राजनीति
कार से उतरकर मिले पीएम मोदी-राहुल गांधी, संसद परिसर में हुई अहम बातचीत
11 Apr, 2026 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संसद परिसर में शनिवार को ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच काफी देर तक बातचीत हुई।
दरअसल, पीएम मोदी अपनी कार से बाहर निकलते हुए दिखे और राहुल गांधी के साथ कुछ देर, लेकिन पूरी तल्लीनता से बातचीत करने के लिए रुके। दोनों नेताओं ने आपस में कुछ बातें कीं और यह बातचीत काफी सौहार्दपूर्ण लग रही थी। तस्वीरों में उन्हें एक-दूसरे के करीब खड़े होकर पूरी एकाग्रता से बातचीत करते हुए देखा गया।
देखने को मिली दुर्लभ झलक
यह बातचीत सत्ताधारी भाजपा और कांग्रेस के बीच अक्सर होने वाली तीखी राजनीतिक नोक-झोंक के बीच यह सबसे अलग थी। इसने प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता के बीच सीधे और अनौपचारिक संवाद की एक दुर्लभ झलक पेश की।
जब ये दोनों नेता आपस में बात कर रहे थे तो पास में मौजूद लोग पल भर के लिए रुक गए। इस तरह संसद परिसर की आम कार्यवाही के बीच यह एक यादगार पल बन गया। पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच हुई बातचीत का वीडियो ऑनलाइन खूब वायरल हो रहा है। एक एक्स यूजर ने लिखा, "हमारे प्रधानमंत्री को विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ गंभीर बातचीत करते हुए देखकर अच्छा लग रहा है।"
दिल्ली और पटना में हलचल तेज, बीजेपी-एनडीए की बैठकों से बढ़ी सियासी अटकलें
11 Apr, 2026 11:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: नीतीश कुमार के राज्य सभा की सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने दिल्ली में राज्य सभा की शपथ लेने के बाद पटना पहुंचते ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। इस बैठक में जदयू की आगे की भूमिका, मंत्रियों की संख्या और संभावित चेहरों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से कब इस्तीफा देंगे, इस सवाल पर जदयू नेता और मंत्री विजय चौधरी ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के सदस्यता ग्रहण करने से बिहार में सरकार बदलने की फिलहाल कोई बात नहीं है। हालांकि, जदयू ने अपने सभी विधायकों को पटना पहुंचने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि जदयू विधायक दल की बैठक में आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक टली
बिहार बीजेपी के कोर ग्रुप की बैठक रद्द होने के बाद नेता दिल्ली से पटना लौट आए हैं। दिल्ली में शुक्रवार शाम 6 बजे बीजेपी नेता विनोद तावड़े के आवास पर यह बैठक प्रस्तावित थी, जिसमें शामिल होने के लिए पटना से कई नेता दिल्ली पहुंचे थे। हालांकि, यह बैठक फिलहाल टाल दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, अब यह बैठक 13 अप्रैल को हो सकती है। इस बैठक में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर चर्चा होनी थी। लेकिन अब इससे पहले पटना में एनडीए की बैठक में इस मुद्दे पर विचार-विमर्श होगा। एनडीए की बैठक में जिन नामों पर सहमति बनेगी, उन पर दिल्ली में अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
पटना में होगा बड़ा फैसला
जदयू सूत्रों के अनुसार, बीजेपी ने नीतीश कुमार को बिहार में बनने वाली नई सरकार के स्वरूप की जानकारी दे दी है। बताया जा रहा है कि रविवार को एनडीए की बैठक हो सकती है। इसे लेकर सभी सहयोगी दलों ने अपने विधायकों को 11 अप्रैल की शाम तक पटना पहुंचने के निर्देश दिए हैं।
माना जा रहा है कि 12 या 13 अप्रैल को पटना में एनडीए विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। पहले कहा जा रहा था कि सभी अहम निर्णय दिल्ली में होंगे, लेकिन अब संकेत हैं कि महत्वपूर्ण फैसले पटना में होने वाली एनडीए विधायक दल की बैठक में ही लिए जाएंगे। इसी बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएगा, जिसके बाद दिल्ली में उस पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, 12 या 13 अप्रैल को एनडीए की बैठक के बाद 14 अप्रैल तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि नई सरकार में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। बीजेपी अपने नेताओं को महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंप सकती है।
चुनावी हलचल तेज: असम में री-पोलिंग, बंगाल में पीएम-शाह की रैलियों का कार्यक्रम
11 Apr, 2026 10:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। अमस, केरल और पुडुचेरी तीन राज्यों में 9 अप्रैल को वोटिंग हुई। इस दौरान असम के श्रीभूमि जिले में करीमगंज (उत्तर) विधानसभा क्षेत्र के 239-बेबीलैंड हाई इंग्लिश स्कूल मतदान केंद्र पर बीजेपी और कांग्रेस के समर्थकों के बीच हुई झड़पों के बाद दोबारा चुनाव का आदेश दिया गया है। जहां आज दोबारा वोटिंग होगी। तीन राज्यों में वोटिंग संपन्न होने के साथ अब राजनीतिक पार्टियां पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनावी प्रचार पर फोकस कर रही हैं। पश्चिम बंगाल में आज पीएम और गृह मंत्री अमित शाह तीन-तीन बड़ी रैलियां करेंगे।
पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी की तीन रैलियां
पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तीन चुनावी रैलियां करेंगे। सबसे पहले वह काटुवा में जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद जंगीपुर जाएंगे फिर दक्षिण दिनाजपुर में जनसभा करेंगे।
पीएम मोदी की विजय संकल्प सभाएं
विजय संकल्प सभा 1
समय - सुबह 11.30 बजे, स्थान - काटुवा
विजय संकल्प सभा 2
समय - दोपहर 1.15 बजे, स्थान - जंगीपुर
विजय संकल्प सभा 3
समय - दोपहर 3.15 बजे, स्थान - दक्षिण दिनाजपुर
मुर्शिदाबाद हिंसा में जान गंवाने वाले चंदन दास के परिवार से मिलेंगे प्रधानमंत्री
पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले साल मुर्शिदाबाद हिंसा में जान गंवाने वाले चंदन दास के परिवार से भी मिलेंगे। 12 अप्रैल 2025 को मुर्शिदाबाद में वक्फ संशोधन अधिनियम के विरोध के दौरान हिंसा में चंदन दास और उनके पिता हरगोबिंद दास की हत्या कर दी गई थी। भीड़ ने जंगीपुर के जाफराबाद में घर में घुसकर दोनों को मार डाला था।
बीजेपी का महिला आरक्षण पर फोकस: आज से बूथ स्तर पर सक्रिय होगी महिला ब्रिगेड
11 Apr, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Nari Shakti Vandan Adhiniyam 2026: महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस केंद्र सरकार पर सवाल खड़े कर रही है. तो वहीं बीजेपी अपनी अलग ही तैयारी में नजर आ रही है. लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 2029 से 33% आरक्षण लागू करने को मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश करने में लग चुकी है. अगले कुछ दिनों बाद संसद का सत्र बुलाया गया है. इसमें यह विधेयक पारित किया जाएगा.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने संगठन और खास तौर पर महिला नेताओं को निर्देश दिया है कि बिल पारित होने से पहले इसके लिए माहौल बनाया जाए. इसके साथ ही महिलाओं का ज्यादा से ज्यादा समर्थन जुटाया जाए. इसके लिए 11 अप्रैल से छोटे-बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएं.
देशभर में कार्यक्रम किए जाएंगे आयोजित
बीजेपी अपनी रणनीति के तहत 11 से 13 अप्रैल के बीच देश के 100 शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगी. देश के जो भी बड़े शहर हैं वहां बार दो प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी. इनके जरिए महिला आरक्षण बिल के फायदे और समाज में होने वाले बदलावों के बारे में बताया जाएगा. जिन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है, वहां विपक्ष के नेता और केंद्रीय मंत्रियों को कमान सौंपी गई है. दूसरी तरफ जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार है वहां पर खुद मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.
बूथ स्तर पर लिया जाएगा फीडबैक
नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण) बिल को लेकर भाजपा महिला वोटरों के बीच जाएगी. बीजेपी इसके लिए नारी शक्ति वंदन अभियान को शुरू करेगी. इस कार्यक्रम के जरिए बूथ स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. यहां लोगों से महिला आरक्षण बिल को लेकर उनका फीडबैक लिया जाएगा, तो वहीं दूसरी तरफ अलग अलग शहरों में पदयात्रा और बाइक रैली भी निकाली जाएगी. इनका नेतृत्व महिला नेताएं ही करेंगी.
नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) के लिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है. इस के समर्थन में बीजेपी ने अभी से माहौल बनाना शुरू कर दिया है.
SIR विवाद के बीच TMC का कदम, 90 लाख नाम फिर सूची में शामिल करने की घोषणा
11 Apr, 2026 09:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal.) में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) की तारीखें नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी हमले तेज होते दिख रहे हैं। भाजपा (BJP) ने जहां आज चुनावी घोषणा पत्र (Election Manifesto) में लोक लुभावन वादे कर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बड़े वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश की है, वहीं TMC महासचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने भाजपा के हिन्दू कार्ड पर नया दांव चल दिया है। इतना ही नहीं बनर्जी ने चुनावों से पहले एक बड़ा ऐलान भी कर दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर उनकी पार्टी टीएमसी फिर से सत्ता में आती है तो SIR में काटे गए सभी 90 लाख लोगों के नाम फिर से मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे।
एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में अभिषेक बनर्जी ने इसका ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम जानबूझकर मतादाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग और भाजपा यह कहे कि जिन 90 लाख लोगों के नाम काटे गए हैं, वे सभी बांग्लादेशी थे।
63% नाम हिंदुओं के काटे गए
AITC के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा, “…मैं यह भरोसा दिलाता हूँ कि जब TMC फिर जीतेगी, तो वोटर लिस्ट से हटाए गए सभी लोगों के नाम वापस जोड़ दिए जाएँगे।” उन्होंने कहा, “BJP और चुनाव आयोग को यह कहना चाहिए कि जिन 90 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं, वे सभी बांग्लादेशी थे।” बनर्जी ने कहा, “उनके बयानों के अनुसार, इनमें से 63% नाम हिंदुओं के थे, तो फिर वे भी ज़रूर बांग्लादेशी या रोहिंग्या होंगे…यानी 90 में से 57 लाख हिन्दू बांग्लादेशी रोहिंग्या हैं।”
6 माह में UCC लागू करेंगे: BJP
बता दें कि बनर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने पर छह महीने के भीतर राज्य में समान नागरिक संहिता लागू (यूसीसी) लागू की जाएगी और ‘बंगाल के सपूत’ को मुख्यमंत्री बनाने के साथ ही ‘राम राज्य’ स्थापित किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का ‘संकल्प पत्र’ जारी करते हुए कहा कि घुसपैठ और तुष्टीकरण के खिलाफ भाजपा के रुख को कल्याणकारी प्रयासों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के इस आरोप को भी खारिज किया कि भाजपा पश्चिम बंगाल के लोगों की खान-पान की आदतों में दखल देगी। दूसरी तरफ, अभिषेक बनर्जी 63 फीसदी हिन्दू मतदाताओं के नाम काटे जाने के बहाने भाजपा को हिन्दू विरोधी ठहराने की कोशिश कर रहे हैं और टीएमसी के पक्ष में ध्रुवीकरण की कोशिश कर रहे हैं।
वीरप्पन की विरासत पर सियासत तेज, बेटियां और पत्नी चुनावी मैदान में
11 Apr, 2026 08:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। तमिलनाडु (Tamil Nadu) के जंगलों में दशकों तक दहशत और सुर्खियों में रहे चंदन तस्कर वीरप्पन (Veerappan) की मौत के 22 साल बाद एक बार फिर उनका नाम राजनीति में गूंजने लगा है। इस बार वजह है उनका परिवार, जो अलग-अलग राजनीतिक दलों से विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) मैदान में उतर चुका है।
परिवार की राजनीति में एंट्री, कई दलों से जुड़े चेहरे
वीरप्पन की बड़ी बेटी विद्या देवी मेत्तूर सीट से चुनाव लड़ रही हैं। वहीं उनकी पत्नी मुतुलक्षमी कृष्णागिरि से तमिलागा वाजवुरिमाई काची की उम्मीदवार हैं। दूसरी बेटी विद्यारानी भी राजनीति में सक्रिय हैं और नाम तमिलर काची (NTK) से मैदान में हैं। दोनों ही पार्टियां तमिल राष्ट्रवाद की विचारधारा का समर्थन करती हैं।
‘रॉबिनहुड’ छवि गढ़ने की कोशिश पर बहस
विद्यारानी पहले 2024 के लोकसभा चुनाव में भी किस्मत आजमा चुकी हैं। वह और उनकी मां वीरप्पन को सिर्फ अपराधी नहीं, बल्कि “अन्याय के खिलाफ लड़ने वाला व्यक्ति” बताकर उनकी अलग छवि पेश कर रही हैं। विद्यारानी का कहना है कि अगर उनके पिता जीवित होते तो वे लोकतांत्रिक राजनीति में हिस्सा लेते।
राजनीतिक मंचों से मिल रहा समर्थन और बयान
विद्यारानी की मेत्तूर रैली में बड़ी भीड़ देखी गई। नाम तमिलर काची के प्रमुख सीमान ने भी वीरप्पन की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह जंगलों के रक्षक की तरह काम करते थे। हालांकि, उनके इस बयान और वीरप्पन की छवि को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।
राजनीतिक सफर और बदलते दल
विद्यारानी पेशे से वकील और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वह आदिवासी और दलित मुद्दों पर काम करती हैं। उन्होंने 2020 में भाजपा जॉइन की थी और बाद में 2024 में नाम तमिलर काची में शामिल हो गईं। इससे पहले वह भाजपा की यूथ विंग में उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
वीरप्पन का आपराधिक इतिहास और अंत
कूज मुनिस्वामी वीरप्पन कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल के जंगलों में सक्रिय कुख्यात चंदन तस्कर था। आरोपों के अनुसार उस पर 100 से अधिक हाथियों के शिकार और करीब 184 हत्याओं का आरोप था। वह जंगलों में छिपकर वर्षों तक पुलिस और सुरक्षा बलों को चुनौती देता रहा। 2004 में तमिलनाडु पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने ‘ऑपरेशन कोकून’ के तहत उसे मार गिराया था, जिसके बाद उसका आपराधिक अध्याय खत्म हुआ। उसके जीवन पर कई फिल्में और डॉक्यूमेंट्री भी बन चुकी हैं।
महिलाओं को 3000 रुपए की मदद, 6 महीने में UCC लागू—बंगाल में बीजेपी के वादों की लिस्ट
11 Apr, 2026 07:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bengal Assembly Election: बंगाल चुनाव के लिए अमित शाह ने BJP का मेनिफेस्टो जारी कर दिया है. इसे ‘भरोसे का शपथ पत्र’ नाम दिया है. मेनिफेस्टों में हर वर्ग के लिए बीजेपी ने वादों का एलान किया है. अमित शाह ने कहा- संकल्प पत्र बंगाल को नया मार्ग दिखाएगा. जानें मेनिफेस्टो में क्या-क्या?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संकल्प पत्र जारी करते हुए कहा, “यह संकल्प पत्र बंगाल के हर तबके को निराशा से बाहर निकालने का एक मार्ग है. यह कई प्रकार की आशंकाओं से घिरे किसानों को बाहर निकलने का एक नया मार्ग दिखाएगा. प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत की जो कल्पना है, उस रोड मैप को भी यह संकल्प पत्र बंगाल की जनता के सामने रखेगा. जनता भयभीत और निराश है. जनता मन से परिवर्तन चाहती है. आज हम बंगाल की विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल के रूप में काम कर रहे हैं.”
घुसपैठ पर निर्णायक प्रहार करेंगे: अमित शाह
अमित शाह ने कहा, “बंगाल की संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए हम एक वंदे मातरम संग्रहालय की कल्पना लेकर आए हैं. इसके माध्यम से पूरे विश्व में बंगाल के कल्चर को प्रसिद्धि मिलेगी. हम घुसपैठ पर निर्णायक प्रहार करेंगे. हमने तय किया है कि 45 दिन में ही भारत सरकार के गृह मंत्रालय को जितनी भूमि उपलब्ध करानी है, वह बंगाल सरकार द्वारा कराई जाएगी.”
UCC लागू करने की कही बात
अमित शाह ने कहा, “भाजपा शासित कई राज्यों ने समान नागरिक संहिता लागू कर दी है. छह महीने के भीतर हम बंगाल में भी इसे लागू करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि राज्य भर के सभी नागरिकों पर एक समान कानून लागू हो. हम न केवल घुसपैठियों के खिलाफ बंगाल की सीमाओं को सील करेंगे बल्कि यह भी सुनिश्चित करेंगे कि बंगाल के रास्ते भारत से एक भी गाय की तस्करी न हो सके.”
बीजेपी मेनिफेस्टो के बड़े ऐलान
45 दिन के अंदर सातवां वेतन आयोग लागू होगा
महिलाओं और ग्रेजुएट छात्रों को हर महीने ₹3000 दिए जाएंगे
पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना लागू करेंगे
घुसपैठ को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति रहेगी
6 महीने के अंदर बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू किया जाएगा
सरकार इस बात को लेकर सुनिश्चित करेगी कि गौ माता की तस्करी ना हो
एक करोड़ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे
सभी सरकारी कर्मचारियों को पेंशन दी जाएगी
धान, आलू और आम की खेती के किसानों के लिए बेहतर इंतजाम किए जाएंगे
किसानों को हर साल 9 हजार रुपए देने का वादा
महिलाओं पर फोकस
महिलाओं के लिए बस यात्रा फ्री
गर्भवती महिलाओं को 21000 रुपये की सहायता राशि
हर थाने में होगा महिला डेस्क
सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए होगा 33% का कोटा
महिलाओं के खाते में हर महीने 3 हजार रुपए
दो महिला बटालियन बनाई जाएगी
अमित शाह का ‘ट्रिपल D’ फॉर्मूला समझिए: बंगाल में घुसपैठियों पर कैसे लगेगी लगाम
10 Apr, 2026 07:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bengal Election BJP Menifesto: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना घोषणा पत्र (Menifesto) जारी कर दिया है। पार्टी का दावा है कि यह दस्तावेज विकसित बंगाल का एक व्यापक रोडमैप है, जो राज्य को भय, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था से मुक्त करने की दिशा में काम करेगा। घोषणा पत्र जारी करते हुए भाजपा नेताओं ने राज्य की मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि पिछले 15 सालों में राज्य में विकास ठप रहा है।
भाजपा का विपक्ष पर तीखा प्रहार
भाजपा ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में वर्तमान शासन के दौरान अंधकार का युग रहा है, जहां कानून-व्यवस्था कमजोर हुई है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है। पार्टी का कहना है कि अब राज्य की जनता बदलाव चाहती है और भाजपा इस परिवर्तन की वाहक बनेगी। संकल्प पत्र में यह भी कहा गया कि पार्टी ऐसी सरकार देगी, जहां नागरिक भयमुक्त वातावरण में जीवन जी सकें और गर्व के साथ आगे बढ़ सकें।
अवैध घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई
राष्ट्रीय सुरक्षा और घुसपैठ का मुद्दा भी भाजपा के एजेंडे में प्रमुखता से शामिल है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि अवैध घुसपैठ पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट की नीति अपनाई जाएगी। भाजपा का मानना है कि इससे राज्य की सुरक्षा और पहचान को मजबूती मिलेगी।
भाजपा के बड़े वादे
विकास के मोर्चे पर भाजपा ने कई बड़े वादे किए हैं। पार्टी ने सरकार बनने के 100 दिनों के भीतर नई औद्योगिक नीति लाने की बात कही है। इसके साथ ही उत्तर बंगाल के विकास के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएंगी, जिनमें आईआईटी, आईआईएम, एम्स और फैशन टेक्नोलॉजी संस्थान की स्थापना शामिल है।
महिला सुरक्षान का वादा
महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भाजपा ने महिला थानों की स्थापना और सुरक्षित वातावरण का वादा किया है। इसके अलावा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उनके खातों में हर महीने 3000 रुपये देने की योजना भी प्रस्तावित की गई है।
TMC के खिलाफ श्वेत पत्र जारी
सरकारी कर्मचारियों के लिए 7वां वेतन आयोग लागू करने और पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए श्वेत पत्र जारी करने का भी वादा किया गया है। भाजपा का कहना है कि वह सोनार बांग्ला के सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य के पुनर्निर्माण का अभियान तेज करेगी।
CM ममता का तीखा वार: ‘सांप पर भरोसा कर लो, BJP पर नहीं’
10 Apr, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को भाजपा पर तीखा हमला किया। उत्तर 24 परगना जिले के टेंटुलिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को असम के स्थानीय लोगों के वोटों पर भरोसा नहीं था। इसलिए पार्टी ने चुनाव जीतने के लिए बाहर से लोग बुलाए। ममता ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश से 50,000 लोगों को ट्रेन में भरकर असम लाया गया।
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के राज में देश की कोई भी एजेंसी निष्पक्ष नहीं रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि केसरिया पार्टी ने सभी एजेंसियों को खरीद लिया है। भाजपा पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा, 'एक सांप पर तो भरोसा किया जा सकता है, लेकिन भाजपा पर कभी नहीं।' पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी और भाजपा के बीच जुबानी जंग काफी तेज हो गई है।
रैली के दौरान मुख्यमंत्री ने वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 90 लाख नाम हटा दिए गए हैं। एक अखबार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि इन 90 लाख नामों में से 60 लाख हिंदू और 30 लाख मुस्लिम हैं। उन्होंने असम के एनआरसी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी 19 लाख नाम लिस्ट से बाहर किए गए थे, जिनमें 13 लाख हिंदू और 6 लाख मुस्लिम थे। ममता बनर्जी ने लोगों को आगाह किया कि वे भाजपा पर कभी विश्वास न करें। असम की 126 सीटों के लिए गुरुवार को मतदान हुआ था।
शिवानंद तिवारी का खुलासा: लालू-नीतीश के बीच असली फर्क क्या है और क्यों भड़क गए थे नीतीश कुमार
10 Apr, 2026 05:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Nitish Kumar's Rajya Sabha Oath:नीतीश कुमार आज राज्य सभा सांसद पद की शपथ लेंगे। करीब दो दशक बाद बिहार की राजनीति धुरी रहे नीतीश एकबार फिर केंद्रीय राजनीति में लौट रहे हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा 360 डिग्री घूम गई है। नीतीश को लेकर उनके सहयोगी रहे समाजवादी नेता शिवानंद तिवारी ने फेसबुक पोस्ट के जरिए नीतीश की राजनीति का ब्योरा बताया है।
'नीतीश की यात्रा को दो खंडों में देखा जा सकता है'
शिवानंद तिवारी अपने फेसबुक पोस्ट में लिखते हैं, 'नीतीश की राजनीति की संपूर्ण यात्रा दो खंड में देखा जा सकता है। पहला खंड वह है, जब वह सत्ता के बाहर थे। नीतीश कुमार पहली बार साल 1985 में विधानसभा सदस्य बने। उसके बाद तो उनकी राजनीति सरपट दौड़ी। 1989 में बाढ़ संसदीय क्षेत्र से सांसद बने। 1990 में वीपी सिंह की सरकार में कृषि और सहकारिता राज्यमंत्री बने। वह सरकार सिर्फ पंद्रह महीने ही चल पाई। 1991 में लोकसभा के मध्यावधि चुनाव में नीतीश जी पुनः बाढ़ से सांसद बने।
1990 लालू यादव बन चुके थे CM
इस बीच 1990 में लालू यादव मुख्यमंत्री बन चुके थे। मंडल आयोग की अनुशंसाओं को लागू किए जाने के समर्थन में उनके अभियान और आडवाणी जी की गिरफ्तारी से उनकी लोकप्रियता आसमान छू रही थी। हालांकि उस अभियान में लालू यादव के साथ नीतीश कुमार सहित हम सब लोग सक्रिय थे।
शिवानंद तिवारी ने आगे लिखा कि 1991 की लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद की एक चर्चित घटना है। चर्चित इस अर्थ में कि कई लोगों ने उस घटना के बारे में अपने-अपने तरीके से लिखा है। संकर्षण ठाकुर की किताब में शायद वह घटना सबसे पहले आई थी। मैंने उसको पढ़ा नहीं है, लेकिन वह घटना लालू और नीतीश दोनों के मिजाज और चरित्र को जरूर दर्शाती है।
बिहार भवन में फिल्म देख रहे थे नीतीश
शिवानंद तिवारी ने लिखा कि साल 1991 के मध्यावधि चुनाव में वृष्णि पटेल भी सिवान संसदीय क्षेत्र से चुनाव जीतकर लोकसभा आए थे। बिहार भवन में उनको कमरा मिला था। दिल्ली में उन दिनों मेरा मुकाम नीतीश का ही घर हुआ करता था। जिस दिन की यह घटना है, उस दिन हम लोग यानी नीतीश कुमार, ललन सिंह, वृष्णि पटेल और मैं पटेल साहब के कमरे में टेलीविजन पर कोई फिल्म देख रहे थे।
फिल्म के समाप्त होने के बाद जब हम बाहर निकले, तो पता चला कि लालू यादव भी दिल्ली आ गए हैं और नीचे मुख्यमंत्री कक्ष में हैं। नीतीश कुमार ने ही कहा कि चलिए, मुख्यमंत्री से मिल लिया जाए, लेकिन ललन पता नहीं क्यों जाने को इच्छुक नहीं थे।
नीतीश को अपनी जमात का नेता मानते थे: शिवानंद तिवारी
नीतीश ने कहा कि 'अरे चलिए. ऐसा क्या है।' लेकिन तब भी ललन जाने में संकोच कर रहे थे। तब मैंने ललन सिंह से कहा कि जब 'नेता' कह रहा है तो चलो, क्या हर्ज है। शिवानंद ने कहा कि हम लोग नीतीश को ही अपनी जमात का नेता मानते थे। यह जयप्रकाश आंदोलन और लोहिया विचार मंच के जमाने से ही था।
हम लोग मुख्यमंत्री कक्ष के ड्राइंग रूम में पहुंचे। वहां देखा कि तीन लोगों के बैठने वाले लंबे सोफे पर बीच में लालू यादव बैठे हुए हैं। सामने एक लंबा टेबल था, जिस पर एक खुली हुई फाइल रखी थी। फाइल में सिर्फ एक पन्ना नजर आ रहा था। लालू यादव के हाथ में खुली हुई कलम थी। उनकी नजर फाइल पर थी। जब हम लोग कमरे में दाखिल हुए तो उन्होंने हम पर नजर भी नहीं उठाई।
तिवारी ने आगे कहा कि हम लोग अंदर गए और जिसे जहां जगह मिली, वहां बैठ गए या खड़े हो गए। एक दूसरा लंबा सोफा था। नीतीश और पटेल साहब उस पर बैठ गए। सामने एक गोदरेज की टेबल थी, जिस पर टेक लगाकर ललन खड़े हो गए। मैं लालू यादव के बगल में रखी कुर्सी पर बैठ गया।
ललन सिंह को उंगली दिखाकर बाहर का रास्ता दिखाया
लालू यादव ने बगैर कुछ कहे, अपनी कलम बंद की, फाइल को एक तरफ रखा और सीधे ललन की ओर देखा और उंगली के इशारे से उसको कमरे से बाहर का रास्ता दिखाया। सब लोग हतप्रभ हो गए। ललन भी पहले उस इशारे को नहीं समझ पाए। तब लालू ने दोबारा उनको बाहर जाने का इशारा किया। ललन चुपचाप सिर झुकाकर वहां से बाहर निकल गए।
मैंने नीतीश कुमार और पटेल साहब के चेहरे की ओर नजर उठाई। ललन के साथ इस व्यवहार को देखकर दोनों का चेहरा उतर गया था। ललन अपनी मर्जी से लालू के यहां नहीं गए थे। एक तरह से नीतीश ही दबाव देकर उनको वहां ले गए थे।
सरयू राय को लेकर गाली-गलौच
इसके बाद लालू यादव ने सरयू राय का नाम लेकर गाली गलौज करना शुरू कर दिया। लालू सरयू राय को क्यों गलिया रहे हैं, इसे लेकर हम लोग इससे बिल्कुल अनभिज्ञ थे। बाद में पता चला कि राय जी ने पटना के नवभारत टाइम्स में एक लेख लिखा था। उन्होंने लालू सरकार पर आरोप लगाया था कि बिहार के हित के विरुद्ध इसने सोन नहर के पानी को भारत सरकार के तत्कालीन बिजली मंत्री कल्पनाथ राय के क्षेत्र में दे दिया है। बिहार विधानसभा का सत्र चल रहा था। विपक्ष ने उस खबर पर विधानसभा में शोरशराबा मचाया था।
पटना में लगे ‘फ्यूचर सीएम’ के पोस्टर, नीतीश कुमार के बाद निशांत की सियासी एंट्री के संकेत
10 Apr, 2026 04:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज शुक्रवार को दिल्ली में राज्य सभा सदस्य के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ ले ली है। लेकिन इसी बीच पटना में जेडीयू मुख्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर ने पूरे राज्य का सियासी पारा बढ़ा दिया है। इस पोस्टर में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को न केवल नीतीश के सपनों का उत्तराधिकारी, बल्कि फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार बताया गया है।
बिहार को मत कीजिए अनाथ… पोस्टरों के जरिए अपील
नीतीश कुमार के दिल्ली जाने पर छात्र JDU के प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण पटेल द्वारा JDU कार्यालय के बाहर यह पोस्टर लगाया गया है। पोस्टर पर बड़े अक्षरों में लिखा है, ' नीतीश सेवक, मांगे निशांत। हे जनेश्वर… बिहार छोड़कर हम बिहारवासियों को मत कीजिए अनाथ। पूछता है आज पूरा बिहार, आप जैसा कौन देगा सुरक्षा गारंटी और पूरा साथ।'पोस्टर के निचले हिस्से में नीतीश कुमार की विरासत को आगे बढ़ाने का दावा करते हुए लिखा गया है, 'निशांत निश्चय… नीतीश जी का मिशन अधूरा… निशांत कुमार ही करेंगे पूरा, मिशन विकसित बिहार 2040।' पोस्टर में ऊपर नीतीश कुमार की फोटो लगी है और नीचे निशांत कुमार की तस्वीर है। निशांत की तस्वीर के साथ लिखा है 'फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार'।
मिशन विकसित बिहार 2040 और निशांत की भूमिका
नीतीश कुमार ने हमेशा से बिहार के लिए लॉन्ग-टर्म विजन रखा है, चाहे वह 'सात निश्चय' हो या 'जल-जीवन-हरियाली'। अब इन पोस्टरों के जरिए 'मिशन विकसित बिहार 2040' का नारा बुलंद किया गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के बाद पार्टी के वोट बैंक (लव-कुश समीकरण) को बचाए रखने के लिए निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति के केंद्र में लाया जा रहा है। निशांत, जो पेशे से इंजीनियर हैं, उनकी साफ-सुथरी और सरल छवि युवाओं के बीच आकर्षण का केंद्र बन रही है।
दिल्ली में नए सीएम के नाम पर मंथन
नीतीश कुमार ने दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए संकेत दे दिया है कि वो जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। इसी बीच दिल्ली में भाजपा कोर कमेटी की एक अहम बैठक भी बुलाई गई है। इस बैठक में बिहार की नई सरकार के गठन और अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगनी है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित कई भाजपा नेता पहले से ही दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। हालांकि जेडीयू कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग चाहता है कि नीतीश कुमार के विजन को निशांत कुमार ही आगे बढ़ाएं।
लगातार सक्रिय हैं निशांत कुमार
निशांत कुमार अब तक राजनीति से दूर रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ महीनों में उनकी सक्रियता जेडीयू के भीतर काफी बढ़ी है। वे पूरे बिहार में भ्रमण कर लगातार युवा विधायकों और संगठन के नेताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं।
तेलंगाना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पवन खेड़ा को मिली 7 दिन की अग्रिम जमानत
10 Apr, 2026 03:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजनीतिक बयानबाजी के चलते नेताओं के कानूनी दांव-पेंच में फंसने के मामले कई बार सामने आ चुके है। हाल ही में भी कांग्रेस नेता पवन खेड़ा से जुड़ा एक ऐसा ही मुद्दा राष्ट्रिय राजनीति के केंद्र में बना हुआ है। यह मामला असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी को लेकर दिए गए खेड़ा के बयान से जुड़ा है। खेड़ा ने सीएम की पत्नी के पास एक से अधिक पासपोर्ट होने का आरोप लगाया था। इस मामले में अब खेड़ा के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। तेलंगाना हाईकोर्ट ने उन्हें एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दे दी है।
हैदराबाद में दाखिल की गई थी याचिका
तेलंगाना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पवन खेड़ा को एक सप्ताह की अग्रिम जमानत प्रदान की। न्यायमूर्ति के सुजना ने आदेश सुनाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को संबंधित अदालत में आवेदन दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाता है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह राहत सीमित अवधि के लिए है और कुछ शर्तों के साथ दी गई है। विस्तृत आदेश की प्रति अभी जारी नहीं हुई है, लेकिन इस फैसले ने फिलहाल खेड़ा को गिरफ्तारी से राहत दी है। यह याचिका हैदराबाद में दाखिल की गई थी, जहां खेड़ा का निवास भी है।
असम सरकार के वकील ने जमानत पर उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान असम सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल देवजीत सैकिया ने याचिका की वैधता पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि खेड़ा दिल्ली के निवासी हैं और उन्हें असम जाकर ही अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कोई मेडिकल इमरजेंसी नहीं है, इसलिए देश के किसी भी हिस्से से असम में आवेदन किया जा सकता है। सैकिया ने खेड़ा को फ्लाइट रिस्क बताते हुए आरोप लगाया कि पुलिस के पहुंचने पर वह स्थान बदल लेते हैं। दूसरी ओर, वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि यह पूरा मामला राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है और आपराधिक कार्रवाई का दुरुपयोग किया जा रहा है।
असम पुलिस ने खेड़ा के खिलाफ केस दर्ज किया
यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भूयान सरमा से जुड़ा है। खेड़ा ने आरोप लगाया था कि उनके पास एक से अधिक पासपोर्ट हैं। इसके बाद गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, मानहानि और शांति भंग करने जैसे आरोप शामिल हैं। इस बीच असम पुलिस खेड़ा की तलाश में हैदराबाद और दिल्ली दोनों जगह पहुंच चुकी है और उनके आवास पर जांच भी की गई है।
बीजेपी का बड़ा ऐलान: 7वें वेतन आयोग लागू करने समेत बंगाल में हर महीने 3 हजार रुपये तक राहत की घोषणा
10 Apr, 2026 02:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bengal elections 2024:पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार को बीजेपी ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। इस पत्र का नाम भरोसा पत्र दिया है। कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पार्टी का संकल्प पत्र जारी किया है। जिसमें महिलाओं के लिए हर महीने 3 हजार रुपये देने का वादा किया है। साथ ही प्रदेश में 45 दिन में 7वें वेतन आयोग को लागू करने की भी बात कही है।
बंगाल को निराशा से बाहर निकालने वाला संकल्प पत्र
इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि यह संकल्प पत्र बंगाल को निराशा से बाहर निकालने का रास्ता दिखाएगा। उन्होंने दावा किया कि यह दस्तावेज कानून का राज स्थापित करने, रोजगार बढ़ाने और 'सोनार बंगला' के निर्माण का भरोसा देता है। उन्होंने कहा, "यह संकल्प पत्र बंगाल के विकास का रोडमैप है, जो हर वर्ग के लोगों को नई दिशा देगा।"अमित शाह ने राज्य की सत्ताधारी टीएमसी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता पहले वामपंथी सरकार से परेशान होकर ममता बनर्जी को सत्ता में लाई थी। फिर उन्हें दूसरी और तीसरी बार भी मौका दिया गया लेकिन सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी।
TMC के शासन में 'सिंडिकेट राज, गुंडाराज और घुसपैठ' बढ़ी
उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के शासन में 'सिंडिकेट राज, गुंडाराज और घुसपैठ' जैसी समस्याएं बढ़ी हैं। अमित शाह ने कहा कि आज वही जनता, जिसने कभी ममता बनर्जी का समर्थन किया था, अब खुद को असुरक्षित और निराश महसूस कर रही है और बदलाव चाहती है।
संकल्प पत्र को लेकर अमित शाह ने कहा कि यह किसानों को कृषि संकट से उबारने, बेरोजगार युवाओं को अवसर देने और महिलाओं को सुरक्षित माहौल प्रदान करने की दिशा में काम करेगा। साथ ही यह बंगाल की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने वाले हर नागरिक को नई उम्मीद और भरोसा देगा।
पीएम के विजन के अनुरूप तैयार किया गया
उन्होंने कहा कि यह घोषणापत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' विजन के अनुरूप तैयार किया गया है और बंगाल के लिए विकास का स्पष्ट रोडमैप पेश करता है।गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि घुसपैठ के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' लागू होगी। मैं लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि हम घुसपैठियों की पहचान करेंगे, उन्हें सूची से हटाएंगे और देश से बाहर भेज देंगे। सभी सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता मिलेगा और सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन दिया जाएगा। भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में कुर्माली और राजबोंगशी भाषाओं को शामिल किया जाएगा। चावल, आलू और आम की खेती के लिए सहायता दी जाएगी। पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत सभी मछुआरों का पंजीकरण किया जाएगा और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए पश्चिम बंगाल को एक अग्रणी औद्योगिक और मछली-निर्यात केंद्र बनाया जाएग।
महिलाओं को तीन हजार रुपए
उन्होंने कहा कि भाजपा हर महिला को 3,000 रुपए देगी। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी और बेरोजगार युवाओं को 3,000 रुपए दिए जाएंगे। 'आयुष्मान भारत योजना' के साथ-साथ केंद्र सरकार की सभी योजनाओं को लागू किया जाएगा। मुफ्त एचपीवी टीकाकरण, ब्रैस्ट कैंसर की जांच (स्क्रीनिंग), उत्तरी बंगाल में एम्स, आईआईटी और आईआईएम की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही एक 'वंदे मातरम संग्रहालय' की स्थापना की जाएगी और धार्मिक रीतिरिवाजों के पालन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने वाला कानून बनाएगा।
ऐतिहासिक पल: नीतीश कुमार को मिली राज्यसभा सदस्यता, सीपी राधाकृष्णन ने कराई शपथ ग्रहण
10 Apr, 2026 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Nitish Kumar Oath: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज शुक्रवार, दोपहर करीब सवा 12 बजे राज्यसभा के सांसद पद की शपथ ली. सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें सदस्यता दिलाई. अब नीतीश कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री पद की कुर्सी छोड़ देंगे. उनकी जगह पर सीएम किसे बनाया जाएगा, फिलहाल अभी यह तय नहीं हो पाया है. नए सीएम के नाम पर मंथन करने के लिए दिल्ली में बिहार बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक बुलाई गई है. इसी बैठक में तय होने की संभावना है कि आखिर बिहार की सत्ता कौन संभालेगा.
चुनावी राज्यों में सियासी मुकाबला तेज, ममता बनर्जी से लेकर एमके स्टालिन और हिमंता सरमा तक की साख दांव पर
10 Apr, 2026 11:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। असम (Assam), केरल (Kerala), तमिलनाडु (Tamil Nadu) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) में जारी चुनाव (Election) इस बार पारंपरिक पार्टी बनाम पार्टी मुकाबले से आगे निकलकर बड़े नेताओं की व्यक्तिगत छवि की लड़ाई बन गए हैं। इन राज्यों में चुनावी समीकरण अब विचारधारा से ज्यादा कद्दावर मुख्यमंत्रियों (Chief Ministers) के ‘ब्रांड’ और लोकप्रियता के इर्द-गिर्द घूमते नजर आ रहे हैं।
बंगाल में ममता की सबसे कठिन परीक्षा
पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल बेहद गर्म है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने अब तक की सबसे कड़ी चुनौती मानी जा रही है। उनके समर्थक इसे ‘ममता बनाम चुनाव आयोग’ की लड़ाई तक बता रहे हैं। मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटने के बाद सियासी तनाव और बढ़ गया है। अगर ममता भाजपा को रोकने में कामयाब रहती हैं, तो 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी गठबंधन में उनकी भूमिका और मजबूत हो सकती है।
महिला वोट बैंक पर सियासी रणनीति
भाजपा ममता के मजबूत महिला समर्थन को चुनौती देने के लिए महिला आरक्षण संशोधन विधेयक लाने की तैयारी में है। इसके बावजूद ममता को अपने महिला और अल्पसंख्यक वोट बैंक पर भरोसा कायम है।
असम में हिमंत सरमा का दबदबा
असम में चुनावी तस्वीर काफी हद तक मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के इर्द-गिर्द केंद्रित है। कांग्रेस के गौरव गोगोई मुकाबले में हैं, लेकिन सरमा की ‘मामा’ छवि और उनके कामकाज ने भाजपा की स्थिति मजबूत की है। उन्होंने हिंदुत्व और विकास के एजेंडे को मिलाकर अपनी पकड़ मजबूत की है, खासकर हिंदू-बहुल सीटों पर पार्टी का फोकस साफ नजर आता है।
केरल में विजयन की तीसरी पारी की चुनौती
केरल में पिनाराई विजयन एक बार फिर इतिहास रचने की कोशिश में हैं। राज्य में हर पांच साल में सरकार बदलने की परंपरा को तोड़ने के बाद अब वह लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की उम्मीद कर रहे हैं। वामपंथी नेता होते हुए भी विजयन ने व्यावहारिक राजनीति अपनाई है, जिसमें केंद्र सरकार और बाजार ताकतों के साथ संतुलन देखने को मिला है।
तमिलनाडु में स्टालिन की साख दांव पर
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने एक सहज और मिलनसार नेता की छवि बनाई है। हालांकि उन पर आरोप भी लगे हैं, लेकिन उनकी लोकप्रियता बरकरार है। इस बार अभिनेता विजय की पार्टी ‘टीवीके’ चुनाव में नया फैक्टर बनकर उभरी है, जो खासकर युवाओं के वोट में सेंध लगा सकती है।
मतदान में दिखा जबरदस्त उत्साह
इन राज्यों में मतदाताओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही है। चुनाव आयोग के मुताबिक असम में 85%, पुडुचेरी में 90% और केरल में 78% मतदान दर्ज किया गया है, जो चुनावी जोश को दर्शाता है।
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