राजनीति
अभिषेक बनर्जी का तीखा बयान: पाकिस्तान से बातचीत अब केवल युद्ध के मैदान में
29 Jul, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को कहा कि भारत को किसी भी क्षेत्र में पाकिस्तान के साथ बातचीत नहीं करनी चाहिए और उस देश के साथ बातचीत केवल युद्ध के मैदान में होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसद ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दशकों से पाकिस्तान ने आतंक का निर्यात किया है, भारत को लहूलुहान किया है, जिससे भारतीय जीवन और परिवारों को अपूरणीय क्षति हुई है।
उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, भारत को किसी भी क्षेत्र में पाकिस्तान के साथ बातचीत नहीं करनी चाहिए। पाकिस्तान के साथ हमारी बातचीत केवल युद्ध के मैदान में होनी चाहिए, और जीतने लायक एकमात्र पुरस्कार पाकिस्तान के कब्जे वाला जम्मू और कश्मीर है।
बनर्जी ने कहा, दशकों से पाकिस्तान ने आतंकवाद का निर्यात किया है, भारतीय जीवन और परिवारों को अपूरणीय क्षति पहुंचाकर हमारे देश को लहूलुहान किया है। और फिर भी, हम समय-समय पर राजनीति को खेल से दूर रखने की मांग सुनते हैं। नहीं! इसे रोकना होगा।
टीएमसी सांसद ने कहा कि जब कोई देश छद्म युद्ध छेड़ता है, तो कोई तटस्थ ज़मीन नहीं बचती। उन्होंने कहा, हमारे शहीदों का खून धोने लायक कोई क्रिकेट पिच नहीं है।
उन्होंने पोस्ट में कहा, हमारा तिरंगा बल्ले और गेंद की वजह से नहीं, बल्कि हमारे सशस्त्र बलों के बेजोड़ साहस और वीरता की वजह से ऊंचा फहराता है। हम अपने क्रिकेटरों का सम्मान करते हैं और मैं इस खेल का गहरा सम्मान करता हूं। लेकिन एक राष्ट्र के रूप में, हम अपने सैनिकों का सम्मान करते हैं। वे जो स्टेडियम में हमारे उत्साहवर्धन के दौरान पहरा देते हैं, वे जो दूसरों के खेलते समय खून बहाते हैं।
बनर्जी ने यह भी कहा, जो देश हमारी सीमाओं पर गोलियां चलाता है, उससे हाथ मिलाना कूटनीति नहीं - यह खूनी विश्वासघात है।
उन्होंने कहा, हमारा लक्ष्य मनोरंजन नहीं, न्याय होना चाहिए। अगर पाकिस्तान से मुकाबला करना है, तो वह नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर हो और पाकिस्तान के कब्जे वाला जम्मू-कश्मीर ही हमारी एकमात्र ट्रॉफी हो।
बीजेपी से संपर्क में थे रोहित पवार: महाराष्ट्र मंत्री का दावा
28 Jul, 2025 09:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शरद पवार के पोते ने कहा- नितेश राणे खुद कीचड़ में फंसे हैं
मुंबई। महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने दावा किया है कि शरद पवार की पार्टी एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार बीजेपी नेताओं के संपर्क में थे। राणे यह दावा इसलिए मायने रखता है क्योंकि रोहित पवार रिश्ते में शरद पवार के पोते हैं और अजित पवार के मुकाबले उन्हें प्रोजेक्ट किया जाता रहा है। ऐसे में यदि वह बीजेपी के संपर्क में थे तो यह बड़ा दावा है।
शरद पवार के पोते और अहिल्यानगर के कर्जत-जामखेड से विधायक रोहित पवार ने राणे के दावे को खारिज करते हुए कहा कि ‘जो खुद कीचड़ में फंसा हो’, उसे दूसरों पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। राणे ने दावा किया, ‘...वह (रोहित पवार) 2019 में बीजेपी में शामिल होना था। अगर हम यह बताना शुरू कर दें कि वह किन बीजेपी नेताओं के संपर्क में थे, तो उनके पास अपना चेहरा छिपाने की जगह नहीं होगी। हालांकि, वह शारीरिक रूप से एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार के साथ हैं, लेकिन उनका दिल बीजेपी के साथ है।
रोहित पवार ने कहा कि वह मीडिया को याद दिलाना चाहते हैं कि पहले कांग्रेस पार्टी में रहे राणे ने कैसे प्रतिक्रिया दी थी, जब उनसे पार्टी बदलने के बारे में पूछा गया था। उन्होंने कहा कि जिस तरह वह कपड़े बदलते हैं, उसी तरह वह पार्टियां बदलते हैं। जब उनसे यह सवाल किया तो सभी ने देखा था कि वह कितने आक्रोशित हो गए थे। वह खुद कीचड़ में फंसे हैं और उन्हें दूसरों के बारे में टिप्पणी करने से बचना चाहिए।
बता दें नितेश राणे पिछले कुछ समय से चर्चा में रहे हैं। वह खुद को हिंदूवादी नेता के तौर पर प्रोजेक्ट करने की कोशिश करते हैं।
चिदंबरम ने दी सफाई: कहा– मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया
28 Jul, 2025 08:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम पहलगाम हमले पर अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने कथित तौर पर एक साक्षात्कार में कहा था कि 22 अप्रैल के हमले में शामिल आतंकवादी देशी हो सकते हैं और इसका कोई सबूत नहीं है कि वे पाकिस्तान से आए थे।
कांग्रेस नेता चिदंबरम की टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस नेता ने हमेशा की तरह इस बार भी फिर पाकिस्तान को क्लीन चिट दे दी है। भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने चिदंबरम के इंटरव्यू की एक क्लिप अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यूपीए काल के पूर्व गृह मंत्री और कुख्यात भगवा आतंकवाद सिद्धांत के मूल प्रवर्तक चिदंबरम एक बार फिर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि क्या उन्होंने (एनआईए) आतंकवादियों की पहचान की है या वे कहाँ से आए हैं? जहाँ तक हम जानते हैं, वे स्थानीय आतंकवादी हो सकते हैं। आप यह क्यों मान लेते हैं कि वे पाकिस्तान से आए थे? इसका कोई सबूत नहीं है। चिंदबरम का यह बयान साबित करता हैं कि फिर, कांग्रेस पाकिस्तान को क्लीन चिट देने के लिए दौड़ पड़ी है। इस बार पहलगाम आतंकी हमले के बाद का मामला है। भाजपा नेता ने लिखा कि ऐसा क्यों है कि जब भी हमारी सेनाएँ पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का सामना करती हैं, तब कांग्रेस के नेता हमेशा भारत के विपक्ष की बजाय इस्लामाबाद के बचाव पक्ष के वकील ज़्यादा दिखाने लगते हैं? जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है, तब कोई अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए। लेकिन कांग्रेस के साथ ऐसा कभी नहीं होता, वे हमेशा दुश्मन की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। ऐसा पहली बार नहीं हो रहा हैं कांग्रेस के कई सीनियर नेता कई बार पहले भी पाकिस्तान का हर मंच पर बचाव करते दिखे है। ये कांग्रेस की वोट बैंक की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। कांग्रेस नेताओं की ये टिप्पणियां उनके पाकिस्तान और मुसलमान वोट बैंक के प्रति अपना प्यार दिखाता है।
मामला बिगाड़ता देखकर कांग्रेस नेता चिदंबरम ने पोस्ट साझा किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि उनके साक्षात्कार का आंशिक रूप से हवाला देकर गलत सूचना फैलाई गई। उन्होंने पोस्ट किया, ट्रोल कई तरह के होते हैं और गलत सूचना फैलाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। सबसे बुरा ट्रोल वह होता है जो पूरे रिकॉर्ड किए गए साक्षात्कार को दबा देता है, दो वाक्यों को हटा देता है, कुछ शब्दों को म्यूट कर देता है और वक्ता को बदनाम कर देता है!
मानसून सत्र की शुरुआत हंगामे से, विपक्षी सांसदों की नारेबाजी पर कार्यवाही स्थगित
28 Jul, 2025 01:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मानसून सत्र के आज छठे दिन की कार्यवाही ठीक 11 बजे शुरू हो गई थी, लेकिन लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इधर प्रश्नकाल शुरू हुआ, उधर विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष का हंगामा देख लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भड़क गए और उन्होंने लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। राज्यसभा की कार्यवाही भी स्थगित हुई है।
क्या बोले लोकसभा स्पीकर?
विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी से प्रश्नकाल बाधित होते देखकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भड़क गए। उन्होंने विपक्ष पर सवाल उठाए कि वे सदन की कार्यवाही को बाधित क्यों कर रहे हैं? क्या विपक्ष ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा नहीं करना चाहता? क्यों विपक्ष प्रश्नकाल को बाधित करना चाहता है? क्यों विपक्ष प्रश्नकाल को चलने नहीं देना चाहता? उन्होंने विपक्ष के नेता को कहा कि वे अपने सांसदों को समझाएं कि वे लोकसभा की मर्यादा न भूलें।
स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि पिछले 7 दिन से विपक्ष लोकसभा की कार्यवाही इसलिए बाधित कर रहा था कि ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करनी थी। अब जब केंद्र सरकार ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा कराने के लिए सहमत हो गई है तो फिर सदन की कार्यवाही क्यों बाधित की जा रही है? देश आपसे जानना चाह रहा है कि आप आज प्रश्नकाल क्यों स्थगित करा रहे हैं? प्रश्नकाल बहुत महत्वपूर्ण समय होता है। सरकार की जवाबदेही तय करने का समय होता है।
INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन
बता दें कि आज लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले संसद में INDIA गठबंधन ने विरोध प्रदर्शन किया। INDIA गठबंधन ने बिहार में चल रहे वोटर लिस्ट की विशेष गहन समीक्षा (Special Intensive Revision-SIR) के खिलाफ संसद परिसर में मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP), राष्ट्रीय जनता दल (RJD), तृणमूल कांग्रेस (TMC), DMK और अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए थे।
INDIA गठबंधन ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक समुदायों के मतदाताओं के नाम बिना उनकी सहमति के हटाए जा रहे हैं। विरोध प्रदर्शन में सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी वाड्रा, मनोज झा, मीसा भारती आदि नेता शामिल थे। सांसदों ने तख्तियां हाथों में लेकर विरोधी नारे लगाए।
शिवसेना प्रमुख से मुख्यमंत्री तक: उद्धव ठाकरे की राजनीति का सफर
28 Jul, 2025 11:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । उद्धव ठाकरे शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री, भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व के रूप में उभरे हैं। 27 जुलाई 1960 को मुंबई में जन्मे उद्धव ठाकरे, शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे के पुत्र हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा बालमोहन विद्यामंदिर और जेजे स्कूल ऑफ आर्ट से हुई, जहां उन्होंने फोटोग्राफी में महारत हासिल की। राजनीति में आने से पहले वे एक कुशल फोटोग्राफर थे, जिन्होंने ‘महाराष्ट्र देश’ और ‘पहव विट्ठल’ जैसी किताबों के जरिए अपनी कला का प्रदर्शन किया। राजनीतिक सफर की शुरुआत 2002 में हुई, जब उद्धव ठाकरे ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव में शिवसेना के अभियान प्रभारी के रूप में काम किया और पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया। इसके बाद 2003 में उन्हें पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया और 2006 में ‘सामना’ के प्रधान संपादक बने। 2012 में बाल ठाकरे के निधन के बाद उद्धव ने 2013 में शिवसेना की कमान संभाली। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना ने 2014 में एनडीए सरकार में हिस्सा लिया, लेकिन 2019 में भाजपा से गठबंधन तोड़कर कांग्रेस और एनसीपी के साथ महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठित किया। 28 नवंबर 2019 को वे महाराष्ट्र के 19वें मुख्यमंत्री बने। उनके कार्यकाल में कोविड-19 महामारी से निपटने का काम सराहनीय रहा, लेकिन आर्थिक चुनौतियां और आंतरिक मतभेदों ने सरकार को कमजोर किया। 2022 में पार्टी के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे की बगावत ने एमवीए सरकार को गिरा दिया और उद्धव को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को शिवसेना का आधिकारिक प्रतिनिधि मान्यता दी, जिसका उद्धव ने कड़ा विरोध किया। हाल ही में उद्धव और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे के बीच राजनीतिक समीकरण ने नया मोड़ लिया है। दोनों ने मराठी अस्मिता के समर्थन में हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में अनिवार्य करने की नीति के खिलाफ एक मंच साझा किया, जिसे मराठी संस्कृति की जीत माना गया। उद्धव ठाकरे की राजनीतिक यात्रा संघर्षों और उपलब्धियों से भरी रही है, जो महाराष्ट्र की राजनीति में उनका अहम स्थान दर्शाती है।
तेज प्रताप यादव महुआ से स्वतंत्र उम्मीदवार बन चुनाव लड़ेंगे, RJD से बहिष्कार के बाद निर्णय
28 Jul, 2025 10:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने घोषणा की है कि वह आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में वैशाली जिले की महुआ सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरेंगे। यह फैसला उन्हें हाल ही में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से निष्कासित किए जाने के बाद लिया गया है।
वर्तमान में हसनपुर सीट से विधायक तेज प्रताप ने शनिवार शाम अपने पटना स्थित आवास पर पत्रकारों से कहा, हां, इस बार मैं महुआ विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ूंगा। मेरे विरोधियों को जरूर दिक्कत होगी। मुझे लोगों का समर्थन प्राप्त है और बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया मंच ‘टीम तेज प्रताप यादव’ से जुड़े हैं। तेज प्रताप ने दावा किया कि आगामी चुनाव के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना पद नहीं बचा पाएंगे। उन्होंने कहा, कि मुझे पूरा विश्वास है कि चाचा (नीतीश) मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। जो लोग सरकार बनाएंगे, यदि वे युवा, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की बात करेंगे तो मैं उनके साथ खड़ा रहूंगा।
गौरतलब है कि लालू प्रसाद यादव ने 25 मई को तेज प्रताप को राजद से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। सोशल मीडिया पर एक महिला के साथ ‘संबंध’ संबंधी पोस्ट को लेकर पार्टी ने यह कदम उठाया। बाद में तेज प्रताप ने दावा किया कि उनका फेसबुक पेज हैक हो गया था। निष्कासन के बाद तेज प्रताप ने यह भी आरोप लगाया था कि उनके और छोटे भाई तेजस्वी यादव के बीच मतभेद बढ़ाने की “साजिश” रची जा रही है।
ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में 16-16 घंटे की बहस, सरकार को घेरने की तैयारी में कांग्रेस
28 Jul, 2025 09:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र में सोमवार को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर 16 घंटे लंबी चर्चा की शुरुआत होगी। इस चर्चा की अगुवाई रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दोपहर 12 बजे करेंगे। इसके बाद मंगलवार से राज्यसभा में भी ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर 16 घंटे की बहस होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी चर्चा में शामिल होने की संभावना है। संसद में इस महत्वपूर्ण विषय पर सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस चर्चा के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह और तीनों सेना प्रमुखों के साथ कई बैठकें की हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, चर्चा में गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर और निशिकांत दुबे भी शामिल होंगे। सरकार इस चर्चा को पूरी आक्रामकता के साथ रखने की तैयारी में है। खास बात ये है कि ये बहस करगिल विजय दिवस (26 जुलाई) के ठीक बाद हो रही है, और सरकार इसे विजय दिवस की तरह पेश करने की तैयारी में है।
लोकसभा और राज्यसभा में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर खास बहस से पहले कांग्रेस ने सरकार को घेरने की रणनीति बना ली है। पार्टी ने रविवार को ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े उन तमाम घटनाक्रमों को सामने रखा, जो अब तक चर्चा में थे लेकिन औपचारिक बहस से बाहर रहे। खास बात यह रही कि कांग्रेस ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को भी मुद्दा बनाया है, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत पर व्यापार रोकने की धमकी देकर ऑपरेशन सिंदूर को रुकवाया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद कांग्रेस ने तुरंत दो दिन का विशेष सत्र बुलाने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने तब कोई सुनवाई नहीं की। रमेश ने कहा कि अभी जो 16 घंटे की बहस लोकसभा में और उसके बाद राज्यसभा में होने जा रही है, वह देर से हो रही है लेकिन अच्छा है कि हो रही है।
विपक्ष मांग रहा जवाब
ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर विपक्ष भी सरकार से जवाब मांग रहा है। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने इस बहस के लिए समय निर्धारित किया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वो ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तार से चर्चा के लिए तैयार है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा था कि सरकार देश के सामने सभी सच्चाई रखने को तैयार है। जयराम रमेश ने बताया कि 30 मई को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने सिंगापुर में स्वीकार किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के पहले दो दिन रणनीतिक चूकें हुईं। इसके बाद 29 जून को इंडोनेशिया में भारतीय रक्षा अधिकारी ग्रुप कैप्टन शिव कुमार ने संकेत दिया कि राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते ऑपरेशन प्रभावित हुआ और भारतीय वायुसेना को भी नुकसान उठाना पड़ा। जयराम रमेश ने आगे बताया कि चार जुलाई को डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने खुलासा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को चीन से तकनीकी और सामरिक टकराव का सामना करना पड़ा। वहीं, 14 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सार्वजनिक रूप से कहा कि पहलगाम आतंकी हमला सुरक्षा एजेंसियों की विफलता का नतीजा था। और वो इसकी जिम्मेदारी लेते हैं।
ट्रंप के दावे और अमेरिका-पाक रिश्तों पर सवाल
कांग्रेस ने ट्रंप के बार-बार किए जा रहे उस दावे को भी मुद्दा बनाया जिसमें वे कहते रहे कि उन्होंने भारत को व्यापारिक धमकी देकर ऑपरेशन सिंदूर रुकवाया। रमेश ने यह भी कहा कि ट्रंप ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख को लंच पर बुलाया, जो अभूतपूर्व है। अमेरिकी कमांड और विदेश मंत्री द्वारा पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी भूमिका की तारीफ पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
बाबासाहेब का अपमान बर्दाश्त नहीं: राहुल की तुलना पर भड़के जनक राम
28 Jul, 2025 08:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के मंत्री और भाजपा के नेता जनक राम ने कांग्रेस नेता उदित राज द्वारा राहुल गांधी की तुलना डॉ. भीमराव अंबेडकर से किए जाने पर भड़क गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी भीमराव अंबेडकर को सम्मान नहीं दिया और अब दूसरे भीमराव अंबेडकर की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर की तुलना किसी से करना अंबेडकर का अपमान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 67 साल सत्ता में रहते हुए दलित, ओबीसी समुदाय को सिर्फ वोट बैंक समझा, लेकिन कभी उनके विकास के लिए ईमानदारी से काम नहीं किया। कांग्रेस ने समाज को धोखा दिया है। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी। यह वही कांग्रेस है जिसने अंबेडकर को भारत रत्न देने में भी देरी की जबकि अपने परिवार को भारत रत्न लेने में देरी नहीं की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति शुरू से ही तलवे चाटने की रही है। इसी को लेकर कांग्रेस में होड़ मची रहती है। इसी का परिणाम है कि कांग्रेस नेता ऐसी तुलना कर रहे हैं। भाजपा नेता और बिहार के मंत्री जनक राम ने कहा कि राहुल गांधी सही अर्थों में एक असफल नेता रहे हैं। उन्होंने अगर भारत की राजनीति में कोई याद भी रखेगा तो एक असफल नेता के रूप में याद रखेगा। कांग्रेस पर दलित समाज का अपमान करने का आरोप लगाते हुए बिहार के मंत्री ने कहा कि गांधी परिवार को खुश करने के लिए कांग्रेस ने पूरे दलित समाज का अपमान किया है। कांग्रेस को इसके लिए माफ़ी मांगनी चाहिए।
राज ठाकरे 6 साल बाद उद्धव के घर पहुंचे
27 Jul, 2025 09:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना चीफ राज ठाकरे रविवार को 6 साल बाद उद्धव ठाकरे के घर मातोश्री पहुंचे। इस दौरान राज ने शिवसेना (यूबीटी) चीफ उद्धव ठाकरे को गले लगाया और बुके देकर जन्मदिन की बधाई दी। इससे पहले आखिरी बार 6 साल पहले 2019 में राज ठाकरे मातोश्री गए थे। उन्होंने उद्धव परिवार को अपने बेटे अमित की शादी में आने का न्योता दिया था। वहीं, औपचारिक रूप से राज 2012 में मातोश्री गए थे। उस समय बालासाहेब ठाकरे बीमार थे।
5 जुलाई को 20 साल बाद उद्धव और राज मुंबई के वर्ली डोम में एक रैली के दौरान साथ नजर आए थे। इस मौके पर दोनों की तरफ से आगे साथ मिलकर राजनीति करने के संकेत दिए गए थे। उद्धव को शिवसेना का मुखिया बनाने के बाद राज ने अलग पार्टी एमएनएस बनाई थी। तब दोनों के रिश्ते अच्छे नहीं थे।
'ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया, भारत के दुश्मनों के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं': पीएम मोदी
27 Jul, 2025 09:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अरियालुर: 'ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया कि भारत को निशाना बनाने वाले दुश्मनों और आतंकवादियों के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं है. ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को दिखाया कि अगर भारत की संप्रभुता पर हमला हुआ तो वह किस तरह जवाब देगा. सीमा पार सैन्य हमले ने पूरे देश में एक नया आत्मविश्वास पैदा किया है.'
आदि तिरुवथिरई उत्सवः
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तमिल नाडु के अरियालुर में ये बातें कहीं. तमिलनाडु के अरियालुर जिले के गंगईकोंडा चोलपुरम में प्रतिष्ठित चोल राजा राजेंद्र चोल-प्रथम की जयंती के अवसर पर 'आदि तिरुवथिराई उत्सव' कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. 'आदि तिरुवथिरई' को तमिल माह आदि में राजा का जन्म नक्षत्र तिरुवथिरई के उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है.
दुनिया को भारत की ताकत का एहसासः
पीएम मोदी ने कहा, जब मैं हेलीपैड से यहां आया, तो 3-4 किलोमीटर की दूरी अचानक एक रोड शो में बदल गया. हर कोई ऑपरेशन सिंदूर की प्रशंसा कर रहा था. ऑपरेशन सिंदूर ने पूरे देश में एक नई जागृति, एक नया आत्मविश्वास पैदा किया है. दुनिया को भारत की ताकत का एहसास होना चाहिए." इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग प्रधानमंत्री को सुनने पहुंचे थे.
चोल काल की प्रशंसा कीः
मोदी ने आगे कहा कि सम्राट राजराज चोल और उनके पुत्र राजेंद्र चोल-प्रथम के नाम भारत की पहचान और गौरव के पर्याय हैं. उन्होंने घोषणा की कि तमिलनाडु में उनकी भव्य प्रतिमाएं बनाई जाएंगी. उन्होंने कहा कि ये प्रतिमाएं "हमारे ऐतिहासिक जागरण के आधुनिक स्तंभ" होंगी. पीएम मोदी ने कहा, लोकतंत्र पर टिप्पणी करते हुए कई लोग ब्रिटेन के मैग्ना कार्टा का ज़िक्र करते हैं. चोल काल की 'कुदावोलाई व्यवस्था' उससे भी पहले की है. चोल काल में अपनाई गई व्यवस्था एक हजार साल से भी ज़्यादा पुरानी है.
क्या है ऑपरेशन सिंदूरः
ऑपरेशन सिंदूर, भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा 6-7 मई की रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में किए गए एक सैन्य हवाई अभियान का नाम है. यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों और उनके परिवारों को न्याय देने के लिए शुरू किया गया था. इस कार्रवाई में 9 आतंकी कैंपों को टारगेट कर पूरी तरह से बर्बाद किया गया था.
पीएम मोदी ने मन की बात में नालंदा के नवीन कुमार की उपलब्धियों का किया जिक्र
27 Jul, 2025 08:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
- पीएम मोदी ने मन की बात में खुदीराम बोस को नमन किया, कहा- चेहरा गर्व से भरा था, डर का नामोनिशान नहीं था
- हथकरघा बना आत्मनिर्भरता का प्रतीक: पीएम मोदी
- आत्मनिर्भर भारत का सबसे बड़ा आधार है वोकल फ़ॉर लोकल- पीएम मोदी
पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात में बिहार के मुजफ्फरपुर के उस दौर की चर्चा की जब 18 वर्षीय खुदीराम बोस को फांसी दी गई थी। उन्होंने उस दौर को याद करते हुए महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि 11 अगस्त 1908 को मुजफ्फरपुर में 18 वर्षीय खुदीराम बोस को फांसी दी गई थी। उनका चेहरा गर्व से भरा था, डर का नामोनिशान नहीं था। जेल के बाहर हजारों लोग एक वीर को अंतिम विदाई देने जुटे थे। पीएम मोदी ने कहा कि उनका बलिदान आज भी प्रेरणा देता है। पीएम ने कहा कि अगस्त का महीना क्रांति का महीना भी है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, आप कल्पना कीजिए, बिल्कुल भोर का वक्त, बिहार का मुजफ्फरपुर शहर, तारीख 11 अगस्त 1908। हर गली, हर चौराहा, हर हलचल उस समय जैसे थमी हुई थी। लोगों की आंखों में आंसू थे, लेकिन दिलों में ज्वाला थी। लोगों ने जेल को घेर रखा था, जहां एक 18 साल का युवक अंग्रेजों के खिलाफ अपना देश-प्रेम व्यक्त करने की कीमत चुका रहा था। उन्होंने आगे कहा, जेल के अंदर, अंग्रेज अफसर एक युवा को फांसी देने की तैयारी कर रहे थे। उस युवा के चेहरे पर भय नहीं था, बल्कि गर्व से भरा हुआ था। वो गर्व, जो देश के लिए मर-मिटने वालों को होता है। वो वीर, वो साहसी युवा थे, खुदीराम बोस। सिर्फ 18 साल की उम्र में उन्होंने वो साहस दिखाया, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। अपने संबोधन में उन्होंने आगे कहा, तब अखबारों ने भी लिखा था, खुदीराम बोस जब फांसी के फंदे की ओर बढ़े, तो उनके चेहरे पर मुस्कान थी। ऐसे ही अनगिनत बलिदानों के बाद, सदियों की तपस्या के बाद, हमें आजादी मिली थी। देश के दीवानों ने अपने रक्त से आजादी के आंदोलन को सींचा था। पीएम मोदी ने इस क्रम में बिहार के नालंदा के नवीन कुमार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार के नालंदा जिले के नवीन कुमार की कहानी भी बहुत प्रेरणादायक है। उनके परिवार की कई पीढ़ियां इसी काम से जुड़ी रही हैं। उन्होंने अपने पारंपरिक काम को आगे बढ़ाया और इसमें सफलता पाई। उन्होंने हैंडलूम में तकनीक के प्रयोग की चर्चा करते हुए कहा कि नवीन कुमार के बच्चे हैंडलूम तकनीक की पढ़ाई कर रहे हैं, बड़े ब्रांड में काम कर रहे हैं। यह बदलाव सिर्फ एक परिवार का नहीं है, बल्कि आसपास के कई परिवारों को यह आगे बढ़ा रहा है। टेक्सटाइल को सांस्कृतिक विविधता की पहचान बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। सभी मिलकर इसे आगे बढ़ा रहे हैं। कई स्टार्टअप ने इसे ग्लोबल हाइट दी है। उन्होंने साफ कहा कि 2047 के विकसित भारत का रास्ता आत्मनिर्भरता से होकर गुजरता है और आत्मनिर्भर भारत का सबसे बड़ा आधार है वोकल फ़ॉर लोकल।
24 घंटे में सम्राट चौधरी को गोली मार दूंगा.. बिहार के डिप्टी CM को धमकी भरे कॉल के बाद पुलिस अलर्ट
27 Jul, 2025 08:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार में एक बार फिर एक वरिष्ठ नेता को जान से मारने की धमकी मिलने की खबर सामने आई है. इस बार निशाने पर राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हैं. उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन कॉल और मैसेज के जरिए जान से मारने की धमकी दी गई है. बता दें कि इससे पहले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा को धमकी दी गई थी.
उपमुख्यमंत्री को जान से मारने की धमकी : यह घटना बिहार में लगातार बढ़ रही धमकी की घटनाओं में एक और गंभीर अध्याय जोड़ती है. हाल के महीनों में कई नेताओं को इसी तरह की कॉल और धमकी भरे मैसेज मिल चुके हैं. हालांकि, पूर्व की घटनाओं में पुलिस ने कई अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है.
धमकी मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई : जानकारी के अनुसार, सम्राट चौधरी के कार्यकर्ता को धमकी भरा कॉल आया. जिसमें कहा गया कि ''सम्राट चौधरी को 24 घंटे के अंदर गोली मार दूंगा, सच कह रहा हूं.'' उनकी सुरक्षा टीम ने तुरंत मामले को गंभीरता से लिया और इसकी सूचना पटना पुलिस को दी. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मोबाइल नंबर 6367263657 की प्राथमिक जांच शुरू की.
ट्रूकॉलर पर दिखा नाम 'विक्रम यादव' : प्रारंभिक जांच में ट्रूकॉलर ऐप पर इस नंबर को विक्रम यादव के नाम से रजिस्टर पाया गया. हालांकि, यह साफ नहीं है कि यह नाम असली है या फर्जी. पुलिस अब इस दिशा में भी जांच कर रही है.
पुलिस की जांच तेज : पटना पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए धमकी देने वाले की पहचान और लोकेशन ट्रैक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अधिकारियों के अनुसार, वे उस नंबर की सिम डिटेल, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन डेटा खंगाल रहे हैं. पुलिस मानती है कि मोबाइल की सटीक लोकेशन ही आरोपी तक पहुंचने की कुंजी हो सकती है.
''हमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को धमकी मिलने की सूचना मिली है और हम इसकी तकनीकी जांच कर रहे हैं.''- दीक्षा, सेंट्रल एसपी, पटना
अब तक नहीं मिली लिखित शिकायत : एसपी ने यह भी बताया कि अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि गंभीर जांच के लिए लिखित शिकायत अनिवार्य होती है. जैसे ही शिकायत मिलती है, पुलिस अगली कार्रवाई तेजी से करेगी.
कार्रवाई की तैयारी : फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता धमकी देने वाले की पहचान और गिरफ्तारी है. टेक्निकल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी का जल्द ही पता लगाया जा रहा है. हालांकि, औपचारिक शिकायत दर्ज न होने तक कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह शुरू नहीं हो सकती.
पुलिस का खौफ खत्म : यह घटना एक बार फिर नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था और डिजिटल माध्यम से मिल रही धमकियों के प्रति पुलिस की तैयारियों पर प्रश्न खड़े करती है. अब निगाहें पटना पुलिस की जांच और संभावित गिरफ्तारी पर टिकी हैं.
लोकसभा में बेहतर काम के लिए मिला सम्मान, संसद रत्न पुरस्कार से नवाजे गए 17 सांसद
27 Jul, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। लोकसभा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 17 सांसदों को संसद रत्न पुरस्कार 2025 के लिए चुना गया है। इनमें एनसीपी शरद गुट की सुप्रिया सुले, भाजपा के रवि किशन और निशिकांत दुबे और शिवसेना यूबीटी के अरविंद सावंत का नाम शामिल है। संसद रत्न बनने वाले सांसदों में सबसे ज्यादा 7 सांसद महाराष्ट्र से हैं। इनके अलावा 4 स्पेशल जूरी अवॉर्ड भी शामिल हैं। इनमें भाजपा के भर्तृहरि महताब, क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी के एनके प्रेमचंद्रन, एनसीपी शरद गुट की सुप्रिया सुले और शिवसेना के श्रीरंग अप्पा बार्ने शामिल हैं। इन सभी ने 16वीं लोकसभा के बाद से लगातार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखा है।
सांसद जिन्हें संसद रत्न चुना गया
बाकी सांसदों में भाजपा की स्मिता उदय वाघ, शिवसेना के नरेश म्हस्के, कांग्रेस की वर्षा गायकवाड़, भाजपा की मेधा कुलकर्णी, प्रवीण पटेल, विद्युत बरन महतो और दिलीप सैकिया भी शामिल हैं। सांसद एनके प्रेमचंद्रन को 5वीं बार संसद रत्न अवॉर्ड मिला है। कमेटी कैटेगरी में, भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली वित्त संबंधी स्थायी समिति और डॉ. चरणजीत सिंह चन्नी (कांग्रेस) की अध्यक्षता वाली कृषि संबंधी स्थायी समिति को उनकी रिपोर्टों की गुणवत्ता और विधायी निगरानी में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
राहुल की बाबासाहेब अंबेडकर से तुलना पर विवाद
27 Jul, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बाबासाहेब अंबेडकर से तुलना वाले उदित राज के बयान पर बीजेपी और जेडीयू के नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी के नेताओं ने इसे भद्दा मज़ाक और भारतीय संविधान के जनक का अपमान करार दिया तो उदित राज को मानसिक दिवालियेपन का शिकार बता दिया।
कांग्रेस नेता उदित राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ओबीसी को सोचना पड़ेगा इतिहास बार बार प्रगति के लिए मौका नहीं देता। तालकटोरा स्टेडियम के सम्मेलन में जो बात राहुल गांधी ने कही, उस पर चल पड़ें और साथ दें। अगर ऐसा करते हैं तो इनके लिए राहुल गांधी दूसरा अंबेडकर साबित होंगे।
राहुल गांधी की अंबेडकर से तुलना पर बीजेपी नेता राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि राहुल गांधी को पहले एक अच्छा भारतीय नागरिक बनना चाहिए, कुछ काम करना चाहिए, देश और लोगों की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा, यह इंदिरा ही इंडिया है, इंडिया ही इंदिरा है का दौर नहीं है।
बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने उदित राज के बयान पर प्रतिक्रिया में कहा कि कांग्रेस दूसरे अंबेडकर के बारे में बात कर रही है, जबकि उसने असली अंबेडकर का कभी सम्मान नहीं किया। दलितों और अंबेडकर का अपमान करना कांग्रेस की पहचान बन चुकी है। पूनावाला ने कहा कि अब वो (कांग्रेस) दूसरा अंबेडकर बनना चाहते हैं, नेहरू या इंदिरा गांधी नहीं बनना चाहते? इसका मतलब है कि गांधी परिवार भी मान रहा है कि नेहरू और इंदिरा गांधी गलत रास्ते पर थे।
जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, राहुल गांधी को अगला अंबेडकर कहना एक भद्दा मज़ाक है। अंबेडकर संविधान के निर्माता, दूरदर्शी, सामाजिक अन्याय के खिलाफ एक उच्च शिक्षित योद्धा थे। उन्होंने कहा कि कि राहुल गांधी ने खुद माना है कि उनकी पार्टी ने पिछड़े वर्गों के कल्याण की अनदेखी की।
झारखंड के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी के नेता अमर कुमार बाउरी ने उदित राज की टिप्पणी को चाटुकारिता की हद और बाबासाहेब का अपमानक करार दिया।
समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर की विरासत अतुलनीय है। वह सिर्फ भारत के नहीं बल्कि दुनिया के नेता थे। मैं इस बात से सहमत हूं कि राहुल गांधी संविधान को बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य से उनकी अपनी ही टीम उन्हें नीचे की तरफ खींच रही है।
कांग्रेस भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव से असहज है - रविशंकर प्रसाद
27 Jul, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी इस बात से हताश है कि प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री के रूप में इंदिरा गांधी के कार्यकाल से भी अधिक समय तक प्रधानमंत्री रहे हैं।उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव से असहज है।
प्रसाद ने कहा, उन्हें इस बात से दिक्कत है कि लंदन में एक बड़े व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिससे भारत और भारतीयों को फायदा होगा... आप प्रधानमंत्री से जो भी कहना चाहते हैं, कह दीजिए। आपको शर्म आनी चाहिए कि एक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते आप भारत के प्रधानमंत्री के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इस बीच, केरल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख राजीव चंद्रशेखर ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की आलोचना करते हुए उन पर असंगति और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। चंद्रशेखर ने दावा किया कि गांधी अक्सर मुद्दों पर अपना रुख बदलते रहते हैं, और उनमें दृढ़ विचारों या विश्वासों का अभाव है।
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि जब पुराने मुद्दे गति नहीं पकड़ पाते, तो गांधी नए मुद्दे उठाते हैं, जिससे उनकी छवि एक असंगत राजनेता की बन जाती है। भाजपा नेता ने कांग्रेस पार्टी पर उन राज्यों में अभूतपूर्व भ्रष्टाचार फैलाने का आरोप लगाया, जहाँ वे सत्ता में हैं, जो गांधी के सार्वजनिक बयानों के विपरीत है।
चंद्रशेखर ने बताया, राहुल गांधी हर कुछ दिनों में अपने सारे मुद्दों को दोहरा देते हैं। जब एक मुद्दा विफल होता है, तो वह दूसरा मुद्दा उठा देते हैं और यह सिलसिला चलता रहता है... वह कोई मज़बूत विचार या विश्वास रखने वाले राजनेता नहीं हैं। कांग्रेस की तीन राज्यों (तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक) में सरकारें हैं, और वह कहीं भी अपनी बातों को लागू नहीं कर रहे हैं।
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