देश
कोयला खदान के अंदर फंसे तीन और श्रमिकों के शव बरामद
12 Jan, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुवाहाटी । असम के दिमा हसाओ जिले में कोयला खदान के अंदर फंसे तीन और श्रमिकों के शव आज बरामद किए गए हैं। इसके बाद हादसे में मरने वाले श्रमिकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। यह लोग उन नौ श्रमिकों में से थे, जो बीते सोमवार को खदान में अचानक से पानी भरने के बाद अंदर ही फंस गए थे। इससे पहले बुधवार को उमरांगसू की खदान से एक मजदूर का शव निकाला गया था। खदान में से जिन तीन श्रमिकों के शवों को निकाला गया है, उनमें से एक की पहचान दिमा हसाओ के निवासी 27 साल के लिगेन मगर के रूप में की गई। एक अधिकारी ने बताया कि दो अन्य शवों की पहचान की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उमरांगसु में बचाव की कोशिश अटूट संकल्प के साथ जारी है। साथ ही उन्होंने इस दुर्घटना पर दुख जताया और कहा कि मुश्किल दौर में हम शक्ति और उम्मीद पर कायम हैं। ओएनजीसी और कोल इंडिया द्वारा लाई गई विशेष मशीनों से करीब 310 फीट गहरी खदान से पानी निकालने का काम जारी है। मुख्यमंत्री ने पहले दावा किया था कि इस खदान को 12 साल पहले बंद कर दिया गया था और तीन साल पहले तक यह खदान असम खनिज विकास निगम के अधीन थी। उन्होंने शुक्रवार को कहा, यह खदान अवैध नहीं थी, बल्कि यह छोड़ी गई खदान थी। मजदूर उस दिन पहली बार कोयला निकालने के लिए खदान में उतरे थे।
चूल्हे पर छोले पकते रहने के कारण कमरा धुएं से भर गया, नींद में डूबे दो युवक की मौत
12 Jan, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । नोएडा में चूल्हे पर रात में छोले पकने के बाद जलते रहे, नींद में डूबे दो युवक मौत की नींद सो गए। दो युवकों ने अपने छोले भटूरे के स्टॉल के लिए रात भर छोले को जलते हुए चूल्हे पर छोड़ दिया। कुछ घंटों बाद उनके पड़ोसियों को वे दोनों मृत मिले। उन दोनों के नाम 22 साल का उपेंद्र और 23 साल का शिवम है। वे दोनों नोएडा के सेक्टर 70 के बसई गांव में किराए के मकान में रहते थे। उनका एक स्टॉल था, जहां वे छोले भटूरे और कुलचे भेजा करते थे। नोएडा सेंट्रल जोन के सहायक पुलिस आयुक्त राजीव गुप्ता ने बताया कि चूल्हे पर छोले पकने के कारण कमरा धुएं से भर गया। राजीव गुप्ता ने कहा, चूंकि घर का दरवाजा बंद था, इसलिए कमरे में ऑक्सीजन की कमी हो गई। जलते हुए खाने के धुएं के साथ मिलकर घर में कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा बहुत ज़्यादा हो गई। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर जहरीले धुएं के कारण दम घुटने से इन लोगों की मौत हो गई। कुछ घंटों के बाद जब पड़ोसियों ने धुंआ उठते देखा तो उन्होंने घर का दरवाजा तोड़ा और उन्हें पास के अस्पताल ले गए। नोएडा सेक्टर 39 के जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं थे। पुलिस ने उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
प्रयागराज की बेटी अनामिका शर्मा ने 13000 फीट की ऊंचाई से महाकुंभ के झंडे को लहराया
11 Jan, 2025 07:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रयागराज में आयोजित हो रहे महाकुंभ 2025 की तैयारी के बीच ही प्रयागराज की ही बेटी अनामिका शर्मा ने महाकुंभ के झंडे को आकाश में लहरा कर दुनिया को महाकुंभ में आने का निमंत्रण दिया है. अनामिका ने 08 जनवरी 2025 को बैंकॉक के आसमान में 13000 फीट की ऊंचाई पर ‘दिव्य कुंभ-भव्य कुंभ’ का आधिकारिक झंडा लेकर छलांग लगाई. अनामिका की इस उपलब्धि पर अब बधाईयों का तांता लग गया.
अनामिका शर्मा इससे पहले 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के भव्य उद्घाटन को स्मरणीय बनाने के लिए “जय श्रीराम” एवं श्री राम मंदिर के ध्वज के साथ भी 13000 फीट की ऊंचाई से हवा में कूदी थीं. यह छलांग भी अनामिका ने बैंकॉक में ही लगाई थी. अपने देश में इन सुविधाओं का अभाव होने के कारण अनामिका को अपने अभ्यास के लिए रूस, दुबई और बैंकॉक जाना पड़ता है. अनामिका ने इस उपलब्धि पर कहा कि ‘मैं गर्व से कहती हूं कि मैं भारत की बेटी हूं.’
भारतीय संस्कृति और समाज का गौरव बताया
अनामिका शर्मा की भारतीय सांस्कृतिक और परंपराओं में बहुत आस्था है. अनामिका ने महाकुंभ के बारे में बताते हुए कहा कि यह आयोजन भारत की शास्त्रार्थ परंपरा का ही बृहद रूप है. ऋषियों, मुनियों, तपस्वी जनों, धर्माचार्यों आदि के संगम नगरी में प्रवास करने से ही संपूर्ण परिवेश दिव्य हो जाता है. अनामिका ने कहा कि शास्त्रों की चर्चा, परंपराओं का मूल्यांकन और उनमें समय अनुकूल परिवर्तन का सुझाव ऋषियों मुनियों से प्राप्त होता है. ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का साक्षात प्रदर्शन भी यहां हो जाता है.
संगम के जल में लैंडिंग की तैयारी
अनामिका शर्मा ने प्रयागराज के मेला अधिकारी और सीएम योगी से मिलने की इच्छा जाहिर की है. अनामिका ने बताया कि वह महाकुंभ की समाप्ति के बाद महिला सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में महिला दिवस यानी 8 मार्च 2025 से पहले गंगा-जमुना-सरस्वती के संगम पर लैंडिंग करना चाहती हैं. अनामिका एक प्रशिक्षित स्कूबा डाइवर भी हैं.
कौन है अनामिका शर्मा
अनामिका शर्मा भारत की सबसे कम उम्र की स्काई C लायसेंस प्राप्त महिला स्काई डाइवर है. अनामिका के पिता अजय कुमार शर्मा एयरफोर्स में रहे हैं और वो खुद स्काई डाइविंग प्रशिक्षक हैं. पिता के प्रोत्साहन से सिर्फ 10 साल की उम्र में ही अनामिका ने अपनी पहली छलांग लगाई थी. अनामिका शर्मा आज 24 साल की हो गईं हैं और अमेरिका के यूनाइटेड स्टेट्स पैराशूट संगठन (USPA) C लाइसेंस प्राप्त भारतीय महिला स्काई डाइविंग प्रशिक्षक है.
केरल के पथानामथिट्टा में 16 वर्षीय खिलाड़ी के साथ कोच और साथियों ने 2 साल तक किया बलात्कार
11 Jan, 2025 02:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केरल पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने पथानामथिट्टा में दो साल के दौरान एक लड़की के साथ कई बार कथित तौर पर रेप करने के मामले में चार FIR दर्ज की हैं और छह लोगों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में 60 से ज्यादा लोगों के शामिल होने का संदेह है. शुक्रवार को पुलिस के हवाले से बताया कि दो महीने पहले 18 साल की हुई लड़की ने आरोप लगाया है कि 16 साल की उम्र से ही उसके साथ कई बार रेप किया गया है. कथित तौर पर यह मामला बाल कल्याण समिति के ज़रिए आयोजित काउंसलिंग के दौरान सामने आया, जब एक शैक्षणिक संस्थान में बच्ची के शिक्षकों ने समिति को उसके बर्ताव में उल्लेखनीय बदलावों के बारे में बताया. केरल पुलिस ने कहा कि पुलिस के ज़रिए दर्ज की गई दो FIR के सिलसिले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य व्यक्ति पहले से ही एक अलग मामले में जेल में है.
कैंपों में करते थे गंदा काम
पथानामथिट्टा बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजीव एन के मुताबिक नाबालिग बच्ची ने पहली बार स्कूल काउंसलिंग सेशन में यौन शोषण के बारे में बताया, जिसके बाद बाल कल्याण समिति के दखल के बाद पुलिस मामला दर्ज किया गया. कथित तौर पर खिलाड़ी लड़की के साथ केरल के पथानामथिट्टा में कई जगहों पर कोच, सहपाठियों और स्थानीय निवासियों के ज़रिए खेल कैंपों समेत कई जगहों पर इस तरह की हरकतें की गईं.
बाल कल्याण समिति ने दी पुलिस को सूचना
बाल कल्याण समिति के सदस्य कथित तौर पर लड़की को मनोवैज्ञानिक के पास काउंसलिंग के लिए ले गए ताकि यह यकीनी बनाया जा सके कि आरोप सच थे. बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष ने कहा कि मामला 'असामान्य' होने का एहसास होने के बाद पुलिस को इस बारे में जानकारी दी गई.
POCSO के तहत मामला दर्ज
पुलिस के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि लड़की के पास खुद का अपना फोन नहीं है और उसने अपने पिता के मोबाइल का इस्तेमाल लगभग 40 लोगों के नंबर सेव करने के लिए किया, जिन्होंने उसके साथ दुर्व्यवहार किया था. इस मामले में जिले के अलग-अलग पुलिस थानों में यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम और आपराधिक कानून की अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं.
गुजरात में नमकीन पैकेट में मरा चूहा मिलने से बच्ची को डायरिया, माता-पिता ने सख्त कार्रवाई की मांग
11 Jan, 2025 11:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात में एक मशहूर कंपनी के सीलबंद पैकेट नमकीन के पैकेट में मरा हुआ चूहा मिलने के बाद हड़कंप मच गया. बच्ची आराम से नमकीन खा रही थी, इसी बीच उसके अंदर मरा हुआ चूहा निकल आया. बताया जा रहा है कि बच्ची को यह नमकीन खानी भारी पड़ गई, क्योंकि उसे अब डायरिया हो गया है. घटना गुजरात के साबरकांठा के प्रेमपुर गांव की बताई जा रही है. बच्ची के पिता के मुताबिक उसकी पत्नी अपनी बेटी को एक मशहूर कंपनी की नमकीन का पैकेट खिला रही थी. बच्ची को अचानक उल्टी होने लगी और जांच करने पर पैकेट में मरा हुआ चूहा मिला. बच्ची बीमार हो गई और उसे इलाज के लिए दावड़ अस्पताल में दाखिल कराया गया. परिवार ने फूड एंड ड्रग्स डिपार्टमेंस से लापरवाही के लिए नमकीन कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
पहले भी हो चुकी है इसी तरह की घटना
यह पहली घटना नहीं है, इस तरह की खबरें कई बार सामने आ चुकी हैं. इससे पहले एक ऐसा ही मामला कावेरी जल विवाद को लेकर किसानों के ज़रिए बुलाए गए बंद के दौरान सामने आया था. विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को परोसे गए नाश्ते में मरा हुआ चूहा पाया गया, जिससे सभी हैरान रह गए. यह घटना साल 2023 की है.
सेवन से पहले कर लें जांच
ऐसी खबरें आती ही रहती हैं, ऐसे में लोगों को सतर्क रहना जरूरी है. क्योंकि जब भी आप बाजार से कुछ कुछ भी खरीदें तो उसका सेवन करने से पहले एक बार हर मुमकिन तरह से उसकी जांच कर लें. यह बेहद जरूरी है कि आप या फिर आपके बच्चे जो चीजें खा रहे हैं उसका साफ सुथरा और स्वस्थ होना आवश्यक है. क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही आपके या फिर आपके परिवार के किसी छोट-बड़े सदस्य के लिए नुकसादह साबित हो सकता है.
शीतलहर और कोहरे के बीच बारिश की चेतावनी, पंजाब और हरियाणा होंगे प्रभावित
10 Jan, 2025 12:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली एनसीआर और यूपी में घना कोहरा छाया हुआ है। इसी के साथ पंजाब- हरियाणा समेत कई राज्यों में शीतलहर और कोहरे से ठिठरन बढ़ गई है। एक-दो दिन में ही मौसम में फिर बड़ा बदलाव आने वाला है।
एक दो दिन में होगा मौसम में बदलाव
उत्तर भारत में तापमान में हल्की वृद्धि के बाद फिर गिरावट होने जा रही है। इस महीने का तीसरा बड़ा पश्चिमी विक्षोभ शुक्रवार को पहाड़ों पर पहुंचने वाला है। इसी दौरान बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से नमी लेकर हवाएं भी आने वाली हैं।
दोनों तरह की हवाएं मैदानी क्षेत्र में संघनित होंगी, जिसके असर से अगले एक-दो दिनों के भीतर उत्तर भारत के बड़े क्षेत्र में बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। राजस्थान में इसका असर तो दिखने भी लगा है। वहां चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बन चुका है, जो धीरे-धीरे दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश की ओर खिसक रहा है।
बारिश और बर्फबारी की संभावना
भारत मौसम विभाग (आइएमडी) ने चक्रवातीय हवा के रूप में पश्चिमी विक्षोभ के असर से 11-12 जनवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। उसके असर से मैदानी क्षेत्रों में हवा की दिशा में परिवर्तन होगा। इस दौरान उत्तरी-पश्चिमी हिस्से में छिटपुट वर्षा हो सकती है।
आइएमडी के अनुसार 11 जनवरी को हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर गरज के साथ बारिश होगी। साथ ही दक्षिण हरियाणा एवं राजस्थान के कुछ हिस्सों में ओले भी गिर सकते हैं। पंजाब के पश्चिमी क्षेत्र एवं राजस्थान के क्षेत्रों में 11 जनवरी से बादल पहुंचने लगेंगे।
मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र के कई इलाकों में बारिश
मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि दस जनवरी के बाद अगले दो सप्ताह तक उत्तर-पश्चिम में कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना नहीं है। ऐसे में मौसम सामान्य रह सकता है। किंतु बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से नमी लेकर आने वाली हवाओं का विस्तार मध्य प्रदेश के बैतूल जिले तक हो सकता है। इसके असर से 14 एवं 15 जनवरी को मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र के कई इलाकों में बारिश हो सकती है।
कहां-कहीं घना कोहरा भी छाया
पिछले सप्ताह सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों के तापमान में गिरावट देखी गई थी। कहां-कहीं घना कोहरा भी छाया रहा, जिसमें पिछले दो दिनों के दौरान सुधार हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ के आगे खिसक जाने के कारण हवा की दिशा में बदलाव होने से अब कोहरा छंट गया है, किंतु दस जनवरी को तीसरे पश्चिमी विक्षोभ के आने के बाद एक बार फिर से उत्तर भारत के कई इलाके घने कोहरे की चपेट में आ सकते हैं। ऐसी स्थिति बारिश के बाद उत्पन्न होगी, जो अगले तीन-चार दिनों तक जारी रह सकती है।
सीएम नायडू तिरुपति भगदड़ में घायल श्रद्धालुओं से मिले, जांच और मुआवजे का किया एलान
10 Jan, 2025 12:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुपति। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भगदड़ में छह श्रद्धालुओं की मौत के एक दिन बाद तिरुपति के एसपी, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के संयुक्त कार्यकारी अधिकारी और एक अन्य अधिकारी का तबादला कर दिया है। इसके अलावा घटनास्थल पर मौजूद डीएसपी समेत दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।
भगदड़ के सिलसिले में दो एफआइआर दर्ज
राजस्व अधिकारियों की शिकायत के बाद पुलिस ने भगदड़ के सिलसिले में दो एफआइआर दर्ज की है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये प्राथमिकी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 194 के तहत दर्ज की गई हैं, जो अप्राकृतिक मौतों से संबंधित है। उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भगदड़ के लिए राज्य सरकार की ओर से लोगों से माफी मांगी है।
बुधवार रात तिरुपति में एमजीएम स्कूल के पास बैरागी पट्टेदा में मची भगदड़ में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और 40 अन्य घायल हो गए थे। सैकड़ों लोग तिरुमला पहाड़ियों पर भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में वैकुंठ द्वार दर्शनम के लिए टिकट पाने की खातिर धक्का-मुक्की करने लगे, जिसके चलते भगदड़ मची।
10 जनवरी से शुरू हो रहे 10 दिवसीय वैकुंठ द्वार दर्शनम के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु तिरुपति आए हुए हैं। चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को भगदड़ में घायल हुए श्रद्धालुओं से एक अस्पताल में मुलाकात की।
सरकार देगी 25-25 लाख रुपये मुआवजा
मुख्यमंत्री ने श्री वेंकटेश्वर इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज में घायल श्रद्धालुओं के साथ 90 मिनट बिताए। उन्होंने एक के बाद एक मरीजों से मुलाकात की और उनकी शिकायतें सुनीं। इससे पहले नायडू ने दुर्घटनास्थल का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरुपति में मची भगदड़ से उन्हें बहुत दुख हुआ है। उन्होंने घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। इसके साथ ही घायलों को दो-दो लाख रुपये दिए जाएंगे।
मृतकों के परिवारों को 50-50 हजार रुपये
एएनआइ के अनुसार, भारतीय चैतन्य युवजन पार्टी के प्रमुख बोडे रामचंद्र यादव ने मृतकों के परिवारों को 50-50 हजार रुपये और घायलों को पांच-पांच हजार रुपये दिए। उन्होंने कहा कि कल हुई दुर्घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार और टीटीडी प्रबंधन की गैरजिम्मेदारी के कारण यह दुर्घटना हुई।
एक महिला ने कहा-पांच मिनट तक तो हमें लगा कि हम सब मर गए हैं
तिरुपति में हुई भयानक भगदड़ को याद करते हुए प्रत्यक्षदर्शी वेंकट लक्ष्मी ने कहा कि पांच मिनट तक तो हमें लगा कि हम सब मर गए हैं। मैं पिछले 25 वर्षों से मंदिर आ रही हूं और ऐसा कभी नहीं हुआ था। उन्होंने एक स्थानीय चैनल को बताया कि भगदड़ के बाद छह लड़कों ने उन्हें एक तरफ खींच लिया और पानी पिलाया।
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने घटना के बारे में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि पुलिस द्वारा टिकट वितरण के लिए द्वार खोले जाने के बाद तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के छह सदस्य भगदड़ में घायल हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में पुरुष तीर्थयात्री टिकट के लिए दौड़ पड़े, जिससे कई महिलाओं को चोटें आईं।
सुप्रीम कोर्ट: रेल टिकट धोखाधड़ी अर्थव्यवस्था को कर रही प्रभावित
10 Jan, 2025 12:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि भारतीय रेलवे हमारे देश के बुनियादी ढांचे का एक आधार है और टिकटिंग प्रणाली की शुचिता से खिलवाड़ करने के किसी भी प्रयास को हरहाल में रोका जाना चाहिए। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ रेलवे टिकटिंग में धोखाधड़ी के आरोपित दो व्यक्तियों की दो अलग-अलग अपीलों पर सुनवाई कर रही थी।
रेलवे हमारे देश के बुनियादी ढांचे का आधार
पीठ ने कहा, ''भारतीय रेलवे हमारे देश के बुनियादी ढांचे का आधार है। यह सालाना लगभग 673 करोड़ यात्रियों को गंतव्य तक ले जाता है और देश की अर्थव्यवस्था में इसका जबरदस्त प्रभाव है। टिकटिंग प्रणाली की शुचिता को बाधित करने के किसी भी प्रयास को तुरंत रोका जाना चाहिए।''
यह अपील रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 143 की व्याख्या को लेकर थी, जिसमें रेलवे टिकटों की खरीद और आपूर्ति के अनधिकृत कारोबार के लिए जुर्माना लगाने का प्रविधान है।
ये है पहला मामला
पहली अपील में केरल हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें मैथ्यू के. चेरियन नामक व्यक्ति के खिलाफ अधिनियम की धारा 143 के तहत शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही को रद कर दिया गया था। चेरियन अधिकृत एजेंट नहीं है। उस पर लाभ के लिए रेलवे टिकट खरीदने और बेचने के लिए आइआरसीटीसी पोर्टल के साथ फर्जी यूजर आइडी बनाने का आरोप था।
दूसरा मामला
दूसरी अपील में, जे रमेश ने मद्रास हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें अधिनियम की धारा 143 के तहत उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद करने से इनकार कर दिया गया था। रमेश एक अधिकृत एजेंट है। उस पर विभिन्न ग्राहकों को कई यूजर आइडी के माध्यम से बुक किए गए ई-टिकट की आपूर्ति करने का आरोप था।
PM मोदी ने 10 हजार भारतीयों का जीनोम सीक्वेंसिंग डेटा राष्ट्र को सौंपा
10 Jan, 2025 12:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को 10 हजार भारतीयों का जीनोम सीक्वेंसिंग डाटा राष्ट्र को सौंपा। यह उपलब्धि जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान के क्षेत्र में मील का पत्थर है। देश में आनुवंशिक विविधता का प्रतिनिधित्व करने वाले जीनोम इंडिया डाटा पर भारतीय जैविक डाटा केंद्र (आइबीडीसी) के शोधकर्ता शोध कर सकेंगे। इससे जेनेटिक और संक्रामक रोगों के उपचार में मदद मिलेगी।
जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा- मोदी
जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित जीनोमिक्स डाटा कान्क्लेव में पीएम मोदी ने वर्चुअल तरीके से जीनोम सीक्वेंसिंग डाटा देश को सौंपा। इस अवसर पर मोदी ने वीडियो रिकार्डेड बयान में कहा, मुझे विश्वास है कि यह जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।
सटीक चिकित्सा तकनीकों के विकास को बढ़ावा मिलेगा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहा कि आईआईटी, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआइआर) और जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र (बीआरआइसी) जैसे 20 से अधिक संस्थानों ने इस अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह राष्ट्रीय डाटाबेस देश का अमूल्य वैज्ञानिक संसाधन के रूप में कार्य करेगा। इससे आनुवांशिक और संक्रामक रोगों के उपचार में प्रगति होगी। इसके साथ ही नई दवाओं और सटीक चिकित्सा तकनीकों के विकास को बढ़ावा मिलेगा।
विभिन्न समुदायों की जीवनशैली पर शोध करने में भी मदद मिलेगी।इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेन्द्र सिंह, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के महानिदेशक एवं स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव राजीव बहल तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव राजेश गोखले मौजूद रहे।
जीनोम माता-पिता से मिलते हैं
जीनोम सीक्वेंसिंग डाटा के तहत न्यूक्लियोटाइड के क्रम का पता लगाया जाता है मानव जीनोम डीआक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड (डीएनए) से बने होते हैं। हमारी कोशिकाओं में जीनोम 23 जोड़े गुणसूत्रों या क्रोमोजोम के रूप में होते हैं। हमें जीनोम माता-पिता से मिलते हैं। जीनोम सीक्वेंसिंग डाटा के तहत डीएनए के भीतर न्यूक्लियोटाइड के सटीक क्रम का पता लगाया जाता है। इसके अंतर्गत डीएनए में मौजूद एडानीन (ए), गुआनीन (जी), साइटोसीन (सी) और थायमीन (टी) के क्रम का पता लगाया जाता है।
नौसेना और वायुसेना ने संभाली कमान, कोयला खदान बचाव कार्य तेज
10 Jan, 2025 12:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उमरंगसो। असम के पास दीमा हसाओ जिले में कोयला खदान में फंसे आठ श्रमिकों को बचाने की कवायद तेज कर दी गई है। राज्य और केंद्र की कई एजेंसियों ने गुरुवार को चौथे दिन भी श्रमिकों को खोजने के लिए बचाव अभियान शुरू किया। रात भर खदान से पानी निकाला गया।
अन्य एजेंसियों ने बचाव अभियान शुरू किया
इसके बाद सुबह से सेना और अन्य एजेंसियों ने बचाव अभियान शुरू किया। इसके साथ ही रिमोट से चलने वाले वाहन (आरओवी) को खदान के अंदर भेजा गया। इसके साथ ही पानी को तेजी से निकालने के लिए कोल इंडिया ने महाराष्ट्र से उच्च क्षमता का पंप मंगाया है। असम के खान एवं खनिज मंत्री कौशिक राय ने कहा कि सेना और नौसेना की टीमें फंसे हुए खनिकों को बचाने के लिए काम कर रही हैं।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नौसेना और पुलिस की टीम श्रमिकों को तलाश रही
दीमा हसाओ जिले के उमरंगसो के तीन किलो क्षेत्र में कोयला खदान में सोमवार को 300 फीट गहरी खदान में अचानक पानी भर गया था। इस खदान में नौ श्रमिक फंस गए थे। इसके बाद भारतीय सेना और स्थानीय अधिकारियों की संयुक्त टीम ने त्वरित और प्रभावी तरीके से बचाव अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद से लगातार सेना, असम राइफल्स, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नौसेना और पुलिस की टीम श्रमिकों को तलाश रही है।
85 फुट नीचे से एक श्रमिक का शव बरामद किया
बुधवार को खदान में 85 फुट नीचे से एक श्रमिक का शव बरामद किया था। जिसकी पहचान नेपाल के उदयपुर जिले के गंगा बहादुर श्रेष्ठो के रूप में हुई। अन्य आठ श्रमिकों की तलाश के लिए गुरुवार सुबह भी एजेंसियों ने अभियान शुरू किया। असम पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि खदान के अंदर भेजे गए आरओवी को कुछ भी पता नहीं चला है। बेहद मुश्किल भरी स्थिति के बीच यह फंसे हुए श्रमिकों की तलाश कर रहा है। खदान के अंदर का पानी पूरी तरह से काला हो गया है और कुछ भी ढूंढने में दिक्कत हो रही है।
विपक्ष ने असम सरकार की आलोचना की
इस घटना को लेकर विपक्ष ने असम सरकार की आलोचना की और कहा कि यह घटना प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण हुई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए न्यायिक जांच की मांग की। कांग्रेस ने शुक्रवार को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना देने की घोषणा की है।
महिला केंद्रित योजनाओं का असर: 19 राज्यों में महिला वोटरों की संख्या में बड़ा इजाफा
10 Jan, 2025 12:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चुनावों में लगातार महिला वोटरों का उत्साह बढ़ता जा रहा है और किसी की जीत हार में उसकी भूमिका भी स्पष्ट होती जा रही है। वर्ष 2019 के आम चुनाव के मुकाबले वर्ष 2024 के आम चुनाव में 1.8 करोड़ ज्यादा महिलाओं ने वोट डाले हैं। यह आंकड़ा तो पिछले दिनों चुनाव आयोग ने ही जारी किया था। लेकिन एसबीआइ की रिसर्च टीम ने इस बात का पता लगाया है कि महिला वोटरों की संख्या बढ़ने के पीछे वजह क्या है।
पीएम जन धन योजना और मुद्रा खाता खोलने से दिखा अंतर
रिसर्च से यह बात सामने आती है कि जिन राज्यों में महिला केंद्रित योजनाएं लॉंच की गई हैं, वहां महिला वोटरों की संख्या उन राज्यों के मुकाबले तेजी से बढ़ी हैं जहां इस तरह की योजनाएं लॉंच की गई हैं। रिपोर्ट यह भी बताती है कि जिन राज्यों में पीएम जन धन योजना और मुद्रा खाता खोलने में महिलाओं की हिस्सेदारी ज्यादा है वहां भी महिला वोटरों की संख्या दूसरे राज्यों के मुकाबले तेजी से बढ़ी है।
क्या कहती है रिपोर्ट?
रिसर्च रिपोर्ट में महिला केंद्रित योजना लागू करने वाले राज्यों की संख्या 19 बताई गई है जिसमें असम, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक जैसे राज्य हैं। इन राज्यों में औसतन 7.8 लाख (कुल 1.5 करोड़) महिला वोटरों की संख्या बढ़ी है। यह तुलना वर्ष 2019 के मुकाबले 2024 का है। जबकि गोवा, आंध्र प्रदेश व अन्य राज्य जहां महिला केंद्रित योजनाओं पर ज्यादा फोकस नहीं किया गया है वहां महिला वोटरों की संख्या औसतन 2.5 लाख (कुल 30 लाख) ही बढ़ी है।
यह अध्ययन बताता है कि महिला साक्षरता बढ़ने का भी सीधा संबंध वोटरों की संख्या बढ़ने से है। एक फीसद महिला साक्षरता बढ़ने से महिला वोटरों की संख्या में 25 फीसद का इजाफा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक साक्षरता बढ़ने से 45 लाख ज्यादा महिला वोटरों ने वोट दिया, रोजगार व मुद्रा योजनाओं की वजह से अतिरिक्त 30 लाख महिलाओं ने वोट डाले जबकि पीएम आवास नीति जहां महिलाओं को ज्यादा फायदा पहुंचाई हैं वहां महिला वोटरों की संख्या ज्यादा बढ़ी है।
वोटिंग प्रतिशत में दिखी गिरावट
इससे अतिरिक्त 20 महिलाओं ने वोट दिया है। मतलब साफ है कि जब महिलाओं का विकास होता है तो वह अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति भी ज्यादा सचेत होती हैं। यह रिसर्च कुछ दूसरे बेहद दिलचस्प आंकड़े भी पेश करती है। मसलन, पिछले 10 वर्षों में (2014 के मुकाबले) वोटिंग फीसद घटी है।
यह 66.4 फीसद से घट कर 66.1 फीसद हो गया है लेकिन एससी और एसटी वर्ग में वोटिंग फीसद में लगातार इजाफा हुआ है। पिछले दस वर्षों में कुल 9 करोड़ नये वोटरों ने वोट दिया है जिसमें महिलाओं का हिस्सा 5.3 करोड़ है। सरकार बनाने में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है।
छत्तीसगढ़ में बड़ा हादसा, 25 से अधिक मजदूर मलबे में फंसे
9 Jan, 2025 06:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के रामबोड़ गांव में निर्माणाधीन कुसुम प्लांट में बड़ा हादसा हो गया। लोहे की पाइप बनने वाली फैक्ट्री में चिमनी गिरने से 25 से अधिक मजदूर मलबे में दब गए। खबर लिखे जाने तक 8 मजदूरों की मौत की आशंका है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंची। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
मुंगेली जिले के रामबोड़ गांव में निर्माणाधीन कुसुम प्लांट में चिमनी गिरने से 8 मजदूरों की मौत।
जेएनएन, मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के रामबोड़ गांव में निर्माणाधीन कुसुम प्लांट में बड़ा हादसा हो गया। लोहे की पाइप बनाने वाली फैक्ट्री में चिमनी गिरने से 25 से अधिक मजदूर मलबे में दब गए। खबर लिखे जाने तक 8 मजदूरों की मौत की आशंका है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंची। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
तिरुपति मंदिर में भगदड़, पुलिस ने दर्ज की दो अलग-अलग एफआईआर, आलोचनाओं से घिरी चंद्रबाबू नायडू सरकार
9 Jan, 2025 05:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुपति: आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में भगदड़ मामले में पुलिस ने दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। 8 जनवरी को वैकुंठ एकादशी के दर्शन के दौरान मंदिर में भगदड़ मच गई थी, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 40 लोग घायल हो गए थे। इस घटना के बाद चंद्रबाबू नायडू की सरकार आलोचनाओं का सामना कर रही है। विपक्ष ने इसे प्रशासनिक विफलता बताया है।
पहली एफआईआर में एक महिला का नाम शामिल
पहला मामला तमिलनाडु के मेट्टूर सलेम जिले की रहने वाली 50 वर्षीय आर मल्लिगा का है, जो विष्णुनिवासम में दर्शन के लिए टोकन लेने की कतार में गिर गई थी। बलैयापल्ली मंडल के तहसीलदार पी. श्रीनिवासुलु ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने बताया कि भक्तों की भीड़ के बीच मल्लिगा बेहोश हो गई। उसे श्री वेंकटेश्वर रामनारायण रुइया सरकारी सामान्य अस्पताल (एसवीआरआरजीजी) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। घटना का कारण भीड़भाड़ और पीड़िता की तबीयत खराब होना बताया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतक के परिजन अस्पताल पहुंचे। शिकायतकर्ता श्रीनिवासुलु ने अपनी शिकायत में कहा, जब अन्य श्रद्धालु कतार की ओर दौड़े तो पीड़ित की तबीयत बिगड़ने लगी।
दूसरी एफआईआर में पांच श्रद्धालुओं के नाम शामिल
दूसरी एफआईआर नारायणवनम मंडल के 61 वर्षीय तहसीलदार एम. जयरामुलु ने दर्ज कराई है, जिसमें पांच अन्य श्रद्धालुओं की मौत की जानकारी दी गई है। पीड़ितों के नाम कंदीपिल्ली संथी, गुडला रजनी, बोडेती नायडू बाबू, सूरी सेट्टी लावण्या स्वाति और निर्मला शामिल हैं। शिकायत के अनुसार, पीड़ित रामानायडू स्कूल के पास पद्मावती पार्क में दर्शन टोकन का इंतजार कर रहे थे। कतार में अचानक धक्का-मुक्की होने के कारण वे गिर पड़े। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस घटना को लेकर विपक्षी दलों के नेता चंद्रबाबू नायडू सरकार की आलोचना कर रहे हैं। टीटीडी के चेयरमैन भूमा करुणाकर ने मंदिर में भगदड़ की घटना को लेकर गठबंधन सरकार की आलोचना की। उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता बताया। इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के प्रति दुख व्यक्त किया। भूमा करुणाकर ने वैकुंठ एकादशी दर्शन के लिए उचित व्यवस्था का सवाल उठाया।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कर्नाटक के श्रीक्षेत्र धर्मस्थल में श्री मंजुनाथ मंदिर में नई कतार प्रणाली का उद्घाटन किया
9 Jan, 2025 02:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कर्नाटक: कर्नाटक के श्रीक्षेत्र धर्मस्थल में श्री मंजूनाथ मंदिर में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नई कतार प्रणाली का उद्घाटन किया। इस दौरान जगदीप धनखड़ ने मंदिरों में वीआईपी दर्शन की व्यवस्था का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि - 'वीआईपी संस्कृति समानता के सिद्धांतों के खिलाफ है। खासकर धार्मिक स्थलों पर इसका कोई स्थान नहीं होना चाहिए।'
भारत में हो रहे राजनीतिक बदलावों पर जताई चिंता
अपने मुख्य भाषण में उपराष्ट्रपति धनखड़ ने आज के राजनीतिक माहौल में व्याप्त प्रवृत्ति की आलोचना की, जहां लोग संवाद करने के बजाय लोकतांत्रिक मूल्यों को बाधित करते हैं। उनके अनुसार, भारत में हो रहे राजनीतिक परिवर्तन, भारतीय लोकतंत्र के विरोधी राजनीतिक ताकतों द्वारा संचालित, 'जलवायु परिवर्तन से भी अधिक खतरनाक' हैं। उन्होंने कहा, 'हमें भारत विरोधी ताकतों को बेअसर करना होगा जो विभाजन और गलत सूचना के माध्यम से हमें कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। हमें उन्हें हमारे देश के महान नाम और समावेशिता, कल्याण और हमारे लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में की गई सभी उपलब्धियों को कलंकित करने से रोकना होगा।' ऐसे समय में जब भारत कई स्तरों पर अपने विकास के साथ आगे बढ़ रहा है।
'विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ एक नई कहानी शुरू करें'
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि हमें विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ एक नई कहानी शुरू करनी चाहिए और एकजुट, केंद्रित और विकासोन्मुख होने के अपने संकल्प के साथ उन्हें हराना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमारा समाज भौतिकवाद के सिद्धांतों पर नहीं बना है। इसलिए, मैं भारत के कॉरपोरेट्स से आगे आने और सीएसआर फंड का उपयोग करके स्वास्थ्य और शिक्षा में योगदान देने का आह्वान करता हूं।" उन्होंने आधुनिक भारत के लिए पांच सिद्धांत भी प्रस्तावित किए, जिन्हें उन्होंने जीवंत और समावेशी लोकतंत्र के लिए 'पंच प्राण' कहा। उन्होंने कहा कि सामाजिक सद्भाव, जो बदले में पारिवारिक स्थिरता और मूल्यों को मजबूत करेगा, पर्यावरण संरक्षण और प्रत्येक नागरिक के मौलिक अधिकार हमारे मूल्य होने चाहिए। लेकिन उनके अनुसार, मौलिक अधिकारों को मौलिक कर्तव्यों के साथ जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें अपने हितों से ऊपर अपने राष्ट्र के लिए काम करना चाहिए।"
अपने दौरे के दौरान, उपराष्ट्रपति ने ग्रामीण छात्रों के लिए श्री क्षेत्र धर्मस्थल ग्रामीण विकास परियोजना (एसकेडीआरडीपी) या 'ज्ञान दीपा परियोजना' नामक छात्रवृत्ति कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया।
महाकुंभ का शुभारंभ 13 जनवरी से, पहला शाही स्नान 14 को
9 Jan, 2025 01:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाकुंभ 2025 का शुभारंभ 13 जनवरी 2025 को होगा, इसका समापन 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि के दिन होगा। महाकुंभ के पहले शाही स्नान की तिथि को जानने को लेकर श्रद्धालुओं में जिज्ञासा है। कोई 13 जनवरी को पहला शाही स्नान बता रहा तो कोई 14 जनवरी को। आइए जानते हैं पहले शाही स्नान की सही तिथि के बारे में-
महाकुंभ 45 दिन तक चलेगा। आपको बता दें कि प्रयागराज में आयोजित इस बार के महाकुंभ का शुभारंभ 13 जनवरी को होगा, लेकिन पहला शाही स्नान 14 जनवरी को होगा। इस बार के कुंभ में तीन शाही स्नान होंगे और इसके अतिरिक्त तीन ऐसी तिथियां होंगी जिन पर स्नान करना भी काफी शुभ माना जाएगा।
इन पवित्र नदियों पर कुंभ का होता आयोजन
महाकुंभ हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण धार्मिक उत्सव है। इसे कुंभ मेला भी कहा जाता है, महाकुंभ का आयोजन 12 वर्षों में किया जाता है। जहां पर श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं। यह उत्सव भारत की चार पवित्र नदियों और चार तीर्थ स्थानों पर ही आयोजित होता है। महाकुंभ का आयोजन प्रयागराज के संगम , हरिद्वार में गंगा नदी, उज्जैन में शिप्रा नदी, और नासिक में गोदावरी नदी पर किया जाता है। इस बार प्रयागराज में महाकुंभ मेले का आयोजन हो रहा है।
स्नान और शाही स्नान की तिथियां
13 जनवरी (सोमवार)- स्नान, पौष पूर्णिमा
14 जनवरी (मंगलवार)- शाही स्नान, मकर सक्रांति
29 जनवरी (बुधवार)- शाही स्नान, मौनी अमावस्या
3 फरवरी (सोमवार)- शाही स्नान, बसंत पंचमी
12 फरवरी (बुधवार)- स्नान, माघी पूर्णिमा
26 फरवरी (बुधवार)- स्नान, महाशिवरात्रि
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