राजनीति
घायल छात्रों से मिलकर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा
21 Jul, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: राजधानी में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली में छात्रों के साथ जो बर्बरता हुई, उसके लिए पीएम मोदी को देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी घायलों का हाल जानने आरएमएल (RML) अस्पताल भी पहुंचे।
संसद में तुरंत चर्चा की मांग, राहुल ने उठाए सवाल
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि संसद में छात्रों पर हुए बल प्रयोग और लगातार हो रहे परीक्षा संकट पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि देश की संसद भारत के युवाओं के भविष्य पर बात नहीं कर सकती, तो उसका क्या औचित्य है? उन्होंने संकल्प जताया कि विपक्ष सड़कों से लेकर संसद तक छात्रों की आवाज दबने नहीं देगा।
खड़गे ने मांगी शिक्षा मंत्री की विदाई, पीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी घटना की निंदा करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की। दूसरी ओर, एनडीए की बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट (NEET) पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पीएम मोदी ने इसे एक राष्ट्रीय चिंता बताते हुए एक पारदर्शी और त्रुटिहीन परीक्षा तंत्र तैयार करने पर बल दिया है।
CJP विवाद पर सियासत तेज, कंगना ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को सराहा
21 Jul, 2026 02:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन और संसद घेराव के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर राजनीतिक घमासान और तीखा हो गया है। जहां एक ओर विपक्ष सरकार को घेर रहा है, वहीं सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं की ओर से भी इस मुद्दे पर भिन्न-भिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
'पुलिस ने सांसदों के लिए ढाल का काम किया' - कंगना रनौत
भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का पुरजोर समर्थन करते हुए उनकी सराहना की है। मीडिया से बातचीत में कंगना ने कहा कि प्रदर्शनकारियों द्वारा संसद के मुख्य द्वार तक पहुँचने के प्रयास के बाद अंदर मौजूद सभी सांसद सहम गए थे। उन्होंने बताया कि गेट बंद होने के कारण सदन स्थगित होने के बावजूद सांसद बाहर नहीं निकल सके। कंगना ने कहा कि भीड़ के हमले के डर के बीच दिल्ली पुलिस ने ढाल बनकर सांसदों की सुरक्षा की, जिसके लिए वे प्रशासन की आभारी हैं।
छात्रों की भावनाओं का सम्मान, लेकिन कानून-व्यवस्था सर्वोपरि - चिराग पासवान
दूसरी ओर, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का इस मामले पर संयमित रुख देखने को मिला। उन्होंने कहा कि वे युवाओं और अभ्यर्थियों की भावनाओं का सम्मान करते हैं तथा असंतोष के कारण ही वे सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हुए होंगे। चिराग ने स्पष्ट किया कि वे किसी की आवाज दबाने के पक्षधर नहीं हैं, लेकिन जब विरोध प्रदर्शन में कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है या सीमाएं लांघी जाती हैं, तो प्रशासन को सख्त कदम उठाने ही पड़ते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि सरकार संवाद के लिए सदैव तत्पर है और CJP प्रतिनिधिमंडल पहले ही केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से भेंट कर चुका है।
घायल छात्रों का हाल जानने पहुंचे केजरीवाल, बोले- सरकार ने हद पार कर दी
21 Jul, 2026 02:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: राजधानी में छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस की सख्ती अब एक बड़ा राजनीतिक संग्राम बन चुकी है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल जाकर NEET मुद्दे पर सीजेपी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ आतिशी और सौरभ भारद्वाज समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
जलियांवाला बाग से तुलना, केजरीवाल ने सरकार को घेरा
अस्पताल में घायलों का हाल जानने के बाद अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर करारा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने निहत्थे युवाओं पर अत्यधिक बल प्रयोग करके अंग्रेजों की क्रूरता को भी पीछे छोड़ दिया है। केजरीवाल ने इस घटना की तुलना जलियांवाला बाग कांड से करते हुए कहा कि हाथ जोड़कर खड़े छात्रों पर लाठियां बरसाना लोकतंत्र में असहमति की आवाज को दबाने का चिंताजनक प्रयास है।
दिल्ली पुलिस का दावा: 118 पुलिसकर्मी और 60 प्रदर्शनकारी घायल
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, संसद की ओर बढ़ रहे उपद्रवियों ने बैरिकेड्स तोड़ने के साथ-साथ पुलिस और सरकारी वाहनों पर पथराव किया। पुलिस का दावा है कि इस हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान के बीच हुई झड़प में 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी और लगभग 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं।
जे.पी. नड्डा से मुलाकात और आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
उधर, सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। संगठन के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने साफ किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, पीड़ित परिवारों को मुआवजे और सोनम वांगचुक की रिहाई तक आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से वार्ता का रास्ता खुला रखने की बात कही गई है।
जन्मदिन पर खरगे का संदेश, ‘जश्न का दिन नहीं, जवाबदेही तय करने का समय’
21 Jul, 2026 01:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: नीट पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस बार अपना जन्मदिन न मनाने का निर्णय लिया है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन पर लाठियां और आंसू गैस चलाना किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए शोभा नहीं देता, इसलिए आज जश्न मनाने का नहीं बल्कि सरकार से जवाबदेही मांगने का दिन है।
खरगे का सरकार से तीखा सवाल और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए सवाल उठाया कि इंसाफ की गुहार लगा रहे युवाओं पर बल प्रयोग क्यों किया गया और संसद क्षेत्र के आसपास इंटरनेट सेवाएं क्यों ठप्प की गईं? उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की। खरगे ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार करते हुए इसे राजनीतिक और आरएसएस (RSS) के हस्तक्षेप से पूरी तरह मुक्त एक सुरक्षित डिजिटल ढांचा बनाने पर जोर दिया।
'इंडिया' गठबंधन की रणनीति और पीएम मोदी का पलटवार
संसद के मानसून सत्र में सरकार को घेरने के लिए मंगलवार सुबह 'इंडिया' गठबंधन के शीर्ष नेताओं की एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक हुई। राहुल गांधी सहित सपा, वाम दलों और शिवसेना के प्रमुख नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर इस मुद्दे को सत्र में मजबूती से उठाने की रूपरेखा तैयार की। दूसरी ओर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का पक्ष रखते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए की बैठक में साफ कहा है कि सरकार अभ्यर्थियों के साथ खड़ी है और पेपर लीक जैसे गंभीर विषय पर राजनीति करने के बजाय दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
लाठीचार्ज विवाद गरमाया, अभिजीत दीपके बोले- किसी अनहोनी की जिम्मेदारी सरकार की होगी
21 Jul, 2026 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने संसद मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ क्रूरता बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस कार्रवाई में 12 साल की मासूम बच्चियों तक को नहीं बख्शा गया और पुरुष पुलिसकर्मियों ने उनके सिर फोड़ दिए।
गर्दन पर लाठी से किशोरी गंभीर, अस्पताल में भर्ती
दीपके ने दावा किया कि लाठीचार्ज के दौरान पुलिसकर्मी द्वारा गर्दन पर वार किए जाने से एक किशोरी आरएमएल (RML) अस्पताल में गंभीर स्थिति में भर्ती है। उन्होंने कहा कि पुलिस के इस रवैये से ही मौके पर भगदड़ मची। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पीड़िता को कुछ भी होता है तो उसकी पूरी जवाबदेही दिल्ली पुलिस और नरेंद्र मोदी सरकार की होगी।
'वॉटर कैनन का प्रयोग करने के बजाय बरसाईं लाठियां'
सीजेपी प्रमुख ने कहा कि पिछले एक महीने से उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन सोमवार को पुलिस ने पहली बार हिंसक कार्रवाई की। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पुलिस को भीड़ को रोकना ही था, तो लाठीचार्ज की जगह वॉटर कैनन (पानी की बौछार) का उपयोग किया जा सकता था।
सादे कपड़ों में हमलावरों और पत्थरों पर उठाए सवाल
सोमवार की घटना को पूर्व-नियोजित बताते हुए दीपके ने दिल्ली पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि कड़े सुरक्षा घेरे और बैरिकेडिंग के बावजूद जंतर-मंतर के पास पत्थरों से भरे ट्रक कहाँ से आए? साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में मौजूद कुछ लोगों को पुलिस की वर्दी पहनाकर लाठियों से प्रदर्शनकारियों पर हमला कराया गया।
सपा-रालोद फॉर्मूले की भाजपा में एंट्री? सीटों के बंटवारे पर चल रही चर्चा
21 Jul, 2026 12:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेरठ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी बिसात बिछने लगी है। पश्चिमी यूपी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के बीच सीट बंटवारे के लिए एक नए समीकरण पर विचार चल रहा है। रणनीतिक गलियारों में चर्चा है कि गठबंधन धर्म निभाने और जिताऊ प्रत्याशियों को मैदान में उतारने के लिए दोनों दल 'सपा-रालोद' के पुराने फॉर्मूले का इस्तेमाल कर सकते हैं।
'सिंबल रालोद का, चेहरा भाजपा का' फॉर्मूला
इस नए सियासी समीकरण के तहत जिन सीटों पर रालोद की दावेदारी है, लेकिन भाजपा के पास वहां मजबूत और जिताऊ प्रत्याशी मौजूद हैं, वहां उम्मीदवार तो भाजपा का होगा लेकिन वह चुनाव मैदान में रालोद के 'हैंडपंप' निशान पर उतरेगा। जाट बाहुल्य क्षेत्रों में भाजपा विधायकों का टिकट कटने से रोकने और दोनों दलों का दबदबा कायम रखने के लिए इस 'सिंबल ट्रांसफर' रणनीति को मुफीद माना जा रहा है।
2022 का 'सपा-रालोद' मॉडल फिर चर्चा में
साल 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और रालोद गठबंधन के दौरान यह प्रयोग काफी सफल रहा था। उस समय सिवालखास सीट से गुलाम मोहम्मद, पुरकाजी से अनिल कुमार और मीरापुर से चंदन चौहान जैसे सपा नेताओं ने रालोद के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा का रुख किया था। हाल ही में मीरापुर उपचुनाव में भी भाजपा नेता मिथिलेश पाल ने रालोद के चुनाव चिह्न पर ही जीत दर्ज की थी।
दोनों खेमों के नेताओं में बढ़ी हलचल
सीटों की अदला-बदली और सिंबल बदलाव की भनक लगते ही पश्चिमी यूपी के नेताओं में बेचैनी शुरू हो गई है। भाजपा के कई संभावित प्रत्याशी और वर्तमान विधायक जयंत चौधरी के संपर्क में हैं, ताकि अपनी सीट रालोद के खाते में जाने की स्थिति में वे हैंडपंप के साथ चुनावी ताल ठोक सकें। वहीं, रालोद के कुछ कद्दावर नेता भी भाजपा के प्रांतीय और राष्ट्रीय नेतृत्व से तालमेल बनाने में जुट गए हैं।
संसद में नहीं थम रहा नीट का मुद्दा, विपक्ष के हंगामे से सदन बाधित
21 Jul, 2026 12:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन NEET परीक्षा में हुई धांधली और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग के विरोध में विपक्षी दलों ने भारी विरोध दर्ज कराया। अपनी मांगों पर अड़े विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे के कारण दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) का कामकाज ठप हो गया और कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए टालना पड़ा।
राहुल गांधी ने उठाई छात्रों की आवाज, चर्चा पर दिया जोर
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला से भेंट के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि देश के युवाओं और अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील विषय पर केंद्र सरकार को जवाबदेही तय करनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क से लेकर संसद तक छात्रों के अधिकारों की यह लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ी जाएगी।
मल्लिकार्जुन खरगे का केंद्र पर निशाना, गृह मंत्री से मांगा जवाब
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि NEET मामले पर विस्तृत बहस के बाद गृह मंत्री को स्वयं सदन में आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अपने छह दशक लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था का ऐसा रवैया पहले कभी नहीं देखा।
शिक्षा मंत्री से त्यागपत्र की मांग और पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी
संसद भवन परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने देश की समूची परीक्षा प्रणाली पर गहन मंथन की जरूरत बताई और आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों द्वारा युवाओं पर लाठियां चलवाना पूरी तरह से अनुचित और अलोकतांत्रिक है।
PM मोदी बोले- पेपर लीक रोकना देश की जिम्मेदारी, छात्रों के भविष्य से नहीं होगा खिलवाड़
21 Jul, 2026 12:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: संसद भवन के लाइब्रेरी कॉम्प्लेक्स स्थित जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के संसदीय दल की 'मंगल मिलन' बैठक आयोजित की गई। यह खास बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के उपलक्ष्य में उनके सम्मान और राज्यसभा के नए सांसदों के स्वागत के लिए बुलाई गई थी।
पेपर लीक पर सख्त पीएम मोदी, दोषियों को कड़ी सजा की चेतावनी
बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार की ओर से कठोर कदम उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें सख्त सजा दिलाई जाएगी। पीएम ने पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने का भरोसा देते हुए सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि इस संवेदनशील विषय पर राजनीति करने के बजाय मिलकर समाधान निकाला जाए।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी और पीएम के सम्मान में बधाई प्रस्ताव
इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित गठबंधन के प्रमुख नेता मौजूद रहे। बैठक के दौरान एनडीए के सहयोगी दलों ने पीएम मोदी की ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई प्रस्ताव पारित किया। नए सांसदों ने भी इस दौरान पीएम मोदी से भावी दिशा-निर्देश और मार्गदर्शन प्राप्त किया।
एनसीपीआई (NCPI) बैठक में नहीं हुई शामिल
एक तरफ जहां एनडीए ने अपना शक्ति प्रदर्शन किया, वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों के नए गुट 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) ने इस बैठक से दूरी बनाई रखी। लोकसभा अध्यक्ष द्वारा नए दल के रूप में विलय को औपचारिक मंजूरी न मिलने के कारण सुदीप बंद्योपाध्याय के नेतृत्व वाले इस समूह ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया, हालांकि उन्होंने सरकार को अपना समर्थन देने की बात दोहराई है।
NDA बैठक में जुटे सांसद, पीएम मोदी के सम्मान के साथ नए चेहरों का अभिनंदन
21 Jul, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: राजधानी के संसद भवन स्थित लाइब्रेरी बिल्डिंग के जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के संसदीय दल की 'मंगल मिलन' बैठक का आयोजन किया गया। यह विशेष बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन करने और राज्यसभा के नए चुने गए सांसदों का औपचारिक स्वागत करने के उद्देश्य से बुलाई गई।
पीएम मोदी और दिग्गज नेताओं की उपस्थिति
बैठक में सम्मिलित होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, किरेन रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल पहुँचे। इससे पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, धर्मेंद्र प्रधान, जी. किशन रेड्डी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे।
प्रधानमंत्री के सम्मान में अभिनंदन प्रस्ताव पारित
एनडीए के घटक दलों ने सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में एक विशेष अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव पारित होने के उपरांत प्रधानमंत्री ने सांसदों को संबोधित किया। पहली बार इस बैठक में हिस्सा ले रहे भाजपा सांसद अशोक मित्तल ने उत्साह जताते हुए कहा कि शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन से देश के विकास और भावी रणनीतियों को नई दिशा मिलेगी।
एनसीपीआई गुट ने बनाई बैठक से दूरी
एक ओर जहाँ एनडीए ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया, वहीं नवनिर्मित 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) इस संयुक्त बैठक में शामिल नहीं हुई। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों से बने इस नए दल ने दूरी बनाए रखी, क्योंकि लोकसभा अध्यक्ष की ओर से एनसीपीआई के रूप में इस समूह के विलय को अभी तक आधिकारिक स्वीकृति नहीं मिली है।
स्थानीय मुद्दों पर सुदीप बंद्योपाध्याय का दृष्टिकोण
बागी टीएमसी सांसदों का नेतृत्व कर रहे सुदीप बंद्योपाध्याय ने स्पष्ट किया कि उनके समूह को सदन में सीटों का आवंटन और अलग विधायी ब्लॉक की मान्यता मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि उनका दल एनडीए सरकार का समर्थन करेगा और विधायी कार्यों में भाग लेगा। इसके साथ ही उन्होंने जोर दिया कि पश्चिम बंगाल से जुड़े स्थानीय मुद्दों को दिल्ली लाने के बजाय मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाना चाहिए।
नड्डा से CJP की मुलाकात, मांगों की पूरी लिस्ट हुई सार्वजनिक
21 Jul, 2026 10:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'संसद चलो मार्च' के दौरान भारी बवाल और पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव देखने को मिला। संसद भवन की ओर तेजी से बढ़ रहे कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इस भारी गहमागहमी के बीच सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के निवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की। बैठक के तुरंत बाद सौरभ दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट साझा कर केंद्रीय मंत्री के साथ हुई चर्चा का ब्योरा दिया।
केंद्रीय मंत्री से मुलाकात और आश्वासन
सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने अपनी पोस्ट में जानकारी दी कि करीब दो घंटे से अधिक समय तक इंतजार करने के पश्चात उनकी और आशुतोष रांका की मुलाकात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर हुई। लगभग 10 मिनट चली इस संक्षिप्त मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन मंत्री को सौंपा। जेपी नड्डा ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि सरकार इन मांगों पर आंतरिक स्तर पर विचार-विमर्श करेगी। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस द्वारा कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।
सरकार के समक्ष रखी गईं तीन मुख्य मांगें
प्रवक्ता सौरभ दास ने एक अन्य पोस्ट के जरिए केंद्र सरकार के समक्ष रखी गई अपनी मांगों को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी की पहले दो मुख्य मांगें थीं—केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का त्यागपत्र और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देना। हालांकि, अब इसमें एक तीसरी मांग भी शामिल कर ली गई है, जिसके तहत अस्पताल में भर्ती कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा करने की अपील की गई है।
सुचित्रा आर्य को राष्ट्रीय कन्वीनर की कमान, सचिन पायलट ने जताई खुशी
21 Jul, 2026 10:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जयपुर: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) विभाग ने अपनी महिला विंग का गठन करते हुए राजस्थान से पूर्व विधायक सुचित्रा आर्य को राष्ट्रीय संयोजक (कन्वीनर) नियुक्त किया है। एआईसीसी ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद द्वारा गठित इस नई विंग में देशभर से कुल 39 महिला नेताओं को स्थान दिया गया है, जिनमें से 9 महिलाएं राजस्थान से हैं। इस नियुक्ति के बाद राजस्थान के दिग्गज कांग्रेस नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' के ज़रिए सुचित्रा आर्य और नव-नियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी।
सचिन पायलट ने दी शुभकामनाएं, जताया भरोसा
सचिन पायलट ने सुचित्रा आर्य को बधाई देते हुए लिखा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि वे अपने कुशल नेतृत्व और अनुभव के बल पर महिलाओं और ओबीसी वर्ग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रखरता से उठाएंगी। पायलट ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मार्गदर्शन में यह संगठन नई ऊंचाइयों को छुएगा, जिससे समाज के उत्थान और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।
राजस्थान की 9 नेताओं सहित देशभर से 39 महिलाएं शामिल
ओबीसी विभाग की इस नई महिला विंग में राजस्थान से सुचित्रा आर्य के अलावा नीमा चौधरी, दिव्या गुर्जर, अंकेल्श जाखड़, शमा बानो, उमा करण, सरिता चौधरी और कामिनी गुर्जर सहित कुल 9 महिला नेताओं को प्रतिनिधित्व मिला है। इसके अतिरिक्त मध्य प्रदेश से 5, उत्तर प्रदेश से 6, गुजरात से 5, हरियाणा से 4, दिल्ली से 3, पंजाब व महाराष्ट्र से 2-2 तथा छत्तीसगढ़, केरल, तमिलनाडु और उत्तराखंड से 1-1 महिला नेता को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह दी गई है।
जानिए कौन हैं पूर्व विधायक सुचित्रा आर्य
सुचित्रा आर्य राजस्थान कांग्रेस की वरिष्ठ नेता हैं और वे हनुमानगढ़ जिले की नोहर विधानसभा सीट से दो बार (1990 और 1998 में) विधायक रह चुकी हैं। हालांकि, इसके बाद 2003 और 2008 के विधानसभा चुनावों में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था। सुचित्रा आर्य का पारिवारिक राजनीतिक इतिहास भी समृद्ध रहा है; वे देश के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और प्रमुख किसान नेता चौधरी कुंभा राम आर्य की बहू हैं।
विपक्ष की भूमिका पर संजय झा का बयान, कहा- जनहित के मुद्दों पर हो बहस
20 Jul, 2026 05:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। जनता दल-यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता संजय झा ने संसद में विपक्ष के रवैये पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विपक्षी दलों को सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने देने में सहयोग करना चाहिए और रचनात्मक मुद्दों को प्रमुखता से उठाना चाहिए। मानसून सत्र के पहले दिन हुई बातचीत में उन्होंने जोर दिया कि सांसदों का मुख्य दायित्व अपने निर्वाचन क्षेत्रों की समस्याओं को सदन के पटल पर रखना है। श्री झा ने वर्तमान सरकार की आर्थिक नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनकी कीमतों को नियंत्रण में रखना सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है।
संसद में रचनात्मक विपक्ष की भूमिका
संजय झा ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी संसद के भीतर सार्थक चर्चा सुनिश्चित करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मानसून सत्र के दौरान सभी सांसद अपने क्षेत्रों के विकास से जुड़े जनहित के विषयों पर सकारात्मक बहस करेंगे ताकि संसदीय कार्यवाही का लाभ आम जनता तक पहुँच सके।
स्टार्टअप्स के क्षेत्र में भारत की नई उड़ान
वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने मोदी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया कि देश में स्टार्टअप्स की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस वक्तव्य का उल्लेख किया जिसमें देश के युवाओं द्वारा अंतरिक्ष और तकनीक जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में स्टार्टअप्स के माध्यम से नए कीर्तिमान स्थापित करने की प्रशंसा की गई है।
युवाओं की उपलब्धियों से प्रगति के नए मानक
श्री बघेल ने कहा कि भारत के प्रगतिशील युवाओं ने अपनी उद्यमशीलता से वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार द्वारा स्टार्टअप्स को दिए जा रहे प्रोत्साहन से आने वाले समय में भारत न केवल आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि दुनिया भर में नवाचार के केंद्र के रूप में और अधिक मजबूती से उभरेगा।
21 जुलाई फायरिंग केस की रिपोर्ट जारी करेंगे CM, जानिए ममता बनर्जी से जुड़े इस मामले की पूरी कहानी
20 Jul, 2026 04:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि 21 जुलाई 1993 की पुलिस फायरिंग घटना की जांच के लिए गठित न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) सुषांत चटर्जी आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने विधानसभा में स्पष्ट किया कि रिपोर्ट को राज्य की जनता के समक्ष 'शहीद दिवस' रैलियों से एक दिन पूर्व रखा जाएगा। यह रिपोर्ट 2011 में ममता बनर्जी सरकार द्वारा उस घटना की जांच के लिए बनवाई गई थी, जिसमें तत्कालीन वाम मोर्चा शासन के दौरान युवा कांग्रेस की रैली में 13 लोगों की जान चली गई थी।
आयोग की रिपोर्ट और सरकारी कार्यान्वयन पर सवाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इस बात का पूरा ब्यौरा पेश करेंगे कि आयोग की किन सिफारिशों को अब तक लागू किया गया है और कौन से सुझाव बीते 15 वर्षों के तृणमूल कांग्रेस शासन के दौरान अनदेखी का शिकार हुए। यह रिपोर्ट 1993 की उस दुखद घटना की तह तक जाने के लिए तैयार की गई थी, जब तत्कालीन युवा कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी 'राइटर्स बिल्डिंग' की ओर बढ़ रहे थे। रिपोर्ट का सार्वजनिक होना राज्य की राजनीति में पुरानी यादों को फिर से ताजा कर सकता है।
शहीद दिवस पर राजनीतिक रैलियों का शक्ति प्रदर्शन
इस वर्ष 21 जुलाई को राजनीतिक रूप से काफी हलचल रहने वाली है, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस के विभिन्न गुटों के साथ-साथ कांग्रेस भी अपने स्तर पर 'शहीद दिवस' रैलियां आयोजित कर रही है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला धड़ा अलग-अलग रैलियों के माध्यम से अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे। 1993 की इस घटना को लेकर सभी दलों की अपनी राजनीतिक व्याख्या है, जिसके चलते इस बार का शहीद दिवस पिछले कई वर्षों की तुलना में अधिक चर्चा में है।
1993 की घटना और बंगाल की राजनीति
21 जुलाई 1993 को कोलकाता में मतदाता पहचान पत्र की अनिवार्यता की मांग को लेकर युवा कांग्रेस का 'राइटर्स बिल्डिंग अभियान' हिंसक हो गया था। उस समय ज्योति बसु के नेतृत्व वाली वाम मोर्चा सरकार की पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के दौरान पुलिस फायरिंग में 13 युवाओं की मौत हुई थी। इस घटना ने ममता बनर्जी को एक नई राजनीतिक पहचान दी थी और उन्होंने इसे एक बड़े मुद्दे के रूप में स्थापित किया। तब से यह दिन बंगाल की राजनीति का एक अहम हिस्सा बन गया है, जो आज भी विवादों और राजनीतिक स्मृतियों के केंद्र में है।
UP Election 2027: ओवैसी की नई रणनीति पर सबकी नजर, कई सीटों पर बढ़ेगी मुकाबले की टक्कर
20 Jul, 2026 04:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आगामी 2027 विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की बढ़ती सक्रियता ने प्रमुख विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ओवैसी जिस तरह से प्रदेश के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, उससे चुनावी समीकरणों में बड़े उलटफेर की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी यह रणनीति न केवल सपा-कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगा सकती है, बल्कि परोक्ष रूप से इसका लाभ भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को भी मिल सकता है।
मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में ओवैसी का चुनावी अभियान
ओवैसी ने अपने चुनावी अभियान के लिए बहराइच, बिजनौर और सहारनपुर जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिलों को चुना है। बहराइच, जहां मुस्लिम आबादी लगभग 34 प्रतिशत है, वहां ओवैसी की उपस्थिति सपा के पारंपरिक वोट बैंक को प्रभावित कर सकती है। इसी तरह, बिजनौर और सहारनपुर जैसे इलाकों में भी मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 40 प्रतिशत से अधिक है। इन क्षेत्रों में ओवैसी के आक्रामक प्रचार से सपा और कांग्रेस के लिए अपनी चुनावी जमीन बचाए रखना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है, क्योंकि यह दल इन क्षेत्रों में मुस्लिम वोटों पर अपनी मजबूत दावेदारी रखते हैं।
दलित-मुस्लिम गठबंधन और 'जय भीम-जय मीम' का दांव
ओवैसी का पूरा चुनावी गणित 'जय भीम, जय मीम' के नारे के इर्द-गिर्द घूम रहा है, जिसके माध्यम से वे दलित और मुस्लिम मतदाताओं को एक मंच पर लाने का प्रयास कर रहे हैं। इस समीकरण से न केवल सपा-कांग्रेस के सामने मुश्किलें खड़ी हो रही हैं, बल्कि नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद की राजनीतिक संभावनाओं को भी झटका लग सकता है, जिन्होंने इसी गठजोड़ के दम पर जीत हासिल की थी। ओवैसी की यह सक्रियता बसपा सुप्रीमो मायावती के लिए भी राहत की खबर हो सकती है, क्योंकि यह चंद्रशेखर जैसे उभरते दलित चेहरों के प्रभाव को सीमित करने में सहायक सिद्ध हो सकती है।
चुनावी समीकरण और राजनीतिक नफा-नुकसान
ओवैसी की रणनीति का सीधा प्रभाव मुस्लिम वोटों के विभाजन के रूप में देखा जा रहा है। यदि वे मुस्लिम मतों का एक हिस्सा अपनी ओर खींचने में सफल रहते हैं, तो इसका सीधा लाभ भाजपा को मिलने की पूरी संभावना है। दूसरी ओर, दलित वोटों में सेंधमारी को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन ओवैसी की उपस्थिति ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ओवैसी का यह 'सीरियस प्लेयर' बनने का दांव यूपी के चुनावी नतीजों में किस हद तक बदलाव लाता है और विपक्षी एकता पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।
CM योगी का बड़ा सियासी हमला, बोले- पहले कट्टे-बम बनते थे, आज लखनऊ में बन रही ब्रह्मोस
20 Jul, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाराबंकी में 542 करोड़ रुपये की लागत वाली 82 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने राज्य के सांस्कृतिक गौरव को पुनर्जीवित करने का संकल्प दोहराते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में तुष्टिकरण की राजनीति के कारण सनातन संस्कृति और धार्मिक विरासतों की घोर उपेक्षा की गई।
सांस्कृतिक गौरव का पुनरुद्धार और लोधेश्वर धाम कॉरिडोर
मुख्यमंत्री ने बाराबंकी की पहचान भगवान लोधेश्वर महादेव, पारिजात वृक्ष और केडी सिंह बाबू जैसे ऐतिहासिक प्रतीकों से करते हुए कहा कि लंबे समय तक इन विरासतों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने लोधेश्वर महादेव मंदिर के लिए भव्य कॉरिडोर बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि इससे न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, उन्होंने केडी सिंह बाबू की हवेली के संरक्षण और पारिजात वृक्ष की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया।
विपक्ष पर तुष्टिकरण और भेदभाव का आरोप
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकारों में विकास का पैसा धार्मिक स्थलों के बजाय कब्रिस्तानों की चारदीवारी पर खर्च किया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में धर्मनिरपेक्षता का अर्थ कांवड़ यात्रा, रामनवमी और जन्माष्टमी जैसे हिंदू पर्वों पर प्रतिबंध लगाना था। सीएम ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने इस मानसिकता को बदलते हुए सभी त्योहारों को सम्मान के साथ मनाने का वातावरण तैयार किया है।
सनातन का संरक्षण ही देश की सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म की मजबूत नींव पर ही भारत का उज्ज्वल भविष्य टिका है और यदि यह सुरक्षित है, तभी देश सुरक्षित है। उन्होंने राजा सुहेलदेव, महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे महापुरुषों का स्मरण करते हुए कहा कि उनकी विरासत को सहेजना सरकार का दायित्व है। कानून-व्यवस्था पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश अब अपराध मुक्त हो रहा है और लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण से उत्तर प्रदेश देश की सैन्य शक्ति को मजबूती दे रहा है, जिससे दुश्मन देश भी सतर्क हैं।
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