देश
खराब मौसम और तकनीकी गड़बड़ी बनी हादसे की वजह!
6 Feb, 2026 10:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े विमान हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट में अहम शुरुआती निष्कर्ष सामने आ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच में दो प्रमुख कारक सामने आए हैं जो घटना के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। विस्तृत विश्लेषण अभी जारी है। सूत्रों के अनुसार, रनवे पर कम दृश्यता के बावजूद विमान ने लैंडिंग का प्रयास किया।
दृश्यता की समस्या के साथ-साथ, प्रारंभिक जांच के दौरान संदिग्ध तकनीकी खराबी सामने आई है। अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि क्या किसी सिस्टम की खराबी के कारण विमान के उतरने और लैंडिंग के दौरान उसके प्रदर्शन पर असर हुआ। अधिकारियों ने विमान के ब्लैक बॉक्स से डेटा रिकवर करना शुरू किया है। पूरा डेटा प्राप्त और विश्लेषण हो जाने के बाद, पूरी जांच रिपोर्ट जारी की जाएगी। अधिकारियों ने जोर दिया कि अंतिम निष्कर्ष इस महत्वपूर्ण उड़ान डेटा पर निर्भर करेगा।
बारामती हवाई पट्टी के पास दुर्घटनाग्रस्त हुए ब्लैक बॉक्स को घटना के एक दिन बाद बरामद किया गया था। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) बारामती टेबलटॉप हवाई पट्टी पर विमान के दूसरे लैंडिंग प्रयास के दौरान हुई दुर्घटना की जांच कर रहा है। बता दें कि एनसीपी प्रमुख का बुधवार सुबह (28 जनवरी) मुंबई से ब्रह्मंती जाते समय एक चार्टर विमान दुर्घटना में निधन हो गया।
यूपीएससी सेवा में रहते हुए नहीं दे सकेंगे अब बार-बार परीक्षा, रैंक सुधारने का सिर्फ एक अवसर मिलेगा
6 Feb, 2026 09:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा-2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस बार कुल 933 पदों के लिए भर्ती की जाएगी। आवेदन की अंतिम तिथि 24 फरवरी तय की गई है। नोटिफिकेशन के साथ ही आयोग ने परीक्षा प्रक्रिया और सेवा नियमों में कई अहम बदलाव किए हैं, जिनका असर लाखों अभ्यर्थियों पर पड़ेगा।
यूपीएससी ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर अब फेस ऑथेंटिकेशन के बाद ही प्रवेश मिलेगा। इसके साथ ही सबसे बड़ा बदलाव चयन के बाद दोबारा परीक्षा देने से जुड़े नियमों में किया गया है। अब सेवा में रहते हुए बार-बार सिविल सेवा परीक्षा देने की सुविधा पहले जैसी नहीं रहेगी। यह नए नियम 2026 से लागू होंगे।
आयोग के अनुसार, आईएएस और आईएफएस से जुड़े पुराने नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन अन्य सेवाओं, खासकर ग्रुप-ए और आईपीएस के लिए रैंक सुधारने का मौका सीमित कर दिया गया है। नए प्रावधानों के तहत चयनित अधिकारी को सिर्फ एक बार परफॉर्मेंस बेहतर करने का अवसर मिलेगा।
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी अभ्यर्थी का 2026 में आईपीएस में चयन होता है, तो वह 2027 में रैंक सुधारने के लिए दोबारा परीक्षा दे सकता है। हालांकि इसके बाद अगर वह फिर से परीक्षा देना चाहता है, तो उसे सेवा से इस्तीफा देना अनिवार्य होगा। यानी सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
इसके अलावा, जो उम्मीदवार पहले से आईपीएस में चयनित या नियुक्त हैं, वे सीएसई-2026 से दोबारा आईपीएस नहीं पा सकेंगे। वहीं, प्रीलिम्स के बाद लेकिन मेन्स से पहले यदि किसी अभ्यर्थी का आईएएस या आईएफएस में चयन हो जाता है, तो उसे मेन्स परीक्षा लिखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यूपीएससी ने यह भी स्पष्ट किया है कि सीएसई-2026 में चयनित उम्मीदवार अगर सीएसई-2027 में रैंक सुधारना चाहते हैं, तो इसके लिए अनुमति लेनी होगी। यह छूट केवल फाउंडेशन कोर्स तक सीमित रहेगी और इसे “वन-टाइम एक्जेम्पशन” माना जाएगा। यदि उम्मीदवार न तो ट्रेनिंग जॉइन करता है और न ही यह छूट लेता है, तो सीएसई-2026 और सीएसई-2027 दोनों के आधार पर मिली सेवा स्वतः रद्द हो जाएगी। सीएसई-2028 या उसके बाद परीक्षा देने के लिए इस्तीफा देना अनिवार्य होगा।
गौरतलब है कि हर साल 10 लाख से अधिक अभ्यर्थी सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होते हैं। 2025 में करीब 10 लाख आवेदन आए थे, जिनमें से 14,161 अभ्यर्थी मेन्स तक पहुंचे और 979 पदों पर अंतिम चयन हुआ। 2024 और 2023 में भी करीब 13 लाख आवेदन आए थे। नए नियमों के बाद सिविल सेवा परीक्षा की रणनीति और करियर प्लानिंग में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
शादी का झांसा और दुष्कर्म...सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, केस रद्द
6 Feb, 2026 08:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Supreme Court Rape Case : गुरुवार को शीर्ष अदालत ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि यह मानना मुश्किल है कि एक विवाहित महिला को शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाने के लिए उकसाया गया। सुप्रीम कोर्ट ने इसी आधार पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोप में दर्ज एक मुकदमे को रद्द कर दिया।
जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि केवल शादी का वादा कर सहमति से बनाए गए शारीरिक संबंध को हर परिस्थिति में दुष्कर्म नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने दोहराया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 375 के तहत अपराध तभी बनता है, जब यह साबित हो कि आरोपी ने शुरू से ही शादी न करने की मंशा रखते हुए केवल यौन संबंध बनाने के उद्देश्य से सहमति प्राप्त की हो।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया। हाईकोर्ट ने पहले आरोपी वकील के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म के मुकदमे को रद्द करने से इनकार कर दिया था। जस्टिस नागरत्ना ने फैसले में कहा कि कथित संबंध की पूरी अवधि के दौरान शिकायतकर्ता महिला कानूनी रूप से विवाहित थी, क्योंकि उसका तलाक का मामला अदालत में लंबित था।
पीठ ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता स्वयं एक वकील हैं और कानून की इस स्थिति से अनजान नहीं हो सकती थीं। दोनों पक्षों को महिला की वैवाहिक स्थिति की जानकारी थी, ऐसे में शादी के वादे के आधार पर दुष्कर्म का आरोप टिकाऊ नहीं है।
उल्लेखनीय है कि शिकायतकर्ता 33 वर्षीय वकील, एक बच्चे की मां हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि सितंबर 2022 से जनवरी 2025 तक संबंध रहे, इस दौरान गर्भावस्था और जबरन गर्भपात की स्थिति बनी। हालांकि, Supreme Court Rape Case में सभी तथ्यों को देखते हुए शीर्ष अदालत ने आरोपी वकील के खिलाफ दर्ज मुकदमा रद्द कर दिया।
अजित पवार की अस्थियां हरिद्वार में विसर्जित, एनसीपी के युवा नेता ने गंगा में कीं प्रवाहित
6 Feb, 2026 07:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरिद्वार। महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अस्थियों का गुरुवार को हरिद्वार में विधिवत गंगा विसर्जन किया गया। राष्ट्रवादी युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज शर्मा अस्थि कलश लेकर हरिद्वार पहुंचे और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा घाट पर अस्थियों को प्रवाहित किया। इस दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के कई वरिष्ठ और युवा नेता मौजूद रहे, हालांकि पवार परिवार का कोई सदस्य इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ।
एनसीपी नेताओं के अनुसार, हरिद्वार में हुआ यह विसर्जन एक व्यापक अस्थि कलश यात्रा की शुरुआत है। यह यात्रा देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों और पवित्र नदियों तक जाएगी, जहां पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह अस्थि कलश यात्रा करीब 14 राज्यों से होकर गुजरेगी और हर स्थान पर विधि-विधान से विसर्जन और शोक सभाएं आयोजित की जाएंगी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अजित पवार की अस्थियों को देश की प्रमुख नदियों और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर विसर्जित करने का निर्णय इसलिए लिया गया है, ताकि देशभर में फैले उनके समर्थक और शुभचिंतक अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि दे सकें। हरिद्वार के बाद अस्थि कलश यात्रा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज संगम और वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पहुंचेगी। इसके बाद यह यात्रा बिहार की राजधानी पटना जाएगी, जहां शोक सभा और प्रार्थना कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आगे यह यात्रा पंजाब, जम्मू-कश्मीर, झारखंड और अन्य राज्यों से होती हुई तमिलनाडु के कन्याकुमारी तक पहुंचेगी। एनसीपी नेताओं के मुताबिक, इस दौरान 14 से अधिक राज्यों में श्रद्धांजलि सभाएं, प्रार्थना कार्यक्रम और जनसंपर्क आयोजन किए जाएंगे।
गौरतलब है कि अजित पवार का 28 जनवरी को महाराष्ट्र के बारामती एयरपोर्ट पर एक चार्टर्ड विमान दुर्घटना में निधन हो गया था। यह हादसा उस समय हुआ, जब विमान लैंडिंग के दौरान रनवे से पहले गिर गया और उसमें आग लग गई। इस भीषण दुर्घटना में अजित पवार के साथ दो पायलट, एक महिला क्रू मेंबर और एक सुरक्षाकर्मी सहित कुल पांच लोगों की जान चली गई थी। इस हादसे से महाराष्ट्र की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई थी।
‘PM के साथ कुछ भी हो सकता था’, मैनें उन्हें लोकसभा में न आने का किया आग्रह…’, ओम बिरला का बड़ा दावा
5 Feb, 2026 07:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Parliament Session: लोकसभा में बुधवार को धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भाषण था, जो टल गया. आज गुरुवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भाषण टलने पर नाराजगी जताई है. उन्होंने बताया कि विपक्ष के सांसदों ने पीएम की कुर्सी की तरफ जाने की कोशिश की थी, जिसकी वजह से उन्हें लोकसभा में न आने की सलाह दी गई. लोकसभा स्पीकर ने इसे काले धब्बे की तरह बताया.
क्या बोले लोकसभा स्पीकर?
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन में कार्रवाई स्थगित होने से पहले आज गुरुवार को नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “कल बुधवार को कांग्रेस पार्टी के कुछ सांसदों ने पीएम की कुर्सी को घेर लिया था. देश ने देखा कि कल क्या हुआ था, कैसे सांसदों ने पीएम की कुर्सी के तरफ जाने की कोशिश की. मेरे पास इसकी गुप्त सूचना आई थी कि पीएम की कुर्सी के पास पहुंचकर कांग्रेसी सांसद कोई भी अप्रत्याशित घटना कर सकते हैं. इसके बाद हमने पीएम से आग्रह किया कि उन्हें सदन में नहीं आना चाहिए और पीएम मेरी बातों को मान गए.”
स्पीकर ने आगे कहा, “लोकसभा के चैंबर में कुछ कांग्रेसी सांसदों ने आकर हंगामा किया. कांग्रेस के नेतृव्य में विपक्षी सांसद पीएम के संबोधन के दौरान अव्यवस्था पैदा कर सकते थे. इसलिए राजनीतिक मतभेदों को संसद के पटल पर नहीं लाया गया है. इसके बाद कार्यवाही को स्थगित कर दिया.
विपक्षी सांसदों ने क्यों किया हंगामा?
मंगलवार को संसद की कार्यवाही के दौरान विपक्षी दल कांग्रेस के कुछ सांसदों ने स्पीकर पर पेपर उछाल दिए, जिसके बाद स्पीकर ने विपक्ष के 8 सांसदों को सदन से निलंबित कर दिया था. निलंबन के विरोध में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी सांसदों ने संसद के बाहर विरोध करना शुरू कर दिया. निलंबन का विरोध संसद के अंदर भी देखने को मिला.
हंगामा के चलते संसद में प्रवेश नहीं किए PM मोदी
संसद में पीएम के नहीं आने पर बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और मंडी से सांसद कंगना रनौत ने कहा कि कई बार विपक्ष के सांसदों को हमारी पार्टी के वरिष्ठ मंत्रियों ने समझाया कि अपनी जगह पर चले जाएं. क्योंकि पीएम आने वाले थे. लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया. बेकाबू स्थिति को देखते हुए सदन में पीएम प्रवेश नहीं कर सके. दोनो नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री संसद परिसर में ही मौजूद थे और जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार थे, लेकिन सदन में तनावपूर्ण माहौल और हंगामे के चलते यह संभव नहीं हो सका.
संसद में हंगामे पर बोले पीएम, कांग्रेस पर साधा निशाना
5 Feb, 2026 06:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यूरोप के ऑटोमोबाइल सेक्टर पर बढ़ते दबाव के बीच दो दिग्गज कंपनियों ने यूरोपीय संघ से खुलकर मदद की मांग की है। Volkswagen AG (वोक्सवैगन एजी) और Stellantis NV (स्टेलेंटिस एनवी) का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव और चीनी कंपनियों से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा ने यूरोपीय ऑटो उद्योग को मुश्किल दौर में डाल दिया है।
यूरोप में बनी कारों के लिए कार्बन बोनस की मांग
प्रधानमंत्री ने कहा "कांग्रेस ने बीते दिनों राष्ट्रपति जी का अपमान किया। चुनाव के बाद जिस प्रकार से हमारी राष्ट्रपति जी के लिए शब्द कहे गए। शर्मिंदगी महसूस होती है कि यह कैसे लोग हैं। भारत की राष्ट्रपति जी के लिए क्या कह रहे हैं ये लोग? कल लोकसभा में भी राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर चर्चा नहीं हो पाई। ये राष्ट्रपति पद का घोर अपमान है। उन्हें संविधान शब्द बोलने का अधिकार नहीं है। गरीब-आदिवासी परिवार से आई महिला का आपने अपमान किया है। आपने संविधान का अपमान किया है।"
कांग्रेस को असम की जनता से नफरत
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में बुधवार को लोकसभा में हुए हंगामे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आसन पर हमारे एक सांसद बैठे थे, उस वक्त कागज फेंके गए। क्या यह पूर्वोत्तर-असम का अपमान नहीं है? आंध्र के दलित परिवार का बेटा बैठा था वहां। यानी आपने पूर्वोत्तर के बेटे का अपमान और आंध्र के बेटे का अपमान किया। वे दलित समाज से आते हैं, इसलिए आप उनका अपमान करते हैं। ऐसा लगता है कि कांग्रेस के लोगों को असम की जनता से नफरत है। उन्हें लगता है कि असम की जनता ने उनका साथ छोड़ दिया इसलिए वे उनके दुश्मन हो गए। मुझे तकलीफ होती है कि उन्हें भारत रत्न भूपेन हजारिका की भी कोई परवाह नहीं है। हमारा सौभाग्य है कि उनका देश के लिए जो योगदान था, पूर्वोत्तर से उन्होंने अपनी वाणी, विचारों से जोड़ा, हमने उन्हें भारत रत्न देने का निर्णय किया। लेकिन उन्हें उनसे भी समस्या है।
चुनाव में पैसे बांटने का दावा, दोबारा मतदान की मांग
5 Feb, 2026 04:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनाव में 150 सीटों का दावा करने वाले प्रशांत किशोर का खाता नहीं खुला. एनडीए ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई. विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद प्रशांत किशोर की पार्टी ने अब सुप्रीम कोर्ट का सहारा लिया है. उन्होंने आज गुरुवार, 5 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट में बिहार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को लेकर चुनौती दी है. जनसुराज की याचिका पर कल शुक्रवार को सुनवाई होनी है.दरअसल, बिहार में नवंबर 2025 में विधानसभा के चुनाव हुए. सभी दल पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतरे, जिसमें एनडीए की एकतरफा जीत हुई. बाकी सभी दलों को करारी हार का सामना करना पड़ा. इस विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने भी अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था. जनसुराज पहली बार चुनावी मैदान में अपने प्रत्याशी को मैदान में उतारी थी. लेकिन खाता नहीं खुला. जबकि चुनाव के दौरान प्रशांत किशोर 150 से ज्यादा सीटों का दावा कर रहे थे.
25-35 लाख महिलाओं के खाते में डाले 10 हजार रुपए
जनसुराज ने बिहार की जनकल्याणी योजनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. उनका कहना है कि चुनाव से दो महीने पहले मौजूदा सरकार ने बिहार की करीब 25-35 लाख महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपए ट्रांसफर किए, जो गैरकानूनी है. कोर्ट से अपील की है कि सत्ता धारी दलों के लिए एक समय सीमा निर्धारित की जाए, ताकि मुफ्त की योजनाएं देकर चुनाव को प्रभावित न किया जा सके. जनसुराज पार्टी ने अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दाखिल की है. उन्होंने चुनाव के ठीक पहले सरकार द्वारा महिलाओं के खाते में डाले गए पैसों को गैरकानूनी ठहराते हुए संविधान का उल्लंघन बताया है.
ममता सरकार को झटका, 20 लाख कर्मचारियों को 25% DA देने का सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश, मिलेगा 12 साल का महंगाई भत्ता
दोबारा चुनाव कराए जाने की उठाई मांग
जनसुराज ने कोर्ट से गुजारिश की है कि चुनाव आयोग को आर्टिकल 324 और रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल्स एक्स के सेक्शन 123 के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाए. यह संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 112, 202 और 324 का उल्लंघन है.
इसके साथ ही यह आरोप लगाया कि सेल्फ हेल्प ग्रुप JEEVIKA की 1.8 लाख महिला लाभार्थियों को दोनों चरणों के चुनाव में पोलिंग बूथ पर नियुक्त किया जाना भी गैरकानूनी है. जनसुराज ने यह भी मांग रखी कि बिहार में दोबारा चुनाव कराए जाएं.
26 सितंबर को शुरू हुई थी योजना
बता दें, बिहार विधानसभा चुनाव 6 और 11 नवंबर को हुआ था, जिसके परिणाम 14 नवंबर को आए. जनसुराज ने जिस योजना को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर की है. वह योजना 26 सितंबर 2025 को शुरू की गई थी. जनसुराज की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है. फिलहाल, देखना यह होगा कि सु्प्रीम कोर्ट इस पर क्या सुनवाई करता हैं.
आयुष्मान भारत योजना: कौन-कौन सी बीमारियां और खर्च कवर हैं
5 Feb, 2026 03:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक वरदान है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा मिलता है, जो गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च उठाता है। लेकिन सभी बीमारियां और खर्च इस योजना में शामिल नहीं हैं। इसलिए यह समझना जरूरी है कि कौन-सी सेवाएं कवर होती हैं और किसका भुगतान स्वयं करना होगा।
क्या OPD और सामान्य जांच मुफ्त हैं?
आयुष्मान कार्ड का लाभ केवल अस्पताल में भर्ती होने पर मिलता है। यदि बीमारी सामान्य है और केवल OPD परामर्श या डॉक्टर की सलाह तक सीमित है, तो खर्च आपको खुद वहन करना होगा। बिना भर्ती हुए किए गए टेस्ट या सामान्य जांच का पैसा भी स्वयं देना होगा। वहीं, यदि अस्पताल में भर्ती होकर डॉक्टर के निर्देशानुसार जांच कराई जाए, तो खर्च योजना के तहत कवर होगा।
विटामिन, टॉनिक और दांतों का इलाज
साधारण विटामिन या टॉनिक खरीद पर खर्च स्वयं उठाना होगा। केवल डॉक्टर की सिफारिश पर रोग या चोट से जुड़े विटामिन खर्च योजना में कवर होंगे। सामान्य दांतों का इलाज मुफ्त नहीं है, लेकिन दुर्घटना, चोट, ट्यूमर या जबड़े की सर्जरी जैसी गंभीर स्थितियों में इलाज योजना के तहत होता है।
IVF, कॉस्मेटिक और वैकल्पिक उपचार
निःसंतान दंपत्तियों के लिए IVF या अन्य सहायक प्रजनन तकनीक कवर नहीं हैं। इसी तरह, सौंदर्य सर्जरी, टैटू हटाना, मोटापा घटाने की सर्जरी, लाइफ सपोर्ट और 2 साल से कम उम्र के बच्चों का खतना योजना में शामिल नहीं हैं।
कौन नहीं ले सकता लाभ?
संगठित क्षेत्र में काम करने वाले, टैक्स देने वाले, ESIC लाभार्थी, PF कटने वाले या सरकारी कर्मचारी आयुष्मान योजना का लाभ नहीं ले सकते। इन लोगों को इलाज के खर्च अपने जेब से वहन करने होंगे।
ओम बिरला बोले- सुरक्षा कारणों से पीएम को आने से मना किया
5 Feb, 2026 03:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला। सांसदों के अप्रिय और असंयमित व्यवहार को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सदन में कहा कि जिस तरह का आचरण देखने को मिला, उससे प्रधानमंत्री के साथ कोई भी अप्रत्याशित घटना घटित हो सकती थी।स्पीकर ओम बिरला ने साफ शब्दों में कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे पवित्र मंच है और यहां इस तरह का व्यवहार न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि देश की गरिमा को भी ठेस पहुंचाता है। उन्होंने सभी सांसदों से संयम बरतने और संसदीय मर्यादाओं का पालन करने की अपील की।हंगामे के चलते लोकसभा स्थगित लगातार नारेबाजी और व्यवधान के कारण लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। सदन में व्यवस्था बनाए रखने की तमाम कोशिशों के बावजूद हालात काबू में नहीं आ सके।
राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी का भारत दौरा: पीएम मोदी और द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात शामिल
5 Feb, 2026 03:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी गुरुवार को भारत की अपनी पहली यात्रा पर चन्नई पहुंचे। उनकी यह यात्रा देश के साथ मजबूत राजनयिक संबंधों के पचास साल पूरे होने के जश्न के साथ मेल खाती है। हवाई अड्डे पर पहुंचने पर राज्य के आदि द्रविड़ कल्याण मंत्री एम. मथिवेंधन, चेन्नई की महापौर आर. प्रिया और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
बजट सत्र में राज्यपाल का अभिभाषण, बोले- राज्य सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा को प्रतिबद्ध
पांच दिन के दौरे पर
अपनी पांच दिवसीय यात्रा के दौरान वह तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि से मिलेंगे। वहीं, मुंबई में वे महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवरात से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पारस्परिक हित के मुद्दों पर चर्चा करेंगे।कांग्रेस के पूर्व विधायक एम मुरली का निधन, 72 साल की उम्र में ली अंतिम सांस; जानिए उनका राजनीतिक सफर सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी है। भारत के विजन महासंघ और वैश्विक दक्षिण के प्रति प्रतिबद्धता में इसका विशेष स्थान है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारत दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग और मजबूत जन-संबंधों को और गति प्रदान करेगा।
यात्रीगण कृपया ध्यान दें! अब TTE नहीं करेगा आपका इंतजार, बोर्डिंग पर नहीं मिले तो दे दी जाएगी दूसरे को सीट, रेलवे ने बदला नियम
5 Feb, 2026 01:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Indian Railway: भारतीय रेलवे में बड़ा बदलाव होने वाला है. नए नियम के अनुसार अब यात्रियों को समय पर स्टेशन पहुंचना होगा, नहीं तो TTE किसी दूसरे यात्री को खाली सीट मानते हुए आवंटित कर देगा. यानी अब पहले की तरह TTE आपका इंतजार नहीं करेगा, बल्कि आपको समय पर पहुंचना होगा. अगर आप समय पर अपनी उपस्थिति नहीं दर्ज करवाते हैं तो टीटीई चेकिंग के समय ही अपने ईएफटी पर उस सीट को नॉन टर्नअप (यात्री के बोर्डिंग स्टेशन पर आने की सूचना) दर्ज कर देगा. ऐसे में अगर कोई सीट खाली है या RAC है तो वह किसी दूसरे यात्री को आवंटित हो जाएगी. इसकी सूचना सीधा मोबाइल पर मिल जाएगी. यानी यह खबर रेलवे यात्रियों को ध्यान देने वाली है.
वर्तमान में अभी टीटीई अगर आप एक स्टेशन पर नहीं मिले तो वे आपका दूसरे स्टेशन तक इंतजार करते हैं. जब उनको यह लगता है कि यात्री अब नहीं आएगा. तभी उसकी सीट पर अनुपस्थिति दर्ज करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. अब रेलवे ने भी अपने नियम में बदलाव करने की तैयारी कर ली है. रेल मंत्रालय जल्द ही अपने सॉफ्टवेयर में बदलाव करने जा रहा है. इसके लिए बोर्ड ने रेल सूचना प्रणाली केंद्र को निर्देश भी जारी किया है. ऐसे में सबसे बड़ा फायदा वेटिंग टिकट और इमरजेंसी में जाने वाले यात्रियों को मिलेगा.
क्या होगा फायदा?
नया नियम लागू होने के बाद सबसे ज्यादा वेटिंग और आरएसी टिकट वालों को फायदा मिलेगा. उनको तुरंत खाली सीट आवंटित हो जाएगी.
रेलवे की ओर से डिजिटलीकरण को लेकर उठाया गया काफी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. जो यात्रियों को काफी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मददगार होगा.
RAC और वेटिंग टिकट वालों को मिलेगा फायदा
रेलवे टिकट कैंसिल करने और दूसरों को आवंटित करने की जानकारी एसएमएस के माध्यम से देगी. नए नियम लागू करने के पीछे रेलवे का उद्देश्य है कि यात्रा के दौरान सीटें खाली न रहें, अगर कोई यात्री अनुपस्थित रहता है तो उसे दूसरे को आवंटित कर दिया जाए. अक्सर देखा गया है कि सीट खाली रहती है. इसके बावजूद आरएसी और वेटिंग टिकट वाले यात्री परेशान होते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी को बताया ‘अबोध बालक’, भड़के खड़गे, राज्यसभा में बीजेपी-कांग्रेस के बीच हुई तीखी बहस
5 Feb, 2026 12:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Parliament: राज्यसभा में आज गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीच तीखी बहस हुई. खड़गे ने राज्यसभा में सवाल उठाया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया. यह सुनते ही जेपी नड्डा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि आप दूसरे सदन की बात यहां पर नहीं कर सकते. इतना ही नहीं नड्डा ने तो राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए यह तक कह दिया कि आप अपनी पार्टी को अबोध बालक का बंधक मत बनाइए.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “संसद का मतलब लोकसभा और राज्यसभा है. लोकसभा में विपक्ष के नेता देश के हितों पर बोलना चाहते थे लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया. आप इस तरह से सदन कैसे चला सकते हैं? सरकार अपनी गलतियों को छिपाने के लिए एक सदन को चलने नहीं दे रही है, उसे पैरालाइज कर दिया है.” केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा, “विपक्ष के नेता को पता होना चाहिए कि लोकसभा की कार्यवाही पर राज्यसभा में चर्चा नहीं की जा सकती.” इसके बाद दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई.
राहुल गांधी को क्या बोले जेपी नड्डा?
मल्लिकार्जुन खड़गे के सवाल पर जेपी नड्डा ने राहुल गांधी का बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा कि आप अपनी पार्टी को अबोध बालक का बंधक मत बनाइए. स्वतंत्र रूप से पार्टी को चलाइए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनका जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं. लेकिन आपने सदन ही नहीं चलने दिया. कांग्रेस पार्टी को अहंकार से बचना चाहिए.
राहुल गांधी नियम नहीं मानते: किरेन रिजिजू
इस दौरान केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी मल्लिकार्जुन खड़के के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि राहुल गांधी को बोलना का कई बार मौका दिया गया. सदन नियमों से चलेगा और वे नियम को मानते ही नहीं. रिजिजू ने कहा, “आज हम सभी उम्मीद करते हैं कि सभी सांसद सदन के नियमों और परंपराओं का पालन करेंगे. सभी सांसद आज प्रधानमंत्री का भाषण सुनने का इंतजार कर रहे हैं.”
इंडिया प्राइड अवार्ड: मध्यप्रदेश के योगदानकर्ताओं को मिला राष्ट्रीय सम्मान
5 Feb, 2026 12:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोवा। गोवा की राजधानी पणजी स्थित पैलेस ऑफ मशीनिज़ थिएटर में शोथीम प्रोडक्शन द्वारा स्वदेश न्यूज़ चैनल के सहयोग से भव्य ‘प्राइड ऑफ इंडिया अवार्ड’ एवं ‘प्राइड ऑफ गोवा अवार्ड–2026’ समारोह का आयोजन किया गया। इस गरिमामय आयोजन का उद्देश्य उन विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित करना था, जिन्होंने समाज, अपने पेशे, राज्य और राष्ट्र के उत्थान में उल्लेखनीय योगदान दिया है। कार्यक्रम का कुशल संचालन और संपूर्ण प्रबंधन शोथीम प्रोडक्शन के प्रबंध निदेशक एवं स्वदेश न्यूज़ चैनल के महाराष्ट्र–गोवा प्रमुख संजीव कुमार द्वारा किया गया, जबकि आयोजन की भव्यता और सुव्यवस्था में शोथीम प्रोडक्शन की निदेशक श्रीमती सिया की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। समारोह के मुख्य अतिथि गोवा सरकार के कला, संस्कृति, खेल एवं युवा मामलों के कैबिनेट मंत्री रमेश तावडकर रहे। विशिष्ट अतिथियों में स्वदेश न्यूज़ सैटेलाइट टीवी चैनल के चैनल प्रमुख रवि प्रकाश श्रीवास्तव, मुंबई के एसीपी संजय पाटिल, तथा प्रेस नेटवर्क ऑफ़ इंडिया के सेंट्रल इंडिया हेड एवं मध्य प्रदेश प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. नवीन आनंद जोशी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। ‘प्राइड ऑफ इंडिया’ श्रेणी के अंतर्गत अनेक विशिष्ट प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इनमें अंतरराष्ट्रीय पशु उत्पाद शिल्पकार नीता दीप बाजपेयी को सर्वश्रेष्ठ उद्यमी–2026, तथा ऑक्सफोर्ड–इंदौर इंटरनेशनल कॉलेज की समूह विपणन निदेशक डॉ. नेहा शर्मा चौधरी को उत्कृष्ट शिक्षाविद पुरस्कार–2026 प्रदान किया गया। वरिष्ठ पत्रकार अजय प्रताप सिंह को उनके पत्रकारिता योगदान हेतु सम्मानित किया गया। वहीं दीपक देसाई को सर्वश्रेष्ठ लेखक, कवि, गीतकार, निर्माता एवं अभिनेता–2026, नीलेश मनोहर मुंगेकर को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक एवं निर्माता, मोहम्मद इरफान को वर्ष 2026 के सर्वश्रेष्ठ उद्यमी तथा विराज कामत को गोवा के सर्वश्रेष्ठ पत्रकार के सम्मान से नवाजा गया। सुपरमॉडल एवं मिसेज इंडिया एलिजा बेनारजीर तथा प्रसिद्ध बॉलीवुड डिज़ाइनर नाजिया धामिया को एक मिनट में अनेक परिधान परिवर्तन के अद्भुत कौशल हेतु सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि दोनों का नाम अमेरिका स्थित वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में भी दर्ज है। समारोह को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. नवीन आनंद जोशी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सृजनशीलता और उत्कृष्टता को नई दिशा मिलती है। इसी क्रम में ‘प्राइड ऑफ गोवा’ श्रेणी में वायरल पांडे को गोवा के सर्वश्रेष्ठ जूनियर अभिनेता, केविन डी मेलो को सर्वश्रेष्ठ गोवा फिल्म अभिनेता–2026, शम्मूल्ला सैयद को सर्वश्रेष्ठ छायाकार–2026 तथा सैयद नसीरुद्दीन को सर्वश्रेष्ठ फोटोग्राफर–2026 के सम्मान से अलंकृत किया गया। कार्यक्रम की सह-समन्वय भागीदार राहिला खान का योगदान उल्लेखनीय रहा। मंच संचालन मिस समृद्धि ने प्रभावशाली ढंग से किया। शोथीम प्रोडक्शन की निदेशक सिया, मोहम्मद इरफान, पुणे के संवाददाता सुनील शिरशत एवं गोवा के संवाददाता विराज कामत के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर सुनील शिरशत को पुणे के सर्वश्रेष्ठ संवाददाता के रूप में ‘प्राइड ऑफ इंडिया अवार्ड–2026’ से भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग प्रदान करते हुए मंजू माहत्रे एवं उनकी टीम द्वारा कथक नृत्य, ऑरिया वॉलेट फर्नांडिस एवं उनकी टीम द्वारा पारंपरिक गोवन नृत्य तथा सुहानी द्वारा मनमोहक एकल नृत्य की प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिसने समारोह को यादगार बना दिया।
UPSC CSE 2026: IAS-IFS के लिए खत्म हुआ दूसरा मौका
5 Feb, 2026 11:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. आयोग ने अधिसूचना जारी करते हुए पहले से चयनित उम्मीदवारों के लिए कड़ा रूख अपनाया है. अब ग्रुप A और ग्रुप B सेवाओं के लिए परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को लेकर कई शर्तें रखी गई हैं. यहां जानें आयोग के अनुसार कौन से उम्मीदवार परीक्षा देंगे और कौन से नहीं दे पाएंगे?
UPSC ने क्या बदले नियम?
UPSC के नए नियम के अनुसार, CSE 2026 में परीक्षा देने के लिए कई अहम बदलाव किए गए हैं. अगर कोई उम्मीदवार CSE 2026 की परीक्षा में शामिल होना चाहता है और वह पहले से ही IPS अधिकारी है, तो ऐसे में वह दोबारा आईपीएस का विकल्प नहीं चुन पाएगा. हालांकि कुछ उम्मीदवारों को छूट भी दी गई है. जैसे जो उम्मीदवार CSE 2025 या उससे पहले किसी सर्विस में आ चुके हैं. उन अभ्यर्थियों के लिए दो बार बिना इस्तीफे का अवसर दिया जा सकेगा. यानी सिर्फ ऐसे अभ्यर्थी ही CSE 2026 और 2027 की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं.इसके अलावा ऐसे अभ्यर्थी, जो कार्यरत IAS और IFS अधिकारी हैं, वो भी इस परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे. कुछ ऐसे अभ्यर्थी होते हैं, जिनका फाइनल रिजल्ट रुका रहता है. उन अभ्यर्थियों को परीक्षा देने की छूट रहेगी लेकिन अगर रिजल्ट आ गया तो चयनित अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा देने की अनुमति नहीं रहेगी.
संसद सुरक्षा पर बड़ा सवाल, पीएम पर हमले की कथित योजना
5 Feb, 2026 02:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बिना ही बजट सत्र के 7वें दिन आज (05 फरवरी) राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव ध्वनिमत से पास किया गया। जो करीब 2004 के बाद यानी 22 साल में पहली बार हुआ है। इस बीच न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि कांग्रेस ने पीएम मोदी पर शारीरिक हमले की साजिश रची, जिसके चलते लोकसभा को संबोधित नहीं करने का निर्णय लिया गया।
पीएम संसद में मौजूद थे और बोलने के लिए तैयार थे
न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पीएम मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में भाषण नहीं दिया। पक्की जानकारी थी कि कांग्रेस लोकसभा में पीएम मोदी पर शारीरिक हमला करने की साजिश बना रही थी और इसलिए विपक्ष ने अपनी महिला सांसदों को भेजा गया था। इसलिए स्पीकर ने सदन को स्थगित करने का फैसला किया, भले ही पीएम मोदी संसद में मौजूद थे और बोलने के लिए तैयार थे।
भाजपा सासंद मनोज तिवारी ने क्या किया था दावा?
इससे पहले पहले पीएम मोदी के संबोधन टलने पर भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने आरोप लगाया था कि यह विरोध पहले से तय योजना के तहत किया गया था। उनका दावा है कि महिला सांसद प्रधानमंत्री की सीट के आसपास घेराव जैसी स्थिति बना रही थीं। उन्होंने कहा कि स्थिति डराने वाली थी और संसदीय कार्य मंत्री की तत्परता से हालात काबू में आए। मनोज तिवारी ने आगे बताया था कि शाम करीब पांच बजे जब सदन फिर से शुरू हुआ और प्रधानमंत्री के जवाब की उम्मीद थी, तभी विपक्ष की कुछ महिला सांसद ट्रेजरी बेंच की सीटों के पास पहुंच गईं। इनमें वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि शामिल थीं। उन्होंने 'डू व्हॉट इज राइट' लिखा बड़ा बैनर पकड़ रखा था। यह विरोध एक दिन पहले निलंबित किए गए आठ विपक्षी सांसदों के समर्थन में बताया गया। महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री की सीट के आसपास खड़े होकर विरोध जताया।
विपक्ष की नारेबाजी के बीच प्रस्ताव पारित
विपक्ष की लगातार नारेबाजी के बीच गुरुवार (05 फरवरी) को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ध्वनि मत की शुरुआत की, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निचले सदन में संबोधन के बिना ही प्रस्ताव पारित हो गया। बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब प्रधानमंत्री मोदी से अपेक्षित था, लेकिन विपक्षी सदस्यों द्वारा बार-बार व्यवधान डालने और नारेबाजी करने के बाद स्पीकर ने लोकसभा को स्थगित कर दिया।
लोकसभा में क्यों टला PM का संबोधन?: भाजपा बोली- महिला सांसदों ने पीएम की सीट को घेरा, स्थिति डराने वाली थी
2004 के बाद फिर दोहराया गया इतिहास
ऐसे में 22 साल बाद इतिहास एक बार फिर दोहराया गया है, जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बिना प्रधानमंत्री के जवाब के धन्यवाद प्रस्ताव लोकसभा में पास किया गया है। इससे पहले साल 2004 में मनमोहन सरकार के दौरान भी ऐसा ही कुछ हुआ था। उस समय भाजपा ने तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने से रोका था।
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