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इसरो का स्पेडेक्स मिशन सफल रहा तो भारत भी बन जाएगा ताकतवर
14 Jan, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अंतरिक्ष में एक ऐसे मिशन की नींव रख रहा है, जो भविष्य की उड़ानों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होंगे। यह है स्पेडेक्स मिशन। इस मिशन में इसरो सफल रहा तो हम भी अमेरिका, चीन, रुस की तरह ताकतवर बन जाएंगे। इस मिशन में दो छोटे अंतरिक्ष यान शामिल हैं, जिनमें हर एक का वजन करीब 220 किलो है। इन्हें रॉकेट पीएसएलवी-सी60 के जरिए लॉन्च किया गया है। इसरों ने 30 दिसंबर को श्रीहरिकोटा से स्पेडेक्स यानी स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट मिशन लॉन्च किया था। इसके तहत पीएसएलवी-सी60 रॉकेट से दो स्पेसक्राफ्ट को पृथ्वी से 470 किमी ऊपर तैनात किए गए थे।
इसरो के पूर्व वैज्ञानिक के मुताबिक ये यान पृथ्वी से 470 किलोमीटर ऊपर चक्कर लगाएंगे। इनमें एक चेजर (एसडी गुणा 01) और दूसरा टारगेट (एसडी गुना02) नाम का उपग्रह है। इस मिशन का मकसद सफल डॉकिंग, डॉक किए गए अंतरिक्ष यानों में एनर्जी ट्रांसफर करना और अनडॉकिंग के बाद पेलोड का संचालन करना है। इसरो ने बीते रविवार को स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट स्पेडेक्स का सफल ट्रायल किया। इसरो ने 2 स्पेस सैटेलाइट के बीच दूरी पहले 15 मीटर, फिर 3 मीटर तक रखी। इसके बाद दोनों सैटेलाइट को वापस सुरक्षित दूरी पर ले जाया गया। इसरो ने बताया कि डॉकिंग ट्रायल का डेटा एनालिसिस किया जा रहा है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। स्पेडेक्स मिशन की डॉकिग दो बार टल चुकी है। पहले 7 जनवरी फिर 9 जनवरी को डॉकिंग किया जाना था।
एआई नए आविष्कारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा: रिपोर्ट
14 Jan, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत सहित दुनिया भर के 69 प्रतिशत अधिकारी मानते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) नए आविष्कारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह दावा किया है ‘एक्सेंचर टेक्नोलॉजी विजन 2025’ रिपोर्ट में।
ताजा रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि एआई अब एक टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट पार्टनर, पर्सनल ब्रांड एम्बेसडर, और पावर रोबोटिक बॉडी के रूप में भी तेजी से कार्य करेगा, जो बेहतर प्रदर्शन के लिए लोगों की मदद करेगा। एआई का प्रसार अब उद्यमों और समाज में इतनी तेजी से हो रहा है, जिसे किसी पिछली टेक्नोलॉजी से तुलना नहीं की जा सकती। एक्सेंचर की अध्यक्ष और सीईओ जूली स्वीट ने इस संदर्भ में कहा कि एआई के फायदों का सही उपयोग तभी संभव होगा जब नेता इसे एक व्यवस्थित तरीके से अपनाएं और इसके परिणामों पर विश्वास बनाए रखें।
केवल इसी तरह से व्यवसाय और लोग एआई की अद्भुत संभावनाओं का लाभ उठा सकेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, एआई के वास्तविक लाभ तभी संभव होंगे, जब इसे भरोसे की नींव पर स्थापित किया जाएगा। 77 प्रतिशत अधिकारी इस बात से सहमत हैं कि एआई के सफल कार्यान्वयन के लिए भरोसा आवश्यक है। इसके अलावा, 81 प्रतिशत अधिकारियों का मानना है कि भरोसे की रणनीति को किसी भी टेक्नोलॉजी रणनीति के समानांतर विकसित किया जाना चाहिए। इस शोध में 21 उद्योगों और 28 देशों के 4,000 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया, जिसमें भारत भी शामिल था। एक्सेंचर के समूह मुख्य कार्यकारी-प्रौद्योगिकी और सीटीओ कार्तिक नारायण ने कहा कि नए एआई मॉडल, एजेंटिक एआई सिस्टम और आर्किटेक्चर के साथ, उद्यमों को अपना डिजिटल ब्रेन बनाने में मदद मिलेगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि डिजिटल सिस्टम किस प्रकार डिज़ाइन किए जाते हैं, लोग कैसे काम करते हैं, और वे अपने ग्राहकों से किस प्रकार संवाद करते हैं।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि 80 प्रतिशत कार्यकारी इस बात से चिंतित हैं कि बड़े भाषा मॉडल (एलएलएम) और चैटबॉट्स हर ब्रांड को एक जैसी आवाज़ दे सकते हैं। हालांकि, 77 प्रतिशत अधिकारी इस बात से सहमत हैं कि ब्रांड अपनी पर्सनल एआई एक्सपीरियंस के माध्यम से संस्कृति, मूल्यों और आवाज़ जैसे विशिष्ट ब्रांड तत्वों को इस समस्या का समाधान बनाने में सक्षम हो सकते हैं। इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले दशक में सामान्य रोबोट उभरेंगे, जो फिजिकल वर्ल्ड में एआई स्वायत्तता को बढ़ाएंगे।
चीनी 'कंपनियां' दे रही हैं साइबर फ्रॉड की ट्रेनिंग, चलाती हैं साइबर कैंप, सामने आया चौंकाने वाला मामला
14 Jan, 2025 01:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के एक मैकेनिकल इंजीनियर, विग्नेश्वर मुरुगनंधम, हमेशा से एक आरामदायक जीवन जीने की इच्छा रखता था। उसके पिता सरकारी सेवा से रिटायर हो चुके थे, और 30 वर्षीय मुरुगनंधम एक उच्च वेतन वाली नौकरी की तलाश में था। लेकिन दुर्भाग्यवश, वह कानून के दायरे से बाहर निकल गए और कथित तौर पर कंबोडिया में एक चीनी साइबर अपराध सिंडिकेट का हिस्सा बन गए।
पिछले सप्ताह, विग्नेश्वर को हौज खास के एक प्रतिष्ठित संस्थान में एक जापानी प्रोफेसर को छह घंटे तक 'डिजिटल रूप से गिरफ्तार' करके धोखा देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान, उसने बताया कि अपराध की दुनिया में उसका प्रवेश आसान पैसे कमाने के वादे से हुआ था। एक ऑनलाइन चाइनीज संपर्क ने उसे कंबोडिया में अपनी 'कंपनी' के साथ काम करने का एक आकर्षक प्रस्ताव दिया था।
कंपनी ने उसे कंबोडिया के लिए टिकट भेजा
चाइनीज संपर्क की ओर से उसे टिकट प्राप्त हुआ और वह अप्रैल 2024 में कंबोडिया पहुंचा। उसके पास कई भारतीय बैंक खाते थे, जिन्हें खोलने के लिए उससे कहा गया था। शुरुआत में सब कुछ सामान्य प्रतीत हो रहा था। मुरुगनंधम को एक होटल में ठहराया गया और उसके नए मालिक उन बैंक खातों का उपयोग कर रहे थे। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, उसे यह महसूस होने लगा कि कुछ ठीक नहीं है। उसके मालिक उसे यह नहीं बताते थे कि खातों के माध्यम से कितना पैसा लेन-देन हो रहा है, और उसे ऐसा लगने लगा कि वह एक बड़ी योजना का एक छोटा हिस्सा है। जब वह अपनी नई दिनचर्या में ढलने लगा, तो उसे पता चला कि वह अकेला नहीं है। उसने पुलिस अधिकारियों को सूचित किया कि उसके साथ 20 से अधिक चीनी नागरिक भी काम कर रहे थे, जो भारत और उसके पड़ोसी देशों को लक्षित करने वाले एक बड़े साइबर अपराध नेटवर्क का हिस्सा थे।
खुद को कहते थे कंपनी
वे अपने आपको 'कंपनी' के रूप में प्रस्तुत करते थे और सभी को विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। उन्हें निर्देशित किया गया था कि यदि इस विषय पर कोई सवाल करे, तो वे अपने आपको 'कर्मचारी' के रूप में पेश करें। यह प्रक्रिया अत्यंत सुव्यवस्थित थी, जिसमें भारत और अन्य देशों के व्यक्तियों को कंप्यूटर और टेलीकम्युनिकेशन से संबंधित कार्यों के लिए आमंत्रित किया गया था। कैंप की गतिविधियों पर बारीकी से निगरानी रखी जाती थी, और प्रतिभागियों को उनकी विशेषज्ञता के अनुसार वर्गीकृत किया जाता था।
एक महीने के बाद आया वापस
एक महीने के बाद लौटने पर मुरुगनंधम की जिम्मेदारी भारतीय बैंक खातों का प्रबंधन करना था। उसने इस कार्य को एक महीने से अधिक समय तक समर्पण के साथ किया। लेकिन समय के साथ, उसे असहजता का अनुभव होने लगा। उसे यह समझ में आया कि अन्य समूह भी इसी प्रकार का कार्य कर रहे हैं और वे टेलीग्राम चैनलों पर आसानी से उपलब्ध हैं। इसीलिए, एक महीने के कैंप के बाद, उसने 'कंपनी' को छोड़कर अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया।
अकाउंट डिटेल की एवज में कमीशन
मुरुगनंधम ने भारत लौटने के बाद कंबोडिया में सक्रिय साइबर अपराधियों को बैंक खाता मुहैया कराना शुरू किया। इस गतिविधि के माध्यम से उसे पर्याप्त कमीशन प्राप्त हुआ, जिससे यह एक लाभदायक व्यवसाय बन गया। उसने कानून के शिकंजे में आने से पहले ही काफी धन अर्जित कर लिया था। जनवरी की शुरुआत में, मुरुगनंधम को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पांच संदिग्धों में से एक के रूप में पहचाना गया। डीसीपी सुरेंद्र चौधरी के अनुसार, मुरुगनंधम चीनी नागरिकों के साथ मिलकर कंबोडिया में साइबर अपराधों को अंजाम दे रहा था।
महाकुंभ के बाद दिखाई नहीं देते नागा संत, विलुप्त होते हैं या छिप जाते हैं?
14 Jan, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रयागराज। नागा साधुओं की अपनी जिंदगी है। उनके बारे में आम आदमी कुछ नहीं मालूम। जब भी कुंभ होता है हजारों की संख्या में नागा संत दिखाई देने लगते हैं। जैसे ही मेले का समापान होता है फिर इनके दीदार नहीं होते हैं। ये कहां जाते हैं क्या करते ऐसे ही कई सवालों के जवाब मीडिया तलाश रही है। इस पर नागा संत अर्जुन पुरी ने बताया कि वह पांच वर्ष की अवस्था से नागा संन्यासी हैं। जब बोध हुआ तो संतों की शरण में थे। उन्होंने बताया कि ज्ञान, भक्ति, वैराग्य के द्वारा मेरा पालन-पोषण हुआ। अब तक का पूरा जीवन संत जीवन ही रहा है। नागा संत ने बताया कि उन्हें जूना अखाड़े की तरफ से धर्म प्रचार के लिए पूरी दुनिया में भेजा जाता है। भारत समेत अन्य देशों में सनातनी लोगों का प्रचार-प्रसार करना मुख्य उद्धेश्य है।
कहां चले जाते हैं नागा संन्यासी
नागा संत ने बताया कि कुंभ-महाकुंभ के बाद हम ठंडे स्थानों पर रहने चले जाते हैं। इसकी वजह यह है कि हमारे शरीर में ऊर्जा का स्तर काफी ज्यादा होता है। हम गर्मी को बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं। इसलिए हम ठंडे स्थानों पर ही रहते हैं। उन्होंने कहा कि हम या तो हिमालय की तरफ या फिर हिमाचल प्रदेश में ऊंचाई वाली जगह चले जाते हैं, जहां भरपूर ठंड रहती है। फिर कभी बड़ा मेला लगता है तो हम वहां पहुंच जाते हैं। नहीं तो पहाड़ों पर गुफाओं में रहकर साधनारत रहते हैं। क्या करते हैं नागा संन्यासी, इस सवाल के जवाब में नागा संत अर्जुन पुरी ने बताया कि हम सनातन के सिपाही हैं। यह सनातन की फौज है। सनातन को विस्तारित करने, इसे सशक्त बनाने और इसका ध्वज पूरे विश्व में लहराने के लिए, नागा संतों की फौज बनाई जाती है। फिर उनको गुप्तचरों की तरह पूरे देश और विदेश में भेज दिया जाता है। वहां जाने के बाद हम लोग सनातनी धर्म-संस्कृति का प्रचार-प्रसार करते हैं।
नागा संन्यासी बनाने की प्रक्रिया
संत अर्जुन पुरी ने बताया कि नागा संन्यासी बनने की प्रक्रिया बहुत कठिन है। सभी को नागा संन्यास नहीं दिया जाता। सिर्फ उन्हीं को दिया जाता है जो बचपन से नागा संन्यासियों की शरण में आ जाते हैं। उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्हें कई तरह की कठोर साधनाओं, तपस्याओं, ध्यान-योग और पूजा-पाठ से गुजरना पड़ता है। बचपन से ही उनका लिंग मर्दन किया जाता है। नागा संन्यास में दिगंबर और श्री दिगंबर बनने के लिए बचपन से ही इसकी दीक्षा ली जाती है। नागा संत अर्जुन पुरी के मुताबिक नागा संन्यासी के दिन की शुरुआत तीन-साढ़े तीन बजे से हो जाती है। स्नान आदि के बाद हम जप में लग जाते हैं। इसके बाद हवन करते हैं। इन सबके बाद पठन-पाठन का दौर शुरू होता है। जो लोग पढ़ नहीं सकते हैं वह जाप करते हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा वह लोग सेवा आदि भी करते हैं। आश्रम में साफ-सफाई समेत अन्य काम भी वह सब करते हैं। जो लोग पढ़ने-लिखने में सक्षम हैं, वह धर्म ग्रंथों के पठन-पाठन में लगे रहते हैं।
नागाओं को ठंड क्यों नहीं लगती?
ठंड नहीं लगने के पीछे भी नागा संन्यासी ने वजह बताई। उन्होंने कहाकि हम मंत्र से अभिमंत्रित करके भभूति को लगाते हैं। यह हमारे लिए विशेष कपड़े के रूप में काम करता है। इसके अलावा हम अपना जीवन नियम-संयम से जीते हैं। हम कई तरह के भोगों से दूर रहते हैं। इसलिए शरीर में ऊर्जा और अग्नि लगातार बनी रहती है। हमारा शरीर अंदर से गर्म और मजबूत बना रहता है। इससे हम मौसम की मार से बचे रहते हैं। इस सवाल के जवाब में नागा संन्यासी ने बताया कि लोगों को डरना नहीं चाहिए। असल में हम भभूत लगाकर बैठते हैं। चित्त से लेकर शरीर तक हम नग्न रहते हैं। हमें लगता है कि इसी वजह से लोगों को भय सा लगा रहता है। इसके अलावा लोगों के मन में भ्रांति बन गई है कि नागा साधु बड़े कठोर होते हैं। लेकिन असलियत यह है हमारा हृदय मक्खन की तरह से कोमल होता है। उन्होंने कहाकि हम लोगों से कहना चाहते हैं कि सारा समाज संतों की शरण में आए। किसी तरह का डर-भय न रखें। डरने की कोई जरूरत नहीं। हम नागा संन्यासी बहुत दयावान होते हैं।
बर्फीली हवा और कोहरे की चपेट में उत्तर भारत, 6 दिनों तक न्यूनतम तापमान 6-7 डिग्री रहेगा
13 Jan, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर सहित पूरा उत्तर भारत ठंडी हवा और कोहरे के आगोश में हैं। यूपी,बिहार,राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में ठंडी हवाएं चल रही हैं, घना कोहरा है और विजिविलिटी भी काफी कम है। बीते दिनों हल्की बारिश के बाद ठंड और कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया है। दिल्ली में शनिवार रात हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन रविवार सुबह से मौसम साफ हो गया। हालांकि, सोमवार को शहर में मध्यम से घना कोहरा छाने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में अगले छह दिनों तक न्यूनतम तापमान 6-7 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण भी चिंता का विषय बना हुआ है। बारिश के बाद प्रदूषण में अस्थायी कमी आई थी, लेकिन रविवार सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) फिर से 300 के पार पहुंच गया। यह स्तर स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जाता है। मौसम विभाग ने सोमवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री रहने की संभावना जताई है।
पंजाब और हरियाणा में कोहरा, बारिश की संभावना
पंजाब और हरियाणा में कोहरा और ठंड गंभीर रूप ले रहे हैं। पंजाब में आज और अगले दो दिनों तक घने कोहरे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, हरियाणा में भी स्थिति समान बनी हुई है। चंडीगढ़ में घने कोहरे का असर देखा जा सकता है। दोनों राज्यों में 15 जनवरी को गरज और चमक के साथ बारिश होने की संभावना भी है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घने कोहरे और कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, मेरठ, और मुरादाबाद समेत कई जिलों में घने कोहरे की चेतावनी दी है। बिहार और राजस्थान में भी कोहरे और ठंड का प्रकोप जारी है। बिहार के गया और जमुई जैसे इलाकों में घने कोहरे का अलर्ट है, जबकि राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
पहाड़ी राज्यों में भीषण ठंड
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में ठंड चरम पर है। हिमाचल और उत्तराखंड में घने कोहरे के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर और कुपवाड़ा में न्यूनतम तापमान माइनस में रहने की संभावना है। इन इलाकों में ठंड के कारण सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने लोगों को ठंड और कोहरे से बचने के लिए एहतियात बरतने की सलाह दी है। सर्दी के इस मौसम में गर्म कपड़े पहनें और खासतौर पर सुबह और रात में यात्रा करने से बचें।
12 लाख साल पुरानी बर्फ से पृथ्वी की जलवायु और पर्यावरण का परीक्षण
13 Jan, 2025 04:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । दुनिया के कई देशों के वैज्ञानिकों द्वारा 2.8 किलोमीटर की गहराई से ड्रिल करके बर्फ निकल गई है। इसे 12 लाख वर्ष पुरानी बर्फ माना जा रहा है। इस बर्फ का परीक्षण दुनिया के कई देश के वैज्ञानिक एक साथ मिलकर करेंगे। ताकि जलवायु और पर्यावरण में किस तरह के बदलाव आ रहे हैं। इसका अध्ययन किया जा सके। हिम युग में जो तापमान और ग्रीन हाउस मे गैसों के बीच के क्या संबंध था। पृथ्वी के बढ़ते तापमान पर इसका क्या असर भविष्य में हो सकता है। इसका परीक्षण वैज्ञानिक कर रहे हैं।
इसके पहले यही टीम 8 लाख साल पुरानी बर्फ का नमूना निकाल चुकी है। अब 12 लाख साल पुरानी बर्फ का परीक्षण किया जाएगा।
वैज्ञानिकों की इस टीम में 16 वैज्ञानिक हैं। जो पिछले 4 साल से अंटार्कटिका की कड़ी ठंड के बीच यह परीक्षण कर रहे हैं। इस परीक्षण के लिए बेल्जियम, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी,इटली,नॉर्वे, स्वीडन, स्वीटजरलैंड, नीदरलैंड तथा ब्रिटेन की सरकारों द्वारा आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है। इस परीक्षण से वैज्ञानिक यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। हिम युग से लेकर अभी तक किस तरह के बदलाव पृथ्वी में आए हैं। उसको जानने के लिए इस परीक्षण से बहुत बड़ी मदद मिलेगी।
कश्मीर में बर्फबारी से लोगों की हालत खराब
13 Jan, 2025 03:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू | जम्मू-कश्मीर में 12 जनवरी की रात बादल छाए रहने के कारण न्यूनतम तापमान में मामूली वृद्धि हुई, लेकिन यह हिमांक बिंदु से नीचे बरकरार रहा। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के कई स्थानों पर रविवार सुबह बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में 18.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने बताया कि शनिवार रात श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से तीन डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि इससे पिछली रात यह शून्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस नीचे था। स्कीइंग के लिए प्रसिद्ध उत्तर कश्मीर के पर्यटक स्थल गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो इससे पिछली रात के शून्य से 6.5 डिग्री सेल्सियस नीचे से अधिक है।दक्षिण कश्मीर में वार्षिक अमरनाथ यात्रा के आधार शिविरों में से एक पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 6.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि इससे पिछली रात यह शून्य से 7.6 डिग्री सेल्सियस नीचे था। पहलगाम घाटी का सबसे ठंडा स्थान रहा।काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से चार डिग्री सेल्सियस नीचे, पंपोर शहर के कोनीबल में शून्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस नीचे, कुपवाड़ा में शून्य से चार डिग्री सेल्सियस नीचे और कोकेरनाग में शून्य से 3.9 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने कहा कि घाटी में 18 जनवरी तक बादल छाए रहेंगे, लेकिन मौसम शुष्क रहेगा। 15 और 16 जनवरी को ऊंचाई वाले स्थानों पर हल्का हिमपात होने की संभावना है।
अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय राकेश शर्मा 76 साल के हुए, 1971 की जंग में थे शामिल
13 Jan, 2025 02:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। अंतरिक्ष में कदम रखने पहले भारतीय विंग कमांडर राकेश शर्मा आज यानी 13 जनवरी को 76 साल के हो गए। राकेश शर्मा अंतरिक्ष में जाने वाले 128वें इंसान और पहले भारतीय इंसान थे। उन्होंने 1970 में एयरफोर्स बतौर पायलट के ज्वाइन की थी। पाकिस्तान के साथ 1971 की जंग में उन्होंने 21 बार मिग-21 से उड़ान भरी थी। राकेश शर्मा जब 25 साल के थे तो एयरफोर्स के सबसे बेहतरीन पायलट बन गए थे। 1982 में राकेश शर्मा को दो दर्जन से ज्यादा फाइटर पायलटों के टेस्ट के बाद अंतरिक्ष यात्रा में भेजने के लिए चुना गया था। जिसके बाद उन्हें रूस में ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था।
राकेश शर्मा का जन्म 13 जनवरी 1949 को पंजाब के पटियाला में हुआ था। शर्मा की पढ़ाई हैदराबाद स्थित सेंट जॉर्ज ग्रामर स्कूल और निजाम कॉलेज से हुई थी। इसके बाद वह जुलाई 1966 में एयरफोर्स कैडेट के तौर पर नेशनल डिफेंस एकेडमी में शामिल हुए। उनॉको 1970 में भारतीय वायुसेना में एयरफोर्स पायलट के तौर पर कमीशन मिला। इसरो और सोवियत संघ (जो अब रूस है) के ज्वॉइंट मिशन के तहत राकेश शर्मा ने 3 अप्रैल 1984 को सोयूज टी-11 से अंतरिक्ष यात्रा शुरू की थी। अंतरिक्ष में उन्होंने 7 दिन 21 घंटे और 40 मिनट बिताए थे।
अंतरिक्ष से सोयूज टी-11 की क्रू के साथ ज्वॉइंट कॉन्फ्रेंस के जरिए देश ने पहली बार अंतरिक्ष में मौजूद अपने नागरिक के साथ बात की थी। उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राकेश शर्मा ने पूछा था कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है? तो राकेश शर्मा ने हिंदी में जवाब दिया था- सारे जहां से अच्छा।
अंतरिक्ष से लौटने के बाद राकेश शर्मा ने फिर से जेट पायलट के तौर पर अपनी जिंदगी शुरू की। उन्होंने जगुआर जैसे लड़ाकू विमान उड़ाए। राकेश शर्मा को हीरो ऑफ द सोवियत यूनियन अवॉर्ड से भी नवाजा गया। वह इकलौते भारतीय हैं, जिन्हें ये सम्मान मिला है। इसके साथ ही उन्हें अशोक चक्र से भी सम्मानित किया गया है।
नवी मुंबई में बनकर तैयार हुआ इस्कॉन मंदिर, 15 को पीएम मोदी के हाथों लोकार्पण
13 Jan, 2025 01:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नवी मुंबई । नवी मुंबई के खारघर में स्थित इस्कॉन मंदिर का निर्माण पूरा हो चुका है। यह मंदिर करीब 9 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें से 2.5 एकड़ क्षेत्र में भव्य मंदिर बना है। 15 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इस भव्य मंदिर का लोकार्पण होगा। इससे पहले, 9 जनवरी से यहां सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आगाज हो चुका है। भजन सम्राट अनूप जलोटा भी अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं। इसके अलावा, अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी भी कार्यक्रम में शामिल होने वाली हैं। मंदिर के पुजारी ने बताया कि पहले जब वे गीता का प्रचार करने के लिए दूर-दूर से आते थे, तब लोगों ने उन्हें यहां एक मंदिर बनाने की सलाह दी थी। इसके बाद, उन्होंने सिडको से जमीन लेकर मंदिर बनाने का काम शुरू किया। मंदिर के निर्माण में करीब 200 से 250 करोड़ रुपए की लागत आई है और अब यह भव्य मंदिर तैयार हो चुका है।
इस्कॉन मंदिर के महाराज सुर दास महाराज ने बताया, जब मैं प्रचार करता था, तब लोग मुझसे कहते थे कि आप प्रचार करने के लिए आते हैं, तब यहां एक मंदिर भी बनवा दीजिए। मैंने सोचा कि यह सब कैसे होगा? जमीन बहुत महंगी है। लोग बोले, सेठ के पास जाइए, तब मैंने आवेदन किया। यह प्रक्रिया सात साल तक चली और उसके बाद हमें जमीन मिली। तब 3,500-4,000 करोड़ रुपए जमीन में लगे थे। अब तक पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 200 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। इस मंदिर को बनाने में भक्तों का बहुत योगदान है, जिनकी मदद से हम ये मंदिर बना पाए। मैं उन सभी का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने इस मंदिर के निर्माण में सहयोग किया।
महाराज ने कहा, हमारे अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावना संघ का क्षेत्र लगभग नौ एकड़ में फैला हुआ है, इसमें पांच एकड़ में सुंदर बाग़ीचा तैयार किया है। आजकल मुंबई में हरियाली की कमी है, लेकिन हम लोगों ने मंदिर के अंदर हरियाली बढ़ाई है। यहां आकर लोग शांति और शुद्ध वातावरण का अनुभव करते हैं। इस स्थान पर ठाकुर जी राधा-मदनमोहन, ललिता-विशाखा, सीता-राम और हनुमान जी का विग्रह स्थापित होगा और यह स्थान सभी भक्तों को आशीर्वाद देगा।
उन्होंने कहा कि, हमारे यहां बहुत सारे सांस्कृतिक और शैक्षिक कार्यक्रम होते हैं, जिसमें आप भी भाग ले सकते हैं। हमारे आयुर्वेदिक कॉलेज में भागवत गीता, भागवतम और आत्मज्ञान से संबंधित अन्य ग्रंथों की शिक्षा दी जाती है। यहां एक सुंदर भोजनालय भी है, जो प्रभुपाद जी ने गोविंदाज नाम से स्थापित किया था। हर रविवार को यहां मुफ्त प्रसाद मिलता है। लेकिन, इसका उद्देश्य केवल भोजन देना नहीं है, बल्कि साथ में भागवत गीता और आत्मज्ञान भी देना है। हम प्रसाद के साथ भगवान का नाम और ज्ञान प्रदान करते हैं और यह तरीका लोगों को बहुत पसंद आता है।
महाकुंभ 2025 पर पीएम मोदी ने दी देशवासियों को बधाई
13 Jan, 2025 12:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रयागराज में महाकुंभ-2025 का भव्य आरंभ पौष पूर्णिमा के शुभ अवसर पर हो गया है। पहले दिन सोमवार को संगम पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना, और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी संगम में डुबकी लगा ‘अमृत स्नान’ का पुण्य लाभ अर्जित किया है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाकुंभ की बधाई देते हुए देशवासियों को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
यह महाकुंभ 45 दिवसीय महापर्व है जिसमें भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और एकता की अनुपम झलक दिखाई देती है और इस बार कुंभ में 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई देते हुए इसे भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक धरोहर का प्रतीक बताया है। उन्होंने महाकुंभ को आस्था, भक्ति और सद्भाव का उत्सव बताते हुए इसे भारतीय मूल्यों का वैश्विक परिचायक कहा। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक हार्दिक संदेश प्रेषित किया और इस खास अवसर पर राष्ट्र को बधाई दी है। उन्होंने महाकुंभ को भारत की शाश्वत आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक बताया है जो आस्था, भक्ति और सद्भाव का जश्न मनाता है। उन्होंने प्रयागराज के जीवंत माहौल पर भी प्रसन्नता व्यक्त की, जहां अनगिनत लोग पवित्र स्नान के लिए एकत्र हुए, जिससे एकता और भक्ति की भावना मजबूत हुई।
स्थानीय व्यापारी और पुजारी उत्साहित
महाकुंभ ने न केवल आस्था का माहौल बनाया, बल्कि स्थानीय व्यापारियों और पुजारियों के लिए भी यह उत्साहजनक रहा। पूजा सामग्री और प्रसाद बेचने वाले दुकानदारों ने इसे अब तक का सबसे बड़ा आयोजन बताया है। इसके साथ ही महाकुंभ-2025 धार्मिक आयोजन के साथ ही मानवता, भाईचारे और भारतीय सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बन गया है। श्रद्धालुओं का जोश और आयोजन की भव्यता इस तथ्य की पुष्टि करते हैं कि महाकुंभ वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति की अमिट छाप छोड़ता है।
देश के 18 राज्यों में छाया रहा कोहरा, बारिश और ओलों का अलर्ट जारी
12 Jan, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देशभर में ठंड का प्रकोप जारी है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में बर्फबारी के चलते उत्तर भारत के कई राज्यों में ठंडी हवाएं चल रही हैं। दिल्ली समेत 18 राज्यों में रविवार को घना कोहरा छाया रहा। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में धुंध का सबसे ज्यादा असर रहा, जहां विजिबिलिटी कम होने से 25 ट्रेनें और कई फ्लाइट्स देर से उड़ान भर सकीं।
यूपी के कानपुर, मैनपुरी, फतेहपुर और रायबरेली समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। अयोध्या में दूसरे दिन भी प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां पारा 4 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं मध्य प्रदेश के ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर और शिवपुरी में आंधी और बारिश हुई। राजधानी भोपाल में भी रविवार सुबह हल्की बारिश हुई।
राजस्थान के जोधपुर, नागौर, फलौदी और आसपास के इलाकों में कई जगहों पर ओले गिरे। जयपुर, जैसलमेर, अलवर और बीकानेर में भी बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक 1 से 11 जनवरी के बीच देश में सामान्य से 91 फीसदी कम बारिश हुई। राज्य में औसतन 20.6 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 2 मिमी बारिश हुई। जम्मू-कश्मीर में 2024 पिछले पांच दशकों का सबसे सूखा साल रहा। पिछले साल वहां केवल 870.9 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 29 फीसदी कम है।
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में अगले 24 घंटों के लिए बारिश और ओलों का अलर्ट जारी किया है। कोहरा और ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। देश के 18 राज्यों में घना कोहरा छाया रहा। दिल्ली में 25 ट्रेनें और फ्लाइट्स देर से उड़ान भर सकी।
प्रेमी ने खेत में बुलाकर प्रेमिका का करवाया गैंगरेप, फिर हत्या कर गाड़ दिया शव
12 Jan, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णिया। पूर्णिया के बायसी थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर पहले प्रेमिका के साथ गैंगरेप किया। फिर उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। युवती के साथ उसका डेढ़ साल से अफेयर था। शादी का दबाव बनाने पर प्रेमी ने उसकी हत्या की साजिश रची। घटना के करीब 50 दिन बाद पुलिस ने इस मामले का खुलासा कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में युवती के साथ गैंगरेप की बात सामने आई है। यह घटना 22 नवंबर की रात की है जब आरोपी ने युवती को मिलने खेत में बुलाया था। वहां उसके तीन साथी भी मौजूद थे। पहले प्रेमी ने युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद बारी-बारी से दोस्तों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। गैंगरेप के बाद युवती की गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को नदी किनारे बालू में गाड़ दिया। नदी किनारे घास काटने गए लोगों ने युवती की सड़ी गली लाश देखी तो पुलिस को सूचना थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो खुला राज।
एसपी ने बताया कि 22 साल की युवती का अपने से दोगुनी उम्र के आजाद अली (55) से अफेयर चल रहा था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने इस बात का खुलासा किया। आरोपी ने बताया कि वह दोनों छिपकर मिलते थे। दोनों शारीरिक संबंध भी बनाए थे। गैंगरेप पर पर्दा डालने के लिए प्रेमी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर युवती की गला घोंटकर हत्या कर दी। आरोपी के जुर्म कबूलने के बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। साथ ही गैंगरेप और हत्या में शामिल दोस्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
केरल में दलित समुदाय की लड़की से बलात्कार
12 Jan, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुवनंतपुरम । केरल में दलित समुदाय की एक लड़की से विभिन्न स्थानों पर बलात्कार करने के आरोप में नौ और लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पथानामथिट्टा जिले के दो थानों में पांच एफआईआर दर्ज करने के बाद शुक्रवार को छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारियां 18 साल की लड़की के बयान के आधार पर की गईं। उसने आरोप लगाया है कि 16 साल की उम्र से उससे कई बार बलात्कार किया गया। पीड़ित लड़की एथलीट है। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस को ऐसे सबूत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि लड़की के साथ उसके कोच, साथी एथलीट और सहपाठियों सहित कई लोगों द्वारा बलात्कार किया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि लड़की के बयान के अनुसार, उसने संदिग्धों से बातचीत करने के लिए अपने पिता के मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था। उन्होंने बताया कि फोन के विवरण और लड़की के पास मौजूद डायरी से मिली जानकारी की पुष्टि करके 40 लोगों की पहचान की गई है। उन्होंने बताया कि इस मामले में 60 से ज़्यादा लोगों के शामिल होने का संदेह है और पथानामथिट्टा के विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि ये घटनाएं उस समय हुईं जब लड़की नाबालिग थी, इसलिए आरोपियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी लगाई जाएंगी। पथानामथिट्टा बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने कहा कि हो सकता है कि पथानामथिट्टा जिले के बाहर के व्यक्ति भी इस मामले में शामिल रहे हों। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष के अनुसार, लड़की 13 साल की उम्र से ही बलात्कार की शिकार हुई। उन्होंने एक समाचार चैनल को बताया कि लड़की को गहन परामर्श के लिए मनोवैज्ञानिक के पास भेजा गया। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष ने यह भी बताया कि लड़की के पिता के फोन में कई संदिग्ध आरोपियों के फोन नंबर पाए गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बलात्कार की घटना के संबंध में कुल पांच प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि मामले में और भी प्राथमिकी दर्ज की जाएंगी तथा और गिरफ्तारियां होंगी।
भारत 2025 के हज के लिए 10 हजार अतिरिक्त कोटा मांग रहा, किरेन रीजीजू करेंगे समझौते पर हस्ताक्षर
12 Jan, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू 2025 की हज यात्रा को लेकर द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए सऊदी अरब की पांच-दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए। इस यात्रा के तहत भारत 2025 के हज के लिए 10,000 अतिरिक्त कोटा मांग रहा है। रीजीजू सोमवार को सऊदी अरब के मंत्री तौफीक बिन फवजान अल रबिया से मुलाकात करेंगे, जहां दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। रीजीजू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं हज-2025 को लेकर द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर करने और हमारे दो महान देशों के लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए सऊदी अरब का दौरा करने को उत्सुक हूं।’’
रीजीजू सऊदी के परिवहन और रसद सेवा मंत्री सालेह अल जस्सर से भी मिलेंगे और उनके साथ हज उड़ान संचालन तथा यात्रा से संबंधित बस और ट्रेन सेवाओं पर चर्चा करेंगे। रीजीजू भारतीय हज यात्रियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले जेद्दा हज टर्मिनल का भी दौरा करेंगे, जहां सरकार ने यात्रा सुविधा के लिए एक कार्यालय स्थान निर्धारित किया है। कुछ भारतीय हज यात्री पारगमन के लिए जेद्दा हवाई अड्डे के टर्मिनल वन का इस्तेमाल करते हैं, जहां हाई-स्पीड रेल सेवा भी है। सऊदी अरब ने 2025 के लिए भारत का हज कोटा 1,75,025 यात्रियों का तय किया है और सरकार इस वर्ष की हज यात्रा के लिए अतिरिक्त 10,000 कोटा मांग रही है। रीजीजू मदीना भी जाएंगे, जहां वह क्यूबा और कुबलातैन की मस्जिदों की यात्रा करेंगे।
महाकुम्भ में होगा “एक देश, एक चुनाव” विषय पर व्याख्यान
12 Jan, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । महाकुम्भ में दिव्य प्रेम सेवा मिशन हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित व्याख्यान की श्रृंखला में “एक देश, एक चुनाव” विषय पर 18 जनवरी को व्याख्यान आयोजित होगा जिसमें पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया है। शिविर स्थल पर व्याख्यान की श्रृंखला में सात विषयों पर 12 जनवरी से छह फरवरी तक व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। प्रथम व्याख्यान 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद सनातन धर्म की वैश्विक दृष्टि, दूसरा व्याख्यान 17 जनवरी को भारत की गौरव गाथा बनाम आत्महीनता की भावना, तीसरा व्याख्यान 18 जनवरी को “एक देश, एक चुनाव- आर्थिक राजनीतिक सुधार एवं विकसित भारत” विषय पर आयोजित किया जाएगा। चौथा व्याख्यान 20 जनवरी को वैश्विक आतंकवाद समाधान - भारतीय संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में, पांचवा व्याख्यान 25 जनवरी को भारत की अखंडता भौगोलिक और राजनीतिक चुनौतियां, छठा व्याख्यान 31 जनवरी को लैंगिक समानता एवं महिला सशक्तिकरण भारतीय संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में और सातवां व्याख्यान छह फरवरी को सोशल मीडिया पर निजता और सुरक्षा- युवाओं के परिप्रेक्ष्य में विषय पर आयोजित होगा।
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