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भारत मंडपम में आज एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का आगाज़, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन
16 Feb, 2026 08:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को नई दिल्ली में भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का उद्घाटन करेंगे. आज से शुरू हो रहे इस पांच दिवसीय एक्सपो इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में 13 देशों के पवेलियन होंगे जो एआई इकोसिस्टम में इंटरनेशनल सहयोग दिखाएंगे. यह एक्सपो समिट के साथ उसी जगह पर होगा.
70,000 स्क्वेयर मीटर से अधिक क्षेत्र में फैले में इस कार्यक्रम में ग्लोबल टेक्नोलॉजी फर्म, स्टार्टअप, एकेडेमिया और रिसर्च इंस्टीट्यूशन, यूनियन मिनिस्ट्री, राज्य सरकारें और इंटरनेशनल पार्टनर एक साथ आएंगे. इस समारोह में 13 देशों के पवेलियन भी होंगे, जो एआई इकोसिस्टम में इंटरनेशनल सहयोग दिखाएंगे.
इनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीकी देशों के पवेलियन शामिल हैं. एक्सपो में 300 से अधिक क्यूरेटेड एग्जिबिशन पवेलियन और लाइव डेमोंस्ट्रेशन होंगे. ये तीन थीम वाले चक्रों - पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस में बने होंगे.
इसके अलावा प्रदर्शनी में 600 से अधिक उच्च क्षमता स्टार्टअप भी होंगे, जिनमें से कई ग्लोबल लेवल पर काम के और लोगों के लिए बड़े पैमाने पर जनसंख्या-स्तरीय समाधान बना रहे हैं. ये स्टार्टअप ऐसे वर्किंग सॉल्यूशन दिखाएंगे जो असल दुनिया में पहले से ही इस्तेमाल किए जा रहे हैं. इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों समेत 2.5 लाख से अधिक विजिटरों के आने की उम्मीद है.
इस इवेंट का मकसद ग्लोबल एआई इकोसिस्टम में नई पार्टनरशिप को बढ़ावा देना और बिजनेस के मौके बनाना है. 500 से अधिक सेशन ऑर्गनाइज किए जाएंगे, जिसमें 3250 से अधिक विजनरी स्पीकर और पैनल मेंबर शामिल होंगे.
ये सेशन अलग-अलग सेक्टर में एआई के बदलाव लाने वाले असर को मानने और भविष्य में क्या कदम उठाने चाहिए, इस पर बात करने पर फोकस करेंगे ताकि एआई से दुनिया के हर नागरिक को फायदा हो. पीएमओ के बयान में कहा गया, 'यह एक्सपो एआई के एक्शन का एक नेशनल डेमोंस्ट्रेशन होगा, जहाँ पॉलिसी प्रैक्टिस से मिलती है, इनोवेशन स्केल से मिलता है और टेक्नोलॉजी आम नागरिक से मिलती है.'
वोटर लिस्ट अपडेट में अनियमितता, सात अधिकारियों पर कार्रवाई
16 Feb, 2026 08:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के काम में लगे सात अधिकारियों को निलंबित किया गया है। चुनाव आयोग ने गंभीर कदाचार के आरोपी इन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। राज्य के मुख्य सचिव को अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने का निर्देश भी दिया गया है। दोषी पाए गए सभी अफसर एसआईआर प्रक्रिया में सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। निर्वाचन आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13सीसी के तहत यह कार्रवाई की है।निलंबित किए गए सभी अधिकारी चुनाव आयोग के सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। बूथ स्तर के अधिकारी और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी आमतौर पर राज्य सरकार के कर्मचारी होते हैं, जिन्हें मतदाता सूची के अद्यतन और चुनाव प्रक्रिया में सहयोग के लिए आयोग में प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाता है।आयोग के आदेश का हवाला देते हुए अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को निर्देश दिया गया है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उनके कैडर नियंत्रक प्राधिकरणों के माध्यम से बिना किसी देरी के अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए। साथ ही, इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी आयोग को उपलब्ध कराई जाए।
निलंबित अधिकारियों की सूची -
1) डॉ. सफी उर्रहमान- एईआरओ, सहायक निदेशक, कृषि विभाग, 56-समसेरगंज विधानसभा क्षेत्र, मुर्शिदाबाद जिला |
2) नीतीश दास- राजस्व अधिकारी, फरक्का और 55-फरक्का विधानसभा क्षेत्र के लिए एईआरओ
3) डालिया रे चौधरी- एईआरओ, महिला विकास कार्यालय, मैनागुड़ी विकास खंड और 16-मैनागुड़ी विधानसभा क्षेत्र के लिए एईआरओ
4) एसके मुर्शिद आलम- एडीए, सूती ब्लॉक और 57-सूती विधानसभा क्षेत्र के लिए एईआरओ |
5) सत्यजीत दास- संयुक्त बीडीओ और 139-कैनिंग पुरबो विधानसभा क्षेत्र के लिए एईआरओ |
6) जॉयदीप कुंडू- एफईओ और 139-कैनिंग पुरबो विधानसभा क्षेत्र के लिए एईआरओ |
7) देबाशीष बिस्वास- संयुक्त बीडीओ और 229-डेबरा विधानसभा क्षेत्र के लिए एईआरओ |
क्या है ये नियम, जिसके तहत हुई कार्रवाई
प्रजातंत्र के प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13CC के तहत, आयोग को चुनाव संबंधित कार्यों में लगे अधिकारियों पर नियंत्रण रखने का अधिकार प्राप्त है। आवश्यक होने पर आयोग अनुशासनात्मक कार्रवाई करने या करने की सिफारिश करने का निर्देश भी दे सकता है।
सजा पूरी होने के दावे पर कोर्ट सख्त, अबू सलेम की याचिका खारिज
16 Feb, 2026 05:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुप्रीम कोर्ट ने 1993 मुंबई बम धमाकों के आरोपी और कुख्यात गैंगस्टर अबू सलेम की उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है, जिसमें उसने खुद को तुरंत रिहा करने की मांग की थी। सलेम का दावा है कि वह 25 साल की सजा पूरी कर चुका है और पिछले 10 महीनों से उसे गैर-कानूनी हिरासत में रखा गया है।
सुप्रीम कोर्ट बॉम्बे हाई कोर्ट जाने का दिया निर्देश
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने सलेम के वकील से कहा कि वे इस मामले को बॉम्बे हाई कोर्ट में ही उठाएं। बेंच ने साफ किया कि हाई कोर्ट ने अभी सिर्फ अंतरिम राहत देने से मना किया है, इसलिए सलेम को वहीं जाकर अपनी अंतिम बहस पूरी करनी चाहिए।सलेम ने बॉम्बे हाई कोर्ट के जुलाई 2025 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्यता में उसकी 25 साल की सजा अभी पूरी नहीं हुई है। सलेम के वकील ने महाराष्ट्र जेल नियमों का हवाला देते हुए दलील दी कि अगर अच्छे बर्ताव के बदले मिलने वाली छूट को जोड़ लिया जाए, तो सलेम अपनी सजा काट चुका है। वकील ने यह भी आरोप लगाया कि जेल प्रशासन ने जो हलफनामा दिया है, उसमें गिनती की गलती है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान जस्टिस नाथ ने कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सलेम को समाज के लिए कुछ अच्छा न करने की वजह से 25 साल की सजा मिली थी। उसे टेररिस्ट एंड डिसरप्टिव एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (टीएडीए) जैसे गंभीर कानून के तहत दोषी ठहराया गया है। कोर्ट ने सलेम को अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति दी और उसे हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई के लिए अर्जी देने की छूट दी।
कौन है अबू सलेम?
अबू सलेम 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट केस का दोषी है। उसे लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 11 नवंबर 2005 को पुर्तगाल से भारत लाया गया था। भारत और पुर्तगाल के बीच हुए समझौते के तहत सलेम को मौत की सजा नहीं दी जा सकती और उसकी जेल की सजा 25 साल से ज्यादा नहीं हो सकती।
जेल प्रशासन का क्या है कहना?
जुलाई 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा था कि केंद्र सरकार पुर्तगाल को दिए गए वादे को निभाने के लिए बाध्य है। जैसे ही सलेम की 25 साल की सजा पूरी होगी, उसे रिहा करना होगा। हालांकि, जेल प्रशासन के रिकॉर्ड के मुताबिक सलेम ने अब तक केवल 19 साल की सजा काटी है। सलेम को 1995 में हुए बिल्डर प्रदीप जैन की हत्या के मामले में भी उम्रकैद की सजा मिली हुई है। सलेम का कहना है कि उसकी कस्टडी 2005 से गिनी जानी चाहिए। अब इस मामले का भविष्य बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले पर टिका है।
भारतीय रेल का बड़ा अवसर, ट्रेनिंग के बाद सुपरवाइजर पद पर तैनाती
16 Feb, 2026 04:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय रेलवे ट्रेनों में साफ-सफाई के लिए नई व्यवस्था अपनाने जा रहा है। रेलवे ने एसी कोच के साथ ही जनरल कोच में भी यात्रा के दौरान सफाई करने का निर्णय लिया है। अब सभी कोच में एक घंटे के अंतराल में साफ सफाई होगी। रेलवे को इस मॉडल को लागू करने के लिए बड़ी संख्या में सफाई कर्मियों की जरूरत पड़ेगी, जबकि काम की निगरानी के लिए सुपरवाइजर भी तैनात किए जाएंगे।इसमें खास बात यह है कि स्टाफ को पहले ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद ही उन्हें साफ सफाई की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इस पर निगरानी रखने के लिए सुपरवाइजर भी नियुक्ति किए जाएंगे। इसके लिए 12वीं पास या आईटीआई डिप्लोमा को अनिवार्य योग्यता तय किया है। इस नई व्यवस्था से रेलवे पर अतिरिक्त खर्च जरूर बढ़ेगा, लेकिन यात्रियों पर किसी तरह का अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा।
12वीं पास या आईटीआई डिप्लोमा होना अनिवार्य
रेल मंत्री के मुताबिक, सफाई कर्मी तस्वीरें सीधे कंट्रोल रूम में भेजेंगे, जिससे रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी। इसके लिए एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। सफाई मानकों में कमी मिलने पर संबंधित वेंडर पर कार्रवाई की जाएगी, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले वेंडरों को ही आगे कॉन्ट्रैक्ट दिए जाएंगे। साफ-सफाई की निगरानी के लिए तैनात किए जाने वाले स्टाफ को पहले ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद ही उन्हें जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इस व्यवस्था के तहत नियुक्त किए जाने वाले सुपरवाइजर के लिए 12वीं पास या आईटीआई डिप्लोमा होना अनिवार्य किया गया है।रेलमंत्री ने कहा, यात्री सफाई नहीं हुई या ठीक से नहीं हुई तो यात्री फोटो रेल वन ऐप या रेलवे के सोशल मीडिया हैंडल पर डाल सकेंगे। छोटी-मोटी इलेक्ट्रिक मरम्मत जैसे लाइट या स्विच काम न करने जैसी शिकायतों को भी चलती ट्रेन में दूर किया जा सकेगा। हर जोन से 5-6 ट्रेनों को पहले चरण में चिह्नित कर सफाई व्यवस्था लागू होगी। पहले चरण के तहत लंबी दूरी की 80 ट्रेनों का चयन किया गया हैं। इसमें हर जोन की चार से पांच ट्रेनें शामिल है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से 80-80 ट्रेनों के समूह में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। अगले तीन वर्षों में सभी ट्रेनों में इस सफाई मॉडल को लागू करने की योजना है। रेल मंत्री ने कहा कि पहले लिनेन उपलब्ध कराने वाला वेंडर अलग था, बाथरूम, कोच सफाई का अलग। अब पारदर्शी तरीके से काम दिया जाएगा, ताकि जिम्मेदारी एक जगह हो। सफाई की निगरानी एआई कैमरों से होगी।
वैश्विक दबाव के बावजूद निर्यात में सुधार, जनवरी के आंकड़े सकारात्मक
16 Feb, 2026 04:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत के निर्यात में जनवरी महीने में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि जनवरी में देश का निर्यात 0.61 प्रतिशत बढ़कर 36.56 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है। यह बढ़ोतरी वैश्विक चुनौतियों के बीच सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से जनवरी तक कुल निर्यात 2.22 प्रतिशत बढ़कर 366.63 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंच गया है। सरकार का कहना है कि लगातार बढ़ता निर्यात देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की स्थिति बेहतर हो रही है।
असम राजनीति में ड्रामा: बोरा ने इस्तीफा लिया वापस, जानें वजह
16 Feb, 2026 03:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
असम की राजनीति में आज एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने इस्तीफा देने के कुछ ही घंटों के भीतर अपना फैसला वापस ले लिया। दिन की शुरुआत में इस्तीफा और शाम तक वापसी ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। इस पूरे घटनाक्रम को असम कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान और नेतृत्व स्तर पर सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है।बताया गया कि भूपेन बोरा ने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष खरगे को भेजा था। इस्तीफे में उन्होंने खुद को नजरअंदाज किए जाने और सम्मान नहीं मिलने की बात उठाई थी। लेकिन बाद में एआईसीसी के राज्य प्रभारी जितेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी हाईकमान के हस्तक्षेप के बाद बोरा ने इस्तीफा वापस लेने का फैसला किया। कई दौर की बातचीत और समझाइश के बाद यह यू-टर्न हुआ।
नेताओं की दौड़ और घर पर बैठकों का दौर
इस्तीफे की खबर सामने आते ही गुवाहाटी स्थित बोरा के आवास पर कांग्रेस नेताओं का पहुंचना शुरू हो गया। प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई समेत कई वरिष्ठ नेता और सहयोगी दलों के प्रतिनिधि उनसे मिले। पूरे दिन बैठकें चलीं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक बोरा को संगठन में अहम जिम्मेदारी देने का भरोसा दिया गया। इसके बाद उन्होंने साफ किया कि वह पार्टी में बने रहेंगे और संगठन के लिए काम जारी रखेंगे। इस तेज घटनाक्रम ने दिखाया कि पार्टी टूट की स्थिति से बचना चाहती थी।
भाजपा ने बोला हमला, कांग्रेस पर गंभीर आरोप
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस पूरे मामले पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बोरा का इस्तीफा कांग्रेस की अंदरूनी हालत का संकेत है। सरमा ने बयान दिया कि बोरा कांग्रेस के ऐसे आखिरी बड़े हिंदू नेता थे जो न विधायक थे, न मंत्री। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में आम परिवार से आने वाले नेता आगे नहीं बढ़ पाते। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बोरा ने भाजपा में शामिल होने के लिए उनसे संपर्क नहीं किया।
इस्तीफे के सियासी मायने समझें
भूपेन बोरा 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे और उन्हें संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का श्रेय दिया जाता है। उनके इस्तीफे और वापसी से साफ है कि पार्टी के भीतर असंतोष तो है, लेकिन फिलहाल टूट टल गई है। सरमा ने दावा किया कि आने वाले समय में कांग्रेस के कुछ विधायक पार्टी छोड़ सकते हैं। वहीं कांग्रेस खेमे का कहना है कि संगठन एकजुट है। विधानसभा चुनाव से पहले यह घटनाक्रम असम की सियासत में बड़ा संकेत माना जा रहा है।
सोना चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED का एक्शन, पूर्व अधिकारी से पूछताछ
16 Feb, 2026 01:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सबरीमाला सोने की चोरी की घटना से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोमवार को टीडीबी की पूर्व सचिव एस जयश्री ईडी के सामने पेश हुईं। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। यह जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रही है। द्वारपाल (संरक्षक देवता) की थालियों से कथित रूप से गायब हुए सोने से संबंधित मामले में चौथी आरोपी जयश्री को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अंतरिम सुरक्षा प्रदान की गई।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनका नाम आरोपी के रूप में दर्ज
अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज किए गए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी उनका नाम आरोपी के रूप में दर्ज किया गया। उन्होंने आगे बताया कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा जारी किए गए समन के बाद, जयश्री सुबह करीब 10 बजे यहां ईडी कार्यालय पहुंचीं। इससे पहले ईडी ने इस मामले के संबंध में एस श्रीकुमार और मुरारी बाबू सहित त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के अन्य अधिकारियों से भी पूछताछ की थी। जयश्री के खिलाफ आरोप यह है कि जब 2019 में सबरीमाला मंदिर की कलाकृतियों को दोबारा पॉलिश करने के लिए भेजा गया था, तब वह टीडीबी की सचिव के रूप में कार्यरत थीं।हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में, जयश्री ने यह दावा किया कि उन्होंने बोर्ड के निर्देशों पर ही कार्रवाई की थी। श्रीकोविल (पवित्र स्थान) के दरवाजों के चौखटों से कथित तौर पर सोना गायब होने से संबंधित दूसरे मामले में जयश्री को आरोपी नहीं बनाया गया है, जिसकी जांच भी एसआईटी द्वारा की जा रही है।
भारतीय नौसेना का अंतरराष्ट्रीय अभ्यास, तीन देशों के जहाज पहुंचे
16 Feb, 2026 01:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत 'मिलन-2026' नौसैनिक युद्धाभ्यास की मेजबानी करने जा रहा है। ऐसे में भारतीय नौसेना ने रविवार को थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के नौसैनिक जहाजों का स्वागत किया। हर दूसरे वर्ष आयोजित होने वाले इस युद्धाभ्यास का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग और सुरक्षा को बढ़ावा देना है।
भारतीय नौसेना ने किया 'स्वागत' पोस्ट
तीन देशों के नौसैनिक जहाजों के बारे में एक्स पर कई पोस्टों में विवरण साझा करते हुए भारतीय नौसेना की पूर्वी नौसेना कमान ने कहा, "स्वागत है! भारतीय नौसेना रॉयल थाई नौसेना के अपतटीय गश्ती पोत एचटीएमएस क्राबी का विशाखापत्तनम पहुंचने पर स्वागत करती है, जो आईएफआर 2026 इंडिया और मिलन 2026 में भाग लेने के लिए आई है।' ऐसे ही दो अन्य पोस्ट में रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना का फ्रिगेट एचएमएएस वारामुंगा और श्रीलंकाई नौसेना के एसएलएनएस नंदी मित्रा और एसएलएनएस सागरा की भी जानकारी दी।
दो चरणों में होगी नौसैनिक युद्धाभ्यास
भारत के सबसे बड़े नौसैनिक आयोजनों में से एक अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा (आईएफआर) में मिलन अभ्यास के दौरान इस बार 65 देशों के प्रतिनिधित्व के साथ 19 विदेशी युद्धपोतों सहित 71 जहाजों की भागीदारी देखने को मिलेगी। मिलन अभ्यास 19-20 फरवरी को बंदरगाह चरण में और 21-25 फरवरी को बंगाल की खाड़ी में समुद्री चरण में होगा। गौरतलब है कि आईएनएस विक्रांत पहले ही विशाखापत्तनम पहुंच चुका है और इस भव्य आईएफआर का हिस्सा होगा।18 फरवरी को राष्ट्रपति द्वारा समुद्र में आईएफआर की समीक्षा की जाएगी। इस कार्यक्रम में कुल 71 जहाज भाग लेंगे, जिन्हें छह श्रेणियों में व्यवस्थित किया गया है, जिनमें 19 विदेशी युद्धपोत और भारतीय नौसेना के 45 जहाज शामिल हैं। शेष जहाजों में तटरक्षक बल, व्यापारिक नौसेना और अनुसंधान पोत शामिल हैं।
1995 में चार देशों के साथ हुई थी शुरुआत
दो चरणों में होने वाले इस नौसैनिक युद्धाभ्यास में अमेरिका, रूस, फ्रांस और जापान सहित कई देशों के साथ संयुक्त अभ्यास होगा। हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी में 25 तटीय देशों के नौसेना प्रमुख शामिल हैं। समुद्री डकैती, आपदा राहत और अवैध गतिविधियों से निपटने के लिए साझा कार्यप्रणाली पर भी चर्चा होगी। बता दें कि मिलान सैन्य अभ्यास, जिसकी शुरुआत 1995 में केवल चार देशों के साथ हुई थी, अब विश्व भर की 65 नौसेनाओं को शामिल कर चुका है।
आतंकी गतिविधियों के शक में 21 स्थानों पर तलाशी, ATS की समन्वित कार्रवाई
15 Feb, 2026 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते ने संदिग्ध आतंकी गतिविधियों की खुफिया जानकारी के मद्देनजर दो जिलों में ताबड़तोड़ तलाशी अभियान चलाया। एटीएस ने यवतमाल और अहिल्यानगर जिलों के 21 ठिकानों पर छापेमारी करते हुए पूछताछ के लिए कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
दरअसल, एटीएस को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ युवाओं को आतंकी संगठनों से संपर्क करके सक्रिय करने की कोशिश की जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि एटीएस ने आधी रात के आसपास शुरू किए गए छापों में दोनों जिलों में 20 से अधिक स्थानों की तलाशी ली और एक दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
एटीएस ने यवतमाल जिले के पुसद और उमरखेड़ में 14 जगह और अहिल्यानगर (अहमदनगर) में सात जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि राज्य में युवाओं के कट्टरपंथीकरण के बारे में मिली विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर एटीएस ने जिला पुलिस टीम के साथ मिलकर यवतमाल के पुसाद और उमरखेड़ शहरों में अभियान चलाया।
अधिकारी ने बताया कि संदिग्धों से जुड़े घरों, कार्यालयों और अन्य स्थानों सहित 14 जगहों पर तलाशी जारी है और टीमों ने आपत्तिजनक दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं और सीसीटीवी फुटेज की जांच की है।
उन्होंने बताया कि एटीएस ने तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं। अधिकारी ने बताया कि संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि इस अभियान के लिए बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है। अधिकारी ने आगे बताया कि मध्य महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में सात स्थानों पर इसी तरह की छापेमारी की गई और पुलिस ने संदिग्धों से आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
बच्चों की डिजिटल सुरक्षा पर जोर: केरल सरकार 6 लाख पेरेंट्स को सिखाएगी AI
15 Feb, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुवनंतपुरम। केरल के शिक्षा विभाग की तकनीकी शाखा केरल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन (केआईटीई) ने वयस्क आबादी के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस पहल का नाम ‘सर्वम एआई मयम’ (एआई सर्वत्र है) रखा गया है। इसे देश का सबसे बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जागरूकता कार्यक्रम माना जा रहा है।
इस योजना के तहत ‘लिटिल काइट्स’ आईटी क्लब के छात्र सरकारी स्कूलों के जरिए छह लाख अभिभावक को प्रशिक्षण देंगे। यह प्रोग्राम 30 जून 2026 तक चलेगा। राज्य की 2,200 ‘लिटिल काइट्स’ यूनिट्स इस काम में जुटी हैं। हर यूनिट औसतन 300 अभिभावकों को प्रशिक्षित करेगी।
प्रशिक्षण का मॉड्यूल दो घंटे का है। इसमें एआई के फायदों और खतरों, दोनों की जानकारी दी जाएगी। काइट के सीईओ अनवर सदाथ ने बताया कि प्रशिक्षण की शुरुआत मशीन लर्निंग के आसान परिचय से होती है। प्रशिक्षण में राजा रवि वर्मा की मशहूर पेंटिंग्स को एनिमेशन के जरिए जीवंत करके दिखाया जाता है।
प्रशिक्षण में अभिभावकों को स्मार्टफोन के जरिए रोजमर्रा के कामों में एआई का इस्तेमाल सिखाया जाएगा। वे एआई टूल्स की मदद से घर में मौजूद चीजों से रेसिपी बनाना, पक्षियों और पौधों की पहचान करना सीखेंगे। इसके अलावा, वे दूसरी भाषाओं को अपनी भाषा में अनुवाद करना भी सीखेंगे। प्रशिक्षण में एआई के जरिए कविता लिखना, यात्रा की योजना बनाना और पुरानी तस्वीरों को बेहतर बनाने जैसी की चीजों को सिखाया जाएगा।
अधिकारी ने आगे कहा कि इन फायदों के साथ-साथ यह प्रोजेक्ट डिजिटल दुनिया के खतरों से भी आगाह करता है। इसमें डीपफेक वीडियो, नकली फोटो और क्लोन की गई आवाजों को पहचानने के तरीके बताए जाएंगे। इससे लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी और फेक न्यूज से बच सकेंगे। इसके साथ ही अभिभावकों को समग्र प्लस लर्निंग रूम नाम के एजुकेशनल प्लेटफॉर्म की जानकारी भी दी जाएगी। जो केआईटीई द्वारा बनाया गया एक एआई-बेस्ड एजुकेशनल प्लेटफॉर्म है ताकि वे अपने बच्चों की पढ़ाई में मदद कर सकें।
बयान के मुताबिक, यह पहल 2023-24 में 400,000 अभिभावक को दी गई सफल साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण का अगला हिस्सा है। सदाथ ने बताया कि प्रशिक्षण में सबसे नए सुरक्षा मानक शामिल होंगे, जिसमें आईटी इंटरमीडियरी अमेंडमेंट रूल्स 2026 भी शामिल हैं, जो 20 फरवरी, 2026 से लागू होंगे। अधिकारी ने आगे कहा कि ‘सर्वम एआई मयम’ का मकसद नागरिकों को डिजिटल दौर में जागरूक बनाना है।
सुरक्षा को नई ताकत: मेरठ में तैयार होगा देश का पहला ड्रोन रनवे
15 Feb, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेरठ: ऑपरेशन सिंदूर की शानदार सफलता के बाद अब केंद्र सरकार मेरठ को देश की रक्षा तकनीक का हब बनाने की तैयारी में है. सीमा सड़क संगठन (BRO) ने मेरठ में देश के पहले समर्पित मानव रहित विमान (UAV) और ड्रोन रनवे के निर्माण के लिए औपचारिक टेंडर जारी कर दिया है. यह रनवे भारत की सामरिक और रणनीतिक शक्ति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा.
अभी तक भारत में ड्रोन संचालन के लिए सामान्य हवाई पट्टियों का उपयोग किया जाता रहा है, लेकिन यह पहला मौका होगा जब केवल ड्रोन और रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (RPA) के लिए एक विशेष अत्याधुनिक रनवे डिजाइन किया गया है.
बताया जा रहा है कि इसकी कुल लागत 406 करोड़ (अनुमानित) है.परियोजना के लिए लगभग 900 एकड़ भूमि निर्धारित की गई है और इसे पूरा करने में करीब 85 महीने यानी लगभग सात वर्ष का समय लग सकता है. यहां से न केवल सीमाओं की निगरानी होगी, बल्कि यह ड्रोन पायलटों के लिए देश का प्रमुख ट्रेनिंग सेंटर भी बनेगा.
बीआरओ द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस रनवे (14/32) का डिजाइन बेहद उन्नत है. 2110 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे होगा. इसे इस तरह बनाया जा रहा है कि ड्रोन के साथ-साथ C-295 और C-130 जैसे विशाल मालवाहक विमान भी यहां सुरक्षित लैंडिंग और संचालन कर सकें.
किसानों के लिए बड़ी पहल: हर खेत को मिलेगा अपना ‘आधार’, रिकॉर्ड होगा पूरी तरह डिजिटल
15 Feb, 2026 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: अक्सर देखा जाता है कि एक इंच जमीन के लिए भी सालों-साल कोर्ट के चक्कर काटने पड़ते हैं. कभी नक्शे में गड़बड़ी तो कभी असली मालिक की पहचान का संकट, जमीन से जुड़े विवाद आम आदमी की जमा-पूंजी और सुकून दोनों छीन लेते हैं. लेकिन अब इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा रहा है. दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिसके तहत अब इंसानों की तरह ही हर जमीन का अपना एक आधार कार्ड होगा. इसे तकनीकी भाषा में ULPIN यानी ‘विशिष्ट भूखंड पहचान संख्या’ नाम दिया गया है. हाल ही में महाराष्ट्र में ये ‘भू-आधार’ को लाया गया है.
इस नई व्यवस्था में हर एक प्लॉट या खेत को 14 अंकों का एक यूनिक नंबर दिया जाएगा. इसे ही ‘भू-आधार’ कहा जा रहा है. जैसे आपका आधार नंबर डालते ही आपकी पहचान सामने आ जाती है, ठीक वैसे ही इस 14 अंकों के नंबर को सिस्टम में डालते ही जमीन का पूरा इतिहास खुल जाएगा. उस जमीन का क्षेत्रफल कितना है, उसकी सीमाएं कहां तक हैं, उसका असली मालिक कौन है और उस पर अब तक कौन-कौन सी फसलें उगाई गई हैं, यह सारी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी.
घाटी में सख्ती बढ़ी: सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा एक्शन, वांछित आतंकियों के पोस्टर जारी
15 Feb, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू। जम्मू-कश्मीर पुलिस (Jammu and Kashmir Police) ने आतंकवाद रोधी अभियान (Anti-Terrorism Operations) तेज करते हुए डोडा जिले (Doda district) में सक्रिय आतंकवादियों के बारे में सूचना देने के संबंध में कई अहम स्थानों पर पोस्टर चस्पा किए हैं। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि इनमें प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर सैफुल्लाह का नाम भी शामिल है।
हालिया मुठभेड़ और क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी से जुड़ी खुफिया जानकारी मिलने के बाद जम्मू संभाग के ऊंचाई वाले इलाकों में सुरक्षा अभियान तेज कर दिए गए हैं। इसी क्रम में यह कदम उठाया गया है।पोस्टर डोडा के प्रवेश बिंदु पर गणपत पुल, नागरी, डेसा और ठाठरी समेत प्रमुख चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि जनसहभागिता बढ़ाने के लिए संवेदनशील इलाकों में और भी नोटिस लगाए जा रहे हैं। इस बीच, शनिवार सुबह सुरक्षा बलों ने डोडा के गांदो क्षेत्र के चिल्ली जंगल में आंतकवादियों के एक ठिकाने का भंडाफोड़ किया। वहां से खाने-पीने का सामान और कंबल बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान और तेज कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि संदिग्धों की तस्वीरों और संक्षिप्त विवरण वाले पोस्टरों के जरिये आम लोगों से कोई भी विश्वसनीय सूचना को पुलिस के साथ साझा करने की अपील की गई है। साथ ही सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने और सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन भी दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि यह पोस्टर अभियान चेनाब घाटी क्षेत्र में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। डोडा और पड़ोसी किश्तवाड़ जिलों में हाल के वर्षों में कई मुठभेड़ हुई हैं, क्योंकि आतंकियों ने जम्मू क्षेत्र के उन हिस्सों में फिर से गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश की है, जहां पहले आतंकवाद पर काफी हद तक काबू पा लिया गया था।
पिछले एक महीने से डोडा, किश्तवाड़, कठुआ, उधमपुर, राजौरी और पुंछ जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी है। इस दौरान 10 से अधिक मुठभेड़ हुई हैं। इनमें से ज्यादातर किश्तवाड़, उधमपुर और कठुआ में हुई हैं, जिनमें जेईएम के चार पाकिस्तानी आतंकवादी ढेर हो गए और सेना का एक जवान शहीद हो गया। चार फरवरी को उधमपुर के रामनगर वन क्षेत्र और किश्तवाड़ के छत्रू इलाके में मुठभेड़ में दो आतंकवादी ढेर हो गए, जबकि 23 जनवरी को कठुआ के परेहतर इलाके में एक अन्य आतंकी मारा गया। वहीं, 18 जनवरी को छत्रू में हुई मुठभेड़ में सेना का एक ‘पैरा ट्रूपर’ शहीद हो गया।
ISRO का निसार उपग्रह करेगा किसानों की बड़ी मदद… मिलेगी मिट्टी की नमी की सटीक जानकारी
15 Feb, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organization- ISRO) ने निसार (NISAR) उपग्रह के बारे में अहम जानकारी साझा की है। यह उपग्रह भारत (India) और अमेरिका (NASA) का संयुक्त प्रोजेक्ट है, जो एस-बैंड और एल-बैंड रडार की मदद से पृथ्वी की सतह की निगरानी करता है। निसार का मुख्य उद्देश्य मिट्टी में नमी का सटीक और नियमित आकलन करना है। इसरो के अनुसार, यह उपग्रह हर 12 दिनों में भारत के पूरे भू-भाग का उच्च रिजॉल्यूशन (100 मीटर) डेटा प्रदान करेगा। इससे किसानों, वैज्ञानिकों और सरकार को मिट्टी की नमी की लगभग वास्तविक समय की जानकारी मिल सकेगी।
मिट्टी में नमी की जानकारी कृषि के लिए बहुत उपयोगी है। यह फसलों की सेहत, सिंचाई की कितनी जरूरत है, सूखे का खतरा कितना है और जल प्रबंधन जैसे मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारत में अलग-अलग इलाकों जैसे सिंचित मैदान, वर्षा पर निर्भर खेत, अर्ध-शुष्क क्षेत्र और ज्यादा बारिश वाले इलाकों में मिट्टी की नमी अलग-अलग होती है। निसार का डेटा इन सभी क्षेत्रों में एकसमान और भरोसेमंद अनुमान देगा। इसरो ने एक भौतिकी-आधारित एल्गोरिदम विकसित किया है, जो इस डेटा को और अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाता है।
NISAR के पास क्या है टारगेट
निसार हर 12 दिनों में दो बार (दो अलग-अलग दिशाओं से) अवलोकन करेगा, जिससे मिट्टी की नमी में होने वाले बदलावों की निगरानी आसान हो जाएगी। इससे किसान सिंचाई की बेहतर योजना बना सकेंगे, सूखे से पहले तैयारी कर सकेंगे, मौसम आधारित कृषि सलाह ले सकेंगे और पानी के संसाधनों का सही प्रबंधन कर सकेंगे। यह डेटा जिलों, कृषि समुदायों और योजनाकारों के लिए बहुत मददगार साबित होगा।
किस तरह की मिलेगी मदद
इसरो ने बताया कि 100 मीटर रिजॉल्यूशन वाला यह लेवल-4 मिट्टी नमी डेटा राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग केंद्र में तैयार किया जाएगा। फिर इसे भूनिधि पोर्टल के जरिए पूरे देश के किसानों, शोधकर्ताओं, सरकारी विभागों और गैर-सरकारी संगठनों को आसानी से उपलब्ध कराया जाएगा। इस तरह निसार उपग्रह भारत की कृषि और जल संसाधन प्रबंधन को मजबूत बनाने में बड़ा योगदान देगा। इस तरह इसरो लगातार बड़े-बड़े कारनामे कर रहा है।
तारिक रहमान के शपथ समारोह में शामिल नहीं होंगे PM मोदी? 17 फरवरी को मुंबई में इमैनुएल मैक्रों के साथ मीटिंग फिक्स
15 Feb, 2026 01:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Tarique Rahman Oath: बांग्लादेश में तारिक रहमान की पार्टी BNP ने एकतरफा जीत दर्ज की है. BNP की जीत के बाद तारिक रहमान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री बनेंगे. तारिक रहमान के शपथ समारोह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 13 देशों को न्यौता दिया गया है, जिसमें भारत भी शामिल है. माना जा रहा है कि पीएम मोदी तारिक रहमान के शपथ समारोह में खुद नहीं शामिल होंगे, क्योंकि उसी दिन मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठक पहले से तय है. ऐसे में कोई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी प्रतिनिधि समारोह में शामिल हो सकता है.
बता दें, बीएनपी ने इस चुनाव में दो तिहाई से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज की है. BNP ने 297 में से 209 सीटें जीतकर शानदार वापसी की है. जबकि बांग्लादेश में सरकार बनाने का दावा करने वाली पार्टी को सिर्फ 68 सीटें ही मिली हैं. BNP के मुखिया ने करीब 17 सालों बाद लंदन से बांग्लादेश में वापसी की है. उनकी वापसी के बाद यह पहला चुनाव है, जिसमें एकतरफा जीत दर्ज की है. तारिक रहमान की जीत पर पीएम मोदी ने भी बधाई दी है.
पीएम मोदी ने फोन पर दी बधाई
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “तारिक रहमान से बात करके मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई. मैंने उन्हें बांग्लादेश चुनावों में उनकी शानदार जीत पर बधाई दी. मैंने बांग्लादेश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के उनके प्रयासों में अपनी शुभकामनाएं और समर्थन व्यक्त किया. गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों वाले दो निकट पड़ोसी देशों के रूप में, मैंने दोनों देशों की जनता की शांति, प्रगति और समृद्धि के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया.”
इन मुद्दों पर बातचीत की संभावना?
मुंबई में 17 फरवरी को पीएम मोदी और इमैनुएल मैक्रों के साथ मीटिंग पहले से ही तय थी. इस मीटिंग में भारत की यूरोप नीति और फ्रांस के साथ रणनीतिक साझेदारी पर बातचीत होने की संभावना है. बैठक में रक्षा, इंडो-पैसिफिक और टेक्नोलॉजी पर विशेष फोकस रखे जाने की संभावना है.
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