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वैष्णो देवी की अटका आरती होती है खास, कैसे करें बुकिंग? जानिए पूरी प्रक्रिया
30 Mar, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। आज से चैत्र नवरात्रि शुरू हो गई है और माता वैष्णो देवी मंदिर सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए आते हैं। यहां होने वाली अटका आरती एक बेहद खास अनुष्ठान है, जिसे देखने और उसमें शामिल होने की इच्छा हर भक्त की होती है, लेकिन अटका आरती में शामिल होने के लिए पहले से ऑनलाइन बुकिंग कराना आवश्यक है।
अगर आप भी माता वैष्णो देवी की अटका आरती में शामिल होना चाहते हैं, तो यहां हम आपको इसकी पूरी बुकिंग प्रक्रिया और इससे जुड़ी जरूरी जानकारी देंगे।
अटका आरती माता वैष्णो देवी के दरबार में होने वाली विशेष पूजा है, जो दिन में दो बार—सुबह और शाम को आयोजित की जाती है। इस आरती के दौरान मंदिर परिसर को पूरी तरह बंद कर दिया जाता है और केवल आरती बुकिंग कराने वाले श्रद्धालुओं को ही इसमें शामिल होने का अवसर मिलता है। आरती के दौरान वैदिक मंत्रों, भजनों और शंख-घंटियों की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। मान्यता है कि इस आरती में शामिल होने से माता की विशेष कृपा प्राप्त होती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
वैष्णो देवी अटका आरती में शामिल होने के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग कराई जाती है। बुकिंग की प्रक्रिया बेहद आसान है।
सबसे पहले आप श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटमांवैष्णोदेवीडॉटओआरजी पर जाएं। यहां अपना अकाउंट बनाएं या लॉगिन करें। अगर आपका पहले से अकाउंट है, तो यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिए लॉगिन करें। अगर नया अकाउंट बनाना है, तो रजिस्ट्रेशन करें और अपनी डिटेल्स भरें। इसके बाद अटका आरती बुकिंग सेक्शन पर जाएं, फिर वेबसाइट के ऑनलाइन सर्विसेज सेक्शन में जाएं। यहां अटका आरती बुकिंग के विकल्प पर क्लिक करें।
इसके बाद आप आरती की तारीख चुनें। आपके सामने एक कैलेंडर खुलेगा, जिसमें उपलब्ध तारीखें दिखाई देंगी। अपनी सुविधानुसार मनचाही तारीख का चयन करें। फिर श्रद्धालुओं की संख्या दर्ज करें। एक बार बुकिंग करने पर अधिकतम चार श्रद्धालुओं को शामिल किया जा सकता है। अपनी और अपने साथ जाने वाले श्रद्धालुओं की व्यक्तिगत जानकारी (नाम, उम्र, आईडी प्रूफ) दर्ज करें। इसके बाद पेमेंट करना होगा।
पेमेंट सफल होने के बाद, आपको ईमेल और मोबाइल नंबर पर बुकिंग कंफर्मेशन और एक ई-रसीद प्राप्त होगी। इस ई-रसीद को यात्रा के दौरान साथ रखना जरूरी है।
आपको बता दें कि अटका आरती बुकिंग पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होती है, इसलिए जल्दी बुकिंग कराना जरूरी है। श्रद्धालुओं को समय से 1-2 घंटे पहले मंदिर परिसर में पहुंचना अनिवार्य होता है। मोबाइल फोन, कैमरा, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मंदिर के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होती। सुविधा के लिए यात्रा से पहले श्राइन बोर्ड की वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर लें।
आईएएनएस
डीएससी/केआर
अमित शाह, नितिन गडकरी और सीएम योगी समेत कई नेताओं ने देशवासियों को चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं
30 Mar, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व रविवार से शुरू हो गया। इसमें मां दुर्गा की पूजा विधि-विधान से की जाती है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने सभी को चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “जय माता दी! समस्त देशवासियों को चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं। शक्ति की उपासना और ऊर्जा संचय का यह प्रतीक पर्व आप सभी के जीवन में शांति, साधना और आत्मिक उन्नति लेकर आए, माँ भगवती से यह प्रार्थना करता हूं।”
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, “समस्त देशवासियों को चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं। वसंत ऋतु की शुरुआत एवं मां दुर्गा की शक्ति और साहस के प्रतीक का यह मंगल पर्व सभी के लक्ष्य और संकल्प को पूर्ण करे।”
सीएम योगी ने रविवार को एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥ ‘चैत्र नवरात्रि’ का पावन प्रथम दिवस जगज्जननी मां शैलपुत्री की आराधना को समर्पित है। मां शैलपुत्री से प्रार्थना है कि सम्पूर्ण जगत पर अपनी कृपा बनाए रखें, आपके आशीर्वाद से चहुंओर समृद्धि और खुशहाली का वास हो। जय मां शैलपुत्री!”
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥ नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री चरणों में प्रणाम करता हूं। मां भगवती के आशीर्वाद से सभी भक्तगणों में सृजनशीलता का संचार हो तथा सबका जीवन सुखमय बने।”
मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने भी चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एक्स पर लिखा, “या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं एवं आदिशक्ति जगदंबा की प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री जी को प्रणाम करता हूं। मां भगवती से प्रार्थना है कि सम्पूर्ण जगत का मंगल और कल्याण करें, हर घर-आंगन में सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करें।”
वहीं, भाजपा के आधिकारिक हैंडल से भी देशवासियों को शुभकामनाएं प्रेषित की गई हैं। लिखा, “समस्त देशवासियों को हिंदू नव संवत्सर, विक्रम संवत 2082 की हार्दिक शुभकामनाएं।” वहीं, कांग्रेस ने भी ऑफिशियल हैंडल से शुभकामनाएं दीं। एक्स पर कहा, “सभी देशवासियों को चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं। मां दुर्गा आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और शक्ति का संचार करें, ऐसी कामना है। जय माता दी।”
पीएम मोदी के 30 मार्च के दौरे में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में होगा बड़ा विकास पर्व
29 Mar, 2025 06:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च को महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह कई परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और नई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री महाराष्ट्र के नागपुर और छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे।
पीएम मोदी रविवार को नागपुर में हिंदू नववर्ष के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रतिपदा कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस दौरान, वह आरएसएस के संस्थापकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके बाद, वह दीक्षाभूमि पहुंचकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यह वही स्थान है जहां डॉ. अंबेडकर और उनके अनुयायियों ने 1956 में बौद्ध धर्म अपनाया था।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी नागपुर में माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखेंगे, जो एक प्रमुख सुपर-स्पेशलिटी नेत्र चिकित्सा केंद्र है। इस सेंटर के नए विस्तार में 250 बिस्तरों वाला अस्पताल, 14 ओपीडी और 14 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर शामिल होंगे। इस परियोजना का उद्देश्य लोगों को सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली नेत्र चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना है। इसके बाद, प्रधानमंत्री नागपुर में सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड में भी एक महत्वपूर्ण उद्घाटन करेंगे, जहां वे यूएवी के लिए 1,250 मीटर लंबी हवाई पट्टी और लाइव म्यूनिशन परीक्षण सुविधा का उद्घाटन करेंगे।
महाराष्ट्र के बाद पीएम मोदी बिलासपुर पहुंचेंगे, जहां वह 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं में विद्युत, तेल एवं गैस, रेल, सड़क, शिक्षा और आवास क्षेत्रों से संबंधित योजनाएं शामिल हैं।
प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ में एनटीपीसी की सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना के तीसरे चरण की आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत लगभग 9,790 करोड़ रुपये है। यह पिट हेड परियोजना उच्च बिजली उत्पादन दक्षता के साथ अत्याधुनिक अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित है। वह छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड की 15,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पहली सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना के कार्य की शुरुआत करेंगे। वह पश्चिमी क्षेत्र विस्तार योजना के तहत 560 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पावरग्रिड की तीन विद्युत पारेषण परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
देश के नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्यों, वायु प्रदूषण में कमी लाने और स्वच्छ ऊर्जा समाधान प्रदान करने के अनुरूप, प्रधानमंत्री कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की सिटी गैस वितरण परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इसमें 200 किलोमीटर से अधिक हाई प्रेशर पाइपलाइन और 800 किलोमीटर से अधिक एमडीपीई पाइपलाइन और 1,285 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले कई सीएनजी डिस्पेंसिंग आउटलेट शामिल हैं।
वह हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की 540 किलोमीटर लंबी विशाख-रायपुर पाइपलाइन परियोजना की भी आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 2,210 करोड़ रुपये से अधिक होगी। इस बहुउत्पाद (पेट्रोल, डीजल, केरोसिन) पाइपलाइन की क्षमता 30 लाख टन प्रति वर्ष से अधिक होगी।
क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी 108 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली सात रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और 2,690 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 111 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली तीन रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वह मंदिर हसौद के माध्यम से अभनपुर-रायपुर खंड में मेमू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे। वह छत्तीसगढ़ में भारतीय रेलवे के रेल नेटवर्क के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएं भीड़भाड़ को कम करेंगी, कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी और पूरे क्षेत्र में सामाजिक तथा आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी।
छत्तीसगढ़ में सड़क के बुनियादी ढांचे को बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री एनएच-930 के झलमला से शेरपार खंड (37 किलोमीटर) और एनएच-43 के अंबिकापुर-पत्थलगांव खंड (75 किलोमीटर) को दो लेन में अपग्रेड करके राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वह एनएच-130डी के कोंडागांव-नारायणपुर खंड (47.5 किमी) को दो लेन में अपग्रेड करने की आधारशिला भी रखेंगे। कुल 1,270 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली इन परियोजनाओं से आदिवासी और औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे क्षेत्र का समग्र विकास होगा।
इसके अलावा, पीएम मोदी दो प्रमुख शैक्षिक पहलों का लोकार्पण करेंगे, जिनमें राज्य के 29 जिलों में 130 स्कूल और रायपुर में “विद्या समीक्षा केंद्र” शामिल हैं। पीएम के तहत 130 स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा। ये स्कूल अच्छी तरह से संरचित बुनियादी ढांचे, स्मार्ट बोर्ड, आधुनिक प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने में मदद करेंगे। रायपुर में वीएसके विभिन्न शिक्षा संबंधी सरकारी योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी और डेटा विश्लेषण को सक्षम करेगा।
ग्रामीण परिवारों के लिए उचित आवास तक पहुंच सुनिश्चित करने और उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार की प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए, प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत तीन लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश होगा। प्रधानमंत्री इस योजना के तहत कुछ लाभार्थियों को चाबियां सौंपेंगे।
राजधानी एक्सप्रेस और वंदे भारत एक्सप्रेस में क्या है खास? जानें प्रमुख अंतर
29 Mar, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत की सबसे सस्ती ट्रेन की रफ्तार में राजधानी ट्रेन और वंदे भारत ट्रेन को लगातार टक्कर मिल रही है। स्लीपर और जनरल कोच का किराया एसी कोच से कम होता है। एसी कोच का किराया राजधानी और वंदे भारत से ज्यादा है। आम लोग इसका लाभ नहीं उठा पाते हैं, जिससे गरीबों के लिए गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन चलाई गई। बता दें, भारतीय रेल प्रतिदिन हजारों ट्रेनें चलाता है, जिसमें एक दिन में लाखों लोग यात्रा करते हैं। जो गरीब लोग होते हैं, वे एसी कोच का लाभ नहीं उठा पाते हैं। गरीबों की राजधानी एक्सप्रेस कहलाने वाली यह ट्रेन सबसे सस्ती एसी कोच यात्रा प्रदान करती है, जिससे भारत के गरीबों और आम लोगों के लिए सुविधाजनक होती है।
राजधानी ट्रेन भारत की सबसे सस्ती ट्रेन
राजधानी एक्सप्रेस आरामदायक यात्रा प्रदान करती है। एसी कोच स्लीपर और जनरल कोच से अधिक महंगे होते हैं, लेकिन यह ट्रेन सबसे अलग है, जो यात्रियों को कम समय तथा कम रुपये में यात्रा प्रदान करती है। भारतीय रेलवे पर टिकट की कीमत स्लीपर और जनरल के आधार पर अलग-अलग होती है।
आम लोगों के लिए गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन
साल 2006 में लालू प्रसाद यादव जब रेल मंत्री थे, तो उन्होंने आम आदमी के लिए गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन सहरसा और अमृतसर के बीच शुरू की थी। इसका किराया अभी भी फर्स्ट क्लास की सुविधाओं वाली ट्रेनों से कम है। इसके डिब्बे नॉन एसी हैं और फिर भी यह ट्रेन आरामदायक होती है। यह ट्रेन वंदे भारत और राजधानी एक्सप्रेस के मामले में कम नहीं है। इसका किराया प्रति यात्री 68 पैसे प्रति किमी की स्पीड से कम कीमत में यात्रा कर सकते हैं। गरीब रथ एक्सप्रेस शहरों और स्टेशनों को जोड़ती है।
26 शहरों को जोड़ती है ये ट्रेन
गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन 26 शहरों को अलग-अलग रास्तों से जोड़ती है। यह दिल्ली और मुंबई, दिल्ली और चेन्नई, पटना और कोलकाता जैसे शहरों को जोड़ती है। इस ट्रेन की स्पीड लगभग 66 और 96 किमी प्रति घंटा होती है। वंदे भारत एक्सप्रेस की स्पीड 160 किमी/घंटा है। 2,075 मील की दूरी पर गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन चेन्नई राजधानी एक्सप्रेस चेन्नई-दिल्ली शहरों के मार्ग पर लगभग 28 घंटे तथा 15 मिनट यात्रा करने में लगाती है। राजधानी में थर्ड एसी कोच का किराया मात्र 4,210 रुपये है, जो गरीब रथ के टिकट के किराए से लगभग 3 गुना है, जिसकी कीमत 1,500 रुपये है।
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को एनजीटी के आदेश पर दी बड़ी राहत
29 Mar, 2025 01:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को बड़ी राहत दी है. कोर्ट नेराष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें बिहार सरकार पर उसके निर्देशों का पालन न करने और गंगा नदी के प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण से संबंधित मामले में उचित सहायता न करने के लिए 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था. कोर्ट ने आदेश में कहा कि अगले आदेश तक, विवादित आदेश पर रोक रहेगी. पीठ ने केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी करते हुए याचिका पर चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है
न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा कि न्यायाधिकरण गंगा नदी के प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण के मुद्दे पर विचार कर रहा है और इस मामले को राज्यवार लिया जा रहा है, जिसमें वे सभी राज्य और जिले शामिल हैं जहां से नदी और उसकी सहायक नदियां बहती हैं.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि उसने पहले बिहार में गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों के जल की गुणवत्ता के मुद्दे पर विचार किया था. इसने राज्य अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे सहायक नदी के गंगा नदी में मिलने वाले स्थान और बिहार में नदी के प्रवेश और निकास के स्थान पर नमूने लेकर जल नमूना विश्लेषण रिपोर्ट प्रस्तुत करें.
क्या था वो आदेश जिस पर कोर्ट ने लगाई रोक
न्यायाधिकरण ने पिछले साल अक्टूबर में अपने आदेश में कहा था कि उपर्युक्त निर्देशों का अनुपालन नहीं किया गया है और बिहार राज्य या बिहार राज्य के सभी जिलों द्वारा कोई रिपोर्ट अब तक दाखिल नहीं की गई है, जहां से गंगा नदी और उसकी सहायक नदियां बहती हैं. इसने राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया था कि वे अगली तारीख पर वस्तुतः उपस्थित रहें ताकि अधिकरण को गंगा नदी के प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण आदेश 2016 में निहित निर्देशों के अनुपालन के लिए की गई प्रगति से अवगत कराया जा सके.
मुंबई हमले के नायक तुकाराम ओंबले को मिलेगा सतारा में स्मारक
29 Mar, 2025 01:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र सरकार ने 26/11 के आतंकी हमले में शहीद हुए मुंबई पुलिस के सब-इंस्पेक्टर अशोक चक्र विजेता तुकाराम ओंबले के सम्मान में एक स्मारक बनाने का फैसला किया है. यह स्मारक सतारा जिले में उनके पैतृक गांव केदांबे में बनाया जाएगा, जहां तुकाराम ओंबले का जन्म हुआ था.
महाराष्ट्र सरकार ने इस स्मारक के निर्माण के लिए 13.46 करोड़ रुपये की राशि मंजूर किए हैं. इस स्वीकृत राशि की पहली किस्त 2.70 करोड़ रुपये (20%) प्रशासन को उपलब्ध करा दी गई है तुकाराम ओम्बले वही पुलिस कर्मचारी थे जिन्होंने अजमल कसाब को जिंदा पकड़ा था.
तुकाराम ने सीने पर खाई थीं 23 गोलियां
तुकाराम ने बहादुरी दिखाते हुए कसाब और इस्माइल खान को गिरगांव चौपाटी के पास रोक लिया था. तुकाराम ने कसाब की राइफल को इतनी मजबूती से पकड़ कर रखा था कि वह उसे घुमा भी नहीं सका. यही वजह रही कि दूसरे पुलिसकर्मियों की जान बच सकी और कसाब को जिंदा पकड़ा जा सका था. कसाब से उस दौरान तुकाराम पर 23 गोलियां बरसाईं लेकिन फिर भी उन्होंने उसकी बंदूक को हिलने तक नहीं दिया था. इसी हमले में वह शहीद हो गए थे.
उस हमले में महाराष्ट्र पुलिस ने संयुक्त आयुक्त हेमंत करकरे (जोकि उन दिनों आतंकवादी निरोधी दस्ते के प्रमुख भी थे), अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक कामटे, एनकाउंटर स्पेशलिस्ट इंस्पेक्टर विजय सालस्कर, सीनियर इंस्पेक्टर शशांक शिंदे, एनएसजी कमांडो मेजर संदीप उन्नीकृष्णन, एनएसजी कमांडो हवलदार गजेंद्र सिंह बिष्ट सहित छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के तीन रेलवे अधिकारी शहीद हो गए थे.
क्या हुआ था 26/11 की रात
26/11 की रात सीएसटी रेलवे स्टेशन को अपना निशाना बनाने के बाद अजमल कसाब और उसका सहयोगी इस्माइल खान ने कामा अस्पताल को अपना निशाना बनाया. दोनों आतंकी अस्पताल के पिछले दरवाजे पर पहुंचे, लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों ने अंदर से सारे दरवाजे बंद कर दिए थे. लेकिन दोनों ने अस्पताल के बाहर घात लगाए बैठी पुलिस की टीम पर हमला बोल दिया जिसमें एटीएस चीफ हेमंत करकरे सहित 6 पुलिसकर्मी शहीद हो गए.
भारत ने म्यांमार के भूकंप पीड़ितों के लिए तैयार किया राहत पैकेज, सोलर लैंप और वाटर प्यूरीफायर भी भेजे
29 Mar, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
म्यांमार में केंद्रित एक शक्तिशाली भूकंप ने शुक्रवार को दक्षिण-पूर्व एशिया को हिलाकर रख दिया है। कारण म्यांमार में इससे 144 लोगों की मौत हो गई और 732 लोग घायल हो गए। वहीं सैंकड़ों इमारतें गिर गई हैं, जिसकी वजह से सैंकड़ों लोग बेघर हो गए हैं। वहीं, म्यांमार की मदद के लिए भारत आगे आया है।
15 टन राहत सामग्री भेजेगा भारत
सूत्रों ने बताया कि भारत शनिवार को भूकंप प्रभावित म्यांमार को एक सैन्य परिवहन विमान में करीब 15 टन राहत सामग्री भेजेगा। उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना का सी130जे विमान जल्द ही हिंडन वायुसेना स्टेशन से म्यांमार के लिए उड़ान भरेगा।
राहत सामग्री में ये चीजें होंगी शामिल
सूत्रों ने बताया कि भेजी जा रही राहत सामग्री में टेंट, स्लीपिंग बैग, कंबल, खाने के लिए तैयार भोजन, वाटर प्यूरीफायर, सोलर लैंप, जनरेटर सेट और आवश्यक दवाएं शामिल हैं।
7.2 तीव्रता के भूकंप के झटकों ने म्यांमार और पड़ोसी थाईलैंड में क्षति और दहशत पैदा कर दी। शुक्रवार को म्यांमार और पड़ोसी थाईलैंड में शक्तिशाली भूकंप आया, जिसमें इमारतें, पुल और एक मठ नष्ट हो गए।
थाई राजधानी में कम से कम 10 लोग मारे गए
म्यांमार में कम से कम 144 लोग मारे गए, जहां दो बुरी तरह प्रभावित शहरों से ली गई तस्वीरों और वीडियो में व्यापक क्षति दिखाई गई। थाई राजधानी में कम से कम 10 लोग मारे गए, जहां निर्माणाधीन ऊंची इमारत ढह गई।
लोगों ने सुनाया खौफनाक मंजर
मांडले के एक निवासी ने कहा कि पूरे शहर में तबाही हुई है। एक अन्य ने कहा कि सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, फोन लाइनें बाधित हो गई हैं और बिजली नहीं है। म्यांमार नाउ ने तस्वीरें पोस्ट कीं, जिसमें एक घंटाघर ढह गया है और मांडले पैलेस की दीवार का एक हिस्सा खंडहर में तब्दील हो गया है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि एक चाय की दुकान ढह गई थी और कई लोग अंदर फंस गए। हम अंदर नहीं जा सके। स्थिति बहुत खराब है।
ताउंगू में एक व्यक्ति ने कहा, 'हम मस्जिद में नमाज पढ़ रहे थे जब भूकंप के झटके शुरू हुए.. तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।' स्थानीय मीडिया ने बताया कि शान राज्य के औंग बान में एक होटल मलबे में तब्दील हो गया। इसमें दो लोगों की मौत हो गई और 20 लोग फंस गए।
रिपोर्ट ने बताया कि भूकंप से इमारतें गिर गईं, कारें दब गईं और राजधानी नेपीता में सड़कों पर बड़ी दरारें पड़ गईं। रेड क्र\स ने कहा कि म्यांमार में सड़कें, पुल व इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और बड़े बांधों की स्थिति को लेकर चिंता है।
भारत-रूस नौसैनिक अभ्यास में समुद्री गश्ती विमान पी-81 की तैनाती, सुरक्षा पर फोकस
29 Mar, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत और रूस ने शुक्रवार को चेन्नई तट पर छह दिवसीय नौसैनिक अभ्यास शुरू किया। इस सैन्य अभ्यास इंद्र में रूसी नौसैनिक जहाज - पेचंगा, रेज्की और अल्दार त्सिडेंझापोव भाग ले रहे हैं। इस अभ्यास में नौसेना ने अपने युद्धपोत राणा, कुठार और समुद्री गश्ती विमान पी81 को तैनात किया है।
यह अभ्यास दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। बंदरगाह चरण 28 से 30 मार्च तक चेन्नई में होगा जबकि समुद्री चरण 31 मार्च से दो अप्रैल तक बंगाल की खाड़ी में होगा।
अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करना है
भारतीय नौसेना ने कहा कि 2003 में अपनी स्थापना के बाद से इंद्र अभ्यास दोनों नौसेनाओं के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक संबंधों का प्रतीक रहा है जो नौसैनिक परिचालन तालमेल को बढ़ाने के लिए दोनों देशों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इनका उद्देश्य समुद्री सहयोग को बढ़ाना, मैत्री संबंधों को मजबूत करना, सर्वोत्तम परिचालन प्रथाओं का आदान-प्रदान करना और दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों को मजबूत करना है।
156 प्रचंड हेलीकॉप्टरों को खरीदने के लिए 62,700 करोड़ रुपये के सौदे को मंजूरी
सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) ने शुक्रवार को सेना और वायुसेना के लिए 62,700 करोड़ रुपये की लागत से 156 हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' की खरीद के अब तक के सबसे बड़े सौदे को मंजूरी दी है। यह खरीदारी हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से की जाएगी।
एचएएल के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर होगा। हेलीकॉप्टरों का निर्माण बेंगलुरु और तुमकुर स्थित संयंत्रों में किया जाएगा। यह सेना की लड़ाकू क्षमता को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच) प्रचंड भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित लड़ाकू हेलीकॉप्टर है। यह पांच हजार से अधिक की ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है।
भारत की मेक इन इंडिया यात्रा के लिए गौरव का क्षण
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट किया, यह निर्णय भारत की युद्ध क्षमताओं और रक्षा में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाला है। कैबिनेट द्वारा लिए गए निर्णय से 8500 से अधिक नौकरियां पैदा होंगी। यह वास्तव में भारत की मेक इन इंडिया यात्रा के लिए गौरव का क्षण है। मैं इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देता हूं।
एलसीएच को प्रचंड के नाम से भी जाना जाता है। 5.8 टन वजनी दो इंजन वाला यह हेलीकॉप्टर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दुश्मन के टैंकों, बंकरों, ड्रोन को नष्ट करने में सक्षम है। इस हेलीकाप्टर में आधुनिक स्टेल्थ विशेषताएं, मजबूत कवच सुरक्षा और रात में हमला करने की अद्भुत क्षमता है। यह दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र सियाचिन में भी उड़ान भरने में पूरी तरह सक्षम है। प्रचंड हवा से जमीन और हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें दागने में भी सक्षम है।
एचएएल के साथ दो करार पर हस्ताक्षर
सीसीएस के निर्णय के बाद रक्षा मंत्रालय ने खरीद के लिए एचएएल के साथ दो अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए। पहला अनुबंध भारतीय वायु सेना को 66 प्रचंड हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति के लिए है, जबकि दूसरा अनुबंध थलसेना के लिए 90 प्रचंड हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए है।
62,700 करोड़ रुपये के दो अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए
रक्षा मंत्रालय ने कहा, एचएएल के साथ 156 हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड की आपूर्ति के लिए प्रशिक्षण और अन्य संबंधित उपकरणों के साथ 62,700 करोड़ रुपये के दो अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए। इन हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति तीसरे वर्ष से शुरू होगी और अगले पांच वर्षों तक जारी रहेगी। इस हेलीकॉप्टर के अधिकतर कुलपुर्जे भारत में डिजाइन और निर्मित किए गए हैं।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भारी बर्फबारी की संभावना, सर्दी का बढ़ेगा असर
29 Mar, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मौसम विज्ञान विभाग ने ताजा मौसम अलर्ट जारी किए हैं जिसमें बताया गया है कि आज दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाएं चलेंगी। जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में भारी बर्फबारी होने की संभावना है, जबकि महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
ओडिशा में लू की चेतावनी जारी की गई है, जबकि गुजरात और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में तापमान बढ़ रहा है। पश्चिमी विक्षोभ और मध्य पाकिस्तान और पूर्वोत्तर असम पर इससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण उत्तरी और पूर्वोत्तर भारत में मौसम की स्थिति को प्रभावित करने वाले हैं।
दिल्ली में पड़ रही तेज गर्मी
शुक्रवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक 20.9 डिग्री दर्ज किया गया। यह गर्मियों के इस सीजन में अब तक का सर्वाधिक है। वहीं तेज हवाओं के असर से अधिकतम तापमान सामान्य से 0.3 डिग्री कम 32.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। सर्वाधिक न्यूनतम तापमान 23.1 की दृष्टि राजघाट दिल्ली के सबसे गर्म इलाके रहे। मौसम विभाग की मानें तो अभी एक दो दिन और तीखी गर्मी से राहत बनी रह सकती है।
रविवार से तापमान में दोबारा होगी बढ़ोतरी
मौसम विभाग का पूर्वानुमन है कि शनिवार को आंशिक तौर पर बादल छाए रहेंगे। 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलेगी। बीच बीच में हवा की रफ्तार 40 किमी प्रति घंटा भी पहुंच सकती है। अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमश: 33 और 15 डिग्री रह सकता है। रविवार से तापमान में दोबारा वृद्धि होने लगेगी।
अगले चार दिन तापमान में कमी आएगी: IMD
मौसम विभाग (IMD) का पूर्वानुमान है कि शुक्रवार को भी दिन भर आसमान साफ रहेगा। तेज धूप खिली रहेगी। 15 से 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा भी चलेगी। बीच बीच में यह गति 35 किमी प्रति घंटे तक भी हो सकती है। अधिकतम व न्यूनतम तापमान क्रमश: 33 और 18 डिग्री तक रह सकता है। हवा की रफ्तार बढ़ने पर अगले तीन चार दिन तापमान में थोड़ी कमी बनी रह सकती है।
उत्तर-पश्चिम भारत के लिए हवा की चेतावनी
29 मार्च को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 25-35 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएँ चलने की संभावना है। इसी अवधि के दौरान पश्चिमी राजस्थान में 20-30 किमी प्रति घंटे की गति से धूल उड़ाने वाली हवाएं चल सकती हैं।
डॉ. आंबेडकर की विरासत को समर्पित, सार्वजनिक अवकाश पर राजनीतिक नेताओं ने दी प्रतिक्रिया
29 Mar, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संविधान के निर्माता डॉ. बीआर आंबेडकर की जयंती पर 14 अप्रैल को केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने के फैसले की भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने जमकर सराहना की है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह देश के लिए डॉ. आंबेडकर के बहुमूल्य योगदान को परिलक्षित करता है।
अनुराग ठाकुर ने कही ये बात
इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर की गई पोस्ट में ठाकुर ने लिखा, ''संविधान के निर्माता व सामाजिक समानता के नायक बाबा साहब भीम राव आंबेडकर जी की जयंती पर राजकीय अवकाश की घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप भारत सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय बाबा साहब आंबेडकर के प्रति सच्ची श्रद्धा व अनन्य सम्मान को दर्शाता है।''
केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी सरकार और प्रधानमंत्री के इस निर्णय की सराहना की।
क्या-क्या बंद रहेगा
केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने 14 अप्रैल को अवकाश की घोषणा की पुष्टि की है। इस दिन देशभर में सभी केंद्रीय सरकारी कार्यालयों, केंद्र सरकार के नियंत्रण वाले सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों, स्वायत्त निकाय, संबद्ध कार्यालय एवं अधीनस्थ कार्यालय, केंद्र सरकार कल्याण समितियों में अवकाश रहेगा। भारतीय रिजर्व बैंक को भी सूचित कर दिया गया है और राज्य के आधार पर बैंक भी बंद रह सकते हैं।
आंध्र प्रदेश में बर्ड फ्लू के 8 मामले, 6 लाख मुर्गियों की मौत से पोल्ट्री उद्योग में संकट
28 Mar, 2025 04:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत में बर्ड फ्लू (H5N1) के आठ प्रकोप की जानकारी शुक्रवार को विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन (WOAH) ने दी। भारतीय अधिकारियों के हवाले से इस संगठन ने बताया कि ये प्रकोप आंध्र प्रदेश पूर्वी क्षेत्र में हुए हैं। इन प्रकोपों के कारण 6 लाख से अधिक मुर्गियों की मौत हो गई।
आंध्र प्रदेश में बर्ड फ्लू के प्रकोप
वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन फॉर एनिमल हेल्थ (WOAH) ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि यह महामारी आंध्र प्रदेश में विभिन्न मुर्गी फार्मों के पोल्ट्री में फैली है।
बर्ड फ्लू का वायरस H5N1 अत्यधिक संक्रामक और घातक होता है, जिससे मुर्गियों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो जाता है। इन प्रकोपों के परिणामस्वरूप लाखों मुर्गियों की मौत हुई और स्थानीय कृषि पर भी असर पड़ा।
थाईलैंड और म्यांमार में भूकंप से तबाही, पीएम मोदी ने कहा- भारत हर मदद के लिए तैयार
28 Mar, 2025 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
थाईलैंड और म्यांमार में आए भूकंप से भयंकर तबाही पर पीएम मोदी ने दुख जताया है. उन्होंने कहा कि म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के बाद की स्थिति से चिंतित हूं. सभी की सुरक्षा और खुशहाली के लिए प्रार्थना करता हूं. भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है. इस संबंध में, हमने अपने अधिकारियों से तैयार रहने को कहा है. साथ ही विदेश मंत्रालय से म्यांमार और थाईलैंड की सरकारों के साथ संपर्क में रहने की भी चर्चा की है.
म्यांमार, थाईलैंड और चीन की धरती भूकंप के तेज झटकों से हिल गई. तीनों देशों में भूकंप के कारण हड़कंप मचा हुआ है. खासतौर पर थाईलैंड और म्यांमार में इमारतें भरभराकर गिर गईं, घर मलबे में तब्दील हो गए. इस भूकंप का केंद्र म्यांमार रहा. ये 10 किलोमीटर की गहराई पर आया है. इस भूकंप का असर भारत के भी कुछ इलाकों में हुआ है.
म्यांमार में आए भूकंप की वजह से थाइलैंड की राजधानी बैंकॉक में तबाही का मंजर दिल दहलाने वाला है. 28 मार्च को म्यांमार में 7.7 और 6.4 तीव्रता के दो भूकंप आए, जिसका केंद्र शहर से सिर्फ 16 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में सागाइंग के पास स्थित था.
थाईलैंड में उड़ानें रद्द
भूकंप की तबाही के कारण थाईलैंड में उड़ानों को रद्द कर दिया गया है. बैंकॉक में इमरजेंसी लगा दिया गया है. म्यांमार में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है. इमारतों के गिरने की वजह से अभी थाईलैंड में कई लोग लापता हैं. वहां की रेस्क्यू टीमों की तरफ से राहत और बचाव कार्य किए जा रहे हैं.
पुलिस ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि वे बैंकॉक के लोकप्रिय चतुचक मार्केट के पास घटनास्थल मौजूद थे उन्हें इस बात की तत्काल कोई जानकारी नहीं थी कि भूकंप के समय साइट पर कितने मजदूर मौजूद थे. भूकंप की वजह से म्यांमार में हजारों लोगों की मरने की आशंका जताई जा रही है.
दिशा सालियान की मौत: पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद क्लोजर रिपोर्ट में गंभीर खुलासे
28 Mar, 2025 02:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिशा सालियान केस में एक नया मोड़ सामने आया है. दो दिन पहले ही दिशा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें बताया गया था कि दिशा के साथ किसी भी तरह यौन शोषण नहीं हुआ था. अब क्लोजर रिपोर्ट में कहा गया है कि बिजनेस में घाटा, दोस्तों के साथ गलतफहमियां और पिता द्वारा उसकी मेहनत की कमाई का दुरुपयोग करने से परेशान दिशा ने खुदकुशी कर ली.
दिशा सालियान मामले में यह अपडेट चौंकाने वाला है. क्लोजर रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि दिशा के पिता उसकी कमाई के पैसे उस महिला के ऊपर खर्च कर देते थे, जिसके साथ उनका प्रेम प्रसंग था. मिड डे ने इस बाबत खबर प्रकाशित की है. रिपोर्ट में बताया गया है कि दिशा सालियन व्यवसाय में घाटे और गंभीर पारिवारिक मामलों के चलते तनाव में थीं. उसके दो प्रोजेक्ट ठप हो गये थे, जिससे वह परेशान थीं.
पिता ने हाल आदित्य ठाकरे पर लगाया है आरोप
दिशा सालियान अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की खुदकुशी से पहले 8 जून, 2020 को मृत पाई गई थी. इसके बाद से ये मामला काफी सुर्खियों में रहा. पिछले दिनों दिशा सालियान के पिता ने मामले की जांच के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. उन्होंने उद्धव गुट के शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे पर आरोप लगाया था. अब दिशा केस में पिता के अफेयर का नया एंगल सामने आने पर जांच ने अलग ही दिशा ले ली है.
दिशा के दोस्तों, मंगेतर से बातचीत पर बनी रिपोर्ट
इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि दिशा के सभी दोस्तों और उसके मंगेतर ने भी पुलिस को दिए अपने बयान में कहा है कि उसने अपने पिता के प्रेम संबंधों के बारे में उन्हें बताया था. और यह भी कहा था कि कैसे पिता ने उसकी कमाई के पैसे को किसी दूसरी महिला पर खर्च कर दिया. इस वजह से वह बहुत दुखी रहती थी.
पूरे मामले पर दिशा के पिता सतीश सालियान के वकील नीलेश ओझा ने कहा कि यह भरोसा करने लायक नहीं लगता. इस क्लोजर रिपोर्ट का कोई कानूनी महत्व नहीं है. आपको बता दें कि पिछले 17 मार्च को दिशा के पिता ने कोर्ट में नई अपील लगाई थी जिसमें आदित्य ठाकरे, अभिनेता सूरज पंचोली और डिनो मोरिया सहित सभी आरोपियों का नार्को टेस्ट कराने की मांग की थी.
टीवीके ने वक्फ विधेयक के खिलाफ विरोध जताया, पार्टी प्रमुख विजय ने बैठक में किया प्रस्ताव पारित
28 Mar, 2025 02:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अभिनेता विजय की अगुवाई वाली तमिलगा वेत्री कझगम ने वक्फ विधेयक का विरोध किया. पार्टी ने शुक्रवार को केंद्र से वक्फ विधेयक वापस लेने का अनुरोध किया. पार्टी का आरोप है कि यह मुसलमानों के अधिकारों को छीन लेगा और वह चाहती है कि प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया को लागू नहीं किया जाए.
टीवीके ने पार्टी की पहली आम परिषद की बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा कि वक्फ विधेयक ने नई शर्तें बनाकर संबंधित मामलों में मुसलमानों की शक्तियों को छीन लिया है. उनके मौजूदा अधिकारों को भी कम किया है, इसलिए केंद्र को इसे वापस लेना चाहिए. इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी के संस्थापक विजय ने की.
प्रस्तावित परिसीमन पर विजय की पार्टी ने ‘सूचना’ का हवाला देते हुए कहा कि उत्तरी राज्यों के लिए सीटों की संख्या कई गुना बढ़ जाएगी और तमिलनाडु सहित दक्षिणी राज्यों के लिए यह संख्या घट जाएगी. पार्टी ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु के लोग इसे केंद्र सरकार की परिवार नियोजन योजना का ठीक से पालन करने की सजा मानते हैं. पार्टी ने केंद्र से परिसीमन के कदम को वापस लेने की मांग की.
क्या बोले सीएम एमके स्टालिन?
तमिलनाडु विधानसभा में इस विधेयक के खिलाफ प्रस्ताव पेश करते हुए राज्य के सीएम एमके स्टालिन ने कहा कि केंद्र सरकार वक्फ विधेयक में संशोधन करने की कोशिश कर रही है, जिससे वक्फ बोर्ड की शक्तियों में बाधा आएगी. इससे मुस्लिमों की भावनाएं आहत हो रही हैं और केंद्र सरकार को इसकी कोई परवाह नहीं है.
उनकी ओर से पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया है कि भारत में लोग धार्मिक सद्भाव के साथ रह रहे हैं. संविधान ने सभी लोगों को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार दिया है. वहीं, चुनी हुई सरकारों को इसकी रक्षा करने का अधिकार है. विधानसभा सर्वसम्मति से जोर देती है कि केंद्र सरकार को वक्फ अधिनियम 1995 के लिए वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को वापस लेना चाहिए. ये अल्पसंख्यक मुसलमानों को बुरी तरह प्रभावित करेगा.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार को केलॉग कॉलेज में अपने भाषण के दौरान भारी विरोध का सामना करना पड़ा
28 Mar, 2025 11:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन/कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार को लंदन में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के केलॉग कॉलेज में अपने भाषण के दौरान भारी विरोध का सामना करना पड़ा। स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के छात्र नेताओं ने ‘गो बैक’ के नारे लगाए और बंगाल में चुनाव बाद हिंसा के साथ ही आरजी कर मेडिकल कॉलेज से जुड़े मुद्दों पर सवाल किए।
हालांकि, मुख्यमंत्री बनर्जी ने संयम के साथ स्थिति को संभाला और शिष्टाचार बनाए रखते हुए प्रदर्शनकारियों को जवाब दिया।
शुरू में, दर्शकों में मौजूद अतिथि अचानक विरोध से चौंक गए, लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया की सराहना की।
आखिर में, सीएम ममता बनर्जी ने बिना किसी रुकावट के अपना भाषण समाप्त किया।
उन्हें प्रदर्शनकारियों से यह कहते हुए सुना गया, “अपनी पार्टी से कहो कि वे हमारे राज्य (पश्चिम बंगाल) में अपनी ताकत बढ़ाएँ ताकि वे हमसे लड़ सकें।”
जब यह घटना मुख्यमंत्री के भाषण के आसपास हुई, तो दर्शकों में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली भी मौजूद थे।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने 1990 के दशक की शुरुआत की अपनी एक पुरानी तस्वीर दिखाई, जिसमें उनके सिर पर पट्टी बंधी हुई थी और दावा किया कि यह विपक्ष में रहने के दौरान उनकी हत्या के प्रयास का सबूत है।
यह हंगामा तब शुरू हुआ जब एक दर्शक ने उनसे “लाखों करोड़” के ‘विशिष्ट निवेश प्रस्तावों’ के बारे में पूछा।
जैसे ही सीएम ने जवाब देने की कोशिश की, दर्शकों में से एक अन्य सदस्य ने हस्तक्षेप किया। सीएम ने दर्शकों से कहा कि वे रुक जाएं, क्योंकि यह कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं थी।
हालांकि लंदन यात्रा के दौरान उद्योग और व्यापार से जुड़ी कई बैठकें हुईं, लेकिन मुख्यमंत्री का केलॉग कॉलेज में दिया गया भाषण सुर्खियां बटोर ले गया।
आखिर में, बाकी दर्शकों के सामूहिक विरोध के कारण प्रदर्शनकारियों को हॉल छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा।
मुख्यमंत्री को केलॉग कॉलेज में महिलाओं, बच्चों और समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों के सामाजिक विकास पर बोलने के लिए आमंत्रित किया गया था।
बोलते समय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य में ‘स्वास्थ्य साथी’ और ‘कन्याश्री’ जैसी परियोजनाओं का जिक्र कर रही थीं।
पश्चिम बंगाल में औद्योगिक स्थिति के बारे में बोलते हुए, जब टाटा की टीसीएस कंपनी में निवेश का विषय उठाया गया, तो दर्शकों के पीछे से कुछ लोग हाथों में तख्तियां लेकर खड़े हो गए। इन पर राज्य में चुनाव और चुनाव के बाद की हिंसा के साथ-साथ आरजी बलात्कार मामले के बारे में लिखा हुआ था।
दर्शकों ने मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान चिल्लाकर अपनी बात रखने की कोशिश की।
हालांकि, मुख्यमंत्री इस बात से जरा भी विचलित नहीं हुईं और उन्होंने शुरू से ही शांत लेकिन दृढ़ स्वर में विरोध प्रदर्शन को संभालना जारी रखा। सीएम बनर्जी ने प्रदर्शनकारियों से कहा, “आप मेरा स्वागत कर रहे हैं, धन्यवाद। मैं आपको मिठाई खिलाऊंगी।”
प्रदर्शनकारियों ने जब आरजी कर बलात्कार मामले का मुद्दा उठाया तो मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा, “‘थोड़ा जोर से बोलिए, मैं आपको सुन नहीं पा रही हूं। मैं आपकी हर बात सुनूंगी। क्या आपको पता है कि यह मामला लंबित है? इस मामले की जांच की जिम्मेदारी अब केंद्र सरकार के हाथ में है, मामला अब हमारे हाथ में नहीं है।”
ममता बनर्जी ने आगे कहा, “यहां राजनीति मत कीजिए, यह राजनीति का मंच नहीं है। मेरे राज्य में जाइए और मेरे साथ राजनीति कीजिए।”
इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जादवपुर विश्वविद्यालय की घटना का मुद्दा भी उठाया। मुख्यमंत्री ने फिर एक प्रदर्शनकारी को भाई कहकर संबोधित किया और कहा, “झूठ मत बोलो। मुझे तुमसे सहानुभूति है। लेकिन इसे राजनीति का मंच बनाने के बजाय बंगाल जाकर अपनी पार्टी को मजबूत करने को कहो ताकि वे हमसे लड़ सकें।”
मुख्यमंत्री का जवाब सुनकर दर्शकों में मौजूद अतिथियों ने जोर-जोर से तालियां बजानी शुरू कर दीं। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी आवाज उठाने की कोशिश की। मुख्यमंत्री ने भी उन्हें जवाब में कहा, “मेरा अपमान करके अपनी संस्था का अपमान मत करो। मैं देश की प्रतिनिधि बनकर आई हूं। अपने देश का अपमान मत करो।”
बाद में कार्यक्रम के आयोजकों और मौजूद अतिथियों ने सामूहिक रूप से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों को कार्यक्रम स्थल से जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
मुख्यमंत्री के भाषण को सुनने के लिए कई प्रवासी भारतीयों के अलावा कई अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। हालांकि, कार्यक्रम के आयोजकों ने इस अप्रत्याशित घटना के लिए मुख्यमंत्री से खेद जताया है।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने शांति से कहा, “आपने मुझे बार-बार यहां आने के लिए प्रोत्साहित किया है। याद रखें, दीदी को किसी की परवाह नहीं है। दीदी रॉयल बंगाल टाइगर की तरह चलती हैं। अगर आप मुझे पकड़ सकते हैं, तो मुझे पकड़ लें!”
इस बीच, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने एक्स पर लिखा: “वह (ममता बनर्जी) नहीं हिलती। वह लड़खड़ाती नहीं। जितना आप टोकेंगे, वह उतनी ही भयंकर दहाड़ेगी। वो एक रॉयल बंगाल टाइगर है!”
लगातार व्यवधानों के बीच, दर्शकों में से किसी ने बंगाल में हिंदुओं के साथ व्यवहार के बारे में सवाल उठाया।
सीएम बनर्जी ने जवाब दिया, “मैं सभी के लिए हूं, हिंदू और मुसलमान,” जिसके बाद दर्शकों के एक वर्ग ने “गो बैक” के नारे लगाए।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व वामपंथी छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई-यूके) के सदस्यों ने किया, जिन्होंने सीएम बनर्जी और उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार और लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया।
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