राजनीति
नरेंद्र सिंह तोमर: लोकतंत्र केवल व्यवस्था नहीं, यह हमारी संस्कृति की आत्मा है
26 Aug, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि भारत का लोकतंत्र केवल शासन करने का तरीका नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन की आत्मा है। उन्होंने दिल्ली में आयोजित स्व. विट्ठल भाई पटेल शताब्दी वर्ष समारोह में अखिल भारतीय पीठासीन सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने ही दुनिया को लोकतंत्र का बीज दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र हमारे लिए सिर्फ संविधान से मिला अधिकार नहीं है, बल्कि यह हजारों वर्षों से चली आ रही हमारी संस्कृति, समाज और राजनीति का एक अभिन्न हिस्सा है।
दिल्ली विधानसभा में भारत - लोकतंत्र की जननी विषय पर अपने व्याख्यान में तोमर ने कहा कि दुनिया में कई लोग मानते हैं कि लोकतांत्रिक मूल्यों की शुरुआत यूनान से हुई, लेकिन सच यह है कि भारत में इसकी नींव बहुत पहले पड़ चुकी थी। उन्होंने ऋग्वेद और अथर्ववेद में उल्लेखित सभा और समिति जैसी प्राचीन संस्थाओं का जिक्र किया, जो सामूहिक निर्णय का प्रतीक थीं, जहाँ राजा को भी अपनी राय थोपने का अधिकार नहीं था।
तोमर ने कहा कि भारत की चुनाव प्रणाली दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, जो हर पांच साल में शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का मतलब सिर्फ वोट देना और सरकार चुनना नहीं है, बल्कि यह ऐसी व्यवस्था है जहाँ सबका कल्याण, सबकी साझेदारी और सबकी सुरक्षा सुनिश्चित हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज भी हमारा लोकतंत्र मजबूत है, क्योंकि यह हमारी संस्कृति और जनता की चेतना में गहराई से रचा-बसा है। उन्होंने सभी से इस लोकतांत्रिक परंपरा को और सशक्त बनाने का आग्रह किया।
दो दिनों तक चले इस सम्मेलन में देश भर के लगभग 12 विधानसभा अध्यक्षों/उपाध्यक्षों ने अपने विचार रखे। इस दौरान लोकसभा के पूर्व स्पीकर मीरा कुमार और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी विशेष रूप से उपस्थित थे।
सौरभ भारद्वाज का भी होगा अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया वाला हाल? ED ने क्यों लिया एक्शन, क्या है वो कांड
26 Aug, 2025 11:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है. अरविंद केजरीवाल के करीबी और दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज के घर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी ने आम आदमी पार्टी (AAP) को घेरा दिया है. ईडी ने मंगलवार सुबह अस्पताल निर्माण में कथित घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली और आसपास के इलाकों में 13 ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें सौरभ भारद्वाज का घर भी शामिल है.
इस मामले पर सत्ताधारी बीजेपी और आप में जुबानी जंग छिड़ गई है. बीजेपी ने इसे AAP सरकार के घोटाले पर एक्शन पर बता रहे हैं. उनका दावा है कि ‘दिल्ली को लूटने वाले’ केजरीवाल और सिसोदिया की तरह अब सौरभ भारद्वाज भी जेल जाएंगे. उधर आतिश, संजय सिंह सहित आप के तमाम नेता इसे केंद्र की साजिश बता रहे हैं. उनका कहना है कि जिस वक्त का यह मामला बताया जा रहा है, तब स्वास्थ्य मंत्रालय सौरभ भारद्वाज के पास नहीं था. उनका कहना है कि यह पूरा केस ही झूठा है और सत्येंद्र जैन की तरह भारद्वाज के खिलाफ कोई मामला नहीं निकलेगा.
ED ने आखिर क्यों मारी रेड?
यह मामला साल 2018-19 में पास की गई 24 अस्पताल परियोजनाओं से जुड़ा है, जिनकी लागत करीब 5,590 करोड़ रुपये थी. इनमें 11 नए ग्रीनफील्ड अस्पताल और 13 पुराने अस्पतालों का अपग्रेडेशन शामिल था. शिकायत में आरोप है कि इन अस्पतालों में काम न के बराबर हुआ, लागत कई गुना बढ़ गई और सैकड़ों करोड़ रुपये का गबन हुआ.
सबसे बड़ा उदाहरण है 1,125 करोड़ रुपये का आईसीयू हॉस्पिटल पोजेक्ट, जिसके तहत 6,800 बेड बनाने का वादा था. लेकिन भारी भरकम खर्च के बावजूद यह प्रोजेक्ट आज भी आधा अधूरा है.
ईडी के मुताबिक, इन प्रोजेक्ट्स में समय से काम नहीं हुआ, लागत बढ़ती गई और धन के दुरुपयोग के सबूत मिले. यही नहीं, ठेकेदारों के साथ मिलीभगत और बजट में हेरफेर के भी आरोप लगे हैं.
ईडी की रेड पर AAP-बीजेपी में संग्राम
ईडी की रेड पर आम आदमी पार्टी ने पलटवार किया है. दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने इसे ‘साजिश’ बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री पर उठ रहे सवालों से ध्यान भटकाने के लिए की गई है. आतिशी ने आरोप लगाया, ‘जिस समय का केस बताया जा रहा है, उस वक्त सौरभ जी मंत्री भी नहीं थे. यह पूरा मामला झूठा और राजनीति से प्रेरित है.’
वहीं, बीजेपी ने आम आदमी पार्टी पर बड़ा हमला बोला. दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि, ‘हम पहले दिन से कह रहे हैं कि केजरीवाल और उनकी सरकार ने दिल्ली को लूटने का काम किया है. सौरभ भारद्वाज भी इस घोटाले में शामिल हैं.’
अब सौरभ भारद्वाज का क्या होगा?
AAP नेताओं पर पहले से ही शराब घोटाले सहित भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामले चल रहे हैं. मनीष सिसोदिया और संजय सिंह इस मामले में कई महीने जेल में रहे. खुद अरविंद केजरीवाल को भी इस मामले में जेल जाना पड़ा था. अब सवाल उठ रहा है कि सौरभ भारद्वाज का भी वही हाल होगा जो पार्टी के अन्य दिग्गज नेताओं का हुआ है?
फिलहाल ईडी ने कोई आधिकारिक जब्ती या वित्तीय गड़बड़ी का खुलासा नहीं किया है, लेकिन छापेमारी के बाद राजधानी की राजनीति गर्मा गई है. अस्पताल निर्माण घोटाला क्या आम आदमी पार्टी के लिए नया सिरदर्द बनेगा? यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा.
गुजरात: एक धरती, दो मोहन — द्वारकाधीश श्रीकृष्ण और महात्मा गांधी का संगम
26 Aug, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद| गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर अहमदाबाद आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शहर के पूर्वी क्षेत्र निकोल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गुजरात दो मोहन की धरती है| पहले मोहन हैं सुदर्शन चक्रधारी भगवान द्वारकाधीश और दूसरे हैं साबरमती के संत चरखाधारी गांधी जी| आज भारत इन दो मोहन के बताए रास्ते पर आगे बढ़ते हुए लगातार मजबूत होता जा रहा है| पीएम मोदी ने गुजरात के दो दिवसीय गुजरात दौरे की शुरुआत पूर्वी अहमदाबाद में रोड शो के साथ की| पूर्वी अहमदाबाद के हरिदर्शन चौराहे से निकोल-खोडलधाम तक रोड शो किया। पीएम मोदी के रोड शो में भारी संख्या में लोग उमड़े हैं। लोग पीएम की एक झलक पाने के लिए बेताब दिखे। प्रधानमंत्री के रोड शो में ऑपरेशन सिंदूर की झलक देखने को मिली| ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम मोदी दूसरी बार गुजरात दौरे पर आए हैं| पीएम मोदी रोड शो के बाद कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जहां राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने फूलों का गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया। गुजरात यात्रा के दौरान पीएम मोदी अहमदाबाद, गांधीनगर और मेहसाणा को कुल 5477 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देंगे। जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैं अक्सर सोचता हूँ कि मैं कितना भाग्यशाली हूँ कि मुझे लाखों लोगों का प्यार और आशीर्वाद मिला है। मैं आपका जितना भी धन्यवाद करूँ कम है। उन्होंने कहा कि इस समय पूरे देश में गणेश उत्सव की धूम मची हुई है। भगवान गणेश के आशीर्वाद से, हम गुजरात के विकास से जुड़ी अनेक योजनाओं के श्री गणेश बन चुके हैं। मैं आप सभी को इस विकास के लिए शुभकामनाएँ देता हूँ। उन्होंने कहा कि मानसून के मौसम में, गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है। देश में भी बादल फटने की कई घटनाएँ हुई हैं। जब हम टीवी पर तबाही का मंज़र देखते हैं, तो खुद को संभालना मुश्किल हो जाता है। मैं सभी प्रभावित लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूँ। पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात की ये धरती दो मोहनों की धरती है। एक सुदर्शन चक्रधारी मोहन यानि हमारे द्वारकाधीश की धरती, और दूसरे चरखाधारी मोहन, यानि साबरमती के संत गांधी जी की धरती। आज भारत इन दोनों के दिखाए रास्ते पर चलकर निरंतर सशक्त हो रहा है। सुदर्शन चक्र धारी मोहन ने हमें देश और समाज की रक्षा करना सिखाया है। उन्होंने सुदर्शन चक्र को न्याय और सुरक्षा का कवच बनाया है। जो रसातल से भी शत्रु को खोजकर उसे दंड देता है। आज दुनिया भारत के इस निर्णय से इसी अनुभूति को अनुभव कर रही है। सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अहमदाबाद के पुराने दिनों को याद किया और कांग्रेस पर हमला बोला। प्रधानमंत्री ने कहा कि अहमदाबाद में पहले भी कई दंगे हुए और केंद्र सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। उन्होंने कहा कि अहमदाबादवासियों आप लोगों ने कैसे दिन देखे हैं? जब दंगाई और चाकूबाज लोगों की जान ले लेते थे। हमें कर्फ्यू में रहना पड़ता था। हर त्यौहार पर अहमदाबाद की धरती खून से रंग जाती थी। हर साल अहमदाबाद की धरती खून से रंग जाती है। आतंकवादियों ने हमारा खून बहाया और दिल्ली में बैठी कांग्रेस सरकार ने कुछ नहीं किया। लेकिन आज हम आतंकवादियों और उनके आकाओं को भी नहीं बख्शते| वे चाहे कहीं भी छिपे हों, दुनिया ने देखा है कि भारत ने पहलगाम का बदला कैसे लिया। 22 मिनट में सब कुछ साफ़ कर दिया गया। हमने सैकड़ों किलोमीटर अंदर घुसकर आतंकवाद के गढ़ पर हमला कर उसे तबाह कर दिया| ऑपरेशन सिंदूर, हमारी सेना के पराक्रम और भारत की इच्छाशक्ति और सुदर्शन चक्रधारी मोहन का प्रतीक बन गया है। हमारे गांधी जी चरखाधारी मोहन ने स्वदेशी से भारत की समृद्धि का मार्ग दिखाया था और साबरमती आश्रम इसका साक्षी है। जिस पार्टी ने गांधी जी के नाम का फायदा उठाकर सत्ता का सुख भोगा, उसने उनकी आत्मा को कुचल दिया। उसने बापू के स्वदेशी मंत्र के साथ क्या किया? आपने उन लोगों के मुँह से कभी स्वच्छता और स्वदेशी शब्द नहीं सुने होंगे। यह देश नहीं समझ सकता कि उनकी समझ को क्या हो गया है। 60-65 साल तक देश पर राज करने वाली कांग्रेस पार्टी ने भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रखा। लेकिन आज भारत ने आत्मनिर्भरता को विकसित भारत के निर्माण का आधार बनाया है। हमारे किसानों-मछुवारों, पशुपालकों और उद्यमियों के बल पर भारत विकास के पथ पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। आत्मनिर्भरता के पथ पर आगे बढ़ रहा है। हमारे गुजरात में कितने ही पशुपालक किसान हैं। बहनों ने गुजरात में पशुपालन में बहुत बड़ा योगदान दिया है। बहनों ने पशुपालन में योगदान देकर हमारे डेयरी क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाया है। जिसकी चारों ओर जय-जयकार हो रही है। पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया में हर कोई आर्थिक स्वार्थ के साथ राजनीति में अपना स्वार्थ साधने की कोशिश कर रहा है। अहमदाबाद की इस धरती से मैं हमारे छोटे उद्यमियों, छोटे व्यापारियों, किसानों और मजदूरों से कहूँगा कि मैं गांधी की धरती से बोल रहा हूँ। मैं आपसे बार-बार वादा करता हूँ मेरे लिए आपका हित सर्वोपरि है। मेरी सरकार पशुपालकों, किसानों और छोटे व्यापारियों को कभी कोई नुकसान नहीं होने देगी। आज अहमदाबाद देश के सबसे सुरक्षित शहरों में से एक है। गुजरात में बने शांति और सुरक्षा के वातावरण के सुखद परिणाम हम चारों ओर देख रहे हैं। आज गुजरात में हर तरह के उद्योगों का विस्तार हो रहा है। हमारा राज्य किस तरह एक मैन्युफैक्चरिंग हब बन गया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारी सरकार जीएसटी सुधार कर रही है और दिवाली से पहले आपको इसका बड़ा तोहफा मिलेगा। जीएसटी सुधारों के कारण हमारे छोटे उद्योगों को काफी मदद मिलेगी और कई वस्तुओं पर टैक्स कम हो जाएगा। इस दिवाली चाहे वह व्यापारी वर्ग हो या हमारे परिवार के बाकी सदस्य, सभी को खुशी का दोहरा बोनस मिलने वाला है।
राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर लगाया बड़ा आरोप, कहा-वोट चुराकर सत्ता में आई है सरकार, इसलिए युवाओं की परवाह नहीं
26 Aug, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली।कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों पर पुलिस के कथित बल प्रयोग की सोमवार को निंदा करते हुए इसे शर्मनाक करार दिया और आरोप लगाया कि मोदी सरकार को देश के युवाओं की चिंता नहीं है क्योंकि वह वोट चुराकर सत्ता में आई है। परीक्षा के बेहतर संचालन की मांग को लेकर एसएससी के छात्रों और शिक्षकों ने रविवार को रामलीला मैदान में विरोध प्रदर्शन किया। हालाँकि, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज करने के विपक्षी दलों के दावों का खंडन किया है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे एसएससी अभ्यर्थियों और शिक्षकों पर बर्बर लाठीचार्ज शर्मनाक ही नहीं, बल्कि एक डरपोक सरकार की पहचान है। उन्होंने कहा, युवाओं ने सिर्फ अपना हक मांगा था - रोजगार और न्याय। मिली क्या? लाठियां। राहुल गांधी ने आरोप लगाया, सा$फ है कि मोदी सरकार को न देश के युवाओं की चिंता है, न उनके भविष्य की। हो भी क्यों? यह सरकार जनता के वोटों से नहीं, बल्कि वोट चुराकर सत्ता में आई है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा और दावा किया, पहले वोट चुराएंगे, फिर परीक्षा चुराएंगे, फिर नौकरियां चुराएंगे, फिर आपका हक और आवाज - दोनों कुचल देंगे। राहुल गांधी ने कहा, युवाओं, किसानों, गरीबों, बहुजनों और अल्पसंख्यकों, आपका वोट इन्हें चाहिए ही नहीं, इसलिए आपकी मांगें कभी इनकी प्राथमिकता नहीं होंगी। अब वक्त है - डरने का नहीं, डटकर मुकाबला करने का।
BJP अध्यक्ष पद की रेस में शिवराज सबसे आगे?
25 Aug, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के ‘मामा’ शिवराज सिंह चौहान अब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी की ओर बढ़ रहे हैं? यह सवाल दिल्ली के सियासी गलियारों में तूफान की तरह गूंज रहा है। रविवार शाम को दिल्ली के झंडेवालान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की 45 मिनट की मुलाकात ने इस चर्चा को और हवा दे दी है।
क्या है इस मुलाकात का मतलब?
25 अगस्त 2025 की शाम को दिल्ली का मौसम सुहाना था, लेकिन सियासी हलकों में गर्माहट का माहौल था। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान RSS के मुख्यालय केशवकुंज पहुंचे। वहां उनकी मुलाकात RSS चीफ मोहन भागवत से हुई. यह मुलाकात आम नहीं थी। करीब 45 मिनट तक चली इस गुपचुप बैठक ने सियासी पंडितों के कान खड़े कर दिए। सूत्रों की मानें तो यह मुलाकात BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से जुड़ी हो सकती है, जो सितंबर 2025 में होने वाला है। शिवराज और मोहन भागवत की यह मुलाकात इसलिए भी खास है क्योंकि दोनों के बीच ऐसी लंबी बातचीत लगभग दो साल बाद हुई। BJP और RSS के बीच तालमेल को लेकर अक्सर चर्चाएं होती रहती हैं, और इस बार शिवराज का नाम अध्यक्ष पद की रेस में सबसे आगे आ गया है। क्या यह मुलाकात शिवराज के लिए हरी झंडी थी या फिर यह सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात थी? सवाल कई हैं, लेकिन जवाब की तलाश अभी भी है।
मुलाकात से पहले और बाद की कहानी
शिवराज सिंह चौहान रविवार को दिल्ली में काफी व्यस्त रहे। मुलाकात से पहले वह प्रगति मैदान के भारत मंडपम में गायत्री परिवार के एक कार्यक्रम में शामिल हुए। मंच पर उनके साथ केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और गायत्री परिवार के डॉ. चिन्मय पंड्या भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम में शिवराज ने अपनी सादगी और गहरी बातों से सबका दिल जीता, लेकिन जैसे ही कार्यक्रम खत्म हुआ, वह सीधे RSS कार्यालय की ओर रवाना हो गए। मोहन भागवत के साथ बैठक के बाद शिवराज बिना रुके दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए निकल गए। अगले दिन, यानी 25 अगस्त 2025 को वह भोपाल में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए?
BJP अध्यक्ष की रेस में क्यों शिवराज?
BJP में पिछले एक साल से राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर चर्चा है। जेपी नड्डा के कार्यकाल के बाद पार्टी नए चेहरे की तलाश में है, लेकिन RSS और BJP नेतृत्व के बीच तालमेल की कमी के चलते यह प्रक्रिया बार-बार अटक रही थी।अब शिवराज सिंह चौहान का नाम इस रेस में इसलिए मजबूत माना जा रहा है क्योंकि वह न सिर्फ एक अनुभवी नेता हैं, बल्कि RSS के साथ उनके रिश्ते भी पुराने और मजबूत हैं। शिवराज का राजनीतिक सफर भी उनकी दावेदारी को और वजन देता है। मध्य प्रदेश में 17 साल तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड, जनता के बीच उनकी लोकप्रियता और अब केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में उनका काम ये सब उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाते हैं। ऊपर से मोहन भागवत के साथ उनकी यह ताजा मुलाकात इस बात का इशारा है कि RSS भी शायद शिवराज को इस बड़े रोल के लिए तैयार मान रहा है।
सितंबर में क्या होगा?
BJP और RSS की कोशिश है कि 28 सितंबर 2025 से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पूरा हो जाए। 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद इस दिशा में तेजी आने की उम्मीद है। सियासी हलकों में यह भी चर्चा है कि शिवराज के अलावा कुछ और नाम भी रेस में हैं, लेकिन उनकी यह मुलाकात उनके पक्ष में एक बड़ा दांव मानी जा रही है।
क्या कहते हैं सियासी पंडित?
सियासी जानकारों का मानना है कि शिवराज की सादगी, संगठन में उनकी पकड़ और RSS के साथ उनका पुराना नाता उन्हें इस रेस में सबसे आगे रखता है। साथ ही, वह मध्य भारत से आते हैं, जो BJP के लिए एक रणनीतिक क्षेत्र है। लेकिन कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक हो सकती है, और BJP कोई चौंकाने वाला नाम भी सामने ला सकती है।
"मंत्रियों को हटाने वाले विधेयक पर ओवैसी का हमला, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री संबंधों पर उठाए सवाल"
25 Aug, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Owaisi Attack On Central Government: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को हटाने संबंधी हाल ही में पेश किए गए विधेयकों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या राष्ट्रपति वास्तव में प्रधानमंत्री से इस्तीफा ले सकते हैं। हैदराबाद के सांसद ने कहा कि संविधान में कहा गया है कि राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह और सहायता से निर्देशित होंगे। उन्होंने तर्क दिया कि प्रस्तावित विधेयक राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री को हटाने का अधिकार देता है, जो मौजूदा कानून के विपरीत है।
क्या राष्ट्रपति प्रधानमंत्री को हटा सकते है?
ओवैसी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमने संविधान में कहा है कि भारत के राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह और सहायता से निर्देशित होंगे। यह अनुच्छेद संविधान में है। यह प्रस्तावित विधेयक कह रहा है कि राष्ट्रपति प्रधानमंत्री को हटा सकते हैं। यह क्या है? यह स्पष्ट रूप से उस अनुच्छेद के विपरीत है। उन्होंने आगे पूछा, क्या कोई राष्ट्रपति वास्तव में प्रधानमंत्री को इस्तीफा दिला सकता है?
केंद्र सरकार पर लगाए ये गंभीर आरोप
संयुक्त संसदीय समिति को भेजे गए इस विधेयक में उन प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्रियों को हटाने का प्रावधान है जो गंभीर अपराधों के आरोपों का सामना कर रहे हैं और लगातार 30 दिनों से जेल में हैं। उन्होंने राज्य सरकारों की शक्तियों पर भी चिंता जताई और कहा कि अगर केंद्र सरकार चार या पांच राज्य मंत्रियों को गिरफ्तार करने का फैसला करती है, तो राज्य सरकार स्वतः ही गिर जाएगी।
निर्वाचित सरकार के लिए मौत की घंटी होगा यह विधेयक
हैदराबाद के सांसद ने कहा कि आजादी कहां है? आप ही उन्हें नियंत्रित करेंगे… बस चार या पांच मंत्रियों को गिरफ्तार कर लीजिए और सरकार चली जाएगी। पिछले हफ्ते संसद में विधेयक पेश करते हुए ओवैसी ने कहा कि सरकार पुलिस राज्य बनाने पर तुली हुई है और यह विधेयक निर्वाचित सरकार के लिए मौत की घंटी होगा। ओवैसी ने आगे कहा कि यह विधेयक शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत का उल्लंघन करते हैं और लोगों के सरकार चुनने के अधिकार को कमजोर करते हैं।
वोट चोरी रोकने के लिए कांग्रेस का नया प्लान
25 Aug, 2025 04:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश कांग्रेस के जिला अध्यक्षों नई दिल्ली में रविवार रात बैठक हुई। इस बैठक में राहुल गांधी भी शामिल हुए। मीटिंग में जिलाध्यक्षों को बड़ा टास्क दिया गया है, जिला अध्यक्षों को वोटर लिस्ट की जांच करने का टारगेट दिया गया है। सभी जिला अध्यक्ष अपने-अपने जिलों में जाकर मतदाता सूची का पुन निरीक्षण करेंगे।बैठक में फैसला लिया गया है कि 31 अगस्त को रतलाम में पार्टी ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ आंदोलन करेगी। जिसमें कांग्रेस के बड़े नेता शामिल होंगे।
जिला अध्यक्षों के काम करने का ब्लूप्रिंट तैयार
जिला अध्यक्षों के काम करने का पूरा ब्लू प्रिंट तैयार हो चुका है। जिला अध्यक्षों को एक महीने में पंचायत कमेटी बनानी होगी। हर 3 महीने में जिला अध्यक्षों के कामकाज का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही जिलाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि हर महीने जिले में एक बड़ा प्रदर्शन करना होगा और प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी होगी। इसके लिए जिलाध्यक्षों को 10 दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी। सभी नेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि पार्टी में गुटबाजी नहीं होनी चाहिए, सभी नेता एकजुट होकर काम करेंगे। AICC जिला अध्यक्षों के कामकाज पर नजर रखेगा।
बिहार यात्रा से ब्रेक लेकर दिल्ली पहुंचे राहुल गांधी
MP कांग्रेस जिलाध्यक्षों की बैठक दिल्ली में आयोजित हुई। राहुल गांधी खुद बिहार यात्रा से ब्रेक लेकर जिलाध्यक्षों की बैठक लेने दिल्ली पहुंचे। राहुल गांधी ने सभी जिलाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि पार्टी में गुटबाज ना हो और एकजुट होकर सभी लोग काम करें। दिल्ली से सभी जिलाध्यक्षों के काम पर नजर रखी जाएगी।
राहुल गांधी बिहार में कर रहे हैं वोटर अधिकार यात्रा
राहुल गांधी इस समय बिहार में ‘वोट अधिकार यात्रा’ कर रहे हैं। राहुल और तेजस्वी की यह यात्रा 16 दिनों तक चलेगी, जिसमें वे मिलकर 23 से 25 जिलों और लगभग 1300 किलोमीटर का सफर तय करेंगेकिलोमीटर का सफर तय करेंगे। इसकी शुरुआत 17 अगस्त 2025 को रोहतास जिले के सासाराम से हुई थी, इसका समापन 1 सितंबर 2025 को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में एक विशाल रैली के साथ होगाकिलोमीटर का सफर तय करेंगे।
राहुल पर अमित शाह का तंज: बार-बार की हार से कांग्रेस में निराशा
25 Aug, 2025 10:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने भाजपा के प्रत्यक्ष जनसंवाद और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के जनसंपर्क कार्यक्रमों की तुलना करते हुए कहा कि दोनों में 'बड़ा अंतर' है.
न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में गृह मंत्री ने कहा कि किसी कार्यक्रम का प्रबंधन करने और जनता से संवाद करने में बहुत अंतर है. शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी 'भ्रम' पैदा करना चाहती है और चुनावी हार के बाद बढ़ती 'हताशा' का सामना कर रही है. उन्होंने कहा कि वे (कांग्रेस) लोगों में एक तरह का भ्रम पैदा करना चाहते हैं और वे निश्चित रूप से सफल नहीं होंगे, क्योंकि लोगों के साथ हमारा सीधा संपर्क उनसे कई गुना ज्यादा है. हम लोगों से बात करते हैं. हम यहां यूं ही आकर नहीं बैठ गए हैं. तीन चुनाव हारने के बाद, मुझे लगता है कि हताशा का स्तर इतना बढ़ गया है कि सामान्य निर्णय क्षमता, वह (राहुल गांधी) खो चुके हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के आरोपों के विपरीत, संसद के भीतर सीआईएसएफ (CISF) की उपस्थिति को सही या गलत को सही ठहराने का प्रयास नहीं है. वहीं, अमित शाह ने आगे कहा कि सबसे पहले, इस बात को अच्छी तरह समझ लीजिए कि संसद के अंदर, किसी भी बल को तैनात करना अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र में होता है. उन्होंने कहा कि बल की पहचान मायने नहीं रखती. पहले दिल्ली पुलिस के जवान तैनात रहते थे, अब सीआईएसएफ के जवान हैं.
उन्होंने आगे कहा कि लेकिन जैसे ही वे सदन की सुरक्षा परिधि में आते हैं, उन्हें सीआईएसएफ या दिल्ली पुलिस का जवान नहीं माना जाता, बल्कि उन्हें मार्शल माना जाता है. और वे अध्यक्ष के अधिकार के तहत काम करते हैं. मार्शल सदन में तभी प्रवेश करते हैं जब अध्यक्ष उन्हें ऐसा करने के आदेश देते हैं.
इससे पहले 5 अगस्त को कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा था कि मोदी सरकार ने 'स्वीकार कर लिया है' कि राज्यसभा में सीआईएसएफ के जवान तैनात थे और सदन में उनकी मौजूदगी के लिए चाहे जो भी नाम इस्तेमाल किया जाए, 'यह संसद का अपमान है.'
सोशल मीडिया 'एक्स' पर एक पोस्ट में, जयराम रमेश ने सरकार पर निशाना साधा और कहा कि विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे यह पूछने में सही थे कि क्या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'राज्यों की परिषद का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है. उन्होंने कहा कि यह संसद का अपमान है और राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने आज यह पूछकर सही कहा कि क्या केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्य परिषद का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है. तो आखिरकार मोदी सरकार ने आज मान ही लिया कि पिछले हफ्ते राज्यसभा में विपक्षी सांसदों को उनके लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के अधिकार से रोकने के लिए सीआईएसएफ के जवान तैनात किए गए थे. आप उन्हें चाहे किसी भी नाम से पुकारें, लेकिन सच्चाई यही है कि वे सभी सीआईएसएफ के ही थे, जयराम रमेश ने कहा.
राज्यसभा में शोरगुल के बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने खड़गे के इस आरोप का खंडन किया कि सदन में सीआईएसएफ को लाया गया था. उन्होंने कहा कि केवल मार्शल ही सदन में आ सकते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि खड़गे ने सदन को गुमराह किया और उपसभापति को 'गलत पत्र' लिखा. उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्य मीडिया में गलत आरोप लगा रहे हैं कि सदन में सेना, सीआईएसएफ और पुलिस को लाया गया था.
अमित शाह का बड़ा बयान: धनखड़ के इस्तीफे को गलत रंग दे रहा विपक्ष
25 Aug, 2025 09:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे की बढ़ती अटकलों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया. साथ ही उन्होंने विपक्ष के उन दावों को खारिज कर दिया कि वह 'घर में नजरबंद' थे.
एएनआई के साथ एक इंटरव्यू में केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, 'धनखड़ साहब का इस्तीफा पत्र अपने आप में स्पष्ट है. उन्होंने अपने इस्तीफे के लिए स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है. उन्होंने अपने अच्छे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों और सरकार के सदस्यों के प्रति हार्दिक आभार भी व्यक्त किया है.' जब कुछ विपक्षी नेताओं द्वारा धनखड़ को 'घर में नजरबंद' किए जाने के बारे में पूछा गया, तो शाह ने कहा कि सच्चाई और झूठ की व्याख्या केवल विपक्षी बयानों पर निर्भर नहीं होनी चाहिए और पूर्व उपराष्ट्रपति के इस्तीफे पर हंगामा करने के खिलाफ चेतावनी दी.
शाह ने कहा, 'ऐसा लगता है कि सच और झूठ की आपकी व्याख्या विपक्ष की बातों पर आधारित है. हमें इस सबका बतंगड़ नहीं बनाना चाहिए. धनखड़ एक संवैधानिक पद पर थे और उन्होंने संविधान के अनुसार अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया. उन्होंने निजी स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया. इस मुद्दे पर ज्यादा विचार-विमर्श नहीं करना चाहिए.'
यह टिप्पणी विपक्षी नेताओं द्वारा अचानक इस्तीफे पर सवाल उठाए जाने के बाद आई है, जिसमें दावा किया गया था कि सरकार ने धनखड़ को 'चुप' करा दिया है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि देश के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी उपराष्ट्रपति के इस्तीफे के साथ-साथ उन्हें चुप करा दिया गया.'
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी केंद्र सरकार की आलोचना की. धनखड़ के ठिकाने पर सवाल उठाए और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर देश को 'मध्ययुगीन काल' में वापस ले जाने का आरोप लगाया.
राहुल गांधी ने 20 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,'हम मध्यकालीन काल में वापस जा रहे हैं जब राजा अपनी मर्जी से किसी को भी हटा सकता था. निर्वाचित व्यक्ति क्या होता है, इसकी कोई अवधारणा ही नहीं है. उसे आपका चेहरा पसंद नहीं आता, इसलिए वह ईडी को मामला दर्ज करने को कहता है और फिर एक लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित व्यक्ति को 30 दिनों के भीतर हटा दिया जाता है.'
उन्होंने आगे कहा,'साथ ही यह भी न भूलें कि हम एक नए उपराष्ट्रपति का चुनाव क्यों कर रहे हैं. कल ही मैं किसी से बात कर रहा था और मैंने कहा, आप जानते हैं, पुराना उपराष्ट्रपति कहाँ चला गया? वह चला गया?'
सुप्रीम कोर्ट के वकील और वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने भी सवाल उठाया कि क्या धनखड़ की सार्वजनिक रूप से अनुपस्थिति को देखते हुए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की जानी चाहिए. हालाँकि, भाजपा का कहना है कि धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है और उनके साथ किसी भी मतभेद की बात को खारिज कर दिया.
जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया था कि वह स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता देना चाहते हैं और चिकित्सीय सलाह का पालन करना चाहते हैं. उस समय वह राज्यसभा के सभापति के रूप में कार्यरत थे और उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना त्यागपत्र सौंप दिया था.
आज गुजरात में पीएम मोदी का भव्य दौरा, ₹5400 करोड़ की योजनाओं की सौगात देंगे
25 Aug, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर आएंगे. इस दौरान वह 5400 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई बुनियादी ढांचा और विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे.
प्रधानमंत्री सोमवार को गुजरात के बुनियादी ढांचे और सेवा वितरण के आधुनिकीकरण के उद्देश्य से कई विकास परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करने के बाद अहमदाबाद के खोडलधाम मैदान में एक सार्वजनिक समारोह को संबोधित करेंगे.
प्रधानमंत्री मोदी 26 अगस्त को भारत की इलेक्ट्रिक वाहन यात्रा में एक ऐतिहासिक घटना का उद्घाटन करने के लिए हंसलपुर जाएंगे. वह सुजुकी के पहले वैश्विक रणनीतिक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (बीईवी), 'ई विटारा' को हरी झंडी दिखाएंगे. इसका निर्यात यूरोप और जापान जैसे प्रमुख बाजारों सहित 100 से अधिक देशों में किया जाएगा.
पीएमओ ने एक बयान में कहा, 'मेक इन इंडिया की सफलता के एक प्रमुख उदाहरण के रूप में प्रधानमंत्री सुजुकी के पहले वैश्विक रणनीतिक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (बीईवी) 'ई विटारा' का उद्घाटन करेंगे और उसे हरी झंडी दिखाएंगे.' हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में वह तोशिबा, डेंसो और सुजुकी के बीच एक संयुक्त उद्यम टीडीएस लिथियम-आयन बैटरी प्लांट में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड उत्पादन इकाई का भी उद्घाटन करेंगे.
विज्ञप्ति में कहा गया, 'बैटरी के अस्सी प्रतिशत से अधिक मूल्य का निर्माण अब भारत में ही किया जाएगा', इसे भारत के बैटरी पारिस्थितिकी तंत्र में एक ऐतिहासिक कदम बताया गया है. 1400 करोड़ रुपये से अधिक की प्रमुख रेलवे परियोजनाओं में पीएम मोदी मेहसाणा-पालनपुर रेल लाइन के दोहरीकरण, गेज परिवर्तन और यात्री और मालगाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. इसका उद्देश्य रसद, कनेक्टिविटी और औद्योगिक पहुंच में सुधार करना है.
वह महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का भी शुभारंभ करेंगे. इनमें वीरमगाम-खुदाद-रामपुरा सड़क का चौड़ीकरण, नए वाहन अंडरपास और रेलवे ओवरब्रिज शामिल हैं. इनका उद्देश्य भीड़भाड़ कम करना और औद्योगिक उत्पादकता को बढ़ावा देना है. बिजली वितरण में सुधार के लिए प्रधानमंत्री अहमदाबाद, मेहसाणा और गांधीनगर में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पुनर्विकसित वितरण क्षेत्र योजना के तहत परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे. इसका उद्देश्य बिजली इंफ्रास्ट्रक्टर को मजबूत करना और बिजली कटौती को कम करना है.
शहरी विकास पहलों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत स्थानीय झुग्गी पुनर्वास का उद्घाटन, सरदार पटेल रिंग रोड का चौड़ीकरण और आधुनिक सीवरेज एवं जल प्रबंधन प्रणालियों की आधारशिला रखना शामिल है. इसके अतिरिक्त, प्रशासनिक उन्नयन में अहमदाबाद में एक नया स्टाम्प एवं पंजीकरण भवन और गांधीनगर में एक राज्य-स्तरीय डेटा संग्रहण केंद्र शामिल है ताकि डिजिटल शासन और डेटा सुरक्षा को बढ़ावा दिया जा सके.
हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़े कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री गुजरात स्थित टीडीएस लिथियम-आयन बैटरी संयंत्र में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड के स्थानीय उत्पादन की शुरुआत के साथ भारत के बैटरी पारिस्थितिकी तंत्र के अगले चरण का भी उद्घाटन करेंगे.
तोशिबा, डेंसो और सुजुकी का संयुक्त उद्यम, यह संयंत्र घरेलू विनिर्माण और स्वच्छ ऊर्जा नवाचार को बढ़ावा देगा. प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि यह विकास सुनिश्चित करता है कि अब अस्सी प्रतिशत से अधिक बैटरी का निर्माण भारत में ही किया जाएगा.
मराठा आंदोलन: ‘फडणवीस तुम्हारा करियर तो बर्बाद हो चुका, PM मोदी को कलंकित मत करो’, मनोज जरांगे ने दी चेतावनी
24 Aug, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Manoj Jarange on Devendra Fadnavis: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मुंबई में होने वाले आंदोलन की आंच तेज होती जा रही है। मराठा समाज को ओबीसी आरक्षण में शामिल करने की मांग उठाने वाले आंदोलनकारी नेता मनोज जरांगे पाटील 29 अगस्त को मुंबई पहुंचेंगे। उनके साथ बड़ी संख्या में मराठा समाज के लोग भी शामिल हो सकते हैं। मनोज जरांगे का दावा है कि इस आंदोलन के दौरान लाखों की भीड़ मुंबई की सड़कों पर उतरेगी और मायानगरी ठप पड़ जाएगी।
मुंबई में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने से पहले मनोज जरांगे इन दिनों लगातार दौरे कर रहे हैं और मराठा समाज से अपील कर रहे हैं कि अधिक से अधिक लोग आंदोलन में शामिल हों। रविवार को बीड में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम फडणवीस ने मराठा आरक्षण में बाधा डालने के लिए जाति आधारित संघर्ष भड़काया, ओबीसी समाज को तैयार किया, लेकिन उन्होंने संघर्ष पैदा नहीं होने दिया।
जरांगे ने कहा, “राज्य में मराठों के आगे आने की हिम्मत किसकी है? हम चुपचाप बैठे हैं तो इसका फायदा मत उठाइए। देवेंद्र फडणवीस, मैं आपको कह रहा हूं कि मराठों को तकलीफ मत दीजिए। अगर मराठा समाज ने आक्रामक रूप धारण कर लिया तो उसे कोई भी रोक नहीं पाएगा।“
उन्होंने आगे मुख्यमंत्री फडणवीस को चेतावनी दी कि मराठा समाज पर हमला करना बंद करें। जरांगे ने कहा, “आपकी एक गलती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि पर भी धब्बा लगा सकती है। आपका (CM फडणवीस का) करियर तो पहले ही बर्बाद हो चुका है, लेकिन अब अपनी जिंदगी में पछतावे का दिन मत आने दीजिए।”
मनोज जरांगे की इस आक्रामक चेतावनी के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें शुक्रवार से मुंबई के आजाद मैदान में होने वाले आंदोलन पर टिकी हैं। हालांकि निर्धारित प्रदर्शन से पहले, महाराष्ट्र सरकार ने मराठा आरक्षण पर एक मंत्रिमंडलीय उप-समिति का पुनर्गठन किया है, जिसके नए अध्यक्ष मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल को बनाया गया है। यह समिति मराठा आरक्षण मुद्दे के प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं पर समन्वय स्थापित करेगी, साथ ही अदालतों में संबंधित मामलों में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों के साथ संपर्क बनाकर और न्यायिक आदेशों के कार्यान्वयन के लिए प्रक्रियाएं तैयार करने का काम करेगी।
बता दें कि मनोज जरांगे ने मराठा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में आरक्षण देने की मांग को लेकर 29 अगस्त से दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। उनकी इस मांग का ओबीसी संगठनों व नेताओं ने कड़ा विरोध किया है।
तेजस्वी यादव ने चिराग पासवान को जल्द शादी करने की दी सलाह, राहुल बोले- यह मेरे लिए भी है
24 Aug, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar Politics: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव बिहार में वोटर अधिकार यात्रा निकाल रहे हैं। रविवार को यात्रा के दौरान अररिया जिले में महागठबंधन के नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान महागठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान एक मजेदार वाकया भी सामने आया। राजद नेता तेजस्वी यादव ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को जल्द शादी करने की सलाह भी दे दी।
चिराग को जल्द शादी कर लेनी चाहिए-तेजस्वी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजद नेता तेजस्वी यादव ने चिराग पासवान को लेकर कहा कि वे एक व्यक्ति विशेष के हनुमान हैं। हम जनता के हनुमान हैं। चिराग पासवान आज कोई मुद्दा नहीं हैं, मैं उन्हें ज़रूर सलाह दूंगा, वह हमारे बड़े भाई हैं और उन्हें जल्द से जल्द शादी करनी चाहिए। वहीं तेजस्वी यादव को जवाब देते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, "यह बात मुझ पर भी लागू होती है।" इसके बाद प्रेस वार्ता में मौजूद अन्य नेता भी हंसने लगे।
‘हम संविधान को खत्म नहीं होने देंगे’
तेजस्वी यादव ने कहा कि नरेंद्र मोदी से बड़ा झूठा प्रधानमंत्री आज तक नहीं हुआ। समाज में जहर बोना और अफवाह फैलाना, इनसे बेहतर कोई नहीं करता। लेकिन ये बिहार की धरती है- हम लोकतंत्र और संविधान को खत्म नहीं होने देंगे।
राहुल ने EC पर साधा निशाना
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग का काम सही वोटर लिस्ट देना है, लेकिन इन्होंने ये काम महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक में नहीं किया। हमारा पूरा ध्यान चुनाव आयोग के इस रवैये को बदलने पर है। हम इस काम को छोड़ेंगे नहीं। आप कुछ भी कर लें, हम बिहार में चुनाव चोरी नहीं होने देंगे।
‘वोट चोरी को रोकना है’
राहुल गांधी ने कहा कि बिहार में गठबंधन की सभी पार्टियां मिलकर काम कर रही हैं। हम एक ही विचारधारा के लिए लड़ रहे हैं। हमारा लक्ष्य साफ है- 'वोट चोरी' को रोकना है।
राहुल गांधी की सुरक्षा में हुई चूक, यात्रा में जबरन घुसा शख्स, कांग्रेस सांसद के गाल पर…
24 Aug, 2025 03:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Voter Adhikar Yatra: बिहार में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी वोटर अधिकार यात्रा निकाल रहे है। राहुल गांधी ने पूर्णिया में बुलेट चलाई। इस दौरान सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया। दरअसल, जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बुलेट चला रहे थे, तभी एक शख्स जबरन उनके पास आ गया और गाल पर किस कर लिया। इस घटना के बाद मौजूद सुरक्षाकर्मियों के होश उड़ गए। हालांकि SPG के जवान ने उस शख्स को राहुल गांधी से दूर किया और चांटा भी जड़ दिया।
अररिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस को किया संबोधित
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अररिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया। इस दौरान कांग्रेस सांसद ने चुनाव आयोग और बीजेपी को जमकर घेरा। कांग्रेस सांसद ने कहा कि वे किसी भी हाल में बिहार में वोटों की चोरी नहीं होने देंगे। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि ईसी बीजेपी की पार्टनर बन चुका है।
‘EC-BJP मिलकर वोट काट रहे’
कांग्रेस सांसद ने कहा कि BJP को SIR से कोई शिकायत क्यों नहीं है? क्या उनके वोटरों के नाम नहीं काटे गए? उन्होंने आगे कहा कि यात्रा में अब तक हज़ारों ऐसे लोगों से मिला हूं जिनके नाम SIR में वोटर लिस्ट से हटा दिए गए - ज़्यादातर ग़रीब, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, किसान और मज़दूर। बिल्कुल साफ है - EC और BJP मिलकर विपक्ष के वोट मिटा रहे हैं।
EC ने नहीं दिया जवाब
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की पोजिशन सभी को साफ-साफ दिख रही है। मैंने कर्नाटक के महादेवापुरा से जुड़ा डेटा रखा और चुनाव आयोग से पूछा कि 1 लाख फर्जी वोटर कहां से आए? चुनाव आयोग का जवाब अभी तक नहीं आया। मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच में ही चुनाव आयोग ने मुझसे एफिडेविट मांगा।
‘चुनाव आयोग न्यूट्रल नहीं है’
राहुल गांधी ने कहा- कुछ दिन बाद BJP के अनुराग ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, लेकिन चुनाव आयोग ने उनसे एफिडेविट नहीं मांगा। मैंने फर्जी वोटर की बात की, अनुराग ठाकुर ने भी वही बात दोहराई, लेकिन चुनाव आयोग का उनसे एफिडेविट न मांगना दिखाता है कि चुनाव आयोग न्यूट्रल नहीं है।
वोट चोरी का तरीका है SIR
प्रेस वार्ता में राहुल गांधी ने कहा- SIR संस्थागत वोट चोरी करने का तरीका है। बिहार में 65 लाख लोगों के नाम काटे गए, लेकिन BJP एक शिकायत नहीं कर रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि चुनाव आयोग, चुनाव आयुक्त और BJP के बीच पार्टनरशिप है।
एनडीए सांसदों से भी मांगूंगा सपोर्ट, विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रेड्डी बोले, मेरी कोई पार्टी नहीं
24 Aug, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि देश में लोकतंत्र की स्थिति कमजोर हो गई है और संविधान को चुनौती दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वह संविधान की रक्षा और उसे मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि भारत भले ही सांविधानिक लोकतंत्र बना हुआ है, लेकिन वह दबाव में है। रेड्डी ने संविधान पर हो रही बहस का स्वागत किया और कहा कि यह जरूरी है कि लोग समझें कि संविधान पर खतरा है या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि यह चुनाव उनका और एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का नहीं, बल्कि दो विचारधाराओं के बीच है।
उन्होंने कहा कि उनकी उम्मीदवारी किसी ‘लड़ाई’ के तौर पर नहीं, बल्कि एक ‘सैद्धांतिक प्रतिस्पर्धा’ है। उन्होंने साफ किया कि वे किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं और न ही कभी रहेंगे। रेड्डी ने कहा कि उनकी विचारधारा पूरी तरह से संविधान पर आधारित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सभी दलों के सांसदों से समर्थन मांगेंगे क्योंकि वे किसी एक दल के नहीं हैं।
शाह के आरोपों का जवाब
गृह मंत्री अमित शाह ने रेड्डी की उम्मीदवारी पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि कांग्रेस ने ‘नक्सलवादी सोच’ वाले व्यक्ति को उम्मीदवार बनाया है, क्योंकि रेड्डी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का हिस्सा थे, जिसमें सलवा जुडूम को असंवैधानिक ठहराया गया था। इस पर रेड्डी ने कहा कि सलवा जुडूम पर दिया गया फैसला सुप्रीम कोर्ट का था, केवल मैंने लिखा था। यह मेरा व्यक्तिगत जजमेंट नहीं था, अगर गृह मंत्री उस फैसले को पढ़ लें तो स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
सुर्खियां बटोरने के लिए कर रहे बेतुकी बातें, किरेन रिजिजू की राहुल गांधी को नसीहत, जानिए क्या कहा
24 Aug, 2025 11:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल सुर्खियां बटोरने के लिए बेतुकी बातें करते हैं, लेकिन इससे वोट बैंक नहीं बनेगा। जिस तरह से वह देशविरोधी काम करते हैं और लोकतंत्र पर हमला करते हैं, ऐसे में देश के लोग कभी भी कांग्रेस को सत्ता में नहीं लाएंगे। रिजिजू ने कहा कि किसी भी चुनाव में लोग उन लोगों का समर्थन करते हैं जो राष्ट्रीय हित में काम करते हैं। राहुल गांधी सुर्खियां बटोरने के लिए बेतुकी बातें करते हैं, लेकिन यह वोट बैंक में नहीं बदलेगा। अगर मैं उनकी जगह होता तो सरकार से राष्ट्रीय हित के सवाल पूछता।किरेन रिजिजू ने कहा कि बीजेपी हमेशा सत्ता में नहीं रहेगी। उन्होंने 60 साल तक देश चलाया, फिर हमें मौका मिला। हमें बहुत कम समय मिला है।
लोगों ने हमें सरकार चलाने का मौका दिया। अगर कांग्रेस संवैधानिक संस्थानों पर हमला नहीं करेगी तो उसे भी किसी दिन मौका मिलेगा। जिस तरह से वे देशविरोधी गतिविधियां करते हैं, लोकतंत्र पर हमला करते हैं और देश के लोग कभी भी कांग्रेस को सत्ता में नहीं लाएंगे। किरेन रिजिजू ने विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को गंभीर आपराधिक आरोपों पर हटाने के बिल को फाडऩे पर भी प्रतिक्रिया दी।
वोट चोरी का डाटा गलत साबित होने पर मांग रहे माफी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों को महाराष्ट्र चुनाव में बुरी तरह हार मिली। उन्होंने चुनाव आयोग से मतदाता सूची की समीक्षा करने और फर्जी नाम हटाने की मांग की थी। आप देखिए कि महाराष्ट्र का डेटा गलत साबित हुआ और अब वे माफी मांग रहे हैं। अब किसी ने राहुल गांधी को नोट दिया कि क्या बोलना है। बोलते समय वे भटक गए। उन्होंने कहा कि इन लोगों को उनकी पार्टी के नेताओं ने ऊपर से आदेश दिया है कि जाओ, कुछ भी करो, हंगामा करो और सुर्खियां बटोरो।
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