राजनीति
महिलाओं को 2500 रुपये पर सीएम रेखा से मिलेंगी आतिशी
23 Feb, 2025 11:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । पूर्व सीएम आतिशी ने सीएम रेखा गुप्ता को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र लिखकर आप विधायक दल से सीएम के मिलने का समय मांगा है। इसके लिए 23 फरवरी के दिन को तय किया है। आतिशी सरकार पर लगातार सवाल उठा रही हैं कि 2500 रुपए प्रतिमाह महिलाओं को देने से जुड़ी योजना को लेकर पहली कैबिनेट में फैसला क्यों नहीं लिया गया? महिला समृद्धि योजना को लेकर आम आदमी पार्टी बीजेपी पर लगातार सवाल उठा रही है। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को लिखा पत्र 23 फरवरी को आतिशी ने आप विधायक दल के साथ मिलने का समय मांगा है। 2500 रुपए प्रतिमाह महिलाओं को देने से जुड़ी योजना को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने की मांग की। प्रधानमंत्री के वादे के बावजूद पहली कैबिनेट में यह योजना पास नहीं की गई। मोदी जी ने कहा था कि पहली कैबिनेट की बैठक में महिलाओं को 2500 रुपये प्रति माह की योजना पास होगी। नड्डा जी ने कहा था कि पहली कैबिनेट की बैठक में महिलाओं को 2500 रुपये प्रति माह की योजना पास होगी। पहली कैबिनेट के बाद जब एक रिपोर्टर ने पूछा कि स्कीम क्यों नहीं पास हुई, तो सीएम ने कहा कि यह कौन होते हैं हमें बताने वाले? वहीं दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के महिलाओं को स्थायी लाभ देने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं को ये राशि एक या दो महीने में देकर बंद नहीं करना है, ऐसे में इस कदम के लिए दृढ़ता से काम किया जा रहा है। सीएम ने कहा कि महिलाओं को 8 मार्च महिला दिवस के दिन इसका लाभ मिलेगा और उनके अकाउंट में 2500 रुपये की राशि को ट्रांसफर किया जाएगा। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि 13 साल आम आदमी पार्टी ने राज किया और 15 साल कांग्रेस पार्टी ने भी राज किया। इन सभी लोगों को अपना कार्यकाल देखना चाहिए। एक दिन में ये हमपर प्रश्न उठाने वाले कौन हैं? ये वही लोग हैं, जिन्होंने दिल्ली को बैकफुट में कर दिया, दिल्ली का सर्वनाश किया और दिल्ली की जनता के अधिकारों का हनन भी करते रहे। ये वही लोग हैं, जिन्होंने नारे तो दिए, लेकिन दिल्ली के लिए काम बिल्कुल भी नहीं किया। आज वो एक दिन में हमपर उंगली भी उठाने चले आए हैं। सीएम ने कहा कि ये तो हमलोग हैं, जो सरकार बनते ही बीजेपी की पहली कैबिनेट मीटिंग में ही आम आदमी पार्टी की ओर से बंद की गई आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत की है। हमने दिल्ली के लाखों लोगों के लाभ के लिए इसका फैसला लिया है।
शरद पवार ने बताया उन्होंने कैसे 8-10 मिनट के अंदर गिरा दी थी 1999 में अटल सरकार
23 Feb, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । एनसीपी (एसपी) प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने खुलासा किया कि जब 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार लोकसभा में सिर्फ एक वोट से अविश्वास प्रस्ताव हार गई थी, तब वे (पवार) ही थे जिन्होंने 8-10 मिनट तक चली चर्चा के बाद विपक्ष के पक्ष में “एक सत्तारूढ़ गठबंधन (एनडीए) का वोट” हासिल किया था। पवार ने दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में नीलेश कुमार कुलकर्णी द्वारा लिखित मराठी पुस्तक ‘संसद भवन ते सेंट्रल विस्टा’ के विमोचन के मौके पर यह खुलासा किया।
पुराने संसद भवन की अपनी यादों के बारे में याद कर पवार ने 1999 का वह किस्सा सुनाया, जब वे वाजपेयी सरकार के दौरान विपक्ष के नेता थे। पवार ने कहा, “बहुत कम लोगों को याद होगा कि 1999 में मैं विपक्ष का नेता था। हमने वाजपेयी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था और संसद में इस पर काफी बहस हुई थी। अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले, हमारे पास आठ से दस मिनट का समय था जब मैं ‘चर्चा’ के लिए सदन से बाहर चला गया था। उसके बाद, जब मतदान हुआ, तब सरकार की तरफ से एक सदस्य ने विपक्ष के पक्ष में मतदान कर दिया। वाजपेयी सरकार को सिर्फ एक वोट से बाहर किया गया। मैंने विपक्ष के पक्ष में वह एक वोट हासिल किया, लेकिन मैं यह नहीं बताऊंगा कि मैंने यह कैसे किया। पवार ने कहा कि नए संसद भवन के प्रति लगाव अभी तक नहीं हुआ है। मैं अभी भी पुराने संसद भवन के प्रति लगाव महसूस करता हूं जिसने देश के प्रतिष्ठित राजनेताओं को देखा है। पवार ने 1962-63 में कांग्रेस की बैठक के लिए दिल्ली की अपनी पहली यात्रा को याद करते हुए बताया कि कैसे वह और पार्टी में उनके कुछ साथी पहली बार जवाहरलाल नेहरू को देखकर अचंभित रह गए थे।
तेजस्वी यादव पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का पलटवार, सत्ता में आने के ख्याली पुआ पका रहे
23 Feb, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना । केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है। दरअसल तेजस्वी यादव ने बयान दिया था कि बीजेपी में एक नहीं, चार गुट है। इस पर केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि बीजेपी में सिर्फ एक ही गुट है। उसका नाम है भारतीय जनता पार्टी। उन्हें अपने गुट के बारे में सोचना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि तेजस्वी ख्याली पुआ पका रहे हैं। अपने मन में पुआ पकाने से उन्हें कौन रोक सकता है। बिहार में एनडीए की सरकार बनेगी। सरकार जनता बनाती है। अपने मन से अगर उन्हें सरकार बनाना है, तब बनने दिजिए। बिहार की जनता फिर से जंगलराज की वापसी नहीं चाहती है।
आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने नई दिल्ली में भगदड़ से मौतों के बाद कुंभ को फालतू बताया था। इस पर केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि जिनकी जैसी भावना, वैसी बात बोल रहे हैं। सनातन को गाली देना उचित नहीं है। इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा।
दरअसल, पटना में तेजस्वी ने कहा था, बीजेपी में एक नहीं, चार गुट है। जमीनी स्तर पर कोई तालमेल नहीं है। सरकार में बने रहने के लिए सिर्फ डील हो रहा है। साक्षरता के मामले में आज बिहार पीछे है। बेरोजगारी और पलायन जारी है। जनता ने एनडीए को बहुत मौका दिया है।
केजरीवाल अच्छा काम कर रहे थे, शराब दुकान खोलकर राह से भटक गए
23 Feb, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को लेकर कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक मुख्यमंत्री के तौर पर अच्छा काम कर रहे थे, लेकिन उन्होंने शराब की दुकानें खोलनी शुरू कर दी थीं और इसके परिणामस्वरूप उन्हें लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। रेखा गुप्ता के दिल्ली की नई सीएम बनने पर हजारे ने कहा कि यह दिल्ली के लिए गर्व की बात है कि एक महिला शीर्ष कुर्सी पर बैठी है।
उन्होंने कहा कि लोगों ने रेखा गुप्ता को उनके शुद्ध विचारों और कार्यों के कारण वोट दिया है। अन्ना ने कहा कि सीएम के तौर पर केजरीवाल को समाज के सामने एक उदाहरण पेश करना चाहिए था, लेकिन वे अपनी राह से भटक गए। भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को आम आदमी पार्टी के जन्म का श्रेय दिया जाता है। अन्ना हजारे ने आप सरकार की विवादास्पद आबकारी नीति का जिक्र करते हुए कहा कि पहले के केजरीवाल अच्छा काम कर रहे थे और तीन बार दिल्ली के सीएम बने। मैंने उनके खिलाफ कुछ नहीं कहा क्योंकि वह अच्छा काम कर रहे थे, लेकिन फिर उन्होंने धीरे-धीरे शराब की दुकानें खोलनी शुरू कर दीं और लाइसेंस जारी करने लगे। तब मैं परेशान हो गया।
बता दें केजरीवाल कभी भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में अन्ना हजारे के सहयोगी थे। हजारे शराब की खपत या बिक्री के कट्टर विरोधी हैं। 2012 में केजरीवाल द्वारा आप का गठन करने के बाद दोनों अलग हो गए थे। इस महीने की शुरुआत में हुए चुनावों में बीजेपी ने दिल्ली में आप को सत्ता से बाहर कर दिया और केजरीवाल भी हार गए।
निशांत कुमार ने नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर उठाए गए सवालों को किया खारिज, कहा- "वह 100% फिट हैं"
22 Feb, 2025 06:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत ने शुक्रवार को लोगों से इस वर्ष के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में उनके पिता को फिर से सत्ता में लाने के लिए वोट देने का आग्रह किया और कहा कि कुमार 100% फिट हैं. निशांत ने यहां हवाई अड्डे पर पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत की, हालांकि उन्होंने राजनीति में खुद के प्रवेश की अटकलों के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया.
दिल्ली में एक शादी समारोह में शामिल होने गए निशांत ने कहा, "यह चुनावी साल है. मैंने पहले भी लोगों से अपने पिता के लिए वोट देने का आग्रह किया है. मैंने फिर ऐसा ही किया. उन्होंने बिहार के लिए बहुत कुछ किया है. उनके सत्ता में लौटने से यह सुनिश्चित होगा कि विकास निर्बाध रूप से जारी रहेगा." उनसे उनके पिता के मुख्य प्रतिद्वंद्वी राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा जद प्रमुख के स्वास्थ्य को लेकर संदेह जताने के बारे में पूछे जाने पर निशांत ने कहा, "मेरे पिता 100% फिट हैं."
ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि निशांत जद में शामिल हो सकते हैं, जिसके पास उनके पिता के इस्तीफे की स्थिति में उत्तराधिकार की कोई योजना नहीं है. मीडिया के एक वर्ग में ऐसी भी खबरें आई हैं कि वह उसी हरनौत निर्वाचन क्षेत्र से राज्य विधानसभा चुनाव में पदार्पण कर सकते हैं, जहां से दशकों पहले उनके पिता निर्वाचित हुए थे. निशांत ने हालांकि अटकलों से जुड़े सवालों का जवाब नहीं दिया और पत्रकारों की भीड़ से होते हुए जल्दी से अपनी कार में बैठ गए.
थरूर ने पार्टी में अपनी भूमिका को लेकर जताया असंतोष, कहा- आखिर मेरी भूमिका ही क्या? आला कमान बताए…
22 Feb, 2025 01:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर पार्टी नेतृत्व से नाराज नजर आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक हाल ही में दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात में थरूर ने पार्टी में अपनी भूमिका को लेकर असंतोष जताया। थरूर ने खुलकर सवाल किया कि पार्टी में उनकी क्या भूमिका है और उन्हें क्यों दरकिनार किया जा रहा है। हालांकि, चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने थरूर की किसी भी शिकायत या सुझाव पर ठोस आश्वासन देने से इनकार कर दिया।
कांग्रेस और शशि थरूर के बीच बढ़ती दूरियां पार्टी के लिए नई चुनौती बनती जा रही हैं। अगर जल्द ही इसका समाधान नहीं निकला तो यह विवाद आगामी चुनावों में पार्टी की रणनीति और प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।
नाराज शशि थरूर ने पूछा- मेरी भूमिका बताएं कोई?
मुलाकात के दौरान थरूर ने संसद में अपनी उपेक्षा, ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस (एआईपीसी) से निकाले जाने के तरीके और राज्य की राजनीति में उनकी भूमिका समेत कई मुद्दे उठाए। थरूर ने कहा कि वह संसद में पार्टी का नेतृत्व करने में सक्षम हैं, लेकिन उन्हें मौका नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने राहुल से यह भी पूछा कि क्या पार्टी चाहती है कि वे केरल की राजनीति पर ध्यान दें, लेकिन राहुल गांधी ने इसका स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया।
कांग्रेस नेतृत्व से मतभेद
थरूर और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के बीच मतभेद पहले भी सामने आ चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से उनकी मुलाकात पर कांग्रेस के रुख से अलग राय रखने के लिए थरूर की पहले भी आलोचना हो चुकी है। एलडीएफ सरकार के तहत केरल में औद्योगिक विकास की प्रशंसा करने वाले उनके हालिया लेख ने पार्टी के भीतर असंतोष को और बढ़ा दिया। पार्टी के कई नेता इस लेख को कांग्रेस के खिलाफ मानते हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने एयर इंडिया की सेवा पर उठाए सवाल, टूटी सीट मिलने पर जताई नाराजगी
22 Feb, 2025 12:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एयर इंडिया की बदइंतजामियों पर नाराजगी जताई है। शिवराज की नाराजगी इतनी बढ़ गई कि उन्होंने अपनी पीड़ा को सोशल मीडिया पर "X" पर शेयर किया। शिवराज सिंह चौहान भोपाल से दिल्ली एयर इंडिया की फ्लाइट से आ रहे थे। इसी दौरान जो सीट उन्हें आवंटित की गई वह टूटी और धंसी हुई थी। उस पर बैठने में भी उन्हें तकलीफ हो रही थी। उन्होंने एयर इंडिया की इन बदइंतजामियों पर सवाल भी उठाए।
टूटी और धंसी सीट पर बैठकर पूरी की यात्रा
शिवराज सिंह चौहान पूसा किसान मेले का उद्घाटन करने के लिए दिल्ली आ रहे थे। साथ ही कुरुक्षेत्र में एक मीटिंग और चंडीगढ़ में किसान संगठन के प्रतिनिधियों से चर्चा करने का उनका प्लान है। भोपाल से दिल्ली आने के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर AI436 में उन्होंने अपना टिकट करवाया था। लेकिन जब वे अपनी सीट पर बैठे तो वह टूटी हुई और अंदर धंसी हुई थी। उस पर बैठने में उन्हें दिक्कत महसूस हो रही थी। उन्होंने एयर इंडिया की इस बदइंतजामी का जिक्र करते हुए एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया।
बैठना तकलीफदायक था
शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, "आज मुझे भोपाल से दिल्ली आना था, पूसा में किसान मेले का उद्घाटन, कुरुक्षेत्र में प्राकृतिक खेती मिशन की बैठक और चंडीगढ़ में किसान संगठन के माननीय प्रतिनिधियों से चर्चा करनी है। मैंने एयर इंडिया की फ्लाइट क्रमांक AI436 में टिकट करवाया था, मुझे सीट क्रमांक 8C आवंटित हुई। मैं जाकर सीट पर बैठा, सीट टूटी और अंदर धंसी हुई थी। बैठना तकलीफदायक था। जब मैंने विमानकर्मियों से पूछा कि खराब सीट थी तो आवंटित क्यों की? उन्होंने बताया कि प्रबंधन को पहले सूचित कर दिया था कि ये सीट ठीक नहीं है, इसका टिकट नहीं बेचना चाहिए। ऐसी एक नहीं और भी सीटें हैं। सहयात्रियों ने मुझे बहुत आग्रह किया कि मैं उनसे सीट बदल कर अच्छी सीट पर बैठ जाऊं। लेकिन मैं अपने लिए किसी और मित्र को तकलीफ क्यों दूं, मैंने फैसला किया कि मैं इसी सीट पर बैठकर अपनी यात्रा पूरी करूंगा।"
क्या ये यात्रियों के साथ धोखा नहीं
शिवराज सिंह इतने पर ही नही रुके। उन्होंने आगे लिखा, "मेरी धारणा थी कि टाटा प्रबंधन के हाथ में लेने के बाद एयर इंडिया की सेवा बेहतर हुई होगी, लेकिन ये मेरा भ्रम निकला। मुझे बैठने में कष्ट की चिंता नहीं है, लेकिन यात्रियों से पूरा पैसा वसूलने के बाद उन्हें खराब और कष्टदायक सीट पर बैठाना अनैतिक है। क्या ये यात्रियों के साथ धोखा नहीं है? क्या आगे किसी यात्री को ऐसा कष्ट न हो। इसके लिए एयर इंडिया प्रबंधन कदम उठाएगा या यात्रियों की जल्दी पहुंचने की मजबूरी का फायदा उठाता रहेगा।
पंजाब सरकार का चौंकाने वाला फैसला: धालीवाल के पास था मंत्रालय, जो अस्तित्व में नहीं था
22 Feb, 2025 11:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब सरकार की और से एक हैरान करने वाला नोटिफिकेशन जारी किया गया है. नोटिफिकेशन के मुताबिक पंजाब सरकार का डिपार्मेंट Administrative Reforms Exist यानी प्रशासनिक सुधार मंत्रालय ऐसा कोई विभाग ही नहीं है. पंजाब सरकार ने जिस मंत्रालय को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया है, मंत्रालय की कमान कुलदीप सिंह धालीवाल के पास थी. वे पिछले 20 महीनों से विभाग का कामकाज देख रहे थे. धालीवाल से अब तक कुल तीन विभाग वापिस लिए जा चुके हैं. इससे पहले ग्रामीण विकास एवं पंचायत और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग भी उनसे वापिस लिया गया था.
प्रशासनिक सुधार मंत्रालय को किया नकारा
कुलदीप सिंह धालीवाल के पास NRI मामलों के साथ प्रशासनिक सुधार मंत्रालय भी था, लेकिन अब करीब 20 महीने बाद पंजाब सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी किया गया है कि ये विभाग Exist ही नहीं करता है. सरकार ने आधिकारिक तौर पर ये मान लिया है कि इस तरीके के किसी विभाग का कोई अस्तित्व ही नहीं था.
सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन
पंजाब सरकार ने इसके लिए सरकारी गजट अधिसूचना को भी जारी किया है. जिसके अनुसार, प्रशासनिक सुधार विभाग अब अस्तित्व में नहीं है, जिसके चलते मुख्यमंत्री की सलाह पर पंजाब के राज्यपाल ने यह बदलाव 7 फरवरी 2025 से प्रभावी कर दिया है. विभाग खत्म होने की नोटिफिकेशन से पहले शुक्रवार की शाम पंजाब की भगवंत मान सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया. फैसला में उन्होंने पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया. पंजाब की सरकार ने बड़ा फेरबदल करते हुए 21 अफसरों का ट्रांसफर कर दिया. पंजाब सरकार ने जिस विभाग को खत्म किया है वह केवल कागजों पर ही था. मतलब पिछले 20 महीने से यह विभाग केवल कागजों पर ही चल रहा था.
NRI मामलों के मंत्रालय को संभालेंगे धालीवाल
सरकार की तरफ से जारी नोटिफिकेशन की माने तो कुलदीप सिंह धालीवाल अब सिर्फ NRI मामलों के मंत्रालय का प्रभार संभालेंगे. प्रशासनिक सुधार विभाग के हटने से उनके कार्यक्षेत्र में अब सिर्फ एनआरआई मामलों पर ही ध्यान केंद्रित रहेगा. ऐसे में सवाल उठता है कि मंत्री आखिर 20 महीनों से किस विभाग के नाम पर आदेश और फैसले जारी करते रहे. पंजाब के राज्यपाल ने सीएम भगवंत मान की सलाह पर गजट नोटिफिकेशन जारी किया.
कौन हैं कुलदीप सिंंह धालीवाल
कुलदीप सिंह धालीवाल कॉलेज के दिनों से ही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के समर्थक थे. वे 1990 में कांग्रेस में शामिल हुए, लेकिन उसके बाद कुछ सालों के लिए उन्होंने पार्टी छोड़ दी. वापस आने पर वे फिर से कांग्रेस में शामिल हो गए. यहां वे दोबारा ज्याद टिक नहीं पाए. अंततः आम आदमी पार्टी से हाथ मिला लिया. धालीवाल ने 2019 में पहली बार और 2024 में दूसरी आप की तरफ से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे. पंजाब सरकार में मंत्री कुलदीप अजनाला विधानसभा सीट से लगातार 2 बार चुनाव जीत चुके हैं.
USAID के खुलासे पर उपराष्ट्रपति धनखड़ का बयान, पॉलिटिकल COVID से लोकतंत्र को हो सकता है खतरा
22 Feb, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भारत में चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने में यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) द्वारा कथित तौर पर वित्त पोषण किए जाने को लेकर शुक्रवार को चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि, "जिन लोगों ने देश के लोकतांत्रिक मूल्यों पर इस तरह के हमले की अनुमति दी, उन्हें बेनकाब किया जाना चाहिए." उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी ताकतों पर प्रहार करना लोगों का राष्ट्रीय कर्तव्य है. अमेरिका के मियामी में गुरुवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत में मतदान में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए USAID द्वारा दी गई 2.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर की वित्तीय सहायता पर सवाल उठाया और कहा कि मुझे लगता है कि वे किसी और को निर्वाचित कराने का प्रयास कर रहे थे.
राजनीतिक कोविड ने की घुसपैठ
उपराष्ट्रपति निवास में शनिवार को 5वें आरएस इंटर्नशिप कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए जगदीप धनखड़ ने कहा कि समय आ गया है कि हम पूरी तरह से इस बीमारी की जांच करें. हमारे लोकतंत्र को नष्ट करने के लिए हमारे समाज में इस राजनीतिक कोविड ने घुसपैठ की है. इस भयावह गतिविधि में शामिल सभी लोगों को पूरी तरह से बेनकाब किया जाना चाहिए.
लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश
उन्होंने यहां तक कहा कि चुनाव करना केवल भारतीय लोगों का अधिकार है. कोई भी उस प्रक्रिया से छेड़छाड़ कर रहा है. तो वह हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रहा है. इससे हमारे लोकतंत्र को नष्ट करने की कोशिश की जा रही है. धनखड़ ने कहा कि हमारे संस्थान कलंक का सामना कर रहे हैं, जो कि अंधविश्वास का एक पहलू है. हमारे संवैधानिक पदाधिकारियों का उपहास उड़ाया जाता है. चाहे वह राष्ट्रपति हों, उपराष्ट्रपति हों या प्रधानमंत्री. ये राजनीतिक पद नहीं हैं, ये हमारी संस्थाएं है. इनको लेकर लोग न्यूनतम सम्मान भी दिखाने में विफल रहते हैं.
राष्ट्रपति की अपमान
उन्होंने कहा कि जब देश की राष्ट्रपति जैसे उच्च पद पर आसीन होने वाली पहली आदिवासी महिला को शर्मिंदा किया जाता है, उपहास किया जाता है, तो मेरा दिल दुखता है. यहां तक कि जब वह संसद के संयुक्त सत्र में अपना संवैधानिक कर्तव्य निभाती हैं, तो उनका उपहास किया जाता है. जबकि उनका एक विधायक, मंत्री, राज्यपाल के रूप में और अब भारत की राष्ट्रपति के रूप में एक समर्पित सेवा का ट्रैक रिकॉर्ड है.
उपराष्ट्रपति ने बताया अपना दर्द
उपराष्ट्रपति ने कहा कि छह दशकों के बाद पहली बार कोई प्रधानमंत्री तीसरे कार्यकाल के लिए पद पर बना रहेगा. मैं अपनी स्थिति पर नहीं आऊंगा लेकिन दर्द के कुछ अविस्मरणीय क्षण होते हैं, जब संसद के पवित्र परिसर में एक जिम्मेदार राजनीतिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा नकल की वीडियोग्राफी की जाती है. कभी-कभी हम इसको नजरअंदाज कर सकते हैं. लेकिन हम कभी भूल नहीं सकते, हम उन्हें माफ कर देते हैं, यही हमारी संस्कृति है.
बड़ी चुनौती का सामना कर रहा देश
अवैध अप्रवास पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि देश एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है क्योंकि हमारे बीच लाखों अवैध प्रवासी हैं. जो हमारे लोगों को कार्य शिक्षा सुविधाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी सरकारी सुविधाओं से वंचित कर रहे हैं. ये घुसपैठ आक्रमण से कम नहीं है. इस वक्त पूरी दुनिया इसे लेकर गंभीर हो गई है.
विदेश जाने का लालच
उन्होंने कहा कि हमारी नींद तब खुली, जब किसी देश के कानून के तहत हमारे ही कुछ लोग जिनके साथ धोखा हुआ. जिन्हें गलत तरीकों से विदेश जाने का लालच दिया गया था, उनको वापस यहां लाया जाता हैं. लेकिन हम अपने पैरों के नीचे की जमीन पर नजर नहीं डालते. हम रेत पर हैं. यह बम आपके लिए टिक-टिक कर रहा है. यूरोप में ऐसी स्थितियां देखी जा रही हैं. कुछ देशों में ऐसे हालात देखने को मिल रहे हैं. हम शांत दिखते हैं. लेकिन ये शांति किसी तूफान से पहले की है. आइए हम उस तूफान को रोकें. और यह तभी किया जा सकता है, जब लोग अपनी मानसिकता बदलेंगे.
पुणे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बैठक, राज्यों के बीच विवाद समाधान पर होगी चर्चा
22 Feb, 2025 08:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज शनिवार को महाराष्ट्र के पुणे में 27वीं पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्यों के बीच विवादों का समाधान निकालना और सहकारी संघवाद को मजबूत करना है। बैठक में बुनियादी ढांचे, खनन, जल आपूर्ति, पर्यावरण, वन और राज्य पुनर्गठन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी), टेलीकॉम और इंटरनेट के विस्तार और क्षेत्रीय विकास से जुड़े सामान्य मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं।
राष्ट्रीय मुद्दों पर होगी गहन चर्चा
बैठक में राष्ट्रीय स्तर के कई अहम मुद्दों पर भी मंथन होगा, जिनमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की तेज जांच, फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट की स्थापना, प्रत्येक गांव में 5 किलोमीटर के दायरे में बैंक और इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की सुविधा, पोषण अभियान के तहत बच्चों में कुपोषण कम करने के प्रयास, स्कूली बच्चों की ड्रॉपआउट दर घटाने के उपाय और आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में सरकारी अस्पतालों की भागीदारी जैसे विषय शामिल होंगे।
केंद्रीय और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी एक मंच पर
पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद में महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव शामिल हैं। बैठक में इन राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक, प्रत्येक राज्य के दो वरिष्ठ मंत्री, मुख्य सचिव, सलाहकार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। इसके अलावा, केंद्रीय गृह सचिव, अंतर-राज्यीय परिषद के सचिव और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर तालमेल पर जोर
बता दें कि 1957 में राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत पांच क्षेत्रीय परिषदों की स्थापना की गई थी। केंद्रीय गृह मंत्री इन परिषदों के अध्यक्ष होते हैं, जबकि संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक इसके सदस्य होते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद को बढ़ावा देने पर जोर दिया है, ताकि राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके। गृह मंत्री अमित शाह ने भी राज्यों को सशक्त बनाने और क्षेत्रीय परिषदों को एक प्रभावी कार्य मंच के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम उठाए हैं।
एकनाथ शिंदे के वाहन पर संभावित बम हमले की चेतावनी दी गई
21 Feb, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। एक अज्ञात ने कथित तौर पर उनके वाहन को उड़ाने की धमकी दी है। मुंबई पुलिस ने ईमेल भेजने वाले अज्ञात व्यक्ति का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक धमकी भरा ईमेल गोरेगांव पुलिस स्टेशन, मंत्रालय और जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन सहित कई स्थानों पर भेजा गया था। संदेश में एकनाथ शिंदे के वाहन पर संभावित बम हमले की चेतावनी दी गई, जिससे सुरक्षा चिंताएं बढ़ गईं हैं। शुरुआती जांच से पता चल रहा है कि ईमेल एक धोखा हो सकता है, लेकिन अधिकारी कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं। मुंबई पुलिस साइबर सेल और खुफिया टीमें ईमेल के आईपी पते और स्रोत का पता लगाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। धमकी के बाद शिंदे की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, अतिरिक्त पुलिस तैनाती और निगरानी उपाय किए गए हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि धमकी भेजने वाले की पहचान करने के लिए गहन जांच की जा रही है।
मुंबई पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और संदिग्ध की तलाश जारी रखते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करने का आग्रह किया है। वहीं, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच कई मुद्दों पर मतभेद दिखाई दे रहे हैं, जिनमें संरक्षक मंत्री की नियुक्ति से लेकर समीक्षा बैठकें करना भी शामिल है। बीजेपी के नेतृत्व वाले तीन दलों के गठबंधन महायुति ने तीन महीने पहले महाराष्ट्र अपनी सरकार बनाई थी। हालांकि दोनों के बीच मतभेद की अटकलों पर विराम लगाने के लिए कोई भी स्पष्टीकरण या दावा नाकाफी साबित हो रहा है।
देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के बीच चल रहे शीत युद्ध में नए-नए दांव चले जा रहे
21 Feb, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बीच चल रहे शीत युद्ध में नए-नए दांव चले जा रहे हैं। फिलहाल सीएम की कुर्सी पर देवेंद्र फडणवीस काबिज हैं। कई बार एकनाथ शिंदे को चुभने वाले फैसले भी प्रदेश सरकार से लेकर स्थानीय निकाय तक में लिए जा रहे हैं। अब एकनाथ शिंदे का प्रोजेक्ट कहे जाने वाले 1400 करोड़ रुपए के टेंडर को बीएमसी ने खारिज कर दिया है, जिसके तहत सूखे कचरे का मैनेजमेंट किया जाना था। इस योजना के तहत चार साल के लिए टेंडर जारी हुआ था। इस योजना के जरिए से घर-घर से कचरा कलेक्शन करना और स्लम एरिया में रास्तों की सफाई, नालों की सफाई और टॉयलेट का मेंटनेंस करना शामिल था।
इस योजना के तहत बीते साल फरवरी में टेंडर जारी हुए थे। इसके बाद बीएमसी ने सफाई व्यवस्था शुरू की थी। हर वीकेंड पर स्लम बस्तियों में सफाई अभियान चलाए जा रहे थे और झुग्गी बस्तियों में नियमित सफाई के लिए एजेंसी भी हायर करने की योजना थी। इस योजना को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब बेरोजगार संस्था फेडरेशन ने इस पर आपत्ति जताई। इनका कहना था कि स्थानीय स्तर पर सामुदायिक संस्थाओं को इसमें शामिल क्यों नहीं किया जा रहा है। यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा गया था। यही नहीं एमएलसी प्रवीण दारेकर ने मानसून सत्र में सदन में इस पर सवाल उठाया था। जब यह मामला बढ़ा तो अब बीएमसी ने टेंडर ही कैंसिल कर दिया है। इस तरह यह योजना ही रद्द हो गई है।
पूर्व सीएम एकनाथ शिंदे के लिए प्रोजेक्ट को रद्द किया जाना एक झटका है। इसकी वजह यह है कि स्कीम के जरिए वह स्लम क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ाना चाहते थे। अब उनके पास जनता तक पहुंचने वाली कोई बड़ी योजना नहीं है। बीएमसी का चुनाव एकनाथ शिंदे बीजेपी से अलग होकर अपने दम पर लड़ने की योजना बना रहे हैं। ऐसे में बीएमसी का टेंडर ही रद्द कर देना उनके लिए झटका है। बता दें कि बीएमसी चुनाव में अब तक किसी भी गठबंधन में एक साथ लड़ने पर सहमति नहीं बनी है। महायुति से लेकर महाविकास अघाड़ी तक के सभी दल अलग-अलग ही चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं।
आम आदमी पार्टी छोड़कर 2019 में बीजेपी में हो गए थे शामिल कपिल मिश्रा
21 Feb, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली में गुरुवार को नई सरकार का गठन हो गया। शालीमार बाग से पहली बार की विधायक रेखा गुप्ता ने दिल्ली की सीएम पद की शपथ ली। वहीं रेखा गु्प्ता की कैबिनेट में 6 मंत्री भी शामिल किए गए। इसमें विधायक कपिल मिश्रा भी शामिल हैं। मिश्रा पहले आम आदमी पार्टी के सदस्य थे, लेकिन 2019 में वे बीजेपी में शामिल हो गए। कपिल मिश्रा अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं।
कपिल मिश्रा को बीजेपी ने इस बार करावल नगर विधानसभा से टिकट दिया था। उन्होंने इस सीट पर आम आदमी पार्टी के मनोज कुमार त्यागी को हराया है। करावल नगर बीजेपी का गढ़ माना जाता है। 2015 में भी मिश्रा इसी सीट से आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीते थे। 2015 का चुनाव जीतने के बाद केजरीवाल ने उन्हें जल और पर्यटन मंत्री बनाया था, लेकिन 2017 में उन्हें बर्खास्त कर दिया और आप से निलंबित कर दिया गया। मिश्रा ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने केजरीवाल को उनके साले के लिए 50 करोड़ रुपए के जमीन सौदे में मदद की थी। आप से निकाले जाने के बाद कपिल मिश्रा लगातार केजरीवाल पर हमलावर रहे हैं।
साल 2019 में कपिल मिश्रा बीजेपी में शामिल हो गए। 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने मॉडल टाउन विधानसभा से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। बीजेपी ने अगस्त 2023 में मिश्रा को दिल्ली बीजेपी का उपाध्यक्ष बनाया। वहीं अब वह दिल्ली सरकार में मंत्री के रूप में शपथ लेंगे और काम काम संभालेंगे।
शीशमहल को म्यूजियम बनाया जाएगा
21 Feb, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बीजेपी विधायक दल की नेता रेखा गुप्ता ने सीएम पद की शपथ से पहले ही कहा कि शीशमहल को म्यूजियम बनाया जाएगा। बतौर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जिस बंगले में रहते थे उसे बीजेपी शीशमहल कहती है। आरोप है कि केजरीवाल ने इस बंगले के पुनर्निर्माण और साज-सज्जा पर करोड़ों रुपए खर्च किए थे। बीजेपी पहले ही तय कर चुकी है कि उनका सीएम इस बंगले में नहीं रहेगा।
बुधवार शाम बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में विधायक दल की नेता चुनी गईं रेखा गुप्ता ने एक टीवी चैनल से बातचीत में शीशमहल को लेकर कहा कि हम शीशमहल को म्यूजियम बनाएंगे... हम उन सभी वादों को पूरा करेंगे जो पीएम मोदी ने जनता से किए हैं। इस पद के लिए मुझे चुनने के लिए मैं आभार प्रकट करती हूं।
शीशमहल में रहने के सवाल रेखा गुप्ता ने कहा कि वह उसमें नहीं रहेंगी। वह जनता के खून पसीने की कमाई का महल है। वह जनता को ही समर्पित करेंगी। जनता जाए, उसको देखे और उन्हें हर क्षण इस बात का अहसास होगा कि उनका पैसा कहां खर्च हुआ है। दिल्ली में 6 फ्लैगस्टाफ रोड स्थित इस बंगले को लेकर बीजेपी और आप के बीच लंबे समय से वार-पलटवार चल रहा है। बंगले में कथित तौर पर अवैध रूप से करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं।
हाल ही में मीडिया में लीक रिपोर्ट में भी ऐसी बातें सामने आईं थीं कि सीवीसी ने जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि कोरोना काल में अरविंद केजरीवाल ने आसपास के कई बंगलों को अपने आवास में मिला लिया और करोड़ों रुपए खर्च किए। कथित शराब घोटाले में जेल गए केजरीवाल ने बाहर आने के बाद जब पद से इस्तीफा दिया तो बंगले को खाली कर दिया था। दिल्ली में चुनाव के दौरान भी बीजेपी ने शीशमहल को एक बड़ा मुद्दा बनाया था। खुद पीएम मोदी ने भी रैलियों में इसका जिक्र किया था। बीजेपी दिल्लीवालों को याद दिलाती थी कि किस तरह केजरीवाल राजनीति में आने के समय कहते थे कि वह सीएम बनने पर बड़े बंगले में नहीं रहेंगे।
मोदी के रहते मुमकिन नहीं है 370 की वापसी: सीएम अब्दुल्ला
21 Feb, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के भले ही केंद्र सरकार से अच्छे संबंध बताए जाते हैं लेकिन मौका आने पर उमर अपनी बात कहने से नहीं चूकते हैं। हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने कहा कि यदि मोदी सरकार द्वारा किए गए वादे पूरे नहीं होते हैं तो उनकी सरकार केंद्र के साथ अपने संबंधों को लेकर पुनर्मूल्यांकन कर सकती है। साथ ही उन्होंने यह भी साफ शब्दों में कहा है कि पीएम मोदी के रहते जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल-370 की वापसी नहीं हो सकती है।
दरअसल एक इंटरव्यू के दौरान सीएम उमर अब्दुल्ला से जब यह पूछा गया कि जब तक नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री हैं, क्या जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के बहाल होने की कोई संभावना है? उमर अब्दुल्ला ने साफ शब्दों में कहा कि नहीं, इसकी कोई संभावना नहीं है।
उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के प्रति अपनी दृष्टिकोण को लेकर उठाए गए सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के पहले कुछ महीनों में केंद्र के साथ एक सहयोगात्मक संबंध स्थापित करना महत्वपूर्ण था। उन्होंने कहा, कम से कम मेरी सरकार के पहले कुछ महीनों में मुझे जम्मू और कश्मीर के लोगों के लिए केंद्र सरकार के साथ एक अच्छा कार्य संबंध स्थापित करने की कोशिश करनी चाहिए। 2019 में केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के मुद्दे पर उमर अब्दुल्ला ने अपनी स्थिति को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा की इसकी बहाली के लिए संघर्ष को छोड़ा नहीं गया है। उन्होंने कहा, हमने विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया था जिसमें जम्मू और कश्मीर के स्पेशल स्टेटस को बहाल करने और संवैधानिक गारंटी को फिर से लाने की मांग की गई थी।
दुर्लभ दर्शन: यहाँ विराजते हैं मूंछों वाले प्रभु श्रीराम, 'कर्ज मुक्ति' के लिए प्रसिद्ध है यह धाम
अक्षय तृतीया पर बन रहा खास संयोग, आज करें ये शुभ कार्य और पाएं अक्षय फल
विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
बंदूक से विकास की ओर: सुकमा के तुंगल इको-पर्यटन केंद्र की प्रेरक कहानी
उमरिया जिले की पूजा सिंह ने रची आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी
हमने सीवर सफाई के काम को चुनौती के रुप में स्वीकार किया है और हम बदलाव लाकर दिखाएंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर मिले दो प्रतिष्ठित पुरस्कार
राज्यमंत्री गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
