राजनीति
कंगना रनौत ने राहुल गांधी को दी सलाह, कहा- आप भी बन सकते हैं अटल जी जैसा नेता, बीजेपी ज्वाइन कर लीजिए
5 Dec, 2025 06:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार(Central government) पर आरोप लगाया कि वह विदेशी मेहमानों को नेता विपक्ष से नहीं मिलने देती है, जबकि अटल बिहारी वाजपेयी (Bihari Vajpayee)और मनमोहन सिंह (Manmohan Singh)के दौर में मिलने की परपराएं थीं। इस पर भाजपा सांसद(BJP MP) कंगना रनौत ने कहा है कि देश के लिए राहुल गांधी की भावनाएं काफी संदिग्ध हैं। उन्होंने राहुल गांधी को बीजेपी ज्वाइन करने की सलाह दी। कंगना ने कहा कि राहुल गांधी भी अटल बिहारी वाजपेयी बन सकते हैं। वे भाजपा में शामिल हो जाएं।
राहुल गांधी के आरोपों पर कंगना रनौत ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, ”सरकार के अपने फैसले होते हैं। अटल जी नेशनल असेट्स थे। पूरे देश को उन पर गर्व था। लेकिन राहुल गांधी की देश के प्रति उनकी भावनाएं काफी संदिग्ध है। इंटरनेशनल जो साजिश हो रही है, चाहे वह दंगे फैलाना हो या टुकड़े करने की साजिश हो। संदिग्ध है। अगर राहुल गांधी अपने आप को अटल जी से तुलना कर रहे हैं तो मेरा एक ही सुझाव रहेगा कि आप बीजेपी ज्वाइन कर लीजिए। भगवान ने आपको जन्म दिया है, जीवन दिया है। आप भी अटल जी बन सकते हैं, आप बीजेपी ज्वाइन कर लीजिए।”
दरअसल, केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने अटल बिहारी वाजपेयी का भी जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि सरकार में विपक्ष के नेता को विदेशी गणमान्य मेहमानों से मिलने नहीं दिया जाता है। गांधी ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि पहले जो भी विदेशी मेहमान आते थे तो उन्हें विपक्ष के नेता से मिलने दिया जाता था। यह परंपरा मोदी सरकार के आने से पहले तक जारी रही है लेकिन अब नहीं मिलने दिया जाता। उनका कहना था कि विपक्ष के नेता का एक अलग दृष्टिकोण होता है और उसे विदेशी गणमान्य अतिथि से मिलने की इजाजत होनी चाहिए लेकिन मोदी सरकार और विदेश मंत्रालय इन मानदंडों का पालन नहीं करते हैं।
रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन की भारत यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर राहुल गांधी ने कहा, “आमतौर पर यह परंपरा है कि जो भी बाहर से आता है वह विपक्ष के नेता से भी मिलता है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी और डॉ मनमोहन सिंह की सरकारों के दौरान यही होता था। यह एक परंपरा रही है, लेकिन अब विदेशी गणमान्य मेहमान आते हैं या जब मैं विदेश यात्रा पर जाता हूं, तो सरकार उन्हें विपक्ष के नेता से नहीं मिलने के लिए कहती है। यह उनकी नीति है और वे हर बार ऐसा ही करते हैं। मैं भी जब विदेश जाता हूं तो बताया जाता है कि सरकार का परामर्श है कि इनसे नहीं मिलना है।”
रूसी राष्ट्रपति के साथ संबंधों को लेकर पूछे गए एक प्रश्न पर उन्होंने कहा कि हमारे सभी के साथ संबंध हैं। एलओपी एक अलग दृष्टिकोण देता हैं। हम भी भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। सिर्फ सरकार ही प्रतिनिधित्व नहीं करती है। सरकार नहीं चाहती कि विपक्ष बाहर से आने वाले लोगों से मिले जबकि मिलने की परंपरा रही है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्रालय इस नियम और ऐसे मानदंडों का पालन नहीं करते हैं। वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया में कहा कि लोकतंत्र में देश में आने वाले गणमान्य मेहमान से मिलने की इजाजत देना अच्छा है।
टीएमसी से निकाले जाने के बाद कबीर अब नई पार्टी का करेंगे गठन
5 Dec, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस ने गुरुवार को पार्टी विधायक हुमायूं कबीर को निलंबित कर दिया है। कुछ दिन पहले ही उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद की तरह ही एक मस्जिद बनाने की बात कही थी। पार्टी ने कहा कि टीएमसी नेतृत्व ने कबीर को ऐसी कोई विवादास्पद टिप्पणी करने से मना किया था। पिछले महीने कबीर ने कहा था कि वह 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की प्रतिकृति की आधारशिला रखेंगे। उसी दिन यूपी के अयोध्या में मूल मस्जिद को शहीद यानी गिराया गया था। उन्होंने कहा था कि मस्जिद के निर्माण में तीन महीने लग सकते हैं।
पश्चिम बंगाल के मंत्री और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने कहा कि हमारी अध्यक्ष ममता बनर्जी की मंजूरी और हमारे महासचिव अभिषेक बनर्जी की सहमति से पार्टी ने कबीर को निलंबित कर दिया है। टीएमसी से निलंबन के बाद कबीर ने कहा कि वह अगले महीने एक नई पार्टी का गठन करेंगे और अगले साल पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों में 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे। पश्चिम बंगाल के डेबरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक कबीर ने कहा कि कल टीएमसी से इस्तीफा दे दूंगा। अगर ज़रूरत पड़ी, तो 22 दिसंबर को एक नई पार्टी की घोषणा करूंगा।
कबीर की टिप्पणी ने बीजेपी को 2026 के पश्चिम बंगाल चुनावों से पहले टीएमसी पर हमला करने का मौका दे दिया है। बीजेपी ने आरोप लगाया कि बनर्जी की पार्टी वोट बैंक की राजनीति में लिप्त है। भगवा पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि टीएमसी बांग्लादेशी घुसपैठियों का समर्थन कर रही है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने भी टीएमसी की आलोचना की और कहा कि कबीर की टिप्पणी पार्टी की वैचारिक अस्थिरता को दर्शाती है।
देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री तेजी से आगे बढ़ रही है – केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी
5 Dec, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister Nitin Gadkari) ने कहा कि देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री (Country’s Automobile Industry) तेजी से आगे बढ़ रही है (Is progressing Rapidly) । आने वाले वर्षों में यह दुनिया में पहले स्थान पर पहुंच सकती है ।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने गुरुवार को लोकसभा में कहा कि जब मैंने मंत्री पद संभाला था, हमारी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री दुनिया में सातवें स्थान पर थी, लेकिन अब जापान को पछाड़कर दुनिया में तीसरे स्थान पर आ गई है। भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर गडकरी ने आगे कहा कि मेरे सह मंत्री हरदीप पुरी वैकल्पिक ईंधन पर काम कर रहे हैं, वहीं प्रल्हाद जोशी ग्रीन हाइड्रोजन मिशन पर काम कर रहे हैं। इससे देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के आकार को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
गडकरी के मुताबिक, अमेरिका 79 लाख करोड़ रुपए के साथ दुनिया का सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल मार्केट है। चीन 49 लाख करोड़ रुपए के साथ दूसरे स्थान पर है। अब 22 लाख करोड़ रुपए के आकार के साथ भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि हमारा देश करीब 22 लाख करोड़ रुपए के जीवाश्म ईंधन का आयात करता है। इस कारण हमारी सरकार की प्राथमिकता वैकल्पिक ईंधन और बायोफ्यूल है। यह आयात का अच्छा विकल्प है। साथ ही लागत प्रभावी और प्रदूषण से मुक्त है, जिसका सामना आज के समय दिल्ली कर रही है।
गडकरी के मुताबिक, देश में फास्ट चार्जिंग पर तेजी से काम हो रहा है। हमें एक ऐसे चार्जिंग सिस्टम की जरूरत है जो ट्रक, बस, स्कूटर्स, तिपहिया और दोपहिया वाहनों के लिए उपयोगी हो। मौजूदा समय में चार्जिंग सिस्टम पर रिसर्च चल रही है और नए इनोवेशन किए जा रहे हैं और अकेले दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट में 400 स्टार्टअप काम कर रहे हैं। देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने हाल में किए जीएसटी सुधार में कर दर में भारी कटौती की है, जिससे देश में वाहनों की बिक्री को बढ़ाने में मदद मिली है।
राहुल गांधी का बयान गैर-जिम्मेदाराना…विदेशी मेहमानों से न मिलने देने वाले आरोपों पर BJP का पलटवार
5 Dec, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। राष्ट्रपति पुतिन (President Putin) के भारत दौरे से पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्र सरकार पर विदेशी मेहमानों () को विपक्षी नेता से न मिलने देने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी के इस आरोप पर अब भाजपा ने निशाना साधा है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा है कि राहुल गांधी ने नेता विपक्ष के तौर पर जो बयान दिए हैं। वह गैर-जिम्मेदाराना हैं। उनका दावा तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
गुरुवार को ससंद सत्र के बाद मीडिया से बात करते हुए भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी द्वारा दिए गया बयान गैर-जिम्मेदाराना हैं और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। पहला उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विशिष्ट व्यक्तियों को नेता प्रतिपक्ष से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती क्योंकि भारत सरकार असुरक्षित महसूस करती है। भारत सरकार राहुल गांधी से क्यों असुरक्षित महसूस करेगी? आज भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक स्तंभ बन चुका है। दूसरा उन्होंने कहा कि जब भी वह विदेश जाते हैं, हमारी सरकार उन देशों के नेताओं से अनुरोध करती है कि वे उनसे न मिलें। ऐसे बयान देना गैर-जिम्मेदाराना है।\
राहुल गांधी के इस आरोप पर भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा, इससे अधिक मजाकिया बात और कुछ नहीं हो सकती। उन्हें आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से ऊपर उठकर लोगों के लिए काम करना चाहिए… रूस के राष्ट्रपति भारत आ रहे हैं, ऐसे में विपक्ष के नेता को उनका स्वागत करना चाहिएऔर इस समय ऐसी नेगेटिव सोच के साथ सबके सामने नहीं आना चाहिए। हमारी सरकार में सभी के लिए सम्मान और बराबरी की भावना है… विपक्ष के नेता को इज्जत से पेश आना चाहिए।
वहीं भाजपा सासंद नरहरि अमीन ने कहा, राहुल गांधी को खुद सोचना चाहिए कि वह विदेश जाते हैं और भारत की बुराई कैसे कर सकते हैं? राजनीतिक मुद्दों पर भारत में चर्चा होनी चाहिए, लेकिन जब वह विदेश जाते हैं, तो वह भारत सरकार और देश की बुराई करते हैं। सरकार उन्हें या किसी विपक्षी पार्टी के सदस्य को उनके व्यवहार की वजह से क्यों रोकती है? अगर वे अपना व्यवहार सुधार लें, तो कोई सवाल ही नहीं उठता। कांग्रेस के जमाने में विपक्षी सदस्य थे जो सरकार का पक्ष लेते थे।
विदेशी डेलिगेट्स को विपक्ष के नेता से मिलने नहीं देती मोदी सरकार – कांग्रेस सांसद राहुल गांधी
5 Dec, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Congress MP Rahul Gandhi) ने कहा कि मोदी सरकार (Modi Government)विदेशी डेलिगेट्स (Foreign Delegates) को विपक्ष के नेता से मिलने नहीं देती (Does not allow to meet Opposition Leader) । लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार ने विदेश से आने वाले डेलिगेट्स से कहा है कि वे विपक्ष के नेता (एलओपी) से न मिलें ।
पुतिन की भारत यात्रा पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, “भारत के संबंध सबके साथ हैं। विपक्ष का नेता एक दूसरा परिप्रेक्ष्य देता है। भारत का हम भी प्रतिनिधित्व करते हैं। सरकार नहीं चाहती कि विपक्ष के लोग बाहर के लोगों से मिलें।” उन्होंने आगे कहा कि बाहर से आने वाले डेलिगेशन के साथ एलओपी की मीटिंग होती है, ये ट्रेडीशन है जो हमेशा से होता आया है, लेकिन वर्तमान सरकार बाहर से आने वाले डेलिगेट्स से कहती है कि एलओपी से न मिलें। ये हर बार किया जा रहा है। हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व सिर्फ सरकार नहीं, विपक्ष भी करता है, फिर भी सरकार नहीं चाहती कि विपक्ष बाहर के लोगों से मिले। केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय परंपरा को फॉलो नहीं करते हैं।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी वर्तमान सरकार पर प्रोटोकॉल को तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “ये प्रोटोकॉल है कि विदेश से आए डेलिगेट्स एलओपी से मिलते हैं, लेकिन सरकार की नीतियां ऐसी हैं कि वे किसी और की आवाज उठने ही नहीं देना चाहते, किसी और का पक्ष सुनना ही नहीं चाहते। विदेश से आए डेलिगेट्स हमेशा एलओपी से मिलते आए हैं, ये प्रोटोकॉल निभाया जाना चाहिए, वर्तमान सरकार बहुत असुरक्षित है।”
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “भारत को अपनी सुविधा और फायदे के हिसाब से काम करना चाहिए, और किसी के दबाव में आकर कुछ खरीदने या छोड़ने का फैसला नहीं करना चाहिए। हमें जो कुछ करना है, वह देशहित में करना है।”
कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने कहा, “राष्ट्रपति पुतिन का दौरा बहुत जरूरी है और 23वां शिखर सम्मेलन भारत में होने वाला है। इसका क्रेडिट सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी को नहीं लेना चाहिए, क्योंकि रूस-भारत के बीच यह रिश्ता कई सालों से है, और यह एक मजबूत, भरोसेमंद पार्टनरशिप है। भारत-रूस रिश्ता मजबूत बना रहना चाहिए।”
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा, “मैं उनके भारत दौरे का स्वागत करता हूं। भारत के सोवियत यूनियन के साथ ऐतिहासिक संबंध रहे हैं, और रूस के साथ भी हमारे बहुत मजबूत संबंध हैं। हमें रूस के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करना चाहिए।”
सीपीआई(एम) सांसद अमराराम ने कहा, “भारत और रूस के बीच अच्छे संबंध रहे हैं और रूस ने भारत को काफी मदद दी है, जिससे आजादी के बाद कई संस्थानों को बनाने में बहुत बड़ा योगदान मिला है, लेकिन भारत से रूस पढ़ने और रोजगार करने गए सैकड़ों लोगों को फौज में कर दिया गया, जो गलत बात है। देश की सरकार को इस मुद्दे पर निश्चित रूप से चर्चा करनी चाहिए।”
राजद सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, “मुझे लगता है कि इस दौरे को बहुत उत्साह से देखा जा रहा है, और हमें इसके नतीजों का इंतजार करना चाहिए। सबसे बड़ा ऐतिहासिक संदर्भ यह है कि वैश्विक पटल पर उतार-चढ़ाव के बावजूद अगर कुछ देशों से प्रगाढ़ रिश्ता रहा है तो उसमें रूस है। इस नजरिए से चीजों को देखा जाना चाहिए। तीसरा मुल्क यह नहीं बताने की कोशिश करे कि इस रिश्ते में क्या हो और क्या न हो, किससे दूरी बनानी चाहिए और किससे नहीं बनानी चाहिए।”
विधायक हुमायूं कबीर को निलंबित कर दिया तृणमूल कांग्रेस ने
5 Dec, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता । तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) ने विधायक हुमायूं कबीर (MLA Humayun Kabir) को निलंबित कर दिया (Suspended) । उन्होंने हाल ही में इसी जिले के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद बनाने की योजना की घोषणा की थी।
पश्चिम बंगाल के नगर मामलों और शहरी विकास मंत्री और कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के मेयर फिरहाद हकीम ने कहा कि पार्टी ने उनकी हालिया गतिविधियों के कारण यह फैसला लिया है, जिसमें धार्मिक जोश के साथ राजनीति की बू भी आ रही थी, जिसे तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने पार्टी अनुशासन का गंभीर उल्लंघन माना है। हकीम ने कहा, “पार्टी कबीर से कोई संबंध नहीं रखेगी। बाबरी मस्जिद बनाने की घोषणा करके, उन्होंने असल में 1992 की असली बाबरी मस्जिद की कड़वी यादों को फिर से जगाने की कोशिश की है। हमें लगता है कि उनके हाल के कामों में भाजपा का भी हाथ है। हमें यह भी लगता है कि भाजपा कबीर को आगे करके बांटने वाली राजनीति को हवा देने की कोशिश कर रही है।”
निलंबन के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए, कबीर ने कहा कि वह शुक्रवार को अपना इस्तीफा देंगे, लेकिन यह साफ नहीं किया कि वह पार्टी से इस्तीफा देंगे या विधायक पद से या दोनों से दे सकते हैं। कबीर ने कहा, “मैं हकीम ने जो कहा उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दूंगा। मैं कल अपना इस्तीफा दूंगा।”
पहले ही, कलकत्ता हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की अध्यक्षता वाली एक डिवीजन बेंच के सामने एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें बेलडांगा में बाबरी मस्जिद बनाने की कबीर की घोषणा को चुनौती दी गई है। मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में उस जमीन को लेकर भी विवाद बढ़ गया है, जिसे कबीर ने प्रस्तावित निर्माण स्थल बताया था।
जमीन के मालिक मुर्शिदाबाद के एक किसान ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि वह न तो जमीन बेचेंगे और न ही किसी को उस पर बाबरी मस्जिद बनाने देंगे। उन्होंने प्रॉपर्टी के चारों ओर एक चारदीवारी भी बना दी है। हालांकि, कबीर ने कड़ी चुनौती देते हुए कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह बाबरी मस्जिद बनवाने के लिए “अपनी जान भी दे देंगे।”
कौन बनेगा भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष? जल्द हो सकती है घोषणा, ये तीन नाम आगे
5 Dec, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के नए अध्यक्ष की घोषणा बहुत जल्द हो सकती है. वर्तमान अध्यक्ष जे.पी. नड्डा (J.P. Nadda) का कार्यकाल समाप्त तो बहुत पहले हो चुका है, और कई बार बढ़ाया भी जा चुका है. संभव है कि 15 दिसंबर 2025 से पहले ही यह घोषणा हो जाए. कहा जा रहा है कि ‘खरमास’ शुरू होने के पहले इसका फैसला हो जाएगा. हिंदू धर्म की मान्यता है कि खर मास में शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं, इसलिए उम्मीद है कि दस दिनों के अंदर नाम सामने आ जाएगा.
3 दिसंबर को संसद भवन में पीएम मोदी, अमित शाह, जे.पी. नड्डा और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष की बैठक हुई थी. ऐसी चर्चा है कि इस मीटिंग में नए अध्यक्ष, यूपी इकाई प्रमुख और केंद्रीय मंत्रिमंडल फेरबदल पर चर्चा हुई थी. इसी सिलसिले में 1 दिसंबर को राजनाथ सिंह के आवास पर धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, मनोहर लाल खट्टर आदि के साथ भी बैठक हुई थी. जिसके बाद ये धारणा मजबूत हुई थी कि इनमें से किसी के सिर पर अध्यक्ष पद का ताज सजाया जा सकता है. हालांकि ये सब कयास ही है. इसमें कोई दो राय नहीं हो सकती कि बीजेपी में जिन नामों की चर्चा हो जाती है उनको तो कतई ताज नहीं मिलता है.
सवाल यह है कि जिस तरह के फैसले भारतीय जनता पार्टी में आजकल हो रहे है उससे तो यही लगता है कि अध्यक्ष पद पर भी कोई वाइल्ड कार्ड एंट्री हो सकती है. संघ और बीजेपी की रिपोर्टिंग कर चुके वरिष्ठ पत्रकार समीर चौगानकर कहते हैं कि भाजपा में नरेंन्द्र मोदी और संघ में मोहन भागवत दोनों ही अक्सर चौंकाने वाले फैसले करते हैं.जितनी ज्यादा अटकलें लगती हैं, उतनी ही संभावना अधिक होती हैं कि फैसला दायरे से बाहर के किसी शख्स के हक में जाए. 2009 में नितिन गडकरी का अध्यक्ष बनना मोहन भागवत के फैसले की मिसाल रहा है. मोहन भागवत और मोदी दोनों अक्सर दिखने वाली योग्यता या तर्कों पर नहीं चलते. उन्हें चुनाव नहीं सहमति पसंद है और यह सहमति बनने में कई बार लंबा वक्त लगता है.
डॉलर के मुकाबले रुपए में भारी गिरावट पर केंद्र सरकार को घेरा कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने
5 Dec, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा (Congress MP Priyanka Gandhi Vadra) ने डॉलर के मुकाबले रुपए में भारी गिरावट पर (Over sharp fall in Rupee against Dollar) केंद्र सरकार को घेरा (Has criticized Central Government) ।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपए में बड़ी गिरावट के बाद कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “जब मनमोहन सिंह के समय में ‘हाई’ चल रहा था, तब उन्होंने (भाजपा) क्या कहा था ? आज उनका जवाब क्या है, यह पूछा जाना चाहिए।”
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी रुपए में गिरावट के विषय पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मोदी सरकार की नीतियों की वजह से रुपया कमजोर हो रहा है। अगर सरकार की नीति अच्छी होती, तो रुपए की वैल्यू बढ़ती।” उन्होंने आगे कहा, “रुपए के कमजोर होने से पता चलता है कि हमारी आर्थिक हालत अच्छी नहीं है। सरकार भले ही अपनी पीठ थपथपा ले, लेकिन दुनिया में हमारी करेंसी की कोई वैल्यू नहीं है।” मल्लिकार्जुन खड़गे ने ‘एक्स’ पर भी पोस्ट किया और लिखा, “2014 के पहले भाजपा ने कहा, “क्या कारण है हिंदुस्तान का रुपया पतला होता जा रहा है? ये जवाब देना पड़ेगा आपको। देश आप से जवाब मांग रहा है।” भाजपा सरकार से आज हम यही सवाल पूछ रहे हैं। उनको जवाब तो देना पड़ेगा।”
दरअसल, डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी रुपए की कीमत में लगातार गिरावट देखी गई है। इस हफ्ते रुपए में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। भारतीय रुपया गुरुवार को भी तेजी से गिरा, 22 पैसे फिसलकर कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच 90 रुपए प्रति डॉलर के निशान से काफी ऊपर बना रहा। गुरुवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तकरीबन 90.41 पर कमजोर खुला, जबकि पिछले दिन यह 90.19 पर बंद हुआ था। यह गिरावट महज एक दिन बाद आई है, जब 3 दिसंबर को रुपया पहली बार 90 के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ते हुए अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था।
राजनाथ का दावा- स्रोत ‘इनसाइड स्टोरी ऑफ सरदार पटेल, डायरी ऑफ मणिबेन पटेल’ है: बीजेपी
4 Dec, 2025 07:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बीजेपी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की बेटी की एक किताब का हवाला देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के जवाहरलाल नेहरू एवं बाबरी मस्जिद के बारे में किए गए दावों को दोहराया। पार्टी ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि दक्षिण भारत के कुछ मंदिरों की सुंदरता के बावजूद उन्हें वे अरुचिकर लगते थे। कांग्रेस ने राजनाथ सिंह के इस दावे को झूठ और व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी की कहानी करार दिया है कि जवाहरलाल नेहरू सार्वजनिक धन का इस्तेमाल करके बाबरी मस्जिद का निर्माण करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री को पीएम मोदी के रास्ते पर नहीं चलना चाहिए।
राज्यसभा सदस्य और बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने पार्टी मुख्यालय में इस मुद्दे पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि राजनाथ सिंह ने जो कहा उसका स्रोत ‘इनसाइड स्टोरी ऑफ सरदार पटेल, डायरी ऑफ मणिबेन पटेल’ है। उन्होंने कहा कि पुस्तक के पृष्ठ 24 पर लिखा है कि नेहरू ने भी बाबरी मस्जिद का प्रश्न उठाया था लेकिन सरदार पटेल ने साफ कर दिया था कि सरकार मस्जिद निर्माण पर कोई धन खर्च नहीं कर सकती।
त्रिवेदी ने पुस्तक से अंश पढ़ते हुए कहा कि उन्होंने नेहरू से कहा था कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का प्रश्न बिल्कुल अलग है, क्योंकि इस उद्देश्य के लिए न्यास बनाया गया है और करीब 30 लाख रुपए एकत्र किए गए हैं। पटेल ने नेहरू से कहा था कि यह एक न्यास है जिसके अध्यक्ष जाम साहब हैं और मुंशी केवल एक सदस्य है और इस उद्देश्य के लिए कोई सरकारी धन इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इससे नेहरू चुप हो गए थे।
बीजेपी नेता ने नेहरू के बारे में राजनाथ सिंह की टिप्पणी पर कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी के लोगों को अपने नेताओं को विभिन्न विषयों पर जानकारी देने से पहले अच्छे से सोच विचार कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें उनको यह भी बताना चाहिए कि तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने से रोकने की कोशिश की गई थी, लेकिन वे उसमें शामिल हुए थे।
उन्होंने नेहरू के शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा कि दक्षिण भारत के कुछ मंदिर अपनी सुंदरता के बावजूद अरुचिकर लगते हैं। मैं इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता। मुझे नहीं पता कि ऐसा क्यों है। मैं इसकी व्याख्या भी नहीं कर सकता लेकिन वे दमनकारी हैं। वे मेरी आत्मा को दबाते हैं। वे मुझे ऊपर उठने नहीं देते और मुझे अंधेरे गलियारों में दबाए रखते हैं। मुझे धूप और हवा पसंद है।
बीजेपी नेता ने दावा किया कि इसके विपरीत नेहरू को ताजमहल अद्भुत रूप से सुंदर लगता था। उन्होंने कहा कि हम इतिहास में गड़े मुर्दे उखाड़ने की कोई कोशिश नहीं कर रहे लेकिन कांग्रेस को अपने मुर्दों के डीएनए की जांच करानी चाहिए। मैं यहां किसी का अपमान नहीं करना चाहता। यहां डीएनए शब्द का मतलब राजनीतिक डीएनए है।
राहुल गांधी का बड़ा हमला, कांग्रेस यूपी के 17 जिलों में BLA तक नहीं खड़ी कर पाई
4 Dec, 2025 02:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश के 12 राज्यों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR की प्रक्रिया चल रही है. पिछले दिनों निर्वाचन आयोग ने इसके लिए अंतिम तारीख बढ़ाकर 11 दिसंबर तक कर दिया था. दूसरी तरफ, एसआईआर का विपक्षी दल जोरदार विरोध कर रहे हैं. हाल ही में बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान भी कांग्रेस ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था. कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी निर्वाचन आयोग पर ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाते रहे हैं और भाजपा पर भी इसको लेकर हमलावर रहे हैं. लेकिन, SIR के मुद्दे को जोर-शोर से उठाने वाली कांग्रेस के पास यूपी के 17 जिलों में बूथ लेवल एजेंट ही नहीं हैं. दरअसल, SIR की प्रक्रिया के लिए कांग्रेस ने यूपी के 17 जिलों में बूथ लेवल एजेंट ही नहीं नियुक्त किए हैं. विभिन्न राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स की तुलना में कांग्रेस के सबसे कम BLAs हैं. यूपी में 1.62 लाख पोलिंग बूथ हैं. भाजपा के पास 1.62 लाख BLAs (98.37%), समाजवादी पार्टी के पास 1.42 लाख BLAs (87.46%), बसपा के पास 1.38 लाख BLAs (85%) और कांग्रेस के पास सबसे कम 49,121 BLAs हैं. मतलब कांग्रेस ने SIR के काम के लिए केवल 30 फीसदी बीएलए नियुक्त किए हैं.
17 जिलों में BLAs नहीं
BLA की नियुक्ति के जरिए राजनीतिक दलों की कोशिश है कि उनके ‘वोट बैंक’ का नाम लिस्ट से न कटे. BLA एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बीएलओ के साथ काम करते हैं और वोटर वेरिफिकेशन से लेकर इससे जुड़े तमाम कार्यों में पार्टी के हितों की रक्षा के लिए काम करते हैं. लेकिन, इस काम में भी कांग्रेस पिछड़ती नजर आ रही है. यूपी के 17 जिलों, सहारनपुर, शाहजहांपुर, शामली, सुल्तानपुर, बलिया, भदोही, मऊ, बहराइच, प्रयागराज, आंबेडकरनगर, हमीरपुर, कन्नौज, कानपुर देहात, कौशांबी, औरेया और संत कबीर नगर में BLAs की नियुक्ति नहीं की है. ललितपुर, चित्रकूट, अमेठी, बदायूं, पीलीभीत और श्रावस्ती में ही कांग्रेस के 100% बूथ लेवल एजेंट्स हैं.
रायबरेली में भी 100% BLAs नहीं
कांग्रेस के लिए रायबरेली सीट हमेशा से ही खास रही है और यहां पर 2242 बूथों पर पार्टी ने 2222 BLAs की नियुक्ति की है. जबकि, यहां पर सपा और भाजपा के सभी बूथों पर बूथ लेवल एजेंट्स हैं. प्रदेश के 75 जिलों में 54 ऐसे जिले हैं जहां पर सत्ताधारी दल भाजपा के 100% BLAs हैं. वहीं समाजवादी पार्टी के 34 जिलों में 100% एजेंट्स हैं.
SIR को लेकर EC पर हमलावर कांग्रेस
कांग्रेस की यूपी में BLAs को लेकर ये स्थिति तब है जब पार्टी खुद SIR पर गंभीर सवाल उठा रही है और निर्वाचन आयोग को घेर रही है. महाराष्ट्र, हरियाणा के बाद बिहार चुनाव को लेकर भी पार्टी ने आरोप लगाए हैं. हालांकि, बिहार चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस की तरफ से कहा गया था कि दो हफ्ते में खुलासा किया जाएगा. कांग्रेस आरोप लगाती रही है कि निर्वाचन आयोग से सांठगांठ करके भाजपा चुनाव जीत रही है. जबकि, ईसी ने कांग्रेस के आरोपों को हर बार खारिज किया है. पिछले कई सालों से यूपी में कांग्रेस की हालत खस्ता रही है. संगठनात्मक ढांचा भी पार्टी नहीं बना पाई है. एक साल से जिला और ब्लॉक स्तर पर कमेटियां भंग हैं. वहीं SIR जैसी अहम प्रक्रिया के लिए BLAs जुटाना भी पार्टी के लिए चुनौती का काम बना हुआ है.
सोनिया गांधी लड़ेंगी पंचायत चुनाव
4 Dec, 2025 12:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केरल के मुन्नार का पंचायत चुनाव चर्चा में है। इसकी वजह है कि यहां के नल्लत्थानी वार्ड से बीजेपी की उम्मीदवार का नाम सोनिया गांधी हैं। यह नाम भले कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष जैसा हो, लेकिन दोनों का आपस में कोई संबंध नहीं है। 34 साल की सोनिया गांधी मुन्नार की ही रहने वाली हैं। उनके पिता ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के नाम पर बेटी का नाम रखा था। फिर बेटी की शादी भाजपा नेता से की। अब भाजपा ने सोनिया को वार्ड मेंबर का उम्मीदवार बनाया है। केरल में स्थानीय निकाय के चुनाव दो फेज में है। इसके लिए वोटिंग 9 और 11 दिसंबर को होगी। नतीजे 13 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे।
‘भाजपा से हिंदुत्व सीखने की जरूरत नहीं’, SIR के विरोध में आयोजित एक रैली में बोलीं सीएम ममता
4 Dec, 2025 11:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मालदा में आयोजित एंटी-एसआईआर रैली में कहा कि हमें भाजपा से हिंदुत्व सीखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बंगाल और भारत के लोग अपनी परंपराओं और धर्म का सम्मान करते हैं और किसी पार्टी से सीखने की जरूरत नहीं है। इस दौरान सीएम ममता बनर्जी ने यह आरोप भी लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह राज्य में विधानसभा चुनावों से पहले विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण को लागू करने के पीछे हैं।
सीएम बनर्जी ने रैली में कहा कि यह कदम राजनीतिक रूप से प्रेरित है और मतदाताओं को अस्थिर करने के लिए उठाया गया। उन्होंने आगे कहा कि अमित शाह किसी भी कीमत पर बंगाल पर कब्जा करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इसका मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।
सीएम ममता ने आगे भाजपा पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एसआईआर को लागू करके पार्टी ने अपनी ही राजनीतिक समस्या बढ़ा ली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी टीएमसी इस प्रक्रिया का विरोध नहीं कर रही है, लेकिन इसे जल्दबाजी में कर राजनीति के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। बनर्जी ने कहा कि 12 दिसंबर से ‘मे आई हेल्प यू’ कैंप पूरे राज्य में शुरू होंगे, ताकि लोगों को एसआईआर सुनवाई में मदद मिल सके।
राजनाथ सिंह का बयान असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश – कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी
4 Dec, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी (Congress MP Priyanka Gandhi) ने कहा कि राजनाथ सिंह का बयान (Rajnath Singh’s Statement) असली मुद्दों से भटकाने की (To divert attention from the Real Issues) कोशिश है (Is an Attempt) ।
संसद के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन विपक्ष सदन के बाहर भी मुखर नजर आया। मीडिया से बातचीत में विपक्ष ने बढ़ते हुए प्रदूषण और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हालिया बयान को लेकर नाराजगी जाहिर की। उनका आरोप है कि सरकार सही मुद्दों पर चर्चा से बचने के लिए भटकाने की कोशिश कर रही है।
राजनाथ सिंह के बयान पर बोलते हुए प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार रोज कोई नया विवाद खड़ा करती है, ताकि जनता के असली मुद्दों से ध्यान हटाया जा सके। उनके अनुसार यह बयान उसी भटकाव की राजनीति का हिस्सा है। वहीं, इसी दौरान राहुल गांधी पत्रकारों के सवालों से बचते नजर आए। जब उनसे बयान मांगा गया तो उन्होंने कहा कि वे फिलहाल किसी भी विषय पर टिप्पणी नहीं करेंगे।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रदूषण पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदूषण कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि ऐसा संकट है जो हर इंसान की सेहत पर असर डाल रहा है। उन्होंने साफ कहा कि संसद में इस पर गंभीर और ठोस चर्चा होनी चाहिए और सिर्फ बहस से काम नहीं चलेगा। सरकार को कड़े कदम उठाने होंगे। प्रियंका ने यह भी कहा कि यह काम सबको मिलकर करना होगा और हर स्तर पर इसे प्राथमिकता देनी होगी।
राजनाथ सिंह के विवादित बयान पर समाजवादी पार्टी के सांसद अफजल अंसारी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लगभग 60 साल पुराने मामले को दोबारा उठाकर नया विवाद खड़ा करना जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाने की कोशिश लगती है। अंसारी ने कहा कि यह विषय आज लोगों की चिंता का विषय नहीं है, इसलिए इसे बार-बार छेड़ना उचित नहीं है।
गौरतलब है कि मंगलवार को गुजरात के बड़ौदा में राजनाथ सिंह ने कहा था कि जवाहरलाल नेहरू बाबरी मस्जिद को दोबारा बनवाना चाहते थे, वह भी सरकारी पैसे से, लेकिन तत्कालीन गृहमंत्री सरदार पटेल ने इस योजना को आगे बढ़ने नहीं दिया। उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल और गरमा दिया है और विपक्ष इसे इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश बता रहा है।
निम्न गुणवत्ता वाली दवाइयों तथा दूषित कफ-सिरप के मामले में सख्त कार्रवाई की जाए – सांसद प्रियंका चतुर्वेदी
4 Dec, 2025 09:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । सांसद प्रियंका चतुर्वेदी (MP Priyanka Chaturvedi) ने कहा कि निम्न गुणवत्ता वाली दवाइयों तथा दूषित कफ-सिरप के मामले में (In case of low quality Medicines and contaminated Cough Syrups) सख्त कार्रवाई की जाए (Strict Action should be Taken) ।
राज्यसभा में यह विषय शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने उठाया। उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में खाद्य-मिलावट, निम्न गुणवत्ता वाली दवाइयों तथा दूषित कफ-सिरप के मुद्दे को सदन के समक्ष रखा। उन्होंने सरकार से इस पर तुरंत और सख्त कार्रवाई करने की मांग की । शून्यकाल में विशेष उल्लेख करते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि देश के बाजारों में मिलावटी खाद्य पदार्थों और घटिया दवाइयों की उपलब्धता एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बन चुका है। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों द्वारा लिखे जा रहे कई कफ-सिरप दूषित पाए गए हैं, जिनके सेवन से शिशुओं की मौत तक हुई है। सांसद ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भी लिखा है। दूषित कफ-सिरप से लेकर बाजार में खुलेआम बिक रही कम गुणवत्ता वाली दवाइयां और मिलावटी खाद्य पदार्थ, इन सभी पर तुरंत नियंत्रण जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मिलावटी खाद्य भी बेहद खतरनाक व हानिकारक है और यह कैंसर जैसे गंभीर रोग का कारण बनते हैं। उन्होंने कहा कि मिलावट का यह कारोबार बेहद खतरनाक है और यह हर परिवार के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन चुका है। उन्होंने एफएसएसएआई की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। राज्यसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि रैंडम एफएसएसएआई रेड तो सुर्खियों में आ जाती हैं, लेकिन जमीन पर उसके परिणाम दिखाई नहीं देते। राज्यसभा सांसद ने नियम तोड़ने वालों पर कठोर दंड और सख्त प्रवर्तन की जरूरत की बात कही। प्रियंका चतुर्वेदी ने सदन से आग्रह किया कि सरकार ऐसी मिलावट और घटिया दवाइयों पर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक अभियान, सख्त दंडात्मक कार्रवाई, और नियमित बाजार-निगरानी लागू करे, ताकि नागरिकों की सेहत सुरक्षित रह सके।
शून्य काल के दौरान ही कांग्रेस सांसद नीरज डांगी ने बैंकों का मुद्दा सदन के समक्ष उठाया। उन्होंने कहा कि किसी बैंक के डूब जाने पर खाताधारक को अधिकतम 5 लाख रुपए का बीमा कवर मिलता है। उन्होंने इसे अपर्याप्त बताया। डांगी ने सदन में कहा कि बैंकों में जिन लोगों के पांच लाख रुपए से अधिक जमा है उनमें अधिकांश बुजुर्ग व्यक्ति हैं। कई बुजुर्गों के 5 लाख से अधिक रुपए बैंकों में जमा होते हैं जिनके माध्यम से वे अपनी गुजर बसर करते हैं, ऐसे में यदि कोई बैंक डूब जाता है तो केवल 5, लाख रुपये तक लौटाने की व्यवस्था है। उन्होंने बैंक की इस इंश्योरेंस गारंटी को 25 लाख रुपए तक किए जाने के बात सदन के समक्ष रखी। डांगी ने कहा कि पांच लाख रुपए का इंश्योरेंस बढ़ाकर कम से कम 25 लाख रुपए किया जाना चाहिए। इसका सबसे अधिक लाभ बुजुर्ग व्यक्तियों को मिल सकेगा।
भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की 141वीं जयंती पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने दी श्रद्धांजलि
4 Dec, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना । भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की 141वीं जयंती पर (On India’s first President Dr. Rajendra Prasad on his 141st Birth Anniversary) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान (Chief Minister Nitish Kumar and Governor Arif Mohammad Khan) ने श्रद्धांजलि दी (Paid Tribute) । राजधानी पटना में बुधवार को आयोजित भव्य राजकीय समारोह में सुबह से ही श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी ।
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समारोह में पहुंचकर पहले भारत के प्रथम राष्ट्रपति और बिहार के गौरव देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। दोनों नेताओं ने देशरत्न की भारत और स्वतंत्रता आंदोलन में ऐतिहासिक भूमिका को याद किया। माल्यार्पण के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने स्वदेशी कंबल आश्रम की उन महिलाओं के बीच साड़ियां वितरित कीं, जो चरखे से सूत काटकर स्वावलंबन की मिसाल पेश करती हैं। नेताओं ने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि गांधी जी के स्वदेशी आंदोलन की आत्मा आज भी इन्हीं हाथों में जीवित है। इसके बाद राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का काफिला राजेंद्र घाट स्थित समाधि स्थल की ओर रवाना हुआ। वहां दोनों ने देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की समाधि पर पुष्प चक्र अर्पित किया और दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे, जिनमें उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, विधायक श्याम रजक, अश्वमेध देवी और विधान पार्षद कुमुद वर्मा शामिल थे। सभी ने देशरत्न के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और भारत निर्माण में उनके योगदान को याद किया। सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के कलाकारों ने राजकीय समारोह में विशेष प्रस्तुति दी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “भारत के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी की जयंती के अवसर पर राजेंद्र चौक स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर आयोजित राजकीय समारोह में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। साथ ही राजेंद्र घाट स्थित उनकी समाधि स्थल पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।”
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