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पश्चिम बंगाल में महिला नर्स की निपाह वायरस संक्रमण के बाद मौत
13 Feb, 2026 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर 24 परगना । पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बारासात स्थित एक निजी अस्पताल में 25 वर्षीय महिला नर्स की निपाह वायरस संक्रमण के बाद मौत हो गई। राज्य के हालिया इतिहास में यह निपाह से जुड़ी पहली मृत्यु बताई जा रही है, जिससे स्वास्थ्य महकमे में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, नर्स की स्थिति पिछले कुछ दिनों से बेहद नाजुक थी। भले ही हाल में उनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी, लेकिन शारीरिक हालत में सुधार नहीं हो सका। उन्हें लंबे समय तक क्रिटिकल केयर यूनिट में रखा गया था। हालत बिगड़ने पर बुधवार को वेंटिलेटर सपोर्ट पर शिफ्ट किया गया, जहां गुरुवार शाम करीब 4 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया।
इसी अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ के दो सदस्यों में निपाह संक्रमण की पुष्टि हुई थी। दोनों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया था। जनवरी में एक पुरुष नर्स पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट गया, लेकिन महिला नर्स की हालत लगातार गंभीर बनी रही। निपाह वायरस व्यक्ति से व्यक्ति में फैलने की क्षमता रखता है, खासकर संक्रमित तरल पदार्थों के संपर्क से। संक्रमण की आशंका के बाद कई एशियाई देशों ने अतीत में हवाई अड्डों पर निगरानी बढ़ाई थी, क्योंकि यह वायरस सीमापार भी फैल सकता है।
निपाह एक ज़ूनोटिक वायरस है, यानी यह जानवरों से मनुष्यों में फैलता है। फल खाने वाले चमगादड़ों को इसका मुख्य स्रोत माना जाता है। इनके लार, मल या पेशाब से दूषित खाद्य पदार्थ- खासकर खजूर का कच्चा रस- संक्रमण का माध्यम बन सकते हैं। सूअरों के जरिए भी इसके फैलने के मामले सामने आए हैं। संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क से भी यह बीमारी आगे बढ़ सकती है, हालांकि यह कोविड-19 की तरह तेज़ी से नहीं फैलती। संक्रमण के लक्षण आमतौर पर 4 से 21 दिनों के भीतर दिखते हैं। शुरुआती संकेतों में बुखार, सिरदर्द और खांसी शामिल हैं, जो बाद में गंभीर निमोनिया या मस्तिष्क में सूजन (एन्सेफलाइटिस) का रूप ले सकते हैं।
CBI ने घूसखोर दरोगा को रंगे हाथ पकड़ा, 10 लाख रुपये की रिश्वत ले रहा था पुलिसवाला
12 Feb, 2026 11:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने दिल्ली पुलिस के एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई संपत्ति विवाद से जुड़े मामले में की गई, जहां आरोपी दरोगा ने शिकायतकर्ता से कुल 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। CBI ने 10 फरवरी 2026 को यह मामला दर्ज किया था। आरोप है कि दिल्ली के सीआर पार्क पुलिस स्टेशन में तैनात इस घूसखोर दरोगा ने शिकायतकर्ता से संपत्ति विवाद को सुलझाने के नाम पर 25 लाख रुपये की अवैध रकम मांगी थी। उसने कहा था कि पैसे देने पर शिकायतकर्ता के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
मामले की जानकारी मिलने के बाद CBI ने जाल बिछाया और 10 फरवरी 2026 को ही आरोपी ASI को घूस के पैसों के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। उस समय आरोपी दरोगा शिकायतकर्ता से विवाद सुलझाने की एवज में मांगी गई 25 लाख रुपये की कुल रकम में से 10 लाख रुपये की पहली किस्त ले रहा था। आरोपी घूस की रकम को हजम कर पाता इससे पहले ही CBI ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। एजेंसी ने कहा है कि मामले की गहराई से पड़ताल की जा रही है और मामले की जांच अभी जारी है।
JCB की गूंज… सीमेंट-बालू ढोते श्रमिक, 11 बीघा जमीन पर बन रही बाबारी मस्जिद
12 Feb, 2026 10:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद के कंस्ट्रक्शन का काम शुरू हो गया है। टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर के नेतृत्व में इस मस्जिद की नींव रखी गई है। आज भी हजारों लोग सिर पर ईंट लेकर निर्माण स्थल पर पहुंचे। मस्जिद के निर्माण से पहले हुमायूं कबीर ने लोगों के साथ कुरान पढ़ी। 11 बीघे जमीन पर बनने वाली मस्जिद के 2 साल में बनकर तैयार होने की बात कही जा रहा है।
मस्जिद निर्माण स्थल से सामने आए वीडियो में बड़े पैमाने पर हो रही गतिविधियों की झलक दिखी। हजारों की भीड़ जुटी है और जेसीबी मशीनों के जरिए नींव के लिए मिट्टी हटाने का काम चल रहा है। एक तरफ तकनीकी टीम जमीन की नपाई और सटीक मार्किंग में जुटी है, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में श्रमिक सीमेंट और बालू पहुंचाने के काम में लगे हैं।
जन उन्नयन पार्टी के चीफ हुमायूं कबीर का दावा है कि दो साल में मस्जिद के निर्माण का काम पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा, “मैं बहुत खुश हूं। मैं ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करता हूं। आज इतने सारे लोग मेरे साथ खड़े हैं, मैं उन सभी का भी शुक्रिया अदा करता हूं। दूसरों को मेरा विरोध करने दो। अगले दो सालों में, मुझे उम्मीद है कि बाबरी मस्जिद का ढांचा पूरा हो जाएगा। मंदिर बनाना ठीक है, लेकिन अगर कोई मुसलमान मस्जिद बनाना चाहता है, तो वे इसका विरोध कर रहे हैं। हम उन्हें सत्ता से बाहर कर देंगे।”
स्कूल छोड़ प्रेमी संग फरार हुई BPSC टीचर, बोली- ‘मैंने अपनी मर्जी से शादी की’
12 Feb, 2026 09:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिले में एक BPSC शिक्षिका अपना स्कूल छोड़कर प्रेमी के साथ फरार हो गई है। प्रेमी संग जाने के कुछ समय बाद शिक्षिका ने एक वीडियो बनाकर शेयर किया है और कहा है कि वह अपनी मर्जी से अपने प्रेमी के साथ गई है और उससे शादी की है। मामले के सामने आने के बाद ये घटना पूरे जिले में चर्चित हो गयी है।
सीतामढ़ी जिले में एक शिक्षिका का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में शिक्षिका ने अपना नाम वंदना कुमारी बताया है। शिक्षिका ने खुद को बीएससी शिक्षिका बताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से अपने प्रेमी संजीत कुमार के साथ शादी की है।
वायरल वीडियो में वंदना कुमारी ने यह भी बताया कि उनके पिता का नाम संतोष कुमार है और वह रीगा की रहने वाली हैं। वहीं युवक ने अपना नाम संजीत कुमार बताया है। दोनों ने एक संयुक्त वीडियो जारी कर यह स्पष्ट किया है कि उनकी शादी आपसी सहमति से हुई है और किसी प्रकार का दबाव या जोर-जबरदस्ती नहीं की गई है।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद यह मामला जिलेभर में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, स्कूल छोड़ने और फरार होने को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं सोशल मीडिया पर चल रही हैं, लेकिन वीडियो में शिक्षिका ने साफ तौर पर कहा है कि उन्होंने स्वेच्छा से निर्णय लिया है। फिलहाल, इस मामले को लेकर प्रशासन या शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले की सच्चाई और आगे की कार्रवाई को लेकर लोग आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।
भाभी-भाभी कहता था, अकेला देख डोल गई नियत, पिस्टल निकाली और…
12 Feb, 2026 08:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पलवल: कहते हैं कि दोस्ती में इतना भी भरोसा भी नहीं करना चाहिए कि आगे जब आपको धोखा मिले तो आप उस दर्द से उभर ही ना पाएं. हरियाणा के पलवल जिले से एक ऐसी खबर आई है जिसने इस भरोसे की नींव हिला दी है. गदपुरी थाना क्षेत्र में एक युवक ने अपने ही दोस्त की पत्नी से ऐसी हरकत की, जिसे सुनकर आप भी कहेंगे- कैसा हैवान है ये इंसान. दरअसल, उसने पिस्टल दिखाकर दोस्त की बीवी से पहले रेप किया, जिसे वो भाभी-भाभी कहता था. बाद फिर उसे जान से मार डालने की धमकी भी दी.
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, घटना 6 फरवरी की है. पीड़ित महिला ने बताया- वो उस दिन घर पर अकेली थी और उसका पति किसी काम से बाहर गया हुआ था. इसी दौरान उसके पति का दोस्त सागर घर पहुंचा. घर में दोस्त को न पाकर और महिला को अकेला देख सागर की नीयत बिगड़ गई.
महिला का आरोप है कि सागर ने अचानक पिस्टल निकाल ली और उसे जान से मारने की धमकी देकर रेप किया. जाते-जाते महिला को चेतावनी दी कि यदि उसने इस बारे में किसी को भी बताया, तो वह उसे और उसके परिवार को खत्म कर देगा. घटना के बाद महिला गहरे सदमे में चली गई और गुमसुम रहने लगी. परिवार वालों ने जब उसके व्यवहार में आए बदलाव को भांप लिया और बार-बार पूछताछ की, तब महिला का बांध टूट गया. उसने रोते हुए अपने साथ हुई सारी हैवानियत की दास्तां बयां की. इसके बाद परिजन तुरंत महिला को लेकर थाने पहुंचे.
गदपुरी थाना पुलिस ने महिला की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सागर का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह पहले भी कई संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहा है. पुलिस की टीमें अब सागर की तलाश में दबिश दे रही हैं.
भारत से रिश्ते सुधारने को तड़प रहा है चीन, मंत्री बोले - हम खतरा नहीं, अवसर हैं
11 Feb, 2026 11:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। वैश्विक राजनीति में तेजी से बदलते समीकरणों और पश्चिमी प्रभुत्व को मिल रही चुनौतियों के बीच एशिया की दो महाशक्तियों, भारत और चीन ने अपने रिश्तों को एक नई और सकारात्मक दिशा देने का ठोस संकेत दिया है। मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित उच्च स्तरीय रणनीतिक वार्ता के दौरान दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि वे एक-दूसरे के लिए खतरा नहीं, बल्कि विकास के साझेदार हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीन के कार्यकारी उप-विदेश मंत्री मा झाओशू ने द्विपक्षीय संबंधों की जटिलताओं को सुलझाने और भविष्य का रोडमैप तैयार करने पर विस्तृत चर्चा की।
चीन के कार्यकारी उप-मंत्री मा झाओशू इन दिनों ब्रिक्स बैठकों के सिलसिले में भारत के दौरे पर हैं। इस दौरान हुई वार्ता में अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय हालातों के साथ-साथ दोनों देशों की घरेलू और विदेश नीतियों पर स्पष्ट और गहन विमर्श हुआ। चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान वैश्विक उथल-पुथल के दौर में भारत और चीन का साथ आना अनिवार्य है। चीन ने इस बात पर विशेष बल दिया कि दोनों राष्ट्रों को अपने संबंधों को दीर्घकालिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए, जिससे न केवल इन दो देशों बल्कि पूरे ग्लोबल साउथ को मजबूती मिले। वार्ता के दौरान आपसी विश्वास को बहाल करने और मतभेदों को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने तय किया है कि वे वर्ष 2026 और 2027 में एक-दूसरे की ब्रिक्स अध्यक्षता का पूर्ण समर्थन करेंगे। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका और बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। चीन ने यह भी संकेत दिया कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की भूमिका और आकांक्षाओं का सम्मान करता है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस वार्ता को रचनात्मक बताते हुए स्पष्ट किया कि द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता पहली शर्त है। भारत ने जोर देकर कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति बनाए रखना ही मजबूत रिश्तों की बुनियाद है। वार्ता में व्यापारिक मुद्दों और आर्थिक सहयोग को रणनीतिक नजरिये से देखने पर सहमति बनी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के दोबारा शुरू होने पर संतोष व्यक्त किया और इसके विस्तार की उम्मीद जताई। रिश्तों को पटरी पर लाने के लिए व्यावहारिक कदमों पर भी चर्चा हुई, जिसमें हवाई सेवाओं के लिए नए समझौते को अंतिम रूप देना और वीजा प्रक्रियाओं को सरल बनाना शामिल है। दोनों पक्षों ने माना कि 2020 के गलवान संघर्ष के बाद संबंधों में जो गतिरोध आया था, वह अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। अक्टूबर 2024 में कजान और अगस्त 2025 में तियानजिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकातों ने इस सुधार प्रक्रिया को नई ऊर्जा दी है। अब दोनों देश एलिफेंट और ड्रैगन के इस साझा तालमेल के जरिए एशिया में एक स्थिर और संतुलित भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
अमेरिका ने लिया यू-टर्न, ट्रेड डील की प्रमुख शर्तों में गुपचुप किए बदलाव
11 Feb, 2026 08:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सहमति बनने के बाद अमेरिका ने मंगलवार को एक फैक्ट शीट जारी कर समझौते की प्रमुख शर्तें बताईं थीं। अब एक दिन बाद ही वाइट हाउस ने यू-टर्न लिया है। वाइट हाउस ने समझौते की प्रमुख शर्तों में गुपचुप तरीक से बदलाव किया है। खास बात यह है कि नई शर्तों में लिखीं बातें भारत के हक में है। शब्दों में भी हेरफेर की गई है। एग्रीमेंट का सबसे अहम हिस्सा कि भारत अमेरिका से 500 बिलियन से ज्यादा के उत्पाद खरीदने के लिए ‘प्रतिबद्ध’ है, को बदलकर भारत इस मूल्य के अमेरिकी उत्पाद खरीदने का ‘इरादा रखता है’ कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की तरफ से जारी संशोधित दस्तावेज में कहा गया है कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं व अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त या कम करेगा, जिनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे व प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट और अन्य उत्पाद शामिल हैं। इसमें आगे कहा गया है कि भारत अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदने और 500 अरब डॉलर से अधिक की अमेरिकी ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कोयला और अन्य उत्पादों की खरीद का इरादा रखता है। पहले ‘इरादा’ शब्द की जगह ‘प्रतिबद्ध है’ लिखा गया था।
इसके अलावा वाइट हाउस ने एक अहम बदलाव भी किया है। समझौते पर जारी संशोधित दस्तावेज में उन अमेरिकी उत्पादों की सूची से दालों का जिक्र हटा दिया है जिन पर भारत के शुल्क समाप्त करने या कम किए जाने की बात कही थी। फैक्टशीट में प्रोडक्ट कैटेगरी की सूची से एग्रीकल्चरल शब्द भी हटा दिया है। बता दें मंगलवार को जारी फैक्टशीट में कहा गया था कि भारत सभी अमेरिकी इंडस्ट्रियल उत्पादों और अमेरिका के कई तरह के फूड आइटम्स और कृषि उत्पादों पर टैरिफ खत्म कर देगा या कम कर देगा, जिसमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन, लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताज़े और प्रोसेस्ड फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स, और दूसरे प्रोडक्ट्स शामिल हैं। हालांकि आज हुए बदलावों में इस सूची से कुछ दालों का जिक्र हटा दिया गया है।
एक अन्य बदलाव में ओरिजिनल फैक्टशीट में लिखा था कि भारत अपने डिजिटल सर्विस टैक्स हटा देगा और डिजिटल ट्रेड में भेदभाव वाली प्रक्रिया और दूसरी रुकावटों को दूर करने वाले मजबूत बाइलेटरल डिजिटल ट्रेड नियमों पर बातचीत करने के लिए कमिटेड है। हालांकि, नई फैक्टशीट में यह नहीं बताया गया है कि भारत अपने डिजिटल सर्विस टैक्स हटा देगा। इसके बजाय इसमें कहा गया है कि भारत ने मजबूत बाइलेटरल डिजिटल ट्रेड नियमों पर बातचीत करने का वादा किया है।
वंचितों तक पहुंच: 'बाल विवाह मुक्ति रथ' ने देश भर में बाल विवाह विरोधी अभियान को मजबूत किया
11 Feb, 2026 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: 'बाल विवाह मुक्ति रथ' केंद्र सरकार के 100 दिन के पूरे देश में बाल विवाह को रोकने के लिए चलाए जा रहे कैंपेन को बढ़ावा दे रहा है, जो अब अपने आखिरी दौर में है. बाल विवाह को खत्म करने के लिए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का 100-दिन का अभियान अभी अपने तीसरे और आखिरी चरण में है, जिसे अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) में लागू किया जा रहा है. अभियान का यह आखिरी चरण 8 मार्च को खत्म होगा.
भारत में बच्चों के अधिकारों की वकालत करने वाले सबसे बड़े नेटवर्क की एक पहल, 'बाल विवाह मुक्ति रथ', सबसे दूर-दराज के इलाकों में 'बाल विवाह मुक्त भारत' का संदेश फैला रही है, और यह पक्का कर रही है कि सबसे कमजोर बच्चों तक भी पहुंचा जाए और उनकी सुरक्षा की जाए.
बदलाव का यह जरिया अभी 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के 439 जिलों में घूम रहा है. नेटवर्क के अनुसार, यह पहल बाल विवाह को खत्म करने के लिए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के 100 दिवसीय गहन राष्ट्रव्यापी अभियान का समर्थन करने के लिए की जा रही है. भारत में, कानूनी तौर पर मना होने के बावजूद, बाल विवाह एक बड़ा सामाजिक मुद्दा बना हुआ है, जिससे पूरे देश में लाखों जवान लड़के-लड़कियां प्रभावित हो रहे हैं.
इस अभ्यास से जवान लड़कियों को स्वास्थ्य से जुड़े बड़े जोखिम होते हैं, खासकर कम उम्र में गर्भवती की वजह से, इससे उनके घरेलू हिंसा का खतरा बढ़ जाता है, और गरीबी और लैंगिक असमानता का सिलसिला बना रहता है.
भारत में, तरक्की के बावजूद, 20-24 साल की 23 प्रतिशत महिलाओं की शादी 18 साल की उम्र तक पहुंचने से पहले हो गई थी (राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5, 2019-21), जैसा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बताया है.
मंत्रालय राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 डेटा (ऐसे जिले जहां बाल विवाह की दर राष्ट्रीय औसत के बराबर या उससे ज़्यादा है) के जरिए पहचाने गए 257 अधिक बोझ वाले जिलों पर ध्यान दे रहा है. इसका लक्ष्य 2030 तक बाल विवाह को खत्म करना है.
'बाल विवाह मुक्ति रथ' की खास बातें क्या हैं?
'बाल विवाह मुक्ति रथ' में असरदार नारे लगे हैं, जिन्हें पोस्टर के तौर पर दिखाया गया है, साथ ही एक शपथ-हस्ताक्षर बोर्ड भी है. इसके डिजाइन का मकसद अपने रास्ते में सबसे अलग-थलग और पिछड़े समुदायों तक पहुंचना है.
बच्चों के अधिकार, जो पूरे भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काम करने वाले 250 से अधिक संगठनों का एक नेटवर्क है, ने बताया कि जहां मुख्य सड़कें और बेहतर पहुंच है, वहां चार पहियों वाली गाड़ियां आसानी से पहुंच जाती हैं, वहीं सबसे दूर-दराज के गांवों तक, जहां कनेक्टिविटी खराब है, पूरे राज्य में मोटरसाइकिल या साइकिल कारवां से पहुंचा जाता है.
इस पूरे सफर में, पंचायतें, जिला प्रशासन, बाल विवाह रोकने वाले अधिकारी (CMPOs), और दूसरे सरकारी अधिकारी जागरूकता और शपथ दिलाने की कोशिशों के लिए समुदायों से जुड़ने में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं.
यह यात्रा, जो अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर खत्म होगी, स्कूलों, ग्राम सभाओं, धार्मिक संस्थानों और ऐतिहासिक जगहों से होकर गुजरेगी, और नुक्कड़ नाटकों, सांस्कृतित कार्यक्रम और सर्वाइवर्स की कहानियों के जरिए अपना मैसेज देगी.
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाल ही में अपने होमटाउन जशपुर से 'बाल विवाह मुक्ति रथ' का उद्घाटन किया. यह रथ, जिसमें शपथ वाली दीवार और बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता संदेश हैं, 8 मार्च तक राज्य भर के गांवों और कस्बों में घूमेगा. इसी तरह, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अपने राज्य में ऐसा ही एक रथ लॉन्च किया.
इस संबंध में ईटीवी भारत से बात करते हुए, चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया के राष्ट्रीय संयोजक बिधान चंद्र सिंह, जो बाल विवाह को खत्म करने की वैश्विक पहल का हिस्सा हैं, ने बुधवार को कहा, "बाल विवाह को खत्म करने के मकसद से चलाया जा रहा यह 100 दिन का वैश्विक पहल की एक खास 'पूरी सरकार और पूरे समाज' की रणनीति का उदाहरण है."
"बाल विवाह मुक्ति रथ’ बदलाव लाने में एक उत्प्रेरक का काम करता है, जो सबसे दूर-दराज के इलाकों में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ का संदेश फैलाता है, और यह पक्का करता है कि अलग-थलग गांवों में सबसे कमजोर बच्चों तक भी पहुंचा जाए और उन्हें सुरक्षित रखा जाए."
उन्होंने कहा, "आज, बच्चों के लिए न्यायोचित अधिकार की कोशिशों, सरकार की मजबूत पहल और लगन के साथ-साथ कानून लागू करने वाली एजेंसियों की तेज कार्रवाई से, हम गर्व और भरोसे के साथ कह सकते हैं कि भारत में बाल विवाह बहुत तेजी से कम हो रहा है."
पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की पुस्तक को लेकर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया को नोटिस
11 Feb, 2026 05:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की विशेष प्रकोष्ठ ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की आत्मकथा फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी के प्रकाशन से पहले कथित रूप से लीक होने के मामले में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया को नोटिस दे दिया है। नोटिस के माध्यम से दिल्ली पुलिस की विशेष प्रकोष्ठ ने कई सवालों के जवाब मांगे हैं और प्रकाशन गृह के प्रतिनिधियों को जांच में सहयोग देने का आदेश दिया है। इसके पहले, विशेष प्रकोष्ठ ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की पुस्तक के छपने से पहले कथित रूप से लीक होने के संबंध में मामला दर्ज हुआ था।
2020 में गलवान घाटी संघर्ष की घटनाओं का वर्णन करती पूर्व सेना प्रमुख की पुस्तक के कथित रूप से लीक होने पर मचे बवाल के बीच पेंगुइन को नोटिस दिया गया है। इस मामले पर स्पष्टीकरण देकर पेंगुइन इंडिया ने कहा कि किसी पुस्तक की घोषणा या उसके प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध होने को प्रकाशन नहीं मनाना चाहिए। यह स्पष्टीकरण लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा नरवणे के 2023 के सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देने के बाद आया, इसमें उन्होंने कहा था कि उनकी आत्मकथा फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी अभी उपलब्ध है।
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया में पुस्तक प्रकाशन कैसे काम करता है, इस पर एक संक्षिप्त गाइड शीर्षक वाले बयान में प्रकाशक ने कहा, घोषित पुस्तक, प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध पुस्तक और प्रकाशित पुस्तक एक ही चीज नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब किसी पुस्तक की घोषणा की जाती है, तब इसका मतलब केवल यह है कि प्रकाशक ने भविष्य में इस पुस्तक को प्रकाशित करने की योजना साझा की है और यह पुस्तक अभी बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है।
इसी प्रकार, पुस्तक के लिए प्री-ऑर्डर लिस्टिंग एक मानक उद्योग प्रथा है, जो पाठकों और खुदरा विक्रेताओं को प्रकाशन से पहले अग्रिम ऑर्डर देने की अनुमति देती है। बयान में कहा गया है कि ऐसी लिस्टिंग यह संकेत नहीं देती कि पुस्तक प्रकाशित या उपलब्ध है। प्रकाशक ने कहा कि निर्धारित प्रकाशन तिथि एक नियोजित रिलीज़ समयरेखा को दर्शाती है और इसका मतलब यह नहीं है कि पुस्तक पहले से ही बाजार में है।
श्रीगंगानगर सड़क हादसा: जीप पलटी, थाना प्रभारी का निधन
11 Feb, 2026 02:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्रीगंगानगर| में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में महिला थाना प्रभारी सीआई ज्योति नायक की मौत हो गई। पायल थियेटर रोड पर दुर्गा मंदिर चौराहे के पास रात्रि गश्त के दौरान उनकी पुलिस जीप को तेज रफ्तार कार ने पीछे से टक्कर मार दी।राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक दिल दहला देने वाले सड़क हादसे में महिला थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक (सीआई) ज्योति नायक की मौत हो गई। रात्रि गश्त पर निकली उनकी पुलिस जीप को कार ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।जानकारी के अनुसार सीआई ज्योति नायक रात भर गश्त पर ड्यूटी कर रही थीं इसी दौरान इस सड़क दुर्घटना में मे उनकी मौत हो गई । कार चालक को भी गंभीर चोटें आई हैं। हादसे में एक अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है।
पहाड़ों पर बदलेगा मौसम का मिजाज, कई इलाकों में अलर्ट जारी
11 Feb, 2026 11:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: उत्तर भारत में मौसम फिर से बदलने वाला है। मौसम विभाग की ताजा जानकारी के अनुसार, पहाड़ी राज्यों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। इसके चलते अगले 48 घंटों में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में खराब मौसम का असर देखने को मिलेगा। इन क्षेत्रों में 11 फरवरी तक गरज-चमक के साथ बारिश और भारी बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी किया गया है। लाहौल स्पीति, कुल्लू, चमोली और आसपास के जिलों में बर्फबारी और शीतलहर की संभावना है। वहीं जम्मू-कश्मीर की घाटी में भी बर्फबारी जारी रहने के अनुमान हैं, जिससे श्रीनगर, गुलमर्ग और आसपास के इलाकों में कड़ाके की ठंड महसूस होगी।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे क्षेत्रों में बादलों ने सोमवार से डेरा डाल लिया है। लाहौल स्पीति, कुल्लू, चमोली और आसपास के जिलों में बर्फबारी और शीतलहर की संभावना है। वहीं जम्मू-कश्मीर की घाटी में भी बर्फबारी जारी रहने के अनुमान हैं, जिससे श्रीनगर, गुलमर्ग और आसपास के इलाकों में कड़ाके की ठंड महसूस होगी। तेज हवाओं के साथ बारिश के चलते यातायात और सामान्य जीवन प्रभावित हो सकता है।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे मैदानी इलाकों में फिलहाल मौसम साफ रहने का अनुमान है। दिन के समय सूरज की धूप से तापमान बढ़ने लगा है, जिससे लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली है। हालांकि, दिल्ली में मौसम साफ रहने के बावजूद वायु प्रदूषण का स्तर अभी भी उच्च है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 16 से 18 फरवरी के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में आने वाले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। राजस्थान के बाड़मेर में तापमान 31 डिग्री तक पहुंच गया है, जिससे दिन में गर्मी का एहसास हो रहा है, लेकिन सुबह और शाम में हल्की ठंड जारी रहेगी। उत्तर प्रदेश में पछुआ हवाओं के कारण सुबह हल्का कोहरा रह सकता है, लेकिन दिन में मौसम साफ रहेगा। वहीं महाराष्ट्र और गुजरात में शीतलहर लगभग खत्म होने के कगार पर है और तापमान गर्म रहने की संभावना है।
बहुमंजिला इमारत से भारी लोहे की रॉड गिरने से दो लोगों की मौत
11 Feb, 2026 10:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता । पश्चिम बंगाल के हावड़ा शहर में नगर निगम से सटी एक बहुमंजिला इमारत से भारी लोहे की रॉड गिरने से दो लोगों की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई, बाद में अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। यह हादसा मंगलवार दोपहर को उस समय हुआ, जब उक्त बहुमंजिला ट्रेड सेंटर में वेल्डिंग का काम चल रहा था। मृतकों की पहचान शेख इरफान और खोकन के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सुबह से ही इमारत की सीढ़ियों के पास लोहे की रॉड की वेल्डिंग का काम किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक एक भारी रॉड नीचे गिर गई। उस वक्त इमारत के नीचे कई लोग मौजूद थे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस ट्रेड सेंटर में कई व्यापारी अपना सामान रखते हैं। हादसे के दिन हावड़ा के मंगलाहाट में बाजार लगा हुआ था। टोपी व्यापारी शेख इरफान अपने दोस्त खोकन के साथ सामान रखने के लिए इमारत में पहुंचे थे, तभी ऊपर से गिरी लोहे की रॉड उनके सिर पर आ गिरी।
दोनों को गंभीर हालत में हावड़ा स्टेट जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर हावड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस जब इमारत की छत पर पहुंची तो वहां लोहे की रॉड और अन्य निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी मिली।
गैस रिसाव के कारण दम घुटने से तीन की मौत
11 Feb, 2026 10:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सूरत, गुजरात के सूरत शहर के लालगेट इलाके में मंगलवार को एक दंपति और उनके 13 वर्षीय बेटे का शव उनके अपार्टमेंट से बरामद किया। पुलिस ने गैस रिसाव के कारण दम घुटने से सभी की मौत होने की आशंका जताई है। पुलिस उपायुक्त राघव जैन ने बताया कि फैज अहमद (45), मुबीना (36) और नोमान (12) के शव सुबह करीब साढ़े 11 बजे बरामद किए गए। अपार्टमेंट के सभी दरवाजे और खिड़कियां बंद थीं और मुख्य दरवाजा भी अंदर से बंद था। उनके मुंह से झाग निकला हुआ था। हमने फॉरेंसिक विशेषज्ञों से बात की और मौत के संभावित कारण का पता लगाने की कोशिश की। प्राथमिक अंदेशा गैस रिसाव के कारण दम घुटने का है, क्योंकि एयर कंडीशनर और गीजर साझा क्षेत्र में हैं और पुलिसकर्मियों को वहां घुटन महसूस हुई।
फॉरेंसिक विशेषज्ञों का मानना है कि यही मौत का मुख्य कारण हो सकता है। भोजन विषाक्तता भी एक कम संभावित कारण हो सकता है। रक्त के नमूने और अन्य सभी संबंधित सबूत विशेषज्ञों को भेजे जा रहे हैं ताकि मौत के सटीक कारण का पता लगाया जा सके। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
जलवायु लक्ष्य पर भारत का बड़ा संकल्प: 2070 तक नेट-जीरो के लिए व्यापक सुधार
11 Feb, 2026 10:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: भारत मानव इतिहास के सबसे बड़े आर्थिक और ऊर्जा बदलावों में से एक की तैयारी कर रहा है. अगले पांच दशकों में, देश के पावर सिस्टम, इंडस्ट्रीज, ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और मिनरल सप्लाई चेन में बड़े बदलाव होने की उम्मीद है, क्योंकि भारत अपने दो बड़े राष्ट्रीय लक्ष्यों को पूरा करने की कोशिश कर रहा है, 2047 तक विकसित देश बनना और 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन हासिल करना.
नीति आयोग की रिपोर्ट की नई सीरीज 'विकसित भारत और नेट जीरो की ओर परिदृश्य'(Scenarios Towards Viksit Bharat and Net Zero) से यही मुख्य संदेश निकलकर आया है. इसमें पावर, इंडस्ट्री, ट्रांसपोर्ट और महत्वपूर्ण खनिजों के लिए सेक्टर-दर-सेक्टर पाथवेज (pathways) का निरीक्षण किया गया है. ये अध्ययन मिलकर इस बात की पूरी तस्वीर दिखाते हैं कि भारत के विकास और जलवायु से जुड़े लक्ष्य एक साथ कैसे आगे बढ़ सकते हैं, और इसके लिए कितने बड़े बदलाव की जरूरत होगी.
भारत के विकास की रीढ़ बनेगी बिजली
भारत की नेट-जीरो रणनीति के केंद्र में बिजली के इस्तेमाल में भारी बढ़ोतरी है. क्षेत्रीय अंतर्दृष्टि: ऊर्जा में बिजली की मांग का अनुमान दिखाता है कि भारत की कुल बिजली की मांग 2070 तक मौजूदा मूल्य से आठ गुना से भी अधिक तेजी से बढ़ सकती है, क्योंकि अर्थव्यवस्था जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) से दूर जा रही है.
नेट जीरो परिदृश्य (Net Zero Scenario) में, बिजली का इस्तेमाल 2023/24 में लगभग 1541 TWh (Terawatt-hour) से बढ़कर 2070 में लगभग 13000 TWh होने का अनुमान है. मौजूदा नीति परिदृश्य के तहत भी, बिजली का इस्तेमाल 9700 TWh से अधिक हो जाएगा, जो अर्थव्यवस्था में बड़े संरचनात्मक बदलावों को दिखाता है.
प्रति व्यक्ति बिजली की खपत, जो जीवन स्तर का एक जरूरी संकेत है, लगभग 1400 KWh के मौजूदा स्तर से तेजी से बढ़कर 2070 तक 7000 KWh और 10,000 KWh के बीच के स्तर तक पहुंचने का अनुमान है और यह फ्रांस और दक्षिण कोरिया जैसे विकसित देशों में आज के अनुमानित स्तर के करीब पहुंच जाएगी.
नेट-जीरो पाथवे के तहत अंतिम उर्जा इस्तेमाल में बिजली का हिस्सा आज के लगभग 21% से बढ़कर लगभग 60% हो सकता है, जिससे बिजली आर्थिक विकास और डीकार्बोनाइजेशन का सबसे जरूरी चालक बन जाएगी.
भारत के पावर मिक्स में होगा नवीकरणीय ऊर्जा का दबदबा
उत्सर्जन कम करते हुए डिमांड में इस बढ़ोतरी को पूरा करने के लिए भारत में बिजली बनाने के तरीके में पूरी तरह बदलाव लाना होगा.
नेट-जीरो पाथवे के तहत, कैप्टिव पावर प्लांट्स समेत कुल इंस्टॉल्ड पावर कैपेसिटी आज के लगभग 523 GW से बढ़कर 2070 तक 6,800–7,350 GW होने का अनुमान है. इस बढ़ोतरी का अधिकांश हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा से आएगा.
अकेले सोलर पावर 3,250–5,500 GW तक बढ़ सकती है, जबकि ऑनशोर विंड कैपेसिटी 1,000 GW को पार कर सकती है, जिसे 50–70 GW ऑफशोर विंड से समर्थन मिलेगा. परिणामस्वरूप, 2070 तक नॉन-फॉसिल सोर्स, इंस्टॉल्ड कैपेसिटी का 98% हिस्सा हो सकते हैं, जबकि आज यह लगभग 40% है.
भारत ने पहले ही तेजी से प्रगति की है. 2025 के बीच तक, यूटिलिटी स्केल पर लगाई गई 50% से अधिक कैपेसिटी नॉन-फॉसिल सोर्स से आएगी, जिससे वह अपनी नई जलवायु प्रतिबद्धताओं को मौजूदा प्लान से पांच साल पहले ही पूरा कर लेगा. दिसंबर 2025 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता लगभग 258 GW तक पहुंच जाएगी और भारत रिन्यूएबल एनर्जी के लिए दुनिया का चौथा सबसे बड़ा मार्केट बन जाएगा.
इसके अलावा, परमाणु ऊर्जा का रोल भी अहम होगा. इंस्टॉल्ड न्यूक्लियर कैपेसिटी अभी के 8.8 GW से बढ़कर 2070 तक 300 GW से अधिक होने का अनुमान है, जिसमें छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMRs) अधिक लचीलापन और डिस्ट्रिब्यूटेड लेवल पर तैनाती के लिए अधिक मौके देंगे.
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) आज के बहुत कम लेवल से बढ़कर 2070 तक 2,500–3,000 GW तक पहुंच जाएगा. पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज कैपेसिटी 150–165 GW तक बढ़ सकती है.
परमाणु ऊर्जा के भी अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है. इंस्टॉल्ड न्यूक्लियर कैपेसिटी आज के 8.8 GW से बढ़कर 2070 तक 300 GW से अधिक हो सकती है, जिसमें छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMRs) अधिक फ्लेक्सिबल और विकेंद्रीकृत तैनाती को मुमकिन बनाएंगे.
कोयले की खपत में तुलनात्मक रूप से तेजी से गिरावट आई है, लेकिन ग्रिड की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इसके जल्द से मध्यम अवधि में जारी रहने की उम्मीद है, हालांकि रिपोर्ट में लंबे समय तक कार्बन लॉक-इन के खिलाफ चेतावनी दी गई है.
इंडस्ट्री: कार्बन लॉक-इन के बिना विकास
भारत का औद्योगिक क्षेत्र, जो नौकरियों, निर्यात और विकास के लिए जरूरी है, एक और चुनौती का सामना कर रहा है. अभी यह भारत के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन (बिजली को छोड़कर) का लगभग 24% हिस्सा है.
क्षेत्रीय अंतर्दृष्टि: इंडस्ट्री के अनुसार, भारत की GDP 2047 तक 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकती है, जिससे स्टील, सीमेंट और एल्युमीनियम की मांग में कई गुना बढ़ोतरी होगी.
स्टील का उत्पादन 2050 तक 624 मिलियन टन और 2070 तक 821 मिलियन टन तक पहुंच सकता है. सीमेंट का उत्पादन 2070 तक लगभग 2 बिलियन टन तक बढ़ सकता है, जबकि एल्युमीनियम का उत्पादन 38 मिलियन टन तक पहुंच सकता है.
सदी के मध्य तक, भारत की प्रति व्यक्ति भौतिक खपत आज की विकसित अर्थव्यवस्थाओं के बराबर होने की उम्मीद है - अधिकता के कारण नहीं, बल्कि आवास, बुनियादी ढांचे और विनिर्माण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए.
इलेक्ट्रिफिकेशन, हाइड्रोजन और CCUS से उत्सर्जन कम होगा
आज, औद्योगिक उर्जा की 83% मांग जीवाश्म ईंधन से पूरी होती है. नेट जीरो परिदृश्य के तहत, यह 2070 तक तेजी से घटकर 26% हो जाएगी.
भविष्य में बिजली का इस्तेमाल बदल जाएगा
औद्योगिक उर्जा की खपत में बिजली का हिस्सा आज के 16% से बढ़कर 2070 में 55% हो जाएगा, जिसका मुख्य कारण स्वच्छ बिजली बनाना है. इसके अलावा, नेट जीरो उत्सर्जन तक पहुंचने के रास्ते में कुल औद्योगिक उर्जा की खपत आज की कुल ऊर्जा खपत से कम होगी, क्योंकि दक्षता में बढ़ोतरी होगी.
ग्रीन हाइड्रोजन उन इंडस्ट्रीज के लिए एक जरूरी विकल्प होगा जिन्हें कम करना मुश्किल है. 2050 तक, हाइड्रोजन की डिमांड 22 मिलियन टन और 2070 में 42 मिलियन टन हो सकती है, जो मौजूदा नीतियों के तहत आज के मुकाबले काफी अधिक है.
कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन और स्टोरेज (CCUS) भी नेट जीरो उत्सर्जन पाने के लिए एक जरूरी टूल है. भारत CCUS के इस्तेमाल से 2070 तक हर साल लगभग 1 बिलियन टन CO2 कैप्चर कर सकता है, जो ज्यादातर सीमेंट, स्टील और पेट्रोलियम रिफाइनिंग से होगा.
ट्रांसपोर्ट से कम उत्सर्जन; अधिक मोबिलिटी
परिवहन क्षेत्र अंतिम ऊर्जा खपत का लगभग 20% और कुल उत्सर्जन का लगभग 10% के लिए जिम्मेदार है. मौजूदा नीति के तहत जो होगा और दूसरी प्रस्तावित नीतियों के तहत जो होगा, उसमें काफी फर्क है.
पहले विकल्प के तहत 2070 में परिवहन में 336 मिलियन टन ऑयल-इक्विवेलेंट (Mtoe) की खपत होने का अनुमान है. नेट जीरो सिनेरियो के तहत, यात्री और माल ढुलाई बढ़ने के बावजूद यह लगभग 192–200 Mtoe तक गिर जाता है.
भविष्य में, यह बदलाव जीरो-उत्सर्जन गाड़ियों को लगभग यूनिवर्सल रूप से अपनाकर, बड़े पैमाने पर पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन डेवलपमेंट (रेल-बेस्ड माल ढुलाई सहित), और कॉम्पैक्ट अर्बन डिजाइन के जरिये नेट जीरो उत्सर्जन तक पहुंचने की ग्लोबल कोशिशों को दिखाएगा.
2070 तक ट्रांसपोर्ट एनर्जी में तेल का हिस्सा सिर्फ 21% होगा (जो आम हालात में 60% से अधिक था), जबकि बिजली का हिस्सा 45% होगा, जैव ईंधन का हिस्सा लगभग 20% होगा और ग्रीन हाइड्रोजन से शिपिंग, एविएशन और लंबी दूरी की माल ढुलाई हो सकेगी.
पब्लिक और शेयर्ड ट्रांसपोर्ट के तरीके पैसेंजर ट्रिप का लगभग 60% हो जाते हैं, जबकि मालगाड़ी का हिस्सा बढ़कर 30% हो जाता है. प्राइवेट कार ओनरशिप हर 1,000 लोगों पर 200 कारों पर स्थिर हो जाती है, जो मौजूदा नीति के मुकाबले कम है.
महत्वपूर्ण खनिज: छिपी हुई रुकावट
सोलर पैनल, बैटरी और इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) सभी मिनरल्स की बढ़ती ग्लोबल डिमांड को बढ़ा रहे हैं. असल में, क्रिटिकल मिनरल्स आकलन के अनुसार, भारत को 2070 तक नेट-जीरो पाथवे पर स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन के लिए 169 मिलियन टन मिनरल्स की जरूरत होगी, जो मौजूदा पॉलिसी के तहत जरूरत से 51% अधिक है.
इस डिमांड का दो-तिहाई से अधिक हिस्सा 2050 के बाद आएगा, जिसका मतलब है कि प्री-प्लानिंग की बहुत जरूरत है, भले ही पीक डिमांड बहुत बाद में होगी.
2050 तक कॉपर की डिमांड 20 मिलियन टन से अधिक होगी और ग्रेफाइट की डिमांड 14 मिलियन टन से अधिक हो जाएगी; इस बढ़ोतरी को बैटरी और EVs बढ़ाएंगे. कुल मिनरल डिमांड में, EVs 55% होंगी और एनर्जी स्टोरेज कुल डिमांड का 5% और होगा. सोलर एनर्जी सोर्स के लिए मिनरल डिमांड 31% (कुल का) है, जबकि अधिकांश रेयर अर्थ मिनरल्स विंड एनर्जी (परमानेंट मैग्नेट में इस्तेमाल होने वाली) के लिए जरूरी हैं.
50 करोड़ के करीब RuPay डेबिट कार्ड! अमित शाह ने दी बड़ी उम्मीद
11 Feb, 2026 09:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को CBI की नई साइबर क्राइम शाखा का उद्घाटन और I4C के राज्य अपराध समन्वय केंद्र (S4C) डैशबोर्ड का शुभारंभ भी किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि साइबर अपराध को रोकने और कम करने की दिशा में सभी एजेंसियां समन्वित होकर कार्य कर रही हैं.
RuPay डेबिट कार्ड की बढ़ती संख्या पर जोर देते हुए, शाह ने नई दिल्ली में सीबीआई द्वारा साइबर फ्रॉड से निपटने और इकोसिस्टम को खत्म करने पर आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस में बताया कि RuPay डेबिट कार्ड की संख्या 39 करोड़ 81 लाख तक पहुंच गई है, और दिसंबर 2026 तक यह आंकड़ा लगभग 50 करोड़ को पार करने की उम्मीद है.
गृह मंत्री शाह ने यह भी बताया कि पहले देश में करीब 60 करोड़ लोग ऐसे परिवारों से थे जिनके पास एक भी बैंक अकाउंट नहीं था. लेकिन, फरवरी 2026 तक 57 करोड़ से अधिक जन-धन खाते खोले जा चुके हैं.
उन्होंने कहा, "I4C, राज्य पुलिस बल, CBI, नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA), प्रवर्तन निदेशालय (ED), दूरसंचार विभाग, बैंकिंग सेक्टर, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI), और न्यायपालिका मिलकर साइबर क्राइम को रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं."
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर संस्था की एक अहम भूमिका और जिम्मेदारी होती है, और लक्षित नतीजे पाने के लिए सभी हितधारकों के बीच करीबी तालमेल जरूरी है. शाह ने कहा, "CBI और I4C की यह पहल बहुत अहम है, इससे अलग-अलग सरकारी विभागों और एजेंसियों को एक-दूसरे से जोड़ने और उनकी कोशिशों को प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी, जिससे उम्मीद के मुताबिक कामयाबी मिलेगी."
केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि पिछले 11 वर्षों में 'डिजिटल इंडिया' का सफर शानदार रहा है. उन्होंने बताया, "11 साल पहले, देश में सिर्फ 25 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता थे, जबकि आज भारत में 1 अरब से अधिक इंटरनेट यूजर हैं, और देश डिजिटल डोमेन में नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है. ब्रॉडबैंड कनेक्शन लगभग 16 गुना बढ़ गए हैं और 1 अरब का आंकड़ा भी पार कर चुके हैं."
अमित शाह ने कहा कि एक गीगाबाइट (GB) डेटा की कीमत 97 प्रतिशत कम हो गई है, जिससे इंटरनेट एक्सेस और इस्तेमाल दोनों में काफी बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि इंटरनेट यूजर्स की संख्या में बढ़ोतरी और भारतनेट (BharatNet) के जरिये संसद और पंचायतों का जुड़ना डिजिटल इंडिया की एक बड़ी कामयाबी है. केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि भारतनेट प्रोजेक्ट के तहत 11 साल पहले सिर्फ 546 ग्रामीण पंचायतें जुड़ी थीं, जबकि आज दो लाख से अधिक ग्रामीण पंचायतें इस प्रोजेक्ट से जुड़ चुकी हैं.
शाह ने कहा, "UPI ट्रांजैक्शन में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जिससे पता चलता है कि अकेले 2024 में, भारत में 181 बिलियन से अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 233 ट्रिलियन रुपये से अधिक थी."
केंद्रीय गृह मंत्री के मुताबिक, UPI के लॉन्च से पहले डिजिटल ट्रांजैक्शन की तुलना मुमकिन नहीं थी, लेकिन 2024 में 181 बिलियन से अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन हुए. इन ट्रांजैक्शन की सिक्योरिटी एक मजबूत सिस्टम पर निर्भर करती है जिसे लगातार मजबूत किया जा रहा है.
उन्होंने कहा, "अगर हम इसे वैश्विक नजरिये से देखें, तो भारत ने डिजिटल ट्रांजैक्शन में नए रिकॉर्ड बनाए हैं और दुनिया का हर दूसरा डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में हो रहा है. यह वैश्विक स्तर पर देश के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को और मजबूत और सुरक्षित करने की जरूरत को दिखाता है."
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