राजनीति
दिल्ली का नया CM कौन?
17 Feb, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । सीएम को लेकर अंतिम निर्णय निश्चित रूप से केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से किया जाता है। केंद्रीय नेतृत्व 2014 से दस बार विभिन्न राज्यों में सीएम बदल चुका है। इसमें उत्तराखंड और गुजरात में दो-दो बार मुख्यमंत्री बदलना शामिल है। सीएम बदलने के इस बड़े काम को संभालना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राज्यों और बीजेपी के कार्यकर्ताओं में व्यापक अपील का स्पष्ट प्रतिबिंब है। इससे उन्हें सीएम नियुक्त करने और बदलने में पूरा नियंत्रण मिलता है। तथ्य यह है कि बीजेपी ने 2014 के बाद 12 मौकों पर काफी लो प्रोफाइल वाले नए चेहरे नियुक्त किए हैं। इनमें 2024 के लोकसभा चुनावों से ठीक पहले और एक के बाद चार शामिल हैं। यह भी एक कड़ा संदेश देता है। पार्टी के एक नेता ने समझाया कि बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व एक ऐसा सख्त शासन चलाना चाहता है जिसमें कोई भी क्षेत्रीय नेता संगठन से बड़ा न हो और पार्टी की राज्य इकाइयां संगठन/कैडर संचालित होनी चाहिए, न कि व्यक्तित्व संचालित। इसके अलावा अन्य राज्य जहां बीजेपी ने सीएम बदले हैं उनमें हरियाणा, गोवा, कर्नाटक और त्रिपुरा शामिल हैं। बीजेपी ने असम और मध्य प्रदेश में चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री के रूप में भी नए चेहरों को चुना। सीएम बदलने के बाद इनमें से कई नेताओं को केंद्र का हिस्सा बना दिया गया। इनमें असम के पूर्व सीएम सर्बानंद सोनोवाल और शिवराज चौहान जो वर्तमान में केंद्रीय मंत्री हैं। इसी तरह, हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर भी केंद्रीय मंत्री हैं। 2014 में सीएम पद के लिए चुने गए कई नेता ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पाए और लोकसभा में हैं। ऐसे नेताओ में हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर, उत्तराखंड में त्रिवेंद्र रावत, कर्नाटक में बसवराज बोम्मई, त्रिपुरा में बिप्लब देब शामिल हैं। झारखंड के पूर्व सीएम रघुबर दास को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया था।'
दिल्ली कांग्रेस चीफ ने मांग लिया अश्विनी वैष्णव का इस्तीफा
17 Feb, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । देश की राजधानी के सबसे प्रमुख स्टेशनों में से एक नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर जो हुआ, उससे हर देशवासी आज दुखी है। महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने प्रयागराज जा रहे उन 18 बदनसीबों की किस्मत में जैसे यह पुण्य लिखा ही नहीं था। एक भगदड़ ने उन्हें सदा के लिए अपने परिवारवालों से छीन लिया। स्टेशन के अंदर मची चीख पुकार में उन 18 जिंदगियों की सांसें भी सदा के लिए दब गईं। दिल को तोड़कर रख देने वाले हादसे पर राजनीतिक जगत से भी शोक संवनेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं। इस बीच दिल्ली कांग्रेस चीफ देवेंद्र यादव ने हादसे पर नाराजगी जताते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का इस्तीफा मांगा है। देवेंद्र यादव ने कहा कि हर बार नाकाम साबित हो रहे विफल रेल मंत्री को स्वयं जल्द से जल्द इस्तीफा दे देना चाहिए। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन में इस दुखद हादसे पर कहा कि रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में हुई मौतें रेल प्रशासन की लापरवाही का परिणाम है। महाकुंभ जैसे इतने बड़े आयोजन को ध्यान में रखते हुए भीड़ के प्रबंधन की कोई तैयारी क्यों नहीं की गई? उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में हर बार नाकाम साबित हो रहे विफल रेल मंत्री को स्वयं तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। देवेंद्र यादव ने आगे कहा कि रेलवे प्रशासन की लापरवाही के कारण नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ और श्रद्धालुओं की मौत का समाचार बेहद दुखद है। हमारी मांग है कि घटना की विस्तृत जांच हो और पीड़ितों को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। देवेंद्र यादव ने इस घटना पर एक वीडियो भी जारी किया जिसमें उन्होंने कहा कि आधिकारिक आंकड़ा 18 बताया गया है। इस दुख की घड़ी में हम उन पीड़ित परिवारवालों के साथ खड़े हैं। यह दुख और बढ़ गया कि जब पता चला कि लोगों ने फ्री ट्रेन वाली अफवाह उड़ाई और यह घटना हुई। किसी भी तरह की व्यवस्था न होने से लोगों की जानें गईं।
प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा नहीं होने की वजह से अब अगले माह भाजपा को मिलेगा नया अध्यक्ष
17 Feb, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा फिलहाल अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे। यह दायित्व संभाले हुए उन्हे करीब 6 साल हो गए हैं। कई बार नए अध्यक्ष को लेकर चर्चा चली लेकिन कुछ न कुछ अड़चन आने के कारण नड्डा का कार्यकाल बढ़ता रहा है। इस बार भी कहा जा रहा है कि मार्च में भाजपा को जेपी नड्डा का विकल्प मिल पाएगा। इसकी वजह यह है कि भाजपा के संविधान के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले कम से कम आधी राज्य इकाइयों के अध्यक्षों का चुनाव हो जाना चाहिए। वहीं प्रदेश अध्यक्षों के इलेक्शन से पहले जिलाध्यक्ष चुने जाने चाहिए। अब तक कई राज्य ऐसे हैं, जहां जिलाध्यक्ष ही नहीं चुने जा सके हैं और इसके कारण प्रदेश अध्यक्षों का इलेक्शन अटका है।
इससे पहले नड्डा लोकसभा चुनाव तक के लिए कार्य़काल विस्तार मिला था, लेकिन फिर महाराष्ट्र, हरियाणा जैसे राज्यों के चुनाव के कारण नए अध्यक्ष का चुनाव लटक गया। उम्मीद थी कि जनवरी या फरवरी तक भाजपा को नया अध्यक्ष मिल जाएगा, लेकिन यह फिर से टल गया है। फिर इसी के कारण राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में भी देरी हो रही है। इसकी एक वजह यह भी रही कि भाजपा ने अपने संगठन की पूरी मशीनरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव में उतार दिया था। इसके कारण कई राज्यों में संगठन चुनाव लटक गए। भाजपा ने अब तक 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 11 में ही प्रदेश अध्यक्ष चुने हैं। कई राज्यों में चुनाव जारी हैं और कहीं तो अध्यक्षों को रिपीट ही किया जा रहा है। अब तक आंध्र प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में जिलाध्यक्षों का चुनाव हो चुका है। लेकिन उत्तराखंड, यूपी समेत कई राज्यों में अब भी इलेक्शन अटका हुआ है। भाजपा संगठन के लोगों का कहना है कि राज्यों में ही चुनाव होना फऱवरी या मार्च के शुरुआती दिनों तक संभव है। ऐसे में इसके बाद ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होगा।
इस तरह पूरी संभावना है कि मार्च के आखिर तक ही भाजपा को नया अध्यक्ष मिल जाएगा। इस देरी कि एक वजह य़ह भी रही कि लोकसभा चुनाव के बाद भी लगातार राज्यों के चुनाव बने रहे। फिर दिल्ली विधानसभा चुनाव आ गया। अब बिहार विधानसभा इलेक्शन में करीब 6 महीने का वक्त है। ऐसे में बीच के इस समय का इस्तेमाल भाजपा संगठन में बदलाव के लिए करना चाहेगी। इससे संगठन की कमान संभालने वाले नए अध्यक्ष को भी तैयारी का मौका मिल जाएगा। भाजपा के अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का ही होता है, लेकिन जेपी नड्डा को इस बार विस्तार मिला। जेपी नड्डा भले ही पीएम नरेंद्र मोदी की छाया में रहे हैं, लेकिन उनके कार्य़काल को कई राज्यों में शानदार जीत और लगातार तीसरी बार केंद्र में सरकार बनने के लिए याद किया जाएगा।
अब जयशंकर की बांग्लादेश से होगी बात, जवाब देना हो जाएगा मुश्किल
17 Feb, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के जाने के बाद से ही लगातार भारत के खिलाफ मोर्चा खोले बैठे मोहम्म्द यूनुस को ट्रंप ने चारों खाने चित कर दिया है। इस बड़ी डिप्लोमेटिक जीत के बाद अब बांग्लादेश को ‘सबक सिखाने’ की बारी पीएम मोदी के खास दूत एस जयशंकर की है। जयशंकर बांग्लादेश के विदेश सलाहकार मोहिद हुसैन से मिलने वाले हैं। जयशंकर के पास ऐसे सवाल है जिनका जवाब देना हुसैन को मुश्किल हो जाएगा।
विदेश मंत्री एस जयशंकर मस्कट में 8वें हिंद महासागर सम्मेलन के दौरान बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन से मुलाकात करेंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय और ओमानी सरकार द्वारा इसे संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 27 देशों के विदेश मंत्री हिस्सा ले रहे हैं। एस जयशंकर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इसी बीच बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार संग जयशंकर की बैठक होगी।
कुंभ…कुंभ…कुंभ कोई मतलब नहीं है, सब फालतू चीज है: लालू यादव
17 Feb, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में मरने वालों के प्रति पूर्व रेल मंत्री लालू यादव ने संवेदनाएं व्यक्त की हैं।उन्होंने कहा कि घटना पर उन्हें बेहद दुख है, लेकिन इसकी जिम्मेवारी रेल मंत्री को लेनी चाहिए। इसी बीच लालू प्रसाद यादव से कुंभ को लेकर पूछे गए सवाल पर ऐसा जवाब दे दिया है जिस पर सियासी बवाल मच सकता है। पत्रकार ने जब उनसे पूछा कि कुंभ को लेकर यह घटना घटी है, तो उन्होंने कहा कि कुंभ का कोई मतलब है, कुंभ…कुंभ…कुंभ कोई मतलब नहीं है। सब फालतू चीज है।
कुंभ पर लालू यादव के बयान पर जेडीयू ने उन्हें सियासत नहीं करने की नसीहत दी है। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा है कि सियासत के बजाय कैसे घायलों को और मृतकों के परिवार की मदद कर सकते हैं, इस पर बात करनी चाहिए न कि सियासत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता दल यूनाइटेड उन परिवारों के साथ खड़ा है जिन्होंने अपने परिजनों को खोया है। जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि रेल मंत्रालय और भारत सरकार पीड़ितों की हर संभव सहायता के लिए तत्पर है। बता दें कि प्रयागराज त्रिवेणी में अब तक 50 करोड़ से अधिक लोगों ने पवित्र कुंभ स्नान कर लिया है। अभी भी लाखों श्रद्धालु हर दिन कुंभ स्नान कर रहे हैं। देश के आम से लेकर विशेष व्यक्ति तक कुंभ स्नान के लिए जाने के लिए आतुर हैं। लेकिन, लालू परिवार के कुंभ स्नान के लिए नहीं जाने को लेकर विपक्ष लगातार सवाल पूछ रहा है। वहीं, अब लालू यादव के कुंभ स्नान को लेकर दिये गए बयान के बाद सियासी बखेड़ा खड़ा हो सकता है। बता दें कि लालू परिवार भी बेहद धार्मिक कहा जाता है, लेकिन कुंभ स्नान को लेकर उनका यह बयान नये विवाद को जन्म दे सकता है।
तेलंगाना सीएम का आरोप, मोदी जब सीएम थे तब उनकी जाति सवर्ण थी
17 Feb, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजेपी ने रेड्डी के बयान को बताया असामाजिक और गैर जिम्मेदाराना
नई दिल्ली। तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी ने पीएम मोदी को लेकर विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का जन्म से पिछड़ा वर्ग से कोई संबंध नहीं था। उनके इस बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी ने सीएम रेड्डी के बयान को असामाजिक और गैर जिम्मेदाराना बताया है। रेवंत रेड्डी का यह बयान बीजेपी द्वारा तेलंगाना में जाति सर्वे को लेकर उठाए गए आरोपों के जवाब में आया है।
सीएम रेवंत रेड्डी ने पीएम मोदी पर आरोप लगाया है कि उनकी मानसिकता पिछड़े वर्ग के खिलाफ है और उन्होंने दावा किया कि गुजरात के सीएम बनने से पहले मोदी जाति से सवर्ण थे। उन्होंने यह बयान सरकार के जाति सर्वे पर एक रिपोर्ट के बाद दिया है। रेड्डी के बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने कई पोस्ट किए। केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने सीएम रेवंत रेड्डी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रेड्डी को तथ्यों के आधार पर बयान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी इतनी गैर जिम्मेदार तरीके से कैसे बोल सकते हैं? अगर आप कोई बयान देते हैं, तो वह तथ्यों के आधार पर होना चाहिए।
किशन रेड्डी ने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद ही पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया, जबकि यह कांग्रेस सरकारों के दौरान नहीं हुआ था। बीजेपी ने रेवंत रेड्डी के बयान का विरोध किया और पार्टी नेता एन रामचंद्र राव ने इसे सस्ती लोकप्रियता बताया। उन्होंने कहा कि यह बयान कांग्रेस सरकार के जाति सर्वे की विफलता से ध्यान हटाने के लिए जानबूझकर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के मंत्रियों ने खुद कहा कि पूरे जनगणना को फिर से देखा जाना चाहिए क्योंकि कुछ लोग बाहर रह गए हैं।
बीजेपी के ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लक्ष्मण ने सीएम रेड्डी के बयान को गलत बताया और याद दिलाया कि पीएम मोदी की जाति को 1994 में कांग्रेस सरकार के दौरान ओबीसी सूची में शामिल किया गया था। लक्ष्मण ने कहा कि रेवंत रेड्डी का पीएम नरेंद्र मोदी की जाति पर दिया गया बयान गलत है। वहीं केंद्रीय मंत्री बंदी संजय ने भी रेवंत रेड्डी को घेरते हुए कहा कि आपका शोध इतना विफल हुआ कि आप एक तथ्य भूल गए। पीएम नरेंद्र मोदी को 1994 में कांग्रेस के शासन में ओबीसी के रूप में सूचीबद्ध किया गया था।
बांदी संजय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और सवाल किया कि अब बताएं कि राहुल गांधी किस जाति के हैं? उनका धर्म क्या है? क्या उन्हें पता है या आपको पता है? उनके दादा फिरोज जहांगीर गांधी थे। हिंदू परंपरा में जाति पिता की वंशावली से जुड़ी होती है। उन्होंने चुनौती दी कि अगर कोई बहस करना चाहता है कि कौन कानूनी रूप से धर्म परिवर्तन किया है तो सीएम को 10 जनपथ से शुरुआत करनी चाहिए।
पीएम मोदी के स्वदेश लौटते ही दिल्ली सीएम को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज
16 Feb, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस और अमेरिका की अपनी दो देशों की यात्रा पूरी करने के बाद दिल्ली पहुंच गए हैं। पीएम मोदी की स्वदेश वापसी के साथ ही दिल्ली के नए मुख्यमंत्री को लेकर जहां राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गईं वहीं अलग-अलग खेमों ने लामबंदी भी शुरु कर दी है। पीएम मोदी के स्वदेश वापस आने के बाद दिल्ली में नई सरकार के गठन को लेकर कवायद तेज हो गई है। माना जा रहा है कि एक-दो दिन में दिल्ली के नए मुख्यमंत्री का चयन कर लिया जाएगा। वहीं, दिल्ली में बीजेपी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 19 या 20 फरवरी को होने की संभावना है। नई सरकार की कमान किसके हाथों में होगी, इसे लेकर सियासी हलके में कयासों का बाजार भी गर्म है, वहीं अलग-अलग खेमों ने अपने नेता को आगे करने और ताजपोशी करवाने के लिए लामबंदी भी करना शुरु कर दी है। वैसे पार्टी सूत्रों की मानें तो दिल्ली सीएम चुने हुए विधायकों में से ही तय किया जाएगा, लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह चौंकाने वाला फैसला भी ले सकते हैं। फिलहाल सभी की नजरें दिल्ली के नए सीएम के नाम पर टिकी हुई हैं।
नई सरकार की प्रथमिकताएं
दिल्ली की नई सरकार के सामने वैसे तो अनेक समस्याएं होंगी, लेकिन जिन पर फोकस रहेगा उनमें रोजाना की अन्य चीजों के अलावा स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, बेहतर नागरिक बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की योजना बनाने का है। पार्टी सूत्र बताते हैं कि दिल्ली की नई सरकार पू्र्व की सरकार द्वारा चलाई गई जनहितकारी योजनाओं को ज्यादा नहीं छेड़गी, लेकिन जहां आवश्यक होगा वहां बदलाव जरुर किया जाएगा। बहरहाल सभी की नजरें इस पर टिकी हुई हैं कि दिल्ली का नया मुख्यमंत्री कौन बनेगा और नई सरकार किन नई योजनाओं के साथ राजधानी के विकास को गति देगी।
छवि सुधारने आरजेडी कर रही मंथन, दिल्ली में बिहार पॉलिसी डायलॉग का आयोजन
16 Feb, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं इसको लेकर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अपनी छवि सुधारने के लिए सक्रिय हो गया है। आज 15 फरवरी को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में बिहार पॉलिसी डायलॉग का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन सोन वैली डेवलपमेंट फाउंडेशन की ओर से किया गया है। इस पॉलिसी डायलॉग में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक वित्त जैसे विषयों पर विशेषज्ञों और शिक्षाविदों द्वारा विचार रखे जाएंगे। आरजेडी इन विचारों को अपने आगामी घोषणा-पत्र में शामिल करने की योजना बना रही है। पार्टी महासचिव शाश्वत गौतम के मुताबिक इस कार्यक्रम का अगला चरण पटना में आयोजित किया जाएगा, जहां प्राप्त सुझावों को विस्तृत रूप से परखा जाएगा।
पार्टी विचार कर रही है बिहार का बजट भारी-भरकम ब्याज से मुक्त कैसे बनाया जाए? जनता की आर्थिक क्षमता बढ़ाने के लिए राहत योजनाओं से अलग क्या रणनीति अपनाई जाए? स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में निजी संस्थानों की बढ़ती भूमिका को संतुलित करने के लिए क्या उपाय किए जाएं? पार्टी अंदरखाने ओबीसी इंटलेक्चुअल वर्ग को एक मंच पर लाने की रणनीति पर भी विचार कर रही है, जिससे आगामी बजट सत्र और विधानसभा चुनाव में इसे लाभ मिल सके।
आरजेडी बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री राबड़ी देवी देने का श्रेय लेती है, लेकिन अब तक महिलाओं को लेकर कोई बड़ा कदम नहीं उठाया है। तेजस्वी यादव ने ‘माई-बहन सम्मान योजना’ के तहत महिलाओं के खाते में हर माह 2500 रुपए देने का वादा किया है। साथ ही पार्टी की महिला विंग की अध्यक्षता रितु जायसवाल को सौंपी गई है। पिछले लोकसभा चुनाव के आंकड़ों को देखें तो बिहार में महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से ज्यादा था। इसी कारण तेजस्वी ने अपने भाषणों में ‘एम मतलब महिला और वॉय मतलब युवा’ का नारा दिया है।
तेजस्वी बेरोजगारी को मुख्य मुद्दा बनाते हुए युवाओं को आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने अपने शासनकाल की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि 17 महीने में किया कमाल, हमें दीजिए पूरे 5 साल। उनकी टीम में युवा नेतृत्व को महत्व दिया है, जिसमें राज्यसभा सांसद संजय यादव और पूर्व में नीतीश कुमार के साथ काम कर चुके शाश्वत गौतम जैसे पढ़े-लिखे युवाओं को जगह दी गई है। बिहार में 8 महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए आरजेडी इस पॉलिसी डायलॉग के जरिए से अपनी छवि सुधारने और जनसंपर्क मजबूत करने में जुटी हुई है।
क्या गांधी परिवार कुंभ में लगाएगा डुबकी, पार्टी में इसे लेकर चुप्पी
16 Feb, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिग्विजय, सचिन पायलट और डीके शिवकुमार लगा चुके डुबकी
नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के द्वारा महाकुंभ को लेकर दिए बयान पर विवाद गहराया हुआ था। इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी के कई नेताओं ने पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगा ली। इसके बाद अब लोगों की नजर गांधी परिवार के अगले कदम पर टिकी है। बता दें कि एक रैली के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने सवाल उठाया था कि क्या गंगा में पवित्र स्नान करने से देश में गरीबी समाप्त हो सकती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था। उनका दावा था कि उन्होंने भाजपा नेताओं की आलोचना के लिए यह बयान दिया था।
उनके बयान के बीच इंडिया गठबंधन के सहयोगी अखिलेश यादव और उनकी पत्नी ने सबसे पहले कुंभ में स्नान किया। हाल ही में कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह, उनके बेटे, राजस्थान कांग्रेस के कद्दावर नेता सचिन पायलट सहित कई कांग्रेसी स्नान करने के लिए प्रयागराज की यात्रा कर चुके हैं।
दिग्विजय और उनके बेटे, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और सचिन पायलट ने कुंभ में जाकर डुबकी लगा चुके है। इन सभी नेताओं को यह समझ है कि हिंदू आस्था एक ऐसा विषय है जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान जो गलती हुई थी, उस गलती को फिर से दोहराया नहीं जा सकता। बता दें कि कांग्रेस पार्टी ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को सरकारी आयोजन कहकर छोड़ दिया था। हालांकि पार्टी ने बाद में मंदिर जाने का दावा किया था, लेकिन अब तक कोई प्रमुख नेता अयोध्या में नहीं दिखाई दिए हैं।
कांग्रेस के सूत्र गांधी परिवार के महाकुंभ में जाने पर चुप हैं। 2001 में सोनिया गांधी को गंगा में पवित्र स्नान करते हुए देखा गया था। तब भाजपा उनके धर्म और उनकी जाति को लेकर सवाल उठाती थी। लेकिन ये भी सच हैं कि इंदिरा गांधी हिंदू थीं और हमेशा रुद्राक्ष पहनती थीं।
दिल्ली में डबल नहीं ट्रिपल इंजन सरकार बनाने में जुटी भाजपा
16 Feb, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की जीत के बाद, पार्टी ने दिल्ली में ट्रिपल इंजन सरकार स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। इस प्रयास के तहत, आम आदमी पार्टी (आप) के तीन मौजूदा पार्षदों ने बीजेपी की सदस्यता ले ली है। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इन पार्षदों का पार्टी में स्वागत किया।
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष सचदेवा ने इन तीनों पार्षदों को औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस राजनैतिक घटनाक्रम दिल्ली की राजनीति में बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहा है, जिससे एमसीडी (नगर निगम) में भी बीजेपी के प्रभाव को मजबूती मिल सकती है। बीजेपी में शामिल हुए आप के जो पार्षद में एंड्रयूज गंज से पार्षद अनीता बसोया, आरके पुरम से पार्षद धर्मवीर और चपराना वार्ड 152 से पार्षद निखिल शामिल हैं। दिल्ली विधानसभा में जीत के बाद अब बीजेपी की नजर एमसीडी चुनाव पर भी हैं। बता दें कि इसी साल अप्रैल में दिल्ली नगर निगम के मेयर का चुनाव होना है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत के बाद अब एमसीडी में भी बीजेपी का पलड़ा भारी होगा।
हिमंत बिस्वा सरमा और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के बीच विवाद बड़ा, बिस्वा ने पूछा- “ISI और RAW एक साथ एक ही घर में कैसे"
15 Feb, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के बीच उनकी पत्नी के पाकिस्तान से कथित संबंधों को लेकर बहस शनिवार को भी जारी रही। असम के मुख्यमंत्री सरमा ने एक दिन पहले कहा था कि वह लोकसभा में कांग्रेस के विपक्ष के उपनेता के बयान पर स्पष्टीकरण चाहते हैं, "आईएसआई और रॉ एक साथ एक ही सदन में कैसे रह सकते हैं?"।
हिमंत बिस्वा सरमा ने पूछे ये सवाल
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हम किसी पर आरोप नहीं लगा रहे हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि कुछ तथ्य सामने आएं। मेरे कुछ सवाल हैं। पहला, क्या यह सच है या झूठ कि सांसद की पत्नी पाकिस्तान में काम करती थी? दूसरा, क्या उन्होंने भारतीय नागरिकता ली है या नहीं। तीसरा, क्या सांसद इस दौरान पाकिस्तान गए थे और क्या उन्होंने पाकिस्तानी राजदूत से मिलते समय विदेश मंत्रालय से अनुमति ली थी या नहीं। आईएसआई और रॉ एक ही सदन में कैसे रह सकते हैं? आईएसआई पाकिस्तान है और रॉ भारत है। उनका एक साथ रहना संभव नहीं है।"
गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ पर सवाल
गौरव गोगोई उस समय विवादों में घिर गए थे, जब सरमा के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उनकी पत्नी एलिजाबेथ गोगोई की विदेशी नागरिकता पर सवाल उठाए और उन पर आईएसआई से संबंध होने का आरोप लगाया। उन्होंने दस साल पहले 2015 में भारत में तत्कालीन पाकिस्तानी उच्चायुक्त के साथ गोगोई के नेतृत्व में हुई बैठक पर भी सवाल उठाए। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा ये दावे उठाए जाने पर विवाद और बढ़ गया। इस पर कांग्रेस के एक सांसद ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और असम के मुख्यमंत्री पर अपने पद को लेकर बेचैन और असुरक्षित होने का आरोप लगाया।
'मेरी पत्नी पाकिस्तान की आईएसआई एजेंट है, मैं भारत का रॉ हूं'
आरोपों को हास्यास्पद बताते हुए गौरव गोगोई ने कहा, "अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान की आईएसआई एजेंट है, तो मैं भारत का रॉ एजेंट हूं। अगर कई मामलों और कई आरोपों वाला परिवार मेरे खिलाफ आरोप लगाता है, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है। असम के मुख्यमंत्री केवल अपने खिलाफ लगे आरोपों से ध्यान हटाने के लिए ये आरोप लगा रहे हैं।" इसके साथ ही अगले वर्ष होने वाले राज्य चुनावों से पहले दोनों दलों के बीच युद्ध की रेखा स्पष्ट रूप से खींच दी गई है।
पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात पर थरूर ने कहा, 'यह बहुत चिंता की बात...'
15 Feb, 2025 04:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय अमेरिकी दौरे पर थे। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बड़े मुद्दों पर बातचीत की। इस पर खुशी जताते हुए कांग्रेस सांसद और लेखक शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि ऐसा लगता है कि बड़ी चिंताओं का समाधान हो गया है। उन्होंने यह भी कहा, "हमें F35 स्टील्थ विमान बेचने की प्रतिबद्धता बहुत मूल्यवान है।"
मीडिया से बातचीत
बेंगलुरू में ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट (GIM) के दौरान मीडिया से बात करते हुए शशि थरूर ने कहा, "रक्षा के मोर्चे पर, हमें F35 स्टील्थ विमान बेचने की प्रतिबद्धता बहुत मूल्यवान है। यह एक अत्याधुनिक विमान है और निश्चित रूप से, हमारे पास पहले से ही राफेल है, अब F35 के साथ, भारतीय वायु सेना बहुत अच्छी स्थिति में होगी।"
चिंताएं दूर हो गई हैं: शशि थरूर
"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रेस बयान उत्साहजनक हैं। ऐसा लगता है कि हमारी कुछ बड़ी चिंताएं दूर हो गई हैं। उदाहरण के लिए, व्यापार और टैरिफ के सवाल पर उन्होंने बैठकर गंभीर बातचीत करने का फैसला किया है, जो इस साल सितंबर और अक्टूबर तक पूरी हो जाएगी। मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छा नतीजा है, क्योंकि ऐसी आशंका थी कि वाशिंगटन में जल्दबाजी में कुछ फैसले लिए जा सकते हैं, जिससे हमारे निर्यात पर असर पड़ेगा।"
अवैध अप्रवासी मामले में पीएम का समर्थन
थरूर ने अवैध अप्रवास के मुद्दे पर पीएम मोदी के रुख का समर्थन किया। लेकिन उन्होंने कहा कि इस बात पर चर्चा होनी चाहिए थी कि अमेरिका से निर्वासित भारतीय अप्रवासियों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है। थरूर ने निर्वासित भारतीयों के हाथों में हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां होने पर सवाल उठाए।
बीजेपी विधायक दल की बैठक 17-18 को, दिल्ली में नई सरकार का गठन जल्द
14 Feb, 2025 08:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 19 या 20 फरवरी को हो सकता है। वहीं, विधायक दल की बैठक 17 और 18 को होगी, जिसमें नई सरकार के गठन से संबंधित अहम फैसले लिए जाएंगे। पीएम नरेंद्र मोदी शुक्रवार रात अमेरिका से दिल्ली वापस आ रहे हैं। इसके बाद सरकार बनाने को लेकर एक बैठक होगी। पीएम मोदी के साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी के अन्य शीर्ष नेता भी मौजूद रहेंगे। बैठक में दिल्ली में सरकार के गठन फैसला लिया जाएगा। इस दौरान दिल्ली का अगला सीएम कौन होगा, यह भी तय होगा।
बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने दिल्ली में सरकार गठन के लिए पहले ही होमवर्क कर रखा है। पार्टी ने विधायकों के नामों की सूची तैयार की है, जिसमें 48 में से 15 विधायकों के नाम को प्राथमिकता दी गई है। इन 15 विधायकों में से 9 नामों को चुना जाएगा, जिसमें सीएम, मंत्री और स्पीकर के नाम तय होंगे। सूत्रों के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने साफ कर दिया है कि सीएम निर्वाचित विधायकों में से होगा और इस बारे में फैसला विधायक दल की बैठक में किया जाएगा। नड्डा ने यह भी संकेत दिया कि सीएम के शपथ ग्रहण के बाद पहली कैबिनेट बैठक में कुछ अहम नीतिगत फैसले लिए जाएंगे।
बता दें कि 8 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए थे। इस चुनाव में बीजेपी ने 42 सीटों पर जीत हासिल की तो वहीं, आम आदमी पार्टी 22 सीटों पर सिमट गई थी। इस चुनाव में भी कांग्रेस का खाता नहीं खुला। दिल्ली विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 26 फरवरी को खत्म हो रहा है और नई सरकार को उससे पहले कार्यभार संभालना होगा।
रक्षामंत्री राजनाथ ने योगी-गडकरी का कराया विशेष सम्मान, बोले- एक मिनट तक खड़े होकर तालियां बजाएं
14 Feb, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ में और यूपी में जो भी विकास हो पाया है उसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का ही योगदान है। यही कारण है कि आज लखनऊ सहित पूरे प्रदेश का तेजी से विकास हो रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट लग रहे हैं। रक्षामंत्री ने उनके योगदान के लिए वहां पर मौजूद नेता और कार्यकतार्ओं से खड़े होकर एक मिनट तक तालियां बजाने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने सड़क परिवहन मंत्री द्वारा लखनऊ के लिए स्वीकृत किए गए प्रोजेक्ट का उल्लेख किया।
सीएम योगी बोले- महाकुंभ के आयोजन से यूपी की अर्थव्यवस्था को तीन लाख करोड़ का लाभ होगा
इसके पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ 13 जनवरी को प्रारंभ हुआ था। आज एक महीने बाद महाकुंभ में अब तक 50 करोड़ लोगों ने डुबकी लगाकर एक भारत श्रेष्ठ भारत का संदेश दिया है। यह नया उत्तर प्रदेश है जो कि इंफ्रास्ट्रक्चर और महाकुंभ के जरिये विकास का संदेश दे रहा है। महाकुंभ के बहाने लोगों को दबी हुई धार्मिक भावनाओं को अभिव्यक्त करने का मौका दिया। महाकुंभ के आयोजन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को करीब तीन लाख करोड़ रुपये का लाभ होगा। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने यूपी में रामराज्य स्थापित करने में सफलता पाई है। उन्होंने कहा कि हमें अगर हमारे देश को विश्वगुरु बनाना है तो इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास ध्यान देना होगा बिना इसके कोई भी प्रदेश विकास नहीं कर सकता है।
अडानी मामले पर राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर कसा तंज— घर में चुप्पी, विदेश में निजी मामला
14 Feb, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए अडानी समूह से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों पर उनकी चुप्पी पर सवाल उठाया है। राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी देश में इस मामले पर कोई जवाब नहीं देते और विदेश में इसे निजी मामला बताकर टाल देते हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा, कि घर में सवालों पर चुप्पी, विदेश में निजी मामला! मोदी जी के लिए दोस्त की जेब भरना राष्ट्र निर्माण है, जबकि रिश्वतखोरी और राष्ट्रीय संपत्ति की लूट सुविधाजनक रूप से निजी मामला बन जाती है।
पीएम मोदी ने अमेरिका में क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान जब अडानी से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों पर सवालों का सामना कर रहे थे, तब उन्होंने इसे खारिज करते हुए कहा कि, भारत एक लोकतंत्र है और हमारी संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम की है। दो देशों के प्रमुख कभी भी ऐसे व्यक्तिगत मामलों पर चर्चा नहीं करते हैं।
क्या है अडाणी मामला?
अमेरिकी न्याय विभाग ने गौतम अडानी, उनके भतीजे सागर अडानी और अडानी समूह के अन्य अधिकारियों पर 250 मिलियन डॉलर की रिश्वतखोरी योजना में संलिप्त होने का आरोप लगाया था। यह रिश्वत भारत में सौर ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़ी थी। अमेरिकी एजेंसियों का दावा है कि अडाणी समूह ने प्रतिभूति और वायर धोखाधड़ी में लिप्त रहते हुए अमेरिकी निवेशकों को गुमराह किया।
हालांकि, अडानी समूह ने इन आरोपों को निराधार बताया है और किसी भी तरह की अनियमितता से इनकार किया है। यहां अडानी मामले को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। पिछले साल संसद के शीतकालीन सत्र में भी यह मुद्दा उठा था, जहां विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने प्रदर्शन और सदन से वॉकआउट किया था।
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