राजनीति
जीतू पटवारी समेत कई कांग्रेस नेता गिरफ्तार, BJP कार्यालय घेरने निकले कांग्रेसियों पर चली वॉटर कैनन
18 Dec, 2025 10:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू जिला अदालत द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चार्जशीट पर संज्ञान न लेने के फैसले के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति (Madhya Pradesh politics) गरमा गई। फैसले के तुरंत बाद राजधानी भोपाल (Bhopal) में कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय का घेराव करने निकले, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया।
जैसे ही प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश करने लगे, पुलिस ने हालात काबू में रखने के लिए वॉटर कैनन का सहारा लिया। तेज पानी की बौछारों से कई कार्यकर्ता सड़क पर गिर पड़े और कुछ को चोटें भी आईं। मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रदर्शन के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) भी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस देखने को मिली। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और बसों में बैठाकर थाने ले जाया गया। इसी दौरान पटवारी के संकेत पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस बसों को घेर लिया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध को दबाने के लिए सरकार पुलिस का दुरुपयोग कर रही है, जबकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई जरूरी थी। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल रहीं।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, भाजपा झूठे मुकदमे लगाकर विपक्ष के नेताओं को बदनाम करने का षड्यंत्र कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी और ED का असली चेहरा आज देश के सामने बेनकाब हो चुका है। गांधी परिवार ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। शहादत भी दी है और संपत्ति भी। कांग्रेस पार्टी इन झूठे मामलों से डरने वाली नहीं है। हम जनजागरण करेंगे और भाजपा की सच्चाई को हर नागरिक तक पहुंचाएंगे। उन्होंने आगे कहामुख्यमंत्री मोहन यादव जी, हम राहुल गांधी जी के बब्बर शेर हैं, आपकी लाठी और पानी की बौछार से डरने वाले नहीं।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा कि ED द्वारा दायर चार्जशीट किसी वैध एफआईआर पर आधारित नहीं थी, इसलिए धनशोधन कानून के तहत उस पर संज्ञान नहीं लिया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना मुकदमा आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। यह मामला वर्ष 2012 से सुर्खियों में है, जब एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड और यंग इंडियन से जुड़े वित्तीय लेन-देन को लेकर आरोप लगाए गए थे। बाद में ईडी ने इसे मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बनाते हुए जांच शुरू की थी, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं के नाम सामने आए थे।
MP में कांग्रेस को बड़ा झटका, जिलाध्यक्ष ने अपने पद से दिया इस्तीफा
18 Dec, 2025 09:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रतलाम: मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के रतलाम ग्रामीण कांग्रेस (Ratlam Rural Congress) के जिलाध्यक्ष हर्ष विजय गहलोत (Harsh Vijay Gehlot) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा पीसीसी चीफ जीतू पटवारी (Jitu Patwari) को भेजा है. बता दें कि कल ही कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा हुई है.
ऐसे में हर्ष विजय गहलोत का इस्तीफा होने से सियासी गलियारों में कई तरह की अटकलें भी चल रही हैं. हालांकि उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह पारिवारिक और विधानसभा क्षेत्र में लगातार व्यस्तता को बताया है. जिसके बाद एमपी में भोपाल से लेकर रतलाम तक सियासी हलचल फिलहाल देखी जा रही है.
बता दें कि हर्ष विजय गहलोत कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं, वह 2018 में रतलाम ग्रामीण सीट से विधायक बने थे. हालांकि 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. गहलोत को कांग्रेस ने अगस्त 2025 में बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए रतलाम ग्रामीण का जिलाध्यक्ष बनाया था. लेकिन अब उन्होंने इस पोस्ट से इस्तीफा दे दिया है. सियासी गलियारों में चर्चा चल रही है कि मनमुताबिक ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त न होने की वजह से भी इस्तीफा हुआ है. हालांकि अब तक इस पर कोई आधिकारिक बात सामने नहीं आई है.
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने 16 दिसंबर की रात में मध्य प्रदेश कांग्रेस के 780 ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा की है. पटवारी ने 2 साल का कार्यकाल पूरा होने पर ब्लॉक और उप ब्लॉक अध्यक्षों का ऐलान कर दिया है. लेकिन अगले ही दिन रतलाम ग्रामीण जिला अध्यक्ष का इस्तीफा आना बड़ी वजह माना जा रहा है. कांग्रेस का कहना है कि यह एक लंबी प्रक्रिया थी, जिसके बाद ब्लॉक अध्यक्षों का ऐलान किया गया है.
हर्ष विजय गहलोत ने अपना इस्तीफा पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को भेजा है. उनका कहना है कि वह लगातार विधानसभा क्षेत्र में एक्टिव रहते हैं, जबकि पारिवारिक समस्याओं के चलते भी वह जिलाध्यक्ष के पद पर समय नहीं दे पा रहे हैं, ऐसे में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया है. लेकिन उनके इस्तीफे से फिलहाल एमपी कांग्रेस में एक बार फिर सियासी हलचल देखने को मिल रही है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा-गांधी परिवार को सताया जा रहा
18 Dec, 2025 09:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने बुधवार को नेशनल हेराल्ड मामले पर दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला किया। खडग़े ने कहा कि नेशनल हेराल्ड केस सिर्फ राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। खडग़े ने कहा कि नेशनल हेराल्ड अखबार की स्थापना 1938 में स्वतंत्रता सेनानियों ने की थी, लेकिन ये लोग (भाजपा) सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करके कांग्रेस नेताओं को बदनाम कर रहे हैं। खासकर गांधी परिवार को सताया जा रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। किसी की शिकायत मात्र से जांच शुरू कर दी। हमारा नारा है, सत्यमेव जयते। कल कोर्ट का फैसला न्याय के हित में आया है। कोर्ट का फैसला पीएम नरेंद्र मोदी और शाह के मुंह पर थप्पड़ जैसा है। दिल्ली के कोर्ट ने मंगलवार को नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। ईडी चार्जशीट में कांग्रेस नेताओं पर नेशनल हेराल्ड की प्रकाशक कंपनी एजेएल की 2,000 करोड़ की संपत्तियों पर कब्जा करने का आरोप है।
Mumbai : बीएमसी चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर, उद्धव और राज ठाकरे ने मिलाया हाथ, कांग्रेस बोली- हम अकेले लड़ेंगे
18 Dec, 2025 08:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) समेत महाराष्ट्र (Maharashtra) के नगर निगम चुनावों (municipal elections) से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे (Raj Thackeray) के बीच रणनीतिक गठबंधन होने जा रहा है, जिसका उद्देश्य मराठी मतदाताओं का ध्रुवीकरण कर सत्ता पक्ष को चुनौती देना है. इस बारे में यूबीटी नेता संजय राउत ने जानकारी दी है.
हालांकि, महा विकास अघाड़ी में शामिल कांग्रेस ने इस गठबंधन का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया है. इस घटनाक्रम से महाराष्ट्र की नगर पालिका चुनावी राजनीति में नया मोड़ आने की संभावना है, जहां मराठी अस्मिता का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है.
जल्द होगा गठबंधन का ऐलान
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का ये गठबंधन अगले हफ्ते में औपचारिक रूप से घोषित किया जाएगा. राउत ने इस गठबंधन से लोगों में उत्साह और विश्वास जागने की बात कही. साथ ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी को सीधी चेतावनी भी दी है.
29 नगर निगम में साथ लड़ेंगे चुनाव
उन्होंने कहा, ‘उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का एक साथ आना लोगों में आत्मविश्वास और उत्साह बढ़ा है. हम मुंबई समेत 29 नगर निगमों में चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं, अगर आप हम पर पीछे से भी हमला करेंगे तो हम लड़ने के लिए तैयार हैं. राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे मिलकर चुनाव लड़ेंगे.’ राउत ने कहा कि ठाकरे ब्रदर्स पांच महत्वपूर्ण नगर निगमों- मुंबई, ठाणे, कल्याण-डोम्बिवली, मीरा भायंदर, पुणे और नासिक जैसे पांच नगर निगमों में एक साथ चुनाव लड़ेंगे. अन्य नगर निगमों में स्थानीय नेताओं के स्तर पर फैसला लिया जाएगा.
उन्होंने इसे मुंबई की लड़ाई करार देते हुए कहा, ‘हम इस मुंबई को अमित शाह के हाथों में नहीं जाने देंगे. महाराष्ट्र जानता है कि रहमान डाकू कौन है? कौन मुंबई को लूटना चाहता है? उनका समर्थन कौन कर रहा है?’ उन्होंने दावा किया कि ये गठबंधन शहरी आधारभूत संरचना, मराठी भाषा संरक्षण और नागरिक शासन जैसे प्रमुख मुद्दों पर एकजुट मोर्चा पेश करने का लक्ष्य रखता है, जो मुंबई की चुनावी तस्वीर को बदल सकता है.
राउत की कांग्रेस को चेतावनी
संजय राउत ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ‘मुझे इस वक्त कांग्रेस हमारे साथ नहीं दिख रही है. बिहार चुनाव परिणामों के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है. वास्तव में उन्हें इस लड़ाई में हमारे साथ होना चाहिए. हमने उनके वरिष्ठ नेताओं से भी बात की है, लेकिन उन्होंने ये मामला स्थानीय नेताओं पर छोड़ दिया है. स्थानीय नेताओं से हमारी अपील है कि मुंबई चुनावों में कोई भी ऐसा रुख न अपनाए, जिससे भाजपा को अलग रास्ता अपनाने में मदद मिले. लोग इसे नहीं भूलेंगे. मैं उनसे बस इतना कहना चाहूंगा कि याद रखें कि भविष्य में लोकसभा और विधानसभा चुनाव भी आने वाले हैं.’
अकेले लड़ेगी कांग्रेस
उधर, कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि राज-उद्धव के राजनीतिक गठबंधन के समय कांग्रेस को विश्वास में नहीं लिया गया था. उन्होंने कहा कि मुंबई की जनता धर्म और भाषा के आधार पर बंटवारा नहीं चाहती. वह मुंबई का विकास और बेहतर हवा की गुणवत्ता चाहते हैं.
उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में हम अकेले चुनाव लड़ेंगे. हमारी स्थानीय यूनिट ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने और कार्यकर्ताओं को मजबूती देने का फैसला किया है.
बिहार में गहराया हिजाब विवाद, इमारत-ए-शरिया के सचिव ने की CM नीतीश कुमार से माफी की मांग
17 Dec, 2025 11:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना । बिहार (Bihar) के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) द्वारा एक महिला आयुष चिकित्सक (Female Ayush doctor) के चेहरे से हिजाब (Hijab) हटाने का विवाद नहीं थम रहा है। अब इसपर बिहार, ओडिशा तथा झारखंड के इमारत-ए-शरिया के सचिव मौलाना मुफ्ती मोहम्मद सईदउर रहमान कासमी (Maulana Mufti Muhammad Saeedur Rahman Qasmi) ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। मौलना इस मुद्दे पर नाराज नजर आए। रहमान कासमी ने कहा कि नियुक्ति पत्र देने के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक महिला का हिजाब हटाया। हम इसकी सख्त लहजे में निंदा करते हैं। इनको ऐसा हरगिज नहीं करना चाहिए।
इसलिए क्योंकि पर्दा औरतों और समाज की इज्जत है। पर्दे की वजह से औऱतों की इज्जत की हिफाजत होती है। जो मुख्यमंत्री खुद औऱतों की इज्जत करते हैं और उन्हें सम्मान देते हैं उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। ये हिजाब का हटाना औरतों का हटाना औरतों का अपमान और उनकी तौहीन है। हम इसकी निंदा करते हैं। उन्होंने औरतों का अपमान किया है लिहाजा उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
आपको बता दें कि हाल ही में बिहार में नवनियुक्त एक आयुष चिकित्सक उस समय असहज हो गई, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नियुक्ति पत्र प्रदान करने के दौरान उसके चेहरे से हिजाब (घूंघट) हटा दिया था। इस घटना का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। यह घटना मुख्यमंत्री सचिवालय ‘संवाद’ में आयोजित उस कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां एक हजार से अधिक आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे थे। हालांकि, लाइव हिन्दुस्तान इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, नियुक्त किए गए डॉक्टरों में 685 आयुर्वेद, 393 होम्योपैथी और 205 यूनानी पद्धति के चिकित्सक शामिल हैं। इनमें से 10 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं मंच से नियुक्ति पत्र सौंपे, जबकि शेष को ऑनलाइन माध्यम से पत्र दिए गए थे।
जब नुसरत परवीन की बारी आई, जो चेहरे पर हिजाब डाले हुई थीं, तो 75 वर्षीय मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा, “यह क्या है?” इसके बाद मुख्यमंत्री उनके चेहरे से हिजाब हटा दिया।घबराई हुई नवनियुक्त चिकित्सक को इसके बाद वहां मौजूद एक अधिकारी ने तुरंत एक ओर कर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री के बगल में खड़े उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उन्हें रोकने के प्रयास में उनकी आस्तीन खींचते हुए नजर आए।
राजद ने साधा था निशाना
इधर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया खातों पर साझा करते हुए दावा किया था कि यह घटना जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रमुख की “अस्थिर मानसिक स्थिति” का ताजा उदाहरण है।
राजद ने ‘एक्स’ पर लिखा, “यह क्या हो गया है नीतीश जी को?” पार्टी ने कहा, “मानसिक स्थिति बिल्कुल ही अब दयनीय स्थिति में पहुंच चुकी है या नीतीश बाबू अब शत-प्रतिशत संघी हो चुके हैं?”
ऑपरेशन सिंदूर पर पूर्व CM पृथ्वीराज चव्हाण का विवादित बयान, बोले-पहले दिन हम बुरी तरह हार गए थे…
17 Dec, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण (Prithviraj Chavan) ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) पर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के पहले दिन भारतीय वायु सेना को पूरी तरह हार का सामना करना पड़ा था। चव्हाण ने कहा, “7 मई को पहले दिन हम बुरी तरह हार गए थे। उस, दिन आधे घंटे की हवाई लड़ाई हुई, उसमें हम पूरी तरह हार गए, चाहे लोग इसे मानें या न मानें। भारतीय विमानों को मार गिराया गया। एयर फोर्स पूरी तरह से ग्राउंडेड थी और एक भी विमान नहीं उड़ सका।”
चव्हाण ने पुणे में संवाददाताओं से बात करते हुए आगे कहा, “अगर ग्वालियर, बठिंडा या सिरसा से कोई विमान उड़ान भरता, तो पाकिस्तान द्वारा उसे मार गिराए जाने की बहुत ज़्यादा संभावना थी, इसीलिए एयर फोर्स पूरी तरह से ग्राउंडेड थी।”
मराठी नेता देश का प्रधानमंत्री बनेगा
चव्हाण ने आज अपने इस दावे को फिर दोहराया कि जल्द ही एक मराठी नेता देश के प्रधानमंत्री का पद संभाल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 19 दिसंबर को भारत के प्रधानमंत्री बदल जाएंगे। चव्हाण, जो पहले प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री रह चुके हैं और नई दिल्ली में अपने मजबूत संपर्कों के लिए जाने जाते हैं, ने कहा कि उनके अनुभव और संपर्कों को देखते हुए उनके इस बयान को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
उन्होंने अमेरिका में एक व्यक्ति के बारे में सनसनीखेज दावा भी किया, जो कथित तौर पर इजरायली खुफिया एजेंट है। उनके अनुसार, इस व्यक्ति ने कई प्रभावशाली हस्तियों के बंगलों में कैमरे लगाए थे और एक स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम दिया था। उन्होंने दावा किया कि यह व्यक्ति जल्द ही प्रमुख वैश्विक नेताओं का पर्दाफाश कर सकता है, जिससे अमेरिका में एक बड़ा राजनीतिक संकट पैदा हो सकता है।
19 दिसंबर की फिर की चर्चा
चव्हाण ने कहा कि अमेरिका में एक नया कानून लागू किया जा रहा है, जिसके बाद 19 दिसंबर को इन प्रमुख हस्तियों के नाम सामने आने की संभावना है। हालांकि चव्हाण ने स्पष्ट किया कि उन्हें नहीं पता कि ये नेता कौन हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस कथित स्टिंग ऑपरेशन का असर भारत में भी महसूस होगा और संभवतः इससे भारत के प्रधानमंत्री में बदलाव हो सकता है। इससे पहले उन्होंने सांगली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी ऐसा ही बयान दिया था, जहां उन्होंने कहा था कि जल्द ही एक मराठी नेता अगला प्रधानमंत्री बनेगा।
इस बार चव्हाण ने अपने दावे को अमेरिका में हो रहे राजनीतिक घटनाक्रमों से जोड़ते हुए कहा कि जेफरी एपस्टीन फाइलों ने वहां भारी उथल-पुथल मचा दी है और यहां तक कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कुर्सी भी खतरे में दिख रही है। इस बीच, भाजपा नेताओं ने चव्हाण के दावों पर कड़ा सवाल उठाते हुए पूछा है कि अमेरिकी दस्तावेजों पर आधारित राजनीतिक उथल-पुथल से भारत के प्रधानमंत्री में बदलाव कैसे हो सकता है। उन्होंने इस बात को खारिज कर दिया है कि एक मराठी नेता प्रधानमंत्री बनेगा और नेतृत्व परिवर्तन की किसी भी संभावना को नकार दिया है।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ गलत सूचना फैलाने के लिए जानबूझकर ऐसे बयान दिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले कुछ दिनों से भ्रम और अशांति पैदा करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय साजिश चल रही है।
ममता का बचाव कर अभिषेक ने कहा...........झुकता वहीं है जिसमें जान है, वरना अकड़ मुर्दों की पहचान
17 Dec, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। मशूहर फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे के दौरान हुई अव्यवस्था और उस पर मची राजनीतिक हलचल ने राज्य का पारा चढ़ा रखा है। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने उत्तर प्रदेश के कुंभ मेला और अन्य राज्यों की घटनाओं का उदाहरण देकर पश्चिम बंगाल सरकार का बचाव किया है।
सांसद अभिषेक बनर्जी ने भाजपा शासित राज्यों में हुई दुर्घटनाओं (जैसे कुंभ और दिल्ली रेलवे स्टेशन की भगदड़) का जिक्र कर कहा कि वहां किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली। उन्होंने ममता बनर्जी की प्रशंसा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने घटना के एक घंटे के भीतर माफी मांग ली। उन्होंने इसके लिए एक शेर का उपयोग किया कि झुकता वहीं है जिसमें जान है, वरना अकड़ मुर्दों की पहचान है। उनके अनुसार, जवाबदेही तय करना ही टीएमसी की जीत का कारण है।
दरअसल मेसी का गोटा टूर 2025 कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में अव्यवस्था का शिकार हो गया था।
फुटबाल प्रशंसकों का आरोप है कि मैदान पर वीआईपी और राजनेताओं की अत्यधिक भीड़ के कारण आम दर्शक मेसी को देख नहीं पाए। टिकट खरीदने के बावजूद मेसी की झलक न मिलने पर प्रशंसकों ने स्टेडियम में तोड़फोड़ की। आयोजकों पर सुरक्षा और समन्वय की कमी के गंभीर आरोप लगे।
विवाद बढ़ने के बाद राज्य सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। ममता सरकार में खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने नैतिक जिम्मेदारी लेकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। घटना की जांच के लिए चार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाई गई है। डीजीपी राजीव कुमार को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
नेरशल हेराल्ड, मनरेगा का नाम बदलने को लेकर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन
17 Dec, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वेंगलुरु। कर्नाटक कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को बेलगावी के सुवर्ण सौधा में गांधी प्रतिमा के पास केंद्र सरकार के खिलाफ नेशनल हेराल्ड मामले और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर वीबी-जी राम जी करने के फैसले के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि नेशनल हेराल्ड भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड देश का गौरव है, जिसे जवाहरलाल नेहरू ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान स्थापित किया था और इस मामले में केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाया।
सीएम सिद्धरमैया और डिप्टी सीएम शिवकुमार के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन में मंत्रियों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों ने भाग लिया। राज्य के बड़े और मध्यम उद्योग मंत्री एम बी पाटिल ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने मनरेगा कार्यक्रम की सफलता को पचा नहीं पाई और इसलिए उन्होंने अब इसका नाम बदल दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में चल रहा यह सफल कार्यक्रम डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी द्वारा शुरू किया गया था। यह कार्यक्रम बहुत सफल रहा, जिससे उन लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला जो काम के लिए दूसरे राज्यों और गांवों में नहीं जा सकते थे। साथ ही गांवों में विकास भी हुआ।
उन्होंने कहा कि यह भारत के इतिहास का सबसे सफल कार्यक्रम था। बीजेपी अब उन्होंने इसका नाम बदल दिया है। उन्होंने कहा कि जब इस योजना में महात्मा गांधी का नाम पहले से ही मौजूद था- राष्ट्रपिता जिन्होंने हमें आजादी दिलाई, तो उनका नाम क्यों हटाया गया? बीजेपी हताश है, वे योजना की सफलता को बर्दाश्त नहीं कर सके और इतना नीचे गिर गए। राज्य के जिला और तालुक केंद्रों पर भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। पार्टी राज्य विधानसभा में भी इन मुद्दों को उठाने की योजना बना रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह विरोध प्रदर्शन तब कर रही है जब सरकार ने लोकसभा में ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक-2025’ पेश किया, जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थान पर लाया गया है। कृषि मंत्री द्वारा लोकसभा में पेश किए गए बिल में हर ग्रामीण परिवार को 125 दिन की मज़दूरी वाली रोज़गार की गारंटी दी गई है, जो मौजूदा 100 दिन से ज़्यादा है, यह उन वयस्क सदस्यों के लिए है जो बिना स्किल्ड वाला शारीरिक काम करने को तैयार हैं। बिल के मुताबिक केंद्र और राज्य सरकारों के बीच फंड शेयरिंग का पैटर्न 60:40 होगा, जबकि उत्तर-पूर्वी राज्यों, हिमालयी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए यह 90:10 होगा। बिल राज्य सरकारों को एक वित्तीय वर्ष में साठ दिनों की कुल अवधि के लिए पहले से सूचित करने की अनुमति देती है, जिसमें बुवाई और कटाई के मुख्य कृषि मौसम शामिल हैं, जब बिल के तहत कोई काम शुरू या पूरा नहीं किया जाएगा।
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने बुधवार को नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर केंद्र सरकार और ईडी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान नेशनल हेराल्ड की स्थापना की थी और यह देश का गौरव है। बेलगावी में विरोध प्रदर्शन के दौरान शिवकुमार ने कहा कि नेशनल हेराल्ड देश का गौरव है, जिसकी स्थापना जवाहरलाल नेहरू ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान की थी। मेरा सिर्फ एक ही सवाल है- मुझे अभी तक एफआईआर की प्रति क्यों नहीं दी गई है? आज ईडी की छवि धूमिल हो गई है।
लोकसभा में शांति बिल पेश, वीबी-जी राम जी बिल-2025 पर भी होगी चर्चा
17 Dec, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
स्पीकर बोले- सदन बिलों पर लंबी चर्चा करेगा, जरूरत पड़ी तो रात चलेगी कार्यवाही
नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र का बुधवार को 13वां दिन है। सरकार ने लोकसभा में सस्टेनेबल हार्नेसिंग ऑफ एटॉमिक एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया बिल (शांति) पेश कर दिया है। इस पर चर्चा जारी है। वहीं विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी (वीबी-जी राम जी) बिल, 2025’ पर भी चर्चा होगी।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि इन बिलों को स्थायी समिति या संयुक्त संसदीय समिति में भेजा जाए। उन्होंने कहा कि बिल पर पर्याप्त समय देकर पूरी तरह चर्चा होनी चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सदन इन बिलों पर लंबी चर्चा करेगा और जरूरत पड़ने पर रात तक कार्यवाही जारी रहेगी। संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि सरकार बिलों पर चर्चा के लिए समय देने को तैयार है और विपक्ष द्वारा मांगी गई विशेष चर्चा भी होगी। इससे पहले कांग्रेस संसदीय दल कार्यालय में कांग्रेस सांसद बैठक की, कांग्रेस ने अपने सांसदों को व्हिप जारी किया है। इसके बाद कांग्रेस सांसदों ने संसद के बाहर वीबी-जी राम जी बिल के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा में सस्टेनेबल हार्नेसिंग ऑफ एटॉमिक एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया बिल पर चर्चा शुरू हुई। परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बिल पर विचार करने के लिए प्रस्ताव रखा। डॉ. सिंह ने कहा कि यह बिल बहुत अहम और ऐतिहासिक है। भारत के परमाणु कार्यक्रम के जनक डॉ. होमी भाभा ने इसे शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए समर्पित किया था और अब इसे पीएम मोदी के नेतृत्व में साकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करनी होगी और परमाणु ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ मामलों में परमाणु ऊर्जा नवीकरणीय ऊर्जा से बेहतर है, क्योंकि नवीकरणीय ऊर्जा 24 घंटे उपलब्ध नहीं हो सकती।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि उन्हें कई स्थगन प्रस्ताव मिले थे, जिनमें सदन के कामकाज को रोककर कई मुद्दों पर चर्चा करने की मांग की गई थी। उन्होंने साफ कहा था कि इनमें से किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया गया। सदन ने इसके बाद अपना नियमित काम जारी रखा और कई केंद्रीय मंत्रालयों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज, बयान और रिपोर्टें सदन के पटल पर रखी गईं।
प्रियंका गांधी से मिले प्रशांत किशोर? दोनों के बीच घंटों चली मुलाकात
17 Dec, 2025 11:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बिहार चुनाव में मनमाफिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) इन दिनों क्या कर रहे हैं? इसकी सार्वजनिक जानकारी बहुत कम सामने आई है. चुनाव परिणाम के बाद पीके प्रेस कॉफ्रेंस कर अपनी बातें रखी थी, फिर उन्होंने एक दिन का उपवास रखा और कहा कि अब वो फिर से बिहार के गांव-गांव का दौरा करेंगे. हालांकि इसके बाद से पीके लगभग गायब हो गए. इस बीच अब पीके को लेकर एक बड़ी खबर दिल्ली से सामने आई है. जानकारी यह है कि दिल्ली में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) और प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) के बीच अहम मुलाकात हुई है. कहा जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात घंटों चली.
प्रशांत किशोर के गांधी परिवार से रिश्ते पुराने हैं. 2021 में JDU से मोहभंग के बाद प्रशांत किशोर कांग्रेस से जुड़े थे. 2022 में कांग्रेस में जान फूंकने के लिए प्रशांत किशोर ने एक ब्लू प्रिंट भी तैयार किया था. लेकिन वो कांग्रेस में अपने रोल को लेकर मन नहीं बना पाए और यह साथ भी छूट गया. फिर प्रशांत किशोर बिहार चले गए जन सुराज बनाई और बिहार में अपनी जमीन तलाशने लगे.
बिहार चुनाव में प्रशांत किशोर को नहीं मिली सफलता
पीके ने बिहार चुनाव में सभी सीटों पर लड़ने का फैसला किया, खूब मेहनत भी किया. नए तरह के उम्मीदवार उतारे और राजनीति की नई इबादत लिखने की कोशिश की, मगर सफलता हाथ नहीं लगी. दूसरी तरफ कांग्रेस भी महागठबंधन के साथ रही. राहुल गांधी ने वोट अधिकार यात्रा की, खूब प्रचार हुआ लेकिन नतीजा कुछ और ही निकला.
कांग्रेस का भी बिहार चुनाव में हुआ खस्ता हाल
कांग्रेस बिहार में 61 सीटों पर चुनाव लड़ी, मगर 6 ही जीत पाई. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता तक अपना चुनाव हार गए. अब खबर ये आई कि दिल्ली में प्रशांत किशोर और प्रियंका गांधी की मुलाकात 10 जनपथ पर हुई है. आधिकारिक तौर पर जब इस मुलाकात के बारे में प्रियंका गांधी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं किससे मिलती हूं, किससे नहीं? इसमें किसी की दिलचस्पी नहीं होनी चाहिए.
संसद में जब पत्रकारों ने प्रियंका गांधी से पीके से मुलाकात को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा ये कोई न्यूज है? देश में इतनी समस्याएं हैं, वायु प्रदूषण पर हम चर्चा की मांग कर रहे हैं और आप इस तरह के सवाल पूछ रहे हैं.
प्रियंका गांधी ने आगे कहा- आप ये सवाल क्यों नहीं पूछते कि मौजूदा मंत्री संसद की कार्यवाही में बाधा बन रहे हैं. आप इसको लेकर सवाल नहीं पूछेंगे कि संसद के अंदर क्या हो रहा है?
महाराष्ट्र सरकार के खेल मंत्री पर गिरफ्तारी का खतरा, मंत्री पद भी खतरे में
17 Dec, 2025 10:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) के खेल मंत्री माणिकराव कोकाटे (Sports Minister Manikrao Kokate) को तगड़ा झटका लगा है. जिला सत्र न्यायालय के ताजा फैसले के बाद उनपर गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है. उनका मंत्री पद भी खतरे में है. सरकारी कोटे के 10 प्रतिशत फ्लैट्स के गबन के मामले में दो साल की जेल और 10,000 रुपये का जुर्माने की सजा को जिला सत्र न्यायालय ने बरकरार रखा है.
गौरतलब है कि इसी साल अगस्त में विधानसभा में रमी खेलते हुए वीडियो वायरल होने के बाद माणिकराव कोकाटे का विभाग बदला गया था. पहले माणिकराव कोकाटे के पास कृषि विभाग था, जिसे बदलकर खेल मंत्रालय दिया गया था. देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार की मुलाकात के बाद मंत्री माणिकराव कोकाटे का विभाग बदलने का फैसला लिया गया है.
महात्मा गांधी के विचारों से मोदी जी को नफरत है…मनरेगा पर बोले राहुल गांधी, प्रधानमंत्री पर साधा निशाना
17 Dec, 2025 09:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: मनरेगा (MANREGA) का नाम बदलने को लेकर कांग्रेस लगातार मोदी सरकार (Modi government) पर हमलावर है. कांग्रेस इसे महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) का अपमान बता रही है. मगर सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने VB-G RAM-G बिल पर कैबिनेट में कहा था कि नाम को लेकर कोई विवाद नहीं है. समय के अनुसार सब कुछ बदलता है. महात्मा और राम—दोनों की भावना का सम्मान किया जाता है और दोनों ही पूजनीय हैं.
वहीं, अब लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Congress MP Rahul Gandhi) ने इसको लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि मोदी जी को महात्मा गांधी के विचारों से और गरीबों के अधिकारों से बड़ी दिक्कत है.
राहुल ने आगे कहा कि मनरेगा, महात्मा गांधी के ग्राम-स्वराज के सपने का जीवंत रूप है. करोड़ों ग्रामीणों की जिंदगी का सहारा है, जो कोविड काल में उनका आर्थिक सुरक्षा कवच भी साबित हुआ. मगर, प्रधानमंत्री मोदी को यह योजना हमेशा खटकती रही और पिछले 10 साल से इसे कमजोर करने की कोशिश करते रहे हैं. आज वो मनरेगा का नामो-निशान मिटाने पर आमादा है.
कांग्रेस सांसद ने कहा कि मनरेगा की बुनियाद इन तीन मूल विचारों पर थी.
रोजगार का अधिकार- जो भी काम मांगेगा, उसे काम मिलेगा
गांव को प्रगति कार्य खुद तय करने की स्वतंत्रता.
केंद्र सरकार मजदूरी का पूरा खर्च और समान की लागत का 75% देगी
अब प्रधानमंत्री मोदी इसी मनरेगा को बदलकर सारी ताकत सिर्फ अपने हाथों में केंद्रित करना चाहते हैं. बजट, योजनाएं और नियम केंद्र तय करेगा. राज्यों को 40% खर्च उठाने के लिए मजबूर किया जाएगा. बजट खत्म होते ही या फसल कटाई के मौसम में दो महीने तक किसी को काम नहीं मिलेगा. राहुल ने कहा कि यह नया बिल महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पहले ही भयंकर बेरोज़गारी से भारत के युवाओं का भविष्य तबाह कर दिया है, और अब ये बिल ग्रामीण गरीबों की सुरक्षित रोजी-रोटी को भी खत्म करने का जरिया है. हम इस जनविरोधी बिल का गांव की गलियों से संसद तक विरोध करेंगे.
इससे पहले पीएम मोदी ने कैबिनेट में कहा था कि नाम को लेकर कोई विवाद नहीं है. समय के अनुसार सब कुछ बदलता है. महात्मा और राम दोनों ही पूजनीय हैं. दोनों की भावना का सम्मान किया जाता है. इस दौरान पीएम ने राज्यों की अधिक जवाबदेही पर जोर दिया, ताकि धन का विवेकपूर्ण उपयोग हो सके और यह भी समझा जा सके कि जवाबदेही केवल केंद्र की ही नहीं, बल्कि राज्यों की भी है. प्रौद्योगिकी के उपयोग से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पारदर्शिता लाई जाए और राज्य बनाम केंद्र को लेकर किए जाने वाले किसी भी दावे पर रोक लगे.
जम्मू-कश्मीर: राज्य का दर्जा बहाल करने समेत अन्य मुद्दों को लेकर NC के सांसदों ने गृह मंत्री से मुलाकात की
17 Dec, 2025 09:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्रीनगर: नेशनल कॉन्फ्रेंस के नए चुने गए राज्यसभा सदस्यों ने राज्य से जुड़ी अपनी मांगों को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष उठाया. इनके प्रमुख मांगों में राज्य का दर्जा बहाल करने, बाहरी जेलों से कैदियों को शिफ्ट करने और बिजनेस नियम शामिल हैं. उन्होंने इन्हें जम्मू-कश्मीर में भरोसा और सामान्य लोकतांत्रिक हालात बहाल करने के लिए जरूरी बताया.
चौधरी मोहम्मद रमजान के नेतृत्व में तीन सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और लोगों के मानवीय, संवैधानिक और लोकतांत्रिक मुद्दों पर सामूहिक चिंताओं का एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा. सांसदों ने तीनों मांगों को जम्मू-कश्मीर में भरोसा, सम्मान और सामान्य लोकतांत्रिक स्थिति बहाल करने के लिए जरूरी बताया.
चौधरी ने मीडिया को जारी दो पेज के पत्र में कहा, 'यह सिर्फ एक प्रशासनिक मामला नहीं है, बल्कि संवैधानिक मूल्यों, संघवाद और इंसानी दया के प्रति हमारे सामूहिक प्रतिबद्धता की कसौटी है.' सज्जाद किचलू और गुरविंदर सिंह ओबेरॉय के साथ उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने में लगातार देरी से लोकतांत्रिक, प्रशासनिक और भावनात्मक परेशानी हो रही है और इसे संवैधानिक गरिमा के हनन के तौर पर महसूस किया जा रहा है.'
चौधरी ने लिखा, 'हम केंद्र सरकार से विनम्रतापूर्वक आग्रह करते हैं कि वह संवैधानिक सिद्धांतों, न्यायिक टिप्पणियों और सबसे ऊंचे लेवल पर पहले से दिए गए आश्वासनों के अनुसार जम्मू-कश्मीर को पूरा राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए साफ, ठोस और समय पर कदम उठाए.' उन्होंने राज्य का दर्जा बहाल करने के बारे में संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री के वादे को याद किया.
अक्टूबर में जम्मू-कश्मीर से चुने गए बीजेपी सांसद सत शर्मा के साथ ये तीनों संसद में अपने पहले चल रहे सत्र में शामिल हुए. चौधरी ने जम्मू-कश्मीर से कैदियों को इलाके के बाहर की जेलों में शिफ्ट करने और उन कैदियों को रिहा करने की नीति की समीक्षा की मांग की. इनके खिलाफ गंभीर आरोप साबित नहीं हो सके. उन्होंने मौजूदा तरीके को 'गरीबी की सजाट बताया. उन्होंने बताया कि हजारों परिवारों को पैसे की तंगी और बाहर कैदियों से मिलने की कोशिश में बेइज़्जती वाले तरीकों का सामना करना पड़ता है.
पत्र में आगे कहा गया, 'इनमें से कई परिवारों के पास इतनी पैसे की व्यवस्था नहीं है कि वे लंबी दूरी तय कर सकें, कानूनी सलाह ले सकें या अपने परिवार वालों से एक बार भी मिल सके. हम ऐसी माताओं से मिले हैं जो मरने से पहले अपने बेटों को सिर्फ एक बार देखना चाहती हैं और ऐसे बच्चे जो अपने पिता को सिर्फ तस्वीरों में देखकर बड़े हुए हैं. कई मामलों में गंभीर आरोप साबित न होने के बावजूद कैदी जेल में ही रहते हैं.'
सांसद और सीनियर एनसी नेता ने कहा कि कश्मीरी न तो पैदाइशी क्रिमिनल हैं और न ही कोई खतरा, बल्कि वे भी एक इंसान हैं और एक भारतीय नागरिक हैं जो इज्जत, इंसाफ और दया के हकदार हैं. चौधरी ने कहा, 'कैदियों को उनके घरों से दूर लगातार रखने से न केवल कैदियों को बल्कि बेगुनाह परिवारों को भी तकलीफ होती है, जो गुनाह की नहीं बल्कि गरीबी की सजा है.'
प्रतिनिधिमंडल ने चुनी हुई सरकार और लोक भवन के बीच अधिकारों के बंटवारे के लिए 'बिजनेस रूल्स' का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा, 'हम आदरपूर्वक अनुरोध करते हैं कि बिजनेस रूल्स को जल्द से जल्द नोटिफाई किया जाए ताकि गवर्नेंस आसानी से पारदर्शी तरीके से और लोकतांत्रिक नियमों और संवैधानिक मर्यादा के अनुसार चले.'
महाराष्ट्र में बीजेपी के बड़े नेता फडणवीस हैं, वह जो कहेंगे वह फाइनल होगा: पवार
16 Dec, 2025 08:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। पुणे और पिंपरी चिंचवड़ नगर निकाय चुनाव में बीजेपी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में मुताबला होने जा रहा है। सीएम देवेंद्र फडणवीस के ऐलान के बाद अब डिप्टी सीएम अजित पवार भी इसपर सहमति जता रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएम ने जो कहा वो फाइनल है। महाराष्ट्र में मुंबई समेत 29 नगर निकायों के लिए मतदान 15 जनवरी को होगा और मतों की गिनती 16 जनवरी को होगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने सोमवार को इसके शेड्यूल की जानकारी दी है। अजित पवार ने कहा कि अगर सीएम ने ऐसा कहा है, तो ध्यान से सोच समझकर कहा होगा। महाराष्ट्र में बीजेपी के सबसे बड़े नेता देवेंद्र फडणवीस हैं। वह जो भी कहेंगे, वो फाइनल होगा।
बता दें फडणवीस ने कहा था कि बीजेपी और शिवसेना आगामी नगर निकाय चुनावों में अधिकतर स्थानों पर एक साथ चुनाव लड़ेंगे और राकांपा समेत ‘महायुति’ के सहयोगी दलों के साथ अधिकतर स्थानों पर सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुणे और पिंपरी-चिंचवड नगर निगमों में बीजेपी और अजित पवार के नेतृत्व वाली राकंपा के बीच फ्रेंडली मुकाबला होगा। फडणवीस ने कहा कि ‘महायुति’ के सहयोगी दलों के बीच गठबंधन होगा, लेकिन अधिकतर शहरों में समझौता बीजेपी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच होगा।
उन्होंने कहा कि पुणे में गठबंधन की संभावना नहीं है, जहां बीजेपी और अजित पवार नीत राकांपा प्रमुख दल हैं। राज्य चुनाव आयोग की तरफ से जारी कार्यक्रम के मुताबिक इन नगर निकायों में कुल 2,869 सीट के लिए मतदान होगा, जिनमें बीएमसी की 227 सीट भी शामिल हैं। बीएमसी 2025-26 में 74,000 करोड़ रुपए से अधिक के बजट के साथ एशिया का सबसे बड़ा नगर निकाय है।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने कहा कि महाराष्ट्र में फैले 29 नगर निकायों में 15 जनवरी को मतदान होगा और मतों की गिनती 16 जनवरी को होगी। उन्होंने कहा कि मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगा और जो लोग शाम 5:30 बजे तक कतार में खड़े होंगे, उन्हें एक पर्ची दी जाएगी और उन्हें तय समयसीमा के बाद भी मतदान करने की अनुमति दी जाएगी। उच्चतम न्यायालय ने सितंबर में एसईसी को 31 जनवरी तक नगर निकायों सहित स्थानीय निकाय चुनाव कराने का निर्देश दिया था।
चिदंबरम ने की विधेयकों में बढ़ती हिंदी शब्दों की प्रवृत्ति की कड़ी आलोचना
16 Dec, 2025 07:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने विधेयकों के शीर्षकों में हिंदी शब्दों के इस्तेमाल की सरकार की ‘‘बढ़ती प्रवृत्ति’’ की कड़ी आलोचना की और कहा कि यह बदलाव गैर-हिंदी भाषी लोगों के लिए ‘‘अपमानजनक’’ है। उन्होंने कहा कि गैर-हिंदी भाषी लोग ऐसे विधेयक व अधिनियमों को नहीं पहचान सकते जिनके शीर्षक हिंदी शब्दों में अंग्रेजी अक्षरों में लिखे गए हों और वे उनका उच्चारण भी नहीं कर सकते।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सोमवार देर रात कहा कि संसद में पेश किए जाने वाले विधेयकों के शीर्षक में सरकार द्वारा हिंदी शब्दों को अंग्रेजी अक्षरों में लिखने के बढ़ते चलन का मैं विरोध करता हूं। चिदंबरम ने कहा कि अब तक यह प्रथा थी कि विधेयक के अंग्रेजी संस्करण में शीर्षक अंग्रेजी शब्दों में और हिंदी संस्करण में हिंदी शब्दों में लिखा जाता था। उन्होंने कहा कि जब 75 साल से इस प्रथा में किसी को कोई दिक्कत नहीं हुई तो सरकार को बदलाव क्यों करना चाहिए? उन्होंने कहा कि यह बदलाव गैर-हिंदी भाषी लोगों और उन राज्यों का अपमान है जिनकी आधिकारिक हिंदी के अलावा कोई अन्य है। चिदंबरम ने कहा कि सरकारों ने लगातार दोहराया है कि अंग्रेजी एक सहयोगी आधिकारिक बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि मुझे डर है कि यह वादा टूटने की कगार पर है।
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