राजनीति
दिल्ली विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद बिहार में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ी
7 Feb, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना । दिल्ली विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद बिहार में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ी है। होली से पहले चुनाव आयोग की टीम बिहार का दौरा करेगी। सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग की टीम बिहार में दो दिनों तक रहेगी। टीम पहले डीएम के साथ पहली समीक्षा बैठक करेगी। इसके बाद मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ बैठक होगी है। इसमें इनकम टैक्स, उत्पाद विभाग सहित अन्य एजेंसियों के अधिकारी शामिल होने वाले है। सूत्रों के मुताबिक, इस बार मतदान नवंबर में हो सकता है, क्योंकि दिवाली और छठ पर्व अक्टूबर में है। आयोग पर्व के बाद ही वोटिंग करा सकता है। चुनाव की तारीखों का ऐलान सितंबर के अंतिम सप्ताह में में हो सकता है।
बिहार दौरे पर चुनाव आयोग की टीम 3 काम करेगी…
टीम ईवीएम की एफएलसी यानी फर्स्ट लेवल चेकिंग की जांच करेगी। ईवीएम की भी चेकिंग करेंगी। यह सब मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की मौजूदगी में होगा। मतदान की प्रक्रिया में प्रयोग होने वाला ईवीएम और वीवीपेट की रैंडमली जांच होगी। पटना में टीम अधिकारियों के साथ बैठक के अलावा फील्ड का भी जायजा लेगी। भागलपुर, मुजफ्फरपुर जैसे जिले का दौरा कर वहां समीक्षा करेगी।
आज जनता ने राहुल, अखिलेश और केजरीवाल को नकार दिया
7 Feb, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को पीएम मोदी को व्यापक विचार रखने वाला बताया। उन्होंने कहा कि देश का मान बढ़ाने के साथ पीएम मोदी आगे बढ़ रहे हैं। गिरिराज ने कहा कि पीएम मोदी भारत को सर्वश्रेष्ठ बनाने की दिशा में तत्पर हैं। उनके पास राष्ट्र को सर्वश्रेष्ठ बनाने का विचार है, जिसे वे जमीन पर उतारने का काम कर रहे हैं।।
इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री गिरिराज ने सांसद राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश हो या राहुल या फिर केजरीवाल इन लोगों को जनता ने नकार दिया है। इन लोगों को देश की जनता अब पसंद नहीं करती है।
वहीं, मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में धांधली के आरोप पर उन्होंने कहा कि जनता अखिलेश यादव को नकार चुकी है, इसलिए उनके मन में खीज है। अखिलेश को जनता ने पहले भी नकारा और अब भी नकारा है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर भी निशाने साधते हुए कहा कि उन्हें इस चुनाव में 16 सीटें भी नहीं मिल रही हैं। दरअसल, अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने हमारे 16 उम्मीदवारों को फोन किया है। हमारे विधायकों से कहा गया है कि आप हमारे साथ आ जाएं, हम आपको मंत्री बना देंगे।
केजरीवाल ने कहा-एग्जिट पोल के सर्वे फर्जी उनके सहारे माहौल बनाकर उम्मीदवारों को तोड़ा जा रहा
7 Feb, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव की काउंटिंग से पहले आम आदमी पार्टी (आप) ने अपने सभी 70 उम्मीदवारों को लेकर अहम बैठक बुलाई है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बताया जा रहा है कि यह बैठक शुक्रवार होगी। बैठक ऑपरेशन लोटस के आरोपों के बीच बुलाई गई है। बता दें कि शनिवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे।
आप के सांसद संजय सिंह ने वोटों की गिनती से पहले बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में नतीजों से पहले ऑपरेशन लोटस शुरू हो गया है। आप के सात विधायकों को 15-15 करोड़ की पेशकश की जा रही है। इसके लिए फोन आने लगे हैं। वहीं केजरीवाल ने एग्जिट पोल पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ एजेंसी दिखा रही हैं कि गाली-गलौज पार्टी की 55 से ज्यादा सीट आ रही हैं। केजरीवाल ने दावा किया कि दो घंटे में उनके 16 उम्मीदवारों के पास फोन आ चुके हैं और पार्टी छोड़कर आने पर मंत्री बनाने के साथ 15-15 करोड़ रुपए के ऑफर दिए जा रहे हैं। केजरीवाल ने एक्स पर लिखा कि अगर इनकी पार्टी की 55 से ज्यादा सीटें आ रहीं हैं, तो हमारे उम्मीदवारों को फोन करने की क्या जरूरत है? केजरीवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि एग्जिट पोल के सर्वे फर्जी हैं और उनके सहारे माहौल बनाकर उम्मीदवारों को तोड़ा जा रहा है।
बता दें कि दिल्ली चुनाव की शनिवार को मतगणना को लेकर चुनाव आयोग और प्रशासन सुरक्षा को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है। ईवीएम को स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया है। राजधानी की 19 जगहों पर हर एक विधानसभा क्षेत्र के लिए कुल 70 स्ट्रांग रूम बनाए गए हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक ईवीएम और वीवीपैट की सुरक्षा के लिए प्रोटोकॉल के मुताबिक सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। इनमें 24 घंटे तीन स्तरीय सुरक्षा की जा रही है।
सेल्वन का दावा, कहा-पूर्ण बहुमत से बनाएगी दिल्ली में बीजेपी सरकार
7 Feb, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। दिल्ली विधानसभा मतदान संपन्न होने के बाद आए एग्जिट पोल के रुझानों के बाद महाराष्ट्र के बीजेपी नेता आर तमिल सेल्वन ने अरविंद केजरीवाल को लेकर बड़ा दावा किया है उन्होंने कहा कि केजरीवाल चुनाव नहीं जीतेंगे और वह दोबारा जेल जाएंगे। सेल्वन ने कहा कि सभी एग्जिट पोल बता रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल चुनाव हार रहे हैं, क्योंकि उन्होंने झूठे वादे कर दो बार तो चुनाव जीता, लेकिन इस बार उन्हें हार का सामना करना पड़ेगा और वह फिर से जेल जाएंगे। बीजेपी दिल्ली में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी। एग्जिट पोल में कांग्रेस के कमजोर नजर आने पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, पूरे देश से खत्म हो रही है। हरियाणा के विधानसभा चुनाव में हार मिली। महाराष्ट्र में बीजेपी ने 132 सीटों पर जीत हासिल की। यहां कांग्रेस को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा। धीरे-धीरे हर राज्य कांग्रेस मुक्त हो रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस एक-दो प्रदेशों में ही रह जाएगी। फिर सोनिया गांधी वापस इटली जाएंगी। राहुल गांधी किधर जाएंगे पता नहीं। उन्होंने कहा कि एक कारण यह भी है कि 2014 में पीएम मोदी के आने के बाद लोगों के विकास के लिए योजनाएं लाई गईं जिसमें आयुष्मान योजना, आवास योजना। बीजेपी ने 10 साल में वह कार्य किए हैं, जो कांग्रेस 60 साल में भी नहीं कर पाई। इसलिए बीजेपी पर जनता का विश्वास बढ़ा है।
तिरुपति बालाजी मंदिर में गैर-हिंदुओं की सेवा समाप्त करने पर सेल्वन ने कहा कि तिरुपति देवस्थानम बोर्ड का कहना है कि किसी भी धर्म का कोई भी व्यक्ति बालाजी मंदिर में दर्शन के लिए आ सकता है। हालांकि उन्हें देवस्थानम के नियम और कानून के बारे में पूछना चाहिए कि क्या गैर-हिंदू उनकी समिति में हो सकते हैं। हिन्दुओं की एकजुटता पर आरएसएस प्रमुख के बयान पर सेल्वन ने कहा कि मोहन भागवत ने सही कहा है और इस मामले में पीएम मोदी ने भी एक हैं तो सुरक्षित हैं का उल्लेख किया है।
आप और बीजेपी के अपने जीत के दावे लेकिन दिल्ली में वोटिंग के बाद भी कॉन्फिडेंट क्यों नहीं कांग्रेस
7 Feb, 2025 12:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । दिल्ली विधानसभा चुनाव की वोटिंग के बाद अब इंतजार तो सिर्फ रिजल्ट का है। उससे तीन दिन पहले शाम को वोटिंग के बाद आए एग्जिट पोल के नतीजे भाजपा के पक्ष में जाते दिख रहे हैं। लगभग हर एग्जिट पोल के नतीजे यह बता रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी का दिल्ली में 27 साल का सूखा खत्म होने वाला है और वहां कमल खिलना तय है। आम आदमी पार्टी ने एग्जिट पोल को सिरे से खारिज करते हुए फिर से सरकार बनाने का दावा किया है जिसके मुखिया अरविंद केजरीवाल होंगे। अब यह तो 8 फरवरी को ही पता चलेगा,लेकिन रेस में तीसरी पार्टी कांग्रेस एग्जिट पोल के बाद भी पूरी तरह से कॉन्फिडेंट नहीं दिख रही है। एग्जिट पोल के नतीजे हालांकि कांग्रेस के लिए कुछ खास भी लेकर नहीं आए हैं और अमूमन हर पोल उसे ज्यादा से ज्यादा 2 या 0-1 सीटें देते दिख रहे हैं। आप और बीजेपी के उलट कांग्रेस ने हालांकि एग्जिट पोल को पूरी तरह से नहीं नकारा है। सवाल यह भी है कि आप और बीजेपी जहां एक ओर अपनी-अपनी जीत के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओरस कांग्रेस काफी सतर्कता से जवाब दे रही है। उसका कहना है कि हमें 8 फरवरी का इंतजार करना होगा। आइए कांग्रेस के इस रुख के पीछे की वजह क्या है? कांग्रेस के शीर्ष नेताओं जिनमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे शामिल हैं, ने किसी भी रैली में ऐसा विश्वास नहीं जताया या जनता के सामने विकल्प नहीं रखा जिससे लगे कि दिल्लीवालों को अब इन्हें वोट करना चाहिए। कांग्रेस के दिल्ली के नेताओं जैसे देवेंद्र यादव, नई दिल्ली से उम्मीदवार संदीप दीक्षित को भी यह अंदरखाने पता चल गया है कि यह लड़ाई उतनी आसान रही नहीं। राहुल और प्रियंका की रैलियों को ही ले लीजिए। राहुल गांधी ने सीलमपुर से दिल्ली के चुनावी रण का आगाज तो किया, पर उसके बाद जोश धीमा हो गया। दो बार तो तबीयत का बहाना बताकर रैलियां रद्द करनी पड़ीं। पहली रैली में केजरीवाल पर उतने हमलावर नहीं हुए, बाद में आप संयोजक के एक्स पोस्ट के बाद थोड़ी कहानी बदली। प्रियंका गांधी ने भी दिल्ली में अपने आपको काफी देर बाद उतारा, आम आदमी पार्टी और भाजपा पर हमलावर रहीं पर शायद थोड़ी कमी दिखी। कहते हैं न कि आपके पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश आपके शीर्ष नेता या हाईकमान ही भरता है, पर ऐसा लगा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने उस तरह से लड़ाई नहीं लड़ी। एग्जियट पोल से पहले भी कई राजनीतिक पंडितों ने हर मंच से आप और बीजेपी को ही रेस में आगे बताया था,जिसमें कई ने तो नेक टू नेक के अलावा बीजेपी या आप की सरकार बनवा रहे थे। कांग्रेस को तीसरे पर ही रखा था। कांग्रेस अपनी प्यारी दीदी योजना,महंगाई मुक्ति योजना, युवाओं के लिए 8500 रुपये और वृद्धजनों के लिए 5000 रुपये महीने जैसी कई स्कीम लेकर आई थी पर इन योजनाओं से वह लोगों के मन में उस तरह से जगह नहीं बना पाई जैसा आप और भाजपा करते आ रहे थे। 12 साल बाद भी कांग्रेस के नेताओं ने बार-बार शीला दीक्षित वाली दिल्ली की याद दिलाई। 12 साल बाद काफी कुछ बदला है। मतदाता के सामने आप अपने विजन को कम और 12 साल पहले की सरकार की याद दिलाएंगे तो शायद ही कोई जल्दी उसे याद करे। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस क्या एग्जिट पोल्स को गलत साबित कर कुछ करिश्मा कर पाएगी या फिर हाथ खाली रहेगा।
दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे 8 फरवरी को आएंगे
7 Feb, 2025 11:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे 8 फरवरी को आएंगे। ऐसे में चुनावी नतीजों के पहले तमाम एग्जिट पोल में बीजेपी को बहुमत मिलता दिखाई दे रहा है। ऐसे में अगर आम आदमी पार्टी चुनाव जीतती है तो ये उसकी लगातार चौथी बार जीत होगी, वहीं अगर बीजेपी जीतती है तो उसका दिल्ली में सालों का वनवास खत्म हो जाएगा। दिल्ली विधानसभा चुनाव के फाइनल नतीजे आठ फरवरी को आएंगे। सूबे की 70 सीट पर बुधवार को 60.44 फीसदी वोटिंग हुई है और 699 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम मशीन में कैद हो चुकी है। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर आए ज्यादतर एग्जिट पोल में बीजेपी को बहुमत को बहुमत मिलता दिखाया गया है तो कुछ सर्वे आम आदमी पार्टी सरकार बनाती दिख रहे हैं। ऐसे में दिल्ली के सत्ता की असल तस्वीर शनिवार को नतीजे से साफ होगी। दिल्ली में वोटिंग खत्म होने के बाद से अब सभी की निगाहें इस बात पर लगी हैं कि दिल्ली में अबकि बार किसकी सरकार बनेगी। क्या दिल्ली की सत्ता में आम आदमी पार्टी का वर्चस्व बरकार रहेगा या फिर बीजेपी 27 साल के बाद सत्ता में वापसी करेगी। दिल्ली का चुनाव सिर्फ प्रदेश की सत्ता को नहीं तय करेगा बल्कि उसके सियासी इम्पैक्ट भी पढ़ेगा। बीजेपी और आम आदमी पार्टी के जीत और हार के अपने-अपने सियासी मायने हैं। दिल्ली में आम आदमी पार्टी इस बार भी विधानसभा चुनाव जीतने में कामयाब रहती है तो दिल्ली में लगातार चौथी बार सरकार बनाने का इतिहास रच देगी। इस जीत का असर दिल्ली की सियासत पर ही नहीं बल्कि देश की राजनीति पर भी पड़ेगा। अरविंद केजरीवाल के सियासी कद में जबरदस्त इजाफा होगा और विपक्ष के सबसे बड़े नेता के तौर पर बन जाएगा, जो लगातार तीसरी बार विधानसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के चेहरे पर दिल्ली में बीजेपी को हराने वाले नेता की। इस बात का प्रचार अरविंद केजरीवाल देशभर में करेंगे। दिल्ली में आम आदमी पार्टी जीत का चौका लगाते ही अरविंद केजरीवाल को अपनी पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने के मकसद को मजबूती मिलेगी। गुजरात, पंजाब, दिल्ली के बाद केजरीवाल दूसरे राज्यों में अपने सियासी पैर पसारते नजर आ रहे हैं। इंडिया ब्लॉक के भीतर गैर कांग्रेसी दल फिर केजरीवाल के पक्ष में और मजबूती से जुड़ेंगे, जिसके चलते कांग्रेस के लिए अपनी सियासी जमीन बचाए रखना और भी मुश्किल हो जाएगा। दिल्ली में अगर आम आदमी पार्टी चुनाव जीतने में सफल नहीं रहती तो सिर्फ सत्ता ही बेदखल नहीं होगी बल्कि, केजरीवाल के लिए अपनी सियासत को बचाए रखना मुश्किल हो जाएगा। इसका असर यह है कि दिल्ली के विकास म़ॉडल को पूरे देश में केजरीवाल सर्वश्रेष्ठ बताते रहे हैं, उसी दिल्ली में अगर आम आदमी पार्टी की हार जाती है तो उनके विकास मॉडल पर भी सवाल खड़े होने लगेंगे। इस तरह केजरीवाल की राजनीति जिस विकास मॉडल पर खड़ी हुई है, वो विपक्ष के सवालिया निशाने पर आ जाएगी। दिल्ली की हार मिलती है तो केजरीवाल के लिए एक बड़ा व्यक्तिगत झटका होगा, जिससे राजनीति में उनके भविष्य को लेकर सवाल उठ सकते हैं। दिल्ली का असर पंजाब की सियासत पर भी पड़ेगा। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के विस्तार को लेकर अरविंद केजरीवाल की योजना को झटका लगेगा। इंडिया गठबंधन के जो दल कांग्रेस के बजाय आम आदमी पार्टी के साथ खड़े थे, वो फिर से दूरी बनाते नजर आएंगे।
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोरदार जवाब दिया
7 Feb, 2025 10:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । राज्यसभा में गुरुवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोरदार जवाब दिया। इस मौके पर पीएम मोदी ने हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट का जिक्र किया। पीएम मोदी ने राज्यसभा को संबोधित कर कहा कि यह बजट हमारे समाज के गरीब लोगों के हित में है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि हमने अपने देश की सीमाओं पर बसे गांवों के प्रति अपना नजरिया बदला। पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष के बजट में हमारी सरकार ने समाज के कई छोटे-छोटे क्षेत्रों को छुआ है, जैसे चमड़ा और फुटवियर कारोबार इसमें शामिल है। इससे हमारे समाज के गरीब लोगों को लाभ होगा। उदाहरण के लिए, खिलौना उद्योग में ज्यादातर गरीबों को रोजगार मिलता है। इससे बहुत बड़ा बदलाव आया है। पहले हम खिलौने आयात करते थे, लेकिन आज हम तीन गुना खिलौने निर्यात करने की स्थिति में हैं।
उन्होंने कहा कि देश भर में कई क्षेत्रों में पहले बहुत ज्यादा विकास नहीं हुआ था। दशकों तक हमारी सीमाओं पर बसे गांवों की अनदेखी हुई। हमारी सरकार ने उनके प्रति अपना नजरिया बदला। पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने उन्हें पहले गांव के रूप में पहचाना और उनके विकास पर विशेष ध्यान दिया। हमारे पिछले कार्यकाल के दौरान कैबिनेट मंत्रियों को इन गांवों में भेजा गया और वे वहां कई दिनों तक रुकें और उनकी समस्याओं को समझें और उनका समाधान किया।
यूसीसी का जिक्र कर पीएम मोदी ने कहा कि हम अपने संविधान निर्माताओं से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ रहे हैं। जो लोग समान नागरिक संहिता पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें समझना चाहिए कि हम सिर्फ अपने संविधान निर्माताओं के बताए रास्ते पर चल रहे हैं। कांग्रेस ने हमारे संविधान के काम और भावनाओं को नष्ट किया है।
इस मौके पर लता मंगेशकर, बलराज साहनी को याद कर पीएम मोदी ने कहा कि साहनी जैसे प्रसिद्ध अभिनेता और कवियों को सिर्फ इसलिए जेल में डाल दिया गया क्योंकि उन्होंने कांग्रेस सरकारों का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि लता के भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने वीर सावरकर पर एक कविता लिखी थी और उस कविता को आकाशवाणी पर गाना चाहते थे। उन्हें आकाशवाणी से आजीवन प्रतिबंधित किया गया। जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री थे और मुंबई में मजदूरों की एक हड़ताल हुई थी। उसमें मशहूर गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी ने एक गीत गाया था। इस पर नेहरू जी ने सुल्तानपुरी को जेल में ठूंस दिया था।
उन्होंने कहा कि देश ने इमरजेंसी का भी दौर देखा है। अभिनेता देवानंद से आग्रह किया गया कि वे इमरजेंसी का समर्थन करें, लेकिन उन्होंने साफ-साफ इंकार कर दिया। इसलिए दूरदर्शन पर देवानंद की सभी फिल्मों को प्रतिबंधित किया गया। ये संविधान की बातें करने वाले लोगों ने सालों से उस संविधान को अपनी जेब में रखा है। किशोर कुमार ने कांग्रेस के लिए गाना गाने से मना किया, इस एक गुनाह के लिए आकाशवाणी पर उनके गानों को बैन किया गया। आपातकाल में जॉर्ज फर्नांडीस सहित देश के महानुभावों को हथकड़ियां पहनाई गई थी, जंजीरें पहनाई गई थीं। देश के गणमान्य लोगों को जंजीरों से बांधा गया था। उनके मुंह से संविधान शब्द शोभा नहीं देता है। शाही परिवार के अहंकार के लिए देश को जेलखाना बना दिया गया। जिसने निकलने के लिए बहुत लंबा संघर्ष चला।
कांग्रेस रंग बदलने में माहिर
7 Feb, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा, राष्ट्रपति ने विस्तार से चर्चा की है, देश को आगे की दिशा भी दिखाई है। राष्ट्रपति जी का अभिभाषण प्रेरक भी था, प्रभावी भी था और हम सबके लिए भविष्य के काम पर मार्गदर्शक भी था। इसे जिसने जैसा समझा, वैसे समझाया। उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विकास पर यहां बहुत कुछ कहा गया। इसमें कठिनाई क्या है। ये तो हम सबका दायित्व है। जहां तक कांग्रेस का सवाल है, उनसे इसके लिए कोई अपेक्षा करना बहुत बड़ी गलती हो जाएगी। ये उनकी सोच, समझ के बाहर है और रोडमैप में भी सूट नहीं करता। इतना बड़ा दल एक परिवार के लिए समर्पित हो गया है। उसके लिए ये संभव ही नहीं है।
मोदी ने कहा कि कांग्रेस के मॉडल में फैमिली फस्र्ट सर्वोपरि रहा है। देश की जनता ने हमें तीसरी बार लगातार सेवा का मौका दिया। ये बताता है कि देश की जनता ने हमारे विकास के मॉडल को परखा है, समझा है और समर्थन दिया है। हमारा ये मॉडल एक शब्द में कहना हो तो कहूंगा- नेशन फस्र्ट। इसी उम्दा भावना के साथ वाणी-वर्तन, नीतियों में इसी एक बात को मानदंड मानकर सेवा करने का प्रयास किया है।
आदिवासी समाज के लिए पीएम जनमन योजना बनाई
कुछ समूह ऐसे हैं, जिनकी संख्या कम है। जो बिखरे हुए हैं। राष्ट्रपति से उनको विकास का गाइडेंस मिला। आदिवासी समाज में वंचित लोगों के लिए पीएम जनमन योजना बनाई, जिससे उनका विकास हो।
जिसको किसी ने नहीं पूछा, उसको मोदी पूजता है
गरीब, वंचित का कल्याण यह हमारी प्राथमिकता है। इस बार के बजट में हमने लैदर फुटवियर इंडस्ट्री को लाभ दिया है। इसका लाभ गरीब और वंचित समाज को मिलेगा। समाज के इस वर्ग के लोग ही टॉयज बनाते हैं, हमने उनको मदद की। आज हमारे टॉयज एक्सपोर्ट हो रहे हैं। इसका लाभ वंचितों को मिल रहा है। मछुआरा समुदाय के लिए अलग मिनिस्ट्री बनाई। साथ ही उनके लिए किसान क्रेडिट कार्ड के फायदे दिए। 40 हजार करोड़ रुपए से फिशरीज सेक्टर को बल दिया है। इससे हमारा मछली उत्पादन और एक्सपोर्ट दो गुना हुआ है। इसका लाभ मछुआरा समाज को हुआ है।
हमने बाबा साहेब की सोच को आगे बढ़ाया
एससी-एसटी समुदाय की आर्थिक लाचारी बाबा साहेब समाप्त करना चाहते थे। कांग्रेस ने उसे गहरा संकट बना दिया। 2014 में हमारी सरकार ने इस सोच को बदला। हमने स्किल डेवलपमेंट, इंडस्ट्रियल ग्रोथ पर जोर दिया। विश्वकर्मा योजना बनाकर पारंपरिक काम करने वालों की पहली बार चिंता की। हमने उन्हें ट्रेनिंग दिया, औजार दिया, डिजाइनिंग में मदद, आर्थिक सहायता और बाजार उपलब्ध कराया। हमने मुद्रा योजना से जिन लोगों को पहली बार उद्यम में आना था। उन्हें हमने बिना गारंटी का लोन दिया। स्टैंडअप योजना में 1 करोड़ रूपए का बिना गांरटी का लोन दिया। इसे बजट में डबल किया। इससे वंचित समाज को लाभ मिला।
कांग्रेस को मजबूरन जय भीम बोलना पड़ता है
इतिहास की ओर थोड़ी नजर डालें तो बाबा साहेब अंबेडकर के साथ कांग्रेस को कितनी नफरत रही थी, उनके प्रति कितना गुस्सा था, इसके सारे दस्तावेज मौजूद हैं। इस गुस्से को बाबा साहब को दो-दो बार चुनाव में पराजित करने के लिए क्या-क्या नहीं किया गया। कभी भी बाबा सहेब को भारत रत्न के योग्य नहीं समझा गया। इतना ही नहीं, इस देश के लोगों ने बाबा साहब की भावना का आदर किया। तब आज मजबूरन कांग्रेस को जय भीम बोलना पड़ रहा है, उनका मुंह सूख जाता है। कांग्रेस रंग बदलने में बड़ी माहिर है। इतनी तेजी से अपना नकाब बदल देते हैं। ये इसमें साफ-साफ नजर आ रहा है।
निर्वासितों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार ना हो
7 Feb, 2025 08:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । अमेरिका से अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में जवाब दिया। जयशंकर ने राज्यसभा में कहा कि यदि कोई नागरिक विदेश में अवैध रूप से रह रहा मिलाता है, तब उस नागरिक को वापस बुलाना सभी देशों का दायित्व है। उन्होंने कहा कि हम इस बात को सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी सरकार से संपर्क कर रहे हैं कि निर्वासितों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार न किया जाए। लोगों को हथकड़ी लगाने के मुद्दे पर विदेश मंत्री ने कहा कि अवैध लोगों को हथकड़ी लगाना अमेरिकी नीति में है।
विदेश मंत्री ने कहा, हम जानते हैं कि बुधवार को 104 लोग वापस आए। हमारे पास इन लोगों की सूचना थी, हम ही हैं जिन्होंने उन लोगों के राष्ट्रीयता की पुष्टि की। जयशंकर ने कहा, हमें ऐसा नहीं सोचना चाहिए कि यह कोई नया मामला है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा मामला है जो पहले भी होता रहा है। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वापस लौटने वाले प्रत्येक व्यक्ति (अमेरिका से निर्वासित भारतीय) के साथ बैठें और पता लगाएं कि वे अमेरिका कैसे गए, एजेंट कौन था, और हम कैसे सावधानी बरतें ताकि यह फिर से न हो। उन्होंने कहा कि साथ ही, सदन इसकी सराहना करेगा कि हमारा ध्यान अवैध आव्रजन उद्योग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्वासितों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर, कानून प्रवर्तन एजेंसियां एजेंटों और ऐसी एजेंसियों के खिलाफ आवश्यक, निवारक और अनुकरणीय कार्रवाई करेंगी।
जयशंकर ने बताया कि अमेरिका की ओर से निर्वासन का आयोजन और क्रियान्वयन आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीआई) प्राधिकरण द्वारा किया जाता है।
इसके पहले कांग्रेस सदस्य शशि थरूर ने कहा वह (पीएम मोदी) अगले हफ्ते अमेरिका की यात्रा पर जाने वाले हैं, हम निश्चित रूप से उम्मीद करते हैं कि वे अमेरिकियों को दृढ़ता से बताएंगे कि वे लोगों को वापस भेज सकते हैं, उनके पास हर कानूनी अधिकार है, लेकिन वे इसतरह का अभ्रद्र व्यवहार नहीं कर सकते। इसके पहले अमेरिका से अवैध भारतीय प्रवासियों को वापस भेजे जाने के मुद्दे पर विपक्षी दलों के सदस्यों ने लोकसभा में जोरदार नारेबाजी की।
ज्यादातर एग्जिट पोल्स में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा
6 Feb, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । दिल्ली विधानसभा चुनाव की वोटिंग संपन्न हो चुकी है। वोटिंग के बाद कई एजेंसियों ने अपने एग्जिट पोल्स जारी किए हैं। इसमें ज्यादातर एग्जिट पोल्स में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है। आम आदमी पार्टी पहले ही इन एग्जिट पोल्स को नकार चुकी है। अब कांग्रेस का भी मानना हैं कि आप को एग्जिट पोल्स में कम आंका जा रहा है। नई दिल्ली सीट से कांग्रेस उम्मीदवार संदीप दीक्षित ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि एग्जिट पोल्स ठीक हैं, एग्जिट पोल आप को कम आंक रहे हैं।
कांग्रेस नेता दीक्षित ने कहा, अगर एग्जिट पोल पर यकीन किया जाए, तब ठीक है कि उनकी सरकार बन रही है, लेकिन मुझे लगाता की पोल आप को कम आंक रहे हैं, मुझे नहीं लगता कि अगर रुझान वैसा ही रहा जैसा दिखाया जा रहा है, तब उनकी स्थिति इतनी खराब होगी।
बता दें कि दिल्ली चुनाव के लिए कई एजेंसियों के एग्जिट पोल के भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलता दिख रहा है।
करीब 15 दिनों तक बंगाल में रहने का कार्यक्रम
6 Feb, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत गुरुवार से पश्चिम बंगाल के दौरे पर आ रहे है। यहां वे संगठनात्मक मुद्दों और संगठन के भविष्य पर पदाधिकारियों संग विचार मंथन करने वाले है। नेताओं ने बताया कि कोलकाता में पहले पांच दिनों के दौरान भागवत आरएसएस नेताओं और स्थानीय लोगों संग बैठक करने वाले है। संघ प्रमुख की बैठक में संगठन के ढांचे को मजबूत करने पर चर्चा होगी। 11 फरवरी को भागवत दक्षिण बंगाल के जिलों का दौरा फिर से शुरू करने से पहले एक ब्रेक लेने वाले है। आरएसएस के एक नेता ने कहा, भागवत बर्धमान सहित कई जिलों का दौरा करने वाले है। जहां 16 फरवरी को उनकी एकमात्र रैली होने की उम्मीद है। वे क्षेत्रीय आरएसएस नेताओं, स्थानीय कार्यकर्ताओं और बर्धमान और आसपास के क्षेत्रों के प्रमुख लोगों से भी मिलने वाले है। संघ प्रमुख की यात्रा देशभक्ति, आत्मनिर्भरता, पारिवारिक मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण और परिवार-उन्मुख प्रथाओं के माध्यम से समाजीकरण जैसे मूल्यों को स्थापित करने पर केंद्रित होगी।
आरएसएस महासचिव जिष्णु बसु ने बताया कि भागवत केरल से राज्य में आएंगे। बसु ने कहा, 7-10 फरवरी तक भागवत दक्षिण बंग क्षेत्र में आरएसएस पदाधिकारियों से बातचीत करने वाले है। इसमें पूर्व-पश्चिम मेदिनीपुर, हावड़ा, कोलकाता और उत्तर-दक्षिण 24 परगना शामिल हैं। 13 फरवरी को वह मध्यबंग क्षेत्र में जाएंगे, जिसमें बांकुरा, पुरुलिया, बीरभूम, पूर्व-पश्चिम बर्धमान और नादिया जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसके बाद 14 फरवरी को मध्यबंग में एक नए आरएसएस कार्यालय का उद्घाटन होगा। भागवत 16 फरवरी को बर्धमान के एसएआई परिसर में आरएसएस पदाधिकारियों के एक सम्मेलन में भी भाग लेने का कार्यक्रम है।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करते हुए देश आत्मनिर्भर भारत बनेगा और हर प्रचारक उस लक्ष्य को साकार करने के लिए काम करेगा। हर प्रचारक पौधों की रक्षा के लिए काम करेगा, हर प्रचारक पर्यावरण को बेहतर बनाने और आसपास की सफाई करने, दूसरों को सार्वजनिक स्थानों पर थूकने के लिए मना करने की दिशा में काम करेगा। हम इन संदेशों को लोगों तक पहुंचाने के तरीकों पर भागवत से दिशा-निर्देश मांगेंगे।
यात्रा के राजनीतिक महत्व पर बसु ने दो टूक कहा कि संघ एक राजनीतिक संगठन नहीं है। उन्होंने कहा कि यात्रा और संबंधित बैठकें, जिन्हें आरएसएस शब्दावली में प्रभास कहा जाता है, पहले से ही योजनाबद्ध थीं और उनका उद्देश्य विशेष रूप से आगामी 2026 के राज्य विधानसभा चुनावों को प्रभावित करना नहीं था।
कांग्रेस की नजर दलित वोटर पर
6 Feb, 2025 06:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस नेता राहुल गांधी 18 जनवरी को संविधान सुरक्षा सम्मेलन में शामिल होने पटना पहुंचे थे, और अब 5 फरवरी को जगलाल चौधरी जयंती में शामिल होने पटना पहुंचे थे। दरअसल एक छोटे से अंतराल पर राहुल गांधी का बिहार बार-बार जाना इसलिए भी दिलचस्प हो गया हैं, क्योंकि दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का जो स्टैंड रहा है, बिहार चुनाव तक इंडिया ब्लॉक का मामला बहुत टिकाऊ नहीं लगता। जगलाल कांग्रेस के दलित नेता रहे हैं, और उनके नाम पर कांग्रेस का बिहार में कार्यक्रम कराना, और उसमें भी दिल्ली से पटना पहुंचकर राहुल गांधी का शामिल होना, यूं ही नहीं सकता। दरअसल साफ है कांग्रेस की नजर दलित वोटर पर है, और ये सब दलित वोट बैंक को साधने के लिए हो रहा है। ओबीसी वोट के लिए जातिगत जनगणना की मुहिम, राहुल गांधी पहले ही चला ही रहे हैं। क्योंकि राहुल गांधी की मुहिम का असर भी देखने को मिला है, अगर ऐसा नहीं होता तब संसद में ही राहुल गांधी के बयान का समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव संसद में ही जवाब क्यों देते। दिल्ली चुनाव में भी कांग्रेस का खास जोर दलित और मुस्लिम वोटर पर दिखाई दिया है।
देखने वाली बात ये हैं कि महागठबंधन में सीटों के बंटवारे में ज्यादा से ज्यादा हिस्सेदारी का मामला है, लेकिन कांग्रेस हाल फिलहाल जिस रणनीति पर चल रही है, वहां मौजूदा राजनीतिक समीकरणों से दो कदम आगे की बात लगती है। अब कांग्रेस क्षेत्रीय दलों का पिछलग्गू बनने के बजाय अपने दम पर खड़े होने की कोशिश में जुटी है। क्षेत्रीय दलों की तरफ से बार बार कांग्रेस नेतृत्व को सलाह मिलाती रहती है कि वे ड्राइविंग सीट पर काबिज होने की कोशिश छोड़ दे। ड्राइविंग सीट कांग्रेस क्षेत्रीय दलों के हवाले कर दे, लेकिन राहुल क्षेत्रीय दलों की विचारधारा को ही खारिज कर देते हैं, और कांग्रेस की बराबरी में खड़े होने ही नहीं देना चाहते। अब ऐसा लगाता है कि बिहार में भी दिल्ली की ही तरह कांग्रेस अपने दम पर लड़ेगी और तेजस्वी यादव की आरजेडी को ममता बनर्जी और अखिलेश यादव दिल्ली में आम आदमी पार्टी की तरह समर्थन दे सकते हैं। आखिर इंडिया ब्लॉक में ममता बनर्जी को लालू यादव का सपोर्ट, और राहुल गांधी का बिहार की जातिगत गणना को फर्जी करार देना कुछ न कुछ असर कमाल करेगा।
अखिलेश प्रसाद सिंह जब से बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष बने हैं, कांग्रेस के भीतर ही उनका काफी विरोध देखने में मिल रहा है। कई नेता साथियों के कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में चले जाने की तोहमत भी उनके ही माथे मढ़ रहे हैं। लेकिन, जरूरी नहीं कि ये चीजें उनके लिए नुकसानदेह भी साबित हों।
मतदाताओं ने 2025 के इस चुनाव में जमकर मतदान किया
6 Feb, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली चुनाव में मतदान के बाद अब एक ही सवाल उठा रहा है कि आखिर मतदाताओं ने इस बार क्या खेला कर दिया है? वह भी इसलिए क्योंकि दिल्ली के मतदाताओं ने 2025 के इस चुनाव में जमकर मतदान किया है।
बता दें कि 5 फीसदी से ज्यादा बढ़ने पर सरकार बदल जाती है वहीं दिल्ली में 2003, 2008, 2013 और 2015 के विधानसभा चुनावों में वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी देखी गई थी। 2003 में 4.43 फीसदी, 2008 में 4.1 फीसदी, 2013 में 8 फीसदी और 2015 में करीब 1.45 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी।
2013 छोड़ दिया जाए तो वोट प्रतिशत बढ़ने की वजह से कभी सरकार का उलटफेर नहीं हुआ। हालांकि सीटों की संख्या में जरूर कमी और बढ़ोतरी देखी गई। 2003 में 4.4 फीसदी वोट बढ़े तो सत्ताधारी कांग्रेस की सीटें 5 कम हो गई थी। 2008 में 4.1 फीसदी वोट बढ़े तो कांग्रेस की सीटों में 4 की कमी आई थी। 2013 में कांग्रेस 8 सीटों पर सिमट गई। वोट बढ़ने का सीधा फायदा बीजेपी और नई-नवेली आम आदमी पार्टी को हुआ था। 2015 में 1.45 फीसदी की बढ़ोतरी हुई तो आप की सीटें बढ़कर 67 पर पहुंच गई थी।
इस बार यानी 2025 में जिस तरीके से वोट पड़े हैं, उससे आम आदमी पार्टी की सीटों की संख्या में कमी के संकेत मिल रहे हैं। दो दिन पहले अरविंद केजरीवाल ने खुद 55 सीटों पर जीत का दावा किया था। 2020 में आप को दिल्ली की 62 सीटों पर जीत मिली थी।
अगर झारखंड और महाराष्ट्र पर नजर डाले तो यहां अलग ही गेम हुआ। दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले झारखंड और महाराष्ट्र में विधानसभा के चुनाव संपन्न हो चुके हैं। इन दोनों ही राज्यों के विधानसभा चुनाव के वोट फीसदी में बढ़ोतरी देखी गई। दिलचस्प बात है कि दोनों ही राज्यों में सत्ताधारी दल की वापसी हुई है। झारखंड में 2024 के चुनाव में 2019 के मुकाबले 3 फीसदी ज्यादा मतदान हुआ। यहां पर हेमंत सोरेन गठबंधन को 56 सीटों पर जीत हासिल हुई। 2024 में हेमंत गठबंधन के पास 47 सीटें थी।
इसी तरह महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में करीब 4 फीसदी ज्यादा वोट पड़े। 2019 में महाराष्ट्र में 62 फीसदी वोट पड़े थे। महाराष्ट्र में ज्यादा वोट का सीधा फायदा महायुति गठबंधन को हुआ। महायुति गठबंधन को विधानसभा चुनाव में 236 सीटों पर जीत हासिल हुई। महाराष्ट्र में विधानसभा की कुल 288 सीटें हैं। दोनों ही राज्यों में सत्ताधारी सरकार की वापसी की वजह महिला वोटर्स को माना गया। दिल्ली में भी महिलाओं के लिए कई लोक-लुभावन वादे किए गए हैं। माना जा रहा है अगर इन वादों का असर होता है तो इसका सीधा फायदा सत्ताधारी आम आदमी पार्टी को होगा।
मुस्लिम बहुल इलाकों में वोटरों का क्रेज सीलमपुर और मुस्तफाबाद में सबसे ज्यादा वोट डाले गए हैं। दोनों ही सीटों पर सुबह से मतदाताओं में वोट डालने का क्रेज दिखा। सीलमपुर और मुस्तफाबाद सीट पर पिछली बार आम आदमी पार्टी को जीत मिली थी इस बार दोनों ही जगहों पर आप को तगड़ी चुनौती मिलती दिख रही है। मुस्तफाबाद सीट पर असदुद्दीन ओवैसी के उम्मीदवार ताहिर हुसैन मैदान में हैं। बीजेपी की तरफ से मोहन सिंह विष्ट चुनाव लड़ रहे हैं। आप ने यहां से पूर्व विधायक हसन अहमद के बेटे आदिल को मैदान में उतारा है। सीलमपुर में चौधरी मतीन अहमद के बेटे चौधरी जुबेर उम्मीदवार हैं। यहां से बीजेपी ने अनिल गौर और कांग्रेस ने अब्दुल रहमान को टिकट देकर मैदान में उतारा है।
संसद के बजट सत्र में अवैध प्रवासियों को भारत भेजे जाने का मामला तूल पकड़ा
6 Feb, 2025 02:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का आज पांचवां दिन है और अमेरिका से अवैध प्रवासियों को भारत भेजे जाने का मामला तूल पकड़ा हुआ है। इस मामले को लेकर लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सदन में भारी हंगामा शुरू हो गया। वहीं राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरु हुई, लेकिन हंगामे के चलते दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित भी कर दी गई। मेरिका से अवैध प्रवासी भारतीयों को सेना के विमान से वापस भारत भेजे जाने को लेकर सदन में जोरदार हंगामा हुआ है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हंगामा कर रहे विपक्षी सांसदों को शांत करते हुए कहा है, कि आप सभी की चिंता सरकार के ध्यान में है। उन्होंने मामले को विदेश नीति से जोड़ते हुए कहा कि यह विदेश नीति वाला मामला है, और यह दूसरे देश से जुडे विषय का मामला है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत के संज्ञान में यह पूरा मामला है। इसी के साथ उन्होंने विपक्षी सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने की अपील भी की। यहां राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन हंगामे के चलते कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
जिस पार्टी ने दिल्ली के लिए इतना कुछ किया है और आपके आशीर्वाद से ऐसा करना जारी रखेगी :सानिधि
6 Feb, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी और पूर्व सांसद रहे प्रवेश वर्मा ने 05 फरवरी अपने परिवार के साथ वोट किया। यहां प्रवेश वर्मा की बेटी भी वोट करने के लिए पहुंची। जब पत्रकारों ने उनसे बात की तो उन्होंने अपने पापा का पूरा प्लान और वर्तमान स्थिति पर काफी कुछ कहा। नई दिल्ली विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रवेश वर्मा की बेटी सानिधि ने कहा मैं पहली बार वोट करने आए युवाओं से अपील करती हूं कि वोट करते वक्त वो अपने बारे में न सोचें। उन्होंने आगे कहा युवा अपने बारे में नहीं बल्कि बुजुर्गों, झुग्गियों, बसों में सीट न पाने वाली महिलाओं और प्रदूषण के बारे में सोचें और उस व्यक्ति को मौका दें, जो किसी पार्टी से जुड़ा हो और जिसकी विरासत दिल्ली से जुड़ी हो। सानिधि ने आगे कहा कि आप कहते हो कि दिल्ली के स्कूल अच्छे हो गए लेकिन आपके बच्चे उन स्कूलों में नहीं पढ़ते। पहले दिल्ली के स्कूल अच्छे थे। मेरे पापा, मेरी बुआ खुद एमसीडी के स्कूलों में पढ़े हैं। हमारी पूरी विरासत है। वो बोलीं, जिस पार्टी ने दिल्ली के लिए इतना कुछ किया है और आपके आशीर्वाद से ऐसा करना जारी रखेगी।
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