राजनीति
सर्द मौसम में गर्मायी बिहार की सियासत
2 Jan, 2025 03:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। सर्द मौसम में बिहार की सियासत में गर्मी का माहौल बन गया है। दरअसल, सियासी हलकों में इन दिनों यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले पलटी मार सकते हैं। वह एक बार फिर एनडीए गठबंधन को छोड़कर वापस राजद के साथ इंडिया ब्लॉक में शामिल हो सकते हैं। इस बीच राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने यह कहकर सियासत को और गर्मा दिया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए राजद के दरवाजे हमेशा खुले हैं।
अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वापस आते हैं तो वो उनको वापस ले लेंगे। लालू यादव के इस बयान से बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फिर से पलटने की अफवाह को हवा मिल गई है। हालांकि, यह अभी महज कयासबाजी करार दिया जा रहा है।
लालू प्रसाद यादव ने खोले नीतीश कुमार के लिए राजद के दरवाजे, कहा- सारी गलतियां माफ कर देंगे
एक निजी चैनल से बातचीत करते हुए लालू यादव ने कहा कि नीतीश कुमार के लिए हमारे दरवाजे तो खुले हैं। लेकिन उन्हें भी अपने दरवाजे खोलकर रखना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे आते हैं तो साथ क्यों नहीं लेंगे? ले लेंगे साथ। सारी गलतियां माफ कर देंगे। माफ करना ही हमारा फर्ज है। लालू यादव ने ये भी कहा कि नीतीश कुमार को यह शोभा नहीं देता है। वो आते हैं फिर चले जाते हैं, भाग जाते हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग मिल बैठकर फैसला लेते हैं। हालांकि, इससे पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा था कि नीतीश कुमार के लिए राजद का दरवाजा बंद हैं। वो थके हुए मुख्यमंत्री हैं। लेकिन लालू यादव के बयान के बाद अब तेजस्वी यादव ने भी नरमी दिखा दी है।
नए राज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे तेजस्वी यादव से जब पत्रकारों ने लालू यादव के बयान को लेकर सवाल किया तो पहले वह सवाल से बचते दिखे। फिर उन्होंने टालमटोल करते हुए कहा कि पत्रकार लोग बार बार पूछते रहते हैं तो उनको ठंडा करने के लिए लालू जी ने बयान दे दिया है। उन्होंने कहा कि हम लोग तो पहले ही बोल चुके हैं। हमारी बात पहले से आ चुकी है। इस दौरान तेजस्वी कुछ भी साफ-साफ कहने से बचते दिखे। वहीं, अब लालू यादव के बयान के बाद सियासी गलियारों में सत्ता समीकरण पर नई बहस शुरू हो गई है। सभी जानते हैं कि लालू यादव ही सर्वेसर्वा हैं। उनका फैसला ही पार्टी में चलता है। लालू यादव राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी हैं। मौके की नजाकत को देखते हुए वो अपने फैसले बदल भी लेते हैं और उस पर अडिग भी रहते हैं। अब जबकि भाजपा और जदयू के बीच सबकुछ ठीक नहीं की बात सामने आ रही है तो उनके लहजे में नीतीश कुमार को लेकर नरमी नजर आने लगी है।
वैसे राजनीति के जानकारों का भी मानना है कि बिहार की राजनीति कब करवट ले ले, कुछ कहा नहीं जा सकता। सियासी गलियारों में चर्चा चल रही है कि भाजपा और जदयू के बीच खींचतान मची है। दोनों दलों के बीच रिश्ते सहज नहीं रह गए हैं। इस बात को और हवा तब मिली जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अभी हाल ही में दिल्ली के दौरे पर गए थे। वहां, पर नीतीश कुमार की किसी भी भाजपा के बड़े नेताओं के साथ मुलाकात नहीं हुई। ऐसे में लालू यादव का बयान कुछ और ही इशारा कर रहा है।
केजरीवाल ने संघ प्रमुख को लिखा खत, खत में भाजपा की गलतियां गिनाई
2 Jan, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । दिल्ली में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले सियासी पारा चढ़ा हुआ है। जहां दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप प्रमुख अदविंद केजरीवाल ने भाजपा के आचरण और लोकतंत्र पर उसके प्रभाव से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा है। केजरीवाल ने आरआरएस के प्रमुख मोहन भागवत से पूछा कि क्या आरएसएस अतीत में भाजपा के गलत कामों का समर्थन करता है। उन्होंने भाजपा नेताओं द्वारा खुलेआम पैसे बांटने की प्रथा पर भी सवाल उठाकर पूछा कि क्या आरएसएस वोट खरीदने में भाजपा का समर्थन करता है।
इसके अलावा, केजरीवाल ने दलित और पूर्वांचली वोटों के बड़े पैमाने पर कटने पर चिंता जताकर पूछा कि क्या संघ का मानना है कि यह लोकतंत्र के लिए सही है? उन्होंने कहा, ‘‘बीजेपी ने अतीत में जो भी गलत काम किया है, क्या संघ उसका समर्थन करता है? केजरीवाल ने लिखा, बीजेपी नेता खुलेआम पैसे बांट रहे हैं। क्या आरएसएस वोट खरीदने का समर्थन करता है? दलित और पूर्वांचली वोट बड़े पैमाने पर काटे जा रहे हैं। क्या आरएसएस को लगता है कि यह लोकतंत्र के लिए सही है? क्या आरएसएस को नहीं लगता कि बीजेपी लोकतंत्र को कमजोर कर रही है।
विजयन के बयान पर भड़की बीजेपी, साल बदला लेकिन सनातन का अपमान करना नहीं छोड़ा
2 Jan, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने समाज सुधारक और आध्यात्मिक नेता श्री नारायण गुरु को सनातन धर्म के वकील और प्रस्तावक के रूप में चित्रित करने के संगठित प्रयास की आलोचना की है। मुख्यमंत्री विजयन ने दावा किया कि गुरु एक महान ऋषि थे, जिन्होंने सनातन धर्म को पार किया। सीएम विजयन ने वर्कला में 92वें शिवगिरी तीर्थयात्रा का उद्घाटन कर कहा, श्री नारायण गुरु को सनातन धर्म के वकील और प्रस्तावक के रूप में चित्रित करने का एक संगठित प्रयास चल रहा है। हालांकि, गुरु सनातन धर्म के समर्थक नहीं थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके बजाय, नारायण एक महान ऋषि थे जिन्होंने इस पार किया, इसके कठोर ढांचे को खत्म कर आधुनिक समय के लिए उपयुक्त नए युग के धर्म की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म कोई और नहीं बल्कि वर्णाश्रम धर्म है, जिसे गुरु के नए युग के मानवतावादी धर्म द्वारा चुनौती दी गई थी।
वहीं विजयन की टिप्पणी पर बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि नया साल शुरू हो गया है लेकिन उनकी मानसिकता सनातन का अपमान करने वाली अभी भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि केरल के मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया बयानों की लंबी शृंखला का हिस्सा है। अब वामपंथियों को लग रहा था कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति में उनसे आगे निकल गई है और उस अतिवादी वोट बैंक को वापस पाने के लिए वे हिंदू आस्था और सनातन पर इसतरह के बयान देने लगे है।
गहलोत पर तंज कसते हुए बीजेपी नेता अग्रवाल, खिसियानी बिल्ली....आगे वाला नहीं बोलूंगा
2 Jan, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जयपुर । राजस्थान में बीजेपी के प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार कर कहा कि गहलोत जी पर मैं बोलूं अच्छा नहीं लगता। राजस्थान की जनता उप्हें पहले ही बता चुकी है कि उन्होंने कितनी मेहनत, निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ पिछली सरकार चलाई थी। उन्होंने कहा कि गहलोत को विचार करना चाहिए कि उनकी सरकार जनता की निगाहों में असफल क्यों हुई। बीजेपी नेता अग्रवाल ने गहलोत पर तंज कसते हुए कहा कि तू इधर-उधर की ना बात कर, तू बता कि कारवां कहां लूटा। राजस्थान की बात करो और बताओ कि तुम क्यों हारें और उस हार से तुमने और तुम्हारी पार्टी ने क्या सबक लिया। मणिपुर बहुत दूर है। दरसअल गहलोत ने मणिपुर हिंसा पर मुख्यमंत्री सिंह द्वारा माफी मांगने पर कहा था कि जनता उनकी माफी को स्वीकार नहीं करेगी।
प्रदेश की भजनलाल सरकार को नकारा व निकम्मी सरकार कहने के गहलोत के बयान पर भी प्रदेश प्रभारी राधामोहन अग्रवाल ने कहा कि वे बैठकर मूल्यांकन करते रहें। हमारा चुनाव चार साल बाद है। हम चुनाव में पहले से अधिक सीटें लेकर आएंगे। हम मुख्यमंत्री के नेतृत्व में इस बार 160-170 सीटें जीतने वाले है। तब आप गहलोत जी से पूछिएगा। गहलोत पराजय बोध में हैं। खिसियानी बिल्ली....आगे वाला नहीं बोलूंगा। पर इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। हमारी सरकार ने एक साल में क्रांतिकारी काम किए हैं। अपराध को नियंत्रित किया है। समाज के सभी वर्गों को एक साथ लेकर हम चले हैं। भ्रष्टाचार पर पूरी तरह से नियंत्रण रखा है। जनता को सुशासन दिया हैं।
बांग्लादेशी हिंदुओं को लेकर सीएम सरमा का बड़ा बयान, पीएम मोदी स्थिति को सुधारने में जुटे
2 Jan, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुवाहाटी । असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बांग्लादेशी हिंदुओं के भारत में आने को लेकर बड़ा बयान दे दिया है। सीएम सरमा ने कहा कि बांग्लादेशी हिंदुओं की संख्या बहुत कम है और जो आना चाहते थे, वे 40 साल पहले ही आ चुके हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, मुझे लगता है कि हमें उन्हें भारत आने के लिए प्रोत्साहित नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार बांग्लादेश में सुरक्षा सुनिश्चित करने और वहां की स्थिति को स्थिर बनाने के लिए वहां की सरकार से संपर्क में हैं। बांग्लादेश के हिंदू भी परिपक्वता से काम कर रहे हैं।
असम सीएम ने दावा किया कि पिछले पांच महीनों में असम में किसी भी बांग्लादेशी हिंदू के आने की सूचना नहीं मिली है। मुख्यमंत्री का यह बयान अब आया है जब असम में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) का मुद्दा गरम है।
पिछले माह असम के मुख्यमंत्री ने कहा था कि असम पुलिस ने दो अलग-अलग अभियानों में अवैध रूप से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने के आरोप में पांच बच्चों सहित 22 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है। उन्होंने बताया कि बेंगलुरु से गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद 16 बांग्लादेशियों को पकड़ा गया, वे दक्षिण सलमार जिले की ओर जा रहे थे। उन्होंने बताया कि जांच के बाद पता चला कि पकड़े गए लोग बांग्लादेशी थे।
मोहन भागवत के बाद आरएसएस मुखपत्र में लिखा-स्वार्थ के लिए मंदिर का प्रचार गलत
2 Jan, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखपत्र पांचजन्य ने मंदिर-मस्जिद विवाद पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान का समर्थन किया है। पांचजन्य ने संपादकीय में लिखा कि कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए मंदिरों का प्रचार कर रहे हैं और खुद को हिंदू विचारक के रूप में पेश कर रहे हैं। पांचजन्य के संपादक हितेश शंकर ने संपादकीय कि मंदिरों पर यह कैसा दंगल में लिखा- मंदिरों का राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं है। इसे राजनीति का हथियार नहीं बनाना चाहिए। भागवत का बयान गहरी दृष्टि और सामाजिक विवेक का आह्वान है।
मोहन भागवत ने 19 दिसंबर को पुणे में कहा था कि राम मंदिर के निर्माण के बाद कुछ लोगों को लगता है कि वे नई जगहों पर इस तरह के मुद्दे उठाकर हिंदुओं के नेता बन सकते हैं। हर दिन एक नया मामला उठाया जा रहा है। इसकी इजाजत कैसे दी जा सकती है? भारत को दिखाने की जरूरत है कि हम एक साथ रह सकते हैं। हालांकि, आरएसए के अंग्रेजी मुखपत्र ऑर्गनाइजर ने मोहन भागवत से अलग राय रखी थी। पत्रिका ने इसे ऐतिहासिक सच जानने और सभ्यतागत न्याय की लड़ाई कहा था।
भ्रामक प्रचार को बढ़ावा देना चिंताजनक
भागवत के बयान के बाद मीडिया में लड़ाई जैसी स्थिति पैदा हो गई है। या तो यह जानबूझकर बनाई जा रही है। एक स्पष्ट बयान से कई अर्थ निकाले जा रहे हैं। भागवत का बयान समाज से इस मुद्दे पर समझदारी से निपटने की एक स्पष्ट अपील थी। इन मुद्दों पर अनावश्यक बहस और भ्रामक प्रचार को बढ़ावा देना चिंताजनक है। सोशल मीडिया ने इसे और बढ़ाया है। कुछ असामाजिक तत्व खुद को सामाजिक समझदार मानते हैं। वे सोशल मीडिया पर समाज की भावनाओं का शोषण कर रहे हैं। ऐसे असंगत विचारकों से दर रहना जरूरी है। भारत एक सभ्यता और संस्कृति का नाम है, जो हजारों साल से विविधता में एकता का सिद्धांत न केवल सिखाता रहा है, बल्कि इसे जीवन में भी अपनाया है। आज के समय में मंदिरों से जुड़े मुद्दों को राजनीति के हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चिंताजनक है। सरसंघचालक ने इस प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। यह दृष्टिकोण दिखाता है कि हिंदू समाज को अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए राजनीतिक झगड़ों, व्यक्तिगत महिमामंडन और विवादों से बचना चाहिए। भागवत का संदेश एक गहरी सामाजिक चेतना को जागृत करता है। यह हमें याद दिलाता है कि इतिहास के घावों को कुरेदने के बजाय हमें अपने सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करते हुए समाज में सामंजस्य और सौहार्द की भावना को बढ़ावा देना चाहिए।
‘जम्मू कश्मीर एंड लद्दाख: थ्रू द एजेस’ नामक पुस्तक का विमोचन करेंगे अमित शाह
2 Jan, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह नई दिल्ली में एक पुस्तक विमोचन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान वह ‘जम्मू कश्मीर एंड लद्दाख: थ्रू द एजेस’ नामक पुस्तक का विमोचन करेंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान समेत प्रख्यात लेखक, शिक्षाविद्, मंत्रालय के अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहेंगे। यह जानकारी बुधवार को भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय ने दी है।
आपको बता दें, ‘जम्मू कश्मीर एंड लद्दाख: थ्रू द एजेस’ शीर्षक वाली पुस्तक में जम्मू कश्मीर और लद्दाख की कहानी है। यह शीर्षक जम्मू कश्मीर और लद्दाख की वास्तविक कहानी को बताने का प्रयास करता है, जो विषय विशेषज्ञ और कम जानकार दोनों के लिए एक सिंहावलोकन हेतु सक्षम बनाता है। इसे सात खंडों में प्रस्तुत किया गया है। यह इस क्षेत्र के तीन हजार वर्षों से अधिक के इतिहास को कवर करता है। समावेशन के लिए चयनित प्रत्येक चित्रण एक युग उसके महत्व और भारतीय इतिहास के बड़े ऐतिहासिक कैनवास में योगदान का प्रतिनिधि होने के कारण बेहद सावधानी से किया गया है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार हिंदी और अंग्रेजी में प्रकाशित यह पुस्तक नेशनल बुक ट्रस्ट, भारत और भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद के सहयोगात्मक प्रयासों का परिणाम है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव क्या अपनी रणनीति बदलेंगे?
1 Jan, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। यूपी में पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक यानी पीडीए पॉलिटिक्स से मजबूत बीजेपी को बैकफुट पर धकेलने वाले अखिलेश यादव क्या 2025 में अपनी रणनीति बदलेंगे? सवाल उठने लगा है कि अखिलेश यादव के लिए 2024 अच्छा रहा। उन्होंने समाजवादी पार्टी को माय यानी मुस्लिम-यादव समीकरण से बाहर निकालकर गैर यादव पिछड़ा और दलित समाज के भी स्वीकार्य बनाने में सफलता हासिल की है। हालांकि, लोकसभा चुनाव में 37 सीटें जीतकर देश में तीसरे नंबर की पार्टी बनने के बाद भी अखिलेश को अन्य प्रदेशों में तबज्जो नहीं मिली। ऐसे में दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाए जाने लगे हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन इंडिया का स्वरूप बदलता दिख रहा है। प्रदेश में मजबूत आम आदमी पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। लोकसभा चुनाव में आप और कांग्रेस गठबंधन के तहत चुनाव लड़ी थी, लेकिन बीजेपी को मात देने में सफल नहीं रही। ऐसे में आप ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का साथ छोड़ा है। दरअसल आप को लगने लगा है कि कांग्रेस का वोट बैंक आप की तरफ शिफ्ट होना संभव नहीं है। आपसे गठबंधन कर कांग्रेस ही फायदे में रहेगी। आपके बदले रुख के बाद इंडिया गठबंधन के अन्य सहयोगियों के बीच भी हलचल तेज हो गई है।
दरअसल तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इंडिया गठबंधन के नेतृत्व को लेकर सवाल उठाया। यह सवाल राहुल गांधी की रणनीति पर उठाया जाना माना। इसके बाद विवाद में सपा और सहयोगी भी कूद पड़े। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद शिवसेना उद्धव गुट की ओर से 6 दिसंबर बाबरी मस्जिद विध्वंस के समर्थन में बयान आया। इस पर समाजवादी पार्टी ने आपत्ति जताई। विवाद इस कदर गहराया कि सपा ने इंडिया गठबंधन से बाहर होने के संकेत दे दिए। वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने राहुल गांधी को इंडिया गठबंधन का नेता न चुने जाने का दावा किया। उन्होंने राहुल गांधी को नेता ही मानने से इनकार कर दिया। हालांकि बाद में अखिलेश ने सपा-कांग्रेस गठबंधन बरकरार रहने की बात कही थी।
दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले सपा की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं। पार्टी दिल्ली को लेकर क्या फैसला लेती है, यह देखना दिलचस्प होगा। दरअसल, लोकसभा चुनाव के बाद हुए पिछले दो विधानसभा चुनाव में पार्टी का रुख अलग दिख रहा है। हरियाणा में सपा ने कांग्रेस के लिए मैदान खुला छोड़ दिया था। वहीं, महाराष्ट्र के चुनावी मैदान में पार्टी उतरी। पार्टी ने 8 उम्मीदवार उतारे। इंडिया गठबंधन से दो सीटों पर समर्थन मिला और उन पर पार्टी जीती भी। अखिलेश यादव सपा को राष्ट्रीय पार्टी बनाने का दावा करते नजर आते हैं, लेकिन विधानसभा चुनावों में वे सहयोगी दलों के समर्थन की बात करते हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और आप अलग-अलग मैदान में उतरेंगी। दोनों दलों ने अपने-अपने उम्मीदवार का ऐलान भी कर दिया है। एक-दूसरे पर हमले भी कर रही हैं। पिछले दिनों अखिलेश यादव पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल का समर्थन करते दिखे।
आप दिल्ली की सत्ता पर एक दशक से काबिज है। पार्टी की स्थिति प्रदेश में मजबूत है। ऐसे में प्रदेश की विपक्षी पार्टी बीजेपी पर बढ़त बना सकती है। वहीं समाजवादी पार्टी की स्थिति उस स्तर की नहीं दिखती है। ऐसे में अगर अखिलेश चुनाव से दूर रहने और आप को समर्थन देने का ऐलान करते हैं तो आश्चर्य नहीं होगा। वहीं दिल्ली से कांग्रेस को यूपी चुनाव 2027 का संकेत भी मिल सकता है।
वायनाड भूस्खलन को गंभीर आपदा घोषित करने पर प्रियंका गांधी ने जताई खुशी
1 Jan, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने हाल ही में वायनाड में हुए भूकंप को गंभीर आपदा के रूप में घोषित कर दिया है। इस घटना के बाद कांग्रेस महासचिव और वायनाड से लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने खुशी जताई है। गृह मंत्रालय ने केरल सरकार को भूकंप के वर्गीकरण की मान्यता दी है, लेकिन अभी तक पुनर्निर्माण के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा नहीं की गई है। प्रियंका गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह से तत्काल धन राशि की मांग की है ताकि पुनर्वास के लिए जरूरी सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने यह भी जताया कि यदि दंड प्राप्त करने वाले लोगों को अच्छे से मदद पहुंचाने के लिए पर्याप्त धनराशि पहुंचाई जाए, तो वह सभी धन्य होंगे। पिछले महीने प्रियंका ने केरल के सांसदों के साथ गृह मंत्री से मिलकर भूकंप प्राप्त करने वालों के लिए तत्काल वित्तीय सहायता और बुनियादी सुविधाओं की मांग की थी। उन्होंने वायनाड के लोगों के साथ दिखाए गए सहानुभूति के संदेश को बढ़ावा दिया और पुराने ढांचे को बहाल करने का भी आग्रह किया था। केरल के सांसदों ने भी केंद्र सरकार से पीड़ितों के लिए तेजी से धनराशि जारी करने की मांग की है, ताकि उन्हें जल्दी से जल्दी मदद पहुंचाई जा सके। भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण के लिए वित्तीय सहायता पहुंचाने के लिए सरकार से अग्रह किया गया है। इस समय महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक व्यक्ति इस आपदा के प्राभाव से उबरने के लिए साथ मिलकर काम करें और तत्काल मदद पहुंचाने में सहायता करें। इस संकट के समय में, सहानुभूति और सहयोग की भावना हमें एक साथ खड़े होकर आगे बढ़ने में सहायता करेगी।
चिराग ने छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद सीएम नीतीश से की हस्तक्षेप की अपील
1 Jan, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पटना में बिहार लोक सेवा आयोग के अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद इस मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि जल्द ही इस पहल के सार्थक परिणाम दिखेंगे। यह हमारी सरकार की सकारात्मक सोच और छात्रों के प्रति संवेदनशीलता का परिणाम है।
चिराग ने आगे लिखा कि पटना में हुए छात्रों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल का मैं कभी समर्थक नहीं रहा, पुलिस को संयम बरतना चाहिए। छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे हैं तो उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से समझा कर उनकी समस्याओं के निदान के लिए प्रयास करना चाहिए। न कि उन पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल करना चाहिए। मैंने मुख्यमंत्री से इस बात को भी कहा है कि ऐसे पुलिस अधिकारी जो ऐसे कार्यों में संलिप्त पाए जाते हैं, उन पर भी कानून कार्रवाई की जानी चाहिए।
चिराग ने इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा कि बिहार के युवाओं और बीपीएससी अभ्यर्थियों के मुद्दों को लेकर एनडीए सरकार के प्रमुख सहयोगी होने के नाते मैंने बिहार सरकार और माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। चिराग ने आगे लिखा कि इसके परिणामस्वरूप सरकार की ओर से मुख्य सचिव ने अभ्यर्थियों और छात्रों के साथ संवाद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चिराग ने लिखा कि मैं अभ्यर्थियों से भी अपील करता हूं कि वे शांतिपूर्ण और रचनात्मक तरीके से अपनी बातों को सरकार के समक्ष रखें और किसी भी राजनीतिक व्यक्तियों के बहकावे में आने से बचें। यह मुद्दा पूर्ण रूपेण युवाओं के भविष्य और बिहार के विकास से जुड़ा है, जिसे राजनीति से ऊपर रखकर हल किया जाना चाहिए।
शर्मिष्ठा ने खुद के भाई को फटकारा और कांग्रेस को खूब सुनाई खरी-खरी
1 Jan, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति स्व.प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी इन दिनों कांग्रेस को खूब खरी खोटी सुना रहीं हैं। यहां तक की वो अपने भाई को भी बख्शने को तैयार नहीं हैं। उनकी नाराजगी इस पर को लेकर है कि उनके पिता प्रणब का जब निधन हुआ था तो कांग्रेस ने उनके सम्मान में सीडब्ल्यूसी की बैठक तक नहीं बुलाई थी। फिर पूर्व पीएम डॉ मनमोहन सिंह के लिए स्मारक बनाने के कांग्रेस क्यों अड़ी हुई है। अपने एक्स पोस्ट पर शर्मिष्ठा ने लिखा की, राहुल के भक्त-चेले जो मेरे पिता को उनके आरएसएस दौरे के लिए संघी कहते हैं, मैं उन्हें चुनौती देती हूं कि अपने नेता से सवाल करें कि उन्होंने संसद में नरेंद्र मोदी को गले क्यों लगाया, जिन्हें उनकी मां ने मौत का सौदागर कहा था? उनके घटिया तर्क के हिसाब से तो राहुल भी मोदी के ही साथी हुए? शर्मिष्ठा ने एक दूसरे पोस्ट में लिखा, इन मूर्खों और चाटुकारों के झुंड के साथ कांग्रेस को पुनर्जीवित करने की कोशिश के लिए राहुल गांधी को शुभकामनाएं! जाइए अपनी नफरत की दुकान चलाए। मुझे परवाह नहीं!
शर्मिष्ठा ने अपने भाई को दिया जवाब
अपने भाई अभिजीत मुखर्जी की प्रतिक्रिया पर पलटवार करते हुए शर्मिष्ठा ने एक पोस्ट में कहा, शर्म आनी चाहिए उस व्यक्ति पर जो एक ऐसी पार्टी में फिर से शामिल होना चाहता है जिसके समर्थक दिन-रात उसके पिता को सबसे घिनौने तरीके से गाली देते हैं। गौरतलब है कि कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने के बाद 84 साल की उम्र में प्रणब मुखर्जी का निधन हो गया था। अभिजीत ने कहा था कि मनमोहन सिंह के निधन पर किसी तरह का विवाद नहीं होना चाहिए। अपनी बहन के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत मुखर्जी ने कहा कि 2020 में प्रणब मुखर्जी के निधन के दौरान कोविड-19 प्रतिबंध लागू थे। उन्होंने कहा, कांग्रेस एक रैली निकालना चाहती थी, लेकिन वे कोविड-19 के कारण यह नहीं कर सके। लेकिन वे आए और मुलाकात की। यहां तक कि पीएम मोदी, राहुल गांधी और वरिष्ठ नेता भी आए।
बीड सरपंच हत्या को लेकर फडणवीस सरकार पर बढ़ा मंत्री को हटाने का दबाव
1 Jan, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार बीड के मस्साजोग सरपंच की मौत के बाद दबाव में है। कथित तौर पर बीड सरपंच संतोष देशमुख की एनसीपी मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी के इशारे पर हत्या कर दी गई। उसको लेकर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। बुलढाणा जिले के सिंदखेड राजा में लोगों ने विरोध मार्च निकाला और वाल्मिक कराड और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। लातूर और बीड में भी विरोध हो चुका है।
संतोष देशमुख के अपहरण और हत्या ने महाराष्ट्र को हिलाकर रख दिया है। उनकी छवि साफ-सुथरी थी। दावा किया जा रहा है कि बीड में एक सौर ऊर्जा कंपनी की जबरन वसूली की कोशिश को रोकने के बाद उनकी हत्या कर दी गई। इस हत्या से जातिगत मतभेद भी खुलकर सामने आ गया है, क्योंकि देशमुख मराठा समुदाय से थे और कथित हत्यारे वंजारी समुदाय से हैं। मराठा योद्धा राजा शिवाजी के वंशज संभाजी राजे ने मामले में कार्रवाई की मांग के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल से मुलाकात की बात कही है। एनसीपीएसपी के बीड लोकसभा सांसद बजरंग सोनवाने ने घोषणा की है कि अगर दोषियों को 2 जनवरी तक गिरफ्तार नहीं किया तो वे अनशन पर बैठ जाएंगे। केवल विपक्ष ही नहीं है जो दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहा है, महायुति के भी कई विधायक संतोष देशमुख के परिवार के साथ हैं।
बता दें सोमवार को केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने देशमुख के परिवार से मुलाकात की थी और कहा कि मुझे नहीं लगता कि यह सही है कि दोषियों को गिरफ्तार करने में इतना समय लगना चाहिए। इधर मारे गए सरंपच के भाई ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। उन्होंने याचिका में धनंजय मुंडे को महाराष्ट्र मंत्रिमंडल से हटाने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। सरंपच के भाई ने याचिका में अनुरोध किया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए यह जरूरी है। याचिका औरंगाबाद पीठ में हुई है।
बता दें पुलिस के मुताबिक मस्साजोग गांव के सरपंच देशमुख का 9 दिसंबर को किडनैप हुआ था। आरोप है कि बीड में एक ऊर्जा कंपनी से जबरन वसूली की कोशिश को विफल करने के प्रयास में उनका अपहरण कर लिया। देशमुख को प्रताड़ित किया गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। उनकी लाश अपहरण स्थल से 40 किलोमीटर दूर मिली थी। विपक्षी दलों और बीजेपी के एक विधायक ने धनंजय मुंडे पर अपने सहयोगी वाल्मीक कराड के साथ घनिष्ठ संबंध होने का आरोप लगाया था। जबरन वसूली के मामले में दर्ज की गई प्राथमिकी में कराड का नाम सामने आया था और वह इसके बाद से ही फरार है। सरपंच की हत्या के सिलसिले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणा के बयान पर केरल में बवाल, सीएम विजयन ने की आलोचना
1 Jan, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणा के केरल को मिनी पाकिस्तान बताने सम्बंधी बयान को अत्यंत दुर्भावनापूर्ण और अत्यंत निंदनीय बताया है और कहा है कि यह केरल के खिलाफ घृणा अभियान को दर्शाता है। एक्स पर पोस्ट करते हुए विजयन ने लिखा, महाराष्ट्र के मत्स्य पालन और बंदरगाह मंत्री नितेश राणे के केरल को मिनी पाकिस्तान करार देने वाली अपमानजनक टिप्पणी अत्यंत दुर्भावनापूर्ण और निंदनीय है। इस तरह की बयानबाजी धर्मनिर्पेक्षता और सांप्रदायिक सद्भाव के गढ़ केरल के खिलाफ संघ परिवार द्वारा चलाए जा रहे घृणा अभियानों को दर्शाती है। हम केरल पर इस घृणित हमले की कड़ी निंदा करते हैं और सभी लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष ताकतों से संघ परिवार के घृणित प्रचार के खिलाफ एकजूट होने का आह्वान करते हैं।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता नारायण राणे के 42 वर्षीय बेटे नितेश राणे देवेंद्र फडणवीस सरकार में मत्स्य पालन और बंदरगाह विकास जैसे विभागों का कार्यभार संभाल रहे हैं। नितेश राणे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधते हुए कहा था कि दोनों केरल के वायनाड से इसलिए जीते क्योंकि वो मिनी पाकिस्तान है। उन्होंने कहा था, केरल मिनी पाकिस्तान है और इस वजह से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा वहां से चुने गए। सभी आतंकवादी उनके लिए वोट करते हैं। यह सच है और आप पूछ सकते हैं। वे आतंकवादियों को साथ से सांसद बने हैं।
इस बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंधे ने कहा, नीतेश राणे से और क्या उम्मीद की जा सकती है? उन्हें इसी काम के लिए चुना गया है। हालांकि, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देवेंद्र फडणवीस से पूछना चाहता हूं वह व्यक्ति (राणे) मंत्री हैं और उन्होंने भारत की संप्रभुता और एकता को बनाए रखने के लिए संविधान की शपथ ली है। अब वह देश के एक राज्य को पाकिस्तान बता रहे हैं। वह वहां के मतदाताओं को आतंकवादी कह रहे हैं। क्या उन्हें मंत्री पद पर बने रहने का अधिकार होना चाहिए?
इस मामले में नितेश राणे ने सफाई दी है। उन्होंने कहा, केरल भारत का हिस्सा है। हालांकि, घटती हुई हिंदुओं की आबादी को लेकर हर किसी को चिंता करनी चाहिए। वहां पर हिंदुओं का मुस्लिम या फिर क्रिश्चन धर्म अपनाना रोजाना की बात हो गई है।
FII का बदला मन: लगातार बिकवाली के बाद विदेशी निवेशकों ने फिर लगाया भारत पर दांव
बांग्लादेश दौरे के लिए पाक टीम घोषित: शान मसूद कप्तान, 4 नए खिलाड़ियों की एंट्री
श्रेयस अय्यर का 'कैप्टन कूल' अवतार; पंजाब किंग्स के प्रदर्शन से गदगद हुए इरफान पठान
वैश्विक तनाव के बीच अमेरिका का बड़ा फैसला: तेल कीमतों को थामने के लिए बढ़ाई समयसीमा
विदेशी नंबरों से संचालित था सट्टा नेटवर्क; 18 दिन में हुआ 45 लाख का ट्रांजेक्शन
70 किसानों की राशि का गबन; पद से हटने के बाद भी बैंक ने लुटाए लाखों रुपये
महंगाई की मार और कम वेतन: नीमराना में श्रमिकों ने कंपनी गेट पर डाला डेरा
23 अप्रैल को पहला चरण: योगी, शाह और फडणवीस की रैलियों से बंगाल में बढ़ेगी तपिश
लगातार 6 हार से हिला कोलकाता नाइट राइडर्स; कोच और कप्तान पर बढ़ा इस्तीफा देने का दबाव
