राजनीति
पेपर लीक करने वालों की अब खैर नहीं, पीएम मोदी बोले- जल्द मिलेगी कड़ी सजा
23 Jul, 2026 09:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली को लेकर देश भर में गहराते असंतोष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक संदेश साझा करते हुए उन्होंने युवाओं के भविष्य और हितों को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। पीएम ने साफ किया कि परीक्षा तंत्र की पवित्रता बनाए रखने और अभ्यर्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार हर संभव कड़ा कदम उठाने जा रही है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन और कठोर सजा का आश्वासन
प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि पेपर लीक से जुड़े सभी मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन घोटालों में शामिल दोषियों को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। इस संबंध में संबंधित मंत्रालयों और उच्च अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाने के सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
भविष्य से खिलवाड़ पर सख्त चेतावनी
युवाओं के आंदोलन और बढ़ते सियासी दबाव के बीच पीएम मोदी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार द्वारा उठाए जा रहे इन कदमों को छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। प्रधानमंत्री की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब राजधानी के जंतर-मंतर पर विभिन्न युवा संगठनों और छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है।
बागी सांसदों के खिलाफ उद्धव ठाकरे को सुप्रीम कोर्ट से राहत, लोकसभा सचिवालय समेत सभी पक्षों को नोटिस
22 Jul, 2026 05:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने शिवसेना (यूबीटी) की उस याचिका पर विचार करने के लिए अपनी स्वीकृति दे दी है, जिसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा पार्टी के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले समूह में विलय को मंजूरी देने के निर्णय को चुनौती दी गई है। इसके साथ ही अदालत ने लोकसभा सचिवालय तथा संबंधित सांसदों को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस प्रेषित किया है। न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने मामले पर संज्ञान लेते हुए प्रतिवादियों से उत्तर तलब किया है तथा अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है। इससे पूर्व संसद के सत्र से ठीक पहले लोकसभा अध्यक्ष ने इन सांसदों के विलय को मान्यता प्रदान की थी, जिससे निचले सदन में शिंदे गुट के सदस्यों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
कानूनी प्रक्रिया और न्यायालय का रुख
याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने अदालत के समक्ष मामले का शीघ्र उल्लेख करते हुए इस पर त्वरित सुनवाई का आग्रह किया था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ के सामने विषय रखे जाने के बाद मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया। याचिका में तर्क दिया गया है कि जनमत के विपरीत जाकर राजनीतिक दलों में शामिल होने की यह प्रवृत्ति दलबदल विरोधी नियमों के मूल सिद्धांतों के विपरीत है और इस पर न्यायिक समीक्षा की आवश्यकता है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और सांसदों का कदम
विगत लोकसभा चुनावों में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट के चुनाव चिह्न पर कुल नौ प्रत्याशी विजयी होकर संसद पहुंचे थे। हालाँकि, इनमें से छह सांसदों ने बाद में मूल दल से अलग होकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के समर्थित दल का रुख कर लिया। शिवसेना (यूबीटी) ने अध्यक्ष के समक्ष इन सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने की माँग उठाई थी, परंतु अध्यक्षीय निर्णय के तहत उनके विलय को वैध ठहरा दिया गया, जिसके खिलाफ अब सर्वोच्च न्यायालय का द्वार खटखटाया गया है।
संविधान और दलबदल कानून पर बहस
अदालत में दायर याचिका में यह मुख्य बिंदु उठाया गया है कि बागी सांसदों पर संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत दलबदल विरोधी कानून लागू होना चाहिए। याचिका में यह भी रेखांकित किया गया है कि चुनाव जीतने के पश्चात विरोधी विचार वाले राजनीतिक दलों में शामिल होना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुकूल नहीं है। अब देखना होगा कि दो सप्ताह बाद होने वाली सुनवाई में सर्वोच्च न्यायालय लोकसभा सचिवालय और संबंधित सांसदों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले जवाबों पर क्या रुख अपनाता है।
संसद में विवाद के बाद कल्याण बनर्जी पर गिरी गाज, पूरे मानसून सत्र से बाहर
22 Jul, 2026 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान लगातार बढ़ रहे राजनीतिक घमासान के बीच एक बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई देखने को मिली है। असंसदीय शब्दों के प्रयोग के चलते तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी को संपूर्ण मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है।
संसद के दोनों सदनों में बना रहा गतिरोध
मानसून सत्र के तीसरे दिन भी विपक्षी दलों का उग्र विरोध और नारेबाजी जारी रही। लगातार हो रहे हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को तीन बार स्थगित करना पड़ा।
विभिन्न मुद्दों को लेकर अड़ा विपक्ष
विपक्षी दल के सदस्य नीट परीक्षा धांधली प्रकरण, सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत त्यागपत्र की मांग को लेकर बहस कराने पर अड़े रहे, जिससे सदन का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ।
कांग्रेस और सरकार पर अखिलेश का तीखा हमला, संसद में बयान से बढ़ी सियासी हलचल
22 Jul, 2026 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को नीट (NEET) परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण और दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के संवेदनशील मुद्दे पर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। संसद की कार्यवाही प्रारंभ होते ही विपक्षी दलों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और इस विषय पर तुरंत विशेष चर्चा कराने की पुरजोर मांग उठाई। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं को अपनी बात रखने का अवसर दिया, जिस पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बिफर पड़े। उन्होंने अध्यक्ष पर पक्षपात करने और खुद को अपनी बात रखने का समय न देने का सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि आपने अन्य दलों के नेताओं को बोलने का मौका दे दिया, लेकिन हमारी बात का क्या? क्या आपने आपस में कोई समझौता कर लिया है?
नीट पेपर लीक और पीड़ित छात्रों के समर्थन में अखिलेश यादव के तीखे सवाल
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने सख्त रुख के साथ कहा कि यह मुद्दा किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश के लाखों छात्रों और युवाओं के भविष्य तथा करियर से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। उन्होंने सदन में स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि देश के नौजवानों की आवाज नहीं सुनी गई तो वे मजबूर होकर सड़कों पर उतरेंगे। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस्तीफा कोई बड़ी बात नहीं है, जब चाहा जाएगा तब मंत्री से इस्तीफा ले लिया जाएगा—अगर मंत्री सदन के भीतर खुद इस्तीफा नहीं देंगे, तो सदन के बाहर उनसे इस्तीफा ले लिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवा नेताओं पर हुई पुलिस बर्बरता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को बेदर्दी से पीटा गया, उनके हाथ-पैर तोड़े गए, सिर फोड़े गए और कपड़े तक फाड़ दिए गए।
प्रधानमंत्री के बयान और पीएम आवास जाने की मजबूरी पर रखी अपनी बात
सपा अध्यक्ष ने संसद भवन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए खुलासा किया कि वे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मजबूरी में प्रधानमंत्री आवास गए थे। उन्होंने कहा कि अगर संसद के भीतर ही विपक्ष की जायज मांगों को सुन लिया जाता, तो उन्हें पीएम आवास तक जाने की कोई आवश्यकता ही नहीं पड़ती। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि प्रधानमंत्री संसद के बाहर तो विभिन्न मंचों से बयान दे सकते हैं, लेकिन देश के करोड़ों युवाओं से जुड़े इतने बड़े मुद्दे पर सदन के भीतर आकर अपनी बात क्यों नहीं रख रहे हैं।
सरकार का रुख: नियमों के तहत सार्थक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार
अखिलेश यादव से पूर्व केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में सरकार का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि संसद के भीतर किसी भी विषय पर बहस या चर्चा तय नियमों, परंपराओं और संसदीय व्यवस्था के अंतर्गत ही संचालित होती है। रिजिजू ने लोकसभा अध्यक्ष से विशेष आग्रह किया कि वे सभी राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स (संसदीय दल के नेताओं) के साथ बैठक करके चर्चा के नियम, दिन और समय सीमा को तय करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार नीट परीक्षा और पेपर लीक जैसे गंभीर व संवेदनशील विषय पर सदन में सार्थक और पारदर्शी चर्चा के लिए पूरी तरह से तत्पर है।
लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्ष से पूछा— कब और कितनी देर करनी है चर्चा?
संसदीय कार्य मंत्री के बयान के पश्चात लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में उपस्थित सभी सदस्यों से पूछा कि क्या सभी पक्षों की बातें उन तक पहुंच चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष भी इस विषय पर चर्चा चाहता है और सरकार भी पूरी तरह से बहस कराने को तैयार है, तो सर्वसम्मति से मार्ग निकाला जाना चाहिए। इसके बाद अध्यक्ष ने विपक्षी दलों से स्पष्ट रूप से पूछा कि वे इस ज्वलंत मुद्दे पर किस दिन और कितनी समय अवधि तक विस्तृत चर्चा करना चाहते हैं।
अखिलेश यादव और स्पीकर के बीच तीखी नोकझोंक, दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित
22 Jul, 2026 12:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में नीट (NEET) पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन के विषय पर गतिरोध बना हुआ है। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार नीट मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए पहले दिन से ही पूरी तरह तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह चर्चा स्थापित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत ही होनी चाहिए। रिजिजू के अनुसार, चर्चा की तिथि, समय-सीमा और नियम सभी राजनीतिक दलों के floor leaders (सदन के नेताओं) के साथ विचार-विमर्श करके तय किए जाने चाहिए, क्योंकि सरकार देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जुड़े विषयों पर सार्थक बहस चाहती है।
संसद के दोनों सदनों में हंगामा, कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित
विपक्ष के लगातार जारी हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा, दोनों ही सदनों की कार्यवाही को एक बार फिर रोकना पड़ा। लोकसभा की बैठक शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और अध्यक्ष ओम बिरला के बीच तीखी बहस देखने को मिली। अखिलेश यादव ने अभ्यर्थियों के अधिकारों की वकालत करते हुए कहा कि छात्रों के साथ अन्याय हुआ है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए सरकार को तुरंत इस विषय पर चर्चा करानी चाहिए।
अखिलेश और स्पीकर के बीच तीखी नोकझोंक
अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब देते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने टिप्पणी की कि जब सरकार स्वयं इस संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा के लिए सहमति जता चुकी है, तब सदन में नारेबाजी और हंगामा करने का कोई औचित्य नहीं बनता। हालांकि, विपक्षी सांसदों के शोर-शराबे को थमता न देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए मुल्तवी करने का फैसला सुनाया।
पीएम मोदी से शरद पवार की मुलाकात, महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चाएं तेज
22 Jul, 2026 12:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने संसद भवन परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से औपचारिक भेंट की। देश के मौजूदा सियासी माहौल और युवाओं से जुड़े विषयों को देखते हुए इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। इससे पूर्व, मंगलवार को दोनों नेताओं ने नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच पहुंचकर अपना समर्थन जताया था। पार्टी ने न केवल छात्रों की मांगों की पैरोकारी की है, बल्कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से पद छोड़ने का भी आग्रह किया है।
केंद्र सरकार से छात्रों की समस्याओं पर संवेदनशील रवैया अपनाने की मांग
प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान वरिष्ठ नेता शरद पवार ने सरकार पर जोर दिया कि देश के युवाओं और आम नागरिकों की चिंताओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार प्रदान करता है और जनता के प्रति जवाबदेही सरकार का नैतिक दायित्व है। शरद पवार ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रख रहे प्रदर्शनकारियों पर दबाव बनाने के बजाय उनकी समस्याओं का शीघ्र और न्यायसंगत हल ढूंढा जाना चाहिए।
एनडीए से हाथ मिलाने की अफवाहों पर सुप्रिया सुले का रुख साफ
दूसरी ओर, शरद पवार नीत गुट के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने या नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर जारी कयासों पर सुप्रिया सुले ने पूर्ण विराम लगा दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी पार्टी के किसी भी बड़े नेता को किसी अन्य गठबंधन की तरफ से ऐसा कोई आमंत्रण या प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। मुंबई में एनसीपी नेताओं और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच हुई मुलाकातों के बाद शुरू हुई अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बैठकें विशुद्ध रूप से प्रशासनिक और जनहित के कार्यों तक ही सीमित थीं, उनका किसी राजनीतिक तालमेल से कोई संबंध नहीं है।
प्रियंका गांधी ने घेरा केंद्र, कहा- संसद में लोकतांत्रिक परंपराओं का हो रहा उल्लंघन
22 Jul, 2026 12:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तल्खी लगातार बढ़ती जा रही है। विपक्षी सांसदों के विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता के. सुरेश ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मकर द्वार पर काले कपड़ों में प्रदर्शन का मुख्य कारण पिछले दिन विपक्ष के नेता और अन्य सांसदों के साथ हुआ पुलिस का अभद्र व्यवहार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार का दमनकारी रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पार्टी इस पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगी।
मदन राठौड़ का पलटवार: राहुल गांधी पर साधा निशाना
दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने विपक्षी दलों के रवैये पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के पास देश से जुड़ा कोई वास्तविक मुद्दा नहीं बचा है और वे महज समाचारों में बने रहने के लिए इस तरह की गतिविधियां कर रहे हैं। राठौड़ ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के इस व्यवहार के विरोध में भाजपा भी पीछे नहीं हटेगी और देशभर में कांग्रेस कार्यालयों के समक्ष व्यापक प्रदर्शन दर्ज कराएगी। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह के बयानों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन में शामिल दलों की कोई साझी विचारधारा नहीं है, जिसके कारण उनके बीच आपसी आरोप-प्रत्यारोप और नाटक देखने को मिल रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े केसी वेणुगोपाल
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के हालिया बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने उनके पद पर बने रहने की नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए। वेणुगोपाल ने कहा कि शिक्षा प्रणाली में आए संकट के बाद मंत्री जी अपना नैतिक अधिकार खो चुके हैं और देश की जनता अब उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा के लिए शिक्षा मंत्री को तत्काल प्रभाव से अपने पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए।
सदन न चलने देने पर रामगोपाल यादव के तीखे बोल
संसदीय कार्यवाही में जारी गतिरोध पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ सांसद रामगोपाल यादव ने केंद्र सरकार की मंशा पर उंगली उठाई है। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के प्रश्नों से बचना चाहती है और चर्चा से भागने के लिए बार-बार सदन को स्थगित किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों का खुला उपहास है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनहित के मुद्दों पर कोई पारदर्शी जवाबदेही तय नहीं की जा रही है। वहीं, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के सांसद ए. राजा ने भी कांग्रेस के विरोध का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक और दल को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की स्वतंत्रता है।
संसद परिसर से सदन तक घमासान, हंगामे के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही रोकी गई
22 Jul, 2026 11:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई। विपक्ष द्वारा छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस बल प्रयोग जैसे संवेदनशील मुद्दों पर तुरंत चर्चा की मांग को लेकर किए गए भारी विरोध के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
लोकसभा: प्रश्नकाल चलाने की अपील बेअसर, कार्यवाही स्थगित
लोकसभा की बैठक शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने अपने दिए नोटिस पर तत्काल चर्चा कराने की मांग को लेकर हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से व्यवस्था बनाए रखने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की। उन्होंने आश्वस्त किया कि पीठ विपक्ष के हर मुद्दे पर नियमानुसार प्रश्नकाल के बाद चर्चा कराने को तैयार है। हालांकि, विपक्षी सांसदों का विरोध शांत न होने पर अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
मंत्रालयी दस्तावेज व पीएसी रिपोर्ट पेश करने की कार्यसूची
सदन की कार्यसूची के अनुसार, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और बी. संजय कुमार (गृह मंत्रालय), बी. एल. वर्मा (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता), सुकांत मजूमदार (शिक्षा) तथा हर्ष मल्होत्रा (सड़क परिवहन एवं राजमार्ग) को अपने-अपने मंत्रालयों से संबंधित दस्तावेज पटल पर रखने थे। इसके साथ ही भाजपा सांसद के. लक्ष्मण और कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह को लोक लेखा समिति (PAC) की 2026-27 की चार रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थीं, जिनमें 'धनुष' 155mm/45 कैलिबर गन प्रणाली के उत्पादन में देरी पर 18वीं लोकसभा की 48वीं रिपोर्ट प्रमुख है।
राज्यसभा: शोक संदेश के बाद खरगे ने उठाया छात्र लाठीचार्ज का मुद्दा
उधर उच्च सदन (राज्यसभा) में दिवंगत पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद पटल पर आवश्यक दस्तावेज रखे गए। इसके तुरंत बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। सभापति सी. पी. राधाकृष्णन द्वारा सदस्यों से अपनी बारी का इंतजार करने के आग्रह के बावजूद विपक्षी दल अपनी मांग पर अड़े रहे, जिसके बाद सभापति ने राज्यसभा की कार्यवाही को भी दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
काले कपड़ों में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, संसद में सरकार को घेरा
22 Jul, 2026 11:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद तक निकाले गए छात्र मार्च पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में विपक्षी सांसदों ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार सुबह प्रमुख विपक्षी दलों के सांसद काले लिबास में संसद पहुंचे और परिसर में केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव सहित कई वरिष्ठ नेता नारेबाजी करते नजर आए।
पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई पर सरकार को घेरने की रणनीति
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन से ही नीट/पेपर लीक तथा देश की शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा छाया हुआ है। विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है। बीते दिन प्रधानमंत्री आवास के समीप कांग्रेस के धरने के दौरान राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था और बाद में रिहा कर दिया। छात्रों पर हुई कथित बर्बरता और नेताओं की हिरासत के विरोध में ही सांसदों ने काले कपड़े पहनकर अपना विरोध दर्ज कराया।
दिल्ली से निकलकर देशभर में फैला विरोध प्रदर्शन
छात्रों पर कार्रवाई और शीर्ष नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद यह आंदोलन दिल्ली की सीमाओं से निकलकर देश के अन्य राज्यों तक पहुँच गया है। विभिन्न राज्यों के प्रमुख शहरों में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरकर गिरफ्तारियां दे रहे हैं। संसद से लेकर सड़कों तक विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेर रहा है, जिससे कई शहरों में विरोध प्रदर्शनों का दौर तेज हो गया है।
सीएम थलपति का केंद्र पर निशाना, बोले- NEET परीक्षा खत्म करना ही समाधान
22 Jul, 2026 11:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: देशभर में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर जारी आक्रोश के बीच तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता थलपति विजय की राजनीतिक पार्टी 'तमिझगा वेत्री कज़गम' (TVK) ने कड़ा रुख अपनाया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में टीवीके ने मांग की है कि केवल धांधली रोकना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नीट प्रवेश परीक्षा को स्थायी रूप से पूरी तरह समाप्त कर दिया जाना चाहिए।
शिक्षा को समवर्ती सूची से हटाकर राज्य सूची में शामिल करने की मांग
छात्रों के भविष्य और राज्यों के संवैधानिक अधिकारों की वकालत करते हुए टीवीके ने शिक्षा नीति में बुनियादी बदलाव का प्रस्ताव रखा है। पार्टी का मानना है कि इस समस्या के स्थायी समाधान हेतु शिक्षा को संविधान की समवर्ती सूची (Concurrent List) से हटाकर पुनः राज्य सूची (State List) में स्थानांतरित किया जाना चाहिए। यदि इसमें कोई कानूनी अड़चन आती है, तो अंतरिम उपाय के तौर पर विशेष समवर्ती सूची बनाने की सिफारिश की गई है, ताकि राज्यों को अपनी मेडिकल शिक्षा और दाखिला प्रक्रिया पर पूर्ण अधिकार मिल सके।
सत्ताधारी डीएमके पर साधा निशाना, रैपर अरिवु से की मुलाकात
टीवीके ने राज्य की सत्ताधारी पार्टी डीएमके पर तंज कसते हुए कहा कि वे चुनावों के दौरान नीट को रद्द करने के झूठे वादे करके जनता और छात्रों को धोखा नहीं देते। इस बीच, थलपति विजय ने नीट के विरोध में राज्य सचिवालय के बाहर धरना देने वाले प्रसिद्ध रैपर थेरुकुरल अरिवु से भी मुलाकात की और उनकी चिंताओं का समर्थन किया। उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु सरकार लंबे समय से राज्य के मेडिकल कॉलेजों में 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर ही दाखिला देने की मांग करती रही है।
कांग्रेस का संसद परिसर में प्रदर्शन, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
22 Jul, 2026 11:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं और प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों पर पुलिस कार्रवाई का मामला गरमाया हुआ है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि लाठीचार्ज और बिना नेम टैग वाले लोगों द्वारा हमले के बाद विपक्ष का मूकदर्शक बने रहना संभव नहीं था। उन्होंने सरकार के इस आरोप को खारिज किया कि विपक्ष छात्रों की भावनाओं का फायदा उठा रहा है।
दिल्ली पुलिस का दावा: प्रदर्शन के दौरान हिंसा में 118 पुलिसकर्मी ज़ख्मी
उधर, दिल्ली पुलिस ने मार्च के दौरान हुई घटनाओं पर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर हिंसक रुख अपनाया, पत्थरों से हमला किया और सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचाया। इस दौरान 15 से 20 सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की गई। पुलिस के मुताबिक, इस हिंसा में वरिष्ठ अधिकारियों सहित कुल 118 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिससे कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर गंभीर संकट पैदा हो गया था।
राहुल-प्रियंका की कस्टडी के विरोध में देशभर में कांग्रेस का हल्लाबोल
दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य वरिष्ठ नेताओं को पुलिस हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। तिरुवनंतपुरम, गुवाहाटी, जबलपुर और भुवनेश्वर समेत देश के प्रमुख शहरों में कांग्रेस और उसके छात्र संगठनों ने व्यापक प्रदर्शन किए। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।
लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव: छात्र बर्बरता पर तुरंत चर्चा की मांग
संसदीय कार्यवाही के बीच कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने बुधवार को लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग, लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल पर तुरंत चर्चा की मांग की। अपने नोटिस में उन्होंने उल्लेख किया कि यह कार्रवाई संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के मौलिक अधिकारों का हनन है तथा संसद इस तरह के दमनकारी रवैये पर मूकदर्शक बनकर नहीं बैठ सकती।
NEET पेपर लीक पर सरकार का रुख स्पष्ट, संसद में चर्चा को तैयार; पीएम मोदी का बड़ा बयान
22 Jul, 2026 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: नीट परीक्षा लीक प्रकरण को लेकर विपक्ष के हंगामे और दिल्ली में आंदोलनरत विद्यार्थियों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में भारी घमासान जारी है। इस विरोध प्रदर्शन और सियासी तनातनी के कारण लगातार दूसरे दिन लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बाधित रही। इस बीच संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही आज पुनः प्रारंभ होने जा रही है।
संसद के दोनों सदनों में हंगामा, कार्यवाही बार-बार स्थगित
नीट धांधली के विरोध में छात्रों के समर्थन में उतरे विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। संसद परिसर से लेकर सदनों के भीतर तक सरकार से जवाबदेही और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की गई। हंगामे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही को बार-बार स्थगित करना पड़ा, जिससे विधायी कामकाज पूरी तरह ठप रहा।
मानसून सत्र की कार्यवाही आज फिर होगी शुरू
संसदीय गतिरोध के बीच आज एक बार फिर मानसून सत्र की कार्यवाही शुरू होने वाली है। विपक्ष जहां छात्र हितों, नीट घोटाले और पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर विशेष चर्चा की अपनी मांग पर अड़ा हुआ है, वहीं सत्ता पक्ष सदनों में सामान्य कामकाज बहाल कराने के प्रयास में जुटा हुआ है। देखना होगा कि आज संसद में गतिरोध समाप्त होता है या सियासी गर्माहट बरकरार रहती है।
विवाद बढ़ने पर बृज भूषण की सफाई, बोले- आहत भावनाओं के लिए क्षमाप्रार्थी हूं
22 Jul, 2026 08:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: शहर के रामोल क्षेत्र में शनिवार को एक अवैध पटाखा कारखाने में अचानक आग लगने से दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस कारखाने का लाइसेंस समाप्त होने के बाद इसे पहले ही सील कर दिया गया था, लेकिन संचालक इसे चोरी-छिपे दोबारा चला रहे थे।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक डीसीपी मयूर पाटिल ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि रामोल स्थित इस गैर-कानूनी पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से 10 श्रमिकों की जान चली गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कारखाने का लाइसेंस 31 मार्च, 2026 को समाप्त हो चुका था, जिसके बाद प्रशासन ने इसे बंद कराकर परिसर को सील कर दिया था।
रथ यात्रा की व्यस्तता का उठाया अनुचित लाभ
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, हाल ही में आयोजित रथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस बल की व्यस्तता का फायदा उठाकर संचालकों ने सील खोलकर अवैध रूप से काम शुरू करने की कोशिश की। इसी दौरान यह भयावह दुर्घटना घटित हुई। डीसीपी पाटिल ने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए बिना अनुमति चल रही अवैध इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है।
अवैध निर्माणों पर प्रशासन की नजर, जमीन मालिकों से अपील
भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने जमीन मालिकों से अपील की है कि वे अपनी संपत्ति पर बिना वैध लाइसेंस संचालित हो रहे परिसरों के खिलाफ कदम उठाएं। इसके बाद कई भू-स्वामी ऐसे अवैध ऑपरेटरों के खिलाफ निष्कासन और तोड़-फोड़ की कार्रवाई कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस और अहमदाबाद नगर निगम की टीम बिना इजाजत बने ढांचों को हटाने की निगरानी कर रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।
कांग्रेस नेताओं का प्रदर्शन, राहुल गांधी के साथ सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध
21 Jul, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरी कांग्रेस ने मंगलवार को राजधानी दिल्ली में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। जंतर-मंतर पर छात्रों के संसद मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी के नेतृत्व में पार्टी के शीर्ष नेताओं ने 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास की ओर पैदल मार्च निकाला। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की।
पुलिस ने दर्जनों नेताओं को लिया हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कांग्रेस सांसद के. सुरेश और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करे सरकार: राहुल गांधी
प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि युवा छात्रों पर हुई पुलिस बर्बरता का जवाब मांगने के लिए वे प्रधानमंत्री आवास तक गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामी पर न तो कोई जवाबदेही तय करना चाहती है और न ही संसद में बहस कराने को तैयार है। राहुल गांधी ने देश के युवाओं का भविष्य अंधकार में ढकेलने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग की।
अस्पताल पहुंचकर घायल छात्रों का जाना हाल-चाल
इससे पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल का दौरा किया। दोनों नेताओं ने नीट परीक्षा में गड़बड़ी के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्र-छात्राओं से मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम पूछा। इस दौरान उन्होंने वेंटिलेटर सपोर्ट पर जिंदगी की जंग लड़ रही एक घायल छात्रा की मां से भी मुलाकात कर उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया। कांग्रेस पार्टी ने कहा कि देश के युवाओं की आवाज दबाने के लिए उन पर लाठियां बरसाई जा रही हैं, जिसके लिए प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए।
सीएम यादव का विपक्ष को जवाब, बोले- 'सबके लिए समान व्यवस्था होगी'
21 Jul, 2026 04:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में भारी गहमागहमी और नारेबाजी के बीच समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित हो गया। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेहद कड़े तेवरों में राज्य सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि समाज में समानता हमारी सनातन संस्कृति की आत्मा है। जब ईश्वर की नज़र में हर व्यक्ति एक समान है, तो फिर इंसानों के बनाए कानूनों में धर्म के आधार पर दोहरा मापदंड क्यों होना चाहिए? उन्होंने दोहा दोहराते हुए कहा कि देश में सभी के लिए एक जैसा कानून होना बेहद जरूरी है।
एक संविधान और समान व्यवस्था पर जोर
सदन में अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राम, रहीम, रविंद्र, रॉबिन, अमर, एंथोनी और अकबर—हर नागरिक के लिए देश में केवल एक ही संविधान होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इस विधेयक के कानून बनते ही प्रदेश में हर तरह के कानूनी भेदभाव का अंत हो जाएगा। राज्य में अब किसी के लिए अलग मजहबी पैमाना नहीं होगा और सभी नागरिकों को एक ही दृष्टिकोण से देखा जाएगा। इसके साथ ही मध्यप्रदेश अब देश में उत्तराखंड, गुजरात और असम जैसी समानतावादी व्यवस्था लागू करने वाले राज्यों की कतार में मजबूती से शामिल हो गया है।
विपक्ष के दोहरे चरित्र और तुष्टिकरण पर हमला
विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष हमेशा से तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करता आया है। उनके खाने के दांत और दिखाने के दांत पूरी तरह अलग हैं और जनता उनके इस पाखंड को भली-भांति समझ चुकी है। डॉ. यादव ने सवाल उठाया कि जब एक पिता अपने दो बेटों में फर्क नहीं करता, तो कोई सरकार अपने नागरिकों को अलग-अलग नजरिए से कैसे देख सकती है?
आंबेडकर के संविधान का दिया हवाला
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि विपक्ष को संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और भारतीय संविधान के प्रति जरा सा भी सम्मान है, तो उन्हें इस ऐतिहासिक विधेयक का खुलकर समर्थन करना चाहिए था। उन्होंने विधेयक पर अपने सुझाव देने के लिए प्रदेश की जनता का आभार जताया। हालांकि मुख्यमंत्री के पूरे संबोधन के दौरान कांग्रेसी विधायक सदन में लगातार नारेबाजी और हंगामा करते रहे, लेकिन सरकार ने सदन के पटल पर अपनी बात पूरी मजबूती के साथ रखी।
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