राजनीति
ऐसा खरगे को लेकर क्या बोल गए नडडा.....बाद में भरी सभा में माफी मांगनी पड़ी
30 Jul, 2025 09:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर अपमानजनक टिप्पणी के बाद राज्यसभा में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। नौबत इतना आ गई उन्हें भरी सभा में खरगे से माफी मांगनी पड़ी। दरअसल, नड्डा ने कहा कि सदन में एक हमारे बड़े वरिष्ठ नेता हैं जिनके पास लंबा अनुभव है। लेकिन उन्होंने जिस शब्दों का उपयोग किया वे उनके स्तर से नीचे के थे। उन्होंने जिस तरह से प्रधानमंत्री पर टिप्पणी की है, उनकी तकलीफ मैं समझ सकता हूं।
11 साल से उन्हें वहां बैठाए रखा है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं, जो कि पार्टी और देश के लिए गौरव का विषय है। लेकिन आप अपनी पार्टी से इतने जुड़ गए हैं कि देश का विषय गौण हो जाता है। इसलिए आप अपनी तकलीफ में मेंटल बैलेंस खोकर.. इतना ही कहना था कि विपक्ष ने जोरदार हंगामा शुरु कर दिया। फिर नड्डा ने कहा कि मैं अपने शब्द वापस लेता हूं। उन्होंने कहा कि मानसिक असंतुलन नहीं, भावावेश कर दीजिए। उन्हें विलोपित करने की कृपा करें, यही मैं कहूंगा। इसके बाद उपसभापति ने उस शब्द को कार्यवाही से विलोपित कर दिया।
लेकिन नड्डा की बात पर कांग्रेस अध्यक्ष खरगे नाराज हो गए। उन्होंने कहा नड्डा ने मेरे लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, मैं उन्हें छोड़ने वाला नहीं हूं। इसके बाद जेपी नड्डा ने कहा कि अगर आपकी भावनाओं को ठेस पहुंची है, तब मैं इसके लिए आपसे माफी भी मांगता हूं। लेकिन आप भी भावावेश में इतने बह गए कि प्रधानमंत्री की गरिमा का भी आपको ध्यान नहीं रहा।
राज्यसभा में नड्डा बोले- खडग़े ने मानसिक संतुलन खोया
30 Jul, 2025 08:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। राज्यसभा में मंगलवार को ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े से माफी मांगनी पड़ी। दरअसल हुआ यह कि विपक्ष की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने बहस की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के लिए कौन जिम्मेदार है, वह कुर्सी खाली करें। अगर कोई जिम्मेदार नहीं है तो पीएम जवाब दें। इस पर जेपी नड्डा ने कहा, उन्होंने (खडग़े) प्रधानमंत्री पर टिप्पणी की है, उनकी तकलीफ समझ सकता हूं। 11 साल से उनको वहां बैठाए रखा है। उन्होंने कहा कि वह (मोदी) दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। पार्टी और देश के लिए गौरव का विषय है, लेकिन आप पार्टी से इतने जुड़ गए हैं कि देश गौण हो जाता है और मेंटल बैलेंस खोकर इस तरीके से बात कर रहे। इस पर विपक्ष ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। खडग़े नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि उनके मंत्री मेंटल बैलेंस खोकर बोलते हैं। उन्होंने (जेपी नड्डा) मुझे मेंटल कहा है, तो मैं इसे छोडऩे वाला नहीं हूं। इसके बाद जेपी नड्डा ने कहा कि अगर आपकी भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं इसके लिए आपसे माफी भी मांगता हूं। इसके बाद सदन के रिकॉर्ड से नड्डा का कमेंट हटाया गया।
कांग्रेस ने क्यों छोड़ा मौन: थरूर और तिवारी को बहस में शामिल न करने का पीछे का राजनीतिक गणित
29 Jul, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर हो रही बस से कांग्रेस पार्टी ने मनीष तिवारी और शशि थरूर को दूर रखा है। वहीं कांग्रेस के फैसले को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का बयान आया है। कमलनाथ ने कहा, ‘मुझे लगता है ये फैसला पार्टी ने लिया है और ये सही फैसला है।
गाजा में अन्याय हो रहा है
वहीं गाजा पर इजरायल और हमास के बीच हो रहे संघर्ष पर भी कलमनाथ ने बात की है। कलमनाथ ने कहा, ‘सोनिया गांधी ने गाजा और विदेश नीति पर सरकार पर सवाल उठाए हैं, जो कि बिलकुल सही है। गाजा में अन्याय हो रहा है, वहां लोगों के साथ शोषण हो रहा है। मोदी सरकार की विदेश नीति कमजोर नजर आती है।
शिवराज सिंह लगातार सिर्फ घोषणाएं कर रहे
कलमनाथ ने शिवराज सिंह चौहान और मोहन सरकार पर भी जमकर निशाना साधा.।उन्होंने कहा, ‘अगर घोषणाओं पर पुरस्कार दिया जाए, तो सबसे ज्यादा मोहन यादव और शिवराज सिंह चौहान को दिया जाएगा। शिवराज सिंह चौहान भी घोषणाएं करते हैं और मोहन सरकार में भी सिर्फ घोषणाएं होती हैं।ये सिर्फ आश्वासन और घोषणाओं की सरकार है. आज भी विधानसभा के प्रश्नकाल में सिर्फ घोषणाएं की गई।
तेजस्वी का भावुक बयान: तेज प्रताप परिवार को लेकर बेहद संवेदनशील हैं
29 Jul, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। तेज प्रताप यादव को राष्ट्रीय जनता दल और लालू परिवार से छह साल के लिए निकाले जाने के बाद अब तेजस्वी यादव ने इसपर बातचीत की है। एक साक्षात्कार में तेजस्वी ने बड़े भाई तेज प्रताप यादव की खूबियां गिनाकर कहा कि वे परिवार के लिए काफी प्रोटेक्टिव रहते हैं। तेजस्वी ने कहा, वे सब काम कर सकते हैं। पायलट भी हैं, बांसुरी भी अच्छा बजाते हैं। रील भी बना लेते हैं और एमएलए भी हैं।
तेजस्वी ने कहा कि भाई होने के नाते हम उन्हें इतना तब सही मानते हैं कि वे हमेशा परिवार को लेकर प्रोटेक्टिव रहते हैं।
बता दें कि कुछ समय पहले लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को परिवार और पार्टी से बाहर किया गया था। दरअसल तेज प्रताप के फेसबुक अकाउंट से उनकी एक तस्वीर अनुष्का यादव के साथ काफी वायरल हुई थी। पोस्ट में तेज प्रताप ने अनुष्का यादव के साथ अपना इजहार-ए-इश्क भी किया था। पोस्ट के वायरल होने के बाद काफी हंगामा मच गया था। शुरू में तेज प्रताप ने कहा था कि पोस्ट उन्हें तथा उनके परिवार को बदनाम करने की साजिश थी। हालांकि बाद में उन्होंने खुद कहा था कि वहां पोस्ट उन्होंने खुद किया था। लालू के बड़े लाल तेज प्रताप यादव ने घोषणा की है कि वह आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में वैशाली जिले की महुआ सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लडूंगा। वह समस्तीपुर जिले की हसनपुर सीट से विधायक हैं। तेज प्रताप कहा था कि हां, इस बार मैं महुआ विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ूंगा। मेरे विरोधियों को जरूर दिक्कत होगी। उन्होंने कहा, ‘मुझे लोगों का समर्थन प्राप्त है...बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया मंच ‘टीम तेज प्रताप यादव’ से जुड़े हैं।’
रशीदी पर बयानबाज़ी: बीजेपी ने जताई हमदर्दी, डिंपल यादव ने दी नसीहत
29 Jul, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। मौलाना साजिद रशीदी की ओर से डिंपल यादव के खिलाफ विवादित बयान को लेकर बीजेपी भी उग्र हो गई है। एनडीए के सांसदों ने सोमवार को संसद परिसर में इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। एनडीए सांसदों ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। एनडीए सांसदों के हाथों में तख्तियां लिए हुए थे उन पर लिखा था- नारी सम्मान पर भारी, तुष्टीकरण की राजनीति तुम्हारी। अब इस मामले में डिंपल यादव का रिएक्शन सामने आया है और उन्होंने सधे हुए अंदाज में बीजेपी को नसीहत दी है कि मणिपुर का मसला आप लोग क्यों नहीं उठा रहे हो।
डिंपल ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन के मायने और ज्यादा बढ़ जाते, यदि इसी तरह से मणिपुर को लेकर भी विरोध जताया होता। इस मामले में बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज और कांग्रेस की नेता रेणुका चौधरी ने सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणी की और रशीदी पर हमला बोला था। वहीं एनडीए के सांसद तो आज प्रदर्शन करने के लिए संसद परिसर में निकल आए। माना जा रहा है कि सपा के मुस्लिम वोट बैंक को देखते हुए बीजेपी चाहती है कि इस मामले में अखिलेश यादव या किसी अन्य बड़े नेता को खुलकर बोलने के लिए मजबूर किया जाए। यदि नहीं बोलते हैं तो फिर उन पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया जाए।
इस मामले पर डिंपल यादव ने कहा कि यह अच्छी बात है कि अब सवाल उठ रहा है। लेकिन अच्छा होता है कि ऐसे ही आंदोलन मणिपुर को लेकर भी होते, जिसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर आए थे। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जिस तरह से सभी लोग साथ दिख रहे हैं। यदि मणिपुर के मसले पर भी सभी साथ आए होते तो अच्छी बात होती। बता दें सपा का मुख्य वोट बैंक मुस्लिम और यादव माना जाता है। ऐसे में एक रशीदी की ओर से डिंपल यादव पर आपत्तिजनक टिपप्णी से सपा असहज हो गई है। वह खुलकर रशीदी के बयान के खिलाफ बोलने को तैयार नहीं है। इसके अलावा डिंपल के अपमान को चुपचाप स्वीकार कर लेना भी उसके लिए आसान नहीं है। अखिलेश का भी इस पर कोई बयान नहीं आया है।
भाजपा की नीति बहुजन विरोधी है: कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा का आरोप
29 Jul, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने भाजपा सरकार पर बहुजन समाज (ओबीसी, एससी, एसटी) के प्रति सुनियोजित और भेदभावपूर्ण रणनीति अपनाने का आरोप लगा दिया है। उन्होंने कहा है कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के आरक्षित पद बड़ी संख्या में खाली पड़े हैं, लेकिन केंद्र सरकार इन्हें भरने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। कांग्रेस नेता सैलजा ने प्रशासनिक लापरवाही और गहरी साजिश बताया, जिसका मकसद बहुजन समाज को शिक्षा से वंचित करना है।
कुमारी सैलजा ने बताया कि प्रोफेसर पदों पर ओबीसी वर्ग के 80 प्रतिशत, एससी वर्ग के 83 प्रतिशत और एसटी वर्ग के 64 प्रतिशत पद खाली हैं। इस तरह, एसोसिएट प्रोफेसर के पदों पर भी ओबीसी वर्ग के 69 प्रतिशत और एसटी वर्ग के 51 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। उन्होंने नॉट फाइंड सूटेबल जैसे तर्कों को झूठा बहाना करार दिया और भाजपा की बहुजन-विरोधी मानसिकता का प्रमाण बताया।
सैलजा ने आरोप लगाया कि केंद्र न केवल आरक्षण व्यवस्था को कमजोर कर रही है, बल्कि समाज में यह सोच भी स्थापित करने की कोशिश कर रही है कि बहुजन समाज इन पदों के योग्य ही नहीं है।कांग्रेस की मांग और कांग्रेस पार्टी ने इस सोच का पुरजोर विरोध करते हुए सभी रिक्त आरक्षित पदों को बिना किसी देरी के तुरंत भरने की मांग की है। सैलजा ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता विपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में सड़क से संसद तक जन आंदोलन चलाया जाएगा।
इतना ही नहीं कुमारी सैलजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके हर वर्ष दो करोड़ नौकरियां देने के वादे पर भी सवाल उठा दिए। उन्होंने कहा कि यदि यह वादा निभाया गया होता, तब अब तक 22 करोड़ युवाओं को रोजगार मिल गया होता। सैलजा ने आरोप लगाया कि यह वादा खोखला साबित हुआ है और केंद्र सरकार ने बैकलॉग की नियुक्तियों को भी जानबूझकर टालकर बहुजन समाज के युवाओं के भविष्य से विश्वासघात किया है। कांग्रेस ने सरकार से सबसे पहले बैकलॉग को पूरा करने और रोजगार का वादा निभाने की मांग की, अन्यथा जनता आने वाले चुनावों में इसका जवाब देगी।
ललन सिंह ने कांग्रेस से किया सवाल: मुंबई हमले में आतंकी कहां से आए, बताना चाहिए था
29 Jul, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पर जोरदार हमलवार दिखे। उन्होंने यूपीए सरकार (2004-2014) पर आतंकवाद को पनपने देने का आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सेना की वीरता और शौर्य पर एक शब्द भी नहीं कहा। उन्होंने 2004 से 2014 तक आतंकी घटनाओं में 615 लोग मारे गए। हजारों लोग घायल हुए। आप पूछ रहे हैं कि पहलगाम में आतंकी कैसे घुसे। मुंबई के 26/11 हमले में दहशतगर्द कहां से आए थे? आपको यह बताना चाहिए था। आपके में आतंकवाद से लड़ने की न तो हिम्मत थी, न कार्रवाई करने का दम। आप बस घड़ियाली आंसू बहाते थे। उन्होंने दावा किया कि यूपीए सरकार आंतकवाद पर सिर्फ खानापूर्ति करती थी।
इसके विपरीत, केंद्रीय मंत्री सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी की आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ इच्छाशक्ति की सराहना की। उन्होंने 2016 में भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने के संकल्प का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुंबई हमले के मुख्य आरोपी, जो अमेरिका में छिपा हुआ था, उस आरोपी को कांग्रेस नहीं प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से भारत लाकर मुकदमा चलाया गया।
ललन सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर जोर दिया, इसमें भारतीय सेना ने नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था। उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार का कमाल था कि पाकिस्तान की मिसाइलें फूलझड़ी की तरह हवा में ध्वस्त हो गईं और कोई नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना ने 11 एयरबेस को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत एक सशक्त देश है और अपनी रक्षा करने में सक्षम है।
उन्होंने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया, जबकि मोदी देश के लिए काम करते हैं। ललन सिंह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी बोलते नहीं हैं, बल्कि एक्शन करके दिखाते हैं। उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर प्रधानमंत्री और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को न देखने का आरोप लगाया और उन्हें गोएबल्स के दुष्प्रचार सिद्धांत का पालन करने वाला बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत किसी के दबाव में नहीं आता और अपने निर्णय स्वयं लेता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने समय, तारीख और कार्रवाई करने के लिए सेना को खुली छूट दी। सात मई को हमारी सेना ने आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। इसके बाद आतंकियों के आका रो रहे थे। हमने संदेश दिया कि हम आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करने वाले है। कांग्रेस के गोगोई ने फिर भी पाकिस्तान की आलोचना नहीं की। कांग्रेस वोट की राजनीति करती है और पीएम मोदी देश के लिए राजनीति करते हैं। राजीव रंजन सिंह ने कहा कि हमारी सेना ने पाकिस्तान में नागरिक ठिकानों पर हमला नहीं किया। बाद में पाकिस्तान ने हमारे सैन्य ठिकानों, एयरबेस और नागरिक ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया। हमारे देश में निर्मित रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइलों को ध्वस्त कर दिया। हमने पाकिस्तान की मिसाइल हवा में फुलझड़ी की तरह ध्वस्त कर दीं। ऑपरेशन सिंदूर में हमारा कोई जहाज नहीं गिरा।
अभिषेक बनर्जी का तीखा बयान: पाकिस्तान से बातचीत अब केवल युद्ध के मैदान में
29 Jul, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को कहा कि भारत को किसी भी क्षेत्र में पाकिस्तान के साथ बातचीत नहीं करनी चाहिए और उस देश के साथ बातचीत केवल युद्ध के मैदान में होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसद ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दशकों से पाकिस्तान ने आतंक का निर्यात किया है, भारत को लहूलुहान किया है, जिससे भारतीय जीवन और परिवारों को अपूरणीय क्षति हुई है।
उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, भारत को किसी भी क्षेत्र में पाकिस्तान के साथ बातचीत नहीं करनी चाहिए। पाकिस्तान के साथ हमारी बातचीत केवल युद्ध के मैदान में होनी चाहिए, और जीतने लायक एकमात्र पुरस्कार पाकिस्तान के कब्जे वाला जम्मू और कश्मीर है।
बनर्जी ने कहा, दशकों से पाकिस्तान ने आतंकवाद का निर्यात किया है, भारतीय जीवन और परिवारों को अपूरणीय क्षति पहुंचाकर हमारे देश को लहूलुहान किया है। और फिर भी, हम समय-समय पर राजनीति को खेल से दूर रखने की मांग सुनते हैं। नहीं! इसे रोकना होगा।
टीएमसी सांसद ने कहा कि जब कोई देश छद्म युद्ध छेड़ता है, तो कोई तटस्थ ज़मीन नहीं बचती। उन्होंने कहा, हमारे शहीदों का खून धोने लायक कोई क्रिकेट पिच नहीं है।
उन्होंने पोस्ट में कहा, हमारा तिरंगा बल्ले और गेंद की वजह से नहीं, बल्कि हमारे सशस्त्र बलों के बेजोड़ साहस और वीरता की वजह से ऊंचा फहराता है। हम अपने क्रिकेटरों का सम्मान करते हैं और मैं इस खेल का गहरा सम्मान करता हूं। लेकिन एक राष्ट्र के रूप में, हम अपने सैनिकों का सम्मान करते हैं। वे जो स्टेडियम में हमारे उत्साहवर्धन के दौरान पहरा देते हैं, वे जो दूसरों के खेलते समय खून बहाते हैं।
बनर्जी ने यह भी कहा, जो देश हमारी सीमाओं पर गोलियां चलाता है, उससे हाथ मिलाना कूटनीति नहीं - यह खूनी विश्वासघात है।
उन्होंने कहा, हमारा लक्ष्य मनोरंजन नहीं, न्याय होना चाहिए। अगर पाकिस्तान से मुकाबला करना है, तो वह नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर हो और पाकिस्तान के कब्जे वाला जम्मू-कश्मीर ही हमारी एकमात्र ट्रॉफी हो।
बीजेपी से संपर्क में थे रोहित पवार: महाराष्ट्र मंत्री का दावा
28 Jul, 2025 09:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शरद पवार के पोते ने कहा- नितेश राणे खुद कीचड़ में फंसे हैं
मुंबई। महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने दावा किया है कि शरद पवार की पार्टी एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार बीजेपी नेताओं के संपर्क में थे। राणे यह दावा इसलिए मायने रखता है क्योंकि रोहित पवार रिश्ते में शरद पवार के पोते हैं और अजित पवार के मुकाबले उन्हें प्रोजेक्ट किया जाता रहा है। ऐसे में यदि वह बीजेपी के संपर्क में थे तो यह बड़ा दावा है।
शरद पवार के पोते और अहिल्यानगर के कर्जत-जामखेड से विधायक रोहित पवार ने राणे के दावे को खारिज करते हुए कहा कि ‘जो खुद कीचड़ में फंसा हो’, उसे दूसरों पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। राणे ने दावा किया, ‘...वह (रोहित पवार) 2019 में बीजेपी में शामिल होना था। अगर हम यह बताना शुरू कर दें कि वह किन बीजेपी नेताओं के संपर्क में थे, तो उनके पास अपना चेहरा छिपाने की जगह नहीं होगी। हालांकि, वह शारीरिक रूप से एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार के साथ हैं, लेकिन उनका दिल बीजेपी के साथ है।
रोहित पवार ने कहा कि वह मीडिया को याद दिलाना चाहते हैं कि पहले कांग्रेस पार्टी में रहे राणे ने कैसे प्रतिक्रिया दी थी, जब उनसे पार्टी बदलने के बारे में पूछा गया था। उन्होंने कहा कि जिस तरह वह कपड़े बदलते हैं, उसी तरह वह पार्टियां बदलते हैं। जब उनसे यह सवाल किया तो सभी ने देखा था कि वह कितने आक्रोशित हो गए थे। वह खुद कीचड़ में फंसे हैं और उन्हें दूसरों के बारे में टिप्पणी करने से बचना चाहिए।
बता दें नितेश राणे पिछले कुछ समय से चर्चा में रहे हैं। वह खुद को हिंदूवादी नेता के तौर पर प्रोजेक्ट करने की कोशिश करते हैं।
चिदंबरम ने दी सफाई: कहा– मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया
28 Jul, 2025 08:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम पहलगाम हमले पर अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने कथित तौर पर एक साक्षात्कार में कहा था कि 22 अप्रैल के हमले में शामिल आतंकवादी देशी हो सकते हैं और इसका कोई सबूत नहीं है कि वे पाकिस्तान से आए थे।
कांग्रेस नेता चिदंबरम की टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस नेता ने हमेशा की तरह इस बार भी फिर पाकिस्तान को क्लीन चिट दे दी है। भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने चिदंबरम के इंटरव्यू की एक क्लिप अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यूपीए काल के पूर्व गृह मंत्री और कुख्यात भगवा आतंकवाद सिद्धांत के मूल प्रवर्तक चिदंबरम एक बार फिर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि क्या उन्होंने (एनआईए) आतंकवादियों की पहचान की है या वे कहाँ से आए हैं? जहाँ तक हम जानते हैं, वे स्थानीय आतंकवादी हो सकते हैं। आप यह क्यों मान लेते हैं कि वे पाकिस्तान से आए थे? इसका कोई सबूत नहीं है। चिंदबरम का यह बयान साबित करता हैं कि फिर, कांग्रेस पाकिस्तान को क्लीन चिट देने के लिए दौड़ पड़ी है। इस बार पहलगाम आतंकी हमले के बाद का मामला है। भाजपा नेता ने लिखा कि ऐसा क्यों है कि जब भी हमारी सेनाएँ पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का सामना करती हैं, तब कांग्रेस के नेता हमेशा भारत के विपक्ष की बजाय इस्लामाबाद के बचाव पक्ष के वकील ज़्यादा दिखाने लगते हैं? जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है, तब कोई अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए। लेकिन कांग्रेस के साथ ऐसा कभी नहीं होता, वे हमेशा दुश्मन की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। ऐसा पहली बार नहीं हो रहा हैं कांग्रेस के कई सीनियर नेता कई बार पहले भी पाकिस्तान का हर मंच पर बचाव करते दिखे है। ये कांग्रेस की वोट बैंक की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। कांग्रेस नेताओं की ये टिप्पणियां उनके पाकिस्तान और मुसलमान वोट बैंक के प्रति अपना प्यार दिखाता है।
मामला बिगाड़ता देखकर कांग्रेस नेता चिदंबरम ने पोस्ट साझा किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि उनके साक्षात्कार का आंशिक रूप से हवाला देकर गलत सूचना फैलाई गई। उन्होंने पोस्ट किया, ट्रोल कई तरह के होते हैं और गलत सूचना फैलाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। सबसे बुरा ट्रोल वह होता है जो पूरे रिकॉर्ड किए गए साक्षात्कार को दबा देता है, दो वाक्यों को हटा देता है, कुछ शब्दों को म्यूट कर देता है और वक्ता को बदनाम कर देता है!
मानसून सत्र की शुरुआत हंगामे से, विपक्षी सांसदों की नारेबाजी पर कार्यवाही स्थगित
28 Jul, 2025 01:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मानसून सत्र के आज छठे दिन की कार्यवाही ठीक 11 बजे शुरू हो गई थी, लेकिन लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इधर प्रश्नकाल शुरू हुआ, उधर विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष का हंगामा देख लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भड़क गए और उन्होंने लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। राज्यसभा की कार्यवाही भी स्थगित हुई है।
क्या बोले लोकसभा स्पीकर?
विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी से प्रश्नकाल बाधित होते देखकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भड़क गए। उन्होंने विपक्ष पर सवाल उठाए कि वे सदन की कार्यवाही को बाधित क्यों कर रहे हैं? क्या विपक्ष ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा नहीं करना चाहता? क्यों विपक्ष प्रश्नकाल को बाधित करना चाहता है? क्यों विपक्ष प्रश्नकाल को चलने नहीं देना चाहता? उन्होंने विपक्ष के नेता को कहा कि वे अपने सांसदों को समझाएं कि वे लोकसभा की मर्यादा न भूलें।
स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि पिछले 7 दिन से विपक्ष लोकसभा की कार्यवाही इसलिए बाधित कर रहा था कि ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करनी थी। अब जब केंद्र सरकार ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा कराने के लिए सहमत हो गई है तो फिर सदन की कार्यवाही क्यों बाधित की जा रही है? देश आपसे जानना चाह रहा है कि आप आज प्रश्नकाल क्यों स्थगित करा रहे हैं? प्रश्नकाल बहुत महत्वपूर्ण समय होता है। सरकार की जवाबदेही तय करने का समय होता है।
INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन
बता दें कि आज लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले संसद में INDIA गठबंधन ने विरोध प्रदर्शन किया। INDIA गठबंधन ने बिहार में चल रहे वोटर लिस्ट की विशेष गहन समीक्षा (Special Intensive Revision-SIR) के खिलाफ संसद परिसर में मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP), राष्ट्रीय जनता दल (RJD), तृणमूल कांग्रेस (TMC), DMK और अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए थे।
INDIA गठबंधन ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक समुदायों के मतदाताओं के नाम बिना उनकी सहमति के हटाए जा रहे हैं। विरोध प्रदर्शन में सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी वाड्रा, मनोज झा, मीसा भारती आदि नेता शामिल थे। सांसदों ने तख्तियां हाथों में लेकर विरोधी नारे लगाए।
शिवसेना प्रमुख से मुख्यमंत्री तक: उद्धव ठाकरे की राजनीति का सफर
28 Jul, 2025 11:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । उद्धव ठाकरे शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री, भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व के रूप में उभरे हैं। 27 जुलाई 1960 को मुंबई में जन्मे उद्धव ठाकरे, शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे के पुत्र हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा बालमोहन विद्यामंदिर और जेजे स्कूल ऑफ आर्ट से हुई, जहां उन्होंने फोटोग्राफी में महारत हासिल की। राजनीति में आने से पहले वे एक कुशल फोटोग्राफर थे, जिन्होंने ‘महाराष्ट्र देश’ और ‘पहव विट्ठल’ जैसी किताबों के जरिए अपनी कला का प्रदर्शन किया। राजनीतिक सफर की शुरुआत 2002 में हुई, जब उद्धव ठाकरे ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव में शिवसेना के अभियान प्रभारी के रूप में काम किया और पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया। इसके बाद 2003 में उन्हें पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया और 2006 में ‘सामना’ के प्रधान संपादक बने। 2012 में बाल ठाकरे के निधन के बाद उद्धव ने 2013 में शिवसेना की कमान संभाली। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना ने 2014 में एनडीए सरकार में हिस्सा लिया, लेकिन 2019 में भाजपा से गठबंधन तोड़कर कांग्रेस और एनसीपी के साथ महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठित किया। 28 नवंबर 2019 को वे महाराष्ट्र के 19वें मुख्यमंत्री बने। उनके कार्यकाल में कोविड-19 महामारी से निपटने का काम सराहनीय रहा, लेकिन आर्थिक चुनौतियां और आंतरिक मतभेदों ने सरकार को कमजोर किया। 2022 में पार्टी के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे की बगावत ने एमवीए सरकार को गिरा दिया और उद्धव को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को शिवसेना का आधिकारिक प्रतिनिधि मान्यता दी, जिसका उद्धव ने कड़ा विरोध किया। हाल ही में उद्धव और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे के बीच राजनीतिक समीकरण ने नया मोड़ लिया है। दोनों ने मराठी अस्मिता के समर्थन में हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में अनिवार्य करने की नीति के खिलाफ एक मंच साझा किया, जिसे मराठी संस्कृति की जीत माना गया। उद्धव ठाकरे की राजनीतिक यात्रा संघर्षों और उपलब्धियों से भरी रही है, जो महाराष्ट्र की राजनीति में उनका अहम स्थान दर्शाती है।
तेज प्रताप यादव महुआ से स्वतंत्र उम्मीदवार बन चुनाव लड़ेंगे, RJD से बहिष्कार के बाद निर्णय
28 Jul, 2025 10:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने घोषणा की है कि वह आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में वैशाली जिले की महुआ सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरेंगे। यह फैसला उन्हें हाल ही में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से निष्कासित किए जाने के बाद लिया गया है।
वर्तमान में हसनपुर सीट से विधायक तेज प्रताप ने शनिवार शाम अपने पटना स्थित आवास पर पत्रकारों से कहा, हां, इस बार मैं महुआ विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ूंगा। मेरे विरोधियों को जरूर दिक्कत होगी। मुझे लोगों का समर्थन प्राप्त है और बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया मंच ‘टीम तेज प्रताप यादव’ से जुड़े हैं। तेज प्रताप ने दावा किया कि आगामी चुनाव के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना पद नहीं बचा पाएंगे। उन्होंने कहा, कि मुझे पूरा विश्वास है कि चाचा (नीतीश) मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। जो लोग सरकार बनाएंगे, यदि वे युवा, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की बात करेंगे तो मैं उनके साथ खड़ा रहूंगा।
गौरतलब है कि लालू प्रसाद यादव ने 25 मई को तेज प्रताप को राजद से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। सोशल मीडिया पर एक महिला के साथ ‘संबंध’ संबंधी पोस्ट को लेकर पार्टी ने यह कदम उठाया। बाद में तेज प्रताप ने दावा किया कि उनका फेसबुक पेज हैक हो गया था। निष्कासन के बाद तेज प्रताप ने यह भी आरोप लगाया था कि उनके और छोटे भाई तेजस्वी यादव के बीच मतभेद बढ़ाने की “साजिश” रची जा रही है।
ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में 16-16 घंटे की बहस, सरकार को घेरने की तैयारी में कांग्रेस
28 Jul, 2025 09:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र में सोमवार को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर 16 घंटे लंबी चर्चा की शुरुआत होगी। इस चर्चा की अगुवाई रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दोपहर 12 बजे करेंगे। इसके बाद मंगलवार से राज्यसभा में भी ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर 16 घंटे की बहस होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी चर्चा में शामिल होने की संभावना है। संसद में इस महत्वपूर्ण विषय पर सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस चर्चा के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह और तीनों सेना प्रमुखों के साथ कई बैठकें की हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, चर्चा में गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर और निशिकांत दुबे भी शामिल होंगे। सरकार इस चर्चा को पूरी आक्रामकता के साथ रखने की तैयारी में है। खास बात ये है कि ये बहस करगिल विजय दिवस (26 जुलाई) के ठीक बाद हो रही है, और सरकार इसे विजय दिवस की तरह पेश करने की तैयारी में है।
लोकसभा और राज्यसभा में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर खास बहस से पहले कांग्रेस ने सरकार को घेरने की रणनीति बना ली है। पार्टी ने रविवार को ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े उन तमाम घटनाक्रमों को सामने रखा, जो अब तक चर्चा में थे लेकिन औपचारिक बहस से बाहर रहे। खास बात यह रही कि कांग्रेस ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को भी मुद्दा बनाया है, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत पर व्यापार रोकने की धमकी देकर ऑपरेशन सिंदूर को रुकवाया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद कांग्रेस ने तुरंत दो दिन का विशेष सत्र बुलाने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने तब कोई सुनवाई नहीं की। रमेश ने कहा कि अभी जो 16 घंटे की बहस लोकसभा में और उसके बाद राज्यसभा में होने जा रही है, वह देर से हो रही है लेकिन अच्छा है कि हो रही है।
विपक्ष मांग रहा जवाब
ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर विपक्ष भी सरकार से जवाब मांग रहा है। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने इस बहस के लिए समय निर्धारित किया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वो ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तार से चर्चा के लिए तैयार है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा था कि सरकार देश के सामने सभी सच्चाई रखने को तैयार है। जयराम रमेश ने बताया कि 30 मई को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने सिंगापुर में स्वीकार किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के पहले दो दिन रणनीतिक चूकें हुईं। इसके बाद 29 जून को इंडोनेशिया में भारतीय रक्षा अधिकारी ग्रुप कैप्टन शिव कुमार ने संकेत दिया कि राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते ऑपरेशन प्रभावित हुआ और भारतीय वायुसेना को भी नुकसान उठाना पड़ा। जयराम रमेश ने आगे बताया कि चार जुलाई को डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने खुलासा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को चीन से तकनीकी और सामरिक टकराव का सामना करना पड़ा। वहीं, 14 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सार्वजनिक रूप से कहा कि पहलगाम आतंकी हमला सुरक्षा एजेंसियों की विफलता का नतीजा था। और वो इसकी जिम्मेदारी लेते हैं।
ट्रंप के दावे और अमेरिका-पाक रिश्तों पर सवाल
कांग्रेस ने ट्रंप के बार-बार किए जा रहे उस दावे को भी मुद्दा बनाया जिसमें वे कहते रहे कि उन्होंने भारत को व्यापारिक धमकी देकर ऑपरेशन सिंदूर रुकवाया। रमेश ने यह भी कहा कि ट्रंप ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख को लंच पर बुलाया, जो अभूतपूर्व है। अमेरिकी कमांड और विदेश मंत्री द्वारा पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी भूमिका की तारीफ पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
बाबासाहेब का अपमान बर्दाश्त नहीं: राहुल की तुलना पर भड़के जनक राम
28 Jul, 2025 08:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के मंत्री और भाजपा के नेता जनक राम ने कांग्रेस नेता उदित राज द्वारा राहुल गांधी की तुलना डॉ. भीमराव अंबेडकर से किए जाने पर भड़क गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी भीमराव अंबेडकर को सम्मान नहीं दिया और अब दूसरे भीमराव अंबेडकर की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर की तुलना किसी से करना अंबेडकर का अपमान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 67 साल सत्ता में रहते हुए दलित, ओबीसी समुदाय को सिर्फ वोट बैंक समझा, लेकिन कभी उनके विकास के लिए ईमानदारी से काम नहीं किया। कांग्रेस ने समाज को धोखा दिया है। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी। यह वही कांग्रेस है जिसने अंबेडकर को भारत रत्न देने में भी देरी की जबकि अपने परिवार को भारत रत्न लेने में देरी नहीं की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति शुरू से ही तलवे चाटने की रही है। इसी को लेकर कांग्रेस में होड़ मची रहती है। इसी का परिणाम है कि कांग्रेस नेता ऐसी तुलना कर रहे हैं। भाजपा नेता और बिहार के मंत्री जनक राम ने कहा कि राहुल गांधी सही अर्थों में एक असफल नेता रहे हैं। उन्होंने अगर भारत की राजनीति में कोई याद भी रखेगा तो एक असफल नेता के रूप में याद रखेगा। कांग्रेस पर दलित समाज का अपमान करने का आरोप लगाते हुए बिहार के मंत्री ने कहा कि गांधी परिवार को खुश करने के लिए कांग्रेस ने पूरे दलित समाज का अपमान किया है। कांग्रेस को इसके लिए माफ़ी मांगनी चाहिए।
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