राजनीति
आज और कल उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे गृह मंत्री अमित शाह
21 Jan, 2026 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरिद्वार. गृहमंत्री (Home Minister) अमित शाह ( Amit Shah) के 21 और 22 जनवरी को प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस (Administration and police) ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। वीवीआईपी कार्यक्रमों के मद्देनजर शहर और आसपास के मार्गों पर डायवर्जन प्लान लागू रहेगा। शहर में भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
गृहमंत्री के पतंजलि योगपीठ फेज-2, पतंजलि योगपीठ फेज-1, गायत्री योगपीठ शांतिकुंज, शताब्दी समारोह बैरागी कैंप और गुरुकुल कांगड़ी हेलीपैड तक आगमन को देखते हुए विशेष यातायात व्यवस्था लागू रहेगी। 21 और 22 जनवरी को सुबह छह बजे से रात 11 बजे तक हरिद्वार शहर में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
Haridwar: शांतिकुंज के बैरागीद्वीप में शताब्दी समारोह, दूसरे सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री शाह करेंगे संबोधित
यहां से वाहनों को भेजा जाएगा
– दिल्ली की ओर से हरिद्वार आने वाले वाहनों को नगला इमरती से लक्सर होते हुए हरिद्वार भेजा जाएगा।
– नजीबाबाद से हरिद्वार होकर देहरादून जाने वाले हल्के वाहनों को चीला मार्ग से भेजा जाएगा।
– दिल्ली से देहरादून जाने वाला यातायात रुड़की-मोहंड मार्ग से डायवर्ट रहेगा।
– ऋषिकेश से दिल्ली जाने वाले वाहन नेपाली तिराहे से देहरादून-मोहंड होते हुए दिल्ली की ओर जाएंगे।
– सहारनपुर, भगवानपुर और धनौरी की ओर से हरिद्वार आने वाले वाहनों को बीएचईएल तिराहे से शिवालिक नगर-मध्य मार्ग से प्रवेश दिया जाएगा।
– हरिद्वार से नजीबाबाद और बिजनौर की ओर जाने वाले वाहनों को सिंहद्वार-लक्सर-बालावाली मार्ग से भेजा जाएगा।
– बाहरी जनपदों से आने वाले भारी वाहनों को जनपद की सीमा पर ही रोक दिया जाएगा।
यहां रहेगी नो एंट्री
– शहर के भीतर भारी वाहनों की नो-एंट्री जगजीतपुर पुलिस चौकी, श्यामपुर कांगड़ी, राजा बिस्कुट, सलेमपुर पिकेट, कोर कॉलेज रुड़की क्षेत्र में रहेगी।
– देहरादून जनपद से समन्वय स्थापित कर लाल तप्पड़ और नेपाली फार्म तिराहे पर भी भारी वाहनों को रोका जाएगा।
राजनीति भोग नहीं, त्याग है...बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही नितिन नबीन का धुआंधार भाषण
21 Jan, 2026 08:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। नितिन नबीन को औपचारिक रूप से भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया। उन्होंने जेपी नड्डा का स्थान लिया और पार्टी के लिए नए अध्याय की शुरुआत की, क्योंकि पार्टी देश की राजनीति पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। भाजपा के संगठनात्मक चुनावों के रिटर्निंग ऑफिसर के. लक्ष्मण ने संगठनात्मक चुनावों के परिणाम घोषित किए और 45 वर्षीय नबीन को चुनाव प्रमाण पत्र सौंपा। वे पार्टी के शीर्ष पद पर आसीन होने वाले अब तक के सबसे युवा अध्यक्ष हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नड्डा, वरिष्ठ मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी और अन्य कई लोग नेतृत्व परिवर्तन के साक्षी बनने के लिए भाजपा मुख्यालय में उपस्थित थे। नबीन भाजपा के 12वें अध्यक्ष बने, जिसकी स्थापना 1980 में हुई थी, उसी वर्ष उनका जन्म भी हुआ था।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नबीन ने कहा कि मैं आज इस मौके पर पार्टी के पूर्व के राष्ट्रीय अध्यक्षों का स्मरण करता हूं और उनका अभिवादन करता हूं। आज का क्षण मेरे लिए संकल्प का क्षण है। आज मैं केवल पद ग्रहण नहीं कर रहा हूँ। मैं इस पार्टी की विचारधारा, परंपराओं और राष्ट्रवादी आंदोलन की ज़िम्मेदारी को स्वीकार कर रहा हूँ, और इस अवसर पर मैं अपने सभी वरिष्ठ सहयोगियों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। आज 140 करोड़ भारतीय विकसित भारत के सपने से जुड़ रहे हैं और देश को आगे ले जाने के लिए काम कर रहे हैं। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।
अगले कुछ महीनों में तमिलनाडु, असम, बंगाल, केरल और पुडुचेरी में चुनाव होने वाला है और वहां की डेमोग्राफी की चर्चा हो रही है कि किस प्रकार वहां डेमोग्राफी बदल रही है। ये हम भी के लिए चुनौती है लेकिन हम पूरी तरह आश्वस्त हैं कि भाजपा का कार्यकर्ता अपने संघर्ष और परिश्रम के बल पर इन पांचों राज्यों में सशक्त भाजपा का नेतृत्व प्रदान करेगा। भाजपा के कार्यकर्ता कुछ नारों को जनसंघ के समय से गढ़ते थे, राम लला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे, जहां हुए बलिदान मुखर्जी वह कश्मीर हमारा है, एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेगा। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने वह समय देखा जब अयोध्या में राम मंदिर का मार्ग प्रशस्त हुआ। जम्मू-कश्मीर की जनता ने धारा 370 से मुक्ति का दौर देखा... जब हम श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा लहराते देखते हैं, तब गर्व की अनुभूति होती है। हमने वह दौर भी देखा है जब पाकिस्तान के झंडे लहरा रहे थे और दिल्ली की सरकार मौन बैठी थी... जब 370 की समाप्ति हुई तब कश्मीर की फिज़ा बदली है।
नितिन नबीन बने बीजेपी के नए बॉस.............पैतृक गांव अमावां में जश्न का माहौल
20 Jan, 2026 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नवादा। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर बिहार के मंत्री नितिन नवीन के निर्विरोध चुनने पर उनके पैतृक गांव अमावां (रजौली प्रखंड) में उत्सव का माहौल है। 45 वर्ष की आयु में भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले नवीन को लेकर गांव से लेकर जिले तक कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खासा उत्साह दिख रहा है।
नितिन नवीन की नई दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में तोजपोशी की गई, उनके चयन को बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है। अमावां गांव में सुबह से ही बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और लोग ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मना रहे हैं। इस मौके पर नवादा में विधायक अनिल सिंह की देखरेख में एक विशेष जश्न कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। विधायक सिंह ने बताया कि खुशी के इस अवसर पर 251 किलो लड्डू बनवाए गए हैं। साथ ही गुलाल की होली खेलकर लोग एक-दूसरे को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि नितिन नवीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना पूरे नवादा और बिहार के लिए सम्मान की बात है। गांव के लोगों में खास गर्व इसलिए भी है, क्योंकि नितिन नवीन ने अपने राजनीतिक जीवन में ‘गांव चलो’ अभियान की शुरुआत भी इसी अमावां गांव से की थी। ग्रामीणों का कहना है कि एक साधारण गांव से निकलकर देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का नेतृत्व करना युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक 25 जनवरी को, तेजस्वी को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
20 Jan, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) (Rashtriya Janata Dal – RJD) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक (National Executive Important meeting) 25 जनवरी को पटना (Patna) में बुलाई गई है. यह बैठक पटना के एक बड़े होटल में आयोजित होगी, जिसमें पार्टी के भविष्य और संगठनात्मक बदलावों को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
आरजेडी सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर विचार हो सकता है. अगर यह फैसला होता है तो तेजस्वी यादव को पार्टी के सभी बड़े और अहम निर्णय लेने का अधिकार मिल जाएगा।
लालू यादव की उम्र और स्वास्थ्य बना वजह
बताया जा रहा है कि पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बढ़ती उम्र और खराब स्वास्थ्य को देखते हुए यह फैसला लिया जा सकता है, ताकि संगठन की जिम्मेदारी युवा नेतृत्व के हाथों में सौंपी जा सके।
चुनावी हार के बाद संगठन में बदलाव की तैयारी
विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तेजस्वी यादव और उनकी टीम के फैसलों पर सवाल उठे थे. इसी पृष्ठभूमि में उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव सामने आया है, ताकि संगठन को नए सिरे से मजबूत किया जा सके।
तेज प्रताप की वापसी की संभावना होगी खत्म
अगर तेजस्वी यादव राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनते हैं, तो पार्टी में तेज प्रताप यादव की वापसी की अटकलों पर भी विराम लग सकता है.
सितंबर 2025 के बाद पहली बैठक
सितंबर 2025 में आरजेडी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन के बाद यह पहली बैठक होगी. बैठक की अध्यक्षता खुद लालू प्रसाद यादव करेंगे।
करीब 200 नेता होंगे शामिल
इस बैठक में 85 स्थायी सदस्यों को बुलाया गया है. इसके अलावा विशेष आमंत्रित सदस्यों को मिलाकर करीब 200 नेता राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल होंगे. बिहार के अलावा दूसरे राज्यों से भी डेलीगेट्स के आने की संभावना है।
निकाय चुनाव में कांग्रेस ने उद्धव और शरद गुट को पछाड़ा, MVA में समीकरण बदलने की तैयारी
20 Jan, 2026 08:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति में निकाय चुनाव के नतीजों के बाद एक बार फिर से उठापटक का दौर जारी है। किस नगर निगम में कौन मेयर (Mayor) बनेगा इस पर लेकर पार्टियों के बीच चर्चाओं का दौर जारी है। सबसे महत्वपूर्ण बीएमसी (BMC) के मेयर पद को लेकर भी लगातार राजनीति हो रही है। शिंदे गुट ने अपने पार्षदों को ताज होटल में बैठा कर रखा है, तो उद्धव गुट लगातार भाजपा और शिवसेना के बीच में तनाव पैदा करने के लिए बयानबाजी कर रहा है। हालांकि, इस चुनाव के बाद अब विपक्ष के महाविकास अघाड़ी गठबंधन में भी समीकरण बदलने के आसार लगाए जा रहे हैं। क्योंकि, इन चुनावों में कांग्रेस ने बेहतरी प्रदर्शन करते हुए उद्धव गुट और शरद पवार गुट को भी पीछे छोड़ दिया है। एक तरफ शरद पवार को अपने गढ़ पुणे में करारी हार क्षेलनी पड़ी है, तो वहीं दूसरी तरफ ठाकरे को भी अपने मुंबई की राजशाही को तीन दशक बाद अलविदा कहना पड़ा है। इसके विपरीत कांग्रेस पार्टी ने कई नगर निगमों में बेहतर प्रदर्शन किया है।
29 नगर निगमों के इस चुनाव में जहां भारतीय जनता पार्टी 1,425 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, तो वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना 399 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है। इसके बाद नंबर आता है कांग्रेस का जिसने 324 सीटों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया है। महायुति के साथ सत्ता का सुख भोग रहे अजित पवार ने निकाय चुनाव के ऐन पहले अपने चाचा के साथ गठबंधन कर लिया था। हालांकि, इसके बाद भी उन्हें इसका केवल घाटा ही उठाना पड़ा। उनकी पार्टी 167 सीटों के साथ चौथे नंबर पर रही। इसके बाद नंबर उद्धव गुट का रहा, जो केवल 155 सीटें जीतने में कामयाब रहा। शरद पवार को अपनी पार्टी की सबसे बुरी दशा देखनी पड़ी उनकी पार्टी केवल 36 सीटें ही जीत सकी।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक इस निकाय चुनाव में कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही है। उसने अपने दोनों सहयोगियों उद्धव गुट और शरद गुट से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। ऐसे में 2029 के विधानसभा चुनाव से पहले एमवीए में सीट बंटवारे को लेकर पुनर्विचार होना तय है। एक तरफ उद्धव गुट ने अपना गढ़ बीएमसी गंवा दिया है, वहीं दूसरी तरफ शरद पवार ने अपना पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ जैसे गढ़ से हाथ धोया है। लेकिन दूसरी ओर कांग्रेस ने अकेले की दम पर कोल्हापुर, चंद्रपुर और भिंवडी में बेहतर प्रदर्शन किया है।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस ने बताया पार्टी अब एमवीए में बड़े हिस्से की मांग करेगी। उनका तर्क है कि ठाकरे और पवार की “क्षेत्रीय अस्मिता” की राजनीति बीजेपी की बढ़त को रोकने में नाकाम रही। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस का अकेले या सीमित गठबंधन में चुनाव लड़ने का फैसला एक तरह का “स्ट्रेस टेस्ट” साबित हुआ, जिससे यह दिखा कि पार्टी मौजूदा दौर में भी टिक सकती है और आगे बढ़ सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि शिवसेना उद्धव गुटभले ही मुंबई में बीजेपी की मुख्य चुनौती बनी हुई हो, लेकिन राज्य के अन्य हिस्सों में उसका प्रभाव घटा है। इससे महाविकास अघाड़ी में खुद को संगठनात्मक ताकत के आधार पर वरिष्ठ साझेदार बताने का उसका दावा कमजोर पड़ता है।
निकाय चुनाव के नतीजे यह भी दिखाते हैं कि शिवसेना (यूबीटी) और शिंदे गुट की शिवसेना के बीच वोटों का बंटवारा कई वार्डों में सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए फायदेमंद रहा। विश्लेषकों के अनुसार, ठाकरे की पार्टी के पास भावनात्मक जुड़ाव और ब्रांड पहचान तो है, लेकिन मजबूत और एकजुट संगठन के अभाव में इसे वार्ड स्तर की जीत में बदलना चुनौती बना हुआ है।
इस चुनाव में सबसे ज्यादा एनसीपी पर टूट का प्रभाव दिखाई दिया। पुणे में पार्टी को दोनों धड़ों के गठबंधन के बाद बी भारी नुकसान उठाना पड़ा और शहरी इलाकों में भी उसे ज्यादा कोई भरोसेमंद जीत नहीं मिली। नतीजों के आधार पर देखें, तो महाराष्ट्र के विपक्ष में इस वक्त कांग्रेस पार्टी ही एक ऐसी पार्टी बची है, जिसकी मौजूदगी पूरे महाराष्ट्र में हैं। इससे कांग्रेस एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी, जिसमें उसका राष्ट्रीय एजेंडा प्राथमिकता में होगा।
नितिन नवीन ने संभाली भाजपा की कमान, नए सेनापति ने आलाकमान का जताया आभार
20 Jan, 2026 08:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) को नया नेतृत्व (new leader) मिल गया है और इसके साथ ही संगठन की राजनीति में एक नई ऊर्जा देखने को मिली। पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Naveen) ने अपने पहले संबोधन में साफ कर दिया कि भाजपा की ताकत उसका कार्यकर्ता है और आगे की राजनीति भी इसी आधार पर चलेगी। नितिन नवीन ने अपने भाषण की शुरुआत भारत माता की जय के उद्घोष के साथ की। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे। उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ-साथ भाजपा के सभी पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों का सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया। नितिन नवीन ने कहा कि एक सामान्य कार्यकर्ता को इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपना भाजपा की कार्यकर्ता-आधारित राजनीति का प्रमाण है। कार्यकर्ता आधारित राजनीति भाजपा की सोच है। भाजपा की सोच सर्वव्यापी और सर्वग्राही है।
नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के संबोधन की बड़ी बातें
नितिन नवीन ने अपने संबोधन में कहा कि हमने कार्यकर्ता के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशसेवा के काम करते हुए देखा। उन्होंने कहा कि आपको देख कर ही सीखा है कि जो व्यक्ति खुद को लोगों की भावनाओं से जुड़ने वाला बना सकता है, वही बड़ा शख्स बनता है। उन्होंने पीएम मोदी के साथ एक कार्यक्रम में बातचीत का जिक्र करते हुए कहा, ‘मुझे याद है कि जब मैंने पहली बार गुजरात के आनंद में आपके साथ एक कार्यक्रम में भाग लिया था। उस वक्त मैं राष्ट्रीय महासचिव था और मैंने सद्भावना मिशन कार्यक्रम के दौरान आपको प्रत्येक व्यक्ति की बात ध्यान से सुनते हुए देखा था।‘कार्यक्रम खत्म होने के बाद, जब आपने अपने ग्रीन रूम में हमसे बात की तो आपने बड़ी भावुकता से समझाया कि गुजरात से इतने सारे लोग क्यों आए थे। उस दिन मुझे समझ आया कि एक व्यक्ति तभी महान बनता है, जब वह जनता की भावनाओं से जुड़ता है।’ उन्होंने कहा कि हम राष्ट्र प्रथम के नारे से आगे चलते हैं। भाजपा में राजनीति पदभार नहीं, उत्तरदायित्व है। भाजपा अगर आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी है तो प्रेरणादायी नेतृत्व, विचारधारा और कार्यकर्ता हैं।
भाजपा ने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया
पीएम मोदी ने नितिन नवीन को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नितिन नवीन को दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई देता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा का ये संगठन पर्व देश के कार्यकर्ता केंद्रित सोच का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस नए दौर की शुरुआत में नितिन नवीन भाजपा की विरासत को आगे बढ़ाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि नितिन नवीन आज की युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे उस पीढ़ी से हैं, जिसने बचपन में रेडियो के जरिए जानकारी ली और आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीक के साथ काम कर रही है। इससे पार्टी के हर कार्यकर्ता को सीखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
सालों से मुसलमानों के दिल में कांग्रेस ने जहर घोला........इसलिए बीजेपी को वोट नहीं देते : रिजिजू
20 Jan, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राशन से लेकर घर तक, हर तरह के फायदे मुस्लिमों को मिलते
नई दिल्ली। एक कार्यक्रम में मंगलवार को केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता किरेन रिजिजू लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से लेकर मुसलमानों तक पर बात की। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि मैंने अल्पसंख्यक मंत्री होकर मुसलमानों के लिए बहुत काम किया है। मुझसे पहले किसी भी मंत्री ने इसतरह के काम नहीं किए। हज और उमराह को आसान बनाया। वहीं राहुल गांधी पर उन्होंने मजाक में कहा कि घर आने का न्यौता दिया था। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा ही बीजेपी पार्टी का संविधान बहुत सख्त है। बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की प्रक्रिया नियम के मुताबिक होती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्ताक्षर होने से पहले नॉमिनेशन फॉर्म को बहुत ध्यान से चेक करना होता है। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा, नितिन नबीन को पार्टी अध्यक्ष बनाने के लिए इंटरनल मैकेनिज्म पर काम किया गया था। बहुत लोगों की इच्छा होती है पार्टी अध्यक्ष बनना, लेकिन जिम्मेदारी चुनिंदा व्यक्ति को ही मिलती है, जो कसौटी पर खरा उतरता है। गौरतलब है कि पार्टी युवा नेतृत्व चाहती थी, इस वजह से भी नितिन नबीन का नाम आगे किया गया। जब किरेन रिजिजू से पूछा गया कि युवा आप भी हैं, तब उन्होंने हंसकर जवाब दिया कि.............मैं अब इतना युवा नहीं हूं। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने राहुल गांधी को लेकर कहा, मैंने मजाक-मजाक में कहा कि आपको ठंड नहीं लगती क्या, उन्होंने मुझे कहा कि व्यायाम करो। उन्होंने मुझे अपने घर जिम करने के लिए बुलाया। हालांकि यह मजाक था। रिजिजू से पूछा गया कि आपको न्यौता मिला था, तब भी आप जिम क्यों नहीं गए? इस पर केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा, मैं संसदीय कार्य मंत्री हूं। अब अगर मैं रोजाना सुबह नेता प्रतिपक्ष के घर जाउंगा जिम के लिए यह ठीक नहीं होगा।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने बजट 2026 पर कहा कि यह बजट सेशन बहुत डेडिकेटेड और फोकस्ड होग। इसके पहले पार्ट में 28 जनवरी को राष्ट्रपति का अभिभाषण होगा फिर 1 फरवरी 2026 (रविवार) को सदन में बजट पेश होगा। फिर पूरा सेशन बजट पर ही सीमित रहेगा। रिजिजू ने विपक्ष को लेकर कहा कि सदन में हंगामा करने से कुछ नहीं होता है। इससे सदन का समय खराब होता है और हम देश के सामने अच्छा नतीजा पेश नहीं कर पाते हैं।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा, कांग्रेस ने सालों से जनता के दिमाग में जहर घोला है कि भारतीय जनता पार्टी मुस्लिम विरोधी है। इसकारण मुस्लिम बहुल इलाकों में बीजेपी मुस्लिम कैंडिडेट खड़ा करने के बाद भी नहीं जीत पाती। राशन से लेकर घर तक, हर तरह के फायदे भाजपा सरकार मुस्लिमों को भी देती है। हमारी सरकार ने हज यात्रा के लिए भी काम किया है। कई मुसलमानों ने मेरे लिए दुआ भी की है। पीएम मोदी की एक भी स्कीम ऐसी नहीं है, जिसका फायदा मुस्लिम कम्युनिटीज को नहीं मिलती है। फिर मुसलमान वोट क्यों नहीं देते?
एआर रहमान के बयान पर महबूबा मुफ्ती बोली- जावेद अख्तर भी …
20 Jan, 2026 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। ऑस्कर विजेता संगीतकार ए आर रहमान (AR Rahman) के हालिया बयान ने एक बार फिर बॉलीवुड में सांप्रदायिक भेदभाव (Communal discrimination) को लेकर बहस छेड़ दी है। रहमान ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि बीते आठ वर्षों में उन्हें हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपेक्षाकृत कम काम मिला है और इसके पीछे इंडस्ट्री में बढ़ती सांप्रदायिक सोच एक कारण हो सकती है। उनके इस बयान पर जहां कुछ लोगों ने सहमति जताई, वहीं कई दिग्गजों ने इसे नकार दिया। अब इस पूरे विवाद पर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि किसी के अनुभवों को खारिज करने से सच्चाई नहीं बदल जाती। उन्होंने जावेद अख्तर द्वारा ए आर रहमान के बयान को नकारने पर सवाल उठाए। महबूबा ने लिखा कि जब जावेद अख्तर बॉलीवुड में सांप्रदायिकता को लेकर ए आर रहमान की चिंताओं को खारिज करते हैं, तो यह भारतीय मुसलमानों के वास्तविक अनुभवों के बिल्कुल उलट नजर आता है।
महबूबा मुफ्ती ने किया शबाना आजमी का जिक्र
अपने बयान में महबूबा मुफ्ती ने अभिनेत्री शबाना आजमी का भी जिक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि शबाना आजमी खुद यह बता चुकी हैं कि उन्हें मुस्लिम होने की वजह से बॉम्बे जैसे आधुनिक और कथित रूप से समावेशी शहर में घर किराए पर देने से इनकार कर दिया गया था। महबूबा ने कहा कि अगर इतने बड़े और प्रतिष्ठित कलाकारों को ऐसे अनुभवों से गुजरना पड़ा है, तो आम लोगों की स्थिति को समझा जा सकता है। महबूबा मुफ्ती ने आगे लिखा कि बॉलीवुड को हमेशा मिनी इंडिया कहा जाता रहा है, क्योंकि यह देश की विविधता और सामाजिक वास्तविकताओं को दर्शाता है।
इससे पहले जावेद अख्तर ने एआर रहमान के बयान पर असहमति जताते हुए कहा था कि उन्हें कभी बॉलीवुड में सांप्रदायिकता महसूस नहीं हुई। उन्होंने बातचीत में कहा कि एआर रहमान को इंडस्ट्री में बहुत सम्मान मिलता है। वह बेहद व्यस्त रहते हैं और बड़े-बड़े शो करते हैं। हो सकता है कि छोटे निर्माता ऑस्कर विजेता जैसी बड़ी शख्सियत से संपर्क करने में हिचकते हों। इसमें किसी तरह का सांप्रदायिक एंगल नहीं है।
कोर्ट रूम में ही भिड़ गए कपिल सिब्बल और ASG राजू, जानिए पूरा मामला
20 Jan, 2026 06:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) में सोमवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व रेल मंत्री और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) की कथित लैंड-फॉर-जॉब्स स्कैम मामले को रद्द करने की एक याचिका पर सुनवाई हो रही थी। लालू यादव की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल मामले में पैरवी कर रहे थे, जबकि सीबीआई की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू पक्ष रख रहे थे लेकिन कोर्ट रूम कुछ ऐसा हुआ कि दोनों आपस में ही उलझ गए और दोनों के बीच खूब बीच तीखी बहस हुई। लालू यादव ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कथित लैंड-फॉर-जॉब्स घोटाले के मामले को रद्द करने की मांग की थी।
किस बात पर हुआ विवाद?
इस दौरान कपिल सिब्बल ने दलील दी कि इस मामले में मुकदमा चलाने के लिए पूर्व अनुमति (सैंक्शन) जरूरी है, जो नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने खुद पहले इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी, ऐसे में अब उसी के खिलाफ दलील देना गलत है। इस पर सीबीआई की ओर से पेश ASG एसवी राजू ने सिब्बल की दलीलों पर आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि वह नए मुद्दे उठा रहे हैं और कानून की गलत व्याख्या कर रहे हैं। ASG राजू ने कहा, “सिब्बल ने नए मुद्दे पर बहस की है। मुझे सही कानून बताना है। मिस्टर सिब्बल गुमराह करने वाली दलीलें देते हैं और मुझे बहस नहीं करने देते।”
कोर्ट में बढ़ा तनाव, तीखी बहस
ASG राजू के इस आरोप पर कपिल सिब्बल नाराज हो गए और उन्होंने तपाक के कहा, “आपने ऐसा कहने की हिम्मत कैसे की कि मैंने अदालत को गुमराह किया है। मैंने कभी किसी कोर्ट को गुमराह नहीं किया। आप होंगे एडिशनल सॉलिसिटर जनरल, लेकिन जज नहीं हैं।” इसके जवाब में ASG राजू ने कहा, “हां, आपने कोर्ट को गुमराह किया है, यह मेरी दलील है और मैं बताऊंगा कि आपने कैसे गुमराह किया और आप मुझे बताने नहीं दे रहे हैं।” उन्होंने कहा कि अदालत के सामने सही कानून रखना उनका कर्तव्य है और वह अपनी बात पर कायम हैं।
जज ने किया हस्तक्षेप
बहस के दौरान कपिल सिब्बल ने राजू की पेशेवर मर्यादा पर भी सवाल उठाए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, ASG राजू ने अपेक्षाकृत शांत लहजे में कहा कि वह सिब्बल का सम्मान करते हैं, लेकिन कानूनी स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है। मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस ररविंदर डुडेजा ने कोर्ट रूम में स्थिति को संभालते हुए कहा, “माहौल को थोड़ा शांत होने दीजिए।” इसके बाद कोर्ट ने दिन की सुनवाई समाप्त कर दी।
आगे क्या फैसला हुआ?
हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को निर्देश दिया कि वे अपनी-अपनी संक्षिप्त लिखित दलीलें दाखिल करें। ये दलीलें अधिकतम पांच पन्नों की होंगी और एक सप्ताह के भीतर जमा करनी होंगी। इसके बाद मामले पर आगे विचार किया जाएगा।
क्या है लैंड-फॉर-जॉब्स मामला?
सीबीआई का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे, तब रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरियों के बदले उनके परिवार और करीबी लोगों के नाम पर जमीन ली गई। सीबीआई ने इस मामले में 2022 में केस दर्ज किया और बाद में लालू यादव, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। लालू यादव ने हाई कोर्ट में दलील दी है कि यह जांच भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जरूरी पूर्व अनुमति के बिना शुरू की गई, इसलिए पूरा मामला रद्द किया जाना चाहिए।
ममता बनर्जी के फोर्ट विलियम अफसर बयान पर सेना ने राज्यपाल से की शिकायत, बंगाल में राजनीति गरमाई
20 Jan, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति इन दिनों गरमाई हुई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) के फोर्ट विलियम (Fort William) के एक वरिष्ठ सेना अधिकारी पर आरोपों के बाद विवाद चरम पर पहुंच गया है। ममता ने हाल ही में कहा कि अधिकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास के दौरान भाजपा के समर्थन में काम कर रहे हैं और फोर्ट विलियम का कमांड बेस राजनीतिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
इस बयान के बाद भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांड ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंदा बोस से हस्तक्षेप की अपील की। जानकारी के अनुसार, दो सेना जनरलों ने पिछले सप्ताह राज्यपाल से मुलाकात कर ममता के आरोपों के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराई। लोक भवन के अधिकारियों ने बताया कि राज्यपाल ने इस मामले को गंभीरता से लिया और इसे केंद्र सरकार के संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया।
राज्यपाल बोस ने कहा पहले मैं खुद सत्यापन करूंगा कि क्या मुख्यमंत्री ने कोई संवैधानिक नियमों का उल्लंघन किया है। यदि ऐसा है, तो मैं निश्चित रूप से हस्तक्षेप करूंगा। वहीं, फोर्ट विलियम के वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि राज्यपाल से बैठक हुई और उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी।
राजनीतिक माहौल पहले से ही चुनावी राज्य बंगाल में गर्म है, जहां एसआईआर अभ्यास के चलते टीएमसी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। इस विवाद पर भाजपा बंगाल इकाई के अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने ममता के बयान को बिना आधार बताते हुए कहा वे सोचती हैं कि बंगाल उनका व्यक्तिगत राज्य है। वहीं, वामपंथी नेता एमडी सलीम ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को रक्षा मंत्री से पत्र लिखकर मामले की सच्चाई सामने लानी चाहिए।
राहुल गांधी का मनरेगा को लेकर सरकार पर निशाना, गरीबों को भूखा रखना चाहते हैं PM मोदी
20 Jan, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मनरेगा (MNREGA) को खत्म करके सरकार वीबी-जी-राम-जी (VB-G RAM-G) नाम से एक नया कानून (New Law) लेकर आई है। इसे लेकर कांग्रेस (Congress) नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मोदी सरकार (Modi Government) पर निशाना साधा है। राहुल गाधी ने मोदी सरकार पर गरीबों के बजाय नौकरशाहों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। मनरेगा के विरोध में कांग्रेस देश भर में मनरेगा बचाओ अभियान चला रही है। मनरेगा पर मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सत्ता को केंद्रीकृत करने, इसे नौकरशाही को सौंपने और गरीब नागरिकों को भूखा मरने के लिए छोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा मनरेगा का मकसद बेरोजगार ग्रामीणों को पैसे कमाने का जरिया देना था। लेकिन प्रधानमंत्री ऐसा नहीं चाहते, वे सत्ता को केंद्रीकृत करना चाहते हैं और इसे नौकरशाही को सौंपना चाहते हैं। वह गरीबों को भूखा मरेने के लिए छोड़ना चाहते हैं। एक्ट में सुधार के नाम पर गरीबों का सुरक्षा कवच हटाया गया है। उन्होंने एक्ट से महात्मा गांधी के नाम को हटाने की भी निंदा की।
पीएम मोदी का सादगी भरा बयान, बोले– मैं कार्यकर्ता, नितिन नबीन मेरे ‘बॉस’
20 Jan, 2026 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में भाजपा स्थित मुख्यालय पर आयोजित राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के शपथ समारोह कार्यक्रम के दौरान नए अध्यक्ष नितिन नबीन का अभिवादन किया. इस दौरान उन्होंने बीजेपी के नए अध्यक्ष को लेकर कहा, ‘मैं एक कार्यकर्ता हूं और नितिन नबीन मेरे ‘बॉस’ हैं.” इसके साथ ही उन्होंने सभी पूर्व अध्यक्षों को भी याद करते हुए उनकी उपलब्धियां गिनाईं. राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के शपथ समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “नितिन नबीन को विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर बहुत बधाई व शुभकामनाएं देता हूं. बीते कई महीनों से संगठन पर्व यानि पार्टी की छोटी सी इकाई से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की व्यापक प्रक्रिया लोकतांत्रिक तरीके से, भाजपा के संविधान की भावना को ध्यान में रखकर लगातार चल रही थी. आज उसका विधि पूर्वक समापन हुआ है. संगठन पर्व का यह विशाल आयोजन भाजपा की लोकतांत्रिक आस्था, संगठनात्मक अनुशासन और कार्यकर्ता केंद्रित सोच का प्रतीक है।”
पूर्व अध्यक्षों पर क्या बोले PM मोदी?
पार्टी के सभी पूर्व अध्यक्षों को पीएम मोदी ने याद करते हुए कहा, “अटल जी, आडवाणी जी और मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में भाजपा ने शून्य से लेकर शिखर तक का सफर देखा है. इस सदी में वेंकैया नायडू और नितिन गडकरी सहित हमारे कई साथियों ने संगठन को विस्तार दिया है. राजनाथ सिंह के नेतृत्व में पहली बार भाजपा ने अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया, फिर अमित शाह के नेतृत्व में देश के अनेक राज्यों में भाजपा की सरकार बनी. जे.पी. नड्डा के नेतृत्व में भाजपा पंचायत से संसद तक और सशक्त हुई. मैं पूर्व के सभी अध्यक्षों का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।”
मैं एक कार्यकर्ता आप मेरे ‘बॉस’
प्रधानमंत्री मोदी बोले, “भाजपा एक ऐसी पार्टी है जहां लोगों को लगता होगा कि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, 50 साल की छोटी आयु में मुख्यमंत्री बन गए, 25 साल से लगातार सरकार के प्रमुख रहे हैं. ये सब अपनी जगह पर है लेकिन इन सबसे भी बड़ी चीज मेरे जीवन में है कि मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूं. ये सबसे बड़ा गर्व है और जब बात पार्टी के विषयों पर आती है, तब नितिन नबीन जी, मैं एक कार्यकर्ता हूं और वे मेरे ‘बॉस’ हैं।”
नितिन नबीन हैं ‘मिलेनियल’, बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने संबोधन के दौरान कहा, “हमारे यहां ‘मेंबरशिप’ से भी ज्यादा ‘रिलेशनशिप’ होती है. भाजपा एक ऐसी परंपरा है जो पद से नहीं प्रक्रिया से चलती है. हमारे यहां पदभार एक व्यवस्था है और कार्यभार जीवन भर की जिम्मेदारी है. हमारे यहां अध्यक्ष बदलते हैं लेकिन आदर्श नहीं बदलते. नेतृत्व बदलता है लेकिन दिशा नहीं बदलती. इस महत्वपूर्ण कालखंड की शुरुआत में नितिन नबीन भाजपा की विरासत को आगे बढ़ाएंगे. आजकल के युवाओं की भाषा में, नितिन नबीन खुद भी एक प्रकार से ‘मिलेनियल’ हैं, वे उस पीढ़ी से हैं जिसने भारत में बड़े आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी परिवर्तन होते देखे हैं।”
के कविता ने पिता केसीआर से बगावत कर खेला बड़ा सियासी दांव?
20 Jan, 2026 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। तेलंगाना की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर होने के संकेत मिल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) की बेटी के. कविता नई राजनीतिक पार्टी के गठन की दिशा में कदम बढ़ाती दिख रही हैं। सूत्रों की मानें तो के. कविता ने देश के जाने-माने चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर से इस सिलसिले में लंबी बातचीत की है। दावे किए जा रहे हैं कि के कविता ने पीके से करीब पांच दिनों तक विचार-विमर्श किया, जिसमें तेलंगाना के मौजूदा राजनीतिक हालात, जनभावनाएं और एक नए सियासी विकल्प की संभावनाओं पर चर्चा हुई। के. कविता, जो तेलंगाना जागृति नामक सांस्कृतिक संगठन की अध्यक्ष हैं, बीआरएस से निलंबन के बाद लगातार सक्रिय राजनीति में बनी हुई हैं। सितंबर 2025 में पार्टी से निलंबित किए जाने के तुरंत बाद उन्होंने विधान परिषद (एमएलसी) से भी इस्तीफा दे दिया था, जिसे हाल ही में परिषद के सभापति गुथा सुखेन्द्र रेड्डी ने स्वीकार कर लिया। बीआरएस नेतृत्व से टकराव के बाद कविता खुलकर अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश में जुट गई हैं। कविता का निलंबन उस समय हुआ था, जब उन्होंने अपने ही चचेरे भाई और वरिष्ठ नेता टी. हरीश राव तथा जे. संतोष कुमार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना में कथित अनियमितताओं के चलते इन नेताओं ने उनके पिता केसीआर की छवि को नुकसान पहुंचाया। इस बयान को पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुली बगावत के तौर पर देखा गया और इसके बाद उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई। निलंबन के बाद से के. कविता न सिर्फ बीआरएस, बल्कि सत्ताधारी कांग्रेस पर भी हमलावर हैं। वे दोनों दलों पर भ्रष्टाचार और जनविरोधी नीतियों का आरोप लगा चुकी हैं। तेलंगाना जागृति के मंच से वे लगातार महिलाओं, युवाओं और किसानों से जुड़े मुद्दे उठा रही हैं और खुद को एक वैकल्पिक नेतृत्व के तौर पर पेश कर रही हैं। दिसंबर 2025 में दिए गए एक बयान में के. कविता ने यहां तक कहा था कि वह एक दिन तेलंगाना की मुख्यमंत्री बनेंगी और राज्य गठन (2014) के बाद से हुए सभी “अन्यायों और कुकर्मों” की जांच कराएंगी। अब प्रशांत किशोर से हुई बातचीत के बाद यह कयास तेज हो गए हैं कि कविता जल्द ही नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा कर सकती हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह न सिर्फ बीआरएस के लिए बड़ा झटका होगा, बल्कि तेलंगाना की राजनीति में एक नई धुरी भी बन सकती है।
मोदी सरकार तमिलनाडू के महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को नजरअंदाज कर रही : सांसद टैगोर
20 Jan, 2026 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने केंद्र पर जमकर निशाना साधकर आरोप लगाया कि भारत के विकास में तमिलनाडु की अहम भूमिका होने के बावजूद, मोदी सरकार तमिलनाडू के महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं में नजरअंदाज कर रही है। सांसद टैगोर ने कहा कि केंद्र सरकार ने मदुरै और कोयंबटूर मेट्रो परियोजनाओं के साथ-साथ होसुर हवाई अड्डे की परियोजना का अनदेखा किया है। उन्होंने लिखा कि तमिलनाडु देश के विकास में अहम भूमिका निभाने के बावजूद, इन परियोजनाओं सहित अपने हक के विकास कार्यों से वंचित है।
सांसद टैगोर ने लिखा कि मदुरै मेट्रो नहीं... कोयंबटूर मेट्रो नहीं... अब होसुर हवाई अड्डा भी नहीं... तमिलनाडु की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को एक-एक करके नकारा जा रहा है। यह अलग रवैया क्यों? जीडीपी, निर्यात, लघु एवं मध्यम उद्यम और रोजगार तमिलनाडु भारत के विकास में अहम भूमिका निभाता है। फिर भी, क्या केंद्र की योजनाओं में नजरअंदाज किया है? उन्होंने मदुरै और कोयंबटूर को देश के दक्षिणी क्षेत्र के प्रमुख विकास केंद्र बताकर होसुर को उद्योग, रसद और रोजगार की रीढ़ बताया। केंद्र पर तीखा प्रहार कर सांसद टैगोर ने जोर दिया कि इन परियोजनाओं को अस्वीकार करना लाखों लोगों के लिए मौकों की पहुंच में बाधा है।
उन्होंने कहा कि मदुरै, कोयंबटूर के प्रमुख विकास केंद्र। होसुर उद्योग, रसद और रोजगार की रीढ़। इन परियोजनाओं को अस्वीकार करना लाखों लोगों के लिए मौकों को अस्वीकार करना है सांसद टैगोर ने राजनीतिक सहयोग और संघवाद के रुख पर सवाल उठाकर पूछा कि क्या यह केवल भाषणों तक ही सीमित है और इसका कोई कार्य योजना बनाने का इरादा नहीं है? उन्होंने कहा कि राजनीतिक सहयोग के बिना विकास? क्या संघवाद सिर्फ भाषणों के लिए है, कार्यों के लिए नहीं? कांग्रेस सांसद ने स्थिति को भेदभावपूर्ण बताकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में राज्य की उपेक्षा के गंभीर परिणामों की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु ने कोई एहसान नहीं मांगा है। वह सिर्फ अपना उचित हिस्सा मांग रहा है।
केंद्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने गाइडेड पिनाका रॉकेट सिस्टम को हरी झंडी दिखाई
20 Jan, 2026 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागपुर । महाराष्ट्र के नागपुर में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (एसडीएएल) के प्लांट से ‘गाइडेड पिनाका’ रॉकेट सिस्टम को हरी झंडी दिखाई। इसी प्लांट से अब गाइडेड पिनाका का एक्सपोर्ट आर्मेनिया को होगा।
इस मौके पर उन्होंने एसडीएएल की मीडियम कैलिबर एम्युनिशन फैसिलिटी का भी उद्घाटन कर रॉकेट असेंबली क्षेत्र का निरीक्षण किया। केंद्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने डिफेंस प्रोडक्शन में निजी सेक्टर की तारी कर कहा कि निजी कंपनियां अब आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत योगदान दे रही हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत का लक्ष्य गोला-बारूद उत्पादन का ग्लोबल हब बनना है। पहले गोला-बारूद की कमी की वजह से आधुनिक हथियारों का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाता था, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। आज कई तरह का एम्युनिशन पूरी तरह भारत में बनाया जा रहा है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि नागपुर की इस फैसिलिटी से पिनाका मिसाइलों का एक्सपोर्ट शुरू होना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि इससे न सिर्फ देश की रक्षा उद्योग की ताकत दिखती है, बल्कि भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट को भी मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि कई अन्य देश भी पिनाका सिस्टम खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में रक्षा उत्पादन में निजी सेक्टर की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत तक पहुंचे और देश की रक्षा जरूरतों के लिए भारत को आत्मनिर्भर बनाया जाए।
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