राजनीति
पीएम और सीएम को पद से हटाने वाला बिल राजनीतिक दुरुपयोग का हो सकता है शिकार
25 Jan, 2026 09:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। एक नए भ्रष्टाचार विरोधी बिल पर कानूनी थिंक टैंक और दो लॉ विश्वविद्यालयों ने चिंता जताई है। उन्होंने संसदीय समिति को बताया है कि पीएम, सीएम या मंत्री को गंभीर आपराधिक आरोपों में 30 दिन की गिरफ्तारी के बाद पद से हटाने का प्रावधान राजनीतिक दुरुपयोग का शिकार हो सकता है। विधि सेंटर फॉर लीगल पॉलिसी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ओडिशा और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिडिकल साइंसेज, कोलकाता के प्रतिनिधियों ने संयुक्त संसदीय समिति के सामने यह बात रखी। उन्होंने बिल में कई खामियां गिनाईं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उनका कहना है कि यह बिल जनता की इच्छा के विरुद्ध भी जा सकता है। इनमें से दो संस्थाओं ने तो यह भी सुझाव दिया कि किसी को पद से हटाने के लिए आरोप तय होने को आधार बनाया जाना चाहिए। ऐसा करने से इस प्रक्रिया में न्यायिक जांच का एक तत्व जुड़ जाएगा। विधि सेंटर ने यह भी चेतावनी दी कि बिल के कुछ प्रावधान अदालतों में चुनौती दिए जा सकते हैं। इन संस्थाओं का मानना है कि बिल का इरादा अच्छा है और यह संवैधानिक सिद्धांतों के अनुरूप है। हालांकि, दो संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने बताया कि स्थापित लोकतंत्रों में मंत्रियों को पद से हटाने के लिए आम तौर पर न्यायिक सजा का प्रावधान होता है। प्रस्तावित कानून इससे अलग है और इसमें पद से हटाने की सीमा बहुत कम रखी गई है। यह भी बताया कि मौजूदा आपराधिक कानूनों के तहत गंभीर अपराधों में पुलिस आरोपी को 90 दिनों तक हिरासत में रख सकती है, जबकि बिल में 30 दिनों की यह सीमा मौजूदा प्रक्रिया से मेल नहीं खाती।
एनयूजेएस का कहना है कि भले ही इस कानून का मकसद राजनीति में अपराध को रोकना हो, लेकिन इसमें केंद्र और राज्य की सरकारों को गंभीर रूप से अस्थिर करने की उच्च संभावना है। इस विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे केंद्र और राज्यों में नीति-निर्माण का काम रुक सकता है। एनएलयू ने कहा कि एक जांच संभावित सत्ता परिवर्तन अभियान बन सकती है। एनएलयू ने यह भी जोड़ा कि यह बिल बदले की कार्रवाई को बढ़ावा देता है। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर केंद्रीय एजेंसियां किसी मुख्यमंत्री या राज्य के मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो राज्य की पुलिस किसी केंद्रीय मंत्री के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है, जो दिल्ली में हों।
विधि सेंटर ने कहा कि यह ढांचा राजनीतिक दुरुपयोग की गुंजाइश पैदा करता है। गिरफ्तारियां समय देखकर या चुनिंदा तरीके से की जा सकती हैं। एनएलयू का कहना है कि विरोधी दल इन प्रावधानों का इस्तेमाल वैध सरकारों को अस्थिर करने के लिए कर सकते हैं। पिछले कुछ दशकों का रुझान बताता है कि इसके दुरुपयोग की संभावना है और इसका देश के लोकतंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
सरकार इस बिल का समर्थन कर रही है। सरकार ने ऐसे उदाहरण दिए हैं जहां मंत्री और यहां तक कि एक सीएम भी भ्रष्टाचार के आरोपों में लंबे समय तक जेल में रहने के बावजूद पद पर बने रहे। हालांकि सरकार ने इस बिल को आगे की चर्चा के लिए संसदीय पैनल को भेजने पर सहमति जताई है। इस पैनल की अध्यक्षता बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी कर रही हैं। ज्यादातर विपक्षी दलों ने इस पैनल का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया है।
बजट सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति बनाएगी कांग्रेस, सोनिया गांधी करेंगी बैठक की अध्यक्षता
25 Jan, 2026 09:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी 27 जनवरी को दोनों सदनों के सीनियर नेताओं के साथ एक स्ट्रेटेजी मीटिंग करेंगी. इसमें 28 जनवरी से शुरू हो रहे संसद बजट सत्र के दौरान एनडीए सरकार का मुकाबला करने का प्लान बनाया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी.
कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक पुराने ग्रामीण रोजगार कानून मनरेगा में बदलाव के अलावा, जिसके खिलाफ कांग्रेस पूरे देश में कैंपेन चला रही है. खासकर दक्षिणी राज्यों कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में गवर्नर की भूमिका का राजनीतिकरण, कई राज्यों में वोटर लिस्ट के चल रहे एसआईआर में गड़बड़ियां, चीन और पाकिस्तान के संबंध में विदेश नीति की चुनौतियां और खासकर हाल के अमेरिकी टैरिफ के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने आने वाली चुनौतियां, इन सभी मुद्दों को बजट सेशन के दौरान कांग्रेस उठा सकती है.
लोकसभा में कांग्रेस के व्हिप मोहम्मद जावेद ने ईटीवी भारत से कहा, 'मनरेगा हमारे लिए एक अहम मुद्दा है, लेकिन कई और मामले भी हैं जिन पर हम बजट सेशन के दौरान चर्चा करना चाहेंगे. इसमें विदेश नीति, अर्थव्यवस्था की हालत, बेरोजगारी, लोगों के लिए साफ पीने का पानी और हवा, नागरिकों के वोट देने के अधिकार जैसे मुद्दे शामिल हैं.'
28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लोकसभा और राज्यसभा दोनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी. वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार की उपलब्धियों पर एक स्पीच पढ़ेंगी, जिसे कैबिनेट ट्रेडिशन के हिसाब से तैयार करेगी. कांग्रेस के अंदर के लोगों ने कहा कि पार्टी कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के गवर्नर से जुड़े हालिया विवादों से नाराज है. जिनके विधानसभाओं में बर्ताव पर राज्य सरकारों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. कांग्रेस कर्नाटक में राज करती है और तमिलनाडु में डीएमके की सरकार का समर्थन करती है. केरल में सीपीआई-एम की एलडीएफ सरकार है.
पार्टी के अंदर के लोगों के मुताबिक तमिलनाडु के गवर्नर आरएन रवि ने विधानसभा में आम भाषण देने से मना कर दिया और कैबिनेट का तैयार किया हुआ भाषण पढ़े बिना ही चले गए. केरल के गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कैबिनेट से मंजूरी पाए भाषण के कुछ खास हिस्सों को नहीं पढ़ा, और कर्नाटक के गवर्नर थावरचंद गहलोत ने असेंबली के स्पेशल जॉइंट सेशन में कैबिनेट के तैयार किए हुए भाषण की कुछ ही लाइनें पढ़ीं और फिर सदन से बाहर चले गए.
जावेद ने कहा, 'हम कहते रहे हैं कि संवैधानिक ऑफिस और संस्थाओं को बचाने की जरूरत है. हम हाल ही में दक्षिणी राज्यों में गवर्नर के ऑफिस के राजनीतिकरण को लेकर चिंतित हैं. मुझे यकीन है कि विपक्ष इस मुद्दे को एक साथ उठाना चाहेगा.' कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य सैयद नसीर हुसैन ने बीजेपी पर गवर्नर के संवैधानिक पद का राजनीतिकरण करके संघवाद को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया और कहा कि ऐसे काम संविधान के नियमों के खिलाफ हैं.
हुसैन ने ईटीवी भारत को बताया, 'संविधान के आर्टिकल 176 के तहत, गवर्नर का भाषण चुनी हुई सरकार का पॉलिसी स्टेटमेंट होता है, जिसे काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स तैयार करती है. आर्टिकल 163 के तहत, गवर्नर काउंसिल की मदद और सलाह पर काम करने के लिए मजबूर है. कैबिनेट का भाषण पूरा न देना अपनी मर्जी का इस्तेमाल नहीं है, बल्कि संवैधानिक ड्यूटी से साफ तौर पर भटकना है.
इस तरह का व्यवहार बीजेपी की जानी-पहचानी चाल को दिखाता है, जिसमें गैर-बीजेपी राज्य सरकारों पर लगातार दबाव बनाए रखने के लिए संवैधानिक ऑफिसों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे गवर्नर का ऑफिस एक न्यूट्रल संवैधानिक अथॉरिटी से राजनीतिक टकराव का एक टूल बन जाता है.'
कांग्रेस सरकार से विदेश नीति के मामलों, खासकर चीन के भारतीय इलाकों पर झूठे दावों और पाकिस्तान से बॉर्डर पार आतंकवाद पर सवाल पूछ रही है. वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में कपड़ा निर्यात पर 50 फीसदी अमेरिकी टैरिफ के बुरे असर की बात कही, जिससे नौकरियां गईं, फैक्ट्रियां बंद हुई और ऑर्डर कम हुए.
पार्टी के अंदर के लोगों ने बताया कि बजट सेशन के दौरान कांग्रेस मध्य प्रदेश के इंदौर में गंदा पानी पीने से हुई कई मौतों, दिल्ली में एयर पॉल्यूशन के हाई लेवल और उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को निशाना बनाने जैसे मुद्दों को भी उठा सकती है. यह सबसे पुरानी पार्टी बजट सेशन के दौरान एनडीए का मुकाबला करने के लिए दूसरी एक जैसी सोच वाली पार्टियों के साथ कॉमन ग्राउंड बनाने की कोशिश करेगी और सत्र की शुरुआत में I.N.D.I.A. ब्लॉक के साथियों के साथ एक स्ट्रेटेजी सेशन करेगी. अंदर के लोगों ने बताया कि कांग्रेस चीफ और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी यह रोल निभाएंगे.
हुसैन ने कहा, 'ऐसे कई मुद्दे हैं जिन पर हम सरकार से जवाब चाहते हैं. जिस तरह से एसआईआर के तहत राज्य की वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में नाम हटाए जा रहे हैं, उससे इस काम पर शक पैदा हुआ है. यह मुद्दा पार्टी लाइन से ऊपर है और इसलिए जरूरी है. आर्थिक चुनौतियों पर चर्चा करने की जरूरत है क्योंकि 1 अमेरिकी डॉलर का एक्सचेंज रेट 91 रुपये हो गया है. हम आने वाले सेशन के लिए एक जॉइंट स्ट्रैटेजी के लिए अपने सहयोगियों से भी बात करेंगे.'
लालू, केजरीवाल, सोरेन के बाद अगला नंबर किसका? रडार पर ममता क्यों
25 Jan, 2026 08:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच एजेंसियों सीबीआई और ईडी से टकराव भारतीय राजनीति में नया नहीं है। बीते वर्षों में लालू प्रसाद यादव, अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन जैसे मुख्यमंत्री इस टकराव के चलते गिरफ्तारी और जेल तक जा चुके है। अब इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम चर्चा में है। सवाल उठ रहा है कि क्या ममता भी उसी राह पर बढ़ रही हैं? दरअसल ममता बनर्जी ने 2011 में वामपंथियों के 35 साल पुराने शासन को खत्म कर सत्ता हासिल की और 2021 में लगातार तीसरी बार बंगाल में जीत दर्ज की। भाजपा तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें सत्ता से हटा नहीं सकी। 2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और भाजपा बंगाल में सत्ता पाने के लिए पूरी ताकत झोंक चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के शीर्ष नेताओं के बंगाल दौरे इसी रणनीति का हिस्सा हैं। इसतरह के माहौल में ममता का केंद्रीय एजेंसियों से खुला टकराव उन्हें राजनीतिक और कानूनी संकट में डालता दिख रहा है। इतिहास बताता है कि सीबीआई-ईडी से पंगा लेने का अंजाम क्या हो सकता है। बिहार के मुख्यमंत्री रहते लालू प्रसाद यादव पर पशुपालन घोटाले का आरोप लगा था। लेकिन समर्थकों के विरोध और राजनीतिक दबाव के बावजूद सीबीआई ने 1997 में लालू प्रसाद यादव को गिरफ्तार किया। लेकिन गिरफ्तारी से पहले उन्होंने इस्तीफा देकर अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाया, लेकिन सजा से नहीं बच सके। यह आजादी के बाद पहली बार था जब किसी पूर्व मुख्यमंत्री को सीबीआई ने गिरफ्तार किया। वहीं हाल के सालों में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शराब नीति मामले में ईडी के नोटिसों को नजरअंदाज किया। नौ नोटिसों की अवहेलना के बाद मार्च 2024 में उन्हें गिरफ्तार किया गया। वे मुख्यमंत्री रहते गिरफ्तार होने वाले भारत के इतिहास में पहले नेता बने। बाद में सीबीआई ने भी उन्हें तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया। करीब छह महीने तक उन्होंने जेल से सरकार चलाई, फिर मजबूर होकर उन्होंने आतिशी को मुख्यमंत्री बनाना पड़ा। ईडी से टकराव केजरीवाल पर भी भारी पड़ा। केजरीवाल के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगा। कई नोटिसों के बावजूद उन्होंने ईडी के सामने पेश होने से बचने की कोशिश की। अंततः जनवरी 2024 में उन्हें गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी से ठीक पहले उन्होंने इस्तीफा देकर चंपाई सोरेन को मुख्यमंत्री बनाया। जमानत के बाद हेमंत फिर सत्ता में लौट आए, लेकिन वे भी ईडी से बच नहीं सके। अब ममता बनर्जी का मामला सामने है। हाल के महीनों में ईडी ने कोयला घोटाले से जुड़े मामले में आई-पैक से संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की। आरोप है कि ममता खुद वहां पहुंचीं, ईडी की कार्रवाई में बाधा डालकर दस्तावेज व मोबाइल अपने साथ ले गईं। जांच एजेंसी ईडी ने गंभीर मामला बताकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। अदालत की शुरुआती टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि वह इस व्यवहार से नाराज है। पहले फरवरी 2019 में सीबीआई कोलकाता के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के आवास पर सीबीआई के अधिकारी पूछताछ के लिए गए तो उन्हें न सिर्फ रोकने की कोशिश हुई थी, बल्कि राज्य पुलिस ने सीबीआई टीम को गिरफ्तार भी कर लिया था। ममता तब भी वहां पहुंची थीं। रात भर सीबीआई की इस गतिवधि के खिलाफ वहां उन्होंने धरना दिया। वहीं पर कैबिनेट बैठक भी की थी। ममता ने वर्ष 2018 में सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति वापस ले ली थी। इन घटनाओं ने यह आशंका बढ़ा दी है कि क्या ममता बनर्जी भी लालू, केजरीवाल और हेमंत सोरेन की तरह केंद्रीय एजेंसियों से टकराव के चलते कानूनी संकट में फंस सकती हैं। अंतिम फैसला अदालतों का होगा, लेकिन इतिहास गवाह है कि सीबीआई-ईडी से सीधी टक्कर अक्सर नेताओं को भारी पड़ती है।
असीम संभावनाओं और अवसरों से भरा हुआ है उत्तर प्रदेश – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
24 Jan, 2026 11:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने कहा कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) असीम संभावनाओं और अवसरों से भरा हुआ है (Is full of Immense Possibilities and Opportunities) । उन्होंने उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं ।
उन्होंने कहा कि असीम संभावनाओं का हमारा प्रदेश आज संघर्ष और नीतिगत उदासीनता की बेड़ियों को तोड़ते हुए बीमारू से भारत के विकास का ग्रोथ इंजन बना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को एक वीडियो संदेश में कहा, “उत्तर प्रदेश भारत की संस्कृति, साहित्य, संगीत, कला और आध्यामिक चेतना का प्राचीन काल से केंद्र रहा है। अयोध्या की मर्यादा, काशी की शाश्वत चेतना, ब्रज धाम की भक्ति और प्रयागराज की समरसता ने युगों-युगों से भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की है। सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संजोए हुए अमृतकाल में हमारा प्रदेश समावेशी विकास के संकल्प को धरातल पर साकार कर रहा है। दृढ़ संकल्प के साथ हमने कानून व सुशासन का राज स्थापित किया है।”
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश असीम संभावनाओं और अवसरों से भरा हुआ है। यह राज्य निवेश और नवाचार का नया केंद्र बनकर उभरा है। देश के मोबाइल फोन उत्पादन का 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स का लगभग 60 प्रतिशत निर्माण आज उत्तर प्रदेश में हो रहा है, जो प्रदेश की औद्योगिक क्षमता का सशक्त प्रमाण है। सीएम योगी ने बताया कि महिला सशक्तिकरण के प्रयासों ने महिलाओं की श्रमबल में भागेदारी को 13 प्रतिशत से बढ़ाकर 36 प्रतिशत तक पहुंचाया है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सड़क, रेल, एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व प्रगति ने नई गति और नया आत्मविश्वास दिया है। उन्होंने अपने संदेश के आखिर में फिर से प्रदेशवासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि लेबर रिफॉर्म, एमएसएमई, स्टार्टअप और स्किल डेवलपमेंट जैसे कार्यक्रमों ने प्रदेश को लोकल से ग्लोबल की दिशा में अग्रसर करते हुए बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन किया है। सरकार के महिला सशक्तिकरण के प्रयासों के फलस्वरूप महिलाओं की श्रमबल भागीदारी में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और हेल्थ टेक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ हुई हैं। जल-थल-नभ की अद्भुत कनेक्टिविटी ने व्यापार, पर्यटन और निवेश को नई गति दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या, काशी और मथुरा से लेकर संभल तक सांस्कृतिक पुनर्जागरण की स्वर्णिम गाथा लिखी जा रही है। आज का अवसर विकसित प्रदेश के संकल्प को दोहराने का समय है। हमारे संयुक्त प्रयासों से यह संकल्प यात्रा निरंतर गतिशील और सिद्धि की ओर अग्रसर रहेगी। इस अवसर पर प्रवासी उत्तर प्रदेश वासियों के लिए भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मेरे प्रवासी बहनों और भाइयों, विदेश में रहकर अपने परिश्रम, प्रतिभा और मूल्यों के माध्यम से आपने उत्तर प्रदेश और भारत का मान वैश्विक मंच पर बढ़ाया है। हमारी सरकार आपके अनुभव और ज्ञान को प्रदेश की विकास यात्रा से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
आज देश की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है उत्तर प्रदेश – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
24 Jan, 2026 10:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज (Today Uttar Pradesh) देश की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है (Has become the Fourth Largest Economy of the Country) । अमित शाह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सथ उत्तर प्रदेश दिवस समारोह में शामिल हुए ।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “आज मैं हर उत्तर प्रदेशवासियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देना चाहता हूं, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकसित उत्तर प्रदेश का संकल्प लिया है… उत्तर प्रदेश एक रूप से भारत की धड़कन है और दूसरे मायनों में यह भारत की आत्मा है। यह भारत के विकास का इंजन भी बनने जा रहा है। यूपी दिवस के अवसर पर लखनऊ में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कभी लेबर सोर्स स्टेट के रूप में पहचाना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज देश की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, सपा और बसपा के शासनकाल में बीमारू राज्य बने यूपी को भाजपा सरकार ने विकास की रफ्तार देकर ब्रेक-थ्रू स्टेट में बदला है और अब यह प्रदेश विकसित भारत के संकल्प का मजबूत आधार बन रहा है।
इस दौरान उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर शुरू की गई सरदार पटेल औद्योगिक योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सुनियोजित रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में प्रदेश का हर जिला रोजगार से युक्त होगा और युवाओं को अपने ही राज्य में सम्मानजनक आजीविका मिलेगी। शाह ने कहा कि एक जमाने में हमारा उत्तर प्रदेश लेबर सोर्स स्टेट के रूप में जाना जाता था। आज वही उत्तर प्रदेश देश की इकोनॉमी का चौथा सबसे बड़ा राज्य बन चुका है। यह हम सभी के लिए आनंद और गर्व का विषय है। कांग्रेस, सपा और बसपा के शासनकाल में उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य बनाकर रखा गया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य से निकालकर ब्रेक-थ्रू राज्य बनाया और विकास को हर गाँव तक पहुँचाने का काम किया है।
शाह ने कहा कि 2017 में, जब हम दिल्ली में उत्तर प्रदेश का घोषणा पत्र तैयार कर रहे थे, तब ‘एक जिला एक उत्पाद’ की परिकल्पना को भारतीय जनता पार्टी के घोषणा पत्र में शामिल किया गया था। आज हमारी डबल इंजन सरकार का चमत्कार देखिए… ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना न केवल उत्तर प्रदेश में सफल हुई, बल्कि यहीं से प्रेरणा लेकर पूरे देश में फैल चुकी है। यह योजना आज हमारे कारीगरों, युवाओं, महिलाओं और माताओं के लिए रोजगार का साधन बन चुकी है।
‘ऑपरेशन सिंदूर पर अपने बयान के लिए नहीं मांगूंगा माफी’, शशि थरूर बोले- कभी नहीं छोड़ा पार्टी का रुख
24 Jan, 2026 09:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोझिकोड। कांग्रेस (Congress) सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने शनिवार को कहा कि उन्होंने संसद में कभी भी पार्टी के रुख का उल्लंघन नहीं किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सैद्धांतिक रूप से उनकी एकमात्र सार्वजनिक असहमति ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindhoor) को लेकर थी। थरूर केरल लिटरेचर फेस्टिवल में आयोजित एक सत्र के दौरान सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उन्होंने सख्त रुख अपनाया था और वह इस अब भी बिना किसी पछतावे के इस रुख पर कायम हैं।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब इस तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि पार्टी नेतृत्व के साथ उनके मतभेद चल रहे हैं। इन अटकलों में यह भी शामिल है कि कोच्चि में हुए एक हालिया कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से उन्हें पर्याप्त महत्व न दिए जाने और राज्य के नेताओं की ओर से कई बार उन्हें किनारे लगाने की कोशिशों से वे नाराज हैं।
अपने रुख को स्पष्ट करते हुए थरूर ने कहा कि एक पर्यवेक्षक और लेखक के रूप में उन्होंने पहलगाम की घटना के बाद एक अखबार में लेख लिखा था। उस लेख में उन्होंने कहा था कि बिना सजा दिए इस मामले को नहीं छोड़ा जाना चाहिए और इसके जवाब में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
शशि थरूर ने कहा कि भारत का मुख्य ध्यान विकास पर है और उसे पाकिस्तान के साथ लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष में नहीं फंसना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कार्रवाई हो, तो वह केवल आतंकवादी ठिकानों तक ही सीमित रहनी चाहिए। थरूर के मुताबिक, उन्हें हैरानी हुई कि भारत सरकार ने वही कदम उठाए, जिनकी उन्होंने सिफारिश की थी।
उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने ही वह प्रसिद्ध सवाल उठाया था- अगर भारत मर गया, तो कौन जिएगा? थरूर ने कहा, जब भारत की प्रतिष्ठा दांव पर हो, जब भारत की सुरक्षा और दुनिया में उसकी जगह का सवाल हो, तब भारत सबसे पहले आता है।
युवाओं को वितरित किए गए नियुक्ति पत्र राष्ट्र निर्माण में हिस्सा लेने का न्योता है – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
24 Jan, 2026 08:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा कि युवाओं को वितरित किए गए नियुक्ति पत्र (Appointment Letters distributed to Youths) राष्ट्र निर्माण में हिस्सा लेने का न्योता है (Are an invitation to take part in Nation Building) । पीएम मोदी ने शनिवार को 18वें रोजगार मेले के अवसर पर 61 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए ।
इस अवसर पर युवाओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि साल 2026 का आरंभ उनके जीवन में नई खुशियों और नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बसंत कल ही आया है, तो आपके जीवन में भी नए बसंत का आगमन हो रहा है। ये समय आपको संविधान के प्रति अपने दायित्वों से भी जोड़ रहा है। संयोग से इस समय देश में गणतंत्र का महापर्व चल रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि 61 हजार से ज्यादा युवा अपनी जिंदगी में एक नया चैप्टर शुरू कर रहे हैं। आज आपको सरकारी अपॉइंटमेंट लेटर मिले हैं, जो राष्ट्र निर्माण में हिस्सा लेने का न्योता है। ये लेटर एक वादा हैं, एक विकसित और समृद्ध भारत बनाने की तरफ एक कमिटमेंट हैं।
आज भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। हमारी सरकार लगातार युवाओं के लिए नए मौके बनाने की कोशिश कर रही है। भारत सरकार अभी कई ट्रेड और मोबिलिटी एग्रीमेंट कर रही है, जिनसे उम्मीद है कि देश भर के युवाओं के लिए बहुत सारे नए मौके खुलेंगे। आज के इस महत्वपूर्ण दिन देश के 61 हजार से अधिक नौजवान जीवन की नई शुरुआत कर रहे हैं। आज आप सभी को सरकारी सेवाओं के नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं। ये एक तरह से नेशन बिल्डिंग का निमंत्रण पत्र है। यह विकसित भारत के निर्माण को गति देने का संकल्प पत्र है।
उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में रोजगार मेला एक संस्था बन गया है। इसके जरिए लाखों युवाओं को सरकार के अलग-अलग विभागों में नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं। आज भारत, दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। हमारी सरकार का निरंतर प्रयास है कि भारत की युवाशक्ति के लिए देश-दुनिया में नए-नए अवसर बनें। आज भारत सरकार, अनेक देशों से व्यापार और गतिशीलता समझौता कर रही है। ये व्यापार अनुबंध भारत के युवाओं के लिए अनेकों नए अवसर लेकर आ रहे हैं। डिजिटल मीडिया… ऐसे अनेक क्षेत्रों में भारत एक ग्लोबल हब बनता जा रहा है। भारत की क्रिएटर इकोनॉमी बहुत तेज गति से बढ़ रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत का बढ़ता ग्लोबल कॉन्फिडेंस उसके युवाओं के लिए नए मौके खोल रहा है। यह दुनिया की एकमात्र ऐसी इकॉनमी है जिसने एक दशक में अपनी जीडीपी को दोगुना किया है। आज, 100 से ज्यादा देश फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) के जरिए भारत में निवेश कर रहे हैं। 2014 से पहले के दशक की तुलना में एफडीआई का फ्लो 2.5 गुना से ज्यादा बढ़ गया है। विदेशी निवेश में इस बढ़ोतरी से युवाओं के लिए रोजगार के अनगिनत मौके बन रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आज देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़ा है। इसका उद्देश्य, देश में जीवन और कारोबार, दोनों को आसान बनाने का है। आज के इस आयोजन में 8 हजार से ज्यादा बेटियों को भी नियुक्ति पत्र मिले हैं। बीते 11 वर्षों में देश के वर्कफोर्स में, वीमेन पार्टिसिपेशन में करीब करीब दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। भारत तेजी से एक बड़ी मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस के रूप में उभर रहा है। कई सेक्टर प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट दोनों में अभूतपूर्व ग्रोथ देख रहे हैं। 2014 से, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग छह गुना बढ़ गई है, जिससे यह आज 11 लाख करोड़ से ज्यादा का सेक्टर बन गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट भी 4 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया है। ऑटोमोटिव इंडस्ट्री इसका एक और उदाहरण है, जो देश में सबसे तेज़ी से बढ़ते सेक्टरों में से एक के रूप में सामने आया है।
जननायक कर्पूरी ठाकुर भाजपा सरकार के प्रेरणा पुंज हैं – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
24 Jan, 2026 07:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर (People’s Leader Karpuri Thakur) भाजपा सरकार के प्रेरणा पुंज हैं (Is the inspiration beam of BJP Government) । उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और ‘भारत रत्न’ जननायक कर्पूरी ठाकुर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी ।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अपनी सादगी और जनसेवा के प्रति समर्पण भाव को लेकर कर्पूरी ठाकुर हमेशा स्मरणीय और अनुकरणीय रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ‘भारत रत्न’ जननायक कर्पूरी ठाकुर को उनकी जयंती पर सादर नमन। समाज के शोषित, वंचित और कमजोर वर्गों का उत्थान हमेशा उनकी राजनीति के केंद्र में रहा। अपनी सादगी और जनसेवा के प्रति समर्पण भाव को लेकर वे सदैव स्मरणीय और अनुकरणीय रहेंगे।”
इस अवसर पर पीएम मोदी ने अपने एक भाषण का छोटा-सा अंश भी शेयर किया। उन्होंने भाषण में कहा, “कर्पूरी ठाकुर हमेशा अपनी सादगी के लिए जाने जाते थे। उनका पूरा जीवन सामाजिक न्याय और वंचितों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। आज भी उनकी ईमानदारी की मिसाल दी जाती है। वो मां भारती के अनमोल रत्न थे। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने का सौभाग्य हमारी सरकार को मिला। यह हमारे लिए सम्मान की बात है।” उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार जननायक कर्पूरी ठाकुर को प्रेरणा पुंज मानती है। वंचितों को वरीयता, पिछड़ों को प्राथमिकता और गरीब की सेवा, हम इस संकल्प के साथ आगे बढ़े हैं।
कर्पूरी ठाकुर की जयंती के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उन्हें याद किया। शाह ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “सामाजिक न्याय के पुरोधा, ‘भारत रत्न’ जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की जयंती पर उन्हें स्मरण कर नमन करता हूं। वंचितों, पिछड़ों, महिलाओं के साथ-साथ आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की व्यवस्था कर उन्होंने सामाजिक न्याय के अनुकरणीय आदर्श स्थापित किए।” बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘भारत रत्न’ कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा, “सामाजिक न्याय, समता और जनकल्याण के लिए उनका संघर्ष सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।”
इस देश से कोई भगवा नहीं हटा सकता… AIMIM पार्षद पर भड़कीं नवनीत राणा
24 Jan, 2026 12:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुर्खियों में बना हुआ है. जीतने के बाद उनके पूरे मुब्रा को हरा करने वाले बयान पर राजनीति गर्म होती जा रही है. अब उनपर BJP नेता नवनीत राणा (Navneet Rana) भड़क गई हैं और उन्हें पाकिस्तान (Pakistan) जाने की सलाह दी है.
दरअसल से असद्उद्दीन औवेसी के पार्टी से पार्षद बनी सहर शेख ने अपने एक बयान नें कहा था कि आने वाले 5 साल में हम मुब्रा को हरा रंग देंगे. जिसपर प्रतिक्रिया देते हुए BJP नेता नवनीत राणा ने कहा, “पूरा हरा कराने के लिए पाकिस्तान जाना पड़ेगा, इस देश में भगवा ही चलेगा.”
नवनीत राणा ने आगे कहा कि ग्रीन करेंगे, हरा करेंगे तुम्हारे यह सपने सच नहीं हो सकते है, ये याद रखना. उन्होंने कहा कि इस देश में ऐसे कार्यकर्ता और मेरे जैसे भक्त हैं, मैं छत्रपति शिवाजी महाराज के विचार लेकर चलती हूं. मेरे खून शिवाजी के विचार दौड़ते हैं, जब तक खून खत्म नहीं होगा तब तक इस देश से कोई भगवा हटा नहीं सकता है.
सहर शेख ने जीतने के बाद कहा कि आने वाले पांच साल बाद इलेक्शन में विरोधियों को इससे भी बड़ा मुंहतोड़ जवाब देना है. पूरे मुंब्रा को ऐसे ग्रीन कलर में रंगना है कि बुरी तरह से इनको पछाड़ के भेजना है. हर एक कैंडिडेट 5 साल बाद AIMIM का आएगा, क्योंकि इस इलेक्शन में आप मजलिस की ताकत समझ चुके हैं. ये ताकत हमें अल्लाह ने दी है. उनके यह बयान खूब वायरल हो रहा है.
‘जन गण मन’ की तरह ‘वंदे मातरम’ के समय भी खड़ा होना होगा..
24 Jan, 2026 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्र सरकार राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को राष्ट्रगान (National anthem) जन गण मन के समान दर्जा और सम्मान दिलाने के लिए एक औपचारिक प्रोटोकॉल तैयार करने की योजना बना रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई है। भारत के संविधान के अनुसार, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों को समान सम्मान प्राप्त है, लेकिन कानूनी और अनिवार्य प्रोटोकॉल के मामले में दोनों में बड़ा अंतर है।
राष्ट्रगान के गायन के समय खड़ा होना अनिवार्य है और इसका अपमान करने पर राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत सजा का प्रावधान है। वहीं, राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के गायन के समय खड़े होने या किसी विशेष मुद्रा को अपनाने के लिए कोई कानूनी अनिवार्यता या लिखित नियम नहीं है।
एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा है कि गृह मंत्रालय की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई है। इस दौरान राष्ट्रीय गीत के गायन के नियम और निर्देश सहित सम्मान के तरीके पर चर्चा हुई। बैठक में इन बिंदुओं पर चर्चा की गई, क्या वंदे मातरम को गाने के समय, स्थान और तरीके के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाने चाहिए? क्या इसके गायन के दौरान राष्ट्रगान की तरह खड़ा होना अनिवार्य किया जाए? क्या राष्ट्रीय गीत का अपमान करने वालों पर जुर्माना या कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए?
यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब सरकार वंदे मातरम का साल भर चलने वाला उत्सव मना रही है। बीजेपी ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति के चलते राष्ट्रीय गीत के महत्व को कम करने का आरोप लगाया है।
क्या है विवाद की जड़?
1937 के कांग्रेस अधिवेशन के दौरान वंदे मातरम के कुछ छंदों को हटा दिया गया था। बीजेपी का आरोप है कि इसी नीति ने विभाजन की नींव रखी, जबकि कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी इतिहास को तोड़-मरोड़ रही है और पश्चिम बंगाल के आगामी चुनावों को देखते हुए इस मुद्दे को हवा दे रही है। पिछले कुछ वर्षों में अदालतों में कई याचिकाएं दायर की गई हैं जिनमें मांग की गई है कि वंदे मातरम के लिए भी राष्ट्रगान जैसा ही फ्रेमवर्क तैयार किया जाए। साल 2022 में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि अभी तक राष्ट्रीय गीत के लिए ऐसे कोई दंडात्मक प्रावधान या निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखित ‘वंदे मातरम’ स्वदेशी आंदोलन (1905-08) के दौरान आजादी का सबसे बड़ा नारा बनकर उभरा था। अब सरकार इसे फिर से उसी गौरवशाली स्थान पर स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
केरल में भाजपा के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने
24 Jan, 2026 10:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुवनंतपुरम । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने केरल में भाजपा के चुनावी अभियान (BJP’s Election Campaign in Kerala) की औपचारिक शुरुआत की (Formally Launched) ।
तिरुवनंतपुरम में शानदार स्वागत के लिए उन्होंने शुक्रवार को जनता को धन्यवाद दिया और कहा कि लोगों के आशीर्वाद से भाजपा-एनडीए इस शहर के लिए विकास, बेहतर नागरिक सेवाएं व एक उज्जवल भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है। शुक्रवार सुबह तिरुवनंतपुरम पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का शानदार स्वागत किया गया। रोड शो के दौरान लोगों का जोश और उत्साह दिखाई दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “लोगों का जोश और उत्साह भाजपा पर बढ़ते भरोसे को दिखाता है, जो नगर निगम के नतीजों में साफ नजर आया।” कार्यक्रम स्थल पर प्रधानमंत्री मोदी ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा के पहले मेयर वीवी राजेश को गले लगाया। उन्होंने तस्वीरें शेयर करते हुए ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “मैंने एडवोकेट वीवी राजेश जी को तिरुवनंतपुरम का मेयर बनने पर व्यक्तिगत रूप से बधाई दी। मैंने उन्हें और उनकी टीम को शहर में सकारात्मक बदलाव, जवाबदेह शासन और विकास को नई गति देने के लिए शुभकामनाएं दीं।”
उन्होंने केरल में एनडीए का हिस्सा बनी ‘ट्वेंटी20 पार्टी’ के नेताओं से भी मुलाकात की। उन्होंने लिखा, “तिरुवनंतपुरम में साबू एम. जैकब से एक शानदार मुलाकात हुई। मैं ‘ट्वेंटी-20 पार्टी’ का एनडीए परिवार में गर्मजोशी से स्वागत करता हूं। यह साझेदारी पारदर्शी, जन-केंद्रित शासन के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
अखिल केरल धीवरा सभा के एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “केरल की प्रगति से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। यह संगठन मछुआरों के कल्याण को बढ़ावा देने में सराहनीय काम कर रहा है। पिछले एक दशक में एनडीए सरकार ने मछुआरों के लिए बड़े पैमाने पर काम किया है। हमारा जोर उनके लिए बेहतर बाजार और तकनीक सुनिश्चित करने पर रहा है। यह काम आने वाले समय में और भी ज्यादा जोश के साथ जारी रहेगा।”
अपनी तिरुवनंतपुरम की यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने वर्कला स्थित शिवगिरी मठ के श्री नारायण धर्म संगम ट्रस्ट से जुड़े संतों से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सामाजिक सेवा, शिक्षा, आध्यात्मिकता और सामुदायिक कल्याण के क्षेत्रों में उनके (संतों) समर्पित काम ने हमारे सामाजिक ताने-बाने में एक स्थायी योगदान दिया है। श्री नारायण गुरु के शाश्वत आदर्शों पर आधारित, उनके प्रयास समाज भर में समानता, सद्भाव और गरिमा को बढ़ावा देना जारी रखे हुए हैं।
मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस का स्मरण किया
24 Jan, 2026 09:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी (Mallikarjun Khadge and Rahul Gandhi) ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस का स्मरण किया (Remembered Netaji Subhash Chandra Bose) । देश के महान स्वतंत्रता सेनानी, आजाद हिंद फौज के संस्थापक और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके क्रांतिकारी नारों, देशभक्ति और सांप्रदायिकता विरोधी रुख को विशेष रूप से याद किया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पोस्ट में लिखा, “‘जय हिंद’ और ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ जैसे ओजस्वी नारों के जरिए देशवासियों में देशप्रेम और क्रांति की चेतना जगाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष तथा हमारे प्रेरणास्रोत नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। मातृभूमि के प्रति उनका अद्वितीय प्रेम और समर्पण, साथ ही सांप्रदायिकता के विरुद्ध उनका दृढ़ विरोध, हम सभी को निरंतर राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता है।”
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लिखा, “भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। अपने साहस, दृढ़ संकल्प और प्रखर नेतृत्व से उन्होंने देश को स्वतंत्रता के मार्ग पर अग्रसर किया। राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण हर भारतवासी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। जय हिंद।”
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने लिखा, “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा के नारे से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में नयी ऊर्जा भरने वाले महान् नायक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।”
कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की एक पंक्ती शेयर करते हुए एक्स पोस्ट में लिखा, “हमारी राह भले ही भयानक व पथरीली हो, हमारी यात्रा चाहे कितनी भी कष्टदायक हो, फिर भी हमें आगे बढ़ना ही है। सफलता का दिन दूर हो सकता है, पर उसका आना अनिवार्य है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष,आजाद हिंद फौज के संस्थापक,हमारे प्रेरणास्रोत व राष्ट्रीय आंदोलन में अग्रिम भूमिका निभाने वाले नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जी की जयंती पर उन्हें शत शत नमन।”
नेताजी सुभाष चंद्र बोस का एक-एक शब्द स्वतंत्रता आंदोलन का मंत्र बन जाता था – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
24 Jan, 2026 08:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का एक-एक शब्द (Every word of Netaji Subhash Chandra Bose) स्वतंत्रता आंदोलन का मंत्र बन जाता था (Became the mantra of the Freedom Movement) ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भारत की आजादी का एक ऐसा नाम है, जो प्रत्येक भारतीय के मन में सर्वोच्च सम्मान के साथ-साथ किसी भी विपरीत परिस्थिति में देशद्रोही व देशविरोधी तत्वों के सामने न झुकने के दृढ़ संकल्प की प्रेरणा प्रदान करता है। भारत माता के सच्चे सपूत नेताजी का नाम लेते ही हर भारतीय के मन में श्रद्धा व सम्मान के साथ राष्ट्रप्रेम की भावना स्वतः उत्पन्न हो जाती है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने ये उद्गार नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पावन जयंती के अवसर पर नेताजी सुभाष चौक, हजरतगंज, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए।
मुख्यमंत्री ने नेताजी को स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक की संज्ञा देते हुए आजादी की लड़ाई में उनके अमूल्य योगदान के लिए कृतज्ञता व्यक्त की और उनके चित्र पर प्रदेशवासियों की ओर से श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि नेताजी का “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” का आह्वान भारत की आजादी का मंत्र बन गया था। उनका एक-एक शब्द स्वतंत्रता आंदोलन का मंत्र बन जाता था। उनका “दिल्ली चलो” का उद्घोष हर भारतीय को प्रेरित करता है। उनका “कदम कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा…” गीत आज भी भारतीय सेना के दीक्षांत समारोह में बड़ी शान से गाया जाता है। ऐसा कौन भारतीय होगा, जिसके मन में नेताजी के प्रति श्रद्धा-सम्मान का भाव न हो।
नेताजी ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में चल रहे स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा प्रदान की थी। उन्होंने क्रांतिकारियों के सिरमौर के रूप में आजादी की लड़ाई का नेतृत्व किया। भारत के अंदर रहकर या भारत के बाहर, उन्होंने आजादी के लिए जो योगदान दिया, वह अविस्मरणीय है। जिस प्रकार उन्होंने जर्मनी, जापान तथा दुनिया के तमाम देशों में जाकर देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया, हम सबके लिए प्रेरणा की गाथा है।
अपने संबोधन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर प्रकाश डालते हुए सीएम योगी ने कहा कि नेताजी का जन्म 1897 में कटक में एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता परिवार में हुआ था। बचपन में ही उन्हें उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन भेज दिया गया। आईसीएस की परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने के बाद भी उन्होंने अंग्रेजों की चाकरी करने से इनकार कर दिया और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े। नेताजी का विराट व्यक्तित्व और देश के प्रति अमूल्य योगदान आज भी हम सबको प्रेरणा प्रदान करता है, मैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं और उनके श्रीचरणों में प्रदेशवासियों की ओर से नमन करता हूं।
मनरेगा को लेकर खरगे का मोदी पर तीखा हमला, बोले- कभी चाय बनाई या यह सिर्फ नाटक है?
23 Jan, 2026 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Congress President Mallikarjun Kharge) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर तीखा हमला बोला है और आरोप लगाया है कि वोट पाने के लिए उन्होंने झूठ बोला और खुद को चाय वाला बताया। खरगे ने ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ को लेकर बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार (Central government) पर तीखा हमला बोला और कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (MGNAREGA) को खत्म करना गरीबों को ‘बंधुआ मजदूर’ बनाने की साजिश है तथा 28 जनवरी से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के दौरान उनका दल इस मुद्दे को उठाएगा।
उन्होंने कांग्रेस के नवगठित प्रकोष्ट ‘रचनात्मक कांग्रेस’ की ओर से आयोजित कार्यक्रम ‘मनरेगा बचाओ मोर्चा’ को संबोधित करते हुए कहा, “वोट पाने के लिए, वह कहते रहते हैं, ‘मैं चायवाला हूं’। क्या उन्होंने कभी चाय बनाई है? क्या वह कभी केतली लेकर लोगों को चाय पिलाने रेल के डिब्बों में गए हैं? यह सब सिर्फ एक नाटक है। उनकी आदत गरीबों को सताना है।” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी चुनाव प्रचार में व्यस्त है। उन्होंने कहा, “मुझे एक काम बताओ जो उन्होंने किया हो, जैसे पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इतने बड़े प्रोजेक्ट शुरू करवाए थे।
सिर्फ वोट लेने के लिए कहते हैं, मैं चाय वाला हूं
कांग्रेस पार्टी ने उनके भाषण के अंश को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया है। पोस्ट में लिखा गया है, “देश को दो लोग चलाते हैं- नरेंद्र मोदी और अमित शाह। ये देश के लिए काम नहीं करते, सिर्फ चुनाव प्रचार में घूमते हैं। मोदी जी कहते हैं कि बुलेट ट्रेन लाएंगे, लेकिन बुलेट ट्रेन तो दूर की बात है, ये नई पटरियां तक नहीं बिछा पाए। ये गरीबों के लिए कोई काम तो कर नहीं पाए, पर हर जगह हरी झंडी दिखाने पहुंच जाते हैं। इन्होंने कभी मजदूरी की होती तो मजदूरों का दर्द पता चलता। नरेंद्र मोदी सिर्फ वोट लेने के लिए कहते हैं कि मैं चाय वाला हूं। यह सब इनका नाटक है।”
भाजपा ने किया पलटवार
खरगे के इस बयान पर भाजपा नेता टॉम वडक्कन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सच है कि प्रधानमंत्री एक साधारण परिवार से आते हैं, और इसे नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा, “कांग्रेस पार्टी में ऐसे लोग हैं जो शाही परिवार में पैदा हुए हैं। क्या वे उस विशेषाधिकार से इनकार कर सकते हैं जो उन्हें मिला है? कांग्रेस सच्चाई के साथ खड़ी नहीं होती।”
बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले चुनावी सभाओं में अकसर मोदी कहा करते थे कि उनके पिता गुजरात के वडनगर स्टेशन पर चाय की दुकान चलाते थे, और बचपन में वह उनकी मदद करते थे। हालांकि, कई मौकों पर, कांग्रेस नेताओं ने इस बात का ज़िक्र किया है और राजनीतिक विवाद खड़े किए हैं। दूसरी तरफ, भाजपा अक्सर इन टिप्पणियों का जवाब देने के लिए कांग्रेस पर “वंशवादी” होने के ताने मारती रही है।
मनरेगा के लिए कांग्रेस करेगी आंदोलन
बहरहाल, खरगे ने कहा, ‘‘देश के तमाम हिस्सों में कांग्रेस पार्टी मनरेगा को बचाने के लिए आंदोलन करने जा रही है। मनरेगा को खत्म करना, सिर्फ कमजोर तबकों पर प्रहार नहीं है। यह महात्मा गांधी जी को जन स्मृति से हटाकर, ग्राम स्वराज की सोच पर हमला करने की साजिश है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह पहली बार है कि कोई दल किसी योजना का महात्मा गांधी पर रखा गया नाम हटाने की हिमाकत कर रहा है। देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।’’
केरल में BJP की नई रणनीति: साबू जैकब के साथ गठबंधन, मुकाबला अब और तेज़
23 Jan, 2026 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। ट्वेंटी20(The Twenty20) पार्टी(party) पहली बार 2015(first came into the spotlight in 2015) में सुर्खियों में तब आई थी(She came into the spotlight when), जब उसने अपने गृह क्षेत्र किझक्कंबलम पंचायत(Home constituency Kizhakkambalam Panchayat) में शानदार जीत दर्ज की थी। स्थानीय निकाय चुनावों में ट्वेंटी 20(Twenty20 in local body elections) ने तब किझक्कंबलम पंचायत की 19 में से 17 सीटें जीतीं थीं।
इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव(assembly elections) से पहले केरल की राजनीति(Kerala politics) में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। गारमेंट्स कंपनी किटेक्स(Garments company Kitex) (KITEX) समूह द्वारा 2013 में स्थापित ‘ट्वेंटी20 पार्टी’ अब आधिकारिक तौर पर भाजपा की अगुवाई वाले गठबंधन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा बन गई है। इस फैसले से केरल में NDA को आगामी विधानसभा चुनावों में अहम बढ़त मिलने की उम्मीद है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस गठबंन से बीजेपी को विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी मजबूती मिली है। उनका कहना है कि एर्नाकुलम में अब नया सियासी मोर्चा खुल सकता है।
इस गठबंधन की घोषणा आज (गुरुवार, 22 जनवरी को) भाजपा के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और ट्वेंटी20 पार्टी के अध्यक्ष साबू एम. जैकब (किटेक्स के प्रबंध निदेशक) ने संयुक्त रूप से की। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी तिरुवनंतपुर दौरे के दौरान साबू जैकब भी मंच साझा करेंगे। इस दौरान भाजपा शासित नगर निगम के लिए विकास योजनाओं का अनावरण किया जाएगा, जो स्थानीय निकाय चुनावों में किया गया अहम वादा है।
कौन हैं साबू जैकब और उनकी पार्टी ट्वेन्टी20
ट्वेंटी 20 (Twenty20) केरल में स्थित एक पंजीकृत राजनीतिक दल है, जिसकी शुरुआत 2013 में कोच्चि के पास किझक्कमबलम (Kizhakkambalam) ग्राम पंचायत में एक गैर-लाभकारी सामाजिक संगठन के रूप में हुई थी। साबू एम. जैकब (Sabu M. Jacob) इसके संस्थापक अध्यक्ष हैं। उनके ही नेतृत्व में यह पाटी काम करती है। जैकब बच्चों के कपड़े बनाने वाली प्रमुख कंपनी काइटेक्स ग्रुप (Kitex Group) के MD भी हैं। उन्होंने इसकी शुरुआत मूल रूप से कंपनी की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के रूप में की थी।
किझक्कंबलम से सियासी पहचान
ट्वेंटी20 पार्टी पहली बार 2015 में सुर्खियों में तब आई थी, जब उसने अपने गृह क्षेत्र किझक्कंबलम पंचायत में शानदार जीत दर्ज की थी। स्थापना के दो साल बाद के स्थानीय निकाय चुनावों में ट्वेंटी 20 ने किझक्कंबलम पंचायत की 19 में से 17 सीटें जीतकर सुर्खियां बटोरीं थीं। 2020 और 2025 के स्थानीय चुनावों में इसने अपनी पकड़ मजबूत करते हुए अन्य पड़ोसी पंचायतों (जैसे ऐक्करानाडु और मझावन्नूर) में भी जीत हासिल की। इसके बाद पार्टी ने तीसरी बार इस पंचायत पर कब्जा बरकरार रखा है।
कभी खिलाफ में एक हो गई थी कांग्रेस-भाजपा
दिलचस्प बात यह रही कि किझक्कंबलम में कांग्रेस, CPI(M) और बीजेपी ने कई वार्डों में साझा निर्दलीय उम्मीदवार उतारे थे, ताकि ट्वेंटी20 को हराया जा सके। बावजूद इसके, ट्वेंटी20 ने संयुक्त हमले को नाकाम कर दिया। पार्टी का दावा है कि उसके शासित पंचायतों में भ्रष्टाचार खत्म किया गया और विकास व कल्याण योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, जिससे उसे जनता का मजबूत समर्थन मिला।
तेजी से बढ़ता जनाधार
किझक्कंबलम के अलावा, ट्वेंटी20 अब एक और पंचायत पर शासन कर रही है, और एक स्थानीय निकाय में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। ये सभी क्षेत्र कुन्नथुनाड विधानसभा सीट के अंतर्गत आते हैं, जिसका प्रतिनिधित्व फिलहाल CPI(M) के पास है। इससे पहले, 2022 में इस पार्टी ने आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ ‘पीपुल्स वेलफेयर अलायंस’ बनाया था, जो बाद में वैचारिक मतभेदों के कारण टूट गया। इस पार्टी का कोई पारंपरिक राजनीतिक झुकाव नहीं है; यह खुद को पारंपरिक दलों (LDF और UDF) के विकल्प के रूप में पेश करती है और इसका पूरा ध्यान ‘कॉर्पोरेट-शैली’ के प्रबंधन और लोक कल्याण पर है।
BJP के लिए रणनीतिक फायदा
पिछले विधानसभा चुनावों में कुन्नथुनाड में ट्वेंटी20 की मौजूदगी का फायदा CPI(M) को मिला था, क्योंकि इसने कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाई थी। उस क्षेत्र में बीजेपी अब तक बड़ा खिलाड़ी नहीं रही है लेकिन अब ट्वेंटी20 के NDA में शामिल होने से बीजेपी को एर्नाकुलम जिले में नया सियासी मैदान मिल गया है। इससे कांग्रेस और वाम मोर्चे—दोनों की चुनौतियां बढ़ सकती हैं। भाजपा इस गठबंधन के माध्यम से मध्य केरल के ईसाई मतदाताओं तक अपनी पहुंच बनाना चाहती है, जो पारंपरिक रूप से ट्वेंटी 20 और साबू जैकब (जो जैकोबाइट समुदाय से हैं) का समर्थन करते रहे हैं। 2021 के चुनावों में ट्वेंटी 20 ने केवल 8 सीटों पर लड़कर 15.3% वोट हासिल किए थे। 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों में भी इसने औसत 12% वोट शेयर बरकरार रखा, जिसका लाभ अब NDA को मिलने की उम्मीद है।
पहले भी आजमा चुकी है किस्मत
ट्वेंटी20 ने 2021 के विधानसभा चुनावों में एर्नाकुलम की कुछ सीटों पर चुनाव लड़ा था, हालांकि 2020 के स्थानीय निकाय चुनावों जैसी सफलता वह दोहरा नहीं पाई थी। NDA में शामिल होने के बाद पार्टी की भूमिका और प्रभाव दोनों बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। बहरहाल, ट्वेंटी20 का NDA में शामिल होना केरल की राजनीति में तीसरे विकल्प को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। यह गठबंधन आने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी के लिए गेम-चेंजर साबित होगा या नहीं, यह तो वक्त बताएगा—लेकिन इतना तय है कि राज्य की सियासत अब और दिलचस्प और त्रिकोणात्मक होती जा रही है।
नारी शक्ति वंदन पर मंथन, 27 अप्रैल को MP विधानसभा का विशेष सत्र
अधिकारी के सम्मान पर हमला: आईपीएस एसोसिएशन मध्यप्रदेश ने विधायक के बयान की निंदा की
स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल, एंबुलेंस क्यों नहीं पहुंची?
चाय की दुकान पर लेते ही पकड़ा गया घूस, लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई
ग्रेनेड हमले और टारगेट किलिंग की साजिश फेल, दिल्ली-NCR से दो संदिग्ध पकड़े गए
ST-SC अधिकारियों को मिलेगा प्रमोशन का लाभ, मात्रात्मक आंकड़ों के लिए उच्च स्तरीय समिति तैयार
