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बैंक धोखाधड़ी पर तुरंत कार्रवाई संभव, SC ने दिया बड़ा निर्णय
8 Apr, 2026 09:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में दो जजों की बेंच ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि लोन लेने वाले शख्स को अपना खाता धोखाधड़ी वाला घोषित किए जाने से पहले बैंक द्वारा व्यक्तिगत सुनवाई का अधिकार नहीं है। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उधारकर्ता को उस फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट को प्राप्त करने का अधिकार है, जिसके आधार पर बैंक द्वारा कार्रवाई की गई थी।
मंगलवार को जस्टिस जेबी पादरीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने पिछले तीन वर्षों में सार्वजनिक रकम के 67,226 करोड़ रुपये से जुड़े 73, 507 बैंक धोखाधड़ी के मामलों की जानकारी देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में व्यक्तिगत मौखिक सुनवाई देना व्यावहारिक नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
बेंच ने कहा कि बैंकों द्वारा अकाउंट को धोखाधड़ी वाला अकाउंट घोषित करने से पहले कारण बताओ नोटिस भेजा गया और उधारकर्ताओं को जवाब देने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। पीठ ने स्पष्ट किया कि बैंकों द्वारा अपनाई जाने वाली यह प्रक्रिया निष्पक्षता की आवश्यकताओं को पूरा करती है और न्याय के उल्लंघन को भी रोकती है।
पीठ ने कहा, धोखाधड़ी का वर्गीकरण मुख्य रूप से वित्तीय विवरण, लेनदेन रिकॉर्ड, स्टॉक विवरण और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों जैसे दस्तावेजी सबूतों पर आधारित होता है।अदालत ने कहा, मौखिक सुनवाई से एक त्वरित प्रशासनिक प्रक्रिया लंबी खिंच जाएगी, जिससे इसका मूल उद्देश्य ही विफल हो जाएगा। इससे रसद पर भी काफी बोझ पड़ेगा। साथ ही उधारकर्ताओं को संपत्ति को नष्ट करने, सबूत मिटाने या फरार होने का भी अवसर मिलेगा, जिससे भारी नुकसान होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया हाई कार्ट का आदेश
फैसला लिखने वाले जस्टिस विश्वनाथन ने कहा, मौखिक सुनवाई की अनुमति देने से सार्वजनिक धन खतरे में पड़ जाएगा क्योंकि उधारकर्ता बैंकों से ऋण लेते रहेंगे और बैंक कर्मचारियों पर भारी बोझ पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालयों के उन आदेशों को रद्द कर दिया जिनमें बैंकों को खाताधारक को मौखिक सुनवाई दिए बिना किसी भी खाते में धोखाधड़ी घोषित न करने का निर्देश दिया गया था।
हिंसक घटनाओं में इजाफा: मणिपुर बम हमले के बाद जनता में फैल गया डर
8 Apr, 2026 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इम्फाल। मणिपुर के बिष्णुपुर जिला में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में सोमवार देर रात उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया, जिसमें पांच साल के एक लडक़े और छह महीने की बच्ची की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने घटना के विरोध में मंगलवार सुबह प्रोटेस्ट किया। इलाके में एक पेट्रोल पंप के पास दो ऑयल टैंकर और एक ट्रक में आग लगा दी। उन्होंने मोइरांग पुलिस स्टेशन के सामने टायर जलाए और एक पुलिस चौकी को तोड़ दिया। इसके बाद भीड़ ने घटनास्थल से 100 मीटर दूर सीआरपीएफ कैंप पर भी हमला कर दिया।
जवाबी फायरिंग में दो की मौत हो गई, पांच घायल हो गए। मणिपुर सरकार ने मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डाटा सर्विस को तीन दिनों के लिए बंद कर दिया है।
बेंगलुरु में हाई अलर्ट: DRDO की GTRE लैब को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल
7 Apr, 2026 09:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। बेंगलुरु के ब्यप्पनहल्ली स्थित DRDO की गैस टरबाइन रिसर्च एस्टैब्लिशमेंट (GTRE) लैब को मंगलवार को बम से उड़ाने की धमकी वाले कई ईमेल मिले। धमकी मिलने के बाद परिसर को तुरंत खाली कराया गया। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। साथ ही बम डिस्पोजल स्क्वायड और फायर ब्रिगेड की मदद से पूरे इलाके की जांच की। जांच के बाद पाया गया कि धमकी झूठी थी। जांच करने वाले अफसरों के मुताबिक, ईमेल तमिल भाषा में लिखा गया था। जिसमें दावा किया गया था कि कैंपस में बम लगाए गए हैं और वे दोपहर करीब 1:30 बजे विस्फोट हो जाएंगे। बेंगलुरु में स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की एक लैब है, को बम से उड़ाने की धमकी भरे कई ईमेल मिले हैं। यह लैब बयप्पनहल्ली पुलिस स्टेशन क्षेत्र में स्थित है। अधिकारियों के अनुसार, ईमेल मिलने के बाद पुलिस ने बम निरोधक दस्ते और अग्निशमन सेवाओं के साथ मिलकर परिसर को खाली कराया और गहन तलाशी ली, जिसके बाद वहां कुछ नहीं मिला।
अलग-अलग दिनों में भेजी गई 8 धमकियां
पुलिस के अनुसार, यह अकेली घटना नहीं है। एक ही ई-मेल आईडी से अलग-अलग दिनों में आठ धमकियां भेजी गई हैं। सभी ई-मेल की भाषा समान थी, बस तारीख और समय बदलकर भेजा गया। पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियां गहनता से जांच कर रही हैं और धमकी के पीछे की मंशा समझने की कोशिश कर रही हैं।
तमिलनाडु CM के पोते को किडनैपिंग की भी धमकी दी थी
ईमेल में यह भी धमकी दी गई थी कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के पोते इनबानिधि को किडनैप किया जाएगा। बताया जा रहा है कि यह मेल ‘Kiruthiha.udhayanidhi@hotmail’ आईडी से भेजा गया था। पुलिस ने बताया कि सेंट्रल क्राइम ब्रांच पुलिस (CCB) मामले की जांच कर रही है। साथ ही ईमेल भेजने वालों की तलाश की जा रही है।
प्रचार बंद, अब सियासत का फैसला बड़े गठबंधन और नेताओं पर निर्भर
7 Apr, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केरल। में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार आज (7 अप्रैल) समाप्त हो गया। राज्य में 9 अप्रैल को मतदान होना है। 140 विधानसभा सीटों के लिए गुरुवार सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू हो जाएगी। इस बार चुनाव में 883 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें 375 राष्ट्रीय दलों से, 81 राज्य की पार्टियों से, 145 गैर-पंजीकृत दलों से और 282 निर्दलीय उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं।
केरल में चुनाव से जुड़ी अहम तारीखें?
केरल में एक चरण में मतदान
ग्राफिक-1
केरल में कितने मतदाता और मतदान केंद्र?
चुनाव आयोग के अनुसार, 2026 के केरल विधानसभा चुनाव में कुल 2,71,42,952 (लगभग 2.71 करोड़) मतदाता मतदान करने के योग्य हैं।
कुल मतदाता: 2,71,42,952
पुरुष मतदाता: 1,32,20,811
महिला मतदाता: 1,39,21,868
थर्ड जेंडर मतदाता: 273
केरल चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, इस बार राज्य में कुल 25 हजार 147 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं।
केरल में इस बार खास चेहरे-मुकाबले कौन से?
2026 के केरल विधानसभा चुनाव में कई प्रमुख चेहरे और बेहद दिलचस्प मुकाबले देखने को मिल रहे हैं, खासकर मध्य केरल (एर्नाकुलम, इदुक्की, कोट्टायम और अलप्पुझा) में जहां चुनाव केवल पार्टी के गणित के बजाय चेहरों और व्यक्तिगत वफादारी पर केंद्रित हो गया है।
पिनरई विजयन: केरल के मौजूदा मुख्यमंत्री और लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) गठबंधन के प्रमुख नेता विजयन अपनी पारंपरिक धर्मदम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
वीडी. सतीशन: विपक्षी गठबंधन के मुख्य नेता और कांग्रेस के प्रमुख चेहरे सतीशन परवूर सीट से चुनावी मैदान में हैं। वे राहुल गांधी के साथ चुनाव प्रचार अभियान में जोर-शोर से जुड़े रहे हैं, ताकि मध्य केरल में ज्यादा सीटें जुटाई जा सकें।
राजीव चंद्रशेखर और के. सुरेंद्रन: ये दोनों भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के बड़े चेहरे हैं। राजीव चंद्रशेखर नेमोम से और के. सुरेंद्रन मंजेश्वरम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
जी. सुधाकरन: मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से बगावत कर निर्दलीय ही अंबलप्पुझा सीट से चुनाव में हैं। उनका मुकाबला माकपा के एच. सलाम से है, जो कभी खुद सुधाकरन का चुनाव प्रचार संभालते थे। मजेदार बात यह है कि यहां से यूडीएफ ने अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है और सुधाकरन को ही समर्थन दे दिया है।
केरल में पिछले चुनाव के क्या नतीजे थे?
केरल में पिछले विधानसभा चुनाव 6 अप्रैल 2021 में आयोजित किए गए थे और इसके नतीजे 2 मई 2021 को घोषित किए गए थे।
एलडीएफ की ऐतिहासिक जीत: सत्ताधारी माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ गठबंधन ने 140 में से 99 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में दोबारा वापसी की थी। यह संख्या उनके पिछले चुनाव की तुलना में आठ सीटें ज्यादा थी।
यूडीएफ का प्रदर्शन: कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन (यूडीएफ) को 41 सीटों पर जीत मिली, जो उनके पिछले चुनाव के प्रदर्शन से छह सीटें कम थीं।
एनडीए का खराब प्रदर्शन: भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को इस चुनाव में एक भी सीट नहीं मिली थी और उनका वोट शेयर भी पहले से घट गया था।
केरल में इस चुनाव के क्या मुद्दे?
केरल विधानसभा चुनाव 2026 में राजनीतिक दलों की ओर से विकास, लोकलुभावन वादों, स्थानीय भावनाओं और व्यक्तिगत चेहरों को मुख्य मुद्दा बनाया गया है। विकास और कल्याणकारी वादे: सत्ताधारी एलडीएफ गठबंधन ने अपने चुनाव प्रचार का मुख्य केंद्र विकास को बनाया है और इसके लिए राज्य के उत्तरी, मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में विकास प्रगति मार्च निकाले हैं। दूसरी ओर, विपक्षी यूडीएफ गठबंधन ने कई बड़े चुनावी वादे किए हैं, जिनमें कॉलेज जाने वाली लड़कियों को 1,000 रुपये प्रति माह का भत्ता, 3,000 रुपये की सामाजिक कल्याण पेंशन, युवाओं को रोजगार के लिए पांच लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण, केएसआरटीसी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा और हर परिवार के लिए 25 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर (ओमन चांडी स्वास्थ्य बीमा) शामिल है। विदेशी अंशदान (एफसीआरए) संशोधन विवाद: विदेशी अंशदान (विनियमन) ढांचे में किए गए संशोधनों पर विवाद भी एक अहम मुद्दा है। चर्च समूहों ने इन संशोधनों की आलोचना की है। इसके जवाब में भाजपा उम्मीदवार शोन जॉर्ज ने बचाव करते हुए कहा है कि इससे केवल उन्हीं लोगों को चिंता करने की जरूरत है जिन्हें विदेशों से अवैध धन प्राप्त हुआ है।
सत्ता विरोधी लहर और गुटबाजी: उदुंबनचोला जैसी कुछ सीटों पर विपक्षी यूडीएफ उम्मीदवार माकपा के अंदर चल रहे कथित आंतरिक असंतोष और सत्ता विरोधी लहर का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। कई चुनाव प्रचारों में भी यूडीएफ नेताओं ने इस एंटी-इन्कंबेंसी को भुनाने की कोशिश की है। मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए एलडीएफ ने मट्टारुंडु एलडीएफ अल्लाथे (एलडीएफ के अलावा और कौन?) और यूडीएफ ने केरलम जयिक्कुम, यूडीएफ नायिक्कुम (केरल जीतेगा, यूडीएफ नेतृत्व करेगा) जैसे नारे दिए हैं। वहीं, एनडीए ने बदलाव की अपील करते हुए मरथथु इनी मारुम (जो नहीं बदला, वो अब बदलेगा) का नारा दिया है।
चुनावी मैदान में अनोखा अंदाज, बुलडोजर लेकर पहुंचे प्रत्याशी
7 Apr, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनाव अपनी पूरी रफ्तार पर है। पूर्वी बर्दवान जिले की गलसी विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार राजू पात्रा मंगलवार को बुलडोजर पर सवार होकर नामांकन दाखिल करने पहुंचे। उनका संदेश स्पष्ट था। चुनाव जीतने पर वे बुलडोजर से अत्याचार, भ्रष्टाचार, माताओं और बहनों के साथ होने वाले उत्पीड़न से लेकर विकास की कमी तक सब कुछ मिटा देंगे। इसके साथ ही वे हिंदुओं के साथ खड़े रहेंगे।
बंगाल में यूपी का 'बुलडोजर मॉडल'
मंगलवार को पूर्वी बर्दवान में चुनाव प्रचार की एक अनोखी रणनीति देखने को मिली। बुलडोजर पर सवार होकर नामांकन दाखिल करने आए भाजपा उम्मीदवार राजू पात्रा ने सबका ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के 'बुलडोजर मॉडल' से प्रेरित होकर पश्चिम बंगाल में हत्या, दुष्कर्म और जबरन वसूली जैसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए 'बुलडोजर राज' लागू किया जाएगा।
भाजपा उम्मीदवार ने स्थानीय मीडियाकर्मियों से कहा कि उत्तर प्रदेश से प्रेरणा लेकर पश्चिम बंगाल में हत्या, दुष्कर्म और जबरन वसूली जैसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए बुलडोजर मॉडल लागू किया जाएगा। मेरे चुने जाने के बाद मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि ऐसे अपराध न हों। मंगलवार को पूर्वी बर्दवान जिले में भाजपा उम्मीदवार के नामांकन कार्यक्रम के लिए जोरदार तैयारियां की गईं। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस दिन, गलसी, औसग्राम, बर्दवान उत्तर, बर्दवान दक्षिण और भातर निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवार बर्दवान रेलवे स्टेशन पर नामांकन दाखिल करने के लिए एकत्रित हुए। दूसरी ओर, मेमारी, खंडाघोष, जमालपुर और रैना निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवार भी बरनिलपुर चौराहे से जुलूस में शामिल हुए।दोनों दिशाओं से आने वाले जुलूस शहर के महत्वपूर्ण स्थान, कर्जन गेट पर आकर मिले। वहां से उम्मीदवार एक साथ नामांकन दाखिल करने के लिए रवाना हुए। बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा, जिसमें 152 सीटों पर मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जिसमें 142 सीटों पर मतदान होगा। विधानसभा चुनाव के परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
हरिद्वार प्रशासन का कदम: मेला क्षेत्र से हटाई गई मांस की दुकानें
7 Apr, 2026 02:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरिद्वार: अगले साल होने वाले अर्ध कुम्भ मेले को ध्यान में रखते हुए, हरिद्वार नगर निगम ने शहरी क्षेत्रों से सभी कच्चे मांस की दुकानों को स्थानांतरित करने का संकल्प लिया है। यह निर्णय सोमवार को हुई बोर्ड बैठक में बहुमत से स्वीकृत हुआ। हरिद्वार की मेयर किरन जैसवाल ने घोषणा की कि लाइसेंस वाली और अवैध दोनों तरह की मांस की दुकानों को सराय गांव में स्थानांतरित किया जाएगा।
इस परिवर्तन को सुविधाजनक बनाने के लिए, नगर निगम ने सराय गांव में 57 दुकानें बनवाई हैं। मेयर जैसवाल ने हरिद्वार के एक धार्मिक तीर्थ स्थल के रूप में महत्व पर प्रकाश डाला, जो भारत और विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इस निर्णय का उद्देश्य इन आगंतुकों की भावनाओं का सम्मान करना है।
केदारनाथ में 3 दिन से बर्फबारी, हिमाचल में आपदा, मध्य प्रदेश और यूपी समेत 20 राज्यों में चेतावनी
7 Apr, 2026 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल/लखनऊ/शिमला/देहरादून:हिमाचल प्रदेश के चंबा में मंगलवार सुबह लैंडस्लाइड से एक निर्माणाधीन पुल टूट गया। भरमौर और होली क्षेत्र को जोड़ने वाला सिंयूर पुल रावी नदी में समा गया। इसके बाद क्षेत्र के कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।उधर देश के 20 से ज्यादा राज्यों में आज से आंधी-तूफान और बारिश की संभावना है। क्योंकि आज से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होगा। बैक-टु-बैक दो सिस्टम एक्टिव होने से मौसम में बदलाव है। मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का नया सिस्टम एक्टिव होने से अगले 3 दिन आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की संभावना रहेगी। आज 34 जिलों में अलर्ट है।
उत्तर प्रदेश के 34 जिलों में बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट है। बीते 72 घंटों में 43 जिलों में बारिश और 10 शहरों में ओलावृष्टि हुई। राजस्थान के 17 जिलों में भी अलर्ट है। 20 से 50 मिमी तक बारिश हो सकती है। कई जिलों में दिन का तापमान 3°C तक बढ़ा है।उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और चमोली में मंगलवार को बर्फबारी हुई। रुद्रप्रयाग के केदारनाथ धाम में लगातार तीन दिन बर्फबारी हुई, जबकि राज्य के 8 जिलों में बारिश हुई।
अगले दो दिन मौसम का हाल
7-8 अप्रैल- पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में भी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर रहेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने 10 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट और 15 राज्यों में यलो अलर्ट जारी किया है।
मध्य प्रदेश: राज्य में नया सिस्टम एक्टिव, 3 दिन आंधी-बारिश; भोपाल-ग्वालियर समेत 34 जिलों में अलर्ट
मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का नया सिस्टम एक्टिव हो गया है। इस वजह से अगले 3 दिन तक उत्तरी और पूर्वी हिस्से में आंधी-बारिश की संभावना रहेगी। आज भोपाल, ग्वालियर समेत 34 जिलों में अलर्ट है। 8 और 9 अप्रैल को भी ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में सिस्टम का असर रहेगा
उत्तर प्रदेश: 34 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, जालौन का तापमान 35.5°C रहा
उत्तर प्रदेश में 34 जिलों में आज बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट है। बीते 72 घंटों में वाराणसी-कानपुर समेत 43 जिलों में बारिश हुई। मथुरा, कानपुर, संभल और जालौन समेत 10 शहरों में ओले गिरे। प्रदेश में पिछले 3 दिनों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने से 15 लोगों की मौत हो चुकी है।
राजस्थान: 17 जिलों में आज तेज बारिश की संभावना, ओलावृष्टि भी हो सकती है
राजस्थान में आज से तेज आंधी-बारिश का अलर्ट है। जयपुर समेत 17 जिलों में बारिश-ओलावृष्टि की संभावना है। यहां 20 से 50 mm बारिश हो सकती है। कई जिलों में दिन का तापमान 3°C तक बढ़ा है।
उत्तराखंड: राज्य में बारिश का ऑरेंज अलर्ट, ओलावृष्टि की चेतावनी
उत्तराखंड के सभी जिलों में आज बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक ऊंचाई वाले जिलों में बर्फबारी भी हो सकती है। देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और उत्तरकाशी में ओलावृष्टि हो सकती है।
पवन खेड़ा के आवास पर असम पुलिस की छानबीन, तीन पासपोर्ट मामले ने बढ़ाई हलचल
7 Apr, 2026 01:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर तीन-तीन पासपोर्ट रखने के आरोप लगाने के बाद अब वरिष्ठ कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा मुश्किल में फंसते नजर आ रहे हैं। मंगलवार 7 अप्रैल को निजामुद्दीन स्थित पवन खेड़ा के घर पास असम क्राइम ब्रांच की टीम पहुंची है। उनकी पत्नी ने असम पुलिस में प्रताड़ित करने की शिकायत की थी। जिस संबंध में जांच के लिए असम पुलिस उनके घर पर आई हुई है। इस दौरान उनके आवास पर दिल्ली पुलिस की टीम भी मौजूद है।
क्या बोले थे खेड़ा?
पवन खेड़ा ने सीएम हिमंत की पत्नी रिंकी भुइयां पर आरोप लगाते हुए कहा था, 'हमारे पास ऐसे दस्तावेज हैं जिसने पता चलता है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा के पास तीन पासपोर्ट हैं। पहला UAE का गोल्डन कार्ड है, दूसरा एंटीगुआ और बारबुडा का पासपोर्ट है और तीसरा मिस्र का पासपोर्ट है। इनमें से दो पासपोर्ट इस्लामिक देशों के हैं, फिर भी वे सार्वजनिक रूप से अपने धार्मिक जुड़ाव का दावा करते रहते हैं।'
सीएम हिमंत ने क्या दी थी प्रतिक्रिया
उल्लेखनीय है कि हाल ही में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी पत्नी के खिलाफ आरोपों को खारिज करते हुए धमकी दी थी। उन्होंने कहा था, 'पवन खेड़ा, पवन पेड़ा बन जाएगा। वो कांग्रेस नेता के नाम पर एक नाटक है, जिसमें कोई मिठास नहीं है।'उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस नेता के खिलाफ मानहानि का केस करेंगे। बता दें कि बिस्वा सरमा ने 2015 में कांग्रेस छोड़ दी थी और बीजेपी में शामिल हो गए थे।
जनहित याचिका: एनएच से मवेशी हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया
7 Apr, 2026 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को देशभर के राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर लावारिस मवेशियों की आवाजाही रोकने के लिए दायर याचिका पर केंद्र सरकार और अन्य पक्षों से जवाब तलब किया है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा। याचिका में प्राधिकरणों को निर्देश देने की मांग की गई है कि वे हाईवे पर मवेशियों के प्रवेश को रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक दिशानिर्देश तैयार करें और उन्हें सख्ती से लागू करें।
लॉयर्स फॉर ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल नामक संगठन द्वारा दायर इस याचिका में विशेष रूप से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे की अनिवार्य घेराबंदी (फेंसिंग) की मांग की गई है। इसके अलावा, वैज्ञानिक तरीके से संचालित गौशालाओं/पशु आश्रयों की स्थापना के लिए निर्धारित फंडिंग सुनिश्चित करने और मवेशियों को अवैध रूप से छोडऩे पर कड़ी दंडात्मक जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की गई है। याचिका में आवारा मवेशियों के कारण होने वाली सडक़ दुर्घटनाओं के पीडि़तों के लिए नो-फॉल्ट मुआवजा व्यवस्था बनाने की भी अपील की गई है।
यह है मांग
समस्या पर राष्ट्रीय स्तर पर दिशानिर्देश तैयार कर सख्ती से लागू करें
दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में एनएच और एक्सप्रेसवे की फेंसिंग की जाए
गौशालाओं की स्थापना के लिए निर्धारित फंडिंग सुनिश्चित की जाए
मवेशियों को अवैध रूप से छोडऩे पर कड़ी दंडात्मक जिम्मेदारी तय हो
ऊंचे पुल पर चढ़ा युवक, हरिद्वार में प्रशासन की समय पर कार्रवाई से बड़ा हादसा टला
7 Apr, 2026 11:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरिद्वार: नगर कोतवाली क्षेत्र में एक युवक लोहे के पुल पर अचानक चढ़ गया. पुल पर युवक को इस तरह चढ़ा देख आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया और मौके पर भीड़ जुट गई. सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला. जल पुलिस के जवान भी मौके पर पहुंचे. पुल के नीचे जाल तक लगाया गया. घंटों की मशक्कत के बाद पुलिसकर्मियों युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया. बताया जा रहा है कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक युवक नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित ललतारव पुल के पास पहुंचा. वहां गंगा पर लोहे का ऊंचा पुल स्थित है, जिस पर अचानक युवक चढ़ने लगा. पहले तो लोगों को लगा कि युवक नीचे उतर जाएगा. लेकिन युवक ऊपर चढ़ने के बाद पुल पर ही लेट गया. युवक काफी देर तक पुल के ऊपरी हिस्से पर बैठा रहा, जिससे युवक के नीचे गिरकर अनहोनी की आशंका बनी रही. देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई. काफी देर तक युवक पुल पर इधर उधर घूमता रहा. कभी वो पुल पर लेट जाता तो इधर उधर टहलने लगता.
नीचे लोगों की भीड़ युवक को नीचे उतरने की गुहार लगाती रही. जो कोई भी पुल से होकर गुजरता वो युवक को नीचे उतरने की आवाज लगाता. लेकिन युवक तो अलग ही धुन में था. मानो उसे किसी की आवाज सुनाई ही नहीं दे रही हो और न ही कुछ दिखाई दे रहा. युवक नीचे गिरकर किसी अनहोनी का शिकार न हो, इसके लिए जल पुलिस के जवानों की गंगा में तैनाती की गई. पुल के नीचे जाल तक बिछाया गया. इधर पुलिस को सूचना दी गई, जिस पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद उसे नीचे उतारा. मौके पर पुलिस के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. युवक को नीचे उतारने के लिए पुलिसकर्मी खुद ऊंचे पुल पर चढ़े और काफी समझाकर युवक को नीचे उतरने के लिए मनाया.
करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद युवक को नीचे उतारा गया. बताया जा रहा है कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. पुलिस उसे अपने साथ ले गई है. गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन समय रहते कार्रवाई न होती तो बड़ा हादसा हो सकता था. नगर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि युवक को नीचे उतारकर एम्बुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी काउंसिलिंग की जा रही है. युवक कहां का रहने वाला है और ऊपर क्यों चढ़ा था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है. ये घटना सोमवार शाम की है.
महिला प्रवेश और खतना पर सुप्रीम कोर्ट में आज ऐतिहासिक सुनवाई
7 Apr, 2026 11:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सर्वोच्च अदालत की 9 जजों की बेंच 22 अप्रैल तक 50 से अधिक याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई करेगी। दरअसल सुनवाई सुबह 10:30 बजे सबरीमाला रिव्यू केस से शुरू होगी। रिव्यू पिटीशनर और उनके समर्थक 7 अप्रैल से 9 अप्रैल तक अपनी दलीलें रखेंगे, जबकि फैसले का विरोध करने वाले पक्ष 14 अप्रैल से 16 अप्रैल तक अपना पक्ष रखेंगे।दरअसल सुप्रीम कोर्ट जिन पांच बड़े मुद्दों पर सुनवाई करेगा, उनमें पहला मुद्दा सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का है। अदालत यह तय करेगी कि क्या सभी आयु वर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश का अधिकार है। साल 2018 में इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन बनाम स्टेट ऑफ केरल मामले में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने 10 से 50 साल की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी थी। इस फैसले के खिलाफ मंदिर के पुजारी समेत कई संगठनों ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की है।
जानिए प्रमुख मामले क्या है?
दूसरा मुद्दा दाऊदी बोहरा समुदाय में महिलाओं के खतना की प्रथा से जुड़ा है। 2017 में एडवोकेट सुनीता तिवारी ने इस प्रथा को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी और इसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया था। तीसरा मुद्दा मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश का है। 2016 में यास्मीन जुबैर अहमद पीरजादा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मुस्लिम महिलाओं को मस्जिदों में नमाज पढ़ने का अधिकार देने की मांग की थी।
चौथा मुद्दा पारसी महिलाओं के अग्निमंदिर में प्रवेश से जुड़ा है। 2012 में पारसी महिला गुलरुख एम गुप्ता ने एक हिंदू व्यक्ति से शादी करने के बाद पारसी धार्मिक स्थलों में प्रवेश से रोके जाने के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
पांचवां मुद्दा मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़े लैंगिक भेदभाव के सवालों का है। अदालत यह तय करेगी कि क्या व्यक्तिगत कानूनों को मौलिक अधिकारों की कसौटी पर परखा जा सकता है।
पिछली सुनवाई में क्या हुआ था?
वहीं इस मामले की पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सात अहम सवाल तय किए थे। 13 जनवरी 2020 को अदालत ने स्पष्ट किया था कि वह केवल पुनर्विचार याचिकाओं पर ही नहीं, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 25 (धार्मिक स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 14 (समानता) के बीच संतुलन जैसे बड़े संवैधानिक मुद्दों पर भी विचार करेगी। जनवरी 2020 में हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने महिलाओं के बहिष्कार को असंवैधानिक बताया था, जबकि धार्मिक पक्षों ने आस्था और अनुच्छेद 26 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता का हवाला देते हुए न्यायिक हस्तक्षेप सीमित रखने की मांग की थी। बाद में कोविड-19 महामारी के कारण सुनवाई रोक दी गई थी।अगर सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की बेंच पहले के फैसलों को बरकरार रखती है, तो भविष्य में धार्मिक मामलों में अदालत के हस्तक्षेप की सीमा भी तय हो सकती है।
क्या है पूरा विवाद?
सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं के प्रवेश पर लंबे समय से विवाद रहा है। इसके पीछे मुख्य वजह मासिक धर्म को लेकर धार्मिक मान्यताएं बताई जाती हैं। मान्यता है कि भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी हैं और इसी कारण एक निश्चित आयु वर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती थी।
यह विवाद 1990 में मंदिर में महिला प्रवेश के मुद्दे से शुरू हुआ था। समय के साथ यह मामला स्थानीय अदालतों से होता हुआ सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। 2018 में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने 4-1 के बहुमत से फैसला सुनाया था कि सबरीमाला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश दिया जाना चाहिए, क्योंकि यह प्रतिबंध असंवैधानिक है। इस फैसले के बाद भारी विरोध के बीच दो महिलाएं बिंदु कनकदुर्गा और बिंदु अम्मिनी मंदिर में प्रवेश करने में सफल हुई थीं।
इसके बाद 2019 में सुप्रीम कोर्ट की 7 जजों की बेंच ने इस मामले को 9 जजों की बेंच को भेज दिया था और इसी केस के साथ अन्य धर्मों में महिलाओं से जुड़े मामलों को भी जोड़ दिया गया था।
इस मामले पर अलग-अलग पक्षों की राय भी सामने आई है। केंद्र सरकार ने शुरुआत में महिलाओं के प्रवेश का समर्थन किया था और कहा था कि लैंगिक समानता के खिलाफ कोई भी प्रथा नहीं होनी चाहिए। हालांकि बाद में केंद्र ने कहा कि यह व्यापक संवैधानिक प्रश्न है और इसका फैसला संविधान पीठ को करना चाहिए।
अखिल भारतीय संत समिति का कहना है कि अदालतों को धार्मिक मामलों में तभी हस्तक्षेप करना चाहिए जब वे सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता या स्वास्थ्य के खिलाफ हों। वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का मानना है कि अदालतों को यह तय करने से बचना चाहिए कि कौन-सी धार्मिक प्रथा जरूरी है।
गौरतलब है कि 2018 के फैसले के बाद बिंदु कनकदुर्गा और बिंदु अम्मिनी के मंदिर में प्रवेश करने के बाद पुजारियों ने पूरे मंदिर का शुद्धीकरण किया था। इसके साथ ही केरल के कई इलाकों में इस फैसले के विरोध में बड़े प्रदर्शन भी हुए थे।
मतदाता सूची में बड़ा बदलाव: मुर्शिदाबाद जिला शीर्ष, लाखों नाम हटाए गए
7 Apr, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच वोटर लिस्ट को लेकर नया अपडेट आ गया है। चुनाव से ठीक पहले चुनाव आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर बड़ा और अहम डेटा जारी किया है। इस बार खास बात यह रही कि आयोग ने पहली बार जिलावार तरीके से नाम जोड़ने और हटाने की पूरी जानकारी सार्वजनिक की है। अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो तस्वीर काफी बड़ी और जटिल दिखती है। आयोग के मुताबिक, अब तक कुल 90.66 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। यह बड़ा डेटा माना जा रहा है।
West Bengal SIR: दो चरणों में हुआ बड़ा बदलाव
दिसंबर 2025 में जब ड्राफ्ट लिस्ट जारी हुई, तब ही करीब 58.2 लाख नाम हटाए गए थे। इसके बाद फरवरी 2026 में अंतिम सूची तक 5.46 लाख और नाम हटाए गए। यानी शुरुआती स्तर पर ही बड़ी संख्या में बदलाव कर दिए गए थे, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। आयोग ने बताया कि करीब 60 लाख से अधिक मामलों को ‘लॉजिकल विसंगति’ के आधार पर जांच के लिए रखा गया था। आसान भाषा में कहें तो ये वो नाम थे, जिनमें डेटा गड़बड़ी, डुप्लीकेशन या अन्य तकनीकी दिक्कतें सामने आई थीं। इन मामलों को ‘अंडर एडजुडिकेशन’ यानी न्यायिक जांच की श्रेणी में रखा गया। फिर अधिकारियों ने एक-एक केस की समीक्षा की।
West Bengal SIR Process: जांच के बाद क्या निकला?
अब तक लगभग 59.84 लाख मामलों का निपटारा हो चुका है। इस जांच से जो नतीजे सामने आए उसमें करीब 32.68 लाख लोगों के नाम दोबारा जोड़े गए (यानि वे पात्र पाए गए), जबकि 27.16 लाख नाम स्थायी रूप से हटा दिए गए (अयोग्य पाए गए), इससे साफ है कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी थे जिनके नाम गलती से हट गए थे, लेकिन जांच के बाद उन्हें वापस शामिल कर लिया गया।
एमपी, यूपी, बिहार से आएंगे 3000 पुलिसकर्मी, चुनाव में चप्पे-चप्पे पर होगी निगरानी
7 Apr, 2026 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
West Bengal Assembly Elections: पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव होगा। पहले चरण का चुनाव 23 अप्रैल और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। 4 मई को नतीजे आएंगे। चुनावी हिंसा को रोकने के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। चुनाव आयोग ने 3000 अतिरिक्त फोर्स तैनात करने का फैसला लिया है। ये पुलिसकर्मी मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश से बुलाए जाएंगे।
13 अप्रैल से चुनाव
बंगाल में चुनाव के दौरान हिंसा का लंबा इतिहास रहा है। ऐसे में चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए करीब 3,000 अतिरिक्त सशस्त्र पुलिसकर्मियों तैनात करने का निर्णय लिया गया है। ये पुलिसकर्मी 13 अप्रैल को चरणबद्ध तरीके से पहुंचा शुरू हो जाएंगे। जानकारी ये भी सामने आई है कि आयोग पहले ही राज्यभर में केंद्रीय बलों की 2,400 कंपनियों की तैनाती की योजना बना चुका है।
अतिक्रमण हटाने के दौरान रामनगर में विवाद, कांग्रेस नेता और ईओ में हुई तीखी तकरार
7 Apr, 2026 10:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रामनगर: नैनीताल जिले के रामनगर में नगर पालिका प्रशासन ने एक बार फिर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा अभियान चलाया. बीते दिन पालिका टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से शहर के विभिन्न इलाकों में कई पक्के अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया. इस दौरान रामनगर के मोहल्ला खताड़ी क्षेत्र में कार्रवाई के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व दर्जा राज्य मंत्री पुष्कर दुर्गापाल और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) आलोक उनियाल के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली. इस दौरान शहर में इसको लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है. नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि उनकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
पालिका टीम ने खताड़ी क्षेत्र में नालियों और सड़कों पर किए गए अवैध कब्जों को चिन्हित कर कार्रवाई शुरू की. इस दौरान नाले के ऊपर बनाए गए पक्के निर्माणों को जेसीबी से तोड़ा गया. वहीं एक चौराहे पर सड़क पर कब्जा कर लोहे का शटर और टीन शेड डालकर किए गए अतिक्रमण को भी हटाया गया.कार्रवाई के दौरान जब पालिका की टीम कुछ खोखों को हटाने पहुंची तो वहां विरोध शुरू हो गया. इसी दौरान कांग्रेस नेता पुष्कर दुर्गापाल और ईओ आलोक उनियाल के बीच बहस हो गई.
विवाद बढ़ने पर टीम को फिलहाल उन खोखों को बिना हटाए ही वापस लौटना पड़ा. ईओ आलोक उनियाल ने बताया कि इस क्षेत्र में अतिक्रमण की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त हुई थी, जिसके बाद यह अभियान चलाया गया. उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी और एसडीएम रामनगर के निर्देश पर कार्रवाई की जा रही है और शहर में अवैध कब्जों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि अभियान के दौरान कई स्थानों से सामान जब्त किया गया है और आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी.
जिन खोखों को आज नहीं हटाया जा सका, उनके मालिकों द्वारा जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया गया है. फिलहाल उनकी चाबियां ले ली गई हैं और उन्हें तीन दिन का समय दिया गया है. निर्धारित समय सीमा के बाद इन पर भी कार्रवाई की जाएगी.नगर पालिका की इस कार्रवाई से जहां एक ओर अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं शहर में इसे लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है.
IITian बाबा अभय सिंह बने दूल्हा: महाकुंभ से वायरल साधु ने इंजीनियर लड़की से की शादी
7 Apr, 2026 09:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
IITian Baba Marriage: प्रयागराज महाकुंभ के वायरल IITian बाबा अभय सिंह ने की इंजीनियर युवती के साथ शादी कर ली है. बाबा ने हिमाचल के प्रसिद्ध मंदिर में शादी की है. शादी करने के बाद बाबा अपनी पत्नी के साथ हिमाचल प्रदेश के ही एक धर्मशाला में रुके रहे और सोमवार को अपने पिता से आशीर्वाद लेने हरियाणा पहुंचे हैं. इस दौरान उन्होंने खुलासा किया कि दोनों ने 15 फरवरी को शिवरात्रि के मौके पर हिमाचल के अघंजर मंदिर में शादी की. उसके बाद 19 फरवरी को कोर्ट मैरिज भी की.
जानकारी के अनुसार आईआईटीयन बाबा अभय सिंह ने जिस लड़की से शादी की है. वह कर्नाटक की है और वह इंजीनियर है. बाबा की पत्नी का नाम प्रतीका है. अभय सिंह के पिता पेशे से वकील हैं. पिता के पास पहुंचे अभय सिंह से जब मीडिया ने सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि शादी छिपाने का सवाल ही नहीं है. महाशिवरात्रि के दिन शादी की है.
सनातन के लिए काम करने को बोली पत्नी
अभय सिंह की दुल्हन प्रतीका ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि अभय का नेचर काफी पसंद आया. वे बहुत ईमानदार और सच्चे इंसान हैं. प्रतीका ने बताया कि वे इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुकी हैं और वे अभय से करीब 1 साल पहले मुलाकात की थी. अभय सिंह की तरह वह भी सनातन के लिए ही काम करेंगी.
महाकुंभ में हुए थे वायरल
अभय सिंह हरियाणा के झज्जर के रहने वाले हैं. उनके पिता पेशे से वकील हैं. अभय सिंह ने बॉम्बे आईआईटी से एयरो स्पेस इंजीनियरिंग की है. प्रयागराज महाकुंभ के दौरान अभय सिंह आईआईटी बाबा के नाम से मशहूर हुए थे. फिलहाल, अभय सिंह ने शादी कर लिया है और वे अपनी जिंदगी खुशी के साथ बिताना चाहते हैं.
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