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विदेश व्यापार बढ़ाने की रणनीति: केंद्र ने गेहूं और चीनी के निर्यात को दी हरी झंडी
14 Feb, 2026 10:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। घरेलू बाजार (domestic market) में बंपर पैदावार और गोदामों में भरे सरप्लस स्टॉक (surplus stock) को देखते हुए केंद्र सरकार (Central government) ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने शुक्रवार को 25 लाख टन गेहूं और 5 लाख टन चीनी के निर्यात को मंजूरी दे दी है। इस फैसले का सीधा मकसद घरेलू कीमतों में स्थिरता लाना और रबी सीजन की नई फसल आने से पहले किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाना है।
खाद्य मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, गेहूं के अलावा 5 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात की भी अनुमति दी गई है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब निजी और सरकारी, दोनों ही स्तरों पर देश में अनाज का भंडार आरामदायक स्थिति में है।
गेहूं: गोदाम फुल, निर्यात का रास्ता खुला
सरकार के इस फैसले के पीछे का सबसे बड़ा कारण गेहूं का भारी स्टॉक है। आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति स्पष्ट होती है।
निजी क्षेत्र के पास स्टॉक: वित्त वर्ष 2025-26 के लिए निजी कंपनियों और व्यापारियों के पास लगभग 75 लाख टन गेहूं का स्टॉक मौजूद है। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में करीब 32 लाख टन ज्यादा है।
एफसीआई की स्थिति: भारतीय खाद्य निगम (FCI) के पास 1 अप्रैल, 2026 तक केंद्रीय पूल में लगभग 182 लाख टन गेहूं उपलब्ध होने का अनुमान है। यह आंकड़ा यह सुनिश्चित करने के लिए काफी है कि निर्यात की अनुमति देने से देश की खाद्य सुरक्षा पर कोई आंच नहीं आएगी।
बुवाई में बढ़ोतरी: रबी सीजन 2026 में गेहूं की बुवाई का रकबा बढ़कर 334.17 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले साल 328.04 लाख हेक्टेयर था। यह दर्शाता है कि किसानों ने एमएसपी और सरकारी खरीद पर भरोसा जताते हुए जमकर बुवाई की है और इस बार भी बंपर पैदावार की उम्मीद है।
चीनी मिलों को नई राहत
गेहूं के साथ-साथ सरकार ने चीनी उद्योग को भी राहत दी है। चीनी सत्र 2025-26 के लिए ‘इच्छुक’ चीनी मिलों को अतिरिक्त 5 लाख टन चीनी निर्यात करने की अनुमति दी गई है।
पिछला ट्रैक रिकॉर्ड: इससे पहले 14 नवंबर, 2025 को सरकार ने 15 लाख टन चीनी निर्यात की अनुमति दी थी। हालांकि, मिलों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 31 जनवरी, 2026 तक केवल 1.97 लाख टन चीनी का ही निर्यात हो पाया है, जबकि लगभग 2.72 लाख टन के सौदे अनुबंधित हो चुके हैं।
कड़ी शर्तें: अतिरिक्त पांच लाख टन का कोटा केवल उन मिलों को दिया जाएगा जो इसके लिए इच्छा जताएंगे। शर्त यह है कि आवंटित कोटे का कम से कम 70% हिस्सा 30 जून, 2026 तक निर्यात करना अनिवार्य होगा। आवंटन प्रो-राटा (अनुपातिक) आधार पर होगा और मिलों को आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर अपनी सहमति देनी होगी। सबसे अहम बात यह है कि इस निर्यात कोटे को किसी दूसरी मिल के साथ बदला नहीं जा सकेगा।
सरकार का यह कदम बाजार में लिक्विडिटी (तरलता) सुधारने और पीक सीजन में ‘डिस्ट्रेस सेल’ (औने-पौने दाम पर बिक्री) को रोकने के लिए उठाया गया है। निर्यात खुलने से घरेलू बाजार में कीमतों को सपोर्ट मिलेगा, जिससे किसानों की आय सुरक्षित रहेगी।
लखनऊ, अयोध्या और काशी की 19 कचहरी में बम धमकी, सुरक्षा कारणों से परिसर खाली कराया गया
14 Feb, 2026 09:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। यूपी में लखनऊ, अयोध्या और वाराणसी (Lucknow, Ayodhya and Varanasi) समेत 19 जिलों की कचहरी (court) में बम विस्फोट करने की धमकी भरे मेल से हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही कचहरी परिसर को तत्काल खाली करा लिया गया है। इस घटना के मद्देनजर पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कचहरी को वकीलों व वादकारियों से खाली कराया जा रहा है। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और परिसर की गहन तलाशी ली जा रही है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है।
धमकी भरे मेल की जांच की जा रही है कि यह किसने और क्यों भेजा है। सीजेएम ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल ली है। सीओ सिटी सहित काफी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। फिलहाल, किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। सूत्रों का कहना है कि धमकी भरा मेल जिला जज की मेल आईडी पर आया था। हिंदी में लिखे गए मेल में कहा गया था कि आज दोपहर डेढ़ बजे जुम्मे के बाद कचहरी को बम से उड़ा दिया जाएगा। बच सको तो बच लो।
लखनऊ सिविल कोर्ट में चलाया जा रहा सर्च ऑपरेशन
लखनऊ के सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा मेल मिलने के बाद कोर्ट परिसर में जांच और सुरक्षा एजेंसीयां पहुंची हैं। स्थानीय पुलिस के साथ मौके पर अफसर मौजूद हैं। एलआईयू, बीडीडीएस और डॉग स्क्वाड के साथ सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद कोर्ट के सभी एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर सुरक्षाकर्मी सतर्क हो गए है। फिलहाल कोर्ट का कामकाज रोक दिया गया है और कैसरबाग स्थित सिविल कोर्ट में ढूंढने के लिए फोर्स सर्च ऑपरेशन चला रही है।
सबरीमाला मंदिर मामले में पंकज भंडारी को राहत नहीं, गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका खारिज
14 Feb, 2026 08:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुवनंतपुरम। बहुचर्चित सबरीमाला सोना चोरी मामले में केरल हाईकोर्ट ने चेन्नई स्थित कंपनी स्मार्ट क्रिएशंस के सीईओ पंकज भंडारी की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट कहा कि गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने के लिए पर्याप्त आधार प्रस्तुत नहीं किए गए। न्यायमूर्ति ए बदरुद्दीन ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया में ऐसा कोई गंभीर उल्लंघन नहीं पाया गया, जिससे उसे अवैध ठहराया जा सके।
स्मार्ट क्रिएशंस के सीईओ पंकज भंडारी ने अपनी याचिका में दावा किया था कि उनकी गिरफ्तारी अवैध है, क्योंकि अनिवार्य प्रक्रियाओं (जैसे गिरफ्तारी की सूचना देना और कारण बताना) का पालन नहीं किया गया। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने इन दावों को निराधार बताते हुए कहा कि सभी कानूनी औपचारिकताओं का पालन किया गया था। अदालत ने माना कि गिरफ्तारी अधिकारी द्वारा भंडारी को समय पर विशेष विजिलेंस अदालत, कोल्लम में पेश नहीं किया जा सका, लेकिन यह देरी चिकित्सकीय परीक्षण और तिरुवनंतपुरम से कोल्लम तक लगभग 71 किलोमीटर की दूरी तय करने के कारण हुई। न्यायालय ने कहा कि केवल इस आधार पर गिरफ्तारी को अवैध नहीं माना जा सकता।
देरी की वजह क्या, किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा? दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल की पूरी कहानी
14 Feb, 2026 01:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नमो भारत ट्रेन का संचालन होने की कवायद अब धरातल पर दिखने लगी है। 22 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेरठ पहुंचकर नमो भारत और मेट्रो ट्रेन सेवा का विधिवत शुभारंभ करेंगे। मोहिउद्दीनपुर में प्रस्तावित रैली को लेकर जिला प्रशासन युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटा है।स्थानीय निवासियों का मानना है कि जहां बेगमपुल और मोदीपुरम स्टेशनों पर अभी कार्य प्रगति पर है, वहीं शताब्दीनगर स्टेशन पूरी तरह बनकर तैयार नजर आ रहा है। यदि शताब्दीनगर स्टेशन से परिचालन शुरू होता है तो हापुड़ रोड और गढ़ रोड क्षेत्र की लाखों की आबादी को सीधा फायदा होगा। ये लोग बिजली बंबा बाईपास के रास्ते सीधे स्टेशन पहुंचकर अपनी यात्रा शुरू कर सकेंगे।
ट्रायल पूरा, अब संचालन का इंतजार
वर्तमान में नमो भारत का संचालन नई दिल्ली के न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ स्टेशन तक हो रहा है। पिछले साल फरवरी से ही शताब्दीनगर स्टेशन तक ट्रायल रन शुरू कर दिया गया था। यदि तभी से ट्रेन का विस्तार हो जाता तो यात्रियों के लिए दिल्ली जाना काफी पहले सुलभ हो जाता। बताया जा रहा है कि काम अधूरा था, इसलिए इसके संचालन में देरी हो रही है। मेरठ साउथ स्टेशन फिलहाल रैपिड कॉरिडोर का शहर में पहला मुख्य स्टेशन है जिसे एक ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया गया है। यहां न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। यात्रियों की भारी संख्या को देखते हुए यहां 1200 वाहनों की क्षमता वाली सबसे बड़ी पार्किंग बनाई गई है जबकि शताब्दीनगर स्टेशन पर भी 800 वाहनों के लिए पार्किंग तैयार की जा रही है।
स्टेशनों की स्थिति और कनेक्टिविटी
शताब्दीनगर स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए सड़क के दोनों ओर दो प्रवेश-निकास द्वार बनाए गए हैं। इस छह किलोमीटर के अतिरिक्त खंड में शताब्दीनगर नमो भारत स्टेशन के अलावा परतापुर और रिठानी के दो मेट्रो स्टेशन भी शामिल होंगे। वहीं बेगमपुल अंडरग्राउंड स्टेशन का सिविल कार्य 100 फीसदी पूरा होने का दावा किया जा रहा है। पिछले साल 27 जून से सराय काले खां से मोदीपुरम तक के पूरे 82 किमी रेलखंड पर सफल ट्रायल रन शुरू हुआ था। फिलहाल नमो भारत और मेट्रो दोनों का ट्रायल चल रहा है। मेरठ साउथ तक तीन महीने के सफल ट्रायल के बाद 18 अगस्त 2024 से परिचालन शुरू हुआ था।
इन कॉलोनियों को होगा सबसे ज्यादा लाभ
पिछले साल 9 फरवरी से शताब्दीनगर तक ट्रायल रन शुरू होने के बावजूद व्यावसायिक परिचालन शुरू न होने से स्थानीय लोगों में बेसब्री है। लोगों का कहना है कि इसके शुरू होते ही शास्त्रीनगर, जागृति विहार, मंगल पांडे नगर, अजंता कॉलोनी, दामोदर कॉलोनी, प्रेमप्रयाग और जय भीम नगर के लोगों के लिए दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों की दूरी सिमट जाएगी। बिजली बंबा बाईपास के जरिए शताब्दीनगर स्टेशन पहुंचकर लोग कम समय में अपने कार्यस्थलों तक पहुंच सकेंगे।
वंदे मातरम विवाद पर ओवैसी बोले – देशभक्ति नारे से नहीं, संविधान से तय होगी
14 Feb, 2026 01:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद| तेलंगाना में हुए नगरपालिका चुनाव और फिर सामने आए नतीजों ने पूरे राज्य की राजनीत में गर्माहट तेज कर दी है। इसी बीच एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक साथ कई संसद, हिजाब, वंदे मातरम समेत कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। ओवैसी ने कहा कि यह वफादारी की परीक्षा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान ‘वी द पीपल’ यानी ‘हम भारत के लोग’ से शुरू होता है, न कि ‘भारत माता की जय’से।
देश
ओवैसी ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 25 हर नागरिक को धर्म की स्वतंत्रता का मूल अधिकार देता है। ऐसे में किसी की देशभक्ति को किसी नारे से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राष्ट्रीय गान को खत्म करने की कोशिश की जा रही है? ओवैसी ने कहा कि उन्हें अपनी वफादारी का कोई प्रमाणपत्र देने की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि हर नागरिक को अपने धर्म और विचारों के अनुसार जीने की आजादी है और यही संविधान की भावना है।
भाजपा पर साधा निशाना
उन्होंने तेलंगाना में हुए चुनाव को लेकर भाजपा पर जमकर निशाना साधा। ओवैसी ने कहा कि तेलंगाना नगरपालिका चुनाव के दौरान भाजपा नेता हर पांच मिनट में उनका नाम तीन बार लेते थे, जिससे ऐसा लगता है कि वे उन्हें पसंद करते हैं। इसके साथ ही आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की तरफ से वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग पर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी। ओवैसी ने कहा कि अगर वे चाहें तो नाथूराम गोडसे को भी भारत रत्न दे सकते हैं।ओवैसी ने कहा कि तेलंगाना में उनकी पार्टी संरचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभा रहा है, जबकि सरकार केवल तब लाभान्वित होती है जब संसद काम नहीं करती। उन्होंने यह भी बताया कि विपक्ष ने जो दस्तावेज पेश किया, वह सार्वजनिक दस्तावेज था और सरकार इसे खारिज नहीं कर रही।
हिजाब को लेकर क्या बोले
ओवैसीन्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान ओवैसी ने हिजाब को लेकर भी अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि मैं देश की विविधता और समावेशिता को बढ़ावा दे रहा हूं, और मेरा सपना है कि एक हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री बने।इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान 'कयामत कभी नहीं आएगी और बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण नहीं होगा' पर ओवैसी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कम से कम उन्होंने उर्दू का शब्द इस्तेमाल किया, जबकि हिंदी में ऐसा कोई शब्द नहीं है।
बाबरी मस्जिद पर क्या बोले ओवैसी
बाबरी मस्जिद के सुप्रीम कोर्ट फैसले पर भी ओवैसी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मैं अब भी मानता हूं कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला गलत था। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के एक वीडियो पर उन्होंने कहा कि यह वीडियो जातिगत भेदभाव और हिंसा भड़काने वाला था। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह वीडियो ओवैसी ने बनाया होता, तो क्या होता।
एयर इंडिया पर नियामक की बड़ी कार्रवाई, गड़बड़ी उजागर होने के बाद 1 करोड़ दंड
13 Feb, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एयर इंडिया पर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। एविएशन रेगुलेटर ने गंभीर उल्लंघन को लेकर यह कार्रवाई की है। साथ ही सिक्योरिटी में चूक के लिए डीजीसीए ने एयर इंडिया के टॉप-लेवल मैनेजमेंट को जिम्मेदार भी ठहराया है। बता दें कि बिना वैलिड एयरवर्दीनेस परमिट के आठ बार एयरबस A320 प्लेन ऑपरेट करने पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एविएशन रेगुलेटर ने इस उल्लंघन को 'गंभीर' बताया है।
डीजीसीए के ऑर्डर में क्या कहा गया?
जुर्माना लगाने वाले डीजीसीए के ऑर्डर में कहा गया है कि एयरबस A320 एयरक्राफ्ट को पिछले साल 24 और 25 नवंबर के बीच नई दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद को जोड़ने वाली फ्लाइट्स समेत कई सेक्टर्स पर बिना जरूरी एयरवर्दीनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (एआरसी) के उड़ाया गया था।
एआरसी एक जरूरी सालाना सर्टिफिकेशन है जो एविएशन रेगुलेटर तब जारी करता है जब कोई एयरक्राफ्ट तय सेफ्टी और कम्प्लायंस चेक को सफलतापूर्वक पास कर लेता है। इसके बिना उड़ान भरना एविएशन सेफ्टी नॉर्म्स का गंभीर उल्लंघन है।
नियम तोड़ने पर एयर इंडिया ने क्या कहा?
सूत्रों के मुताबिक, डीजीसीए ने इस नियम तोड़ने पर सख्त रुख अपनाया और इसे एयरलाइन का लापरवाह रवैया बताया। उधर, डीजीसीए के ऑर्डर पर एयर इंडिया के एक स्पोक्सपर्सन ने जवाब दिया।
एक बयान में उन्होंने कहा- एयर इंडिया इस बात को मानता है कि उसे 2025 में रिपोर्ट की गई एक घटना के बारे में DGCA का ऑर्डर मिला था।
तब से सभी पहचानी गई कमियों को ठीक कर दिया गया है और अथॉरिटी के साथ शेयर किया गया है। एयर इंडिया ऑपरेशनल इंटेग्रिटी और सेफ्टी के सबसे ऊंचे स्टैंडर्ड बनाए रखने के अपने कमिटमेंट पर अडिग है।
वाराणसी कचहरी में बम धमकी से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
13 Feb, 2026 07:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाराणसी। वाराणसी (Varanasi) जिले में उस समय हड़कंप (commotion) मच गया जब जिला जज (District Judge) के ई-मेल पर कचहरी को बम से उड़ाने (bomb threat) की धमकी मिली। इसकी जानकारी मिलते ही बार पदाधिकारियों ने बैठक की। वहीं कचहरी परिसर में गहमागहमी का माहौल हो गया। रात 1.30 बजे ई-मेल पर धमकी भरा मैसेज आने की जानकारी मिली है।
जिला जज को ई-मेल पर मिली धमकी के बाद कचहरी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार और कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा फोर्स और बम निरोधक दस्ते के साथ कचहरी में चेकिंग अभियान चला रहे हैं।
वहीं, अधिवक्ताओं ने भी अपने स्तर से चैंबर और संदिग्ध सामानों की जांच शुरू कर दी है। उधर, साइबर सेल की ओर से ई-मेल की जांच की जा रही है।
सेंट्रल बार अध्यक्ष प्रेमप्रकाश सिंह गौतम ने बताया कि जिला जज ने दोनों बार के अध्यक्ष महामंत्री को अपने चैंबर में बुलाकर जानकारी दी कि उनके यहां ई-मेल आया है, जिसमें डेढ़ बजे आतंकवादी संगठनों ने कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी दी है। ऐसे में सभी मामलों में तारीखें दी जा रही हैं और कचहरी खाली करने का अनुरोध किया गया है।
बम निरोधक दस्ता ने मौके पर पहुंचकर गहनता से कचहरी परिसर की जांच की। इसकी जानकारी मिलते ही भारी संख्या में पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंची। साथ ही अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था शिवहरि मीणा भी कचहरी पहुंचे। उन्होंने जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
मौके पर भारी पुलिस फोर्स
मौके पर तीन कंपनी पीएसी, डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी और चार इंस्पेक्टर समेत 50 से अधिक पुलिस कर्मियों की टीम कचहरी में जांच अभियान चला रही है।
जिला जज को एक लाइन में ई-मेल पर धमकी मिली कि अधिवक्ताओं और जजों को बम से उड़ाया जाएगा। यह सूचना आग की तरह पूरे शहर में फैल गई है। सूचना पर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे।
वाराणसी कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद कैंट रेलवे स्टेशन पर भी चेकिंग अभियान चलाया गया। काउंटर से लेकर प्रवेश द्वार तक और सभी प्लेटफार्म पर पहुंचकर सुरक्षाकर्मियों ने जांच की।
जयपुर में दिल दहला देने वाली वारदात, पिता ने 8 महीने की मासूम की हत्या की
13 Feb, 2026 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जयपुर: राजधानी के मालपुरा गेट थाना इलाके में एक हैवान पिता ने अपनी मात्र 8 महीने की मासूम बेटी की कैंची से गला काटकर हत्या कर दी. इसके बाद आरोपी ने शव को कंबल में छुपाकर खुद भी आत्महत्या करने का प्रयास किया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. जयपुर (पूर्व) डीसीपी संजीव नैन ने बताया कि लालापुरवा (उत्तर प्रदेश) निवासी शादाब मोहम्मद पर अपनी बेटी की हत्या का आरोप है. ये घटना 6 फरवरी की है, लेकिन पुलिस ने आरोपी को आज गिरफ्तार करके घटना का खुलासा किया है. पुलिस अब उससे पूछताछ और मामले की जांच जारी है. बच्ची की मां ने मालपुरा गेट थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है.
ससुराल लौटने की बात पर शुरू हुआ विवाद: डीसीपी संजीव नैन ने बताया कि पीड़िता ने अपनी रिपोर्ट में जानकारी दी कि उसके पिता उसे और उसकी 8 महीने की बेटी शहनाज को लालपुरवा से सांगानेर लेकर आए थे. दो दिन बाद आरोपी शादाब भी पुणे से आ गया और उनके साथ रहने लगा. 6 फरवरी को सुबह करीब 10 बजे आरोपी ने पत्नी से ससुराल चलने को कहा. पत्नी ने तीन-चार दिन बाद चलने की बात कही तो कहासुनी हो गई और विवाद बढ़ गया.
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पत्नी से मारपीट, साले पर भी हमला: इसके बाद आरोपी ने पत्नी के साथ मारपीट की और गला दबाने का प्रयास किया. इस दौरान पीड़िता का छोटा भाई सोहिल बीच-बचाव करने आया तो शादाब ने केतली से उसके सिर पर हमला कर दिया. आसपास के लोगों ने बीच-बचाव किया और समझाइश की. लोगों के जाने के बाद शादाब मासूम बच्ची को कमरे में ले गया और कमरा बंद कर लिया.
कमरे में ले जाकर काटा बच्ची का गला: डीसीपी ने बताया कि कमरे में जाकर आरोपी ने कैंची से बच्ची का गला काटकर हत्या कर दी और खुद भी आत्महत्या करने का प्रयास किया. परिजनों और पड़ोसियों ने कमरे का दरवाजा तोड़कर आरोपी को संभाला, लेकिन जब कंबल हटाकर देखा तो बच्ची लहूलुहान पड़ी थी. सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को जयपुरिया अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती करवाया. जांच के बाद डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी शादाब मोहम्मद को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है. मामले में आगे की जांच जारी है.
कचरा प्रबंधन नियमों में बार-बार बदलाव से जमीनी हकीकत में सुधार नहीं होगा: सुप्रीम कोर्ट
13 Feb, 2026 05:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों में बार-बार बदलाव करने से जमीनी हकीकत में तब तक सुधार नहीं होगा, जब तक अधिकारी आगामी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों, 2026 के हिसाब से कचरा प्रबंधन के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत नहीं करते.
जस्टिस पंकज मिथल और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ ने यह बात भोपाल नगर निगम की अर्जी पर सुनवाई करते हुए कही, जिसमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT), सेंट्रल जोनल बेंच, भोपाल द्वारा लगाए गए भारी पर्यावरण क्षतिपूर्ति (Environmental Compensation) को चुनौती दी गई थी. एनजीटी ने 31 जुलाई, 2023 और 11 अगस्त, 2023 के अपने विवादित आदेशों से भोपाल नगर निगम को क्रमशः 1.80 करोड़ रुपये और 121 करोड़ रुपये का पर्यावरण क्षतिपूर्ति देने का निर्देश दिया था.
नगरपालिका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को नियंत्रित करने वाले बदलते कानूनी सिस्टम पर ध्यान देते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट (मैनेजमेंट और हैंडलिंग) रूल्स, 2000 को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 से बदल दिया गया था, जिनकी जगह अब सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2026 ने ले ली है, जो 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाले हैं.
हालांकि, जस्टिस मिथल की अध्यक्षता वाली पीठ ने ग्राउंड लेवल पर लागू करने में कमी पर चिंता जताई. आदेश में कहा गया, "कोर्ट का मानना है कि जमीनी स्तर पर कई कारणों से कानूनी प्रणाली से मनचाहा नतीजा नहीं मिल रहा है."
नए नियमों को लागू करने को 'अच्छा कदम' बताते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि जब तक तैयारी का काम समय पर पूरा नहीं हो जाता, तब तक सिर्फ नए नियमों की अधिसूचना काफी नहीं होगी.
पीठ ने टिप्पणी की, "नए नियमों की शुरुआत, हालांकि एक स्वागत योग्य कदम है, अधिकारियों से प्रभावी तिथि निर्धारित होने से पहले काम पूरा करने की उम्मीद है, अन्यथा 2026 के नियम जमीनी हकीकत में सुधार नहीं करेंगे."
यह देखते हुए कि आगामी 2026 नियमों के अनुसार पर्याप्त बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करना आवश्यक होगा, सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "इसलिए, मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए, यह सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि 2026 नियमों के अनुसार अपशिष्ट प्रबंधन के लिए बुनियादी ढांचा प्रदान किया जाए."
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पीठ ने अपीलकर्ता भोपाल नगर निगम को दोनों अपीलों में केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को पक्षकार के रूप में शामिल करने का निर्देश देकर कार्यवाही का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा. कोर्ट ने निर्देश दिया कि इन अधिकारियों को प्रतिवादी के रूप में जोड़ा जाए: अतिरिक्त मुख्य सचिव, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (मध्य प्रदेश) और प्रधान सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग (मध्य प्रदेश).
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया, "अपीलकर्ता को निर्देश दिया जाता है कि वह बदलाव करे और अगली सुनवाई के दिन या उससे पहले बदला हुआ केस टाइटल (मामले का विवरण) दे."
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई 19 फरवरी को निर्धारित की है.
आज से बदल गया PMO का पता, अब सेवा तीर्थ से चलेगी सरकार, पीएम मोदी ने किया उद्घाटन
13 Feb, 2026 05:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
PM Modi Inauguration PMO: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को नए प्रधानमंत्री ऑफिस ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन किया है. आज से देश का पॉवर सेंटर बदल गया है. पीएम मोदी ने दोपहर करीब 1 बजकर 30 मिनट पर ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन किया है. नया ऑफिस प्रशासनिक कार्यों को आधुनिक और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए लगभग सभी सुविधाओं से लैस बनाया गया है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नए कार्यालय में वित्त मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, कानून और न्याय मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, रसायन और उर्वरक मंत्रालय तथा जनजातीय मामलों का मंत्रालय स्थित हैं. इसके अलावा इस परिसर में कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं. डिजिटल रूप से जुड़े ऑफिस, जनता से संपर्क के लिए अलग और व्यवस्थित जोन और रिसेप्शन की भी व्यवस्था की गई है.
13 फरवरी 1931 में दिल्ली बनी थी राजधानी
‘सेवा तीर्थ’ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय एक ही परिसर में आ गए हैं, जो पहले अलग-अलग स्थानों पर संचालित होते थे. बता दें, 13 फरवरी को ही नई दिल्ली 1931 में औपचारिक रूप से भारत की राजधानी बनी थी. आज से इसे 95 साल पूरे हो गए हैं. शायद यही वजह रही होगी कि ‘सेवा तीर्थ’ के उद्घाटन की डेट 13 फरवरी रखी गई.
1189 करोड़ की लागत से बना नया PMO
बता दें, साउथ ब्लॉक स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में पिछले 80 सालों से कैबिनेट मीटिंग होती आई है. लेकिन अब आज से साउथ ब्लॉक में कैबिनेट की मीटिंग नहीं होगी. नए कार्यालय सेवा तीर्थ-1 में प्रधानमंत्री कार्यालय, सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में NSA एवं राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय बनाया गया है. जिसकी कुल लागत 1,189 करोड़ रुपए है. यह लगभग 2 लाख 26 हजार वर्ग फुट में फैला हुआ है.
पहले ही दिन मिली मंजूरी
पीएम मोदी नए कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में पहले ही दिन काम शुरू करते ही कई अहम फैसलों पर हस्ताक्षर किए हैं. जिसमें पीएम राहत योजना, लखपति दीदी का लक्ष्य दोगुना, किसानों के लिए बड़ा ऐलान और इसके अलावा स्टार्टअप इंडिया फंड 2.0 को मंजूरी दी है.
रहस्यमयी मेल से हड़कंप: एपस्टीन फाइल्स में नाम होने का दावा, CEO के उड़ गए होश
13 Feb, 2026 04:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। आईआईटी हैदराबाद के एक छात्र की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। वजह है ईमेल, जिसकी सब्जेक्ट लाइन ने सीधे सीईओ को चौंका दिया और इंटरनेट पर बहस छेड़ दी। लेगिट एआई के फाउंडर और सीईओ हर्षदीप रापाल को जो मेल मिला, उसकी सब्जेक्ट लाइन थी- आपका नाम एपस्टीन फाइलों में है। यह पढ़ते ही रापाल सन्न रह गए, लेकिन जब उन्होंने ईमेल खोला, तो कहानी कुछ और निकली। पहली ही लाइन थी- मजाक कर रहा था, मैं चाहता था कि आप मेल खोलें। यानी पूरा मामला सिर्फ अटेंशन पाने का था।
मेल भेजने वाला सीएसई का छात्र था उसने आगे लिखा कि कंपनी की वेबसाइट देखी और खासतौर पर स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स असिस्टेंट की अवधारणा में उसकी दिलचस्पी है। उसने अपना परिचय दिया, चर्चा की इच्छा जताई और अपना रिज्यूम भी भेजा। मकसद साफ तौर पर पेशेवर था, लेकिन शुरुआत इतनी चौंकाने वाली थी कि वही चर्चा का केंद्र बन गई। रापाल ने इस मेल का स्क्रीनशॉट शेयर किया, छात्र का नाम छुपाते हुए साफ संदेश दिया- दोस्तों, कृपया ऐसा न करें। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी अनुबंधों के कारोबार में काम करती है, जो बेहद गंभीर क्षेत्र है। यहां जवाबदेही, स्वामित्व और पेशेवर रवैया सबसे अहम है। अगर पहला ईमेल ही ऐसे सब्जेक्ट और ओपनिंग मैसेज से भरा हो, तो ज्यादातर फाउंडर जवाब देना पसंद नहीं करेंगे।
पोस्ट वायरल होते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने छात्र के तरीके को अपरिपक्व बताया। किसी ने कहा कि इस सोच के साथ, भले ही उम्मीदवार कितना भी कुशल क्यों न हो, नौकरी मिलना मुश्किल है तो किसी ने इसे गैर-गंभीर और अस्वीकार्य करार दिया। इस पूरे मामले ने एक बार फिर साफ कर दिया-वायरल होने की कोशिश और प्रोफेशनल छवि बनाने में जमीन-आसमान का फर्क है। पहला ईमेल ही आपकी पहचान बनाता है। गलत शुरुआत और मौका शुरू होने से पहले ही खत्म।
बेटी की मौत का सदमा, पिता ने भी तोड़ा दम; 262 करोड़ रुपये का मुआवजा तय
13 Feb, 2026 02:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुछ साल पहले अमेरिका में पुलिस की एक दुर्घटना में 23 वर्षीय भारतीय छात्रा जाह्नवी कंदुला का निधन हो गया था। अब उसके परिवार को उस समय दूसरा बड़ा झटका लगा जब 29 मिलियन अमेरिकी डॉलर के मुआवजे के समझौते की घोषणा से ठीक दो दिन पहले उनके पिता का निधन हो गया। 23 जनवरी, 2023 को जाह्नवी सड़क पार कर रही थी, उस समय एक तेज रफ्तार सिएटल पुलिस वाहन ने उसे टक्कर मार दी। उस समय संबंधित अधिकारी एक आपातकालीन कॉल का जवाब दे रहा था।शोक समय में मुआवजे की बात करने उचित नहीं जाह्नवी के एक रिश्तेदार ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि सेवानिवृत्त पुलिस कांस्टेबल कंदुला श्रीकांत का 10 फरवरी को कुरनूल जिले में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उन्होंने आगे कहा कि "श्रीकांत का अंतिम संस्कार बुधवार को अडोनी में किया गया, जबकि परिवार एक और विनाशकारी क्षति से जूझ रहा था।" परिवार इस समय शोक में है और मुआवजे की राशि के बारे में बात करना उचित नहीं है। वहीं, जाह्नवी नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी के सिएटल कैंपस में सूचना प्रणाली में मास्टर की छात्रा थीं।
राफेल के बाद S-400 के लिए मिसाइलें खरीदेगा भारत, रूस के साथ डील डन, Op सिंदूर में पाक के लिए बनी थीं काल
13 Feb, 2026 12:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
S-400 Deal: रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को बड़ा फैसला लिया है. भारतीय सेना की ताकत को बढ़ाने के लिए रूस से एस-400 वायु रक्षा प्रणाली के लिए 288 मिसाइलें खरीदने की मंजूरी दी है. इसके अलावा फ्रांस से 114 लड़ाकू विमान और अमेरिका से 6 समुद्री निगरानी विमान खरीदने को मंजूरी मिल गई है. रक्षा मंत्रालय की इस बैठक में करीब 3 लाख 60 हजार करोड़ रुपए के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली कमिटी अंतिम मुहर लगाएगी. खास बात यह है कि इसमें ज्यादातर हथियार ‘मेड इन इंडिया’ पर जोर दिया गया है. यहां जानें किन-किन हथियारों को मिली मंजूरी?
ऑपरेशन सिंदूर के समय S-400 की ताकत को दुनिया ने देखा. इस दौरान पहले से मौजूद मिसाइलें खर्च हो गईं, जिसकी वजह से सेना के भंडार में कमी आई. इस कमी को पूरा करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने 288 मिसाइलें खरीदने की मंजूरी दे दी है, जो लगभग 10 हजार करोड़ रुपए की कीमत का पड़ेगा. रक्षा मंत्रालय ने जिन मिसाइलों को खरीद की मंजूरी दी है, उसमें 120 छोटी दूरी की और 168 लंबी दूरी की मिसाइलें शामिल हैं. इन्हें बहुत जल्दी खरीदने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है. ताकि भारतीय सेना पूरी ताकत के साथ तैयार रहे.
Op सिंदूर में दिखाया था जलवा
इस डील के साथ ही रूस से अभी बचे हुए दो S-400 के दस्ते जून और नवंबर के महीने में आने वाले हैं. गुरुवार को रक्षा मंत्रालय की बैठक में जिस मिसाइल की डील हुई, उसमें S-400 के लिए 40 किलोमीटर, 150 किलोमीटर, 200 किलोमीटर और 400 किलोमीटर दूरी तक मारक क्षमता वाली मिसाइलें खरीदी जाएंगी. ये मिसाइलें इतनी ताकतवर होती हैं कि अपने दुश्मनों को जमीन से हवा में नष्ट कर देंगी. इन मिसाइलों को उपयोग हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किया गया था, जिसमें सेना ने पाकिस्तान के 314 किलोमीटर अंदर घुसकर निशाना लगाया था.
3 लाख 60 हजार करोड़ के रक्षा प्रस्ताव की मंजूरी
S-400 के लिए मिसाइलों के अलावा DAC ने गुरुवार को लगभग 3 लाख 25 हजार करोड़ रुपए की कीमत के 114 अतिरिक्त राफेल खरीदने की मंजूरी दी है. अभी भारत के पास सिर्फ 36 राफेल है. अमेरिका से जिन 6 समुद्री निगरानी विमान खरीदने पर मुहर लगाया गया है, उनका सौदा करीब 30 हजार करोड़ रुपए में हुआ है. यानी कुल मिलाकर 3 लाख 60 हजार करोड़ रुपए के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है.
फ्रांस के साथ बड़ी डिफेंस डील को मंजूरी...सेना की बढ़ेगी ताकत
13 Feb, 2026 11:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश की सुरक्षा व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए रक्षा अधिग्रहण परिषद यानी डीएसी ने एक ऐतिहासिक खरीद को मंजूरी दी है। परिषद ने भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों और नौसेना के लिए 6पी-8आई पोसीडॉन समुद्री निगरानी विमानों की खरीद के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। इसे भारत की अब तक की सबसे बड़ी रक्षा खरीद योजनाओं में से एक माना जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये बताई गई है।
इस सौदे का सबसे अहम पहलू वायुसेना की गिरती स्क्वाड्रन संख्या को संभालना है। 114 नए राफेल विमानों के शामिल होने से भारतीय वायुसेना को 6 से 7 नए स्क्वाड्रन मिलेंगे। वर्तमान में वायुसेना के पास लगभग 30 स्क्वाड्रन हैं, जबकि देश की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए 42 स्क्वाड्रन की आवश्यकता है। डीएसी की मंजूरी मिलने के बाद अब यह प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) के पास भेजा जाएगा।
नौसेना की समुद्री निगरानी भी होगी मजबूत
आसमान के साथ-साथ समंदर में भी भारत की निगरानी क्षमता बढऩे वाली है। डीएसी ने नौसेना के बेड़े में 6 नए 6पी-8आई एयरक्राफ्ट जोडऩे को मंजूरी दी है। भारतीय नौसेना पहले से ही 12 6पी-8आई विमानों का संचालन कर रही है। इन नए विमानों के आने से हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री निगरानी और पनडुब्बी रोधी (एंटी सबमरीन) क्षमता को और अधिक मजबूती मिलेगी।
भारत के पास अब दुनिया की ग्लोबल जीडीपी के 70 प्रतिशत हिस्से तक सीधी पहुंच - पीयूष गोयल
13 Feb, 2026 09:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत के पास अब दुनिया की ग्लोबल जीडीपी के 70 प्रतिशत हिस्से तक सीधी पहुंच है और ज्यादातर वैश्विक बाजारों में भारतीय निर्यात पर जीरो ड्यूटी है। यह बयान वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को दिया। राष्ट्रीय राजधानी में एक इवेंट में गोयल ने कहा कि भारत ने पिछले तीन वर्षों में 38 देशों के साथ नौ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) किए हैं। इसमें उच्च आय वर्ग वाले देश भी शामिल हैं और दुनिया के ज्यादातर विकसित बाजारों तक अब भारतीय निर्यातकों की पहुंच है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 27-राष्ट्रों के ब्लॉक यूरोपीय संध, चार-राष्ट्र के ब्लॉक ईएफटीए, यूके, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड, संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ भारत ट्रेड डील कर चुका है, जबकि जापान और कोरिया आसियान देशों के साथ व्यापार समझौते पहले संपन्न हुए थे।
गोयल ने भारत के मेडटेक सेक्टर के आग्रह किया कि वह घरेलू बाजार से आगे बढ़कर देखें और भारत के व्यापार समझौतों का लाभ उठाएं, जो कि दुनिया की 70 प्रतिशत जीडीपी तक पहुंच प्रदान करते हैं।
मंत्री ने कहा कि सस्ती और स्केलेबल मेडिकल टेक्नोलॉजी भारत के दूरदराज के हिस्सों तक पहुंचने में मदद कर सकती है और अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, मध्य एशिया, दक्षिण पूर्व एशिया और विकसित अर्थव्यवस्थाओं के वैश्विक बाजारों तक भी पहुंच बना सकती है।
मंत्री के अनुसार, स्टार्टअप को खुद को घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रखना चाहिए और वैश्विक मेलों और प्रदर्शनियों में भाग लेना चाहिए।
उन्होंने आश्वासन दिया कि वाणिज्य मंत्रालय प्रतिनिधिमंडलों का समर्थन करेगा और 190 से अधिक देशों में भारत के मिशन नवप्रवर्तकों की सहायता के लिए उपलब्ध हैं।
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