिक्षा का स्तर ऊंचा लाने के लिए उत्तर प्रदेश में प्रयास किए जा रहे हैं। इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि सरकार की योजनाओं का सही ढंग से कार्यान्वयन हो।
वंदे मातरम् पर संसद में सियासी घमासान: प्रियंका गांधी का सवाल, 150 साल पुराने राष्ट्रगीत पर आज बहस क्यों?
8 Dec, 2025 06:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। लोकसभा में सोमवार को वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित विशेष चर्चा के दौरान सदन में राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया। दरअसल वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इस बहस की आवश्यकता पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, कि वंदे मातरम् 150 वर्षों से देश की आत्मा का हिस्सा रहा है और 75 वर्षों से भारतीयों के दिल में बसा हुआ है।
तो आज इस पर बहस क्यों?
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने संसद में उठाए सवाल का खुद ही जवाब देते हुए कहा, कि क्योंकि बंगाल का चुनाव आ रहा है और मोदी जी उसमें अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, कि जिन्होंने स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी, आज सरकार उन्हीं पर नए आरोप लगा रही है। मोदी जी अब वो प्रधानमंत्री नहीं रहे जो पहले थे। प्रियंका गांधी के इस इस बयान पर सदन में खासा हंगामा हुआ।
भाजपा का पलटवार
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने प्रियंका के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, वंदे मातरम् राष्ट्रभक्तों के लिए ऊर्जा है। कुछ लोगों को इस गीत से एलर्जी है। जिन्ना के मुन्ना को भी वंदे मातरम् से दिक्कत है। ठाकुर के इस बयान पर विपक्ष ने तीखी आपत्ति जताई, लेकिन उन्होंने अपने शब्दों पर कायम रहते हुए कहा कि यह गीत राष्ट्र की एकता का प्रतीक है।
अखिलेश यादव का तंज
सपा प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा, कि वंदे मातरम् वह गीत है जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देश को जोड़ा था। आज के दरारवादी लोग उसी गीत से देश को तोड़ना चाहते हैं। वंदे मातरम् सिर्फ गाने के लिए नहीं, बल्कि निभाने के लिए है।
वंदे मातरम् का इतिहास
यहां बताते चलें कि वंदे मातरम् भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का प्रमुख प्रेरणास्रोत रहा है। इसे बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के दिन लिखा था। यह 1882 में उनकी पत्रिका बंगदर्शन में प्रकाशित उपन्यास आनंदमठ के साथ पहली बार सामने आया। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने पहली बार मंच पर वंदे मातरम् गाया था। यह वह क्षण था जब सभा में मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गई थीं और यह गीत राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बन गया।
बंगाल में बाबरी मस्जिद विवाद पर बोले शत्रुघ्न सिन्हा, ‘भाजपा के पास अच्छा मुद्दा है जिसे…’
8 Dec, 2025 11:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । त्रिणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha) ने भाजपा (BJP) पर धर्म का इस्तेमाल कर वोटरों को उकसाने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) के नेतृत्व और लोकप्रियता की जमकर प्रशंसा की। उनकी टिप्पणियां तब आईं जब शनिवार को बीजेपी ने सीएम बनर्जी पर आरोप लगाया कि वह निलंबित TMC विधायक हुमायूं कबीर को मुसलमानों के ध्रुवीकरण करने की इजाजत दे रही हैं। हुमायूं ने आज सुबह मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए नींव रखी। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सिन्हा ने कहा, ‘मैं एक ऐसा व्यक्ति हूं जो सर्वधर्म समभाव में विश्वास करता हूं। आसनसोल भाईचारे का शहर है। यहां हर प्रदेश के लोग साथ रहते हैं।’
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, ‘भाजपा के पास एक अच्छा मुद्दा है जिसे वे कभी भी उठा सकते हैं, जैसे धर्म की बात करना और लोगों को उकसाना। ममता बनर्जी एक बहुत लोकप्रिय और शक्तिशाली नेता हैं। भाजपा ने ममता बनर्जी को हराने के लिए कड़ी मेहनत की है।’ उत्तर 24 परगना में TMC विधायक निर्मल घोष ने इसी मुद्दे पर कहा कि मुख्यमंत्री सभी समुदायों के लिए समान दृष्टिकोण के साथ शासन करती हैं। बंगाल की मुख्यमंत्री हर धर्म के लिए हैं। लोग ममता बनर्जी के साथ हैं। आप इसे 2026 में देख सकते हैं।
बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए रखी नींव
निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए नींव रखी। उन्होंने संवैधानिक अधिकार की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि वह कुछ गैरकानूनी नहीं कर रहे हैं। जैसे कोई मंदिर या चर्च बना सकता है, वैसे ही मैं भी मस्जिद बना सकता हूं। मुर्शिदाबाद में सभा को संबोधित करते हुए कबीर ने कहा, ‘मैं कुछ भी गैरसंवैधानिक नहीं कर रहा हूं। कोई भी मंदिर बना सकता है, कोई भी चर्च बना सकता है; मैं मस्जिद बनाऊंगा। कहा जा रहा है कि हम बाबरी मस्जिद नहीं बना सकते। यह कहीं भी लिखा नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला दिया जो कहता है कि हिंदू लोगों ने बाबरी मस्जिद को ध्वस्त किया था। हिंदुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए, यहां मंदिर बनाने का निर्णय लिया गया। संविधान हमें मस्जिद बनाने की अनुमति देता है।’
वंदे मातरम पर आज संसद में चर्चा, पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे शुरुआत
8 Dec, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संसद (Parliament) का शीतकालीन सत्र (Winter session) जारी है। ऐसे में आज (08 दिसंबर) को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ (Vande Mataram) पर संसद में विशेष चर्चा का आयोजन किया जाएगा। प्रधानमंत्री (Prime Minister) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) लोकसभा में इस बहस की शुरुआत करेंगे। वहीं राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह बहस की शुरुआत करेंगे। बहस के लिए 10 घंटे का समय आवंटित किया गया है।
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पर आज लोकसभा में चर्चा होगी। 150 वर्ष पूर्व लिखे गए इस गीत के ऐतिहासिक महत्व पर निचले सदन में होने वाली चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। वहीं, उच्च सदन राज्यसभा में इस पर मंगलवार को चर्चा होगी, जिसकी शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे।
जानकारी के मुताबिक, लोकसभा में वंदेमातरम पर चर्चा की शुरुआत पीएम मोदी दोपहर 12 बजे करेंगे। चर्चा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई समेत आठ सदस्यों को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। चर्चा का समापन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संबोधन के साथ होगा। सरकार ने गत 7 नवंबर को राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ मनाई गई थी। वहीं, कई राज्यों में चल रहे गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) पर भी मंगलवार को चर्चा होनी है।
पीएम ने लगाया गीत के वंदे मातरम के टुकड़े करने का आरोप
पीएम मोदी ने हाल में कहा था कि 1937 में वंदे मातरम के टुकड़े किए गए थे। वंदे मातरम के इस विभाजन ने के बीज भी बो दिए थे। राष्ट्र-निर्माण के इस महामंत्र के साथ यह अन्याय क्यों हुआ? यह आज की पीढ़ी को जानना जरूरी है। आज भी वही विभाजनकारी सोच बड़ी चुनौती बनी हुई है।
इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष बोले-मुस्लिमों को शुरुआती दो लाइनों से परहेज नहीं
संसद में बहस से पहले ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि मुस्लिमों को राष्ट्रगीत से नफरत नहीं है। उनकी आपत्ति विशुद्ध रूप से धार्मिक मान्यताओं (एकेश्वरवाद) व गीत के अगले हिस्सों में मूर्ति पूजा के भाव को लेकर है। रशीदी ने साफ कहा कि राष्ट्रगीत की शुरुआती दो लाइनों को गाने में किसी भी मुसलमान को कोई परहेज नहीं होना चाहिए। ये लाइनें वतन की खूबसूरती और उसकी समृद्धि की तारीफ है।
आजादी की प्रेरणा बना था यह गीत
बंकिम चंद्र चटर्जी रचित वंदे मातरम पहली बार 7 नवंबर 1875 को साहित्यिक पत्रिका बंगदर्शन में प्रकाशित हुआ था।
1882 में यह गीत बंकिम चंद्र चटर्जी के उपन्यास आनंदमठ का हिस्सा बना।
बाद में रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे संगीतबद्ध किया और आजादी की लड़ाई में यह स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा बना था।
24 जनवरी, 1950 को भारत सरकार ने वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया था।
कांग्रेस हाईकमान को पत्नी नवजोत कौर की दो टूक: सिद्धू को सीएम चेहरा बनाओ तो लौटेंगे राजनीति में
8 Dec, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से राजनीतिक रूप से निष्क्रिय चल रहे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की सक्रिय राजनीति में वापसी को लेकर उनकी पत्नी और कांग्रेस नेता नवजोत कौर सिद्धू ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस हाईकमान सिद्धू को पंजाब का मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करती है, तो वह दोबारा सक्रिय राजनीति में उतरेंगे। लोकभवन में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि हम पंजाब और पंजाबियत की बात करते हैंज्लेकिन हमारे पास 500 करोड़ रुपये नहीं हैं, जो किसी पार्टी को देकर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा जाए। उन्होंने इशारों में आरोप लगाया कि पैसे के सहारे सीएम की दौड़ तय हो रही है। उन्होंने कहा कि जो 500 करोड़ का सूटकेस देता है, वही मुख्यमंत्री बनता है।
पंजाब को गोल्डन स्टेट बना सकते हैं सिद्धू
उन्होंने दावा किया कि यदि सिद्धू को शक्ति और जिम्मेदारी दी जाए, तो वह पंजाब को गोल्डन स्टेट में बदल देंगे। उन्होंने कहा कि सिद्धू के पास पैसा नहीं है लेकिन नतीजे देने की क्षमता है। नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस में जारी गुटबाजी का भी मुद्दा उठाया और कहा कि पहले से ही पांच नेता मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हैं और वो सिद्धू को आगे नहीं आने देंगे। उन्होंने कहा कि इतनी अंदरूनी लड़ाई है कि वो सिद्धू को प्रमोट नहीं होने देंगे। वो कांग्रेस को हार की तरफ ले जा रहे हैं। यदि हाईकमान इसे समझे तो बात अलग है।
क्रिकेट और कॉमेडी में व्यस्त हैं सिद्धू
कांग्रेस से उनकी निष्ठा पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सिद्धू, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। हालांकि, यह भी कहा कि यदि कोई दूसरी पार्टी उन्हें शक्ति दे तो उस पर वह टिप्पणी नहीं कर सकतीं। उन्होंने यह भी बताया कि राजनीति से दूर, सिद्धू अभी अच्छी कमाई कर रहे हैं और खुश हैं। जानकारी के अनुसार, आईपीएल 2024 में उन्होंने फिर से क्रिकेट कमेंट्री में वापसी की थी और उन्होंने अपना यूट्यूब चैनल नवजोत सिंह ऑफिशियल भी शुरू किया है। गौरतलब है कि सिद्धू ने पिछले कई महीनों में किसी पार्टी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया और 2024 लोकसभा चुनाव में भी प्रचार से दूर रहे। पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं और इससे पहले सिद्धू की संभावित भूमिका पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पीएमएवाई के तहत बने 800 से ज्यादा नए ईडब्ल्यूएस घरों का उद्घाटन किया
8 Dec, 2025 08:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गांधीनगर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को अहमदाबाद में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत बने 800 से ज्यादा नए ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) घरों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने गरीबों को मुफ्त घर देने के मोदी सरकार के वादे को दोहराया, ताकि सभी को सम्मानजनक और इज्जतदार जिंदगी मिल सके। गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अहमदाबाद के थलतेज वार्ड में बने 861 नए ईडब्ल्यूएस घरों के उद्घाटन की तस्वीरें भी शेयर कीं। उन्होंने पोस्ट में लिखा, प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से मोदी सरकार गरीबों को मुफ्त आवास देकर उन्हें गौरवपूर्ण जीवन देने का काम कर रही है। इसी दिशा में आज अहमदाबाद के थलतेज वार्ड में पीएम आवास योजना के तहत बने 861 नवनिर्मित ईडब्ल्यूएस आवासों का उद्घाटन किया। अहमदाबाद नगर निगम द्वारा निर्मित ये अत्याधुनिक और सुविधा-संपन्न आवास क्षेत्रवासियों के सुगम और सुरक्षित भविष्य के मजबूत आधार बनेंगे।
बंगाल मिशन पर पीएम मोदी: चुनावी जीत के लिए सांसदों को दिए अहम निर्देश
7 Dec, 2025 11:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बिहार में चुनाव जीतने के ठीक बाद से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना पूरा फोकस पश्चिम बंगाल पर कर दिया है। बिहार में जीत के बाद पीएम मोदी ने कहा था कि जैसे बिहार ने जंगल राज से छुटकारा पाया, वैसे ही अब बंगाल की बारी है। पीएम मोदी ने कहा था कि गंगा बिहार से बंगाल तक बहती है और बिहार ने बंगाल में भाजपा की जीत का रास्ता बना दिया है। अब बंगाल से भी हम जंगल राज हटाएंगे। अब संसद के शीतकालीन सत्र के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल के सांसदों से मुलाकात कर उन्हें जीत का मंत्र दिया।
बंगाल में साल 2026 यानि अगले साथ विधानसभा चुनाव होने हैं। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने बीजेपी सांसदों को सलाह दी है कि राज्य में चल रहा एसआईआर अभियान सरल और पारदर्शी रहे। प्रधानमंत्री मोदी से जुड़े सूत्र के अनुसार, उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से जटिल न बनाए और यह संदेश बूथ स्तर तक पहुंचना चाहिए। उन्होंिने कहा, एसआईआर ड्राइव को सरल और पारदर्शी रखें। इसका उद्देश्य केवल इतना है कि पात्र मतदाताओं का नाम शामिल हो और जो पात्र नहीं हैं उनके नाम हटाए जाएं। उन्होंने सांसदों से कहा कि 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के दौरान वे फोकस और आत्मविश्वासी रहें।
टीएमसी या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सीधे तौर पर नाम लिए बिना प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को सलाह दी कि वे विपक्ष की बयानबाजी से परेशान न हो। उन्होंने कहा कि बंगाल में बीजेपी किस तरह बढ़ी है। 2011 में मात्र तीन विधायकों से लेकर 2016 तक पार्टी की उपस्थिति में बड़ा विस्तार हुआ और इस प्रगति को लगातार आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
जयशंकर का ट्रंप को परोक्ष संदेश: भारत-रूस संबंधों पर किसी भी देश का वीटो मान्य नहीं
7 Dec, 2025 10:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हाल ही में हुई दो दिवसीय भारत यात्रा नई दिल्ली और मॉस्को के बीच संबंधों को नए सिरे से पारिभाषित करेगी। एक कार्यक्रम में एस. जयशंकर ने कहा कि बीते 70-80 वर्षों में दुनिया ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। मैंने पहले भी कहा है, और मैं इस बात को फिर से कहूंगा, भारत-रूस संबंध दुनिया के सबसे स्थिर संबंधों में से एक रहे हैं। दुनिया को कोई भी देश हमारे संबंधों पर वीटो नहीं लगा सकता है।
जयशंकर ने भारत के अपने वैश्विक साझेदार चुनने की स्वतंत्रता का जिक्र कर कहा कि जियोपॉलिटिकल उतार-चढ़ाव से भरी दुनिया में मॉस्को के साथ नई दिल्ली के संबंध सबसे स्थिर रहे हैं। किसी भी देश के लिए किसी अन्य देश के साथ भारत के संबंधों पर वीटो लगाना अनुचित है। जयशंकर ने बताया, अमेरिका के साथ 80-90 के दशक और सन 2000 के आसपास हमारा आर्थिक रिश्ता बढ़ा, लेकिन रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में ऐसा नहीं हुआ, जब तक कि न्यूक्लियर डील नहीं हुई। हमारी कई यूरोपीय देशों के साथ अच्छे रिश्ते रहे हैं। लेकिन वे चीन को प्राइमरी पार्टनर मानते हैं।
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, रूस और भारत ने इन दशकों में कई उतार-चढ़ाव देख लिए हैं, दोनों देशों के बीच रिश्ते काफी अहम रहे हैं। हालांकि, रूस के चीन और यूरोप के साथ रिश्ते काफी ऊपर और नीचे रहे है। विदेश नीति किसी मूवी से ज्यादा अलग होता है, पुतिन का भारत आना दोनों देशों के लिए क्या अहम है। उन्होंसने कहा कि कोई भी देश हमारे रिश्तोंर पर वीटो नहीं लगा सकता है। दरअसल जयशंकर का इशारा, अमेरिकी राष्ट्रीपति डोनाल्ड् ट्रंप की ओर था, जो इस बात पर अड़े हैं कि भारत को रूस के साथ डिफेंस डील नहीं करनी चाहिए, कच्चार तेल नहीं खरीदना चाहिए। हालांकि, भारत ने कई मौकों पर साफ कह चुका हैं कि भारत किसी देश के दबाव में झुकने वाला नहीं है।
जयशंकर ने कहा, भारत-अमेरिका रिश्ते पर पीएम मोदी ने काफी मेहनत की है। हर सरकार हर अमेरिकी राष्ट्रपति का अपना अलग तरीका है। ट्रंप का तरीका एकदम अलग है। उन्होंने खुद भी ऐसा कहा है। मेरे लिए विदेश नीति हर वक्त आपके हिसाब से नहीं चल सकती है। दिक्कीतें आएंगी, आज अमेरिका से है, कल किसी और के साथ आ सकती है। कारोबार पर कोई बात बन सकती है, हम बातचीत कर सकते हैं। ये देश के लाइवलीहुड का सवाल है। हमारे लिए वर्कर, फॉर्मर और मिडिल क्लास अहम है।
ईवीएम हैकिंग आरोप पर उमर अब्दुल्ला का बयान: पिता फारूक अब्दुल्ला भी इसी मत के
7 Dec, 2025 09:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजेपी की चुनावी रणनीति के मुरीद हुए उमर
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विपक्ष के सबसे बड़े मुद्दे ईवीएम हैक को लेकर एक अलग ही राय दी है। एक कार्यक्रम में अब्दुल्ला ने कहा कि वह उन लोगों में से नहीं हैं, जो यह मानते हैं कि ईवीएम हैक होती है या कुछ और होता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उनकी पिता (फारुख अब्दुल्ला) से भी नहीं बनती है, क्योंकि उनका मानना है कि मशीन में गड़बड़ होती है लेकिन वह ऐसा नहीं मानते।
सीएम उमर ने कहा, मैं ऐसा नहीं मानता कि मशीन (ईवीएम) में चोरी होती है। यह बात मुझे घर में भी परेशानी पैदा करती है, क्योंकि मेरे पिता को ऐसा लगता है कि चोरी होती है। उन्होंने कहा, “हां, चुनाव के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। यहाँ मतदाता सूची के साथ करके या फिर विधानसभा क्षेत्र में बदलाव करके भी की जा सकती है। जम्मू कश्मीर में पहले जो डिमिलिटेशन हुआ वह छेड़छाड़ थी। अपने नई विधानसभा बनाई वह सब एक ही पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया। अगर सही से की जाती है, तब हम साथ है, लेकिन अगर इसतरह के गलत इरादे के साथ, एक ही पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए होता हैं, ये सही नहीं।
इसके पहले उमर अब्दुल्ला ने इंडिया ब्लॉक को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि हमें या एक साथ रहना होगा या फिर हम राज्यों के हिसाब से चुनाव लड़ सकते हैं कि हर राज्य में अलग-अलग गठबंधन के साथ चुनाव लड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय पार्टियां कितना भी जोर लगा लें लेकिन एक केंद्र स्तर के गठबंधन के लिए हमें कांग्रेस का साथ चाहिए। एक गठबंधन कांग्रेस के आसपास ही बनेगा क्योंकि भाजपा के अलावा कांग्रेस ही है जिसका पूरे देश में प्रभाव रहा है।
भाजपा की चुनावी नीति की तारीफ करते हुए उमर ने कहा कि उनके नेता हर चुनाव को पूरी ताकत के साथ लड़ते हैं। वे इसतरह से लड़ते हैं जैसे उनका जीवन इसी पर टिका हुआ है। बिहार चुनाव के बाद वह वहां से निकलकर अगले चुनाव वाले राज्यों में पहुंच गए हैं, लेकिन हम वहां चुनाव के दो महीने पहले पहुंचते हैं। इसतहर से फिर चुनाव के नतीजों पर भी अंतर पड़ता है।
राहुल गांधी से मिले केंद्रीय मंत्री रिजिजू, मजाकिया अंदाज में कहा..........थोड़ा डर गया मैं…
7 Dec, 2025 08:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का एक वीडियो सामने आया है, इसमें दोनों नेता हंसी-मजाक करते और हाथ मिलाते दिख रहे हैं। वीडियो में रिजिजू मजाकिया अंदाज में कहते हैं, थोड़ा डर गया मैं…. इस दौरान राहुल गांधी के साथ कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला और उदित राज भी मौजूद थे।
यह मुलाकात तब हुई जब दोनों नेता संसद में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। श्रद्धांजलि के बाद राहुल गांधी ने कहा, अंबेडकर जी एक आदर्श पुरुष हैं। उन्होंने हमें संविधान दिया।
बता दें कि देशभर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। अंबेडकर ने भारतीय संविधान की रचना कर देश को लोकतंत्र की मजबूत नींव दी. वह सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा के प्रबल समर्थक थे। अंबेडकर के विचार आज भी प्रासंगिक हैं, खासकर जब हम संविधान की मूल भावना- समान अधिकार और स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने की बात करते हैं। उनकी विरासत हमें यह याद दिलाती है कि भारत की ताकत उसकी विविधता और लोकतांत्रिक मूल्यों में है।
बीजेपी विधायक की कंपनियों पर खनिज कार्रवाई, नोटिस में लिखा गया 443 करोड़ की रिकवरी
6 Dec, 2025 04:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जबलपुर | जबलपुर में बीजेपी विधायक संजय पाठक से जुड़ी खनन कंपनियों पर ओवर माइनिंग के आरोपों के बीच प्रशासन ने 443 करोड़ रुपये की वसूली के लिए अंतिम नोटिस जारी कर दिया है. यह नोटिस आनंद माइनिंग, निर्मला मिनरल्स और पेसिफिक एक्सपोर्ट को भेजा गया है, जिन पर स्वीकृत सीमा से कई गुना अधिक लौह अयस्क उत्खनन का आरोप है. मामला गंभीर इसलिए है क्योंकि खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विधानसभा में इस जुर्माने की पुष्टि कर चुके हैं, जिससे राजनीतिक और खनन कारोबार दोनों में हलचल मची हुई है |
विभाग ने 467 पेज की विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी है, जिसमें सैटेलाइट इमेज, DGPS मैपिंग और डिस्पैच रजिस्टर की जांच में बड़े पैमाने पर उत्खनन विसंगतियां सामने आई हैं. रिपोर्ट के अनुसार अनुमत क्षेत्र की तुलना में आठ से दस गुना अधिक उत्खनन किया गया. इसी आधार पर जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर 10 नवंबर को अंतिम नोटिस जारी किया गया. विधायक संजय पाठक की कंपनियों ने जवाब में गणना के आधार पत्र मांगे थे, जो विभाग ने उपलब्ध करा दिए हैं |
नहीं मिला जवाब तो शुरू होगी कुर्की
अधिकारियों का कहना है कि नोटिस का जवाब मिलने के बाद ही अगला कदम तय किया जाएगा, लेकिन यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी. माइनिंग विभाग जल्द ही RRC जारी करने की भी तैयारी में है. प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर पाई गई अनियमितताओं को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. इस कार्रवाई ने खनन कारोबार से जुड़े कई व्यापारियों में भी चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि पहली बार सत्तारूढ़ दल के किसी विधायक की कंपनियों पर इतना बड़ा दंड लगाया गया है |
संजय पाठक ने साधी चुप्पी
विधायक संजय पाठक ने अब तक इस मामले पर चुप्पी साध रखी है, जिससे अटकलें और बढ़ गई हैं. सरकार द्वारा अपने ही पार्टी विधायक के खिलाफ इतनी कड़ी कार्रवाई करने से यह मामला और भी सुर्खियों में है. अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन आगे की कार्रवाई कितनी तेजी और निष्पक्षता से करता है. यह मामला न सिर्फ राजनीतिक वाद-विवाद का केंद्र बना हुआ है बल्कि प्रदेश में खनन गतिविधियों की निगरानी और नियमन पर भी नए सवाल खड़े कर रहा है |
निलंबित विधायक हुमायूं कबीर के कार्यक्रम पर हाई अलर्ट, बाबरी मस्जिद की नींव बनी चर्चा का केंद्र
6 Dec, 2025 03:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में आज टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा ‘बाबरी मस्जिद’ की नींव रखे जाने का कार्यक्रम हो रहा है। इस शिलान्यास को लेकर पहले ही विवाद छिड़ चुका है और तनाव की आशंका को देखते हुए जिले में बड़ी संख्या में सुरक्षा बल लगाया गया है। यह दिन 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस की वर्षगांठ होने के कारण बेहद संवेदनशील है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
हुमायूं कबीर ने नवंबर के अंत में यह ऐलान किया कि वे 6 दिसंबर को बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की प्रतिकृति बनाने की नींव रखेंगे। उन्होंने कहा किया कि यह मस्जिद 3-4 साल में पूरी हो जाएगी। टीएमसी ने इसे सांप्रदायिक राजनीति बताते हुए 4 दिसंबर को कबीर को पार्टी से निलंबित कर दिया। वहीं, शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने कार्यक्रम पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और कहा था कि कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है।
हुमायूं कबीर द्वारा ‘बाबरी मस्जिद’ की नींव रखने का कार्यक्रम
मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा ‘बाबरी मस्जिद’ की तर्ज पर एक मस्जिद की नींव रखने का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कबीर ने इसे “बाबरी मस्जिद जैसी” मस्जिद बनाने का ऐलान किया है। टीएमसी से निलंबन के बावजूद कबीर अपनी बात पर डटे हुए हैं। उन्होंने कहा “मैं गिरफ्तार हो जाऊं या मारा जाऊं, कार्यक्रम होगा।” इसी के साथ वे अपनी नई पार्टी भी लॉन्च करने की बात भी कह चुके हैं।
कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं लोग
आज सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर हलचल है। हुमायूं कबीर के समर्थकों ने मंच सजाया है और लोग वहां पहुंच चुके हैं। स्थानीय लोग ईंटें, सीमेंट लेकर आ रहे हैं। आयोजकों के मुताबिक इस कार्यक्रम में 3 लाख लोग जुट सकते हैं। खबरों के मुताबिक सऊदी अरब से आए मौलाना भी इसमें शामिल हो रहे हैं। आयोजन में भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए लगभग 60 हजार लोगों के लिए बिरयानी बनाए जाने की तैयारी की गई है। इसमें 40 हजार मेहमान और लगभग 20 हजार स्थानीय लोगों के शामिल होंने की संभावना है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। रैपिड एक्शन फोर्स की टीमें रैनागर, बेलडांगा और एनएच-12 के रास्तों पर तैनात हैं। लगभग तीन हज़ार वॉलंटियर ट्रैफिक कंट्रोल कर रहे हैं वहीं केंद्रीय बल भी मौजूद है। पुलिस ने कहा है कि शांति बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।
बीजेपी-कांग्रेस दोनों ने किया विरोध
बीजेपी ने इस प्रस्तावित मस्जिद-शिलान्यास को तीखी निंदा की है। पार्टी का कहना है कि यह कदम जानबूझकर सामाजिक-सांप्रदायिक तनाव और अशांति को भड़काने की कोशिश है। कई पार्टी नेताओं ने इसे हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला और चुनावी साजिश करार दिया है। वहीं कांग्रेस भी इस कार्यक्रम की आलोचना करते हुए इसका विरोध किया है।
ममता बनर्जी ने कहा “शांति और सद्भाव बनाए रखें”
पं.बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस मामले में पहले ही कह चुकी हैं कि वो सांप्रदायिक राजनीति नहीं करते हैं। आज उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्वीट करते हुए कहा है कि “मैं सभी को ‘संगठन दिवस’ / ‘संप्रीति दिवस’ के अवसर पर अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई देती हूँ। बंगाल की भूमि एकता की भूमि है। यह भूमि रवींद्रनाथ की भूमि है, नजरुल की भूमि है, रामकृष्ण विवेकानंद की भूमि है। यह भूमि कभी भी विभाजन के सामने सिर नहीं झुकाती, और आने वाले समय में भी नहीं झुकाएगी। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध हम सब बंगाल में कंधे से कंधा मिलाकर चलना जानते हैं। खुशियाँ हम बाँटते हैं, क्योंकि हम मानते हैं कि धर्म व्यक्तिगत है, लेकिन त्योहार सभी के होते हैं। जो लोग साम्प्रदायिकता की आग भड़काकर देश को बर्बाद करने के खेल में लगे हैं, उनके खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। सभी शांति और सद्भाव बनाए रखें।
इंडिगो विवाद के बीच सरकार का अल्टीमेटम: यात्रियों से मनमाना किराया न वसूला जाए
6 Dec, 2025 02:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो संकट के चलते कुछ एयरलाइंल की ओर से असामान्य रूप से द्यादा हवाई किराया वसूले जाने से जुड़ी चिंताओं को गंभीरता से लिया है। केंद्र सरकार ने शनिवार को सभी एयरलाइंस को निर्देश जारी किए हैं कि यात्रियों से तय सीमा से ज्यादा किराया न वसूला जाए। सरकार की ओर से कहा गया है कि ऐसा करने पर कार्रवाई की जाएगी।
हवाई किराये में बेतहाशा वृद्धि
इंडिगो के संचालन में आ रही समस्या की वजह से यात्रियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह से विमान किराये में भी बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गई है। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि यात्रियों को किसी भी प्रकार के मुनाफाखोरी से बचाने के लिए मंत्रालय ने सभी प्रभावित मार्गों पर उचित और वाजिब किराया सुनिश्चित करने के लिए अपनी नियामक शक्तियों का प्रयोग किया है।
'निर्धारित किराया सीमा का कड़ाई से करना होगा पालन' :मंत्रालय
केंद्र सरकार ने बताया है कि सभी एयरलाइनों को एक आधिकारिक निर्देश जारी किया गया है जिसमें अब निर्धारित किराया सीमा का कड़ाई से पालन अनिवार्य किया गया है। मंत्रालय के बयान के मुताबिक ये सीमाएं तब तक लागू रहेंगी जब तक स्थिति पूरी तरह से स्थिर नहीं हो जाती। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि इस निर्देश का उद्देश्य बाजार में मूल्य निर्धारण अनुशासन बनाए रखना, संकटग्रस्त यात्रियों के किसी भी शोषण को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि जिन नागरिकों को तत्काल यात्रा करने की आवश्यकता है- जिनमें वरिष्ठ नागरिक, छात्र और मरीज शामिल हैं - इस अवधि के दौरान वित्तीय कठिनाई का सामना न करें।
घरेलू उड़ानों का राजा है इंडिगो
घरेलू उड़ानों के मामले में इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है। घरेलू उड़ानों के बाजार की बात करें तो इंडिगो का करीब 60 फीसदी बाजार पर कब्जा है। इंडिगो की ओर से बीते पांच दिनों में 2000 से ज्यादा उड़ानें रद्द की गई हैं। इसकी वजह से यात्रियों को बढ़े हुए किराये से लेकर अन्य तमाम परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
सीएम मोहन यादव ने दी जानकारी, बेगा-सहरिया-भारिया बटालियन में शामिल होंगे नए होम गार्ड्स
6 Dec, 2025 12:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | मध्य प्रदेश में आज होम गार्ड्स और नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस का 79वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है. राजधानी भोपाल में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल हुए. कार्यक्रम में सीएम ने जवानों की सलामी लेकर उनका मनोबल बढ़ाया है. इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशवासियों को सुरक्षा और जागरूकता के बारे में कई संदेश भी दिए.
सिंहस्थ के लिए होगी 5 हजार होग गार्ड्स की भर्ती
भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित होम गार्ड्स के 79वें स्थापना दिवस पर सीएम मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ के लिए 5 हजार होमगार्ड की भर्ती की जाएगी. बेगा, सहरिया और भारिया की विशेष बटालियन बनाई जाएगी.
उन्होंने मुख्यमंत्री अदम्य साहस पुरस्कार की घोषणा करते हुए बताया कि हर साल यह पुरस्कार जवानों को दिया जाएगा और 10 टीम को 51-51 हजार रुपए का सम्मान दिया जाएगा. सीएम ने अनुकंपा अनुदान राशि बढ़ाने की भी घोषणा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि हर देवालय में होमगार्ड जवानों को प्रथमिकता दी जाएगी और सरकार होमगार्ड के जवानों को स्थाई आवास उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी. साथ ही उन्होंने दो महीने के सेवा बाध्यकाल को समाप्त करने की घोषणा भी की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड्स की भूमिका को नमन है. होमगार्ड न पुलिस से कम हैं और न पुलिस से अलग हैं. जहां जरूरत पड़ती है, वहां होमगार्ड हमेशा मौजूद रहते हैं. उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान होमगार्ड्स ने जलदूतों की तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. पिछले साल होमगार्ड्स ने 5 हजार से अधिक लोगों की जान बचाई है.
होम गार्ड्स और नागरिक सुरक्षा बल का रहता है योगदान
होम गार्ड्स और नागरिक सुरक्षा बल राज्य में आंतरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, दुर्घटनाओं में सहायता और राहत कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान देते आए हैं. स्थापना दिवस का उद्देश्य उनके साहस, सेवा भावना और समर्पण को सम्मान देना है.
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