राजनीति
जम्मू-कश्मीर को आधुनिक, प्रगतिशील और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला
7 Feb, 2026 11:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्रीनगर । मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Chief Minister Umar Abdullah) ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को आधुनिक, प्रगतिशील और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए (To making Jammu-Kashmir Modern, Progressive and Economically Viable) सरकार प्रतिबद्ध है (Government is Committed) ।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को केंद्र शासित प्रदेश के लिए 1.13 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय योजना का मकसद केंद्र शासित प्रदेश में स्थायी विकास, सामाजिक सद्भाव और आर्थिक समृद्धि के लिए एक मजबूत नींव रखना है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में दो आयुष अस्पताल की घोषणा की। राजौरी, बारामूला और डोडा में कैथ लैब व उरी और पुंछ में इमरजेंसी अस्पताल खोले जाएंगे। इसके साथ ही एम्स कश्मीर 2026 में शुरू किए जाने का ऐलान किया गया। सीमावर्ती जिलों के लिए बुलेट प्रूफ एम्बुलेंस सेवा भी शुरू होगी।
उन्होंने कहा कि 554 स्कूलों में वोकेशनल एजुकेशन की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने लक्ष्य रखा कि 200 नई ई-बसें चलाई जाएंगी। नए कल्चरल सेंटर बनाए जाएंगे। उन्होंने बजट पेश करते हुए कहा कि रिसर्च, एंटरप्रेन्योरशिप और हाई-एंड साइंटिफिक नौकरियों को बढ़ावा देने के लिए कठुआ और हंदवाड़ा बायोटेक पार्क को फिर से शुरू किया जाएगा। किसानों के लिए सोलर पंप, सोलर से चलने वाली सरकारी इमारतें, छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट और आदिवासी इलाकों में सोलर गांव बनाए जाएंगे।
उमर अब्दुल्ला ने घोषणा की कि सुरक्षा, पहुंच और तीर्थयात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए श्री अमरनाथ यात्रा के बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण किया जाएगा। उन्होंने बजट में कक्षा 9 से कॉलेज तक के छात्रों के लिए पूरी फीस माफ और योग्य परिवारों के लिए मुफ्त एलपीजी सिलेंडर दिए जाने का ऐलान किया। इसके साथ ही, अनाथ बच्चों की शिक्षा और रहने की जरूरतों को पूरा करने के लिए मासिक स्पॉन्सरशिप सहायता मिलेगी। आदिवासी छात्रों के लिए स्कॉलरशिप और आदिवासी आजीविका के लिए सहायता दी जाएगी। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकारी छूट का लाभ उठाने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर नौकरी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार निवेश, इनोवेशन और भागीदारी वाली शासन व्यवस्था को बढ़ावा देकर केंद्र शासित प्रदेश को एक आधुनिक, प्रगतिशील और आर्थिक रूप से जीवंत क्षेत्र में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। बजट को विकास का रोडमैप बताते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा, “यह बजट सिर्फ आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं है, यह एक वित्तीय दिशा-निर्देशक है जो हमें एक उज्जवल भविष्य की ओर ले जाता है। यह स्थायी आर्थिक विकास, सामाजिक सद्भाव और स्थायी समृद्धि के लिए मजबूत नींव रखता है।”
एचपीएससी ने आठ साल बाद परिणाम और केवल 39 का चयन कर युवाओं के साथ किया खिलवाड़ – कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा
7 Feb, 2026 10:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ । कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा (Congress MP Kumari Sailja) ने कहा कि आठ साल बाद परिणाम और केवल 39 का चयन कर (By declaring results after eight years and selecting only 39 Candidates) एचपीएससी ने युवाओं के साथ खिलवाड़ किया (HPSC has betrayed the Youth) ।
हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) की भर्ती प्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए कुमारी सैलजा ने कहा कि वर्ष 2019 में निकली स्नातकोत्तर शिक्षक (कंप्यूटर साइंस) के 1711 पदों की भर्ती का परिणाम 2026 में आना और उसमें भी सिर्फ 39 अभ्यर्थियों का चयन होना हरियाणा के युवाओं के साथ एक बहुत बड़ा धोखा है। उनहोंने कहा कि आठ वर्षों तक हज़ारों युवाओं को उम्मीद में बाँधे रखना और अंत में उन्हें अयोग्य घोषित कर देना, उनकी मेहनत, आत्मसम्मान और भविष्य, तीनों पर सीधा हमला है। इस दौरान भर्ती के नियम बार-बार बदले गए, मानदंडों में फेरबदल किया गया और परीक्षा पद्धति में लगातार बदलाव किए गए, जिससे अभ्यर्थी भ्रम में रहे। इसी बीच सैकड़ों युवा आयु सीमा पार कर चुके हैं। उन्होंने सवाल किया इस नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा।
उन्होंने कहा कि हाल में घोषित असिस्टेंट प्रोफेसर की मुख्य परीक्षा के नतीजे भी भर्ती व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करते हैं। सामान्य वर्ग में केवल 336 अभ्यर्थियों को पास किया गया, जबकि नियमों के अनुसार 2020 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए था। आरक्षित वर्ग के साथ तो और भी बड़ा अन्याय हुआ जहाँ 1016 के स्थान पर मात्र 166 अभ्यर्थियों को ही पास किया गया। जिन अभ्यर्थियों को एसकेटी परीक्षा में पास किया गया उनमें से 80 प्रतिशत से भी अधिक अभ्यर्थी बाहर के यानी हरियाणा से दूसरे राज्यों के हैं।
कई सब्जेक्ट में तो हरियाणा के मात्र 8 प्रतिशत छात्र ही पास किए गए हैं। यह हरियाणा के युवाओं के साथ बहुत बड़ा अन्याय है। अंग्रेज़ी विषय में स्थिति अत्यंत चौंकाने वाली है। आरक्षित वर्ग के लिए 301 पद थे, लेकिन केवल 16 अभ्यर्थियों को पास किया गया और 285 पद खाली छोड़ दिए गए। अनुसूचित जाति की ओएससी व डीएससी श्रेणियों के लिए 120 पदों में से केवल 3 अभ्यर्थी पास हुए। कुल 613 अंग्रेज़ी पदों के विरुद्ध मात्र 151 अभ्यर्थी ही योग्य घोषित किए गए। सामान्य वर्ग में भी 502 पदों के सामने केवल 336 अभ्यर्थियों को पास किया गया, जबकि 1004 अभ्यर्थियों को बुलाया जाना चाहिए था।
कुमारी सैलजा ने कहा कि एएमओ और पीजीटी की भर्तियों में भी 35 प्रतिशत की कठोर सीमा लगाकर हजारों अभ्यर्थियों को साक्षात्कार से बाहर कर दिया गया, जिससे अधिकांश पद खाली रह गए। यह स्पष्ट करता है कि समस्या युवाओं की योग्यता में नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया की खामियों और मनमानी में है। उन्होंने मांग की कि विषय ज्ञान परीक्षा में कुल पदों के कम से कम दो गुना अभ्यर्थियों को पास कर साक्षात्कार के लिए बुलाया जाए, सभी विज्ञापित पद भरे जाएँ और पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए। चयन मानदंड सार्वजनिक किए जाएँ और हरियाणा लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर हरियाणा के ही किसी योग्य व्यक्ति को नियुक्त किया जाए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि एक दिन पूर्व ही पीजीटी कंप्यूटर साइंस का सात साल बाद परिणाम जारी कर कुछ ही घंटों बाद उसी पद के लिए नई भर्ती का विज्ञापन निकाल देना, युवाओं की आँखों में धूल झोंकने के बराबर है। जब 1711 पदों में से केवल 39 ही योग्य माने गए, तो उसी दिन नई भर्ती निकालना यह साबित करता है कि दोष युवाओं में नहीं, बल्कि अस्पष्ट और त्रुटिपूर्ण चयन प्रणाली में है।
इतिहास का तो इतिहास ही गवाह है, लेकिन आज इसे बदलने की कोशिश की जा रही है – शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी
7 Feb, 2026 09:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी (Shiv Sena (UBT) MP Priyanka Chaturvedi) ने कहा कि इतिहास का तो इतिहास ही गवाह है (History is the witness of History), लेकिन आज इसे बदलने की कोशिश की जा रही है (But today efforts are being made to Change It) । दूसरे दलों के प्रधानमंत्रियों की उपलब्धियों को कम दिखाने और गलत दावे करने का काम हो रहा है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि जनता को प्रधानमंत्री से यह उम्मीद है कि वे ईमानदार और जवाबदेह रहें, न कि इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करें। उन्होंने संसद में महिलाओं के विरोध-प्रदर्शन और सुरक्षा को लेकर आई टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए। सांसद ने कहा कि कल स्पीकर का बयान शर्मनाक था, जिसमें महिलाओं को दोषी ठहराया गया कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा खतरे में है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि महिलाओं के जरिए आरोप लगाए जा रहे हैं। संसद देश की सबसे सुरक्षित जगह है, और यहां पर हर सांसद की सुरक्षा का पूरा इंतजाम होता है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा कि यह कहना कि महिलाओं के विरोध के कारण प्रधानमंत्री की सुरक्षा खतरे में है, बिल्कुल गलत है। अगर संसद में 33 प्रतिशत महिलाएं आती हैं, जैसा कि 2029 में वादा किया गया है, और वे विरोध करें, तो क्या प्रधानमंत्री संसद में आएंगे या नहीं? महिलाओं को दोष देने से न केवल वास्तविक मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है, बल्कि लोकतंत्र की भावना को भी कमजोर किया जा रहा है। लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन और आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार हैं। उन्होंने इसे कमतर करने और महिलाओं को दोष देने के प्रयासों की निंदा की। उनका कहना है कि संसद और लोकतांत्रिक संस्थानों की गरिमा बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जनता ने पीएम मोदी को तीसरी बार सत्ता में भेजा है और इस तीसरे टर्म में उनसे यह अपेक्षा है कि देश की प्रगति और विकास को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बार-बार भाषणों में यह दावा कर रहे हैं कि भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाला है, लेकिन अगर हम प्रति व्यक्ति आय देखें तो आम जनता को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। बेरोजगारी चरम सीमा पर है और किसानों की स्थिति चिंताजनक है। प्रियंका चतुर्वेदी ने बताया कि कृषि क्षेत्र में हाल ही में अमेरिकी उत्पादों पर 0 प्रतिशत टैरिफ लागू करने का आदेश आया है, जबकि भारत से अमेरिका जाने वाले उत्पादों पर 18 प्रतिशत टैरिफ है। उन्होंने कहा कि इस तरह के असमान व्यापारिक फैसले किसानों के हित के खिलाफ हैं। इसके साथ ही उन्होंने लगातार पड़ोसी देश बांग्लादेश की ओर भारत की बढ़ती तुलना और कूटनीतिक तनाव का जिक्र किया।
प्रियंका ने मणिपुर की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि वहां सत्ता को लेकर जोड़-तोड़ और राजनीतिक चालबाजी के कारण हालात गंभीर हैं। राष्ट्रपति शासन लागू होने के बावजूद भी सरकार ने जोड़-तोड़ करके सत्ता में बने रहने की कोशिश की। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनता के अधिकारों के खिलाफ बताया। उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों, व्यापारिक असमानताओं और बेरोजगारी की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में विकास के दावे तो बड़े जोर-शोर से किए जा रहे हैं, लेकिन आम जनता तक इसका लाभ नहीं पहुंच रहा। किसानों और मजदूरों की स्थिति गंभीर है और इस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। महिलाओं की सुरक्षा, किसानों के हित और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को हल किए बिना देश का संतुलित विकास संभव नहीं है। सिर्फ भाषणों और आंकड़ों से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। जनता को वास्तविक बदलाव चाहिए और उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि सरकार उनके कल्याण के लिए काम कर रही है।
अजित पवार के निधन के चलते अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
7 Feb, 2026 08:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Maharashtra Deputy Chief Minister Eknath Shinde) ने कहा कि अजित पवार के निधन के चलते (Due to the demise of Ajit Pawar) अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे (Will not celebrate his Birthday) । महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद से पूरा प्रदेश शोक में डूबा है। इस दुखद माहौल को देखते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 9 फरवरी को अपना जन्मदिन नहीं मनाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने अपील की है कि उनके जन्मदिन के अवसर पर न तो कोई समारोह आयोजित किया जाए और न ही शुभकामनाओं के लिए होर्डिंग्स, गुलदस्ते या उपहार लाए जाएं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यालय ने बताया कि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि अजित दादा के असामयिक निधन से महाराष्ट्र अभी उबर भी नहीं पाया है। यह क्षति न केवल राजनीतिक बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि मैंने अपना एक सहकर्मी और मित्र खो दिया है। दादा के जाने से जो अपूरणीय क्षति हुई है, उसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। हम सभी पवार परिवार के इस गहरे दुख में सहभागी हैं।
एकनाथ शिंदे ने आगे कहा कि ऐसे शोकपूर्ण समय में जन्मदिन मनाना, कार्यक्रम या समारोह आयोजित करना उचित नहीं होगा। इसी भावना के तहत उन्होंने सभी समर्थकों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे स्थिति की गंभीरता को समझें और उनके जन्मदिन पर किसी भी प्रकार का आयोजन न करें। उन्होंने यह अपील की कि उनके जन्मदिन के मौके पर न तो फूलों के गुलदस्ते लाए जाएं, न शुभकामनाओं के होर्डिंग्स लगाए जाएं और न ही कोई सार्वजनिक या निजी कार्यक्रम आयोजित किया जाए।
बता दें कि अजित पवार 28 जनवरी को जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के लिए प्रचार करने बारामती आ रहे थे, तभी उनका प्लेन क्रैश हो गया। प्लेन रनवे पर लैंड करते समय क्रैश हुआ। इस दुर्घटना में अजित पवार का निधन हो गया। चार अन्य लोगों की भी इस दुर्घटना में मौत हो गई। 29 जनवरी को अजित पवार के पार्थिव शरीर का बारामती के विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड में अंतिम संस्कार किया गया। अजित पवार के निधन के बाद पत्नी सुनेत्रा पवार को उनकी जगह उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। उन्हें आबकारी, खेल और अल्पसंख्यक विकास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
PM मोदी के भाषण पर कांग्रेस ने घेरा, राहुल गांधी ने कसा तंज; खरगे बोले-97 मिनट में कोई ठोस बात नहीं
6 Feb, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र जारी है। 4 फरवरी को लोकसभा में प्रधानमंत्री का भाषण रद्द किया गया। इसके बाद गुरुवार (05 फरवरी) शाम को पीएम मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दिया। प्रधानमंत्री मोदी राज्यसभा में करीब 97 मिनट बोले। इस दौरान राज्यसभा में विपक्ष के सांसदों ने भाषण के समय वॉकआउट कर दिया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की प्रतिक्रिया आई है।
संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने पीएम मोदी के भाषण पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो उचित समझो वही करो। दरअसल, यह वही शब्द है, जिसका पूर्व सेना अध्यक्ष नरवणे ने अपनी अप्रकाशित किताब में जिक्र किया था।
खरगे ने पीएम मोदी को घेरा। अपने बयान में उन्होंने कहा, ‘झूठी बातों को दोहराना (प्रधानमंत्री) उनका हमेशा एक काम रहा है। 97 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने कुछ नई बात नहीं कही और हमने जो राष्ट्रपति के अभिभाषण पर विचार रखे थे, उन्होंने उसपर एक भी जवाब नहीं दिया। वो सिर्फ 100 साल, 75 साल की बात करते रहे। हमें जनरल नरवणे (रिटायर्ड) की पब्लिश हुई किताब मिल गई, लेकिन उन्हें यह कैसे नहीं मिली? रक्षा मंत्री यह कैसे कह सकते हैं कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है?’
उन्होंने आगे कहा कि रक्षा मंत्री इसका बचाव करते रहे। जब विपक्ष के विपक्ष राहुल गांधी ने मुद्दा (2022 चीन मुद्दा) उठाया तो वे क्यों परेशान हुए? बाद में, वे केवल मुझे गाली देते रहे। उनके पास कोई तथ्य नहीं थे, जिनके आधार पर वे हमें जवाब दे सकें। उन्होंने हम पर सिखों का अपमान करने का भी आरोप लगाया। हम सिख समुदाय का सम्मान करते हैं। डॉ. मनमोहन सिंह, एक प्रख्यात अर्थशास्त्री, दो बार वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री नियुक्त किए गए। आप दलितों सहित किसी का सम्मान नहीं करते। पिछले 10 वर्षों में उन्होंने कांग्रेस को गाली देने के अलावा क्या किया है?
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश की चेतावनी
6 Feb, 2026 12:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने चेतावनी दी कि अगर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को 2020 में चीन के साथ हुए गतिरोध पर अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी गई, तब सदन चलने की संभावना कम बचेगी। कांग्रेस सांसद रमेश ने कहा कि संसद में केवल एक ही मुद्दा है जो विपक्ष को परेशान कर रहा है, और वहां हैं कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने से रोका गया है।
कांग्रेस नेता रमेश ने कहा कि सभी विपक्षी दल इस बात पर एकराय हैं कि अगर लोकसभा सांसद को बोलने नहीं दिया गया, तब सदन के चलने की संभावना कम है। कांग्रेस ने संसद में कई मुद्दे उठाए हैं, जिनमें से एक प्रमुख मुद्दा पूर्वी लद्दाख में चीन गतिरोध पर एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़ा है। कांग्रेस का कहना है कि लोकसभा सांसद राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (सेवानिवृत्त) के उद्धरण देने से कई बार रोका गया। भाजपा नेताओं ने बचाव में कहा कि यह सदन के नियमों का उल्लंघन है और इससे सशस्त्र बलों का मनोबल गिरने का खतरा हो सकता है।
संसद में लगातार हो रही बाधाओं के बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में भाग न लेने का फैसला किया। कांग्रेस नेता रमेश ने याद दिलाया कि जून 2004 में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव में इसलिए भाग नहीं लिया था क्योंकि उन्हें जवाब देने से रोका गया था। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह ने 2005 में राष्ट्रपति को दो बार धन्यवाद दिया था।
उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा को याद दिलाना चाहता हूं कि जून 2004 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब इसलिए नहीं दिया था क्योंकि उन्हें जवाब देने से रोका गया था। 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री सिंह ने राष्ट्रपति को दो बार धन्यवाद दिया था, क्योंकि वे 2004 में धन्यवाद नहीं दे पाए थे।
पीएम मोदी ने राज्यसभा में संबोधन के दौरान ली चुटकी और बोले- खड़गे जी बैठकर करें नारेबाजी, उनकी उम्र का ख्याल…
6 Feb, 2026 11:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के जवाब के दौरान गुरुवार को राज्यसभा में माहौल काफी गरम रहा। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही संबोधन शुरू किया विपक्षी सदस्यों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। इसी हंगामे के बीच पीएम मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लेकर हल्के-फुल्के अंदाज में चुटकी ली, जिस पर सत्ता पक्ष में ठहाके गूंज उठे। जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सांसदों ने सदन से वाकआउट किया, जिस पर पीएम मोदी ने फिर चुटकी ली।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आदरणीय सभापति जी, मेरी एक प्रार्थना है। आदरणीय खड़गे जी की उम्र को देखते हुए मेरा अनुरोध है कि वे बैठकर नारेबाजी करें। खड़े होकर नारे लगाने का काम नौजवानों के लिए छोड़ दें। उन्होंने यह भी कहा कि बैठ कर नारे लगाने से खड़गे जी को कष्ट नहीं होगा और विपक्ष के युवा सदस्य खड़े होकर नारे लगा सकते हैं।
पीएम मोदी के इस बयान के बाद सदन में शोर और बढ़ गया। विपक्षी सदस्य लगातार नारेबाजी करते रहे, जबकि प्रधानमंत्री बिना रुके अपना जवाब देते रहे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य साफ है— हमें न रुकना है, न पीछे मुड़कर देखना है, हमें अपने लक्ष्य को प्राप्त करना है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में देश की आर्थिक स्थिति और वैश्विक छवि का जिक्र करते हुए कहा कि भारत आज विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया का भारत के प्रति भरोसा बढ़ा है और आज वैश्विक मंच पर भारत को गंभीरता से सुना जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि देश तेज विकास दर और कम महंगाई के साथ आगे बढ़ रहा है, जो वैश्विक स्तर पर बहुत कम देखने को मिलता है।
पीएम मोदी ने कहा, कि हमें फ्रेजाइल फाइव इकोनॉमी के रूप में छोड़ा गया था, लेकिन आज हम दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुके हैं और बहुत जल्द तीसरे स्थान की ओर बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि एक समय ऐसी स्थिति बना दी गई थी कि दुनिया का कोई देश भारत से डील करने को तैयार नहीं होता था।
विपक्ष ने सदन से किया वाकआउट
हंगामे के बीच विपक्षी सांसदों ने सदन से वाकआउट कर दिया। इस पर भी पीएम मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा, जो लोग थक गए, बिचारे चले गए, लेकिन कभी न कभी उन्हें जवाब देना पड़ेगा। प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान सत्ता पक्ष के सांसद मेज थपथपाते रहे, जबकि विपक्ष की नारेबाजी और वाकआउट ने सदन की कार्यवाही को और तनावपूर्ण बना दिया। इसके बावजूद पीएम मोदी ने बिना व्यवधान के राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का अपना जवाब पूरा किया।
डीएमके और डीएमडीके के बीच चुनवी गठबंधन की कवायद तेज
6 Feb, 2026 10:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चेन्नई । डीएमके और डीएमडीके के बीच (Between DMK and DMDK) चुनवी गठबंधन की कवायद (Efforts for Electoral Alliance) तेज हो गई (Have Intensified) । द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की शुरुआती तैयारियों में देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके) को एक अहम सहयोगी के तौर पर पाया है।
दोनों पार्टियां सीट-शेयरिंग और लंबे समय के राजनीतिक सहयोग को लेकर बातचीत कर रही हैं। डीएमके, जो चुनाव से काफी पहले ही अपनी चुनावी गणित को मजबूत करना चाहती है, उसने कथित तौर पर डीएमडीके को सात विधानसभा सीटों के साथ-साथ एक राज्यसभा सीट की पेशकश की है, जो अप्रैल में खाली होने वाली है। इस प्रस्ताव को सत्ताधारी पार्टी की बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका मकसद अपने गठबंधन के आधार को मजबूत करना और अपने लिए ज्यादा सीटों पर कब्जा बनाए रखना है।
हालांकि, डीएमडीके ने कथित तौर पर ज्यादा सीटों की मांग की है। पार्टी ने 14 विधानसभा सीटों तक की मांग की है, साथ ही, पार्टी ने एनडीए के साथ समानांतर बातचीत करके अपने विकल्प खुले रखे हैं, जिससे बातचीत में सस्पेंस का माहौल बन गया है। इसके बावजूद, डीएमके नेताओं को उम्मीद है कि जल्द ही कोई समझौता हो जाएगा।
सत्ताधारी पार्टी गठबंधन की व्यवस्था को जल्दी से अंतिम रूप देना चाहती है ताकि वह अपनी संगठनात्मक तैयारियों के साथ आगे बढ़ सके। उसने अपने सहयोगियों के साथ सीटों के बंटवारे को औपचारिक रूप से अंतिम रूप देने से पहले चुनावी सूचियों का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) पूरा करने की योजना बनाई है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि डीएमके का इरादा 234 विधानसभा सीटों में से कम से कम 170 सीटों पर चुनाव लड़ने का है, जो 2021 के चुनावों में लड़ी गई 173 सीटों से थोड़ी ही कम हैं। यह मौजूदा सत्ता को बनाए रखने में उसके आत्मविश्वास को दिखाता है। जहां डीएमडीके के साथ बातचीत मुख्य केंद्र में है, वहीं डीएमके ने अपने गठबंधन को बड़ा करने के लिए चुपचाप दूसरे राजनीतिक विकल्पों पर भी विचार किया है।
इनमें अन्नाद्रमुक से निकाले गए नेता ओ. पन्नीरसेल्वम भी शामिल हैं। शुरुआती बातचीत में यह देखा गया कि क्या वह कोई अलग पार्टी बना सकते हैं या सीधे डीएमके के साथ गठबंधन कर सकते हैं। हालांकि, पार्टी के अंदर के आकलन से पता चला कि वोटों को ट्रांसफर करने की उनकी क्षमता सीमित हो सकती है, जिससे ऐसे किसी समझौते की जरूरत कम हो गई है। फिर भी, बातचीत के रास्ते खुले हुए हैं। कई बातचीत चल रही हैं, डीएमके नेतृत्व प्रतीकात्मक साझेदारियों के बजाय एक व्यावहारिक और संख्यात्मक रूप से मजबूत गठबंधन बनाने पर ध्यान केंद्रित करता दिख रहा है। आने वाले दिनों में यह तय होने की उम्मीद है कि डीएमडीके सत्ताधारी मोर्चे का एक मुख्य स्तंभ बनेगा या कोई अलग राजनीतिक रास्ता अपनाएगा।
‘लक्ष्मी भंडार’ योजना में प्रति लाभार्थी 500 रुपए की वृद्धि की पश्चिम बंगाल सरकार ने
6 Feb, 2026 09:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता । पश्चिम बंगाल सरकार (West Bengal Government) ने ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना में प्रति लाभार्थी 500 रुपए (‘Lakshmi Bhandar’ scheme by Rs. 500 per Beneficiary) की वृद्धि की (Increased) ।
पश्चिम बंगाल सरकार की मासिक सहायता योजना ‘लक्ष्मी भंडार’ के तहत मिलने वाली रकम में हर लाभार्थी के लिए 500 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। यह प्रस्ताव गुरुवार को पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने सदन में पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतरिम (वोट-ऑन-अकाउंट) बजट में रखा। फिलहाल, जनरल कैटेगरी की महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपए मिलते हैं, जबकि शेड्यूल कास्ट और शेड्यूल ट्राइब कैटेगरी की महिलाओं को 1,200 रुपए मिलते हैं। अंतरिम बजट प्रस्ताव के अनुसार, जनरल कैटेगरी की महिलाओं को अब से हर महीने 1,500 रुपए मिलेंगे, जबकि शेड्यूल कास्ट और शेड्यूल ट्राइब कैटेगरी की महिलाओं को 1,700 रुपए मिलेंगे। अंतरिम बजट प्रस्तावों में ‘लक्ष्मी भंडार’ प्रोजेक्ट के तहत 15 हजार करोड़ रुपए का बजट अलॉट किया गया था।
भट्टाचार्य ने गुरुवार को राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में भी चार प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी की। राज्य के अंतरिम बजट प्रस्ताव में एक नए प्रोजेक्ट की घोषणा की गई। इस प्रोजेक्ट का नाम ‘बांग्लार युवा साथी’ है। भट्टाचार्य ने अंतरिम बजट प्रस्ताव पढ़ते हुए कहा, “अगर हम इस साल विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में वापस आते हैं, तो यह प्रोजेक्ट इस साल 15 अगस्त से शुरू किया जाएगा। 21 से 40 साल की उम्र के सेकेंडरी परीक्षा पास युवाओं को हर महीने 1,500 रुपए का भत्ता दिया जाएगा।”
उन्होंने सिविक वॉलंटियर्स और ग्रीन पुलिसकर्मियों के पेमेंट में हर महीने 1 हजार रुपए की बढ़ोतरी करने की घोषणा की। इसके लिए 150 करोड़ रुपए का बजट अलॉट किया गया। उन्होंने सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) स्कीम में ग्रास-रूट लेवल पर काम करने वाले ‘शिक्षा बंधुओं’ के लिए भी 1 हजार रुपए की बढ़ोतरी की घोषणा की। साथ ही, उन्होंने राज्य के लिए सातवें वेतन आयोग की भी घोषणा की। अंतरिम बजट का आकार 4,600 करोड़ रुपए था। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का पूरा बजट इस साल के आखिर में होने वाले महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों के बाद नई कैबिनेट पेश करेगी।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सरकार को सदन में जवाब देना होगा – कांग्रेसी सांसद
6 Feb, 2026 08:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेसी सांसदों (Congress MPs) ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर (On India-US Trade Deal) सरकार को सदन में जवाब देना होगा (Government will have to answer in the House) । इसके साथ ही, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने की अनुमति मिलनी चाहिए ।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष के नेता को बोलने और बहस शुरू करने का अधिकार होता है, जिसे इस सदन में पूरी तरह नकार दिया गया है। हमारा एकमात्र एजेंडा यह है कि विपक्ष के नेता को बोलने की अनुमति दी जाए। असली बात यह है कि भारत के किसान इस भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बहुत चिंतित हैं। संसद बहस और चर्चा के लिए होती है। हम संसदीय प्रणाली को अच्छी तरह जानते हैं। हमारा एकमात्र मकसद है कि विपक्ष के नेता को बोलने दिया जाए।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कहा कि संसद में जवाब तो देना पड़ेगा। आपने पूरा देश अमेरिका के हाथों गिरवी रख दिया है। आपने देश के किसानों को तबाह और बर्बाद कर दिया। यह देश की रीढ़ पर सीधा हमला है। ट्रंप ने जो कहा और जो डील सामने आई है, वह बिल्कुल स्पष्ट है। आपने अभी कहा है कि आटा और चावल नहीं लिया जाएगा, लेकिन मक्का, सोयाबीन, सेब आदि सब शामिल कर दिए गए हैं। हमारे किसानों का क्या होगा। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष किसी मुद्दे पर बोलना चाहें तो उन्हें बार-बार रोका जा रहा है। यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है। विपक्ष चाहता है कि सदन चले और विपक्षी सांसदों की बात सुनी जाए, लेकिन बार-बार सदन को स्थगित कर दिया जाता है।
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि अमेरिका के साथ हुई संधि को लेकर लोगों में, खासकर किसानों में बड़ी बेचैनी है। जिस तरह का दबाव दिख रहा है और अमेरिका के सामने जिस तरह सरेंडर किया गया, वह देशहित में नहीं है। विपक्ष इस मुद्दे को उठाना चाहता था, लेकिन उससे पहले ही स्पीकर ने सदन स्थगित कर दिया। हम चाहते हैं कि लोकसभा में इस पर विस्तार से चर्चा हो। पता चले कि किस मजबूरी या दबाव के कारण हमारी सरकार को अमेरिका के सामने झुकना पड़ा।
उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने संसद में जिस तरह की अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, उसके बाद विपक्ष, खासकर कांग्रेस के सदस्यों में भारी रोष था। उसी भावना को व्यक्त करने के लिए चैंबर में जाना पड़ा। ऐसा लगता है कि यह पूरी साजिश सरकार की ओर से थी, ताकि विपक्ष पर, खासकर राहुल गांधी पर हमला किया जा सके। निशिकांत दुबे जैसे लोग देश की परंपरा, संस्कृति और संस्कार खत्म करने पर लगे हुए हैं। संसद में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल शायद पहली बार हुआ होगा।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि हमारी मांग बहुत आसान है, राहुल गांधी को बोलने दिया जाए। सारे विपक्षी दलों के नेताओं को बोलने का मौका मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री को भी बोलना चाहिए। ‘मन की बात’ कर सकते हैं, लेकिन लोकसभा में भी उन्हें बोलना चाहिए। राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा है, लोकतंत्र कहां है?
सरकार संसद में चर्चा से मुंह मोड़ रही है – कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा
6 Feb, 2026 07:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा (Congress MP Priyanka Gandhi Vadra) ने कहा कि संसद में चर्चा से (From discussions in Parliament) सरकार मुंह मोड़ रही है (Government is shying away) ।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला द्वारा दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “…प्रधानमंत्री स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं। कल उनमें सदन में आने की हिम्मत नहीं थी, क्योंकि तीन महिलाएं बेंच के सामने खड़ी थीं। यह क्या बकवास है ?.. कोई चर्चा नहीं हो रही है, क्योंकि सरकार चर्चा नहीं चाहती है।”
आपको बता दें कि आज सदन की कार्यवाही स्थगित होने से पहले, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा, “देश ने देखा कि कल सदन में क्या हुआ। सबने देखा कि कैसे सांसदों ने सदन में पीएम की कुर्सी की तरफ जाने की कोशिश की। मुझे जानकारी मिली थी कि कोई अप्रिय घटना हो सकती थी। ऐसी स्थिति दोबारा न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए मैंने पीएम मोदी से कहा कि वे सदन में न आएं।”
संसद के बजट सत्र का आज 7 वां दिन है. बजट सत्र के सातवें दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच ध्वनिमत से पास हो गया। लगभग 22 सालों बाद ऐसा हुआ है कि जब प्रधानमंत्री के भाषण के बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव पास हुआ है। हालांकि पीएम मोदी के भाषण न होने के पीछे की वजह भी सामने आ चुकी है। इसके मुताबिक कांग्रेस ने पीएम मोदी पर शारीरिक हमले की तैयारी की थी। यही वजह है कि भाषण नहीं हुआ ।
‘बैठकर नारे लगाइए’, पीएम मोदी ने खरगे पर साधा निशाना
5 Feb, 2026 05:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे की उम्र को लेकर एक तंज कसा। उन्होंने कहा 'खरगे जी की उम्र को देखते हुए, अगर वे बैठकर भी नारे बोलना चाहें तो बोल सकते हैं। पीछे कई सारे युवा नेता हैं।'पीएम मोदी ने कहा 'जो लोग थक गए, बेचारे चले गए। लेकिन इनको जवाब देना पड़ेगा कि देश की ऐसी हालत कैसे बना रखी थी कि दुनिया का कोई देश हमसे समझौता करने नहीं आना चाहते थे। आपने कोशिश की होगी, लेकिन कोई आपके साथ नहीं आना चाहता था। दुनिया के देश अब भारत के साथ ऐसे ही डील नहीं कर रहे हैं। इसके पीछे एक वजह यह है कि विकसित देश विकासशील देश के साथ डील करता है तो उसे बड़ा बाजार मिलता है।'
SIR मुद्दे पर ममता के विरोध से निपटने की भाजपा की रणनीति
5 Feb, 2026 03:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भाजपा पश्चिम बंगाल में 'असम मॉडल' के सहारे अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। पार्टी का मानना है कि हेमन्त बिस्वा सरमा ने जिस तरह असम में घुसपैठियों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई की है, उसे उसका लाभ पश्चिम बंगाल चुनाव में भी मिल सकता है। मार्च-अप्रैल में होने जा रहे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले ममता बनर्जी एसआईआर को लेकर आक्रामक हैं। वे इसे आम बांग्लाभाषी के खिलाफ बताकर खुद को बांग्लाभाषी जनता और बांग्ला अस्मिता के सबसे बड़े 'रक्षक' के तौर पर पेश कर रही हैं। ममता बनर्जी का यह कार्ड ध्वस्त करने के लिए भाजपा 'असम मॉडल' को मजबूती से उठा रही है। भाजपा बांग्लादेशी घुसपैठियों के कारण पश्चिम बंगाल की आम जनता के रोजगार के अवसरों में कमी के मुद्दे को लगातार हवा दे रही है। पार्टी के अनुसार, पश्चिम बंगाल में होने वाले अपराधों में भी बड़ी भागीदारी बांग्लादेशी घुसपैठियों की है। लव जिहाद और लैंड जिहाद के सहारे आम लोगों के अधिकारों को छीना जा रहा है। एसआईआर को इन कमियों को दूर करने की एक कारगर दवा के तौर पर पेश किया जा रहा है, जबकि एसआईआर का विरोध करने के कारण ममता बनर्जी की छवि बांग्लादेश के घुसपैठिये मुसलमानों को बचाने वाले नेता के तौर पर उभर रही है। पार्टी का मानना है कि यह बदलाव बंगाल में सत्ता परिवर्तन में कारगर भूमिका निभा सकता है।
पश्चिम बंगाल में एक मॉडल बनकर उभर रहा असम
पश्चिम बंगाल में 'असम मॉडल' इस समय खूब चर्चा में है। असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने जिस तरह अपने राज्य में घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है, भाजपा को उसका लाभ पश्चिम बंगाल में भी मिलता दिख रहा है। भाजपा के आम कार्यकर्ता पश्चिम बंगाल में चुनाव जीतने के बाद राज्य में असम मॉडल से घुसपैठिये मुसलमानों को बाहर निकालने की बात कर रहे हैं। भाजपा का मानना है कि यह मॉडल लोगों के बीच, विशेषकर युवाओं के बीच चर्चा का विषय बन रहा है।
ममता दीदी को पता, उनकी जमीन खिसक गई- सुकांत मजूमदार
केंद्रीय राज्य शिक्षा मंत्री सुकांत मजूमदार ने अमर उजाला से कहा कि देश के लगभग एक दर्जन राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन किसी भी राज्य ने एसआईआर को लेकर इस तरह का रुख नहीं अपनाया है। लेकिन ममता बनर्जी एसआईआर के बहाने अपनी नाकामियों को छिपाने और घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन उनकी यह कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि एसआईआर कराने वाली संस्था चुनाव आयोग अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए स्वतंत्र और सक्षम है, लेकिन एक चुनी हुई मुख्यमंत्री के द्वारा एक संवैधानिक संस्था के कार्यों के बीच इस तरह दखल देना लोकतंत्र को कमजोर करता है।
घुसपैठियों को बचाने की ममता बनर्जी की कोशिश होगी असफल- भाजपा
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने अमर उजाला से कहा कि ममता बनर्जी एसआईआर का केवल इसलिए विरोध कर रही हैं जिससे घुसपैठियों को बचाया जा सके। घुसपैठिये टीएमसी के वोटर हैं और उन्हें बचाकर ममता बनर्जी अपनी कुर्सी बचाना चाहती हैं। लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी को हटाने का निर्णय ले लिया है, इसलिए अब ममता दीदी की कोई भी चाल सफल नहीं होने वाली है। तुहिन सिन्हा ने कहा कि कोई भी संवैधानिक संस्था यह नहीं कह सकती कि घुसपैठियों को भारत में रहने और वोट करने का अधिकार होना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय ने देश के घुसपैठियों को लेकर कई बार अपनी चिंताएं जाहिर की हैं, और इस बार भी वह घुसपैठियों पर सख्त रुख अपनाएगी। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों के कारण पश्चिम बंगाल की जनता के रोजी-रोटी का अधिकार छीना जा रहा है, और भाजपा यह कतई नहीं होने देगी।
12 साल का बकाया महंगाई भत्ता मिलेगा, सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देशित किया
5 Feb, 2026 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आज गुरुवार को पश्चिम बंगाल के करीब 20 लाख से ज्यादा राज्य सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश देते हुए कहा कि 2008 से 2019 तक की अवधि का DA बकाया भुगतान किया जाना चाहिए. इसके साथ ही कहा कि, अपने पहले के अंतरिम आदेश के अनुसार, बकाया राशि का कम से कम 25% 6 मार्च तक जारी किया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय करोल और पीके मिश्रा की बेंच ने कहा कि ROPA के तहत परिलब्धियों की गणना के लिए DA जरूरी है. बंगाल सरकार ने DA के खिलाफ वित्तीय क्षमता का हवाला देते हुए याचिका दायर की थी, उस दलील को कोर्ट ने खारिज कर दिया।
SC के आदेश पर कमेटी का गठन
सुप्रीम कोर्ट ने DA भुगतान प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए शीर्ष अदालत की पूर्व जज इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता मे कमेटी का गठन किया है. इस कमेटी में जस्टिस इंदु मलहोत्रा के साथ ही 2 जस्टिस और CAG के अधिकारी शामिल होंगे. कमेटी के सभी सदस्य मिलकर तय करेंगे कि किस तरह से बकाया DA का भुगतान किया जाएगा. इसकी रिपोर्ट 16 मई तक तैयार कर सुप्रीम कोर्ट को देनी होगी. रिपोर्ट के बाद ही अगली सुनवाई की जाएगी।
12 साल का रुका डीए मिलेगा
राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ‘मनमाना’ और ‘सनकी’ बताया है. जबकि कोर्ट ने माना कि नियमों में बदलाव से कर्मचारियों के अंदर वैद्य अपेक्षा पैदा हुई थी और राज्य सरकार ने बिना किसी ठोस सिद्धांतों के इसका उल्लंघन किया है. हालांकि कोर्ट ने भी यह माना है कि साल में 2 बार डीए नहीं दिया जा सकता है. वहीं महंगाई भत्ते को मौलिक अधिकार मानने वाले सवाल पर कोर्ट ने बाद के लिए छोड़ दिया है. फिलहाल, आज का दिन राज्य कर्मचारियों के लिए बेहद शानदार रहा है. क्योंकि 12 साल का रुका हुआ डीए अब 6 मार्च से पहले 25 प्रतिशत मिल जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष ने किया स्वागत
पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “यह बहुत लंबे समय से लंबित मुद्दा था, जिस पर आज निर्णय आ गया है. हम इसका स्वागत करते हैं. DA सही मांग है, इसके लिए हमने कर्मचारियों का समर्थन किया. 6 मार्च तक ममता बनर्जी की सरकार को 10,400 रुपए देने पड़ेंगे. DA की मांग सही है, यह आज सुप्रीम कोर्ट के आदेश से स्थापित हो गया है.अप्रैल के बाद यहां घुसपैठियों का सरंक्षण करने वाली सरकार नहीं रहेगी।
CM मोहन यादव ने बाबा रामदेव के साथ योग कर दिया स्वस्थ जीवन का संदेश
5 Feb, 2026 10:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरिद्वार। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव हरिद्वार में पतंजलि योगपीठ के कन्या गुरुकुल में हवन में शामिल हुए. इसमें बाबा रामदेव भी मौजूद थे. इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा रामदेव के साथ योग किया. दोनों की एक साथ योग करने की तस्वीर भी सामने आई है।
स्वागत के लिए पतंजलि परिवार का हृदय से आभार
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव बुधवार को हरिद्वार पहुंचे. यहां वे पतंजलि योगपीठ के कन्या गुरुकुल पहुंचे. इस दौरान उन्होंने बाबा रामदेव समेत पतंजलि योगपीठ से जुड़े अन्य लोगों से मुलाकात की साथ ही वे कन्या गुरुकुल में हवन में भी शामिल हुए. इसको लेकर मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर भी जानकारी दी है. मुख्यमंत्री ने लिखा, ‘पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार में प्रसिद्ध योग गुरु स्वामी रामदेव जी से आत्मीय भेंट हुई. इस अवसर पर स्वागत के लिए पतंजलि परिवार के सभी सदस्यों का हृदय से आभार।
दिल्ली के दौरे पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव
मुख्यमंत्री इस समय उत्तराखंड के दौरे पर हैं. आज सुबह 11:00 बजे हरिद्वार में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे. फिर कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वे देहरादून जाएंगे. देहरादून से दोपहर 3 बजे वे देहरादून से दिल्ली पहुंचेंगे और दिल्ली में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे. दिल्ली से वे गाजियाबाद जाएंगे और यहां शाम करीब साढ़े 6 बजे गाजियााद के वसुंधरा में एक स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे. रात 10 बजे वे दिल्ली से भोपाल के लिए रवाना होंगे. फिर रात 11 बजे सीएम हाउस पहुंचेंगे।
DRDO ने बनाया AI से लैस ‘प्रज्ञा’, गृह मंत्रालय को सौंपा सिस्टम
200 का लक्ष्य और गलत शॉट: "पिच 175 वाली थी, पर हमारी खराब रणनीति ने डुबोई लुटिया"— हेडन।
चेन्नई मैच की इनसाइड स्टोरी: 5वें ओवर में दी गई नो-बॉल और वाइड ने खोले फिक्सिंग के गहरे राज।
फर्जी खातों से खेला गया 2500 करोड़ का खेल, गुजरात में बड़ा खुलासा
दिल दहला देने वाला वारदात: बच्चे की हत्या कर ड्रम में छिपाया शव
ड्रेस कोड पर बवाल: भोपाल में लेंसकार्ट के खिलाफ अनोखा विरोध
टीकमगढ़ बस दुर्घटना: मौके पर मची अफरा-तफरी, 15 घायल
पेट्रोल-डीजल की स्थिति सामान्य: छत्तीसगढ़ के पेट्रोल पंपों पर नहीं है कोई किल्लत, सुचारु है आपूर्ति।
