राजनीति
संसद में महिला आरक्षण बिल पर घमासान, सरकार ने बताया ऐतिहासिक कदम
15 Apr, 2026 11:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संसद (Parliament) के विशेष सत्र (Special Session) में इस सप्ताह महिला आरक्षण (Women’s Reservation) और परिसीमन विधेयकों (Delimitation Bills) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी हुई। केंद्र सरकार जहां इसे ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसके पीछे की मंशा पर सवाल उठा रहा है।
कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, विधेयक का उद्देश्य स्पष्ट नहीं है और इससे संसदीय लोकतंत्र को नुकसान हो सकता है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार की नीयत चालाकी भरी है। वहीं, दक्षिण भारत के कई गैर-बीजेपी मुख्यमंत्रियों ने परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने चेतावनी दी कि यदि राज्य के हितों को नुकसान पहुंचा या उत्तरी राज्यों का राजनीतिक प्रभाव बढ़ाया गया, तो तमिलनाडु में व्यापक आंदोलन होगा।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सभी दलों की बैठक बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सिर्फ जनसंख्या के आधार पर लोकसभा सीटों का बंटवारा करने से संघीय संतुलन बिगड़ सकता है और दक्षिणी राज्यों के साथ अन्याय होगा। रेड्डी ने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्रियों को भी पत्र लिखकर इस मुद्दे पर संयुक्त रणनीति बनाने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि बिना राज्यों की सहमति के कोई भी फैसला व्यापक विरोध को जन्म देगा।
तमिलनाडु नहीं रहेगा खामोश: स्टालिन
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ तीखा रुख अपनाते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, यदि इस प्रक्रिया से तमिलनाडु को नुकसान हुआ या उत्तरी राज्यों की राजनीतिक शक्ति असंतुलित रूप से बढ़ाई गई, तो राज्य में व्यापक विरोध प्रदर्शन होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य का हर परिवार सड़कों पर उतरेगा और उनके नेतृत्व में एक विशाल जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा। यह मत सोचिए कि चुनाव के समय ध्यान कहीं और है और आप दिल्ली में चुपचाप परिसीमन कर लेंगे। अगर तमिलनाडु के साथ अन्याय हुआ, तो पूरा देश इसे महसूस करेगा। स्टालिन ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीयता में लिपटी हुई है। न तो उनकी पार्टी डीएमके और न ही किसी अन्य राजनीतिक दल या राज्य से इस पर कोई परामर्श किया गया है। उन्होंने कहा, हमें यह तक नहीं बताया गया है कि यह परिसीमन कैसे किया जाएगा।
किसी के भी साथ नहीं होगा अन्याय: रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा सीटों के परिसीमन से दक्षिण के राज्यों को नुकसान होने की आशंका सिरे से खारिज कर दी। उन्होंने कहा, संविधान संशोधन विधेयक के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर अधिकतम 850 किए जाने से दक्षिणी राज्यों को लाभ होगा, क्योंकि निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या में आनुपातिक वृद्धि की जाएगी।
रिजिजू ने जोर देकर कहा, संविधान संशोधन विधेयक पूरी तरह से संतुलित, सुविचारित है और प्रत्येक समुदाय, क्षेत्र और राज्य की आकांक्षाओं का ध्यान रखेगा। इसलिए इसकी आलोचना की कोई गुंजाइश नहीं है। अगर कोई नीतियों और कार्यक्रमों के संदर्भ में इसकी आलोचना करता है, तो राजनीतिक क्षेत्र में यह पूरी तरह से समझ में आता है। लेकिन विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का कोई भी दल विरोध नहीं कर रहा है। मंत्री ने कहा, यह केवल सरकार का विधेयक नहीं है, बल्कि यह सभी राजनीतिक दलों और पूरे देश का किसी न किसी रूप में विधेयक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी दल एकजुट होकर महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य का समर्थन करेंगे।
सरकार के पास नहीं है अपने दम पर दो तिहाई बहुमत
यदि कांग्रेस ने सरकार का साथ नहीं दिया तो उसे इन विधेयकों को पारित कराना मुश्किल होगा क्योंकि नियमत: किसी भी संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए संसद में मौजूद सदस्यों के दो तिहाई बहुमत की जरूरत है। सरकार के पास अपने दम पर लोकसभा या राज्यसभा, कहीं भी यह बहुमत नहीं है। लोकसभा में दो तिहाई बहुमत की संख्या 362 है जबकि एनडीए के पास कुल 292 सदस्य ही है। इसी तरह राज्यसभा में दो तिहाई का आंकड़ा 163 का है जबकि सरकार के पास 141 सदस्य ही हैं।
विपक्ष की बैठक आज
महिला आरक्षण विधेयक और लोकसभा-विधानसभा सीटों के परिसीमन पर विचार करने के लिए कांग्रेस समेत विपक्ष के सभी दल बुधवार को बैठक करेंगे। दक्षिण के राज्यों के विरोध को देखते हुए यह माना जा रहा है कि कांग्रेस इन बदलावों का समर्थन करने से हाथ खींच ले।
बिहार में सत्ता परिवर्तन, सम्राट चौधरी ने संभाली CM की कमान, दो डिप्टी सीएम ने ली शपथ
15 Apr, 2026 11:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Samrat Choudhary Oath Ceremony : बिहार की राजनीति में आज एक नया इतिहास लिखा गया है। प्रदेश में बीजेपी के कोई नेता ने पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। सम्राट चौधरी ने प्रदेश के 24वें सीएम के रूप में शपथ ली है। इस दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, जेपी नड्डा समेत कई बड़े नेता शामिल रहें।
जेडीयू कोटे से बने दो डिप्टी सीएम
Samrat Choudhary Oath Ceremony: सीएम के अलावा जेडीयू कोटे से दो डिप्टी सीएम भी बने है। विजय चौधरी और बिजेन्द्र यादव को डिप्टी सीएम बनाया गया है।
सम्राट चौधरी ने सीएम पद की ली शपथ
Bihar CM Oath News: बीजेपी नेता सम्राट चौधरी ने सीएम पद की शपथ ली है। राज्यपाल सैय्यद अता हसनैन उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
सीएम पद की शपथ लेने के लिए लोकभवन पहुंचे सम्राट चौधरी
Bihar CM Samrat Choudhary Oath: मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए सम्राट चौधरी लोकभवन पहुंच चुके हैं। थोड़ी देर में समारोह आयोजित होगा।वहीं जेडीयू कोटे से दो डिप्टी सीएम होंगे।
‘एक भी BJP विधायक जीता तो मुंड़वा दूंगा मूंछ’—भैरूंदा में शिवानंद महाराज का विवादित बयान
15 Apr, 2026 10:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीहोर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीहोर जिले (Sehore district) के भैरूंदा में आयोजित सातदेव महायज्ञ (Saatdev Mahayagna) के दौरान शिवानंद महाराज (Shivanand Maharaj) का एक बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में महाराज ने बीजेपी को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए बड़ा दावा किया है.
वीडियो में शिवानंद महाराज कहते नजर आ रहे हैं कि पूरे जिले में अगर एक भी विधायक जीत गया तो वह अपनी मूंछ कटवा देंगे और यहां तक कि अपनी मुंडी भी कटवा लेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि यहां से न कोई सांसद जीतेगा और न ही कोई विधायक. साथ ही उन्होंने दावा किया कि वह जिसे कहेंगे वही चुनाव जीतेगा और लाख कोशिश के बावजूद दूसरे उम्मीदवार जीत नहीं पाएंगे.
शिवानंद महाराज का विवादित बयान
अपने बयान में महाराज ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के लोगों ने उनके कार्यक्रम का विरोध किया था. उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को भी कार्यक्रम में आने से रोक दिया गया था और उन्हें रोककर रखा गया. महाराज ने यह भी कहा कि उन्हें किसी की जरूरत नहीं है और 2028 में जीतकर दिखाने की चुनौती दी।
बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
इस पूरे बयान के दौरान अभद्र भाषा के प्रयोग का भी आरोप लगाया जा रहा है, जिससे विवाद और बढ़ गया है. वीडियो सामने आने के बाद यह तेजी से सोशल मीडिया पर फैल रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव: ‘सम्राट’ युग शुरू, JDU के दो नेता बनेंगे डिप्टी सीएम
15 Apr, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar Cabinet Oath : बिहार के पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है. मंगलवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया है. आज बुधवार को सुबह 11 बजे सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगे. उनके साथ दो उपमुख्यमंत्री जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव भी शपथ लेंगे. लोकभवन में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
चुनावी मैदान में टेक्नोलॉजी का नया प्रयोग: एआई अवतार के जरिए प्रचार कर रहे विजय
14 Apr, 2026 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार जोरों शोरों से जारी है। इस बीच चुनाव प्रचार में एक उम्मीदवार ने एआई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया, जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। दरअसल कुंभकोणम में तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) के एक उम्मीदवार ने होलोग्राफिक एआई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके, चुनावी रैलियों में पार्टी अध्यक्ष विजय की असली जैसी बड़ी और जीवंत छवि दिखाई, जिससे कई कार्यक्रमों में उनकी गैर-मौजूदगी की भरपाई हो जा रही है। राज्य में विधानसभा चुनावों के लिए 23 अप्रैल को मतदान होना है, और विजय कई चुनावी कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, ऐसे में उम्मीदवार मतदाताओं का जुड़ाव बनाए रखने के लिए दूसरे तरीके ढूंढ रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस बीच टीवीके के तंजावुर पूर्वी जिले के सचिव और कुंभकोणम से चुनाव लड़ रहे 32 साल के विनोद रवि ने इस एआई टेक्नोलॉजी हैक का इस्तेमाल किया। जानकारी के मुताबिक यह सिस्टम उन्होंने कामा टेक्नोलॉजीज से लिया है, जिसका रोजाना का किराया 50,000 रुपए है। रवि ने कहा कि चुनाव आयोग ने मुझे चार दिनों तक इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने की इजाजत दी है। इससे मुझे बहुत ज्यादा जोश और आत्मविश्वास महसूस होता है, मानो हमारे थलापति मेरे ठीक बगल में खड़े होकर सीधे लोगों से बात कर रहे हों।
बता दें चुनावी वाहन पर लगा यह सिस्टम दृष्टि की निरंतरता के सिद्धांत पर आधारित होलोग्राफिक प्रोजेक्शन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है। इसमें एक प्रोजेक्शन फैन डिस्प्ले, तेज रफ्तार वाली मोटरें और एक सिंक्रोनाइज्ड ऑडियो सिस्टम लगा है, जिसे वाहन का जेनरेटर बिजली देता है।
यह सेटअप विजय की सिर से लेकर पैर तक की एक बहुत ही असली जैसी 3डी छवि बनाता है। इसे देखकर लगता है कि वे वाहन की छत से बाहर खड़े होकर लोगों की भीड़ को सीधे संबोधित कर रहे हैं। यह सिस्टम विजय के पुराने भाषणों की ऑडियो के साथ सिंक्रोनाइज्ड होता है, जिससे लगता है कि वे चुनावी वाहन से सीधे भाषण दे रहे हैं।
पीएम मोदी बोले—देहरादून पर मां डाट काली की असीम कृपा बनी हुई है
14 Apr, 2026 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज मंगलवार को देहरादून दौरे पर हैं। उन्होंने देहरादून के मेजर जसंवत सिंह मैदान से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी के दौरे के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है।
पीएम मोदी ने कहा यह प्रोजेक्ट पर्यटन के लिहाज से बेहद अहम है। बाबासाहेब अंबेडकर को भी अर्पित की श्रद्धांजलि। कहा, आर्टिकल 370 हटाने के बाद हमारे पूरे देश में संविधान पूरी तरह लागू है। माओवाद, नक्सलवाद हुआ खत्म। समान नागरिक संहिता लागू हो यह हमारे संविधान की भावना है। उत्तराखंड ने इस भावना को आगे बढ़ाया है। पूरे देश को राह दिखाई है।
लोग भविष्य के लिए हाथ की रेखाओं को देखते हैं, मैं इस विज्ञान को नहीं जानता हूं लेकिन कहते हैं कि यह भी शास्त्र है। मैं इसी संदर्भ को राष्ट्र जीवन से जुड़कर देखूं तो राष्ट्र की भाग्य रेखाएं हमारी सड़कें होती हैं। हमारे हाईवे होते हैं। एक्सप्रेसवे होते हैं। एक दशक में हमारा देश भाग्य की ऐसी ही रेखाएं बनाने में जुटा है। आने वाली पीढि़यों के लिए गारंटी है। मोदी की भी गारंटी है।
पीएम मोदी ने कहा कि अगले कुछ ही दिनों में चारधाम की यात्रा शुरू होने वाली है। इस पवित्र समय का देश के कोटि कोटि लोग इंतजार करते हैं। पंच बदरी, पंच प्रयाग, पंच केदार और अराध्य देवताओं को प्रणाम करता हूं। यहां आने से पहले मां डाट काली के दर्शन करने का मौका मिला। देहरादून पर मां डाट काली की बड़ी कृपा है। इतने बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने में मां काली आशीर्वाद रहा है।
दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे जनता को समर्पित करने बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत माता की जय के साथ अपना संबोधन शुरू किया। उन्होंने कहा देवभूमि की इस पावन धरती पर आप सभी को मेरा प्रणाम। पूज्य संत गण को भी प्रणाम। इस कार्यक्रम से तकनीकी के जरिये भी दिल्ली और यूपी से कई लोग जुड़े हैं। सबसे पहले क्षमा चाहता हूं कि मुझे यहां पहुंचने में एक घंटे से भी ज्यादा देर हो गई। आपको इंतजार करना पड़ा। मैं निकला तो सही समय पर था लेकिन 12 किमी का रोड शो, इतना उत्साह, इतनी उमंग कि तेज गति से गाड़ी चलाना मुशि्कल हो गया।
उपसभापति पद पर फिर हरिवंश का नाम आगे, सरकार विचार में, विपक्ष की आपत्ति तेज
14 Apr, 2026 02:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। राज्यसभा (Rajya Sabha) के अपने पिछले कार्यकाल में उच्च सदन के उपसभापति (Deputy Speaker) रहे हरिवंश (Harivansh) को फिर से यह मौका मिल सकता है। सरकार की ओर से इस पर विचार चल रहा है। उनका पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हुआ था और 10 तारीख को उन्हें मनोनीत सांसद के तौर पर शपथ दिलाई गई थी। पहले वह जेडीयू (JDU) की ओर से लगातार दूसरी बार राज्यसभा के सांसद थे, लेकिन इस बार उन्हें मौका नहीं मिला था। वहीं सत्ता पक्ष की ओर से उन्हें मनोनीत सांसद के तौर पर सदन में भेजा गया है। अब उन्हें फिर से उपसभापति की भूमिका देने की तैयारी है और इस पर विपक्ष (Opposition) ने आपत्ति भी जाहिर कर दी है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यसभा के उपसभापति के चुनाव के लिए विपक्षी नेताओं से बात की थी। उनकी ओर से कहा गया था कि हरिवंश को फिर से उपसभापति बनाया जाए। इसी को लेकर नड्डा ने विपक्षी दलों से बात की थी, लेकिन उनकी ओर से इसे लेकर असहमति जाहिर की गई है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस, टीएमसी और कुछ लेफ्ट दलों ने कहा है कि हम इस पर सहमत नहीं है। ऐसे में हरिवंश का सर्वसम्मति से सदन में पहुंचना मुश्किल दिख रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि लोकसभा में डिप्टी स्पीकर का पद लंबे समय से खाली है। सरकार उसे भरने पर विचार नहीं कर रही है। ऐसे में राज्यसभा के डिप्टी स्पीकर को लेकर इतनी जल्दी क्यों दिखा रही है।
लोकसभा में डिप्टी स्पीकर का पद 2019 से ही रिक्त है। अब तक डिप्टी चेयरमैन का पद भरने के लिए कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। सूत्रों का कहना है कि यह प्रक्रिया सदन में तीन दिनों के विशेष सत्र के दौरान की जा सकती है। तब दोनों सदनों की बैठक होगी। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित कराना है। इसी दौरान राज्यसभा के डिप्टी स्पीकर का फैसला हो सकता है। सर्वसम्मति ना बनने की स्थिति में चुनाव भी कराया जा सकता है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश का कहना है कि सरकार डिप्टी स्पीकर के पद के चुनाव को जबरदस्ती करना चाहती है।
विपक्ष बोला- लोकसभा में तो यह पद 7 साल से खाली, यहां क्यों जल्दी
उन्होंने कहा कि इस सरकार ने लोकसभा में डिप्टी स्पीकर के पद के लिए 7 सालों से कोई प्रयास नहीं किया है। यह पद खाली ही पड़ा है। लेकिन आखिर राज्यसभा में डिप्टी स्पीकर का पद 4 दिन के अंदर ही भरने की इतनी क्या जल्दी है। वहीं टीएमसी के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि सरकार चाहती है कि डिप्टी स्पीकर पद का चुनाव 17 अप्रैल को ही हो जाए। उन्होंने कहा कि यह तो संसद का मजाक बनाने की कोशिश है। डेरेक ने कहा कि लोकसभा में डिप्टी स्पीकर का पद 2019 से खाली है। फिर राज्यसभा को लेकर भाजपा इतनी जल्दबाजी में क्यों है।
बंगाल में राहुल गांधी की एंट्री से सियासत गर्म, पीएम मोदी की 8 रैलियों से बढ़ेगा मुकाबला?
14 Apr, 2026 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए चुनावी बिसात बिछ चुकी है. 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले राज्य की राजनीति में दिग्गजों का जमावड़ा लगा हुआ है. पीएम मोदी की बंगाल में 8 रैलियां और रोड-शो के बाद अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मोर्चा थाम लिया है. केरल में पूरा समय देने के बाद और असम में एक-दो रैलियां करने के बाद राहुल गांधी बंगाल के रण में मंगलवार को उतर गए हैं. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि राहुल गांधी की रैलियांटीएमसी के लिए ‘वोट कटवा’ साबित होंगी या बीजेपी के गणित को बिगाड़ेगी? क्या राहुल गांधी के बंगाल में मंगलवार को तीन ताबड़तोड़ रैलियां कांग्रेस को खाता खोलने में मददगार साबित होगी?
राहुल गांधी अब बंगाल पहुंचे हैं, लेकिन पीएम मोदी बीते एक सप्ताह से बंगाल में एक बाद एक कुल आठ रैलियां कर चुके हैं.पीएम मोदी कटवा, जंगीपुर, मुर्शिदाबाद, सिलीगुड़ी, मालदा, उत्तर दिनाजपुर, बीरभूम और कुशमंडी समेत कई महत्वपूर्ण जिलों में जनसभाएं कर चुके हैं. मोदी की रैलियों का मुख्य फोकस तीन बिंदुओं पर रहा है. पहला- टीएमसी शासन में ‘कट मनी’ और भर्ती घोटालों पर प्रहार. दूसरा- सीएए के जरिए शरणार्थियों को सुरक्षा और घुसपैठियों को बाहर करने का वादा. तीसरा- महिलाओं के लिए मासिक वित्तीय सहायता का ऐलान, जो ममता बनर्जी के ‘महिला वोट बैंक’ को चुनौती दे रहा है. मोदी की 6 गारंटी जिसमें 7वें वेतन आयोग को लागू करने का वादा बंगाल में लोगों की जुबां पर है.
वहीं, मंगलवार यानी 14 अप्रैल को राहुल गांधी ने मालदा और रायगंज उत्तर दिनाजपुर में अपनी रैलियों के साथ बंगाल में कांग्रेस के प्रचार का शंखनाद किया है. सात साल बाद मालदा की धरती पर उनकी वापसी कांग्रेस के लिए एक नई उम्मीद की तरह है. कांग्रेस अपने पुराने गढ़ों को फिर से हासिल करना चाहती है. राहुल अपनी रैलियों में ममता सरकार की ‘विफलता’ के साथ-साथ भाजपा की ‘विभाजनकारी राजनीति’ पर भी हमला बोल रहे हैं, ताकि वे मुस्लिम और धर्मनिरपेक्ष मतदाताओं को अपनी ओर खींच सकें.
क्या ममता सरकार पर पड़ेगा असर?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पीएम मोदी की रैलियों ने भाजपा के पक्ष में एक मजबूत लहर पैदा की है, जिससे ममता बनर्जी के लिए एंटी-इंकम्बेंसी यानी सत्ता विरोधी लहर का सामना करना मुश्किल हो गया है. वहीं, राहुल गांधी की सक्रियता से चुनाव का स्वरूप ‘बहुकोणीय’ हो सकता है, जो टीएमसी के ‘वोट बैंक’ को और बिखेर सकता है. इससे बीजेपी के बजाय टीएमसी को ज्यादा नुकसान हो सकता है.
ममता बनर्जी के लिए खतरा यह है कि अगर अल्पसंख्यक मतदाता ओवैसी और कांग्रेस की ओर झुकते हैं, तो उनका परंपरागत वोट बैंक कमजोर हो सकता है. भाजपा को उम्मीद है कि पीएम मोदी की रैलियां और अमित शाह का आक्रामक प्रचार उन्हें 148 सीटों के जादुई आंकड़े तक पहुंचा देगा. चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में यह साफ है कि बंगाल की जनता अब किसी ‘एक तरफा’ लहर में नहीं है. पीएम मोदी के ‘डबल इंजन’ और ‘विकास’ के वादे बनाम ममता बनर्जी की ‘बंगाली अस्मिता’ की लड़ाई में राहुल गांधी की एंट्री एक नया रोमांच भर रही है. 4 मई को आने वाले नतीजे ही बताएंगे कि बंगाल की जनता ने ‘परिवर्तन’ को चुना या ‘दीदी’ पर एक बार फिर भरोसा जताया.
उत्तराखंड में दिखी पीएम मोदी की जबरदस्त दीवानगी, रैली में उमड़ा जनसैलाब
14 Apr, 2026 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज मंगलवार को देहरादून दौरे पर हैं। वह देहरादून के मेजर जसंवत सिंह मैदान से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री जनसभा को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी के दौरे के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है।
देहरादून में पीएम मोदी का जोरदार स्वागत
12 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत-अभिनंदन। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंडवासियों ने किया अपने लोकप्रिय प्रधानमंत्री का जोरदार स्वागत। पीएम मोदी ने भी हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन स्वीकार किया।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड की सीमा पर स्थित मोहंड में मां डाट काली मंदिर में दर्शन व पूजा अर्चना की। उन्होंने मंदिर की परिक्रमा भी की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री की जनसभा को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह दिखाई दे रहा है।
बड़ी खबर: सम्राट चौधरी बन सकते हैं बिहार के नए मुख्यमंत्री, औपचारिक घोषणा थोड़ी देर में
14 Apr, 2026 01:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना. बिहार में नई सरकार बनने की कवायद के बीच इस वक्त बड़ी खबर खबर आ रही है. जानकारी के अनुसार सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है. बिहार के अगले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी होंगे. पार्टी और सहयोगी दलों के बीच सहमति बन चुकी है और अब सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी रह गई है. बताया जा रहा है कि नेतृत्व स्तर पर अंतिम मुहर लग चुकी है औ शाम तक इसका आधिकारिक ऐलान किया जा सकता है. नई सरकार के गठन की तैयारियां भी तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि शपथ ग्रहण समारोह की तारीख और मंत्रिमंडल को लेकर भी जल्द तस्वीर साफ हो सकती है.
बता दें, बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी तस्वीर अब लगभग साफ होती नजर आ रही है. 15 अप्रैल 2026 को राज्य में नई सरकार का शपथ ग्रहण होना तय माना जा रहा है. इससे पहले ही संभावित मंत्रिमंडल और सरकार के फॉर्मूले की जानकारी सामने आ गई है, जिसने राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है. नए मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत कुल 24 मंत्री शामिल हो सकते हैं. बीजेपी कोटे से सीएम सहित 11 मंत्री, जबकि जेडीयू कोटे से डिप्टी सीएम समेत 9 मंत्री बनाए जाने की चर्चा है. सम्राट चौधरी का सीएम बनना लगभग फाइनल है.
कैसा होगा नया मंत्रिमंडल?
वहीं इससे पहले नीतीश कुमार कैबिनेट की आखिरी बैठक में बड़ा फैसला लिया गया. मौजूदा मंत्रिमंडल को भंग करने पर मुहर लगी. वहीं इसी के साथ आज शाम बिहार के अगले सीएम के नाम का औपचारिक रूप से ऐलान कर दिया जाएगा. नई सरकार के संभावित स्वरूप को लेकर चर्चाएं तेज हैं. सूत्रों के मुताबिक 24 सदस्यीय मंत्रिमंडल बन सकता है, जिसमें भाजपा से मुख्यमंत्री सहित 11, जेडीयू से 9 (डिप्टी सीएम सहित), एलजेपी (रामविलास) से 2 और हम व आरएलएम से 1-1 मंत्री शामिल हो सकते हैं. भाजपा कोटे से विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडे, दिलीप जायसवाल, श्रेयसी सिंह जैसे नाम चर्चा में हैं, जबकि जेडीयू से विजेंद्र यादव, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह समेत कई नेताओं के नाम सामने हैं.
आंबेडकर जयंती पर सियासी हलचल तेज — Bahujan Samaj Party ने दिखाया दम, BJP और SP ने भी बढ़ाई गतिविधियां
14 Apr, 2026 10:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आंबेडकर जयंती के मौके पर दलित वोटों को साधने के लिए राजनीतिक दल पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इस अवसर पर बहुजन समाज पार्टी लखनऊ में बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी ने शहरों से लेकर गांव-गांव तक कार्यक्रम आयोजित किए हैं। कांग्रेस भी अलग-अलग जगहों पर आयोजन कर रही है। इससे साफ है कि दलित मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए सभी दल सक्रिय हो गए हैं।
डा. भीमराव आंबेडकर की जयंती के मौके पर दलित समुदाय के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए सभी प्रमुख राजनीतिक दल विशेष कार्यक्रम कर रहे हैं। ये आयोजन सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांव और सेक्टर स्तर तक पहुंच गए हैं। इससे यह भी पता चलता है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलित मतदाताओं की कितनी अहम भूमिका है।
बसपा ने दिए आंबेडकर स्मारक पहुंचने के निर्देश
बहुजन समाज पार्टी ने राजधानी लखनऊ में आंबेडकर सभागार को अपने शक्ति प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बनाया है। यहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटेंगे। पार्टी प्रमुख मायावती ने कार्यकर्ताओं को अपने परिवार के साथ आंबेडकर स्मारक पहुंचने के निर्देश दिए हैं। इस कार्यक्रम में किसी नेता का भाषण नहीं रखा गया है। बसपा की रणनीति यह है कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के जरिए अपनी ताकत दिखाई जाए। कार्यक्रम के लिए कार्यकर्ताओं का लखनऊ पहुंचना सोमवार से ही शुरू हो गया था। मायावती खुद अपने आवास पर डा. आंबेडकर को श्रद्धांजलि देंगी।
भारतीय जनता पार्टी के कार्यक्रम पर डालें नजर
भारतीय जनता पार्टी भी इस मौके को खास बनाने में लगी हुई है। भाजपा ने प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में डा. आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कार्यक्रम तय किए हैं। इसके जरिए पार्टी दलित समाज को सम्मान देने का संदेश देना चाहती है। इसके साथ ही भाजपा 13 अप्रैल से 16 अप्रैल तक हर विधानसभा क्षेत्र में ‘युवा संवाद संगम’ कार्यक्रम भी चला रही है। इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को आंबेडकर के विचारों से जोड़ने और पार्टी से संपर्क बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
समाजवादी पार्टी ने भी बनाया प्लान
समाजवादी पार्टी ने भी इस बार अपने कार्यक्रमों का दायरा बढ़ा दिया है। सपा ने प्रदेश मुख्यालय और जिला कार्यालयों के साथ-साथ गांव और सेक्टर स्तर पर भी आंबेडकर जयंती मनाने का फैसला किया है। पिछले साल सपा ने सिर्फ मुख्यालय और जिला स्तर पर ही कार्यक्रम किए थे, लेकिन इस बार पार्टी सीधे गांवों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इन आयोजनों में संविधान और डा. आंबेडकर के विचारों पर चर्चा की जाएगी। इसके जरिए सपा दलित समुदाय को यह संदेश देना चाहती है कि वह उनके अधिकारों और मूल्यों के साथ खड़ी है।
कांग्रेस भी इस मौके पर पीछे नहीं रहना चाहती। पार्टी की ओर से प्रदेश के कई जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हालांकि अन्य दलों की तरह उनके कार्यक्रमों का पूरा विवरण सामने नहीं आया है, लेकिन यह साफ है कि कांग्रेस भी दलित मतदाताओं तक अपनी पहुंच मजबूत करना चाहती है।
आंबेडकर जयंती पर Narendra Modi ने किया नमन — कहा, उनके विचारों से बनेगा न्यायपूर्ण समाज
14 Apr, 2026 10:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंबेडकर जयंती के अवसर पर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में डॉ. आंबेडकर के राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद करते हुए उन्हें महान प्रेरणास्रोत बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के प्रयासों ने भारत को एक मजबूत लोकतांत्रिक आधार प्रदान किया। उन्होंने उनके द्वारा स्थापित संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक न्याय की दिशा में किए गए कार्यों को देश के लिए अमूल्य बताया। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि अंबेडकर के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन आज करेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज आंबेडकर जयंती के अवसर पर 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। यह 6-लेन वाला एक्सप्रेसवे दिल्ली से देहरादून के बीच यात्रा के समय को 6 घंटे से घटाकर मात्र ढाई घंटे कर देगा। इस परियोजना से पश्चिमी यूपी, उत्तराखंड और दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। राष्ट्र निर्माण की दिशा में उनके प्रयास अत्यंत प्रेरणादायी हैं। उनका जीवन और कार्य, एक न्यायपूर्ण और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
13 से 20 अप्रैल तक मनाई जाएगी अंबेडकर जयंती : कर्नाटक बीजेपी
बीजेपी की कर्नाटक इकाई ने संविधान निर्माता भारत रत्न बीआर अंबेडकर की जयंती के अवसर पर 13 से 20 अप्रैल तक पूरे राज्य में कार्यक्रमों की एक श्रृंखला की घोषणा की है। बेंगलुरु स्थित भाजपा के प्रदेश मुख्यालय जगन्नाथ भवन में मीडिया से बात करते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा सांसद गोविंद कारजोल ने कहा कि पार्टी ने पूरे कर्नाटक के सभी जिले और तालुकों में अंबेडकर जयंती के कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि अंबेडकर न केवल संविधान के निर्माता थे, बल्कि सामाजिक न्याय के अग्रदूत और समानता के प्रतीक भी थे। कारजोल ने कहा कि अंबेडकर ने कई साल पहले ही एक प्रगतिशील राष्ट्र की नींव रख दी थी।
बिहार की राजनीति में बड़ा दिन — आज होगा नए मुख्यमंत्री का नाम तय, कल बनेगी सरकार
14 Apr, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार के नए मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे पटना के लोकभवन में शपथ लेंगे। पार्टी दफ्तार से लेकर राजभवन तक इसकी तैयारी चल रही है। सोमवार को केवल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आवास पर महत्त्वपूर्ण बैठकें हुईं। यहां पर नेताओं के बीच नए मंत्रिमंडल पर बाचतीत हुई। सूत्रों के अनुसार मंगलवार को दो बजे जदयू, तीन बजे भाजपा और चार बजे एनडीए विधायक दल की बैठक होगी और इसके बाद नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा होगी।
सूत्रों की मानें तो केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी भी पटना आ सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार शाम को पटना आएंगे। वह लोक भवन में रुकेंगे। पीएम 15 अप्रैल को नई सरकार के शपथ ग्रहण में शामिल होंगे।
बिहार में सियासी भूचाल! Nitish Kumar आज देंगे इस्तीफा, शाम को नए मुख्यमंत्री की घोषणा
14 Apr, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना. बिहार (Bihar) को आज अपने नए मुख्यमंत्री (new Chief Minister) के बारे में पता चल जाएगा। 20 साल से बिहार के सीएम रहे नीतीश कुमार (Nitish Kumar) सुबह 11 बजे कैबिनेट की बैठक करेंगे। इसमें कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाएंगे। इसके बाद वह जनता दल यूनाईटेड (JDU) के विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) की भी विधायक दल की बैठक होगी। इसके बाद सीएम नीतीश कुमार अपना इस्तीफा राज्यपाल सैयद अता हसनैन को सौंपेंगे।
मुख्यमंत्री के इस्तीफा के बाद केंद्रीय मंत्री और पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान की देखरेख में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बैठक होगी। इसमें शिवराज सिंह बिहार के सीएम का एलान करेंगे। बताया जा रहा है कि भाजपा के आलाकमान ने मुख्यमंत्री का नाम फाइनल कर लिया है। आज दिल्ली से भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह आएंगे। दोनों नेता एनडीए के विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद नए मुख्यमंत्री राज्यपाल से मिलेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
क्या होगा नई सरकार का स्वरूप?
सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर सीएम नीतीश कुमार के साथ नीतीश कुमार के आवास पर हाईलेवल मीटिंग चली। इसमें जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, ललन सिंह, बिजेंद्र यादव, विजय चौधरी, श्रवण कुमार, जमा खान मौजूद थे। सभी लोगों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ बैठक की। इसमें 14 अप्रैल को होने वाली एनडीए की विधायक दल की बैठक और जदयू कोटे से बनने वाले मंत्री और निशांत कुमार को लेकर बातचीत हुई। बैठक के बाद ललन सिंह और संजय झा डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी से मिलने उनके आवास पर गए थे। करीब 35 मिनट तक मीटिंग चली। सूत्र बता रहे हैं जदयू के डिप्टी सीएम और मंत्रियों की लिस्ट सम्राट चौधरी को सौंप दी गई है। नए मंत्रिमंडल में जदयू की ओर से दो डिप्टी सीएम होने की बात सामने आ रही है। इसमें पहले नंबर पर निशांत कुमार का नाम चल रहा है। बाकी वर्तमान मंत्रियों को रिपीट किया जाएगा। भाजपा, लोजपा (राम), हम और रालोमो कोटे से भी मंत्री रिपीट होंगे।
शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को
बिहार का नया सीएम 15 अप्रैल को मिल जाएगा। सुबह 11 बजे लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया है। इसमें सीएम और डिप्टी सीएम समेत 21 मंत्री शपथ ले सकते हैं। पहली बार भाजपा बड़े भाई की भूमिका में रहेगा। नए मुख्यमंत्री की रेस में सम्राट चौधरी का नाम पहले नंबर पर है। हाल के राजनीतिक घटनाक्रम पर गौर करें तो उनके नाम पर मुहर लग सकती है। सोमवार शाम में सम्राट चौधरी के आवास पर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई।
असम के मुख्यमंत्री पर राहुल गांधी का तीखा वार, कहा- सबसे भ्रष्ट नेताओं में एक
13 Apr, 2026 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली|कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने असम के मुख्यमंत्री पर सोमवार को सीधा और गंभीर हमला बोला है। उन्होंने असम के मौजूदा मुख्यमंत्री को देश के सबसे भ्रष्ट नेताओं में से एक बताया और कड़े शब्दों में कहा कि वे कानून की गिरफ्त से बच नहीं पाएंगे। राहुल गांधी का यह बयान ऐसे नाजुक समय पर आया है जब कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा को मिली ट्रांजिट अग्रिम जमानत को असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। कांग्रेस सांसद ने इस पूरे विवाद में अपनी पार्टी की ओर से स्पष्ट संदेश दिया कि कांग्रेस पवन खेड़ा के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और किसी भी तरह के दबाव या डर के आगे नहीं झुकेगी।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पोस्ट में असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ यह तीखी टिप्पणी की। उन्होंने लिखा, ‘असम के वर्तमान मुख्यमंत्री देश के सबसे भ्रष्ट नेताओं में से एक हैं और वे कानून से बच नहीं पाएंगे।’ इसके साथ ही, उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता का दुरुपयोग करके राजनीतिक विरोधियों को परेशान करना भारतीय संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। राहुल गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि पवन खेड़ा ने जो सवाल उठाए हैं, उनकी पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने सत्ता में पारदर्शिता और जवाबदेही की अनिवार्यता को रेखांकित करते हुए कहा कि इस मामले में कांग्रेस पार्टी अपने प्रवक्ता पवन खेड़ा के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा कानूनी विवाद कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में दर्ज एक मामले से उपजा है। यह मामला रिनिकी भुइयां सरमा नामक व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज किया गया था। इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें ‘चुनाव से जुड़े मामलों में गलत जानकारी देना’ और ‘धोखाधड़ी’ जैसे आरोप प्रमुख हैं। इन धाराओं के तहत, किसी भी व्यक्ति पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से गलत या भ्रामक जानकारी फैलाने और वित्तीय या अन्य प्रकार की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया जा सकता है। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पवन खेड़ा ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए कानूनी रास्ता अपनाया था।
तेलंगाना हाई कोर्ट से पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत
पवन खेड़ा को इस मामले में तेलंगाना हाई कोर्ट से ट्रांजिट अग्रिम जमानत मिली थी। ट्रांजिट अग्रिम जमानत एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधान है जो किसी व्यक्ति को एक राज्य में दर्ज मामले में दूसरे राज्य में गिरफ्तारी से अस्थायी सुरक्षा प्रदान करता है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरोपी को उस राज्य की सक्षम अदालत में पेश होकर अपनी नियमित अग्रिम जमानत या अन्य कानूनी विकल्प तलाशने का पर्याप्त समय और अवसर मिल सके, जहां उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। तेलंगाना हाई कोर्ट ने खेड़ा को जमानत देते समय कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी लगाई थीं। इन शर्तों में एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर रिहाई, जांच में अधिकारियों का पूरा सहयोग करना, आवश्यकता पड़ने पर पूछताछ के लिए उपस्थित होना और अदालत की अनुमति के बिना देश छोड़कर न जाना शामिल है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि उसने मामले के तथ्यों पर कोई अंतिम राय नहीं दी है, लेकिन गिरफ्तारी का खतरा वास्तविक प्रतीत होता है, जिसके चलते यह सीमित राहत प्रदान की गई।
अब असम सरकार ने तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा दी गई इस ट्रांजिट अग्रिम जमानत को रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। असम सरकार का यह कदम दर्शाता है कि वह पवन खेड़ा के खिलाफ लगे आरोपों को कितनी गंभीरता से ले रही है और इस मामले को आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। सुप्रीम कोर्ट में यह मामला अब एक महत्वपूर्ण कानूनी लड़ाई का रूप ले चुका है, जिसके परिणाम पवन खेड़ा के लिए तो अहम होंगे ही, साथ ही राजनीतिक हलकों में भी इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं। असम सरकार की दलीलें और सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस बात को निर्धारित करेगा कि क्या पवन खेड़ा को मिली यह अस्थायी राहत जारी रहेगी या उन्हें नए सिरे से कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
राहुल गांधी ने पवन खेड़ा मामले को बनाया बड़ा राजनीतिक मुद्दा
कांग्रेस पार्टी इस पूरे प्रकरण को केंद्र सरकार और भाजपा शासित राज्यों द्वारा विपक्षी आवाजों को दबाने की कोशिश के रूप में देख रही है। राहुल गांधी के बयान ने इस मामले को केवल एक व्यक्ति की कानूनी लड़ाई से ऊपर उठाकर एक बड़े राजनीतिक मुद्दे में बदल दिया है। पार्टी का स्पष्ट रुख है कि पवन खेड़ा ने जो सवाल उठाए हैं, वे सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और जवाबदेही से संबंधित हैं, और इन सवालों को सत्ता के दुरुपयोग के जरिए चुप नहीं कराया जा सकता। कांग्रेस यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि वह अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है, खासकर जब उन्हें राजनीतिक प्रतिशोध का निशाना बनाया जा रहा हो। यह प्रकरण आगामी चुनावों से पहले विपक्षी एकता और सरकार के खिलाफ ‘भ्रष्टाचार’ के आरोप लगाने की कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है।
सुप्रीम कोर्ट में अब असम सरकार की याचिका पर सुनवाई होगी, जो पवन खेड़ा के कानूनी भविष्य की दिशा तय करेगी। वहीं, राहुल गांधी के इन तीखे आरोपों ने असम सहित राष्ट्रीय राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या राहुल गांधी के आरोपों को लेकर कोई और राजनीतिक या कानूनी प्रतिक्रिया सामने आती है। कांग्रेस इस मुद्दे को अपनी रणनीति का एक अहम हिस्सा बनाकर सरकार पर लगातार हमलावर रहने का संकेत दे रही है, जिससे आने वाले दिनों में यह मामला और गरमा सकता है।
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