राजनीति
MP सरकार ने बजट सत्र से पहले फिर लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज, कमलनाथ ने कसा तंज
12 Feb, 2026 09:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा (Madhya Pradesh Legislative Assembly) के बजट सत्र से ठीक पहले मोहन सरकार (Mohan Government) ने बाजार से 5 हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज उठा लिया है। यह पिछले एक सप्ताह में लिया गया दूसरा बड़ा कर्ज है। इससे पहले 4 फरवरी को सरकार 5300 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी थी। प्रदेश में लगातार बढ़ते कर्ज को लेकर विपक्ष राज्य सरकार पर हमलावर हो गई है। पूर्व सीएम कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्वीट कर मोहन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाते कहा कि भाजपा राज्य को कर्ज के बोझ में डुबो रही है।
कमलनाथ X पर ट्वीट करते हुए लिखा कि भारतीय रिज़र्व बैंक की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश के ऊपर 5, लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो चुका है और मध्य प्रदेश के ऊपर देश के कुल कर्ज़ का 5% हिस्सा हो गया है। भाजपा की सरकार ने कितनी तेज़ी से मध्य प्रदेश को कर्ज़ के दलदल में डुबाया है, इस बात का अंदाज़ा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि 2007 में मध्यप्रदेश के ऊपर 52, हज़ार करोड़ रुपये का कर्ज़ था जो क़रीब दस गुना बढ़कर 5,00,000 करोड़ की सीमा को पार कर गया है।
भाजपा सरकार अपनी फ़िज़ूलख़र्ची और इवेंट बाज़ी पर सरकारी ख़ज़ाने को लुटा रही है। आम जनता कभी कफ सीरप में ज़हर, तो कभी विषाक्त जल पीने से बेमौत मारी जा रही है और सरकारी ख़ज़ाना बुनियादी ज़रूरतों की पूर्ति की जगह भ्रष्टाचार पर ख़र्च किया जा रहा है। मैंने पहले भी आगाह किया है और एक बार फिर दोहराता हूँ कि मध्य प्रदेश सरकार को अपनी राजकोषीय स्थिति के बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए और जनहित में इसमें सुधार करने की ज़रूरत है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी साधा निशाना
उमंग सिंघार ने X पर ट्वीट करते हुए लिखा कि बजट सत्र से ठीक पहले मध्यप्रदेश सरकार द्वारा एक सप्ताह में दूसरी बार 5,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया जाना अत्यंत गंभीर विषय है। चालू वित्त वर्ष में अब तक 67,300 करोड़ रुपये की उधारी और 36 बार कर्ज लिया जाना राज्य की वित्तीय स्थिति पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
हाल ही में जारी RBI की रिपोर्ट ने भी प्रदेश की वास्तविक आर्थिक तस्वीर उजागर की है देश के कुल कर्ज का लगभग 5% हिस्सा अकेले मध्यप्रदेश पर है। यह स्थिति चिंताजनक है और सरकार की वित्तीय दिशा पर पुनर्विचार की मांग करती है। सरकार स्पष्ट करे कि इस भारी उधारी का ठोस वित्तीय रोडमैप क्या है? आगामी बजट सत्र में बढ़ते कर्ज, ब्याज के बढ़ते बोझ और वित्तीय प्रबंधन की पारदर्शिता पर सरकार से विस्तृत जवाब मांगा जाएगा। मध्यप्रदेश को कर्ज के पहाड़ नहीं, बल्कि मजबूत, जवाबदेह और दूरदर्शी आर्थिक नीति की आवश्यकता है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत हादसा नहीं, साजिश..........भतीजे रोहित पवार ने उठा दिए सवाल
11 Feb, 2026 11:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । एनसीपी के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत होने का मामला अब तक प्रशासन दुर्घटना ही मान रहा है। अजित के चाचा और दिग्गज नेता शरद पवार ने भी इस दुर्घटना ही करार दिया था, लेकिन अब परिवार के सदस्य रोहित पवार ने मामले में सनसनीखेज दावा किया हैं। रोहित का कहना है कि यह घटना एक साजिश थी, इस साजिश को 100 फीसदी एक हादसे का रूप दिया गया है। यह पहला मौका है, जब पवार फैमिली के किसी सदस्य ने घटना पर सवाल उठाकर एक साजिश बता दिया है। रोहित पवार के आरोपों के बाद महाराष्ट्र में राजनीति तेज होने की आशंका है। पहले शरद पवार ने ही हादसा बताया था इस लेकर रोहित पवार से सवाल हुआ।
इस पर रोहित ने कहा कि तब पूरी जानकारी नहीं मिली थी। अब इस संबंध में तथ्य पता चल रहे हैं और उसी के आधार पर सवाल उठ रहे हैं। रोहित पवार ने वीएसआर पर भी सवाल उठाए। यह वहीं कंपनी है, जो विमान का परिचालन कर रही थी। उन्होंने कहा कि आखिरी वक्त पर आखिर प्लान ही क्यों बदला, जब अजित सड़क मार्ग से ही बारामती आने वाले थे। इसके अलावा उन्होंने एरो कंपनी पर भी सवाल खड़े किए, जिसने वीएसआर को हायर किया था। उन्होंने कहा कि मेरा पक्का यकीन है कि यह घटना कोई हादसा नहीं है बल्कि साजिश थी। क्रैश से ठीक पहले कैसे ट्रांसपोंडर बंद किया गया। क्यों और किसने बंद किया?
रोहित अब इन सवालों को लेकर दिल्ली आ रहे हैं और मीडिया से बात करने वाले है। उन्होंने कहा कि आखिर जिस रनवे पर प्लेन उतरा वहां स्थिति ठीक नहीं थी। इसके बाद भी प्लेन क्यों लैंड कराने की कोशिश हुई। इस लेकर उन्होंने कहा कि जब रनवे 11 पर लैंडिंग करना रनवे 29 के मुकाबले ज्यादा कठिन था, तब फिर रनवे 11 पर ही क्यों विमान उतारा गया। क्या पायलट को झपकी लग गई थी या फिर कुछ और हुआ। जब विमान हिल रहा था और एक दिशा में झुकने लगा, तब पायलटों ने क्यों कुछ नहीं किया। इसतरह के कई सवाल रोहित पवार ने उठाए हैं और वह इसी मसले पर अब दिल्ली में भी मीडिया को बुला रहे हैं।
पवार फैमिली के नेता ने कहा कि मुंबई से प्लेन को क्यों उड़ने दिया गया, जबकि तब विजिबिलिटी कम थी। उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार इसतरह के हालात में फ्लाइट को परमिशन नहीं मिलती। संदेह को और गहरा करते हुए उन्होंने कहा कि अजित काका ने बीते कुछ समय से अपनी आदतों में बदलाव किए थे। वह प्लास्टिक की बोतलों में पानी पीना बंद कर चुके थे। वह शीशे के गिलासों में ही पानी पीते थे। उन्हें डर था कि प्लास्टिक के गिलासों में कुछ भी इंजेक्ट किया जा सकता है।
देश की सबसे अमीर नगर निगम पर बीजेपी का कब्जा, रितु तावड़े बनीं महापौर
11 Feb, 2026 09:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। बीजेपी पार्षद रितु तावड़े बृहन्मुंबई नगर निगम की निर्विरोध महापौर चुनी गई हैं। पिछले चार दशकों में यह पहली बार है जब बीजेपी इस पद पर पहुंची है। शिवसेना (यूबीटी) द्वारा उम्मीदवार न उतारने के फैसले के बाद चुनाव निर्विरोध हो गया, जिससे मुंबई के सबसे धनी नगर निकाय पर ठाकरे परिवार का 25 साल का वर्चस्व खत्म हो गया। शिवसेना नेता संजय घड़ी उप महापौर चुने गए हैं। घाटकोपर पश्चिम से तीन बार की पार्षद, रितु तावड़े को जमीनी राजनीति, नगर प्रशासन और जन कल्याण में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता उन्हें सक्रिय नेता और समुदाय से मजबूत जुड़ाव रखने वाली नेता बताते हैं, जिन्होंने प्रशासनिक क्षमता और स्थानीय लोगों से घनिष्ठ संबंध के संयोजन के लिए ख्याति अर्जित की है। तावड़े मुंबई की नगर निगम राजनीति में एक प्रमुख स्थान रखती हैं। उन्होंने 2012 में वार्ड 127 से पार्षद चुने जाने के बाद पहली बार बृहन्मुंबई नगर निगम में प्रवेश किया। 2017 में वे घाटकोपर के वार्ड 121 से निर्वाचित हुईं। 15 जनवरी को हुए नगर निगम चुनावों में तावडे ने वार्ड 132 से जीत हासिल की, जिससे देश के सबसे धनी नगर निगम में उनकी स्थिति और मजबूत हो गई। पार्षद के रूप में अपनी भूमिका के अलावा, तावडे मुंबई नगर निगम की शिक्षा समिति की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। शिवसेना यूबीटी, जिसने 1997 से 25 सालों तक नगर निकाय पर शासन किया था, उसने 65 सीटें जीतीं। उसके सहयोगी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने क्रमशः 6 और 1 सीट हासिल की है।
कांग्रेस से गठबंधन रहेगा, सत्ता-साझाकरण व्यवस्था तमिलनाडु के लिए उपयुक्त नहीं: स्टालिन
11 Feb, 2026 07:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने बुधवार को कांग्रेस और अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, क्योंकि राज्य में इस साल के अंत में चुनाव होने वाले हैं। स्टालिन ने कांग्रेस जैसे डीएमके के सहयोगियों के साथ किसी भी प्रकार के साझा शासन को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। हाल ही में कांग्रेस के अंदर कुछ नेताओं ने डीएमके के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री पद की मांग उठाई थी। स्टालिन ने कहा कि सत्ता-साझाकरण व्यवस्था तमिलनाडु के लिए उपयुक्त नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक स्टालिन ने कहा कि शासन में हिस्सेदारी की मांग तमिलनाडु पर लागू नहीं होती। वे इसे हमसे बेहतर जानते हैं। यह नारा उन लोगों की सोची-समझी साजिश है जो हमें एकजुट नहीं देख सकते। तमिलनाडु के सीएम ने संकेत दिया कि राज्य में चुनाव होने पर कांग्रेस सहयोगी बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि हमारा गठबंधन सौहार्दपूर्ण है। मीडिया जानबूझकर कुछ अनावश्यक धारणाएं बना रहा है।
सीएम स्टालिन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ अपने संबंधों को दोनों पार्टियों के बीच निरंतर गठबंधन का एक अहम तत्व बताया। राहुल गांधी ने डीएमके नेता कनिमोझी से बातचीत करके गठबंधन में तनाव कम करने में अग्रणी भूमिका निभाई है ताकि कांग्रेस डीएमके के साथ बनी रहे। स्टालिन ने कहा कि राहुल गांधी मेरे भाई जैसे हैं, वे मेरे परिवार के सदस्य हैं। उन्होंने खुद भी कई बार कहा है कि हमारा रिश्ता राजनीति से परे है। इससे पहले, तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सेल्वा पेरुंथगई ने भी संकेत दिया था कि डीएमके-कांग्रेस गठबंधन अंतिम रूप से तय है और औपचारिक सीट बंटवारे की बातचीत 22 फरवरी से शुरू होगी।
उन्होंने कहा कि डीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन बेहद मजबूत गठबंधन है। जनता पहले ही यह प्रमाणित कर चुकी है कि यह सरकार बनी रहेगी। हमें लगातार जीत हासिल करने में कोई संदेह नहीं है। सब कुछ अच्छा ही हो रहा है। 22 तारीख को होने वाली गठबंधन बातचीत सफलतापूर्वक संपन्न होगी।
अब अमेरिका तय करेगा हम किससे तेल खरीदेंगे, क्या हमारे फैसले वह लेगा
11 Feb, 2026 05:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लोकसभा में राहुल गांधी बोले- आपने हमारी भारत मां को बेच दिया, आपको कोई शर्म नहीं
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा है कि देश को बेचकर इन्हें शर्म नहीं आती है। उन्होंने कहा कि भारत के फैसले अमेरिका कैसे ले रहा है। राहुल ने कहा कि अब अमेरिका तय करेगा कि हम किससे तेल खरीदेंगे। अमेरिका हमारे पास आएगा और कहेगा, आप फलां-फलां से तेल खरीदिए। क्या हमारे फैसले अब अमेरिका लेगा। हमारा फैसला प्रधानमंत्री नहीं करेंगे।
लोकसभा में बेहद गरमागरम बहस के बीच राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने अमेरिका को ये सब कैसे करने दिया। राहुल गांधी ने कहा कि आप खुद कहते हैं कि एनर्जी और फाइनेंस वेपनाइज़ेशन है और आपने अमेरिकियों को हमारे फाइनेंस और हमारी एनर्जी को हमारे खिलाफ हथियार बनाने की इजाजत दी है। इसका क्या मतलब है जब अमेरिका कहता है कि आप इसे नहीं खरीद सकते। किसी खास देश से तेल नहीं खरीद सकते तो इसका मतलब है कि हमारी एनर्जी वेपनाइज़्ड है। राहुल ने कहा कि जब वे कहते हैं, आपके टैरिफ कम हो जाएंगे। हमारे टैरिफ कम हो जाएंगे और आपके बढ़ जाएंगे। इसका मतलब है कि फाइनेंस, ट्रेड वेपनाइज़्ड है। तो आप हमें बता रहे हैं कि दुनिया एक ऐसी जगह है जहां जियोपॉलिटिकल कॉन्फ्लिक्ट बढ़ रहा है। आप हमसे कह रहे हैं कि एनर्जी और फाइनेंस को हथियार बनाया जाएगा और फिर आप अपने साथ ऐसा करवा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि आपने इंडिया को बेच दिया है। क्या आपको इंडिया बेचने में शर्म नहीं आती? आपने हमारी भारत मां को बेच दिया है। आपको कोई शर्म नहीं है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर इंडिया अलायंस ट्रंप से डील करता तो हम भारत के हितों का पक्का ख्याल रखते। राहुल ने कहा कि अगर हम ट्रंप से बात करते तो हम कहते कि राष्ट्रपति ट्रंप अगर आप अपना डॉलर बनाना चाहते हैं तो ये अच्छी बात है, हम आपके दोस्त हैं, हम आपको आपके डॉलर बचाने में मदद करना चाहते हैं, लेकिन याद रखिए, अगर आप अपना डॉलर बचाना चाहते हैं तो सबसे बड़ी दौलत जो डॉलर को बचा सकती है वो है भारतीय लोगों के साथ रहना।
दूसरी बात हम ट्रंप को यह कहते कि देखिए मिस्टर प्रेसिडेंट यदि आप भारतीयों के डाटा तक पहुंच चाहते हैं तो पहली बात यह है कि आपको हमारे साथ बराबरी के स्तर पर बात करनी पड़ेगी। आप हमारे साथ ऐसे नहीं बात करेंगे जैसे कि हम आपके नौकर हैं। हम ट्रंप को कहते कि हमारी ऊर्जा सुरक्षा बेहद अहम है और चाहे जो कुछ भी हो जाए हम अपनी एनर्जी सिक्योरिटी की हर हाल में रक्षा करेंगे। राहुल ने कहा कि ट्रंप को दूसरी बात हम यह कहते कि ट्रंप महोदय आपका वोटर बेस है, एग्रीकल्चर वोटर बेस है, हम इसे समझते हैं कि आपको अपने किसानों को प्रोटेक्ट करने की जरूरत है, लेकिन हम भी अपने किसानों की रक्षा करेंगे। इंडिया अलायंस कहता कि हम आपके साथ बराबरी के स्तर पर बात करेंगे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि डाटा भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि हम डिजिटल ट्रेड डील्स पर कंट्रोल छोड़ देते हैं, डेटा लोकलाइज़ेशन के लिए कोई डीड नहीं, हमारे लिए फ्री डेटा फ्लो, डिजिटल टैक्स पर लिमिट, सोर्स कोड पर डिस्कस करने की कोई ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास में पहली बार हमारे किसान तूफान का सामना कर रहे हैं। मक्का सोयाबीन जैसी फसलों में आपने दरवाजा खोल दिया है। मैकेनाइज्ड अमेरिकन फार्म्स के लिए। आपने हमारे गरीब किसानों को कुचलने का रास्ता खोल दिया है। यह शर्मनाक है। इससे पहले किसी प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं किया और मैं आपको बता दूं आपके बाद कोई भी कोई प्रधानमंत्री ऐसा कभी नहीं करने वाला है।
राहुल गांधी ने लोकसभा में आरोप लगाया कि भारत-अमेरिकी ट्रेड डील “पूरी तरह से सरेंडर” है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने टैरिफ कम कर दिए हैं, भारतीय डेटा सौंप दिया है, विदेशी कंपनियों को 20 साल की टैक्स छूट दी है, किसानों को मशीनीकृत अमेरिकी खेती से मुकाबले के लिए मजबूर किया है, टेक्सटाइल सेक्टर को कमजोर किया है और एनर्जी सिक्योरिटी से समझौता किया है। उन्होंने कहा कि इस ट्रेड डील के बाद अमेरिका से हमारा इंपोर्ट 46 बिलियन से बढ़कर 146 बिलियन हो जाएगा और हमारा टैरिफ 3 फीसदी से बढ़कर 18 हो गया है और उनका 16 से घटकर ज़ीरो हो गया है।
राहुल गांधी ने एपस्टीन का जिक्र किया। राहुल ने कहा कि एक निश्चित बिजनेसमैन हैं, जिनका नाम एपस्टीन फाइल में है, लेकिन उनको जेल नहीं हुई। उन पर क्रिमिनल चार्जेज हैं। राहुल के इस बयान पर केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने उन्हें टोका और कहा कि राहुल गांधी बिना आधार के आरोप लगा रहे हैं। राहुल ने संसद में मार्शल आर्ट का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शुरुआत ग्रिप से होती है और इसके बाद चोक में जाते हैं। चोक का फोकस गला होता है। जब आदमी के हाथ में ग्रिप आ जाता है, उसकी आंख में दिख जाता है। उन्होंने कहा कि पीएम कहते हैं कि यह युद्ध का दौर नहीं है, लेकिन हम युद्ध के दौर में प्रवेश कर चुके हैं। गाजा और इजराइल में इसकी झलक दिखी। दुनिया में पुराने सिस्टम को चैलेंज किया जा रहा है और हालात बदल रहे हैं। आज डेटा सबसे बड़ा वेल्थ है और यह एआई के लिए पेट्रोल है।
अपने बयान पर स्पष्टीकरण दें वर्ना विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का सामना करने को तैयार रहें
11 Feb, 2026 05:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के हालिया बयान को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को चेतावनी दी कि यदि राहुल गांधी शाम 5 बजे तक अपने बयान पर स्पष्टीकरण या माफी नहीं मांगते हैं तो सरकार उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगी।
संसदीय मंत्री रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सदन में “गलतबयानी” कर सदन को गुमराह किया है। उन्होंने कहा, हम सदन को गुमराह करने और बेबुनियाद बयान देने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज नोटिस फाइल करने जा रहे हैं। लोकसभा और राज्यसभा में प्रक्रिया और आचरण के स्पष्ट नियम हैं। यदि कोई सदस्य किसी अन्य सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो उसे पहले नोटिस देना होता है और आरोप को प्रमाणित भी करना होता है। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार पर यह आरोप लगाया कि उन्होंने भारत और भारतीय हितों को बेच दिया है। रिजिजू ने सवाल उठाया, किस आधार पर? बिना नोटिस दिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को सदन में बुलाकर अपने आरोपों को साबित करने का अवसर दिया जाना चाहिए।
रिजिजू ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी जानबूझकर ऐसा करते हैं। उन्होंने कहा, उनका भाषण आम तौर पर आरोपों से भरा होता है और उसके बाद वे सदन से चले जाते हैं। वे मंत्रियों का जवाब सुनने के लिए नहीं बैठते। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष के नेता के पद पर गंभीरता का अभाव दिखता है।
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर राहुल गांधी पर संसदीय परंपराओं को आहत करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र में उच्चतम मानकों और मर्यादाओं का प्रतीक है, लेकिन हाल की घटनाओं ने इसकी गरिमा को ठेस पहुंचाई है। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि गांधी ने अपनी भाषा और शैली से संसदीय विमर्श का स्तर गिराया है।
दरअसल, लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने इसे “होलसेल सरेंडर” करार देते हुए कहा था कि यह समझौता बराबरी की शर्तों पर नहीं हुआ है और किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाया गया है। राहुल गांधी ने यहां तक कहा कि सरकार ने “भारत माता को बेच दिया।”
अखिलेश यादव ने भारत-अमेरिका डील पर सरकार को घेरा
11 Feb, 2026 10:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । लोकसभा में अखिलेश यादव ने बजट पर बोलते हुए भारत-अमेरिका ट्रेड डील सहित सरकार द्वारा किए गए अन्य ट्रेड डीलों पर सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने कहा, अभी शशि थरूर बोल रहे थे। उन्होंने काफी आंकड़े गिनाए, उसी से मिलते-जुलते आंकड़े मेरे पास भी हैं। सपा नेता ने आगे कहा कि बजट आने से पहले और बजट आने के बाद पूरे देश में अमेरिका से डील को लेकर बात चल रही थी। बीजेपी ने दावे किए कि हमने दुनिया में कई देशों से फ्री ट्रेड डील कर ली है। उनसे जानना चाहूंगा कि कितने देश बचे हैं, जिनसे फ्री ट्रेड डील नहीं कर पाए हैं। ये डील नहीं, ढील हुई है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी लोकसभा में बजट पर बोलेंगे
11 Feb, 2026 09:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस नेता राहुल गांधी लोकसभा में बजट पर बुधवार 12 बजे के करीब बोल सकते हैं। आज विपक्षी दलों की बैठक में राहुल गांधी ने ख़ुद सुझाव दिया कि बजट पर पहले विपक्षी दलों को मौका मिलना चाहिए।
राहुल गांधी को आशंका थी कि उनके भाषण के दौरान फिर से हंगामा हो सकता है। ऐसे में उन्होंने ख़ुद तय किया कि वो अगले दिन बोलेंगे।
सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी भारत–अमेरिका ट्रेड डील के मुद्दे पर सरकार को घेर सकते हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी के भाषण के दौरान लोकसभा में गतिरोध शुरू हुआ था जो मंगलवार को टूटा है।
सुनेत्रा पवार राज्यसभा से इस्तीफा देंगी
11 Feb, 2026 08:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार बुधवार को राज्यसभा से इस्तीफा देंगी। बुधवार सुबह सुनेत्रा पवार गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करेंगी मुलाकात। अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। अब उन्हें राज्यसभा से इस्तीफ़ा देना होगा।
ओवैसी ही बीजेपी के असली लाइफलाइन, भगवान राम से ज्यादा ओवैसी का नाम लेते हैं
10 Feb, 2026 10:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद। तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा है कि बीजेपी एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी को भगवान राम से भी ज्यादा अहमियत देती है और चुनाव जीतने के लिए ओवैसी का इस्तेमाल करती है। उन्होंने कहा है कि ओवैसी ही बीजेपी के असली लाइफलाइन हैं। रेड्डी ने कहा कि यह बीजेपी का इतिहास है। अगर आप इसे एनालाइज करें, तो उनके लिए सिर्फ एक ही भगवान हैं, असदुद्दीन ओवैसी। वे यूं ही भगवान राम का नाम लेते हैं, लेकिन वे हर दिन जिसके आगे झुकते हैं, वह असदुद्दीन ओवैसी हैं। उनकी लाइफलाइन असदुद्दीन ओवैसी हैं। देखिए वे कितनी बार राम को याद करते हैं और कितनी बार ओवैसी का नाम लेते हैं। इसकी पड़ताल होनी चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि बीजेपी ओवैसी को अलादीन के चिराग की तरह इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि हर बार वे ओवैसी को अलादीन का जादुई चिराग बनाकर वोट मांगते हैं। आखिर सरकार तो आपकी ही है ना? अगर ओवैसी इतने विलेन हैं, तो आप उन्हें कंट्रोल क्यों नहीं कर पा रहे हैं? रेड्डी ने एआईएमआईएम की निंदा के लिए भी बीजेपी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेसी में एआईएमआईएम भी एक पॉलिटिकल पार्टी है जो चुनाव लड़ती है। जहां वे जीतते हैं, जीतते हैं। जहां वे हारते हैं, हारते हैं। उन्होंने गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार और यहां तक कि पश्चिम बंगाल में भी चुनाव लड़ा, जहां उन्होंने पांच सीटें जीतीं हैं। वे भी एक पॉलिटिकल ऑर्गनाइजेशन हैं, एक पॉलिटिकल पार्टी हैं, लेकिन आप कब तक उनके नाम पर वोट मांगते रहेंगे? धार्मिक नफरत भड़काकर, कुछ पॉलिटिकल पार्टियों के नेताओं को राक्षस बताकर और उसके जरिए पॉलिटिकल रूप से जिंदा रहने की कोशिश करना आइडियोलॉजिकल गरीबी की हद है। तेलंगाना के लोगों को सोच समझ कर वोट देना चाहिए।
‘कांग्रेस आलाकमान का फैसला अंतिम’, सीएम बदलने की अटकलों पर सिद्धारमैया के बयान से मची हलचल
10 Feb, 2026 08:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बंगलूरू। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मंगलवार (10 फरवरी) को जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री पद में बदलाव के मुद्दे पर कांग्रेस हाई कमान का जो भी फैसला होगा, वह अंतिम होगा और वह नेतृत्व के निर्देशों का पालन करेंगे। इसी के साथ उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए दिल्ली नहीं जा रहे हैं। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वो सिर्फ तभी जाएंगे, जब उन्हें आलाकमान की तरफ से बुलाया जाएगा।
दरअसल, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार की ओर से कई गई टिप्पणियों का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि नेतृत्व के मुद्दे पर उन्हें ‘कोई भ्रम नहीं है’, क्योंकि उन्होंने और सिद्धारमैया ने कांग्रेस आलाकमान की उपस्थिति में इस मामले पर चर्चा की है।
बंगलूरू में मीडिया से बात करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि मैं अभी इस बारे में कुछ नहीं कहूंगा। हाई कमान का फैसला अंतिम होगा। अनावश्यक प्रश्न पूछने का कोई फायदा नहीं है। वहीं डीके शिवकुमार के बयान पर उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने कुछ कहा है, तो आप उनसे पूछें। मुझे नहीं पता। मैं हाई कमान के निर्देशों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह दिल्ली नहीं जा रहे हैं, उन्होंने साफ कहा कि बिना बुलाए मैं क्यों जाऊं? मेरा यहां काम है, बजट तैयार करने का काम है। अगर मुझे बुलाया जाएगा तो मैं जाऊंगा।
दरअसल, बीते कुछ वक्त से जारी शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच का सत्ता संघर्ष उस वक्त फिर से सामने आ गया, जब सिद्धारमैया के बेटे और एमएलसी यतींद्र ने इस बात पर जोर दिया कि उनके पिता अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे, और पार्टी हाई कमान ने इस संबंध में संकेत दे दिए हैं। इसी के साथ उन्होंने दावा किया कि सीएम बदलने का मुद्दा अब खत्म हो गया है।
संसद में अखिलेश यादव बोले- लोहे पर पीतल चढ़ाकर भी बेटी की विदाई नहीं हो पाएगी
10 Feb, 2026 04:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लोकसभा में आम बजट पर हुई बहस में हिस्सा लेते हुए अमेरिका से डील, किसानों को राहत और सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि सोने के भाव कहां पहुंच गए? अब तो चांदी तो दूर. यह सरकार चलती रही तो गरीब लोहे पर पीतल चढ़ाकर अपनी बेटी की विदाई नहीं कर पाएगा. उन्होंने कहा कि भाजपा के हर बजट एक बटा 20 मानते हैं और यह केवल पांच फीसदी लोगों के लिए है.
उन्होंने कहा कि सरकार बताये कि पहले डील तय हुई या फिर बजट. उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि जीरो बड़ा है या अठारह. उन्होंने अमेरिका के साथ हुई डील पर सवाल करते हुए कहा कि क्या डील ने आत्मनिर्भरता की परिभाषा बदल दी है? उन्होंने कहा कि यह बजट दिशाहीन है. इस बजट में कोई विजन नहीं है कि 2047 भारत विकसित बन जाएगा. इस सरकार से पहले ही उम्मीद नहीं थी. इस बजट में पीडीए के लिए कुछ नहीं है. ऐसा लग रहा है कि सरकार ने इनके बारे में सोचना छोड़ दिया है.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के लिए कोई खास योजना नहीं है, जिससे उत्तर प्रदेश के 25 करोड़ लोगों को मुख्य धारा से जोड़ी जाए. उन्होंने कहा कि आज भी किसानों को जो कानूनी गारंटी मिलनी चाहिए, अभी तक सरकार नहीं दे पाई है. उन्होंने कहा कि दूध के उत्पादन पर एमएसपी की गारंटी कैसे देंगे. भाजपाई किसानों को लाभ नहीं पहुंचाना चाहते हैं. कुछ अदृश्य लोगों को लाभ पहुंचाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि बजट में आम जनता का न तो जिक्र है और न ही फ्रिक रहता है. यदि फिक्र रहता तो किसानों को खाद समय पर मिल जाते, बीज समय पर मिल जाते. सरकार ने किसानों को अपने हाल पर छोड़ दिया है. अखिलेश यादव ने मणिकर्णिका घाट में अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़े जाने की आलोचना की और गंगा की सफाई पर भी सवाल उठाए.
स्पीकर बिरला के खिलाफ विपक्ष की रणनीति, अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस जारी
10 Feb, 2026 02:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संसद में जारी गतिरोध के बीच विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विपक्ष स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया है। मंगलवार को सचिवालय को स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे दिया गया है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बताया कि स्पीकर को हटाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 94-सी के तहत लोकसभा सचिवालय को नोटिस दिया गया है। विपक्षी सांसदों के पत्र के जवाब में भाजपा की महिला सांसदों ने खोला मोर्चा, स्पीकर से की ये मांग संसद में आज भी टकराव टलना मुश्किल, कार्यवाही चलाने को लेकर शर्तों पर फंसा पेंच संसद में साजिश: पीएम मोदी को सदन न आने की सलाह क्यों? सुरक्षा को लेकर स्पीकर की चिंता जायज; कटघरे में विपक्ष 'अगर संसद में चर्चा नहीं हुई, तो विपक्ष को होगा नुकसान', रिजिजू ने कांग्रेस पर साधा निशाना क्या है लोकसभा स्पीकर को हटाने की प्रक्रिया: विपक्ष ला सकता है अविश्वास प्रस्ताव, जानें नियम; पहले कब हुआ ऐसा?
नोटिस पर 120 विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विपक्ष के करीब 120 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। हस्ताक्षर करने वाले सांसदों में कांग्रेस, डीएमके, सपा के सांसद शामिल हैं।
नोटिस में विपक्ष ने कहा है, लोकसभा स्पीकर लगातार विपक्षी सांसदों को जनहित के मुद्दे उठाने से रोक रहे हैं। नोटिस में बताया गया कि अनुच्छेद 94(सी) के तहत नोटिस दिया गया है क्योंकि स्पीकर खुलेआम पक्षपात कर रहे हैं।
विपक्ष के आठ सांसदों को मनमाने ढंग से निलंबित कर दिया गया है; उन्हें केवल लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने के लिए दंडित किया जा रहा है।
कई मौकों पर विपक्षी दलों के नेताओं को बोलने की अनुमति ही नहीं दी गई, जबकि यह उनका मौलिक अधिकार है।
कांग्रेस सांसद और चीफ व्हिप के सुरेश ने कई विपक्षी पार्टियों की तरफ से लोकसभा सचिवालय को यह नोटिस दिया।
गौरतलब है कि टीएमसी के सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और न ही वे इस नोटिस का हिस्सा हैं।
राहुल गांधी को न बोलने देने के मुद्दे पर संसद में हंगामा लोकसभा में राहुल गांधी को न बोलने देने का आरोप लगाते हुए विपक्ष हंगामा कर रहा है।
दरअसल 2 फरवरी को राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित किताब में कथित तौर पर लिखी गई बातों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। हालांकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में लोकसभा स्पीकर ने राहुल गांधी को सदन में नहीं बोलने दिया।
इसके बाद 4 फरवरी को पीएम मोदी का लोकसभा में संबोधन होना था, लेकिन इसे टाल दिया गया।
अगले दिन लोकसभा स्पीकर ने कहा कि कई विपक्षी सांसदों का सदन में व्यवहार उग्र और लोकतांत्रिक गरिमा के अनुरूप नहीं था। ऐसे में प्रधानमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए उनका संबोधन रद्द कर दिया गया।
विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर के दावे को खारिज कर दिया और स्पीकर के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई।
विपक्षी सांसदों ने स्पीकर को चिट्ठी लिखकर उन पर पक्षपाती व्यवहार करने का आरोप लगाया।
नितिन नवीन का तंज: जंगलराज में काम करना बेहद कठिन, नई पीढ़ी सोच भी नहीं सकती
10 Feb, 2026 01:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद सोमवार 9 फरवरी को नितिन नवीन पहली बार पटना पहुंचे। इस अवसर पर उनका भव्य स्वागत किया गया। बापू सभागार में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए नितिन नवीन भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि वह किन शब्दों में अपनी भावनाएं व्यक्त करें, यह समझ नहीं आ रहा है। उन्होंने पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जताए गए भरोसे के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि वह इस जिम्मेदारी पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करेंगे।
अपने संबोधन के दौरान नितिन नवीन ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जंगलराज के दौर में काम करना कितना मुश्किल था, यह आज की पीढ़ी शायद कल्पना भी नहीं कर सकती। उन्होंने कहा, उस समय कार्यकर्ता घर-घर चुपचाप पर्चियां पहुंचाते थे। डर और अराजकता का माहौल था। हम लोगों ने बिहार को उस जंगलराज से निकालकर यहां तक पहुंचाया है। नितिन नवीन ने कहा कि भाजपा ने बिहार को विकास और सुशासन की राह पर आगे बढ़ाया है। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2006 में पिता के निधन के बाद वह राजनीति में आए थे और अब लगभग 20 साल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने माता-पिता से मिले संस्कारों ने यहां तक पहुंचाया है और वह उन्हें नमन करते हैं।
यहां नितिन नवीन ने कहा, कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। अब सिर्फ यह कह देने से काम नहीं चलेगा कि बिहार का लड़का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गया है, बल्कि संगठन को और मजबूत करने के लिए जमीन पर काम करना होगा। कार्यक्रम में मौजूद बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि नितिन नवीन का इस पद पर पहुंचना बिहार के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में 202 सीटों की जीत के बाद यह जिम्मेदारी मिलना पार्टी की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन को और मजबूत करने का आह्वान किया और कहा कि अगला लक्ष्य पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और केरल में भाजपा की सरकार बनाना है।
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है जो राष्ट्र के लिए काम करती है, जहां केवल सदस्यता नहीं बल्कि संबंध मायने रखते हैं। उन्होंने दोहरी इंजन सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार ने विकास के नए आयाम छुए हैं।
वहीं, बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने नितिन नवीन को बिहार की धरती का सपूत बताते हुए कहा कि भाजपा में एक साधारण कार्यकर्ता भी शीर्ष पद तक पहुंच सकता है। उन्होंने इसे पार्टी की संगठनात्मक ताकत का प्रतीक बताया।
संसद ठप करने का आरोप: केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कांग्रेस को घेरा
10 Feb, 2026 12:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा की कार्यवाही बाधित करने के लिए कांग्रेस सांसदों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष में अभद्र व्यवहार का आरोप लगाकर कांग्रेस पार्टी पर कार्यवाही को बाधित करने का आरोप लगाया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को सुरक्षा संबंधी चेतावनी देने पर प्रतिक्रिया देकर केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस सांसदों का आचरण अस्वीकार्य है।
यह घटना स्पीकर बिरला द्वारा गुरुवार को दिए गए उस बयान के बाद हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ कांग्रेस सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की सीट के पास जाकर अभूतपूर्व घटना को अंजाम देने की सूचना के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को सदन में उपस्थित न होने की सलाह दी थी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोक सके। इस पर प्रतिक्रिया देकर केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष बिरला के कक्ष में कांग्रेस सांसदों के व्यवहार की निंदा करने के लिए शब्द कम पड़ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी के सदन में प्रवेश करते ही कांग्रेस ने हंगामा करने की योजना बनाई थी। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के सदन में आते ही उनसे कागजात छीनने की योजना बनाई थी। रिजिजू ने कहा कि संसद गुंडागर्दी का स्थान नहीं है। हर चीज की एक सीमा होती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार सदन को सुचारू रूप से चलाना चाहती है, लेकिन व्यवधान संसदीय कार्य में बाधा डाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हम सदन चलाना चाहते हैं। अगर कांग्रेस सदन को चलने नहीं देना चाहती, तब अन्य सांसदों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। एक अलग बयान में, रिजिजू ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस लगातार व्यवधान के कारण नहीं हो सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में कांग्रेस नेतृत्व जानबूझकर कार्यवाही में बाधा डाल रहा है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस नहीं हो सकी। मुझे लगता है कि लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता सदन को चलने नहीं देना चाहते। अध्यक्ष भी कांग्रेस सांसदों के व्यवहार से आहत हैं।
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