देश
होली पर रेलवे चलाएगा लगभग 1500 ट्रेनें
9 Feb, 2026 10:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। होली का त्योहार नजदीक है और इस त्योहार पर घर लौटने वाले यात्रियों की संख्या हर साल बढ़ जाती है। इसे देखते हुए भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए मार्च महीने में 1,410 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। ये संख्या मांग बढऩे पर 1,500 तक बढ़ाई जा सकती है।
आपको बता दें कि पिछले साल 2025 में 1,144 स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं। रेलवे का यह कदम सुनिश्चित करता है कि त्योहार के दौरान यात्रियों को सुगम और सुरक्षित यात्रा मिल सके। स्पेशल ट्रेनों का संचालन न केवल भीड़ को नियंत्रित करेगा, बल्कि प्रमुख शहरों और ग्रामीण इलाकों के बीच कनेक्टिविटी भी मजबूत करेगा। इस बार के अभियान में हर जोन ने यात्रियों की बढ़ती मांग के अनुसार ट्रेन परिचालन में वृद्धि की है। आइए जानते हैं कि किस रूट पर कितनी ट्रेनें चलेंगी।
मेला हादसे में दो लोग गिरफ्तार
9 Feb, 2026 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सूरजकुंड। सूरजकुंड मेला परिसर में 7 फरवरी को हुए झूला हादसे के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए झूला संचालक कंपनी के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हादसे में घायलों को बचाते हुए हरियाणा पुलिस के निरीक्षक जगदीश प्रसाद शहीद हो गए थे। पुलिस के अनुसार थाना सूरजकुंड में हिमाचल प्रदेश की हिमाचल फन केयर कंपनी के प्रोपराइटर मोहम्मद शाकिर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान पुलिस ने मोहम्मद शाकिर निवासी गांव टोका नंगला, जिला सिरमौर (हिमाचल प्रदेश) व एक अन्य आरोपी नितेश निवासी धर्मपुरी सदर, मेरठ कैंट (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया है। अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता के निर्देश पर पुलिस उपायुक्त अपराध के पर्यवेक्षण में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की गई है। टीम वैज्ञानिक और तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त, कैप्टन व ट्रेनी घायल
9 Feb, 2026 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विजयपुरा। कर्नाटक के विजयपुरा जिले के बाबलेश्वर तालुक के मंगलूर गांव में रविवार को रेड बर्ड एविएशन का निजी ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में कैप्टन और एक ट्रेनी पायलट सवार थे, दोनों को गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। यह विमान कलबुर्गी से बेलगावी जा रहा था। उड़ान के दौरान इंजन में अचानक खराबी आ गई, जिससे पायलट कंट्रोल खो बैठे और खेत में क्रैश लैंडिंग हो गई। विमान सीसना 172 मॉडल का दो सीटर ट्रेनिंग प्लेन था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह विमान रेड बर्ड एविएशन कंपनी का था और ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। शुरुआती जांच में हादसे की वजह इंजन की तकनीकी खराबी सामने आई है, लेकिन दुर्घटना के सही कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चलेगा। प्रशासन और पुलिस ने साफ़ किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी जरूरी तकनीकी और कानूनी जांच की जा रही है तथा जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: बेंगलुरु–पुणे रूट पर प्रीमियम ट्रेन, कर्नाटक को दो वंदे भारत
8 Feb, 2026 04:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु: कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बेंगलुरु और पुणे के बीच एक नई प्रीमियम ट्रेन चलाने की घोषणा की है. यह फैसला राज्य के जनप्रतिनिधियों और आम जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए लिया गया है.
तटीय कर्नाटक के लिए बड़ी सौगात
पुणे के अलावा, रेल मंत्री ने तटीय कर्नाटक के निवासियों के लिए बेंगलुरु-मंगलुरु-कारवार रूट पर बहुप्रतीक्षित वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द शुरू करने की घोषणा की. रेल मंत्री ने कहा- "मंगलुरु और हासन के बीच बिजलीकरण (Electrification) का काम पूरा हो चुका है. सुरक्षा जांच और टेस्ट रन सफल होते ही हम बेंगलुरु-कारवार वंदे भारत का टाइमटेबल जारी कर देंगे." उन्होंने कहा कि रेलवे बेंगलुरु-कारवार मार्ग पर दो वंदे भारत ट्रेनें चलाने पर विचार कर रहा है. एक बेंगलुरु से शुरू होगी और दूसरी कारवार से. उन्होंने आगे कहा, "इस ट्रेन के साथ हम कर्नाटक के पूरे तटीय क्षेत्र को कवर कर लेंगे."
बेंगलुरु उपनगरीय रेल परियोजना
उन्होंने कहा कि भाजपा शासन के दौरान कर्नाटक में रेल पटरियों के निर्माण, स्टेशनों के कायाकल्प और सुरक्षा उपायों के लिए 52,950 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है. वर्तमान में कर्नाटक के 61 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें से नौ का काम पहले ही पूरा हो चुका है. उन्होंने बताया कि "स्टेशनों के पुनर्निर्माण पर 2,110 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं."
अमेरिकी सेब आयात का डर: ट्रेड डील से घरेलू सेब किसानों की रोज़ी-रोटी पर खतरा
8 Feb, 2026 03:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्रीनगर: हिमालयी राज्यों के किसानों में चिंता बढ़ रही है क्योंकि उन्हें डर है कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार ढांचे के हिस्से के तौर पर अमेरिका से आयात होने वाले फलों से वे आर्थिक रूप से बर्बाद हो जाएंगे. दो दर्जन से अधिक किसान संगठनों के समूह, संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान ने कहा कि यह देश में सेब की अर्थव्यवस्था के लिए तीसरा झटका होगा.
हिमाचल प्रदेश के किसान नेता यूरोपीय संघ के बाद न्यूजीलैंड के साथ भारत के व्यापार समझौते का जिक्र कर रहे थे, जिसे 'सभी सौदों की जननी' बताया जा रहा है, जो आयात शुल्क कम होने के बाद किसानों के लिए मुसीबत बन सकता है. मुक्त व्यापार समझौतों के तहत, भारत ने न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ से सेब और अन्य फलों पर आयात शुल्क 50% से घटाकर 20% कर दिया है.
चौहान ने ईटीवी भारत को बताया, "सेब फलों में सबसे ऊपर है और सरकार साफ-साफ कहती है कि आयात शुल्क घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा. न्यूनतम आयात मूल्य (MIP) 80 रुपये प्रति किलो है. बेस रेट MIP होगा. इसलिए, यह सेब की अर्थव्यवस्था को खत्म कर देगा क्योंकि हम अमेरिका या न्यूजीलैंड के किसानों से मुकाबला नहीं कर सकते. इससे तीन ट्रेड डील में आयातित सेब भारतीय बाजारों में 15-20 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ता हो जाएगा."
चौहान ने कहा, "अमेरिका से आने वाले सेब के एक बॉक्स (20 किलोग्राम) पर अभी जो ड्यूटी लगती है, उसकी कीमत भारतीय बाजारों में 2500-2700 रुपये के बीच है. लेकिन लैंडिंग और इम्पोर्ट कॉस्ट हटने के बाद यह आधी कीमत पर बिकेगा. इससे हमारे प्रीमियम सेबों को नुकसान होगा क्योंकि उनके रेट बहुत कम हो जाएंगे. घरेलू बाजार में, अमेरिकी उत्पादों को आसान बनाने के लिए हमारे सेब सस्ते हो जाएंगे."
भारत में 2.5 एमटी (मीट्रिक टन) सेब पैदा होते हैं, जो दुनिया के कुल उत्पादन का 2 प्रतिशत है. इसमें से, कश्मीर में कुल पैदावार का 75 प्रतिशत पैदा होता है, जिससे सालाना 12,0000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई होती है. सेब की खेती 2 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि पर होती है, जिसमें जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सेब पैदा करने वाले मुख्य राज्य हैं. लेकिन, सेब किसानों और ट्रेड यूनियनों का अंदाजा है कि भारत के हालिया व्यापार समझौतों से कीमतों में 50 प्रतिशत की गिरावट आएगी.
जम्मू-कश्मीर, जो सेब का मुख्य उत्पादक है, में यह सेक्टर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सात लाख से अधिक परिवारों को गुजारा देता है. मोहम्मद अब्बास को भारत-अमेरिका ट्रेड डील की बेसिक जानकारी पता चलने के बाद चिंता हो रही है, जिससे उनके जैसे छोटे किसान प्रभावित हो रहे हैं. शोपियां के 35 साल के तीसरी पीढ़ी के सेब उगाने वाले अब्बास के पास 20 कनाल के बाग हैं जो पिछले साल बाढ़ में फसल खराब होने के बाद पहले से ही कर्ज में डूबे हुए हैं.
यह मेरे जैसे किसानों को वित्तीय संकट में और धकेल देगा. हम पहले से ही जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से जूझ रहे हैं जैसे कि अचानक बाढ़, कम बर्फबारी, बारिश, कम उत्पादन आदि. इन स्थितियों ने नई बीमारियों को जन्म दिया है और उनके लिए कीटनाशकों की आवश्यकता होती है जो महंगे होते हैं. इन स्प्रे ने हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित किया है और अब हमें आर्थिक रूप से भी नुकसान उठाना पड़ेगा."
शुक्रवार (6 फरवरी) को, भारत और अमेरिका ने परस्पर लाभकारी ट्रेड के बारे में अंतरिम एग्रीमेंट के लिए एक फ्रेमवर्क की घोषणा की. साझा बयान में कहा गया कि यह फ्रेमवर्क 13 फरवरी, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू किए गए बड़े बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट (BTA) बातचीत के लिए देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है, जिसमें अतिरिक्त बाजार तक पहुंच की प्रतिबद्धता शामिल होगी और अधिक मजबूत सप्लाई चेन को समर्थन मिलेगा.
बयान के मुताबिक, भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक सामानों और कई तरह के खाने और खेती के उत्पादों पर टैरिफ खत्म कर देगा या कम कर देगा, जिसमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन (DDGs), जानवरों के चारे के लिए लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स और अन्य प्रोडक्ट्स शामिल हैं.
शनिवार को, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क डेयरी या दूसरे सेंसिटिव घरेलू प्रोडक्ट्स पर कोई छूट दिए बिना एक्सपोर्ट के मौके बढ़ाता है, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए सबसे पसंदीदा ड्यूटी शर्तों के तहत लगभग 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था तक पहुंच खुलती है. उन्होंने कहा कि भारतीय किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है.
लेकिन हिमाचल प्रदेश से लेकर कश्मीर तक, इस भरोसे से किसानों का डर दूर नहीं हुआ है, क्योंकि उन्हें डर सता रहा है कि जब आयातित सेब भारतीय बाजारों में आने लगेंगे, तो उनकी रोजी-रोटी पर 50 प्रतिशत तक असर पड़ेगा.
एक किसान ने कहा, "अमेरिका के सेब हमारी किस्मों के मुकाबले पौष्टिक नहीं हो सकते हैं. लेकिन वे पॉलिश किए हुए और लाल रंग के होते हैं. इससे वे ग्राहकों को अधिक पसंद आते हैं."
कश्मीर के किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर किसानों की सुरक्षा के लिए आयातित सेब पर 100 प्रतिशत ड्यूटी लगाने की मांग की. कश्मीर वैली फ्रूट ग्रोअर्स कम डीलर्स यूनियन के अध्यक्ष बशीर अहमद बशीर ने पत्र में लिखा, "हर साल घाटी, हिमाचल और उत्तराखंड के सेब उद्योग के लिए नई चुनौतियां सामने आती हैं. कभी सेब ईरान से आयात किए जाते हैं तो कभी अमेरिका और दूसरे देशों से भी."
फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में क्रैश हुआ झूला, इंस्पेक्टर की मौत, 12 लोग घायल
8 Feb, 2026 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फरीदाबाद : हरियाणा के फरीदाबाद में बड़ा हादसा हुआ है. यहां पर सूरजकुंड मेले में झूला गिरने से जहां पलवल के रहने वाले इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई है, वहीं 12 लोग हादसे में घायल हुए हैं. हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने पूरे मामले में दुख जताया है.
सूरजकुंड मेले में गिरा झूला : फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में स्विंग बोट झूला अचानक गिर गया जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. हादसे के वक्त झूले में 12 से ज्यादा लोग सवार थे. झूले के गिरने से 13 लोग घायल हो गए जिसमें से पलवल के रहने वाले इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई है. बाकी सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि शाम करीब 6 बजे ये हादसा हुआ है. तकनीकी खराबी से झूले की मोटर फेल हो गई और बेरिंग के टूटने से ये हादसा हो गया. घटना के तुरंत बाद झूलों को फौरन रोक दिया गया. पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है. मामले की जांच शुरू कर दी गई है. झूला संचालक से पूछताछ की जा रही है. साथ ही सुरक्षा मानकों की जांच भी जारी है. इसके अलावा मेले में लगे अन्य झूलों की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं.
डीसी ने क्या कहा ? : सूरजकुंड में हुए हादसे को लेकर डीसी आयुष सिंह ने कहा है कि "पलवल में तैनात इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की हादसे में मौत हो गई है. कुल 13 लोग घायल हुए जिसमें इंस्पेक्टर की मौत इलाज के दौरान हुई है. शाम करीब 6.15 बजे ये हादसा हुआ है. हादसे के लिए जांच कमेटी बना दी गई है जो पूरे हादसे की जांच करेगी."
हादसे पर जताया दुख : वहीं हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने पूरे हादसे पर दुख जताया है. सीएम ने पोस्ट करते हुए लिखा कि " फरीदाबाद में आयोजित सूरजकुंड मेले के दौरान हुए हादसे से अत्यंत दुखी हूं. इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. साथ ही, घायल हुए लोगों के समुचित एवं तत्काल उपचार के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. हरियाणा सरकार पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ घायलों तथा उनके परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान करने में जुटी है."
जांच के आदेश : इसके अलावा पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा है कि " आज शाम 39वें सूरजकुण्ड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव 2026 के दौरान झूला क्षेत्र में एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ. पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. हमारी सबकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. सभी घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है. मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं."
‘नीच’ शब्द पर नहीं लग सकता SC/ST एक्ट, राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
8 Feb, 2026 01:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Rajasthan High Court: राजस्थान हाई कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने साफ कहा कि किसी व्यक्ति को ‘नीच’ जैसे अपमानजनक शब्द कह देने मात्र से एससी/एसटी एक्ट अपने-आप लागू नहीं होता. जाति के आधार पर अपमान करने पर यह एक्ट लगता है. कोर्ट ने कहा कि दो लोगों के बीच हुए विवाद में नीच कहने पर जातिगत अपमान नहीं माना जा सकता. इसके तहत कोर्ट ने आरोपी पर लगे एससी/एसटी एक्ट को खारिज कर दिया है.
दरअसल, कोर्ट ने जिस मामले को लेकर फैसला सुनाया है. वह साल 2011 का है. जहां IIT जोधपुर में सरकारी अधिकारी को अतिक्रमण की जांच के दौरान कुछ लोगों ने ‘नीच’ कह दिया. अधिकारियों ने इसे जातिगत अपमान माना और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया. जिन लोगों को इस मामले में आरोपी बनाया गया, वे सभी अतिक्रमण हटाने का विरोध कर रहे थे. विरोध करने पर विवाद बड़ा और ‘नीच’ जैसे शब्दों तक पहुंच गया.
आरोपियों की ओर से दायर याचिका में क्या कहा?
जब यह मामला हाई कोर्ट पहुंचा तो आरोपियों की ओर से दलील दी गई कि उन्हें किसी की जाति के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. मामूली कहासुनी हुई थी और ये शब्द जाति के संकेत नहीं देते. इसलिए इसे जातिगत अपमान नहीं माना जा सकता है. इसके अलावा मौके पर कोई भी स्वतंत्र गवाह मौजूद नहीं था. जिस पर विचार करते हुए हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है.
एससी-एसटी एक्ट लगाने के लिए ठोस सबूत जरूरी
हाई कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए कहा, विवाद के दौरान इस्तेमाल किए गए शब्द किसी जाति विशेष की ओर संकेत नहीं करते और न ही ऐसा कोई प्रमाण है. आरोपियों को अधिकारियों की जाति के बारे में पहले से पता था, इसका कोई ठोस सबूत नहीं मिला है. एससी-एसटी एक्ट लगाने के लिए ठोस सबूत का प्रमाण होने जरूरी है. हाई कोर्ट ने सुनवाई करते हुए एससी-एसटी के आरोपों को रद्द कर दिया है, लेकिन सरकारी कार्य में बाधा डालने और अधिकारियों के साथ धक्का मुक्की करने का केस चलता रहेगा.
ऑपरेशन सिंदूर पर जैश आंतकी का बड़ा कबूलनामा
8 Feb, 2026 10:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। जैश-ए-मोहम्मद के टॉप आतंकी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा कबूलनामा किया है। आतंकी इलियास कश्मीरी ने खुलासा किया है कि पाकिस्तानी सेना के चीफ ने आतंकियों से कहा था कि ये गजवा ए हिंद है। पीओके के रावलकोट में पांच फरवरी को जैश के टॉप कमांडर इलियास कश्मीरी ने जैश के आतंकियों के बीच यह खुलासा किया। कश्मीरी ने कहा कि हमारे सिपहसालार ने युद्ध का ऐलान करते हुए कहा था कि ये युद्ध गजवा ए हिंद है। कश्मीरी ने कहा कि जब जंग छिड़ गई, असलहा निकल आया। फाइटर जेट टकरा गईं, टैंक आमने-सामने खड़े हो गए। तब सिपहसालार ने ऐलान कर दिया कि ये गजावत उल हिंद है। ये बुनयान अल मरसूस है। ये रैली जैश ए मोहम्मद में भर्ती किए गए आतंकियों के लिए की गई थी।
इलियास कश्मीरी ने आतंकवाद फैलाने के लिए इन ट्रेंड आतंकियों के सामने ये कबूलनाम किया। इलियास कश्मीरी ने कहा हमारा नाम, हमारी पहचान, हमारा मोटो जिहाद (आतंकवाद) है। उन्होंने कहा कि जब सरकार साथ थी, तब भी जेहाद जब सरकार साथ नहीं थी, तब भी जेहाद, जिहाद हमारा मकसद है। हम जेहाद करेंगे और कश्मीर को आजाद करवाएंगे। बता दें कि इलियास कश्मीरी वही आतंकी है, जिसने सबसे पहले खुलासा किया था कि सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जैश आतंकी मौलाना मसूद अजहर का परिवार बहावलपुर में भारतीय हमले में मारा गया था। मालूम हो कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने अपने ऑपरेशन का नाम बुनयान अल मरसूस रखा था, जिसका मतलब होता है- शीशे जैसी मजबूत दीवार यानी एक ऐसी दीवार जो बहुत मजबूती से रक्षा करती है। इस नाम के साथ पाकिस्तान खुद को दुनिया के सामने मजबूत दिखाना चाहती थी।
एक्सप्रेस-वे पर कंटेनर ने रौंदा 6 की मौत
8 Feb, 2026 08:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मथुरा। मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर बस से उतरकर खड़े यात्रियों को तेज रफ्तार कंटेनर ने रौंद दिया। हादसे में 6 की मौके पर मौत हो गई। एक गंभीर घायल है। घटना शनिवार तडक़े 2.45 बजे की है। जानकारी के मुताबिक, बस दिल्ली के नागलोई से कानपुर देहात के रसूलाबाद जा रही थी। रास्ते में कुछ यात्रियों ने ड्राइवर को बाथरूम के लिए बस रोकने को कहा। ड्राइवर ने ग्रीन जोन की बजाय रास्ते में बस रोक दी। कुछ यात्री बस से उतरकर नीचे खड़े हो गए, तभी पीछे से आ रहे कंटेनर ने पहले बस को टक्कर मारी। फिर यात्रियों को रौंद दिया। कंटेनर का चालक मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। हाईवे पर लाशें बिछ गईं। कुछ यात्रियों के चहेरे बुरी तरह कुचल गए। इससे उन्हें पहचानना मुश्किल हो गया। परिजनों ने स्वेटर-कपड़ों से उनकी पहचान की। मौके पर लंबा जाम लग गया। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने एंबुलेंस से घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
कोटा में बड़ा हादसा: तीन मंजिला बिल्डिंग गिरने से 2 की मौत, मलबे में दबे 10 से ज्यादा लोगों को बाहर निकाला गया
8 Feb, 2026 08:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोटा: शिक्षा की नगरी कहे जाने वाले कोटा से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है. यहां शनिवार देर रात एक रेस्टोरेंट की बिल्डिंग अचानक भरभराकर गिर गई. इस दर्दनाक हादसे में एक कोचिंग छात्र समेत 2 की मौत हो गई है, जबकि 11 अन्य लोग घायल हो गए हैं. घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनका उपचार जारी है. घायलों में से 6 लोगों की हालत गंभीर बताया जा रहा है कि रेस्टोरेंट की बिल्डिंग अचानक भरभराकर गिर गई. हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. इस हादसे में मलबे में दबने से 2 की मौत हो गई है.
मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा कोटा के व्यस्त इलाके जवाहर नगर थाना क्षेत्र के इंद्र विहार में ओपेरा हॉस्पिटल के नजदीक हुआ. रात के समय जब रेस्टोरेंट में चहल-पहल थी, तभी अचानक तीन मंजिला इमारत का एक हिस्सा ढह गया. धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए और तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी गई. मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका के चलते तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर रेस्टोरेंट चल रहे थे, जिनमें नॉन-वेज रेस्टोरेंट प्रमुख था. नीचे दुकानों में ग्राहक और कर्मचारी मौजूद थे, साथ ही बाहर बाइक पार्किंग एरिया में बैठे कुछ लोग भी प्रभावित हुए है. घटना के समय तेज आवाज आई, जिसे कुछ लोगों ने ब्लास्ट जैसी बताया और पूरी इमारत ढह गई.
अस्पताल प्रशासन की पुष्टि : मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है. डॉ. शर्मा ने बताया कि अस्पताल में कुल 11 लोगों को लाया गया था, जिनमें से एक छात्र को मृत घोषित कर दिया गया है. डॉ. शर्मा के अनुसार मृतक छात्र की पहचान प्रारंभिक तौर पर अरण्य के रूप में की गई है. हालांकि, छात्र के पास से फिलहाल कोई आधिकारिक पहचान पत्र (ID Card) बरामद नहीं हुआ है, जिससे उसके पूर्ण विवरण की पुष्टि की जा सके. प्रशासन उसके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है.
देर रात बढ़ गया मौत का आंकड़ा : शुरुआती जानकारी में कई लोग घायल बताए जा रहे थे, लेकिन मलबे से निकाले जाने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई. देर रात एक और की मौत की खबर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला. घायलों में से कुछ की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है.
रेस्क्यू ऑपरेशन और मौके पर स्थिति: सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, नगर निगम की टीमें, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की कंपनियां मौके पर पहुंच गईं. रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चलाया जा रहा है. सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है. सूचना मिलते ही विधायक संदीप शर्मा और वर्तमान महापौर राजीव अग्रवाल भी घटनास्थल पर पहुंचे. संदीप शर्मा ने बताया कि बिल्डिंग तीन मंजिला थी और गिरने के सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं. हालांकि, पास में निर्माण कार्य चल रहा था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ हो सकता है. उन्होंने राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं.
घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है और लोगों को नजदीक जाने से रोका. अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू में कुछ दिक्कत आ रही थी, लेकिन लाइटिंग और अतिरिक्त टीमों के साथ राहत एवं बचाव कार्य किया गया. एक प्रत्यक्षदर्शी आदित्य विजय ने बताया कि बिल्डिंग एकाएक ढह गई, कुछ लोगों को तुरंत निकाला गया, जबकि कई भागकर बच गए. प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और इलाके से दूर रहने की अपील की है. हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है.
घटना की जानकारी मिलने पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर में मौके पर पहुंचे. उन्होंने पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली. मौके पर आसपास के इलाकों की बिजली सप्लाई रोक दी गई है. साथ ही करीब एक दर्जन से ज्यादा बुलडोजर मंगाकर रेस्क्यू किया जा रहा है. फंसे हुए लोगों को निकालने का काम तेजी किया जा रहा है.
मौके पर जिला कलेक्टर पीयूष समारिया, पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम सहित पूरा प्रशासन का अमला पहुंचा. इसके साथ ही भारी भीड़ को रोकने के लिए भी पुलिस जाप्ता भी तैनात किया गया है. जिला कलेक्टर पियूष समरिया के निर्देश पर जिला परिवहन अधिकारी सुरेंद्र सिंह सहित आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. परिवहन अधिकारियों ने तत्काल क्रेन और बुलडोजरों को मंगाया है. बताया जा रहै है पास में ही एक दूसरी दुकान के निर्माण के चलते ये हादसा हुआ है. पास की दुकान को पूरी तरह से खोदकर तोड़ दिया गया था, जिससे हादसे की संभावना जताई जा रही है.
सुपीम कोर्ट ने नाबालिग को 30 हफ्ते की प्रेग्नेंसी को गर्भपात की दी अनुमति
7 Feb, 2026 10:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 17 साल की एक नाबालिग लड़की की 30 हफ्ते की प्रेग्नेंसी को गर्भपात करने की अनुमति दे दी। कोर्ट ने कहा कि किसी महिला, खासकर नाबालिग को, उसकी इच्छा के खिलाफ प्रेग्नेंसी जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जवल भुयान की बेंच ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट के सामने मामला एक नाबालिग लड़की का था, जो पड़ोस के एक लड़के के साथ रिश्ते के दौरान प्रेग्नेंट हो गई थी और उसने मांग की है कि उसकी प्रेग्नेंसी खत्म कर दी जाए।
कोर्ट ने हॉस्पिटल को निर्देश दिया कि वे सावधानियों को ध्यान में रखते हुए लड़की का गर्भपात करें। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में कहा गया था कि यदि गर्भावस्था को पूरा समय दिया जाए तो मां और बच्चे की जान को कोई खतरा नहीं है। इसके बावजूद कोर्ट ने कहा कि मां की इच्छा और उसका अपने शरीर पर अधिकार सबसे ज्यादा जरूरी है। अगर कोई महिला, खासकर नाबालिग प्रेग्नेंसी जारी नहीं रखना चाहती तो कोर्ट उसे मजबूर नहीं कर सकता।
कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब 24 हफ्ते तक गर्भपात की अनुमति हो सकती है, तो फिर 30 हफ्ते में क्यों नहीं। कई बार किसी महिला को यह फैसला लेने में समय लगता है कि वह प्रेग्नेंसी खत्म करना चाहती है या नहीं। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि यदि अदालतें ऐसे मामलों में मेडिकल टर्मिनेशन की अनुमति नहीं देतीं तो महिलाएं गैर-कानूनी और असुरक्षित तरीकों का सहारा लेने को मजबूर होती हैं। झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाएंगी जो खतरनाक हो सकता है।
बच्चों को चढ़ाया गया एचआईवी संक्रमित रक्त, हाईकोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज
7 Feb, 2026 08:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में थैलेसीमिया से पीड़ित पांच मासूम बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने के गंभीर मामले में झारखंड हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद आखिरकार प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। हाईकोर्ट के निर्देश पर चाईबासा सदर थाना में सदर अस्पताल के ब्लड बैंक के तत्कालीन लैब टेक्नीशियन मनोज कुमार समेत अन्य संबंधित कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
यह घटना अक्टूबर 2025 की बताई जा रही है। चाईबासा सदर अस्पताल में 5 से 7 वर्ष की आयु के पांच बच्चों को नियमित ब्लड ट्रांसफ्यूजन के दौरान एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ा दिया गया। बाद में जब जांच कराई गई तो सभी बच्चों के एचआईवी पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई, जिससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया। बच्चों के परिजनों ने आरोप लगाया कि ब्लड बैंक में रक्त की जांच और स्क्रीनिंग प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती गई।
मामले की सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस गौतम कुमार की अदालत ने इसे अत्यंत गंभीर और मानव जीवन से जुड़ा मामला बताया। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पीड़ित परिवार संबंधित थाना में शिकायत दर्ज कराएं और थाना प्रभारी तत्काल एफआईआर दर्ज करें। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह के मामलों में देरी अस्वीकार्य है और इससे पीड़ितों को न्याय मिलने में बाधा आती है। अदालत के आदेश के बाद पीड़ित बच्चों में से एक की मां की ओर से दिए गए आवेदन पर चाईबासा सदर थाना में मामला दर्ज किया गया।
सदर थाना प्रभारी तरुण कुमार ने बताया कि आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ब्लड बैंक में निर्धारित मानकों के अनुसार रक्त की जांच नहीं की गई, जिसके कारण संक्रमित रक्त बच्चों को चढ़ा दिया गया और वे एचआईवी से संक्रमित हो गए। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संबंधित दस्तावेजों व कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
हाईकोर्ट ने इस बात पर भी नाराजगी जताई थी कि घटना उजागर होने के बावजूद एफआईआर दर्ज करने में करीब चार महीने की देरी हुई। अदालत ने इसे सिस्टम की गंभीर विफलता करार दिया था।
मामले के सामने आने के बाद राज्य सरकार ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को 2-2 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की थी। साथ ही तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. सुशांतो कुमार मांझी को निलंबित किया गया और लैब टेक्नीशियन मनोज कुमार को सेवामुक्त कर दिया गया था। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भी चाईबासा जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
इस मामले को लेकर झारखंड बचाओ जनसंघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में परिजनों ने रांची में विधानसभा के सामने धरना दिया था। बाद में संगठन की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई, जिसके बाद अदालत के हस्तक्षेप से एफआईआर दर्ज हो सकी। संगठन ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और राज्य के ब्लड बैंक सिस्टम में व्यापक सुधार की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी भयावह घटना दोबारा न हो।
मिलिट्री इंजीनियरिंग दो वरिष्ठ अधिकारियों को 2 लाख रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया
7 Feb, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। सीबीआई ने पुणे के खड़की में मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज़ में जाल बिछाकर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वरिष्ठ अधिकारियों को एक ठेकेदार के पेंडिंग बिल पास करने के लिए 2 लाख रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इस कार्रवाई से रक्षा क्षेत्र के कंस्ट्रक्शन विभाग में हड़कंप मचा है। अधिकारियों की पहचान सुनील निकम और सुरेश म्हस्के के रूप में हुई है। शिकायतकर्ता एक प्राइवेट कंपनी का पावर ऑफ अटॉर्नी होल्डर है जो मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज़ के कॉन्ट्रैक्ट पूरे करती है। उसकी शिकायत के अनुसार, उसने तय समय पर काम पूरा कर लिया था और कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी जमा कर दिए थे। लेकिन उसके बिल जानबूझकर रोके गए थे। निकम और म्हस्के ने इन पेमेंट्स को मंज़ूर करने के लिए उससे 6 लाख रूपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता ने 3 फरवरी को इस रिश्वत के बारे में सीबीआई से संपर्क किया। शिकायत की पुष्टि करने के बाद, सीबीआई ने 6 फरवरी को खड़की में जाल बिछाया। बातचीत के बाद, आरोपियों ने रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 2 लाख रूपये लेने पर सहमति जताई थी। जूनियर इंजीनियर सुरेश म्हस्के को ऑफिस में रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ा गया, जबकि असिस्टेंट गैरीसन इंजीनियर सुनील निकम को भी इस साज़िश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद, सीबीआई ने दोनों आरोपियों के ऑफिस और घरों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान, अधिकारियों को 1.88 लाख रूपये की संदिग्ध नकदी के साथ-साथ ज़रूरी दस्तावेज़ भी मिले। आरोपी इस रकम का कोई हिसाब नहीं दे पाए।
अंतरराष्ट्रीय तेल तस्करी का भंडाफोड़, भारतीय कोस्ट गार्ड ने तीन जहाज पकड़े
7 Feb, 2026 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई. भारतीय कोस्ट गार्ड (Indian Coast Guard) ने शुक्रवार को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय तेल (International oil) तस्करी रैकेट ( smuggling ring) का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई समंदर और हवाई निगरानी में चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन के दौरान की गई। इस ऑपरेशन के दौरान कोस्ट गार्ड ने तीन जहाजों को जब्त किया है। ये जहाज मुंबई के पास समंदर में अवैध तरीके से तेल की तस्करी कर रहे थे।
कैसे काम करता था यह गिरोह
अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह युद्धग्रस्त देशों से बड़ी मात्रा में सस्ता तेल खरीदता था। अंतरराष्ट्रीय समंदर सीमा में इस तेल को बीच समंदर में ही दूसरे मोटर टैंकरों में ट्रांसफर करके मोटा मुनाफा कमा रहे थे। इस पूरे नेटवर्क को अलग-अलग देशों में बैठे हैंडलर चला रहे थे, जो तेल की बिक्री और ट्रांसफर का काम संभालते थे।
कोस्ट गार्ड ने ऐसे लगाया पता
कोस्ट गार्ड के जहाजों ने गुरुवार को मुंबई से करीब 100 नॉटिकल मील पश्चिम में तीन जहाजों को रोका। बोर्डिंग टीम ने जहाजों की तलाशी ली और इलेक्ट्रॉनिक डेटा चेक किया। इसके अलावा दस्तावेजों की जांच की और क्रू से पूछताछ की। इससे अपराधियों की पूरी चेन और उनका तरीका सामने आया।
कोस्ट गार्ड की तकनीक से लैस सिस्टम ने भारतीय विशेष आर्थिक क्षेत्र में एक मोटर टैंकर की संदिग्ध गतिविधि पकड़ी। डिजिटल जांच से पता चला कि दो अन्य जहाज भी इस जहाज के पास आ रहे थे और तेल से जुड़े माल की गैरकानूनी ट्रांसफर में शामिल हो सकते हैं। इससे भारत समेत तटीय देशों को भारी ड्यूटी का नुकसान हो रहा था।
गुरुवार को स्पेशल टीमों ने जहाजों पर चढ़कर डिजिटल सबूतों की पुष्टि की और उन्हें पकड़ लिया। अब इन जहाजों को मुंबई लाया जाएगा, जहां कस्टम्स और कानून लागू करने वाली एजेंसियां आगे की जांच करेंगी।
जांच में पता चला कि ये जहाज अक्सर अपनी पहचान बदलते थे ताकि तटीय देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियां उन्हें पकड़ न सकें। शुरुआती जांच से मालूम हुआ कि जहाजों के मालिक दूसरे देशों में हैं।
बाघ जैसी आंखों वाली पप्पू देवी 20 साल बाद फिर हुईं वायरल, बेटी भी कम नहीं खूबसूरत..
7 Feb, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । राजस्थान(Rajasthan) की पप्पू देवी(Pappu Devi) फिर से सुर्खियों में हैं। उनकी बाघ जैसी आंखों (eyes like a tigress)वाली फोटो करीब 20 साल(approximately 20 years old) बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। यह फोटो पुष्कर कैमल फेयर (Pushkar Camel Fair)में ली गई थी, और बाद में पोस्टकार्ड्स पर छपकर देश-विदेश(national and international publications.) में उनकी पहचान बना दी थी। उनकी आंखों की खासियत ने पप्पू देवी को इतना मशहूर बना दिया कि पुष्कर मेले में लोग उन्हें बिना नाम पूछे ही पहचानने लगे।
हालांकि वायरल तस्वीरों के बावजूद पप्पू देवी का जीवन अब भी साधारण है। वे आज भी पुष्कर में ही रहती हैं और हाथ से बने बैग और सॉविनियर्स का छोटा स्टॉल चलाती हैं। उनकी आंखों की खासियत देखकर कई टूरिस्ट्स उनके स्टॉल पर आते ही चौंक जाते हैं।
इतना ही नहीं, पप्पू देवी की बेटी भी अपनी मां की खूबसूरती में कम नहीं है। उसकी आंखें पूरी तरह मां की आंखों जैसी हैं और ये देखकर लोग हैरान रह जाते हैं। मां-बेटी की तस्वीरें इंस्टाग्राम के हिस्टोरिक पेज पर पोस्ट की गई हैं, जिसे देखकर फैंस उनकी आंखों के जादू की तारीफ कर रहे हैं।
20 साल पुरानी इस तस्वीर ने न सिर्फ पप्पू देवी को पहचान दिलाई बल्कि उनकी बेटी को भी भविष्य में मेले में आने वाले लोगों का ध्यान खींचने वाला बनाया। पप्पू देवी के जीवन में यह पहचान सिर्फ नाम और शोहरत तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनकी आंखों की वजह से लोगों का आकर्षण हमेशा कायम रहा।
आज भी पुष्कर मेले में आने वाले कई लोग उनकी आंखें देखकर चौंक जाते हैं और फिर समझ पाते हैं कि उन्होंने पहले कहीं पप्पू देवी को देखा था। मां और बेटी की आंखों की खूबसूरती ने सोशल मीडिया पर भी तहलका मचा दिया है, और ये तस्वीरें पप्पू देवी के नाम को आज भी यादगार बनाती
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