राजनीति
मायावती की चुनावी रणनीति तय: बिहार में आकाश आनंद और रामजी गौतम को मिली जिम्मेदारी
2 Sep, 2025 11:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद, केंद्रीय कोआर्डिनेटर एवं राज्यसभा सांसद रामजी गौतम तथा स्टेट यूनिट को सौंपी है। उन्हें बिहार में अगले महीने होने शुरु होने वाली पार्टी की यात्रा, जनसभा आदि कार्यक्रमों की विशेष जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। ये सभी कार्यक्रम मायावती के दिशा-निर्देश में होंगे।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के चयन और तैयारियों को लेकर वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ पिछले दो दिनों के दौरान की गई बैठक में गहन चर्चा व समीक्षा के बाद यह निर्देश दिए। साथ ही बिहार में बसपा द्वारा अकेले अपने बल पर चुनाव लड़ने के फैसले के मद्देनजर आने वाले दिनों में पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा को भी अंतिम रूप दिया। बैठक में पार्टी पदाधिकारियों को सारी कमियों को दूर करके पूरी मुस्तैदी व तन, मन, धन से आगे बढ़ने का निर्देश भी दिया।
बसपा सुप्रीमो ने यहां जारी अपने बयान में कहा कि बिहार एक बड़ा राज्य है, इस लिए वहां की जरूरतों के दृष्टिगत राज्य की सभी विधानसभा सीटों को तीन जोन में बांटकर पार्टी के वरिष्ठ लोगों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। बिहार में पार्टी की अपनी तैयारी के साथ-साथ राज्य के तेजी से बदलते राजनीतिक हालात एवं चुनावी समीकरण आदि को देखते हुए बसपा द्वारा चुनाव में बेहतर परिणाम लाने का आश्वासन पार्टी के लोगों ने दिया है। वहीं दूसरी ओर बसपा सुप्रीमो ने इससे पहले उड़ीसा और तेलंगाना राज्य में भी पार्टी संगठन की तैयारियों और वहां भी यूपी के पैटर्न पर जिला से लेकर पोलिंग बूथ स्तर तक कमेटियों के गठन के साथ-साथ पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के मिशनरी कार्यों के बाबत दिए लक्ष्यों की भी समीक्षा की।
मतदाता अधिकार यात्रा के समापन पर तेजस्वी का वार: फर्जी CM नहीं चलेगा!
2 Sep, 2025 10:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। मतदाता अधिकार यात्रा के समापन कार्यक्रम में राजद नेता तेजस्वी यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधकर कहा कि वे गुजरात में कारखाने लगाएंगे लेकिन बिहार में जीत चाहते हैं। क्या ऐसा होने वाला है? ...बिहार में चल रही डबल इंजन की सरकार का एक इंजन अपराध में और दूसरा भ्रष्टाचार के काम में लगा है। कई लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। आपको अपने वोटों की रक्षा करने की ज़रूरत है। बहुत ही चालाकी से कई फर्जी वोट जोड़े जा रहे हैं। बिहार में जो लोग गड़बड़ी फैला रहे हैं, उन्हें करारा जवाब देना होगा।
तेजस्वी ने इदावा किया कि हमने जो कहा, वहीं ये (एनडीए) नकलची सरकार कर रही है। ये सरकार नकल कर सकती है, लेकिन विजन या नई सोच नहीं ला सकती। इसलिए, आप लोगों को तय करना है कि आपको डुप्लीकेट मुख्यमंत्री चाहिए या असली मुख्यमंत्री। राजद नेता ने मतदाता अधिकार यात्रा के दौरान मिले समर्थन की सराहना कर कहा कि बिहार की जनता बिहार से मौजूदा एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार को उखाड़ फेंकेगी।
तेजस्वी ने कहा कि भारत का चुनाव आयोग अपनी विश्वसनीयता खो चुका है। भाजपा बेनकाब हो गई है। जनता उन्हें सत्ता से बाहर करेगी और बिहार से देश को एक संदेश जाएगा। जो लोग संविधान और लोकतंत्र को नष्ट करना चाहते हैं, उन्हें करारा जवाब दिया जाएगा... हमें इस यात्रा में भारी समर्थन मिला। राहुल गांधी द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा कथित वोट चोरी और भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को उजागर करने के लिए निकाली गई 16 दिवसीय यात्रा आज पटना में समाप्त होगी।
यह रैली 18 अगस्त को राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव के साथ सासाराम में शुरू हुई थी। वहाँ से, यह रैली औरंगाबाद, गयाजी, सीवान और अन्य 25 जिलों में पहुँची। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता यूसुफ पठान और ललितेश पति त्रिपाठी भी पटना में राहुल गांधी के नेतृत्व वाली मतदाता अधिकार यात्रा के समापन दिवस पर इसमें शामिल होने वाले हैं।
राहुल गांधी पर चुघ का हमला: बांग्लादेशी घुसपैठियों से नज़दीकी का आरोप
2 Sep, 2025 09:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना/दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने सोमवार को बिहार में राहुल गांधी की पदयात्रा पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि यह तथाकथित फोटो-ऑप पदयात्रा सिर्फ कुछ इण्डी गठबंधन के गुटों के साथ मिलकर बांग्लादेशी घुसपैठियों की रक्षा करने का अभियान है। अपने बयान में चुघ ने सवाल उठाया कि विपक्ष के नेता (एलोपी) जैसे संवैधानिक पद पर आसीन राहुल गांधी किस नैतिक आधार पर देशविरोधी नैरेटिव को बढ़ावा दे रहे हैं और अवैध घुसपैठियों के हित साधने में लगे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की उस पहल की सराहना की, जिसके तहत मतदाता सूची से घुसपैठियों को बाहर करने की कार्रवाई की जा रही है। चुघ ने कहा कि पूरा इण्डी गठबंधन सिर्फ वोटों की सस्ती राजनीति के लिए देशविरोधी माहौल बनाने पर तुला हुआ है। चुघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माताजी की पावन छवि पर राहुल गांधी द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह न केवल पूरे देश के लिए शर्मनाक है, बल्कि लोकसभा में विपक्ष के नेता जैसे संवैधानिक पद की गरिमा को भी कलंकित करता है। चुघ ने आगे कहा कि लगातार पाकिस्तान और बांग्लादेश से रिश्ते मज़बूत करने की राहुल गांधी की कोशिशें कांग्रेस की देशविरोधी मानसिकता को उजागर करती हैं। बिहार और बंगाल में बांग्लादेश समर्थक नैरेटिव को बढ़ावा देना इसका ताज़ा उदाहरण है।
वोट चोरी के खिलाफ जनसैलाब: पटना में सम्पन्न हुई ‘वोटर अधिकार यात्रा’
2 Sep, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में लाखों लोगों की भागीदारी वाली ऐतिहासिक ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का सोमवार को पटना में एक विशाल रैली से समापन हो गया, जिसमें उमड़ा भारी जनसैलाब विपक्ष की एकजुट ताकत और वोट चोरी के खिलाफ जनता के गुस्से को दर्शा रहा था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, राजद नेता तेजस्वी यादव, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, इंडिया गठबंधन के नेता एम.ए. बेबी, एनी राजा, संजय राउत, जितेंद्र आव्हाड, युसुफ पठान, दीपांकर भट्टाचार्य, मुकेश सहनी, बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में गांधी मैदान से हाईकोर्ट के पास स्थित अंबेडकर प्रतिमा तक यात्रा के 16वें दिन मार्च निकाला गया। इस दौरान महात्मा गांधी जी और बाबा साहेब अंबेडकर जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की गई। डाकबंगला चौराहे पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वोट चोरी का मतलब अधिकार, आरक्षण, रोजगार, शिक्षा, लोकतंत्र और युवाओं के भविष्य की चोरी है। भाजपा जनता से सिर्फ वोट नहीं छीन रही, इसके बाद जमीन, राशन कार्ड, सब कुछ छीन लिया जाएगा और अडानी-अंबानी को दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जी की हत्या करने वाली शक्तियां संविधान की हत्या का प्रयास कर रही हैं। चुनावों में की गई धांधली को लेकर बड़ा खुलासा करने की घोषणा करते हुए राहुल गांधी ने भाजपा को चेतावनी दी कि उन्होंने महादेवपुरा में तो एटम बम दिखाया था, अब हाइड्रोजन बम आ रहा है। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन बम से वोट चोरी की सच्चाई पूरे देश के सामने आ जाएगी, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस देश को अपना चेहरा नहीं दिखा पाएंगे।
वोटर अधिकार यात्रा की ऐतिहासिक सफलता पर राहुल गांधी ने लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, दीपांकर भट्टाचार्य, मुकेश सहनी, बिहार कांग्रेस नेतृत्व, कांग्रेस एवं इंडिया कार्यकर्ताओं और प्रदेश के युवाओं का दिल से धन्यवाद करते हुए कहा कि बिहार की जनता ने पूरे देश को संदेश दिया है कि वह वोट चोरी नहीं होने देगी। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा पूरी ताकत से की जाएगी। वहीं मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा ने इस यात्रा को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन यह सफलतापूर्वक पूरी हुई। इस यात्रा ने पूरे देश को जगा दिया है। बिहार में एसआईआर के जरिए की जा रही वोट चोरी का जिक्र करते हुए खरगे ने कहा कि मोदी सरकार ने पहले देश की करोड़ों की दौलत अपने दोस्तों को बांट दी, पब्लिक सेक्टर बेच दिए और फिर उनकी धनशक्ति से विपक्षी सरकारें गिरा दीं। अब चोरी के बाद भाजपा डकैती पर उतर आई है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष को सही ठहराने का हवाला देते हुए यह भी कहा कि भाजपा ने संसद में वोट चोरी पर चर्चा तक नहीं होने दी।
मोदी को चुनावी प्रधानमंत्री बताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वे बोगस वोटरों से लेकर झूठे प्रचार, झूठी घोषणाएं, झूठी योजनाएं और जुमलेबाजी करते हैं। पहले काला धन खत्म करने की बात करने वाले प्रधानमंत्री अब काले या सफेद धन से फर्क न पड़ने की बात करते हैं। खरगे ने वोट के अधिकार को बचाने की अपील करते हुए कहा कि यह गरीबों,दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और महिलाओं का बुनियादी हुकूक है। कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा के साथ गठबंधन करने को लेकर नीतीश कुमार पर निशाना साधा और कहा कि उनमें अन्याय के खिलाफ लड़ने की ताकत नहीं थी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार समाजवादी विचारधारा छोड़कर आरएसएस की झोली में गिर गए। उन्होंने आगे कहा कि 11 साल से मोदी सरकार बिहार में शुगर फैक्ट्री खोलने की बात ही कर रही है, पर एक भी शुरू नहीं की। उन्होंने बिहार की जनता से प्रदेश की डबल इंजन की भ्रष्ट सरकार को जड़ से उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। खरगे ने यह भी कहा कि मोदी के साथी ट्रंप को सनातनी बताते थे। लेकिन आज अमेरिका के चलते करोड़ों गरीब मछुआरे, किसान और कारीगरों की रोजी रोटी खतरे में है।
खुली जीप में राहुल गांधी का जोरदार रोड शो, उमड़ा जनसैलाब
1 Sep, 2025 07:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले ही सियासी तापमान चढ़ चुका है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव की अगुवाई में निकाली गई ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का समापन सोमवार 01 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में शक्ति प्रदर्शन के साथ हो रहा। इसमें शामिल होने के लिए राहुल गांधी पटना पहुंचे और खुली जीप में सवार हो रोड शो में निकले हैं।
यहां बताते चलें कि इंडिया गंठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई थी। दो हफ्ते तक चली इस यात्रा ने औरंगाबाद, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, बेतिया, गोपालगंज, सीवान, छपरा और आरा समेत 23 जिलों का 1300 किलोमीटर लंबा सफर तय किया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, भाकपा महासचिव डी राजा, टीएमसी नेता यूसुफ पठान सहित कई नेता इस मार्च में शामिल होने के लिए पहले ही पहुंच गए। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत महागठबंधन के अन्य प्रमुख नेता भी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए यहां पहुंचे हैं।
राहुल गांधी ने किया रोड शो
खुली जीप में सवार हो गांधी मैदान की तरफ बढ़े राहुल गांधी को देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं, इसके साथ ही कार्यकर्ताओं का हूजूम उमड़ा है। यह रोड शो कर कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन के दलों ने एक तरह से शक्ति प्रदर्शन कर दिया है। सभी नेता और कार्यकर्ता रोड शो के साथ ही गांधी मैदान में सभा स्थल की ओर बढ़े हैं। इस दौरान सभी बड़े नेता खुली वैन में सवार नजर आए हैं। रोड शो के साथ ही गांधी मैदान स्थित गांधी प्रतिमा से लेकर हाईकोर्ट स्थित अंबेडकर प्रतिमा तक सभी पहुंचे हैं। इस दौरान जोश से भेर कार्यकर्ता अपने हाथों में झंडा लेकर लहराते और नारे लगाते नजर आए हैं। इसे देखते हुए सियासी जानकारी कह रहे हैं, कि यह यात्रा सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि चुनावी बिगुल है। ‘गांधी से आंबेडकर पदयात्रा’ के जरिए विपक्ष जनता को यह संदेश देना चाहता है कि वह लोकतंत्र, मताधिकार और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए एकजुट है।
नए अध्यक्ष का फरमान, जन्मदिन पर न हो जलसा, न ही होर्डिंग्स
1 Sep, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। नेताओं के जन्मदिनों पर आपने पूरे शहर में पोस्टर-बैनर तो लगे देखे ही होंगे। गली-मोहल्लों से लेकर बड़े-बड़े चौराहों तक, जिधर देखो जन्मदिन की बधाई देते हुए लोग दिखते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने एक नई मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने जन्मदिन को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा किया है। इसमें उन्होंने कार्यकर्ताओं से विनम्र आग्रह किया है कि वे जन्मदिन पर होर्डिंग्स, बैनर या किसी भी प्रकार के प्रचार माध्यम से शुभकामनाएं न दें। उन्होंने कहा कि आपका स्नेह और संगठन के प्रति समर्पण ही मेरे लिए सबसे बड़ा उपहार है। आप सभी के आशीर्वाद और निरंतर समर्थन के लिए मैं हृदय से कृतज्ञ हूँ।
सीएम मोहन यादव के है करीबी
संघ की पृष्ठभूमि से जुड़े और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के करीबी माने जाने वाले खंडेलवाल को उनकी सहज और विनम्र छवि, साथ ही संगठन और सत्ता के बीच बेहतर समन्वय की क्षमता के कारण इस पद पर जिम्मेदारी दी गई है। आमतौर पर मध्य प्रदेश बीजेपी में लोकसभा या राज्यसभा सांसद को अध्यक्ष बनाया जाता रहा है, लेकिन इस बार पार्टी ने परंपरा तोड़ते हुए एक विधायक पर भरोसा जताया है। माना जा रहा है कि इस फैसले से सरकार और संगठन के बीच तालमेल और मजबूत होगा।
भाजपा ने सौंपी प्रदेश अध्यक्ष की कमान
हेमंत खंडेलवाल का जन्म 3 सितंबर 1964 को उत्तर प्रदेश के मथुरा में हुआ था। उनके पिता विजय खंडेलवाल लगातार चार बार बैतूल से सांसद रहे, पिता की मृत्यु के बाद राजनीति में आए खंडेलवाल पेशे से व्यवसायी हैं और 2007-08 में बैतूल लोकसभा सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा 2010 से 2013 तक भाजपा बैतूल जिलाध्यक्ष और 2014 से 2018 तक प्रदेश इकाई के कोषाध्यक्ष भी रहे। 2013 में वे विधानसभा सदस्य बने और 2023 में दूसरी बार विधायक चुने गए, हालही में भाजपा ने खंडेलवाल को मध्य प्रदेश में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी है। इसके अलावा वे वर्तमान में कुशाभाउ ठाकरे ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं।
तेजस्वी ने खुद को INDIA ब्लॉक का CM चेहरा घोषित किया, राहुल जी चुप रहे
1 Sep, 2025 03:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में विधानसभा चुनाव का बिगुल भले ही अभी न बजा हो, लेकिन सियासत का मैदान गरमा चुका है। पटना के गांधी मैदान में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का धमाकेदार समापन हुआ, जहां विपक्ष ने अपनी ताकत दिखाकर सत्ताधारी बीजेपी को खुली चुनौती दी। कांग्रेस के राहुल गांधी, आरजेडी के तेजस्वी यादव और सपा के अखिलेश यादव की तिकड़ी ने इस मंच से सियासी माहौल को अपने पक्ष में मोड़ने की पूरी कोशिश की। लेकिन इस शक्ति प्रदर्शन के पीछे छुपा है एक दिलचस्प सियासी खेल, जिसमें हर नेता अपनी-अपनी चाल चल रहा है। आइये, इस सियासी ड्रामे को आसान भाषा में विस्तार से समझते है।
वोटर अधिकार यात्रा का जलवा
17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई ‘वोटर अधिकार यात्रा’ ने 23 जिलों और 1300 किलोमीटर का सफर तय किया। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की जोड़ी ने बिहार की जनता से सीधा संवाद किया, उनके मुद्दों को उठाया और बीजेपी को घेरने की रणनीति बनाई। इस यात्रा का समापन पटना में हुआ, जहां सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अचानक एंट्री मारकर सबको चौंका दिया। अखिलेश ने तेजस्वी को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बताकर एक तीर से दो निशाने साधे। पहला, बिहार में तेजस्वी की दावेदारी को मजबूत करना और दूसरा, यूपी में अपनी सियासी जमीन को पक्का करना।
तेजस्वी को अखिलेश का समर्थन
तेजस्वी यादव ने मंच से बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, जो 400 पार का नारा लगा रहे थे, उन्हें यूपी में अखिलेश जी ने आधे पर रोक दिया। तेजस्वी ने अखिलेश के अनुभव को बिहार के लिए वरदान बताया और कहा कि बिहार की जनता बीजेपी को करारा जवाब देगी। अखिलेश ने भी तेजस्वी की तारीफों के पुल बांधे. उन्होंने कहा, तेजस्वी से बेहतर बिहार का कोई सीएम हो ही नहीं सकता। उन्होंने नौकरियां दीं, विकास किया और अब बिहार का भविष्य उनके हाथों में है। लेकिन इस सियासी नाटक में एक ट्विस्ट है. कांग्रेस और राहुल गांधी ने तेजस्वी को सीएम चेहरा बनाने पर चुप्पी साध रखी है। कई बार सवाल पूछे जाने के बावजूद राहुल ने इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोला। तेजस्वी ने तो राहुल को पीएम उम्मीदवार तक बता दिया, लेकिन कांग्रेस टस से मस नहीं हुई। ऐसे में अखिलेश ने तेजस्वी के लिए खुलकर बल्लेबाजी करके न सिर्फ बिहार बल्कि यूपी की सियासत में भी अपनी चाल चल दी।अखिलेश यादव की बिहार यात्रा सिर्फ तेजस्वी के समर्थन तक सीमित नहीं थी। इसके पीछे यूपी का सियासी गणित भी छुपा है. 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने मिलकर यूपी में बीजेपी को कड़ी टक्कर दी थी। अब 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में सपा अपनी वापसी की पूरी तैयारी कर रही है। लेकिन कांग्रेस यूपी में अपनी पुरानी जमीन वापस लेने की कोशिश में है, जिससे दोनों दलों में हल्की-फुल्की तनातनी देखने को मिल रही है। अखिलेश ने तेजस्वी को समर्थन देकर कांग्रेस पर दबाव बनाया कि यूपी में भी सपा की दावेदारी को नजरअंदाज न किया जाए, बिहार में तेजस्वी को सीएम चेहरा बताकर अखिलेश ने यह संदेश दिया कि यूपी में भी सपा के बिना खेल नहीं बनेगा।
बीजेपी का पलटवार
सत्ताधारी बीजेपी इस शक्ति प्रदर्शन से बेफिक्र नहीं है। बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने तेजस्वी पर निशाना साधते हुए कहा, तेजस्वी खुद को सीएम बता रहे हैं, लेकिन राहुल गांधी की चुप्पी बता रही है कि महागठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं है। तेजस्वी पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं और अगर उन्हें सीएम उम्मीदवार बनाया गया तो गठबंधन टूट सकता है। बीजेपी का दावा है कि बिहार की जनता उनके साथ है और विपक्ष का यह शक्ति प्रदर्शन महज दिखावा है।
गांधी मैदान का इतिहास
पटना का गांधी मैदान हमेशा से सियासी शक्ति प्रदर्शन का गवाह रहा है। 1974 में जयप्रकाश नारायण की रैली हो या 1989 में विश्वनाथ प्रताप सिंह का सियासी शंखनाद, इस मैदान ने कई बार बिहार की सियासत को नई दिशा दी है। इस बार भी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के समापन ने बिहार में एक नया सियासी माहौल बनाया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह माहौल वोटों में बदलेगा?
क्या है इस शक्ति प्रदर्शन का मतलब?
राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा ने इंडिया ब्लॉक की एकता को दिखाया। राहुल, तेजस्वी और अखिलेश का एक मंच पर आना बीजेपी के लिए खतरे की घंटी है। वहीं, अखिलेश के समर्थन ने तेजस्वी को सीएम रेस में मजबूत किया है, लेकिन कांग्रेस की चुप्पी सवाल खड़े करती है। इतना ही नहीं, अखिलेश ने बिहार के मंच से यूपी की सियासत को साधने की कोशिश की, जो 2027 के लिए उनकी रणनीति का हिस्सा है। बीजेपी को यह संदेश गया है कि विपक्ष एकजुट होकर मैदान में है और बिहार में कांटे की टक्कर होगी। बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखें अभी घोषित नहीं हुई हैं, लेकिन यह शक्ति प्रदर्शन बता रहा है कि सियासी जंग जोरों पर होगी. तेजस्वी की दावेदारी, अखिलेश का समर्थन और राहुल की चुप्पी इस जंग को और रोमांचक बनाएंगे। बिहार की जनता किसे चुनेगी, यह तो वक्त बताएगा।
चीन में नेपाल के पीएम और म्यांमार के वरिष्ठ जनरल से मिले प्रधानमंत्री मोदी
1 Sep, 2025 02:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। चीन में सोमवार को होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन से पहले 31 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी ओली और म्यांमार के सीनियर जनरल मिन आंग ह्लाइंग के अलावा समूह के कई अन्य देशों जैसे वियतनाम, लाओस, आर्मेनिया, तुर्कमेनिस्तान, बेलारूस, ताजिकिस्तान, कजाकिस्तान, मालदीव और मिस्र के शीर्ष नेताओं के साथ मुलाकात हुई। पीएम ने इन सभी नेताओं के साथ हुई अपनी मुलाकात का जिक्र एक्स पर की गई कई पोस्ट में किया। जिसमें नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. ओली के साथ हुई मुलाकात को लेकर पीएम ने अपनी पोस्ट में कहा कि तियानजिन में नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. ओली से मिलकर मुझे प्रसन्नता हुई है। भारत और नेपाल के संबंध बहुत गहरे और विशेष हैं। यहां बता दें कि दोनों नेता के बीच यह मुलाकात बीते दिनों भारत के पड़ोसी पहाड़ी राज्य द्वारा लिपुलेख दर्रे के मार्ग से चीन के साथ शुरू किए जा रहे प्राचीन व्यापार के संबंध में आपत्ति जताई गई है। नेपाल का कहना है कि यह इलाका उसके अधिकार क्षेत्र में आता है। बल्कि भारत इसे अपना हिस्सा मानता है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने तियानजिन में म्यांमार के राज्य सुरक्षा एवं शांति आयोग के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग के साथ मुलाकात की। जिसमें पीएम ने उम्मीद जताई कि म्यांमार में होने वाले आगामी चुनाव सभी हितधारकों को शामिल करते हुए निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होंगे। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत म्यांमार के नेतृत्व वाली और म्यांमार के स्वामित्व वाली शांति प्रक्रिया का समर्थन करता है। जिसके लिए शांतिपूर्ण संवाद और परामर्श ही आगे बढ़ने का एकमात्र मार्ग है। पीएम ने म्यांमार की विकासात्मक आवश्यकताओं में सहयोग के लिए भारत की तत्परता दोहराई।
मंत्रालय ने बताया कि जनरल ह्लाइंग के साथ बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी पड़ोस प्रथम, पूर्व की ओर देखो और हिंद-प्रशांत की नीतियों के हिसाब से म्यांमार के साथ अपने संबंधों को महत्व देता है। दोनों नेताओं ने बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और विकास साझेदारी, रक्षा-सुरक्षा, सीमा प्रबंधन-व्यापार के साथ ही आपसी सहयोग से जुड़े हुए विभिन्न मुद्दों के भावी परिदृश्य पर चर्चा की। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जारी कनेक्टिविटी परियोजनाओं की प्रगति दोनों देशों के लोगों के बीच बेहतर संपर्क को प्रेरित करेगी। साथ ही पूर्व की ओर देखो नीति के तहत क्षेत्रीय सहयोग और एकीकरण को बढ़ावा देगी।
मोदी का मास्टर स्ट्रोक: SCO समिट में पस्त हुआ पाकिस्तान
1 Sep, 2025 02:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शंघाई। SCO समिट में भारत और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देश एक ही टेबल पर बैठे थे। वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसा दांव चला कि पाकिस्तान चारों खाने चित और पूरी दुनिया भारत के साथ खड़ी हो गई। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की समिट में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा हुई, सभी देशों ने एक सुर में कहा। आतंकवाद को अब बर्दाश्त नहीं करेंगे। ऊपर से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पीएम मोदी एक ही कार में समिट पहुंचे। आइये जानते हैं कि भारत ने चीन में कैसे कूटनीति का झंडा गाड़ दिया।
पहलगाम का वो काला दिन
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने खौफनाक हमला कर दिया। पाकिस्तान समर्थित ग्रुप ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ ने मासूम पर्यटकों को निशाना बनाया 26 लोग शहीद हुए। ये हमला सिर्फ भारत पर नहीं, बल्कि इंसानियत पर हमला था। भारत ने जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जिसमें पाकिस्तान और PoK के आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। चार दिन की जंग के बाद भारत ने अपनी ताकत दिखाई, लेकिन दुनिया को बताना बाकी था कि आतंकवाद का असली चेहरा कौन है।
राजनाथ सिंह ने कैसे बनाया रास्ता
जून 2025 में SCO के रक्षा मंत्रियों की बैठक हुई थी चिंगदाओ चीन में वहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गए. वहां एक जॉइंट स्टेटमेंट तैयार हुआ, लेकिन उसमें पहलगाम हमले का जिक्र तक नहीं था। उल्टा, पाकिस्तान ने चालबाजी की और बालोचिस्तान में ‘उग्रवाद’ का मुद्दा उठवाने की कोशिश की, ताकि भारत को बदनाम किया जाए। लेकिन राजनाथ सिंह ने कहा, “नहीं साहब, ये डबल गेम नहीं चलेगा.” उन्होंने उस स्टेटमेंट पर साइन करने से मना कर दिया. उन्होंने कहा, “आतंकवाद का नाम लो, स्पॉन्सर्स को बेनकाब करो, वरना हम बाहर ही रहेंगे। नतीजा? कोई स्टेटमेंट ही जारी नहीं हुआ. यानी राजनाथ सिंह ने SCO में अगली जंग का मैदान तैयार कर दिया.।
समिट में मोदी का धमाका
अब आते हैं तियानजिन की SCO समिट पर, जो 31 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक हुई। ये वो मंच है जहां भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान और ईरान जैसे 10 देश सुरक्षा और सहयोग की बात करते हैं।मोदी पहुंचे और सबसे पहले पुतिन के साथ एक ही कार में बैठकर समिट में एंट्री मारी. सोशल मीडिया पर ये तस्वीर वायरल हो रही है। लेकिन असली खेल तो अंदर हुआ. पीएम मोदी ने अपने भाषण में सीधे पहलगाम का जिक्र किया, भारत सालों से आतंकवाद का दंश झेल रहा है। पहलगाम में जो हुआ, वो सिर्फ भारत पर नहीं, पूरी दुनिया की शांति पर हमला था. क्या कुछ देश आतंकवाद को हथियार की तरह इस्तेमाल करेंगे और हम चुप रहेंगे? नहीं, हमें साफ कहना होगा कि आतंकवाद का कोई बहाना नहीं.”ये शब्द सुनकर पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ की कुर्सी हिल गई होगी, जो वहां बैठे थे. और फिर आया वो पल, जिसने इतिहास रच दिया. SCO ने ‘तियानजिन डिक्लेरेशन’ जारी किया, जिसमें पहलगाम हमले की साफ-साफ निंदा की।गई. लिखा गया, हम पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हैं। शहीदों के परिवारों के साथ हमारी संवेदनाएं हैं। आतंकियों, उनके आयोजकों और प्रायोजकों को सजा मिलनी चाहिए. क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेंगे। ये पहली बार था जब SCO ने इतनी सख्ती से क्रॉस-बॉर्डर आतंकवाद की बात की. चीन, रूस और ईरान, सब भारत के साथ खड़े दिखे।
ये जीत इतनी बड़ी क्यों?
शहबाज शरीफ अकेले पड़ गए. X पर उनके पुतिन से जल्दबाजी में मिलने की तस्वीरें वायरल हैं, लेकिन भारत ने उनकी सारी चालें फेल कर दीं। मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात में सीमा पर शांति और ट्रेड की बात हुई। चीन ने आतंकवाद पर सहयोग का वादा किया, जो भारत के लिए बड़ी बात है। पुतिन के साथ मोदी की कार ड्राइव और बातचीत ने भारत-रूस दोस्ती को और मजबूत किया। पुतिन ने भी पश्चिमी देशों की आलोचना की, जो भारत की सबसे दोस्ती, किसी से दुश्मनी नहीं’ वाली नीति से मेल खाता है। SCO ने साइबर आतंकवाद और कट्टरपंथ पर भी बात की। भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति ने ऑपरेशन सिंदूर को सही ठहराया। भारत ने ना सिर्फ अपनी बात मनवाई, बल्कि दुनिया को दिखा दिया कि आतंकवाद के खिलाफ हम डटकर मुकाबला करेंगे। राजनाथ सिंह ने जून में जो बीज बोया, उसे मोदी ने समिट में फल में बदल दिया।
खुली जीप में सवार हो राहुल गांधी ने किया रोड शो
1 Sep, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले ही सियासी तापमान चढ़ चुका है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव की अगुवाई में निकाली गई ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का समापन सोमवार 01 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में शक्ति प्रदर्शन के साथ हो रहा। इसमें शामिल होने के लिए राहुल गांधी पटना पहुंचे और खुली जीप में सवार हो रोड शो में निकले हैं।
यहां बताते चलें कि इंडिया गंठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई थी। दो हफ्ते तक चली इस यात्रा ने औरंगाबाद, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, बेतिया, गोपालगंज, सीवान, छपरा और आरा समेत 23 जिलों का 1300 किलोमीटर लंबा सफर तय किया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, भाकपा महासचिव डी राजा, टीएमसी नेता यूसुफ पठान सहित कई नेता इस मार्च में शामिल होने के लिए पहले ही पहुंच गए। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत महागठबंधन के अन्य प्रमुख नेता भी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए यहां पहुंचे हैं।
राहुल गांधी ने किया रोड शो
खुली जीप में सवार हो गांधी मैदान की तरफ बढ़े राहुल गांधी को देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं, इसके साथ ही कार्यकर्ताओं का हूजूम उमड़ा है। यह रोड शो कर कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन के दलों ने एक तरह से शक्ति प्रदर्शन कर दिया है। सभी नेता और कार्यकर्ता रोड शो के साथ ही गांधी मैदान में सभा स्थल की ओर बढ़े हैं। इस दौरान सभी बड़े नेता खुली वैन में सवार नजर आए हैं। रोड शो के साथ ही गांधी मैदान स्थित गांधी प्रतिमा से लेकर हाईकोर्ट स्थित अंबेडकर प्रतिमा तक सभी पहुंचे हैं। इस दौरान जोश से भेर कार्यकर्ता अपने हाथों में झंडा लेकर लहराते और नारे लगाते नजर आए हैं। इसे देखते हुए सियासी जानकारी कह रहे हैं, कि यह यात्रा सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि चुनावी बिगुल है। ‘गांधी से आंबेडकर पदयात्रा’ के जरिए विपक्ष जनता को यह संदेश देना चाहता है कि वह लोकतंत्र, मताधिकार और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए एकजुट है।
जो लोगों को अच्छे से मूर्ख बना दे, वह ही सबसे अच्छा नेता
1 Sep, 2025 02:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागपुर। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में बने रहते हैं। उन्होंने इस बार नेताओं को लेकर कहा कि जो लोगों को सबसे अच्छा मूर्ख बना सकता है, वह ही सबसे अच्छा नेता हो सकता है। नितिन गडकरी ने नागपुर में अखिल भारतीय महानुभाव परिषद में यह बात कही। उन्होंने कहा कि बातें करना आसान है। मैं कोई अधिकारी नहीं हूं, लेकिन मुझे इसका एहसास है, क्योंकि जिस क्षेत्र में मैं काम करता हूं, वहां पूरे मन से सच बोलना मना है। जो लोगों को सबसे अच्छा मूर्ख बना सकता है, वह ही सबसे अच्छा नेता हो सकता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता में लिखा है कि अंत में सत्य की ही जीत होगी।
गडकरी ने कहा कि किसी भी चीज को हासिल करने का एक शॉर्टकट होता है। शॉर्टकट के जरिए इंसान तेजी से आगे बढ़ता है। अगर आप नियम तोड़कर सड़क पार करना चाहें, तो हो सकता है कि लाल बत्ती हो या आप उसे पार कर जाएं, लेकिन एक दार्शनिक ने कहा कि शॉर्टकट कट यू शॉर्ट। इसीलिए हमने ईमानदारी, विश्वसनीयता, समर्पण, सच्चाई जैसे मूल्य दिए हैं। उन्होंने कहा कि समाज में इन सबका अपना महत्व है।
उन्होंने कहा कि पंथ और संप्रदायों को मंत्रियों से दूर रखना चाहिए। धार्मिक कार्य, सामाजिक कार्य और राजनीति अलग-अलग चीजें हैं। अगर धर्म को सत्ता सौंप दी जाए, तो उसे नुकसान होगा। मंत्री जहां भी जाते हैं, वहां आग लगाने से खुद को नहीं रोक पाते। वह दो महंतों के बीच झगड़ा कराते हैं, फिर गद्दी के लिए संघर्ष होता है। फिर सरकार निलंबित करती है, एक समिति नियुक्त करती है और फिर दोनों सरकार में आ जाते हैं, गडकरी ने धर्म और राजनीति को दूर रखने की सलाह दी।
गडकरी बीजेपी में अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं। वह जनता को अपनी बात साफ और सीधे शब्दों में कहते हैं। उन्होंने कहा कि मैं काम करूँगा। अगर आप मुझे पसंद करते हैं, तो मुझे वोट दें, अगर नहीं, तो मत दें।
राहुल, तेजस्वी को बताया युवराज कहा- सोने के चम्मच लेकर जन्म लेने वाले क्या जाने तकलीफ
1 Sep, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विपक्ष की ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ पर कहा, लोकतंत्र की डकैती करने वाले, जंगलराज के युवराज… दोनों(राहुल गांधी और तेजस्वी यादव) का जन्म सोने की चम्मच के साथ हुआ है जो राजनीति को अपनी जागीर समझते हैं। वे जनता की समस्याओं को क्या समझ पाएंगे। लेकिन यह लोकतंत्र की धरती है, बिहार की जनता जवाब देगी। बिहारियों के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाले लोगों को यहां लाकर सम्मानित किया गया है, लोग इसका जवाब देंगे। पटना के गांधी मैदान से शुरू हो रही यात्रा में आरजेडी का झंडा और बैनर गायब दिख रहा है। सभी जगह सिर्फ कांग्रेस और वीआईपी के झंडे दिखाई पड़ रहे हैं। कांग्रेस नेताओं के बड़े होर्डिंग, कांग्रेस की तस्वीरों के जरिए राजनीतिक संदेश देने की कोशिश। पटना में महागठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा में पूरे बिहार से महागठबंधन के कार्यकर्ता शिरकत कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राजद नेता तेजस्वी यादव के साथ ही कई बड़े नेता इस पदयात्रा में शामिल होंगे।
UCC पर केंद्र का रुख स्पष्ट, आदिवासी समुदायों को मिलेगी छूट: रिजिजू
1 Sep, 2025 08:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। हमेशा से ही यह सवाल उठता रहा है कि समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी आदिवासी बाहर रहेंगे या नहीं, क्योंकि उनकी अपनी परंपराएं हैं उसमें दखल देना ठीक नहीं है। इस पर केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि पूर्वोत्तर और देश के अन्य क्षेत्रों के आदिवासियों को प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के दायरे से बाहर रखा जाएगा, ताकि वे अपनी परंपरा के अनुसार मुक्त रूप से जीवन जी सकें। संघ से जुड़े वनवासी कल्याण आश्रम की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट किया। रिजिजू ने कहा कि कुछ लोग इन दिनों सोशल मीडिया पर एक विचित्र माहौल बना रहे हैं और केंद्र के खिलाफ एक विमर्श गढ़ रहे हैं। हालांकि, उन्होंने किसी का भी नाम नहीं लिया।
किरने रिजिजू ने कहा, केंद्रीय मंत्री होने के नाते मैं अपनी सरकार का रुख साझा करना चाहता हूं। हमारी सरकार और पार्टी संविधान के अनुसार देश में समान नागरिक संहिता लाने के बारे में सोच रही है। जब फौजदारी कानून सभी के लिए समान है तो नागरिक कानून भी सभी के लिए समान क्यों नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों ने इस संबंध में काम शुरू कर दिया है। लेकिन, हमने स्पष्ट रूप से कहा है कि आदिवासियों को इससे छूट दी जाएगी। आदिवासियों को अपने तरीके से जीने की आजादी दी जाए। यह समान नागरिक संहिता अनुसूची 6, अनुसूची 5, पूर्वोत्तर और देश के अन्य आदिवासी इलाकों में लागू नहीं होगी। किरेन रिजिजू ने कहा, उन्होंने (नेताम) मुझे बताया कि वे कई बार संसदीय चुनाव जीते, लेकिन उन्हें सिर्फ राज्य मंत्री बनाया गया। वे अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री ने देश में आदिवासियों के कल्याण और उत्थान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा, मोदी सरकार ने इस देश में आदिवासियों के उत्थान के लिए जो कुछ किया है, उसके बारे में पहले कभी किसी ने सोचा भी नहीं था। रिजिजू ने कहा कि आज मोदी सरकार में उनको मिलाकर तीन कैबिनेट मंत्री और आदिवासी समुदाय से चार राज्य मंत्री हैं। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के दौरान देश में आदिवासी आबादी के उत्थान के लिए किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मोदी ने अपनी दूरदर्शिता से देश को एक नई दिशा दी है।
उत्तराखंड ने यूसीसी लागू कर दिया
यूसीसी के मुद्दे पर वर्तमान में विधि आयोग की ओर से विचार किया जा रहा है। उत्तराखंड ने राज्य में यूसीसी लागू कर दिया है। भगवान बिरसा मुंडा भवन में जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर रिजिजू ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक समय था जब दिल्ली में अधिवक्ताओं के लिए कोई बड़ा संस्थान या स्थान नहीं था। उन्होंने कहा कि उस समय केंद्र की मंत्रिपरिषद में आदिवासी समुदायों के निर्वाचित सांसदों का प्रतिनिधित्व भी अपर्याप्त था। रिजिजू ने उपस्थित लोगों से कहा, अविभाजित मध्य प्रदेश के एक बहुत वरिष्ठ नेता अरविंद नेताम उस समय राज्य मंत्री थे। जब मैंने उनसे मुलाकात की और पूछा कि अनुसूचित जनजातियों के और कितने नेता केंद्र सरकार में वरिष्ठ मंत्री या राज्य मंत्री हैं, तो उन्होंने कहा कि केवल एक या दो।
पीएम मोदी ने मन की बात में बाढ़ और भूस्खलन से हुई तबाही का जताया दुख
31 Aug, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 125वें संस्करण में देशवासियों से बात की। इस बार कार्यक्रम में पीएम मोदी ने मानसून के दौरान आई बाढ़ और भूस्खलन से हुई तबाही का जिक्र किया और कहा कि यह प्राकृतिक आपदाएं पूरे देश की परीक्षा ले रही हैं। उन्होंने कहा कि घर जल गए, खेत डूब गए और पुल, सड़कें बह गईं। ऐसे समय में हर पीड़ित परिवार का दर्द हम सबका दर्द है।
पीएम मोदी ने कहा कि इस मानसून में देश के कई हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ है। कई लोगों की जान खतरे में आ गई है। पीएम ने इस बात पर दुख जताया कि यह आपदा हर भारतीय के दिल को छूती है और देश के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। पीएम मोदी ने आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों में जुटे सेना, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ समेत तमाम बचाव दलों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जहां भी संकट आया, वहां के लोगों को बचाने के लिए हमारे जवान और अन्य सुरक्षा बल हर कोई दिन-रात जुटे रहे। जवानों ने तकनीक का सहारा भी लिया। थर्मल कैमरे, लाइव डिटेक्टर, और स्निफर डॉग्स की मदद के साथ ड्रोन से निगरानी भी की। ऐसे अनेक आधुनिक संसाधनों के सहारे राहत कार्य में तेजी लाने की भरपूर कोशिश की गई। हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री पहुंचाई गई और घायलों को एयरलिफ्ट कराया गया।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि आपदा की घड़ी में सेना मददगार बनकर सामने आई। स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता, डॉक्टर, और प्रशासन, संकट की इस घड़ी में सभी ने हर संभव कोशिश की। इस दौरान पीएम मोदी ने हर उस नागरिक का दिल से धन्यवाद किया, जिन्होंने आपदा के समय मानवीयता को सबसे ऊपर रखा।
कार्यक्रक में बाढ़-बारिश की इस विपत्ति के बीच पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर से दो अच्छी खबरों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि पुलवामा के एक स्टेडियम में देश का पहला डे-नाइट क्रिकेट मैच खेला गया। यह अब तक एक नामुमकिन सपना था, लेकिन देश बदल रहा है और खेलों में नए-नए आयाम जुड़ रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि श्रीनगर की डल झील में खेलो इंडिया वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल का आयोजन किया गया, जिसमें देश के 800 से ज्यादा खिलाड़ी शामिल हुए। खास बात यह है कि महिला खिलाड़ी भी इस प्रतियोगिता में पुरुष खिलाड़ियों के बराबर हिस्सा ले रही थीं। उन्होंने मध्य प्रदेश, हरियाणा और ओडिशा के खिलाड़ियों को पदक जीतने के लिए बधाई दी।
राहुल-तेजस्वी की यात्रा में शामिल नहीं हुई ममता, अब भेज रहीं दो नेता
31 Aug, 2025 01:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में वोटर लिस्ट को संशोधित करने के लिए चुनाव आयोग ने एसआईआर अभियान चलाया। विपक्षी दलों का आरोप है कि इसके जरिए कई वैलिड वोटर्स के नाम हटाने का काम किया गया। चुनाव आयोग ने इस पर सख्त आपत्ति जताते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। ये सब घटनाक्रम ऐसे वक्त में हुआ, जब बिहार में विधानसभा चुनाव होना है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव समेत विपक्ष के तमाम नेता ‘वोट चोरी’ जैसा गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इन सबके बीच, विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इंडिया ब्लॉक को एकजुट करने की कवायद के तहत राहुल और तेजस्वी की अगुआई में बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निकाली जा रही है। इस यात्रा में तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन और तेलंगान के सीएम रेवंत रेड्डी जैसे नेताओं ने शिरकत की। यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी इस यात्रा का हिस्सा बने लेकिन विपक्षी गुट की धाकड़ नेता और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी इस यात्रा से दूरी बनाए हुए हैं।
बता दें ममता बनर्जी विपक्ष की ताकतवर नेता हैं, ऐसे में वोटर अधिकार यात्रा में उनका शिरकत न करना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि, अब यह खबर सामने आई है कि सीएम ममता ने इस यात्रा में टीएमसी का प्रतिनिधित्व करने के लिए दो नेताओं को नामित किया है। इनमें यूसुफ पठान और ललितेश त्रिपाठी हैं। यूसुफ पठान बहरामपुर सीट से सांसद हैं, वहीं ललितेश त्रिपाठी टीएमसी की नेशनल वर्किंग कमेटी के सदस्य हैं। अब ये दोनों नेता वोटर अधिकार यात्रा में ममता बनर्जी की पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे।
दिलचस्प बात यह है कि पश्चिम बंगाल में भी वोटर लिस्ट को अपडेट करने की कोशिश की जा रही है। पिछले दिनों पश्चिम बंगाल की सीएम ममता ने कोलकाता की रैली में बीजेपी, चुनाव आयोग और वामपंथी दलों पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल सरकार के अधिकारियों को धमका रहा है, जबकि उसका अधिकार क्षेत्र केवल चुनाव के दौरान तीन महीने का है। ममता बनर्जी ने बंगाल की जनता से आह्वान किया कि अगर कोई सर्वे करने आए तो कोई जानकारी न दें। अपना आधार कार्ड तैयार रखें। दरअसल, पश्चिम बंगाल में भी अगले साल 2026 में विधानसभा चुनाव होना हैं।
प्रदेश में टीएमसी का बीजेपी से सीधा मुकाबला है। बंगाल की सीएम भी चुनाव आयोग पर लगातार आरोप लगाती रही हैं। बिहार में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा में इंडिया ब्लॉक के एक और दिग्गज नेता ने हिस्सा लिया। अब अखिलेश यादव की भी इस यात्रा में एंट्री हो चुकी है। चुनाव आयोग की ओर से कथित तौर पर 65 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने के विरोध में शुरू हुई वोटर अधिकार यात्रा अब अंतिम चरण में है। बता दें राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की अगुआई में निकाली जा रही इस यात्रा को विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है और इसे लोगों का समर्थन भी मिल रहा है। यात्रा का भव्य स्वागत हो रहा है।
मतदान के बीच बंगाल में बवाल: मुर्शिदाबाद से सिलीगुड़ी तक झड़प, तोड़फोड़ और आगजनी की खबरें
BJP सांसद का हमला: मल्लिकार्जुन खरगे का ‘दिमागी संतुलन बिगड़ा’
नहर किनारे वीडियो शूटिंग के दौरान हादसा, इलाके में मातम
यूपी बोर्ड के नतीजे आए: हाईस्कूल 90.42% और इंटर 80.38% पास
जबलपुर स्टेशन पर मानवता की मिसाल, स्काउट्स-गाइड्स की पहल
आग की लपटों में घिरा देवन, लगातार धमाकों से सहमे ग्रामीण
‘लखनऊ की पिच वाका जैसी’, LSG कोच ने ठीकरा सतह पर फोड़ा
IPL विवाद पर तुषारा ने बदला रुख, माफी मांगकर मामला शांत
सरकारी कर्मचारियों से मारपीट पर भड़का संघ, जुलूस निकालने की चेतावनी
