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सेल्फी का शौक पड़ा भारी: गुजरात में वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आए तीन मजदूर
3 Feb, 2026 06:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजकोट। गुजरात (Gujarat) के राजकोट जिले (Rajkot district) में सोमवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना में वंदे भारत ट्रेन (Vande Bharat Train) की चपेट में आकर तीन मजदूरों (Three Labourers) की जान चली गई। यह हादसा भक्तिनगर और रिब्डा रेलवे स्टेशनों के बीच एक रेलवे क्रॉसिंग के पास करीब 4:45 बजे हुआ।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, वेरावल से अहमदाबाद जा रही वंदे भारत ट्रेन जब इस स्थान से गुजर रही थी, तीन युवक रेलवे ट्रैक के पास खड़े होकर ग्रुप सेल्फी लेने का प्रयास कर रहे थे। अपनी दूरी का सही अंदाजा न लगा पाने के कारण वे ट्रेन की चपेट में आ गए।
घटना के बारे में जानकारी देते हुए सब-इंस्पेक्टर ए.आर. राठौड़ ने बताया कि इस हादसे में एक युवक की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल युवकों को तुरंत अस्पताल भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान एक और युवक ने दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान संदीप पटेल और संदीप कोली के रूप में हुई है, जबकि गंभीर रूप से घायल युवक की पहचान कपिल पटेल के रूप में हुई है। तीनों युवक उत्तर प्रदेश के निवासी थे और राजकोट स्थित एक फैक्ट्री में काम करते थे।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह भी सामने आया कि तीनों युवक अपने साथी संदीप पटेल को रेलवे स्टेशन छोड़ने जा रहे थे, जो घर लौटने वाला था। उसी समय उन्होंने रेलवे ट्रैक पर आकर ग्रुप सेल्फी लेने का निर्णय लिया, जो उनके लिए जानलेवा साबित हुआ। घटना के बाद वंदे भारत ट्रेन को कुछ समय के लिए रोका गया था। पुलिस घटना की गहनता से जांच कर रही है और लोगों से अपील की है कि वे रेलवे ट्रैक के पास सेल्फी या वीडियो बनाने से बचें। फिलहाल, घायल युवक का इलाज अस्पताल में जारी है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
मौसम ने बदली करवट: पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश और घना कोहरा
3 Feb, 2026 05:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली. दो और पश्चिमी विक्षोभों (Western disturbances) के सक्रिय होने से उत्तर-पश्चिम (Northwest) में मौसम (weather) फिर बिगड़ गया है। सोमवार को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों हल्की बारिश (Light rain) के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हुआ है, वहीं मैदानी इलाकों में बूंदाबांदी के साथ ठंडी हवाएं चली और कोहरा छाया रहा। हालांकि, तापमान में कुछ वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन शीतलहर के चलते ज्यादा ठंड महसूस की गई। इन इलाकों में मंगलवार को भी बारिश, बर्फबारी और शीतलहर चलने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में पांच फरवरी तक घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर रविवार रात और सोमवार सुबह घना कोहरा तो कुछ स्थानों पर बहुत घना कोहरा छाया रहा और दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई।
उत्तर प्रदेश के सरसावा, आगरा और हिंडन वायुसेना अड्डों पर दृश्यता शून्य दर्ज की गई। इस दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी भी हुई। मैदानी राज्यों में उत्तराखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पूर्वी राजस्थान में छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई।
हिमाचल में चोटियों पर हिमपात पंजाब व हरियाणा में गलन बढ़ी
हिमाचल प्रदेश में चोटियों पर बर्फबारी का दौर जारी है। कुल्लू, लाहौल, चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी हुई है। मणिकर्ण के तोष में सब्जी लेकर जा रही जीप बर्फ पर फिसलकर गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। भारी बर्फबारी के चलते अटल टनल बंद हो गई है। रोहतांग दर्रा में भी 90 सेंटीमीटर तक बर्फ गिरी है। वहीं, पंजाब और हरियाणा में न्यूनतम तापमान में हल्की वृद्धि के बावजूद शीतलहर के चलते ठंड बनी हुई है। सोमवार को हरियाणा में सबसे ठंडा सिरसा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बारिश की चेतावनी
आईएमडी ने पूर्वी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है, खासकर खुले इलाकों और खेतों में काम करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
भारतीय कानून सर्वोपरि: संविधान पर टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने Meta को लगाई फटकार
3 Feb, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने WhatsApp की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) को सख्त चेतावनी दी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि तकनीकी कंपनियां भारत में रहकर नागरिकों के निजता अधिकार से खिलवाड़ नहीं कर सकतीं। अदालत ने यहां तक कह दिया कि अगर कंपनियां संविधान का पालन नहीं कर सकतीं, तो उन्हें देश छोड़ देना चाहिए।
प्राइवेसी पॉलिसी के मामले पर हो रही है सुनवाई
यह सुनवाई WhatsApp की 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी से जुड़े मामले में चल रही है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने व्हाट्सएप पर 213 करोड़ रुपये के जुर्माना लगाया था जिसे राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय अधिकरण (NCLAT) ने बरकरार रखा था। इस फैसले को मेटा और व्हाट्सएप ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पांचोली की बेंच इस मामले पर सुनवाई कर रही है।
9 फरवरी को आएगा अंतरिम आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को भी इस याचिका में एक पक्ष बनाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कंपनियों को चेतावनी दी है कि या तो वे डेटा शेयर न करने का लिखित आश्वासन दें, वरना अदालत को आदेश पारित करना होगा। बेंच ने कहा कि इस मामले में 9 फरवरी को अंतरिम आदेश पारित किया जाएगा।
‘डेटा शेयरिंग के नाम पर चोरी बर्दाश्त नहीं’
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी की भाषा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निजता का अधिकार इस देश में बहुत महत्वपूर्ण है और कंपनियां इसका उल्लंघन नहीं कर सकतीं।
बेंच ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, “आप डेटा शेयरिंग के बहाने इस देश की प्राइवेसी के साथ नहीं खेल सकते। आपकी प्राइवेसी की शर्तें इतनी चालाकी से तैयार की गई हैं कि एक आम आदमी उन्हें समझ ही नहीं पाता। यह निजी जानकारी चोरी करने का एक ‘सभ्य तरीका’ है, जिसे हम होने नहीं देंगे।” चीफ जस्टिस ने आगे कहा कि “अगर आप हमारे संविधान का पालन नहीं कर सकते, तो भारत छोड़ दें। हम नागरिकों की निजता के साथ समझौता नहीं होने देंगे।”
अदालत ने साफ कर दिया है कि वह डेटा का एक शब्द भी साझा करने की अनुमति नहीं देगी। अब सबकी निगाहें 9 फरवरी पर टिकी हैं, जब कोर्ट इस मामले में अपना अंतरिम फैसला सुनाएगा।
पूर्व थल सेना प्रमुख नरवणे की पुस्तक पर सरकार की रोक, राष्ट्रीय सुरक्षा को बताया वजह
3 Feb, 2026 01:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (Manoj Mukund Naravane) की संस्मरण पुस्तक ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ (Four Stars of Destiny) को लेकर इन दिनों राजनीतिक और सैन्य गलियारों में चर्चा तेज है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा इस अप्रकाशित पुस्तक के कथित अंशों को पढ़े जाने के बाद, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों के लिए गोपनीयता और नियमों से जुड़े सवाल फिर से चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।
क्या है पूरा विवाद?
जनरल एम.एम. नरवणे दिसंबर 2019 से अप्रैल 2022 तक सेना प्रमुख रहे। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद एक संस्मरण लिखा है। इस पुस्तक में 2020 के वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) गतिरोध और अग्निपथ योजना जैसे संवेदनशील विषयों पर महत्वपूर्ण विवरण होने की चर्चा है।
यह पुस्तक जनवरी 2024 में रिलीज होने वाली थी, लेकिन रक्षा मंत्रालय और भारतीय सेना ने पब्लिशर को इसकी समीक्षा पूरी होने तक प्रकाशन रोकने का निर्देश दिया। वर्तमान में इस पुस्तक का भविष्य अधर में है क्योंकि मंत्रालय से अभी तक ‘क्लीयरेंस’ नहीं मिली है।
सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों के लिए नियम
वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, विशेष रूप से वे जो संवेदनशील पदों पर रहे हैं, वे कुछ कड़े नियमों से बंधे होते हैं।
ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट (OSA): इसके तहत कोई भी अधिकारी सेवानिवृत्ति के बाद भी ऐसी जानकारी सार्वजनिक नहीं कर सकता जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हो।
प्रकाशन के लिए अनुमति: गोपनीय या संवेदनशील जानकारी वाली किसी भी पुस्तक या लेख को प्रकाशित करने से पहले सरकार से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। कूलिंग-ऑफ पीरियड: निजी या व्यावसायिक क्षेत्र में नौकरी लेने के लिए सेवानिवृत्ति के बाद एक वर्ष का ‘कूलिंग-ऑफ’ समय तय है।
नियमों के उल्लंघन पर परिणाम
यदि कोई सैन्य अधिकारी इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो सरकार सख्त कदम उठा सकती है। उसके खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है। CCS (पेंशन) नियमों के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने पर अधिकारी की पेंशन का हिस्सा या पूरी पेंशन रोकी जा सकती है।
LAC पर चीन के साथ तनाव का जिक्र
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस पुस्तक में 2020 के गतिरोध से जुड़ी रणनीतिक जानकारी सामने आती है, तो इससे चीन के साथ LAC पर स्थिति फिर से बिगड़ सकती है। मई-जून 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद हुए थे। जनरल नरवणे के नेतृत्व में ही भारत ने जवाबी कार्रवाई और फिर सैन्य स्तर की वार्ताओं के जरिए कई इलाकों से सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया शुरू की थी।
वर्तमान में LAC पर स्थिति ‘थॉ’ यानी कुछ हद तक शांत है, लेकिन दोनों ओर से भारी सैन्य तैनाती अभी भी बनी हुई है। सरकार का रुख स्पष्ट है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी का खुलासा किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिए, यही कारण है कि जनरल नरवणे की पुस्तक को अभी तक हरी झंडी नहीं मिली है।
प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री पर राहुल का निशाना
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को सदन में एक पूर्व सेना प्रमुख के संस्मरण के मसौदे के कुछ अंश का हवाला देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि सरकार इस बात से डरी हुई है कि किताब की बातें सामने आईं तो देश को भाजपा के दोनों प्रमुख नेताओं की असलियत पता चल जाएगी और यह भी मालूम पड जाएगा कि चीन के सामने ’56 इंच की छाती’ का क्या हुआ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि वह ”काल्पनिक बातें” करके सदन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं और सेना पर सवाल उठा रहे हैं।
राहुल गांधी का यह भी कहना था कि देश को यह भी पता चलेगा कि जब चीन के सैनिक आगे बढ़ रहे थे तो ”56 इंच की छाती” का क्या हुआ था। उन्होंने दावा किया कि ‘नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह और पूरी सरकार सिर्फ एक लाइन से डरी हुई है। वो लाइन मैं संसद में बोलूंगा, मुझे कोई नहीं रोक पाएगा।’ बाद में राहुल ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘पूर्व सेना प्रमुख का बयान उजागर कर देगा कि मोदी जी और राजनाथ जी ने सेना को कैसे निराश किया। अपने पर्दाफाश के डर से वे मुझे संसद में बोलने नहीं दे रहे।’ कांग्रेस का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष सदन में पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की पुस्तक ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के मसौदे के उस अंश को पढ़ना चाहते थे जिसमें 31 अगस्त, 2020 की एक घटना का उल्लेख है। यह संस्मरण अभी प्रकाशित नहीं हुआ है।
Smartphone Battery Damage: 100% चार्ज करना क्यों हो सकता है खतरनाक?
3 Feb, 2026 01:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Smartphone Battery Damage आज के समय में एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन चुकी है। स्मार्टफोन अब सिर्फ कॉल या मैसेज तक सीमित नहीं है, बल्कि पेमेंट, शॉपिंग, ऑफिस वर्क और जरूरी डॉक्यूमेंट्स का अहम जरिया बन चुका है। ऐसे में फोन की बैटरी खराब होना सीधे हमारे रोजमर्रा के काम को प्रभावित करता है। हैरानी की बात यह है कि बैटरी खराब होने की बड़ी वजह यूजर्स की कुछ गलत आदतें होती हैं।
अक्सर लोग अपने फोन को रात भर चार्जिंग पर लगाए रखते हैं या बार-बार 100% तक चार्ज करते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह आदत Smartphone Battery Damage की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन्स में लिथियम-आयन (Li-ion) बैटरी होती है। जब बैटरी को लगातार 100% तक चार्ज किया जाता है, तो उस पर ज्यादा वोल्टेज प्रेशर पड़ता है, जिससे समय के साथ उसकी क्षमता कम होने लगती है।
हालांकि, नए स्मार्टफोन्स में ओवरचार्जिंग से बचाने के लिए एडवांस चार्जिंग टेक्नोलॉजी दी जाती है, लेकिन इसके बावजूद रात भर फोन प्लग-इन रहने से हीट जनरेट होती है। यह गर्मी बैटरी सेल्स को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है और बैटरी लाइफ घटने लगती है। कुछ मामलों में ज्यादा गर्मी फोन के फटने का खतरा भी बढ़ा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फोन को हमेशा 100% चार्ज करना जरूरी नहीं है। बेहतर बैटरी हेल्थ के लिए फोन को 20% से 80% चार्ज लेवल के बीच रखना सबसे सही माना जाता है। फुल चार्ज केवल इमरजेंसी में ही करना चाहिए।
टैरिफ घटते ही खुले नए रास्ते, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से निर्यात को मिलेगी रफ्तार
3 Feb, 2026 12:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भारत (India) और अमेरिका (America) के बीच व्यापार समझौते (Trade agreements) की घोषणा एक ऐसे समय में हुई है जब भारतीय निर्यातक, विशेष रूप से कपड़ा, चमड़ा और फुटवियर उद्योग भविष्य के ऑर्डर को लेकर गहरे संकट में थे। इस समझौते के बाद अब भारतीय उत्पाद (Indian products) अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे। सोमवार रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के साथ बातचीत के बाद इस डील की घोषणा की।
इन प्रमुख उद्योगों पर प्रभाव
कपड़ा और फुटवियर: अब तक छोटे निर्यातक शिपमेंट लगभग बंद कर चुके थे और बड़े खिलाड़ी भारी छूट देकर किसी तरह टिके हुए थे। अब भारतीय गारमेंट्स पर 18% का टैरिफ लगेगा, जो बांग्लादेश या श्रीलंका (20%) की तुलना में कम है।
कालीन: भारतीय कालीन यानी कारपेट अब तुर्की से आने वाले उत्पादों का मजबूती से मुकाबला कर सकेंगे।
रत्न और आभूषण: चीन के उत्पादों पर 34% टैरिफ होने के कारण, अब भारतीय आभूषणों को अमेरिकी बाजार में बढ़त मिलेगी।
समुद्री उत्पाद: अमेरिकी स्टोर्स में अब भारतीय झींगे सहित कई समुद्री उत्पाद सस्ते और अधिक सुलभ होंगे।
आईटी सेक्टर: अमेरिका ने भारत पर लगाए गए टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया है। इससे भारतीय आईटी सेवाओं और डिजिटल उत्पादों की लागत कम होगी, जिससे अमेरिकी बाजार में भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटो पार्ट्स और धातुओं जैसे कुछ क्षेत्रों पर टैरिफ पहले की तरह ही बने रहेंगे। हालांकि अभी भी इस डील को लेकर फुल डिटेल्स आना बाकी है।
निर्यात के आंकड़े और मौजूदा स्थिति
अप्रैल से नवंबर के बीच भारत का अमेरिका को निर्यात 11.3% बढ़कर 59 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका स्मार्टफोन की रही, जिसका निर्यात दोगुना होकर 16.7 अरब डॉलर हो गया।
दिलचस्प बात यह है कि भारत के कुल निर्यात का लगभग 40% हिस्सा (जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा) इन टैरिफ से प्रभावित नहीं था। साथ ही, अगस्त में लागू होने वाली टैरिफ डेडलाइन से बचने के लिए कंपनियों ने पहले ही भारी मात्रा में माल एक्सपोर्ट कर दिया था।
हालांकि उत्साह का माहौल है, लेकिन व्यापार जगत अभी भी पूरी स्पष्टता का इंतजार कर रहा है। वर्तमान में कोई संयुक्त बयान जारी नहीं हुआ है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया दावों पर भारतीय अधिकारियों की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया आनी बाकी है।
यूके (UK) और यूरोपीय संघ (EU) के साथ पहले ही व्यापार समझौते कर चुका भारत अब अपने पोर्टफोलियो को विविधता दे सकेगा, जिससे भविष्य में अमेरिकी नीतियों में होने वाले उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम किया जा सके।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में तनाव: दो समुदाय आमने-सामने, आगजनी और तोड़फोड़
3 Feb, 2026 11:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के गरियाबंद जिले (Gariaband district) के दुधकैयां गांव (Dudhkaiyan village) में दो समुदायों के बीच तनाव हिंसक झड़पों (Violent Clashes) में बदल गया। शिव मंदिर में तोड़फोड़ और उसके बाद हुई मारपीट ने इलाके में जबरदस्त आक्रोश पैदा कर दिया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिव मंदिर में तोड़फोड़ के बाद उत्पन्न हुआ तनाव
गांव में एक मुस्लिम युवक ने शिव मंदिर में कथित रूप से तोड़फोड़ की। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जेल से रिहा होने के बाद युवक अपने रिश्तेदारों के साथ लौट आया और ग्रामीणों पर हमला कर दिया।
पीड़ित ने पुलिस की लापरवाही का आरोप लगाया
गांव के निवासी नरेंद्र साहू पर तीन युवकों ने हमला किया और उन्हें लकड़ी के डंडों से बुरी तरह पीटा। साहू के हाथ और पैर में फ्रैक्चर हो गया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि पुलिस को मामले की जानकारी होने के बावजूद तुरंत कार्रवाई नहीं की और आरोपियों को पकड़ने में देरी हुई।
हिंसा की चपेट में आया गांव: घरों और वाहनों में आग लगाई गई
हमले की खबर फैलते ही हिंदू समुदाय के लोग भड़क उठे और आरोपियों से जुड़े घरों और वाहनों में आग लगा दी। स्थिति तेजी से बिगड़ती चली गई, जिससे पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाने की आवश्यकता पड़ी।
तीन आरोपी गिरफ्तार, पुलिसकर्मी हुए घायल
पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गांव में उत्पन्न तनाव को शांत करने के लिए गरियाबंद, रायपुर, महासमुंद, दुर्ग और राजनांदगांव जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस पर कुछ आक्रोशित लोगों ने ईंट और पत्थरों से हमला किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए। हालांकि, स्थिति अब नियंत्रण में बताई जा रही है।
मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश: दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि घटना उनके संज्ञान में है और सरकार इसे गंभीरता से देख रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन आरोपियों ने यह हिंसा फैलाई, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हर कदम कानून के दायरे में उठाया जाएगा।
पीसीसी चीफ दीपक बैज की प्रतिक्रिया:
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पुलिस और सरकार की लापरवाही के कारण यह हिंसा भड़की। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती, तो यह घटना टल सकती थी। बैज ने दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की और घटना की न्यायिक जांच की मांग की।
बजट की सौगात बिहार को: पटना में 300 करोड़ की लागत से शिप रिपेयर सेंटर का ऐलान
3 Feb, 2026 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। पटना (Patna) में गंगा नदी (River Ganges) के किनारे दीघा क्षेत्र (Digha area) में 300 करोड़ रुपये की लागत से एक जहाज मरम्मत केंद्र (Ship Repair Center) स्थापित किया जाएगा। केंद्रीय बजट (Union Budget) में इसकी घोषणा के बाद इसका मार्ग प्रशस्त हो गया है। राज्य सरकार ने इसके लिए दीघा में कुर्जी के सामने गंगा किनारे पांच एकड़ जमीन भी आवंटित कर दी है। केंद्र बनने के बाद जलमार्ग से माल ढुलाई और पर्यटन उद्देश्यों के लिए चलने वाले जहाजों की संख्या बढ़ेगी और परिवहन लागत में कमी आएगी।
दूर-दराज से भी जहाज पहुंचेंगे
वर्तमान में जहाजों की मरम्मत के लिए उन्हें कोलकाता या वाराणसी ले जाना पड़ता है। पटना में सुविधा उपलब्ध होने के बाद अब स्थानीय जहाजों के साथ-साथ दूरदराज से आने वाले जहाजों की मरम्मत भी यहीं की जाएगी। इससे कोलकाता या वाराणसी तक जहाज भेजने और वापस लाने में होने वाले हजारों रुपये के परिवहन खर्च में बचत होगी। साथ ही, केंद्र के खुलने से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
एक बार में चार जहाज की मरम्मत
इस नए केंद्र में एक बार में चार जहाजों की मरम्मत की सुविधा होगी। इसके लिए लिफ्ट सिस्टम लगाया जाएगा। जहाज को लिफ्ट से गंगा नदी से उठाकर खुले स्थान पर रखा जाएगा, फिर मरम्मत की जाएगी और कार्य पूरा होने के बाद उसे पुनः पानी में स्थापित किया जाएगा।
रोजगार और परिचालन के नए अवसर
वर्तमान में गंगा में लगभग 50-60 छोटे और बड़े जहाज चलते हैं, जिनका परिचालन बिहार के साथ उत्तर प्रदेश और बंगाल तक होता है। पटना में मरम्मत केंद्र की कमी के कारण सरकारी विभाग और निजी लोग जहाज संचालन में कम रुचि दिखाते थे। केंद्र खुलने के बाद परिवहन और पर्यटन विभाग जहाज परिचालन बढ़ा सकते हैं और निजी कंपनियां भी माल ढुलाई और पर्यटन के लिए जहाज संचालन कर सकती हैं।
महिलाओं के नाम पर शराब तस्करी! बिहार में 11 महिला तस्कर दबोची गईं
3 Feb, 2026 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब तस्कर महिलाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका खुलासा पटना रेल पुलिस ने किया है। पुलिस ने शराब तस्करी के एक ऐसे अंतरजिला गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें लड़कियों और महिलाओं का इस्तेमाल शराब एक जगह से दूसरी जगह ट्रेन से पहुंचाने के लिए किया जाता था। शराब तस्कर ट्रेन के कोच अटेंडेंट को भी इस काम मे शामिल करते थे। पटना रेल पुलिस ने 11 महिलाओं समेत गिरोह के कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया है।
दरअसल, पटना के पाटलिपुत्र स्टेशन पर सीमांचल एक्सप्रेस से इन लोगों को पकड़ा गया। सीमांचल एक्सप्रेस के कोच अटेंडेंट निखिल कुमार के अलावा इसी ट्रेन में सवार 11 महिलाओं और 3 पुरुष तस्करों को गिरफ्तार किया गया। रेल एसपी अनंत कुमार राय के आदेश पर दानापुर रेल डीएसपी कंचन राज ने इस ट्रेन में सर्च ऑपरेशन चलाया था। इनके पास से 95 लीटर विदेशी शराब, 40 हजार कैश, 6 स्मार्ट फोन और 5 कीपैड मोबाइल बरामद किए गए। इन सभी के खिलाफ पाटलिपुत्र जंक्शन रेल थाने में केस दर्ज किया गया। आज इन सभी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। इनके पास से जब्त मोबाइल की सीडीआर से इन तस्करों के नेटवर्क को अब खंगाला जा रहा है।
बता दें कि जिन 11 महिलाओं की गिरफ्तारी हुई है, उनमें 3 काफी कम उम्र की हैं। गिरफ्तार की गई महिलाओं की पहचान बेगूसराय की रतनी देवी, शांति देवी, रेखा देवी, रीना उर्फ शबरी देवी, इंदिरा देवी, तिलिया देवी, शोभा देवी, अंजली कुमारी, नालंदा की फूलमति देवी और खुशी कुमारी और वैशाली की रुख्साना के तौर पर हुई है। यूपी के बुलंदशहर का कोच अटेंडेंट निखिल कुमार भी पकड़ा गया है। इन 11 महिलाओं और लड़कियों मे से 7 महिला तस्कर पहले भी जेल जा चुकी हैं। एक लड़की तो पिछली बार पुलिसकर्मी को धक्का मारकर भाग भी गई थी। हर ट्रिप पर हर महिला को 2000 रूपये दिए जाते हैं। जानकारी के मुताबिक यूपी के दिलदारनगर से ये शराब लेकर आ रही थीं।
जानकारी के मुताबिक ये महिलाएं जनरल बोगी में रेल टिकट लेकर सवार होती हैं। शराब तस्कर भी इनके आसपास होता है। पुलिस के अनुसार कोच अटेंडेंट इन तस्करों से मिला हुआ था। तस्कर उसे हर ट्रिप में 2000 रुपए देता था। कोच अटेंडेंट उनकी शराब को भी रखता था। पाटलिपुत्र जंक्शन या दानापुर स्टेशन पर तस्कर इन महिलाओं के साथ शराब लेकर उतर जाते थे। गंगा स्नान, माघी पूर्णिमा के स्नान की बात कहकर इन महिलाओं ने पुलिस को भरमाने की कोशिश की लेकिन झोले चेक किये गए तो पकड़ी गईं।
एक पता, एक मोबाइल नंबर… गाजियाबाद में कैसे बन गए 25 पासपोर्ट?
3 Feb, 2026 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गाजियाबाद: गाजियाबाद जिले में एक ही पते पर 25 पासपोर्ट बनने का मामला सामने आया है. सभी पासपोर्ट पर एक ही मोबाइल नंबर दर्ज है. जैसे ही इस जालसाजी की जानकारी पुलिस को हुई, इसकी सूचना पासपोर्ट विभाग को दी. मामले में 25 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है. पुलिस और पासपोर्ट विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है. घटना जिले के भोजपुर थाना क्षेत्र की है.
पुलिस जांच में सामने आया है कि 25 लोगों के नाम पर जो पासपोर्ट बने हैं. उन सभी का एड्रेस एक है और सभी फार्मो पर एक ही मोबाइल नंबर लिखा गया है. ये सभी पासपोर्ट अगस्त से लेकर सितंबर तक 2022 के बीच बनवाए गए थे. आशंका है कि यह देश में किसी बड़ी अनहोनी करने के लिए तो नहीं बनवाए गए या फिर कोई गैंग फर्जी पासपोर्ट बनाने का काम कर रहा है. पुलिस इसमें पासपोर्ट विभाग की मिलीभगत की भी जांच कर रहा है.
भोजपुर थाने में 25 लोगों के खिलाफ मामले में एफआईआर दर्ज की गई है. जिन लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है. उनमें अमनप्रीत कौर, जसप्रीत कौर, रितु शर्मा, मेघा राणा, राजकुमारी दलजीत सिंह, महेंद्र कौर, यशोदा राय, बसंती राय, जीत कौर, शमशेर सिंह आदि के अलावा पोस्टमैन अरुण कुमार का भी नाम शामिल है. सभी पर आईटी एक्ट में केस दर्ज किया गया है. जिले के तीन गांवों में ऐसा मामला सामने आया है.
अरुण कुमार 12 सालों से पोस्टमैन का काम करता है और भोजपुर की डाक बनाता है. एक मामले में पुलिस उसके पास पूछताछ करने गई थी. उस दौरान पोस्टमैन ने पुलिस को बताया कि लगभग 5 महीने पहले विवेक गांधी और प्रकाश नाम के दो लोग उसके पास आए थे, जिन्होंने उसे बताया था कि हमारे पासपोर्ट आएंगे और उन पर जो पता लिखा हुआ है, उस पर पासपोर्ट मत भेजना. वह पासपोर्ट हमें भेज देना. इसके लिए दोनों युवकों ने पोस्टमैन को प्रति पासपोर्ट 2000 रुपए देने की बात कही. अरुण पैसों की लालच में आ गया और जो भी पासपोर्ट संबंधित पते के लिए आता, वह प्रति पोसपोर्ट 2000 रुपए लेकर उन्हें दे देता.
पोस्टमैन का नाम पुलिस ने केस में तो शामिल कर लिया, लेकिन क्या बिना पासपोर्ट अधिकारी और पुलिस वेरिफिकेशन के पासपोर्ट बनकर एक ही पते पर आ सकता था. इस बात को बताने में पुलिस परहेज कर रही है. पुलिस ने इतने बड़े मामले के लिए कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस भी नहीं की. वहीं इस मामले में पासपोर्ट विभाग ने भी अपना कोई बयान नहीं जारी किया. ऐसे में दोनों विभागों की लापरवाही सामने आ रही है.
पासपोर्ट बनने की प्रक्रिया में पुलिस की ओर से वेरिफिकेशन किया जाता है. वहीं इसके बाद पासपोर्ट विभाग के अधिकारी भी फार्म की जांच करते हैं. अब सवाल यह उठता है कि पुलिस वेरिफिकेशन और पासपोर्ट आफिस की जांच के बाद भी एक ही पते पर 25 पासपोर्ट कैसे बन गए. इन सभी सवालों पर पुलिस अभी मौन है.
पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. सभी आरोपी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले बताए जा रहे हैं. पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से कई फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और हर पहलू से जांच कर रही है.
एअर इंडिया के ड्रीमलाइनर का स्विच हुआ बंद, प्लेन की उड़ानों पर लगी रोक
3 Feb, 2026 08:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली. एअर इंडिया (Air India ) के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (Boeing 787 Dreamliner) के फ्यूल स्विच (Fuel switch) में खराबी की आशंका के मद्देनजर विमान को उड़ान भरने से रोक दिया गया। विमान के पायलटों ने ईंधन नियंत्रण स्विच में संभावित खराबी की सूचना दी थी। इस मामले पर एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, ‘हमें इस बात की जानकारी है कि हमारे एक पायलट ने बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान के फ्यूल स्विच में संभावित खराबी की सूचना दी है। यह प्रारंभिक सूचना प्राप्त होने के बाद हमने उक्त विमान को उड़ान भरने से रोक दिया है।’
सूत्रों के हवाले से कहा है कि विमान में 200 से अधिक लोग सवार थे। एअर इंडिया ने कहा, ‘पायलट की चिंताओं की प्राथमिकता के आधार पर जांच कराने के लिए निर्माता कंपनी से संपर्क कर रहे हैं। इस मामले की जानकारी विमानन नियामक, डीजीसीए को दे दी गई है। डीजीसीए के निर्देश के बाद एअर इंडिया ने अपने बेड़े के सभी बोइंग 787 विमानों के ईंधन नियंत्रण स्विच की जांच की थी और कोई समस्या नहीं पाई थी।’ यह घटना ऐसे समय पर हुई है, जब पिछले साल जून में अहमदाबाद में हुए ड्रीमलाइनर विमान हादसे की जांच चल रही है।
विमान की जांच की मांग हुई तेज
सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन के मुताबिक एअर इंडिया की उड़ान AI132 के चालक दल ने बताया कि बोइंग ड्रीमलाइनर के बाएं इंजन के फ्यूल स्विच को चालू करते समय यह ‘रन’ की स्थिति में लॉक होने की जगह ‘कट ऑफ’ होने की ओर बढ़ने लगा। इसकी वजह से उड़ान के दौरान अनजाने में इंजन बंद होने की संभावना बन सकती है।
एअर इंडिया के इस विमान ने रविवार रात नौ बजकर उन्नीस मिनट पर लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से उड़ान भरी। विमान सोमवार सुबह 11 बजकर 54 मिनट पर बंगलूरू में उतरा। मामले पर बोइंग ने कहा कि वह एअर इंडिया के संपर्क में है और इस मामले की समीक्षा में उनका सहयोग कर रहा है। मामले पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई।
अहमदाबाद विमान हादसे से क्यों जुड़ रही समानता?
12 जून, 2025 को अहमदाबाद में एअर इंडिया के लंदन जा रहे बोइंग 787-8 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
इस हादसे में 241 यात्रियों सहित कुल 260 लोगों की मौत हो गई।
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) अहमदाबाद विमान हादसे की जांच कर रहा है।
एएआईबी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा था कि विमान के दोनों इंजनों को ईंधन की आपूर्ति एक सेकंड के अंतराल के भीतर बंद कर दी गई थी, जिससे उड़ान भरने के तुरंत बाद कॉकपिट में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी।
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क्या है फ्यूल स्विच लॉकिंग सिस्टम?
यह सिस्टम विमान के इंजन को ईंधन की सप्लाई को नियंत्रित करता है। अगर इसमें गड़बड़ी हो जाए तो इंजन बंद होने या ईंधन की आपूर्ति रुकने का जोखिम हो सकता है। इसलिए डीजीसीए ने इसे गंभीरता से लिया है। डीजीसीए ने सभी एयरलाइनों से कहा है कि वे अपने बोइंग 787 और 737 बेड़े के सभी विमानों की तकनीकी जांच करें और रिपोर्ट सौंपें। अगर किसी विमान में खराबी पाई जाती है तो उसे तुरंत सुधारना होगा, तब तक वह विमान उड़ान के लिए नहीं चलाया जा सकेगा।
अहमदाबाद विमान हादसे से फ्यूल स्विच का कनेक्शन
12 जून को अहमदाबाद में एअर इंडिया के विमान हादसे की जांच कर रही एएआईबी ने अपने प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया कि हादसे वाले बोइंग ड्रीमलाइनर विमान के दोनों इंजन टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद बंद हो गए क्योंकि ईंधन की आपूर्ति रुक गई थी। एअर इंडिया विमान के ब्लैक बॉक्स की जांच में पता चला कि उड़ान के अंतिम क्षणों में, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर से पता चला कि एक पायलट को दूसरे से यह पूछा कि उसने ईंधन स्विच को बंद क्यों किया? इस पर दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि उसने ऐसा नहीं किया। जांच में पता चला कि उड़ान भरने के तुरंत बाद ईंधन स्विच कटऑफ में बदल गए थे, जिससे विमान के इंजनों में ईंधन की आपूर्ति रुक गई। रिपोर्ट के बाद बोइंग के विमानों को ईंधन स्विच को लेकर सवाल उठे और आशंका जताई गई कि तकनीकी खराबी की वजह से ईंधन स्विच बंद हुए।
बिहार में बुलेट ट्रेन की एंट्री, किन जिलों से गुजरेगा रूट?
2 Feb, 2026 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बिहार के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है. बिहार में पहली बुलेट ट्रेन चलनी वाली है. इसको लेकर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ा ऐलान किया है. रेल मंत्री ने कहा कि ये ट्रेन बिहार के लिए गेम चेंजर साबित होगी. बिहार में रेलवे के लिए 10 हजार 379 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. इस बजट से बिहार में कनेक्टिविटी, आधुनिक रेल अवसंरचना और रोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा।
वाराणसी से सिलीगुड़ी केवल 2 घंटे 55 मिनट में पहुंचेंगे
बिहार में इस समय 14 वंदे भारत और 21 अमृत ट्रेनें चल रही हैं. ऐसे में अगर बुलेट ट्रेन बिहार में चलती है तो इससे राज्य की रफ्तार बढ़ जाएगी. बुलेट ट्रेन बिहार से पश्चिम बंगाल तक चलेगी. बुलेट ट्रेन वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक जाएगी. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खुद जानकारी देते हुए कहा, ‘बिहार में पहली बुलेट ट्रेन चलेगी. ये ट्रेन वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक जाएगी. ये बिहार के लिए बहुत बड़ा गेम चेंजर होगा. बिहार की इनकोनॉमी और कनेक्टिविटी को इससे लाभ होगा. वाराणसी से सिलीगुड़ी केवल 2 घंटे 55 मिनट में पहुंचा जा सकेगा।’
7 नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को देश का यूनियन बजट पेश किया. इस दौरान निर्मला सीतारमण ने 7 नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की थी. इनमें वाराणसी- सिलिगुड़ी कॉरिडोर भी शामिल है. आमतौर पर वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच ट्रेन से 14-16 घंटे लगते हैं. लेकिन बुलेट ट्रेन महज 2 घंटे 55 मिनट में वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच का सफर तय कर लेगी. इस दौरान ट्रेन की रफ्तार 300 से 350 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी. बिहार से गुजरते समय बुलेट ट्रेन पटना के अलावा बक्सर, आरा, कटिहार और किशनगंज जैसे स्टेशनों पर भी रूकेगी।
भोपाल गैस त्रासदी मामला: खराब मौसम बना सुनवाई में बाधा
2 Feb, 2026 06:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल गैस त्रासदी मामले की सुनवाई शुक्रवार को पूरी नहीं हो सकी. दिल्ली में घने कोहरे के कारण सीबीआई अधिकारियों की फ्लाइट लेट हो गई, जिससे वे दोपहर 12:30 बजे कोर्ट पहुंच पाए. वहीं डॉव केमिकल की ओर से पेश वकीलों ने इसके बाद इंतजार करने से इनकार कर दिया. डॉव के वकीलों का कहना था कि उन्हें दोपहर 2 बजे की फ्लाइट से दिल्ली लौटना है, इसलिए वे 12:30 बजे के बाद सुनवाई में शामिल नहीं हो सकते.इस पर अदालत ने स्थिति को संज्ञान में लेते हुए डॉव के वकीलों को 26 फरवरी को अधिकार क्षेत्र (ज्यूरिस्डिक्शन) के मुद्दे पर बहस समाप्त करने के लिए अंतिम अवसर दे दिया. अब अगली सुनवाई में डॉव के वकीलों को अधिकार क्षेत्र पर अपनी दलीलें पूरी करनी होंगी, जिसके बाद कोर्ट इस ऐतिहासिक मामले में आगे की प्रक्रिया तय करेगा.
भोपाल गैस त्रासदी में हजारों लोगों की हुई थी मौत
भोपाल गैस त्रासदी मे अब तक हुई घटनाएं
2–3 दिसंबर 1984
यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड (UCIL) के भोपाल स्थित कारखाने से मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) गैस रिसाव हुआ. इसमें हजारों लोगों की मौत हुई और लाखों लोग प्रभावित हुए.
साल 1984–85
भारत सरकार ने आपदा को राष्ट्रीय त्रासदी घोषित किया. यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन (UCC) के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई.
साल 1989
भारत सरकार और यूनियन कार्बाइड के बीच 470 मिलियन डॉलर (करीब 715 करोड़ रुपये) का समझौता किया गया. सुप्रीम कोर्ट ने समझौते को मंजूरी दी है.
साल 1991
सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक मामलों को बहाल किया है. तत्कालीन चेयरमैन वॉरेन एंडरसन को भगोड़ा घोषित किया गया.
साल 2001
यूनियन कार्बाइड का डॉव केमिकल में विलय किया गया. पीड़ित संगठनों ने डॉव को भी जिम्मेदार ठहराने की मांग की.
साल 2010
भोपाल की निचली अदालत ने आठ आरोपियों को दोषी ठहराया. दो साल की सजा और जुर्माना के फैसले पर देशभर में विरोध किया गया.
साल 2012–2014
मुआवजा बढ़ाने और पुनर्वास की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दी गईं.
2015 से अब तक की वर्तमान स्थिति
2015 के बाद गैस पीड़ितों ने डॉव के खिलाफ आपराधिक और सिविल जिम्मेदारी तय करने की मांग तेज कर दी . वहीं वर्तमान स्थिति की बात करें तो अदालत में डॉव के अधिकार क्षेत्र (ज्यूरिस्डिक्शन) को लेकर सुनवाई जारी है. कोर्ट ने डॉव के वकीलों को 26 फरवरी तक बहस पूरी करने की अंतिम अनुमति दी है.
India Post GDS Recruitment 2026: 10वीं पास के लिए 28,740 सरकारी नौकरियां
2 Feb, 2026 03:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
India Post GDS Recruitment 2026: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। भारतीय डाक विभाग (India Post) ने ग्रामीण डाक सेवक (GDS) के कुल 28,740 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। यह उन उम्मीदवारों के लिए सुनहरा अवसर है जो 10वीं पास हैं और बिना परीक्षा सरकारी नौकरी पाना चाहते हैं। आवेदन प्रक्रिया 31 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है।
इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि इसमें किसी भी तरह की लिखित परीक्षा नहीं होगी। उम्मीदवारों का चयन 10वीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार मेरिट लिस्ट से किया जाएगा। यानी सीधे मेरिट के दम पर नौकरी पाने का मौका मिलेगा।
इस भर्ती अभियान के तहत ब्रांच पोस्टमास्टर (BPM), असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर (ABPM) और डाक सेवक के पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इच्छुक उम्मीदवार 14 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहीं, आवेदन फॉर्म में सुधार करने का मौका 18 और 19 फरवरी 2026 को दिया जाएगा। पहली मेरिट लिस्ट 28 फरवरी 2026 को जारी होने की संभावना है।
India Post GDS Recruitment 2026 के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य है, जिसमें गणित और अंग्रेजी विषय शामिल हों। इसके साथ ही, संबंधित सर्किल की स्थानीय भाषा का ज्ञान, बेसिक कंप्यूटर नॉलेज और साइकिल चलाने की क्षमता भी जरूरी है। आयु सीमा न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष तय की गई है।
सैलरी की बात करें तो ABPM को 10,000 से 24,470 रुपये और BPM को 12,000 से 29,380 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। आगे चलकर प्रमोशन के जरिए MTS, पोस्टमैन और पोस्टल असिस्टेंट बनने का भी मौका मिलेगा।
आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को www.indiapostgdsonline.gov.in वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। यह भर्ती 10वीं पास युवाओं के लिए सरकारी नौकरी की दिशा में एक बेहतरीन कदम साबित हो सकती है।
राहुल गांधी के चीन टिप्पणी पर राजनाथ सिंह ने दिया करारा जवाब
2 Feb, 2026 02:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली|कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयानपर लोकसभा में हंगामा मच गया है। उन्होंने सोमवार को पूर्व सेना प्रमुख मनोज नरवणे के नाम पर दावा करते हुए कहा कि डोकलाम में चीनी सेना के टैंक भारतीय सीमा के पास हैं। इसके लिए उन्होंने एक पुस्तक का हवाला देने की बात कही, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें चैलेंज कर दिया। रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी को चुनौती दी और कहा कि आप बताएं कि आखिर यह पुस्तक प्रकाशित हुई भी है या नहीं। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी पुस्तक के आधार पर यहां बात नहीं की जा सकती, जो प्रकाशित ही नहीं हुई है। मैं राहुल गांधी को चुनौती देता हूं कि यह पुस्तक पब्लिश हुई थी या नहीं। अमित शाह ने भी राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई।राहुल गांधी ने दावा किया था कि वह मनोज नरवणे की पुस्तक के आधार पर यह बात कह रहे हैं। इस पर डिफेंस मिनिस्टर ने कहा कि मैं चुनौती देता हूं कि वह पुस्तक को प्रस्तुत कर दें। यदि कोई पुस्तक प्रकाशित ही नहीं हुई है तो फिर उसके आधार पर ऐसे दावे कैसे किए जा सकते हैं। वहीं राहुल गांधी ने कहा कि मैंने पूर्व आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे के संस्मरणों का हवाला दिया है, जो प्रकाशित ही नहीं हुए हैं। इस पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या की स्पीच का जिक्र किया और कहा कि उन्होंने भी इस सदन से बाहर के संदर्भों की बात की थी।इस पर होम मिनिस्टर अमित शाह ने स्पष्ट किया कि तेजस्वी सूर्या ने किसी मीडिया रिपोर्ट या फिर विषय से हटकर किसी पुस्तक का जिक्र नहीं किया था। गृह मंत्री ने कहा कि उनकी स्पीच में 2004 से 2014 तक राष्ट्रपति के अभिभाषणों पर बात की थी। उसमें ऐसा कुछ भी नहीं था, जो आपत्तिजनक था। राजनाथ सिंह और अमित शाह के ऐतराज के बाद भी राहुल गांधी ने अपना आक्रामक रुख बनाए रखा। उन्होंने कहा कि ये लोग तो आतंकवाद से लड़ने का दावा करते हैं, लेकिन एक कोट का जिक्र करने से डरते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि आखिर इसमें ऐसा क्या लिखा है कि यह सरकार उसका जिक्र तक नहीं करने देना चाहती।राहुल गांधी की स्पीच को लेकर बवाल बढ़ा तो अखिलेश यादव भी खड़े हुए। उन्होंने कहा कि चीन का मसला संवेदनशील है और उससे सावधान रहने की जरूरत है। डॉ. लोहिया भी ऐसा कहते थे और मुलायम सिंह यादव भी उसे लेकर चिंतित थे। ऐसे में नेता विपक्ष यदि चीन को लेकर कुछ कहना चाहते हैं तो उन्हें रोकना नहीं चाहिए। वहीं राजनाथ सिंह ने कहा कि यदि किसी पुस्तक के प्रकाशन पर ही रोक लगी है तो फिर उसका जिक्र सदन में नहीं होना चाहिए। ऐसा करना गलत है और सदन की गरिमा के खिलाफ है। राहुल गांधी बार-बार इसी मसले पर बोलना चाहते थे, लेकिन सदन में लगातार हंगामा होता रहा और राजनाथ सिंह ने कई बार खड़े होकर ऐसी पुस्तक के जिक्र पर आपत्ति जताई, जो प्रकाशित ही नहीं हुई।
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