राजनीति
YSRCP ने TDP सरकार पर साधा निशाना, पूर्व मंत्रियों के घरों पर हमलों का मुद्दा उठाया
2 Feb, 2026 03:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा जिले के इब्राहिमपट्टनम इलाके में पूर्व मंत्री और जोगी रमेश के घर पर रविवार को हमला हुआ। बड़ी संख्या में आए लोगों ने उनके घर में तोड़फोड़ की, सामान तोड़ा और घर के कुछ हिस्सों में आग लगा दी। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, हमला अचानक नहीं बल्कि पूरी योजना के साथ किया गया। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) का आरोप है कि जोगी रमेश को जानबूझकर निशाना बनाया गया, क्योंकि वे एक जाने-माने बीसी (पिछड़ा वर्ग) नेता हैं।
एक दिन पहले भी एक पूर्व मंत्री के घर पर हुआ था हमला
यह घटना ऐसे समय हुई है, जब इससे एक दिन पहले पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू के घर और दफ्तर पर भी हमला हुआ था। आरोप है कि टीडीपी कार्यकर्ताओं ने उनके घर में तोड़फोड़ की और आगजनी की। इस बीच अंबाती रामबाबू को मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान देने के मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
विपक्ष ने राज्य सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
वाईएसआरसीपी नेताओं का कहना है कि लगातार हो रहे ये हमले राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े करते हैं। पार्टी प्रवक्ता कोंडा राजीव गांधी और राष्ट्रीय प्रवक्ता कार्तिक येल्लाप्रगड़ा ने आरोप लगाया कि यह सब सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) की सहमति और संरक्षण में हो रहा है।
सीएम नायडू ने विपक्ष के आरोपों को किया खारिज
वहीं मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वाईएसआरसीपी की राजनीति हमेशा से अपराध और अराजकता पर आधारित रही है। उन्होंने दावा किया कि 2024 के बाद राज्य में कानून का राज स्थापित किया गया है और किसी को भी कानून तोड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
प्रधानमंत्री ने युवाओं को दिया मंत्र कहा- समुद्र कभी जल के लिए भिक्षा नहीं मांगता
2 Feb, 2026 02:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बजट पेश होने के बाद संसद में चर्चा की शुरुआत के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं के लिए एक विशेष प्रेरक संदेश साझा किया है। प्रधानमंत्री ने एक प्राचीन श्लोक के माध्यम से बजट के दूरगामी लक्ष्यों को युवाओं के सामर्थ्य और आत्मनिर्भरता से जोड़कर प्रस्तुत किया।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर नाम्भोधिरर्थितामेति सदाम्भोभिश्च पूर्यते। आत्मा तु पात्रतां नेयः पात्रमायान्ति सम्पदः॥ श्लोक साझा करते हुए इसका अर्थ समझाया कि जिस प्रकार अथाह जलराशि के लिए समुद्र कभी किसी से भिक्षा नहीं मांगता, फिर भी वह सदैव जल से लबालब भरा रहता है; उसी प्रकार यदि व्यक्ति स्वयं को योग्य और पात्र बना ले, तो धन-संपत्ति और सफलता स्वतः उसके पास खिंची चली आती है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता वह दीपक है, जो आत्मसम्मान और सामर्थ्य का मार्ग प्रशस्त करता है। यह बजट हमारे युवा साथियों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे पूर्व, बजट की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने इसे हाई कैपेक्स और हाई ग्रोथ का एक अनोखा मेल बताया था। उन्होंने जोर दिया कि यह बजट राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने और महंगाई पर लगाम कसने के साथ-साथ विकास की गति को नई ऊंचाई देने वाला है। बजट में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, जलमार्गों के विस्तार और हाई स्पीड रेल कॉरिडोर जैसे बड़े कदम उठाए गए हैं। साथ ही, टियर-2 और टियर-3 शहरों के आर्थिक विकास के लिए म्युनिसिपल बांड्स को बढ़ावा देना विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
शॉकिंग एलायंस: भाजपा और कांग्रेस ने हाथ मिलाया, मेयर पद की दौड़ बदल गई
2 Feb, 2026 12:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के मालेगांव में महानगरपालिका के महापौर (मेयर) और उपमहापौर चुनाव से पहले राजनीति ने एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। वैचारिक रूप से एक-दूसरे के धुर विरोधी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस ने मालेगांव महानगरपालिका (MMC) में हाथ मिला लिया है। इसके तहत दोनों दलों के पार्षदों (नगरसेवक) ने मिलकर एक नया राजनीतिक मोर्चा खड़ा कर दिया है। इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है।
एक साथ आकर बनाया नया मोर्चा
मिली जानकारी के अनुसार, मालेगाव महानगरपालिका (Malegaon Municipal Corporation) में कांग्रेस के तीन और भाजपा के दो पार्षदों ने मिलकर ‘भारत विकास आघाडी’ नाम से एक स्वतंत्र समूह बनाया है। इस गठबंधन ने 84 सदस्यीय मालेगांव महानगरपालिका में सत्ता के समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।
कांग्रेस करेगी मोर्चे का नेतृत्व
इस नए मोर्चे का नेतृत्व कांग्रेस पार्षद एजाज बेग करेंगे। मालेगांव महानगरपालिका चुनाव के नतीजे 16 जनवरी को ही आ चुके हैं, लेकिन किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं होने के कारण मेयर पद की कुर्सी अब 'भारत विकास आघाडी' के रुख पर टिकी है। कांग्रेस और भाजपा के कुल 5 पार्षदों का यह गुट 'किंगमेकर' की भूमिका निभा सकता है।
यह कदम उन दलों के लिए एक बड़ा झटका है जो निर्दलीयों और छोटे दलों के भरोसे मालेगांव शहर में अपनी सत्ता बनाने का सपना देख रहे थे।
मणिपुर में सरकार गठन की रफ्तार तेज, राष्ट्रपति शासन 12 फरवरी को होगा समाप्त
2 Feb, 2026 11:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली. मणिपुर (Manipur) में सरकार गठन (Government formation) को लेकर हलचल तेज हो गई है। भाजपा (ýÛæ) केंद्रीय नेतृत्व ने मणिपुर के सभी एनडीए विधायकों (NDA MLAs) को दिल्ली बुलाया है। जानकारी के मुताबिक आज 2 फरवरी को दोपहर 2 बजे से पहले सभी विधायकों को राजधानी दिल्ली में उपस्थित रहने के लिए कहा गया था। ऐसे में सभी विधायक 1 फरवरी को ही मणिपुर से दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे।
मणिपुर भाजपा के 20 से अधिक विधायक, राज्य इकाई के अध्यक्ष सहित पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। इससे पहले मणिपुर भाजपा अध्यक्ष अधिराजमायुम शारदा देवी ने इंफाल हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा, ‘एनडीए के सभी विधायकों को बुलाया गया है। हमें उम्मीद और विश्वास है कि जनता की सरकार बनेगी।’
राष्ट्रपति शासन का कार्यकाल 12 फरवरी को समाप्त
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा, ‘चूंकि एनडीए सहयोगी दलों के सभी विधायकों को बैठक के लिए आमंत्रित किया जा रहा है, इसलिए मुझे सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है। इससे पहले भाजपा के सभी विधायकों की बैठक हुई थी। राष्ट्रपति शासन का कार्यकाल 12 फरवरी को समाप्त हो रहा है। आइए सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद करें।’
जब उनसे पूछा गया कि अगर वे सत्ता में होते तो क्या हालात अलग होते, जिस पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा, ‘सरकार एक सतत प्रक्रिया है। मैंने मणिपुर के परिदृश्य को बदलने की पूरी कोशिश की। पहाड़ियों और घाटियों दोनों में काफी बदलाव हुए हैं।’
सरकार बनने की संभावना है: एस. राजेन सिंह
इधर, लामसांग निर्वाचन क्षेत्र के विधायक एस. राजेन सिंह ने कहा, ‘सरकार बनने की संभावना है। हालांकि, राज्य की स्थिति का जायजा लेने के बाद केंद्रीय नेतृत्व द्वारा नेता का चयन किया जाएगा। बैठक सोमवार शाम को होने की संभावना है।’ विधायक एच डिंगो ने कहा कि बैठक सोमवार शाम को है, लेकिन बैठक का एजेंडा अभी तक घोषित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, ‘हमें दिल्ली पहुंचने के लिए कहा गया था।’
खुराई निर्वाचन क्षेत्र के विधायक एल. सुसिंद्रो ने कहा कि उन्हें दिल्ली में होने वाली बैठक के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। भाजपा और एनडीए के शेष विधायक भी दिल्ली में बैठक में शामिल होंगे। वहीं नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के राज्य इकाई अध्यक्ष लोरहो एस पफोजे ने कहा कि सरकार गठन को लेकर कुछ भी निश्चित नहीं है। हमें सिर्फ एक बैठक के लिए बुलाया गया है। एनपीपी के नागा विधायक जे पामेई ने कहा, ‘आइए बेहतर की उम्मीद करें। हां, हमें बुलाया गया है, हम सभी एनडीए सहयोगी हैं। हम देखेंगे कि क्या होता है।’
हिंसा के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन
बता दें कि मई 2023 से लेकर अब तक मणिपुर में मैतेई और कुकी के बीच हुई जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। पिछले साल 13 फरवरी को एन. बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद केंद्र ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था। मणिपुर की वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है, हालांकि उसे निलंबित रखा गया है।
मणिपुर विधानसभा में भाजपा के 60 सदस्यों में से 37 विधायक हैं। एनडीए के सहयोगी दल एनपीपी के 6 और नागा पीपुल्स फ्रंट (एपीएफ) के 5 विधायक हैं।
NCP महाराष्ट्र में NDA में बनी रहेगी, विलय की अटकलों को सुनिल तटकरे ने किया खारिज
2 Feb, 2026 10:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष और लोकसभा सदस्य सुनील तटकरे (Sunil Tatkare) ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी भाजपा (BJP) नीत राजग (NDA) का हिस्सा बनी रहेगी। साथ ही, संगठन दिवंगत अजित पवार (Ajit Pawar) की ओर से निर्धारित विचारधारा और मार्ग पर आगे बढ़ेगा। उनका बयान ऐसे समय में आया है जब यह दावा किया जा रहा था कि NCP और राकांपा (शरदचंद्र पवार) के विलय की घोषणा की तारीख 12 फरवरी तय कर दी गई थी। NCP के प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में तटकरे ने कहा, ”लोग चाहे कुछ भी कहें, हमारा रुख स्पष्ट है। हम पार्टी और अजित दादा की विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे। हम इस रुख पर अडिग हैं।”रायगड के सांसद ने कहा, ”हम राजग के साथ हैं और राजग के साथ ही रहेंगे। अजित दादा ने यह निर्णय सोच-समझकर लिया था।” तटकरे ने कहा कि सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ तालमेल का निर्णय अजित पवार के नेतृत्व में सामूहिक रूप से लिया गया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने अजित पवार की सहमति के बिना कभी कोई राजनीतिक निर्णय नहीं लिया। अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने की जल्दबाजी पर आलोचना का जिक्र करते हुए तटकरे ने कहा कि संविधान सभी को अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार देता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय महाराष्ट्र के हित में और राकांपा को मजबूत करने के लिए लिया गया।
शपथ की जल्दबाजी पर क्या जवाब
सुनील तटकरे ने कहा, ”महाराष्ट्र में स्थिरता और अजित पवार के विकसित राज्य के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए उनके शपथ लेने में कुछ भी गलत नहीं है।” तटकरे ने कहा कि पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार पर फैसला राकांपा का आंतरिक मामला है और उन्होंने राजग के भीतर सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ”भाजपा ने हमेशा हमारे साथ सहयोग किया है और अपने सहयोगियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया है।” विलय को लेकर वार्ता के समय पर सवाल उठाते हुए तटकरे ने पूछा कि अजित पवार के अंतिम संस्कार से पहले ही इस तरह की अटकलें क्यों लगाई जाने लगीं।
क्या पार्टी विलय पर चल रही थी बातचीत
NCP नेता तटकरे ने कहा कि उन्होंने विलय वार्ता से संबंधित कोई टिप्पणी नहीं की, फिर भी यह धारणा बनाई गई कि वह इसके खिलाफ हैं। बारामती में 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले अजित पवार की अस्थियों को पार्टी कार्यालय लाया गया। रायगड के सांसद तटकरे ने बताया कि अजित पवार की अस्थि कलश को राज्य के सभी जिलों में ले जाया जाएगा, ताकि लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें। इस बीच, राकांपा के वरिष्ठ नेता माणिकराव कोकाटे ने कहा कि सुनेत्रा पवार विलय पर फैसला लेंगी और उनका निर्णय पार्टी पर बाध्यकारी होगा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इस मामले पर सार्वजनिक रूप से चर्चा क्यों हो रही है।उन्होंने कहा, ”यह परिवार का मामला है। अगर इस पर चर्चा हो रही थी, तो अजित दादा ने सुनेत्रा वहिनी (भाभी) से जरूर बात की होगी। अब आगे क्या करना है, इस पर फैसला वही लेंगी।” उन्होंने जोर दिया कि सुनेत्रा का फैसला राकांपा में सभी पर बाध्यकारी होगा।
चिदंबरम की टिप्पणी: बजट में आर्थिक सर्वे की सिफारिशों को नजरअंदाज किया गया
2 Feb, 2026 09:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्रीय बजट (Union Budget) को लेकर पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम (P. Chidambaram) ने सरकार और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बजट भाषण से यह प्रतीत होता है कि या तो वित्त मंत्री ने आर्थिक सर्वेक्षण को गंभीरता से नहीं पढ़ा या फिर उसे जानबूझकर अनदेखा कर दिया गया। चिदंबरम के मुताबिक बजट और उसमें पेश की गई आर्थिक नीतियों में दूरदृष्टि का स्पष्ट अभाव दिखता है।
मीडिया से बातचीत में चिदंबरम ने कहा कि संसद में वित्त मंत्री का भाषण सुनकर अर्थशास्त्र के छात्रों को भी हैरानी हुई होगी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि बजट केवल आय और व्यय का वार्षिक लेखा-जोखा नहीं होता, बल्कि मौजूदा आर्थिक हालात में उसे उन प्रमुख चुनौतियों पर स्पष्ट दिशा देनी चाहिए, जिनका उल्लेख हाल ही में जारी आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में किया गया है।
वित्त मंत्री पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे संदेह है कि सरकार और वित्त मंत्री ने आर्थिक सर्वेक्षण को पढ़ा भी है या नहीं। और यदि पढ़ा है, तो ऐसा लगता है कि उसे पूरी तरह दरकिनार करने का फैसला किया गया है।”
चिदंबरम ने आगे कहा कि देश की अर्थव्यवस्था कई गंभीर समस्याओं से गुजर रही है, लेकिन बजट भाषण में उनका कोई उल्लेख नहीं किया गया। उन्होंने अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ, सकल स्थिर पूंजी निर्माण का कम स्तर, निजी निवेश में गिरावट, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को लेकर अनिश्चितता, विदेशी पूंजी का लगातार बाहर जाना, बढ़ता राजकोषीय घाटा, बड़ी संख्या में एमएसएमई का बंद होना, युवाओं में बेरोजगारी, तेज़ शहरीकरण और शहरी क्षेत्रों में कमजोर होता बुनियादी ढांचा जैसी चुनौतियों को गिनाया। उनका आरोप था कि बजट में इन अहम मुद्दों पर पूरी तरह चुप्पी साध ली गई।
संत रविदास जी की शिक्षाओं से मिलेगा विकास की दिशा, पीएम मोदी ने किया जोर
2 Feb, 2026 08:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संत रविदास जी (Saint Ravidas Ji) की 649वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पंजाब के जालंधर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने संत रविदास जी के विचारों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने समाज को सेवा, समानता और अवसरों की बराबरी का मार्ग दिखाया है, जो आज भी देश को प्रेरणा देता है।प्रधानमंत्री ने बताया कि गुरु रविदास जी के सम्मान में आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदलकर अब गुरु रविदास जी महाराज एयरपोर्ट कर दिया गया है। साथ ही हलवारा एयरपोर्ट की नई टर्मिनल इमारत का उद्घाटन भी किया गया। उन्होंने इन उपलब्धियों के लिए देशवासियों को बधाई दी और कहा कि संत रविदास जी का संदेश सामाजिक समरसता को मजबूत करता है।
पीएम मोदी ने कहा कि संत रविदास जी के आशीर्वाद से भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को अवश्य हासिल करेगा। उन्होंने संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है। बीते वर्षों में सड़क, बिजली, जल आपूर्ति, रेलवे और गरीबों के आवास जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है। इस बार के बजट में इन कार्यों के लिए करीब 17 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।उन्होंने कहा कि बेहतर ग्रामीण सड़कें किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में मदद करेंगी। सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में गरीबों और मध्यम वर्ग को किफायती और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई हैं और इस बजट में भी इसी सोच के तहत अहम फैसले लिए गए हैं।
बजट पर पीएम मोदी की टिप्पणी
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बजट में जालंधर, लुधियाना और होशियारपुर जैसे शहरों को बड़े विकास केंद्र के रूप में विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इन शहरों के लिए व्यापक आर्थिक प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब उन राज्यों में शामिल है जहां कृषि के साथ-साथ छोटे उद्योगों की मजबूत परंपरा रही है।
पीएम मोदी ने बताया कि बीते वर्षों में एमएसएमई सेक्टर को हजारों करोड़ रुपये की सहायता दी गई है, जिससे भारत के निर्यात में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा बजट में खेलों को भी प्राथमिकता दी गई है और खेलो इंडिया मिशन की घोषणा की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच ट्रेड डील को लेकर सहमति बनी है, जो देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूती देगी।
पीएम मोदी वायु प्रदूषण को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करें
1 Feb, 2026 08:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को वायु प्रदूषण पर संसदीय बहस की मांग करते हुए सरकार से केंद्रीय बजट में इस समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में नागरिकों के संदेश पढ़े और खुद बनाए एक वीडियो में पीएम मोदी से वायु प्रदूषण को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने का आग्रह किया। राहुल गांधी ने इससे पहले 2025 के शीतकालीन सत्र में संसद में इस मुद्दे पर बहस की मांग की थी।
वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति दे और पीएम मोदी प्रदूषण को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करें। हमें एकजुट होकर एक गंभीर योजना बनानी होगी...हमें यह तय करना होगा कि इस समस्या से निपटने के लिए बजट में पर्याप्त धन हो। इस पोस्ट को साझा करते हुए राहुल गांधी ने लिखा- पिछले कुछ दिनों में मैंने हजारों भारतीयों के संदेश पढ़े हैं जिनमें उन्होंने बताया है कि प्रदूषण उनके जीवन पर क्या असर डाल रहा है।
सबसे ज्यादा जो बात सामने आई वह थी डर- बच्चों के लिए, माता-पिता के लिए, आने वाले कल के लिए- जो भारत भर के शहरों में परिवारों द्वारा महसूस किया जा रहा है। प्रदूषण अब सिर्फ एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं है, यह एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल है। संसद को इस पर चर्चा करनी चाहिए। सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए और इस बजट में वास्तविक समाधानों के लिए वास्तविक संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए। भारतीय रिपोर्ट या बयानबाजी नहीं मांग रहे हैं। वे स्वच्छ हवा मांग रहे हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक रविवार सुबह दिल्ली में वायु गुणवत्ता अत्यंत खराब श्रेणी में रहा, सुबह करीब 8 बजे एक्यूआई 318 दर्ज किया गया। उनकी ये टिप्पणी संसद के चल रहे बजट सत्र के बीच आई है, जहां वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का बजट पेश किया। बजट सत्र 65 दिनों में 30 बैठकों तक चलेगा और 2 अप्रैल को समाप्त होगा। दोनों सदन 13 फरवरी को अवकाश के लिए स्थगित होंगे और 9 मार्च को फिर सत्र शुरू करेंगे ताकि स्थायी समितियां कई मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांगों की जांच कर सकें।
नवजोत कौर सिद्धू ने दिया कांग्रेस से इस्तीफा, अमरिंदर सिंह पर लगाए आरोप
1 Feb, 2026 06:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ। कांग्रेस नेता नवजोत कौर सिद्धू ने शनिवार को पार्टी छोड़ने का ऐलान किया और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने वारिंग पर पार्टी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया और उन्हें अब तक का सबसे घिनौना, अक्षम और भ्रष्ट अध्यक्ष बताया है। पिछले महीने सीएम की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपये चाहिए वाले अपने बयान से राजनीतिक विवाद खड़ा होने के बाद नवजोत कौर को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व विधायक जिनकी शादी पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू से हुई है, उन्होंने आरोप लगाया कि वारिंग ने पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के साथ समझौता करके निजी लाभ के लिए पार्टी को बेच दिया। एक्स पर पोस्ट में कौर ने वारिंग पर कांग्रेस को कमजोर करने के लिए मुख्यमंत्री के साथ मिलीभगत करके खुद को जेल से बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि वारिंग ने उनके लिए निलंबन पत्र तैयार करवाया था, जबकि उनके पति के खिलाफ काम करने वाले वरिष्ठ पार्टी नेताओं को अहम पदों से नवाजा गया। उन्होंने कहा कि उनके पास उन्हें बेनकाब करने पर्याप्त सबूत हैं, लेकिन उनकी इसमें दिलचस्पी नहीं है, क्योंकि उन्होंने खुद कांग्रेस छोड़ दी है जहां किसी भी होनहार नेता की आवाज नहीं सुनाई देती है।
नवजोत कौर ने आरोप लगाया कि वारिंग ने जानबूझकर उनके निर्वाचन क्षेत्र में उम्मीदवार खड़े किए ताकि उनकी चुनावी हार जाए और उन्होंने उन वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कार्रवाई न करने पर सवाल उठाया जिन्होंने खुले तौर पर उनके नेतृत्व को चुनौती दी थी। उन्होंने वारिंग पर पार्टी को मजबूत करने के बजाय आंतरिक विघटन पर ध्यान केंद्रित करने का आरोप लगाया और कहा कि उनके कार्यों ने उन्हें मजाक का पात्र बना दिया है। यह विवाद नवजोत कौर की पिछले महीने की उस टिप्पणी के बाद शुरू हुआ जिसमें उन्होंने पंजाब में राजनीतिक सत्ता को पैसे से जुड़ा बताया था। उन्होंने पहले कहा था कि अगर कांग्रेस उन्हें राज्य में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाती है तो उनके पति सक्रिय राजनीति में लौट आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि उनके पास किसी भी पार्टी को देने के लिए पैसा नहीं है, लेकिन वे पंजाब को स्वर्ण राज्य में बदल सकते हैं।
कांग्रेस ने उठाया सवाल............क्या बजट के आंकड़े पेश होने के तुरंत बाद संशोधित किए जाएंगे
1 Feb, 2026 11:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर नीति निर्धारण में समन्वय की कमी का आरोप लगाकर सवाल उठाया है कि क्या बजट के आंकड़े पेश होने के तुरंत बाद संशोधित किए जाएंगे। यह चिंता इसलिए है क्योंकि बजट के कुछ ही दिन बाद सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) की नई शृंखला जारी होगी।
कांग्रेस के संचार प्रभारी और रात्यसभा सांसद महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 का बजट 1 फरवरी 2026 को पेश होगा। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि राज्य सरकारें इस बात को लेकर अनिश्चित हैं कि बजट में उनके लिए क्या प्रावधान होने वाले हैं, क्योंकि वित्त मंत्री 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें लागू करने की घोषणा करने वाली हैं। वित्त आयोग संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत हर पांच वर्षों में बनता है और यह केंद्र द्वारा एकत्र किए गए कर राजस्व में राज्यों की हिस्सेदारी, उसके वितरण और विशेष अनुदान तय करता है। 16वां वित्त आयोग 2026-27 से 2030-31 तक की अवधि से संबंधित है।
कांग्रेस नेता रमेश ने दो प्रमुख चिंताओं का जिक्र किया। पहली यह कि कई बजट आंकड़े जीडीपी के प्रतिशत के रूप में पेश किए जाएंगे, जबकि 27 फरवरी 2026 को जीडीपी की नई शृंखला जारी होने वाली है। दूसरी चिंता सीपीआई की है, जिसकी नई शृंखला 12 फरवरी 2026 को जारी होगी। इसमें खाद्य कीमतों की हिस्सेदारी में गिरावट आ सकती है, जिससे बजट के आंकड़ों पर असर पड़ेगा। इसके अलावा, थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) में भी संशोधन किया जा रहा है।
कांग्रेस नेता रमेश ने कहा कि यह सभी परिस्थितियां नीति निर्माण में तालमेल की कमी को दिखाती हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करेंगी, जिसमें दो अंतरिम बजट भी शामिल हैं। कांग्रेस का तर्क है कि बजट आंकड़े और नई आर्थिक शृंखलाओं के बीच अंतर से राज्यों और नीति निर्माताओं के लिए असमंजस पैदा हो सकता है।
पीएम मोदी के नेतृत्व में बन रहे समृद्ध, आत्मनिर्भर भारत की प्रक्रिया को गति देगा बजट
1 Feb, 2026 10:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि आगामी केंद्रीय बजट पीएम मोदी के नेतृत्व में बन रहे समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की प्रक्रिया को गति देगा। केंद्रीय मंत्री चौहान छत्तीसगढ़ के रायपुर में यह बात कही, जहां से वे दुर्ग का दौरा करने और स्थानीय किसानों से बातचीत पहुंचे। चौहान ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का निर्माण हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक केंद्रीय बजट 2026-27 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को पेश किया जाएगा। इस साल बजट प्रस्तुति सप्ताहांत में पड़ रही है। वित्त मंत्री सीतारमण 1 फरवरी को लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं, जो भारत के संसदीय और आर्थिक इतिहास में एक अहम उपलब्धि होगी। इसके अलावा चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ युवा प्रगतिशील किसान संघ द्वारा अपनाई जा रही कृषि पद्धतियों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रगतिशील कृषि के लिए व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त है और राज्य के प्रगतिशील किसानों ने उन्हें लंबे समय से अपने काम को देखने के लिए आमंत्रित किया था।
उन्होंने कहा कि आज मैं किसानों से बातचीत करने के लिए छत्तीसगढ़ की इस पवित्र भूमि पर आया हूं। मैं दुर्ग जिले के किसानों से मिलूंगा, जहां अत्यधिक प्रगतिशील कृषि पद्धतियां अपनाई जाती हैं। छत्तीसगढ़ युवा प्रगतिशील किसान संघ लंबे समय से मुझे अपने काम को देखने के लिए आमंत्रित करता रहा है और आज मैं ऐसा करूंगा। मैं उनसे चर्चा भी करूंगा और बाद में किसान मेले में भाग लूंगा, क्योंकि किसान मेला सरकार और किसानों के बीच संवाद का सेतु का काम करता है।
उन्होंने कहा कि युवा नेता संवाद पहल के तहत पहले दिल्ली का दौरा कर चुके युवाओं को भी इस संवाद में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। चौहान ने कहा कि युवा नेताओं के संवाद की पहल के तहत, यहां के कुछ युवा दिल्ली गए थे, और मैंने उन्हें भी आमंत्रित किया है, क्योंकि युवाओं के पास कई तरह के विचार होते हैं और मैं उनसे भी बातचीत करूंगा।
हरियाणा कांग्रेस ने एसआईआर के लिए मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया
1 Feb, 2026 10:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुरुग्राम। हरियाणा कांग्रेस कमेटी ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) की निगरानी और प्रभावी समीक्षा के लिए राज्य स्तरीय क्रिया एवं मॉनिटरिंग कमेटी का गठन कर दिया है। इस कमेटी में प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सह प्रभारी जितेंद्र बघेल और प्रफुल्ल गुडथे, विधायक बी बी बतरा, पूर्व सीपीएस चौधरी रामकिशन गुर्जर और रणधीर राणा वकील शामिल हैं।
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सिंह ने बताया कि यह कदम उच्च कमान के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उठाया गया है। कमेटी का उद्देश्य मतदाता सूची में संभावित कमियों, गड़बड़ियों और अनियमितताओं की गहन जांच करना है। इसके साथ ही जनता में व्यापक जागरूकता फैलाने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सिंह ने कहा कि एसआईआर एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसका मकसद मतदाता सूची को सटीक और शुद्ध बनाना है। अगर इस प्रक्रिया में कोई पक्षपात या अनुचित कदम उठाए जाते हैं, तो कांग्रेस उसका कड़ा विरोध करेगी। कमेटी राज्य स्तर पर समन्वय बनाए रखते हुए जिला और बूथ स्तर पर सक्रिय निगरानी सुनिश्चित करेगी, ताकि आम नागरिकों के मताधिकार की रक्षा हो सके। कांग्रेस पार्टी का यह प्रयास लोकतंत्र की मूल भावना को मजबूत करने और मतदाताओं के हितों की सुरक्षा के लिए है। पार्टी ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयान पर VHP-बीजेपी ने जताया विरोध
1 Feb, 2026 09:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी (Hamid Aansari) के हालिया बयान को लेकर सियासी और सामाजिक माहौल गरम हो गया है। अंसारी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि इतिहास में जिन शासकों को आक्रमणकारी कहा जाता है, जैसे महमूद गजनी और लोदी वंश के शासक, वे विदेशी नहीं बल्कि भारतीय लुटेरे थे। उनके इस कथन को लेकर भाजपा और संघ समर्थित संगठन विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इस बयान को “इतिहास और राष्ट्रीय भावनाओं का अपमान” बताते हुए कहा कि यह दृष्टिकोण महमूद गजनी जैसे उग्र आक्रमणकारियों के कृत्यों का महिमामंडन करता प्रतीत होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन्होंने सोमनाथ मंदिर लूटा, नालंदा विश्वविद्यालय पर हमला किया और भारतीय संस्कृति को क्षति पहुँचाई, उन्हें “स्वदेशी” कहने का क्या औचित्य है।
बंसल ने यह भी आरोप लगाया कि अंसारी के बयान से राजनीतिक पक्षपात और इतिहास को तोड़‑मरोड़ कर पेश करने का प्रयास दिखता है। उन्होंने कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति पहले भी विवादित बयानों में सुर्खियों में रहे हैं और इस बयान से हिंदू समुदाय की भावनाएँ आहत हुई हैं।
VHP ने जोर दिया कि इतिहास को वैज्ञानिक और प्रमाणित आधार पर ही समझा जाना चाहिए, न कि भावनात्मक या विवादित भाषा में प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे बयान सामाजिक ध्रुवीकरण और राजनीतिक तनाव बढ़ा सकते हैं।
इस बीच कांग्रेस ने अंसारी के बयान को सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संदर्भ में देखने की कोशिश की है, जबकि भाजपा और VHP इसे इतिहास का अपमान और राष्ट्रवाद के खिलाफ बयान बता रहे हैं। यह विवाद राष्ट्रीय राजनीति में इतिहास, राष्ट्रीय पहचान और सामाजिक भावना जैसे मुद्दों पर बहस को और गहरा कर रहा है।
सुनेत्रा पवार ने ली डिप्टी सीएम पद की शपथ, अजित पवार अमर रहे के लगे नारे
1 Feb, 2026 08:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की वरिष्ठ नेता और दिवंगत अजित की पत्नी सुनेत्रा पवार (Sunetra Pawar) ने आधिकारिक तौर पर महाराष्ट्र (Maharashtra) के उपमुख्यमंत्री (Deputy Chief Minister) के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है. लोकभवन में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. अपने पति और पूर्व उपमुख्यमंत्री दिवंगत अजित पवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए, सुनेत्रा पवार ने न केवल सत्ता की कमान संभाली है.
सूत्रों की मानें तो वित्त एवं योजना विभाग को छोड़कर अजित पवार के पास रहे सभी विभाग सुनेत्रा पवार को सौंपे जाएंगे.अजित पवार के पास वित्त एवं योजना, राज्य उत्पाद शुल्क, खेल एवं अल्पसंख्यक मामलों के विभाग थे. वित्त एवं योजना विभाग को छोड़कर बाकी सभी विभाग सुनेत्रा पवार को दिए जाएंगे.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति का नेतृत्व करने वाली भारतीय जनता पार्टी दिवंगत अजित पवार के परिवार और उनकी पार्टी द्वारा लिए गए हर फैसले का समर्थन करेगी. फडणवीस ने नागपुर में मीडिया कहा, ‘राकांपा उपमुख्यमंत्री पद के लिए जो भी फैसला लेगी, सरकार और भाजपा उस फैसले का समर्थन करेंगे. मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि हम अजित दादा के परिवार और राकांपा के साथ खड़े हैं.’
सुनेत्रा पवार 2024 के लोकसभा चुनाव तक सुर्खियों से दूर रहीं. उसी वर्ष हुए आम चुनाव में उन्होंने अपने पति की पार्टी की उम्मीदवार के रूप में बारामती लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा लेकिन प्रतिष्ठा की लड़ाई में अपनी ननद एवं राकांपा (शरदचंद्र पवार) उम्मीदवार सुप्रिया सुले से हार गईं. इसके बाद सुनेत्रा पवार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुईं.
सरकार ने ऐसी नीतियों पर ध्यान केंद्रित किया जिनका जमीनी स्तर पर खास असर नहीं
1 Feb, 2026 12:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने केंद्रीय बजट से पहले केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने ऐसी नीतियों पर ध्यान केंद्रित किया है जिनका जमीनी स्तर पर कोई खास असर नहीं है। उन्होंने गरीबों, किसानों, युवाओं और मध्यम वर्ग को राहत देने वाले उपायों की भी मांग की।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पायलट ने कहा कि पिछले कई सालों से हमने देखा है कि बजट सरकार के इरादों को व्यक्त करने का एक जरिया बन गया है...सालों से सत्ता में होने के बावजूद, मुझे लगता है कि बीजेपी सरकार ने उन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है जिनका जमीनी स्तर पर कोई खास असर नहीं है। सरकार ने एमजीएनआरईजीए को करीब खत्म करने के लिए एक नया कानून बनाया। वे कहते हैं कि वे इसमें सुधार कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि देश में औसतन 35 दिनों तक एमजीएनआरईजीए का इस्तेमाल हो रहा है। वे 125 दिनों का वादा कर रहे हैं।
पहले जो फैसले गांवों में पंचायतों में लिए जाते थे, जहां सरपंच और जन प्रतिनिधि पैसों की मांग करते थे और बजट की कोई कमी नहीं होती थी। अब सरकार बजट तय कर लेती है और काम दिल्ली थोप देती है। इस तरह यह सरकार गरीबों की आर्थिक सुरक्षा छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने तीन काले कानून भी उसी हठधर्मिता से बनाए हैं...हम चाहते हैं कि आने वाले वित्तीय वर्ष में वे गरीबों, किसानों, युवाओं और मध्यम वर्ग को राहत दें।
इस बीच केंद्रीय बजट पेश होने से पहले, विपक्षी नेताओं ने संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने केंद्रीय बजट पर शक व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले बजटों से केवल लोगों के एक छोटे से वर्ग को ही लाभ हुआ है और उन्होंने सरकार से यह मूल्यांकन करने का आग्रह किया कि क्या उसने अपने वादों को पूरा किया है।
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