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असम में पर्यटन पर बुरा असर, छह देशों ने यात्रा पर बैन लगाया, पर्यटकों की संख्या घटी
26 Mar, 2025 12:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और स्विट्जरलैंड सहित छह देशों ने अपने नागरिकों को असम और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों की यात्रा पर बैन लगाया हुआ है. इन मुल्कों ने इसके लिए कानून और व्यवस्था का हवाला दिया है. इस कदम से भारत खासतौर से असम को नुकसान हो रहा है. पर्यटकों की संख्या में कमी आ रही है. 2023-24 में 70 लाख 67 हजार और 335 पर्यटक आए थे. 2024-25 (जनवरी तक) ये घटकर 67 लाख, 88 हजार 565 रह गई.
मंत्री ने विधानसभा में दी जानकारी
असम के पर्यटन मंत्री रंजीत कुमार दास ने विधानसभा को बताया कि अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और स्विट्जरलैंड सहित छह देशों ने क्षेत्र में कानून और व्यवस्था की स्थिति को लेकर अपने नागरिकों के लिए असम और शेष पूर्वोत्तर की यात्रा पर प्रतिबंध जारी किए हैं. दास कांग्रेस विधायक रेकीबुद्दीन अहमद के प्रश्न का उत्तर दे रहे थे.
जिन देशों ने प्रतिबंध जारी किए हैं वे हैं संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा और स्विट्जरलैंड. उन्होंने कहा कि कानून और व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए ये प्रतिबंध असम के साथ-साथ अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के लिए भी हैं.
कम हो रहे पर्यटक
दास ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से पर्यटन विभाग इन देशों को ये प्रतिबंध हटाने के लिए राजी करने के लिए विदेश मंत्रालय के संपर्क में है. मंत्री ने कहा, ऑस्ट्रेलिया से एक उच्च स्तरीय टीम ने हाल ही में इस पहलू पर विचार करने के लिए असम का दौरा किया था. उन्होंने आगे कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या 98,31,141 थी, जो 2023-24 में घटकर 70,67,335 और 2024-25 (जनवरी तक) में 67,88,565 रह गई.
चाय पर्यटन को बढ़ावा देने के बारे में दास ने कहा कि राज्य सरकार ने 2022-23 में असम में चाय पर्यटन बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने और विकास योजना शुरू की है. इस योजना के तहत चयनित चाय बागानों को पर्यटन क्षमता और हेरिटेज बंगलों के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा.
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम: इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले की संवेदनहीन टिप्पणियों पर रोक
26 Mar, 2025 12:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट के विवादास्पद आदेश पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई की, जिसमें रेप के आरोप की परिभाषा तय की गई है. शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट की टिप्पणी पर रोक लगा दी है. इस मामले की जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ सुनवाई कर रही थी.
इलाहाबाद हाई कोर्ट के विवादित फैसले के मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें यह कहते हुए दुख हो रहा है कि निर्णय लेखक की ओर से संवेदनशीलता की कमी दर्शाती है. यह निर्णय तत्काल नहीं लिया गया था और इसे सुरक्षित रखने के 4 महीने बाद सुनाया गया. इस प्रकार इसमें विवेक का प्रयोग किया गया. हम आमतौर पर इस चरण में स्थगन देने में हिचकिचाते हैं, लेकिन चूंकि पैरा 21, 24 और 26 में की गई टिप्पणियां कानून के सिद्धांतों से अनभिज्ञ हैं और अमानवीय दृष्टिकोण को दर्शाती हैं. हम उक्त पैरा में की गई टिप्पणियों पर रोक लगाते हैं.
शीर्ष अदालत ने कहा कि हम केंद्र, उत्तर प्रदेश और हाई कोर्ट के समक्ष पक्षकारों को नोटिस जारी करते हैं. विद्वान एजी और एसजी न्यायालय की सहायता करेंगे. पीड़िता की मां की ओर से दायर याचिका को भी टैग किया जाता है.
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने क्या की थी टिप्पणी?
दरअसल, इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था. साथी ही कोर्ट ने इस बयान के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) को खारिज कर दिया था. इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक जज ने कहा था कि नाबालिग के स्तनों को पकड़ना और उसके पायजामे का नाड़ा खींचना रेप या रेप का प्रयास अपराध नहीं है. हालांकि, ऐसा अपराध किसी भी महिला के खिलाफ हमला या आपराधिक बल के प्रयोग के दायरे में आता है, जिसका उद्देश्य उसे निर्वस्त्र करना या फिर उसे नग्न होने के लिए मजबूर करना है. यह आदेश जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा ने दो व्यक्तियों की ओर से दायर पुनरीक्षण याचिका पर पारित किया, जिन्होंने कासगंज के एक स्पेशल जज के आदेश को चुनौती देते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसके तहत अदालत ने उन्हें अन्य धाराओं के अलावा भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत भी तलब किया था.
हाई कोर्ट की टिप्पणी की जमकर हुई आलोचना
इस टिप्पणी की जमकर आलोचना हुई. साथ ही साथ नेताओं और कानूनी विशेषज्ञों ने इस पर अपनी नाखुशी जाहिर की. कानून के जानकारों ने रेप के आरोप की परिभाषा तय करने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले की निंदा करते हुए जजों से संयम बरतने की अपील की थी और इस तरह के बयानों के कारण न्यायपालिका में जनता के विश्वास में कमी आने की बात कही थी.
शख्स पर 454 पेड़ काटने का आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने 1 लाख रुपये प्रति पेड़ जुर्माना किया तय
26 Mar, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पेड़ों की अवैध कटाई एक शख्स को भारी पड़ गई। सुप्रीम कोर्ट ने उस पर काटे गए हर पेड़ के बदले 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। व्यक्ति ने अपनी गलती मान ली है। उसने शीर्ष अदालत से जुर्माना कम करने की मांग की। मगर अदालत ने इसे ठुकरा दिया। इस शख्स ने कुल 454 पेड़ काटे थे। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बड़ी संख्या में पेड़ों को काटना इंसान की हत्या से भी बदतर कृत्य है।
दोबारा पेड़ तैयार करने में 100 साल लगेंगे
न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने ताज संरक्षित क्षेत्र में 454 पेड़ों को काटने वाले शख्स की याचिका को खारिज कर दिया और मामले में सख्त टिप्पणी की। पीठ ने कहा कि पर्यावरण के मामले में कोई दया नहीं होनी चाहिए। बड़ी संख्या में पेड़ों को काटना किसी इंसान की हत्या से भी बदतर है। शीर्ष अदालत ने कहा कि बिना अनुमति के काटे गए 454 पेड़ों से बने हरित क्षेत्र को दोबारा बनाने में कम से कम 100 साल लगेंगे।
सीईसी ने की थी भारी जुर्माने की सिफारिश
शीर्ष अदालत ने केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) की रिपोर्ट को भी स्वीकार कर लिया है। रिपोर्ट में मथुरा-वृंदावन स्थित डालमिया फार्म में 454 पेड़ काटने वाले शिव शंकर अग्रवाल पर प्रति पेड़ एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की गई थी।
पौधारोपण की अनुमति दी जाए
वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने अग्रवाल का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि याची ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। मगर अदालत ने जुर्माना राशि कम करने से मना कर दिया। अदालत ने कहा कि अग्रवाल को पास के स्थल पर पौधारोपण करने की अनुमति दी जानी चाहिए। यह भी कहा कि उनके खिलाफ दायर अवमानना याचिका का निपटारा अनुपालन के बाद ही किया जाएगा।
2019 का फैसला लिया वापस
सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में पारित अपना आदेश भी वापस ले लिया। इसमें ताज ट्रेपेजियम जोन के भीतर गैर-वन और निजी भूमि पर पेड़ों को काटने के लिए पूर्व अनुमति लेने आवश्यकता को हटा दिया गया था।
मौसम विभाग ने चेताया, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री तक बढ़ सकता है
26 Mar, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
धीरे धीरे दिल्ली समेत समूचे उत्तर भारत में गर्मी पड़ने लगी है। यूपी से लेकर दिल्ली तक कई जगहों पर तापमान 30 डिग्री पहुंच गया है। पूरे दिन धूप निकलने के कारण तापमान काफी तेजी से बढ़ा है। दिल्ली में मंगलवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतम तापमान 37 डिग्री से ऊपर चला गया। मौसम विभाग के अनुसार, भीषण गर्मी के बीच बुधवार को यह 38 से 40 डिग्री तक पहुंच सकता है।
बिहार, राजस्थान, यूपी, हरियाणा में बढ़ेगी गर्मी
आने वाले सप्ताह में बिहार, राजस्थान, यूपी, हरियाणा-पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र समेत दक्षिण भारत में लगातार तापमान बढ़ रहा है, जिससे भीषण गर्मी की एंट्री होने वाली है। हालांकि, सप्ताह के अंत तक पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
पहाड़ी राज्यों में बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक, पहाड़ी राज्यों में मौसम तेजी से बदलेगा। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 26 मार्च को हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। वहीं, तमिलनाडु केरल में भारी की संभावना जताई गई है।
दिल्ली में आज साफ रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने दिल्ली में बुधवार को आसमान साफ रहने का अनुमान जताया है। अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 18 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। इस बीच, दिल्ली की वायु गुणवत्ता "खराब" श्रेणी में बनी रही।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, बुधवार को शाम 4 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 234 था। दिल्ली के लिए वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली ने सुधार की भविष्यवाणी की है। शहर की वायु गुणवत्ता बुधवार से "मध्यम" श्रेणी में जाने का अनुमान है, जहाँ अगले दो दिनों तक इसके बने रहने की संभावना है।
लू करेगी परेशान
काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (सीईईडब्ल्यू) का दावा है कि इस बार की गर्मियों के दौरान दिल्ली एनसीआर सहित देशभर में लू वाले दिनों की संख्या 15 से 20 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है। मौसम विभाग से मिले इनपुट के आधार पर सीईईडब्ल्यू ने एक विश्लेषण जारी कर यह भी कहा कि वर्षा में बहुत ज्यादा अनिश्चितता दिखाई दे रही है, जैसे मानसून में भी देरी हो रही है। इसीलिए लू का प्रभाव बढ़ रहा है, प्रभावित हीट आइलैंड भी बढ़ रहे हैं। यहां तक कि लू का ओवरऑल सीजन बढ़ रहा है।
प्रचंड हेलीकॉप्टरों की खरीद से भारतीय सेना की ताकत होगी दोगुनी, 45 हजार करोड़ का सौदा
26 Mar, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय मंत्रिमंडल जल्द ही हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से थलसेना और वायु सेना के लिए 45,000 करोड़ रुपये के 145 हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर खरीदने के सौदे को मंजूरी दे सकता है।
सीमाओं पर ऑपरेशन के लिए इन हेलीकॉप्टरों का होगा उपयोग
सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्रालय चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर ऑपरेशन के लिए इन हेलीकॉप्टरों को खरीदने के मामले को मजबूती से आगे बढ़ा रहा है। यह देश में रोजगार सृजन और एयरोस्पेस पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।
सूत्रों ने बताया कि एचएएल को पिछले साल जून में 156 हल्के लड़ाकू हेलीकाप्टर के लिए निविदा मिली थी। विचार-विमर्श के बाद यह परियोजना अब अंतिम मंजूरी के लिए तैयार है। 156 हेलीकॉप्टरों में से 90 थलसेना के लिए होंगे, जबकि 66 भारतीय वायु सेना के लिए होंगे। इस संयुक्त खरीद के लिए भारतीय वायुसेना प्रमुख एजेंसी है।
हेलीकॉप्टर को प्रचंड के नाम से भी जाना जाता है
हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर को प्रचंड के नाम से भी जाना जाता है। यह दुनिया का एकमात्र अटैक हेलीकॉप्टर है जो 5,000 मीटर (16,400 फीट) की ऊंचाई पर उतर सकता है और उड़ान भर सकता है। इसकी यही खासियत इसे सियाचिन ग्लेशियर और पूर्वी लद्दाख के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में संचालन के लिए आदर्श बनाता है।
प्रचंड हवा से जमीन और हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को दागने में भी सक्षम है और दुश्मन के हवाई रक्षा अभियानों को नष्ट कर सकता है। सरकार आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत मेक इन इंडिया के माध्यम से रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने के इरादे पर जोर दे रही है।
स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के लिए सबसे बड़ा ऑर्डर
सरकार ने 83 हल्के लड़ाकू विमान सहित स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के लिए सबसे बड़ा ऑर्डर दिया है। साथ ही 97 और विमानों का आर्डर करने की प्रक्रिया में है और इसके लिए बातचीत पूरी हो चुकी है।
65 प्रतिशत रक्षा उपकरण भारत में हो रहे निर्मित
सरकार ने घोषणा की है कि अब 65 प्रतिशत रक्षा उपकरण भारत में निर्मित होते हैं जबकि पूर्व में 65-70 प्रतिशत रक्षा उपकरण आयात किए जाते थे। यह भारत की आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। 'मेक इन इंडिया' पहल के बाद से भारत का रक्षा उत्पादन बहुत तेज गति से बढ़ा है।
2023-24 में यह 1.27 लाख करोड़ रुपये के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया है। रक्षा मंत्रालय द्वारा मंगलवार को साझा की गई फैक्ट शीट में बताया गया है कि भारत के विविध निर्यात पोर्टफोलियो में बुलेटप्रूफ जैकेट, डोर्नियर (डीओ-228) एयरक्राफ्ट, चेतक हेलीकॉप्टर, फास्ट इंटरसेप्टर बोट्स और हल्के टारपीडो शामिल हैं।
विशेष रूप से बिहार में बने जूतों का इस्तेमाल अब रूसी सेना द्वारा किया जा रहा है। यह तमाम चीजें भारत की उच्च निर्माण क्षमताओं को दर्शाती हैं
केंद्रीय मंत्री पर TMC सांसद का आरोप, 'दलाल' कहने पर भाजपा ने की कड़ी निंदा
26 Mar, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तृणमूल कांग्रेस के सांसद कैलाश बनर्जी ने मंगलवार को कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर अमीरों के लिए 'दलाल' के रूप में काम करने का आरोप लगाया और बंगाल के लिए लंबित केंद्रीय धनराशि को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। भाजपा ने तुरंत पलटवार किया। कृषि राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी ने बंगाल के सांसद से चौहान के खिलाफ अपमानजनक भाषा के लिए माफी की मांग की।
भाजपा पर लगाया भेदभाव का आरोप
संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि मनरेगा और पीएमएवाईजी जैसी योजनाओं के तहत बंगाल के लिए केंद्रीय धनराशि पिछले तीन वर्षों से लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र राज्य के साथ भेदभाव कर रहा है क्योंकि भाजपा वहां सरकार बनाने में विफल रही है।
बंगाल के सेरामपुर से सांसद बनर्जी ने आरोप लगाया कि शिवराज चौहान अमीरों के लिए 'दलाल' हैं। वह गरीबों के लिए काम नहीं करते और इसी कारण उन्हें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया। उन्होंने कई बार अपने 'दलाल' वाले बयान को दोहराया।
स्पीकर को कार्यवाही को 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा
इससे पूर्व मंगलवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान, डीएमके और तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा के लिए कुछ राज्यों को भुगतान में कथित देरी के खिलाफ विरोध किया, जिससे स्पीकर को कार्यवाही को 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
बनर्जी ने कहा कि केंद्र ने पिछले तीन वर्षों से धनराशि नहीं दी है और 25 लाख फर्जी जाब कार्ड का हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की 2021 के विधानसभा चुनावों में हार के कारण बंगाल को धनराशि नहीं मिली।
बनर्जी को असंसदीय भाषा के लिए माफी मांगनी चाहिए
कृषि राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बनर्जी को असंसदीय भाषा के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 'सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत पर काम कर रहे हैं। सरकार ने लोकसभा में कहा कि मनरेगा धनराशि जारी करने में किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जल्द ही लंबित बकाया जारी की जाएगी।
बिल्लियों में फैल रहा खतरनाक एफपीवी वायरस, संक्रमित बिल्लियों के जीवित रहने की संभावना 1%
25 Mar, 2025 10:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु
कर्नाटक के रायचूर जिले में एफपीवी नामक एक खतरनाक वायरस बिल्लियों में तेजी से फैल रहा है, जिससे सैकड़ों बिल्लियों की मौत हो चुकी है। इस वायरस से संक्रमित बिल्लियों के जीवित रहने की संभावना केवल 1% है, और यह वायरस बहुत तेजी से फैलता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस वायरस से इंसानों और कुत्तों को कोई खतरा नहीं है, लेकिन बिल्लियों के मालिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
पूरे राज्य में फैल रहा वायरस
एफपीवी वायरस अब पूरे राज्य में फैल चुका है, और यह बहुत तेजी से बिल्लियों को संक्रमित करता है। रायचूर जिले में सौ से अधिक बिल्लियों में यह वायरस पाया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि एक समूह में 10 बिल्लियां हैं, और उनमें से एक संक्रमित है, तो यह वायरस कुछ ही सेकंड में बाकी सभी बिल्लियों में फैल सकता है। इस वायरस से बचने के लिए बिल्लियों के मालिकों को सावधानी बरतनी चाहिए।
खतरनाक है वायरस
बताया जा रहा है कि यह वायरस इतना खतरनाक है अगर एक ग्रुप में 10 बिल्लियां हैं, और उनमें से एक वायरस से संक्रमित है, तो वायरस कुछ ही सेकंड में आस-पास की सभी बिल्लियों में फैल जाएगा। इससे बिल्ली और कुत्ते पालने वालों में चिंता पैदा हो गई है। एडिनबर्ग एनिमल हॉस्पिटल के विशेषज्ञों ने कहा है कि एफपीवी वायरस से मनुष्यों और कुत्तों को कोई खास खतरा नहीं है। हालांकि, यह संभव है कि यह वायरस मनुष्यों द्वारा पहने गए कपड़ों, जूतों या हाथों के संपर्क के माध्यम से बिल्लियों में फैल सकता है।
'सौगात-ए-मोदी' योजना के तहत 32 लाख गरीब मुसलमानों को मिलेगा तोहफा, आखिर क्या है यह योजना?
25 Mar, 2025 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ईद के अवसर पर केंद्र सरकार ने मुसलमानों के लिए एक विशेष उपहार की घोषणा की है। नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा 32 लाख गरीब मुसलमानों को 'सौगात ए मोदी' प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें ईद का त्योहार मनाने में कोई कठिनाई न हो। इस संदर्भ में भाजपा नेता नीरज कुमार ने कहा कि मुस्लिम समुदाय को कुछ दलालों और ठेकेदारों के प्रभाव से बाहर आना चाहिए। उन्होंने बताया कि भाजपा के 32 हजार कार्यकर्ता 32 हजार मस्जिदों में जाकर इन 32 लाख गरीब मुसलमानों को 'सौगात ए मोदी' प्रदान करेंगे। नीरज कुमार ने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की चिंताएं उचित हैं, क्योंकि नरेंद्र मोदी ने मुसलमानों के लिए ईदी योजना और उस्ताद योजना जैसे कार्यक्रम चलाए हैं और तीन तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त किया है, जिसके कारण हमें उनका वोट नहीं मिल पाता।
इस्पे भाजपा नेता ने कही ये बात
भाजपा नेता ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि कुछ शिक्षित मुस्लिम युवा और महिलाएं निश्चित रूप से मोदी जी और एनडीए को वोट दे रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मुस्लिम वोट के ठेकेदारों का भरोसा अब उठ रहा है, जिससे मुस्लिम मतदाता धीरे-धीरे एनडीए की ओर आकर्षित हो रहे हैं। सोमवार को पटना में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा इफ्तार का आयोजन किया गया था, जिसमें चिराग पासवान की इफ्तार पार्टी से कई मुस्लिम नेताओं ने दूरी बनाई। इस पर चिराग पासवान ने कहा कि केंद्र सरकार मुसलमानों के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, लेकिन इसके बावजूद मुस्लिम समुदाय का वोट एनडीए को नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मुसलमानों का उपयोग केवल वोट बैंक के रूप में किया गया है।
सौगात ए मोदी योजना क्या है?
सौगात ए मोदी योजना भारतीय जनता पार्टी द्वारा आरंभ किया गया एक विशेष कार्यक्रम है, जिसका मुख्य उद्देश्य मुस्लिम समुदाय के बीच कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार करना और भाजपा तथा एनडीए के लिए राजनीतिक समर्थन प्राप्त करना है। यह योजना रमजान और ईद जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर केंद्रित है, जिससे इसकी विशेषता और भी बढ़ जाती है। इस पहल के तहत, केंद्र सरकार ने 32 लाख मुस्लिम परिवारों तक पहुंचने और 3 हजार मस्जिदों के साथ सहयोग स्थापित करने की योजना बनाई है। कुछ लोग इसे समावेशी दृष्टिकोण के रूप में देख रहे हैं, जबकि अन्य इसे राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मानते हैं। यह अभियान भाजपा की व्यापक राजनीतिक रणनीति का एक महत्वपूर्ण घटक माना जा रहा है।
को-फाउंडर ने अपनी पत्नी पर चेन्नई पुलिस की मिलीभगत से परेशान करने का लगाया आरोप
25 Mar, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रसन्ना शंकर केस: रिपलिंग के को-फाउंडर प्रसन्ना शंकर इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर काफी चर्चा में हैं। उन्होंने अपनी पत्नी पर उन्हें परेशान करने और बच्चे को किडनैप करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा उन्होंने अपनी पत्नी के अफेयर के राज भी उजागर किए हैं। प्रसन्ना शंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अपनी कहानी शेयर की है।
पुलिस की मिलीभगत से उन्हें परेशान किया जा रहा है
प्रसन्ना शंकर ने अपनी पत्नी पर चेन्नई पुलिस की मिलीभगत से उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने एक पोस्ट में बताया कि वह अपनी पत्नी से अलग रह रहे हैं और अब पत्नी तलाक के लिए मोटी रकम मांग रही है।
10 साल पहले हुई थी शादी
आपको बता दें कि प्रसन्ना शंकर और दिव्या शशिधर की मुलाकात नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, तिरुचिरापल्ली (NIT त्रिची) में हुई थी। उनकी शादी 10 साल पहले हुई थी और उनका एक 9 साल का बेटा है, जिसकी कस्टडी को लेकर विवाद चल रहा है।
अवैध संबंध के बारे में भी बताया
प्रसन्ना शंकर ने बताया कि उनकी पत्नी उन्हें धोखा दे रही है और 6 महीने से अनूप नाम के शख्स के साथ रिलेशनशिप में है। उन्होंने बताया कि उन्हें इस संबंध के बारे में अनूप की पत्नी से पता चला। अनूप की पत्नी ने उनके बीच हुई बातचीत का सबूत भेजा। शंकर ने एक्स पर चैट के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए हैं।
फर्जी शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया
उन्होंने बताया कि इसके बाद हम इस बात पर बात कर रहे थे कि मुझे उसे तलाक के तौर पर कितने मिलियन डॉलर देने होंगे। वह नाखुश थी और उसने मेरे खिलाफ फर्जी पुलिस शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया कि मैंने उसे मारा है।
बेटे के अपहरण का भी झूठा आरोप
शंकर ने अपनी पत्नी पर अपने 9 साल के बेटे के अपहरण का भी आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि दिव्या ने उनसे बड़ा सेटलमेंट पाने की कोशिश में भारत में नहीं बल्कि अमेरिका में तलाक का केस दायर किया। फिर उसने उनके बेटे का 'अपहरण' किया और उसे अमेरिका ले गई।
तिरूवनंतपुरम में इंडिगो विमान से टकराया पक्षी, यात्रियों की जान बची
25 Mar, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केरल के तिरूवनंतपुरम में एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। तिरूवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इंडिगो की एक उड़ान से पक्षी टकराने की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद फ्लाइट को रद्द कर दिया गया है। चिंता वाली बात ये भी थी कि जिस वक्त विमान से पक्षी टकराया तब विमान में कुल 179 यात्री सवार थे। आइए जानते हैं इस पूरी घटना के बारे में।
उड़ान भरने से ठीक पहले हुई घटना
विमान के साथ पक्षी टकराने का ये मामला केरल के तिरूवनंतपुरम में सोमवार की सुबह हुई है। अधिकारियों ने बताया है कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ये घटना उड़ान भरने से ठीक पहले हुई है। इस हादसे के वक्त विमान में 179 यात्री सवार थे। अधिकारियों के मुताबिक, तिरुवनंतपुरम से बेंगलुरु जा रही इंडिगो की एक उड़ान से एक पक्षी टकराने के बाद बेंगलुरु जाने वाली एक उड़ान रद्द कर दी गई।
जानें बर्ड हिट के बारे में
विमानों से पक्षियों के टकराने के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। जब कोई विमान किसी पक्षी से टकराता है तो इस घटना को बर्ड हिट या बर्ड स्ट्राइक का नाम दिया जाता है। दुनियाभर में बर्ड हिट की सैकड़ों घटनाएं देखने को मिल चुकी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पक्षियों के टक्कर से विश्व भर में 250 से ज्यादा विमान नष्ट हो चुके हैं। बीते साल दिसंबर महीने दक्षिण कोरिया में बर्ड हिट का मामला सामने आया था। इस कारण विमान में सवार 124 लोगों की जान चली गई थी।
विमान को क्या नुकसान होता है?
आम तौर पर विमान से पक्षियों के टकराने की घटनाएं एयरपोर्ट के आसपास होती है जब विमान लैंडिंग करने वाला होता है या उड़ान भरने वाला होता है। ऐसे समय में विमान कम ऊंचाई पर होता है, लिहाजा पक्षी आकर अक्सर उससे टकरा जाते हैं। कई बार पक्षियों के टक्कर से विमान को कुछ नहीं होता लेकिन क बार ये घातक भी हो जाता है। पक्षी के टकराने से विमान का इंजन अचानक बंद हो सकता है। कई बार इंजन पूरी तरह फेल हो सकता और उसमें आग तक लग सकती है। पक्षियों की टक्कर से विमान के पंखे का ब्लेड क्षतिग्रस्त होने का डर होता है। इससे इंजन फेल होने या उसमें आग लगने की घटना होने की संभावना रहती है।
कुणाल कामरा ने शिंदे पर जोक विवाद पर दी पहली प्रतिक्रिया, कहा....
25 Mar, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर कटाक्ष करने को लेकर हुए विवाद पर स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सोमवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सिर्फ शक्तिशाली लोगों की सराहना करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। कामरा ने कहा कि सार्वजनिक व्यक्तियों पर चुटकुले बनाने का उनका अधिकार कभी भी बदलने वाला नहीं है। साथ ही उन्होंने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगने से भी इंकार कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी भी कानूनी कार्रवाई में पुलिस के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं।
कामरा की टिप्पणी के बाद शिवसेना कार्यकर्ताओं ने मुंबई के उस स्टूडियो में तोड़फोड़ की, जहां उन्होंने अपना कॉमेडी शो रिकॉर्ड किया था। हमले से प्रभावित हैबिटेट कॉमेडी क्लब ने अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की है। इस विवाद को लेकर कुणाल कामरा के खिलाफ पहले ही FIR दर्ज हो चुकी है।
हैबिटेट पर हमले के लिए जिम्मेदार भीड़ को लेकर कुणाल कामरा ने कहा, "एंटरटेनमेंट वेन्यू सिर्फ एक मंच है। यह हर प्रकार के शो के लिए एक जगह है। हैबिटेट (या कोई और वेन्यू) मेरी कॉमेडी के लिए जिम्मेदार नहीं है, न ही वह यह नियंत्रित कर सकता है कि मैं क्या कहूं या करूं, न ही कोई राजनीतिक पार्टी। एक कॉमेडियन के शब्दों पर हमले करना उतना ही बेवकूफी है, जितना कि टमाटर ले जाने वाली लॉरी को पलटना, क्योंकि आपको परोसा गया बटर चिकन पसंद नहीं आया।"
नेताओं की धमकी पर क्या कहा?
राजनीतिक नेताओं द्वारा दी जा रही धमकियों पर उन्होंने कहा, "हमारे बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार केवल अमीर और शक्तिशाली लोगों की तारीफ करने के लिए नहीं होना चाहिए, हालांकि आजकल का मीडिया यही सिखाने की कोशिश कर रहा है। एक शक्तिशाली सार्वजनिक व्यक्ति की कीमत पर मजाक को बर्दाश्त न कर पाने की आपकी अक्षमता मेरे अधिकार की प्रकृति को नहीं बदलती। जितना मैं जानता हूं, नेताओं और हमारे राजनीतिक तंत्र के इस तमाशे पर मजाक उड़ाना कानून के खिलाफ नहीं है।"
तोड़फोड़ करने वालों पर होगी कार्रवाई?
कुणाल कामरा ने यह भी दोहराया कि वह पुलिस और अदालतों के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं, लेकिन यह सवाल उठाया कि क्या कानून उन लोगों के खिलाफ समान रूप से लागू किया जाएगा, जिन्होंने तोड़फोड़ की है। उन्होंने यह भी बताया कि गैर-निर्वाचित बीएमसी अधिकारियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के हैबिटेट के कुछ हिस्सों को ध्वस्त कर दिया।
"अगली बार उस वेन्यू को चुनूंगा, जिसे ध्वस्त करने की जरूरत हो"
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, "अगली बार जब मैं नया वेन्यू चुनूंगा, तो शायद एल्फिंस्टोन ब्रिज या मुंबई के किसी अन्य ढांचे को चुन लूंगा, जिसे जल्दी से ध्वस्त करने की जरूरत हो।"
नंबर लीक करने और परेशान करने वालों को जवाब
उनके नंबर लीक करने और लगातार परेशान करने वालों को लेकर कामरा ने कहा, "जो लोग मेरा नंबर लीक कर रहे हैं या मुझे लगातार कॉल कर रहे हैं, मुझे यकीन है कि अब तक आपने समझ लिया होगा कि सारे अनजान कॉल मेरी वॉयसमेल पर जाते हैं, जहां आप उस गाने का सामना करेंगे, जिससे आप नफरत करते हैं।"
क्या है मामला?
दरअसल, कुणाल कामरा ने एक स्टैंड-अप शो के दौरान एकनाथ शिंदे पर पाला बदलने को लेकर जोक किया था। उन्होंने शिंदे पर तंज कसते हुए 'गद्दार' कह दिया। इससे शिंदे की पार्टी शिवसेना के कार्यकर्ता नाराज हो गए और स्टूडियों में तोड़फोड़ की।
डीजीसीए ने एयरलाइंस को 27 मार्च तक लागू करने की दी डेडलाइन
25 Mar, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने यात्रियों की सुविधा के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। डीजीसीए ने सभी एयरलाइनों को निर्देश दिया गया है कि वे टिकट बुक होने के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय पर उपलब्ध यात्री चार्टर का ऑनलाइन लिंक यात्री को (एसएमएस/वाट्सएप) मैसेज के रूप में भेजें ताकि यात्रियों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी मिल सके।
इस लिंक में यात्रियों के अधिकारों, नियमों और शिकायत निवारण की पूरी जानकारी होगी, जिससे उन्हें किसी भी समस्या के समाधान में आसानी हो। यह जानकारी एयरलाइन की वेबसाइट और टिकट पर भी प्रमुखता से होनी चाहिए।
27 मार्च तक लागू करने को कहा
विमानन नियामक ने विमान सेवा देने वाली कंपनियों को यात्रियों से जुड़े नियमों और ग्राहकों के अधिकारों से संबंधित प्रविधानों का प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया है। डीजीसीए ने इस संबंध में सात मार्च को सभी एयरलाइंस को पत्र भेजा और इसे 27 मार्च 2025 तक लागू करने की बात कही गई है।
डीजीसीए के आदेश के बाद सभी एयरलाइन कंपनियों ने अपने सिस्टम में बदलाव करना शुरू कर दिए है। स्पाइसजेट ने इस प्रक्रिया को लागू कर दिया है और यात्रियों को उनके अधिकारों की जानकारी टिकट बुकिंग के साथ भेजी जा रही है।
मैदानी इलाकों में गर्मी से परेशानी बढ़ेगी, तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ेगा
25 Mar, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जैसे-जैसे मार्च का महीना अपनी समाप्ति की ओर बढ़ रहा है, मौसम में गर्मी बढ़ती जा रही है। अभी भले ही देश के कुछ स्थानों पर बारिश और तेज हवाएं चलती दिख रही हैं, लेकिन 30 मार्च तक बारिश का नामोनिशान खत्म हो जाएगा। मौसम विभाग ने भयंकर गर्मी का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से आने वाले कुछ दिनों में पहाड़ों पर बारिश देखने को मिल सकती है। लेकिन मैदानी इलाकों और खासकर उत्तर प्रदेश में गर्मी का प्रकोप लोगों के पसीने निकालने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।
कहीं बारिश, तो कहीं गिरे ओले
बीते 24 घंटे की बात करें, तो आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भयंकर बारिश हुई। वहीं पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और तेलंगाना में ओलावृष्टि देखने को मिली। इस दौरान ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में तेज हवाएं भी चलीं।
गुजरात के सुरेंद्रनगर में देश का सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जो 41 डिग्री रहा। 24 मार्च को प्रायद्वीपीय भारत के ज्यादातर हिस्सों में मेघगर्जन के साथ-साथ वज्रपात की स्थिति रही।
दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय
इस वक्त दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं। पहला पश्चिमी विक्षोभ झारखंड और बिहार के ऊपर बना हुआ है, जबकि दूसरा पश्चिमी विक्षोभ कतर के पास सक्रिय है। इनके कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 27 मार्च तक फिर से बारिश शुरू होने की संभावना है।
प्रायद्वपीय भारत के कई स्थानों पर 25 मार्च को गरज के साथ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। 26 और 27 मार्च को जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश और 28 मार्च को अरुणाचल प्रदेश के लिए भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
गर्मी से निकलेगा दम
उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी स्थानों में कई जगहों पर अगले 2 दिनों के दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि उत्तर प्रदेश में काफी गर्मी पड़ने वाली है। यहां अगले 4 दिनों में तापमान में 4 से 6 डिग्री की वृद्धि हो सकती है।
पश्चिम भारत और पूर्वोत्तर भारत में भी अगले 4-5 दिमों में तापमान में 4 से 6 डिग्री की बढ़ोतरी होगी। मध्य भारत और महाराष्ट्र में 4 से 5 दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है। वहीं गुजरात में अगले 24 घंटे में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा।
भारतीय सेना को मिलेगी अत्याधुनिक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल
25 Mar, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय थलसेना और वायु सेना को जल्द ही 800 किमी से अधिक की दूरी पर स्थित लक्ष्यों को भेदने में सक्षम ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें मिलेंगी। घातक क्षमता वाली इन अत्याधुनिक मिसाइलों से रक्षा बलों की ताकत में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी। रक्षा सूत्रों ने बताया कि इनमें से करीब 250 मिसाइलों के अधिग्रहण के प्रस्ताव को रक्षा अधिग्रहण परिषद ने मंजूरी दे दी है। अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति के पास ले जाया जाएगा।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में किया जाएगा तैनात
उन्होंने कहा कि इन मिसाइलों को रेगिस्तान और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। पहले इन मिसाइलों की मारक क्षमता 300 किलोमीटर के आसपास हुआ करती थी, लेकिन अब इनकी क्षमता में काफी वृद्धि की गई है और ये 800 किलोमीटर तक के लक्ष्य को भेद सकती हैं।
सूत्रों ने कहा कि ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों के लिए दोनों सेनाओं की ओर से दिया गया प्रस्ताव भारतीय नौसेना को मिलने वाली मिसाइलों का ही एक दोहरा ऑर्डर है। गौरतलब है कि ब्रह्मोस भारतीय शस्त्र निर्माण उद्योग में सबसे सफल संयुक्त उपक्रमों में से एक रहा है, भले ही इसका अधिकांश हिस्सा रूस द्वारा निर्मित किया जाता है।
भारतीय पक्ष शस्त्र प्रणाली के प्रमुख भागों के स्वदेशीकरण की दिशा में काम कर रहा है और निजी क्षेत्र के उद्योग के समर्थन से कुछ क्षेत्रों में सफलता भी हासिल की है। रूसी समर्थन से इस मिसाइल को फिलीपींस को सफलतापूर्वक निर्यात किया जा रहा है और अधिक देश इसमें रुचि दिखा रहे हैं।
दहला लद्दाख! 3.6 तीव्रता वाला भूकंप, राजधानी लेह में सहमे लोग
24 Mar, 2025 04:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली एक बार फिर भारत में भूकंप आया है। भूकंप के झटकों से भारत की धरती कांप उठी। आपके जागने से पहले ही सुबह-सुबह धरती डोल उठी। उसके बाद लोग गिरते-पड़ते घरों से भागकर बाहर निकले। दरअसल आज (24 मार्च) सुबह-सुबह लद्दाख में 3.6 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। इस भूकंप का केंद्र लद्दाख की राजधानी लेह में 34.35 उत्तरी अक्षांश और 78.06 पूर्वी देशांतर पर 10 किमी गहराई में था।
नेशनल सीस्मोलॉजी सेंटर (NCS) के मुताबिक, यह भूकंप सुबह 4 बजकर 32 मिनट 58 सेकंड पर आया। जैसे ही भूकंप के झटके महसूस हुए, लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि भूकंप के झटकों से ही उनकी नींद खुली और फिर वो घरों से बाहर निकल आए। हालांकि इस भूकंप के किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
बता दें कि लद्दाख हिमालय पर्वत के पास स्थित है, इसी वजह से भूकंप के लिहाज से यह संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यहां छोटे-छोटे भूकंप का आना सामान्य बात है, लेकिन बड़े भूकंप का खतरा भी बना रहता है। इस बार जो भूकंप आया है, वो सामान्य है। इस बार भी जो भूकंप आया है, उसकी रिक्टर स्केल पर 3.6 तीव्रता मापी गई है। ऐसे भूकंप से नुकसान की संभावना कम रहती है।
होली के दिन सुबह-सुबह कांपी थी लद्दाख की धरती
बता दें कि लद्दाख और जम्मू-कश्मीर की धरती होली के दिन भी कांपी थी। लद्दाख और जम्मू-कश्मीर पर रात 2.50 पर और अरुणाचल प्रदेश में सुबह 6 बजे भूकंप के झटके महसूस हुए। लद्दाख के कारगिल में 5.2 तीव्रता का भूकंप आया। वहीं अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग इलाके में 4.0 तीव्रता का भूकंप मांपा गया था।
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