राजनीति
केंद्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने गाइडेड पिनाका रॉकेट सिस्टम को हरी झंडी दिखाई
20 Jan, 2026 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागपुर । महाराष्ट्र के नागपुर में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (एसडीएएल) के प्लांट से ‘गाइडेड पिनाका’ रॉकेट सिस्टम को हरी झंडी दिखाई। इसी प्लांट से अब गाइडेड पिनाका का एक्सपोर्ट आर्मेनिया को होगा।
इस मौके पर उन्होंने एसडीएएल की मीडियम कैलिबर एम्युनिशन फैसिलिटी का भी उद्घाटन कर रॉकेट असेंबली क्षेत्र का निरीक्षण किया। केंद्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने डिफेंस प्रोडक्शन में निजी सेक्टर की तारी कर कहा कि निजी कंपनियां अब आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत योगदान दे रही हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत का लक्ष्य गोला-बारूद उत्पादन का ग्लोबल हब बनना है। पहले गोला-बारूद की कमी की वजह से आधुनिक हथियारों का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाता था, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। आज कई तरह का एम्युनिशन पूरी तरह भारत में बनाया जा रहा है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि नागपुर की इस फैसिलिटी से पिनाका मिसाइलों का एक्सपोर्ट शुरू होना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि इससे न सिर्फ देश की रक्षा उद्योग की ताकत दिखती है, बल्कि भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट को भी मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि कई अन्य देश भी पिनाका सिस्टम खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में रक्षा उत्पादन में निजी सेक्टर की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत तक पहुंचे और देश की रक्षा जरूरतों के लिए भारत को आत्मनिर्भर बनाया जाए।
ओवैसी की महाराष्ट्र निकाय चुनाव में सेंधमारी से यूपी की सियासत में मची खलबली
20 Jan, 2026 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ऐसा सियासी प्रदर्शन किया है, जिसने न सिर्फ मुंबई की राजनीति को चौंकाया, बल्कि उत्तर प्रदेश की विपक्षी सियासत, खासकर समाजवादी पार्टी (सपा), की टेंशन भी बढ़ा दी है। दरअसल 29 नगर महापालिकाओं में से 12 शहरों में जीत दर्ज करते हुए एआईएमआईएम ने कुल 126 सीटें अपने नाम की हैं। यह संकेत है कि ओवैसी की पार्टी का प्रभाव अब मराठवाड़ा से निकलकर विदर्भ, उत्तर महाराष्ट्र और मुंबई तक फैल चुका है।
मुस्लिम बहुल मालेगांव, संभाजीनगर (औरंगाबाद) और नांदेड़ जैसे शहरों में ओवैसी की पार्टी ने मजबूत पकड़ बनाई है। मालेगांव में पार्टी किंगमेकर बनकर उभरी है, जबकि संभाजीनगर में मुख्य विपक्षी दल का दर्जा हासिल किया है। सबसे ज्यादा 33 पार्षद संभाजीनगर से चुने गए हैं। इसके अलावा मालेगांव में 21, नांदेड़ में 14, अमरावती में 12 और मुंबई में 8 सीटों पर जीत ने ओवैसी को राष्ट्रीय स्तर पर मुस्लिम राजनीति का बड़ा चेहरा बना दिया है।
मुंबई में एआईएमआईएम की सफलता को सपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। जिन गोवंडी, मानखुर्द और शिवाजी नगर जैसे इलाकों में दो दशकों से सपा का वर्चस्व रहा, वहां इस बार ओवैसी ने सेंध लगा दी। बीएमसी चुनाव में एआईएमआईएम को 8 सीटें मिलीं, जबकि सपा सिर्फ 2 सीटों पर सिमट गई। सपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी अपने ही प्रभाव क्षेत्र में पार्टी को मजबूत नहीं रख सके।
ओवैसी बिहार में दिखा चुके हैं दम
बिहार के सीमांचल में पहले ही कांग्रेस और आरजेडी को पीछे छोड़कर जीत दर्ज कर चुके ओवैसी अब उत्तर प्रदेश की ओर नजरें गड़ाए हुए हैं। माना जा रहा है कि पश्चिमी यूपी, जहां मुस्लिम आबादी 30 से 50 प्रतिशत तक है, उनका मुख्य फोकस होगा। हालांकि, यूपी में अब तक एआईएमआईएम को कोई बड़ी चुनावी सफलता नहीं मिली है। 2022 के विधानसभा चुनाव में 100 सीटों पर प्रत्याशी उतारने के बावजूद पार्टी खाता नहीं खोल सकी थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महाराष्ट्र और बिहार में मिली सफलता से ओवैसी का आत्मविश्वास बढ़ा है, लेकिन यूपी में संगठन और मजबूत स्थानीय नेतृत्व की कमी उनकी राह मुश्किल बना सकती है। इसके बावजूद, मुंबई में सपा के किले को ध्वस्त कर ओवैसी ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में मुस्लिम वोटों की राजनीति और ज्यादा दिलचस्प होने वाली है।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने क्यों कहा.........अब हमें धीरे-धीरे सेवानिवृत्त होना चाहिए
19 Jan, 2026 06:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागपुर। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अगली पीढ़ी को जिम्मेदारियां सौंपने की वकालत कर कहा कि जब चीजें सुचारू रूप से चलने लगें, तब पुरानी पीढ़ी को पीछे हट जाना चाहिए। नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गडकरी ने ये बात कही। विदर्भ-खासदार औद्यौगिक महोत्सव का आयोजन एसोसिएशन फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (एआईडी) के अध्यक्ष आशीष काले द्वारा किया गया था।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि काले ने युवा पीढ़ी को एडवांटेज विदर्भ पहल में शामिल किया है। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि धीरे-धीरे पीढ़ी में भी बदलाव आना चाहिए। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा, आशीष के पिता मेरे मित्र हैं। अब हमें धीरे-धीरे सेवानिवृत्त होना चाहिए और जिम्मेदारी नई पीढ़ी को सौंप देना चाहिए और जब यह व्यवस्था सुचारू रूप से चलने लगे, तब हमें भी सेवानिवृत्त होकर कोई और काम करना चाहिए। एआईडी के मुख्य मार्गदर्शक केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि नागपुर में छह से आठ फरवरी तक आयोजित हो रहे ‘एडवांटेज विदर्भ एक्सपो’ का यह तीसरा वर्ष है। गडकरी ने कहा कि विदर्भ क्षेत्र में विभिन्न क्षेत्रों में बहुत अच्छे उद्यमी हैं।
उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय आयोजन का उद्देश्य विदर्भ को भारत के औद्योगिक मानचित्र पर एक मजबूत और उभरते विकास केंद्र के रूप में स्थापित करना है। केंद्रीय मंत्री ने किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए औद्योगिक क्षेत्र, कृषि और संबद्ध क्षेत्रों तथा सेवा क्षेत्र के महत्व पर भी जोर दिया। ‘एडवांटेज विदर्भ एक्सपो’ में कपड़ा, प्लास्टिक, खनिज, कोयला, विमानन, लॉजिस्टिक्स, आईटी, स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स, रक्षा, रियल एस्टेट, नवीकरणीय ऊर्जा और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों के उद्योगों की भागीदारी होगी।
बीवी- जी राम जी के बारे में झूठ फैलाकर कांग्रेस मजबूत नहीं कमजोर हो रही
19 Jan, 2026 05:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कांग्रेस नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी पर वीबी-जी राम जी के बारे में गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया और दावा किया कि नया अधिनियम काम के अधिकार को मजबूत करेगा। उन्होंने मनरेगा की जगह लेने वाले नए अधिनियम के खिलाफ कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी अभियान का जिक्र किया और कहा कि विपक्ष यह ‘‘झूठ फैला रहा है कि इस योजना से रोजगार केवल कुछ पंचायतों में ही प्रदान किया जाएगा।
बता दें कांग्रेस ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को निरस्त करने के विरोध में 45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान ‘मनरेगा बचाओ संग्राम की शुरुआत की है। विपक्षी दल विकसित भारत-रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम को वापस लेने और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग कर रहा है। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि मैं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से कहना चाहता हूं कि वीबी-जी राम जी के बारे में गलत जानकारी फैलाकर वे कांग्रेस को मजबूत नहीं बल्कि कमजोर कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने विचार, विचारधारा और आदर्श को त्याग दिया है...विचार है राष्ट्र सर्वोपरि, देश का विकास...वीबी-जी राम जी गांवों के विकास के लिए है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने मनरेगा को बेहतर बनाने की कोशिश की। इसका सबूत यह है कि हमने करीब नौ लाख करोड़ रुपए खर्च किए, जबकि यूपीए सरकार ने करीब दो लाख करोड़ रुपए खर्च किए थे। उन्होंने कहा कि यह कहना ‘झूठ है कि काम के अधिकार को छीना जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम 100 दिन काम के बजाए, अब 125 दिन काम दे रहे हैं...सिर्फ काम करने का अधिकार ही नहीं, हमने 15 दिनों के अंदर बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान किया है...आपने कागज पर अधिकार दिया, हमने जमीनी स्तर पर इसे और मज़बूत किया है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज ने कहा कि वे यह गलत सूचना फैला रहे हैं कि रोजगार सिर्फ कुछ पंचायतों में ही दिया जाएगा। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह योजना सभी पंचायतों में लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्यों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। केंद्र पहले से ही ज्यादा धनराशि दे रहा है। राज्य जो निवेश करेंगे, वह गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए होगा। मंत्री ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना छह महीने में लागू कर दी जाएगी और तब तक मनरेगा जारी रहेगा।
एआर रहमान के बयान पर महबूबा मुफ्ती बोली- जावेद अख्तर भी …
19 Jan, 2026 10:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। ऑस्कर विजेता संगीतकार ए आर रहमान (AR Rahman) के हालिया बयान ने एक बार फिर बॉलीवुड में सांप्रदायिक भेदभाव (Communal discrimination) को लेकर बहस छेड़ दी है। रहमान ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि बीते आठ वर्षों में उन्हें हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपेक्षाकृत कम काम मिला है और इसके पीछे इंडस्ट्री में बढ़ती सांप्रदायिक सोच एक कारण हो सकती है। उनके इस बयान पर जहां कुछ लोगों ने सहमति जताई, वहीं कई दिग्गजों ने इसे नकार दिया। अब इस पूरे विवाद पर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि किसी के अनुभवों को खारिज करने से सच्चाई नहीं बदल जाती। उन्होंने जावेद अख्तर द्वारा ए आर रहमान के बयान को नकारने पर सवाल उठाए। महबूबा ने लिखा कि जब जावेद अख्तर बॉलीवुड में सांप्रदायिकता को लेकर ए आर रहमान की चिंताओं को खारिज करते हैं, तो यह भारतीय मुसलमानों के वास्तविक अनुभवों के बिल्कुल उलट नजर आता है।
महबूबा मुफ्ती ने किया शबाना आजमी का जिक्र
अपने बयान में महबूबा मुफ्ती ने अभिनेत्री शबाना आजमी का भी जिक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि शबाना आजमी खुद यह बता चुकी हैं कि उन्हें मुस्लिम होने की वजह से बॉम्बे जैसे आधुनिक और कथित रूप से समावेशी शहर में घर किराए पर देने से इनकार कर दिया गया था। महबूबा ने कहा कि अगर इतने बड़े और प्रतिष्ठित कलाकारों को ऐसे अनुभवों से गुजरना पड़ा है, तो आम लोगों की स्थिति को समझा जा सकता है। महबूबा मुफ्ती ने आगे लिखा कि बॉलीवुड को हमेशा मिनी इंडिया कहा जाता रहा है, क्योंकि यह देश की विविधता और सामाजिक वास्तविकताओं को दर्शाता है।
इससे पहले जावेद अख्तर ने एआर रहमान के बयान पर असहमति जताते हुए कहा था कि उन्हें कभी बॉलीवुड में सांप्रदायिकता महसूस नहीं हुई। उन्होंने बातचीत में कहा कि एआर रहमान को इंडस्ट्री में बहुत सम्मान मिलता है। वह बेहद व्यस्त रहते हैं और बड़े-बड़े शो करते हैं। हो सकता है कि छोटे निर्माता ऑस्कर विजेता जैसी बड़ी शख्सियत से संपर्क करने में हिचकते हों। इसमें किसी तरह का सांप्रदायिक एंगल नहीं है।
RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक 25 जनवरी को, तेजस्वी को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
19 Jan, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) (Rashtriya Janata Dal – RJD) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक (National Executive Important meeting) 25 जनवरी को पटना (Patna) में बुलाई गई है. यह बैठक पटना के एक बड़े होटल में आयोजित होगी, जिसमें पार्टी के भविष्य और संगठनात्मक बदलावों को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
आरजेडी सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर विचार हो सकता है. अगर यह फैसला होता है तो तेजस्वी यादव को पार्टी के सभी बड़े और अहम निर्णय लेने का अधिकार मिल जाएगा।
लालू यादव की उम्र और स्वास्थ्य बना वजह
बताया जा रहा है कि पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बढ़ती उम्र और खराब स्वास्थ्य को देखते हुए यह फैसला लिया जा सकता है, ताकि संगठन की जिम्मेदारी युवा नेतृत्व के हाथों में सौंपी जा सके।
चुनावी हार के बाद संगठन में बदलाव की तैयारी
विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तेजस्वी यादव और उनकी टीम के फैसलों पर सवाल उठे थे. इसी पृष्ठभूमि में उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव सामने आया है, ताकि संगठन को नए सिरे से मजबूत किया जा सके।
तेज प्रताप की वापसी की संभावना होगी खत्म
अगर तेजस्वी यादव राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनते हैं, तो पार्टी में तेज प्रताप यादव की वापसी की अटकलों पर भी विराम लग सकता है.
सितंबर 2025 के बाद पहली बैठक
सितंबर 2025 में आरजेडी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन के बाद यह पहली बैठक होगी. बैठक की अध्यक्षता खुद लालू प्रसाद यादव करेंगे।
करीब 200 नेता होंगे शामिल
इस बैठक में 85 स्थायी सदस्यों को बुलाया गया है. इसके अलावा विशेष आमंत्रित सदस्यों को मिलाकर करीब 200 नेता राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल होंगे. बिहार के अलावा दूसरे राज्यों से भी डेलीगेट्स के आने की संभावना है।
भागवत बोले- 10 से 12 साल में जातिवाद समाप्त हो जाएगा’
19 Jan, 2026 08:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कहा कि अगर जातिगत भेदभाव को खत्म करना है तो सबसे पहले जाति को मन से मिटाना होगा। भागवत (Mohan Bhagwat) ने छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित जन संगोष्ठी में कहा, ‘पहले जाति का संबंध पेशे और काम से था, लेकिन बाद में इसने समाज में पैठ बना ली और भेदभाव का कारण बनी।’ यह संगोष्ठी आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित की गई थी, जिसमें उन्होंने जनता के साथ संवाद किया। प्रांत संघचालक अनिल भालेराव भी मंच पर उपस्थित थे।
मोहन भागवत ने जातिवाद की समस्या पर बात करते हुए लोगों से अपील की कि वे इसे अपने मन से निकाल दें। उन्होंने कहा, ‘इस भेदभाव को खत्म करने के लिए जाति को मन से मिटाना होगा। यदि इसे ईमानदारी से किया जाता है, तो 10 से 12 वर्षों में जातिवाद समाप्त हो जाएगा।’ मौजूद लोगों के सवालों का जवाब देते हुए भागवत ने कहा कि संघ का उद्देश्य भारत को इसका सर्वोत्तम गौरव दिलाना है, साथ ही समाज को भी साथ में लेकर चलना है।
भागवत ने संघ के उद्देश्य के बारे में क्या कहा
RSS प्रमुख ने कहा कि संघ व्यक्ति के चरित्र निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के लिए काम करता है और यह कोई प्रतिक्रिया के रूप में स्थापित संस्था नहीं है, न ही यह किसी से प्रतिस्पर्धा करता है। मोहन भागवत ने कहा, ‘संघ का उद्देश्य भारत और पूरे समाज को उसके सर्वोत्तम गौरव तक ले जाना है। संघ खुद को बड़ा नहीं करना चाहता; वह समाज को बड़ा बनाना चाहता है।’ उन्होंने कहा कि अगर लोग संघ को समझना चाहते हैं, तो उन्हें उसकी शाखाओं में आना चाहिए।
भाजपा अध्यक्ष के लिए नितिन नबीन का नामांकन आज, निर्विरोध निर्वाचन तय
19 Jan, 2026 08:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भाजपा (BJP) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन (Nitin Nabin) पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष (National President) पद के लिए आज नामांकन दाखिल करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की इस प्रक्रिया में भाग होने के लिए भाजपा के सभी मुख्यमंत्री, पार्टी की राज्य इकाइयों के प्रमुख और अन्य प्रमुख नेता पार्टी मुख्यालय में एकत्रित होंगे।
नबीन के पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुने जाने की संभावना है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी नेतृत्व इस पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन कर रहा है। बिहार से पांच बार के विधायक नबीन को हाल ही में पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
भाजपा के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी के लक्ष्मण की ओर से घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन सोमवार को दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच दाखिल किए जाएंगे। उसी दिन शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। नामांकन उसी दिन शाम 5 बजे से 6 बजे के बीच वापस लिए जा सकते हैं। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को नए पार्टी अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी। हालांकि, शुक्रवार को चुनाव कार्यक्रम जारी करते हुए पार्टी लक्ष्मण ने कहा था कि जरूरत पड़ने पर 20 जनवरी को मतदान होगा और उसी दिन भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
निर्वाचक मंडल चुनेगा अध्यक्ष
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल की ओर से किया जाता है। पार्टी के संविधान के अनुसार, किसी राज्य के निर्वाचक मंडल के 20 सदस्य संयुक्त रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए ऐसे व्यक्ति का नाम प्रस्तावित कर सकते हैं, जो चार कार्यकाल तक सक्रिय सदस्य रहा हो और जिसकी सदस्यता अवधि पंद्रह वर्ष हो। लेकिन ऐसा संयुक्त प्रस्ताव कम से कम पांच राज्यों से आना चाहिए, जहां राष्ट्रीय परिषद के चुनाव संपन्न हो चुके हों।
जीत मुंबई में, जश्न कांजीरंगा में… PM मोदी बोले- कांग्रेस ने देश का भरोसा खो दिया
18 Jan, 2026 06:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांजीरंगा: पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रविवार को असम के कालियाबोर (Kaliabor) में 6,957 करोड़ रुपये के काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर (Kaziranga Elevated Corridor) का शिलान्यास किया और दो अमृत भारत ट्रेनों (Amrit Bharat Trains) को हरी झंडी दिखाई. इस अवसर पर पीएम मोदी ने कांग्रेस (Congress) पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश का भरोसा खो दिया है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की निगेटिव पॉलटिक्स को देश नकार रहा है. जिस मुंबई में कांग्रेस का जन्म हुआ था. वहां आज चौथे या पांचवें नंबर की पार्टी बन गई है. जिस महाराष्ट्र पर कांग्रेस ने सालों तक शासन किया था. वहां कांग्रेस सिमट गई है. कांग्रेस ने देश का भरोसा खो दिया है. कांग्रेस के पास विकास का कोई एजेंडा नहीं है. ऐसी कांग्रेस कभी असम का, काजीरंगा का भी भला नहीं कर सकती है.
पीएम मोदी ने कहा कि आज बीजेपी लोगों की पहली पसंद बन गई है. बीते एक-डेढ़ वर्षों में बीजेपी पर देश का भरोसा लगातार बढ़ता जा रहा है. हाल में ही बिहार में चुनाव हुए, वहां 20 वर्ष के बाद भी जनता ने बीजेपी को रिकॉर्ड वोट दिए हैं. रिकॉर्ड सीटें जीताई है. उन्होंने कहा कि दो दिन पहले भी महाराष्ट्र के बड़े शहरों में मेयर और पार्षदों के चुनाव परिणाम आए हैं. मुंबई जो दुनिया के सबसे बड़े निगमों में से एक है, वहां की जनता ने पहली बार बीजेपी को रिकॉर्ड जनादेश दिया. जीत मुंबई में हो रही है और जश्न काजीरंगा में मनाया जा रहा है. महाराष्ट्र की जनता ने बीजेपी की सेवा को अवसर दिया है.
पीएम मोदी ने कहा कि इससे पहले सुदूर दक्षिण में केरल की जनता ने बीजेपी को बड़ा समर्थन दिया है. वहां पहली बार बीजेपी का मेयर बनाया है. केरल की तिरुअनंतपुर में आज बीजेपी सेवा कर रही है. बीते जितने भी चुनाव परिणाम आए हैं. उनका जनादेश साफ है. देश का वोटर आज गुड गवर्नेंस चाहता है. विकास चाहता है. विकास और विरासत दोनों पर फोकस करता है. इसलिए बीजेपी को पसंद करता है.
पीएम ने कहा किकाजीरंगा में बिताए गए पल मेरे जीवन के खास अनुभवों में शामिल है. मुझे काजीरंगा नेशनल पार्क में रात्रि विश्राम का अवसर मिला था. अगली सुबह एलीफैंट सफारी के दौरान इस क्षेत्र की सुंदरता को काफी करीब से अनुभव किया था. मुझे हमेशा असम आकर एक अलग ही खुशी मिलती है.
पीएम मोदी ने कहा कि यह धरती वीरों की धरती है. हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने वाले बेटे-बेटियों की धरती है. उन्होंने कहा कि कल मुझे गुवाहाटी में बागुरुम्बा द्वो प्रोग्राम देखने का मौका मिला. बोडो समुदाय की टैलेंटेड बेटियों ने अपने बागुरुम्बा परफॉर्मेंस से एक नया रिकॉर्ड बनाया. इस अनोखे और जोशीले शो में 10,000 से ज्यादा कलाकारों ने हिस्सा लिया, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों का मन मोह लिया.
मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में सत्ता की लड़ाई तेज, एकनाथ शिंदे फिर 'होटल पॉलिटिक्स' पर उतरे
18 Jan, 2026 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में सत्ता की लड़ाई में राजनीतिक हलचल तेज होने के साथ ही एकनाथ शिंदे के शिवसेना गुट ने एहतियाती कदम उठाए हैं. मुंबई में शिवसेना के 29 पार्षद चुने गए हैं. पता चला है कि डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ने मेयर बनने तक इन सभी को मुंबई के बांद्रा इलाके के एक फाइव-स्टार होटल में एक साथ रखने का फैसला किया है.
खबर है कि यह इंतजाम सत्ता बनने की प्रक्रिया के दौरान हॉर्स-ट्रेडिंग को रोकने के लिए किया जा रहा है. शिवसेना के 29 पार्षदों को बुधवार दोपहर 3 बजे तक बांद्रा के फाइव-स्टार होटल में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया था. उन्हें अगले तीन दिनों तक वहीं रहने के लिए कहा गया है. यह सावधानी इसलिए बरती जा रही है ताकि सत्ता में काबिज होने की प्रक्रिया के दौरान कोई दल-बदल न हो.
मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में सत्ता में काबिज होने के लिए 114 कॉर्पोरेटर चाहिए. हालांकि बीजेपी ने सबसे अधिक 89 सीटें जीती हैं, लेकिन वे बहुमत से बहुत दूर हैं और उन्हें शिवसेना (शिंदे) गुट के सपोर्ट की जरूरत होगी. वहीं, शिवसेना (UBT) लीडर उद्धव ठाकरे के गुट के पास 65 चुने हुए कॉर्पोरेटर हैं. एमएनएस और कांग्रेस के सपोर्ट से यह संख्या 98 हो जाती है.
क्योंकि किसी भी एक पार्टी को बहुमत नहीं मिला है, इसलिए कॉर्पोरेटर के बीच राजनीतिक दांव-पेंच और दलबदल की संभावना है. 2017 के चुनावों के बाद, शिवसेना ने सत्ता बनाने की प्रक्रिया के दौरान अपनी ताकत बढ़ाने के लिए 7 मनसे कॉर्पोरेटर का दलबदल करवाया था. इसी तरह 2019 के चुनाव में उद्धव ठाकरे और शरद पवार की लीडरशिप में महा विकास अघाड़ी बनी थी.
तब भी तीनों पार्टियों के विधायक मुंबई के अलग-अलग होटलों में रखे गए थे. 2022 में शिंदे समेत 40 विधायक के गुवाहाटी जाने की घटना अभी भी याद में ताजा है, लेकिन चार साल बाद 'होटल पॉलिटिक्स' एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है. 2019 और 2022 में हुई घटनाओं को देखते हुए, चुने हुए प्रतिनिधियों को एक जगह इकट्ठा रखने का यह तरीका पावर इक्वेशन को बिगड़ने से रोकने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.
इस बीच जब शिवसेना की इस सावधानी के बारे में पूछा गया तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'अभी किसी भी दल-बदल की कोई वजह नहीं है. सभी फैसले शांति से और मिलकर लिए जाएंगे. इसलिए, ऐसी संभावनाओं का कोई सवाल ही नहीं उठता.' दूसरी ओर, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इसकी आलोचना की.
उद्धव ठाकरे ने दावा किया, 'वे बीजेपी से डरते हैं. जो लोग एक बार दल-बदल कर चुके हैं, वे फिर से दल-बदल कर सकते हैं. शिंदे ग्रुप के कई पार्षद असल में हमारी पार्टी से हैं. बीजेपी मेयर पद के लिए उनके पार्षदों को तोड़ सकती है.' कहा जा रहा है कि मुंबई नगर निगम में रूलिंग बॉडी बनने में अभी कुछ और समय लगेगा. तब तक, शिंदे कोई रिस्क नहीं लेना चाहते.
मुंबई का नया मेयर कौन होगा, कैसे होता है चयन?
18 Jan, 2026 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों के नतीजे सामने आ चुके हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2026 के नगर निकाय चुनावों में शानदार जीत का परचम लहराते हुए उद्धव ठाकरे से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) का नियंत्रण छीन लिया.
इसके साथ ही देश के सबसे धनी नगर निकाय में ठाकरे परिवार का तीन दशक पुराना वर्चस्व समाप्त हो गया है. अब जब नतीजे सामने आ चुके हैं तो सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हुई हैं कि मुंबई को अपना नया मेयर कब और कैसे मिलेगा. नाम कब घोषित किए जाएंगे. आइये इन सब सवालों के जवाब जानते हैं.
मेयर (महापौर) का चुनाव लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही राजनीतिक दल उम्मीदवारों का चयन करते हैं. मेयर के चुनाव के लिए लॉटरी प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा की जाती है. यह प्रक्रिया इस संबंध में अधिसूचना जारी होने के बाद ही शुरू होगी. बता दें कि, राज्य में 29 नगर निगम चुनावों के नतीजे 16 तारीख को घोषित किए गए. इनमें से अधिकतर में महागठबंधन की पार्टियों को जीत मिली.
मेयर का चुनाव कैसे होता है?
नगरपालिकाओं के महापौर (मेयर) सीधे जनता द्वारा नहीं चुने जाते हैं. इसके लिए एक विशेष चयन प्रक्रिया अपनाई जाती है. शहरी विकास विभाग मेयर पद के लिए आरक्षण हेतु लॉटरी आयोजित करने की अधिसूचना जारी करता है. जिसके मुताबिक, सभी नगर निगमों में महापौर पद के लिए लॉटरी आयोजित की जाती है. इस लॉटरी में खुली श्रेणी, आरक्षित श्रेणी और महिला श्रेणी जैसी श्रेणियां शामिल होती हैं.
मेयर पद का चयन लॉटरी के नतीजों के आधार पर होता है. मुंबई की तरह ही, जिस पार्टी या गठबंधन के पास 114 से अधिक पार्षद होते हैं, उसे मेयर चुना जाता है. यह पद खुले वर्ग के लिए है या आरक्षित वर्ग के लिए, यह लॉटरी से ही स्पष्ट हो जाता है. इसके बाद, मेयर और उप मेयर पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं और नगर निगम भवन में मतदान होता है, जिसके बाद नए मेयर की घोषणा की जाती है.
जनवरी के अंत तक लॉटरी प्रक्रिया होगी
ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि यह अधिसूचना अगले सप्ताह जारी की जाएगी. कुछ नेता निजी तौर पर कह रहे हैं कि अधिसूचना जारी होने के बाद जनवरी के अंत तक लॉटरी प्रक्रिया होगी. इसके बाद मेयर पद के लिए नामों की घोषणा की जाएगी. इस प्रक्रिया के चलते अभी तक किसी भी पार्टी की ओर से मेयर पद के लिए कोई नाम सामने नहीं आया है.
क्या शिवसेना से ठाणे का मेयर होगा?
एकनाथ शिंदे ने अपने भाषण में कहा कि, अगर मुंबई में महागठबंधन का कोई महापौर होता है, तो ठाणे में शिवसेना के पास स्पष्ट बहुमत है. इसलिए, मुंबई में सरकार बनाने के लिए भाजपा को शिवसेना की जरूरत होगी. लेकिन चूंकि ठाणे में शिवसेना के पास स्पष्ट बहुमत है, इसलिए मेयर शिवसेना से ही होगा. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अप्रत्यक्ष रूप से यह बात कही.
महापौर चुनाव में अभी कुछ और दिन लगेंगे
ठाणे में शिवसेना को पूर्ण सत्ता प्राप्त है. भाजपा के ठाणे विधायक संजय केलकर ने कहा कि, अगर उन्हें उचित सम्मान नहीं मिला, तो वे अलग तरह से विचार करेंगे. उन्होंने कहा कि, अगर समय मिला, तो वे विपक्ष की बेंच पर बैठेंगे.
हालांकि, मेयर पद के लिए यह खींचतान देखने को मिल रही है, लेकिन चुनाव से पहले ईटीवी भारत को दिए एक इंटरव्यू में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि मेयर का चुनाव संख्या बल के आधार पर नहीं, बल्कि महागठबंधन के सहयोगियों से चर्चा के बाद किया जाएगा. मेयर पद की होड़ शुरू हो चुकी है, लेकिन इसके चयन में अभी कुछ और दिन लगने की संभावना है.
बता दें कि, महाराष्ट्र में 2026 के नगर निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शानदार जीत हासिल करते हुए 29 महानगरपालिकाओं की 2,869 सीटों में से 1,425 पर अपना परचम लहराया.
PM मोदी ने मालदा रैली में की TMC सांसद के पिता की तारीफ, भाषण के दौरान दी श्रद्धांजलि
18 Jan, 2026 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने विभाजन के दौरान मालदा (Malda) को भारत (India) में शामिल कराने में भूमिका निभाने को लेकर अनुभवी वकील और हिंदू महासभा के नेता शिवेंदु शेखर राय (Shivendu Shekhar Rai) को अपने भाषण के दौरान श्रद्धांजलि दी। इसके बाद राय को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई। शिवेंदु के बेटे एवं सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) के राज्यसभा सदस्य सुखेन्दु शेखर राय (Sukhendu Shekhar Roy) ने संयमित प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
शिवेंदु शेखऱ के प्रयास से बचा मालदा
मोदी ने शनिवार को मालदा में एक जनसभा में अपने भाषण की शुरुआत शिवेंदु शेखर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की। उन्होंने 1947 में शिवेंदु शेखर के योगदान को याद किया जब मुस्लिम लीग द्वारा जिले को तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में शामिल करने की मांगों के बीच मालदा का भविष्य अनिश्चित बना हुआ था। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं सर्वप्रथम मालदा के महान सपूत शिवेंदु शेखर राय को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं, जिनके प्रयासों से मालदा की पहचान बची रही।’’ उनके इस बयान से श्रोताओं में मौजूद कई लोग चकित हो गये।
इससे पूर्व दिन में, भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने कार्यक्रम में पहले स्मृति चिन्ह के रूप में मोदी को शिवेंदु शेखर राय की एक फ्रेम की हुई तस्वीर भेंट की। यह तस्वीर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने प्रधानमंत्री को दी, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया क्योंकि शिवेंदु शेखर राय के पुत्र तृणमूल सांसद हैं।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सहयोगी थे शिवेंदु शेखर
स्वतंत्रता-पूर्व मालदा के एक प्रख्यात दीवानी वकील और हिंदू महासभा के नेता शिवेंदु शेखर राय, राजनीतिक विचारधाराओं से परे अपनी व्यापक लोकप्रियता के लिए जाने जाते थे। वह विश्वविद्यालय के दिनों से ही शिक्षाविद और महासभा नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी के घनिष्ठ सहयोगी थे और विभाजन वार्ता के दौरान उन्होंने पर्दे के पीछे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
उनके बेटे सुखेन्दु शेखर राय का कहना है कि जब मालदा को पूर्वी पाकिस्तान में शामिल किए जाने की संभावना आसन्न प्रतीत हुई, तो उनके पिता ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी के पिता, प्रख्यात बैरिस्टर एन सी चटर्जी से संपर्क करके इस कदम को चुनौती देने के प्रयास शुरू किए।
सुखेन्दु शेखर राय के अनुसार चूंकि एन सी चटर्जी दक्षिण बंगाल और कोलकाता को सुरक्षित रखने में व्यस्त थे, इसलिए शिवेंदु शेखर राय ने फिर श्यामा प्रसाद मुखर्जी से संपर्क किया, जिन्होंने उन्हें आगे की कार्रवाई के बारे में सलाह दी और उन्हें बंगाल सीमा आयोग के समक्ष मालदा का ऐतिहासिक, जनसांख्यिकीय और प्रशासनिक मामला व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत करने में सहयोग किया।
राज्यसभा सदस्य ने बताया कि बिधु शेखर शास्त्री और इतिहासकार सर जदुनाथ सरकार जैसे विद्वानों ने भी आयोग के सामने प्रस्तुत किये गये ज्ञापन तैयार करने में सहायता की।लप्रधानमंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सुखेन्दु शेखर राय ने संयमित लेकिन भावुक स्वर में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, ‘‘यह इतिहास है और इसे नकारने की कोई गुंजाइश नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि मालदा भारत में इसलिए बना हुआ है क्योंकि उनके पिता ने इसे भारत में बनाए रखने के आंदोलन का नेतृत्व किया था। उन्होंने कहा, ‘‘कोई राजनीतिक दल इतिहास को अपने हिसाब से ढालने या अस्वीकार करने की कोशिश कर सकता है, इससे मुझे कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन एक ऐसे व्यक्ति के पुत्र के रूप में, जिन्होंने मालदा को भारत में बनाए रखने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई, अगर प्रधानमंत्री उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, तो क्या मुझे दुखी होना चाहिए? बिल्कुल नहीं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ मैं ही नहीं, बल्कि मेरे भाई-बहन, रिश्तेदार और परिवार के सभी सदस्य गर्व महसूस करते हैं। सिर्फ इसलिए कि मैं तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा हूं, क्या मुझे दुखी होना चाहिए? यह तो सरासर बेतुका होगा।’’ मोदी द्वारा भाजपा के मंच से तृणमूल सांसद के पिता का जिक्र करना राजनीतिक रूप से भले ही महत्वपूर्ण हो, लेकिन सुखेन्दु शेखर राय ने इसे समकालीन राजनीतिक संदेश के बजाय लंबे समय से प्रतीक्षित ऐतिहासिक मान्यता के रूप में प्रस्तुत करना बेहतर समझा। उन्होंने कहा, ‘‘यह मालदा के विभाजन काल के इतिहास का एक ऐसा अध्याय है जिसे आज के राजनीतिक मतभेदों से परे याद रखा जाना चाहिए।’’
राज ठाकरे के रसमलाई तंज पर भाजपा का पलटवार, निकाय चुनाव में मिली हार पर उड़ाया मजाक
18 Jan, 2026 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । महाराष्ट्र निकाय चुनाव में भाजपा (BJP) और उसके साथी दलों को को निर्णायक जीत हासिल हुई है। बीएमसी चुनाव में मजबूत प्रदर्शन के बाद भारतीय जनता पार्टी की तरफ से राज ठाकरे (Raj Thackeray) द्वारा अन्नामलाई (Annamalai) पर कसे गए तंज का जवाब दिया है। कर्नाटक के बेंगलुरू सेंट्रल से भाजपा सांसद पी.सी मोहन (BJP MP P.C. Mohan) ने बीएससी के निर्णायक नतीजों के बाद एक्स पर पोस्ट करके लिखा, “कुछ रसमलाई ऑर्डर की हैं।”
बीएमसी में जीत से उत्साहित भाजपा के युवा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी राज ठाकरे पर तंज कसते हुए इस जीत को रसमलाई जैसा मीठा बताया। महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस और पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ट्रिपल इंजन सरकार मुंबई के पुनर्विकास के लिए मजबूती से काम करेगी और सभी मुंबईकरों के लिए जीवन की सुगमता में सुधार लाएगी।”
गौरतलब है कि भाजपा नेताओं की तरफ से यह प्रतिक्रियाएं राज ठाकरे के उस तंज पर आई हैं, जिसमें उन्होंने तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अन्नामलाई को रसमलाई कहकर संबोधित करते हुए उनका मजाक उड़ाया था। दरअसल, एक रैली के दौरान अन्नामलाई ने मुंबई को केवल महाराष्ट्र का नहीं बल्कि विश्व का शहर बताया था। इसको लेकर विपक्ष ने काफी हंगामा किया था। राज ठाकरे ने एक कदम आगे बढ़ते हुए अन्नामलाई के ऊपर निजी हमले करने शुरू कर दिए थे।
PM मोदी ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, 14 घंटे में हावड़ा से पहुंचाएगी कामाख्या
17 Jan, 2026 07:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री (PM) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (Vande Bharat sleeper train) को हरी झंडी दिखा दी है. पश्चिम बंगाल के हावड़ा से असम के गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलने वाली यह ट्रेन 958 किलोमीटर की दूरी को महज 14 घंटे में तय कर लेगी, जबकि अभी यह दूरी तय करने में करीब 17 घंट लग जाते हैं. इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल होगा. इस ट्रेन का किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा ज्यादा है. गुवाहाटी से हावड़ा तक थर्ड एसी का किराया करीब 2,300 के आसपास है.
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को भारतीय रेलवे के इतिहास में एक बड़ा और खास कदम माना जा रहा है. अब तक वंदे भारत ट्रेनें सिर्फ चेयरकार में चल रही थीं, लेकिन स्लीपर वर्जन के शुरू होने से लंबी दूरी की रात की यात्रा पूरी तरह बदलने वाली है. खासकर उन यात्रियों के लिए यह ट्रेन बड़ी राहत होगी, जो रात में आरामदायक और तेज सफर चाहते हैं.
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में क्या-क्या सुविधा?
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को पूरी तरह आधुनिक तकनीक और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसके इंटीरियर को भारतीय संस्कृति से प्रेरित डिजाइन दिया गया है, जिससे ट्रेन के अंदर का माहौल न सिर्फ आरामदायक बल्कि देखने में भी आकर्षक होगा. बर्थ, लाइटिंग और कोच की बनावट इस तरह की गई है कि लंबा सफर भी थकाने वाला न लगे.
स्वच्छता और हेल्थ को लेकर वंदे भारत स्लीपर में खास इंतजाम किए गए हैं. इसमें डिसइंफेक्टेंट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है. रेल मंत्रालय के मुताबिक, कोच में यूवीसी तकनीक लगाई गई है, जो हवा में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करती है. यह सिस्टम कोच की हवा को फिल्टर करके साफ करता है और फिर ताजी हवा अंदर छोड़ता है. यानी अगर आसपास किसी यात्री को सर्दी-जुकाम हो, तो भी बाकी यात्रियों को ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं होगी.
रेल हादसों से सुरक्षा देगा कवच
सुरक्षा के मामले में भी यह ट्रेन काफी एडवांस है. इसमें ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है, जो ट्रेन की स्पीड और सिग्नल पर नजर रखता है और हादसों की आशंका को काफी हद तक कम करता है. इसके अलावा, इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट भी दी गई है, जिससे किसी भी परेशानी की स्थिति में यात्री सीधे ट्रेन स्टाफ से बात कर सकेंगे. ड्राइवर के केबिन में भी आधुनिक कंट्रोल और सेफ्टी सिस्टम लगाए गए हैं.
ट्रेन का बाहरी लुक भी काफी आधुनिक और एयरोडायनामिक होगा. इसका फायदा यह होगा कि ट्रेन ज्यादा स्मूद तरीके से चलेगी और ऊर्जा की खपत भी कम होगी. इसके दरवाजे ऑटोमैटिक होंगे, जो स्टेशन पर रुकने और चलने के समय अपने आप खुलेंगे और बंद होंगे.
राजधानी से भी तेज रफ्तार
अगर रफ्तार की बात करें तो वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि सामान्य परिचालन में यह करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी. इस ट्रेन में यात्रियों को कई प्रीमियम सुविधाएं भी मिलेंगी. सफर के दौरान हाई क्वालिटी कंबल, कवर और एडवांस्ड बेडरोल दिए जाएंगे. साथ ही यात्रियों के लिए कैटरिंग सर्विस भी उपलब्ध होगी, जिससे खाने-पीने की सुविधा रहेगी.
आराम का खास ध्यान रखते हुए ट्रेन में बेहतर कुशनिंग वाली एर्गोनोमिक बर्थ लगाई गई हैं और शोर कम करने की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, ताकि रात की यात्रा शांत और सुकून भरी हो. सभी ऑनबोर्ड स्टाफ तय यूनिफॉर्म में मौजूद रहेंगे, जिससे यात्रियों को बेहतर सेवा मिल सके.
राहुल गांधी के दौरे का भोपाल में काउंटर, सीएम बोले- हमने कांग्रेस के कलंक को धोया
17 Jan, 2026 05:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में दो अलग-अलग त्रासदियों को लेकर सियासत तेज हो गई है. इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी जहां भागीरथपुरा पहुंचकर पीड़ित परिवारों के साथ खड़े नजर आए, उसी समय भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूनियन कार्बाइड कारखाने का निरीक्षण कर कांग्रेस पर पलटवार किया. सीएम ने भोपाल गैस कांड को कांग्रेस का कलंक बताते हुए राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग कर डाली.
भोपाल गैस त्रासदी कांग्रेस का कलंक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में यूनियन कार्बाइड कारखाने का निरीक्षण करने के बाद कहा "मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के इतिहास में भोपाल गैस त्रासदी जैसी भीषण घटना कभी नहीं हुई. 2-3 दिसंबर 1984 की दरमियानी रात यूनियन कार्बाइड कारखाने से निकली जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट गैस ने भोपाल में मौत का तांडव मचाया, जो कांग्रेस शासनकाल का सबसे बड़ा कलंक है. सीएम ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि इतना खतरनाक जहर 25 वर्षों तक वहीं पड़ा रहा और कांग्रेस सरकारों ने इसे हटाने की कोई गंभीर कोशिश नहीं की, जिससे यह इलाका डरावना और भुतहा बन गया."
हमने जिम्मेदारी निभाई, पीड़ितों के साथ सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने कोर्ट और कोर्ट के बाहर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का निष्पादन कराया. सरकार आज भी गैस त्रासदी में जान गंवाने वालों और बीमार पीड़ितों के प्रति पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है. जीवन की कठिन परिस्थितियों में सरकार हर संभव सहायता और सहानुभूति के साथ पीड़ित परिवारों का साथ दे रही है.
जहर हटाकर दाग धोने का काम किया
सीएम डॉ. यादव ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने इस क्षेत्र को लावारिस छोड़ दिया और जहरीले कचरे के निष्पादन में लगातार टालमटोल करती रही. जनवरी 2025 में उनकी सरकार ने कोर्ट के मार्गदर्शन में यूनियन कार्बाइड के जहर का सुरक्षित निष्पादन कर उसे पूरी तरह राख किया. यह पूरी दुनिया के लिए संदेश है कि मध्य प्रदेश के वैज्ञानिक और प्रशासन खतरनाक रसायनों से बिना जनहानि के निपटने में सक्षम हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम कांग्रेस के कुशासन के कलंक को मिटाने और प्रदेश की प्रतिष्ठा बढ़ाने की दिशा में अहम है.
एंडरसन को भगाने का आरोप, राहुल से माफी की मांग
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने न केवल भोपाल के लोगों को मरने के लिए छोड़ा, बल्कि यूनियन कार्बाइड के मालिक वॉरेन एंडरसन को देश से भगाने में भी उसकी भूमिका रही. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को इस पूरे मामले में माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि यह त्रासदी उनकी दादी और पिता के शासनकाल में हुई. बाद में मनमोहन सिंह की सरकार ने भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया.
सीएम ने कहा कि वर्तमान सरकार बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों में रोजगार के नए अवसर तलाश रही है. भविष्य में यहां स्मारक निर्माण सहित पुनर्निर्माण के कार्य सभी पक्षों से सुझाव लेकर आगे बढ़ाए जाएंगे.
गैस पीड़ित लोगों से नहीं मिले सीएम
गैस पीड़ित संगठन से जुड़ी रचना ढींगरा ने बताया कि मुख्यमंत्री यूनियन कार्बाइड का दौरा करने के लिए आए हैं. इसीलिए गैस त्रासदी के पीड़ित लोग उनसे मिलने के लिए आए हैं. यहां गैस पीड़ित विधवा महिलाएं भी हैं जिनको एक हजार रुपये की पेंशन भी नहीं मिल रही है. फैक्ट्री के अंदर और बाहर आज भी हजारों क्विंटल जहरीला कचरा दबा पड़ा है. गैस पीड़ितों को रोजगार व अन्य कार्यों के लिए 188 करोड़ रुपये आज भी पड़ा हुआ है, लेकिन किसी भी पीड़ित को रोजगार नहीं मिल पाया. इसी को लेकर हम मुख्यमंत्री से मिलने आए हैं. हालांकि सीएम ने यूनियन कार्बाइड के निरीक्षण के दौरान किसी से बात नहीं की.
अन्नाद्रमुक गठबंधन को लेकर गरजे खरगे, PM मोदी पर लगाया गंभीर आरोप
केदारनाथ धाम में अनुशासन सख्त, मोबाइल उपयोग पूरी तरह बंद
जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
यात्रियों को झटका, कुछ ट्रेनें रद्द तो कुछ का बदला शेड्यूल
नियमों को ठेंगा दिखाकर निजी कंपनी का प्रमोशन, सरगुजा के दो स्वास्थ्य कर्मियों को नोटिस
