राजनीति
'सदैव अटल' पर पीएम मोदी ने अर्पित की अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि, पुण्य तिथि पर राजनाथ ने भी किया याद
16 Aug, 2025 09:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने आज शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर भारत रत्न से सम्मानित नेता को समर्पित समाधि स्थल 'सदैव अटल' पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की. सोशल साइट X पर एक पोस्ट में, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की प्रगति के प्रति वाजपेयी की प्रतिबद्धता एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण के प्रयासों को प्रेरित करती रहेगी.
पीएम नरेंद्र मोदी ने पोस्ट में लिखा, "अटल जी को उनकी पुण्यतिथि पर याद करते हुए, भारत की सर्वांगीण प्रगति के प्रति उनका समर्पण और सेवा भावना सभी को एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करती रहेगी."
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, गजेंद्र सिंह शेखावत, किरेन रिजिजू, जदयू सांसद संजय झा और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी श्रद्धांजलि देने 'सदैव अटल' पहुंचे.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की. अपने संदेश में, सिंह ने एक मजबूत और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए वाजपेयी के आजीवन प्रयासों को याद किया.
राजनाथ सिंह ने X पर पोस्ट किया, "मैं अटल जी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ. उन्होंने अपना सारा जीवन एक मजबूत और समृद्ध भारत के निर्माण के संकल्प के साथ काम किया. राष्ट्र उनके अभूतपूर्व योगदान को हमेशा याद रखेगा." लोकसभा स्पीकर ओम बिरला समेत सैकड़ों लोगों ने भी सदैव अटल समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की.
आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय के अनुसार, 'सदैव अटल' में केंद्रीय समाधि मंच में नौ वर्गाकार काले पॉलिश वाले ग्रेनाइट पत्थर के खंड हैं, जिनके ऊपर एक केंद्रीय 'दीपक' रखा गया है. नौ अंक नवरस, नवरात्र और नवग्रहों का प्रतिनिधित्व करता है. स्मारक 9 उभरी हुई दीवारों से घिरा है, जिन पर वाजपेयी के गद्य और पद्य के शिलालेख अंकित हैं, जिन्हें "प्रदक्षिणा" (गोलाकार भ्रमण) करते समय पढ़ा जा सकता है.
स्मारक के विकास की पहल अटल स्मृति न्यास सोसाइटी द्वारा की गई थी, जिसका गठन प्रतिष्ठित व्यक्तियों द्वारा किया गया था. इसके निर्माण में देश के विभिन्न हिस्सों से पत्थरों का उपयोग किया गया था, जो "अनेकता में एकता" का प्रतीक हैं.
मंत्रालय ने बताया कि यह परियोजना सीपीडब्ल्यूडी द्वारा पूरी की गई थी, जिसकी पूरी लागत अटल स्मृति न्यास सोसाइटी द्वारा वहन की गई थी.
अटल बिहारी वाजपेयी, जिनका जन्म 25 दिसंबर, 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था, तीन बार प्रधानमंत्री चुने गए. वे अपना कार्यकाल पूरा करने वाले पहले गैर-कांग्रेसी नेता थे. उन्होंने 16 मई, 1996 से 1 जून, 1996 तक और फिर 19 मार्च, 1998 से 22 मई, 2004 तक कुछ समय के लिए इस पद पर कार्य किया. वाजपेयी ने 1977 से 1979 तक प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के मंत्रिमंडल में भारत के विदेश मंत्री के रूप में भी कार्य किया.
इस वरिष्ठ नेता, कवि और राजनेता का 16 अगस्त, 2018 को नई दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया.
दिवाली पर पीएम मोदी ने दिया खास तोहफें का संकेत....तैयारी में जुट गया वित्त मंत्रालय
16 Aug, 2025 08:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जीएसटी में सुधार करने के संकेत देने के बाद, वित्त मंत्रालय ने जीएसटी की दरों को सरल बनाने में जुट गया। मंत्रालय ने मंत्रियों के एक समूह (जीएमओ) के सामने दो-स्लैब वाली जीएसटी दर संरचना का प्रस्ताव रखा है। यह कदम टैक्स के बोझ को कम करने और छोटे उद्योगों को लाभ पहुँचाने के लिए उठाया जा रहा है।
फिलहाल जीएसटी में 5, 12, 18, और 28 प्रतिशत के चार स्लैब हैं। नए प्रस्ताव के अनुसार, इन्हें हटाकर केवल दो स्लैब रखे जाएंगे। इसके साथ ही कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर विशेष दरें लागू की जा सकती हैं। इस बदलाव का मुख्य लक्ष्य आम आदमी के लिए आवश्यक और अन्य वस्तुओं पर जीएसटी दरों को कम करना है। इससे लोगों पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ घटेगा। दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से संकेत दिया है कि ये जीएसटी सुधार दिवाली तक लागू हो जाएंगे। पीएम मोदी ने अपने भाषण में जीएसटी सुधारों के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएँ भी की है। अगली पीढ़ी के सुधारों के लिए एक टास्क फोर्स बनाई जाएगी, जो मौजूदा कानूनों को 21वीं सदी के हिसाब से ढालने का काम करेगी। इसका उद्देश्य 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करना है। मोदी सरकार ने विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई ) को बढ़ावा देने के लिए अनुपालन बोझ कम किया है, पुराने कानूनों को खत्म किया है और नियमों को सरल बनाया है। छोटे-मोटे उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के लिए संसद में एक आयकर विधेयक पेश किया जाएगा। यह सुधार जीएसटी परिषद की अगली बैठक में चर्चा का विषय होगा, जिसकी अध्यक्षता वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी।
प्रियंका ने दी आजादी की शुभकामनाएं: एक व्यक्ति- एक वोट और समृद्ध जनतंत्र का किया जिक्र
15 Aug, 2025 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत की आजादी पर सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं ने देश के लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी समेत तमाम नेताओं ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने नायकों के कुर्बानियों को याद किया और एक व्यक्ति-एक वोट के सिद्धांत के जरिए एक समृद्ध जनतंत्र का जिक्र करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। हमारे लाखों नायकों ने अनगिनत कुर्बानियां देकर हमें आजादी दिलाई। हमें लोकतंत्र, न्याय, समानता और आपसी एकता का राष्ट्रीय संकल्प सूत्र सौंपा। एक व्यक्ति-एक वोट के सिद्धांत के जरिये एक समृद्ध जनतंत्र दिया। अपनी आजादी, संविधान और इसके उसूलों की रक्षा के लिए हमारा संकल्प अडिग है। जय हिंद! जय भारत!
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं डीएमके के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने एक्स पर लिखा, सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। इस दिन, आइए हम एक ऐसे राष्ट्र के निर्माण के अपने संकल्प को और मजबूत करें जहां लोकतंत्र की कोई चोरी न हो, जहां हर नागरिक का वोट मायने रखता हो और जहां विविधता को हमारी सबसे बड़ी ताकत माना जाए। सच्ची आजादी का मतलब है कट्टरता को नकारना, भेदभाव को खत्म करना और हाशिए पर पड़े लोगों की रक्षा करना। इसका मतलब है हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को कायम रखना, ताकि हर व्यक्ति समानता, गरिमा और सम्मान के साथ जी सके।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संविधान के आदर्शों की रक्षा करने का जिक्र करते हुए देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, सभी प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। स्वतंत्रता, सामाजिक न्याय, समान अवसर और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। हमने लोकतंत्र की मूल भावना, सम्मान, समता और एकता को समझा और अपनाया है। संविधान के आदर्शों की रक्षा करना और आजादी के प्रकाश को निरंतर जलाए रखना हमारा सर्वोच्च कर्तव्य है। आइए, हम मिलकर अपने प्रदेश को प्रगति और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करें। जय हिंद, जय हिमाचल।
राहुल गांधी 17 से शुरु करेंगे वोटर अधिकार यात्रा, 1 सितंबर को पटना में होगा समापन
15 Aug, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। लोकसभा में नेताप्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मतदाता सूचियों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए बिहार के लोगों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि मैं 17 अगस्त से बिहार में हैं और यहां के मतदाताओं के अधिकार के लिए उनके साथ खड़ा हूं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि 17 अगस्त से बिहार में हूं, आपके साथ कदम से कदम मिलाकर चलने और आपके मताधिकार के लिए कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने को तैयार हूं। बिहार को जोड़ती हुई 16 दिन और 1300 किलोमीटर की वोटर अधिकार यात्रा, साथ आएं, हाथ बटाएं। ये भारत के लोकतंत्र और आपके पहले संवैधानिक हक को बचाने की लड़ाई है।
बता दें कि बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान का विरोध हो रहा है। इसे लेकर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा निकलेगी। यह यात्रा 17 अगस्त से लेकर 1 सितंबर तक चलेगी। राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा 17 अगस्त को सासाराम, रोहतास से निकलेगी, जो 18 अगस्त को देव दोह, अंबा-कुटुंबा और 19 को हनुमान मंदिर, पूनामा, वजीरगंज पहुंचेगी। 20 अगस्त को एक दिन के ब्रेक के बाद 21 अगस्त को तीज मोहाली दुर्गा मंदिर, शेखपुरा से फिर यात्रा निकलेगी, जो 22 अगस्त को चंदन बाग चौक, मुंगेर, 23 अगस्त को कुर्मला चौक, बरारी, कटिहार और 24 अगस्त को खुश्कीवान, कटिहार से पूर्णिया पहुंचेगी। 25 अगस्त को एक दिन ब्रेक के बाद फिर यात्रा 26 अगस्त को हुसैन पौक, सुपौल से निकलेगी, जो 27 अगस्त को गंगवारा महावीर स्थान, दरभंगा, 28 अगस्त को रीगा रोड, सीतामढ़ी, 29 अगस्त को हरिवाटिका गांधी चौक, बेतिया और 30 अगस्त को एकमा चौक, एकमा विधानसभा, छपरा पहुंचेगी। 31 अगस्त को फिर ब्रेक और फिर 1 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में यात्रा समाप्त हो जाएगी।
राजनाथ सिंह की पहल: अंडमान-निकोबार के 30 आदिवासी छात्रों से की बातचीत
15 Aug, 2025 02:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 14 अगस्त को साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के आदिवासी समुदायों के 30 मेधावी उच्चतर माध्यमिक छात्रों के साथ बातचीत की। रक्षा मंत्री के साथ छात्रों की यह बातचीत अंडमान और निकोबार कमांड (एएनसी) द्वारा आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय एकता यात्रा, आरोहण: द्वीप से दिल्ली का हिस्सा है। ये छात्र 15 अगस्त, 2025 को लाल किले में स्वतंत्रता दिवस समारोह के भी साक्षी बनेंगे।
रक्षा मंत्री ने मानवीय मूल्यों के महत्व पर ज़ोर दिया और उन्हें व्यक्ति के चरित्र निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण पहलू बताया। उन्होंने छात्रों से मानवीय मूल्यों पर अडिग रहने और शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ अपने चरित्र निर्माण पर भी समान रूप से ज़ोर देने का आह्वान किया।
राजनाथ सिंह ने छात्रों से हर चुनौती का आत्मविश्वास और निडरता से सामना करने का आग्रह किया। उन्होंने छात्रों को आने वाले समय में भारत को सबसे शक्तिशाली राष्ट्रों में से एक बनाने में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं। रक्षा मंत्री ने अतिथि छात्रों को अपना स्नेह व्यक्त करते हुए मिठाइयां बांटी। बैठक का समापन द्वीपसमूह के स्थानीय आदिवासी कारीगरों द्वारा हस्तनिर्मित स्मृति चिन्ह भेंट करने के साथ किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी 23 अगस्त को लॉन्च करेंगे प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने वाला मिशन
15 Aug, 2025 01:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 अगस्त को प्राकृतिक कृषि मिशन लॉन्च करेंगे। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ये जानकारी देते हुए बताया कि पीएम मोदी दिल्ली के पूसा से इस कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्राकृतिक कृषि मिशन के लिए आईसीएआर संस्थान राज्यों के साथ मिलकर व्यापक तैयारी कर रहा है ताकि पर्यावरण और धरती बचाने के काम में भारत दुनिया को भी योगदान दे सके। चौहान ने गुरुवार को राज्यों के कृषि मंत्रियों और आला अफसरों के साथ वर्चुअल बैठक कर राज्यों में खाद, फर्टिलाइजर की समस्या, बाढ़ एवं सूखाग्रस्त क्षेत्रों के हालात, प्राकृतिक कृषि व अगले रबी सीजन के दौरान विकसित कृषि संकल्प अभियान की रूपरेखा पर चर्चा की।
कृषि मंत्रालय के मुताबिक, शिवराज सिंह ने राज्यों में खाद-उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। साथ ही कहा कि कहीं पर भी खाद की कालाबाजारी की सूचना मिले तो सख्त कार्रवाई की जाए। बेईमानों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से सत्यापित होने तक बायोस्टिमुलेंट (जैव उत्तेजक) बेचने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी।
एनडीए में उपराष्ट्रपति पद को लेकर मंथन, चार बड़े नेताओं के नाम सुर्खियों में
15 Aug, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति पद के लिए जल्द ही चुनाव होना है। चुनाव आयोग ने इसके लिए अधिसूचना भी जारी कर दी है। लोकसभा और राज्यसभा में एनडीए की संख्या बल को देखते हुए एनडीए उम्मीदवार की जीत पक्की मानी जा रही है। हालांकि इंडिया गठबंधन की तरफ से भी उम्मीदवार को मैदान में उतारने की चर्चा है। अभी तक लेकिन किसी भी खेमे के द्वारा नाम का ऐलान नहीं किया गया है। सूत्रों के मुताबिक 15 अगस्त के बाद कभी भी एनडीए की तरफ से उम्मीदवार का ऐलान हो सकता है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में एनडीए की बैठक में उपराष्ट्रपति उम्मीदवार तय करने की जिम्मेदारी पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपी गई है। 7 अगस्त को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में यह बैठक हुई थी, जिसमें उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर चर्चा हुई थी। इसके बाद नामों पर मंथन जारी है। इस संवैधानिक पद की रेस में कई नामों की चर्चा चल रही है। सियासी गलियारों में इन दिनों देश के अगले उपराष्ट्रपति के लिए राज्यसभा के उपसभापति और जदयू नेता हरिवंश, दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना, जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत का नाम चर्चा में है। हालांकि बीजेपी ने पिछली बार भी जगदीप धनखड़ के नाम का ऐलान कर लोगों को चौंका दिया था।
रिपोर्ट के मुताबिक इंडिया गठबंधन संयुक्त उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे विपक्षी दलों से संपर्क कर रहे हैं ताकि किसी नाम पर सहमति बन सके। उपराष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों द्वारा किया जाता है। दोनों सदनों के कुल 781 सदस्य मतदान करते हैं। पूर्ण मतदान की स्थिति में किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए कम से कम 391 वोट चाहिए। एनडीए के पास फिलहाल करीब 422 सांसद हैं, जिससे एनडीए उम्मीदवार की जीत पक्की लग रही है। चुनाव आयोग की अधिसूचना के मुताबिक नामांकन की आखिरी तारीख 21 अगस्त है। नामांकन पत्रों की जांच 22 अगस्त तक होगी। नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 25 अगस्त है। 9 सितंबर को वोट डाले जाएंगे।
मोहन भागवत का बयान: 'आवारा कुत्तों की आबादी पर नियंत्रण जरूरी'
15 Aug, 2025 11:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भुवनेश्वर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली में आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान केवल उनकी आबादी को नियंत्रित करके ही संभव है। उन्हें शेल्टर होम भेजना स्थायी समाधान नहीं है।कटक के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक धार्मिक सभा में भागवत ने कहा कि मनुष्य और प्रकृति के बीच संतुलन जरूरी है। विकास और पर्यावरण को साथ लेकर ही प्रकृति का संरक्षण किया जाना चाहिए। उन्होंने यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के संदर्भ में दी, जिसमें 8 हफ्तों के भीतर दिल्ली-एनसीआर के आवारा कुत्तों को आवासीय इलाकों से हटाकर शेल्टर होम भेजने का निर्देश दिया गया था।गुरुवार को इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में दोबारा सुनवाई हुई। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की स्पेशल बेंच ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।कटक में सभा के बाद मोहन भागवत पुरी पहुंचे, जहां उन्होंने गोवर्धन पीठ में शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया और धार्मिक मुद्दों पर चर्चा की। इसके बाद उन्होंने श्री जगन्नाथ मंदिर में दर्शन किए।
- पारंपरिक तरीकों की वकालत
देशभर से आए 500 से अधिक संतों की मौजूदगी में सभा को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि प्रकृति से जुड़े मुद्दों का समाधान पारंपरिक तरीकों से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान धरती का अत्यधिक दोहन नहीं करते, जिससे हमारी मिट्टी उपजाऊ बनी रहती है, जबकि यूरोप और अफ्रीका में ज्यादा उपज के लिए अत्यधिक खाद डालकर मिट्टी को नुकसान पहुंचाया जाता है।
79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का संदेश: 'लोकतंत्र और संविधान सबसे ऊपर'
15 Aug, 2025 10:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी और कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस प्रत्येक भारतीय बड़े उत्साह के साथ मनाता है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, "मैं स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं. यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस प्रत्येक भारतीय बड़े उत्साह के साथ मनाता है. ये ऐसे दिन हैं जो हमें विशेष रूप से हमारे गौरवान्वित भारतीय होने की याद दिलाते हैं."
'हमारा लोकतंत्र सबसे ऊपर'
उन्होंने कहा, "आजादी हासिल करने के बाद हम ऐसे लोकतंत्र के रास्ते पर आगे बढ़े जहां हर वयस्क को मताधिकार प्राप्त हुआ. दूसरे शब्दों में हम भारत के लोगों ने, अपने भाग्य को आकार देने का अधिकार खुद को दिया... चुनौतियों के बावजूद भारत के लोगों ने लोकतंत्र को सफलतापूर्वक अपनाया... हमारे लिए, हमारा संविधान और हमारा लोकतंत्र सबसे ऊपर है."
'विभाजन से मिले दर्द को कभी नहीं भूलना चाहिए'
राष्ट्रपति ने कहा, "जब हम अतीत पर नजर डालते हैं, तो हमें देश के विभाजन से मिले दर्द को कभी नहीं भूलना चाहिए. आज हम विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मना रहे हैं. विभाजन के कारण भयंकर हिंसा हुई और लाखों लोगों को विस्थापित होना पड़ा. आज हम उन लोगों को श्रद्धांजलि देते हैं जो इतिहास की गलतियों के शिकार हुए."
'सभी के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार किया जाना चाहिए'
उन्होंने कहा, "हमारे संविधान में लोकतंत्र के चार स्तंभों के रूप में चार मूल्यों का उल्लेख है. वे हैं - न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व. ये हमारे सभ्यतागत सिद्धांत हैं, जिन्हें हमने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पुन खोजा. मेरा मानना है कि इन सभी के मूल में मानवीय गरिमा की धारणा है. प्रत्येक मनुष्य समान है और सभी के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार किया जाना चाहिए."
उन्होंने आगे कहा कि सभी को स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा तक समान पहुंच होनी चाहिए. सभी को समान अवसर मिलने चाहिए, जो लोग पारंपरिक व्यवस्था के कारण वंचित थे, उन्हें मदद की जरूरत थी. इन सिद्धांतों को सर्वोपरि रखते हुए, हमने 1947 में एक नई यात्रा शुरू की.
विदेशी शासन के लंबे वर्षों के बाद, स्वतंत्रता के समय भारत घोर गरीबी में था, लेकिन तब से 78 साल में, हमने सभी क्षेत्रों में असाधारण प्रगति की है. भारत एक आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की राह पर है और बड़े आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है.
मोदी सरकार की बड़ी योजना: बदल सकता है OBC आरक्षण का ढांचा
14 Aug, 2025 11:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
OBC Reservation: ओबीसी मामलों से जुड़ी संसदीय समिति ने केंद्र व राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों, विश्वविद्यालयों और निजी क्षेत्र में कार्यरत अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के कर्मचारियों के लिए ‘क्रीमी लेयर’ की समान आय सीमा लागू करने के प्रस्ताव पर विचार करने की सिफारिश की है। अब गेंद मोदी सरकार के पाले में है कि आगे वो क्या करती है।माना जा रहा है कि अगर इन सिफारिशों पर सरकार आगे बढ़ती है तो यह बड़ी पहल होगी। समिति की सिफारिश का उद्देश्य आरक्षण की व्यवस्था में निष्पक्षता सुनिश्चित करना है और नए सिरे से यह तय करना है कि क्रीमी लेयर श्रेणी में कौन आता है। इस फैसले का कर्मचारियों की नियुक्ति और शिक्षण संस्थानों में नामांकन में असर पड़ सकता है।
कौन-कौन लोग शामिल हैं OBC आरक्षण में
वर्तमान में ‘क्रीमी लेयर’ में शीर्ष सरकारी पदों वाले ओबीसी व्यक्ति, केंद्रीय और राज्य सेवाओं में वरिष्ठ अधिकारी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कर्मचारी, सशस्त्र बल अधिकारी, पेशेवर, व्यवसाय के मालिक, संपत्ति के मालिक व निश्चित आय या धन सीमा से अधिक आय वाले लोग शामिल हैं।कुछ सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (पीएसयू) के लिए 2017 में समान आय सीमा के नियम निर्धारित किए गए थे, लेकिन निजी क्षेत्र, विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और विभिन्न राज्य सरकार निकायों के लिए यह प्रक्रिया अभी भी लंबित थी।
मंडल आयोग की सिफारिश के बाद 27% आरक्षण लागू
मंडल आयोग की सिफारिशों के तहत, नॉन-क्रीमी लेयर के ओबीसी को केंद्र सरकार की नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश में 27 फीसदी आरक्षण मिलता है। राज्य सरकारों में यह प्रतिशत अलग-अलग होता है। रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रस्ताव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, शिक्षा, कार्मिक एवं प्रशिक्षण (डीओपीटी), कानूनी मामले, श्रम एवं रोजगार, सार्वजनिक उद्यम, नीति आयोग और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) सहित कई मंत्रालयों और संगठनों के बीच विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया।
शुक्रवार को संसद में रिपोर्ट पेश
भाजपा सांसद गणेश सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने बीते शुक्रवार को संसद में पेश आठवीं रिपोर्ट में बताया कि क्रीमी लेयर में पिछली बार आय सीमा 6.5 लाख से बढ़ाकर आठ लाख रुपए प्रतिवर्ष 2017 में की गई थी। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के नियमों के अनुसार इस सीमा की समीक्षा हर तीन वर्ष में या आवश्यकता अनुसार उससे पहले की जानी चाहिए।
प्रोफेसर-शिक्षाकर्मी पर ज्यादा असर
प्रोफेसरों सहित विश्वविद्यालयी शिक्षण कर्मचारियों का वार्षिक वेतन आमतौर पर लेवल 10 लाख या उससे ऊपर से शुरू होता है, जो ग्रुप-ए के सरकारी पदों के बराबर या उससे अधिक होता है। प्रस्ताव में इन पदों को क्रीमी लेयर के अंतर्गत वर्गीकृत करने का सुझाव दिया गया है, जिसका अर्थ है कि उनके बच्चे ओबीसी आरक्षण के लाभों के पात्र नहीं होंगे।
आठ लाख है क्रीमी लेयर की आय सीमा
ओबीसी आरक्षण में क्रीमी लेयर का विचार 1992 के इंदिरा साहनी बनाम भारत संघ मामले में शीर्ष कोर्ट के फैसले के बाद सामने आया था। इसे ओबीसी समुदाय के अधिक विशेषाधिकार प्राप्त वर्गों को आरक्षण के लाभों से वंचित करने के लिए पेश किया गया था। सरकारी नौकरियों से बाहर काम करने वालों के लिए आय सीमा 1993 में एक लाख रुपए प्रति वर्ष निर्धारित की गई थी। बाद में इस सीमा को कई बार संशोधित किया गया। आखिरी बार 2017 में इस सीमा को बढ़ाकर आठ लाख रुपए प्रति वर्ष कर दिया गया और यह अब भी लागू है।
बिहार की सियासत में बवाल: दो वोटर ID मामले में तेजस्वी ने पेश किए सबूत, चिराग पर तंज
14 Aug, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देश में इन दिनों 'वोट चोरी' के मुद्दे को लेकर बवाल मचा है। इस बीच, बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने विधानसभा चुनाव से पहले एक और सियासी बम फोड़ा है। उनके नए दावे से सियासी जगत में खलबली मच गई है।
तेजस्वी यादव का आरोप है कि एनडीए की वैशाली सांसद वीणा देवी के पास दो वोटर आईडी कार्ड हैं। राजद नेता ने अपने एक्स अकाउंट पर एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है।
जिसमें यह साफ तौर पर दिख रहा है कि दो जगहों की मतदाता सूची में वीणा देवी और उनके एमएलसी पति दिनेश सिंह का नाम है।
तेजस्वी ने पोस्ट में क्या लिखा?
पोस्ट को शेयर करते हुए तेजस्वी ने लिखा है कि वीणा देवी अपनी लोकसभा सीट (वैशाली) के अंतर्गत आने वाली विधानसभा सीट की पंजीकृत मतदाता हैं।
इसके अलावा, इसी नाम के संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुजफ्फरपुर विधानसभा क्षेत्र की भी मतदाता हैं। उनके पति, जदयू विधान पार्षद दिनेश सिंह का नाम भी जीवनसाथी वाले कॉलम में दर्ज है।बता दें कि वीणा देवी वैशाली सीट से सांसद हैं। उन्होंने चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के टिकट पर लोकसभा चुनाव 2024 में जीत दर्ज की थी। अब देखना यह है कि इसपर चिराग पासवान की क्या प्रतिक्रिया होती है।
शुरू होगी वोट अधिकार यात्रा
उधर, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में महागठबंधन के सभी नेता 17 अगस्त से बिहार के रोहतास जिले के सासाराम शहर से वोट अधिकार यात्रा शुरू करेंगे। कांग्रेस पार्टी ने यात्रा का कार्यक्रम जारी कर दिया है और शहर में इसकी तैयारियां जोरों पर हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह अभियान लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई का हिस्सा है और इसे सड़कों पर उतारा जाएगा।
इस अभियान का उद्देश्य चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना है।
23 जिलों से गुजरेगी यात्रा
यह यात्रा बिहार के 23 जिलों से होकर गुजरेगी। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राजद नेता तेजस्वी यादव और बिहार में गठबंधन के सभी छह घटक दलों के नेता इसमें भाग लेंगे।
आयोजकों ने कहा कि अगर कुछ नेता अन्य कार्यक्रमों के लिए दूर चले जाते हैं, तब भी यह यात्रा जारी रहेगी। इस अभियान का उद्देश्य जनता को यह बताना है कि चुनाव आयोग किस तरह मतदाता सूची में हेराफेरी कर रहा है।
यात्रा 17 अगस्त को रोहतास से शुरू होगी, 18 अगस्त को औरंगाबाद, 19 अगस्त को गयाजी और नवादा पहुंचेगी और 20 अगस्त को विश्राम होगा।
इसके बाद, यह यात्रा 21 अगस्त को लखीसराय-शेखपुरा से शुरू होगी, 22 अगस्त को मुंगेर और भागलपुर, 23 अगस्त को कटिहार और 24 अगस्त को पूर्णिया और अररिया पहुंचेगी।
इसके बाद, इंडिया ब्लॉक के नेता 25 अगस्त को विश्राम लेंगे और 26 अगस्त को सुपौल से अपनी यात्रा फिर से शुरू करेंगे। वे 27 अगस्त को दरभंगा और मुजफ्फरपुर, 28 अगस्त को सीतामढ़ी और मोतिहारी, 29 अगस्त को बेतिया, गोपालगंज और सीवान और 30 अगस्त को छपरा और आरा पहुंचेंगे। 31 अगस्त को विश्राम होगा और 1 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में एक विशाल रैली के साथ इसका समापन होगा।
नायडू के दावे पर कांग्रेस ने तोड़ी चुप्पी, कहा – ‘आपको तो पता होना चाहिए…’
14 Aug, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आंध्र प्रदेश में पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी के दावे के बाद सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। उन्होंने कहा था कि सीएम चंद्रबाबू नायडू कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संपर्क में हैं। इसपर आंध्र प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी मणिकम टैगोर ने जवाब दिया है।
टैगोर ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाई।एस। जगन मोहन रेड्डी पर पलटवार करते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश की जनता जानती है कि चंद्रबाबू नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जगन और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण एक साथ हैं।
जगन को कांग्रेस ने दे दी सलाह
टैगोर ने जगन से यह तक कह दिया कि राहुल गांधी ने उनकी तरह मोदी और शाह के आगे घुटने नहीं टेके हैं। इसके साथ, कांग्रेस नेता ने जगन को 'वोट चोरी' के खिलाफ कांग्रेस पार्टी की लड़ाई में शामिल होने तक की सलाह दे दी।
टैगोर ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए राहुल गांधी की लड़ाई की सराहना करने के बजाय, जगन अपनी मनगढ़ंत कहानियां सुना रहे हैं। बता दें कि अमरावती में जगन ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था।
जगन ने कहा- वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस का समर्थन नहीं करेंगे
इस दौरान, जगन ने स्पष्ट रूप से कहा कि 'वोट चोरी' के खिलाफ कांग्रेस पार्टी की लड़ाई का समर्थन नहीं करेंगे। उन्होंने 2024 चुनाव का जिक्र करते हुए कहा था कि तब भी उन्होंने वोट से जुड़े इसी आरोप के मुद्दे का लगाया था क्योंकि डाले गए वोट और गिने गए वोटों में 12 प्रतिशत का अंतर था।
जगन ने आगे कहा कि तब राहुल गांधी ने उनका साथ नहीं दिया था। उन्होंने तब चुप्पी भी साध ली थी क्योंकि वे तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी के जरिए नायडू के साथ संपर्क में थे।
जगन ने कहा कि कांग्रेस प्रवक्ता मणिकम टैगोर केवल मेरी आलोचना करते हैं, क्योंकि चंद्रबाबू नायडू अभी भी राहुल गांधी के संपर्क में हैं, नहीं तो वह भ्रष्टाचार करने वाली गठबंधन सरकार के खिलाफ आंखें कैसे मूंद सकते हैं।
वहीं, आंध्र प्रदेश के मंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के महासचिव ने भी जगन के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सीएम नायडू केवल आंध्र प्रदेश की जनता के संपर्क में हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर मीट बिक्री पर रोक! ओवैसी बोले- नॉनवेज से क्या रिश्ता? ठाकरे ने किया विरोध
14 Aug, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: महाराष्ट्र के बाद तेलंगाना में भी 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस पर मीट की दुकानें और बूचडख़ाने बंद रखने के आदेश पर विवाद बढ़ गया है। पिछले तीन दिन में ओल्ड हैदराबाद सिटी की नगर निगम के अलावा, ठाणे जिले के कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका, छत्रपति शिवाजी नगर पालिका प्रशासन ने ऐसे आदेश दिए हैं। मीट बैन के फैसले पर शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे ने नाराजगी जताई है। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह धर्म का मामला नहीं है और न ही यह राष्ट्रीय हित का मामला है।
हम तो नवरात्रि में भी नॉनवेज खाते हैं और यही हमारे यहां परंपरा है। एआईएमआईएम चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को ओल्ड हैदराबाद सिटी के आदेश को असंवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि गोश्त खाने से 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस का क्या लेना-देना है। तेलंगाना में 99 प्रतिशत लोग गोश्त खाते हैं। ओवैसी ने इस फैसले को लोगों की स्वतंत्रता और निजता का उल्लंघन बताया।
Rahul Gandhi के संपर्क में हैं आंध्र प्रदेश CM चंद्रबाबू नायडू, पूर्व सीएम के दावे से सियासी हलचल हुई तेज
13 Aug, 2025 09:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम और वाईएसआरसीपी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को बड़ा दावा किया है। पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आंध्र प्रदेश में मतदान विसंगतियों के बारे में बोलने से बचते हैं, क्योंकि सीएम चंद्रबाबू नायडू तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी के जरिए उनके संपर्क में है। पूर्व सीएम रेड्डी के इस बयान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है।
आंध्र प्रदेश के बारे में क्यों नहीं बोलते राहुल गांधी
पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि जब राहुल गांधी वोट चोरी की बात करते हैं, तो वे आंध्र प्रदेश के बारे में बयान क्यों नहीं देते, जहां घोषित नतीजों और मतगणना के दिन के नतीजों के बीच सबसे ज़्यादा 12.5 प्रतिशत वोटों का अंतर है। वे अरविंद केजरीवाल के बारे में क्यों नहीं बोलते? जबकि अरविंद केजरीवाल ख़ुद विधायक का चुनाव हार गए थे। वे ऐसा नहीं करते।
राहुल गांधी अपने काम के प्रति ईमानदार नहीं-रेड्डी
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी आंध्र प्रदेश के बारे में बात नहीं करते क्योंकि चंद्रबाबू नायडू रेवंत रेड्डी के ज़रिए हॉटलाइन पर राहुल गांधी के संपर्क में हैं। मैं राहुल गांधी जैसे व्यक्ति पर क्या टिप्पणी करूं, जो ख़ुद अपने काम के प्रति ईमानदार नहीं हैं?
‘आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा विसंगति’
पूर्व सीएम ने यह भी दावा किया कि देश में सबसे ज्यादा विसंगति आंध्र प्रदेश में है। उन्होंने कहा कि वाईएसआरसीपी नेताओं ने चुनाव आयोग से संपर्क किया था, जिसने राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण का वादा किया था।
कांग्रेस प्रवक्ता से किया सवाल
पूर्व सीएम रेड्डी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मणिकम टैगोर से सवाल किया कि वह केवल वाईएसआरसीपी के बारे में ही क्यों बोलते हैं, जबकि नायडू द्वारा कथित घोटालों और अनियमितताओं को नजरअंदाज करते हैं, जिनमें बेल्ट शॉप, परमिट रूम और खनन घोटाले शामिल हैं।
रेड्डी के दावों पर क्या बोले टीडीपी नेता
पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी के दावों पर टीडीपी नेता नारा लोकेश ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावों को खारिज करते हुए कहा कि एकमात्र सच्ची 'हॉटलाइन' आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ है।
तेजस्वी का बड़ा दावा: BJP बना रही बाहरी लोगों को वोटर, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
13 Aug, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और विरोधी दल के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में भाजपा बाहरी लोगों को वोटर बनाकर मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी कर रही है। विरोधी दल के नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि भाजपा के बिहार संगठन मंत्री भीखुभाई दलसानिया, जो मूल रूप से गुजरात के निवासी हैं, हाल ही में पटना के मतदाता बन गए हैं, जबकि उन्होंने वर्ष 2024 में गुजरात में मतदान किया था।
उन्होंने पटना में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि, गुजराती लोग अब बिहार के वोटर बन रहे हैं। भाजपा के प्रभारी भीखुभाई दलसानिया ने गुजरात की मतदाता सूची से नाम कटवाकर पटना में नाम जुड़वाया है। यहां वोटिंग खत्म होने के बाद वो किसी और राज्य में वोटर बन सकते हैं। तेजस्वी यादव ने दस्तावेजी सबूत दिखाते हुए यह भी आरोप लगाया कि मुजफ्फरपुर की महापौर और भाजपा नेता निर्मला देवी के पास एक ही विधानसभा क्षेत्र में दो अलग- अलग ईपिक (मतदाता फोटो पहचान पत्र) नंबर हैं, जो चुनावी कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि निर्मला देवी का नाम मुजफ्फरपुर विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या- 257 और बूथ संख्या- 153 दोनों में ही दर्ज है, जिसमें उनकी आयु 48 और 45 वर्ष बताई गई है।
नेता विरोधी दल तेजस्वी यादव ने कहा कि महापौर के दो देवर दिलीप कुमार और मनोज कुमार के पास भी दो- दो वोटर आईडी हैं। उन्होंने इसे एक संगठित धोखाधड़ी बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आयोग की मिलीभगत से वोट चुराने की रणनीति पर काम कर रही है। संवाददाता सम्मलेन में उन्होंने चुनाव आयोग पर भी गंभीर सवाल उठाये और आरोप लगाया कि पहले भाजपा ने चुनाव को प्रभावित करने के लिए सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग का दुरुपयोग किया और अब चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर रही है। तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि 2020 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने धांधली कर राजद के कम से कम 10 सीटें चुरा लीं, जिनमें से कुछ पर भाजपा की जीत का अंतर 12,000 वोटों से कम था।
तेजस्वी यादव ने राज्य में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को भी कठघरे में खड़ा किया और दावा किया कि अब तक बिहार की मतदाता सूची से करीब 65 लाख नाम हटाये जा चुके हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि लोग समय रहते आवश्यक दस्तावेज नहीं दे पाए, तो यह संख्या और बढ़ सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नाम हटाने की प्रक्रिया इतनी जटिल बना दी गई है कि आम नागरिक को अपील करने का मौका तक नहीं मिल रहा है।
तेजस्वी यादव ने घोषणा की कि 17 अगस्त से राजद “वोटर अधिकार यात्रा” शुरू करेगी, जिसका उद्देश्य जनता को जागरूक करना और चुनावी अनियमितताओं को उजागर करना होगा। उन्होंने संकेत दिया कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो महागठबंधन के सहयोगियों के साथ मिलकर आगामी चुनावों के बहिष्कार पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लगता है सब कुछ पहले से तय कर लिया गया है।
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