राजनीति
लालू का वार: मोदी नीतीश की राजनीति का पिंडदान करने बिहार आए हैं
22 Aug, 2025 10:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सियासत गर्मा गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गया और बेगूसराय दौरे को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। पीएम मोदी शुक्रवार को बोधगया में जनसभा को संबोधित करेंगे और करीब 13,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत एनडीए के तमाम बड़े नेता मौजूद रहेंगे।
इधर, आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा –
“गयाजी पिंडदान के लिए जाना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गयाजी आ रहे हैं तो बिहार को विशेष राज्य का दर्जा न देने, गरीब-पिछड़ों को अधिकार से वंचित करने, संवैधानिक संस्थाओं को नियंत्रित करने और डबल इंजन की सरकार के जरिए बिहार को अपराध व गरीबी से जकड़ने वाली राजनीति का पिंडदान करें।”
लालू यादव ने पीएम मोदी के दौरे को “राजनीतिक पिंडदान” करार दिया। वहीं आरजेडी नेताओं ने भी इसे चुनावी स्टंट बताते हुए कहा कि विकास के नाम पर सिर्फ घोषणाएं हो रही हैं, जमीन पर कुछ नजर नहीं आता।
दूसरी ओर, एनडीए नेताओं का कहना है कि यह दौरा विकास यात्रा का हिस्सा है और बिहार की जनता को बड़े पैमाने पर रोजगार व बुनियादी सुविधाओं से जोड़ेगा। उनके मुताबिक, पीएम मोदी की परियोजनाएं राज्य के लिए ऐतिहासिक साबित होंगी।
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पीएम मोदी के लगातार दौरे न केवल विकास योजनाओं का संदेश देने के लिए हैं, बल्कि एनडीए की चुनावी जमीन को और मजबूत करने की रणनीति भी है।
PM मोदी आज बिहार दौरे पर, देंगे 13,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं का तोहफा
22 Aug, 2025 10:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार चुनाव 2025 को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी बिहार दौरा पर हैं. शुक्रवार को गया और बेगूसराय में जनसभा को संबोधित करेंगे. बिहार के लोगों को बड़ी सौगात देंगे. 13000 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. गया में जनसभा को संबोधित करने के बाद पीएम मोदी बेगूसराय के लिए रवाना होंगे. बेगूसराय में 8015 किमी लंबा औंटा-सिमरिया पुल का उद्घाटन करेंगे. इसके बाद पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हो जाएंगे.
पीएम मोदी का कार्यक्रम
10:25 AM: गया एयरपोर्ट पहुंचेंगे
10:50 AM: बोधगया हेलीपैड पहुंचेंगे
10:55 AM: सभा स्थल के लिए रवाना होंगे
11:00 AM-12:15 PM: प्रधानमंत्री जनसभा करेंगे और योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे
12:25 PM: बोधगया हेलीपैड पर पहुंचेंगे
12:30 PM: सिमरिया पुल के लिए हेलीकॉप्टर के जरिए रवाना होंगे
01:20 PM: प्रधानमंत्री सिमरिया हेलीपैड पर पहुंचेंगे
01:25 PM: नरेंद्र मोदी सिमरिया हेलीपैड से पुल के लिए रवाना होंगे
20 मिनट सिमरिया पुल पर रहेंगे और लोगों का अभिवादन करेंगे
01:55 PM: सिमरिया हेलीपैड के लिए रवाना होंगे
02:45 PM: पटना पहुंचेंगे
02:50 PM: प्रधानमंत्री पटना एयरपोर्ट से पश्चिम बंगाल के लिए रवाना होंगे
बिल पास करने में फंसा पेच: PM-CM को जेल भेजने वाले कानून पर केंद्र के सामने तीन रोड़े
22 Aug, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। लोकसभा ने 130वें संविधान संशोधन विधेयक और दो अन्य विधेयकों को विपक्ष के भारी विरोध और हंगामे के बीच बुधवार को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेज दिया है। ऐसी चर्चा है कि शीतकालीन सत्र से पहले जेपीसी इस बिल पर अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को सौंप देगी। उसके बाद बिल का पारित कराने की प्रक्रिया शुरू होगी।
चूंकि यह संविधान संशोधन बिल है, इसलिए मोदी सरकार को इस बिल को पारित कराने की प्रक्रिया में तीन बड़ी अचड़नें हैं। नियमानुसार संसद के दोनों सदनों से विशेष बहुमत के साथ पारित होना चाहिए। संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन बिल को संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में दो स्तरों पर बहुमत चाहिए। पहला, कुल सदस्यों का बहुमत और दूसरा, उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत। तीसरी अड़चन आधे से अधिक राज्यों की विधानसभाओं से भी इस बिल को पारित करना मोदी सरकार के लिए बड़ी अड़चन है।
बात दें कि संसद में एनडीए के संख्या बल की और संशोधन विधेयक को पारित कराने में आने वाली अड़चन की। चूंकि, संसद में दो स्तर पर बहुमत चाहिए जिसमें पहला सदन की कुल सदस्य संख्या का 50 प्रतिशत से अधिक मत जरूरी है, इस अड़चन को मोदी सरकार आसानी से पार कर लेगी क्योंकि लोकसभा में 542 सदस्य हैं। इसके बाद 50 फीसदी मत यानी बिल के पक्ष में 272 सांसदों का वोट चाहिए, जबकि मौजूदा समय में उसके पास लोकसभा में 293 सांसद हैं। इसतरह राज्यसभा में अभी कुल सदस्यों की संख्या 239 है। साधारण बहुमत के लिए 120 सांसदों के मत की जरूरत होगी, जो आसानी से पूरी हो जाएगी क्योंकि राज्यसभा में एनडीए के अभी 132 सांसद हैं।
अब बात दो तिहाई बहुमत की, जो दूसरी और सबसे बड़ी अड़चन है। लोकसभा में दो तिहाई बहुमत का आंकड़ा 362 है, जबकि राज्यसभा में यह आंकड़ा 160 है। चूंकि लोकसभा में एनडीए के सांसदों की संख्या सिर्फ 293 है और राज्यसभा में सिर्फ 132 है। इस मामले में दोनों ही सदनों में बिल अटक सकता है। यानी लोकसभा में कुल 69 सांसद और राज्यसभा में कुल 28 सांसदों के समर्थन की दरकार सरकार को होगी।
इन आंकड़ों से साफ है कि मोदी सरकार के पास संसद के दोनों ही सदनों में दो तिहाई बहुमत हासिल नहीं है। दूसरी तरफ विपक्षी इंडिया गठबंधन बिल का काला कानून बताकर विरोध कर रहे हैं। अगर सरकार दोनों ही सदनों में नवीन पटनायक की बीजू जनता दल, जगनमोहन रेड्डी की वायआरसीपी और निर्दलियों का भी समर्थन हासिल कर लेती है, तब भी दो तिहाई बहुमत का जुगाड़ नहीं कर सकती है। इसके बाद बिल का संसद से पारित होना नामुमकिन लगता है।
इस बिल को पारित कराने की तीसरी बड़ी जरूरत आधे से अधिक राज्य विधानसभाओं से पारित कराना है। चूंकि भारत राज्यों का संघ है, इसलिए इसतरह के संविधान संशोधन बिल का 50 प्रतिशत राज्यों की असेंबली से पास होना जरूरी है। इस मामले में एनडीए को कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि आधे से ज्यादा राज्यों में एनडीए की सरकार है।
एक संभावना यह भी बन रही है कि अगर विपक्ष संयुक्त संसदीय समिति में शामिल होता है और उसके सुझावों को सरकार मान लेती है, जिसमें कहा जा सकता है कि न्यायिक हिरासत की बजाय सजा होने पर ही इस्तीफे को अनिवार्य बनाया जाए, तब संभावना बन सकती है कि विपक्षी दल उसका समर्थन करें। अन्यथा इस संशोधन बिल के पारित होने की संभावना कम ही है।
असम में खुलेगा आईआईएम, लोगों को पढ़ाई या इलाज दूसरे राज्य नहीं जाना पड़ेगा
21 Aug, 2025 07:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पूर्वोत्तर भारत के युवाओं के लिए संसद में असम में नए भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) की स्थापना से जुड़ा विधेयक पारित हो गया है। इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुशी जाहिर करते हुए इसे पूर्वोत्तर के लिए एक नए युग की शुरुआत बताया है। शाह ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि पूर्वोत्तर, विशेषकर असम के युवाओं के लिए एक नया सवेरा आया है। संसद में असम में आईआईएम की स्थापना का बिल पारित होने पर मैं क्षेत्र की जनता को हार्दिक बधाई देता हूं।
उन्होंने लिखा- पीएम मोदी का सपना है कि पूर्वोत्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योगों का एक मजबूत केंद्र बनाया जाए। ऐसा केंद्र जहां लोगों को पढ़ाई या इलाज के लिए देश के दूसरे हिस्सों में पलायन न करना पड़े, बल्कि दूसरे राज्यों के लोग इस क्षेत्र में आएं और यहां की उत्कृष्ट सुविधाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर के लिए जो दृष्टिकोण तय किया गया था, वह अब हकीकत बन रहा है। अब यह क्षेत्र देश के प्रतिभाशाली युवाओं को कुशलता और पेशेवर योग्यता में विश्वस्तरीय बनाएगा।
बता दें केंद्र सरकार पिछले कुछ सालों से पूर्वोत्तर राज्यों में बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े कदम उठा चुकी है। अब इस नए आईआईएम की शुरुआत के साथ यह साफ है कि सरकार पूर्वोत्तर को भारत के विकास पथ में एक सक्रिय और प्रभावशाली भागीदार बनाना चाहती है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर लिखा- संसद में यह बिल पारित होने के साथ असम को गुवाहाटी में अपना पहला आईआईएम मिल गया है। पीएम मोदी द्वारा असम के व्यापक विकास के लिए केंद्र सरकार, असम सरकार और उल्फा के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते के परिणामस्वरूप परिकल्पित, आईआईएम गुवाहाटी उच्च शिक्षा में क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करेगा, विश्व स्तरीय प्रबंधन शिक्षा और अनुसंधान को सुगम बनाएगा। उन्होंने लिखा- हिमंत बिस्वा सरमा और असम के मेरे प्रिय बहनों और भाइयों को एक और वादा पूरा होने पर बधाई।
राज ठाकरे की सीएम फडणवीस से मुलाकात, महाराष्ट्र की सियासत में अटकलें तेज
21 Aug, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने गुरुवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इस भेंट ने राज्य की राजनीति में नए सियासी समीकरणों की अटकलों को हवा दे दी है।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब हाल ही में हुए बेस्ट कर्मचारी सहकारी ऋण समिति चुनाव में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और मनसे को करारी हार का सामना करना पड़ा। पहली बार दोनों दलों ने मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन संयुक्त पैनल एक भी पद जीतने में नाकाम रहा। फडणवीस ने चुनाव परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए दोनों दलों पर “ठाकरे ब्रांड” के नाम पर चुनाव का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया था। इस बीच, राज्य में जल्द होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए शिवसेना (उबाठा) और मनसे के संभावित गठबंधन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
राज्यसभा में विपक्ष के विरोध के चलते कार्यवाही रही बाधित
21 Aug, 2025 05:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन राज्यसभा की कार्यवाही विपक्ष के भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग की, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई और दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
मानसून सत्र के अंतिम दिन उच्च सदन की कार्यवाही जैसे ही प्रारंभ हुई, वैसे ही विपक्ष ने सरकार पर जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। विपक्षी सांसदों ने एसआईआर से लेकर राष्ट्रपति को सौंपे ज्ञापन, किसानों की समस्याओं, बेरोजगारी और मणिपुर की स्थिति जैसे मुद्दों को उठाने के लिए नियम 267 के तहत चर्चा की मांग की, जो सभापति द्वारा स्वीकार नहीं की गई। इस पर विपक्ष ने नाराजगी व्यक्त करते हुए वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी।
संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सदन में उपस्थित थे, लेकिन लगातार शोरगुल के चलते कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। सभापति द्वारा कई बार शांति बनाए रखने की अपील की गई, परंतु विरोध प्रदर्शन थमा नहीं। अंततः कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। यहां बताते चलें कि इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के जोरदार हंगामें के बीच सत्रावसान के रूप में कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था। मानसून सत्र के दौरान कुल 7 विधेयक पारित किए गए, जिनमें महिला आरक्षण संशोधन विधेयक और शिक्षा क्षेत्र से संबंधित महत्वपूर्ण विधेयक शामिल हैं।
पीएम मोदी 25 अगस्त से दो दिवसीय गुजरात दौरे पर, अहमदाबाद में 1449 आवासों करेंगे लोकार्पण
21 Aug, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद| प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 और 26 अगस्त को गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वे पूर्वी अहमदाबाद के निकोल इलाके से 133.42 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 1449 आवासों और 130 दुकानों का लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत कार्यान्वित इस परियोजना से झुग्गियों में रहने वाले परिवारों को आधुनिक सुविधाओं युक्त उनका सपनों का घर मिलेगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में गुजरात में प्रधानमंत्री आवास योजना लाखों लोगों के जीवन में आशा की एक नई किरण लेकर आई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के इन-सीटू स्लम रिडेवलपमेंट घटक के तहत गुजरात सरकार के शहरी विकास और शहरी गृह निर्माण विभाग की स्लम रिहैबिलिटेशन और रिडेवलपमेंट पॉलिसी-2013 के अंतर्गत अहमदाबाद शहर के पश्चिम जोन के सरदार पटेल स्टेडियम वार्ड में स्थित रामापीरना टेकरा के नाम से पहचाने जाने वाले स्लम के सेक्टर-3 में 133.42 करोड़ रुपए के खर्च से निर्मित कुल 1449 आवासों और 130 दुकानों के पुनर्वास कार्य का लोकार्पण होगा। संपूर्ण गुजरात राज्य की बात करें, तो प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत कुल 7.64 लाख आवासों के लक्ष्य के सापेक्ष कुल 9.66 लाख आवास मंजूर किए गए हैं। इन स्वीकृत आवासों में से लगभग 9.07 लाख आवासों का काम पूरा हो चुका है। केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत गुजरात को वर्ष 2019 में विभिन्न श्रेणियों में कुल 6 और वर्ष 2022 में विभिन्न श्रेणियों में कुल 7 अवॉर्ड प्राप्त हुए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2016-17 से वर्ष 2024-25 तक भारत सरकार द्वारा 8,43,168 आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिनमें से कुल 6,00,932 आवासों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2025-26 में 2,78,533 स्पिल ओवर आवासों के लक्ष्य की तुलना में 01 अप्रैल, 2025 से 20 अगस्त, 2025 तक 39,092 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। जबकि 2,39,441 आवासों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिन्हें मार्च-2026 तक पूरा करने की योजना है। इस योजना के तहत वित्त वर्ष 2016-17 से 20 अगस्त 2025 तक 8936.55 करोड़ रुपए का खर्च किया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत लाभार्थियों को वर्ष 2024-25 के लक्ष्य और भविष्य में प्राप्त होने वाले लक्ष्यों के अनुसार आवास निर्माण में और अधिक सहायता प्रदान करने के उम्दा उद्देश्य से 100 फीसदी राज्य अंशदान के तहत आवास निर्माण के लिए रूफ-कास्ट लेवल पर राज्य सरकार की ओर से 50,000 रुपए की अतिरिक्त सहायता दी जाती है। इस योजना के अंतर्गत अब तक कुल 34,759 लाभार्थियों को 173.80 करोड़ रुपए की सहायता का लाभ दिया गया है।
‘मुख्यमंत्री प्रोत्साहक सहाय योजना’ के अंतर्गत लाभार्थियों को मिले अनेक लाभ
राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री प्रोत्साहक सहाय योजना’ के अंतर्गत लाभार्थियों को पहली किस्त प्राप्त होने के छह महीने के भीतर आवास निर्माण पूर्ण करने के मामले में प्रति लाभार्थी 20,000 रुपए की अतिरिक्त प्रोत्साहन सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के अंतर्गत अब तक कुल 74,930 लाभार्थियों को 149.86 करोड़ रुपए की सहायता का लाभ दिया जा चुका है। राज्य सरकार द्वारा परिवार की महिला सदस्यों को ध्यान में रखते हुए आवास के साथ-साथ बाथरूम के निर्माण के लिए प्रति लाभार्थी 5000 रुपए की अतिरिक्त सहायता देने का निर्णय किया गया है। इस योजना के अंतर्गत अब तक कुल 82,845 लाभार्थियों को 41.42 करोड़ रुपए की सहायता का लाभ दिया गया है। इसके अलावा, पात्र लाभार्थियों को मनरेगा योजना के तहत 90 दिनों के रोजगार की श्रम राशि के रूप में 25,920 रुपए दिए जाते हैं। इस प्रकार, इस योजना के अंतर्गत भी लाभार्थियों को कुल 2,32,920 रुपए सहायता दी जाती है।
अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स योजना के तहत गुजरात प्रोजेक्ट की मंजूरी प्राप्त करने वाला पहला राज्य बना
केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत वर्ष 2020 में अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स योजना (एआरएचसी) के तहत शहरी गरीबों और कामगारों को किफायती किराए का घर प्रदान करने की घोषणा की गई थी। अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स नीति घोषित होने के तीन महीने के भीतर ही, गुजरात सूरत शहर के सूरत शहरी विकास प्राधिकरण (सूडा) क्षेत्र में निर्मित 393 आवासों को मॉडल-01 के अंतर्गत किराए के मकान में रूपांतरित कर प्रोजेक्ट की मंजूरी प्राप्त करने वाला पहला राज्य बन गया है।
लाइट हाउस प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन में देश भर के 6 राज्यों में गुजरात का समावेश
ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज (जीएचटीसी) के अंतर्गत लाइट हाउस प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार द्वारा देश भर में चुन गए 6 राज्यों में गुजरात का समावेश किया गया है। गुजरात के राजकोट शहर में 1144 आवास टनल फॉर्मवर्क द्वारा मोनोलिथिक कंक्रीट कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी के उपयोग बनाए गए हैं।
कांग्रेस के युवा नेताओं से घबरा गए राहुल गांधी : पीएम मोदी का बयान
21 Aug, 2025 03:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र का गुरुवार को आखिरी दिन था। पूरे सत्र के दौरान काफी हंगामा हुआ। इसी बीच पीएम मोदी की तरफ से सांसदों के लिए टी मीटिंग आयोजित की गई थी, जिसमें विपक्ष के सांसदों ने भाग नहीं लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को लेकर बयान दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के युवा नेताओं के कारण राहुल गांधी घबराए हुए हैं।
‘नेताओं को नहीं मिलता बोलने का मौका’
पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष, खासकर कांग्रेस में कई युवा नेता बेहद प्रतिभाशाली हैं, लेकिन पारिवारिक असुरक्षा के कारण उन्हें बोलने का मौका नहीं मिलता। पीएम मोदी ने आगे कहा कि ऐसे युवा नेताओं की मौजूदगी से राहुल गांधी असुरक्षित और घबराए हुए महसूस कर रहे होंगे।
मानसून सत्र को बताया अच्छा
इस दौरान पीएम मोदी ने संसद के मानसून सत्र को अच्छा बताया, क्योंकि कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए। उन्होंने ऑनलाइन गेम्स को लेकर पारित विधेयक की प्रशंसा की। पीएम ने इसे दूरगामी प्रभाव सुधार बताया।
विपक्ष पर साधा निशाना
टी मीटिंग के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल व्यवधान पैदा करने में लगी हुई है। उन्होंने महत्वपूर्ण विधेयकों पर बहस में शामिल होने के बजाय कार्यवाही में बाधा डालने के लिए विपक्ष की आलोचना भी की।
बहुत कम सवालों के दिए जवाब-कंगना
BJP सांसद कंगना रनौत ने कहा आज हमारे सत्र का आखिरी दिन था। अध्यक्ष ने कहा कि यह सत्र उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। 120 घंटे की चर्चा का लक्ष्य हासिल नहीं हुआ। बहुत कम सवालों के जवाब दिए जा सके। उन्हें (विपक्ष को) डांटा गया क्योंकि इस तरह से जनता और देश का भी नुकसान होता है।
संसद में SIR और वोट चोरी को लेकर हुआ हंगामा
मानसून सत्र में एसआईआर और वोट चोरी को लेकर जमकर हंगामा हुआ। SIR को लेकर विपक्ष ने रोज सदन के अंदर और बाहर प्रदर्शन किया। बता दें कि हंगामे के बाद भी इस सत्र में लोकसभा में 12 विधेयक पारित हुए हैं।
नामांकन दाखिल करने से पहले सुदर्शन रेड्डी ने राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा- लोकतंत्र में जब सड़क खामोश हो जाती है तो सदन आवारा हो जाता है
21 Aug, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर दिल्ली की सियासत गरमा गई है। एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के नामांकन के बाद अब विपक्षी इंडिया गठबंधन की ओर से सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और गोवा के पहले लोकायुक्त बी. सुदर्शन रेड्डी ने गुरुवार को पर्चा दाखिल कर दिया है। नामांकन दाखिल करने से पहले उन्होंने राहुल गांधी की सक्रियता की खुलकर सराहना की और डॉ. राम मनोहर लोहिया के मशहूर कथन का हवाला देते हुए सरकार पर तीखा प्रहार किया।
पूर्व जज सुदर्शन रेड्डी ने कहा, कि राहुल गांधी सड़क को खामोश नहीं होने देते। उनकी सक्रियता ने न केवल केंद्र को बल्कि तेलंगाना सरकार को भी जातिगत जनगणना के लिए बाध्य किया। लोकतंत्र में जब सड़क खामोश हो जाती है तो सदन आवारा हो जाता है, लेकिन राहुल गांधी ने इसे कभी खामोश नहीं रहने दिया। इसी के साथ उन्होंने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि यह सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार पर खतरे की घंटी है। उन्होंने चेतावनी दी, कि जब आम आदमी का वोट छीनने की कोशिश होगी तो लोकतंत्र का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा। मौजूदा हालात संविधान के लिए सबसे बड़ा संकट हैं।
राजनीति नहीं, संवैधानिक यात्रा
पूर्व जज रेड्डी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एक जज ने उनसे पूछा था कि वे राजनीतिक दलदल में क्यों आ रहे हैं। इस पर उनका जवाब था, कि मेरा सफर 1971 में वकील के तौर पर शुरू हुआ था। मौजूदा चुनौती भी उसी संवैधानिक यात्रा का हिस्सा है। उपराष्ट्रपति का पद राजनीतिक नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्था है।
वाराणसी में होगी भारत-मॉरीशस की द्विपक्षीय वार्ता, पीएम मोदी से मिलेंगे प्रवीण जगन्नाथ
20 Aug, 2025 08:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाराणसी। मॉरीशस के पीएम नवीनचंद्र रामगुलाम अगले महीने 9 सितंबर से 15 सितंबर तक भारत की यात्रा पर आ रहे हैं। वाराणसी में 11 सितंबर को मॉरीशस के पीएम रामगुलाम के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय वार्ता होनी है। चार महीने बाद दोनों देश के पीएम की मुलाकात हो रही है। इससे पहले पीएम मोदी 11 मार्च को दो दिवसीय यात्रा पर मॉरीशस गए थे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीएमओ से सूचना मिलने के साथ इन नेताओं की आगमन के लिए जिला प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। दोनों देशों के बीच होने वाली बैठक में व्यापार, पर्यटन, प्रौद्योगिकी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। केंद्र के साथ यूपी सरकार के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल होंगे। केंद्र सरकार ने वाराणसी मंडल के कमिश्नर एस राजलिंगम को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। जिला प्रशासन कार्यक्रम स्थल के चयन, अतिथियों के ठहरने, स्वागत सत्कार की तैयारियों में जुट गया है।
बता दें वाराणसी में छह साल पहले 2019 में 21 से 23 जनवरी तक 15वां प्रवासी भारतीय दिवस मनाया गया था। आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि मॉरीशस के तत्कालीन पीएम प्रविंद जगन्नाथ मौजूद थे। पीएम मोदी के साथ काशी में वह कई कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसके बाद जगन्नाथ दो साल पहले 11 सितंबर को काशी आए थे अपने रिश्तेदार की अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने।
मॉरीशस के पीएम नवीनचंद्र रामगुलाम अपने वाराणसी दौरे के दौरान विश्वनाथ धाम, कालभैरव मंदिर, सारनाथ, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय भी जाएंगे। मॉरीशस के पीएम के सम्मान में यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनाथ डिनर पार्टी देंगे। पीएम के साथ दोनों देश की सरकारों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
इंडिया ब्लॉक ने बी सुदर्शन को उतारा, उपराष्ट्रपति चुनाव हुआ रोचक
20 Aug, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति चुनाव की घोषणा के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। सत्ताधारी एनडीए ने तमिलनाडु के सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारा है, जबकि विपक्षी इंडिया ब्लॉक ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी सुदर्शन रेड्डी को संयुक्त उम्मीदवार बनाकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। विपक्ष ने इसे “विचारधारा की लड़ाई” बताया है और सुदर्शन रेड्डी को सामाजिक न्याय का चेहरा पेश करने की कवायद शुरू कर दी है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बी. सुदर्शन रेड्डी तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले से ताल्लुक रखते हैं और कभी किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़े हुए हैं। यही वजह है कि कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, समाजवादी पार्टी, एनसीपी और आम आदमी पार्टी समेत इंडिया ब्लॉक उनके साथ खड़ा है। 2022 में वोटिंग से दूरी बनाने वाली ममता बनर्जी की पार्टी भी इस बार पूरी मजबूती के साथ विपक्षी उम्मीदवार के समर्थन में है। आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि यह चुनाव केवल उपराष्ट्रपति पद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संविधान बनाम आरएसएस की लड़ाई है।
एनडीए के पास संख्याबल ज्यादा है, लेकिन विपक्ष ने जिस तरह गैर-राजनीतिक चेहरा उतारा है, उसने कई दलों को धर्मसंकट में डाल दिया है। आंध्र प्रदेश में सत्ता पर काबिज चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी और जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है, क्योंकि सुदर्शन रेड्डी का संबंध तेलुगू क्षेत्र से है। तेलंगाना की बीआरएस भी कशमकश में है। पार्टी ने सरकार का कई बार समर्थन किया है, लेकिन विपक्षी उम्मीदवार के स्थानीय होने से उस पर दबाव बढ़ा है। वहीं, बीजेडी ने अभी पत्ते नहीं खोले, लेकिन 2024 के बाद से बीजेपी से उसकी दूरी बढ़ गई है।
लोकसभा और राज्यसभा को मिलाकर कुल 782 सांसद उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान करेंगे। जीत के लिए 392 वोट चाहिए। फिलहाल एनडीए के पास करीब 418 सांसदों का समर्थन है, यानी जरुरी संख्या से 26 वोट ज्यादा। हालांकि, वाईएसआर कांग्रेस (7 सांसद), बीआरएस (4 सांसद), बीजेडी (12 सांसद) और कुछ निर्दलीय दलों की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।
बता दें 2022 में एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ को 528 वोट मिले थे, जबकि विपक्ष की मार्गरेट अल्वा को केवल 182 वोट ही मिले थे, लेकिन मौजूदा चुनाव में विपक्ष की स्थिति पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है और गैर-राजनीतिक चेहरे ने मुकाबले को और भी रोचक बना दिया है।
एनडीए अपने उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के जरिए दक्षिण भारत, खासकर तमिलनाडु में पैठ जमाने की कोशिश कर रहा है। वहीं, विपक्ष सुदर्शन रेड्डी को उतारकर न सिर्फ तेलंगाना-आंध्र की राजनीति साधना चाहता है, बल्कि यह संदेश भी देना चाहता है कि यह चुनाव विचारधारा और सामाजिक न्याय की जंग है। अब सबकी नजर इस पर है कि सहयोगी और तटस्थ दल किस तरफ झुकते हैं। क्या वे एनडीए की मजबूती को और बढ़ाएंगे या विपक्ष के “सुदर्शन चक्र” में फंसकर पाला बदल लेंगे?
प्रियंका गांधी का सख्त संदेश: "राहुल डरते नहीं, सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाए"
20 Aug, 2025 09:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर विपक्षी दल चुनाव आयोग पर हमलावार दिख रहे है। इसी बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव आयोग और भाजपा पर निशाना साधकर कहा कि राहुल गांधी किसी हमले से नहीं डरते। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए और अतीत की बात करना बंद करना चाहिए। एसआईआर क्यों किया जा रहा है, इसका जवाब दें।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, इन 10-11 सालों में ऐसी बहुत सी चीजें हैं, जिसमें उन्होंने (भाजपा) नेहरू की गलती बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया। जबकि उन्हें अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए, अतीत की बात करना बंद करना चाहिए। आज जो हो रहा है उस पर बात करें, एसआईआर क्यों किया जा रहा है इसका जवाब दें, वोट चोरी के मुद्दे पर बात करें। प्रियंका गांधी वाड्रा ने राहुल गांधी का बचाव कर कहा कि वे किसी हमले से नहीं डरते....बिल्कुल पीछे नहीं हटने वाले है।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने शपथ पत्र के मामले पर कहा, सबसे बड़ी शपथ हम लोकसभा में लेते हैं। ये जो हलफनामा मांग रहे हैं, ये सब बेकार की बात है। जैसे ही हलफनामा आएगा, वे कहना शुरु कर देंने वाले हैं कि ये 45 दिन बाद दिया था, इसलिए रदद कर रहे है। ये सब बकवास है, सच्चाई सबके सामने है, सच्चाई का जवाब दें। ये सब क्यों हुआ? 100-100 लोग जीरो पते पर क्यों हैं, इतने लोग एक पते पर कैसे हैं? पहले राहुल गांधी जो सवाल उठा रहे हैं, उसका जवाब दें।
इसके पहले कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, हम वोट चोरी के खिलाफ हैं और जनता को संदेश दे रहे हैं कि आपके साथ अन्याय हो रहा है। हम चाहते हैं कि जनता को पता चले कि अगर कोई वोट चोरी करके सरकार में आता है, तब यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। ये संविधान की हत्या है। चुनाव आयोग हमें डरा-धमका रहे है कि 7 दिन में जवाब दें। ये उनका हथियार है। हमारे पास भी हथियार हैं, जिन्हें हम समय आने पर इस्तेमाल करने वाले है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के परिवार को बनाया निशाना? राहुल समर्थकों पर आरोप, IB एडवाइजर ने जताई नाराज़गी
20 Aug, 2025 09:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर हमलों के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के परिवार की जानकारी शेयर करते हुए निशाना साधा जा रहा है। इस पर केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय में सीनियर एडवाइजर कंचन गुप्ता ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में इसे बेशर्म, बाजारू हमले करार देते हुए कहा कि इससे घटिया बात और कुछ नहीं हो सकती।
कंचन गुप्ता ने एक्स पर लिखा, मुझे लगता है कि राहुल गांधी और उनकी गुलाम कांग्रेस पार्टी से यह उम्मीद करना बेमानी है कि संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति सीईसी के बच्चों और उनकी पत्नी को इस विवाद में घसीटना और उन पर ऐसे बाजारू हमले करने के लिए शर्म महसूस होगी। शर्म वही कर सकते हैं, जो शर्मिंदा होंगे। राहुल गांधी और कांग्रेस बेशर्म हैं। बेटियों और दामादों को धमकाना घृणित है।
चुनाव आयोग पर हमलों का जिक्र करते हुए कंचन गुप्ता ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने धमकी दी है कि कांग्रेस के सत्ता में आने पर वह उन पर कार्रवाई करेंगे। यह और भी ज्यादा परेशान करने वाली बात है। क्या राहुल गांधी यह बता रहे हैं कि इस लड़ाई में सीईसी के बच्चे भी फंसेंगे? क्या विपक्ष की राजनीति इस स्तर तक आ गई है?
गुप्ता ने आगे कहा कि जयराम रमेश और पार्टी के अन्य लोग शायद ऐसे शातिराना और भद्दे हमलों को लेकर असहज महसूस कर रहे होंगे। मल्लिकार्जुन खड़गे नहीं करते होंगे क्योंकि उनके भाषण भी कोई ज्यादा बेहतर नहीं हैं। अगर कांग्रेस पार्टी इस पर चुप्पी साध लेती है तो इसका मतलब होगा कि पूरी कांग्रेस पार्टी की इसमें मिलीभगत है।
“समस्याओं का हल ही है विश्वास की कुंजी” – किसानों को लेकर बोले शिवराज सिंह
20 Aug, 2025 08:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि भवन, नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक में, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के विभिन्न पोर्टल और कॉल सेंटर पर आने वाली किसानों की शिकायतों की समीक्षा की।
इस बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि योजनाओं का निर्माण जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उनका उचित कार्यान्वयन भी है। उन्होंने कहा कि किसानों की जो भी समस्याएं विभिन्न पोर्टल्स के माध्यम से प्राप्त हो रही हैं, उनका उचित निराकरण समय पर करने की व्यवस्था होनी चाहिए। व्यवस्था इतनी मजबूत होनी चाहिए कि जब किसान भाई-बहन इन पोर्टल्स के माध्यम से हमसे संपर्क करें, तब उन्हें भरोसा हो कि उनकी समस्याओं का निराकरण जरूर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यवस्था यदि सही ढंग से नहीं चलती हो और खानापूर्ति मात्र रहे तो उसकी उपयोगिता सिद्ध नहीं हो पाती, इसलिए व्यवस्था को और सरल तथा मजबूत करना होगा, ताकि हमारे किसान भाइयों-बहनों को इसका समुचित लाभ मिल सकें और उनका हर तरह से समाधान हो सकें।
बैठक में किसानों की शिकायतों के सही निदान के तरीके और व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए दिशा-निर्देश देते हुए शिवराज सिंह ने अधिकारियों से पी.एम. किसान पोर्टल, किसान ई-मित्र, किसान कॉल सेंटर सहित विभिन्न प्लेटफार्म के जरिए मिल रही किसानों की समस्याओं की पूरी जानकारी ली और कहा कि अगले हफ्ते वे फिर से विस्तारपूर्वक समीक्षा करेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री इन शिकायतों की नियमित समीक्षा करेंगे। साथ ही, समय-समय पर किसानों से भी बात करके जानेंगे कि उनकी समस्याओं का समाधान हुआ है या नहीं, ताकि वे पूरी तरह से संतुष्ट हो। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने ऐसी व्यवस्था बनाई थी, जिसके बेहद सकारात्मक परिणाम मिले थे। समस्याओं के तत्काल और उचित निराकरण से ही किसानों में भरोसा कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि किसानों की संतुष्टि ही हमारा मुख्य ध्येय है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने संदेश जारी करते हुए किसान कॉल सेंटर के माध्यम से किसान भाइयों-बहनों से अपनी शिकायतें टोल फ्री नंबर 18001801551 के जरिए रजिस्टर करवाने का आह्वान किया है।
बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्रालय के सचिव देवेश चतुर्वेदी भी शामिल हुए, जिन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह को विस्तार से जानकारी देने के साथ ही अपने सुझाव भी दिए।
इंडिया ब्लॉक ने बी. सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया
19 Aug, 2025 07:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खड़गे बोले- रेड्डी भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक
नई दिल्ली। विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने मंगलवार को उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी सुदर्शन रेड्डी को विपक्ष ने अपना उम्मीदवार बनाया है। इसका ऐलान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने किया। खड़गे ने कहा कि बी. सुदर्शन रेड्डी भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक हैं। उनका लंबा और प्रतिष्ठित कानूनी करियर रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक खड़गे ने बी सुदर्शन रेड्डी को विपक्ष की तरफ से उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिया है। बता दें सुदर्शन रेड्डी सुप्रीम कोर्ट में जज के पद पर रह चुके हैं। खड़गे ने बताया कि वह आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश, गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में काम कर चुके हैं। साथ ही वे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के लिए भी काम करते रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुदर्शन रेड्डी को 12 जनवरी 2007 को सुप्रीम कोर्ट का एडिशनल जज बनाया गया था। सुदर्शन रेड्डी 8 जुलाई 2011 को रिटायर हुए थे।
खड़गे ने कहा कि वे एक गरीब व्यक्ति है और अगर आप उनके कई फैसले पढ़ेंगे, तो आपको पता चलेगा कि उन्होंने कैसे गरीबों का पक्ष लिया और संविधान और मौलिक अधिकारों की रक्षा की है। खड़गे ने कहा कि उनके नाम का ऐलान सबकी सहमति मिलने के बाद ही किया गया है। बता दें एनडीए की तरफ से उपराष्ट्रपति पद के लिए सीपी राधाकृष्णन का नाम घोषित हो चुका है।
बता दें न्यायमूर्ति बी सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई 1946 को हुआ था। उन्होंने 27 दिसंबर 1971 को आंध्र प्रदेश बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया और आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में रिट और सिविल मामलों में वकालत की। वह 1988 से 1990 तक आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में सरकारी वकील रहे। इसके बाद 1990 में करीब छह माह तक केंद्र सरकार के लिए अतिरिक्त स्थायी वकील के रूप में काम किया। साथ ही उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय के लिए विधिक सलाहकार और स्थायी अधिवक्ता के रूप में भी सेवाएं दीं। न्यायमूर्ति रेड्डी को 2 मई 1995 को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया था। बाद में उन्हें 5 दिसंबर 2005 को गौहाटी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया। इसके बाद वे 12 जनवरी 2007 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने। न्यायपालिका में अहम योगदान देने के बाद वे 8 जुलाई 2011 को रिटायर हो गए। अपने चार दशक लंबे विधिक और न्यायिक जीवन में उन्होंने निष्पक्षता, ईमानदारी और न्याय की परंपरा को मजबूत किया।
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