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साल का पहला सूर्य ग्रहण आज
17 Feb, 2026 10:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। साल का पहला सूर्य ग्रहण मंगलवार को लगने वाला है। यह सूर्य ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगने वाला है। यह एक वलयाकार या कंकण सूर्य ग्रहण होगा। इस तरह के ग्रहण में सूर्य और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा ठीक केंद्र में आ जाता है, जिससे सूर्य किनारों से किसी चमकदार रिंग की तरह दिखाई देता है। खगोलविद इसे रिंग ऑफ फायर कहते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस सूर्य ग्रहण में चंद्रमा सूर्य के लगभग 96 फीसदी हिस्से को ढक देगा। यह सूर्य ग्रहण दोपहर 3 बजकर 26 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 57 मिनट तक रहने वाला है।
रोहित शेट्टी फायरिंग केस में 4 आरोपी गिरफ्तार
17 Feb, 2026 09:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फरीदाबाद। मुंबई में फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर पर 31 जनवरी को पांच राउंड फायरिंग हुई थी। इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच और हरियाणा के झज्जर की बहादुरगढ़ स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संयुक्त ऑपरेशन के तहत हरियाणा के बहादुरगढ़ से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चारों आरोपियों को मुंबई लाने की तैयारी है। हरियाणा एसटीएफ के एसपी विक्रांत भूषण ने बताया कि मुंबई में रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग की घटना के बाद मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने उनसे संपर्क किया था। इसके बाद हरियाणा एसटीएफ और मुंबई पुलिस ने मिलकर बहादुरगढ़ से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनका नाम ऋतिक यादव, दीपक, सनी और सोनू है। सभी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने आगे बताया कि दीपक मुख्य शूटर था, जो विदेश में बैठे हरि बॉक्सर और आरजू के संपर्क में था। उसी ने रोहित शेट्टी के घर पर गोली चलाई थी। वहीं, उसके साथी सन्नी और सोनू ने घर के बाहर रेकी की थी। आरोपी ऋतिक ने दीपक और उसके साथियों को छिपने में मदद की।
पटाखा फैक्ट्री में आग, 8 की मौत
17 Feb, 2026 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिवाड़ी। राजस्थान के भिवाड़ी की केमिकल-पटाखा फैक्ट्री में 8 लोग जिंदा जल गए। उनके शव निकाल लिए गए हैं। 1 मजदूर अब भी फंसा है। घटना के समय करीब 25 मजदूर काम कर रहे थे। हादसा खुशखेड़ा करौली इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुआ। एडीएम सुमिता मिश्रा ने बताया- पुलिस को गश्त के दौरान घटना का पता चला। तुरंत रेस्क्यू शुरू किया गया। इस फैक्ट्री में केमिकल के साथ पटाखे भी बनाए जाते थे। फैक्ट्री मालिक का नाम राजेंद्र है। खुशखेड़ा और भिवाड़ी रीको फायर स्टेशन से दमकल की गाडिय़ां मौके पर पहुंचीं। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। मौके पर तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह मौजूद हैं। उन्होंने जांच शुरू कर दी है। भिवाड़ी एसपी और एडीएम भी जल्द ही घटनास्थल पर पहुंचने वाले हैं।
कूटनीति और खगोलीय संयोग: मैक्रों का भारत दौरा और पहला सूर्य ग्रहण
17 Feb, 2026 08:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शुरुआत फ्रांस के राष्ट्रपति से। वे मंगलवार से भारत के दौरे पर हैं। यह दौरा तीन दिन का है। इस दौरान वे मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह राष्ट्रपति मैक्रों का भारत का चौथा और मुंबई का पहला दौरा होगा। दोपहर लगभग 3:15 बजे दोनों नेता मुंबई के लोक भवन में द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस वार्ता के दौरान वे भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। उनकी चर्चा रणनीतिक साझेदारी और नए उभरते क्षेत्रों में विस्तारित करने पर केंद्रित होगी। (संबंधित खबर यहां पढ़ें)
छठा भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा संवाद
भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए मंगलवार को बंगलूरू में छठा भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा संवाद आयोजित होगा। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की सशस्त्र बल और वेटरन्स मामलों की मंत्री कैथरीन वॉट्रिन करेंगी। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग समझौते को अगले 10 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। (संबंधित खबर यहां पढ़ें)
बांग्लादेश में नई सरकार का शपथ समारोह
बांग्लादेश में मंगलवार को तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके शपथ समारोह में दुनियाभर के लगभग 1,200 गणमान्य व्यक्तियों की शामिल होने की उम्मीद है। भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शामिल होंगे। वहीं, पाकिस्तान के योजना मंत्री अहसान इकबाल शामिल होंगे। (संबंधित खबर यहां पढ़ें)
सीबीएसई परीक्षाएं आज से शुरू
केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो रही हैं। कक्षा 10वीं का पहला पेपर मैथ्स का है। वहीं, 12वीं के छात्रों के लिए पहला पेपर बायोटेक्नोलॉजी और शॉर्ट हैंड का रखा गया है। (संबंधित खबर यहां पढ़ें)
मोहन भागवत का लखनऊ दौरा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत मंगलवार को दो दिन के लखनऊ दौरे पर रहेंगे। वह संघ के शताब्दी वर्ष के चल रहे कार्यक्रमों के तहत 17 और 18 फरवरी को चार प्रमुख बैठक करेंगे।( संबंधित खबर यहां पढ़ें)
सुखबीर बादल का 'पंजाब बचाओ' जनसंपर्क अभियान
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल मंगलवार से ‘पंजाब बचाओ -सरदार सुखबीर सिंह बादल लाओ’ नाम से अभियान शुरू करेगी। बादल ने कहा कि रैलियों और जनसंपर्क अभियान के दाैरान पंजाब के सभी ज्वलंत मुददों को उठाते हुए पार्टी अपना विजन पेश करेगी। (संबंधित खबर यहां पढ़ें)
एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन
एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन का मंगलवार को दूसरा दिन है। यह कार्यक्रम भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में दुनिया के 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष शिरकत करेंगे। इसका मकसद जिम्मेदार एआई शासन, नवाचार तंत्र, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, जलवायु-जागरूक प्रौद्योगिकी और उभरती प्रौद्योगिकियों तक समान पहुंच पर संवाद को बढ़ावा देना है। (संबंधित खबर यहां पढ़ें)
साल का पहला सूर्य ग्रहण
साल का पहला सूर्य ग्रहण मंगलवार को लगने जा रहा है। यह ग्रहण भारतीय समय के अनुसार यह सूर्य ग्रहण दोपहर 03 बजकर 26 मिनट पर शुरू हो जाएगा। यह ग्रहण रिंग ऑफ फायर के रूप में दिखाई देगा। वहीं, शाम 7. 57 मिनट पर खत्म होगा। (संबंधित खबर यहां पढ़ें)
विश्व कप मैच में तीन मैच
टी20 विश्व कप 2026 में मंगलवार को तीन मैच खेले जाएंगे। पहला मैच न्यूजीलैंड और कनाडा के बीच सुबह 11 बजे से चेन्नई में खेला जाएगा। दूसरा मैच दोपहर 3 बजे से आयरलैंड और जिम्बाब्वे के बीच कैंडी में खेला जाएगा। दिन का तीसरा मैच स्कॉटलैंड और नेपाल के बीच होगा। यह मुकाबला शाम सात बजे से मुंबई में खेला जाएगा। (संबंधित खबर यहां पढ़ें)
कांग्रेस MLA की सदस्यता खत्म, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
17 Feb, 2026 08:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कांग्रेस विधायक एस. एन. सुब्बारेड्डी का चुनाव रद्द कर दिया है। वे 2023 के विधानसभा चुनाव में चिक्कबल्लापुर जिले की बागेपल्ली सीट से जीते थे। कोर्ट के इस फैसले से कांग्रेस को झटका लगा है। क्योंकि जो सीट कांग्रेस के पास थी, अब उस पर उनके विधायक की सदस्यता खत्म हो गई। अगर दोबारा चुनाव हुआ तो सीट बचाना कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती होगी।
क्या है पूरा मामला?
भाजपा उम्मीदवार मुनिराजू ने 24 जून 2023 को हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि सुब्बारेड्डी ने नामांकन के समय अपनी पूरी संपत्ति की जानकारी नहीं दी। उन्होंने अपने खिलाफ चल रहे कुछ आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान क्या कहा?
इस सुनवाई के दौरान यह साबित हो गया कि विधायक ने संपत्ति की घोषणा में नियमों का उल्लंघन किया और जरूरी जानकारी छिपाई गई थी। इसी आधार पर कोर्ट ने उनका चुनाव अमान्य यानी रद्द कर दिया।
बागेपल्ली सीट पर फिर से चुनाव?
इसके साथ ही कर्नाटक कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि अब इस सीट पर दोबारा चुनाव कराने का अधिकार चुनाव आयोग के पास है। यानी बागेपल्ली सीट पर फिर से चुनाव हो सकता है।
कोर्ट के फैसले से नेताओं को बड़ा संदेश
कर्नाटक हाई कोर्ट का यह फैसला साफ संकेत है कि चुनाव में संपत्ति या केस छिपाना नेताओं को भारी पड़ सकता है। यह केस भाजपा उम्मीदवार रहे मुनिराजू ने ही लड़ा था। अब उपचुनाव होने पर भाजपा को राज्य में एक और सीट जीतने का अच्छा मौका मिल गया है।
शिखर सम्मेलन का दूसरा दिन अहम, गुटेरेस सहित वैश्विक नेताओं की भागीदारी
17 Feb, 2026 07:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली में सोमवार से 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' का शानदार आगाज हो चुका है। आज यानी 17 फरवरी को इस वैश्विक सम्मेलन का दूसरा दिन है। इसमें दुनियाभर के कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, सरकार के प्रमुख और मंत्री शामिल हो रहे हैं। इनके अलावा तकनीकी क्षेत्र के दिग्गज, शोधकर्ता और उद्योग जगत के विशेषज्ञ भी इस मंच पर जुटे हैं।
समिट के पहले दिन कैसा रहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया था। समिट के पहले दिन 'एआई और मीडिया: अवसर, जिम्मेदारीपूर्ण मार्ग और आगे का रास्ता' विषय पर सत्र हुआ। इसका साझेदार डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (डीएनपीए) था, जो भारत के प्रमुख प्रकाशक समूहों की डिजिटल इकाइयों का संगठन है। सत्र में अमर उजाला समूह के प्रबंध निदेशक तन्मय माहेश्वरी ने भी हिस्सा लिया। चर्चा में माहेश्वरी ने कहा, 'हमारे लिए एआई एक तकनीक की तरह ही है। किसी भी दूसरी तकनीक के अच्छे और बुरे, दोनों पहलू होते हैं। इसका क्लासिक उदाहरण परमाणु प्रौद्योगिकी है। इससे दुनिया का सबसे खतरनाक बम भी बन सकता है और दूसरी तरफ यह स्वच्छ उर्जा के स्रोतों में से एक भी है। एआई के साथ भी कुछ ऐसा ही है। सवाल यही है कि आप इसका इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं। आपको इसके साथ हमेशा इंसानों को जोड़ना होगा।'
किन देशों की भागीदारी होगी?
यह सम्मेलन पांच दिन तक चलेगा। इसमें इंडिया एआई एक्सपो-2026 का आयोजन इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ किया जा रहा है।
यह आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहा है। यह कार्यक्रम दुनिया भर की टेक कंपनियों, स्टार्टअप, शिक्षण और शोध संस्थानों, केंद्रीय व राज्य सरकारों तथा वैश्विक साझेदारों को एक मंच पर लाएगा।
13 देशों के विशेष पवेलियन भी लगाए जाएंगे, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीकी देशों की भागीदारी रहेगी।
एआई समिट के दूसरे दिन क्या कार्यक्रम रहेंगे?
समिट के दूसरे दिन एप्लाइड एआई पर एक सेमिनार आयोजित किया जाएगा और स्वास्थ्य, ऊर्जा, शिक्षा, कृषि, सशक्तिकरण और विकलांगताओं में एआई पर आधारित केसबुक सहित प्रमुख ज्ञान संग्रह जारी किए जाएंगे। इसमें ज्ञान सार-संग्रह का विमोचन, एप्लाइड एआई पर सेमिनार, 'महिलाओं द्वारा संचालित एआई: वैश्विक प्रभाव चुनौती', मुख्य वक्ताओं और पैनल चर्चाएं, साथ ही एआई इम्पैक्ट एक्सपो शामिल होंगे। ये सभी कार्यक्रम भारत मंडपम, सुषमा स्वराज भवन और अंबेडकर भवन में आयोजित किए जाएंगे।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख गुटेरेस भी नई दिल्ली पहुंचेंगे
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी नई दिल्ली पहुंचेंगे, ताकि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता को अधिक समावेशी बनाने और इसके जोखिमों के प्रति दुनिया को सचेत करने पर जोर दें। उनके प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने सोमवार को यह जानकारी दी। गुटेरेस उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे, जिसमें कई विश्व नेता और 100 से अधिक देशों से 35 हजार लोग हिस्सा लेंगे।
कूटनीति, शिक्षा और राजनीति— आज की तीन बड़ी खबरें
17 Feb, 2026 06:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रों मंगलवार को मुंबई पहुंचे, जहां उनका राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैक्रों आज द्विपक्षीय बैठक करेंगे। वहीं, सीबीएसई की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं आज से शुरू हो रही हैं, जिसमें 15,649 केंद्रों पर 43 लाख से अधिक छात्र शामिल होंगे। साल का पहला सूर्य ग्रहण भी आज लगेगा, लेकिन भारत में इसे देखा नहीं जा सकेगा। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और मैदानों में बारिश के आसार हैं, जबकि दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में उमस भरा मौसम रहेगा। उधर, बांग्लादेश में तारिक रहमान आज प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। वहीं, पंजाब में चुनाव से पहले भाजपा सिद्धू दंपती की घर वापसी की रणनीति पर काम कर रही है। जम्मू के बाल सुधार गृह में सुरक्षा चूक के चलते दो पाकिस्तानी नागरिक समेत तीन कैदी फरार हो गए और छह पुलिसकर्मी निलंबित किए गए। वहीं, हॉलीवुड के दिग्गज और ऑस्कर विजेता अभिनेता रॉबर्ट डुवैल का 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया। टी20 विश्व कप में श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराकर सुपर-8 की स्थिति बदल दी।
पड़ोसी राजनीति के नतीजों में भारत की रणनीतिक उम्मीद
17 Feb, 2026 05:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चुनाव में बांग्लादेश आवामी लीग (बीएएल) की अनुपस्थिति और धुरविरोधी रही बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की जीत के बावजूद भारत को पड़ोसी देश से संबंध में सुधार की उम्मीद है। भारत की इस उम्मीद का कारण चुनाव के बाद पड़ोसी देश में बदली राजनीतिक परिस्थितियां हैं। मसलन भारत विरोधी और मजहबी कट्टरपंथी जमात एक इस्लामी के छात्र संगठनों के दल समेत 11 दलों के गठंबधन को मिली असफलता के बाद पड़ोसी देश में पहली बार जमीनी स्तर पर बीएनपी बनाम जमात की जंग की शुरुआत है। इससे पहले भारत संयुक्त रूप से बीएनपी और जमात के निशाने पर रहा है।सरकारी सूत्र के मुताबिक, पड़ोसी देश के आम चुनाव में कई ऐसी घटना हुई हैं, जिससे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिले हैं। इसमें सबसे अहम पड़ोसी देश में छात्र आंदोलन के कारण मचे भारी उथल पुथल के बावजूद मतदान में आई करीब 30 फीसदी की गिरावट है। गिरावट इस बात का संकेत है कि छात्र आंदोलन के बाद अंतरिम सरकार की अदूरदर्शी नीतियों-व्यवहार के कारण बांग्लादेश के बाजार में आए संकट और कानून व्यवस्था की स्थिति से एक बड़ा तबका नाखुश है।
भारत विरोधी विचार को नहीं मिला समर्थन
नतीजे यह भी बताते हैं कि भले ही आम चुनाव से पहले जमात और छात्रों के संगठनों ने भारत विरोधी भावनाएं भड़काई। इसी बहाने छात्र संगठनों की नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) ने जमात से गठबंधन कर अपनी सियासी जड़ें मजबूत करने की याोजना बनाई। इनके 11 दलों के गठबंधन के चुनाव प्रचार के केंद्र में भारत विरोध था। इसमें पूर्व पीएम शेख हसीना को भारत में मिला राजनयिक संरक्षण मुख्य था। बावजूद इसके जमात ने भले ही अब तक का सबसे एतिहासिक प्रदर्शन किया, मगर उसका गठबंधन बीएनपी के प्रदर्शन के सामने कहीं नहीं टिका। एनसीपी को तो महज छह सीटें मिली।
व्यापार में छाए संकट को दूर करना चुनौती
सूत्र के मुताबिक, यह सच है कि बीएनपी के सत्ता में रहते हमेशा भारत और बांग्लादेश का तनाव चरम पर पहुंचा। हालांकि इस बार स्थिति दूसरी है। पहली बार है जब जमात वहां भारत विरोधी भावनाओं का प्रतिनिधित्व ही नहीं कर रहा, बल्कि इस मामले में बीएनपी के खिलाफ सड़क पर आंदोलन कर रहा है। नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती घरेलू मोर्चे पर मंदी और व्यापार के क्षेत्र में छाए संकट को दूर करने की होगी। ऐसा नहीं करने पर न सिर्फ सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ेगा, बल्कि जमात लगातार हावी होने की कोशिश करेगी।
बीएएल का आधार कायम
कम मतदान का एक अर्थ यह भी है कि बीएएल पर प्रतिबंध के कारण उसके समर्थक मतदाता मतदान के प्र्रति उदासीन रहे। ठीक उसी तरह जैसे 2024 के आम चुनाव में बीएनपी के बहिष्कार के कारण उसके मतदाता मतदान से दूर रहे थे। यही कारण है कि दो साल के अंतर पर हुए दो चुनाव में मतदान में भारी गिरावट दर्ज किया गया।
उत्सर्जन नियंत्रण से जवाबदेही तक: क्योटो प्रोटोकॉल की विरासत
17 Feb, 2026 04:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आज से 28 साल पहले अपनाया गया क्योटो प्रोटोकॉल दुनिया का पहला ऐसा अंतरराष्ट्रीय समझौता बना, जिसने विकसित देशों को ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन घटाने के लिए कानूनी रूप से बाध्य किया। 11 दिसंबर 1997 को जापान के क्योटो शहर में स्वीकृत और 16 फरवरी 2005 से लागू हुए इस समझौते ने सामान्य लेकिन विभेदित जिम्मेदारी के सिद्धांत को व्यवहारिक रूप दिया। 192 देशों की भागीदारी वाला यह प्रोटोकॉल आज भी वैश्विक जलवायु नीति की आधारशिला है।क्योटो प्रोटोकॉल संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) के तहत तैयार किया गया था। जहां यूएनएफसीसीसी देशों से केवल नीतिगत प्रयास और रिपोर्टिंग की अपेक्षा करता है, वहीं क्योटो प्रोटोकॉल ने पहली बार औद्योगिक देशों पर उत्सर्जन घटाने की कानूनी जिम्मेदारी तय की। इसका लक्ष्य वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य ग्रीनहाउस गैसों को सीमित करना था, ताकि वैश्विक तापमान वृद्धि को रोका जा सके।वैज्ञानिक चेतावनी दे चुके हैं कि बढ़ता उत्सर्जन चरम मौसम, समुद्र स्तर वृद्धि, सूखा और बाढ़ जैसी आपदाओं को तेज कर रहा है यह समझौता “सामान्य लेकिन विभेदित जिम्मेदारी और संबंधित क्षमताओं” के सिद्धांत पर आधारित है। इसका सीधा अर्थ है कि जलवायु संकट से निपटना सभी देशों का साझा दायित्व है, लेकिन ऐतिहासिक रूप से ज्यादा प्रदूषण करने वाले विकसित देशों की जवाबदेही अधिक है। इसी कारण क्योटो प्रोटोकॉल के तहत बाध्यकारी लक्ष्य केवल विकसित देशों और संक्रमणशील अर्थव्यवस्थाओं पर लागू किए गए, जबकि विकासशील देशों को कानूनी कटौती लक्ष्य से मुक्त रखा गया। क्योटो प्रोटोकॉल के एनेक्स-बी में 37 विकसित देशों और यूरोपीय संघ के लिए औसतन पांच प्रतिशत ग्रीनहाउस गैस कटौती का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।पहली प्रतिबद्धता अवधि 2008 से 2012 तक चली, जिसमें इन देशों को 1990 के स्तर की तुलना में उत्सर्जन कम करना था। यह पहली बार था जब किसी वैश्विक समझौते के तहत देशों को कानूनी रूप से उत्सर्जन घटाने का निर्देश दिया गया जिसे जलवायु कूटनीति में निर्णायक मोड़ माना जाता है
निगरानी व्यवस्था व जवाबदेही तंत्र
क्योटो प्रोटोकॉल ने उत्सर्जन की निगरानी, रिपोर्टिंग और सत्यापन के लिए सख्त व्यवस्था बनाई। सदस्य देशों को हर साल अपने उत्सर्जन का विस्तृत विवरण देना होता है। अंतरराष्ट्रीय कार्बन लेनदेन और क्रेडिट का रिकॉर्ड रखा जाता है। यदि कोई देश तय लक्ष्य हासिल नहीं करता तो अनुपालन प्रणाली उसे सुधारात्मक कदम अपनाने के लिए बाध्य करती है जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
एक राजनीतिक घटनाक्रम और राहुल गांधी से बातचीत के बाद समीकरण बदल गए।
17 Feb, 2026 03:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि साल 2014 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन्हें खुद असम का मुख्यमंत्री बनने के लिए शपथ की तारीख तय करने को कहा था। सीएम सरमा ने बताया कि उस समय कांग्रेस के 58 विधायकों का समर्थन उनके साथ था और वे मुख्यमंत्री बनने की स्थिति में थे।
उस समय असम में क्या हुआ था?
साल 2011 विधानसभा चुनाव के बाद असम कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान शुरू हो गई थी। पार्टी के कई विधायक चाहते थे कि उस समय के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की जगह हिमंत सरमा को सीएम बनाया जाए। हिमंत बिस्व सरमा के अनुसार, सोनिया गांधी ने उनसे कहा था कि वे शपथ लेने की तारीख तय कर लें। उन्होंने सोचा था कि वे कामाख्या मंदिर के अंबुबाची मेले के बाद जून 2014 में शपथ लेंगे।
फिर अचानक क्या बदला?
हिमंत बिस्व सरमा ने आगे बताया कि उस समय राहुल गांधी अमेरिका में थे और उन्होंने वहां से कांग्रेस नेताओं को फोन किए। इसके बाद पूरा माहौल बदल गया और उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया।
इसके बाद क्या हुआ?
इस घटना से आहत होकर हिमंत बिस्व सरमा ने 2015 में कांग्रेस छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने भाजपा को असम में पहली बार सत्ता दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद साल 2021 में वे असम के मुख्यमंत्री बने।
उस वक्त मलाल था, लेकिन अब खुश
इस पूरी घटना पर अब सीएम हिमंत बिस्व सरमा का कहना है कि उस समय उन्हें दुख हुआ था, लेकिन अब वे मानते हैं कि जो हुआ अच्छा हुआ। उनके मुताबिक, भाजपा में रहकर उन्हें असम और सनातन धर्म की सेवा करने का मौका मिला। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे कभी किताब लिखेंगे तो इस पूरे घटनाक्रम का विस्तार से खुलासा करेंगे।
3.25 लाख करोड़ में भारत करेगा फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की डील
16 Feb, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत 114 राफेल लड़ाकू विमानों का फ्रांस के साथ सौदा 3.25 लाख करोड़ रुपए में करने जा रहा है। 17 फरवरी से फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रॉ की तीन दिन की भारत यात्रा शुरू हो रही है। इस दौरान यह डील फाइनल होगी। इन 114 में से 24 विमान सुपर राफेल होंगे, जिन्हें फ्रांस की विमान निर्माता कंपनी दसॉ एविएशन एफ-5 नाम से बना रही है। अभी भारतीय वायुसेना के पास एफ-3 राफेल हैं, जो 4.5 जेनरेशन के लड़ाकू विमान हैं। इनमें स्टेल्थ क्षमता और परमाणु हथियार दागने की शक्ति है, लेकिन नए विमान एफ-4 पीढ़ी के हैं। इसलिए इन्हें 5वीं जेनरेशन का कहा जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यूरोपीय मानकों के हिसाब से एफ-5 राफेल असल में छठी पीढ़ी के जेट होंगे। फ्रांस के बाद इस तरह के सबसे बेहतर विमान भारतीय वायुसेना के पास ही होंगे। एफ-5 अभी विकास के चरण में हैं। एफ-4 की आपूर्ति 2028-29 से शुरू होगी। 2030 के बाद जो भी विमान मिलेंगे, वो एफ-5 श्रेणी के सुपर राफेल होंगे। भारतीय वायु सेना के एक अधिकारी ने बताया कि सुपर राफेल अमेरिका के एफ-35 और रूस के सुखोई-57 से अगली पीढ़ी का फाइटर होगा। इस सौदे के तहत 88 राफेल सिंगल सीटर और 26 डबल सीटर होंगे, जिन्हें प्रशिक्षण और लड़ाकू दोनों भूमिका में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक दसॉ एविएशन से 18 विमान उड़ने के लिए तैयार स्थिति में मिलेंगे। बाकी 96 भारत में बनेंगे। इनके 60फीसदी कलपुर्जे स्वदेशी होंगे। भारत का यह सबसे बड़ा रक्षा सौदा है। अब यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी के पास भेजा जाएगा। प्रस्ताव को जनवरी में रक्षा खरीद बोर्ड से मंजूरी दे दी थी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक नए राफेल विमानों की खरीद से एयर डिफेंस और बॉर्डर एरिया में तैनाती की क्षमता मजबूत होगी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी ने नेवी के लिए 6 अमेरिकी बोइंग पी8-आई सर्विलांस एयरक्राफ्ट, कॉम्बैट मिसाइलों और एयर-शिप बेस्ड हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट्स के प्रपोजल को भी मंजूरी दी है। इन सभी सौदों की कुल कीमत 3.60 लाख करोड़ रुपए है।
मॉं सरस्वती के भारत में हैं पांच प्राचीन और भव्य मंदिर, क्या कभी आप भी गए हैं यहां
16 Feb, 2026 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बसंत पंचमी ही नहीं अनेक शुभ अवसरों पर लोग अपने घरों और मंदिरों में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसे में आपके लिए यह जानना बेहद जरुरी हो जाता है कि भारत में मां सरस्वती के कुछ प्राचीन और भव्य मंदिर भी हैं, जहां आप साल में कभी भी दर्शन कर सकते हैं। ऐसे ही प्रमुख मंदिरों में राजस्थान के पुष्कर में स्थित है सावित्री देवी मंदिर। इसके अलावा सरस्वती मंदिर, राजस्थान (शारदा पीठ), माता सरस्वती मंदिर, उत्तराखंड, कूथनूर महा सरस्वती मंदिर, तमिलनाडु और कर्नाटक का श्री शारदाम्बा मंदिर प्रमुख हैं।
माता सरस्वती मंदिर, उत्तराखंड
उत्तराखंड के बद्रीनाथ से केवल 3 किलोमीटर दूर, माणा गांव के पास मौजूद यह मंदिर वेदों और शास्त्रों में विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यता है कि यह स्थान देवी सरस्वती का जन्मस्थान है। यहां सरस्वती नदी एक धारा के रूप में प्रकट होती है, इस कलकल धारा कहा जाता है। बताया जाता हैं कि यह धारा एक मुख के समान दिखाई देती है, जो देवी के दिव्य मूल का प्रतीक है। किंवदंतियों के अनुसार, इसी स्थान पर महर्षि वेद व्यास ने महाभारत की रचना की थी और पांडवों ने अपनी स्वर्ग यात्रा के दौरान यहां का दौरा किया था। यहां पास में ही भीम शिला नामक एक अनोखी चट्टान भी मौजूद है।
सरस्वती मंदिर, राजस्थान (शारदा पीठ)
सफेद संगमरमर से बना शानदार मंदिर 1959 में बनाया गया था। यह 20वीं सदी की वास्तुकला और इंडो-आर्यन नागर शैली का एक बेहतरीन उदाहरण है। मकराना मार्बल से बना यह मंदिर 70 खंभों पर टिका है और इसका क्षेत्रफल लगभग 25,000 वर्ग फीट है। इस मंदिर का शिखर 110 फीट ऊंचा है, इस पर सोने की परत चढ़े तांबे के कलश लगे हैं। इसकी बनावट कुछ ऐसी है कि यह बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (बीटस) के क्लॉक टॉवर की सीध में है, जहां ज्ञान की देवी और जी.डी. बिड़ला की प्रतिमा एक दूसरे के आमने-सामने दिखाती हैं।
सावित्री देवी मंदिर, पुष्कर (राजस्थान)
राजस्थान के अजमेर जिले के पुष्कर में रत्नागिरी पहाड़ी की चोटी पर मौजूद सावित्री देवी मंदिर देश के सबसे प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। करीब 750 फीट की ऊंचाई पर बना यह मंदिर भगवान ब्रह्मा की पत्नियों सावित्री और गायत्री को समर्पित है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को करीब 970 सीढ़ियां चढ़नी होती हैं। यहां से पुष्कर झील का मनमोहक दृश्य दिखाता है। इस मंदिर के अंदर तीन मूर्तियां विराजमान हैं।
कूथनूर महा सरस्वती मंदिर, तमिलनाडु
तमिलनाडु का कूथनूर मंदिर, इस पहले अंबलपुरी के नाम से जाना जाता था, मां सरस्वती को समर्पित एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। लोक कथाओं के अनुसार, भगवान ब्रह्मा और सरस्वती के बीच विवाद के कारण उन्हें पृथ्वी पर भाई-बहन के रूप में जन्म लेना पड़ा था। बाद में भगवान शिव ने सरस्वती को गंगा नदी में मिला दिया, जो अब यहां अरसलार नदी के रूप में बहती है। राजा राज चोल ने यह भूमि कवि ओट्टक्कूथन को दान में दी थी, जिसके बाद इस गांव का नाम कूथनूर पड़ा। यहां देवी दुर्गा को गांव की रक्षक देवी के रूप में पूजा जाता है।
श्री शारदाम्बा मंदिर, कर्नाटक
दक्षिण के राज्य कर्नाटक के शृंगेरी में स्थित प्राचीन मंदिर की स्थापना 8वीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य जी ने की थी। शुरुआत में यहां चंदन की लकड़ी से बनी शारदाम्बा (सरस्वती) की एक खड़ी प्रतिमा थी। बाद में, 14वीं शताब्दी के दौरान विजयनगर के शासकों और 12वें जगद्गुरु श्री विद्यारण्य ने लकड़ी की मूर्ति की जगह सोने की बैठी हुई प्रतिमा स्थापित की। यह मंदिर दक्षिण भारत में विद्या की देवी का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है।
शिव से प्रेरणा लेकर काम करती है भारतीय सेना: कोयंबटूर में बोले राजनाथ सिंह
16 Feb, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोयंबटूर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, कि भारतीय सेना भगवान शिव से प्रेरणा लेकर कार्य करती है। जैसे भगवान शिव सृजन और संहार दोनों के प्रतीक हैं, वैसे ही भारतीय सशस्त्र बल मानवीय सहायता और कठोर कार्रवाई—दोनों में समान रूप से सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि संकट के समय सेना शिव की करुणा का रूप धारण कर लोगों की मदद करती है और आवश्यकता पड़ने पर रुद्र की गति से “ऑपरेशन सिंदूर” जैसी निर्णायक कार्रवाई भी करती है।
रक्षा मंत्री रविवार को ईशा फाउंडेशन द्वारा आयोजित महाशिवरात्रि कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव के साथ कुछ विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भगवान शिव अनादि, अनंत और सत्य के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा जो सत्य है, वही शिव है। वेल्लंगिरी पहाड़ियों को शिव की पवित्र गुफाओं से जोड़ते हुए उन्होंने इसे ‘दक्षिण का कैलाश’ बताया और कहा कि यह भूमि आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण है।
रक्षा मंत्री ने भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 और आदित्य-L1 जैसे अंतरिक्ष मिशन केवल तकनीकी उपलब्धियां नहीं हैं, बल्कि वे भारत की प्राचीन वैज्ञानिक परंपरा की आधुनिक अभिव्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह भारत अंतरिक्ष में उपग्रह भेज रहा है, उसी तरह वह अपनी वैज्ञानिक संस्कृति को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा पर बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि सुरक्षा केवल हथियारों, तकनीक और सैनिकों की शारीरिक शक्ति तक सीमित नहीं है।
“सच्ची सुरक्षा एक मजबूत राष्ट्रीय सोच से आती है। उन्होंने कहा, डर पर आधारित समाज लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने काशी और तमिलनाडु के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक ओर काशी दुनिया के सबसे प्राचीन शहरों में गिना जाता है, वहीं तमिल संस्कृति भी विश्व की सबसे प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं में से एक है। भाषा, संस्कृति और खानपान की समृद्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की पवित्र धरती पर आना उनके लिए आशीर्वाद जैसा है। अंत में उन्होंने कहा, मैं यहां एक अतिथि के रूप में नहीं, बल्कि एक साधक और आध्यात्मिक व्यक्ति के रूप में आया हूं।
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी के परिवार की विदेशी संपत्ति पर फिर छिड़ी बहस
16 Feb, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के परिवार की स्विट्ज़रलैंड में स्थित आवासीय संपत्ति एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। यह संपत्ति उनकी पत्नी और पूर्व राजनयिक लक्ष्मी एम. पुरी के नाम पर दर्ज है, जिसे वर्ष 2006 में खरीदा गया था। यह जानकारी न केवल सार्वजनिक दस्तावेजों में उपलब्ध है, बल्कि राज्यसभा नामांकन के दौरान दाखिल किए गए उनके शपथपत्र में भी दर्ज की गई है। शपथपत्र में इस फ्लैट को परिवार की संपत्ति बताते हुए खरीद वर्ष 2006 स्पष्ट उल्लेखित है, जिससे यह साफ होता है कि इसकी जानकारी पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में मौजूद रही है।
इस संपत्ति को लेकर समय-समय पर राजनीतिक आरोप सामने आते रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों और विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए कि क्या यह खरीद आय के अनुरूप थी और इसके लिए धन का स्रोत क्या था। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए लक्ष्मी पुरी और उनकी कानूनी टीम ने स्पष्ट किया कि संपत्ति संयुक्त राष्ट्र में उनके कार्यकाल के दौरान प्राप्त कर-मुक्त वेतन, बैंक ऋण और पारिवारिक संसाधनों से खरीदी गई थी।
ताजा विवाद तब उभरा जब कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि यह संपत्ति कुख्यात अमेरिकी अपराधी जेफ़्री एपस्टीन के बंगले से लगभग दस मिनट की दूरी पर स्थित है। हालांकि इसका कोई प्रत्यक्ष संबंध संपत्ति खरीद से नहीं है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी में इस दूरी को लेकर भी प्रश्न उठाए जा रहे हैं। विपक्षी दल कांग्रेस का दावा है, पुरी परिवार एपस्टीन के संपर्क लंबे समय से है। उन्होंने कुछ मुलाकातों का उल्लेख किया है। अब आरोप-प्रत्यारोपों के बीच यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है, जहां पारदर्शिता, सार्वजनिक जीवन की नैतिकता और विदेशी संपत्तियों के खुलासे जैसे प्रश्न केंद्र में हैं।
एपस्टीन फाइल का मामला अब विश्वव्यापी हो गया है। कई देशों के 2 दर्जन से अधिक नेताओं और अधिकारियों को अपना पद छोड़ना पड़ा है। हरदीप पुरी के पास लंबे समय से पेट्रोलियम मंत्रालय है। भारत कच्चे तेल का सबसे बड़ा आयातक है। जिसके कारण पुरी की विदेश में सम्पत्ति और कालेधन को लेकर विपक्ष के निशाने पर हरदीप पुरी का परिवार है। आने वाले दिनों में पुरी के लिये कठनाईयां बढ़ सकती है।
हिट एंड रन के बाद मौत, नाबालिग चालक के पिता पर कार्रवाई
16 Feb, 2026 03:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई में एक नाबालिग द्वारा चलाई जा रही स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) से स्कूटर को टक्कर मारने के दस दिन बाद रविवार को 33 वर्षीय व्यक्ति की चोटों के कारण मौत हो गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना के समय मृतक धुरमिल पटेल के साथ सवार उनकी पत्नी मीनल पटेल की हालत गंभीर है।
5 फरवरी को विद्याविहार क्षेत्र में सोमैया कॉलेज के पास कथित तौर पर नाबालिग द्वारा तेज गति से चलाई जा रही कार ने एक स्कूटर को टक्कर मार दी, जिससे दंपती गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि एसयूवी लड़के के पिता वलजी राजा भूषण की थी। अधिकारी ने बताया कि धुरमिल की मौत के बाद, पहले दर्ज की गई एफआईआर को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत बदला जाएगा।तिलक नगर पुलिस स्टेशन में नाबालिग और उसके पिता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिन पर नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति देने का आरोप है। अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है और कार की गति और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई है। उन्होंने आगे कहा कि आगे की जांच जारी है।
महाराष्ट्र में 20 ठिकानों पर एटीएस का छापा
महाराष्ट्र एटीएस ने आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों की सूचना पर यवतमाल और अहिल्यानगर जिलों में 20 से अधिक जगहों पर छापे मारे। इस दौरान कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद एटीएस ने शनिवार आधी रात कार्रवाई शुरू की यवतमाल जिले के पुसद और उमरखेड में 14 ठिकाने पर कार्रवाई की गई। एटीएस टीम ने छापे में कई मोबाइल फोन इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सीसीटीवी फुटेज और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं। इसी तरह, अहिल्यानगर जिले में सात जगह छापा मारकर पुलिस ने संदिग्धों से आपत्तिजनक सामग्री बरामद की। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है।
नासिक पुलिस का दावा: ट्रक से ₹400 करोड़ की लूट, अपहरण और पिटाई की शिकायत झूठी
नासिक ग्रामीण पुलिस ने सोमवार को बताया कि एक ट्रक चालक द्वारा ₹400 करोड़ की नकदी लूट, अपहरण और पिटाई की शिकायत पूरी तरह से झूठी थी। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच के बाद कहा कि ऐसा कोई घटना घटित ही नहीं हुई। घोटी पुलिस के अधिकारी ने बताया कि ट्रक चालक संदीप पाटिल ने पिछले साल 22 अक्तूबर को शिकायत दर्ज कराई थी कि सात लोगों ने उसे रोककर अपहरण किया और बेलगाम जिले के चोरला घाट क्षेत्र में पिटाई की। आरोपियों ने उसे उस ट्रक की लूट का दोषी ठहराया, जिसमें अब बंद किए गए ₹2000 के नोट थे।पाटिल ने यह भी दावा किया था कि ट्रक में हवाला पैसा कर्नाटक से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था और उसने अपनी आपबीती की वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड की थी। पुलिस ने शुरुआती जांच में सात लोगों को गिरफ्तार किया। हालांकि, जांच में पाटिल की कहानी में कई विसंगतियाँ सामने आईं, जैसे कि ट्रक का मार्ग, कॉल रिकॉर्ड और समय। इन गड़बड़ियों के आधार पर आरोप झूठे साबित हुए। इगतपुरी कोर्ट ने गिरफ्तार सभी सात व्यक्तियों को जमानत दे दी है। अभी नासिक ग्रामीण पुलिस ट्रक चालक द्वारा दर्ज झूठी शिकायत के खिलाफ आगे की कार्रवाई पर विचार कर रही है।
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