राजनीति
बसपा सुप्रीमो के करीबी नेताओं की हो रही थी उपेक्षा, इसलिए उठाया सख्त कदम
4 Mar, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बसपा सुप्रीमो मायावती इस वक्त फुल एक्शन में हैं। वह अचानक लिए फैसलों से सबको हैरान कर रही हैं। इस बार तो उन्होंने अपने भतीजे आकाश आनंद को ही पार्टी से निकाल दिया है। पहले आकाश आनंद को मायावती ने नेशनल कॉर्डिनेटर के पद से हटाया और फिर सोमवार को उन्हें बसपा से ही बाहर निकाल दिया। उनके इस फैसले को पार्टी के अंदर पैदा हुए संकट से जोड़कर देखा जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट में पार्टी के आंतरिक सूत्रों का कहना है कि आकाश आनंद को मायावती ने उत्तराधिकारी घोषित किया था तो दिल्ली, राजस्थान समेत कई राज्यों का प्रभारी भी बनाया था। वह चुनाव की कमान संभाल रहे थे। उम्मीदवार उनके स्तर पर तय हो रहे थे तो वहीं प्रचार का भी वही नेतृत्व कर रहे थे। 2017 में आकाश आनंद के पिता आनंद कुमार को मायावती ने अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। इसके बाद 2019 में आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाया। 2023 में उन्हें अपना राजनीतिक वारिस घोषित कर दिया। कुछ महीने सब ठीक चला, लेकिन लोकसभा चुनाव में आकाश के आक्रामक तेवरों और सीधे पीएम मोदी पर हमले को मायावती ने सही नहीं माना। उन पर एफआईआर हुई तो पद से ही हटा दिया। फिर से वापसी कराई गई तो आकाश को फिर सभी जिम्मेदारी मिल गई, लेकिन अब बाजी फिर पलट गई। बुआ मायावती ने आकाश से सारे पद छीने लिए हैं और उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि आकाश का अपना एक गुट तैयार हो गया था। यह गुट मायावती के करीबी नेताओं की उपेक्षा कर रहा था। इससे बचने के लिए उन्होंने भतीजे को बाहर का रास्ता दिखा दिया। उनकी जगह पर अपने भाई आनंद कुमार को जिम्मेदारी सौंपी है और यह भी साफ कर दिया है कि कोई उनका राजनीतिक वारिस नहीं होगा। इस तरह उन्होंने सत्ता का कोई दूसरा केंद्र उभरने की संभावना ही खत्म कर दी है। रामजी गौतम को भी राष्ट्रीय संयोजक बनाया है, जो उनके बेहद करीबी हैं।
बसपा के कुछ नेताओं का कहना है कि आकाश आनंद को कमान मिली तो रामजी गौतम साइडलाइन हो गए थे। इसके अलावा भी मायावती के कई करीबी किनारे लगे थे। ऐसे में मायावती ने भतीजे को ही हटाना सही समझा ताकि कोई दूसरा गुट न उभऱ सके। पहले से कमजोर बसपा में गुटबाजी होना उनके लिए चिंता की बात है। आकाश पर एक आरोप फंड में गड़बड़ी का भी लगा है। मायावती ने उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को बाहर किया था और उनसे करीबी बनाए रखने की सजा भी उन्होंने भतीजे को दी है। इस तरह मायावती ने यह संदेश भी दिया है कि उनके लिए सब एक समान हैं। यदि कोई परिवार का है तो उसे वह कोई छूट नहीं देंगी।
इतिहास के मुद्दों को खुरेदा जा रहा.... बेहद निराशाजनक; अबू आजमी के विवादित बयान पर सांसद मनोज झा के बोल
4 Mar, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
समाजवादी पार्टी के नेता और महाराष्ट्र के विधायक अबू आजमी के औरंगजेब वाले बयान पर आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, "मैं निराश हूं कि इतिहास के पन्नों से मुद्दे आज उठाए जा रहे हैं क्योंकि हम सभी में आज की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता नहीं है. ऐसे संघर्षों में हम वैदिक काल में कितना पीछे जाएंगे? गरीबी, भुखमरी, आय असमानता पर कोई चर्चा नहीं होती।" परिसीमन के मुद्दे पर वे कहते हैं, "परिसीमन आज एक संवेदनशील मुद्दा है। दक्षिणी राज्यों की दुविधा भी जायज है। क्योंकि उन्होंने देश के निर्माण में बहुत योगदान दिया है और अगर लोकसभा सीटों के परिसीमन का मानदंड जनसंख्या वृद्धि होगी, तो यह उन राज्यों के साथ अन्याय होगा।"
औरंगजेब की तारीफ करने पर शिकायत दर्ज
इस बीच, औरंगजेब की तारीफ करना अबू आजमी को महंगा पड़ गया है. शिवसेना ने अबू आजमी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। बता दें कि इससे पहले शिवसेना प्रमुख और राज्य के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने भी अबू आजमी के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की थी। आइए जानते हैं अबू आजमी ने क्या कहा और पुलिस ने उनके खिलाफ किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। औरंगजेब की तारीफ करने पर महाराष्ट्र सपा अध्यक्ष अबू आजमी की मुसीबत बढ़ गई है। शिवसेना (शिंदे) ने अबू आजमी के खिलाफ मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।
शिवसेना प्रवक्ता ने दर्ज कराया मामला
शिवसेना प्रवक्ता और पूर्व विधायक किरण पावस्कर कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। अबू आजमी के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की गई है। इसके अलावा शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के की शिकायत के आधार पर ठाणे के वागले एस्टेट पुलिस स्टेशन में अबू आजमी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। माना जा रहा है कि सपा विधायक अबू आजमी की मुसीबत बढ़ने वाली है। पुलिस ने आजमी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 299, 302 और 356 के तहत मामला दर्ज किया है।
जेपी नड्डा सहित तमाम सियासी दिग्गज बिहार में दौरा कर रहे
4 Mar, 2025 11:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुपौल । बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने है। यह देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित तमाम सियासी दिग्गज बिहार में दौरा कर रहे है। वहीं अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत 6 मार्च को बिहार के सुपौल जिले आ रहे है। विधानसभा चुनाव से पहले उनके इस दौरे को खासा महत्व है। इस दौरान भागवत वीरपुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या 01 स्थित केशव नगर में बने सरस्वती विद्या मंदिर के नए भवन का उद्घाटन करने वाले है।
बता दें, यह पहली बार होगा जब संघ प्रमुख इंडो-नेपाल बॉर्डर पर किसी कार्यक्रम को संबोधित करने वाले है। उनके इस दौरे को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सर संघ संचालक भागवत गुरुवार को दिन के 11.30 बजे बीरपुर पहुंचकर 1 बजे से कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचने वाले है। फिर अपने संबोधन के बाद 2.30 बजे स्वयं सेवकों के साथ बैठक करने वाले है। नेपाल से सटे वीरपुर जैसे इलाके में इस तरह के आयोजन का खास महत्व है। यह क्षेत्र राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समृद्धि और सीमावर्ती इलाकों में शिक्षा के प्रचार-प्रसार का प्रतीक बन रहा है। सीमावर्ती इलाकों में विद्या भारती के स्कूल जैसे संस्थान न केवल शिक्षा का स्तर बढ़ा रहे हैं, बल्कि राष्ट्रवादी विचारधारा को भी मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
विद्या भारती बिहार के क्षेत्र संगठन मंत्री ख्याली राम ने कहा, भागवत जी का वीरपुर में आना हमारे लिए बड़े सौभाग्य की बात है। यह लंबे समय से योजना में था कि विद्यालय का उद्घाटन उनके हाथों कराया जाए। कोरोना महामारी के कारण यह संभव नहीं हो सका। अब यह मौका आ रहा है, और हम सभी कार्यकर्ता जोरदार तैयारी कर रहे हैं। उनके आगमन से यह संदेश जाएगा कि हिंदुत्व के सबसे बड़े चिंतक और मार्गदर्शक हमारे बीच आ रहे हैं।
अपने दौरे के दौरान भागवत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और आम नागरिकों से मुलाकात करने वाले है। वे समाज और राष्ट्र निर्माण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने वाले है। इस मौके पर हिंदुत्व, शिक्षा और सामाजिक एकता को लेकर संवाद होगा। कार्यक्रम स्थल पर भारी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है।
आकाश आनंद ने यह भी ऐलान किया कि उनके जीते जी पार्टी का कोई उत्तराधिकारी नहीं होगा
4 Mar, 2025 10:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटा दिया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी ऐलान किया कि उनके जीते जी पार्टी का कोई उत्तराधिकारी नहीं होगा। मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार और रामजी गौतम को पार्टी का नेशनल कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया है और उनके कार्यों का बंटवारा कर दिया है।
मायावती के इस फैसले के बाद पहली बार आकाश आनंद की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर एक विस्तृत पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने इस फैसले का सम्मान करने की बात कही। उन्होंने कहा, कुछ विरोधी दल के लोग ये सोच रहे हैं कि पार्टी के इस फैसले से मेरा राजनीतिक करियर समाप्त हो गया, उन्हें समझना चाहिए कि बहुजन मूवमेंट कोई करियर नहीं, बल्कि करोड़ों दलित, शोषित, वंचित और गरीबों के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान की लड़ाई है। अपनी पोस्ट में आकाश आनंद ने आगे लिखा, मैं परमपूज्य आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी का कैडर हूं, और उनके नेतृत्व में मैंने त्याग, निष्ठा और समर्पण के कभी ना भूलने वाले सबक सीखे हैं। यह सब मेरे लिए केवल एक विचार नहीं, बल्कि जीवन का उद्देश्य हैं। आदरणीय बहन जी का हर फैसला मेरे लिए पत्थर की लकीर के समान है, मैं उनके हर फैसले का सम्मान करता हूं और उनके साथ खड़ा हूं।
मायावती के इस निर्णय को बसपा में बड़े नेतृत्व परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से ऐसा माना जा रहा था कि आकाश आनंद पार्टी में उनकी राजनीतिक विरासत संभालेंगे, लेकिन अब मायावती के स्पष्ट संदेश से इन अटकलों पर विराम लग गया है।
हुड्डा के भविष्य को लेकर लग रहे कयास
4 Mar, 2025 09:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे आए 4 माह हो चुके हैं। भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार ने इस दौरान कई अहम फैसले लिए हैं, लेकिन कांग्रेस ने हार की समीक्षा तक नहीं की है। इतना ही नहीं नेता विपक्ष का चुनाव भी कांग्रेस की ओर से अब तक नहीं किया गया है। भूपिंदर सिंह हुड्डा नेता विपक्ष के लिए दावेदारी में हैं और हार के बाद भी विधायकों की मीटिंग बुलाकर दिल्ली में अपनी ताकत दिखा चुके हैं। इस बीच अब कांग्रेस नींद से जागी और 6 मार्च को दिल्ली में नए प्रभारी महासचिव बने बीके हरिप्रसाद ने बैठक बुलाई है। वहीं हरियाणा में कांग्रेस के वरिष्ठा नेता हुड्डा को लेकर भी कयास लगने लगे हैं कि आखिर उनका भविष्य क्या होगा। अब तक कांग्रेस हाईकमान ने हुड्डा को ही आगे बढ़ाने का संकेत नहीं दिया है। माना जा रहा है कि संगठन से लेकर नेता विपक्ष तक नया होगा।
बताया जा रहा हैं कि मीटिंग में नेता विपक्ष, चुनावी हार की समीक्षा, प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव और जिलाध्यक्षों को चुने जाने पर मंथन होगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि संगठन में कई पद लंबे समय से खाली हैं। अब उन्हें भरने पर भी काम शुरू हो सकता है। कांग्रेस ने चुनावी हार की समीक्षा के लिए एक पैनल गठित किया था, जिसने कई नेताओं से बात भी की थी। हरियाणा में इसके बाद ही प्रभारी दीपक बाबरिया को हटा गया था। उन पर हुड्डा गुट नाराज बताया जा रहा था। वहीं बाबरिया दावा कर रहे थे कि हुड्डा ने ही सारे टिकट बांटे थे और इसकारण नतीजा अलग आया। अंत में बाबरिया को हटाया गया।
अब कयास हुड्डा के भविष्य को लेकर लग रहे हैं। कुमारी सैलजा चुनाव में साइडलाइन थीं, लेकिन खुद को सीएम दावेदार बता रही थीं। वहीं सीएम फेस बताए जा रहे हुड्डा की लीडरशिप में चुनाव लड़ा गया, लेकिन लगातार तीसरी बार हार मिली। ऐसी स्थिति हुड्डा के लिए चिंता वाली है। वहीं कुमारी सैलजा हार के बहाने अपने कद को बढ़ाने की कोशिश में हैं। लेकिन कांग्रेस हाईकमान बीच का रास्ता निकालते हुए किसी तीसरे नेता को ही नेता विपक्ष बनाने का फैसला कर सकता है। पार्टी का एक वर्ग मानता है कि सैलजा और हुड्डा की लड़ाई ने राज्य में जाट बनाम दलित का संदेश दिया। इससे अनुसूचित जाति के वोटर भाजपा की ओर खिसक गए थे।
हरियाणा कांग्रेस प्रभारी हरिप्रसाद ने जिन नेताओं को बैठक के लिए दिल्ली बुलाया है। उसमें हुड्डा, सैलजा, रणदीप सुरजेवाला और प्रदेश अध्यक्ष उदयभान शामिल हैं। कुछ वरिष्ठ विधायकों और पदाधिकारियों को भी बुलाया गया है। हुड्डा गुट के विधायक उन्हें ही विपक्ष का नेता बनाने की वकालत कर रहे हैं। यही नहीं स्टैंड-बाय के तौर पर दो और नाम हुड्डा गुटा ने तैयार रखे हैं। इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर सुरजेवाला या फिर दीपेंद्र हुड्डा को मौका मिल सकता है। ऐसा तभी होगा, जब गैर-जाट नेता को नेता विपक्ष बनाया जाएगा।
वीमेन हाट, महिलाओं के लिए जिम और विवाह मंडप का बजट में ऐलान...
4 Mar, 2025 08:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। इस साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार सरकार का यह आखिरी बजट है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य का बजट पेश करने से पहले मंदिर में पूजा अर्चना की थी। उन्होंने बजट की पहली कॉपी मंदिर में रखी और फिर सदन की ओर रुख किया। बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के विकास के लिए हमारे प्रयासों को जनता ने सराहा है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में हम निरंतर काम कर रहे हैं, उनका कुशल नेतृत्व है। पीएम मोदी का मार्गदर्शन है। इनके दिए मंत्र पर हम काम कर रहे हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार में विकास हो रहा है। प्रधानमंत्री जी का विशेष आभार देते हैं। डिप्टी सीएम ने कहा कि केंद्र के सहयोग से बिहार में विकास हो रहा है। संस्थागत नीतियां सुगम बनाई गई हैं। हमारा वित्तीय प्रबंधन पहले से बेहतर हुआ है। 2005 से पहले बजट का आकार काफी छोटा था।
हर पंचायत में विवाह मंडप
सरकार की ओर से हर पंचायत में विवाह मंडप बनाया जाएगा। जहां गरीबों लड़कियों की शादी कराई जाएगी। प्रमुख शहरों में कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा एवं स्वस्थ वातावरण देने के लिए हॉस्टल खुलेंगे। वहीं किसानों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि, सरकार एमएसपी पर अरहर, मूंग और उड़द की दाल खरीदेगी। हर ब्लॉक में कोल्ड स्टोरेज खोले जाएंगे।
अगर हिन्दू धर्म को चुनौती दी जाएगी, तो ऐसे फैसले पूरे महाराष्ट्र में लिए जाएंगे
3 Mar, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। 22 फरवरी को मढ़ी गांव की ग्राम पंचायत ने एक प्रस्ताव पास किया था, जिसमें 28 फरवरी से शुरू हुई मढ़ी ची यात्रा में मुस्लिम दुकानदारों के स्टॉल लगाने पर रोक लगाई गई थी। प्रस्ताव पास होने के बाद अहिल्यानगर जिला परिषद सीईओ आशीष येरेकर ने बीडीओ शिवाजी कांबले को इस प्रस्ताव की जांच के आदेश दिए थे। महाराष्ट्र की एक ग्राम सभा के प्रस्ताव के पक्ष में राज्य सरकार के मंत्री नीतीश राणे आ गए हैं। उन्होंने यहां तक यह दिया कि यहां हिन्दुत्व की सरकार है।
कांबले ने इस प्रस्ताव को असंवैधानिक करार दिया था। उन्होंने कहा था, हमने जांच की है और पाया है कि सरकारी दिशानिर्देशों के तहत नहीं था। इसके अलावा इसमें 116 हस्ताक्षर हैं, जिनमें से 16 की पुष्टि नहीं हो सकी है। साथ ही प्रस्ताव में अन्य कमियां भी हैं...। ऐसे में मैं इस प्रस्ताव को असंवैधानिक करार देता हूं। जबकि मंत्री राणे ने इस फैसले को ऐतिहासिक करार दिया है। उन्होंने कहा, गांव में हिन्दुत्व समर्थक जाग चुके हैं। ग्राम सभा का फैसला पूरे देश को रास्ता दिखाएगा। अगर हिन्दू धर्म को चुनौती दी जाएगी, तो ऐसे फैसले पूरे महाराष्ट्र में लिए जाएंगे। इससे पहले जिले के पालक मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने भी ग्राम सभा के फैसले का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था, ग्राम सभा को प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पास करने का संवैधानिक अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने भी ग्राम सभा के अधिकारी को माना है।
जिसमें कहा गया था कि गांव में होने वाली सालाना यात्रा में मुस्लिम व्यापारियों को दुकान लगाने पर रोक होगी। भारतीय जनता पार्टी के नेता ने गांव के इस फैसले को ऐतिहासिक बताया है। साथ ही खंड विकास अधिकारी यानी बीडीओ की तरफ से इस फैसले पर उठाई गई आपत्ति पर चेतावनी भी जारी कर दी है।अहिल्यानगर पहुंचे राणे ने बीडीओ को सीधी चेतावनी दे दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कहा, बीडीओ को यह याद रखना चाहिए कि महाराष्ट्र में हिन्दुत्व की सरकार सत्ता में है। भले ही बीडीओ ने मढ़ी ग्राम पंचायत की तरफ से पारित किए गए प्रस्ताव पर रोक लगा दी हो, लेकिन मैं अपील करता हूं कि इस प्रस्ताव को दोबारा पास किया जाए। अगर सभी गांववाले प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर देते हैं, तो बीडीओ कैसे इसे नकार सकते हैं।
महाराष्ट्र सीएम ने डिप्टी सीएम से विवाद की खबरों को किया खारिज
3 Mar, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे से विवाद की खबरों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे ने अमित शाह से मेरी कोई शिकायत नहीं की है। शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत कहानी लिखने में बॉलीवुड के मशहूर लेखक सलीम-जावेद से कंपटीशन कर रहे हैं।
सीएम फडणवीस सोमवार से शुरू हुए विधानसभा बजट सत्र से पहले डिप्टी सीएम शिंदे और अजित पवार के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोई युद्ध नहीं है। जो लोग हम दोनों को जानते हैं, वे यह भी जानते होंगे कि जब हम साथ होते हैं तो क्या करते हैं। हमलोग एकजुट होकर काम कर रहे हैं।
डिप्टी सीएम शिंदे ने कहा कि बस इतना हुआ है कि फडणवीस और मैंने अपनी कुर्सियां बदली हैं और अजित पवार की कुर्सी वही है। इस पर अजित पवार ने शिंदे से मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर आप अपनी कुर्सी नहीं बचा पाए तो मैं क्या कर सकता हूं। इस पर तीनों जोर से हंसने लगे। शिंदे ने मीडिया से कहा कि आप जितनी भी मेहनत से ब्रेकिंग न्यूज बनाने की कोशिश करें, हमारा गठबंधन टूटने वाला नहीं है। इतनी तेज गर्मी में कोल्ड वार कैसे हो सकता है? सब कुछ ठंडा-ठंडा, कूल-कूल है। इस पर शिंदे के बगल में बैठे फडणवीस मुस्कुराते नजर आए।
सीएम एवं उनके सहयोगियों ने सांसद संजय राउत के दावे को खारिज कर दिया कि शिंदे ने सुबह 4 बजे पुणे में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर फडणवीस के खिलाफ शिकायत की थी। शिंदे ने कहा कि अमित शाह बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के नेता हैं। अजित पवार ने कहा कि यह सुबह 10 बजे की शिष्टाचार मुलाकात थी। फडणवीस ने कहा कि वह भी बैठक में मौजूद थे। संजय राउत ने रविवार को शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में दावा किया था कि 22 फरवरी को पुणे के कोरेगांव पार्क स्थित एक होटल में बैठक हुई थी। 57 विधायकों के नेता शिंदे को अमित शाह से मिलने के लिए सुबह 4 बजे तक जागना पड़ा था। शिंदे ने कहा कि संजय राउत के दिमाग में ‘केमिकल लोचा’ है।
नीतीश कुमार का एक बार फिर अनोखा अंदाज सामने, कुछ यू इशारो में तेजस्वी से बोले
3 Mar, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अनोखा अंदाज एक बार फिर सामने आया है. बिहार के बजट सत्र के दौरान नीतीश कुमार ने जिस अनोखे अंदाज में तेजस्वी यादव को इशारा किया, उसे देखकर आप भी हंस पड़ेंगे. बिहार के बजट सत्र के दौरान नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव को इशारा किया, तेजस्वी यादव दाल चबा रहे थे और नीतीश कुमार इशारा कर रहे थे।
शिक्षा मंत्री को कहा- 'ऐ खड़ा हो'
इससे पहले सीएम नीतीश कुमार ने शनिवार को करीब 59 हजार संविदा शिक्षकों को ज्वाइनिंग लेटर सौंपा और फिर मंच से शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा- 'आप लोग मंत्री हैं, खड़े हो जाइए. हर जगह ठीक से काम करवाइए. समझ गए न?' इसके बाद सीएम नीतीश ने शिक्षा मंत्री सुनील कुमार सिंह की तरफ इशारा करते हुए कहा- 'अरे, खड़े हो जाइए. हमने जानबूझ कर आपको यह विभाग दिया है। ठीक से काम करवाइए.' जैसे ही सीएम नीतीश ने मंच से मंत्रियों की तरफ इशारा करके उन्हें खड़े होने को कहा, न सिर्फ शिक्षा मंत्री बल्कि मंच पर मौजूद सभी मंत्री खड़े हो गए।
बाद में मुख्यमंत्री ने कहा- 'मैं उन्हीं लोगों से कह रहा हूं कि जिनके पास विभाग हैं, वे खड़े हो जाएं.' नीतीश की बातें सुनकर लोग हंसने लगे जैसे ही नीतीश कुमार ने शिक्षा मंत्री सुनील कुमार को सबके सामने मंच पर खड़ा किया, महिला शिक्षिकाओं के साथ ही कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ गई. इस दौरान सीएम खुद भी मुस्कुरा रहे थे और इससे कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ गई और माहौल खुशनुमा हो गया।
आकाश आनंद बसपा से निष्कासित, मायावती ने किआ आउट, वजह- अनुशासनहीन लोगो की पार्टी में कोइ जगह नहीं
3 Mar, 2025 06:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज बड़ा फैसला लेते हुए अपने भतीजे आकाश आनंद को बसपा से निष्कासित कर दिया है। मायावती ने ट्वीट के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि कल बसपा की अखिल भारतीय बैठक में आकाश आनंद को राष्ट्रीय समन्वयक समेत सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया, क्योंकि वे पार्टी हित से ज्यादा पार्टी से निष्कासित अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में रहे, जिसके लिए उन्हें पश्चाताप करना चाहिए था और अपनी परिपक्वता दिखानी चाहिए थी।
ससुर के प्रभाव के कारण मिली सजा
मायावती ने इस फैसले के बारे में आगे लिखा कि परिपक्वता दिखाने के बजाय आकाश द्वारा दी गई लंबी प्रतिक्रिया उनके पश्चाताप और राजनीतिक परिपक्वता की नहीं बल्कि अधिकतर अपने ससुर के प्रभाव में स्वार्थी, अहंकारी और गैर-मिशनरी है, जिनसे बचने की सलाह मैं पार्टी के सभी ऐसे लोगों को देती रही हूं और उन्हें दंडित भी करती रही हूं। अतः परम पूज्य बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के स्वाभिमान एवं आत्मसम्मान आंदोलन के हित में तथा आदरणीय कांशीराम जी की अनुशासन परंपरा का पालन करते हुए आकाश आनंद को उनके ससुर की तरह पार्टी एवं आंदोलन के हित में पार्टी से निष्कासित किया जाता है।
रमजान की बधाई
देश एवं दुनिया भर में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के सभी भाई-बहनों एवं उनके परिवारों को विशेष रूप से कल से शुरू हुए पवित्र रमजान माह की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रकृति से प्रार्थना है कि सभी लोग शांति एवं सद्भाव के वातावरण में सुख-समृद्धि के साथ रहें।
भाजपा के भीतर अध्यक्ष को लेकर विचार मंथन चल रहा
3 Mar, 2025 11:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भाजपा के भीतर अध्यक्ष को लेकर विचार मंथन चल रहा है। इसमें किसके नाम पर सहमति बनेगी फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता है। लेकिन भीतरखाने से जो निकलकर आ रहा है उसमें यही माना जा रहा है कि किसी महिला को भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसमें सुषमा स्वराज के नाम पहचान बना चुकी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और कोयंबटूर विधायक वनथी श्रीनिवासन एवं आंध्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दग्गुबाती पुरंदेश्वरी इस पद के लिए सबसे संभावित उम्मीदवार मानी जा रही हैं।
भाजपा मार्च के मध्य तक अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा करने वाली है। यह निर्णय पार्टी के संगठनात्मक चुनावों के बाद लिया जाएगा। भगवा पार्टी फिलहाल 13 से अधिक राज्यों में संगठनात्मक चुनाव में व्यस्त है। पार्टी के सूत्रों के अनुसार, पार्टी के नए अध्यक्ष का चुनाव आंतरिक सहमति से किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि भाजपा के इतिहास में पहली बार किसी महिला को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की संभावना है। इस बात की भी चर्चा है कि भाजपा दक्षिण भारत से किसी को यह जिम्मेदारी दे सकती है।
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा है कि भाजपा अगर किसी महिला को राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए चुनती है तो महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और कोयंबटूर विधायक वनथी श्रीनिवासन या आंध्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दग्गुबाती पुरंदेश्वरी इस पद के लिए सबसे संभावित उम्मीदवार मानी जा रही हैं। दग्गुबाती पुरंदेश्वरी की दावेदारी इस पद के लिए सबसे अधिक है। 66 साल की पुरंदेश्वरी ने 2014 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी जॉइन की थी और संगठनात्मक मामलों में उनका महत्वपूर्ण अनुभव है। वर्तमान में वह आंध्र प्रदेश में बीजेपी की अध्यक्ष हैं और एक तेज-तर्रार महिला नेता के रूप में जानी जाती हैं।
भाषण के कारण सुषमा से तुलना
पुरंदेश्वरी को दक्षिण की सुषमा स्वराज के नाम से भी जाना जाता है। उनकी शानदार भाषण क्षमता और पांच भाषाओं में प्रवीणता के कारण उन्हें बीजेपी के समर्थकों में व्यापक स्वीकृति प्राप्त है। वहीं, वनथी श्रीनिवासन पार्टी के रणनीतिकार और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा हाल ही में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होते देखा गया था। एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने बताया, वह अपनी मोर्चा के तहत कई सफल कार्यक्रम आयोजन के लिए जानी जाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा अमित शाह द्वारा उन पर भरोसा किया जाता है।
सभी धर्मों और समुदायों के लोगों के लिए यहां कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए
3 Mar, 2025 10:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची । झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड विधानसभा में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कहा कि लोकसभा और विधानसभा हैं लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंदिर। उन्होंने इस मंदिर की गरिमा और महत्व को बढ़ावा देने का आग्रह किया और यह स्पष्ट कर दिया कि यहां किसी भी व्यक्ति के लिए कोई बाधा नहीं है। सोरेन ने विधानसभा के सदस्यों के सामने अपने भाषण में कहा कि लोकतंत्र के मंदिर की आवाज हर किसी तक पहुंचती है, चाहे वह हिंदू हो, मुस्लिम हो, सिख हो, इसाई हो, अमीर हो या गरीब। उन्होंने सभी धर्मों और समुदायों के लोगों के लिए यहां कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए, और उन्होंने सदस्यों को संसदीय प्रणाली की समझ और मान्यताओं के बारे में विस्तृत जानकारी देने का निर्देश दिया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम का क्षेत्र नेतृत्व विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने लिया और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने भी सदन की कार्यप्रणाली के बारे में सदस्यों को बताया। यह कार्यक्रम सदन की मर्यादा और विधायी कार्यवाही की समझाने का मुख्य उद्देश्य रखता है और इसे सफल ढंग से आयोजित किया गया। इस मंदिर की गरिमा और भव्यता को बनाए रखने का जिम्मेदारी लेने पर उत्साहित होने वाले इस कार्यक्रम ने लोकतंत्र के मूल्यों को मजबूत किया और उत्तराधिकारियों के भी महत्वपूर्ण कार्यों की महत्वकांक्षा को साबित किया।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस में विभाजन की खबरों को किया खारिज
3 Mar, 2025 09:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बंगलुरु। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कांग्रेस सरकार में विभाजन की अफवाहों को खारिज कर दिया है। उन्होंने दावा किया है कि बीजेपी के कई विधायक उनके संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी को पहले अपनी पार्टी को व्यवस्थित करना चाहिए। शिवकुमार ने कहा कि बीजेपी को पहले अपना घर ठीक करना चाहिए। जैसा कि मेरे कुछ मंत्रियों ने कहा है, कई बीजेपी विधायक हमसे संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं इस बारे में ज्यादा चर्चा नहीं करना चाहता। बीजेपी टूटे हुए घर की तरह है, जबकि कांग्रेस एकजुट है।
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष ने 26 फरवरी को शिवरात्रि उत्सव के दौरान धर्मगुरु जग्गी वासुदेव और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मंच साझा करने के बाद विवाद पैदा हो गया था। कांग्रेस के कई नेताओं ने इस कदम पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि सद्गुरु और शाह ने कांग्रेस पर खुलेआम हमला किया था। इसके बाद पार्टी में आंतरिक कलह की अफवाहें फैलने लगी थी। बीजेपी ने दावा किया कि शिवकुमार कांग्रेस छोड़ सकते हैं और बीजेपी की मदद से वैकल्पिक सरकार बना सकते हैं।
शिवकुमार ने अपने इस फैसले को धार्मिक यात्रा बताते हुए राजनीतिक नहीं होने की बात कही। उन्होंने कहा कि सद्गुरु कर्नाटक के हैं और वे कावेरी जल के मुद्दे पर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने मुझे व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया था। उनका बड़ा अनुयायी वर्ग है और वे महान काम कर रहे हैं। वहां कई राजनीतिक दलों के विधायक और नेता भी थे, इसलिए मैं वहां गया था।
सीएम पद को लेकर शिवकुमार ने बार-बार दिल्ली में पार्टी के नेताओं से यह मांग की है कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाए। विधानसभा चुनावों के बाद एक शक्ति-विभाजन समझौता हुआ था। हालांकि, सिद्धारमैया खेमे ने ऐसे समझौतों को नकारते हुए दावा किया है कि वह पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। सीएम के करीब दर्जनों मंत्रियों ने पिछले कुछ हफ्तों में शिवकुमार के दावों पर खुलकर सवाल उठाए हैं। शिवकुमार की तुलना एकनाथ शिंदे से कर्नाटक बीजेपी ने शिवकुमार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से तुलना करते हुए यह कयास लगाए कि वे कांग्रेस में विभाजन उत्पन्न कर सकते हैं।
विपक्ष के नेता आर अशोक ने कहा कि कांग्रेस में कई नेता एकनाथ शिंदे की तरह हो सकते हैं। डीके शिवकुमार उनमें से एक हो सकते हैं। कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने भी कांग्रेस पार्टी में आंतरिक कलह बढ़ने की बात कही है। हालांकि, शिवकुमार ने इन सभी राजनीतिक अफवाहों को निराधार और बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है।
मायावती ने अब भाई को बनाया नेशनल कोऑर्डिनेटर...
3 Mar, 2025 08:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के सियासी दल बहुजन समाज पार्टी में बड़ा फेरबदल हुआ है। पार्टी को दो नए नेशनल को-ऑर्डिनेटर मिले हैं। आकाश आनंद की जगह उनके पिता और पार्टी महासचिव आनंद कुमार और राज्यसभा सांसद राम जी गौतम को बीएसपी का नेशनल को-ऑर्डिनेटर बनाया गया है। बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने लखनऊ में रविवार को पार्टी की अहम बैठक बुलाई और ये अहम फैसला लिया गया। इस बैठक में कई राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष भी शामिल हुए। पार्टी पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। आकाश आनंद को बीएसपी के सभी पदों से हटा दिया गया है।
इस बैठक में मायावती, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मायावती के भाई आनंद, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा मौजूद रहे। राज्यसभा सांसद रामजी गौतम भी पार्टी की बैठक में मौजूद है लेकिन आकाश आनंद इस बैठक में नहीं आए थे।
पिछले साल आकाश को लगा था झटका
पिछले साल मई में मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को बहुजन समाज पार्टी के नेशनल कोओर्डिनेटर और अपने उत्तराधिकारी पद से हटा दिया था। बसपा सुप्रीमो ने उन्हें दिसंबर 2023 में अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। लोकसभा चुनाव के बीच मंगलवार को मायावती ने अपना फैसला वापस ले लिया। उन्होंने कहा कि पूर्ण परिपक्वता आने तक आकाश आनंद को दोनों अहम जिम्मेदारियों से अलग रखा जाएगा।
नीतीश और ममता के बाद अब कौन संभ्रालेगा इंडिया गठबंधन की कमान
2 Mar, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। एनडीए को टक्कर देने के लिए भाजपा विरोधी कई दलों ने इंडिया गठबंधन बनाया था। इसके लिए बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने खूब भागदौड़ की थी। अंतत: रिजल्ट वहीं के वहीं रहा। इस गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए कई चेहरे सामने आए जिसमें खुद नीतीश कुमार, टीएमसी प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और राहुल गांधी के नाम की भी चर्चा हुई। चर्चा सिर्फ चर्चा रह गए और इसका कोई नतीजा नहीं निकला। अब एक बार फिर नेतृत्व को लेकर बात हो रही है, इसमें सपा प्रमुख अखिलेश यादव की बात होने लगी है।
कई राज्यों में चुनावी हारों के बाद देश भर से इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के भीतर से आवाज उठने लगी। अधिकतर सहयोगी दलों ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि यह गठबंधन अब अपना महत्व खो रहा है। ऐसा कांग्रेस पार्टी की वजह से हो रहा है। दिल्ली में गठबंधन के दो सहयोगी दलों कांग्रेस और आप के अलग-अलग चुनाव लड़ने के कारण राज्य में भाजपा को शानदार जीत मिली है। इसी तरह हरियाणा में भी कांग्रेस और आप ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था और वहां भी अनुमान के विपरीत भाजपा को शानदार जीत मिली थी।
इन दोनों राज्यों में कांग्रेस और आप के बीच तकरार का असर इंडिया गठबंधन के भविष्य पर पड़ने लगा। सहयोगी दलों से आवाज उठने लगी कि गठबंधन में कोई बड़ा नेता संयोजक पद पर होना चाहिए। इसमें सबसे बड़ा नाम पश्चिम बंगाल की सीएम और टीएमसी मुखिया ममता बनर्जी का था। ममता बनर्जी ने भी खुलेआम संयोजक की भूमिका निभाने की इच्छा जता चुकी है। फिर महाराष्ट्र में गठबंधन से सहयोगी दलों शिवसेना उद्धव गुट और शरद पवार की एनसीपी ने भी कांग्रेस के रवैये पर सवाल उठाए। जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने भी गठबंधन के भविष्य को लेकर सवाल पूछे। दिल्ली चुनाव के दौरान आप नेता अरविंद केजरीवाल ने तो इंडिया गठबंधन से ही कांग्रेस को बाहर करने की मांग कर डाली थी।
इन सबके बीच अब इंडिया के संयोजक पक्ष के लिए एक नए चेहरे के नाम की चर्चा हो रही है। वो हैं सपा मुखिया अखिलेश यादव। सपा के एक बड़े नेता रविदास मेहरोत्रा ने कहा है कि यूपी में अखिलेश यादव सबसे बड़े नेता बनकर उभरे हैं। लोकसभा में सपा दूसरी सबसे बड़ी विपक्ष पार्टी है। उसके पास 37 सांसद हैं। ऐसे में हम चाहते हैं अखिलेश यादव हो इंडिया गठबंधन के संयोजक का पद दिया जाए।
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