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दिल्ली विश्वविद्यालय: बम धमकी से हड़कंप, दो कॉलेजों में तुरंत खाली करवाया गया परिसर
6 Apr, 2026 01:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: आज सुबह दिल्ली विश्वविद्यालय के दो प्रतिष्ठित कॉलेज, रामजस कॉलेज और मिरांडा कॉलेज, को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद खाली करा लिया गया। इस सूचना के बाद पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। मकी मिलने की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस हरकत में आ गई। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड को तुरंत कॉलेज परिसरों में भेजा गया। सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचकर पूरे कॉलेज में तलाशी अभियान चला रहे हैं ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु का पता लगाया जा सके। अभी तक की तलाशी में किसी भी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु मिलने की कोई खबर नहीं है।पुलिस के अनुसार, दोनों कॉलेजों को एक ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इस सूचना को देखते हुए तत्काल दोनों कॉलेजों के सभी छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। दिल्ली पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। धमकी भरे ई-मेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल को भी सक्रिय कर दिया गया है।
अमित जोगी को राम अवतार जग्गी हत्याकांड में उम्रकैद, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
6 Apr, 2026 12:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर। जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए ट्रायल कोर्ट के निर्णय को पलट दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने सीबीआई की अपील स्वीकार करते हुए अमित जोगी को दोषी ठहराया है। हाईकोर्ट ने अमित जोगी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह की अतिरिक्त सश्रम कारावास का प्रावधान किया गया है। खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि एक ही साक्ष्य के आधार पर कुछ आरोपियों को दोषी ठहराना और मुख्य साजिशकर्ता को बरी करना कानूनी रूप से असंगत है। यह फैसला वर्ष 2007 में रायपुर की विशेष अदालत द्वारा दिए गए उस निर्णय को पलटता है, जिसमें अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था, जबकि अन्य 28 आरोपियों को दोषी ठहराया गया था। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पुनः खोला गया था। 4 जून 2003 को एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुल 31 आरोपी बनाए गए थे, जिनमें से दो सरकारी गवाह बन गए थे। मामले में जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी की बरी होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसके बाद यह मामला हाईकोर्ट में आया। राम अवतार जग्गी, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के करीबी माने जाते थे और छत्तीसगढ़ में एनसीपी के कोषाध्यक्ष थे।
केदारनाथ धाम की बर्फबारी ने बढ़ाई यात्रियों की चिंता, मौसम अलर्ट जारी
6 Apr, 2026 11:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड): विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में बीते दो दिनों से हो रही बर्फबारी ने यात्रा तैयारियों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. रविवार सुबह जहां धाम में तेज धूप खिली, वहीं दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदलते हुए बारिश और हल्की बर्फबारी शुरू हो गई. मौसम के इस उतार-चढ़ाव ने प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं.
दरअसल, बाबा केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे. ऐसे में केदारनाथ समेत पूरी केदारघाटी में यात्रा की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. गौरीकुंड से केदारनाथ तक मार्ग को सुचारू करने के लिए विभिन्न विभाग युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं, लेकिन लगातार बदलता मौसम इन कार्यों में बाधा बन रहा है. शुक्रवार को मालवाहक घोड़े-खच्चर धाम तक पहुंच गए थे, जिससे आवश्यक सामग्री पहुंचाने का कार्य शुरू हो गया था. हालांकि शनिवार सुबह हुई भारी बर्फबारी ने व्यवस्थाओं को प्रभावित कर दिया.
केदारनाथ विकास प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा 60 से अधिक मजदूरों को बर्फ हटाने के कार्य में लगाया गया है, जो लगातार मार्ग और मंदिर परिसर से बर्फ साफ करने में जुटे हैं. बावजूद इसके, लगातार हो रही बर्फबारी के कारण साफ किए गए स्थानों पर फिर से बर्फ की मोटी परत जम रही है. शनिवार को पूरे दिन मौसम बदलता रहा, जिससे कार्यों में व्यवधान उत्पन्न हुआ. वहीं रविवार सुबह मौसम साफ रहा, लेकिन दोपहर बाद फिर बादल छा गए और हल्की बर्फबारी शुरू हो गई. डीडीएमए के अधिशासी अभियंता राजविंद सिंह ने बताया कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण यात्रा तैयारियां प्रभावित हो रही हैं. उन्होंने कहा कि फिलहाल मालवाहक पशुओं की आवाजाही जारी है, लेकिन आम लोगों की आवाजाही मौसम के अनुकूल होने और मार्ग सुरक्षित होने के बाद ही शुरू की जाएगी.
धाम में जमी बर्फ की मोटी चादर के कारण मंदिर परिसर और पैदल मार्गों पर काम करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य, पेयजल, संचार और विद्युत आपूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं को बहाल करना भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है. 22 अप्रैल से शुरू होने जा रही केदारनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है, लेकिन मौसम की बेरुखी तैयारियों पर भारी पड़ती नजर आ रही हैं. ऐसे में आगामी दिनों में मौसम का रुख ही यात्रा व्यवस्थाओं की गति तय करेगा.
उत्तराखंड मौसम विभाग के मुताबिक आज राज्य के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जिले के कुछ स्थानों में गरज के साथ बारिश हो सकती है. जबकि 3300 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है. राज्य के शेष जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश गरज के साथ होने का पूर्वानुमान जताया गया है. राज्य के पहाड़ी जनपदों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने, झोंकेदार हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा तक) चलने की संभावना है. जिसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है.
मौसम का कहर जारी: सिक्किम में भूस्खलन, 1500 पर्यटक फंसे, यूपी में बिजली गिरने से 3 दिन में 15 की जान गई
6 Apr, 2026 10:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल/लखनऊ/शिमला/देहरादून: क्किम के मंगन जिले में रविवार को लाचेन-चुंगथांग रोड पर तेज बारिश और बर्फबारी हुई। इसके कारण लैंडस्लाइड भी हुआ और सड़क में बड़ी-बड़ी दरारें आ गईं। यहां 1500 टूरिस्ट फंसे हैं। यहां आज सुबह से ही पर्यटकों का रेस्क्यू जारी है। धर, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से उत्तर भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में यमुनोत्री धाम समेत 3 जिलों में रविवार को बर्फबारी हुई। वहीं 6 जिलों में बारिश के साथ ओले गिरे।
हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति के ऊंचे इलाकों में भी बर्फबारी हुई। गोंदला में 28.5 सेंटीमीटर, केलांग में 20.0 सेमी, हंसा में 5 सेमी बर्फ गिरी। जबकि शिमला, कुल्लू और मंडी में ओले गिरने से सेब की फसल को नुकसान हुआ। पी में आंधी-बारिश और बिजली गिरने से 72 घंटे में 15 लोगों की मौत हुई है। काशी, गोंडा, सुल्तानपुर और कानपुर समेत 11 जिलों में रविवार को रुक-रुककर बारिश हुई। कानपुर, मथुरा, संभल में ओले गिरे।राजस्थान में आज से नया वेदर सिस्टम एक्टिव होगा। 14 जिलों में आंधी के साथ तेज बारिश का अलर्ट है। दिल्ली-NCR और हरियाणा के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना है।
ज्वाइंट ऑपरेशन में सफलता: जैश और ISIS से जुड़े दो आतंकवादी पकड़े, बड़ा धमाका टला
6 Apr, 2026 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और महाराष्ट्र एटीएस ने मुंबई के कुर्ला में ज्वाइंट ऑपरेशन चलाकर जैश ए मोहम्मद और आईएसआईएस के दो संदिग्ध आतंकियों को हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि ये आतंकी दिल्ली और मुंबई में बड़े धमाके की साजिश रच रहे थे और इसके लिए वे ट्वॉय कार बम का इस्तेमाल करने वाले थे। अभी कुछ और भी लोग स्पेशल सेल की रडार पर हैं। फिलहाल इन दोनों आतंकियों को दिल्ली लेकर आया जा रहा है। महाराष्ट्र एटीएस और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने संयुक्त अभियान में मुंबई के कुर्ला और पास के खडावली इलाके में छापामारी की। इस दौरान दो लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।महाराष्ट्र एटीएस के अनुसार, अब इस मामले की आगे की जांच दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल करेगी। उन्होंने बताया कि विशिष्ट खुफिया सूचनाओं के आधार पर दोनों को ठाणे के खडावली और मध्य मुंबई के कुर्ला से गिरफ्तार किया गया। उनके पास से आपत्तिजनक दस्तावेज और मोबाइल फोन समेत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। अधिकारी ने बताया कि यह ऑपरेशन दो दिन पहले चलाया गया था और आरोपियों को दिल्ली लाया गया है। ये दोनों ओडिशा से संचालित एक गिरोह का हिस्सा हैं। इनके संचालक भी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में हैं। उन्होंने आगे बताया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरोपियों और गिरोह के खिलाफ आपराधिक साजिश का मामला दर्ज कर आगे की जांच कर रही है।
बाड़मेर रोड पर भाण्डू गांव के पास कार में भीषण आग, चालक संदिग्ध हालात में जिंदा जला
5 Apr, 2026 03:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जोधपुर। जोधपुर के बाड़मेर रोड पर रविवार दोपहर एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई। भाण्डू गांव के पास एक पेट्रोल पंप के निकट खड़ी कार में अचानक आग लग गई, जिसमें चालक जिंदा जल गया। आग इतनी भीषण थी कि पूरी कार कुछ ही देर में जलकर खाक हो गई।
घटना के हालात सामान्य नहीं
स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के हालात सामान्य नहीं लग रहे हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि कार में आग लगाई गई हो सकती है और चालक को जानबूझकर जिंदा जलाया गया। हालांकि इस संबंध में अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूचना मिलने पर दमकल की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चालक की मौके पर ही मौत हो गई और उसका शव बुरी तरह झुलस गया।
मामले की जांच कर रही पुलिस
घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और घटना के हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह हादसा था या किसी साजिश का हिस्सा। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और लोग सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।
बस को किया था आग के हवाले
गौरतलब है कि इससे पहले शहर से करीब तीस किलोमीटर दूर लोरड़ी देजगरा बस स्टैंड पर शनिवार दोपहर करीब 3 बजे एक लोक परिवहन की निजी बस ने मोटरसाइकिल सवार युवक को कुचल दिया। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने बस को फूंक दिया। आग की लपटों में घिरी बस कुछ ही देर में जलकर खाख हो गई। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों ने मृतक का शव उठाने से इनकार कर दिया। पुलिस की समझाइश के बाद परिजन शव उठाने के लिए राजी हुए।
देश में कच्चे तेल की कमी नहीं, लोगों से अपील- ज्यादा खरीददारी से बचें
5 Apr, 2026 11:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली : सरकार ने एक बार फिर से देश के नागरिकों से पेट्रोल-डीजल या एलपीजी की पैनिक बायिंग यानी घबराहट में खरीददारी न करने की अपील की है। सरकार ने जारी बयान में कहा है कि अमरीका-ईरान युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से जुड़ी रुकावटों के बावजूद देश में ईंधन की सप्लाई पर्याप्त और सुचारू बनी हुई है। इसमें भरोसा दिलाते हुए कहा गया है कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स से लेकर कुकिंग गैस तक बिना रुकावट के मिल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को सरकार की ओर से नागरिकों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीददारी करने से बचने की अपील की गई।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सरकार पेट्रोलियम उत्पादों और कुकिंग गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है। पैनिक बायिंग से बचने की अपील करने के साथ ही मंत्रालय की ओर से साफ हिदायत दी गई कि सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और ऊर्जा बचाएं। बयान में साफ कहा गया कि सरकार ने घरेलू एलपीजी और पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सप्लाई को खासतौर पर घरों, अस्पतालों और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए प्राथमिकता पर रखा है। इसके अलावा रिफाइनरी प्रोडक्शन बढ़ाकर डिमांड को मैनेज करने के लिए उपाय लागू किए गए हैं। इनमें एलपीजी रिफिलिंग के बीच के समय को बढ़ाना भी शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तेल-गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ लगातार एक्शन जारी है।
वैध पहचान पत्र दिखाकर मिलेगा पांच किलो का सिलेंडर
सरकार ने प्रवासी मजदूरों और छात्रों को राहत देते हुए उनकी रसोई गैस की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए कहा है कि वे वैध पहचान पत्र दिखाकर एलपीजी वितरक से पांच किलो का सिलेंडर ले सकते हैं, इसके लिए उनके पास पते का प्रमाण पत्र होना जरूरी नहीं है।
संकट में दोस्त: ईरान तनाव के दौरान आर्मेनिया की मदद, जयशंकर ने जताया आभार
5 Apr, 2026 10:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली: पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की मदद के लिए एक छोटा सा देश सामने आया है। आर्मेनिया की सेना ने भारतीय मछुआरों को शनिवार को ईरान से आर्मेनिया होते हुए भारत लाने में सहायता की है। अब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आर्मेनिया के विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान का धन्यवाद किया है। बता दें तमिलनाडु के सैकड़ों मछुआरे ईरान में फंसे हैं, जिन्हें भारत सरकार जल्द से जल्द निकालने की कोशिश में लगी है। भारत सरकार ने मछुआरों के परिवारों को भरोसा देते हुए कहा कि जल्द से जल्द सभी मछुआरों का रेस्क्यू किया जाएगा। इस बीच कई देश भारत की मदद के लिए आगे आ रहे हैं, जो कि राहत की बात है।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने एक्स हैंडल पर जानकारी देते हुए लिखा कि भारतीय मछुआरों को शनिवार को ईरान से आर्मेनिया होते हुए भारत लाने में सहायता करने के लिए विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान और आर्मेनिया सरकार को धन्यवाद किया है। बता दें कि तमिलनाडु के 600 से अधिक मछुआरे ईरान में फंसे हुए हैं। इनमें अधिकतर तमिलनाडु के कन्याकुमारी से हैं, जबकि कुछ थूथुकडी, तिरुनेलवेली और रामनाथपुरम जैसे जिला से हैं। भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 717 छात्रों सहित 1,043 भारतीय नागरिकों को ईरान से भारत वापस लाया गया है और भी लोगों को निकालने की प्रक्रिया चल रही है।
महाराष्ट्र के नासिक में बड़ा हादसा, कुएं में गिरी कार, 9 लोगों की मौत
5 Apr, 2026 08:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नासिक। महाराष्ट्र के नासिक जिले में एक सामाजिक समारोह से खुशी-खुशी घर लौट रहे परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब उनकी कार अनियंत्रित होकर एक गहरे कुएं में जा गिरी। जिले के डिंडोरी में शुक्रवार रात हुए इस भीषण हादसे में दरगोडे परिवार के नौ सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई। मरने वालों में पांच छात्र शामिल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डिंडोरी के शिवाजीनगर इलाके में स्थित एक मैरिज हॉल में एक निजी कोचिंग क्लास का स्नेह सम्मेलन आयोजित किया गया था। इंदौर गांव का रहने वाला दरगोडे परिवार अपनी अर्टिगा कार से इस कार्यक्रम में शामिल होने आया था। रात करीब 10:00 बजे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब परिवार वापस घर के लिए निकला, तो मैरिज हॉल से कुछ ही दूरी पर चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। इसके चलते कार सड़क किनारे पानी से लबालब भरे एक कुएं में जा गिरी।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, नगर पंचायत के अग्निशमन दल और पुलिस मौके पर पहुंचे। कुआं पूरी तरह पानी से भरा होने और रात का समय होने के कारण शुरुआती बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, क्रेन और आपदा प्रबंधन टीम के अथक प्रयासों के बाद कार और शवों को कुएं से बाहर निकाला गया। इस त्रासदी में सुनील दत्तात्रय दरगोडे (35) और रेशमा सुनील दरगोडे (33) के साथ राखी, आशा, माधुरी और श्रावणी दरगोडे की मृत्यु हो गई। मरने वालों में तीन बच्चे सृष्टि (16), श्रेयश (11) और समृद्धि (7) भी शामिल हैं।
हिमाचल में दर्दनाक दुर्घटना, बंजार में वाहन खाई में गिरा, 2 लापता
5 Apr, 2026 08:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुल्लू: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से भीषण सड़क हादसा सामने आया है. जानकारी के अनुसार जिला कुल्लू के उपमंडल बंजार के सोझा में एक टेंपो ट्रैवलर खाई में गिर गया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने दुर्घटना में घायल अब तक 18 लोगों का रेस्क्यू किया है. जिसमें 3 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 2 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. जिला प्रशासन की ओर से दो लोगों की मौत होने की पुष्टि की गई है.
मिली जानकारी के अनुसार, सैलानियों से भरी एक टेंपो ट्रैवलर जब जलोड़ी जोत से घूम कर वापस बंजार की ओर आ रहा था, तभी अचानक टेंपो ट्रैवलर का संतुलन बिगड़ गया और वह गहरी खाई में जा गिरा. सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू शुरू किया गया. प्राप्त जानकारी के अनुसार वाहन में करीब 20 यात्री सवार थे, जो सभी दिल्ली के पर्यटक बताए जा रहे हैं. प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से अब तक 15 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है. घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल बंजार पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है. इनमें से 8 लोग (6 पुरुष और 2 महिलाएं) अस्पताल पहुंच चुके हैं और उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है.
घायलों की सूची
घायलों में अनुपमा, क्रियान, फिजा, आयुषी, लियाकर, अनुराग, अरनव, मोहित शशि, मोहित, अमित, निकिता, दीनू, अलसी और दीपाली शामिल हैं. बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी, एपीएमसी अध्यक्ष राम सिंह मियां सहित कई जनप्रतिनिधियों ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है.
तहसीलदार बंजार नीरज शर्मा ने बताया, 'प्रशासन ने अभी तक 18 लोगों को रेस्क्यू कर लिया है. जिसमें तीन लोगों की मौत हो चुकी है. घायलों को इलाज के लिए ढालपुर अस्पताल भेज गया है. घायल लोगों से उन्हें जानकारी मिली कि इस टेंपो ट्रैवलर में करीब 20 लोग सवार थे. ऐसे में दो लोग अभी भी लापता चल रहे हैं. रात के अंधेरे में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है'.
उन्होंने बताया कि पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई है और पुलिस द्वारा अस्पताल में घायलों के बयान भी लिए जाएंगे. वहीं, पुलिस दुर्घटना के पीछे के कारणों की भी छानबीन की जाएगी. फिलहाल घायलो का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है. वहीं, 2 अन्य लोगों की तलाश जारी है.
लोगों ने सड़क की हालत पर जताई चिंता
वहीं स्थानीय लोगों ने नेशनल हाईवे-305 की खराब स्थिति को हादसे का बड़ा कारण बताया है. लोगों का कहना है कि यह सड़क अब लगातार हादसों का कारण बन रही है और पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी है. उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क की हालत तुरंत सुधारी जाए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके.
देश दहशत फैलाने की साजिश नाकाम? ISI लिंक केस में NIA की एंट्री
5 Apr, 2026 08:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: पाकिस्तान की आईएसआई (ISI) ने पंजाब और दिल्ली समेत भारत में कई जगहों पर आतंकी हमले करने के लिए अपने हैंडलर्स को सक्रिय कर दिया है. इस इनपुट के बाद, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हाल ही में पंजाब से हथियारों, गोला-बारूद और IED की एक बड़ी खेप बरामद होने के बाद एक केस अपने हाथ में ले लिया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की इंटेलिजेंस एजेंसी (ISI) का एक ऑपरेटिव जसवीर चौधरी, इंडिया में मौजूद रिक्रूट्स (भर्ती किए गए लोग) के जरिए आतंकी हमले की साजिश कर रहा है. असल में, बॉर्डर पार से ड्रोन के जरिए भारत में गिराया गया कंसाइनमेंट, जिसे बाद में फरवरी में पंजाब पुलिस ने जब्त कर लिया था, इसी आतंकी साजिश का हिस्सा था.
खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी आतंकी चौधरी वाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अपने भारतीय गुर्गों के लगातार संपर्क में था. एनआईए ने 21 मार्च को UAPA और BNS के अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया. केस भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के सेक्शन 61(2); UA(P) एक्ट, 1967 के सेक्शन 18 और 20; एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट, 1904 के सेक्शन 4; और आर्म्स एक्ट, 1959 के सेक्शन 25(1)(D) के तहत दर्ज किया गया था.
पंजाब पुलिस से केस अपने हाथ में लेने के बाद, एनआईए ने 21 मार्च को एक एफआईआर दर्ज की. एफआईआर में कहा गया है कि 10 फरवरी को, पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल को पक्की जानकारी मिली कि एक पाकिस्तानी ऑपरेटिव जसवीर चौधरी के कहने पर, उसके भारतीय साथियों ने भारत-पाक बॉर्डर के पार ड्रोन के जरिए हथियारों, गोला-बारूद और IED की एक बड़ी खेप हासिल की है, जिसका मकसद पंजाब, दिल्ली और भारत के दूसरे हिस्सों में अलग-अलग जगहों पर IED ब्लास्ट करके जान-माल का नुकसान करना था.
असल में, केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद एनआईए ने यह केस अपने हाथ में ले लिया. NIA को दी गई और इस रिपोर्टर द्वारा देखी गई इंटेलिजेंस रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तानी ऑपरेटिव जसवीर चौधरी ने भारतीय साथियों की मदद से एक ग्रुप बनाया है.
एनआईए को दिए गए इंटेलिजेंस इनपुट में कहा गया है कि, जसवीर चौधरी पंजाब बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान से हथियार, गोला-बारूद और आईईडी की स्मगलिंग कर रहा है और उन्हें अपने भारतीय साथियों को दे रहा है. उनका इरादा भारत के अलग-अलग शहरों, दिल्ली और पंजाब में बड़े पैमाने पर आतंकवादी हमले और बम धमाके करना है, ताकि भारत की शांति और एकता को खत्म किया जा सके.
हालांकि पंजाब पुलिस ने 10 फरवरी को हथियारों और गोला-बारूद की खेप इकट्ठा करने वाले शुभम कुमार उर्फ शुभम श्रीवास्तव (उत्तर प्रदेश के सीतापुर का रहने वाला) नाम के एक भारतीय रंगरूट को गिरफ्तार किया था, लेकिन एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तानी हैंडलर चौधरी ने देश भर में आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए ऐसे ही दूसरे ग्रुप बनाए होंगे.
शुभम से पूछताछ के बाद पता चला कि आईईडी कई राज्यों में लक्षित हमले करने के लिए था. यह खेप अमृतसर-जालंधर जीटी रोड पर दरगढ़ से बरामद की गई थी.
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने शुक्रवार को पाकिस्तान से जुड़े एक तोड़फोड़ और जासूसी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया और चार लोगों को गिरफ्तार किया, जिन पर आरोप है कि वे बॉर्डर पार के हैंडलर्स के कहने पर आतंक फैलाने का काम कर रहे थे.
एटीएस के मुताबिक, आरोपियों को खास जगहों, गाड़ियों और रेलवे सिग्नल बॉक्स की रेकी करने और पूरे उत्तर प्रदेश में दहशत फैलाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए आगजनी करने का काम सौंपा गया था.
Mamata Banerjee का ‘दिल्ली टारगेट’ प्लान, क्या बदलेगी सियासी तस्वीर?
4 Apr, 2026 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली। विधानसभा चुनाव पश्चिम बंगाल में है, लेकिन टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी दिल्ली को निशाने पर ले रही हैं. चुनावी रणनीति और उसे लागू करने में माहिर ममता बनर्जी का ‘दिल्ली चलो’ का नारा क्या वाकई में मोदी सरकार के लिए चिंता का सबब है? यह सवाल राजनीतिक गलियारों में उठने लगे हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी और केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला किया. उन्होंने अपने एक बयान में दावा है कि 2026 के आखिर तक नरेंद्र मोदी की सरकार गिर सकती है और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) का अगला राजनीतिक लक्ष्य “दिल्ली” होगा. उनके इस बयान ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की राजनीतिक सरगर्मी तेज हो चुकी है और बीजेपी-टीएमसी के बीच मुकाबला काफी आक्रामक होता जा रहा है. आप आखिर तक इस खबर को पढ़ते रहिए, फिर आप समझ पाएंगे कि ममता बनर्जी ने यह बयान किस संदर्भ में दिया, इसके पीछे की राजनीतिक रणनीति क्या है और इसका राष्ट्रीय राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है।
क्या कहा ममता बनर्जी ने?
एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी और केंद्र सरकार जनता के अधिकारों को कमजोर कर रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रियाओं और प्रशासनिक फैसलों के जरिए उनकी सरकार को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. इसी संदर्भ में उन्होंने दावा किया कि केंद्र की सरकार ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी और आने वाले समय में राजनीतिक परिस्थितियाँ बदल सकती हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल में जीत के बाद उनकी पार्टी राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ी भूमिका निभाने का लक्ष्य रखती है और “दिल्ली को टारगेट” करेगी।
बंगाल चुनाव और बयान का संदर्भ
दरअसल, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से राजनीतिक तापमान चरम पर है. चुनाव टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला देखा जा रहा है. पिछले चुनाव यानी 2021 में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने 215 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी थी, जबकि बीजेपी मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी थी. अब 2026 के चुनाव को दोनों पार्टियां प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देख रही हैं. ममता बनर्जी का यह बयान इसी चुनावी माहौल में आया है, जहां वे अपने समर्थकों को यह संदेश देना चाहती हैं कि टीएमसी केवल राज्य की राजनीति तक सीमित नहीं है बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चुनौती देने की क्षमता रखती है. यानी, दीदी का यह दांव अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को चार्ज करने के लिए है. वह किसी भी सूरत में बीजेपी के अंडरग्राउंड अग्रेसिव प्रचार को हावी नहीं होने देना चाहती. वह अपने बयान से सिद्ध करना चाहती हैं कि उनका कद पीएम नरेंद्र मोदी के बराबर है, और उसे वह बंगाल की जंग के बाद चुनौती देंगी।
चुनाव आयोग और बीजेपी पर आरोप
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि कुछ प्रशासनिक कदमों और चुनावी प्रक्रियाओं के जरिए राज्य सरकार की शक्तियों को कम करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाने या अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं के माध्यम से चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है. ऐसे आरोपों के जरिए वे यह संदेश देने की कोशिश कर रही हैं कि उनकी पार्टी “लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा” की लड़ाई लड़ रही है।
‘दिल्ली टारगेट’ का राजनीतिक मतलब?
ममता बनर्जी के “दिल्ली टारगेट” वाले बयान का सीधा मतलब अपनी टीम के मोराल को बूस्ट करने के साथ-साथ केंद्र की सत्ता को चुनौती देना है. टीएमसी लंबे समय से राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका बढ़ाने की कोशिश कर रही है. पिछले कुछ वर्षों में पार्टी ने गोवा, त्रिपुरा और उत्तर-पूर्व के कुछ राज्यों में संगठन विस्तार की कोशिश की है. इसके अलावा कई विपक्षी नेताओं के साथ ममता बनर्जी की मुलाकातें भी इस रणनीति का हिस्सा मानी जाती हैं. राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, अगर टीएमसी 2026 में बंगाल में फिर से मजबूत जीत दर्ज करती है, तो ममता बनर्जी विपक्षी राजनीति में और अधिक प्रभावशाली नेता बन सकती हैं।
बीजेपी की रणनीति और जवाब
दूसरी ओर बीजेपी भी बंगाल को लेकर अंडरग्राउंड आक्रामक रणनीति अपना रही है. अंडरग्राउंड आक्रामक रणनीति से मतलब ठीक वैसे ही है, जैसे पार्टी ने हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में अपने कैंपेन को अंजाम दिया. यानी, साइलेंट किलर की तरह पार्टी का कैंपेन मुहल्ला बैठकों और ड्राइंग रूम के जरिए किया जा रहा है. पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने दावा किया है कि 2026 के चुनाव में बंगाल में सत्ता परिवर्तन हो सकता है. बीजेपी का आरोप है कि राज्य में भ्रष्टाचार, प्रशासनिक विफलता और राजनीतिक हिंसा जैसी समस्याएं बढ़ी हैं. इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ममता सरकार के खिलाफ अभियान चला रही है. इस तरह बंगाल चुनाव केवल राज्य की सत्ता का सवाल नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत दे सकता है।
BJP या कांग्रेस? राघव चड्ढा के अगले कदम पर बड़ी अटकलें
4 Apr, 2026 08:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली : राघव चड्ढा के आम आदमी पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने दावा किया कि उनका कांग्रेस में जाना संभव नहीं और वे बीजेपी में जा सकते हैं. हालांकि चड्ढा पहले ही पार्टी न छोड़ने की बात साफ कर चुके हैं. वहीं अब आप नेता राघव चड्ढा से कई मौकों पर उनकी चुप्पी को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं.
नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं. सवाल उठ रहा है कि क्या वह पार्टी छोड़ सकते हैं और अगर ऐसा होता है तो उनका अगला ठिकाना बीजेपी या कांग्रेस में से कौन होगा? इसी बीच कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने एक बड़ा दावा कर राजनीतिक बहस को और हवा दे दी है.संदीप दीक्षित ने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा और अरविंद केजरीवाल के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं.उन्होंने कहा कि चड्ढा का कांग्रेस में जाना संभव नहीं है और वे भविष्य में बीजेपी का रुख कर सकते हैं. दीक्षित ने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब की राजनीति में कई तरह की अनियमितताएं हुईं और इसको लेकर आप के अंदर ही टकराव की स्थिति बनी. हालांकि इन आरोपों और दावों के बीच राघव चड्ढा खुद कई बार साफ कर चुके हैं कि वे आम आदमी पार्टी के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने सार्वजनिक मंचों पर कहा है कि वे अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में काम कर रहे हैं और पार्टी छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं उठता.
राघव चड्ढा को सांसद संजय सिंह का जवाब
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने राघव चड्ढा को जवाब देते हुए कहा कि राघव चड्ढा का एक वीडियो आया है. बड़े अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है जब देश के तमाम मुद्दों पर संसद में प्रस्ताव आता है आप साइन नहीं करते (समर्थन नहीं देते). बीजेपी के खिलाफ आप आवाज नहीं निकालते हो. तमाम जो मुद्दे जनहित से जुड़े हैं पार्टी के कार्यकर्ताओं को गुजरात में पीटा जाता है आप उस पर नहीं बोलते. जब विपक्ष मुद्दों पर सदन से वॉकआउट करता है तो आप वॉकआउट नहीं करते. ये सारी तमाम चीजें है जिसका जवाब देश आपसे चाहता है और देश के लोग आपसे चाहते हैं.
पावर कट अलर्ट: जालंधर के कई क्षेत्रों में 6 घंटे नहीं आएगी बिजली
4 Apr, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर | कई इलाकों में रविवार, 5 अप्रैल 2026 को बिजली आपूर्ति प्रभावित रहने वाली है। यह कटौती 66 केवी चारा मंडी सबस्टेशन में जरूरी मरम्मत कार्य के चलते की जाएगी।
इस समय तक बंद रहेगी बिजली सप्लाई
बिजली विभाग के अनुसार, सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक सप्लाई बंद रहेगी। इस दौरान चारा मंडी पावर स्टेशन से जुड़े कई 11 केवी फीडर अस्थायी रूप से बंद रहेंगे, जिससे शहर के विभिन्न हिस्सों में बिजली नहीं पहुंचेगी।
ये इलाके होंगे प्रभावित
जिन फीडरों पर असर पड़ेगा, उनमें मॉडल हाउस, नकोदर रोड, भार्गव कैंप, राजपूत नगर, बूटा मंडी, विश्वकर्मा मंदिर, दशहरा ग्राउंड और रविदास भवन क्षेत्र शामिल हैं।बिजली कटौती के चलते मॉडल हाउस, बूटा मंडी, चपली चौक, श्री रविदास चौक, रामेश्वर कॉलोनी, आबादपुरा, लिंक कॉलोनी, नारी निकेतन, प्रताप नगर, सिल्वर हाइट्स, संत नगर, बैंक कॉलोनी, लाजपत नगर और आसपास के कई इलाकों में आपूर्ति बाधित रहेगी।
बिजली विभाग ने लोगों से की अपील
बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस निर्धारित समय के दौरान आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें और असुविधा से बचने के लिए सहयोग करें। विभाग का कहना है कि मरम्मत कार्य पूरा होते ही सप्लाई बहाल कर दी जाएगी। यह रखरखाव कार्य बिजली व्यवस्था को सुचारू और सुरक्षित बनाए रखने के लिए किया जा रहा है।
सत्ता विरोधी लहर बनाम मोदी फैक्टर, बंगाल में BJP की राह
4 Apr, 2026 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता|पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. इस बार का चुनाव कई बड़े मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमता नजर आ रहा है. धार्मिक ध्रुवीकरण एक बार फिर चुनावी बहस के केंद्र में है, जहां बीजेपी इसे अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए इस्तेमाल करती दिख रही है, वहीं विपक्ष इसे सामाजिक ताने-बाने के लिए खतरा बता रहा है. दूसरी तरफ राज्य में वामपंथी दलों, खासकर सीपीएम की खस्ता हालत भी एक बड़ा फैक्टर बन गई है, जिससे विपक्षी वोटों के बिखराव की संभावना ज्यादा नजर आ रही है|
बंगाल में सत्ता विरोधी लहर को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं. लंबे समय से सत्ता में रही ममता सरकार के खिलाफ कुछ इलाकों में नाराजगी देखी जा रही है, जिसे बीजेपी भुनाने की कोशिश में है. इसके साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (संघ) का लगातार बढ़ता संगठनात्मक विस्तार जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूती दे रहा है|
बीजेपी को चुनाव में किस बात से ज्यादा उम्मीद?
पश्चिम बंगाल चुनाव में इस बार सबसे बड़ा फैक्टर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माना जा रहा है. ऐसा कहा जा रहा है कि बीजेपी पूरा चुनाव पीएम मोदी के फेस पर ही लड़ती नजर आ रही है. साल 2021 के विधानसभा चुनावों के नतीजे भी सबके सामने हैं. उस समय बीजेपी ने भले ही अपने प्रदर्शन में शानदार इजाफा किया हो, लेकिन सत्ता से काफी दूर थी. इस बार बीजेपी पूरी कोशिश कर रही है कि बंगाल में सरकार बनाई जाए. ऐसा इसलिए भी कि बीजेपी के लिए बंगाल आखिरी किला है, जहां अब तक जीत दर्ज नहीं हुई है|
बंगाल में सीपीएम का सफाया
पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में एक समय पर सीपीएम की तूती बोला करती थी. हालांकि पिछले कई सालों से इस पार्टी को केवल हार का ही मुंह देखना पड़ रहा है. इसके साथ ही दिग्गज नेताओं ने पार्टी से पलायन कर लिया है और नेतृत्व का ‘अकाल’ सा पड़ गया है. यही वजह है कि इस समय बंगाल में ममता बनर्जी का मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी से ही है|
बंगाल में संघ ने किया अपना विस्तार
पश्चिम बंगाल में साल 2021 के बाद से जितनी एक्टिव भारतीय जनता पार्टी हुई है. उससे कहीं ज्यादा यहां संघ का विस्तार देखने को मिला है. कई बार खुद संघ प्रमुख मोहन भागवत भी बंगाल का दौरान कर चुके हैं. पिछले 10 सालों की बात करें तो आज बंगाल में बीजेपी मजबूत स्थिति में नजर आ रही है और इसमें सबसे बड़ा योगदान संघ का ही माना जा रहा है. फिर भी बीजेपी के लिए बंगाल का रण जीतना इतना आसान नहीं होने वाला है|
2021 जैसी हिंसा का डर?
बंगाल में चुनावों का परिणाम चाहे कुछ भी हों. लेकिन सभी को डर है कि वोटिंग के बाद साल 2021 के जैसे ही हिंसा न भड़क जाए. पिछले विधानसभा चुनावों में 1300 से ज्यादा जगहों पर हिंसा देखने को मिली थी. इसी को देखते हुए चुनाव आयोग ने भी अपनी कमर कस ली है. आयोग ने फैसला लिया है कि मतदान खत्म होने के बाद भी राज्य 700 से ज्यादा कंपनियां तैनात रहेंगी, जिनकी नजर उपद्रवियों पर रहेगी. ताकि चुनाव में किसी तरह की कोई हिंसा न हो सके|
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