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भीषण सड़क हादसा: दौसा में तेज रफ्तार कार ट्रेलर से टकराई, पांच लोगों की जान गई
11 Feb, 2026 08:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दौसा : मंगलवार देर रात जिले में नेशनल हाईवे-21 पर एक भीषण सड़क हादसे में कार सवार 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. हादसा सिकंदरा थाना इलाके के कैलाई गांव के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और उछलकर दूसरी लेन में पहुंच गई. उसी दौरान सामने से आ रहे ट्रेलर से कार की जोरदार भिड़ंत हो गई, जिससे वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग बुरी तरह फंस गए.
एक घायल जयपुर रेफर : पुलिस के अनुसार कार में सवार सभी लोग कालाखो गांव के निवासी थे और एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे. टक्कर इतनी भीषण थी कि 4 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि बाद में एक और ने दम तोड़ दिया. दौसा जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विनोद मीणा ने बताया कि एंबुलेंस की मदद से दो घायलों को अस्पताल लाया गया था. इनमें से नवीन नाम के युवक की हालत गंभीर होने पर उसे जयपुर रेफर किया गया, जबकि दूसरे युवक ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया.
सभी पांच मृतकों की हुई पहचान : हादसे में मृतकों की पहचान लोकेश पुत्र गोवर्धन योगी, दिलखुश पुत्र बनवारी लाल योगी, मनीष पुत्र हरिमोहन योगी, अंकित पुत्र लालराम बैरवा और समयसिंह पुत्र रामसिंह योगी के रूप में हुई है, जो सभी कालाखो गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं. सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए अलग-अलग अस्पतालों की मोर्चरी में रखवाया गया है. चार शव सिकंदरा अस्पताल, एक शव जयपुर और एक शव दौसा जिला अस्पताल भेजा गया.
सूचना मिलते ही सिकंदरा थाना पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया. क्षतिग्रस्त कार में फंसे शवों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. हादसे की खबर जैसे ही मृतकों के परिजनों तक पहुंची, कालाखो गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिवारों में कोहराम मच गया. पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन के नियंत्रण खोने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है.
भारतीय बॉक्सिंग के लिए बड़ी उपलब्धि, IABF को मिला ग्लोबल दर्जा
10 Feb, 2026 08:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (IBA) ने दी पूर्ण सदस्यता, बोर्ड बैठक में लिया ऐतिहासिक निर्णय:महासचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस रॉबर्ट्स
नई दिल्ली / लॉज़ेन।भारतीय मुक्केबाज़ी जगत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन (IABF) को अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज़ी संघ (International Boxing Association – IBA) की पूर्ण सदस्यता प्रदान की गई है। यह महत्वपूर्ण निर्णय IBA के निदेशक मंडल द्वारा 6 फ़रवरी 2026 को लिया गया, जिसकी औपचारिक सूचना 9 फ़रवरी 2026 को स्विट्ज़रलैंड के लॉज़ेन से जारी पत्र के माध्यम से दी गई। IBA के अध्यक्ष उमर क्रेमलेव ने IABF के अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र को संबोधित पत्र में इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि मुक्केबाज़ी खेल के प्रति IABF की प्रतिबद्धता, पारदर्शी कार्यप्रणाली तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संचालन के कारण यह मान्यता प्रदान की गई है।
IBA परिवार में IABF का स्वागत:उमर क्रीमलेव
IBA अध्यक्ष ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन का IBA परिवार में शामिल होना संगठन के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि IABF की सक्रिय भागीदारी से वैश्विक स्तर पर मुक्केबाज़ी खेल के विकास को नई दिशा और गति प्राप्त होगी।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी का औपचारिक आमंत्रण:
IBA द्वारा IABF को आगामी अंतरराष्ट्रीय आयोजनों एवं प्रतियोगिताओं में भाग लेने हेतु औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया है। IBA ने आशा व्यक्त की है कि भारतीय मुक्केबाज़ों की सहभागिता से वैश्विक मुक्केबाज़ी समुदाय और अधिक सशक्त व ऊर्जावान बनेगा तथा भविष्य में दोनों संस्थाओं के बीच दीर्घकालिक एवं सार्थक सहयोग स्थापित होगा।
भारतीय मुक्केबाज़ी के लिए स्वर्णिम अवसर:डॉ. राकेश मिश्र
IBA की पूर्ण सदस्यता मिलने से अब भारतीय एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अधिक अधिकार, अवसर और पहचान प्राप्त होगी। इससे देश के उभरते मुक्केबाज़ों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी, उन्नत प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग तथा वैश्विक अनुभव प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
डॉ. राकेश मिश्र का नेतृत्व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया: उमर क्रीमलेव
इस उपलब्धि को IABF के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र के कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और संगठित प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। खेल जगत से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह मान्यता भारतीय मुक्केबाज़ी के भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। इस अवसर पर डॉ. राकेश मिश्र ने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय बॉक्सिंग के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत है। राकेश ठाकरान जी ने इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन के निदेशक मंडल एवं सदस्य देशों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि यह सदस्यता हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मंतव्य के अनुरूप भारतीय मुक्केबाज़ों को ओलंपिक खेलों में अधिक अवसर उपलब्ध कराने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि IABF अब जमीनी स्तर से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण प्रदान करेगा, ताकि आगामी ओलंपिक खेलों के लिए सक्षम और प्रतिस्पर्धी खिलाड़ी तैयार किए जा सकें। साथ ही, यह सदस्यता पिछले कुछ वर्षों से भारतीय मुक्केबाज़ी की बिगड़ती स्थिति को सुधारने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी प्रदान करेगी। डॉ. मिश्र ने देशभर के खिलाड़ियों, कोचों, रेफ़रियों, तकनीकी अधिकारियों तथा मुक्केबाज़ी से जुड़े सभी लोगों से आह्वान किया कि वे आगे आएँ और भारतीय बॉक्सिंग के इस नए दौर में सक्रिय सहभागिता निभाएँ। वहीं, IABF के महासचिव श्री राकेश ठाकरान जी ने इस उपलब्धि पर देश की सभी राज्य स्तरीय बॉक्सिंग एसोसिएशनों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अब हम सभी को भारत सरकार के माननीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी के मार्गदर्शन में संगठित एवं प्रतिबद्ध होकर कार्य करना होगा, ताकि भारतीय मुक्केबाज़ों को अंतरराष्ट्रीय मंच, विशेषकर ओलंपिक खेलों में, बेहतर अवसर मिल सकें और देश में मुक्केबाज़ी खेल का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।
SIR: आज खत्म हो रही समयसीमा, 17 फरवरी को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
10 Feb, 2026 07:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क। तमिलनाडु के मतदाताओं के लिए राज्य की संशोधित मतदाता सूची से संबंधित सुधार के लिए मंगलवार अखिरी दिन हैं। मंगलवार शाम समय सीमा समाप्त होने के साथ ही अधिकारियों को उम्मीद है कि 17 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले सभी लंबित सत्यापन कार्य पूरे हो जाएंगे। एक बार अंतिम रूप दिए जाने के बाद, अद्यतन मतदाता सूची में तमिलनाडु में लगभग 5.65 करोड़ पंजीकृत मतदाता दिखाए जाने की उम्मीद है।
बूथ स्तर के अधिकारियों की ओर से व्यापक जमीनी सत्यापन के बाद 19 दिसंबर को मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित होने के साथ प्रक्रिया शुरू हुई। मसौदा सूची जारी होने के बाद नागरिकों को 30 जनवरी तक ऑनलाइन पोर्टल और जिलों में आयोजित विशेष शिविरों के माध्यम से आपत्तियां दर्ज करने, सुधारों का अनुरोध करने या अपना नाम शामिल करवाने के लिए आवेदन करने का समय दिया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि लगभग 34 लाख लोगों ने अपने नाम में बदलाव, जोड़ या हटाव करने के लिए आवेदन जमा किए। इनमें पहली बार मतदान करने वाले, निवास स्थान बदलने वाले और नाम, पता या फोटो जैसी व्यक्तिगत जानकारी में सुधार चाहने वाले अन्य लोग शामिल थे। इसी दौरान, अधिकारियों ने कई प्रविष्टियों को गहन जांच के लिए चिह्नित किया।
मसौदा सूची में जिनके नाम थे लेकिन जिन्होंने आवश्यक सहायक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए थे, ऐसे लगभग 12 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए। उनसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पहचान और पात्रता का प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा गया। चुनाव अधिकारियों ने अब जमीनी जांच और दस्तावेज संग्रह को तेज कर दिया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आज की समय सीमा समाप्त होने से पहले ऐसे सभी मामलों का समाधान हो जाए। ईसीआई ने कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे जांच को शीघ्रता से पूरा करें ताकि अंतिम सूची में केवल पात्र मतदाताओं को ही शामिल किया जा सके।
बारामती विमान हादसे के बाद केंद्र सख्त, 400 से अधिक अनियंत्रित हवाई पट्टियों की जांच के आदेश
10 Feb, 2026 06:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बारामती। बारामती में हुए विमान हादसे (Baramati plane crash) के बाद सरकार ऐक्शन मोड में आ गई है। देशभर की 400 से ज्यादा अनियंत्रित हवाई पट्टियों (Uncontrolled Airstrips) को लेकर व्यापक जांच शुरू कर दी गई है। सरकार का उद्देश्य इन हवाई पट्टियों के लिए एकीकृत नियम बनाना है, जिसकी निगरानी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और राज्य सरकारें मिलकर करेंगी। जांच के दौरान हवाई पट्टियों के इन्फ्रास्ट्रक्चर, संचार सुविधाओं, अग्निशमन व्यवस्था और सुरक्षा तैयारियों का आकलन किया जाएगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि स्थानीय प्रशासन के साथ हवाई पट्टी का प्रबंधन करने वाले किस तरह का समन्वय बनाए रखते हैं। 28 जनवरी को बारामती में हुए प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद DGCA ने देशभर के एयरपोर्ट्स और हवाई पट्टियों पर सेफ्टी प्रोटोकॉल्स को सख्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन अनियंत्रित हवाई पट्टियों पर आमतौर पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल की सुविधा नहीं होती। ये हवाई पट्टियां या तो राज्य सरकारों के अधीन हैं या फ्लाइट ट्रेनिंग संस्थानों और निजी संचालकों द्वारा संचालित की जाती हैं। देश में मौजूद 400 से अधिक ऐसी हवाई पट्टियां फिलहाल DGCA के सीधे नियमन से बाहर हैं। इनका उपयोग मुख्य रूप से चार्टर विमानों, राजनीतिक दलों और फ्लाइंग स्कूलों द्वारा किया जाता है। हालांकि, इन पट्टियों पर बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी पाई जाती है।
10 से 15 दिन में ठीक होते
डॉक्टरों के अनुसार इन बीमारियों से ठीक होने में 10 से 15 दिन तक का समय लग रहा है, जिससे अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है। उन्होंने लोगों को बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
अजित पवार की मौत को लेकर उठे सवाल
इस बीच, एनसीपी (एसपी) नेता रोहित पवार ने अजित पवार की मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना को लेकर कई सवाल हैं और वह 10 फरवरी को मुंबई में एक विस्तृत प्रस्तुति देंगे। बारामती में जिला परिषद चुनाव के दौरान वोट डालने के बाद पत्रकारों से बातचीत में रोहित पवार ने कहा कि अजित पवार चाहते थे कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुट एकजुट हों और इस दिशा में प्रयास जारी रहेंगे। रोहित पवार ने कहा, “हर किसी के मन में इस दुर्घटना को लेकर सवाल और संदेह हैं। दुर्घटना क्यों हुई और कैसे हुई, इन सभी पहलुओं को 10 फरवरी को सामने रखा जाएगा।”
‘पैसे दे, वरना यहीं ढेर कर देंगे,’ मुंह में पिस्टल डाल बिजमेसमैन से 20 लाख वसूले
10 Feb, 2026 06:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस महकमे को हिला देने वाला मामला सामने आया है. यहां लोहियानगर थाने में तैनात दो दरोगाओं पर आरोप लगा है कि पहले उन्होंने एक धागा व्यापारी का अपहरण किया. फिर उसके मुंह में पिस्टल डालकर 20 लाख रुपये की रंगदारी वसूली. एसएसपी अविनाश पांडे के आदेश पर दोनों आरोपी दरोगाओं के खिलाफ भ्रष्टाचार और जबरन वसूली की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.
घटना का खुलासा तब हुआ जब लिसाड़ी गेट निवासी व्यापारी रासिख ने आपबीती सुनाई. शिकायत के मुताबिक, उपनिरीक्षक (SI) लोकेन्द्र साहू और महेश कुमार ने व्यापारी को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी. आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने व्यापारी को अपनी गाड़ी में बंधक बनाया और पैर में गोली मारकर ‘फर्जी एनकाउंटर’ करने का डर दिखाया. मौत के खौफ में व्यापारी से 20 लाख रुपये वसूल लिए गए.
व्यापारी का आरोप है कि दरोगाओं ने उसके मुंह में पिस्टल डाल दी थी और कहा था- पैसे दे दे, नहीं तो यहीं ढेर कर देंगे. जब पीड़ित ने बाद में अपनी रकम वापस मांगी, तो दरोगाओं ने उसे डराया कि ये तो हवाला का पैसा है. इसे मांगोगे तो जान से हाथ धो बैठोगे.
हैरानी की बात यह है कि जैसे ही 10 फरवरी 2026 को थाना लिसाड़ी गेट में मुकदमा दर्ज हुआ, दोनों दरोगा रातोरात फरार हो गए. सूत्रों के मुताबिक, फंसते देख दरोगाओं ने व्यापारी को 15 लाख रुपये वापस भी किए, लेकिन कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अब वे पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. यह घटना मूल रूप से 8 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है, जिस पर अब एक्शन हुआ है.
मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साफ किया है कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने बताया- धागा व्यापारी की शिकायत पर दोनों दरोगाओं के खिलाफ बीएनएस की धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं. खाकी की आड़ में अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
फिलहाल दोनों दरोगा पुलिस रिकॉर्ड में फरार हैं. मेरठ पुलिस अपनी ही बिरादरी के इन दागी अफसरों की तलाश में दबिश दे रही है. इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
भारत में कम हुआ भ्रष्टाचार, अमेरिका और ब्रिटेन में बढ़ा… 180 देशों की नई रिपोर्ट
10 Feb, 2026 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: यूरोप और अमेरिका में जहां भ्रष्टाचार के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है, वहीं भारत में 2024 की तुलना में 2025 में भ्रष्टाचार के मामलों में कमी आई है. यह खुलासा ग्लोबल ट्रांसपेरेंसी की एक रिपोर्ट में हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारत के स्कोर में सुधार दर्ज किया गया है. अब दुनिया भर में भ्रष्टाचार के मामले में भारत 91वें स्थान पर है. ग्लोबल ट्रांसपेरेंसी के मुताबिक दुनिया में डेनमार्क एकमात्र ऐसा देश है, जहां भ्रष्टाचार के मामले सबसे कम आए हैं. दक्षिण सूडान, सोमालिया दुनिया का सबसे भ्रष्ट देश है. ग्लोबल ट्रांसपेरेंसी ने दुनिया के 180 देशों को लेकर यह रिपोर्ट जारी की है.
भ्रष्टाचार को लेकर जारी रिपोर्ट में सिर्फ 7 ऐसे देश हैं, जिनके स्कोर 80 से ज्यादा हैं. यूरोपीय देशों में भ्रष्टाचार ने पांव फैलाया है. ब्रिटेन, फ्रांस, इटली जैसे देशों के स्कोर में गिरावट दर्ज की गई है. सिर्फ जर्मनी में भ्रष्टाचार के मामलों में कमी आई है. ब्रिटेन टॉप-20 देशों की लिस्ट से बाहर है.
अमेरिका के स्कोर में भी गिरावट दर्ज की गई है. वो भी तब, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जड़ से भ्रष्टाचार खत्म करने की बात कह रहे हैं. 2024 में दुनियाभर में भ्रष्टाचार के मामले में अमेरिका का स्थान 28 था, जो अब 29 हो गया है. वहीं तमाम कवायदों के बावजूद चीन में भ्रष्टाचार के मामलों में कमी नहीं आई है. चीन का स्कोर पहले की तरह ही 43 है. भ्रष्टाचार के मामले में चीन का स्थान 76वें नंबर पर हैं.
2023 में भ्रष्टाचार के मामले में भारत 93वें स्थान पर था. 2024 में इसमें एक अंक की गिरावट दर्ज की गई. अब भारत 91वें स्थान पर पहुंच गया है. भारत का स्कोर 39 है. कुल मिलाकर, भ्रष्टाचार के मामलों में पिछले तीन वर्षों में भारत की रैंकिंग में सुधार देखा गया है. हालांकि, यह सुधार क्यों और कैसे हुआ, इसकी डिटेल जानकारी नहीं दी गई है. इतना ही नहीं, भारत अब भी भ्रष्टाचार खत्म करने के मामले में दुनिया के देशों से काफी पीछे है. क्योंकि करप्शन इंडेक्स में 39 स्कोर को काफी खतरनाक माना जाता है.
नरवणे की किताब विवाद में नया मोड़, पेंगुइन इंडिया ने फिर रखी बात
10 Feb, 2026 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्व थलसेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब को लेकर चल रहे विवाद के बीच पब्लिशर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की ओर से एक और बयान जारी किया गया है। पब्लिशर ने मंगलवार को कहा कि किसी किताब या उसके प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध होने की घोषणा को पब्लिकेशन नहीं माना जाना चाहिए। इसके साथ पब्लिकेशन हाउस ने कहा है कि प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध किताब और पब्लिश हुई किताब एक ही बात नहीं हैं।
असम CM के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, वहीं सरमा ने कांग्रेस नेताओं पर किया मानहानि केस
10 Feb, 2026 05:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ सुनवाई को लेकर वाम नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए एक वीडियो को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया गया है. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को वामपंथी नेताओं की उस याचिका को सूचीबद्ध करने के लिए विचार करने पर सहमति जताई है. इस वीडियो में हिमंत बिस्व सरमा एक विशेष समुदाय के लोगों की ओर राइफल से निशाना साधते हुए नजर आ रहे थे. हालांकि, बाद में इस वीडियो को सोशल मीडिया से हटा दिया गया.
सुप्रीम कोर्ट ने असम में आसन्न विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि समस्या यह है कि चुनाव का कुछ हिस्सा सुप्रीम कोर्ट में लड़ा जाता है. भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की अगुवाई वाली पीठ ने वकील निजाम पाशा की दलीलों पर संज्ञान लेते हुए कहा कि वह याचिका को सूचीबद्ध करने पर विचार करेगी.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कांग्रेस नेताओं जितेंद्र सिंह, भूपेश बघेल और गौरव गोगोई के खिलाफ मानहानि का केस किया. उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने उनके खिलाफ झूठे, गलत इरादे वाले और बदनाम करने वाले आरोप लगाए हैं. X पर एक पोस्ट में, सरमा ने कहा कि आज, मैंने कांग्रेस नेताओं जितेंद्र सिंह, भूपेश बघेल और गौरव गोगोई के खिलाफ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए मेरे खिलाफ झूठे, गलत इरादे वाले और बदनाम करने वाले आरोप लगाने के लिए ₹500 करोड़ के हर्जाने के लिए मानहानि का केस किया है.
पाशा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कुछ नेताओं की ओर से पेश हुए थे. उन्होंने पीठ के समक्ष कहा कि हम इस अदालत से असम के मौजूदा मुख्यमंत्री की तरफ से दिए गए चिंताजनक बयानों और हाल में पोस्ट किए एक वीडियो को लेकर तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध करते हैं. इस संबंध में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लेकिन अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है. इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि समस्या यह है कि जैसे ही चुनाव आते हैं, चुनाव का एक हिस्सा उच्चतम न्यायालय में लड़ा जाता है. यही समस्या है. हम मामले को देखेंगे और तारीख देंगे.
राहत के साथ सख्ती: ट्रंप ने हटाया 25% अतिरिक्त टैरिफ, भारत पर बढ़ाई कड़ी निगरानी
10 Feb, 2026 01:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर लगे 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ हट गए हैं। अंतरिम व्यापार समझौते के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आदेश जारी किए हैं। इसमें भारत को तत्काल यह राहत दी गई है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि इस राहत से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण वहां सख्त निगरानी तंत्र है जो इसके साथ आया है। एक जियो रणनीतिकार ने इस लेकर पोस्ट किया है। अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि यह आदेश अमेरिकी वाणिज्य मंत्री को भारत के तेल स्रोत को ट्रैक करने का काम सौंपता है। इससे एक्शन के लिए एक साफ ट्रिगर बनता है। ट्रंप के ऑर्डर सशर्त हैं। इसका मतलब है कि शर्त टूटने पर 25 प्रतिशत टैरिफ की वापसी हो सकती हैं।
जानकार ने लिखा, रूसी तेल पर ट्रंप के कार्यकारी आदेश में असली चुभन इसके निगरानी जनादेश में निहित है। यह औपचारिक रूप से वाणिज्य मंत्री को भारतीय तेल आयात पर नजर रखने का काम सौंपता है जो स्पष्ट ट्रिगर बनाता है। यह पता चलने पर कि भारत ने सीधे या परोक्ष रूप से रूसी तेल का आयात फिर से शुरू कर दिया है, 25 प्रतिशत अतिरिक्त (दंडात्मक) टैरिफ वापस लागू हो सकता है।
जानकार ने चेतावनी दी कि अप्रत्यक्ष रूप से शब्द का समावेश प्रवर्तन के दायरे को काफी हद तक बढ़ा देता है। जानकार ने बताया कि रियायती रूसी यूराल क्रूड को बाजार-मूल्य वाले अमेरिकी तेल से बदलना भारत के तेल आयात बिल में सालाना 4 अरब डॉलर तक की बढ़ोतरी कर सकता है। यह लंबी परिवहन दूरी के कारण और भी महंगा होगा है। उन्होंने कहा, वॉशिंगटन का इरादा साफ है...भारत की ऊर्जा सुरक्षा को ज्यादा महंगा और भौगोलिक रूप से दूर सप्लायर अमेरिका से जोड़ना।
अमेरिका ने कहा है कि भारत ने सीधे या परोक्ष रूप से रूसी तेल का आयात बंद करने के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की है। इस कदम से वॉशिंगटन ने पिछले अगस्त में भारतीय सामानों पर लगाए गए अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ को हटाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से जारी कार्यकारी आदेश के अनुसार, भारत ने अगले 10 सालों में रक्षा सहयोग का विस्तार करने के लिए अमेरिका के साथ एक ढांचे के लिए भी प्रतिबद्धता जाहिर की है। हालांकि, ट्रंप ने साफ किया है कि टैरिफ रोलबैक सशर्त है।
रणनीतिकार ने बताया कि कार्यकारी आदेश में अमेरिका भारत के तेल स्रोत पर बारीकी से नजर रखेगा। उन्होंने कहा, वाणिज्य मंत्री, राज्य मंत्री, वित्त मंत्री और किसी भी अन्य वरिष्ठ अधिकारी के साथ समन्वय में जिसे वाणिज्य मंत्री उचित समझता है, यह निगरानी करेगा कि क्या भारत सीधे या परोक्ष रूप से रूसी संघ के तेल का आयात फिर से शुरू करता है, जैसा कि कार्यकारी आदेश 14329 की धारा 7 में परिभाषित है।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों की ओर से एक निर्धारण आगे की कार्रवाई को ट्रिगर कर सकता है। अगर वाणिज्य मंत्री को पता चलता है कि भारत ने सीधे या परोक्ष रूप से रूसी संघ के तेल का आयात फिर से शुरू किया है, तब राज्य मंत्री, वित्त मंत्री, वाणिज्य मंत्री, गृह मंत्री, अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि, राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के लिए राष्ट्रपति के सहायक, आर्थिक नीति के लिए राष्ट्रपति के सहायक और व्यापार और विनिर्माण के लिए राष्ट्रपति के सहायक और वरिष्ठ सलाहकार के साथ परामर्श में यह सिफारिश करेगा कि क्या और किस हद तक मुझे भारत के खिलाफ अतिरिक्त कार्रवाई करनी चाहिए।
तरनतारन में छात्र ने क्लासरूम में घुसकर छात्रा के सिर में गोली मारी, बाद में खुद को किया शूट
10 Feb, 2026 12:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तरनतारन । पंजाब के तरनतारन में मौजूद लॉ कॉलेज में सोमवार को छात्र ने क्लासरूम में घुसकर छात्रा की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद छात्र ने वहीं पर खुद को भी गोली मारकर सुसाइड किया। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक छात्रा संदीप कौर (20) है, लॉ कॉलेज में फर्स्ट ईयर की छात्रा थी। वहीं आरोपी छात्र तरनतारन का प्रिंसराज सिंह है, वह भी छात्रा के साथ पढ़ता था। पुलिस ने लॉ कॉलेज को सील कर हत्या के कारणों की जांच कर रही है।
वहीं मृतक लड़की की मां ने आरोप लगाया कि कॉलेज से उन्हें कहा गया कि छोटा सा झगड़ा हुआ और उनकी बेटी को चोट लगी है। जब वह कॉलेज पहुंची, तब देखा कि बेटी मरी पड़ी थी। पुलिस के मुताबिक अभी घटना के पीछे की वजह सामने नहीं आई है। शुरुआती तौर पर इस घटना को एकतरफा प्यार से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस को शक है कि युवक ने वेलेंटाइन वीक में 8 फरवरी को छात्रा को प्रपोज किया था लेकिन छात्रा ने इंकार कर दिया। इसके बाद गुस्साए छात्र ने ये भयावक कदम उठाया है।
बात दें कि कत्ल से जुड़ा कॉलेज के क्लासरूम का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। यह फुटेज सुबह करीब 9 बजे का है। तब क्लास में पढ़ाई शुरु नहीं हुई थी। सभी स्टूडेंट क्लास में ही घूम रहे थे। तभी आरोपी छात्र प्रिंसराज क्लासरूम में दाखिल हुआ। क्लास रुम में छात्रा संदीप कौर अपनी सहेली के साथ बैंच पर बैठी हुई थी। आरोपी ने थोड़ी देर उससे बहस की। इसके बाद पिस्टल तानकर छात्रा के सिर से सटाकर गोली मार दी। गोली लगते ही छात्रा नीचे गिर पड़ी। यह देख उसके साथ खड़ी सहेली हक्की-बक्की रह गई। वह संदीप कौर की तरफ झुकती, इससे पहले प्रिंसराज ने फिर पिस्टल लोड कर अपने सिर पर गोली मार ली। इसके बाद छात्रा ने संदीप कौर को उठाने की कोशिश की, लेकिन पॉइंट ब्लैंक रेंज से गोली मारने की वजह से उसका ब्रेन फट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। यह देखकर वह बाहर की तरफ भागी और कॉलेज मैनेजमेंट को बताने के लिए पहुंची। तभी बाकी छात्र-छात्राएं भी वहां आ गईं। जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
लड़की की मां हरजिंदर कौर ने बताया कि बेटी संदीप सुबह घर से तैयार होकर निकली थी। उसका किसी से कोई झगड़ा नहीं था। उसकी टीचर ने कहा कि आपकी बेटी को बहुत चोट लगी है, जल्दी आओ। हरजिंदर ने बताया कि मैं कॉलेज आई, तब देखा कि मेरी बेटी की मौत हो चुकी है। लड़की की बॉडी पूरी तरह खून से लथपथ थी। उसके सिर में गोली मारी गई है। हमें पता चला है कि तरनतारन का लड़का है, जिसने गोली चलाई है। पिस्टल भी अंदर ही पड़ा हुआ मिला। पुलिस ने हमें लाश के पास भी नहीं जाने दिया। मृतक छात्रा के पिता की मौत हो चुकी है। उसकी 6 बहनें हैं और एक छोटा भाई है।
मामले में पुलिस जांच कर रही है कि आरोपी युवक पिस्टल कहां से लाया। कहीं उसके पिता के पास लाइसेंसी पिस्टल नहीं है। अगर ऐसा न हुआ, तब फिर यह पिस्टल अवैध हो सकता है। इसके बारे में भी जांच की जा रही है।
डिजिटल धोखाधड़ी मामले में अदालत का बड़ा आदेश, कहा- आरबीआई की एसओपी पूरे भारत में लागू करे सरकार
10 Feb, 2026 11:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए इसे डकैती या लूट करार दिया है। अदालत ने कहा कि अब तक 54,000 करोड़ से अधिक की राशि साइबर ठगी के जरिए निकाली जा चुकी है, जो बेहद गंभीर स्थिति को दर्शाता है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा तैयार किए गए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) को पूरे देश में औपचारिक रूप से लागू किया जाए, ताकि डिजिटल फ्रॉड पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में बैंकों की लापरवाही या अधिकारियों की मिलीभगत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने आरबीआई और बैंकों से कहा कि वे ऐसे मामलों में समय पर और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। सुनवाई के दौरान अदालत ने बताया कि आरबीआई ने पहले ही एक एसओपी तैयार किया है, जिसके तहत साइबर फ्रॉड की आशंका होने पर अस्थायी रूप से डेबिट कार्ड को होल्ड पर डालने जैसी त्वरित कार्रवाई का प्रावधान है। इसका उद्देश्य धोखाधड़ी से होने वाले नुकसान को तुरंत रोकना है।
इसरो ने चंद्रयान-4 के लिए लैंडिंग साइट तलाशी
10 Feb, 2026 10:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। इसरो ने चंद्रयान-4 मिशन के लिए चंद्रमा के साउथ पोल के पास एक लैंडिंग साइट तलाश ली है। चंद्रयान-2 ऑर्बिटर से मिली तस्वीरों के आधार पर वैज्ञानिकों ने मॉन्स माउटन क्षेत्र को लैंडिंग के लिए सबसे सही बताया है। मॉन्स माउटन, चंद्रमा के साउथ पोल के पास स्थित करीब 6,000 मीटर ऊंचा पहाड़ है। इसकी चोटी काफी हद तक सपाट है, जो लैंडिंग के लिए अनुकूल है। हालांकि, लैंडिंग साइट को लेकर अंतिम फैसला लॉन्च के करीब लिया जाएगा।
वैज्ञानिकों के मुताबिक यह इलाका इसलिए भी अहम है, क्योंकि यहां लंबे समय तक सूर्य की रोशनी मिलती है। इसके अलावा इस क्षेत्र में वॉटर आइस मौजूद होने की संभावना भी जताई जाती है।
चंद्रयान-2 की तस्वीरों से मिली मदद
मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक वैज्ञानिकों ने इस स्टडी को लूनर एंड प्लैनेटरी साइंस कॉन्फ्रेंस में पेश किया गया। लैंडिंग साइट तय करने के लिए चंद्रयान-2 ऑर्बिटर पर लगे ऑर्बिटर हाई रेजोल्यूशन कैमरे की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया। यह कैमरा चंद्र सतह को करीब 32 सेंटीमीटर प्रति पिक्सल के रेजोल्यूशन में दिखाता है। इससे छोटे क्रेटर, पत्थर, ढलान और सतह की बनावट साफ नजर आती है, जिससे लैंडिंग के लिए खतरनाक इलाकों की पहचान पहले ही हो जाती है।
सैंपल लेकर लौटेगा चंद्रयान-4
2104 करोड़ रुपए के इस मिशन में चंद्रमा की चट्टानों और मिट्टी को पृथ्वी पर वापस लाया जाएगा। मिशन में दो अलग-अलग रॉकेट का इस्तेमाल होगा। हैवी-लिफ्टर एनवीएम-3 और इसरो का रिलायबल वर्कहॉर्स पीएसएलवी अलग-अलग पेलोड लेकर जाएंगे। स्टैक 1 में लूनर सैंपल कलेक्शन के लिए एसेंडर मॉड्यूल और सतह पर लूनर सैंपल कलेक्शन के लिए डिसेंडर मॉड्यूल शामिल हैं। स्टैक 2 में थ्रस्ट के लिए एक प्रोपल्शन मॉड्यूल, सैंपल होल्ड के लिए ट्रांसफर मॉड्यूल और सैंपल को पृथ्वी पर लाने के लिए री-एंट्री मॉड्यूल शामिल हैं। चंद्रयान-4 को इसरो का अब तक का सबसे मुश्किल मून मिशन माना जा रहा है।
संसद और स्कूलों में बम की धमकी
10 Feb, 2026 09:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के 9 स्कूलों को सोमवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल मिले। मेल में दावा किया गया कि 13 फरवरी को दोपहर 1.11 बजे संसद में ब्लास्ट होगा और दिल्ली को खालिस्तान बना देंगे। ईमेल में आतंकी अफजल गुरु और पंजाब को खालिस्तान बताने का भी जिक्र था। धमकी के बाद स्कूलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, सुबह अलग-अलग इलाकों के स्कूलों से इमरजेंसी कॉल आईं। इसके बाद फायर टेंडर, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड तुरंत मौके पर पहुंची। धमकी भरे ईमेल में लिखा है कि अफजल गुरु की याद में दिल्ली बनेगा खालिस्तान। 1:11 बजे पर धमाका होगा, 13 फरवरी को 1:11 बजे पर संसद में ब्लास्ट होगा। पंजाब खालिस्तान है। खालिस्तान नेशनल आर्मी। डीएफएस के एक अधिकारी ने कहा कि अब तक 9 स्कूलों ने बम की धमकी मिलने की सूचना दी है। सभी परिसरों की जांच की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ईमेल की लोकेशन और सोर्स पता करने के लिए साइबर टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। साथ ही राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। अब तक किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।
शरद पवार अस्पताल में हुए भर्ती
10 Feb, 2026 08:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) प्रमुख शरद पवार को पुणे के रूबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्हें गले में संक्रमण और बुखार की शिकायत थी, जिसके बाद डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। बताया गया है कि पवार पहले बारामती में थे और वहीं प्राथमिक इलाज लिया था, लेकिन तबीयत पूरी तरह ठीक न होने पर उन्हें आगे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया। अस्पताल में उनकी बेटी और एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले और दामाद सदानंद सुले मौजूद हैं। हाल के दिनों में भतीजे अजित पवार के निधन के बाद शरद पवार लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय थे, जिससे उनकी तबीयत पर असर पड़ा माना जा रहा है। फिलहाल डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
भारतीय वायुसेना के Su-30MKI होंगे हाईटेक, सुपर सुखोई प्रोजेक्ट मंजूरी के करीब
9 Feb, 2026 09:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना के प्रमुख लड़ाकू विमान Su-30MKI के बड़े अपग्रेड प्रोग्राम पर फैसला अब जल्द होने वाला है. HAL सूत्रों के मुताबिक इस योजना को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की मंजूरी अगले एक-दो महीनों में मिल सकती है. इसकी तकनीकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं.
HAL, वायुसेना और DRDO के बीच बातचीत के बाद अपग्रेड से जुड़ी सभी अहम बातें तय कर ली गई हैं. अब सिर्फ कुछ औपचारिक और कागजी प्रक्रियाएं बाकी हैं. इस योजना के तहत 84 Su-30MKI विमानों को आधुनिक बनाया जाएगा. यह प्रोग्राम सुपर सुखोई नाम से जाना जाता है.
प्रोग्राम में उत्तम AESA रडार (करीब 400 किमी रेंज), नया और आधुनिक कॉकपिट डिजाइन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मल्टी-फंक्शन डिस्प्ले सिस्टम, वॉयस कमांड सिस्टम, नया IRST सिस्टम (BEL), उन्नत सेल्फ प्रोटेक्शन जैमर पॉड, अस्त्र Mk-1 और अस्त्र Mk-2 जैसी आधुनिक मिसाइलों की क्षमता. साथ ही बेहतर डेटा-लिंक और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम शामिल है.
भारतीय वायुसेना के लिए Su-30MKI आज भी सबसे ज्यादा संख्या में मौजूद और सबसे ताकतवर लड़ाकू विमान है. यह एयर डिफेंस, डीप स्ट्राइक और समुद्री मिशनों में अहम भूमिका निभाता है. हालांकि, कई विमान अब सेवा के दूसरे दशक में पहुंच चुके हैं, इसलिए अपग्रेड बेहद जरूरी माना जा रहा है.
HAL की नासिक डिवीजन, जिसे Su-30MKI के निर्माण और ओवरहॉल का लंबा अनुभव है, इस अपग्रेड का बड़ा हिस्सा संभालेगी. CCS से मंजूरी मिलते ही काम तेजी से शुरू होने की उम्मीद है. इस अपग्रेड का मकसद साफ है Su-30MKI को 2040 के बाद तक पूरी तरह सक्षम बनाए रखना, जब तक कि भविष्य के लड़ाकू विमान जैसे AMCA वायुसेना में शामिल नहीं हो जाते हैं.
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