देश
मनमोहन सिंह का स्मारक बनाने के लिए केंद्र सरकार ने परिवार को दिए ये विकल्प
1 Jan, 2025 05:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: भारत सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के परिवार को उनके स्मारक को लेकर कुछ विकल्प दिए हैं। इन विकल्पों में राष्ट्रीय स्मारक समेत कुछ अन्य स्थानों के नाम शामिल हैं, जहां उनका स्मारक बनाए जाने की संभावना है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक परिवार द्वारा स्मारक की जगह चुनने के बाद ट्रस्ट बनाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
यह ट्रस्ट स्मारक निर्माण की योजना और उसके बाद की सभी गतिविधियों की देखरेख करेगा। परिवार ने अभी तक किसी खास जगह पर फैसला नहीं किया है। ट्रस्ट स्मारक के लिए जमीन के लिए आवेदन करेगा। जमीन आवंटित होने के बाद सीपीडब्ल्यूडी के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके बाद ही स्मारक बनाने का काम शुरू हो सकेगा।
इन जगहों पर बन सकते हैं स्मारक
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन 26 दिसंबर 2024 को हुआ था। इसके बाद कांग्रेस ने उनके स्मारक को लेकर केंद्र सरकार से मांग की थी। सूत्रों के मुताबिक मनमोहन सिंह के स्मारक के लिए राजघाट, राष्ट्रीय स्मारक या किसान घाट के पास एक से डेढ़ एकड़ जमीन दी जा सकती है।
नए साल में जश्न के साथ बर्फबारी ने दी दस्तक
1 Jan, 2025 04:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बीती रात नए साल के जश्न के साथ दूसरे दिन नए साल 2025 की शुरुआत हो गई है। इसके साथ ही नए साल पर नई सर्दी की भी शुरुआत हो गई है।
कुल मिलाकर 2025 पर सर्दी और ज्यादा सताने वाली है। एक तरफ पहाड़ों पर बर्फबारी जारी है तो वहीं मैदानों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में काफी बर्फबारी देखी जा रही है तो वहीं, राजधानी दिल्ली, लखनऊ, पटना, भोपाल सहमेत पूरे उत्तर भारत में भीषण ठंड का प्रकोप देखा जा रहा है। तीन जनवरी तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की और छिटपुट बारिश या बर्फबारी हो सकती है। इसके बाद 4 से 6 जनवरी तक इस क्षेत्र में भारी वर्षा या बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है। 5 जनवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फाराबाद क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के आसार हैं। यह डिस्टरबेंस पूर्वी अफगानिस्तान के निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तरों में साइक्लोनिक सरकुलेशन के रूप में सक्रिय है।
मुंबई में समुद्र पर कोहरा छाने से मछलियां गर्म पानी तलाश में मीलों दूर गईं
1 Jan, 2025 03:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। काशीनाथ भोईर एक सप्ताह से वर्सोवा जेट्टी पर नहीं लौटे हैं। वह और कई अन्य मछुआरे अपनी पकड़ को सुरक्षित करने समुद्र में करीब 100 समुद्री मील की दूरी तय कर चुके हैं। उनके भाई ज्ञानेश ने बातया कि पिछले सप्ताह मुंबई के तट से दूर अरब सागर के विशाल विस्तार में कोहरा छाया है। इस कोहरे की वजह से मछलियां तट के पास 15-20 समुद्री मील के दायरे से बाहर निकालकर गर्म पानी की ओर जाने पर मजबूर हैं।
ऑल महाराष्ट्र फिशरमैन एक्शन कमेटी के प्रमुख ने कहा कि पिछले सप्ताह कोल्ड स्टोरेज, राशनिंग और जहाज के रखरखाव के लिए ईंधन और बर्फ की लागत में वृद्धि हुई है। मछलियों की कीमतें भी बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि नाव देरी से आ रही हैं, इसलिए इसमें कमी आई है। उन्होंने कहा बॉम्बे डक की कीमत दोगुनी से ज्यादा है, जबकि पॉमफ्रेट और सुरमई 30-35 फीसदी महंगी हैं। अगर ऐसा ही मौसम रहा, तो कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पूर्वी हवाओं ने मुंबई से धुंध को समुद्र की ओर धकेल दिया है। यह वर्तमान में तट से 40-50 समुद्री मील दूर तक फैला है। कोहरे के चलते मछली पकड़ने वाले जहाजों के लिए दृश्यता घटकर 2 किमी रह गई है। मछुआरा संघ के प्रमुख के मुताबिक मछली पकड़ने वाली नाव और ट्रॉलर अब 100 समुद्री मील तक जाने के लिए ईंधन के पर्याप्त स्टॉक का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर हैं। जैसे-जैसे मछलियां गर्म पानी की ओर पलायन कर रही हैं, पकड़ कम होती जा रही है और शहर के बाज़ारों में कीमतें बढ़ रही हैं।
मौसम के उतार-चढ़ाव ने मछलियों के प्रवास के मार्ग बदल दिए हैं, बॉम्बे डक, जिसे आमतौर पर वर्सोवा के पास पकड़ा जाता है, अब पालघर से आगे गुजरात की ओर पाया जाता है। इस तरह सार्डिन कोंकण से उत्तर की ओर मुंबई के दक्षिण की ओर चले गए हैं, उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि पैटर्न में ये बदलाव सीधे तौर पर मौसम की स्थिति से संबंधित हैं। पॉमफ्रेट मुंबई के पानी से बहुत आगे निकल गए हैं।
उन्होंने कहा कि हाल ही में मछली पकड़ने वाले जहाज और एक मालवाहक जहाज के बीच टक्कर तट के पास घने धुंध के कारण खराब दृश्यता के कारण हुई थी। उन्होंने कहा कि पश्चिमी तट की ओर जाने वाली पूर्वी हवा राज्य के कई हिस्सों से धूल और प्रदूषक ले जा रही है। यह प्रदूषण मुंबई क्षेत्र के ऊपर धुंध को समुद्र में और आगे धकेल रही है। इस बार यह केवल मुंबई का प्रदूषण नहीं है, बल्कि आसपास के अन्य शहरी इलाकों से भी है। हवा ग्रामीण इलाकों से तट की ओर बह रही हैं। मुंबई में फैली धुंध मुख्य रूप से महाराष्ट्र में पूर्वी, उत्तरी और पश्चिमी हवाओं के संपर्क में आने वाली नमी के कारण है।
नए साल के पहले दिन भगवान के दर्शनों के लिए उमड़े भक्त, महाकाल में विशेष आरती, बांके बिहारी मंदिर में लंबी कतार
1 Jan, 2025 02:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। साल 2024 अलविदा हो गया और नए साल 2025 की शुरुआत हो गई।कश्मीर से लेकर कन्याकुमार तक 2024 की विदाई और 2025 के स्वागत में लोगों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। वहीं सुबह होते ही लोग मंदिरों की ओर उमड़ने लगे। उज्जैन के महाकाल में आज तड़के नए साल की पहली सुबह विशेष आरती की गई। इस आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। वहीं मथुरा के बांके बिहारी मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतार नजर आ रही है।
नए साल के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता वैष्णो देवी मंदिर दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर में भी पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भारी तादाद उमड़ पड़ी। हरियाणा के पंचकूला स्थित मनसा देवी मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।वहीं दिल्ली के झंडेवालान मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी है। लोग नए साल के पहले दिन माता रानी का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में भी नए साल के पहले दिन की शुरुआत विशेष आरती के साथ हुई। भगवान गणेश की आरती में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। अयोध्या के राम मंदिर में भी विशेष पूजा अर्चना हो रही है।
उधर, अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में भी आधी रात से श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ है। गुरुद्वारे में मत्था टेकने के अलावा यहां के पवित्र तालाब में भी श्रद्धालु स्नान करते दिखे। वाराणसी में भी गंगा घाट के किनारे नए साल के मौके पर विशेष गंगा आरती की गई।इस आरती में बड़ी संख्या में देश विदेश से आए श्रद्धालु शामिल हुए। इनके अलावा भी शिरडी के साईं मंदिर, पुरी के जगन्नाथ मंदिर और तिरुवनंतपुरम में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और अपने आराध्य का दर्शन और पूजा पाठ किया।
26/11 मुंबई आतंकी हमले मामले पर बड़ा अपडेट, तहव्वुर राणा को भारत लाया जायेगा
1 Jan, 2025 01:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। मुंबई समेत देशभर के लोग 26/11 मुंबई आतंकी हमले को नहीं भूले हैं। हमले में शामिल पाकिस्तानी मूल के कनाडाई कारोबारी तहव्वुर राणा को जल्द ही भारत को सौंपा जाएगा। इसे भारतीय कूटनीति की बड़ी सफलता माना जाता है। उसे भारत लाने के लिए अब कानूनी मामलों के साथ-साथ राजनीतिक संबंधों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। अमेरिकी कोर्ट द्वारा राणा की याचिका खारिज किए जाने के बाद उसे बड़ा झटका लगा है। अगस्त 2024 में अमेरिकी कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया था। कोर्ट ने भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण सुविधा के तहत उसके भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी। इस बीच राणा को जल्द भारत लाने की मुहिम तेज हो गई है। मुंबई पुलिस ने कहा था कि तहव्वुर राणा मुंबई हमले में शामिल था। उसका भी नाम चार्जशीट में है। उस पर पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) और आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का सक्रिय सदस्य होने का आरोप है। जांच में पता चला कि राणा ने हमले के लिए मुंबई हमले के मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली की मदद की थी। आरोप है कि हमले से पहले उसने मुंबई में कुछ जगहों की रेकी की थी।
26/11 मुंबई हमले के एक साल बाद राणा को एफबीआई ने शिकागो से गिरफ्तार किया था। राणा और उसके दोस्त डेविड कोलमैन हेडली दोनों ने मुंबई में हमले वाले स्थानों की रेकी की थी। इसके बाद जांच में पता चला कि ये हमले आतंकियों ने किए थे। अमेरिकी अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया था कि राणा को भारत और अमेरिका के बीच प्रत्यर्पण संधि में नियमों के अपवाद का लाभ नहीं दिया जा सकता है। कोर्ट ने राय व्यक्त की थी कि अमेरिकी अदालत में राणा के खिलाफ मामला भारत के मामलों से अलग है। इसलिए कोर्ट ने आरोपी की ओर से नॉन बीआईएस इन इडेम को लेकर दिए गए तर्क को नहीं माना। अगस्त 2024 में अमेरिकी कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया था। कोर्ट ने भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण सुविधा के तहत उसके भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी। इस बीच राणा को जल्द भारत लाने की मुहिम तेज हो गई है।
नए साल के पहले दिन भूकंप से थर्राई कच्छ की धरती, कोई नुकसान नहीं
1 Jan, 2025 12:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद | नए साल 2025 के पहले दिन ही सीमावर्ती जिले में भूकंप का झटका महसूस किया गया| कच्छ के भचाऊ में भूकंप के झटके से लोगों में दहशत फैल गई| हांलाकि भूकंप मामूली तीव्रता का होने से किसी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं है| जानकारी के मुताबिक आज नए साल 2025 के पहले दिन कच्छ जिले के भचाऊ में भूकंप से जमीन थर्रा उठी| भूकंप का केंद्र भचाऊ से 23 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में दर्ज किया गया| अचानक आए भूकंप के झटके के बाद लोग घर से बाहर निकल आए। हालांकि भूकंप से किसी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा| सुबह 10 बजकर 24 मिनट पर 3.2 तीव्रता का भूकंप आया|
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