राजनीति
'एक जनता की इज्जत करता है तो दूसरा बेइज्जत'- अपनी ही पार्टी पर टिप्पणियां करते राहुल गाँधी
8 Mar, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: राहुल गांधी ने आज अहमदाबाद में स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियों में जुटे पार्टी कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित किया. राहुल ने कई चौंकाने वाली बातें की और अपनी ही पार्टी को आईना दिखाया. राहुल गांधी ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी को 20-30 लोगों को निकालना भी पड़े तो ऐसा करने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए. कांग्रेस सांसद राहुल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में कई बहादुर शेर हैं. लेकिन पार्टी में दो गुट हैं. एक जनता के साथ है, जबकि दूसरा जनता से दूर है।
'मैं यहां कांग्रेस पार्टी के लिए नहीं आया हूं'
गुजरात प्रदेश कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए राहुल ने कहा, 'उन्हें यह स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं है कि गुजरात प्रदेश कांग्रेस के नेता दिशा दिखाने में विफल रहे.' इससे पहले राहुल ने अहमदाबाद में 'कार्यकर्ता सम्मेलन' में महिला कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और उन्हें महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं. राहुल ने कहा कि 'कल मैंने वरिष्ठ नेताओं, जिला और ब्लॉक अध्यक्षों से मुलाकात की. राहुल गांधी के मुताबिक, 'मेरा लक्ष्य यह जानना और समझना था कि आपके दिल में क्या है. इस बातचीत में संगठन, गुजरात की राजनीति और सरकार के कामकाज से जुड़ी कई बातें सामने आईं। लेकिन मैं यहां सिर्फ कांग्रेस पार्टी के लिए नहीं आया हूं, बल्कि राज्य के युवाओं, किसानों, महिलाओं और छोटे व्यापारियों के लिए आया हूं।'
'गुजरात कांग्रेस में गुटबाजी'
राहुल गांधी ने कहा कि गुजरात में कांग्रेस के संगठन में कई तरह की फूट है। उन्होंने कहा कि 'एक जनता का सम्मान करता है, जनता के मुद्दों के लिए आवाज उठाता है, उसके दिल में कांग्रेस पार्टी की विचारधारा है। दूसरा गुट जनता का सम्मान नहीं करता। उसके लोग भाजपा से मिले हुए हैं।' राहुल के इतना कहते ही पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका जमकर उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि जब तक पार्टी के इन दो तरह के नेताओं को अलग नहीं किया जाता, तब तक यहां की जनता कांग्रेस पर भरोसा नहीं कर सकती।
'अगर 20-30 लोगों को हटाना पड़े तो हटा दें'
राहुल गांधी ने कहा कि 'कांग्रेस पार्टी में नेताओं की कमी नहीं है। शेर हैं, लेकिन पीछे से जंजीर है और शेरों को बांधा जाता है। मैं एक मीटिंग कर रहा था, जिसमें एक कार्यकर्ता ने कहा कि दो तरह के घोड़े होते हैं, एक रेस के लिए और दूसरा शादी के लिए। कांग्रेस पार्टी शादी के घोड़े को रेस में और रेस के घोड़े को शादी में उतारती है। अब गुजरात की जनता भी देख रही है कि शादी के घोड़े को रेस में उतारा जा रहा है।' राहुल गांधी ने कहा कि 'सबसे पहला काम हमें पार्टी के अंदर गुटबाजी को खत्म करना है और इसके लिए अगर 20-30 लोगों को निकालना पड़े तो उन्हें निकालना चाहिए।'
राजीव गांधी को 'उत्कृष्ट' प्रधानमंत्री बताते हुए मणिशंकर अय्यर ने बीजेपी की आलोचना
8 Mar, 2025 09:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली: कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने राजीव गांधी के शैक्षणिक रिकॉर्ड पर अपनी एक कथित टिप्पणी को लेकर खड़ा हुए विवाद के बीच शुक्रवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उनके दो घंटे से अधिक के एक साक्षात्कार की छोटी सी क्लिप काटकर दुष्प्रचार किया, जबकि उसी बातचीत में उन्होंने राजीव गांधी को "बेहतरीन" प्रधानमंत्री बताया था। उन्होंने यह टिप्पणी "फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया" में अपनी नई किताब 'ए मेवरिक इन पॉलिटिक्स' पर चर्चा के दौरान की।
2 घंटे 23 मिनट के इंटरव्यू से 50 सेकेंड का क्लिप निकाला
विवाद के बारे में पूछे जाने पर अय्यर ने एक बयान पढ़ा, जिसमें उन्होंने कहा कि BJP आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने 2 घंटे और 23 मिनट से अधिक समय तक के उनके एक इंटरव्यू से एक मिनट से भी कम समय का क्लिप निकाला। उन्होंने कहा, "मेरा इंटरव्यू 2 घंटे, 23 मिनट से अधिक समय का था। इसमें से मालवीय ने ठीक एक मिनट या 50 सेकेंड से भी कम समय का क्लिप निकाला। जब मैंने अगस्त 2023 में जारी अपने संस्मरण के पृष्ठ 248 पर यही बात कही थी, तो मीडिया ने कोई नोटिस नहीं लिया। लेकिन जब अमित मालवीय ने 50 सेकंड का क्लिप निकाला है, तो मीडिया और सोशल मीडिया पर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया गया।"
राजीव गांधी बेहतरीन प्रधानमंत्री थे
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, "अगर मालवीय या मीडिया में किसी ने सिर्फ दस सेकंड तक सुनने की परवाह की होती, तो आपने मुझे यह कहते हुए सुना होता और आज शायद मैं वाहिद व्यक्ति हूं, जो कहता हूं कि यदि कोई बहुत बेहतरीन प्रधानमंत्री था, तो वह (राजीव गांधी) थे।"
कांग्रेस के डीएनए में गांधी परिवार है
कांग्रेस में गांधी परिवार के प्रभुत्व के बारे में पूछे जाने पर अय्यर ने कहा कि कांग्रेस के डीएनए में गांधी परिवार है। उन्होंने कहा कि नेहरू-गांधी परिवार के सदस्य पार्टी के किसी पद पर रहे हों या नहीं रहे हों, लेकिन 100 वर्षों से अधिक समय से पार्टी कार्यकर्ता और नेता उन्हें आदर की दृष्टि से देखते रहे हैं। बुधवार को BJP नेता ने अमित मालवीय द्वारा ‘X’ पर शेयर की गई एक वीडियो क्लिप में अय्यर को यह दावा करते हुए सुना जा सकता है कि राजीव गांधी को इंग्लैंड में शैक्षणिक रूप से संघर्ष करना पड़ा था।
बीजेपी सांसदों ने बदला 'तुगलक लेन' का नाम, नेम प्लेट पर लिखवाया ये नया पता
7 Mar, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: भारत की राजधानी दिल्ली में कई सड़कें हैं, जिनके नाम बदलने की मांग की गई है. इनमें से औरंगजेब रोड समेत कई सड़कों के नाम मुस्लिम शासकों के नाम पर हैं. सड़कों के नाम बदलने की मांग के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपने घरों की नेमप्लेट बदल दी है और उस पर नया नाम लिख दिया है. दरअसल, बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा ने अपने सरकारी आवास के पते पर 'तुगलक लेन' की जगह 'स्वामी विवेकानंद मार्ग' लिख दिया है. केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के सरकारी आवास के बाहर अब 'विवेकानंद मार्ग' लिखा हुआ है. नाम बदलने को लेकर कोई आधिकारिक आदेश नहीं: आपको बता दें कि दोनों आवासों की नेमप्लेट में जहां 'स्वामी विवेकानंद मार्ग' लिखा हुआ है, वहीं ब्रैकेट में 'तुगलक लेन' भी लिखा हुआ है. अभी तक 'तुगलक लेन' के नाम में बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक आदेश नहीं आया है, लेकिन बीजेपी सांसदों ने पहले ही आवास का पता बदलकर सड़क का नाम 'विवेकानंद मार्ग' रख दिया है. यूपी के राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा का आवास '6, तुगलक लेन' है, लेकिन गृहप्रवेश समारोह के बाद उन्होंने पता बदलकर '6, विवेकानंद मार्ग' कर लिया है। इसी तरह सांसद कृष्णपाल गुर्जर ने भी अपने आवास का पता '8, तुगलक लेन' से बदलकर '8, स्वामी विवेकानंद मार्ग' कर लिया है।
कई अन्य अधिकारियों और नेताओं ने लिखवाए नए पते
बता दें कि राजधानी दिल्ली में मुगलकालीन नामों वाली सड़कों के नाम बदलने की मांग लंबे समय से चल रही है। नामों में बदलाव हुए हैं और अब धीरे-धीरे ये नाम सरकारी आवासों की नेम प्लेट पर भी दिखने लगे हैं। तुगलक लेन पर भाजपा सांसदों के अलावा कई ऐसे नेता और अधिकारी हैं जिन्होंने अपने घर के पते में स्वामी विवेकानंद मार्ग लिखवा रखा है। राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा और वाइस एडमिरल किरण देशमुख का भी तुगलक लेन में आवास है और उन्होंने भी अपने घरों पर 'स्वामी विवेकानंद मार्ग' लिखवा रखा है। खास बात यह है कि भले ही इस बारे में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन गूगल मैप्स में सर्च करने पर 'स्वामी विवेकानंद मार्ग' दिख रहा है।
सीएम स्टालिन ने अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मांगा समर्थन, इन मुद्दों पर चिंतिति
7 Mar, 2025 07:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चेन्नई: तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने दक्षिण भारत के राज्यों समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है। स्टालिन ने केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) और परिसीमन के मुद्दे पर समर्थन मांगा है। स्टालिन ने कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) और परिसीमन पर समर्थन मांगा है। स्टालिन ने मुख्यमंत्रियों से 22 मार्च को चेन्नई में होने वाली परिसीमन समिति की बैठक में शामिल होने की अपील की है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा कि मैं आपसे दो खास अनुरोधों के साथ लिख रहा हूं।
संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) में शामिल होने के लिए आपकी औपचारिक सहमति जिसमें दक्षिण में तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक से लेकर पूर्व में पश्चिम बंगाल और ओडिशा, उत्तर में पंजाब शामिल हैं।
आपकी पार्टी से एक वरिष्ठ प्रतिनिधि का नामांकन जो जेएसी में काम कर सके और हमारी एकीकृत रणनीति के समन्वय में मदद कर सके।
एकीकृत कार्रवाई की दिशा में एक प्रारंभिक कदम के रूप में, मैं अपने उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए 22 मार्च, 2025 को चेन्नई में एक बैठक का प्रस्ताव करता हूँ।
यह क्षण नेतृत्व और सहयोग की मांग करता है, राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर और हमारे सामूहिक हित के लिए खड़े होने की।
जो दांव पर लगा है वह कोई अमूर्त सिद्धांत नहीं है - यह हमारे राज्यों की विकास के लिए उचित संसाधन सुरक्षित करने, शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल पर महत्वपूर्ण नीतियों को प्रभावित करने और यह सुनिश्चित करने की क्षमता है कि हमारी आर्थिक प्राथमिकताओं को राष्ट्रीय एजेंडे में उचित ध्यान मिले।
आइए हम अलग-अलग राजनीतिक संस्थाओं के रूप में नहीं बल्कि अपने लोगों के भविष्य के रक्षक के रूप में एक साथ खड़े हों।
मैं आपकी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा हूँ और 22 मार्च, 2025 को चेन्नई में आपकी उपस्थिति की प्रतीक्षा कर रहा हूँ।
स्टालिन ने परिसीमन प्रक्रिया पर चिंता जताई
स्टालिन ने केंद्र सरकार की प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि यह प्रक्रिया देश के भविष्य को आकार देने में तमिलनाडु जैसे राज्यों के प्रभाव को कमजोर कर सकती है, जिन्होंने अपनी जनसंख्या को सफलतापूर्वक प्रबंधित किया है। पत्र में स्टालिन ने बताया कि पिछली परिसीमन प्रक्रियाएं 1952, 1963 और 1973 में आयोजित की गई थीं, लेकिन 1976 में 42वें संशोधन द्वारा 2000 के बाद पहली जनगणना तक रोक दी गई थी। 2002 में, इस स्थगन को 2026 के बाद अगली जनगणना तक बढ़ा दिया गया था। हालांकि, 2021 की जनगणना में देरी के कारण, परिसीमन प्रक्रिया अपेक्षा से पहले हो सकती है, जिसका संभावित रूप से उन राज्यों पर असर पड़ सकता है जिन्होंने अपनी जनसंख्या को नियंत्रित किया है और बेहतर शासन हासिल किया है।
Karnataka Budget: कांग्रेस ने बताया अल्पसंख्यकों के लिए सौगात, BJP बोली- आधुनिक मुस्लिम लीग बजट पारित
7 Mar, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को राज्य का बजट पेश किया। इस बजट में राज्य के अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं। हालांकि, बीजेपी ने इस बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने इसे आधुनिक मुस्लिम लीग का बजट बताया है। आइए जानते हैं बजट में अल्पसंख्यकों के लिए क्या बड़ी बातें हैं।
अल्पसंख्यक कल्याण
वक्फ भूमि और कब्रिस्तान के संरक्षण और रखरखाव के लिए 150 करोड़ रुपये का आवंटन। सीएम अल्पसंख्यक कॉलोनी विकास कार्यक्रम के तहत वित्तीय वर्ष 25-26 में 1000 करोड़ रुपये की कार्ययोजना लागू की जाएगी। आर्थिक रूप से कमजोर अल्पसंख्यकों की शादी के लिए हर जोड़े को पचास हजार रुपये की सहायता। हज भवन परिसर में एक और भवन बनाया जाएगा।
सरकार की अन्य बड़ी घोषणाएं
कर्नाटक पब्लिक स्कूलों की तर्ज पर 250 मौलाना आजाद मॉडल इंग्लिश मीडियम स्कूलों में प्री-प्राइमरी से लेकर पीयू तक की कक्षाएं चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएंगी। इस उद्देश्य के लिए कुल 500 करोड़ रुपये की लागत का कार्यक्रम तैयार किया जाएगा। इस उद्देश्य के लिए चालू वर्ष में 100 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है और कार्यक्रम को स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से लागू किया जाएगा। मदरसों में औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ धार्मिक शिक्षा प्रदान करने के लिए, छात्रों को एनआईओएस के माध्यम से एसएसएलसी परीक्षा लिखने के लिए तैयार करने के लिए कंप्यूटर, स्मार्ट बोर्ड और अन्य आवश्यक बुनियादी ढाँचा प्रदान किया जाएगा। कर्नाटक अल्पसंख्यक विकास निगम के माध्यम से अल्पसंख्यक युवाओं को नए स्टार्ट-अप शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कॉलोनी विकास कार्यक्रम के तहत 1,000 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में कार्यों को लागू किया जाएगा। जैन पुजारियों, सिखों के मुख्य ग्रंथियों और मस्जिदों के पेश-इमामों को दिया जाने वाला मानदेय बढ़ाकर 6,000 रुपये प्रति माह किया जाएगा। सहायक ग्रंथियों और मुअज्जिनों को दिया जाने वाला मानदेय बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रति माह किया जाएगा। अल्पसंख्यक समुदायों की सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के आयोजन के लिए राज्य भर में बहुउद्देश्यीय हॉल बनाए जाएंगे। होबली और तालुका स्तर पर 50 लाख रुपये और जिला मुख्यालयों और नगर निगम क्षेत्रों में 1 करोड़ रुपये की लागत से हॉल का निर्माण किया जाएगा। कलबुर्गी जिले के चित्तपुरा तालुका में प्राचीन बौद्ध केंद्र सन्नति में सन्नति विकास प्राधिकरण की स्थापना की जाएगी। सरकार की 5 गारंटियों को जारी रखने के लिए 51034 करोड़ रुपये का आवंटन।
भाजपा ने क्या कहा?
कर्नाटक बजट को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा- "कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी ने आधुनिक मुस्लिम लीग का बजट पारित किया है। इस आधुनिक मुस्लिम लीग बजट में कांग्रेस पार्टी इमामों का मानदेय बढ़ाकर 6000 रुपये कर रही है। वक्फ को 150 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। आत्मरक्षा प्रशिक्षण के लिए पैसा सिर्फ अल्पसंख्यक लड़कियों को दिया जा रहा है। अल्पसंख्यकों के हित में 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा का इस्तेमाल किया जा रहा है। कल कर्नाटक सरकार ने हुबली दंगाइयों के खिलाफ केस वापस लेने की बात कही। इसलिए कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी बिल्कुल वैसे ही सरकार चला रही है जैसे पाकिस्तान में मोहम्मद अली जिन्ना सरकार चलाते थे। यह संवैधानिक मूल्यों को वापस ले रही है और सिर्फ उन्हीं बयानों, नीतियों को लागू कर रही है जो अल्पसंख्यक समुदायों के हित में हैं।"
औरंगजेब को लेकर सियासत, प्रभारी मंत्री पद को लेकर लड़ाई, विपक्ष एक दूसरे पर हमलावर
7 Mar, 2025 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फिल्म छावा के रिलीज होने के बाद पूरे देश में औरंगजेब का नाम मिटाने की जंग छिड़ गई है। कोई लुटियन जोन में औरंगजेब रोड का नाम मिटा रहा है तो कोई उसकी कब्र को गिराने की मांग कर रहा है। अब इस बीच औरंगजेब को लेकर सियासत भी पीछे नहीं है। शिवसेना विधायक महेंद्र थोरवे ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के सांसद सुनील तटकरे को मुगल बादशाह औरंगजेब बताते हुए महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ गठबंधन में दोनों दलों के बीच रायगढ़ के प्रभारी मंत्री पद को लेकर बढ़ती दरार की ओर इशारा किया। रायगढ़ के विधायक थोरवे ने बुधवार को अलीबाग में एक कार्यक्रम में कहा कि तीसरे अंपायर (मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर इशारा करते हुए) ने रायगढ़ के प्रभारी मंत्री पद के फैसले पर रोक लगा दी, क्योंकि यह गलत था। रायगढ़ के प्रभारी मंत्री पद की दौड़ में एनसीपी और शिवसेना दोनों ही शामिल हैं। फडणवीस ने महिला एवं बाल विकास मंत्री और एनसीपी नेता अदिति तटकरे को जिले का प्रभारी मंत्री नियुक्त किया था। हालांकि, रायगढ़ के महाड का प्रतिनिधित्व करने वाले रोजगार गारंटी मंत्री भरत गोगावले भी जिले के प्रभारी मंत्री बनने की ख्वाहिश रखते थे। शिवसेना की नाराजगी के बाद फडणवीस ने फैसला टाल दिया।
'सुतारवाड़ी में रहता है औरंगजेब'
महेंद्र थोरवे ने कहा कि सुनील तटकरे को केंद्र में जगह मिल सकती है क्योंकि आपके साथियों ने आपको कप्तान बनाया था। यह जानना जरूरी है कि फिल्म छावा में औरंगजेब का स्थान अकलुज दिखाया गया है। जबकि आज का औरंगजेब सुतारवाड़ी में रहता है। थोरवे ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि तटकरे सुतारवाड़ी की रहने वाली हैं। थोरवे ने आगे कहा कि अगर तटकरे शिवसेना के साथ गलत राजनीति करती हैं तो शिवसेना अगली बार रायगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ सकती है। उन्होंने कहा कि हम यह भी दिखा सकते हैं कि आप हमारे विधायकों के समर्थन के कारण ही रायगढ़ के सांसद बने हैं, अन्यथा आप ग्राम पंचायत सदस्य भी नहीं बन सकते थे।
मुस्लिम धर्मगुरु ने मोहम्मद शमी को बताया 'अपराधी', खिलाडी की इस हरकत से है नाराज़
6 Mar, 2025 08:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी को रमजान के दौरान रोजा न रखने पर 'अपराधी' बताया। इस टिप्पणी ने विवाद खड़ा कर दिया है। दरअसल, रमजान के दौरान मंगलवार को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मैच के दौरान 34 वर्षीय खिलाड़ी एनर्जी ड्रिंक पीते नजर आए। वीडियो देखने के बाद मौलाना ने यह बयान दिया।
'रोजा रखना हर मुसलमान का फर्ज है...'
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बताया, "मोहम्मद शमी ने रोजा न रखकर गुनाह किया है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। शरीयत की नजर में वह अपराधी हैं। शमी को खुदा के सामने जवाब देना होगा।" मौलाना शहाबुद्दीन ने आगे कहा, 'रोजा हर मुसलमान का फर्ज है... अगर कोई स्वस्थ महिला या पुरुष रोजा नहीं रखता है, तो वह बहुत बड़ा अपराधी होगा।'
'वह देश के लिए है...' शमी के परिवार का बयान आया सामने
दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की चचेरी बहन मुमताज अपने भाई के समर्थन में उतरीं और कहा कि वह देश के लिए खेल रहे हैं। अपने भाई शमी के समर्थन में उतरीं मुमताज ने उन लोगों को शर्मनाक बताया जो क्रिकेटर पर रोजा न रखने का आरोप लगा रहे हैं। मोहम्मद शमी की चचेरी बहन मुमताज ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'वह देश के लिए खेल रहे हैं। कई पाकिस्तानी खिलाड़ी हैं जिन्होंने रोजा नहीं रखा है और मैच खेल रहे हैं, इसलिए यह कोई नई बात नहीं है। यह बहुत शर्मनाक है कि उनके बारे में ऐसी बातें कही जा रही हैं। हम मोहम्मद शमी से कहेंगे कि वह इन बातों पर ध्यान न दें और 9 मार्च को होने वाले मैच की तैयारी करें।'
सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए बयानबाज़ी
हालांकि, मौलाना की यह टिप्पणी कई लोगों को पसंद नहीं आई। शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने मौलाना की आलोचना करते हुए दावा किया कि यह बयान सस्ती लोकप्रियता के लिए दिया गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि चूंकि शमी खेल रहे हैं, इसलिए उनके पास रोजा न रखने का विकल्प है।
'रोजा और रमजान को विवाद में लाना गलत'
शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने कहा, ''बरेली के मौलाना द्वारा दिया गया बयान केवल सस्ती लोकप्रियता के लिए है, जबकि उनका उद्देश्य मोहम्मद शमी को निशाना बनाना है जहां मजबूरी है, वहां धर्म नहीं है। जहां धर्म है, वहां मजबूरी नहीं है। हर मुसलमान जानता है कि वयस्क होने के बाद उसे रोजा रखना ही पड़ता है और अगर कोई व्यक्ति रोजा नहीं रखता है, तो यह उसकी निजी विफलता है और इसका समुदाय या धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। बहुत से लोग हैं जो रमजान के दौरान रोजा नहीं रखते हैं। उन्होंने उनके बारे में कुछ क्यों नहीं कहा? उन्होंने कहा, ''रोजेदारी और रमजान को विवाद में लाना गलत है।''
राघव चड्ढा का हार्वर्ड कैनेडी स्कूल में चयन, ग्लोबल लीडरशिप प्रोग्राम में हिस्सा लेंगे
6 Mar, 2025 06:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को अमेरिका के प्रतिष्ठित हार्वर्ड कैनेडी स्कूल ने अपने ग्लोबल लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है. यह सम्मान राघव चड्ढा के राजनीति, नवाचार और समाज सेवा को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाता है. राघव चड्ढा ने कहा- हार्वर्ड कैनेडी स्कूल के ग्लोबल लीडरशिप प्रोग्राम में शामिल होने का निमंत्रण पाकर मैं बेहद सम्मानित और उत्साहित महसूस कर रहा हूं.
राघव चड्ढा ने कहा कि- यह मेरे लिए एक अनूठा अवसर है, जहां मैं दुनिया भर के विशेषज्ञों और नेताओं से सीखने के साथ-साथ अपनी समझ को और बढ़ा सकूंगा. यह मेरे लिए बैक टू स्कूल जैसा मौका है. इस कार्यक्रम के जरिए मुझे वैश्विक दृष्टिकोण से भारत की नीतिगत चुनौतियों को समझने और उनके समाधान खोजने में मदद मिलेगी. मुझे विश्वास है कि इस अनुभव से मैं भारत के नीति निर्माण में और अधिक प्रभावी योगदान दे पाऊंगा.
बोस्टन, कैम्ब्रिज में 5 से 13 मार्च तक कार्यक्रम
हार्वर्ड कैनेडी स्कूल दुनिया के अग्रणी शिक्षण संस्थानों में से एक है. हर साल कुछ चुनिंदा वैश्विक लीडर्स को इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर दिया जाता है. यह प्रोग्राम प्रतिभागियों को सार्वजनिक नीति, नवाचार और वैश्विक नेतृत्व के विभिन्न पहलुओं पर गहन अध्ययन और विचार-विमर्श का मंच प्रदान करता है.
बोस्टन, कैम्ब्रिज में 5 से 13 मार्च तक आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में दुनिया भर से अलग-अलग फील्ड के दिग्गज एक मंच पर इकट्ठा होंगे और वैश्विक राजनीति, नेतृत्व और नीतिगत नवाचारों पर चर्चा करेंगे.
हार्वर्ड कैनेडी स्कूल लंबे समय से दुनिया भर में प्रभावशाली नेताओं, वरिष्ठ अधिकारियों और नीति निर्माताओं को तैयार करने के लिए जाना जाता है. यह संस्थान 21वीं सदी की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए वैश्विक नेताओं को कौशल और ज्ञान से लैस करने का कार्य करता है.
‘यंग ग्लोबल लीडर’ से भी सम्मानित
विश्व आर्थिक मंच (WEF) द्वारा राघव चड्ढा को 40 वर्ष से कम उम्र के यंग ग्लोबल लीडर के रूप में भी सम्मानित किया गया था. यह सम्मान दुनिया भर के उन युवा नेताओं को दिया जाता है जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए उत्कृष्ट नेतृत्व कर रहे हैं.
राघव चड्ढा की इस उपलब्धि से न केवल उन्हें व्यक्तिगत और व्यावसायिक स्तर पर लाभ मिलेगा, बल्कि यह भारत के वैश्विक प्रतिनिधित्व को भी मजबूत करेगा. उनकी भागीदारी से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आवाज़ को और अधिक प्रभावशाली बनाने में मदद मिलेगी.
राघव चड्ढा को मिली नई पहचान
यह कार्यक्रम युवा नेताओं को वैश्विक समस्याओं जैसे बेरोजगारी, जलवायु परिवर्तन, आर्थिक अस्थिरता और सामाजिक असमानताओं जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करता है. इसमें शामिल होने के बाद राघव चड्ढा रणनीतिक निर्णय लेने, नेतृत्व कौशल बढ़ाने और भारत की समस्याओं के लिए प्रभावी समाधान खोजने में और भी सक्षम बनेंगे.
इस निमंत्रण के माध्यम से राघव चड्ढा को वैश्विक स्तर पर एक प्रभावशाली नीति निर्माता और युवा नेता के रूप में नई पहचान मिली है, जो भविष्य में भारत की नीतिगत दिशा को और मजबूत करने में सहायकसिद्धहोगी.
राहुल गांधी का मुंबई और गुजरात दौरा, कांग्रेस के लिए आगामी चुनावों में सफलता की उम्मीदें बढ़ीं
6 Mar, 2025 06:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के मुंबई और गुजरात दौरे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में काफी जोश है. पार्टी का कहना है कि इन दोनों राज्यों में राहुल गांधी की विजिट से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा. वहीं इसका फायदा आगामी महानगरपालिका चुनावों की रणनीति बनाने में भी मिलेगा. राहुल गांधी का मुंबई में आज का कार्यक्रम बिल्कुल निजी रखा गया, इसलिए उनके साथ पदाधिकारियों का हुजूम नहीं दिखा. राहुल आज 12 बजे से दोपहर तक 3 बजे तक धारावी स्लम के चमड़ा उद्योग के कामगारों से मिले. आज रात वो बीकेसी स्थित ट्राइडेंट होटल में ठहरेंगे.
7 मार्च की सुबह राहुल गांधी मुंबई से अहमदाबाद के लिए रवाना होंगे. उनके मुंबई दौरे से मुंबई कांग्रेस पार्टी काफी खुश है. नेताओं का कहना है कि इस विजिट का पॉजिटिव असर आगामी महानगरपालिका चुनाव पर होगा. बता दें कि राहुल गांधी आज जिस धारावी इलाके में पहुंचे वहां पुनर्विकास प्रोजेक्ट को लेकर आम जनता का काफी विरोध देखने को मिल रहा है.
धारावी पुनर्विकास परियोजना मुंबई की सबसे बड़ी हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक है, जो लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करेगी. अपने दौरे के दौरान राहुल ने स्थानीय कामगारों और निवासियों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनी. मुंबई बीजेपी और शिंदे की शिवसेना का कहना है कि राहुल गांधी के मुंबई आने से बची-खुची कांग्रेस भी खत्म हो जाएगी.
मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आगामी चुनावों को लेकर इसबार महाविकास अघाड़ी काफी उत्साहित है. कांग्रेस की उद्धव ठाकरे और शरद पवार से गठबंधन को लेकर लगातार बात चल रही है, जो गलती दिल्ली में हुई, हरियाणा में हुई वो कोंग्रेस मुंबई और महाराष्ट्र में नहीं करना चाहती. यही कारण है कि मुंबई महानगरपालिका सहित राज्यभर में होने वाले 16 मनपा चुनाव, नगर निगम और स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनाव की कांग्रेस पार्टी जिला स्तर पर रणनीति बना रही है.
मुंबई मनपा चुनाव की स्थिति और सीटों की संख्या
बीएमसी में कुल 227 सीटें हैं, जिन पर चुनाव होने हैं. पिछला चुनाव 2017 में हुआ था, जिसमें शिवसेना ने 84 सीटें, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 82 सीटें, कांग्रेस ने 31 सीटें, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने 9 सीटें और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने 7 सीटें जीती थीं. 2022 में होने वाले चुनाव ओबीसी आरक्षण और वार्ड पुनर्गठन से संबंधित कानूनी मामलों के कारण स्थगित हो गए थे.
वर्तमान परिदृश्य
जनवरी 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण और वार्ड पुनर्गठन से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई 25 फरवरी तक स्थगित कर दी थी, जिससे अप्रैल 2025 में चुनाव होने की संभावनाएं कम हो गई हैं. संभावना है कि ये चुनाव अब अक्टूबर-नवंबर 2025 में हो सकते हैं. इस बीच राज्य सरकार द्वारा नियुक्त प्रशासक बीएमसी का संचालन कर रहे हैं.
बीएमसी भारत की सबसे अमीर महानगपालिका है, जिसका वार्षिक बजट लगभग 60,000 करोड़ रुपये है. यही कारण है कि इस बार कांग्रेस हर हाल में बीएमसी की सत्ता पर काबिज होना चाह रही है. मुंबई में कुल मतदाताओं की संख्या 1 करोड़ से अधिक है और शहर में 36 विधानसभा क्षेत्र हैं.
अहमदाबाद दौरा: संगठन को मजबूती देने की कोशिश
राहुल गांधी 7 मार्च की सुबह 8:55 बजे मुंबई से इंडिगो की फ्लाइट से अहमदाबाद पहुंचेंगे. वहां गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी (GPCC) के नेताओं के साथ कई अहम बैठकें करेंगे. उनका कार्यक्रम इस तरह है:
10:35 – 11:00:पूर्व पीसीसी अध्यक्षों और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक
11:00 – 13:00:राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक
14:00 – 15:00:जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ चर्चा
15:00 – 17:00:ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों के साथ बैठक
गुजरात में कांग्रेस को पिछले चुनावों में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था. ऐसे में राहुल गांधी के इस दौरे को पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश भरने और आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार करने के रूप में देखा जा रहा है. 8मार्च को राहुल पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे और 8 मार्च को ही गुजरात के पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय निकाय चुनाव के पूर्व उम्मीदवारों से मुलाकात करेंगे. यह बैठक सुबह 10:30 से दोपहर 12:30 बजे तक चलेगी. इसके बाद 1:45 बजे एयर इंडिया की फ्लाइट से अहमदाबाद से दिल्ली के लिए रवाना होंगे और 3:30 बजे दिल्ली पहुंचेंगे.
कांग्रेस के लिए दौरे का महत्व
राहुल गांधी का यह दौरा कांग्रेस के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. मुंबई में धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर उनकी उपस्थिति से पार्टी को स्थानीय स्तर पर मजबूती मिल सकती है. वहीं गुजरात में लगातार कमजोर पड़ रही कांग्रेस के लिए यह एक नई ऊर्जा का संचार कर सकता है. पार्टी के वरिष्ठ नेता इस दौरे को राहुल गांधी के आगामी चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा मान रहे हैं. अब देखना होगा कि इस दौरे से कांग्रेस को कितना लाभ मिलता है और राहुल गांधी की उपस्थिति से पार्टी को क्या राजनीतिक बढ़त मिलती है.
मराठी भाषा को लेकर दिए गए बयान पर राजनीति HIGH, उद्धव ठाकरे के इस्तीफे की मांग
6 Mar, 2025 06:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र की मुख्य विपक्षी पार्टी शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता भैयाजी जोशी के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की है। एक कार्यक्रम में बोलते हुए सुरेश भैयाजी जोशी ने कहा था कि, 'मुंबई आने वाले लोगों को मराठी सीखने की जरूरत नहीं है, उन्होंने यह भी कहा कि गुजराती मुंबई के घाटकोपर इलाके की भाषा है।' इस पर टिप्पणी करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, 'भैयाजी जोशी के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।' मराठी राज्य की संस्कृति और पहचान है- सीएम फडणवीस इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जोर देकर कहा कि मुंबई और पूरे राज्य की भाषा मराठी है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा, 'मुंबई, महाराष्ट्र और राज्य सरकार की भाषा मराठी है और यहां रहने वाले लोगों को इसे सीखना चाहिए। मराठी राज्य की संस्कृति और पहचान का हिस्सा है और इसे सीखना हर नागरिक का कर्तव्य है।' मुख्यमंत्री के बयान के बाद सदन में शिवसेना (यूबीटी) और भाजपा सदस्यों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सीएम ने आगे कहा कि हमारी सरकार अन्य भाषाओं का सम्मान करती है, लेकिन अगर कोई अपनी भाषा से प्यार करता है तो उसे अन्य भाषाओं का भी सम्मान करना चाहिए।
विवाद के कारण विधानसभा की कार्यवाही बाधित
मराठी भाषा के मुद्दे पर सत्तारूढ़ भाजपा और शिवसेना (यूबीटी) के बीच बहस के बाद आज महाराष्ट्र विधानसभा को पांच मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया। इस मामले में कांग्रेस नेता नाना पटोले ने महाराष्ट्र में किसान संकट और बेरोजगारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भैयाजी जोशी की आलोचना की। नाना पटोले ने कहा, 'यह उनकी सरकार है, यह आरएसएस की सरकार है। आज महाराष्ट्र में किसानों की फसलें सूख रही हैं। क्या आरएसएस इस पर सरकार को सुझाव नहीं दे सकता?'।
आदित्य ठाकरे ने राज्य को विभाजित करने का आरोप लगाया
आरएसएस नेता की इस टिप्पणी पर शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने उन पर महाराष्ट्र को विभाजित करने और इसकी भाषाई और सांस्कृतिक पहचान का अनादर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, 'हम लगातार देख रहे हैं कि कोश्यारी से लेकर कोरटकर और सोलापुरकर तक - सभी महाराष्ट्र, महाराष्ट्र के नायकों और महाराष्ट्र के देवताओं का अपमान कर रहे हैं। अगर आप इन सभी को देखें, तो उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले का अपमान किया है। आज सुरेश भैयाजी जोशी ने मराठी का अपमान किया है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि तमिलनाडु या गुजरात में ऐसा कुछ कहें। लेकिन सिर्फ इसलिए कि वह महाराष्ट्र को बांटना चाहते हैं, वे आकर ऐसा कर रहे हैं। यह संघ की सोच है।'
भैयाजी जोशी ने क्या बयान दिया था?
आरएसएस नेता सुरेश भैयाजी जोशी ने अपने बयान में कहा था कि, 'मुंबई में एक नहीं बल्कि कई भाषाएं हैं, मुंबई के हर हिस्से की अपनी भाषा है, घाटकोपर इलाके की भाषा गुजराती है। इसलिए अगर आप मुंबई में रहते हैं या यहां आना चाहते हैं, तो जरूरी नहीं है कि आपको मराठी सीखनी पड़े।
विवाद के बाद RSS नेता ने दी सफाई
इस मामले में विवाद बढ़ने पर भैयाजी जोशी ने कहा, मराठी मेरी मातृभाषा है और मुझे इस पर गर्व है. उन्होंने आगे कहा कि मराठी महाराष्ट्र की भाषा है और मुंबई की भी, इसमें कोई शक नहीं है. मुंबई में कई भाषाएं बोलने वाले लोग एक साथ रहते हैं. उन्होंने कहा, उम्मीद है कि बाहर से आने वाले और दूसरी भाषाएं बोलने वाले लोग भी मराठी समझेंगे. RSS नेता ने कहा कि घाटकोपर कार्यक्रम में उनकी टिप्पणी को गलत समझा गया।
बावनकुले ने किया बचाव, कांग्रेस ने पूछे सवाल
इस बीच, महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधान परिषद में कहा कि मराठी को लेकर महाराष्ट्र सरकार की नीति स्पष्ट है, राज्य में रहने वाले लोगों को भाषा जाननी और सीखनी चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि भैयाजी जोशी के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया, उन्होंने कहा कि मराठी मुंबई और महाराष्ट्र की भाषा है. वहीं, कांग्रेस नेता भाई जगताप ने कहा कि यह दुखद है कि RSS के एक जिम्मेदार व्यक्ति ने ऐसी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा, 'हमारा संकल्प मराठी भाषा की रक्षा करना है.' उन्होंने आश्चर्य जताया कि क्या सरकार ऐसे बयानों को बढ़ावा दे रही है।
सरकार के बयान से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से किया वॉकआउट
एनसीपी (एसपी) के शशिकांत शिंदे ने जानना चाहा कि क्या भैयाजी जोशी की टिप्पणी मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की चाल है और क्या कोई इसे बढ़ावा दे रहा है। शिंदे ने कहा, "क्या इसके पीछे कोई एजेंडा है? यह मराठी भाषा का अपमान है। मराठी भाषा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मराठी को चुनौती देने वालों के खिलाफ सरकार क्या सख्त कार्रवाई कर रही है।" विपक्षी नेताओं ने भी कहा कि वे बावनकुले के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं और सदन से वॉकआउट कर गए।
'मुफ्त अनाज और आर्थिक नीतियों पर फेल'- मायावती का सरकार पर निशाना
6 Mar, 2025 06:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हाल ही में अपने भतीजे को बीएसपी से निकालने को लेकर चर्चा में रहीं मायावती ने अब सरकार पर जमकर निशाना साधा है। मायावती ने गुरुवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और यूपी सरकार दोनों पर जमकर हमला बोला। मायावती ने कहा कि सरकार आर्थिक नीतियों पर फेल हो गई है। वे सिर्फ एक धर्म विशेष को निशाना बनाते रहते हैं। मायावती ने सरकार के मुफ्त अनाज पर बात की।
'मुफ्त अनाज देकर उन्हें भिखारी बना दिया'
मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की मुफ्त अनाज नीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि सरकार ने गरीबों को मुफ्त राशन देकर उन्हें भिखारी बना दिया है, सरकार ने गरीबों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई है। दलितों और पिछड़ों के साथ अन्याय हो रहा है। सरकार को अपनी संकीर्ण और जातिवादी सोच बदलनी होगी।
भाजपा सरकार भी कांग्रेस की राह पर
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार कांग्रेस की राह पर चल रही है। अच्छे दिन लाने के भाजपा के लोकलुभावन नारे महज नारे साबित हुए। कुछ पूंजीपति अमीर बन रहे हैं। ऐसे लोगों की संख्या दिन दोगुनी और रात चौगुनी बढ़ गई है। यह सरकार के पूंजीवाद का सबूत है। अमीरों को और अमीर बनाने की बजाय दलितों और पिछड़ों को 125 करोड़ लोगों की गरीबी दूर करनी चाहिए, इससे उनका जीवन बेहतर होगा। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है, जो सरकार की गरीब विरोधी नीति का उदाहरण है। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हालात इस हद तक खराब हो चुके हैं कि इसे लेकर चिंता होती है। ऐसे लोगों को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए ही बसपा अस्तित्व में आई। मैंने चार बार प्रदेश में सरकार चलाई, जिसमें सामाजिक बदलाव हुआ।
भतीजे को पार्टी से निकाला गया
बता दें कि मायावती ने पिछले दिनों प्रदेश मुख्यालय में हुई बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए अपने भतीजे आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटा दिया था। जिसके चलते वह सुर्खियों में रहीं।
प्रधानमंत्री 7 को सूरत तो 8 मार्च को नवसारी में संबोधित करेंगे जनसभा
5 Mar, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर गुजरात दौरे पर जा रहे हैं। वे 7 और 8 मार्च को राज्य के सूरत और नवसारी जिलों में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इस दौरान वे सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से मुलाकात करेंगे और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे।प्रधानमंत्री मोदी 7 मार्च को सूरत के लिंबायत इलाके के नीलगिरी ग्राउंड में एक भव्य जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे सरकारी योजनाओं के तहत वृद्ध लाभार्थियों को विशेष किट वितरित करेंगे। इसके बाद वे सूरत के सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन, 8 मार्च को पीएम मोदी नवसारी जाएंगे, जहां वे अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस मौके पर वे महिलाओं के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं का शुभारंभ कर सकते हैं। नवसारी में भी वे एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसके बाद वे दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले, 1 मार्च को पीएम मोदी तीन दिवसीय निजी दौरे पर गुजरात पहुंचे थे, जहां उन्होंने सौराष्ट्र के विभिन्न जिलों का दौरा किया था। उन्होंने जामनगर, गिर और जूनागढ़ में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया और सोमनाथ मंदिर के दर्शन भी किए थे।
कांग्रेस नेता वाड्डेटीवार ने अजीत गुट में जाने की अटकलों को किया खारिज
5 Mar, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक विजय वाड्डेटीवार को लेकर चर्चा चल रही है कि वह एनसीपी नेता अजीत पवार के संपर्क में हैं। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि वाड्डेटीवार और अजीत के बीच बातचीत हो रही है और कयास लगाए जा रहे हैं कि विजय वाड्डेटीवार जल्द ही अजीत के गुट में शामिल हो सकते हैं।
कांग्रेस नेता और विधायक विजय वाड्डेटीवार ने इन खबरों को खारिज करते हुए इसे कोरी अफवाह बताया है। उन्होंने कहा कि ये सब अफवाहें हैं, मैं कहीं नहीं जा रहा हूं। जिस पार्टी का कोई भविष्य नहीं है, उस पार्टी में क्यों जाऊंगा? उन्होंने कहा कि इससे पहले खबर चल रही थी कि मैं बीजेपी में जाने वाला हूं, लेकिन अब फिर से ऐसी अफवाहें फैल रही हैं। ये सब झूठ और मनगढ़ंत कहानी है। मैं कांग्रेस छोड़ने के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकता हूं।
उन्होंने कहा कि मेरी विचारधारा कांग्रेस से गहराई से जुड़ी हुई है। मैंने किसी से बात नहीं की है और न ही मुझे कोई प्रस्ताव मिला है। मैं कांग्रेस का वफादार सिपाही हूं, चाहे मेरे पास कोई भी ताकत या पद हो। चाहे राज्य में कांग्रेस की सरकार आए या नहीं, मैं कांग्रेस के साथ हूं और हमेशा रहूंगा। वाड्डेटीवार का नाम एनसीपी नेता अजीत पवार के साथ जुड़ने से कई तरह की राजनीतिक अटकलें और अनुमान लगाये जा रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने खुले तौर पर अपनी नराजगी जाहिर की थी।
वडेट्टीवार ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार का प्रमुख कारण सीट शेयरिंग में हुई देरी को बताया था। उन्होंने कहा था कि सीटों के बंटवारे पर समझौता होने में हुई देरी के कारण पार्टी को चुनाव प्रचार के लिए कम समय मिला। वाड्डेटीवार ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते सीट शेयरिंग का फैसला हो जाता, तो कांग्रेस को चुनाव प्रचार की बेहतर योजना बनाने और उसे प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाने का समय मिलता।
बेंगलुरु में 21 से 23 मार्च के बीच आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक
5 Mar, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) इसी माह बेंगलुरु में अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक आयोजित करेगा। बैठक में नीतिगत निर्णय हो सकते है। संघ के 36 सहयोगी संगठनों से जुड़े कुछ प्रचारकों के दायित्व में फेरबदल भी हो सकता है। वहीं सूत्रों का कहना है कि हालिया कई वर्षों में बीजेपी में संघ से प्रचारक नहीं भेजे हैं। प्रतिनिधि सभा के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का भी संबोधन होगा।
बता दें कि वर्तमान में राजस्थान, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गोवा जैसे प्रदेशों में संगठन महामंत्रियों के पद खाली हैं। इसके बाद अगर प्रचारक आए तब यहां खाली पद भरे जा सकते हैं। बीजेपी में संगठन महामंत्री या संगठन मंत्री का दायित्व संघ से आने वाले प्रचारकों को ही मिलता है। संगठन मंत्री का कार्य बीजेपी और संघ के बीच समन्वय बनाकर मूल काडर के हितों की चिंता करना होता है। इससे पहले भागवत ने एक संबोधन में कहा था सेवा का कोई पैमाना नहीं|
संघ की प्रतिनिधि सभा की बैठक बेंगलुरू के चेलनड्डी में 21 से 23 मार्च के बीच होगी। हर साल संघ की तीन सबसे बड़ी बैठक होती है। पहली बैठक मार्च में होती है, दूसरी प्रांत प्रचारक बैठक जुलाई में और तीसरी बैठक दिवाली के करीब अक्टूबर में होती है। इसमें मार्च और जुलाई की बैठक में प्रचारकों के दायित्व में फेरबदल से जुड़े निर्णय भी होते हैं। चूंकि अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा ही संघ की सर्वोच्च निर्णायक इकाई होती है, इसकारण इस बैठक में बड़े फैसले होते हैं।
इस बैठक में अगले एक वर्ष की कार्ययोजना तैयार होगी। इस कार्ययोजना के अनुरूप सरसंघचालक और सरकार्यवाह सहित शीर्ष पदाधिकारियों के आगे के प्रवास कार्यक्रम तय होते है। इसके अलावा संघ के 100 साल पूरे होने पर चल रही गतिविधियों पर भी इस बैठक में चर्चा होगी।
आज से होशियारपुर के ध्यान केंद्र में रहेंगे 10 दिन अरविंद केजरीवाल
5 Mar, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर। दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के बाद आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल अब सार्वजनिक रूप से कम नजर आ रहे हैं। इस बीच खबर है कि वह 10 दिनों के लिए विपश्यना ध्यान में शामिल होने जा रहे हैं। इसके लिए वह पंजाब के होशियारपुर स्थित ध्यान केंद्र में रहेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, 5 मार्च से 15 मार्च तक केजरीवाल महिलांवाली गांव के पास आनंदगढ़ में धम्म-धज विपश्यना योग केंद्र में ध्यान करेंगे। यह पहली बार नहीं है जब वह इस प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं। इससे पहले लोकसभा चुनाव 2024 से पहले दिसंबर 2023 में भी उन्होंने होशियारपुर के इसी ध्यान केंद्र में 10 दिन बिताए थे।
दिसंबर 2023 को जब अरविंद केजरीवाल होशियारपुर पहुंचे थे, तब उनके खिलाफ ईडी कार्रवाई तेज कर चुकी थी। बार-बार कहने पर भी केजरीवाल ईडी के सामने पेश नहीं हो रहे थे।
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