राजनीति
संसद सत्र के बाद ‘चाय पर चर्चा’, PM मोदी-राजनाथ सिंह और प्रियंका गांधी एक साथ आए नजर, खूब लगे ठहाके
19 Dec, 2025 06:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Parliament Session Tea on Discussion: 1 दिसंबर 2025 से शुरू हुए संसद का शीतकालीन सत्र आज शुक्रवार को संपन्न हो गया है. जहां सदन में चर्चा के दौरान दोनों पक्षों में काफी बहस और हंगामा देखने को मिला तो वहीं समापन के बाद कुछ और ही नजारा सामने आया. चाय पर चर्चा के दौरान सभी दलों के बड़े नेता एक साथ नजर आए. संसद सत्र के समापन के बाद हर बार चाय पर चर्चा आयोजन की परंपरा रही है लेकिन पिछली बार मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने इसका बॉयकॉट कर दिया था.
संसद के शीतकालीन सत्र के समापन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद भवन स्थित अपने कक्ष में सभी राजनैतिक दलों के नेताओं और सांसदों के साथ बैठक की. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पक्ष-विपक्ष दोनों दलों के नेता उपस्थित रहे. इस दौरान खूब हंसी-मजाक हुआ.
‘चाय पर चर्चा’ में ये सांसद शामिल
चाय पर चर्चा के दौरान सत्र की कार्यवाही को लेकर अनौपचारिक चर्चाएं हुईं. इस दौरान कक्ष पर पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, प्रियंका गांधी, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू, ललन सिंह, एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले, किरण रिजिजू, अर्जुनराम मेघवाल, सपा सांसद धर्मेंद्र यादव, राजीव राय और डीएमके सांसद ए राजा मौजूद रहे. इस दौरान सभी के बीच खूब हंसी मजाक हुआ. कुछ सांसदों ने पीएम मोदी के सामने संसद भवन में एक समर्पित हॉल की मांग रखी.
इस दौरान सांसदों ने पीएम को बताया कि इस बार का सत्र काफी उपयोगी रहा. इसे और आगे बढ़ाया जा सकता था. पीएम ने भी मजाकिया अंदाज में कहा कि विपक्ष की आवाज पर ज्यादा जोर नहीं डालना चाहते. चाय पर चर्चा में हमेशा सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष को भी आमंत्रित किया जाता है. इसे संसदीय लोकतंत्र में संवाद और सौहार्द का प्रतीक माना जाता है.
सीएम सरमा की धमकियों और डराने से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता: गौरव गोगोई
19 Dec, 2025 05:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि असम के सीएम हिमंत विस्वा सरमा की धमकियों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गोगोई ने कहा कि मुख्यमंत्री की धमकियों और डराने से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्हें ऐसा करते रहने दीजिए। आजकल उनकी बातों से राज्य के लोगों को फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि सीएम सरमा की धमकियों की राजनीति ज्यादा दिन नहीं चलने वाली है।
गोगोई ने कहा कि सीएम सरमा अगले चार महीने जो चाहे कर सकते हैं, लेकिन सत्ता से बाहर होने के बाद उन्हें जनता के बीच ही रहना होगा। सीएम पिछले कुछ महीनों से गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंध होने का आरोप लगाते हुए लगातार हमले कर रहे हैं। कोलबर्न ब्रिटेन की नागरिक हैं। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने 10 सितंबर को सीएम सरमा को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। सरमा ने पिछले सप्ताह कहा था कि यह मामला केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिया जाएगा।
सीएम सरमा ने यह भी कहा कि एसआईटी जुबिन गर्ग की मौत से जुड़े मामले में आरोप-पत्र दाखिल कर चुकी है, अब हम गौरव गोगोई के मामले पर आगे बढ़ेंगे। गर्ग हत्याकांड में सीआईडी की विशेष जांच टीम द्वारा दाखिल आरोप-पत्र का जिक्र करते हुए गोगोई ने कहा कि राज्य के अनुभवी वकीलों की टिप्पणियों से स्पष्ट होता है कि यह आरोप-पत्र अत्यंत कमजोर है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आरोप-पत्र सीएम सरकार के करीबी सहयोगी श्यामकानु महंत को बचाने की रणनीति के तहत सोच-समझकर तैयार किया गया है। इसमें कई प्रमुख आरोपियों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं, जिन्हें किया जाना चाहिए था।
संसद का शीतकालीन सत्र समाप्त, कई अहम विधेयक पारित; राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे पर किए तीखे हमले
19 Dec, 2025 05:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। शुक्रवार को लोकसभा (Lok Sabha) को अनिश्चितकाल (Adjourned Sine Die) के लिए स्थगित (Adjourned) कर दिया गया, जिसके साथ ही संसद (Parliament) के 19 दिवसीय शीतकालीन सत्र (Winter Session) का समापन हो गया। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए, जिनमें 20 साल पुरानी मनरेगा (MNREGA) को निरस्त करने वाला विधेयक और निजी भागीदारी के लिए नागरिक परमाणु क्षेत्र को खोलने वाला विधेयक भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक, शीतकालीन सत्र के दौरान कुल बैठक का समय 92 घंटे और 25 मिनट था।
शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपना संक्षिप्त विदाई भाषण पढ़ा, जिसमें उन्होंने उल्लेख किया कि सत्र के दौरान लोकसभा की उत्पादकता 111 प्रतिशत रही और सदस्य महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा करने के लिए देर रात तक बैठे रहे। इसके बाद उन्होंने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया, जिससे 1 दिसंबर को शुरू हुआ संक्षिप्त सत्र समाप्त हो गया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विदाई भाषण पढ़ रहे थे, तब कुछ विपक्षी सदस्य ‘महात्मा गांधी की जय’ के नारे लगाते हुए देखे गए। निचली सदन की कार्यवाही स्थगित होने के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित थे। शीतकालीन सत्र की 15 बैठकों के दौरान सदन में दो राजनीतिक रूप से संवेदनशील बहसें हुईं – एक वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर और दूसरी चुनाव सुधारों पर।
शीतकालीन सत्र के 15 बैठकों में दो प्रमुख राजनीतिक बहसें हुईं। पहली बहस ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर हुई, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री ने की। इस विषय पर 11 घंटे 32 मिनट तक चर्चा हुई और 65 सांसदों ने भाग लिया। दूसरी अहम बहस चुनाव सुधारों पर हुई, जो करीब 13 घंटे चली और इसमें 63 सांसदों ने हिस्सा लिया। विपक्ष चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े नए कानून तथा ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर रहा। हालांकि, सरकार ने साफ किया कि चुनाव आयोग के कामकाज पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती।
पारित हुए आठ अहम विधेयक
इस सत्र में कुल आठ विधेयक पारित किए गए। इसके अलावा, अनुपूरक अनुदान मांगें (2025-26) भी पारित की गईं।
वीबी-जी राम-जी विधेयक, जिसके तहत ग्रामीण भारत में 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी जाएगी।
शांति विधेयक, जिससे नागरिक परमाणु क्षेत्र में निजी भागीदारी का रास्ता खुलेगा।
बीमा क्षेत्र में एफडीआई को 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने वाला विधेयक, जिससे बीमा कवरेज बढ़ने, प्रीमियम घटने और रोजगार सृजन की उम्मीद है।
सबका बीमा सबकी रक्षा (संशोधन) विधेयक, 2025, जिसे लोकसभा और राज्यसभा दोनों ने मंजूरी दी।
पुराने और अप्रासंगिक 65 संशोधन कानूनों और छह मूल कानूनों को निरस्त करने वाला विधेयक।
मणिपुर जीएसटी संशोधन, केंद्रीय उत्पाद शुल्क संशोधन और स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर से जुड़े विधेयक।
उच्च शिक्षा से जुड़े विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 को दोनों सदनों की संयुक्त समिति को भेजा गया। इसका उद्देश्य एक उच्च शिक्षा आयोग और तीन अलग-अलग परिषदों की स्थापना करना है। वहीं, बाजार प्रतिभूति संहिता से जुड़ा एक विधेयक पेश कर स्थायी समिति को भेजा गया। सत्र के दौरान 300 तारांकित प्रश्न स्वीकार किए गए, जिनमें से 72 का मौखिक उत्तर दिया गया। इसके अलावा 3,449 अतारांकित प्रश्न स्वीकार हुए। शून्यकाल में 408 तात्कालिक मुद्दे उठाए गए और नियम 377 के तहत 372 मामले लिए गए। इस तरह, शीतकालीन सत्र ने जहां कई अहम फैसलों की नींव रखी, वहीं राजनीतिक बहसों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गर्माहट भी बनाए रखी।
संसद में विपक्ष ने एकजुट होकर किया वीबी-जी राम जी विधेयक का विरोध
19 Dec, 2025 04:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। विपक्ष संसद में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) बिल पास होने पर लगातार विरोध कर रहा है। शुक्रवार को एकजुट विपक्ष ने बिल पास होने के विरोध में संसद के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया, जबकि टीएमसी सदस्यों ने सदन में एंट्री की सीढ़ियों पर अपना विरोध जारी रखा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी जो अभी जर्मनी में हैं, उन्होंने भी बिल के खिलाफ आवाज उठाई और दावा किया कि यह डिजाइन से ही राज्य विरोधी और गांव विरोधी है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थान पर ‘विकसित भारत- जी राम जी विधेयक’ संसद द्वारा पारित किए जाने के बाद शुक्रवार को कहा कि यह प्रस्तावित कानून प्रदेश एवं गांवों के खिलाफ है और इसे वापस लेने के लिए सरकार को विवश करने के मकसद से एक राष्ट्रव्यापी मोर्चा बनाया जाएगा। संसद ने गुरुवार को ‘विकसित भारत- जी राम जी विधेयक, 2025’ को मंजूरी दी। पहले दिन में यह विधेयक लोकसभा और देर रात राज्यसभा से पारित किया गया।
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया कि कल रात मोदी सरकार ने एक ही दिन में मनरेगा के बीस सालों को ध्वस्त कर दिया। जी राम जी विधेयक, मनरेगा का कोई ‘‘पुनर्गठन’’ नहीं है। यह अधिकार-आधारित, मांग-आधारित गारंटी को खत्म कर इसे एक सीमित योजना में बदल देता है, जिसे दिल्ली से नियंत्रित किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विधेयक की संरचना ही राज्यविरोधी और गांवविरोधी है। राहुल ने कहा कि मनरेगा ने ग्रामीण मजदूर को मोलभाव की ताकत दी। वास्तविक विकल्प मिलने से शोषण और मजबूरी में पलायन घटा, मजदूरी बढ़ी, काम की परिस्थितियां बेहतर हुईं और साथ ही ग्रामीण ढांचे का निर्माण व पुनर्जीवन हुआ। यही वह ताकत है जिसे यह सरकार तोड़ना चाहती है। उनके मुताबिक काम की सीमा तय करके और काम से वंचित करने के और रास्ते बनाकर जी राम जी विधेयक उस एकमात्र माध्यम को कमजोर करता है जो ग्रामीण गरीबों के पास था।
राहुल गांधी ने कहा कि हमने कोविड-19 महामारी में देखा कि मनरेगा का क्या मतलब था। जब अर्थव्यवस्था बंद हो गई और आजीविकाएं खत्म हो गईं, तब इसने करोड़ों लोगों को भूख और कर्ज में डूबने से बचाया। इससे सबसे ज्यादा लाभ महिलाओं को हुआ, जिन्होंने साल दर साल कुल व्यक्ति-दिवसों का आधे से ज्यादा योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि जब किसी रोजगार कार्यक्रम को सीमित किया जाता है, तो सबसे पहले महिलाएं, दलित, आदिवासी, भूमिहीन मजदूर और सबसे गरीब अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के लोग बाहर धकेले जाते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि ऊपर से इस कानून को संसद में बिना उचित जांच-पड़ताल के जबरन पारित कराया गया। विधेयक को स्थायी समिति के पास भेजने की विपक्ष की मांग खारिज कर दी गई। ग्रामीण सामाजिक करार को बदल देने वाला, करोड़ों मजदूरों को प्रभावित करने वाला कानून कभी भी गंभीर समिति समीक्षा, विशेषज्ञ परामर्श और सार्वजनिक सुनवाई के बिना नहीं थोपा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी के लक्ष्य साफ हैं कि श्रम को कमजोर करना, ग्रामीण भारत-खासकर दलितों, ओबीसी और आदिवासियों की मोलभाव की ताकत को कमजोर करना, सत्ता का केंद्रीकरण करना और फिर इसे ‘सुधार’ के नारे के रूप में बेचना। उन्होंने कहा कि मनरेगा दुनिया के सबसे सफल गरीबी उन्मूलन और सशक्तिकरण कार्यक्रमों में से एक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हम इस सरकार को ग्रामीण गरीबों की आखिरी रक्षा-पंक्ति को नष्ट नहीं करने देंगे। हम मजदूरों, पंचायतों और राज्यों के साथ खड़े रहेंगे, इस कदम को हराने और इस कानून को वापस लेने के लिए एक राष्ट्रव्यापी मोर्चा बनाएंगे।
केरल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सेंसरशिप पर बोले थरूर, “केंद्र सरकार का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण, भारत की छवि दांव पर”
19 Dec, 2025 11:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Congress MP Shashi Tharoor) ने केरल (Kerala) के चल रहे 12वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (IFFK) से जुड़े विवाद को एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया है। केंद्र सरकार के केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting) ने कई फिल्मों की स्क्रीनिंग की इजाजत देने से मना कर दिया था, जिससे तिरुवनंतपुरम में कई स्क्रीनिंग रद्द हो गई।
मीडिया से बात करते हुए थरूर ने कहा, “यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। हमारे यहां सिनेमाई संस्कृति का सम्मान करने की बहुत अच्छी परंपरा है। हमारे यहां गोवा और केरल में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल हुए हैं। अभी, यह सात फिल्मों की लिस्ट तक सीमित हो गया है। लेकिन किसी भी फिल्म को रोका नहीं जाना चाहिए… पहले जिन फिल्मों पर बैन लगाया गया था या जिन्हें क्लियरेंस देने से रोका गया था, वे हास्यास्पद थीं… हमारे नौकरशाहों को और ज्यादा समझदारी दिखानी होगी क्योंकि इससे भारत की छवि दांव पर लगी है।”
इससे पहले एक ट्वीट में, कांग्रेस सांसद ने लिखा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि तिरुवनंतपुरम में केरल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जाने वाली 19 फिल्मों को केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी न दिए जाने पर एक अजीब विवाद खड़ा हो गया है।” केरल सरकार ने भी तय फिल्मों की स्क्रीनिंग की अनुमति न देने के केंद्र सरकार के फैसले को अस्वीकार्य बताया।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने लिखा, “केरल के 30वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जाने वाली फिल्मों को स्क्रीनिंग की अनुमति न देने का केंद्र सरकार का फैसला अस्वीकार्य है।” राज्य सरकार ने IFFK 2025 में फिल्मों की स्क्रीनिंग पर बैन को देश में विरोध की आवाजों और अलग-अलग क्रिएटिव अभिव्यक्तियों का उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा, “फिल्म फेस्टिवल में लगाई गई सेंसरशिप संघ परिवार सरकार के तानाशाही शासन का एक स्पष्ट उदाहरण है, जो देश में विरोध की आवाजों और अलग-अलग क्रिएटिव अभिव्यक्तियों को दबाना चाहता है। जागरूक केरल सेंसरशिप के ऐसे कामों के आगे नहीं झुकेगा। जिन सभी फिल्मों को स्क्रीनिंग की अनुमति नहीं दी गई थी, उन्हें फेस्टिवल में दिखाया जाएगा।”
बंगाल चुनाव से पहले TMC सांसद का बड़ा बयान, कहा- कांग्रेस की हमें कोई जरूरत नहीं, इंडी एलायंस पर भी बोले
19 Dec, 2025 10:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । बंगाल (Bengal) में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (assembly elections) से पहले ममता बनर्जी की पार्टी के सांसद ने इंडिया गठबंधन (India Alliance) और कांग्रेस (Congress) को लेकर बड़ा बयान दिया है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव जीतने के लिए उनकी पार्टी को कांग्रेस की जरूरत नहीं है। हालांकि इस दौरान उन्होंने यह भी कहा है कि तृणमूल कांग्रेस अब भी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है।
TMC सांसद ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बातें कही हैं। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन पर कोई भी फैसला पार्टी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लेंगी। अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावना के बारे में पूछे जाने पर अभिषेक बनर्जी ने कहा, “मैंने यह पहले भी कहा है, जब पार्टी कोई फैसला लेगी, तो आपको पता चल जाएगा। फिलहाल, बंगाल में कांग्रेस के पास ऐसा कुछ नहीं है जिसकी हमें जरूरत हो या जो वह हमें दे सके।”
अभिषेक बनर्जी ने आगे कहा, “2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने (कांग्रेस ने) दो सीट पर जीत हासिल की, हमने उन्हें प्रस्ताव दिया, उन्होंने ठुकरा दिया और परिणाम सबके सामने हैं। उनकी सीट दो से घटकर एक रह गईं। आगे क्या होगा, यह पूरी तरह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के फैसले पर निर्भर करेगा।”
केंद्र सरकार पर निशाना
TMC सांसद ने इस दौरान मनरेगा का नाम बदलने के लिए केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि योजना का नाम बदलने से कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को पश्चिम बंगाल को बकाया राशि का भुगतान करना चाहिए। बनर्जी ने भाजपा पर बंगाल विरोधी होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गांधीजी को ‘महात्मा’ की उपाधि रवींद्रनाथ टैगोर ने दी थी, इसलिए ग्रामीण रोजगार योजना से गांधीजी का नाम हटाना बंगाल विरोधी है।
तृणमूल नेता ने कहा, “उन्होंने पश्चिम बंगाल को चार-पांच साल से पैसा देना बंद कर दिया है। योजना का नाम बदलने से कोई फायदा नहीं होगा। जवाबदेही कहां है? केंद्र सरकार की विशेष अनुमति याचिका को उच्चतम न्यायालय ने खारिज कर दिया था।” उन्होंने कहा, “महात्मा गांधी का नाम हटाना यह दर्शाता है कि भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें कितना महत्व देते हैं।”
नेहरू के लेटर्स निजी संपत्ति नहीं… केन्द्र सरकार ने सोनिया गांधी से मांगे वापस
19 Dec, 2025 09:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सरकार (Government) ने जवाहरलाल नेहरू से संबंधित दस्तावेज (Documents related Jawaharlal Nehru) के 51 बक्से अपने पास रखने के लिए कांग्रेस नेता सोनिया गांधी (Congress leader Sonia Gandhi) की कड़ी आलोचना की। साथ ही मांग उठाई कि इन्हें प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (पीएमएमएल) को वापस किया जाए। सरकार ने स्पष्ट कहा है कि 2008 में सोनिया गांधी ने इन लेटर्स को लिया था। अब इसे लौटा दें, यह उनकी निजी संपत्ति नहीं है। इससे विद्वानों और संसद की नेहरू काल के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अभिलेखों तक पहुंच संभव होगी। सरकार ने जोर देकर कहाकि ये दस्तावेज ‘सार्वजनिक अभिलेखागार में होने चाहिए, किसी बंद कमरे में नहीं।’ केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहाकि चूंकि इन कागजातों का स्थान ज्ञात है, इसलिए वे लापता नहीं हैं
मंत्री ने संसद में क्या कहा
कांग्रेस ने संस्कृति मंत्री शेखावत के लोकसभा में लिखित उत्तर का हवाला देते हुए मंगलवार को कहा था कि प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (पीएमएमएल) से पंडित जवाहरलाल नेहरू से संबंधित कोई दस्तावेज गायब नहीं होने की सच्चाई सामने आ गई है तो क्या अब इस मामले में माफी मांगी जाएगी? दरअसल, सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता संबित पात्रा ने लोकसभा में लिखित प्रश्न किया था कि क्या 2025 में पीएमएमएल के वार्षिक निरीक्षण के दौरान भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से संबंधित कतिपय दस्तावेज संग्रहालय से गायब पाए गए हैं?इसके उत्तर में संस्कृति मंत्री शेखावत ने कहाकि 2025 में पीएमएमएल के वार्षिक निरीक्षण के दौरान संग्रहालय से भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से संबंधित कोई दस्तावेज गायब नहीं पाया गया है।
विवादास्पद मुद्दा रहा है नेहरू दस्तावेज
गौरतलब है कि नेहरू दस्तावेज सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच एक विवादास्पद मुद्दा रहा है। पीएमएमएल के भीतर एक वर्ग इन दस्तावेजों को वापस लेने के लिए दबाव बना रहा है, जिन्हें सोनिया गांधी ने कई साल पहले ले लिया था। शेखावत ने एक्स पर पोस्ट में कहाकि नेहरू दस्तावेज पीएमएमएल से लापता नहीं हैं। लापता होने का अर्थ मौजूदगी का स्थान अज्ञात होना है, इस विषय में तो ज्ञात है कि दस्तावेज कहां और किसके अधिकार में हैं। उन्होंने कहाकि जवाहरलाल नेहरू जी से जुड़े कागजात वाले 51 बक्सों को गांधी परिवार ने 2008 में पीएमएमएल (तत्कालीन एनएमएमएल) से ले लिया था। इनका स्थान ज्ञात है, इसलिए, वे लापता नहीं हैं। ये दस्तावेज 2008 में विधिवत प्रक्रिया के तहत परिवार को सौंपे गए थे और पीएमएमएल में इनके रिकॉर्ड मौजूद हैं।
ताकि लोग समझ पाएं वो दौर
केंद्रीय मंत्री ने कहाकि विद्वानों, शोधकर्ताओं, छात्रों और आम नागरिकों को यह अधिकार है कि वे मूल दस्तावेजों तक पहुंच पाएं, ताकि जवाहरलाल नेहरू के जीवन और उनके दौर को समझने के लिए सत्य पर आधारित संतुलित दृष्टिकोण विकसित हो सके। उन्होंने कहाकि एक तरफ हमें उस दौर की गलतियों पर चर्चा न करने को कहा जाता है, दूसरी ओर उनसे जुड़े मूल दस्तावेज सार्वजनिक पहुंच से बाहर रखे जा रहे हैं, जबकि उनके माध्यम से तथ्यपरक चर्चा हो सकती है। शेखावत ने कहाकि यह कोई साधारण मामला नहीं है। इतिहास को चुनकर नहीं लिखा जा सकता। लोकतंत्र की बुनियाद पारदर्शिता है और अभिलेख उपलब्ध कराना नैतिक दायित्व, जिसे निभाना सोनिया गांधी और उनके ‘परिवार’ की भी जिम्मेदारी है।
भाजपा ने दिल्ली में प्रदूषण की समस्या के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस और आप सरकार को जिम्मेदार ठहराया
19 Dec, 2025 08:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण की समस्या के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने गुरुवार को वायु और जल प्रदूषण के मुद्दे पर दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि शीला दीक्षित सरकार के समय से ही 2009 के बाद से दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने लगा था और नालों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने में विफलता के चलते यमुना नदी तो 2009 से पहले ही एक गंदे नाले में बदल गयी थी।
उन्होंने कहा कि 2007-09 के बीच राष्ट्रमंडल खेलों के नाम पर दिल्ली में अंधाधुंध निर्माण की अनुमति दी गयी
महानगरपालिका चुनाव में आठवले की पार्टी ने महायुति गठबंधन में मांगी हिस्सेदारी
18 Dec, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र (Maharashtra) में 29 महानगरपालिका (Municipal Corporation) में हो रहे चुनाव (Election) में रामदास आठवले (Ramdas Athawale) की पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया ने महायुति गठबंधन में अपनी हिस्सेदारी मांगी है। आठवले की पार्टी ने मुंबई में 25 सीटों की डिमांड रखी है। वहीं अन्य महानगरपालिका में 7 से 10 सीटों की मांग रखी है। पार्टी ने कहा कि उन्हें गठबंधन में सम्मानजनक हिस्सेदारी दी जाए।
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया के नेताओं का मानना है कि एनडीए में एक महत्वपूर्ण घटक पक्ष के रूप में उनकी भूमिका है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले केंद्र में मंत्री पद पर कार्य कर रहे हैं। इसीलिए उन्हें सम्मानजनक तरीके से चुनाव में हिस्सेदारी मिले। महानगर पालिका के स्तर पर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के पदाधिकारी भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी से मिल रहे हैं एवं उन्हें सम्मानजनक हिस्सा देने की मांग उनसे कर रहे हैं। प्रत्येक महानगर पालिकाओं में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया 7 से 10 सीट मांग रही है, वहीं मुंबई में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ने 25 सीटों की डिमांड भेजी है।
भारतीय रेल ने रचा इतिहास! कर दिखाया वो कारनामा जो ब्रिटेन, रूस और चीन भी नहीं कर पाए
18 Dec, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश की लाइफलाइन कही जाने वाली भारतीय रेल (Indian Railways) ने एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जिसने दुनिया की बड़ी रेल ताकतों को भी पीछे छोड़ दिया है। भारतीय रेल ने अपने ब्रॉड गेज नेटवर्क (Broad Gauge Network) का 99.2 फीसदी हिस्सा बिजली (Electrified) से चलने वाला बना दिया है। इसका मतलब है कि अब ज्यादातर ट्रेनें डीजल (Diesel) की बजाय बिजली से चलेंगी।
यह सिर्फ तकनीक की बड़ी सफलता नहीं है, बल्कि इससे पर्यावरण को भी बड़ा फायदा होगा और ईंधन की भी बचत होगी। सबसे खास बात यह है कि इस मामले में भारत अब ब्रिटेन, रूस और चीन जैसे बड़े देशों से भी आगे निकल गया है। जहां इन देशों में रेलवे नेटवर्क का बड़ा हिस्सा अभी भी पूरी तरह इलेक्ट्रिक नहीं है, वहीं भारत लगभग 100 फीसदी के लक्ष्य के बहुत करीब पहुंच चुका है। यह उपलब्धि दिखाती है कि भारतीय रेल तेजी से आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बन रही है।
रेल मंत्रालय के मुताबिक, जहां ब्रिटेन में सिर्फ 39 फीसदी, रूस में 52 फीसदी और चीन में 82 फीसदी रेलवे नेटवर्क ही इलेक्ट्रिफाइड है, वहीं भारत लगभग 100 फीसदी के टारगेट तक पहुंच चुका है। यह बदलाव बीते एक दशक में बेहद तेज रफ्तार से हुआ है। वर्ष 2014 से 2025 के बीच 46,900 रूट किलोमीटर रेलवे लाइनों का विद्युतीकरण किया गया, जो पिछले 60 वर्षों में हुए कुल विद्युतीकरण से दोगुना से भी ज्यादा है।
आज देश के 14 रेलवे जोन पूरी तरह इलेक्ट्रिफाइड हो चुके हैं, जिनमें सेंट्रल, ईस्टर्न, नॉर्दर्न और वेस्टर्न रेलवे जैसे बड़े जोन शामिल हैं। इसके साथ ही 25 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भी अपने ब्रॉड गेज नेटवर्क का 100 फीसदी विद्युतीकरण पूरा कर चुके हैं। उत्तर-पूर्वी भारत के अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा और मिजोरम में भी पूरा नेटवर्क इलेक्ट्रिक हो चुका है, जबकि असम 92 फीसदी के साथ अंतिम चरण में है।
इस उपलब्धि का सबसे बड़ा फायदा पर्यावरण को मिलने वाला है। आंकड़ों के अनुसार, रेल परिवहन सड़क परिवहन की तुलना में करीब 89 फीसदी कम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन करता है। जहां सड़क मार्ग से एक टन माल को एक किलोमीटर ले जाने पर 101 ग्राम कार्बन डाई ऑक्साइड निकलती है, वहीं रेल से यही उत्सर्जन सिर्फ 11.5 ग्राम है। यही वजह है कि भारतीय रेल को हरित परिवहन की रीढ़ माना जा रहा है। भारतीय रेल अब सिर्फ इलेक्ट्रिफिकेशन तक सीमित नहीं है। देशभर के 2,626 रेलवे स्टेशनों पर 898 मेगावाट सोलर पावर भी शुरू की जा चुकी है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक भारतीय रेल को नेट-जीरो कार्बन एमिटर बनाया जाए।
वीबी- जी राम जी बिल बहुत बड़ा विश्वासघात इसे वापस लेना होगा: संजय सिंह
18 Dec, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी- जी राम जी बिल लोकसभा में गुरुवार को पारित हो गया है। ये बिल यूपीए दौर की मनरेगा योजना की जगह लेगा।
इस बिल पर आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने कहा कि यह बहुत बड़ा विश्वासघात है और मैं सरकार को आगाह करना चाहता हूं कि जैसे आपने तीनों किसानों के काले कानूनों को वापस लिया वैसे ही आपको इस बिल को भी वापस लेना होगा। उन्होंने कहा कि देश भर में इसके ख़िलाफ़ आंदोलन होगा। इस बिल के नाम के पीछे आप अपना गुनाह छिपाना चाहते हैं। मनरेगा और केंद्र सरकार के नए अधिनियम में नाम के अलावा भी कई बदलाव किए गए हैं और विपक्षी दल सरकार के इस फ़ैसले का विरोध कर रहे हैं।
लोकसभा में विरोध के बीच जी राम जी बिल पास, विपक्ष ने सदन में कागज फाड़कर फेंका
18 Dec, 2025 05:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: 18 दिसंबर 2025 को लोकसभा (Lok Sabha) में भारी विरोध के बीच जी राम जी बिल (G Ram G Bill) पास हो गया. विपक्ष ने बिल पास होने पर जमकर हंगामा किया और बिल के कागज फाड़कर फेंक दिए. सदन का माहौल इतना बिगड़ गया कि कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित करनी पड़ी.
भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल यानी VB–G Ram G पर कृषि मंत्री शिवराज सिंह (Shivraj Singh) ने लोकसभा में जवाब दिया. इस दौरान विपक्ष बिल के विरोध में नारेबाजी करता रहा. विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए और कागज फेंके.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘हम किसी से भेदभाव नहीं करते, बापू हमारी प्रेरणा और श्रद्धा हैं. पूरा देश हमारे लिए एक है. देश हमारे लिए केवल जमीन का टुकड़ा नहीं है. हमारे विचार संकीर्ण और संकुचित नहीं है.’
कांग्रेस के सांसद केजी वेणुगोपाल ने स्पीकर से कहा कि इस बिल को किसी स्थायी समिति या संयुक्त संसदीय समिति को भेजा जाए. हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ने यह कहते हुए अनुरोध अस्वीकार कर दिया कि इस विधेयक पर 14 घंटे से अधिक समय तक बहस हो चुकी है. इस बीच, विपक्ष के नारेबाजी शुरू करने पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बहस जारी रखने की मांग की.
कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा, ‘कितनी योजनाओ का नाम नेहरू परिवार पर रखा गया. राजीव जी के नाम पर 55 राज्य सरकार की योजनाओं के नाम रखे गए. 74 सड़कों के नाम राजीव पर, 15 नेशनल पार्क नेहरू जी के नाम पर रखे गए. नाम रखने की सनक कांग्रेस की है.’
बीजेपी के केंद्रीय मंत्री का दावा............राहुल गांधी और बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच झगड़ा
18 Dec, 2025 01:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच विवाद को लेकर दावा किया है। उन्होंने कहा है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष परिवार से झगड़ा कर विदेश चले गए हैं। फिलहाल, बीजेपी नेता के इन दावों पर कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इसके पहले भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस से निकाले गए नेता मोहम्मद मुकीम के पत्र के हवाले से इसतरह का दावा किया था।
केंद्रीय मंत्री बिट्टू से कांग्रेस के प्रदर्शन की तैयारी पर सवाल पूछा गया। इसपर उन्होंने कहा, उनके पास लोग हैं प्रदर्शन करने के लिए? उन्हें महात्मा गांधी से कोई लेना देना नहीं है। उन्हें जो उनका गांधी है, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, संजय गांधी, उन्हें उस गांधी से दिक्कत है कि वहां कहां जा रहा है।
उन्होंने कहा, लोग उस गांधी को भूल चुके हैं, जो उनके नाम से जुड़ा हुआ है। उस गांधी को नकार चुके हैं। और बापू गांधी थे हैं और हमेशा रहने वाले है। उन्होंने कहा, राहुल गांधी हैं कहां? अभी मैं उनकी तस्वीरें जर्मनी में देख रहा था।
उन्होंने कहा, दोनों गांधी में लड़ाई चल रही है, बड़ी भारी लड़ाई चल रही है। जो मुझे पता लगा है... सदन में जो दो तीन बार जो भाषण हुआ है, उस भी लोगों ने प्रियंका गांधी वाड्रा का जो भाषण है, उसकी तुलना की है। और राहुल गांधी इस चीज से नाराज होकर परिवार और पार्टी से लड़कर यहां से चले गए हैं। उन्होंने कहा, उनकी पार्टी और फैमिली में जो प्रॉब्लम है। इसलिए राहुल गांधी छोड़कर चले गए हैं।
बात दें कि इसके पहले भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने लिखा था, टीम प्रियंका बनाम टीम राहुल खुलकर सामने आ गया है। कांग्रेस की आंतरिक कलह अब बाहर आ गई है। उन्होंने लिखा, ओडिशा से वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने सोनिया गांधी को लिखा कि खरगे हटाओ, प्रियंका लाओ। साथ ही प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं।
भाजपा सरकार गरीब को गणेश मानकर सेवक के रुप में काम कर रही : सीएम शर्मा
18 Dec, 2025 12:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीकानेर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार गरीब को गणेश मानकर सेवक के रूप में काम कर रही है। सीएम शर्मा बीकानेर के लूणकरणसर में विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, हमारा नैतिक दायित्व है कि हम सरकार का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखें। हमारी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में बजट दिया और हर विधानसभा क्षेत्र में विकास रथ के माध्यम से विकास कार्यों का लेखा-जोखा जनता तक पहुंचा रही है।”
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने दो साल में राज्य में सुशासन, जनकल्याण और चहुंमुखी विकास के लिए इ इसतरह के अभूतपूर्व कदम उठाए हैं, जो ऐतिहासिक होने के साथ ही समृद्ध एवं विकसित राजस्थान की एक सशक्त बुनियाद भी हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने किसान, युवा, महिला और गरीब के उत्थान के लिए कईकदम उठाए हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री शर्मा ने 612 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का शिलान्यास एवं 107 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने बीकानेर की जिला विकास पुस्तिका, ग्रामीण सेवा शिविर की सफलता की कहानी तथा ‘शहरी सेवा शिविर-2025 पुस्तिका का विमोचन भी किया।
राहुल गांधी ने कहा, विनिर्माण मजबूत अर्थव्यवस्थाओं की रीढ़, भारत में विनिर्माण में गिरावट आ रही
18 Dec, 2025 11:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि विनिर्माण मजबूत अर्थव्यवस्थाओं की रीढ़ है, लेकिन भारत में विनिर्माण में गिरावट आ रही है. उन्होंने जर्मनी के शहर म्यूनिख में ‘बीएमडब्ल्यू वेल्ट (बीएमडब्ल्यू का प्रदर्शनी केंद्र) और बीएमडब्ल्यू संयंत्र के दौरे के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत को विकास में तेजी लाने के लिए सार्थक विनिर्माण तंत्र बनाने की जरूरत है. राहुल गांधी के इस बयान पर बीजेपी ने निशाना साधते हुए कहा है कि संसद सत्र के दौरान उन्होंने विदेशी धरती से भारत का अपमान किया.
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा, नेता प्रतिपक्ष का एक बहुत महत्वपूर्ण दायित्व होता है. नेता प्रतिपक्ष को बहुत जिम्मेदारी के साथ व्यवहार रखना होता है, विशेष तौर पर तब जब नेता प्रतिपक्ष विदेश की भूमि पर हो. यहां सदन में इतनी महत्वपूर्ण चर्चा हो रही है और राहुल गांधी जर्मनी में हैं. राहुल गांधी ने कहा है कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग खराब है. वे भारत के विरोध में बोलते हैं. वे जब भी बाहर जाते हैं तो सदन और भारत का अपमान करते हैं.
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