राजनीति
उमंग सिंघार के बयान पर CM मोहन यादव का पलटवार
11 Sep, 2025 05:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में खाद का संकट बढ़ता जा रहा है. किसानों को जरूरत के अनुसार खाद नहीं मिल पा रही है, तो वहीं इस मुद्दे पर राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर निशाना साधा है। वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खाद काे लेकर नेता प्रतिपक्ष के बयान पर पलटवार किया है।
कांग्रेस के बयान पर सीएम का पलटवार
मध्य प्रदेश में खाद को लेकर जमकर सियासत हो रही है। उमंग सिंघार ने प्रदेश में खाद के संकट को लेकर सरकार पर तंज कसा है। जिस पर सीएम मोहन यादव ने विपक्ष को आईना दिखाने का काम किया है। सीएम ने बताया कि किसानों को सभी क्षेत्रों में जो समर्थन भाजपा सरकार से मिल रहा है वो कांग्रेस ने अपने शासनकाल में नहीं किया।उनके शासन में किसानों को सिंचाई की व्यवस्था नहीं दी। कांग्रेस सरकार में बिजली का तो सवाल ही नहीं उठता।उन्होंने सिंचाई के लिए किसानों को जनरेटर, इनवर्टर तक नहीं दिया गया. साल 2003 में साढ़े 7 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचाई थी लेकिन यह आंकड़ा आज 52 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। वहीं हम इसे 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने वाले हैं। जहां 2003 तक गेहूं का भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल था वो आज बीजेपी की सरकार में 2600 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया है। ये बात किसान भी यह अच्छे से जानते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश की जनता जानती है कांग्रेस की पूरे देश में दुर्दशा क्या है। कांग्रेस अपनी जमीन ढूंढने का प्रयास कर रही है लेकिन वह नाकाम ही रहेगी।
खाद संकट पर उमंग सिंघार का बयान
उमंग सिंघार ने बयान देते हुए कहा था कि प्रदेश में खाद का संकट लगातार बना हुआ है और किसान खाद के लिए परेशान हो रहे हैं। सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है। लेकिन, क्या वजह है कि सरकार खाद उपलब्ध नहीं करा पा रही है?
कृषि मंत्री और सीएम पर कसा तंज
उन्होंने कृषि मंत्री शिवराज सिंह और मुख्यमंत्री मोहन यादव पर तंज कसते हुए कहा कि शिवराज जी पंजाब धूम रहे हैं, शायद मध्य प्रदेश के किसानों को वो भूल गए है। वहीं सीएम आज छात्रों काे स्कूटियां बांट रहे है। उसके लिए बधाई है, लेकिन किसानों को भी खाद की बोरी बांट देते. एमपी में में 45% से अधिक किसान हैं।
भिंड में खाद को लेकर लाठीचार्ज
सिंघार ने एमपी के भिंड में किसानों पर लाठीचार्ज पर भी सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार में किसानों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। उन्हें खाद के बजाए पुलिस की लाठियां मिल रहीं है.बता दें कि, मध्य प्रदेश के भिंड जिले की लहार सहकारी समिति में 8 सितंबर को सुबह चार बजे से ही किसान खाद लेने के लिए लाइन में लग गए थे। भीड़ बढ़ने से दोपहर तक अव्यवस्था फैल गई और हालात कर्मचारियों के काबू से बाहर होने पर पुलिसकर्मियों को बुलाया गया। पुलिस ने किसानों को जमीन पर बैठने के लिए कहा, लेकिन जब किसानों ने विरोध किया तो प्रधान आरक्षक रामराज सिंह गुर्जर ने लाठियां चला दीं। जिसके बाद भिंड एसपी ने मामले में संज्ञान लिया और प्रधान आरक्षक को निलंबित कर दिया है।
राहुल गांधी की सुरक्षा नियमों की अनदेखी से CRPF नाराज
11 Sep, 2025 05:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी की विदेश यात्राओं ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं, लेकिन इस बार वजह कोई राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा में बार-बार हो रही चूक है। सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को एक पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि राहुल गांधी की विदेश यात्राओं के दौरान सुरक्षा नियमों (Z+ Security Protocol) की अनदेखी उनकी जान को जोखिम में डाल सकती है।
क्या है पूरा मामला?
राहुल गांधी को भारत सरकार की ओर से Z+ कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है। कांग्रेस नेता पिछले नौ महीनों में छह बार विदेश यात्रा पर गए। इन देशों में इटली, वियतनाम, दुबई, कतर, लंदन और मलेशिया शामिल हैं। CRPF का कहना है कि राहुल ने इन यात्राओं के दौरान जरूरी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया। चाहे वो अपनी यात्रा की पहले से जानकारी देना हो या फिर सिक्योरिटी टीम के साथ तालमेल, राहुल ने कई बार नियमों को ठेंगा दिखाया।CRPF ने अपने पत्र में साफ कहा, “ऐसी लापरवाही से VVIP की सुरक्षा कमजोर होती है। खासतौर पर ‘येलो बुक’ प्रोटोकॉल के तहत, जेड+ सिक्योरिटी वाले व्यक्तियों को अपनी हर यात्रा की जानकारी पहले से सिक्योरिटी विंग को देनी होती है, ताकि जरूरी इंतजाम किए जा सकें. लेकिन राहुल ने ऐसा नहीं किया, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
गिने-चुने लोगों को दी जाती है Z+ सिक्योरिटी
Z+ सिक्योरिटी भारत में केवल गिने-चुने लोगों को दी जाती है। इसमें CRPF, NSG कमांडो और स्थानीय पुलिस का एक मजबूत तंत्र काम करता है। लेकिन अगर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल का पालन ही नहीं होगा, तो इतनी भारी-भरकम व्यवस्था का क्या फायदा? CRPF ने राहुल को सीधे पत्र लिखकर भी आगाह किया है कि भविष्य में नियमों का पालन करें, नहीं तो उनकी जान को खतरा हो सकता है।राहुल गांधी की विदेश यात्राएं पहले भी चर्चा का विषय रही हैं।कई बार उनकी यात्राओं को लेकर सवाल उठे हैं कि वो किससे मिलते हैं और क्या करते हैं? कुछ लोग इसे उनकी निजी जिंदगी का हिस्सा मानते हैं, तो कुछ इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखते हैं। इस बार CRPF की चेतावनी ने इस बहस को और हवा दे दी है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि Z+ सिक्योरिटी वाले व्यक्ति की हर हरकत पर नजर रखना जरूरी होता है, क्योंकि उनकी सुरक्षा सिर्फ उनकी अपनी नहीं, बल्कि देश की स्थिरता से भी जुड़ी होती है। एक पूर्व CRPF अधिकारी ने कहा, “अगर कोई VVIP बार-बार प्रोटोकॉल तोड़ता है, तो ये न सिर्फ उसकी जान को खतरे में डालता है, बल्कि पूरी सिक्योरिटी मशीनरी की मेहनत पर पानी फेरता है। फिलहाल राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
मोहन यादव बोले – ‘नौकरी मत मांगिए, नौकरी देने वाले बनिए’
11 Sep, 2025 01:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। सीएम मोहन यादव ने गुरुवार को 12वीं क्लास के 7,832 मेधावी छात्र-छात्राओं को स्कूटी वितरित की। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेशन सेंटर में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 10 प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को प्रतीकात्मक रूप से स्कूटी की चाबी प्रदान की। छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि स्टूडेंट्स को अब और ऊंचाई मिलेगी। एमपी आदिकाल से अपनी प्रतिभाओं से पहचाना जा रहा है।
नवाचार के लिए लोग भारत की ओर देख रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के लोगों ने हर चुनौती को स्वीकार किया है। ये भारत का सबसे अच्छा समय है,बदलते दौर में भारत बहुत तेजी से बदल रहा है। नवाचार के लिए लोग भारत की ओर देख रहे हैं, पीएम मोदी जहां नहीं होते, वहां मंच अधूरा होता है। पड़ोसी देश और हमारे दुश्मन सभी पीएम मोदी की तारीफ करते है, पीएम सभी को आगे बढ़ने का प्रोत्साहन देते है।
अजय राय को लखनऊ में नजरबंद, वाराणसी जाने से रोका गया
11 Sep, 2025 11:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आज दौरे पर जाने वाले हैं। उनके इस दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी हलचल मची हुई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय द्वारा पीएम के दौरे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की धमकी के बाद, उन्हें बुधवार देर रात लखनऊ स्थित उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया है। इस कदम से तनाव और बढ़ गया है। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का आरोप लगाया है, जबकि प्रशासन ने इसे पीएम के उच्च-स्तरीय दौरे के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निवारक उपाय बताया है। यह दौरा मॉरीशस के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक के साथ होने वाला है।
पीएम के दौरे से पहले सियासी तनाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में होने वाला दौरा उत्तर प्रदेश में सियासी तनाव का कारण बन गया है। इस दौरे के दौरान मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रवीण जुगनाथ के साथ द्विपक्षीय बैठक भी होनी है। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इस दौरे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी, जिसमें उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों में कथित तौर पर वोट चोरी का मुद्दा उठाने की बात कही। इस घोषणा के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राय को उनके लखनऊ आवास पर नजरबंद कर दिया।
नजरबंदी: कांग्रेस का दमन का आरोप
देर रात, लखनऊ की पीजीआई पुलिस ने अजय राय को उनके अलमबाग स्थित आवास पर नजरबंद कर दिया। उनके घर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई ताकि कोई विरोध प्रदर्शन न हो सके। पुलिस ने इसे पीएम के दौरे के दौरान व्यवधान रोकने के लिए निवारक कदम बताया. हालांकि, राय ने योगी सरकार पर लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का आरोप लगाया और कहा- ‘सरकार विपक्ष की आवाज को कुचलना चाहती है। कांग्रेस समर्थक उनके आवास के बाहर एकत्र हुए, लेकिन पुलिस ने उनकी गतिविधियों पर सख्त नजर रखी. कांग्रेस ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला करार दिया है।
रायबरेली में विरोध और वोट चोरी का आरोप
यह सियासी ड्रामा हाल ही में रायबरेली में हुई घटनाओं का परिणाम प्रतीत होता है, जहां 9 सितंबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दौरे के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं, जिनमें राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह शामिल थे, उन्होंने उनके काफिले को रोककर नारेबाजी की थी। कांग्रेस ने इसे अपनी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के खिलाफ जवाबी कार्रवाई बताया, जिसमें 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी पर वोट चोरी का आरोप लगाया गया है। राय, जो वाराणसी से मोदी के खिलाफ कांग्रेस उम्मीदवार थे, उन्होंने पीएम के दौरे के दौरान विरोध की धमकी दी थी, जिसे रायबरेली की घटना का जवाब माना जा रहा है।
वाराणसी और लखनऊ में हाई अलर्ट
पीएम के दौरे और मॉरीशस के पीएम की मौजूदगी को देखते हुए वाराणसी और लखनऊ में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है और चेकपॉइंट्स स्थापित किए हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। प्रशासन ने राय की नजरबंदी को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बताया और कहा- ‘यह पीएम के कार्यक्रम में किसी भी व्यवधान को रोकने के लिए निवारक कदम है। रायबरेली में भी राहुल गांधी के दौरे के दौरान हुए विरोध के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
कांग्रेस बनाम बीजेपी
अजय राय की नजरबंदी पर दोनों पक्षों से तीखी प्रतिक्रियाएं आ रहीं हैं। कांग्रेस नेताओं, जिनमें पूर्व सांसद पीएल पुनिया शामिल हैं, उन्होंने योगी सरकार पर विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को दबाने की कोशिश बताया, जिसमें बीजेपी पर वाराणसी सहित कई सीटों पर चुनावी धांधली का आरोप है। दूसरी ओर, बीजेपी ने प्रशासन के कदम का बचाव करते हुए कहा कि कूटनीतिक दौरे के दौरान विरोध भारत की छवि को खराब कर सकता है। उन्होंने रायबरेली के विरोध को कांग्रेस के ‘निराधार’ वोट चोरी के आरोपों का जवाब बताया।
ED का बड़ा एक्शन, कांग्रेस के विधायक गिरफ्तार; कर्नाटक की राजनीति गरमाई
10 Sep, 2025 06:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कर्नाटक में कांग्रेस के एक और विधायक को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनपर करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया गया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कारवार के विधायक सतीश कृष्ण सैल को कल देर रात हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़े एक अवैध लौह अयस्क निर्यात मामले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
आज कांग्रेस विधायक को अदालत में पेश किया जाएगा। बता दें कि पिछले महीने ईडी ने 13 और 14 अगस्त, 2025 को विधायक के कारवार (उत्तर कन्नड़), गोवा, मुंबई और नई दिल्ली में कई ठिकानों पर एकसाथ छपामारी भी की थी।
सैल पर ये है आरोप
सतीश कृष्ण सैल पर आरोप है कि उन्होंने 19 अप्रैल 2010 से 10 जून 2010 के बीच लगभग 1.25 लाख मीट्रिक टन लौह अयस्क चूर्ण का अवैध रूप से निर्यात किया। सैल ने कुछ कंपनियों और बेलेकेरी पोर्ट अधिकारियों के साथ मिलकर यह अवैध निर्यात किया।
बताया जा रहा है कि सैल द्वारा किए गए अवैध निर्यात का कुल मूल्य 86.78 करोड़ रुपये था। बता दें कि ईडी की जांच विशेष अदालत के दोषसिद्धि आदेश पर आधारित है, जिसमें सैल समेत सभी आरोपियों को दोषी ठहराया गया था।
1.41 करोड़ रुपये कैश जब्त
ईडी ने सैल के आवास से 1.41 करोड़ रुपये नकदी और उनके परिवार के बैंक लॉकरों से 6.75 किलोग्राम सोने के आभूषण जब्त किए।
इसके अलावा, श्री मल्लिकार्जुन शिपिंग प्राइवेट लिमिटेड, सतीश सैल और अन्य सहित आरोपी संस्थाओं के लगभग 14.13 करोड़ रुपये वाले बैंक खाते भी जब्त कर लिए गए हैं। वहीं, जांचकर्ताओं ने आपत्तिजनक दस्तावेज, ईमेल और रिकॉर्ड भी बरामद किए।
सैल को मिलाकर कर्नाटक के दो कांग्रेस विधायकों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पहले चित्रदुर्ग के विधायक केसी वीरेंद्र को ईडी ने अवैध सट्टेबाजी से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया था। उनके ठिकानों से 12 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, सोना और चांदी बरामद हुई।
उपराष्ट्रपति चुनाव: क्रॉस वोटिंग करने वाले 15 सांसदों को ढूंढ रहा विपक्ष, शक इधर भी है…
10 Sep, 2025 05:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। मंगलवार को हुए उपराष्ट्रपति के चुनाव में 15 सांसदों ने क्रॉस वोटिंग कर दी। इसको लेकर विपक्ष काफी परेशान बताया जा रहा है। क्रॉस वोटिंग करने वाले सांसदों की पहचान करने की कोशिश हो रही है। आम आदमी पार्टी और महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) तथा एनसीपी (शरद पवार) खेमों पर सबसे ज्यादा उंगलियां उठ रही हैं। राजस्थान से एक सांसद और तमिलनाडु से आए वोटों पर भी चर्चा है। उपराष्ट्रपति चुनाव में पार्टी व्हिप लागू नहीं होता, इसलिए नेताओं के लिए क्रॉस-वोटिंग आसान हो गई।
कुल मिलाकर उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन की जीत तो तय मानी जा रही थी, लेकिन विपक्षी इंडिया गठबंधन को असली झटका अपने ही वोट बैंक में सेंध से लगा है। उनके उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को केवल 300 वोट मिले, जबकि विपक्षी खेमे की गणना कम से कम 315 वोटों की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्षी नेताओं को उम्मीद थी कि रेड्डी को 315 से लेकर 324 तक वोट मिलेंगे। लेकिन नतीजों ने दिखाया कि कम से कम 15 वोट विपक्षी पाले से एनडीए की ओर चले गए। कुछ वोट जानबूझकर अवैध घोषित किए गए बताए जा रहे हैं। नतीजे आने के बाद विपक्षी खेमे में गद्दारों की तलाश शुरू हो गई है। वोटिंग के तुरंत बाद कांग्रेस के जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा था कि विपक्ष ने 100 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की और 315 सांसदों ने वोट डाला। लेकिन नतीजे आने के दो घंटे के भीतर ही यह एकजुटता ढहती नजर आई। विपक्षी खेमे को उम्मीद थी कि यह चुनाव बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एकता का प्रदर्शन करेगा, लेकिन उलटे ट्रोजन हॉर्स ने घर में ही सेंध लगा दी। इस चुनाव में मतदाताओं की कुल संख्या 781 थी जिसमें से 767 मतदाताओं ने मतदान में हिस्सा लिया। मतगणना में 752 वोट वैध और 15 अवैध पाए गए। इस तरह जीत के लिए कम से कम 377 वोट की आवश्यकता थी। विपक्ष के उम्मीदवार वी सुदर्शन रेड्डी को प्रथम वरीयता के केवल 300 वोट प्राप्त हुए।
महागठबंधन में ओवैसी की पार्टी को शामिल करने का फैसला लालू करेंगे!
10 Sep, 2025 04:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर दिल्ली में मंगलवार को कांग्रेस की बैठक हुई। बैठक के बाद बिहार प्रभारी कृष्णा अलावरू ने बताया कि एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने महागठबंधन में शामिल होने को लेकर राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को पत्र लिखा है। इस पर उन्होंने कहा कि यह पत्र लालू को लिखा गया है, इसलिए इस पर वही स्पष्टीकरण देंगे। कांग्रेस का इससे कोई संबंध नहीं है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पशुपति कुमार पारस की पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) को महागठबंधन में शामिल किए जाने पर भी बात हुई। उन्होंने कहा कि इस दिशा में बातचीत सकारात्मक है और बहुत जल्द इस पर औपचारिक घोषणा हो सकती है। सीट बंटवारे पर अलावरू ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी सूची राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंप दी है। इस मुद्दे पर समन्वय समिति में चर्चा जारी है। उन्होंने भरोसा जताया कि 15 सितंबर तक सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला हो जाएगा।
अलावरू ने यह भी कहा कि कांग्रेस को जितनी भी सीटें मिलेंगी, वह उसमें कोई आपत्ति नहीं करेगी। अभी तक की बातचीत सकारात्मक रही है। महागठबंधन पूरी मजबूती से चुनावी मैदान में उतरेगा और कोई विवाद नहीं होगा। अलावरू के बयानों से साफ है कि कांग्रेस सीट बंटवारे में लचीलापन दिखाने के मूड में है। वहीं, ओवैसी की पार्टी को महागठबंधन में जगह देने या न देने का फैसला अब लालू यादव करेंगे।
इससे साफ है कि कांग्रेस के संकेत बताते हैं कि सीट बंटवारे और संभावित सहयोगियों को लेकर 15 सितंबर तक तस्वीर साफ हो जाएगी। इसके साथ ही बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए महागठबंधन की रणनीति ठोस रूप ले लेगी।
इस्तीफे के 50 दिन बाद धनखड़ ने तोड़ी चुप्पी, राधाकृष्णन को दी बधाई, कहा-
10 Sep, 2025 03:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे के करीब 50 दिन बाद जगदीप धनखड़ ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने अपने उत्तराधिकारी सी पी राधाकृष्णन को बधाई दी। एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी विपक्षी गठबंधन इंडिया के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को हराया है। धनखड़ के इस्तीफा देने पर ही उपराष्ट्रपति चुनाव समय से पहले कराया गया। अब एनडीए उम्मीदवार की जीत पर धनखड़ ने प्रतिक्रिया दी है।
जगदीप धनखड़ ने कहा कि उपराष्ट्रपति का पद उनके विशाल अनुभव के साथ और भी गौरव प्राप्त करेगा। 21 जुलाई को संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन पद छोड़ने के बाद धनखड़ का पहला सार्वजनिक बयान सामने आया। राधाकृष्णन को लिखे पत्र में धनखड़ ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और मानवता के छठे हिस्से का घर माना जाने वाला भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। भारत के उपराष्ट्रपति के तौर पर आपके चुने जाने पर हार्दिक बधाई। पत्र में धनखड़ ने आगे लिखा कि इस प्रतिष्ठित पद पर आपकी पदोन्नति हमारे राष्ट्र के प्रतिनिधियों के विश्वास और भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में राधाकृष्णन के विशाल अनुभव को देखते हुए, उनके नेतृत्व में यह पद निश्चित रूप से और भी ज्यादा सम्मान और गौरव प्राप्त करेगा।
बता दें जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को अचानक ही स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे से सियासी गरमा गई थी। विपक्ष ने उनके अचानक पद छोड़ने पर सवाल उठाए थे। धनखड़ का इस्तीफा होने के बाद ही नए उपराष्ट्रपति के चुनाव कराए गए। हालांकि, अपना पद छोड़ने के बाद से धनखड़ ने चुप्पी साध रखी थी। इस दौरान उनकी चुप्पी ने विपक्षी दलों को उनके ठिकाने पर सवाल उठाने पर मजबूर कर दिया।
रायबरेली में राहुल गांधी के काफिले को रोकने सड़क पर बैठे मंत्री और भाजपा कार्यकर्ता
10 Sep, 2025 02:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायबरेली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बुधवार को रायबरेली दौरे पर हैं। इस बीच उनके काफिले को रोकने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उत्तर प्रदेश के एक मंत्री सड़क पर बैठ गए और राहुल वापस जाओं के नारे लगाने लगे। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। इस बीच भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की के साथ ही झड़प भी हो गई।
जानकारी अनुसार कांग्रेस नेता राहुल गांधी बुधवार सुबह रायबरेली दौरे पर पहुंचे तो उन्हें यहां विरोध का सामना करना पड़ा। जैसे ही राहुल गांधी का काफिला शहर में पहुंचा, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह अपने समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर धरना देने बैठ गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राहुल वापस जाओ के नारे भी लगाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मॉं के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग करने लगे।
धरना प्रदर्शन के चलते राहुल गांधी का काफिला कुछ देर तक वहीं रुका रहा। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। इस बीच भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में पुलिस ने मंत्री और कार्यकर्ताओं को रास्ते से हटाया, जिसके बाद काफिला आगे बढ़ सका।
यहां बताते चलें कि राहुल गांधी बुधवार सुबह दिल्ली से लखनऊ होते हुए रायबरेली पहुंचे हैं। उनका यह दौरा दो दिनों का है, जिसमें वह कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
राहुल गांधी के खिलाफ एक मंत्री और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया विरोध प्रदशर्न से राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी के स्वागत में बड़ी संख्या में जुटे। इस घटनाक्रम को पार्टी संगठन के मज़बूत होने से जोड़कर देख रही है।
उपराष्ट्रपति पद की ताकतें और वेतन-भत्ते, क्या होंगी राधाकृष्णन की भूमिका
10 Sep, 2025 01:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीपी राधाकृष्णन भारत के उपराष्ट्रपति चुनाव में विजेता बनकर उभरे हैं। उन्होंने मंगलवार (9 सितंबर) को हुए चुनाव में इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को हराया। जहां राधाकृष्णन को 452 प्रथम वरीयता के वोट मिले तो वहीं रेड्डी 300 वोट हासिल कर पाए। इसी के साथ राधाकृष्णन अब जल्द भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेंगे। गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ के जुलाई में इस्तीफा देने के बाद से ही उपराष्ट्रपति का पद खाली है।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर उपराष्ट्रपति का पद भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली में कितना अहम है? उपराष्ट्रपति के पास इस पद के साथ-साथ और क्या जिम्मेदारियां होती हैं? सीपी राधाकृष्णन पद संभालने के बाद किन सुविधाओं के हकदार होंगे? इसके अलावा उनका वेतन क्या होगा? आइये जानते हैं...
लोकतांत्रिक प्रणाली में कितना अहम है उपराष्ट्रपति का पद?
भारत के उपराष्ट्रपति का पद देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है। उनका कार्यकाल पांच वर्ष की अवधि का होता है। लेकिन वह इस अवधि के समाप्त हो जाने पर भी अपने उत्तराधिकारी के पद ग्रहण करने तक, पद पर बने रह सकते हैं।
संविधान में इसका जिक्र नहीं है कि भारत के उपराष्ट्रपति का कार्यकाल समाप्त होने से पहले जब उनका पद किसी कारण (मृत्यु-इस्तीफे) से खाली हो जाता है या जब उपराष्ट्रपति भारत के राष्ट्रपति के रूप में कार्य करते हैं, तब उपराष्ट्रपति के कर्तव्यों का निर्वहन कौन करता है।
उपराष्ट्रपति के पास क्या जिम्मेदारियां/शक्तियां?
उपराष्ट्रपति के पास संसद के उच्च सदन- राज्यसभा की भी जिम्मेदारी होती है। वे राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं। इस दौरान वे लाभ का कोई अन्य पद नहीं ग्रहण कर सकते।
राज्यसभा के सभापति के तौर पर उपराष्ट्रपति सदन में संविधान की व्याख्या और सदन से जुड़ने नियमों की व्याख्या करने वाले अंतिम प्राधिकारी हैं।
राज्यसभा को लेकर उनके किए गए फैसले बाध्यकारी मिसाल कायम करते हैं, जिनका जिक्र कर आगे भी निर्देश दिए जा सकते हैं।
सभापति ही फैसला करते हैं कि राज्यसभा का कोई सदस्य दल-बदल के तहत अयोग्य घोषित होंगे या नहीं। संसदीय लोकतंत्र में यह शक्तियां उपराष्ट्रपति को अलग पटल पर चिह्नित करती हैं।
राज्यसभा की कार्यवाही, सांसदों को लेकर भी कई अधिकार
इतना ही नहीं उपराष्ट्रपति के पास संसद के उच्च सदन के कामकाज को बेहतर करने की भी जिम्मेदारी होती है। ऐसे कई मौके आए हैं जब राज्यसभा के सभापति ने सदन में प्रश्नकाल में सांसदों की उत्पादकता को बढ़ाने में मदद की है। साथ ही सदन में विवाद की स्थिति को भी रोका और सदन की मर्यादा को कायम रखा, जिससे राष्ट्रहित के मुद्दों पर चर्चा सार्थक हो पाई।
इसके अलावा जब कभी किसी भी राज्यसभा सदस्य के खिलाफ विशेषाधिकार उल्लंघन का नोटिस दिया जाता है तो इसमें सभापति की सहमति अनिवार्य है। यह पूरी तरह सभापति के विवेकाधिकार में है कि वे किसी विशेषाधिकार उल्लंघन मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजें या नहीं और इससे जुड़ी सिफारिशों को स्वीकार करें या नकार दें।
कई बार संसद में कोई विधेयक पेश होता है तो इसे अलग-अलग समितियों के पास भेजा जाता है। साथ ही कार्यपालिका की गतिविधियों और सरकार के खर्चों की निगरानी के लिए कई संसदीय समितियां भी बनती हैं। इनमें सदस्यों को नामित करने का अधिकार सभापति के पास होता है। वे समितियों के अध्यक्ष नियुक्त कर सकते हैं और उन्हें निर्देश जारी कर सकते हैं।
और भी कई जिम्मेदारियां
इसके अलावा उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सदस्यों को अलग-अलग निकायों में नामित कर सकते हैं। जैसे- हज समिति, संवैधानिक एवं संसदीय अध्ययन संस्थान (आईसीपीएस), आदि। इसके अलावा वे उस तीन सदस्यीय समिति का भी हिस्सा होते हैं, जो प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष को नामित करती है।
कब-कब उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर करते हैं काम?
अगर राष्ट्रपति का पद मृत्यु, इस्तीफे, बर्खास्तगी या अन्य कारणों से खाली होता है तो उपराष्ट्रपति इस दौरान कार्यकारी राष्ट्रपति के तौर पर काम करते हैं। हालांकि, वे इस पद पर अगले राष्ट्रपति के निर्वाचित होने तक या राष्ट्रपति पद रिक्त होने के छह महीने तक ही रह सकते हैं। इस दौरान तक राष्ट्रपति पद भरना अनिवार्य है।
दूसरी तरफ अगर राष्ट्रपति बीमारी या विदेश यात्रा के कारण थोड़े समय के लिए अपना काम नहीं कर पाते, तो उपराष्ट्रपति उनके लौटने तक राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालते हैं।
जब उपराष्ट्रपति पर राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी आती है तब वे राज्यसभा के सभापति के पद के कर्तव्यों का पालन नहीं करते। इसके साथ ही वे राज्यसभा के सभापति को मिलने वाले किसी वेतन या भत्ते के हकदार नहीं होते। उपराष्ट्रपति जब राष्ट्रपति का दायित्व संभालते हैं तो उन्हें राष्ट्रपति की सारी शक्तियां, फायदे और वेतन मिलते हैं।
क्या हैं उपराष्ट्रपति के वेतन-भत्ते?
सीधे तौर पर समझें तो उपराष्ट्रपति को इस पद के लिए कोई वेतन नहीं मिलता। अधिकारियं के मुताबिक, उन्हें वेतन और भत्ते राज्यसभा के पदेन सभापति के तौर पर काम करने के लिए मिलते हैं। राज्यसभा के सभापति का वेतन चार लाख रुपये और अन्य भत्तों के साथ निर्धारित है।
वहीं अगर उपराष्ट्रपति कुछ समय के लिए कार्यकारी राष्ट्रपति के तौर पर काम करते हैं तो वे सीधा राष्ट्रपति का वेतन और भत्ते लेते हैं। इस दौरान उन्हें राज्यसभा के सभापति के तौर पर वेतन-भत्ते नहीं मिलते।
किस-किस तरह के अन्य फायदे मिलते हैं?
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उपराष्ट्रपतिको कई तरह की सुविधाएं और भत्ते मिलते हैं। इनमें मुफ्त सरकारी आवास, चिकित्सा सेवाएं, ट्रेन-हवाई यात्रा का भत्ता, लैंडलाइन और मोबाइल सेवा, निजी सुरक्षा और आधिकारिक स्टाफ का खर्च भी शामिल है।
सेवानिवृत्ति के बाद उपराष्ट्रपति को हर महीने दो लाख रुपये पेंशन मिलने का भी प्रावधान है। इसके अलावा उन्हें एक टाइप-8 बंगला और स्टाफ सपोर्ट भी दिया जाता है। इसके अलावा उन्हें निजी सचिव, अतिरिक्त सचिव, निजी सहायक, एक डॉक्टर, नर्सिंग अफसर और चार अटेंडेंट की सुविधा भी मिलती है। इतना ही नहीं पूर्व-उपराष्ट्रपति के निधन की स्थिति में उनकी पत्नी को आजीवन टाइप-7 घर मिलता है।
PM मोदी समेत शीर्ष नेताओं पर RSS की गहरी छाप
10 Sep, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
CP Radhakrishnan is New Vice President: एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन मंगलवार को 15वें उपराष्ट्रपति चुने गए, उन्होंने विपक्षी भारतीय ब्लॉक के बी सुदर्शन रेड्डी को हराया। उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान समाप्त होने के कुछ ही देर बाद राधाकृष्णन को विजेता घोषित कर दिया गया। एनडीए समर्थित उम्मीदवार को 452 वोट मिले, जबकि सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। 67 वर्षीय राधाकृष्णन, जो वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्यरत थे, दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होने वाले तमिलनाडु के तीसरे नेता बन गए। रिटर्निंग ऑफिसर पीसी मोदी ने उपराष्ट्रपति चुनाव में सीपी राधाकृष्णन को विजेता घोषित किया।
देश के नए उपराष्ट्रपति बने सीपी राधाकृष्णन
चुनाव आयोग के अनुसार, उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए कुल वोटर संख्या 788 थी। इसमें 7 पद रिक्त रहने के कारण प्रभावी वोटर संख्या 781 रही। मंगलवार को हुए मतदान में 768 सांसदों ने वोट डाला, जबकि 13 सदस्य अनुपस्थित रहे। अनुपस्थित रहने वालों में बीआरएस के 4, बीजद के 7, शिरोमणि अकाली दल के 1 और एक निर्दलीय सांसद शामिल थे। एनडीए के 427 सांसदों ने मतदान में हिस्सा लिया और बहुमत से राधाकृष्णन की जीत सुनिश्चित की।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष: स्वर्णिम काल की कहानी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) 27 सितंबर, 2025 को अपनी स्थापना का 100वां वर्ष मना रहा है। 27 सितंबर, 1925 को विजयदशमी के दिन डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने इस संगठन की नींव रखी थी। तब से हर वर्ष विजयदशमी पर RSS अपनी वर्षगांठ मनाता है। इस शताब्दी वर्ष में संगठन का प्रभाव और विस्तार अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा है, जिसे इसका स्वर्णिम काल कहा जा सकता है।
संघ परिवार का राजनीतिक प्रभाव
RSS जिसे संघ परिवार के नाम से भी जाना जाता है, आज देश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पिछले 11 वर्षों से केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार सत्ता में है। इस सरकार के शीर्ष पदों पर बैठे कई नेता RSS से जुड़े हैं। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, रक्षा मंत्री, सड़क परिवहन मंत्री सहित केंद्र के अधिकतर मंत्री और कई राज्यों के राज्यपाल व मुख्यमंत्री RSS की पृष्ठभूमि से आते हैं। हाल ही में 9 सितंबर, 2025 को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुने गए सीपी राधाकृष्णन भी RSS से संबंध रखते हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रसेविका समिति से ताल्लुक रखती है। यह समिति आरएसएस के मार्गदर्शन से चलती है।
यहां देखें पूरी लिस्ट
पद - नाम
राष्ट्रपति - द्रौपदी मुर्मू
उपराष्ट्रपति - सीपी राधाकृष्णन
प्रधानमंत्री - पीएम मोदी
केंद्रीय रक्षा मंत्री - राजनाथ सिंह
केंद्रीय रक्षा मंत्री - अमित शाह
केंद्रीय मंत्री - नितिन गडकरी
केंद्रीय मंत्री - शिवराज सिंह चौहान
लोकसभा स्पीकर - ओम बिरला
केंद्रीय मंत्री - मनोहर लाल खट्टर
केंद्रीय मंत्री - धर्मेंद्र प्रधान
मुख्यमंत्री - देवेंद्र फडनवीस
मुख्यमंत्री - मोहन चरण माझी
मुख्यमंत्री - भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री - पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री -विष्णुदेव साय
गवर्नर - ओम माथुर
गवर्नर - राजेन्द्र अर्लेकर
गवर्नर - शिव प्रताप शुक्ल
गवर्नर - गुलाब चंद कटारिया
उपराष्ट्रपति चुनाव का परिणाम आया सामने, PM मोदी की पसंद सीपी राधाकृष्णन विजयी
9 Sep, 2025 07:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मंगलवार को मतदान संपन्न हुआ, जिसमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन और विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच सीधा मुकाबला था। सुबह 10 बजे मतदान शुरू हुआ और शाम पांच बजे तक चला। शाम छह बजे से मतगणना शुरू हुई।सीपी राधाकृष्णन को भारत का अगला उपराष्ट्रपति चुना गया है। सीपी राधाकृष्णन चुने गए भारत के नए उपराष्ट्रपति राज्यसभा महासचिव पी.सी. मोदी ने घोषणा की कि एनडीए उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को 452 मत मिले हैं। उन्हें भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में चुना गया है। विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार न्यायमूर्ति सुधर्शन रेड्डी को 300 मत प्राप्त हुए हैं। सीपी राधाकृष्णन को 452 वोट हासिल हुए, जबकि सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। वहीं 15 वोट अवैध करार दिए गए।
राहुल गांधी की मलेशिया यात्रा पर सियासी घमासान, बीजेपी बोली- सार्वजनिक जीवन में छुट्टी नहीं होती
9 Sep, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी इन दिनों मलेशिया में छुट्टियां मना रहे हैं, जिसे लेकर सियासत गरमा गई है। राहुल गांधी की लंगकावी और अन्य पर्यटन स्थलों से तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। कभी स्कूटर की सवारी करते, तो कभी समुद्र किनारे नजर आते राहुल गांधी को लेकर बीजेपी ने उन पर जमकर निशाना साधा है।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा, राहुल गांधी कर्नाटक में होते तो बेहतर होता। लेकिन एक बार फिर वे छुट्टी पर हैं। वे लापरवाह राजनेता की तरह व्यवहार कर रहे हैं। मुझे राहुल गांधी को याद दिलाना होगा कि सार्वजनिक जीवन में कोई ब्रेक नहीं होता। इससे पहले बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर राहुल गांधी की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था, कि राहुल गांधी फिर चुपके से विदेश चले गए। इस बार मलेशिया के लंगकावी में छुट्टियां मना रहे हैं। लगता है बिहार की राजनीति की गर्मी और धूल झेली नहीं गई। या फिर यह किसी गुप्त मीटिंग का हिस्सा है, जिसके बारे में जनता को जानना ही नहीं चाहिए?
कांग्रेस की चुप्पी
कांग्रेस की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी ने बिहार में अपनी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पूरी करने के बाद निजी समय के लिए विदेश का रुख किया है।
सोशल मीडिया पर चर्चा
राहुल गांधी की छुट्टियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। समर्थक जहां उनके निजी जीवन में हस्तक्षेप न करने की बात कह रहे हैं, वहीं विरोधी उनकी विदेश यात्राओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
सपा ने असम में उतारे आठ उम्मीदवार, जिनमें चार मुस्लिम
9 Sep, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ । समाजवादी पार्टी ने असम के एमसीएलए (मेम्बर आफ काउंसिल लेजिस्लेटिव असेंबली) के चुनाव में प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। यह जानकारी सपा ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी। सपा ने कहा कि असम राज्य के सितंबर 2025 के एमसीएलए के चुनाव में समाजवादी पार्टी के 8 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और असम प्रभारी प्रो. भुवन जोशी और प्रदेश अध्यक्ष ब्रोजन कुमार हैंडिक ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश प्राप्त कर प्रत्याशियों की घोषणा की। प्रो. भुवन जोशी ने बताया कि अखिलेश यादव के विजन पीडीए का असम में व्यापक असर हुआ है और पीडीए समाज समाजवादी पार्टी के लिए लामबंद हो रहा है।
सपा ने कहा कि प्रो. भुवन जोशी और ब्रोजन हैंडिक ने अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव का असम को सहयोग देने के लिए आभार प्रकट किया है। बीटीसी प्रभारी तेलगु मूशहारी ने भी कहा कि बीटीसी एरिया से समाजवादी पार्टी के आठों प्रत्याशी जीतकर पीडीए को मजबूत करेंगे। प्रत्याशियों की लिस्ट के संदर्भ में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि असम के चिरांग से बनिया ब्रह्मा, मूरीबारी से नूर इस्लाम, फकीर ग्राम से अनवर हुसैन, गुमा से जाकिरूल इस्लाम, सोराइबिल से जयंता बासुमत्तेरी, भेरा गांव से मुमित्रा कचरी, खोरीबारी से माइकल बोरा और माथनगुर्री से अस्दुल इस्लाम प्रत्याशी घोषित हुए। यह जानकारी सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने दी।
उपराष्ट्रपति चुनाव: वोटिंग जारी, शाम तक घोषित होंगे नतीजे
9 Sep, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद: भारत के उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए आज मंगलवार को वोटिंग होगी. यह मतदान संसद भवन में होगा. मुकाबला एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन और इंडिया ब्लॉक के कैंडीडेट पूर्व जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी के बीच है. बता दे, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद यह मतदान हो रहा है. उन्होंने अचानक स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. जानकारी के मुताबिक संसद भवन में वोटिंग सुबह करीब 10 बजे शुरू होगी. जो पता चला है उसके मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी सुबह 10 बजे वोट डालेंगे. वहीं, मतदान से पहले सुबह 9:30 बजे एनडीए सांसदों की सुबह बैठक बुलाई गई है. इसमें पीएम मोदी भी शामिल होंगे. आपको बता दें, इस समय लोकसभा में 542 और राज्यसभा में 239 सांसद वोट डालेंगे. वहीं, शाम 6 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी.
सीपी राधाकृष्णन पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे श्री राम मंदिर
एनडीए उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित श्री राम मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे.
जानिए क्या कहते हैं आंकड़े
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 में एनडीए को 427 सांसदों का समर्थन मिला है. वहीं, विपक्षी इंडिया ब्लॉक गठबंधन को सिर्फ 315 सांसदों का समर्थन है. ऐसे में एनडीए की जीत तय मानी जा रही है. इससे इतर कुछ सांसद ऐसे भी हैं जिन्होंने किसी भी खामे में शामिल होने की बात कही है. आंध्र प्रदेश की YSRCP पार्टी ने एनडीए के कैंडीडेट को समर्थन देने को कहा है. वहीं, एआईएमआईएम पार्टी विपक्षी दलों के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को समर्थन दे रही है. किसी भी उम्मीदवार को चुनाव जीतने के लिए 391 वोटों की जरूरत है.
इन पार्टियों ने उपराष्ट्रपति चुनाव से बनाई दूरी
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 में जहां कुछ पार्टियों ने पहले ही अपना इरादा बता दिया था. वहीं, कुछ पार्टियों ने इससे दूरी बना ली है. इन पार्टियों में बीआरएस, बीजेडी और शिरोमणि अकाली दल शामिल हैं. शिरोमणि अकाली दल ने कहा कि पंजाब के हालात बाढ़ से बेहद खराब हैं, लेकिन केंद्र ने किसी भी तरह की कोई मदद नहीं की.
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