राजनीति
जो जैसा बोलेगा, वैसा ही खुल जाएगा – अखिलेश यादव
15 Feb, 2026 11:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ । सपा प्रमुख अखिलेश यादव (SP chief Akhilesh Yadav) ने कहा कि पहन ले कोई जैसे भी ‘चोले’, (Someone may wear any kind of ‘Chola’) पर उसकी वाणी पोल खोले (But his words should Expose Him) । उन्होंने कहा कि शंकराचार्य के बारे में घोर अपमानजनक अपशब्द बोलना शाब्दिक हिंसा है। ऐसा कहने वाले के साथ-साथ उनको भी पाप पड़ेगा, जिन्होंने चापलूसी में मेजें थपथपाईं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं हो सकता’ वाले बयान पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “पहन ले कोई जैसे भी ‘चोले’, पर उसकी वाणी पोल खोले।” उन्होंने कहा, “शंकराचार्य के बारे में घोर अपमानजनक अपशब्द बोलना शाब्दिक हिंसा है और पाप भी। ऐसा कहनेवाले के साथ-साथ उनको भी पाप पड़ेगा जिन्होंने चापलूसी में मेजें थपथपाई हैं। जब भाजपा के विधायक सदन के बाहर जाएंगे और जनता का सामना करेंगे तो जनता सड़क पर उनका सदन लगा देगी।”
महाकुंभ की घटना का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने लिखा, “जो महाकुंभ की मौतों पर सच्चे आंकड़े नहीं बताते हैं, कैश में मुआवजा देकर उसमें भी भ्रष्टाचार का रास्ता निकाल लेते हैं। जिन तक मुआवजा नहीं पहुंचा, उनका पैसा कहां गया, ये नहीं बताते हैं। अपने ऊपर लगे मुकदमे हटवाते हैं। वो किसी और के ‘धर्म-पद’ पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं रखते हैं।”
सीएम योगी पर बिना नाम लिए हमला बोलते हुए सपा प्रमुख ने कहा, “अपने बयान में उन्होंने (सीएम योगी) ‘कानून का शासन’ बोल दिया, जैसे ही इस बात पर उनका ध्यान जाएगा वो ‘विधि का शासन’ बोलने के लिए क्या दुबारा सदन बुलाएंगे या इसके लिए एक टांग पर खड़े होकर ‘लड़खड़ाता प्रायश्चित’ करेंगे।” उन्होंने कहा कि जब इंसान नहीं, अहंकार बोलता है तो यही होता है। अहंकार संस्कार को विकार में बदल देता है। वो व्यक्ति समाज में मान-सम्मान खो देता है, जिसके बारे में ये कहावत प्रचलित हो जाती है कि ‘जब मुंह खोला, तब बुरा बोला।
अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “हाता नहीं भाता का ये विस्तारित रूप है, यही सच्ची सच्चाई है। जिस समाज के खिलाफ रहकर उन्होंने हमेशा अपनी नफरत की राजनीति की है, उसे धर्म के मामले में भी अपमानित-पराजित करने का ये उनका अंहकार है। इनका बस चले तो जो विवादित फिल्म आई है, उसका नाम बदले बिना ही रिलीज भी कर दें और टैक्स फ्री भी कर दें। अगले चुनाव में वो समाज एक-एक वोट उनके खिलाफ डालकर अपने अपमान और उनके प्रदेश अध्यक्ष के नोटिस का सही जवाब देगा। उनकी सरकार हटाकर नई सरकार बनाएगा। फिर इत्मीनान-आराम से मिलजुलकर बेधड़क दाल-बाटी खाएगा।” सपा प्रमुख ने कहा कि शंकराचार्य जी पर दिया गया अभद्र बयान सदन में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। उनके इस बयान को हम निंदनीय कहें तो निंदनीय शब्द को भी निंदनीय महसूस होगा।
न्याय और पारदर्शिता सर्वोपरि: योगी आदित्यनाथ ने दिए सख्त निर्देश
15 Feb, 2026 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोरखपुर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने कहा कि निष्पक्ष जांच करके ही (Only after an Impartial Investigation) हर मामले का निस्तारण होना चाहिए (Every Case should be Resolved) । उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी मामले में जांच के दौरान यदि गलत रिपोर्ट लगाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। किसी भी प्रकरण में लापरवाही या शिथिलता अक्षम्य होगी।
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी ने शनिवार को गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनते हुए ये निर्देश प्रशासन व पुलिस के अफसरों को दिए। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का वह प्रभावी निस्तारण कराएंगे। उन्होंने प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। जनता दर्शन में कुछ मामले ऐसे भी आए थे, जिनमें यह शिकायत की गई कि प्रकरण में गलत रिपोर्ट लगा दी गई है।
इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पता लगाकर गलत रिपोर्ट लगाने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की मदद में शिथिलता या लापरवाही कतई नहीं होनी चाहिए। जनता की समस्याओं के समाधान में किसी तरह की हीलाहवाली हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी तय है। किसी पीड़ित की समस्या के समाधान में अगर कहीं भी कोई दिक्कत आ रही है तो उसका पता लगाकर निराकरण कराया जाए और किसी स्तर पर जानबूझ कर प्रकरण को लंबित रखा गया है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने जमीन कब्जाने की शिकायतों पर विधिसम्मत कठोर कदम उठाने का निर्देश दिया। इस बार भी जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। इस पर सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि जल्द से जल्द अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया पूर्ण कराकर शासन को उपलब्ध करा दें। इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद की जाएगी। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों पर सीएम योगी ने अपना स्नेह बरसाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को दुलारा, उन्हें चॉकलेट दी और खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गौशाला में पहुंचकर उन्होंने गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से अपने हाथों से गुड़ खिलाया।
विकास के नाम पर जनता की सुरक्षा से समझौता नहीं – वर्षा गायकवाड़
15 Feb, 2026 09:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ (Congress MP Varsha Gaikwad) ने कहा कि हमें ऐसा विकास नहीं चाहिए (We don’t want such Development), जिससे मुंबईकरों की जान को खतरा हो (Which endangers the lives of Mumbaikars) । उन्होंने मुंबई के मुलुंड वेस्ट इलाके में हुई मेट्रो पिलर गिरने की घटना पर सरकार को घेरा ।
वर्षा गायकवाड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर घटना का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “मुलुंड वेस्ट, एलबीएस रोड पर जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के पास बन रहे मेट्रो पिलर का एक हिस्सा गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया। एक बेगुनाह नागरिक की मौत हो गई और कई दूसरे गंभीर रूप से घायल हो गए। क्या सरकार और मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) का इससे कोई लेना-देना है?”
कांग्रेस सांसद ने पूछा, “सिर्फ इंफ्रा मैन बनकर पीआर और मार्केटिंग कर रहे हैं, लेकिन मुंबईकरों की जान अधर में लटकी हुई है, इसका क्या मतलब है? जब मेट्रो का काम चल रहा था, तो सेफ्टी नियम सिर्फ कागजों पर क्यों थे? जब व्यस्त रोड पर काम चल रहा था, तो नीचे से गुजरने वाले ट्रैफिक के लिए सुरक्षा इंतेजाम क्यों नहीं थे?” उन्होंने आगे कहा, “यह दिखाने के नाम पर कि मेट्रो का काम तेजी से हो रहा है, क्या इसकी क्वालिटी और टेक्निकल सेफ्टी को नजरअंदाज किया जा रहा है? कौन जिम्मेदार है?” वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि हर बार जब ऐसी घटनाएं होती हैं, तो सिर्फ ‘जांच’ का ड्रामा होता है। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
शनिवार दोपहर को मुलुंड पुलिस स्टेशन के इलाके में एलबीएस रोड पर मेट्रो पुल का एक हिस्सा चलते ऑटो रिक्शा पर गिर गया। इस दौरान एक कार भी चपेट में आई। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान रामधन यादव के रूप में हुई है, जबकि घायलों में राजकुमार इंद्रजीत यादव, महेंद्र प्रताप यादव और दीपा रूहिया शामिल हैं। राजकुमार इंद्रजीत यादव की स्थिति गंभीर बताई गई है। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने शुरुआती बयान में कहा कि दोपहर करीब 12:15 बजे मुलुंड फायर स्टेशन के पास एक घटना हुई, जहां पैरापेट सेगमेंट का एक हिस्सा ऊंचाई से गिरकर एक गुजरते हुए ऑटो रिक्शा से टकरा गया।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के मुलुंड इलाके में हुए हादसे पर दुख जताते हुए घटना की जांच के आदेश दिए हैं और मृतक के परिवार वालों को 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने और घायलों के इलाज का खर्च राज्य सरकार द्वारा उठाने की घोषणा की । मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना की है।”
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया भावुक स्मरण, बोलीं – सुषमा स्वराज का जीवन मेरे लिए मार्गदर्शक
15 Feb, 2026 08:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Delhi Chief Minister Rekha Gupta) ने कहा कि मेरे जीवन में सुषमा स्वराज का महत्वपूर्ण स्थान था (Sushma Swaraj had an important place in My Life) और हमेशा रहेगा (Will always Remain So) । पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की जयंती पर उन्होंने यह बात कही ।
शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सुषमा स्वराज हमेशा से बहुत अच्छी लीडर रही हैं, जिनकी लीडरशिप दया और प्यार से भरी थी। उनका मार्गदर्शन पार्टी वर्कर्स, स्थानीय जनता, आमजन, देश और खासकर महिलाओं के लिए सच में यादगार रहा है। आज भी हम उन्हें प्यार से याद करते हैं। ऐसी शानदार पर्सनैलिटी बहुत कम देखने के लिए मिलती है और मुझे आज भी उनकी बहुत याद आती है। मेरे जीवन में वे एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखती थीं।
डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान का जिक्र करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यह बहुत खुशी का मौका है। डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान पिछले 27-28 सालों से इस इलाके के लोगों को हेल्थकेयर दे रहा है, जिससे कई मरीज़ों को यहां इलाज मिल रहा है। संघ के 100 साल पूरे होने पर, डॉ. हेडगेवार की मूर्ति लगाना हम सभी के लिए सच में प्रेरणा देने वाला पल है। आने वाले सालों में, हम इस हॉस्पिटल को बड़ा करने और लेटेस्ट मेडिकल मशीनरी लाने का प्लान बना रहे हैं।
सीएम रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट में लिखा कि आज शाहदरा स्थित डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान के परिसर में राष्ट्र पुनरुत्थान के शिल्पी, संघ के आद्य सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। यह अवसर अत्यंत गौरवशाली है, क्योंकि संघ अपनी स्थापना का शताब्दी वर्ष मना रहा है। उन्होंने आगे लिखा कि वर्ष 1925 की विजयादशमी के पावन दिवस पर डॉ. साहब ने जिस ध्येय बीज का रोपण किया था, वह आज एक विराट वटवृक्ष बनकर मां भारती की सेवा में निरंतर समर्पित है। व्यक्ति निर्माण के माध्यम से समाज संगठन का उनका मार्ग आज भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का आधार स्तंभ बन चुका है। संघ के इस शताब्दी संकल्प के साथ हमारा ध्येय है कि भारत अपने प्राचीन गौरव को पुनः प्राप्त कर परम वैभव के शिखर पर प्रतिष्ठित हो। आरोग्य संस्थान में स्थापित यह प्रतिमा हमें सदैव सेवा ही साधना और राष्ट्र प्रथम की प्रेरणा देती रहेगी।
PM मोदी ने बताया क्यों रखा PMO का नाम ‘सेवा तीर्थ’, जानिए इसके पीछे की सोच
14 Feb, 2026 08:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने शुक्रवार को नए ऑफिस का उद्धाटन किया। इसके बाद उन्होंने संबोधन भी दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय (Prime Minister Office) का नाम सेवा तीर्थ (Seva Teerth) क्यों रखा गया। इसके साथ ही उन्होंने इसके पीछे के दर्शन और संकल्प के बारे में भी बताया। पीएम मोदी ने कहाकि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। सेवा की भावना ही भारत की आत्मा है। नाम बदलने के पीछे स्वतंत्र भारत की पहचान है। उन्होंने आगे कहाकि सेवा की भावना ही भारत की पहचान है। पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के बाद साउथ ब्लॉक, नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतों से देश के लिए अनेक निर्णय, नीतियां बनी लेकिन यह भी सच है कि ये इमारतें ब्रिटिश साम्राज्य के प्रतीक के तौर पर बनाई गई थी। इन इमारतों को बनाने का मकसद भारत को गुलामी की जंजीरों में जकड़े रखना था।
मिलेगा नया आत्मविश्वास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि आज जब भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, आज जब भारत अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की नई गाथा लिख रहा है, आज जब भारत नए-नए ट्रेड समझौते कर संभावनाओं के नए दरवाजे खुल रहे हैं। जब देश संतृप्ति के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है तो सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवनों में आप सबके काम की नई गति और आपका नया आत्मविश्वास देश के लक्ष्यों को प्राप्त करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा।
पुरानी इमारतों पर क्या बोले
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतें जहां ब्रिटिश हुकूमत की सोच को लागू करने के लिए बनी थीं। वहीं, आज मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन जैसे नए परिसर भारत की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बने हैं। यहां से जो फैसले होंगे वह किसी महाराजा की सोच को नहीं 140 करोड़ देशवासियों की सोच को आगे बढ़ाने का आधार बनेंगे। प्रधानमंत्री ने आगे कहाकि इस बदलाव के बीच निश्चित तौर पर पुराने भवन में बिताए गए वर्षों की स्मृतियां हमारे साथ रहेंगी। अलग-अलग समय पर वहां से कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए, वहां से देश को नई दिशा मिली है। वह परिसर, वह इमारत भारत के इतिहास का अमर हिस्सा है इसलिए हमने उस भवन को देश के लिए समर्पित म्यूजियम बनाने का फैसला किया है।
हमने तय किया कि…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि 2014 में देश ने तय किया कि गुलामी की मानसिकता अब और नहीं चलेगी। हमने गुलामी की इस मानसिकता को बदलने का अभियान शुरू किया, हमने वीरों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल बनाया। हमने पुलिस की वीरता को सम्मान देने के लिए पुलिस स्मारक बनाया। रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग रखा गया। यह सिर्फ नाम बदलना नहीं था, यह सत्ता के मिजाज़ को सेवा की भावना में बदलने का पवित्र प्रयास था।
चुनावी रेवड़ी या महिला सम्मान? स्टालिन ने करोड़ों महिलाओं को दिए 5000 रुपये
14 Feb, 2026 11:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चेन्नई। दक्षिण के राज्य तमिलनाडू के सीएम एम के स्टालिन ने महिलाओं के लिए बड़ी आर्थिक सहायता की घोषणा कर ‘कलाइग्नार मगलीर उरिमाई थोगई’ योजना के तहत 1.31 करोड़ महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में 5,000 रुपये जमा करवाए हैं। चेन्नई में जारी वीडियो संदेश में उन्होंने बताया कि फरवरी, मार्च और अप्रैल महीनों के लिए अग्रिम रूप से 3,000 रुपये (प्रति माह 1,000 रुपये) दिए गए हैं, जबकि 2,000 रुपये की अतिरिक्त ग्रीष्मकालीन विशेष सहायता भी प्रदान की गई है। सीएम स्टालिन ने स्पष्ट किया कि यह केवल चुनावी वादा नहीं, बल्कि महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक योगदान का सम्मान है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के ‘द्रविड़ मॉडल 2.0’ के तहत यदि उनकी पार्टी दोबारा सत्ता में आती है, तब वर्तमान 1,000 रुपये की मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर 2,000 रुपये किया जाएगा। तमिलनाडु में 234 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 10 मई 2026 को समाप्त हो रहा है और चुनाव 2026 की पहली छमाही में प्रस्तावित हैं। 2021 के चुनावों में डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 133 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी, जबकि एआईएमडीएमके को 66 सीटें मिली थीं। यह योजना सितंबर 2023 में शुरू की गई थी और शुरुआत में 1.13 करोड़ महिलाओं को इसका लाभ मिला था। बाद में इसका दायरा बढ़ाकर 1.31 करोड़ महिलाओं तक किया गया। स्टालिन सरकार का कहना है कि यह आर्थिक सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और परिवार की आय में सहयोग देने के उद्देश्य से दी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, चुनाव से पहले इतनी बड़ी राशि का वितरण विपक्ष द्वारा ‘चुनावी रेवड़ी’ कहा जा रहा है, जबकि सत्तारूढ़ दल इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रहा है। अब देखना यह होगा कि आगामी चुनावों में महिलाओं का समर्थन किस दिशा में जाता है।
किसानों से राहुल गांधी ने की मुलाकात, भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी?
14 Feb, 2026 11:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को संसद भवन परिसर में कई किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। बैठक में अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के खिलाफ संभावित राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि इस व्यापार समझौते से कृषि आयात के लिए दरवाजे खुल गए हैं और आने वाले समय में अन्य फसलें भी प्रभावित हो सकती हैं। कांग्रेस के अनुसार, किसान नेताओं ने मक्का, सोयाबीन, कपास, फल और मेवों की खेती करने वाले किसानों की आजीविका को लेकर गहरी चिंता जताई।
किन संगठनों के नेता रहे मौजूद
बैठक में अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के सुखपाल सिंह खैरा, भारतीय किसान मजदूर यूनियन (हरियाणा) के एडवोकेट अशोक बलहारा, भारतीय किसान यूनियन (क्रांतिकारी) के बलदेव एस. जीरा, आम किसान यूनियन के केदार सिरोही और किसान मजदूर मोर्चा (इंडिया) के गुरमनीत एस. मंगत समेत अन्य संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। किसान नेताओं और राहुल गांधी ने कथित रूप से इस समझौते के विरोध और किसानों व खेतिहर मजदूरों की आजीविका की रक्षा के लिए बड़े राष्ट्रीय आंदोलन की जरूरत पर विचार किया।
एक दिन पहले राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया था कि सरकार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के जरिए किसानों के हितों से समझौता कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करे या विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाए, वे किसानों की आवाज उठाते रहेंगे। राजनीतिक हलकों में इस बैठक को संभावित बड़े आंदोलन की भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अभी तक किसी औपचारिक कार्यक्रम या आंदोलन की तारीख की घोषणा नहीं की गई है।
एनसीपी विलय की चर्चाओं पर बोलीं सुप्रिया सुले- अधूरे सपने को पूरा करना हमारी जिम्मेदारी
14 Feb, 2026 10:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम रहे अजित पवार के निधन के बाद पहली बार उनकी चचेरी बहन और एनसीपी-एसपी सांसद सुप्रिया सुले ने मीडिया से बातचीत की और पार्टी के भविष्य पर अपना नजरिया साझा किया। यहां सुप्रिया सुले ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य अजित पवार के अधूरे सपने को पूरा करना है।
यहां सुप्रिया सुले ने बताया कि अगर दादा आज हमारे बीच होते, तो एनसीपी के विलय की प्रक्रिया पूरी हो जाती। उन्होंने पुरानी बातें नहीं दोहराने और व्यक्तिगत मुद्दों को मीडिया में उजागर न करने की बात भी कही। सुप्रिया सुले से सीधे सवाल किया गया कि क्या वह एनडीए में जाएंगी। इस पर उन्होंने कहा, लोकतंत्र सभी को अपनी बात कहने का हक देता है। मेरी अपनी जानकारी है। उन्होंने इस सवाल को सीधे जवाब देने से बचते हुए इसे अपने और पार्टी की रणनीति से जोड़ा।
पार्टी नेतृत्व और केंद्रीय भूमिका
चर्चा है कि इस महीने के अंत तक सुनेत्रा पवार एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकती हैं। साथ ही लंबे समय से अटकलें हैं कि सुप्रिया सुले केंद्र में मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल सकती हैं।
विमान हादसे और सवाल
सुप्रिया सुले ने पहली बार अजित पवार के विमान क्रैश मामले पर भी बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच की बात कही है और विधायक रोहित पवार की बेचैनी स्वाभाविक है। कई सवालों के जवाब अभी तक नहीं मिले हैं। रोहित पवार ने इस हादसे में साजिश की आशंका जताई और पहले प्रफुल्ल पटेल और फिर पार्टी के सलाहकार नरेश अरोड़ा को निशाने पर रखा है।
सुप्रिया सुले का बयान महाराष्ट्र में एनसीपी की भविष्य की राजनीतिक दिशा और पार्टी के विलय को लेकर अटकलों के बीच आया है। उनका फोकस फिलहाल अजित पवार के अधूरे सपने और पार्टी की एकजुटता पर केंद्रित है।
“हम जनप्रतिनिधि हैं, हमें जनता के बीच जाना......किसानों को लेकर भ्रम पैदा कर रहा विपक्ष
14 Feb, 2026 09:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में ट्रेड डील, किसानों और देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से केंद्र सरकार का पक्ष रखा। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ने कहा कि अमेरिका के साथ संभावित व्यापार समझौते को लेकर विपक्ष बेवजह भ्रम फैलने में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि कोई भी जिम्मेदार सरकार देश के सबसे बड़े और संवेदनशील वर्ग, यानी किसानों, के हितों से समझौता नहीं कर सकती। केंद्रीय मंत्री पासवान ने कहा, “हम भी जनप्रतिनिधि हैं और हमें भी जनता के बीच जाना है। किसानों के हितों की अनदेखी कर कोई भी राजनीतिक दल आगे नहीं बढ़ सकता।”
उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज कर कहा कि बीते एक दशक में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने किसानों के सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार की प्राथमिकता किसानों की आय बढ़ाना और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना रही है। उनका कहना था कि विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब देश का किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो। देश में जारी आर्थिक सुधारों का उल्लेख कर केंद्रीय मंत्री पासवान ने कहा कि जनधन योजना, यूपीआई और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी पहलों ने देश की आर्थिक संरचना को नई मजबूती दी है। इन योजनाओं के माध्यम से सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंची है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी और बिचौलियों की भूमिका घटी। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ा गया, जो लंबे समय तक हाशिए पर थे, परिणामस्वरूप टैक्सदाताओं की संख्या में भी वृद्धि हुई है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर बताकर मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाओं की कमी के कारण किसानों को अक्सर अपनी उपज कम दामों पर बेचनी पड़ती है। यदि वैल्यू एडिशन और आधुनिक प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जाए, तब फसलों की शेल्फ लाइफ बढ़ेगी, बेहतर कीमत मिलेगी और खाद्य अपव्यय में कमी आएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सकते है।
केंद्रीय मंत्री पासवान ने कहा कि भारत के पास वैश्विक खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता है और देश “ग्लोबल फूड बास्केट” बन सकता है। सरकार निवेश, बुनियादी ढांचे और नीतिगत सुधारों के माध्यम से कृषि और फूड प्रोसेसिंग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यापार समझौतों और निवेश को बढ़ावा देते समय किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की जाएगी।
तेलंगाना निकाय चुनाव में कांग्रेस को भारी बढ़त, दूसरे स्थान पर बीआरएस.....बीजेपी को झटका
14 Feb, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद । तेलंगाना में 116 नगर पालिकाओं और सात नगर निगमों के चुनावों के नतीजे सामने आ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ताजा रुझानों में भारतीय जनता पार्टी को झटका लगा है। यहां सत्ताधारी कांग्रेस 900 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रही है। वहीं विपक्षी बीआरएस 534 और बीजेपी 162 सीट पर आगे हैं। शुरुआती रुझानों के मुताबिक, सुबह 10 बजकर 45 मिनट तक कांग्रेस ने 300 वार्ड, बीआरएस ने 170 और बीजेपी ने 48 वार्ड में बढ़त बनाई हुई थी। तेलंगाना निकाय चुनाव के लिए बुधवार को हुई वोटिंग के बाद 116 नगर पालिकाओं और सात कॉर्पोरेशन में काउंटिंग चल रही है।
असम में ‘मिया’ मुसलमानों को लेकर क्यों तेज हुई सियासी मुहिम? विवादित वीडियो से बढ़ा राजनीतिक टकराव
13 Feb, 2026 07:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुवाहाटी। असम (Assam) में तथाकथित “मिया” मुसलमानों को लेकर राजनीतिक विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। हाल ही में एक एआई-निर्मित वीडियो सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया, जिसमें मुख्यमंत्री (Himanta Biswa Sarma) को कथित तौर पर मुस्लिम पहचान वाले लोगों पर निशाना साधते हुए दिखाया गया था। यह वीडियो राज्य इकाई Bharatiya Janata Party के सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया गया था, जिसके बाद विपक्ष ने इसे “भड़काऊ” बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। विवाद बढ़ने पर वीडियो हटा लिया गया और पार्टी ने कहा कि इसे बिना उचित अनुमति के पोस्ट किया गया था।
क्या है पूरा विवाद
सोशल मीडिया पर जारी इस वीडियो में “विदेशी-मुक्त असम” और “बांग्लादेशियों को कोई माफी नहीं” जैसे संदेश दिखाई दिए। विपक्षी दलों का आरोप है कि यह सामग्री सांप्रदायिक तनाव भड़काने वाली है। मुख्य विपक्षी दल Indian National Congress ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जबकि वाम दलों—Communist Party of India (Marxist) और Communist Party of India—ने मामले को लेकर अदालत का रुख किया। बताया गया कि वीडियो में दिखाया गया एक चेहरा कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi से मिलता-जुलता था, जो राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री Tarun Gogoi के पुत्र हैं।
मुख्यमंत्री और बीजेपी की सफाई
विवाद बढ़ने पर मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि उनका विरोध “असमिया मुसलमानों” से नहीं, बल्कि कथित तौर पर Bangladesh से अवैध रूप से आने वाले लोगों से है। पार्टी की ओर से भी बयान जारी कर कहा गया कि वीडियो “अपरिपक्व तरीके” से साझा हुआ और जिम्मेदार पदाधिकारी को हटा दिया गया है।
‘मिया’ शब्द क्यों बना राजनीतिक मुद्दा
असम में “मिया” शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर बंगाली-भाषी मुसलमानों के लिए किया जाता है। आलोचकों का कहना है कि इसे कई लोग अपमानजनक मानते हैं। इस समुदाय पर लंबे समय से अवैध प्रवास के आरोप लगाए जाते रहे हैं। नागरिकता, मतदाता सूची और भूमि अतिक्रमण जैसे मुद्दों के साथ यह बहस जुड़ती रही है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे विवाद
यह पहली बार नहीं है जब राज्य की राजनीति में इस तरह की सामग्री को लेकर विवाद हुआ हो।
पिछले वर्ष भी एआई से तैयार एक वीडियो पोस्ट किया गया था, जिसमें कथित तौर पर “घुसपैठ” का दृश्य दिखाया गया था। उस मामले में भी अदालत के हस्तक्षेप के बाद सामग्री हटानी पड़ी थी। इससे जुड़े मामलों पर Supreme Court of India तक याचिकाएं पहुंच चुकी हैं।
जनसंख्या और राजनीतिक समीकरण
2011 की जनगणना के अनुसार असम में मुसलमानों की आबादी लगभग 34% थी, जो अब विभिन्न अनुमानों में अधिक बताई जाती है।राज्य के कई सीमावर्ती जिले मुस्लिम-बहुल हैं, और इन्हीं इलाकों में अतिक्रमण विरोधी अभियान तथा नागरिकता से जुड़े मुद्दे सबसे अधिक राजनीतिक बहस का कारण बने हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों की क्या राय
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा सिर्फ असम की आंतरिक राजनीति तक सीमित नहीं है। इसका प्रभाव पड़ोसी राज्य West Bengal की राजनीति तक जोड़कर देखा जा रहा है। पहचान, प्रवास और मतदाता आधार से जुड़े सवालों को चुनावी रणनीति का हिस्सा बनाया जा रहा है।
आगे क्या?
विवादित वीडियो को हटाया जा चुका है और पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद मामले की जांच जारी है।
हालांकि, “मिया” पहचान, अवैध प्रवास और नागरिकता जैसे मुद्दे असम की राजनीति में आने वाले समय में भी प्रमुख बने रहने के संकेत दे रहे हैं।
राज्यसभा में कांग्रेस के भीतर तकरार, खरगे और जयराम रमेश के बीच तीखी बहस
13 Feb, 2026 06:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संसद (Parliament) के बजट सत्र के दौरान राज्यसभा (Rajya Sabha) में कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) और वरिष्ठ सांसद जयराम रमेश (Jairam Ramesh) आपस में भिड़ गए। यह झगड़ा औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान सामने आया, जब दोनों ने सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे की बातों पर असहमति जताई।
विधेयक पर बहस
जयराम रमेश ने कहा कि बिल मजदूर विरोधी है, लेकिन विपक्ष को इसे समर्थन देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसके तुरंत बाद खरगे ने उनके बयान का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि विपक्ष इस बिल का समर्थन कभी नहीं कर सकता। खरगे के रुख के बाद विपक्षी सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए।
श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि संशोधन विधेयक केवल तीन पुराने कानूनों को संहिता में वापस शामिल करने का प्रावधान है। नए श्रम कानूनों में सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम न करने का प्रावधान है, न्यूनतम मजदूरी अनिवार्य है और विश्व श्रम संगठन के मानकों के अनुरूप नियम हैं।
सोनिया गांधी ने दिया वाम का साथ
गुरुवार को संसद में कांग्रेस और वामपंथी दलों ने श्रम कानूनों के खिलाफ एकजुटता दिखाई। CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने ‘जीरो ऑवर’ में देशव्यापी आम हड़ताल का मुद्दा उठाया, और कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी ने उनके समर्थन में फॉर्म पर हस्ताक्षर किए। यह कदम आम तौर पर शून्यकाल में हस्ताक्षर न करने वाली सोनिया गांधी के लिए आश्चर्यजनक रहा और कांग्रेस तथा वामपंथी सदस्यों दोनों को चौंकाया।
मनसे नेता देशपांडे ने उद्धव गुट के पार्षदों पर लगाए गंभीर आरोप… बोले- एक-एक करोड़ में बिके
13 Feb, 2026 05:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुम्बई। महाराष्ट्र (Maharashtra) में पंचायत और नगर निकाय चुनाव (Panchayat and Municipal Elections) अब खत्म हो चुके हैं। चुनावों के खत्म होने के बाद ठाकरे बंधुओं की पार्टियों के बीच में एक बार फिर से तनाव देखने को मिल रहा है। राज ठाकरे (Raj Thackeray) की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता संदीप देशपांडे ने गुरुवार को आरोप लगाया कि चंद्रपुर में शिवसेना (उबाठा) के पार्षदों ने महापौर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का समर्थन करने के लिए एक-एक करोड़ रुपये प्राप्त किए। हालांकि, उद्धव गुट (Uddhav Group) और भाजपा की तरफ से इन आरोपों को खारिज कर दिया गया है।
महाविकास आघाडी (एमवीए) गठबंधन में शामिल कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) के बीच उस समय से तनातनी चल रही है जब कांग्रेस के सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने के बावजूद, शिवसेना (उबाठा) पार्षदों के समर्थन से चंद्रपुर नगर निगम में भाजपा प्रत्याशी महापौर चुन लिया गया।
राज ठाकरे के नेतृत्व वाली मनसे की मुंबई इकाई के अध्यक्ष देशपांडे ने उद्धव गुट को आड़े हाथों लिया। कल्याण डोंबिवली स्थानीय निकाय में मनसे नेताओं द्वारा शिवसेना शिंदे गुट का समर्थन करने पर संजय राउत द्वारा की गई आलोचना का जिक्र कते हुए उन्होंने कहा कि जब शिवसेना (उबाठा) भाजपा का समर्थन करती है तो उसे सही आचरण माना जाता है लेकिन जब मनसे ऐसा करती है तो उसे गलत ठहराया जाता है। देशपांडे ने दावा किया, “चंद्रपुर में शिवसेना (उबाठा) के प्रत्येक पार्षद को एक करोड़ रुपये मिले, इसके अलावा अन्य प्रस्ताव भी दिए गए। एक निर्दलीय पार्षद को 50 लाख रुपये दिए गए।”
मुंबई में हुए निकाय चुनाव में शिवसेना (उबाठा) और मनसे ने गठबंधन करके चुनाव लड़ा था लेकिन वे भाजपा-शिवसेना गठजोड़ को बृहन्मुंबई महानगरपालिका पर नियंत्रण हासिल करने से नहीं रोक सके। शिवसेना (उबाठा) के चंद्रपुर जिला अध्यक्ष संदीप गिरहे ने कहा कि यदि देशपांडे पार्षदों को धन मिलने के आरोप का प्रमाण पेश कर दें तो वह इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने स्थानीय कांग्रेस नेताओं पर शिवसेना (उबाठा) नेतृत्व का अपमान करने का भी आरोप लगाया।
देशपांडे ने संजय राउत पर भी निशाना साधते हुए पूछा कि चंद्रपुर में हुए घटनाक्रम के दौरान क्या उन्हें अंधेरे में रखा गया था या उन्होंने आंखों पर पट्टी बांध रखी थी। वरिष्ठ भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि देशपांडे के आरोपों को कोई गंभीरता से नहीं ले रहा और यह शिवसेना (उबाठा) और मनसे के बीच बढ़ती दूरी को दर्शाता है। इसी बीच, संजय राउत ने बृहस्पतिवार को मुंबई में मनसे प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात की। राउत ने संवाददाताओं से कहा कि चंद्रपुर में हुए घटनाक्रम के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है और उसे स्थानीय शिवसेना (उबाठा) पार्षदों के साथ अधिक गंभीरता से चर्चा करनी चाहिए थी।
हथियार लहराते नजर आए विधायक, ‘धुरंधर’ पर बनी रील से बढ़ा राजनीतिक तापमान
13 Feb, 2026 04:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कर्नाटक(Karnataka) के कलबुर्गी जिले(Kalaburagi district) में एक पारिवारिक समारोह(family function) के दौरान कांग्रेस विधायक मतीन पटेल (Congress MLA Matin Patel )का कथित तौर पर हथियार लेकर डांस करने का वीडियो सामने आने के बाद सियासी और सामाजिक हलकों में हंगामा मच गया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही इस रील ने न सिर्फ विधायक की कार्यशैली(MLA’s style of functioning) पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि सार्वजनिक आयोजनों (public events)में बढ़ती गन कल्चर को लेकर भी बहस छेड़ दी है।
वायरल वीडियो क्लिप में मतीन पटेल एक काली एसयूवी से उतरते दिखाई देते हैं। इसके बाद वह फिल्म धुरंधर के एक गाने पर पिस्टल जैसी दिखने वाली वस्तु हाथ में लेकर डांस करते नजर आते हैं। वीडियो में उनके कुछ समर्थक भी बंदूक जैसी वस्तुएं थामे दिख रहे हैं। जैसे ही यह क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैली लोगों ने इसे गैर जिम्मेदाराना करार देते हुए कड़ी आलोचना शुरू कर दी। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि जनप्रतिनिधियों को इस तरह का प्रदर्शन शोभा नहीं देता और इससे समाज में गलत संदेश जाता है।
मामले के तूल पकड़ने पर विधायक मतीन पटेल ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वीडियो में दिखाई दे रही वस्तु असली हथियार नहीं बल्कि खिलौना बंदूक थी। उनके अनुसार यह एक निजी पारिवारिक कार्यक्रम था और उन्होंने बच्चों के आग्रह पर फिल्म के एक किरदार की तरह कपड़े पहनकर यह प्रस्तुति दी थी। पटेल का कहना है कि वीडियो को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है और पुलिस इस संबंध में उनसे पहले ही पूछताछ कर चुकी है।
हालांकि विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है। कलबुर्गी शहर के पुलिस आयुक्त शरणप्पा एस डी ने बताया कि अधिकारियों को यह सत्यापित करने के निर्देश दिए गए हैं कि वीडियो में दिखाए गए हथियार असली थे या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वीडियो किस स्थान पर शूट किया गया और वह क्षेत्र किस पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है।
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में हथियार असली पाए जाते हैं तो यह देखा जाएगा कि उनके पास वैध लाइसेंस था या नहीं और क्या किसी नियम या शर्त का उल्लंघन हुआ है। अगर अवैध हथियार या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों का प्रदर्शन करना कानूनन अपराध है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विस्तृत जांच की जाएगी।
केंद्र और सीएम के बीच मतभेद? विपक्ष ने साधा निशाना
13 Feb, 2026 02:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर दावा किया कि दिल्ली-लखनऊ की लड़ाई कुछ ज्यादा ही आगे बढ़ गई है. अखिलेश यादव ने इस दौरान सीएम योगी पर तीखा हमला बोलते हुए कटाक्ष किया. अखिलेश ने यह दावा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किया है. उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है. ऐसे में अखिलेश यादव विपक्ष की भूमिका में हैं. अखिलेश यादव विपक्ष में होने के नाते सीएम योगी पर हमेशा बयानबाजी करते रहते हैं. अब उन्होंने केंद्र सरकार और सीएम योगी के बीच खटपट को लेकर बड़ा दावा किया है. सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा, “अब क्या बुलडोजर की जगह ब्रह्मोस भेजेंगे. दिल्ली-लखनऊ की लड़ाई कुछ ज्यादा ही आगे बढ़ गयी है क्या?”
केंद्र और योगी सरकार के बीच टकराव का दावा
दरअसल, सीएम योगी के बुलडोजर एक्शन को लेकर पूरे देश में चर्चा रहती है. इसलिए अखिलेश यादव ने बुलडोजर का नाम लेते हुए कटाक्ष किए होंगे. हालांकि यह पहली बार नहीं है, जब अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और सीएम योगी के बीच खटपट का दावा किया है. इससे पहले भी वो कई बार सीएम योगी को आड़े हाथों ले चुके हैं. कुछ दिनों पहले ही अखिलेश ने सीएम योगी पर तंज कसते हुए बिना नाम लिए दावा किया कि पीएम मोदी अपने संसदीय क्षेत्र में मेट्रो रेल शुरू नहीं करवा पा रहे हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, पीएम के क्षेत्र में मेट्रो नहीं बनने दी. दोनों के बीच बहुत बड़ी खाई है।
सीएम योगी पर कसा तंज
इसके अलावा उन्होंने दावा किया था कि उत्तर प्रदेश के नेता दिल्ली वालों को सलाम तक नहीं ठोकते हैं और न ही नमस्ते करते हैं. अमेरिकी डील पर भी उन्होंने सीएम योगी को घेरते हुए कहा कि उनके ऊपर जो संकट आने वाला है उसे लेकर कोई तैयारी नहीं की है. बजट को लेकर भी सीएम योगी को घेरने का प्रयास किया. उन्होंने इस बजट को विदाई वाला बजट बताया।
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