राजनीति
मनरेगा का नाम बदलने पर बोलीं प्रियंका गांधी- महात्मा गांधी मेरे परिवार के सदस्य नहीं थे...
16 Dec, 2025 06:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में मनरेगा का नाम बदलने वाला बिल पेश हुआ है। अब इसका नाम वीबी-जी राम जी होगा और इस बिल को लेकर संसद में डिबेट शुरू हो गई है। कांग्रेस की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि विधेयक के जरिए केंद्र सरकार के अधिकारों को बढ़ाया जा रहा है, लेकिन उसकी फंडिंग कम हो रही है। उन्होंने कहा कि हर योजना का नाम बदलने की सनक समझ में नहीं आती है। ऐसा जब भी होता है, तब सरकार को पैसे खर्च करने पड़ते हैं। कांग्रेस महासचिक प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि इसमें मजदूरी के दिनों को 100 से 125 दिन करने की बात कही गई है, लेकिन मानदेय बढ़ाने पर कोई बात नहीं हुई है।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने महात्मा गांधी का नाम योजना से हटाने का विरोध किया। इस दौरान भाजपा सदस्यों ने कुछ कहा, तब प्रियंका ने कहा कि महात्मा गांधी मेरे परिवार के सदस्य नहीं थे, लेकिन परिवार के मेंबर जैसे ही थे। इस बिल को लेकर सदन में कोई चर्चा नहीं हुई। इसलिए मेरी राय है कि पहले संसद में डिबेट हो और फिर जरूरी सुझावों को शामिल करते हुए नया विधेयक लाया जाए। यह विधेयक कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पेश किया, जिस पर संसद में बहस हो रही है।
वहीं टीएमसी सांसद सौगत राय ने भी योजना के नामकरण को लेकर आपत्ति जाहिर की। उन्होंने कहा कि भगवान राम पूजनीय हैं, लेकिन महात्मा गांधी वर्तमान में ज्यादा प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि अब जो विधेयक में प्रावधान जोड़े गए हैं, उसके तहत राज्यों पर बोझ बढ़ेगा। इसकारण हम इस बिल का विरोध करते हैं। दरअसल विपक्षी दलों का कहना है कि विधेयक में अब स्कीम की फंडिंग का 40 फीसदी भार राज्य सरकारों पर होगा। इससे पहले यह आंकड़ा 10 फीसदी ही था। इससे इससे राज्यों पर बोझ बढ़ेगा।
मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी तीखा विरोध किया। उन्होंने कहा कि चौहान को इसतरह के कृषि मंत्री के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने महात्मा गांधी का नाम हटा दिया था। ऐसा करना गलत और अपमानजनक है।
नीतीश पर गुस्से से लाल हुई जायरा वसीम..........सत्ता आपको इस बात की परमिशन नहीं देती
16 Dec, 2025 05:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना चुकी जायरा वसीम सोशल मीडिया पर भी कम सक्रिय रहती हैं। हालांकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ उनका नया ट्वीट वायरल है। जायरा का गुस्सा उस पटना के इवेंट वाली घटना पर है जिसमें नीतीश ने मंच पर एक महिला का हिजाब खींच दिया। जायरा ने नीतीश कुमार से माफी की मांग कर कहा है कि किसी महिला की मर्यादा को खिलौना नहीं समझा जाना चाहिए।
जायरा वसीम ने मामले को लेकर ट्वीट किया है, एक महिला की गरिमा और मर्यादा खिलवाड़ करने की चीज नहीं है, खासकर सार्वजनिक मंच पर कतई नहीं। एक मुस्लिम महिला होने के नाते, किसी दूसरी महिला के नकाब को इतनी लापरवाही से खींचे जाते देखना और उसके साथ बेपरवाह मुस्कान को देखना, बेहद गुस्सा दिलाने वाला था। सत्ता आपको इस बात की परमिशन नहीं देती कि आप सीमा का उल्लंघन कर दें। नीतीश कुमार को उस महिला से बिना शर्त के माफी मांगनी चाहिए।
दरअसल पटना में मुख्यमंत्री नीतीश एक नई रिक्रूट हुई आयुष डॉक्टर को नियुक्ति पत्र दे रहे थे। महिला हिजाब लगाकर उनके सामने पहुंची थी। नीतीश ने सबके सामने स्टेज पर उस डॉक्टर का हिजाब खींच दिया। यह कार्यक्रम सीएम के सेक्रेटेरिएट में था। यहां 1000 आयुष डॉक्टरों को आवेदन पत्र दिए जा रहे थे। घटना का वीडियो काफी वायरल है। वीडियो में दिख रहा है कि जब नुसरत परवीन काम की डॉक्टर की बारी आती है तो वह चेहरे पर हिजाब लगाकर पहुंचती हैं। इस पर सीएम गुस्से में बोलते हैं, ये क्या है? इसके बाद वह नुसरत का हिजाब खींच देते हैं।
MP विधानसभा विशेष सत्र से पहले कांग्रेस की तैयारी तेज, विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक
16 Dec, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा (Madhya Pradesh Legislative Assembly) के एक दिवसीय विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक (Congress Legislative Party meeting) मंगलवार, 16 दिसंबर को शाम 7:30 बजे भोपाल स्थित बी-12 (ए), 74 बंगला में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार करेंगे। इस बैठक में 17 दिसंबर को होने वाले विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस विधायक दल की रणनीति और कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। जानकारी के लिए बतादें कि विशेष सत्र में मध्यप्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने के विषय पर चर्चा प्रस्तावित है।
विधायक दल की बैठक में प्रदेश की मौजूदा आर्थिक स्थिति, किसानों की समस्याएं, युवाओं के रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, आदिवासी, दलित, पिछड़े और कमजोर वर्गों से जुड़े मुद्दों पर मंथन किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार की नीतियों की समीक्षा करते हुए यह तय किया जाएगा कि विशेष सत्र में कांग्रेस किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश को वास्तव में विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए खोखले नारों के बजाय ठोस नीतियों और ईमानदार राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एक दिवसीय विशेष सत्र केवल औपचारिकता न बने, बल्कि इसमें किसानों की आय, युवाओं के रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा और प्रदेश की बदहाल आर्थिक स्थिति पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस विधायक दल विशेष सत्र में जनता की वास्तविक समस्याओं और प्रदेश के भविष्य की ठोस रूपरेखा को मजबूती से विधानसभा में रखेगा।
विधानसभा सचिवालय ने जानकारी दी है कि राज्य की 16वीं विधानसभा का एक दिवसीय अष्टम सत्र बुधवार, 17 दिसंबर 2025 को आयोजित किया जाएगा। सत्र सुबह 11 बजे से शुरू होगा। यह सत्र भले ही एक दिन का हो, लेकिन इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें मध्य प्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में सरकार की योजनाओं और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। विभिन्न दलों के विधायकों को प्रदेश के विकास, अर्थव्यवस्था, रोजगार, किसानों, महिलाओं, युवाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर अपने सुझाव रखने का अवसर मिलेगा।
क्या कभी कांग्रेस में वापसी करेंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया? दिया ये जवाब
16 Dec, 2025 10:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Union Minister Jyotiraditya Scindia) से जब पूछा गया कि क्या आप मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीएम बनना चाहते हैं. इस पर उन्होंने कहा, हम बस लोगों की सेवा करना चाहते हैं. हमें लोगों की जिंदगी में बदलाव लाना है. वहीं जब उनसे पूछा गया कि क्या भविष्य में कांग्रेस में शामिल होंगे तो इस सवाल पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.
राहुल गांधी पर क्या बोले सिंधिया?
केंद्रीय मंत्री सिंधिया से पूछा गया कि राहुल गांधी को आप कैसे देखते हैं? इस पर उन्होंने कहा, “मैं क्या देखूं क्या फर्क पड़ता है. जनता ने अपना निर्णय दे दिया है. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत आने वाले समय में 6जी को नेतृत्व करेगा. सिंधिया ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वो तो देश का विरोध करते हैं.
संचार साथी ऐप पर बोलते हुए सिंधिया ने कहा, ‘संचार साथी ऐप से चोरी का फोन है या नहीं, इसमें मदद मिलती है. इस ऐप को डेढ़ करोड़ लोगों ने खुद रजिस्टर किया. अगर सवाल उठता है तो हमें कोई दिक्कत नहीं है. अगर लोगों को हिचक है तो हम रिव्यू करेंगे. हमने एक सकारात्मक कदम उठाया है अगर लोगों को इसमें ऑप्शन चाहिए तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है. 10 दिन पहले ही हमने संचार साथी ऐप को लेकर ऑप्शन दिया है.’
सिंधिया ने 10 मार्च 2020 को कांग्रेस पार्टी को छोड़ दिया था. उन्होंने एक पत्र अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह 18 सालों तक कांग्रेस के प्राथमिक सदस्य रहे हैं, लेकिन अब सत्ता की राह अलग करने का वक्त आ गया. उन्होंने इस्तीफा अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंपा था. उनके साथ मध्य प्रदेश के 14 विधायकों ने भी कांग्रेस से इस्तीफा दिया था, जिसकी वजह से मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार गिर गई थी. इसके बाद शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर मध्य प्रदेश के मुखिया बने थे.
चुनाव आयुक्तों की नियुक्तियां निष्पक्ष व पारदर्शी होनी चाहिए – सपा सांसद राम गोपाल यादव
16 Dec, 2025 10:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । सपा सांसद राम गोपाल यादव (SP MP Ram Gopal Yadav) ने कहा कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्तियां (Appointments of Election Commissioners) निष्पक्ष व पारदर्शी होनी चाहिए (Should be Fair and Transparent) ।
चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि जिस दिन चुनाव आयोग के कंपोजिशन के बारे में संशोधन किया गया, मुख्य न्यायाधीश को हटाकर उनके बदले एक कैबिनेट मिनिस्टर को शामिल किया गया। इससे जनता में एक संदेश गया कि यह इलेक्शन कमीशन की निष्पक्षता को खत्म करने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि पुरानी व्यवस्था फिर से लागू की जाए, जिसके तहत चुनाव आयुक्त की नियुक्ति में मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष होते थे। राम गोपाल यादव ने राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि चुनाव से जुड़े हुए अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति धार्मिक या जाति के आधार पर नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इन सभी चीजों से अलग हटकर ये नियुक्तियां निष्पक्ष व पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने सदन में कहा कि उत्तर प्रदेश में कुछ उपचुनाव हुए थे। इन चुनावों के जो बीएलओ थे, उनमें से जितने भी यादव और मुसलमान बीएलओ थे, उनको एक-एक करके हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की जानकारी में यह विषय लाया गया। लिस्ट में पहले लोगों का नाम था, लेकिन बाद में ये नाम हटा दिए गए। केवल कुंदरकी में गलती से एक मुस्लिम बीएलओ रह गया।
उन्होंने कहा कि पीपुल्स रिप्रजेंटेशन एक्ट के मुताबिक मतदाता को बूथ तक लाना या रिश्वत देना एक अपराध है। यदि यह सिद्ध हो जाता है तो चुनाव रद्द हो जाता है, लेकिन हमने देखा कि ट्रेन में किस तरह से लोग आ रहे थे। उन्होंने कहा कि बिहार में चुनाव से ठीक पहले जिस तरह से पैसे बांटे गए, अगर टीएन शेषन जैसे चुनाव आयुक्त होते तो चुनाव स्थगित हो जाता या फिर रद्द हो जाता। उन्होंने इसे करप्ट प्रैक्टिस व रिश्वत बताया।
उन्होंने कहा कि सत्ता में 100 साल बने रहिए, लेकिन जनता की नजर में सही बने रहिए। पहले जब पोलिंग हो जाती थी तो राजनीतिक दलों को उस गाड़ी का नंबर दिया जाता था जिससे कि मतदान की पेटियां को ले जाया करते थे। चुनाव के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता मोटरसाइकिल से इन गाड़ियों के पीछे स्ट्रांग रूम तक जाते थे। स्ट्रांग रूम में ईवीएम या फिर बैलेट पेपर की पेटियां रखी जाती थीं, तो विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि वहां मौजूद होते थे। इसके उपरांत स्ट्रांग रूम सील किया जाता था। अब यह प्रक्रिया प्रैक्टिस में नहीं रही।
उन्होंने आगे कहा, “खाली ईवीएम को स्ट्रांग रूम में नहीं रखा जाना चाहिए। यह चुनाव आयोग का निर्देश भी है, लेकिन फिर भी खाली ईवीएम स्ट्रांग रूम में रखी जाती हैं। सरकार भले ही आपकी हो, लेकिन इस देश के लगभग 60 प्रतिशत लोग आपके पक्ष में नहीं हैं। ये सब लोग ईवीएम के खिलाफ हैं। जनमत की इच्छा का मान रखते हुए ईवीएम की बजाए मत पत्रों से चुनाव कराया जाना चाहिए। ईवीएम जैसी मशीन पूरे विश्व में एक-दो पिछड़े देशों को छोड़कर कहीं इस्तेमाल नहीं की जाती है। इसलिए ईवीएम की बजाए बैलेट से चुनाव कराना चाहिए।
भाजपा के नए बॉस का MP कनेक्शन, नितिन नबीन ने 3 साल तक BJYM के प्रभारी की संभाली जिम्मेदारी
16 Dec, 2025 09:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। बिहार के मंत्री नितिन नबीन (Bihar Minister Nitin Naveen) आज भाजपा के नए बॉस बन गए हैं। कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने सोमवार को बीजेपी कार्यालय पहुंचकर अपना कार्यभार संभाला। पार्टी के प्रमुख का दायित्व संभालने वाले नितिन नबीन का मध्य प्रदेश से बेहद गहरा नाता रहा है।
नितिन नबीन ने मध्य प्रदेश में काफी काम किया है। 2010 से 2013 तक वह एमपी युवा मोर्चा के प्रभारी रहे हैं। 2013 के चुनाव के तहत युवा मोर्चा की 2011 और 2012 में युवाओं के बीच जमावट की थी। उन्होंने अपना ज्यादातर समय आदिवासी क्षेत्रों में बिताया और वहां का दौरा किया। उस समय युवा मोर्चा के अध्यक्ष जीतू जिराती थे। वहीं भाजयुमो महामंत्री जे पद पर रजनीश अग्रवाल थे। 15 दिसंबर 2011 को रजनीश अग्रवाल की बारात में भी वह शामिल हुए थे।
नितिन नबीन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त होने पर सीएम डॉ. मोहन यादव समेत केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी बधाई दी थी। सीएम डॉ. मोहन ने कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन जी की नियुक्ति पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आपकी अटूट निष्ठा, समर्पण, कार्यकुशलता और व्यापक अनुभव से निश्चित ही पार्टी को नई ऊर्जा मिलेगी।’
वहीं शिवराज सिंह चौहान ने कहा, भारतीय जनता पार्टी के प्रखर और आदर्श कार्यकर्ता, हर दायित्व को कर्मठता से पूर्ण करने वाले, परिश्रमी और विचारवान साथी नितिन नबीन को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। निश्चय ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास के मंत्र, अंत्योदय के संकल्प और विकसित भारत के विजन के साथ आप भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा को अधिक दृढ़ता प्रदान करेंगे।
मुंबई का रहमान डकैत कौन ? महायुति तो धुरंधर गठबंधन; शिंदे का उद्धव पर निशाना
16 Dec, 2025 09:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने फिल्म धुरंधर के पात्र का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुंबई के खजाने को लूटने वाले रहमान डकैत को धुरंधर महायुति गठबंधन की ओर से उचित जवाब दिया जाएगा। यह ताजा हमला नगर निगमों के चुनाव से ठीक पहले हुआ है जिसके तहत बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के लिए भी चुनाव होना है। राज्य विधानमंडल में पिछले सप्ताह के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान, शिंदे ने विधान परिषद में उद्धव ठाकरे की कम उपस्थिति को लेकर उन पर निशाना साधने के लिए शायरी और व्यंग्य का इस्तेमाल किया। उसे उन्होंने हिंदुत्व विचारधारा के साथ विश्वासघात करार दिया था।
अविभाजित शिवसेना के बीएमसी में लंबे समय सत्ता में रहने की ओर परोक्ष तौर पर इशारा करते हुए शिंदे ने कहा, ‘यह रहमान डकैत कौन है जिसने मुंबई के खजाने को लूटा? मैं निजी हमले नहीं करता, लेकिन ऐसे कई रहमान डकैत आए और चले गए। यह धुरंधर महायुति उन्हें करारा जवाब देगा। अभी की महायुति तो बस ट्रेलर है- असली पिक्चर अभी बाकी है।’ महायुति में भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल हैं। महायुति सरकार की कल्याणकारी पहलों को गिनाते हुए शिंदे ने सीबीएसई सिलेबस में छत्रपति शिवाजी महाराज पर 21 पन्नों का पाठ शामिल करने के लिए शिक्षा मंत्री की प्रशंसा की।
एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर जमकर साधा निशाना
उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि दूसरों के बारे में बुरा बोलने से किसी का चरित्र अच्छा नहीं होता। शिंदे ने शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की हिंदुत्व विरासत का उल्लेख करते हुए कहा, ‘जो व्यक्ति सत्ता के लिए विश्वास और विचारधारा का सौदा करता है, वह सच्चा उत्तराधिकारी नहीं हो सकता।’ ठाकरे के हाल ही में उपमुख्यमंत्री पद की संवैधानिकता पर सवाल उठाने पर शिंदे ने कहा, ‘जब मैं मुख्यमंत्री बना तो आपने मुझे गैर-संवैधानिक कहा और मुझे हटाना चाहा। अब आप मुझे उप मुख्यमंत्री के पद से हटाना चाहते हैं।’ सरकारी योजनाओं को पांसा पलटने वाला बताते हुए शिंदे ने कहा कि महायुति आने वाले नगर निगम चुनाव जीतेगी और साबित करेगी कि सहयोगी असली धुरंधर हैं।
भाजपा ने बैजयंत पांडा और पीयूष गोयल को विधानसभा चुनाव प्रभारी नियुक्त किया
16 Dec, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भाजपा (BJP) ने बैजयंत पांडा और पीयूष गोयल (Baijayant Panda and Piyush Goyal) को विधानसभा चुनाव प्रभारी नियुक्त किया (Appointed as Assembly Election In-charges) ।
पार्टी ने वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा को असम का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है, जबकि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को तमिलनाडु विधानसभा चुनावों का प्रभारी बनाया गया है। भाजपा के इस फैसले को दोनों राज्यों में पार्टी की चुनावी रणनीति को धार देने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि अनुभवी और प्रभावशाली नेताओं की अगुवाई में चुनावी अभियान को नई ऊर्जा मिलेगी। बैजयंत पांडा एक अनुभवी नेता माने जाते हैं और संगठनात्मक मामलों में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। इससे पहले भी वह पार्टी में कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। बैजयंत पांडा की भूमिका राज्य संगठन, चुनावी रणनीति, प्रचार अभियान और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय स्थापित करने की होगी। वहीं, सुनील कुमार शर्मा और दर्शना बेन जरदोश को चुनाव सह-प्रभारी बनाया गया है।
दूसरी ओर तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। तमिलनाडु भाजपा के लिए एक चुनौतीपूर्ण राज्य माना जाता है, जहां पार्टी लगातार अपने जनाधार को बढ़ाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में पीयूष गोयल की नियुक्ति को रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। तमिलनाडु में उनकी जिम्मेदारी पार्टी संगठन को मजबूत करना, सहयोगी दलों के साथ समन्वय बनाना, चुनावी एजेंडा तय करना और राज्य की राजनीति के अनुरूप रणनीति तैयार करना होगा, वहीं अर्जुन राम मेघवाल और मुरलीधर मोहोल को तमिलनाडु के चुनाव सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बैजयंत पांडा और पीयूष गोयल जैसे नेताओं की तैनाती से चुनावी प्रबंधन, संगठनात्मक समन्वय और प्रचार अभियान को नई दिशा मिलेगी। असम में सत्ता को बरकरार रखना और तमिलनाडु में अपनी राजनीतिक मौजूदगी को और मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकता है।
कांग्रेस के मंच से प्रधानमंत्री के संबंध में कोई अर्मादित टिप्पणी नहीं की गई – कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा
16 Dec, 2025 08:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा (Congress MP Priyanka Gandhi Vadra) ने कहा कि कांग्रेस के मंच से (From the Congress Platform) प्रधानमंत्री के संबंध में (About the Prime Minister) कोई अर्मादित टिप्पणी नहीं की गई (No Offensive Remarks were Made) । उन्होंने दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी को लेकर यह बात कही ।
उन्होंने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि कांग्रेस के मंच से प्रधानमंत्री के संबंध में किसी भी प्रकार की अर्मादित टिप्पणी का इस्तेमाल नहीं किया गया । हमने खुद यह सुनिश्चित किया था कि मंच पर किसी के भी बारे में कोई अपमानजनक टिप्पणी का इस्तेमाल नहीं हो। हमें जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक किसी ने भीड़ में इस तरह की अपमानजनक टिप्पणी साक्षात्कार के दौरान की थी। अब किसने यह टिप्पणी की थी, हमें ( कांग्रेस) इस बारे में जानकारी नहीं है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि इस मुद्दे का सहारा लेकर भाजपा के लोग शीतकालीन सत्र को बाधित कर रहे हैं। अगर आप लोगों को संसद का सत्र नहीं चलाना है, तो यह बात खुद ही स्पष्ट कर दीजिए। इस तरह से किसी अन्य मुद्दों का सहारा मत लीजिए।
उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि संसद के शीतकालीन सत्र में दिल्ली में मौजूद प्रदूषण को लेकर चर्चा हो, लेकिन यह अफसोस की बात है कि सत्तापक्ष के लोग संसद के सत्र को बाधित कर रहे हैं। प्रियंका गांधी ने कहा कि अगर आप लोगों को संसद में चर्चा ही नहीं करानी है, तो हम लोग यहां पर नहीं आएंगे। यहां किसी भी प्रकार की सार्थक चर्चा का गुंजाइश नहीं बन रही है। यह दुर्भाग्य की बात है कि सरकार के लोग खुद संसद के शीतकालीन सत्र को बाधित कर रहे हैं। संसदीय कार्य मंत्री खुद सत्र को बाधित कर रहे हैं। पत्रकारों को इस संबंध में सवाल करना चाहिए।
मनरेगा का नाम बदलने पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा है कि भला ये लोग नाम क्यों बदल रहे हैं, जब सरकार की तरफ से किसी परियोजना का नाम बदला जाता है, तो उस पर बहुत बड़ी राशि खर्च होती है। ऐसी स्थिति में भला ये लोग किसी योजना का नाम क्यों बदल रहे हैं, ये समझ से परे है। ये लोग अब महात्मा गांधी नाम भी हटा रहे हैं। आखिर इन लोगों की मंशा क्या है?
BJP का चौंकाने वाला फैसला: नितिन नवीन को मिली बड़ी जिम्मेदारी, ऐलान से पहले नहीं थी भनक
15 Dec, 2025 11:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। पथ निर्माण व नगर विकास एवं आवास मंत्री नितिन नवीन को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। घोषणा होने के पहले तक उन्हें भी इसकी जानकारी नहीं थी। उन्होंने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनेंगे, यह सपने में भी कभी नहीं सोचा था। इतनी बड़ी जिम्मेवारी मिलने की जानकारी मिली तो सहसा विश्वास नहीं हुआ।
Nitin Nabin ने कहा कि यह भाजपा में ही संभव है, यहीं साधारण कार्यकर्ता को भी कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेवारी दी जा सकती है। पत्र जारी होने के डेढ़-दो घंटा पहले ही कार्यकर्ताओं का सम्मान समारोह था, किसी को आभास नहीं था कि समारोह के बीच का ही कोई राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने जा रहा है।
नवीन ने कहा कि यह निर्णय बताता है कि कार्यकर्ता जमीन पर काम करेंगे तो पार्टी उन्हें कोई भी बड़ी से बड़ी जिम्मेवारी दे सकती है। प्राथमिकता पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसमें संगठन और कार्यकर्ता मजबूती व गति देने का काम करेंगे।
बूथ से राष्ट्रीय स्तर तक संगठन को करेंगे मजबूत
नितिन नवीन ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व व पार्लियामेंट्री बोर्ड ने जो विश्वास जताया है, उसपर 100 प्रतिशत खरा उतरने का पूरा प्रयास होगा। बूथ से राष्ट्रीय स्तर पर संगठन को मजबूत कर आगामी चुनावों में जीत सुनिश्चित की जाएगी। शीर्ष नेतृत्व का पूर्व की तरह मार्गदर्शन लेते हुए कार्यकर्ताओं के बल पर पार्टी को हर राज्य में मजबूत किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति पर कहा कि भाजपा हमेशा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर काम करती है। जिसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों का समावेशी और बिना भेदभाव के विकास सुनिश्चित करना है। यह पार्टी की मुख्य कार्यशैली बन गई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का मार्गदर्शन पहले से मिलता आ रहा है। इनके मार्गदर्शन में आगे भी सांगठनिक व चुनावी रणनीति बनाकर कार्यकर्ताओं और आमजन की अपेक्षा को पूरा किया जाएगा।
अटल बिहारी वाजपेयी से JP नड्डा तक…नितिन नबीन पहले ऐसे अध्यक्ष हैं, जो इतनी कम उम्र में BJP की कमान संभालेंगे
15 Dec, 2025 11:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बीजेपी (BJP) ने अपने नए कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान बिहार के पीडब्ल्यूडी मंत्री नितिन नबीन (PWD Minister Nitin Naveen) को सौंपी है. नितिन नबीन वर्तमान में 45 साल के हैं. वह ऐसे पहले अध्यक्ष हैं, जो इतनी कम उम्र में अध्यक्ष बने हैं. नितिन नबीन (Nitin Naveen) पहले ऐसे राष्ट्रीय अध्यक्ष होने जा रहे हैं, जो बीजेपी के स्थापना दिवस के बाद पैदा हुए थे. इससे पहले तमाम राष्ट्रीय अध्यक्ष बीजेपी की स्थापना के पहले जन्म लेने वाले रहे हैं. बीजेपी की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को हुई थी और नितिन नबीन का जन्म 1 सितंबर 1980 में हुआ था.
बीजेपी की स्थापना के बाद सबसे पहले अध्यक्ष 1980 में अटल बिहारी वाजपेयी बने थे. उनके बाद 1986 में दूसरे अध्यक्ष एलके आडवाणी बने. तीसरे अध्यक्ष 1991 में मुरली मनोहर जोशी बने. चौथे अध्यक्ष 1993 में एलके आडवाणी बने. पांचवे अध्यक्ष 1998 में कुशाभाऊ ठाकरे बने. छठे अध्यक्ष 2000 में बंगारू लक्ष्मण बने.
बंगारू लक्ष्मण के बाद 2001 में जन कृष्णमूर्ति को जिम्मेदारी मिली. उनके बाद 2002 वेंकैया नायडू अध्यक्ष बने. 2004 में पार्टी की बागडोर एक बार फिर एलके आडवाणी ने संभाली. 2005 में राजनाथ सिंह को अध्यक्ष बनाया गया. 11वें नंबर पर 2009 में नितिन गडकरी अध्यक्ष बने. उनके बाद राजनाथ सिंह को एक बार फिर जिम्मेदारी सौंपी गई. उनके बाद अमित शाह को पार्टी की कमान मिली. 14वें नंबर पर 2020 में जेपी नड्डा का पार्टी अध्यक्ष बनाया. 15वें अध्यक्ष के तौर पर अब जिम्मेदारी नितिन नबीन सिन्हा को सौंपी गई है.
बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा के मुख्य कार्यकारी होते हैं. उनका दायित्व पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठकों की अध्यक्षता करना होता है. वह पार्टी की सहायक संस्थाों जिनमें युवा विंग और किसान विंग की नियुक्ति करने में भूमिका निभाते हैं. अध्यक्ष पद के लिए किसी भी उम्मीदवार को 15 साल पार्टी में जुड़ा रहना जरूरी होता है. अध्यक्ष पद का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय और राज्य परिषदों से गठित निर्वाचक मंडल की तरफ से किया जाता है. कोई भी सदस्य दो बार से अधिक कार्यकाल तक इस पद पर नहीं रह सकता है.
न कोई मुख्यमंत्री, न कोई प्रदेश अध्यक्ष, जानिए कैसे सबसे अलग हैं नितिन नबीन
15 Dec, 2025 10:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बीजेपी (BJP) ने 45 साल के नितिन नबीन को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जिसने पार्टी के भीतर और बाहर सभी को चौंका दिया है. 1980 में जन्मे नितिन नबीन अब बीजेपी के इतिहास के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. लेकिन उनकी यह नियुक्ति सिर्फ युवा होने के कारण खास नहीं है. अगर आप बीजेपी के मौजूदा मुख्यमंत्रियों और प्रदेश अध्यक्षों की सूची देखें, तो पता चलता है कि नितिन नबीन का कद और उम्र का समीकरण सबसे अलग क्यों है.
नितिन नबीन की उम्र महज 45 साल है. अगर हम देश भर में बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूची देखें, तो एक भी मुख्यमंत्री ऐसा नहीं है जो उम्र में उनसे छोटा हो. बीजेपी के सबसे युवा मुख्यमंत्री अरुणाचल प्रदेश के पेमा खांडू हैं, जिनकी उम्र 46 वर्ष है. नितिन नबीन उनसे भी एक साल छोटे हैं. उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (53), उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी (50) और असम के हिमंत बिस्वा सरमा (56) जैसे फायरब्रांड नेता भी उम्र में नबीन से बड़े हैं. त्रिपुरा के सीएम मणिक साहा (72) और गुजरात के भूपेंद्र पटेल (63) तो उनसे एक पीढ़ी आगे हैं.यह आंकड़ा साबित करता है कि बीजेपी ने नेतृत्व की कमान अब पूरी तरह से ‘नेक्स्ट जेन’ (Next Gen) को सौंप दी है.
सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं, देश के प्रमुख राज्यों में बीजेपी की कमान संभालने वाले प्रदेश अध्यक्ष भी नितिन नबीन से उम्रदराज हैं. राजस्थान के अध्यक्ष मदन राठौड़ (71) और झारखंड के बाबूलाल मरांडी (67) उम्र में उनसे काफी बड़े हैं. यहां तक कि उनकी खुद की होम स्टेट बिहार के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल (62) और उत्तर प्रदेश के भूपेंद्र चौधरी (57) भी वरिष्ठ हैं. केवल तमिलनाडु के के. अन्नामलाई (41) ही ऐसे नेता हैं जो नबीन से छोटे हैं, लेकिन बीजेपी ने उनकी जगह अब नैनार नागेंथिरन को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर 45 साल की उम्र में पहुंचना अपने आप में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है. कर्नाटक के युवा चेहरा माने जाने वाले बी.वाई. विजयेंद्र भी 50 साल के हैं.
नितिन नबीन की खासियत यह है कि 45 साल की उम्र में उनके पास वो अनुभव है जो कई 60 साल के नेताओं के पास भी नहीं होता. इतनी कम उम्र में लगातार 5 बार विधायक (MLA) बनना यह दिखाता है कि वे जनता के बीच कितने लोकप्रिय हैं. उन्होंने बांकीपुर जैसी सीट को अपना गढ़ बना लिया है. वे बिहार सरकार में पथ निर्माण जैसे भारी-भरकम मंत्रालयों को संभाल चुके हैं. यानी उनके पास संगठन के साथ-साथ सरकार चलाने का भी हुनर है. वे रातों-रात नेता नहीं बने. उन्होंने 2 दशक संगठन को दिए हैं. भारतीय जनता युवा मोर्चा के बिहार अध्यक्ष से लेकर छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रभारी बनने तक का उनका सफर संघर्ष और सफलता का रहा है.
नितिन नबीन की नियुक्ति का एक और ऐतिहासिक पहलू है. वे बीजेपी के इतिहास में पहले ऐसे अध्यक्ष हैं जो न केवल बिहार से हैं, बल्कि पूरे पूर्वी भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं. अब तक बीजेपी अध्यक्ष अक्सर पश्चिमी, दक्षिणी या उत्तरी भारत से होते थे. जेपी नड्डा का भी बिहार से कनेक्शन था, लेकिन नबीन का पूर्ण रूप से बिहार और पूर्व का चेहरा होना, उस क्षेत्र में बीजेपी की बढ़ती महत्वाकांक्षा को दर्शाता है. मुरली मनोहर जोशी उत्तर भारत का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं. नितिन नबीन का चयन बताता है कि पीएम मोदी और अमित शाह 2029 और उसके बाद के भारत की तस्वीर देख रहे हैं. एक ऐसा अध्यक्ष जो देश के किसी भी मुख्यमंत्री से छोटा हो, लेकिन अनुभव में किसी से कम न हो, यही बीजेपी का नया ‘मास्टरस्ट्रोक’ है.
केरल में निकाय चुनाव जीत पर राहुल गांधी ने दी यूडीएफ को बधाई, बीजेपी ने की आलोचना
14 Dec, 2025 07:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कहा- राहुल गांधी परिणाम पक्ष में नहीं आते तो ईवीएम-वोट चोरी के आरोप लगाते हैं, जीत पर स्वागत करते हैं
तिरुअनंतपुरम। केरल में नगरीय निकाय चुनाव के नतीजों का कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने स्वागत किया। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन के लिए यूडीएफ को बधाई दी। राहुल गांधी के बधाई संदेश को लेकर बीजेपी नेता अमित मालवीय ने बिना किसी सबूत के चुनाव नतीजों पर सवाल उठाने के लिए राहुल गांधी की आलोचना की। मालवीय ने लिखा कि जब भी किसी राज्य के चुनाव परिणाम राहुल गांधी के पक्ष में नहीं आते हैं तो वह ईवीएम पर सवाल उठाते हैं, वोट चोरी का आरोप लगाते हैं, लेकिन जब कांग्रेस जीत जाती है, तो इसी प्रक्रिया का स्वागत करते हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक केरल निकाय चुनाव जीत में राहुल गांधी के पोस्ट को रिट्वीट करते हुए बीजेपी नेता मालवीय ने लिखा कि लोकतंत्र किसी एक चयनात्मक भरोसे पर नहीं चल सकता। कोई भी नेता एक ही चुनावी प्रणाली के तहत जीत का जश्न मनाए और हार के बाद उसी प्रणाली को बदनाम करे, यह सही नहीं है। ऐसा रवैया लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की जगह पर जनता के विश्वास को कमजोर करती है।
मालवीय ने पोस्ट में लिखा कि अगर भारत में विपक्ष एक विश्वसनीय विकल्प बनना चाहता है, तो उसे निरंतरता और जवाबदेही प्रदर्शित करनी होगी। बार-बार उसी चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के बाद बिना किसी सबूत के उस पर सवाल उठाना राजनीतिक निष्ठा और लोकतांत्रिक नैतिकता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है। उन्होंने लिखा- यह किसी नेता या किसी एक पार्टी की बात नहीं है। विपक्ष के लिए यह विश्वसनीयता, जिम्मेदारी और ईमानदारी राजनीतिक आत्मनिरीक्षण का समय है। लोकतंत्र को बहाने से कहीं ज्यादा की जरुरत होती है। एक ऐसे नेतृत्व की जरुरत, जो हार के बाद भी संस्थाओं का सम्मान करे।
बता दें राहुल गांधी ने केरल निकाय चुनावों में पार्टी के नेतृत्व वाले यूडीएफ के प्रदर्शन का स्वागत करते हुए केरल की जनता को विश्वास जताने के लिए धन्यवाद दिया था। उन्होंने लिखा था कि चुनावी नतीजे राज्य में यूडीएफ पर बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं। यह नतीजे आगामी विधानसभा में गठबंधन की बड़ी जीत की ओर इशारा करते हैं। जनता एक जवाब देह शासन चाहती है, एक ऐसा शासन जो प्रतिक्रिया देता हो और परिणाम देता हो।
जनता बीजेपी को नहीं चुन रही, यह वोट चोरी कर सरकार बना रहे: राहुल गांधी
14 Dec, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजेपी बोली- जनता विकास देख रही, आप रोते रहिए पर आपको वोट नहीं मिलेगा
नई दिल्ली। कांग्रेस ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट चोरी के आरोपों को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन किया। पार्टी का दावा है कि इस चुनाव प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी हो रही है और इसमें सरकार और चुनाव आयोग की मिलीभगत है। ऐसे में जनता को जागरूक करने के लिए और सरकार पर दबाव बनाने यह रैली आयोजित की जा रही है। ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली का आयोजन कांग्रेस द्वारा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘वोट चोरी’ के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान के तहत किया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकाजुर्न खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार ने सदन में हमारे सवालों के जवाब नहीं दिए। वहीं, सदन के सामने गलत जानकारियां पेश कीं। राहुल गांधी ने सबूतों के साथ ये बताया कि देश में वोट चोरी हो रही है। देश की जनता बीजेपी को नहीं चुन रही, लेकिन फिर भी ये सारे नियमों को दरकिनार कर वोट चोरी की सरकार बना रहे हैं।
हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी ने यह साबित कर दिया है कि बीजेपी सरकार चोरी के वोटों से बन रही है। आज देश में लाखों लोग ऐसे, जिनका अता पता ही नहीं क्योंकि उनका वोट ही कट गया। निष्पक्ष चुनाव के लिए हम लोग राहुल गांधी के नेतृत्व में अभियान चलाएंगे। रैली में दिल्ली से सभी प्रमुख नेता मौजूद हैं। इसमें पूर्व सांसद अजय माकन, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष अलका लांबा, प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव, पूर्व अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा व अन्य मौजूद हैं।
भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि देश को आजादी दिलाने और संविधान बनाने में कांग्रेस की बहुत अहम भूमिका है, लेकिन आज भाजपा ने लोकतंत्र का मजाक बना दिया है। चुनाव आयोग की वोट चोरी से ही बीजेपी की सरकार बन रही है। जिस दिन यह चोरी रुक गई, बीजेपी की सरकार भी सत्ता से चली जाएगी। तब कांग्रेस की सरकार बनेगी।
वहीं बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने इस रैली को लेकर कहा कि राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी, आरजेडी यह सोचे कि आपको वोट क्यों नहीं मिलता? आपको वोट इसलिए नहीं मिलता क्योंकि जनता ने नीतीश कुमार, नरेंद्र मोदी का काम देखा है, भारत का विकास देखा है। आप रोते रहिए पर आपको वोट नहीं मिलेगा। वहीं कांग्रेस की रैली में हुई नारेबाजी पर उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है, हम इसकी निंदा करते हैं। बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि रैली करने दीजिए, इससे क्या फर्क पड़ता है? जब कुछ नहीं रहता है तब वे इस तरह की नौटंकी करते हैं। वे नौटंकीबाज़ नेता हैं, उन्हें करने दीजिए।
रैली में जुटी भीड़, जमकर हुई नारेबाजी
कांग्रेस पार्टी की वोट चोर, गद्दी छोड़ महारैली के लिए रामलीला मैदान में कई राज्यों से पार्टी कार्यकर्ता जुटे। सुबह से ही कार्यकर्ता मैदान के अंदर और बाहर बड़ी संख्या में नजर आए। कार्यकर्ता उत्साह के साथ नारे लगा रहे हैं और रैली स्थल पर मोहब्बत की दुकान नामक चाय की स्टॉल पर नाश्ता करते नजर आए। रैली को लेकर कार्यकर्ताओं में जोश दिखा। यह रैली कथित वोट चोरी और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन है।
MP सरकार में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी बीजेपी दफ्तर तलब, संगठन ने लगाई फटकार, मांगा जवाब
14 Dec, 2025 11:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की मोहन यादव सरकार (Mohan Yadav government) में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी (Minister of State Pratima Bagri) की मुश्किलें उस वक्त बढ़ गईं जब उनके भाई अनिल बागरी को गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इस मामले के बाद भाजपा हाईकमान ने सख्त रुख अपनाते हुए मंत्री बागरी को प्रदेश कार्यालय तलब किया। क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल से मंत्री बागरी की करीब आधे घंटे तक चर्चा हुई। इसके बाद प्रदेश महामंत्री हितानंद शर्मा से भी बंद कमरे में बातचीत हुई।
सूत्र बता रहे हैं कि संगठन ने मंत्री से सवाल किया – “नाक के नीचे इतना कुछ चलता रहा, आपको जानकारी क्यों नहीं थी?” भाई की गिरफ्तारी पर स्पष्टीकरण मांगा गया। मंत्री प्रतिमा बागरी ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया और कहा- “भाई के कृत्य से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।” हालांकि, संगठन ने सख्त और अहम निर्देश दिए। अजय जामवाल से मुलाकात के बाद मंत्री बागरी मायूस नजर आईं। गौरतलब है कि इससे पहले भी मंत्री के परिवार से जुड़े लोग ऐसे मामलों में फंसे हैं, जिससे पार्टी की छवि पर असर पड़ रहा है। भाजपा नेतृत्व इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई पर नजर रखे हुए है।
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